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रंडी खाना complete

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जवां रंग ,जवां कालिया ,जवां जवां सी उमंग...ये नजारा दिखाई देता है सुबह सुबह गार्डन में घूमने से ..

उसी जवानी में मैं भी डूबा हुआ गहरी गहरी सांसे ले रहा था ,मेरे साथ साथ मेरी दोनो बहने भी थी ,मैं उनके साथ कुछ ज्यादा समय बिताने के इरादे में था,

एक हँसता मुस्कुराता हुआ हसीन सा चहरा मेरे पास आया ,मैं उसे देखकर पहचान तो गया लेकिन फिर भी मैंने कोई भी प्रतिक्रिया नही की ..

“कैसे हो देव सुना है तुम अपनी बीवी के अतीत को ढूंढने में लगे हुए हो “

उस मदमस्त बाला ने कहा जिसे देखकर गार्डन में उपस्थित सभी लड़के आहे भर रहे थे,उसके शरीर की बनावट की कुछ ऐसी थी लेकिन मेरे लिए वो बिल्कुल भी उत्तेजक नही थी …

“तुम्हे किसने कहा “

मोहनी जोरो से हँस पड़ी ..

“मुझे तुम्हारे एक एक पल की खबर रहती है,और मैंने जो तुमसे काम कहा था तुम उसपर भी ध्यान नही दे रहे हो ,लगता है तुम अपनी बीवी के वर्तमान से ज्यादा उसके अतीत पर धयन दे रहे हो ,खान साहब को ये बिल्कुल भी पसंद नही आएगा “

उसने थोड़ा गुस्से से कहा ,मैंने एक बार अपनी बहनों की ओर देखा जो की मुझसे बहुत दूर थी और अपने आप में ही मस्त थी …

मेरे चहरे में एक कुटिल सी मुस्कान आ गई

“पहले तो मुझे ये समझ आ गया है की तुम खान साहब के लिए काम नही करती ….”

जैसे उसके होश उड़ गए उसके चहरे से ये बात साफ थी की मैंने उसे पकड़ लिया था ,

“और दूसरा तुम्हे मेरे पल पल की कोई खबर नही है वरना तुम यंहा मेरी जासूसी करने या मुझे धमकी देने नही आती “

वो बौखलाई ,लेकिन मैं मंद मंद मुस्कुराता रहा

“अच्छा तो तुम रश्मि के लिए काम करती हो ,तभी मैं भी सोचु की किसी को पता भी नही लगा और तुमने मुझे उस जगह से जंहा से मुझे बंदी बनाकर रखा था वँहा से होटल के कमरे तक कैसे लायी ,फिर तुम्हे जब काजल और मेरे बारे में सब कुछ पता है तो खान साहब कोई एक्शन लेने की बजाय मुझे को किडनैप करवाएंगे...रश्मि ने ये सब क्यो किया और खान साहब का नाम ही क्यो फसाया ये तो मुझे भी समझ में आ गया है ,लेकिन तुम्हारी क्या मजबूरी थी की तुम अजीम और खान को धोखा देकर रश्मि के साथ काम करने लगी …”

मेरे चहरे की मुस्कुराहट और भी गहरी हो गई वंही मोहनी के चहरे में भी एक मुस्कान आ गई

“तुम तो सच में बहुत ही दिमाग वाले निकले ,क्या तुम्हे जरा भी डर नही लगा था जब मैंने तुम्हे किडनैप करवाया था “

“डर तो मैं गया था लेकिन जब मैंने चीजो को ध्यान से सोचा तो मुझे सब कुछ ही समझ आ गया ,खान के पास अभी तो इतना दिमाग नही है की वो काजल के खिलाफ कोई काम करे लेकिन हा रश्मि जरूर काजल के पीछे पड़ी हुई है मुझे बस ये जानना है की तुम क्यो रश्मि की गुलामी कर रही हो”

मैंने गुलामी शब्द में ज्यादा जोर दिया क्योकि मैं उसे थोड़ा सा बहकाना चाहता था और मेरे कहे अनुसार वो थोड़ी बेचैन भी हो गई

“मैं उसकी कोई गुलामी नही करती ,मुझे वो पैसे देती है ये काम करने के लिए पहले वो मुझसे अजीम की जासूसी करवाती थी वही अब वो मुझसे खान की जासूसी करवाती है ,मुझे अपने पैसे से मतलब है ना की मैं कोई जासूसी करती हु ,और अब जब काजल खान को अपने वस में कर रही है तो रश्मि के लिए सबसे बड़ा खतरा तो काजल ही है ,इसलिए वो अब काजल की जासूसी करवाती है लेकिन काजल शायद उसके उम्मीद से ज्यादा ही चालक है इसलिए उसने तुम्हे टारगेट करने की सौची लेकिन उसने गलतियां कर दी और तुम्हे सब कुछ पता चल गया …”उसने एक ही सांस में कह दिया

“तो तुम बस अगर पैसे के लिए काम करती हो तो क्यो ना मेरे साथी काम करो “

उसकी आंखे चौड़ी हो गई

“तुम्हारे पास है ही क्या देने के लिए “

मैं जोरो से हंसा

“शायद तुम्हे पता नही लेकिन अब अजीम से ज्यादा जायदाद मेरे पास है मैं तुम्हे पैसे से नहला सकता हु “

वो हक्की बक्की हो कर मुझे देखने लगी

“अजीम और खान के पास क्या है ???एक होटल केशरगड में ? एक होटल यंहा ?कुछ और बिजनेस जो की अभी पूरी तरह से घाटे में चल रहे है “

उसने हा में सर हिलाया ,वो एक C.A. के साथ काम करती थी तो मुझे यकीन था की उसे पैसे की भाषा अच्छे से समझ आएगी

“अब मेरी बात पहले ध्यान से सुनो फिर कोई फैसला करना ,मैं अभी केशरगड में था तुम्हे तो पता ही है की मैं काजल के बारे में पता करने की कोशिस कर रहा था वँहा मुझे जानती हो क्या पता लगा “

उसने ना में सर हिलाया लेकिन उसके चहरे से उसकी उत्तेजना और बेचैनी साफ साफ झलक रही थी

“मुझे ये पता लगा की काजल असल में होटल आदित्य के मालिक की बेटी है ,”उसके चहरे में कुछ खास प्रतिक्रिया नही आयी

“ये तो मुझे पहले से पता है ,की वो होटल पहले आकाश जी का था जिसकी बेटी काजल है लेकिन उन्होंने IAS ऑफसर बनने के बाद ही उसे बेच दिया और खुद वँहा से दूर चले गए “

इस बार मैं थोड़ा कन्फ्यूज़ हो गया लेकिन मैंने उसे चहरे में लाने नही दिया

“उन्होंने वो होटल बेचा नही था बल्कि खान ने इसपर अपना अधिकार जमाया था ,साथ ही उसने यंहा की सभी प्रॉपर्टी पर भी अपना अधिकार जमाया जो की असल में काजल के पिता के ही नाम की थी ,तो उसकी असली मालिक कौन हुई काजल ही ना ,इसलिये ही काजल अपनी पूरी ताकत से खान को फसने पर तुली हुई है ,और जबकि आज भी उसके पास वो कागज है जिसपर खान ने आकाश जी से धोखे से साइन करवाये थे ,तो पहली चीज की काजल के लिए अब ज्यादा मुश्किल नही है की लीगली वो सब कुछ फिर से अपने नाम में कर सकती है ,और जबकि खान भी उसके झांसे में है अजीम तो उसका कुत्ता ही बना हुआ है वो जंहा बोलती है वो साइन कर देता है ,कुछ ही दिनों में सब कुछ ही काजल के नाम पर होगा वो भी बिल्कुल ही लीगल रूप से …….”

असल में मैंने ये कहानी बनाई थी मुझे भी नही पता था की असल में काजल को कितना सक्सेज मिला है या ये की वो असल में आकाश और मलीना की बेटी है भी की नही लेकिन मैंने जो पासा फेका मोहनी उसमे सच में ही फंस गई .उसका चहरा ही बतला रहा था की वो मेरी बातो पर यकीन कर रही थी …

“तो ..जब कुछ भी खान और अजीम का है ही नही तो कैसे वो रश्मि को मिलेगा ,साथ ही साथ हमारे पास ऐसा भी प्लान है की हम जब चाहे रश्मि और कपूर के पूरे बिजनेस को एक ही बार में तबाह करके यंहा के राजा बन सकते है ,अब तुम्हे सोचना है की तुम किसका साथ देना पसंद करोगी उगते हुई सूरज का या डूबते हुए सूरज का ……..

तुम्हे ये भी पता होगा की काजल के पिता एक IAS अधिकारी थे इसलिए सरकारी अमले भी उसकी बहुत ही पहचान है ,अगर उसके पास पैसा आ गया तो वो अपने हिसाब से सब कुछ चलाने लगेगी ,तब तुम कहा जाकर छुपागी ??”

मेरी बात में ऐसा कांफीडेंस था की मोहनी सच में डर गई..जबकि असलियत ये थी मुझे भी असलियत का कोई पता नही था ,लेकिन मेरा काम हो गया था

“हमारे साथ आ जाओ आज नही तो कल पैसे और पॉवर की कोई कमी मैं तुम्हे होने नही दूंगा ऐसे भी तुमपर तो मेरा दिल आ गया था ,जब मैंने तुम्हे पहली बार देखा था …..”

पहली बात की मैंने हमारे साथ कहा था मतलब मैं उसे बतलाना चाहता था की मैं और काजल अब एक ही हो गए है ,और काजल के हर एक्शन के बारे में मुझे पता है ,दूसरा मैंने जो दुसरी बात उसे कही उसकी तारीफ में उससे उसे ये जरूर लगता की मैं कुछ तो उस पर फिदा हु ,मैंने ये जानबूझ कर कहा था क्योकि मैं उसे दिखाना चाहता था की मैं भी अमीरों की तरह अय्यास हो सकता हु ,क्योकि अभी तक उसने लोगे के अमीरी और उनके अय्यास होने का ही फायदा उठाया था मैं भी चाहता था की वो मेरा फायदा उठाये...बड़ी अजीब बात थी लेकिन असलियत ये ही थी की अगर वो मेरा फायदा उठाएगी तभी वो मेरे नीचे आ पाएगी ,जिस्म से भी और दिमाग से भी ,मैं उसे अपनी गुलाम की तरह यूज़ करना चाहता था …और इसके लिए सबसे जरूरी था की मैं एक मालिक की तरह पेश आउ…

वो बहुत ही सोच में पड़ गयी थी उसे मेरी मालकियत का तो अहसास होने ही लगा होगा वो मेरे बातो से ही समझ आ रहा हटा की मैं उससे क्या चाहता हु …

“मुझे सोचना पड़ेगा “

“सोच लो लेकिन देर मत करना क्योकि तुम सोचती थी की तुम मेरे ऊपर नजर रखे हो ,जबकि तुम मेरे रेडर में हो ,मैं तुम्हरे हर एक मूवमेंट पर नजर रखे हुए हु ,”

वो चौकी

“तुम्हे क्या लगा थी की तुम्हारा यंहा आना महज इत्तेफाक था,तूम आओगी ये मुझे पहले से पता था इसलिए ही मैं यंहा आया वरना कब तुमने मुझे यंहा आते हुए देखा था,और इसलिए मैंने अपनी बहनों को भी अपने से दूर ही रखा था क्योकि मैं तुमसे अकेले में बात करना चाहता था “

उसका चहरा आश्चर्य से लाल हो गया उसकी आंखे बड़ी हो गई उसे यकीन ही नही आ रहा था की एक साधारण सा दिखाने वाला शखस उसकी जासूसी कर रहा है ,

असली बात ये थी की मुझे इस बारे में बिल्कुल भी पता नही था की वो आ रही है या वो मुझे यंहा मिल जाएगी लेकिन जब वो आ ही गई थी और मेरे हर झूट को मान ही रही थी तो मैंने ये पासा भी फेक दिया उसे सचमे लगा की मैं उसकी जासूसी कर रहा हु और उसके ऊपर नजर रखे हुए हु ,मेरी बहने पता नही क्यो अभी भी हमसे दुर थी और मोहनी को लग रहा था की ये भी प्लान किया हुआ है ताकि हम दोनो आपस में ज्यादा बात कर सके …

मैं अपनी बातो को मोहनी को समझने में सफल हो गया था

“तो तुम्हे जल्दी से ही फैसला लेना पड़ेगा अगर इसके बारे में रश्मि को पता लगा तो पहले तुम्हारा पति जायेगा फिर तुम ...ऐसे भी मुझे कई नेताओ और अधिकारियों को दावत देनी थी ,तुमसे अच्छी रंडी मुझे कहा मिलेगी उसने सामने परोसने के लिए “

मैंने अपने आंखों में बड़ी ही कमिनियत लायी जिससे वो कांप ही गई ,ऐसी बाते कोई साधरण आदमी तो नही कर सकता उसे ये अहसास हो गया की सच में मेरे पास कोई पवार आ गई है वरना उसे मेरे बारे में पता ही था की मैं कितना सीधा साधा आदमी हु ,से लगने लगा की सच में मेरे पास कुछ ऐसा है की ये सब कर भी सकता हु ,मेरा सीधा साधा होना फिर मेरा ये रूप बदलना उसे समझ आ रहा था जो की मेरे लिए अच्छी बात थी ...वो गिड़गिड़ाई

“नही देब ऐसा कुछ भी मत करना मैं रश्मि को कुछ भी नही बतलाऊंगी “

“ह्म्म्म तो सोचकर बताना अगर तुम हमारे साथ हो तो तुम्हे डरने की कोई भी जरूरत नही हम पहले की ही तरह दोस्त रहेंगे और मैं अपने दोस्तो का बहुत ही ख्याल रखता हु ,,,और अगर तुम्हे कोई गलती करने की कोशिस की तो याद रखना की दोनो ही होटलों में कई लोग मेरे ही दया से जॉब कर रहे है और वो अब मेरे साथ है ,और पूरे होटल के कैमरे का एक्सेस भी मेरे ही पास है इसके साथ ही सभी कमरों में रश्मि के कमरों में भी मैंने उसकी बातो को रिकार्ड करने की डिवाइस लगा के रखे है ,तुम मुझसे कभी नही बच पाओगी …….”

मैं हल्के से मुस्कुराया ,माना की ये सभी बाते गलत थी लेकिन मोहनी के चहरे से पता चल गया था की वो मेरी बात को मान चुकी थी ………..

उसके जाने के बाद मैंने एक गहरी सांस ली ,आज मेरी एक्टिंग मेरे काम आ गई अगर ये मेरे साथ आ जाए तो मैं इसे डबल एजेंट की तरह यूज़ करूँगा ,रश्मि को लगेगा की वो मेरे ऊपर नजर रख रही है वही मैं रश्मि के ऊपर नजर रख पाऊंगा ……..

 
मन कई आशंकाओं से भरा हुआ था, और गाड़ी बहुत ही स्पीड से चल रही थी, वैसे ही मेरे दिल की स्पीड भी बढ़ी हुई थी,वो बहुत ही तेजी से धड़क रहा था, मैंने गाड़ी रोकी और जोरो से गहरी सांस ली,मैं इस समय खान के फार्महाउसमें था,मुझे अजीब सा डर लग रहा था,काजल ने तो मुझे कह दिया था की तू इसके मजे लो लेकिन क्या मैं सच में ऐसा कर सकता हु ये मैं नही जानता था,

मैं गहरी सांसे लेकर उस बंगले नुमा फार्महाउस को देखने लगा ,मैं किसी ने नजर में नही आना चाहता था ,मैं आशंकित था की अंदर क्या हो रहा होगा असल में यू ही इधर आ गया था मुझे सच में नही पता था की अंदर काजल होगी भी या नही …

मैंने थोड़ी दूर में झाड़ियों के अंदर अपनी गाड़ी लगाई और दीवाल फांदने का प्लान बनाया ,मैं आहिस्ता से एक दीवार में चढ़ गया और अंदर खुद गया ,पता नही अंदर क्या हो लेकिन जानने का एक पागल पन मेरे अंदर आ चुका था,मैं काजल को भी नही बतलाना चाहता था की मैं क्या कर रहा हु ,मैं किसी जासूस के तरह कमद रख रहा था और वैसे ही सोचने लगा था,

मैं अंदर आ चुका था और मैंने खुद को सम्हाला,मैं धीरे धीरे अंदर गया,अंदर जाकर मैंने मैं उस बड़े से घर जिसे बंगाल भी बोला जा सकता है के पास पहुचा,मैं विशेष धयन इस बात का रख रहा था की कही मुझे कोई देख ना ले साथ ही की कही कोई कैमरा तो नही लगा हुआ है ,ऐसे तो मुझे कोई भी कैमरा नही दिखाई दिया ,मैं बड़े ही ध्यान से अंदर गया,मैं पहले तो उस बंगले को ध्यान से निहारने लगा ,मुझे कुछ खिड़कियां और बाहर लगी हुई a.c, के डब्बे ही दिख रहे थे,मैं पहले तो मेन गेट के अंदर जाने की सोच रहा था लेकिन फिर मैंने अपना इरादा बदला और मैं उसके चारो ओर घूमने लगा,मुझे वो जगह दिख ही गई जंहा से मैं अंदर जा सकता था ,वो फर्स्ट फ्लोर की ख़िदखि थी ,मैं उसे हल्के से खोला तो समझ आया की ये किचन है ,वँहा से अंदर जाना भी तो खतरे से खाली नही होगा,मैं गंभीर सोच में पड़ा हुआ था की मेरा ध्यान वँहा फले हुए कुछ आमो पर गया,मैं अपनी ही सोच में उन पके हुए आमो को निहारता रहा ,और फिर थोड़ी देर बाद मुझे मेरा प्लान सूझ गया मैं फिर से दीवार फांद कर बाहर चला गया ……..

……..

“कौन है भोसड़ी का जो पत्थर फेके जा रहा है “

एक बुजुर्ग सा व्यक्ति फार्महाउस की मेन गेट को खोलकर बाहर आया ,मैं उसे देखकर रुका लेकिन वँहा सके भागा नही ,वो यंहा का गार्ड लग रहा था ,मैं पिछले 15 मिनट से पत्थर फेक रहा था ,कुछ आम के पेड़ जो की दीवारों से बाहर झांक रहे थे उनमे पके हुए आम दिखाई दे रहे थे मैं उन्हें ही निशाना बनाता लेकिन जानबूझ कर ऐसे पत्थर फेंकता था की उन्हें पड़े ही नही बल्कि सीधे अंदर चले जाए,लेकिन फिर भी बहुत देर तक किसी ने कोई केयर ही नही किया,ऐसे भी ये एक वीरान सी जगह थी यंहा का गार्ड भी घोड़े बेचकर सो रहा होगा,लेकिन मेरी मेहनत सफल हुई और वो उस गार्ड को समझ आ गया की कोई अंदर पत्थर फेक रहा है ,वो मुझे घूरा क्योकि मैं कोई आवारा लड़का तो नही था जो की आम के लालचमे पत्थर फेक रहा हो,

“का हुआ बाबू कहे पत्थर मार रहे हो “

वो गुस्से में था लेकिन फिर भी मेरे कपड़ो के कारण उसने मुझसे थोड़ी तमीज से बात करना ही सही समझा,साथ ही उसने देखा की मेरे बाजू में ही मेरी कार भी खड़ी है ..

“ओ सॉरी बाबा असल में इन्हें देखकर लालच आ गया था साला शहर में ऐसे आम कहा मिलते है ,ताजा ताजा ,और वो भी इतने नेचरल पेड़ में ही पके हुए ,खाने का मन कर गया ,सोचा की एक दो तोड़ लू लेकिन साला निशाना ही सही नही जा रहा ……”

वो थोड़ी देर तक मुझे घूरता रहा फिर जोरो से हँस पड़ा,

“क्या बाबुजी आप तो पढ़े लिखे हुई अमीर आदमी लगते हो बच्चों जैसी हरकत क्यो कर रहे हो “

मैं तुरंत अपने जेब से एक 500 का नोट निकाल कर उसके सामने किया,

“बाबा कुछ आम मिल सकता है क्या,मेरी पत्नी को बहुत पसद है “वो ललचाई निगाहों से उस नोट को देखा और मुझे समझ आ गया कि ये बुड्डा मेरे बहुत काम में आने वाला है…..

“ठिक है मैं कुछ आम आपके लिए तोड़कर लाता हु”उसने पैसे बड़े ही प्यार से स्वीकार कर लिए,वो अंदर जाने लगा साथ ही मैं भी ,लेकिन उसने मुझे रोक दिया

“अरे ये क्या बाबु यही रुको हम आते है “

“अरे बाबा देखने तो दो की गार्डन में और क्या बोया है कुछ पसंद गया तो वो भी ले जाऊंगा,..”

वो मुझे घूरने लगा

“अरे उसके अलग से पैसे ले लेना”

उसके चहरे में मुस्कान आ गई

“अरे बाबू ताजा भी है और ओरजेनिक भी है “

“ऑर्गेनिक ??”

“हा हा वही “

“अरे वाह तब तो सोने में सुहागा होगा,बाबा देखने तो दो गार्डन “

“अरे नही मरवाओगे क्या,गेट में ही कैमरा लगा है ,तुम रुको मैं पहले कैमरा बंद कर दु फिर अंदर आ जाना “

वो अंदर चला गया और मेरे होठो की मुस्कान और भी बढ़ गई साला जिस काम को मैं इतना मुश्किल समझ रहा था वो कितना आसान था,बस मुझे इस बुड्ढे को अपने बस में करना होगा आधी इन्फॉर्मेशन तो यही दे देगा..

*******

मैं इत्मीनान से पूरे गार्डन में घूम रहा था सच पुछु तो बहुत ही अच्छे और ताजे फल थे वँहा सच में एक बार तो मैं भी उन सब्ब्जियो और फ्लो को देखकर भूल गया था की मैं यंहा पर क्यो आया हु ,उस बुड्ढे ने कैमरा मेरे अंदर आने के बाद चालू कर दिया,मैं समझ गया था इंट्री पर ही कैमरा लगा हुआ है,वँहा एक बड़ा सा कुत्ता भी था ,जब मैंने उसे देखा तो मेरे प्राण ही सुख गए थे ,क्योकि अगर पहले मैं इस कुत्ते के संपर्क में आ जाता तो ये मेरा आधा मांस ही खा गया होता,अभी मैं उसे अपने हाथो से सहला रहा था और वो भी मुझे पहचानने लगा था,साथ ही उसने अपने बेटे बहु से भी मुझे मिलाया,वो इतने इत्मीनान में था की मुझे पता चल गया की यंहा खान नही है ,लेकिन मेरे लिए ये अच्छा ही था की मैं इस फार्म हाउस के सभी लोगो से अच्छे से मिल गया ,मैंने उनसे उनकी ही भाषा में बात की औऱ ये भी बलताय की मैं पास ही काम करता हु और इस रॉड से गुजरता रहता हु ,मैं बहुत ही गरीब घर का हु मेहनत करके इतना बड़ा हुआ हु ,मैंने उसके बेटे हो कुछ मूलभूत सपने भी दिखा दिए जैसे की वो अपने बेटे को कैसे पढ़ाये ताकि वो आगे चलकर कुछ बड़ा आदमी बन पाए ,मैंने वँहा पर 1 से 1.5 घंटे बिताये और हालत ये हो गई की उन्होंने मुझसे रिक्वेस्ट किया की आप जब भी इधर से गुजरे तो यंहा जरूर आया करे,उसका बेटा बड़ा ही सुलझा हुआ इंसान लग रहा था जो की अपनी गरीबी से त्रस्त था,मैं उसे शहर लाने और उसे नॉकरी दिलाने की भी बात कर दी ,बुड्डा गार्ड तो मुझे मेरे पैसे भी लौटने लगा लेकिन मैंने जिद करके उसे वो पैसे दे ही दिए ,मेरी सहजता और अच्छाई आज काम आ गई थी मैं उन गरीब लोगो से असांनी से मिल पा रहा था ,आदमी अगर सचमे अच्छा हो तो उसकी अच्छाई उसके व्यव्हार से झलकने लगती है ,

मैं उसके बेटे को कोई गलत सपने नही दिखा रहा था मुझे सच में लगा की मैं इसे कोई काम दिला दु ,मैंने उसे कुछ समय मांगा और वँहा से चला गया ,उसका बेटा सारे फ्लो और सब्जियों के साथ मुझे छोड़ने मेरे कार तक आया…

“साहब आते रहिएगा,”

“बिल्कुल हरिया भाई,लेकिन यार तुम्हारे मालिक को अगर पता लगा तो गजब हो जाएगा “

“अरे आप फिक्र मत कीजिये यंहा का सब कुछ हमारे ही कंट्रोल में रहता है उसे कभी पता नही चलेगा ,आप बस मुझे फोन कर दिया कीजियेगा ...वो साला तो बस अपनी ऐयासी के लिए यंहा आता है सच बोलू तो मुझे ये सब बिल्कुल भी नही पसंद लेकिन क्या करे कोई और काम भी तो नही है,साला रंडियों के साथ यंहा आता है कभी वो तो कभी उसके दोस्त,यंहा मेरी बीवी भी है मेरे बच्चे भी है ,मुझे तो बहुत ही बुरा लगता है भइया …”

उसके आंखों में आंसू आ गए थे ,वो मुझे भइया बुला रहा था मैंने उसे दिलासा दिलाया की मैं उसके लिए जल्द ही कोई नॉकरी ढूंढूंगा ,मैं वँहा से निकल गया..

लेकिन मेरे दिमाग में एक बात बार बार आ रही थी की गरीबी लोगों को क्या क्या नही करने पर मजबूर कर देती ..

कहा ये सुलझा हुआ और समझदार आदमी ,इसकी इतनी अच्छी बीवी और बच्चा है एक परिवार वाला आदमी और कहा वो ऐसी जगह में काम कर रहा है जो खान ने सिर्फ और सिर्फ अपने ऐयासी के लिए ही बनाया था,

ऐसा नही था की उन्हें यंहा किसी भी चीज की कमी थी लेकिन कमी थी तो बस सम्मान की ……….

मैं कुछ ज्यादा ही चालाकी दिखाने लगा था ,मैंने रश्मि से भी यही कहा की मुझे कुछ खास पता नही चला,ऐसे मुझे इतना मोहनी के कारण पता ही लग गया था की रश्मि को कितना पता है…

वक्त आगे बढ़ने का नाम ही नही ले रहा था,जाने क्यो इतनी खामोशी सी फैल गई थी ,मेरा होटल में समय कटाना मुश्किल हो रहा था,मैं रश्मि के ऑफिस से निकल कर सीधा शबनम के पास चला गया,उसे एक केबिन दिया गया था,ऐसे तो होटल में इसकी जरूरत नही थी लेकिन वो और भी तो बहुत से काम कर रही थी ,वो मुझे देखते ही बहुत ही चहक कर उठी

“ओह यार देव कितने दिनों के बाद आज आये तुम ,”मेरे चहरे में भी एक मुस्कान फैल गई वो बला सी खूबसूरत लग रही थी

पास बैठी हुई एक लड़की खड़ी हो चुकी थी ,बहुत ही कम उम्र की लड़की लग रही थी शायद कालेज में हो ,

“मुझे भी तुम्हारी बहुत याद आ रही थी “

वो हँसी

“चलो झूठे कही के “

उसने लड़की की ओर देखा जो की मुझे अजीब निगाहों से घूर रही थी ,जब हमारी नजर मिली तो झेंपी और सर झुका लिया,मैंने उसे ध्यान से देखा अचानक ही मुझे कुछ याद आया और मैं बिल्कुल ही सहम गया मुझे याद आ गया था की ये कौन थी,

“अच्छा तुम बाहर जाओ “शबनम ने उस लड़की को कहा वो सर झुकाए हुए वँहा से वैसे भागी जैसे वो चाहती ही हो की जल्द से जल्द वँहा से निकल जाए ,उसके जाते ही मैं शबनम के सामने बैठ गया ..

“ये लड़की यंहा क्या कर रही थी “

मेरी निगाहों को जैसे उसने पहचान लिया था ..

“वही जो की बाकी की लडकिया मेरे पास करती है “

“तुम पागल हो गई हो ,इतनी कम उम्र की लड़की से ये सब काम करवा रही हो “

“अरे यार ये लीगल एज से कही ज्यादा है ,तुम फिक्र क्यो कर रहे हो “

“लेकिन ये मेरी बहन के साथ पड़ती है अभी तो ये कालेज में ही है “

शबनम के चहरे में मुस्कान फैल गई

“अरे मेरे बलमा इस उम्र की लडकिया तैयार हो जाती है सेक्स के लिए और इस उम्र में इन्हें भी तो बहुत खुजली होती है ,जिस्म की खुजली और साथ ही साथ पैसे और शोहरत की खुजली ,असल में लड़कियों का यही सही उम्र है ...और मर्द भी तो इस उम्र की कमसिन कलियों को तोडना पसंद करते है इनके हमे ज्यादा पैसे मिलते है “

उसके चहरे का मुस्कान और भी गहरा गया ,लेकिन आज मुझे अपने पर घृणा होने लगी थी ,ये लड़की पूर्वी की क्लासमेट थी ,मेरी प्यारी सी पूर्वी जिसे तो मैं सोच भी नही सकता था की वो बड़ी भी हो गई है …

मेरा चहरा मुरझा गया था ..

शबनम मेरे पास आयी और मेरे सर को अपने स्तनों में गाड़ा दिया,मेरे सर उसके सीने से टिके हुए थे जो की उसके बड़े बड़े स्तनों के कारण उसके स्तनों में जा धसे थे ,

मेरे लिए ये कोमल तकिया आज किसी वासना का नही बल्कि एक गहरी दोस्ती का अहसास करा रहा था,हा शबनम मेरी दोस्त तो थी ,,,

वो बड़े ही प्यार से मेरा सर सहला रही थी

“देव यार तुम बड़े ही इमोशनल टाइप के आदमी हो बात बात पर इमोशनल हो जाते हो ,तुम्हे कई काम करना है और तूम मुह लटकाए बैठे हो ,हा ये सब गलत है लेकिन हम किसी भी लड़की के साथ जबरदस्ती तो नही करते ना...मुझे और काजल को जबरदस्ती इस धंधे में लाया गया था,बाद में आदत हो गई और पैसे मिलने पर मजा भी लेने लगे ,लेकिन मैं इस बात का पूरा ध्यान रखती हु की कोई भी लड़की को जबरदस्ती इस धंधे में ना लाया जाए ...वो अपनी मर्जी से आती है और चाहे तो अपनी मर्जी से वापस भी जा सकती है ,तो फिर इसके लिए तुम कैसे दोषी हुए “

उसकी बातो में सच में गजब का प्यार झलक रहा था ,मैं उसे और भी जोरो से कस लिया पता नही क्यो लेकिन मुझे यंहा सुकून मिल रहा था..

“अरे क्या हुआ ,मेरी चाहिए क्या “

वो खिलखिलाई ,मैंने जब सर उठाया तो वो होले होले से मुस्कुरा रही थी

“चोदने के लिए इतने बहाने क्यो कर रहे हो सीधे ही बोल दो की चोदना है “

वो फिर से खिलखिलाई ,लेकिन मैंने उसे फिर से जकड़ लिया और किसी बच्चे की तरह उसके सीने से अपने सर को गड़ा लिया ,सच ही है की सबसे सुकून बच्चा बन जाने में ही मिलता है …

मर्दों के साथ एक चीज होती है की उन्हें सबसे सुकून माँ के सीने से लगने में ही मिलता है ,लेकिन वक्त के साथ और सेक्स के प्रभाव के कारण औरतों के सीने को सेक्स का प्रतीक मान लिया जाता है ,एक मर्द औरत के सीने को देखकर उत्तेजित होता है और यही से वो अपना सुकून भी खो देता है ,लेकिन फिर कभी वो अपनी प्रमिका के ,या पत्नि के या और किसी औरत के सीने में जब अपना सर लगाकर सोता है तो उसे उतना ही सुकून मिलता है ,लेकिन एक शर्त जरूरी है की वासना अंदर ना हो …

वही हाल मेरा भी था,मुझे भी बहुत सुकून मिल रहा था मैं एक बच्चे की तरह ही वासना से रहित था और मेरी ये दशा शबनम से छुपी नही थी ,वो भी मेरे सर को प्यार से सहलाने लगी ,...

सच ही तो है की सभी प्यार मां के प्यार से ही सुरु होते है और एक इंसान जीवन भर उसी को ही ढूंढता रहता है…

लेकिन उसके लिए बच्चा बनना ही पड़ता है ये ही उसकी अनिवार्य बात होती है ..

मैं अपने मानसिक थकान से बहुत ही थक चुका था और अब उसके सीने में गड़ा हुआ आराम कर रहा है …

ये बहुत देर तक रहा ,जब मैं अपना सर उठाया तो देखा की शबनम की आंखों में आंसू है और साथ ही मेरे भी ये आंसू आखिर क्यो आये थे ये तो मैं भी नही जानता था ना ही शबनम ही जानती थी ..

“क्या हुआ “मैंने उसे पूछा

“कुछ नही “उसने ना में सर हिलाया

“तू पहले ऐसे मर्द हो जिसने मुझे आजतक की जीवन में पहली बार इतने प्यार से छुवा है ,मेरे पति ने भी मुझे कभी इतने प्यार से नही छुवा “

वो आंसुओ को पोछते हुए भी हँसने की कोशिस करती है ,और मुझे बड़ी ही प्यार भारी निगाह के देखती है ,

“मन करता है की तुम्हारे लिए अपना सब कुछ लुटा दु “

उसने बहुत ही धीरे से कहा ,उसका कहना भी साबित कर रहा था की वो ये नही कर सकती और इसी लिए वो इतना धीरे बोली क्योकि वो चाहती तो है लेकिन कर नही सकती ,मेरे चहरे मे भी मुस्कान खिल गई मैं उठा और उसके माथे को चूम लिया …

लग रहा था की हम कालेज के नए नए जोड़े हो जो अभी अभी प्यार में पड़ा हो ..

“मुझे तुमसे कुछ भी नही चाहिए लेकिन यही प्यार मेरे लिए रखना “

मैंने मुस्कुराते हुए कहा

“लेकिन मुझे तो तुम्हे देना है सब कुछ देना है और रात भर देना है “

वो फिर से मस्ती के मूड में आ गई थी ,वो इतना बोल के ही खिलखिलाई ,

मैं भी उसके साथ हँस पड़ा था …..

 
मैंने काजल को ताबड़ तोड़ पलंग तोड़ प्यार किया ,कारण????

कारण था वो बाते जो आज काजल ने मुझे कही थी ,वो आज मुझे थोड़ा और cuckoldry की तरफ धकेलने के लिए कुछ बाते कही जैसे वो सेक्स करते हुए कभी कभी अजीम का नाम ले लेती ,और मैं गुस्से से भर जाता उसके होठो में आयी हुई मुस्कान से मेरा गुस्सा और भी बढ़ जाता और मैं उसे जमकर धक्के मारने लगता,रात भर यही चलता रहा लेकिन एक बात तो मुझे भी समझ में आ गई की आखिर cucklodry की psychology क्या होती है …

असल में जब दिल जलता है तो एक अजीब ही तरह का मजा भी आता है ,आपके खून का प्रवाह बढ़ जाता है और आप अलग ही दुनिया में पहुच जाते है ,आप किसी को मारना चाहते है और उत्तेजित हो जाते है ये आपके सेक्स को और टेस्टोस्टेरोन को भी प्रवाहित करता है आप ज्यादा ताकतवर और मजबूत महसूस करने लगते है,ये उन लोगो के लिए नही है जो पहले से कमजोर हो और बात बात पर रोने वाले हो लेकिन ये मुझ जैसे मजबूत और गुस्सेल लोगो के लिए हो सकता है क्योकि इसकी आग से सच में मेरी सेक्स लाइफ तो बहुत ही खरतरनाक तरीके से अच्छी हो गई ,लेकिन वो सेक्स बस हवस के साथ किया गया था,वँहा पर वो प्यार की नजाकत नही थी …

काजल को मैंने कभी पूरे जिंदगी में इस तरह से नही रौंदा था जैसा मैने आज किया था ...काजल भी बहुत खुस थी की मैं इसे इन्जॉय कर रहा हु,वो थककर सोई हुई थी लेकिन मेरे आंखों से नींद ही गायब हो चुकी थी ,मैंने उसके मोबाइल को अपने हाथो में लिया ,अजीब सी बात थी और बड़ी ही आश्चर्य की बात थी की उसने अभी तक अपने मोबाइल का पासवर्ड चेंज नही किया था ये वही था जो उसके कालेज के समय में होता था,कई मोबाइल चेंज कर लिए गए लेकिन पासवर्ड वही यही होता है प्यार ,क्योकि वो पासवर्ड मेरा डेट ऑफ बर्थ था,और मेरे मोबाइल में उसका ..

मैंने उसका वाट्सअप चेक किया और मुझे किसी ठाकुर साहब का मेसेज दिखा,

‘कल मिलोगी ना तुम्हारे लिए गिफ्ट खरीदा हु ‘

पहला लाइन यही था

‘अरे ठाकुर साहब इसकी क्या जरूरत थी ,’

‘बस समझलो की ये मेरी ख्वाहिस है की मैं तुम्हे ये दु ‘

‘अच्छा ठीक है लेकिन खान साहब …’

‘अरे तुम फिक्र मत करो खान के फार्महाउस में ही मिलो मैं उससे बात कर लूंगा ‘

‘ओके तो कल 12 बजे ‘

‘ओके मेरी जान ‘

‘ठाकुर साहब आप फिर से चालू हो गए ‘

‘तो क्या बुरा कहा ,इतना भी हक नही है क्या,खान ही तुम्हे जान कहे ये तो अच्छी बात नही हमे भी तो कुछ हक होना चाहिए ‘

काजल ने बहुत सी स्माइल भेजी

‘ओके जान अब ठीक’

‘हाय तुम तो मार ही दोगी ‘

काजल ने फिर से स्माइल भेजी

‘ओके जानू अब मेरे पति को मेरी जरूरत है मैं आपसे कल मिलती हु ‘

‘कितना खुशनसीब है साला देव जो तुम उसके साथ रोज रहती हो ‘

मेरी गांड ही सुलग गई साला मेरा नाम भी जानता है..

‘बस मख्खन लगाओ आप चलो कल मिलते है ..’

‘बस इतना ही कुछ और नही’

‘ओके बाय जानू ,,लेकिन खान साहब को नही पता लगना चाहिये की ..’

वो बस इतना ही लिखी थी

‘खान की मा का भोसड़ा ‘

‘देखिए मेरे साथ ऐसी गंदी बात नही करना ‘

काजल ने बहुत सी गुस्से वाली स्माइल भेजी

‘ओह सॉरी मेरी जान असल में पोलिस वाला हु ना तो गली मुह में रहती है तुम बुरा मत मानना ,खान को मैं कुछ भी नही बताऊंगा बस इतना कहूंगा की काम के सिलसिले में तुमसे मिलना था ..”

“ओके ‘

‘बस ओके ‘

काजल ने बहुत से हँसते हुए स्माइल भेजे

“ओके मेरी जान ‘

सच में वो लिखते हुए काजल मुस्कुराई जरूर होगी क्योकि शिकार उसके जाल में फंस गया था ,मैं उस ठाकुर को नही जानता था लेकिन मुझे इतना तो पता चल गया था की वो कोई पुलिस वाला है…

क्या वो वही पुलिस वाला था जिसने काजल की मा के साथ बलात्कार किया था और खान का दोस्त था (जैसा की काजल ने बतलाया था )

मैं सोच में पड़ गया था उसकी प्रोफ़ाइल पिक्चर में भी उसकी शक्ल का पता नही लगा क्योकि उसने किसी धर्मात्मा की तरह एक धार्मिक की पंक्ति लगा के रही थी ,कैसे मादरचोद लोग होते है दुनिया में..

करना उन्हें है गलत काम लेकिन दिखाएंगे के वो भगवान के कितने बड़े भक्त है कितने अच्छे इंसान है ,इन्ही मादरचोदों के कारण दुनिया इस हाल में आ गई थी ,

मुझे उसके उस प्रोफ़ाइल पिक्चर को देखकर उससे और भी चिढ़ सी हो गई क्योकि वो एक पुलिस वाला था जिसका कर्तव्य था की वो समाज के लिए कुछ करता लेकिन नही वो पैसे और चुद के पीछे पड़ा हुआ था,इस मादरचोद को तो मैं पर्सनली मारूंगा ..मेरे दिमाग में ये ख्याल आया मैं आगे की बातचीत पड़ने लगा

‘umaaaaaaaa ‘

इसके साथ कुछ होठो के चिन्ह और किस के साथ दिल के निशान वाले स्माइल से उसने कई लाइन भर दी थी

‘आप फिर से शुरू हो गए मैंने कहा ना की मैं खान साहब की वफादार हु और सिर्फ और सिर्फ खान साहब के साथ ही मेरे संबंध है ...मैं शादी शुदा हु और किसी और मर्द के साथ सोती हु तो इसका मतलब ये नही की मैं रंडी हु “

अचानक ही काजल का तेवर अलग हो गया था मुझे समझ में आ रहा था की ये जो भी है वो खान का दोस्त है लेकिन उसकी नजर काजल पर है और काजल इसके सामने ये दिखाना चाहती है की वो खान की वफादार है लेकिन ये उसे पटाने के चक्कर में है ,मैं जानता था की काजल उससे पट ही जाएगी लेकिन पहले तो भरपूर नखरा चोदेगी क्योकि उसे अपनी इमेज अच्छी बनानी थी …

अखिकतर लडकिय यही ट्रिक अपनाती है ,वो पट तो जाएगी लेकिन फिर ही अपने को सती सावित्री जताने में कमी नही करेंगी ,चुड़वाएँगी तो कई लोगो से लेकिन फिर भी कोई नया लड़का मिल जाए तो पहले उससे मेहनत करवाएंगी ताकि उस लड़के को लगे की लड़की अच्छी है और किसी के साथ भी नही सो जाती..

मुझे काजल की इस बात पर थोड़ी हँसी आयी क्योकि कालेज के समय में मैं ऐसी लड़कियों से बहुत ही चिढ़ता था लेकिन आज मुझे पता चला की मेरा प्यार मेरी बीवी ही ऐसी है ..

खैर जो भी ये एक लड़की के लिए जरूरी है की जो लड़का उसके पीछे दुम हिलाता हुआ फिर रहा है वो उसके कंट्रोल में ही रहे और इसके लिए पहले अपनी इमेज अच्छी करनी भी बहुत ही जरूरी होती है ,तो काजल जो कर रही थी वो सही था आखिर ठाकुर से उसे भी कुछ काम करवाने होंगे..

काजल की इस बात से ठाकुर हड़बड़ाया जरूर होगा

“सॉरी अगर तुम्हे बुरा लगा होगा तो ,लेकिन क्या करू मैं तुमसे प्यार करने लगा हु ‘

ठाकुर साहब ने भी वही कहा जो की हर कमीना लड़का कहता है ,जब उसे किसी लड़की को चोदना हो तो वो प्यार के नाम का सहारा ही तो लेता है

‘लेकिन खान साहब से ये गद्दारी होगी ‘

काजल ने लेकिन लिखा था मतलब की तैयार थी ,ये भी हर वो लड़की करती है जिसे चुदवाना भी है लेकिंन नखरे करके

‘अरे मा चुदाये खान ‘

‘आप फिर से गली दे रहे है’

‘सॉरी जान सो सॉरी ‘

‘पहले आप ये आदत सुधारो मुझे गली बिल्कुल भी पसंद नही ‘

मुझे ये पढ़के हँसी आ गई क्योकि मैं आज ही काजल को मा बहन की गालियां देकर ही चोदा था ,हा चोदा ही तो था आज प्यार ही कहा किया था बस चोदा था ,अपना लंड उसकी चुद में घुसा कर पेला ही तो था ,पूरी ताकत से लेकिन बस इतना ही तो किया था ..

चोदना एक अजीब सा शब्द है जिसमे बस एक गुस्सा है ,एक फ्रस्ट्रेसन जो की निकल गया ,

लेकिन चुद कितना प्यारा लगता है बोलने में ,एक बार बोलिये चुद …

बड़ा ही cute सा शब्द है ,है ना

वही लंड बोलकर देखिए ..साला लगता है की अजीब सा है ,एक बार बोल कर देखो लंड ..

लौड़ा ,कितना अजीब है साला ,बोलने से ही अजीब लगता है बोलकर ही देख लो लंड या लौड़ा एक मर्दाना फिलिंग है उसमे लेकिन चुद ,बड़ा ही प्यारा लगता है ……….

है ना..,इस पर कमेंट करना की चुद बोलना प्यारा लगता है की नही ..

और एक कमेंट मुझे चाहिए ‘चोदना’ पर भी ,ये मादरचोद आखिर है क्या चोदना ऐसा लगता है जैसे की कोई मजदूरी करवा रहा है ,चोदना सोच कर देखो जरा...एक काम है ये ,चोदना ..??

जैसे कोई मजदूर मेहनत करता है वैसे ही लड़कियों के लिए लड़के मजदूरी करते है ,,उन्हें चोद कर ..

मैं फिर से पढ़ने लगा

‘सॉरी जान अब नही दूंगा .लेकिन तुम मैं तुमसे बहुत प्यार करता हु सच में मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हु ‘

ठाकुर उत्तेजित हो गया था

‘कुछ भी करने की जरूरत नही है प्यार में कोई लेन देन नही होता ,बस प्यार होता है आप मुझे प्यार करो यंही मेरे लिए काफी है ‘

सच में मेरी बीवी हरामी थी .वो साली वही सब उस ठाकुर को बोल रही थी जो वो मुझे बोला करती है ,शायद ये सब उसने मुझसे ही सीखा था

‘लेकिन मुझे तुम्हे गिफ्ट तो देना है ‘

‘वो तो आपका हक है ‘

काजल ने उसे ग्रीन सिग्नल दे ही दिया

‘सच में ‘

‘कोई शक .12 बजे आप मिलिए .लेकिन खान साहब को बताए बेगैर ओके ‘

‘ओके मेरी जान .एक किस तो दो ‘

‘पागल हो गए हो आप ‘

‘तेरे प्यार में पागल हो गया हु जान ,मैंने और खान ने एक साथ कई लडकियो को किया है ,लेकिन तुम पहली हो जिसके लिए मुझे खान से झूट बोलना पड़ रहा है ,सच में वो तुम्हारे प्यार में ही है ‘

‘मुझे तो लगता है की वो तुमसे शादी भी कर लेगा ‘

‘नही मैं अपने पति को नही छोड़ सकती मैंने खान साहब को भी ये बता दिया है ..लेकिन मैं उन्हें धोखा भी तो नही दे सकती पता नही आपको जानू बोल रही हु आपसे उनसे पूछे बिना मिल भी रही हु ,उन्हें कैसा लगेगा ‘

‘अरे जो लगेगा देखा जाएगा ,लेकिन मेरे लिए तो तुम बहुत ही इम्पोर्टेन्ट बन चुकी हो मैं तो अपने बीवी से भी उतना प्यार नही करता जितना की तुमसे करता हु ,तुम मेरी जिंदगी हो काजल अगर तुम कहो तो मैं अपनी बीवी को तलाक देकर तुमसे शादी करने को भी राजी हु ‘

काजल ने कुछ देर तक कुछ जवाब ही नही दिया

‘इतना प्यार करते हो मुझसे ‘काजल का जवाब आया

‘हा ‘

काजल फिर थोड़े देर कुछ मेसेज नही की

‘कल आप मिलिए ,मुझे लगता है की आप मुझे खान साहब से ज्यादा प्यार करते है,मैं भी तो देखु की आप मुझसे कितना प्यार करते है ‘

काजल ने अपना दावा खेल दिया था

‘ओके जान …..सॉरी तुम्हे बुरा लगा हुआ हो तो ‘

ठाकुर इस बार सम्हाल कर बोल रहा था

‘उम्ममम्मम्माआआ लो किस भी दे दिया ,लेकिन लव यू तभी बोलूंगी जब लगेगा की आप सच में मुझसे प्यार करते हो ..मेरी जानू ‘

काजल ने उसे छेड़ा

‘हाय मेरी जान तुमसे लव यु सुनने के लिए तो अपनी जान भी दे दूंगा ‘

‘ऐसा फिर से मत बोलना ,आपकी जान जाने से पहले मेरी जान चले जाए ,आइंदा ऐसा नही बोलोगे ,,कल मिलती हु पति देव आ रहे है …’

इसके बाद काजल ने तो कोई मेसेज नही किया लेकिन ठाकुर जरूर कई आई लव यु ,और मैं तुम्हारे लिए सब कुछ करूँगा के मेसेज कर चुका था …

मैं सब पढ़ने के बाद हल्के से मुकुराय क्योकि मुझे पता था की कल मुझे क्या करना है ,,,

 
3 महीने बाद



इंस्पेक्टर ठाकुर के बंदूख कि नोक मेरे ही ओर थी ,

“बहुत खेल खेल लिया तुमने अब मेरी बारी है ,”

मैं बेखोफ खड़ा हुआ था,पास ही काजल स्तब्ध सी मुझे देख रही थी,

‘रुको ठाकुर ‘

वो चिल्लाई लेकिन तब तक ठाकुर की गोली चल गई ,काजल ने उसका हाथ उठा दिया था और मैं बचने के लिए थोड़ा दूर जा गिरा था,ठाकुर फिर से बौखला गया और मेरे ऊपर फिर से बंदूक तान दी इस बार उसका निशाना सही था लेकिन उसकी गोली चलती इससे पहले ही काजल बीच में आ गई ..

धाय धाय धाय

ऑटोमेटिक लोडिंग वाली बंदूक ने अपना काम कर दिया था ,लगातार तीन गोली सीधे जाकर काजल के सीने को चीरते हुए निकल गए मैं बौखला गया था ,जैसे कोई सुध ही ना बची हो ,वही ठाकुर भी स्तब्ध सा उसे देख रहा था वो तो मुझे मरना चाहता था ताकि काजल को पा सके लेकिन काजल ने ये गोलियां खाकर ये साबित कर दिया था की वो जिस्म से चाहे जिसकी भी हो लेकिन उसकी रूह सिर्फ मेरी है …..

मैं गुस्से से तिलमिलाया और पास ही पड़े एक पत्थर से ठाकुर पर वॉर कर दिया ,उसका सर जख्मी हो गया था ,मैं उसकी पत्थर से उसका सर फोड़ना शुरू कर दिया ,वो बेसुध हो गया था और मैं तो पहले से ही बेसुध था ,मैं चीख रहा था चिल्ला रहा था ,और पत्थर उसके सर पर मारे जा रहा था..

“नही देव मेरे पास आओ “काजल इस हालत में भी थोड़े होश में थी

मैं जल्दी से काजल के पास पहुचा ,मैंने उसे सीने से लपेट लिया था,मेरा पूरा कपड़ा खून के रंग से रंग चुका था ..

“आई लव यु देव ,हमेशा से तुम मेरे हीरो रहे हो हमेशा से मैंने सिर्फ और सिर्फ तुम्हे प्यार किया है “

काजल इतना ही बोलकर बेसुध हो गई ,मैं चीखा

“काजल ………..नही काजल तुम मुझे छोड़कर नही जा सकती काजल “

तभी

धाय ….

एक गोली मेरे पीठ में आकर धंस गई ,ठाकुर लेटे हुए था और उसके हाथो में बंदूक थी

मैं गुस्से से लाल हो चुका था और उसे जान से मार देना चाहता था .

मैंने पास ही पड़ा हुआ एक रॉड उठाया और उसके पैरो में घुसा दिया ,वो चीखा ही था की मैंने अपने पैरो से उसके मुह पर वॉर किया ,वो बेसुध हो गया मैं फिर से काजल के पास आया ,मैं रो रहा था मेरी काजल मुझे छोड़कर नही जा सकती थी ………

मैं होशं में आया तो मैंने अपने पास डॉ चुतिया को पाया ,

“काजल कहा है “

मेरा पहला सवाल यही था ..

“वो कोमा में है,गोलियां निकाल दी गई है लेकिन होश नही आया है ,खैरियत है की दिल को गोली नही लगी वरना”

मैं रोने लगा था

“ये सब मेरी ही गलती के कारण हुआ है डॉ ना मैं वो कदम उठता और ना ही ये हादसा होता “

डॉ मेरे पास आकर मेरे सर पर हाथ फेरा ..

“तुम्हारी गलती नही है देव अपने को दोष मत दो जो भी हुआ वो किस्मत का ही तो खेल था ,सब ठीक हो जाएगा “

“निशा कहा है ???”

मुझे अचानक ही निशा की याद आयी

“वो भी ठीक है और अभी जेल में है ,फिक्र मत करो वँहा हमारे लोग है उसे कोई तकलीफ नही होगी ,”

मैं थोड़ा शांत हुआ

“उसके खिलाफ कोई सबूत मिला ??”

मैंने फिर से कहा

“नही अभी तक तो नही ,सिर्फ पूर्वी की ही गवाही है उसके खिलाफ लेकिन उतना काफी नही है ,काजल के गवाही के बिना उसे जेल में ज्यादा दिनों तक नही रख पाएंगे उसके वकील भी बहुत ई स्ट्रांग है ,लेकिन अभी उसका छूटना ठीक नही होगा “

डॉ के चहरे में चिंता साफ झलक रही थी

“उसे बेल दिलवाओ डॉ वो मेरी बात सुनेगी ,मैं बहक गया था जो मैं उसकी बात नही सुना ,लेकिन इस हादसे से मुझे समझ आ चुका है की मुझे उसकी बातो को सिरियसली लेना चाहिए था “

“लेकिन उसके बाहर आने से काजल और पूर्वी दोनो के ही जान को खतरा है ??”

डॉ मेरी बातो से चकित दिख रहे थे ,

“मैं सम्हाल लूंगा ,मैं उसे अच्छे से समझता हूं आप उसे बाहर निकलवाये “

डॉ थोड़ी देर तक तो सोच में ही डूबा रहा लेकिन फिर वो बाहर चला गया ,मैं उठाकर उसके पीछे ही बाहर आया

“आप पागल हो गए हो क्या ये क्या कर रहे हो “

सामने पूर्वी और शबनम खड़ी थी

“मुझे काजल से मिलना है “

“अभी तुम आराम करो शाम को मिल लेना ,ऐसे भी उसे ज्यादा मिलने नही दिया जाता हम तम्हे स्ट्रेचर में ले जाएंगे “

शबनम की आंखों में भी पानी था और पूर्वी के भी ,मुझे शक था की कही काजल को कुछ हुआ तो नही है और ये लोग मुझसे झूट बोल रहे है ,मैंने शंका की नजर से दोनो को देखा ,

पूर्वी रोते हुए मेरे पास आयी और मुझसे लिपट गई ..

“भइया ये क्या हो गया “

“काजल ठीक तो है ना तुमलोग मुझसे कुछ छिपा तो नही रहे “

पास खड़े हुए डॉ के चहरे में मुस्कान गहरा गई

“छुपाने को बचा ही क्या है देव ,अभी आराम करो शाम को मिल लेना,फिक्र मत करो काजल हमे छोड़कर इतनी जल्दी नही जाने वाली “

डॉ के चहरे में दृढ़ता के भाव उभर गए जैसे उन्हें काजल पर बहुत ही ज्यादा यकीन हो ..

 
काजल मेरी काजल ,आंखे बंद किये ना जाने कीस दुनिया में खो गई थी ,उसे देखकर एक बार तो मूझे चक्कर ही आ गया,मैं वही था जो कुछ दिनों पहले उसे मारने का प्लान कर रहा था ,आज उसकी इस कुर्बानी ने मुझे फिर से याद दिलाया जो वो मुझे बोला करती थी ,

‘मैं तुम्हारी ही रहूंगी देव चाहे शरीर किसी और के पास ही क्यो ना रहे लेकिन रूह तलक बस तुम्हारी ही रहूंगी ‘

मेरी आंखे भीग गई थी और मैं सिसक रहा था ,मेरा हाथ अभी भी काजल के हाथो में था,वो ऑपरेशन थिएटर मुझे काटने को दौड़ रहा था ,

‘कितना पागल था तू देव जो अपनी जान की वफादारी पर उसके प्यार पर शक किया ‘

मेरे दिल से बार बार यही बात निकल रही थी मैं बैठा बैठा अतीत की यादों में खो गया था ,3 महीने पहले जब मैंने काजल की जासूसी का फैसला किया था शायद वो मेरे जीवन का सबसे बेकार फैसला था,काजल मुझे सब कुछ तो बताना ही चाहती थी ,वो तो ये भी चाहती थी की मैं उसे दूसरे के साथ देखकर भी एन्जॉय करू ..

हा एक पति के लिए ये कितना कठिन था ये मैं और वो दोनो ही जानते थे लेकिन वो भी अपने जिद में थी और मैं भी …

वो दिन जब मैं हरिया से फोन कर उसके फार्महाउस में आने की बात कही मैंने उसे एक जॉब का आफर दिया था ,मुझे पता था की काजल और ठाकुर वही मिलने वाले है ,ठाकुर उसे कोई गिफ्ट देने वाला था पता नही वो क्या था,

हरिया को भी ये बात पता थी की 12 बजे के करीब खान का दोस्त इंस्पेक्टर ठाकुर वँहा आने वाला था,उसने इसी बात के कारण मुझे मना कर दिया लेकिन मैं उससे इतममिन से बात करना चाहता था…

मैं फॉर्महाउस में था ..

“सर जी आप मेरी बात नही समझ रहे है वो बड़े ही खतरनाक लोग है ‘

उसकी बात सुनकर मैं मुस्कुरा उठा

“अच्छा ये बताओ क्या यही लड़की उनके साथ आती है “मैंने उसे काजल का फ़ोटो दिखाया वो चौक गया

“इस रांड का फ़ोटो आपके पास कैसे “

रांड मेरे दिल में एक जलन सी उठी मेरे ही सामने साला मेरी ही बीवी को रांड बोल रहा था

“बस जानता हु ,तुम्हे जॉब चाहिए ना “

वो घबरा गया था

“मेरी लाश पर मैं जॉब का क्या करूँगा आप कौन हो ,और आप मुझसे क्या करवाना चाहते हो ,सर जी मुझे तो लगा था की आप एक शरीफ इंसान हो इसलिए आपकी मदद करने की सोची लेकिन आप की नियत तो मुझे साफ नही लग रही है ..वो लोग मुझे और मेरे पूरे परिवार को मार देंगे ..”

वो बहुत ही डरा हुआ लग रहा था ,हो भी क्यो ना उसे खान और ठाकुर के बारे में कुछ तो पता ही रहा होगा

“एक चीज का ईमानदारी से जवाब देना,क्या खान और ठाकर तुम्हारी बीवी पर गंदी नजर नही डालते “

वो सन्न रह गया .उन्होने तो कई बार उसे पैसे भी ऑफर किये थे लेकिन वो शरीफ महिला थी ..

उसका सर झुक गया

“क्या तुम्हारा खून नही खोलता ,क्या पैसे की इतनी अहमयत है की तुम अपना ईमान भी बेच दोगो “

मेरी बाते उसके सीने में तीर सी चुभने लगी थी

“मैं कर भी क्या सकता हु,और वो लोग ज्यादा झेड़ते नही ,मैं अंजू (हरिया की बीवी ) को उनके पास भेजता भी नही “

“अगर किसी दिन भगवान ना करे की वो लोग दारू के नशे में हो और अपनी तलब का शिकार अंजू को बना ले तो क्या करोगे “

वो दंग सा मुह फाड़े मुझे देख रहा था उसे भी पता था की ये भी हो सकता है और वो कुछ भी नही कर पायेगा

“ऐसा कैसे हो सकता है अभी तक तो ऐसा नही हुआ “

“नही हुआ या तुम्हे पता नही है ,हो सकता है की उन्होंने अंजू के साथ जबरदस्ती की कोशिस की हो लेकिन अंजू ने अपनी मजबूरी के कारण तुम्हे कुछ भी नही बतलाया हो ….”

कुछ देर के लिए शांति छा गई थी ,उसकी नजर जमीन को देख रही थी और वो कई सोचो में गुम था,मैं उसकी मजबूरी समझता था वो ये नॉकरी छोड़कर नही जा सकता था ,क्योकि बाहर के दुनिया इससे भी खतरनाक थी …

“तुमने ही तो मुझे बतलाया था ना की उन्होंने अंजू को ऑफर किया था ,लेकिन अंजू ने मना कर दिया था ...ये बात क्या अंजू ने तुम्हे तुरंत ही बता दी थी …”

वो चुप था

“ये बात भी तो उसने तब ही बताई जब तुमने उसे उनके पास गिलास ले जाने को कहा था ,है ना “

हरिया ने मुझे पहले ही सब कुछ बता दिया था और मैं जानता था की वो अपने परिवार से बहुत ही प्यार करता है ..

उसने हा में सर हिलाया

“देखो हरिया तुम्हारी और मेरी कंडीसन एक ही है ,जैसे तुम उन लोगो से डरे हुए हो वैसे ही मैं भी डरा हूं ,जैसे तुम मजबूर हो वैसे ही मैं भी मजबूर हु ,क्यो ना इन लोगो को ही खत्म कर दिया जाए “

वो चौक कर मुझे देखने लगा

“खत्म करने का मतलब मारने से नही है ,आर्थिक रूप से खत्म करने की बात है,उनका पावर खत्म किया जा सकता है ,”

वो समझ नही पा रहा था की वो क्या करे

“और इसमें तुम्हारा भी फायदा होगा “

उसने मुझे ध्यान से देखा

“कैसा रहेगा अगर ये फॉर्महाउस ही तुम्हारा हो जाए ,”

वो फिर से चौका

“मैं ये कर सकता हु तुम्हे बस मेरी थोड़ी सी मदद करनी होगी ,तुम्हे और तुम्हारे परिवार को कुछ भी नही होगा इसकी मैं गारेंटी ले सकता हु क्योकि उन्हें कभी पता ही नही चलेगा ,और मैं अगर पकड़ा भी गया तो डरो नही मैं तुम्हारा नाम नही लूंगा ,वो मेरा कुछ भी नही बिगड़ सकते डोंट वरी ,तुम अपने और अपने परिवार के लिए ये करो मेरा साथ दो ,मुझे यंहा आने जाने दो ,तुम्हारी पत्नी ,तुम्हरे पिता और तुम्हारे बेटे को भी इसके बारे में नही पता चलेगा ,तुम फिक्र मत करो ,”

फॉर्महाउस बहुत ही बड़ा था और सच में यंहा अगर कोई लाश भी लाके गाड़ दे तो किसी को पता नही चलेगा …

उसने हा में सर हिलाया उसकी सहमति का मतलब था की अब ये फॉर्महाउस मेरा ही था ...मैं यंहा जब चाहे आकर जो चाहे कर सकता था ...मैं खुसी से उसे देखा और पहली पगार के रूप में 2 हजार का एक नोट उसकी ओर बढ़ाया ..

“नही साहब ये सब नही चाहिए ,बस जो आपने कहा वो हो जाए तो मेरी जिंदगी सफल हो जाए “

पहली बार मैंने हरिया के आंखों में लालच देखा था ,मैं उस साधारण से भोले इंसान को लालची नही बनाना चाहता था लेकिन क्या करू मेरी भी तो मजबूरी थी ….

***********************

12 बज चुके थे और ठाकुर पहले से ही आ चुका था वो बेचैनी से इधर उधर घूम रहा था वो पहले से ही 3-4 पैक दारू के पी चुका था,उसने आते ही सोफे में एक बड़ा सा गिफ्ट के रैपर में पैक कोई समान रखा था ,पता नही वो काजल को क्या देने वाला था,वो घड़ी देखता तो कभी मोबाइल …

ठाकुर को देखते ही मुझे समझ आ गया था की आखिर काजल इसमें इतना इंटरेस्ट क्यो ले रही है ये वही इंस्पेक्टर था जिसने मुझे और काजल को अजीम से मिलवाया था ,तो वो खान का दोस्त भी है और साथ ही काजल के चाहने वालो में से एक भी ,वो अभी जेल का जेलर था और अजीम से संपर्क बनाने में काजल का सबसे बड़ा हथियार ...

मैंने हरिया से बंगले की पूरी डिटेल ले ली थी ,मुझे पता था की वो कौन सा कमरा यूज़ करते है ,और कहा से उन्हें देखा जा सकता है ,कैसे उनकी बाते सुनी जा सकती है,मैंने कुछ माइक्रोफोन वँहा लगा दिए थे ताकि मुझे कम से कम आवाज तो सुनाई दी ,देखने का भी जुगाड़ हो गया था..

वक्त ऐसे लग रहा था की बहुत ही धीमी गति से बढ़ रहा है वही मेरी और ठाकुर की दिल की धड़कने जरूर बढ़ी हुई थी …

आखिर वो समय आ ही गया जब काजल आयी ,आज उसने काले रंग की साड़ी पहने हुई थी ,उसे देखकर एक बार मेरा दिल जोरो से धड़का कहा मेरी नाजुक सी कोमल सी काजल और कहा ये काला भैसा ..

उसके मादकता से कोई भी मर्द दीवाना हो जाए तो ये भी कम ही था,

मैं नजर गड़ाए हुए उन दोनो को देखता रहा ..

उसे देखकर ठाकुर का मुह खुला का खुला ही रह गया ,काजल मुस्कुराते हुए आयी और सीधे ठाकुर के गले से लग गई ,

“ओह ठाकुर साहब आपको ज्यादा इंतजार तो नही करना पड़ा “

ठाकुर ने पहले तो अपना थूक गटका ...उसे मानो यकीन ही नही हो रहा था की इतनी सुंदर लड़की भी दुनिया में होती है ,

काजल का हर एक अंग उसकी साड़ी से झांक रहा था ,वो दूध सी गोरी और मसलता से भरपूर थी ,मुझे तो कभी कभी अपनी ही किस्मत पर यकीन नही होता था की ऐसी लड़की जिसे पाने को दुनिया दीवानी हुई घूमती है मेरे बिस्तर में रोज ही रहती है ..

उस काली साड़ी में से उसका यौवन और भी निखर कर आ रहा था ,

वो आकर सीधे ठाकुर के गले से लग गई ,उसके तने हुए स्तन ठाकुर के चौड़े सीने में गड़े,वो एक भैस जैसा ही दिख रहा था और काजल के उज्ज्वल जिस्म के आगे तो उसका कालापन और भी ज्यादा खिल रहा था ,

ठाकुर तो मानो स्वर्ग में ही था,और इसे देखकर मेरी झांटे सुलग रही थी ,

मादरचोद साला ...मेरे मुह से अनायास ही निकल गया

लेकिन ठाकुर भी उसके सौन्दर्य को देखकर डर रहा था,क्योकि जितना लालच हो उतना खोने का डर भी तो होता है,

वो कोई भी कदम जल्दबाजी में नही बढ़ाना चाहता था ,

“तुम्हारे लिए तो जिंदगी भर इंतजार कर सकता हु “

उसने बड़े ही रोमांटिक अंदाज से कहा ,काजल मुस्कुरा उठी

“सो स्वीट “ठाकुर का चहरा खिल गया हो भी क्यो ना ,साला मादरचोद …

काजल अंदर आयी और सोफे में बैठ गई

“वाओ ठाकुर जी अपने मेरे लिए गिफ्ट लिया है ,वाओ “

वो ऐसी चहकी जैसे कोई बच्ची हो

“हा जान सिर्फ तुम्हारे लिए लेकिन मैं चाहता हु की तुम मेरे लिए इसे पहनो “

काजल ने शरारत भरे नजरो से उसे देखा ,अच्छा तो ये साला ठरकी मेरे जान के लिए कोई कपड़ा लाया है ..

“ठाकुर साहब आप जानते हो ना खान साहब को पता लगेगा तो …”

काजल ने ऐसे कहा जैसे की वो तो राजी है लेकिन खान का डर है

“तुम फिक्र क्यो रही हो वैसे भी तुम उसकी बीवी तो हो नही और मैं भी उसका हर काम इसीलिए करता हु क्योकि तुम कहती हो वरना मैं खान के उल्टे सीधे काम करता क्या “

अच्छा तो वो काम के बदले मेरी पत्नी की लेना चाहता था ...साला मादरचोद ..

मैं मन ही मन उसे गालियां तो दे रहा था लेकिन मैं भी उत्तेजित हो रहा था की आखिर उसने ऐसे कौन से कपड़े लाये है जिसे वो काजल को पर्सनली पहना कर देखना चाहता था ..

काजल उसकी बात सुनकर मुकुराई

“वो तो ठिक है लेकिन फिर भी मैं हु तो खान साहब की ही गुलाम ..”

काजल का चहरा मुरझा गया ,अब वो सच में मुसझाया था या वो एक्टिंग कर रही थी वो कहना कठिन था ..

“अरे तुम ऐसा क्यो सोचती हो मैं हु ना ,तुम्हे गुलाम से मालिकिन बना दूंगा “

ठाकुर उसके पास जाकर बैठ चुका था और काजल भी उसके कंधे में अपना सर ठिका चुकी थी ,मैं जले हुए दिल से ये सब देख रहा था की कैसे मेरी बीवी उस अधेड़ से काले और बदसूरत आदमी को अपने हुस्न के जाल में फंसा रही थी ,वो कितना आगे जा सकती है ये सोचकर ही मैं रोमांचित हो जा रहा था ,मैं सांसे रोके हुए देख रहा था …

“हम्म्म्म लेकिन आप तो ठहरे खान साहब के दोस्त आप मेरी मदद क्यो करेंगे आपको तो बस मेरी जवानी ही चाहिये …”

काजल ने अब भी उदास सा मुह ही बनाया था

ठाकुर ने मौका देख कर उसके कंधे पर अपना हाथ फिरना शुरू कर दिया था,साला मादरचोद ..

काजल उसके और भी करीब आ गई और उससे लिपट ही गई

“अरे मेरी जान तुम्हे किसने कह दिया की मैं उसका दोस्त हु ,वो साला मुझसे अभी तक कई गैरकानूनी काम करवाता रहा बदले में मुझे क्या मिला ????ये नॉकरी???

कितनी सेलरी मिलती होगी मुझे और ऊपरी कमाई भी कुछ नही ,जब भी उसके मतलब का काम होता है साला मुझे वही ट्रांसफर करवा देता है ,लेकिन अब मेरे पास तुम हो और तुम ही उसके किस्मत की चाबी हो क्यो ना हम दोनो ही मिलकर उसके गांड में लात मारे और मेरे पावर और तुम्हारी काबिलियत के बदौलत हम दोनो ही उसके सर पर पैर रखकर निकल जाए “

काजल के चहरे में फिर से मुस्कान खिल गई,लेकिन उसने खुद को सम्हाल लिया

“ये आप क्या कह रहे है आप तो उनके दोस्त है ना “

ठाकुर के चहरे मे मुसकान और भी गाढ़ी हो गई

“तुम्हे क्या लगता है तुम जो अजीम के साथ कर रही हो खान को बिना बताए वो मुझे नही मालूम ...मैं जानता हु की तुम्हारी नजर खान के जयजात पर है लेकिन तुम उसे अकेले तो नही हड़प सकती तुम्हे मेरी जरूरत तो होगी ही ,”

अब काजल के चहरे में मुस्कान साफ साफ दिखाई देने लगी

“मैं जानती थी की तुम बहुत ही होशियार हो इसीलिये तो मैंने तुम्हे चुना “

दोनो ने ही एक दूसरे को मुस्कुरा कर देखा ,वो आप से तुम में उतर चुकी थी

“और मैं भी जानता था की तुम बहुत चालाक हो इसलिए तो तुम्हे यंहा बुलाने की हिमाकत कर गया “

दोनो यह खिलखिला कर हंसे

“तो एक जाम हो जाए “

ठाकुर उठकर दो ग्लास में शराब भर लाया था,अब खान का पुराना राजदार काजल का दोस्त बन चुका था और अब काजल को अपनी अदाओं से उसे अपना दीवाना बनाना था ..

वो जाम अपने हाथो में लेकर उसके जाम से टकराई

“ये जाम हमारी दोस्ती के नाम “काजल कुटिलता से मुस्कुराई

“और साथ ही खान की बर्बादी के नाम “

ठाकुर भी मुस्कुरा रहा था ,दोनो ही एक ही सांस में पूरा पैक पी गए और एक दूसरे को देखने लगे ,मेरे दिल में बस एक ही बात आ रही थी …..साला मादरचोद ..

मैं इसके सिवाय और सोच भी क्या सकता था ,

उसने अपना हाथ काजल के कमर पर रख दिया

“अब तो आप हमारी दोस्त बन चुकी है तो ये गिफ्ट स्वीकार करे और साथ ही हमारी शर्त भी “

“क्या शर्त “

“यही की इसे हम अपने हाथो से आपको पहनना चाहते है “

काजल खिलखिलाई और मेरा गांड सुलग गया..

“अच्छा देखे तो जनाब हमारे लिए क्या लाये है “

काजल ने गिफ्ट को खोला

“यू नॉटी ...इसे पहनना चाहते है आप ,हम तो आपको बड़ा ही शरीफ समझ रहे थे और आप तो “

काजल गुस्सा तो नही थी लेकिन बड़े ही मादक अंदाज में और मादकता भरे हुए शिकायत के अंदाज में ठाकुर को देख रही थी …

“तुम्हारे जैसी हसीना को देखकर कोई मर्द कब तक शरीफ रहेगा ,और ये तो मेरा सपना था की मैं तुम्हे ये अपने हाथो से पहनाऊँ …”ठाकुर ने बड़े ही शायराना अंदाज में कहा और साथ ही ऐसे कहा जैसे काजल से रिक्वेस्ट कर रहा हो ..

मैंने नजरे गड़ाई की आखिर वो गिफ्ट था क्या ,मुझे काले रंग का ही कुछ दिखाई दिया ,

काजल ने उसे उठाया ,

“इसे पहनने का सपना देख रहे थे जनाब “वो मुस्कुराई लेकिन मेरा सब कुछ जल गया

‘साला मादरचोद ‘मैं फिर से बुदबुदाया

काजल के हाथो में काले रंग की एक झीनी सी पतली पेंटी थी ,शायद एक ब्रा अभी भी गिफ्ट के पैकेट में रखा था ..

दोनो ही एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे लेकिन मेरी हालत बहुत ही गंभीर थी ………..

 
काजल ………

वो ऐसे विहेब कर रही थी जैसे ठाकुर उसका प्रेमी हो ,

और ठाकुर …

साला उसे देखकर तो उसे मार ही देने का मन कर रहा था ,

काजल और वो दोनो ही सोफे में बैठे हुए हँस रहे थे,

“आपको नही लगता की ये थोड़ी छोटी है “

काजल ने उस पेंटी के बारे में पूछा ,जिसके जवाब में ठाकुर ने उसके साड़ी से झांकते और मानो फाड़ के बाहर आने को बेकरार वक्षो को हल्के से मसल दिया

“आउच कितने बदमाश हो आप “

काजल मचली जरूर लेकिन उसके होठो में मुस्कुराहट बढ़ गई थी ,

“अभी तो बदमाशी और भी ज्यादा करने का मन कर रहा है जानेमन लेकिन तुम ...कुछ करने ही नही दे रही “

काजल खिलखिला कर हँस पड़ी ,

“मुझे इसे तुम्हे पहनाना है “

ठाकुर मचल रहा था

“इतनी भी क्या जल्दी है “

काजल अदा से खड़ी हुई और हल्का म्यूजिक लगा कर उसके सामने आ खड़ी हुई,वो म्यूजिक के रिदम में अपने कमर को हल्के हल्के हिला रही थी और उसकी आंखे सीधे ठाकुर की आंखों से मिली हुई थी ,वो अदा से हिल रही थी ,साड़ी से झांकती हुई उसकी नंगी कमर चमक रही थी और उसकी नाभि के गहराई साफ साफ दिखने लगी थी ,

ठाकुर की आंखे उसकी कमर में ही अटक चुकी थी ,वो सांप सी उसे लहरा रही थी ,

ठाकुर की सांसे मानो अटक गई जब काजल उसके और भी पास आ खड़ी हुई ,उसकी कमर अब ठाकुर के सर के पास ही थी ,शायद उसकी सांसे अब काजल के पेट को छू रही होगी,

ठाकुर ने अपना सर थोड़ा आगे कर उसे चूमने की कोशिस की पर काजल खिलखिलाकर उससे दूर हो गई ,

ठाकुर ने बुरा सा मुह बनाया तो काजल फिर से उसके पास पहुच गई और इस बार वो उसके सर पर हाथ रखकर उसे अपनी ओर खिंचा,

ठाकुर का मुह सीधे काजल के नंगे पेट से जा टकराया ,वो पहले तो अपनी नाक उसके नाभी में रगड़ने लगा फिर अपनी जीभ निकाल कर उसे चाटने की कोशिस करने लगा ,

“आह “काजल ने एक मादक सिसकारी ली उसे जोरो से अपने ओर खिंच लिया

अब ठाकुर का मुह पूरा का पूरा ही उसके पेट में धंस गया था काजल की पकड़ इतनी थी की ठाकुर सांसे भी नही ले पा रहा था ना ही वो अपने चहरे को ही हिला पा रहा था …

वो बौखला गया था और काजल की गिरफ्त से छूटने की कोशिस करने लगा ,काजल जोरो से हँसी और उसे दूर कर थोड़ी दूर हो गई…

हल्का हल्का सेक्सोफोन का म्यूजिक सच में बहुत ही मधुर था और साथ ही बहुत ही रोमांटिक भी ,काजल फिर से उसकी आंखों में अपनी आंखे गड़ाकर हिलाने लगी और इस उसने अपने बाल भी खोल लिए जिससे उसके घने और लंबे बाल उसके कंधे और छातियों पर भी बिखर गए थे ,वो अपने बालो से मादक अंदाज में सहलाने लगी साथ ही उसे ऊपर किया ,वो उससे खेलने लगी उसकी कमर अब भी म्यूजिक के साथ साथ ही चल रही थी ,

ठाकुर उसे देखकर ऐसे बावरा गया था मानो किसी गरीब को खजाना ही मिल गया हो ..

वो आंखे फाडे हुए काजल की अदाएं देख रहा था ,जैसे पलक झपकना और सांस लेना भी भूल गया हो ..

काजल फिर से उसके पास आयी और अपने पल्लू हो गिरा दिया ,

उसके ब्लाउज से भी उसके स्तनों की सुडौलता और भराव साफ साफ झलक रहे थे ,ठाकुर के आंखों में हवस जाग गई थी वो उसे ललचाई निगाहों से देख रहा था ,काजल ने उसके करीब आकर फिर से उसके चहरे को पकड़ लिया ,वो भी किसी खिलौने की तरह उसकी आज्ञा का पालन करने लगा था ,काजल उसे अपने सीने के पास लायी लेकिन गड़ाया नही वो उसे ऊपर से ही महसूस कर रही थी ,ठाकुर के आनन्द की सीमा क्या थी ये उसकी आंखे बता रही थी उसकी आंखे बंद हो चुकी थी ,वो खुद से कुछ भी नही कर रहा था सब कुछ काजल ही कर रही थी ,

वो अपनी नाक उसके स्तनों में रगड़ने लगा,काजल की भी आंखे बंद हो गई मानो किसी परम् सुख का अनुभव कर रही हो ,ये कोई एक्टिंग थी या हकीकत इसका अनुमान लगाना भी मेरे लिए कठिन हो गया था,वो मेरे साथ भी ऐसा ही करती थी ,,

वो आंखे बंद कर उसके नाक की रगड़ को महसूस कर रही थी ,और आनन्द में सिसकियां ले रही थी …

वो थोड़ा और जोर लगाती है इस बार वो झुककर अपने वक्षो की घाटी में उसके सर को घुसा देती है ,इसे देखकर तो मेरा भी लिंग अकड़ गया था ,क्योकि काजल की गोरी गोरी और बड़ी सी उस खाई में ठाकुर का काजला सा मुह बड़े ही अजीब तरीके से मुझे भी उत्तेजित कर रहा था ,

वो अपनी जीभ निकाल कर उसे चाटना चाहता था लेकिन मैं गलत था वो तो उसे खाने पर उतारू हो चुका था ,ठाकुर के दांत काजल के नंगे स्थल पर जा रहे थे वो ब्लाउज को भीगा रहा था और साथ ही साथ दांतो से हल्के हल्के से काट भी रहा था,उसकी जीभ भी आकर अपना थूक काजल के वक्षो में छोड़ रही थी…

काजल मचल रही थी और उसे और भी जोरो से अपने ऊपर दबा रही थी वही ठाकुर अपनी आंखे बंद किये हुए उस जन्नत का मजा ले रहा था जिसका हक सिर्फ मुझे मिलना था ,

मैं जलन और गुस्से से तो भर रहा था लेकिन साथ ही साथ एक उत्तेजना भी मुझमें घुलती जा रही थी ,

ठाकुर खड़े होने की कोशिस करता है लेकिन काजल उसे खड़ा होने ही नही देती और हंसकर फिर से दूर चली जाती है,

उसकी आंखे ठाकुर की आंखों से मिली दोनो के ही होठो में मुस्कुराहट थी ,एक अजीब सी मुस्कुराहट,ठाकुर ने आंखों ही आंखों में काजल से पास आने का इशारा किया लेकिन काजल ने आंखों ही आंखों में ठाकुर को ना का इशारा किया ,ठाकुर हल्के से मुस्कुराया और खड़ा हो गया ,मैंने देखा की उसके पेंट से ही उसका तनाव साफ साफ दिख रहा था ,उसने अपनी शर्ट उतार फेंकी और अपनी बनियान भी ,वो थोड़ा पेटू जरूर था लेकिन लगता था की उसने अपनी जवानी में बहुत कसरत भी कि हो क्योकि उसके मसल्स बहुत ही बड़े दिख रहे थे ,वो किसी कुश्ती के पहलवान की तरह लग था ,उसका काल बदन भी कमरे के रोशनी में चमकने लगा ,

 
काजल ने उसके शरीर को ललचाई निगाहों से निहारा और उसके आंखों को मादकता से देखने लगी,ठाकुर भी अपने जिस्म की नुमाइश करने लगा और अपने पेंट की ओर इशारा किया जिसमे उसका लिंग अकड़ रहा था ,काजल ने मुह थोड़ा खुला ,पता नही वो सच में खुला था या उसने खुद ही इसे खोला था ,लेकिन वो ऐसा करने से ठाकुर को और भी मोहित कर गई वो स्त्रियों वाली सब अदाओं को जानती थी जिसे एक मर्द हमेशा ही पसंद करता है ,,,

काजल की इस हरकत से ठाकुर थोड़ा हंसा और उसके पास जाने लगा काजल उससे दूर जाने लगी वो उसे पकड़ने को झपटा ,काजल हट गई वो थोड़ा लड़खड़ाया और कमीनी सी मुस्कान के साथ उसकी ओर बढ़ने लगा ,थोड़ा रुक कर उसने अपनी पेंट भी निकाल कर हवा में उछाल दी ,उसके अंडरवियर से उसका लिंग सच में बहुत ही बड़ा और खतरनाक लग रहा था ,उसका काला बदन चमक उठा था,वो बहुत ही उत्तेजित था और काजल को कहा जाने वाली निगाहों से देख रहा था ,काजल कभी उसके बदन को देखती तो कभी उसके अकड़े हुए लिंग को ,काजल के होठो में अब भी मादक मुस्कान थी वो उसे घूर रही थी और ठाकुर भी तड़फता हुआ उसकी ओर बढ़ रहा था ,

जैसे जैसे ठाकुर उसकी ओर बढ़ता वो पीछे होती जाती ..

वो फिर से झपटा इस बार उसका हाथ ठाकुर के पकड़ में आ गया था

“आउच छोड़िए ना “

काजल ने मचलते हुए कहा जिससे ठाकुर हँस पड़ा और उसे अपनी ओर खिंच कर अपने से मिला लिया

ठाकुर ने उसे बहुत ही जोरो से जकड़ रखा था ऐसे की कोई हवा भी दोनो के बीच से पास ना हो पाए ,

काजल के वक्ष उसकी बालो से भरी चौड़ी छातियों में धंस गई थी वही ठाकुर का लिंग अब काजल के जांघो के बीच रगड़ रहा था ,काजल इससे और भी मचल रही थी लेकिन ठाकुर उसे कोई भी मौका नही देने वाला था ,उसने अपने होठो को काजल के गले और कंधों पर चलाना शुरू कर दिया

“आह नही ना आह “

वो छूटने का प्रयास करने लगी थी लेकिन मैं भी जानता था की वो छूटना नही चाहती थी वो और भी उसमें गड़ी जा रही थी ,और भी मचल रही थी

“आह नही ना... आह रुको ना ..थोड़ा सब्र तो करो आह ओह “

काजल की इन आवाजो से ठाकुर के साथ साथ मैं भी पागल हो रहा था ,वो और भी जोरो से उसे चूमता और अपने कमर को उसके कमर से टकराता ,भला हो उस साड़ी का जिसे मेरी बीवी ने पहन रखा था वरना उसका लिंग अभी काजल के अंदर ही होता वो 90 डिग्री में उठा हुआ था और सीधे ही काजल के जांघो में रगड़ रहा था,

काजल को भी इसका आभास जरूर हो रहा होगा ,वो भी गर्म होने लगी थी उसका विरोध कम हो रहा था और वो बस आहे ले रही थी वो अब भी छोड़िए ना कह रही थी लेकिन बहुत ही कमजोर स्वर में,वो उत्तेजित थी और शायद गीली भी ……..

ठाकुर ने उसकी कमर को पकड़ कर और भी जोरो से अपनी ओर खिंच लिया साथ ही अपनी कमर को भी उसके कमर से टकराया

“आह “एक जोर की आवाज काजल के मुह से निकली

दोनो की ही आंखे मिली और काजल ने उसे हल्के से मुक्के से मारा ,ठाकुर ने काजल को किसी गुड़िये की तरह ही उठा लिया और उसे सीधे सोफे में जा फेका और उसके ऊपर छा गया ,उसके भारी शरीर ने मेरी कोमल सी जान के नाजुक शरीर को ऊपर पूरी तरह से ढंक लिया था,वो उसे मसल रहा था और अब उसका हाथ काजल के ब्लाउज तक पहुच चुका था वो से मसल रहा था और उसे उतारने की कोशिस भी कर रहा था ,उसने उसे काजल के कंधे से नीचे गिरा ही दिया लेकिन वो अब भी काजल के बांहो में फंसे थे , वो उसके नंगे कंधे को चूमने लगा और उसे अपनी लार से भिगाने लगा,काजल मादक सिसकियां ले रही थी ,

वो काजल की घाटी तक अपनी जीभ ले जा रहा था लेकिन अब भी ब्रा की वजह से वो पूरी तरह से दिखाई नही दे रही थी ,लेकिन उसकी ब्रा जरूर दिखने लगी थी ,वो जितना हो सके उसे चूम रहा था और उसने अपने दांत भी काजल के कंधे पर गड़ा दिए ,

इधर मैं उत्तेजना के शिखर पर पहुच गया था मैंने कब अपना लिंग अपने हाथो में ले लिया था मुझे भी नही पता लगा मैं जोरो से हिलाने लगा और जैसे ही ठाकुर ने अपने दांत गड़ाए मैं भी झाड़ा और दीवार में ही अपने को खाली कर दिया ,मेरी सांसे भी उखड़ी हुई थी ,क्या हुआ और क्या हो रहा है इसकी समझ मुझे अभी आई थी ,मैं पागल हो चुका था मैं क्या कर रहा था ,

ठाकुर ने काजल की साड़ी खोलने के लिए हाथ बढ़ाया लेकिन काजल ने हाथ पकड़ लिया

“यंहा नही बेडरूम में चलिए “

ठाकुर ने उसे किसी बच्चे की तरह उठाया साथ ही वो ब्रा पेंटी भी उठा ली जिसे वो काजल के लिए लाया था ,वो बेडरूम की ओर जाने लगा ,मैं वही बैठ चुका था मैं दहाड़ कर रोना चाह रहा था ,मुझे लग रहा था की जो मैंने किया था वो गलत है ,मैं वँहा एक पल भी नही रुकना चाहता था मैं वँहा से भागा,.........

ये क्या हो रहा है ,इतना तिरिस्कार ,इतनी जिल्लत ,इतनी नाकामी….

इतना बेसहारा तो मैंने अपने को कभी महसूस ही नही किया था,ये मेरे अंदर की निर्लज्जता थी या नपुंसकता ..

मैं क्यो कुछ नही कर पा रहा था ,मैं अपने को असहाय महसूस कर रहा था ,मैं अंदर से टूटा हुआ महसूस कर रहा था ,

मैं डरा हुआ था,कुछ घबराया हुआ,..

मुझे किसी ने कुछ भी तो नही किया था,किसी ने कुछ भी नही किया था लेकिन ये क्यो हो रहा था,

क्यो मेरे दिमाग में काजल और ठाकुर की छबि बार बार आ रही थी,क्यो मैं इतना बेचैन था की वो दोनो आखिर कर क्या रहे होंगे ,मैं अपने को रोक ही नही पा रहा था,मैं फिर से उसी दर्द को बार बार महसूस कर रहा था,मैं सोच कर ही सिहर उठता था की मेरी ही मौजूदगी में कोई मेरी पत्नी के साथ …….

मुझे रोना आ रहा था ,.........

आखिर क्यो मैं इसे चुपचाप देखता रहा मैं वँहा से भाग क्यो नही गया ,

आखिर मुझे हुआ क्या था की मेरा लिंग ये सब देखकर अकड़ रहा था,आखिर मैं ऐसा कैसे हो गया था ,

जिसकी रक्षा की शपथ ली थी उसे दूसरे के साथ देखकर ??????

लेकिन उसे क्या सच में रक्षा की जरूरत थी ,मेरे खयाल से नही ,वो खुद ही इसे अपनायी थी ,काजल अगर यंहा थी तो वो अपने लिए डिसीजन के कारण थी ,ये उसका खुद का ही तो फैसला था…….

मैं गार्डन में बैठा हुआ रो रहा था की मेरे मोबाइल की घंटी बजी…

मैं चौक कर देखा तो वो काजल थी ,और भी ज्यादा चौक गया …….

एक पूरा रिंग होने पर भी मैं उसे नही उठा पाया ,थोड़ी ही देर में अगला रिंग भी बजने लगा

“हैल्लो “मैं थका हुआ सा बोल पाया

“तुम यंहा क्या कर रहे हो “वो बौखलाई हुई आवाज में बोली

मैं हड़बड़ा गया था मैं चारो ओर देखने लगा ,मैं उस खिड़की के तरफ देखा जिस कमरे में वो दोनो गए थे ,कांच की खिड़की में लगे हुए पर्दे से झांकती हुई काजल मुझे दिखी ,मेरे पास कहने को कोई शब्द नही था ,लेकिन शायद वो मेरी कंडीसन देख कर समझ चुकी थी आखिर मैंने क्या देख लिया है ...वो अभी भी साड़ी और ब्लाउज पहने हुई थी लेकिन अब भी उसका दुप्पटा उसके कंधे में नही था…

“तुम तुम पागल हो क्या,यहां कैसे आ गए और ये क्या कर रहे हो कोई देख लेगा तो ..”

वो घबराई हुई थी

“और ऐसा हाल क्यो बना लिया है “

कहते कहते ही उसका गला भर गया ,उसकी आंखों से पानी तो नही झर रहा था लेकिन उसकी आवाज से जरूर पता चल रहा था की मेरी हालत देखकर उसे दुख ज़रूर हुआ होगा..

“अब कुछ बोलो भी “

“ठाकुर कहा है “

मेरे सवाल पर वो थोड़ी देर तक चुप ही थी,

“वो अभी बाथरूम में है उसके निकलने से पहले तुम यंहा से चले जाओ प्लीज् “

मैं उसे यू ही देखता रहा जैसे कोई खोया हुआ खजाना मेरे सामने हो..

“तुमने ही तो कहा था ना की देखो और इन्जॉय करो तो इन्जॉय करने आ गया था “

मेरे बातो में वो व्यंग था जिसे काजल अच्छे से समझती थी

“प्लीज् देव मैं जानती हु की तुम ये सब सह नही पाओगे ,देखो तुम्हारी हालत क्या हो गई है,”

उसके आवाज के दर्द को मैं महसूस कर पा रहा था ,मैं एक गहरी सांस लिया

“मुझे कुछ नही होगा तुम वो करो जो तुम यंहा करने आई हो “

पीछे से ठाकुर की आवाज आयी और काजल ने फोन काट दिया ,लेकिन पलटने से पहले ही उसने आंखों ही आंखों से मुझे समझया की मैं वँहा से चला जाऊ…

वो पलटी साथ ही उसने पर्दा भी खिंच लिया ,मेरे हेडफोन अब भी मेरे कानो में थे मैं उनकी बाते भी सुन सकता था..

“डार्लिंग अब और मत तड़फओ आओ इधर “

इस बार काजल ने कुछ नही कहा था लेकिन धम्म की आवाज से इतना तो मुझे समझ आ गया की वो बिस्तर में बैठ या लेट चुकी थी ,

“ओह मेरी जान क्या हुस्न पाया है तुमने मन करता है की कच्चा चबा जाऊ “

ठाकुर की ललचाई सी आवाज आयी ,लेकिन फिर भी काजल ने कुछ भी नही कहा

“क्या हुआ तुम्हे अभी तो अच्छी थी ???”

“कुछ अजीब सा लग रहा है ,”

“तबियत तो ठीक है “

“ह्म्म्म ,नही रुको...आज नही कभी और करते है “

“मैं सह नही पाऊंगा “

“जब जिंदगी भर के लिए कोई चीज मिल रही हो तो थोड़ा इंतजार कर ही लेना चाहिए “

पहली बार काजल की हँसी मुझे सुनाई दी लेकिन वो हँसी भी बड़ी फीकी सी लग रही थी

“आखिर हुआ क्या है ,??”

“कुछ नही जान बस आज नही ,मैं तुमसे वादा करती हु की ये पेंटी और ब्रा तुम्हारे ही हाथो से पहनूँगी लेकिन आज नही ,”

पता नही लेकिन ठाकुर जरूर झल्लाया होगा

“ठीक है जाओ “

‘थैक्स मेरी जान “काजल ने शायद उसके गालो को चुम्मन दिया था या उसके होठो को ??

लेकिन थोड़े ही देर में मेरे पास उसका काल आ गया

“मुझे घर में मिलो अभी “

मैं चुपचाप ही वँहा से निकलकर घर की ओर चल पड़ा …..

 
सोफे में बैठा हुआ मैं अपनी ही सोच में पड़ा हुआ था ,की दरवाजा खुला और काजल अंदर आयी वो बहुत ही गुस्से में लग रही थी ,

मेरे हाथो में स्कोच का एक पेग था,

“तुम्हे जरूरत क्या थी देव वँहा जाने की “

मैं खामोश रहा और एक सिप लगाई

“बोलो अब चुप क्यों हो ,जब सह नही सकते तो दूर ही क्यो नही रहते,वँहा बैठे रो रहे थे और यंहा बैठे हुए दारू पी रहे हो ..अब बोलो भी “

ऐसा लगा जैसे वो अब तब रोने ही वाली हो, मैं खड़ा हुआ और उसे अपने सीने से लगा लिया ..

“मैं वँहा तुम्हे देखकर उत्तेजित हो गया था काजल मुझे माफ कर दो तम्हारे और ठाकुर के फोरप्ले का मैं आनन्द उठाने लगा था,मैं इसी ग्लानि से भर गया…”

उसने मुझे खुद से दूर किया और मेरी आंखे में झांका वो अब मुस्कुरा रही थी

“तुम सच में उत्तेजित हो गए थे”

“हा”मैंने मासूमियत में सर हिलाया

वो जोरो से मेरे गले से लग गई

“वाओ यानी तुम जब तक नही झड़े तब तक तुम्हे सब कुछ अच्छा लगा “

मैं फिर से सर हिलाया

वो बहुत ही खुस हो गई

“यानी तुम तैयार हो बस इतना करना की अब की बार झड़ना नही “

मैं आश्चर्य से उसकी ओर देखने लगा

“मैं आज ही ठाकुर को फिर से बुलाती हु ,तुम तो जानते हो होंगे की उसने मुझे एक गिफ्ट दिया था “

मैं बिल्कुल ही शॉक हो गया

“तुम पागल हो गई हो नही नही मैं ये नही कर सकता “

उसने प्यार से मेरे गालो को किस किया

“मेरी जान तुम तो ये पहले भी कर चुके हो “

हम दोनो ही थोड़ी देर तक चुप थे और एक दूसरे की आंखों में देखते रहे

“मैं जानती हु ये कितना डरावना हो सकता है लेकिन मुझे उम्मीद है की तुम इसे इन्जॉय करोगे ,सोचो आज तो तुम्हे पता नही था की मैं क्या करने वाली हु .लेकिन अगर ये तुम्हारी इजाजत से हो तो बात ही कुछ और होगी..”

काजल की बातो से मेरे दिल से खून निकल गया था

मैं कैसे अपनी बीवी को किसी दूसरे का बिस्तर गर्म करने की इजाजत दे सकता था

“ये मैं कैसे कर सकता हु “मैं भड़क गया

“तुम ही ये कर सकते हो देव “

“आखिर कैसे “

मैं चिंतित था

“बस तुम कह दो की हमारे बीच का प्यार इससे कम नही होगा मैं दुनिया के साथ सो सकती हु अगर तुम कहो “

मैं बौखला गया था

“तुम तो वैसे भी सो रही हो और उसके मजे भी ले रही हो ,क्या मैंने ये नही देखा था की तुम कैसे सिहर रही थी क्या तुम्हारे मजे से लिए गए हुए सारे सिसकियां मैने नही सुनी है ,मैं जानता हु की तुम मजे ले रही थी और मैं ये भी समझने लगा हु की तुम अपने मजे के लिए मुझे cuckold की ओर धकेल रही हो …”

मैं गुस्से में तमतमा गया था

“मतलब है की तुम्हे ये नही लगता की मैं तुमसे प्यार करती हु “

वो भी भड़क गई थी

“नही नही लगता की तुम मुझसे प्यार करती हो ,तुम तो अपने बदले और जिस्म की आग में जल रही हो और इसमें तुमने ना सिर्फ मुझे घसीटा है बल्कि मेरी बहनों को भी घसीट लिया ,क्या मुझे ये नही पता की निशा की इस हालत की जिम्मेदार भी तुम ही हो “

मेरे मुख से निकले कड़वे शब्द उसके सीने को छलनी करने लगे थे

“तूम अपनी बहनों के बारे में सोच रहे हो देव ,तुम जो की खुद ही अपनी बहन के साथ सोता है …”

मैंने एक जोर का तमाचा उसके गाल में लगा दिया और एक गहरा सन्नाटा कमरे में छा गया था

मेरी आंखों से आंसू की बूंदे निकल गई ये पहली बार था जब मैंने काजल को मारा था ,उसका गोरा चहरा लाल हो चुका था

वो मुझे भरे हुए नयनो से देख रही थी …

“क्या ये सच नही देव की तुम मोहनी और शाबनम के साथ भी सो चुके हो”

मैं सन्न रह गया ,

“और ये भी क्या सच नही की अगर तुम्हे मौका मिले तो तुम दूसरी लड़कियों के साथ भी सो सकते हो …”

हा जो काजल ने कहा था वो सच में बिल्कुल ही सच था

“देव जब तुम इसमें मजा ले सकते हो तो मैं क्यो नही बस इतनी सी बात तुम मुझे बता दो “

मैं फिर से चुप हो गया

“तुम पैसे और पावर के लिए ये सब कर रही हो “

मैं धीरे ही सही लेकिन बोल पाया

“हा हा हा “वो जोरो से हँसी

“अगर मजे के साथ साथ ये भी मिलता है तो क्या गलत है “

तार्किक रूप से उसकी बात भी सही थी

“लेकिन तुम मेरी पत्नी हो और मैंने जो भी किया वो तुम्हारे बाद किया जब मुझे पता चला की तुम ऐसा करती हो ,शुरुवात तुमने की थी,और तुमने मुझसे झूठ बोला “

“कौन सा झूट देव “

“यही की …….यही की …”

मैं बुरी तरह से कांप गया मुझे कोई झूट याद ही नही आया था

“लेकिन ये धोखा तो था ,तुमने झूट नही कहा लेकिन तुमने मुझे कुछ बतलाया भी तो नही था …….”

वो मुझे देख कर हँस रही थी मानो मुझे चिढ़ा रही हो

“देव मेरी जान तुम सच में भोले हो “

मैं सच में पगला गया था

“मैंने तुम्हे धोखे में रखा था लेकिन अब तो मैं तुम्हे सब बता रही हु ...अगर वफ़ा है तो इतना करना की मेरा साथ दो “

“किस बात का साथ चुदवाने का “

वो फिर से खिलखिला उठी

“हा चुदवाने का ,दूसरे से चुदवाने का तुम्हारी परमिशन के साथ “

उसकी आवाज में एक गुस्सा साफ झलक रहा था

उसने अपना बेग उठा लिया और वो बाहर जाने लगी

“मैं वही जा रही हु अपना गिफ्ट ठाकुर से पहनने ...तुम्हे अगर देखना है तो आ जाना ,और हा एक चीज और मुझे बहुत मजा आने वाला है ठाकुर का लंड बहुत ही बड़ा है तुमसे भी बड़ा…”

वो गुस्से में जाते जाते दरवाजे को जोर से बंद कर गई और मैं बस यही सोचता रहा की अब क्या करू ………..

 
कभी जिंदगी इतनी शिद्दत से लेती है की हमे समझ ही नही आता की हमारी ली जा रही है …

यही मेरे साथ भी हों रहा था जिंदगी मेरी शिद्दत से ले रही थी और मैं बस इसी सोच में पड़ा हुआ था की मैं क्या करू ..

मैं मोबाइल उठाकर हरिया को काल किया ..

“जी सर बोलिये “

“हरिया वो जो रांड तेरे फॉर्महाउस में बार बार आती है वो मेरी बीवी है ,”

मैं नशे में था और मैं बोल गया

वो चुप था बहुत देर तक बस चुप था

“हैल्लो “

“हा सर “

“तूने सुना ना मैंने क्या कहा “

“सुन लिया सर और वो अभी यंहा आयी हुई आई किसी का इंतजार कर रही है “

मैं जोरो से हँस पड़ा मुझमें इतनी ताकत भी नही बची थी की मैं गाड़ी चला सकू मैं बुरी बोतल ही पी गया था ,

“वो साला ठाकुर आने वाला होगा ,”

:इंस्पेक्टर ठाकुर ??”

“हा वही “

“जी सर अपने सही कहा उन्होंने ही फिर से मुझे फोन कर कहा था की वो आने वाले है और शराब की व्यवस्था उनके कमरे में कर दी जाए “

“तो तुमने कर दी क्या “

मैं टुन्न था

“हा सर कर दी एक बोलत शेम्पियन की और और बोतल स्कोच की रखवा दी है मेडम अभी हाल में ही उनका वेट कर रही है “

“मेडम यानी रंडी ..है ना “

मैं फिर से जोरो से हँस पड़ा लेकिन आगे से कोई भी रिप्लाय नही आया

“क्या हुआ तू चुप क्यो है “

“सर क्यो दर्द झेल रहे हो तलाक दो और काम खत्म करो अगर आप ये सब जानते हो तो आप उनके साथ है ही क्यो ??”

उसका प्रश्न मेरे दिल में घुस गया था

“क्योकि मैं उससे प्यार करता हु “

“ये कैसा प्यार है ??”

वो भी बड़ा बेचैन हो गया था

“छोड़ यार ...तू बहुत अच्छा आदमी है तुझे मैं उस फार्महाउस को गिफ्ट में दूंगा ये मेरा वादा है तुझसे …”

मैं इतना ही बोल कर फोन रख दिया,मैं सामने देखा तो दंग ही रह गया

सामने मेरी बहन पूर्वी खड़ी हुई मेरी बात को सुन रही थी ,मैं इतने नशे में था की मुझे सब कुछ धंधला दिख रहा था

वो स्तब्ध खड़ी हुई थी ,उसे देखकर मुझे बहुत ही प्यार आया

“मेरी जान आ जा आ मेरे पास बैठ “

वो मेरे पास आकर बैठ गई

“कब आयी तू “

मैंने उसे अपने सीने से लगा लिया

“अभी जब आप बात कर रहे थे “

वो रो रही थी मुझे अभी पता चला था

“क्या हुआ तुझे रो क्यो रही है “

“आप इतना क्यो पी लिए हो भइया और भाभी को क्या हुआ ,वो कहा गई है और क्या ऐसा हो गया की आप उनके बारे में ऐसा बोल रहे हो “

शायद वो सब कुछ सुन चुकी थी

मैं पूरे नशे में ही था और मैं उससे झूठ भी नही बोल पाया

“वो अपने यार से चुदवाने गई है “

पूर्वी का क्या रिएक्शन था मुझे नही पता क्योकि मुझे सच में कुछ भी सही नही दिख रहा था

लेकिन उसने अपना हाथ मेरे गालो पर रख दिया

“आई लव यु भइया “

मैंने उसे देखा वो थोड़ी धुंधली सी मुझे दिखाई दी ,असल में 2-3 सूरत मेरे सामने घूम रही थी मैंने उसे पकड़ा और उसके होठो में अपने होठो को मिला दिया थोड़ी देर किस करने के बाद

“आई लव यु मेरी जान “

उसके रोने की आवाज मुझे सुनाई दे रही थी

“भइया अपने बहुत ही पी ली है प्लीज चलिए सो जाइये “

“नही मैं बिल्कुल भी नही पिया हु ,अभी तो मुझे अपनी बीबी को चुदवाते हुए देखना है ,मैं फार्महाउस जाऊंगा और वँहा जब मेरी बीवी की चुद ठाकुर मार रहा होगा तो मैं उसे देखकर अपना हिलाऊंगा ...हा हा हा मैं एक वो क्या कहती है काजल cuckold हा मैं तो एक cuckold हु मेरा जन्म भी तो इसी के लिए ही हुआ है मेरी बहन की मैं अपनी पत्नी को जिसे मैं शादी कर लाया था 7 वचन कर के लाया था ,उसे मैं दूसरे के बिस्तर में देखने के लिए ही तो जन्मा हु…”

मैं फुट फुट कर रोने लगा पूर्वी ने मुझे अपने सीने से लगा लिया था …

वो भी रो रही थी और मैं भी …

एक लड़की और उसकी एक जिद ने हम दोनो को रोने में मजबूर कर दिया था ..

मैं जानता था की ये मेरी बहन है वो बहन जिसे मैं दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करता हु ,वो मेरी बच्ची थी मेरी छोटी बहन थी लेकिन मैं उससे इस तरह की बाते कर रहा था

अब मुझे पता चला था की मैं दुनिया का सबसे किश्मत वाला आदमी हु लोगो के पास गर्लफ्रेंड्स होती है बीबी होती है ,मेरे पास मेरी बहने है जिनसे मैं दुनिया की सब बाते कर सकता हु ..

मुझे आज पूर्वी के सीने से लगकर लगा की मेरी दुनिया कितनी हसीन है मेरे पास प्यार करने वालो के कमी नही है ,

काजल ने अगर वो फैसला किया जिसके कारण मैं दारू के नशे में डूब गया तो वो भी मेरे ही कारण किया था वो तो बेचारी सब छोड़कर मेरे पास आ रही थी मैंने ही उसे उकसाया उससे तमीज से पेश नही आया था ,

गलत सही का फैसला करने वाला है कौन ???

मैं भी तो गलत था या सही था ,वो भी तो गलत थी या सही थी …

और ये मेरी बहने है मेरी जान है ,जो मेरी हर गलतियों को सहकर भी मुझसे प्यार करती है ..

मैंने पूर्वी के माथे को चूमा ..

और उठ कर खड़ा हुआ ..

“मुझे फॉर्महाउस जाना है “

पूर्वी जरूर चौकी होगी

“भइया आप पागल हो गए हो क्या देखो अपनी हालत ऐसे में गाड़ी कैसे चलाओगे..”

“तू चलाएगी मुझे वँहा ले जा मैं काजल दो देखना चाहता हु ..”

पूर्वी जोरो से चीखी

“भइया आप पागल हो गए हो क्या ,नही आप मेरे पास रहोगे “

वो रोने लगी थी जिसकी आवाज मुझ तक पहुच रही थी

“भइया प्लीज् “

“प्लीज् मेरी जान समझ मेरी बात को मैं दुखी नही हु ,मुझे समझ में आ गया है की प्यार क्या होता है ,प्यार जिस्म को नही देखता वो देखता तो बस मन को और सच मान तेरी भाभी दूसरे के साथ भी बिस्तर में उतनी ही गर्म है जितनी मेरे साथ होती है …”

मैं उठ कर कर की चाबी निकाल कर बाहर जाने लगा ,

“भइया आप क्या बोल रहे हो वो आपको पता नही है आप सच में पिये हुए हो “

“मैं क्या बोल रहा हु मुझे पता है और मैं किससे बोल रहा हु ये भी मुझे पता है ...,तू मेरी जान है दुनिया में अगर मैं सबसे ज्यादा प्यार किसी से करता हु तो वो तू ही है …”

मैंने पूर्वी के गालो में एक किस किया

“और मैं चाहता हु की तू कर ड्राइव करते हुए वँहा ले जा जंहा काजल ठाकुर के साथ है ,तुझे अजीब जरूर लगेगा की तेरा भइया पागल हो गया है लेकिन सच में जान मैं पागल नही हूं मैं तो बस दीवाना हो गया हु तेरा ,निशा का, काजल का,शाबनम का और थोड़ा थोड़ा रश्मि और मोहनी का भी ...वो जो भी करे लेकिन मुझे तो वो सब ही अच्छा लगता है …”

दारू मेरे दिल की बात को जुबान पर ला रही थी लेकिन पहली बार मैंने अपनी बहन के होठो में एक मुस्कुराहट देखी थी वो थोड़ी सी हँसी

“आप आज सच में पागल हो गए हो ,बस चुपचाप बैठना चलो मैं आपके साथ हु देखते है आज आप क्या तूफानी करते हो “

वो मेरे गले से लगकर मुझसे चाबी लेकर मेरे सामने चलने लगी और मैं उसके पीछे लग गया …..

पूर्वी के साथ बैठा हुआ मैं अपने में मगन होकर फॉर्महाउस की तरफ चल दिए थे ,गाड़ी अपनी रफ्तार से चल रही थी..

“पूर्वी वो तेरे भाभी की पेंटी खोलकर नई पेंटी पहनाने वाला है ...मुझे क्या करना चाहिए …”

मेरे सवाल से नही पूर्वी मेरे बात करने के तरीके से चौकी होगी,इतना खुलकर मैंने उससे कभी बात नही की थी

“मार दो उसे जो भाभी पर हाथ डाले”

पूर्वी ने दृढ़ता से कहा

“अच्छा मैं भी तो यही चाहता हु लेकिन….लेकिन तेरी भाभी अपने मर्जी से वँहा गई है उसका क्या करू “

वो भी सोच में पड़ गई थी

“दोनो को ही मार डालो ..”

उसने एक सपाट सा उत्तर दिया..मेरी बहन ..

मैं उसे किस करने के लिए उसके पास गया और उसके गालो में किस कर लिया

“भइया सीधे बैठो ना क्या कर रहे हो “

वो भी हड़बड़ाई

“लेकिन मुझे भी मजा आ रहा था जब वो तेरी भाभी के साथ ये कर रहा था तब क्या करू “

वो सोच में पड़ गई बहुत देर तक वो कुछ भी नही बोल सकी

“बोल ना क्या करू “

मैं अभी भी नशे में था और हिल रहा था

“जो आपकी मर्जी वो करो मुझे मत पूछो “

वो गुस्से में बोली और मैं हँस पड़ा

क्या जिंदगी हो गई है जिन्हें मुझे सम्हालना था वो मुझे सम्हाल रहे थे

फॉर्महाउस आते ही मैं एक लोहे का रॉड अपने कार से निकाल कर रख लिया और बाहर मुझे हरिया मिल गया ..

“ठाकुर आया क्या “

“सर आप बहुत नशे में है प्लीज् अंदर मत जाओ कुछ गलत हो गया तो “

“बे तू चिंता क्यो कर रहा है मैं सब सम्हाल लूंगा कुछ नही होगा ,ठाकुर आया की नही “

“अभी आया है “

“तो हट सामने से “मैं लड़खड़ाता हुआ गार्डन में पहुचा मेरे साथ ही साथ पूर्वी भी चल रही थी मैं रॉड को जमीन में घसीट रहा था जैसे मैं कोई साउथ का हीरो हु...लेकिन मैं क्या करने वाला था ये तो मुझे भी नही पता था ..

मेरी बहन ने कह रखा था की दोनो को मार दो लेकिन मैं अभी भी सीरियस नही था क्योकि मुझे खुद भी होशं नही था की मैंने क्या सुना था और मैं क्या करने जा रहा था …

मैं वँहा पहुचा जंहा मैंने जगह बना रखी थी अंदर देखने के लिए

,पूर्वी मेरे बाजू में खड़ी थी ..असल में मैं खड़ा भी नही हो पा रहा था मैं अब भी लड़खड़ा रहा था

मैं अंदर झांका और खिलखिला उठा

“देख तेरी भाभी क्या कर रही है “

पूर्वी अंदर झांकने लगी

अंदर काजल बिस्तर में लेटी हुई थी और ठाकुर उसके साड़ी से खेल रहा था

“भइया मार दो इन दोनो को “

पूर्वी कांप रही थी ,मैं उसे देखकर उसे फिर से उसके गालो में किस किया

“रुक ना अभी तो शो शुरू हुआ है देखने तो दे की आगे क्या क्या होता है “

पूर्वी शांत हो गई मैं फिर से देखने लगा

वो काजल के कपड़े खोल रहा था मुझे याद आया की मेरे पास हेडफोन है मैंने उसे अंदर लगे है डिवाइस से कनेक्ट किया और एक पूर्वी के कानो में भी डाल दिया ..

डर क्या होता है जैसे मुझे पता ही नही हो मैं बिल्कुल ही निडर हो गया था ये शायद मेरे द्वारा पी गई स्कोच की बोतल का कमाल था …

“आह जल्दी करो ना “

काजल मचल रही थी

“ये साला तेरी साड़ी खुल क्यो नही रही है “

ठाकुर बहुत ही जल्द बाजी में था आज ही उसने थोड़ी देरी की थी और काजल का पूरा मूड ही बदल गया था अब वो देरी नही करना चाहता था

जैसे तैसे वो साड़ी को खोल ही गया

काजल अभी मेरे सामने आधी नंगी लेटी हुई थी उसके बदन में साड़ी नही थी वो ब्लाउज और पेटीकोट में अंदर लेटी हुई थी और ठाकुर पूरा नंगा खड़ा हुआ था उसका बड़ा सा लिंग जो सच में बहुत बड़ा लग रहा था वो पूरे लंबाई में खड़ा हुआ था ..

अचानक ही वो उसके पेटीकोट से खेलने लगा और उसके नाड़े को निकालने की जद्दोजहत करने लगा..

काजल ने अपना सर घुमाया और हमारी ओर देखा जैसे हमे देख रही हो ,मैंने यही सोच कर ये खिड़की चूस की थी क्योकि इसमें जो कांच लगा था उससे दिन में अंदर आराम से देखा जा सकता था लेकिन अंदर से बाहर नही देखा जा सकता था क्योकि अंदर प्रकाश ज्यादा और बाहर प्रकाश कम होता था ,लेकिन काजल हमारी ओर ऐसे देख रही थी जैसे उसे पता था की मैं उसे इस खिड़की से देख रहा हु,वो मुस्कुराई …

ठाकुर अभी भी काजल के पेटीकोट के नाड़े में बिजी था लेकिन काजल ने अपना मोबाइल अपने हाथो में ले लिया और कुछ टाइप करने लगी जो मेरे पास मेसेज बनकर आया

“देखने का मजा ही कुछ और है अब देखो और इन्जॉय करो “

ये मेसेज पूर्वी ने मुझे पड़कर सुनाया था क्योकि मुझे साफ दिख ही नही रहा था

काजल हमारी ओर देखकर फिर से मुस्कुराई

“भइया ये हो क्या रहा है ??भाभी को पता है की आप उन्हें देख रहे है …”

वो बेचारी मेरी छोटी सी गुड़िया बुरी तरह से कन्फ्यूज़ थी

“हा वो मुझसे गुस्सा है और यंहा चली आयी “

“आप पागल हो या वो पागल है ये हो क्या रहा है ….”

“तू देख ना और फिर बताना क्या करू तू जो बोलेगी वही मैं करूँगा दोनो को मार दूंगा या खुद मर जाऊंगा”

मैं उसे सामने कर दिया और खुद उसके पूछे सट ले नजारा देखने लगा

अंदर कामाग्नि में जलाते हुए दो बदन आपस में गुथे जा रहे थे,ठाकुर उसका नाडा खोलने में कामयाब हो गया था और अब देर ना करते हुए काजल के ऊपर खुद गया था ,जैसे मैं भी उस सीन का ही एक हिस्सा बन गया था मैं आंखे गड़ाए हुए उसे देख रहा है जैसे की मैं कोई मूवी देख रहा हु ,मेरे सामने मेरी बहन थी मेरी छोटी बहन जो अब तक शायद कन्फ्यूज़ ही थी की ये हो क्या रहा है ,वो शायद अपने को ही कोश रही होगी की वो क्यो उस समय वँहा गई …

मैं पीछे से उससे चिपका हुआ था और मेरा हाथ खिड़की से लगा हुआ था ,मेरे दोनो हाथो के बीच पूर्वी समाई हुई थी ,उसने एक बार मुझे बुरा सा मुह बनाकर देखा ,मैं मुस्कुराते हुए उसके गालो में किस कर गया ,वो फिर मुह बनाते हुए आगे देखने लगी ,उसे मुझपर बहुत गुस्सा आ रहा होगा लेकिन वो मेरे प्यार के कारण ही मुझसे कुछ कह नही पा रही थी …
 
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