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रेशमा - मेरी पड़ोसन complete

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रेशमा के साथ सुहागरात मनाने को मैं तैयार था

मैं रेशमा को फिर से प्यार करने को बेताब था

और अब तो इतने जल्दी मौका भी मिल गया

आज तो रेशमा की गुलाबी पिंकी को मैं अपने लंड से लाल कर दूँगा.

रेशमा के साथ कबड्डी खेलने का समय आ गया था.

थोड़ी देर हम ऐसे एक दूसरे के बदन की गर्मी को फील करने लगे.

और रेशमा का मुँह मैं ने बंद कर दिया.

रेशमा के रेड होंठो से मेरे होंठ मिल गये. और इसकी के साथ हमारे प्यार करना शुरू हो गया.

मैं ने रेशमा को अपने साथ प्यार करने को तैयार कर लिया.

रेशमा जैसी खूबसूरत औरत का साथ मिले बेड पे तो जो मज़ा आएगा प्यार करने मे उसको

इमॅजिन भी नही कर सकते

पार्टनर अगर दिल से प्यार करने वाला मिल जाए तो बेड टूट जाते है.

पार्टनर जानवर बन कर प्यार करे तो कपड़े फट जाते है.

और मैं जानवर बन गया तो चूत और गंद फट जाती है.

अब देखना है रेशमा मेरा कितना साथ देती है.

अभी तो रेशमा के होंठो से स्टार्ट किया है. बहुत लंबा सफ़र तय करना है.

रेशमा के मुँह के बाद चूत फिर गंद का नंबर आएगा. पर पहले मुँह तो मीठा कर दूं

रेशमा के होंठो मे काफ़ी रस जमा हो गया था. अगर यहाँ ये हाल है तो नीचे क्या होगा.

आज तो मेरी किस्मत खुल गयी है.

रेशमा मेरी हो गयी

मैं रेशमा के दोनो होंठो को बारी बारी चूसने लगा.

रेशमा भी मुझे किस करते हुए मेरा साथ दे रही थी.

इस किस को और मज़ेदार बनाने के लिए मैं ने किस करना बंद किया.और ब्लंकेट की निकाल कर फेक

दिया

रेशमा मेरे शरीर को देख कर अपने हाथ अपने बदन पर घुमाने लगी.रेशमा साड़ी मे थी तो

मैं नंगा था

रेशमा मेरे लंड की सुंदरता की कल्पना करने लगी.

मैं ने अपने लंड पर हाथ लगा कर रेशमा को दिखाया.

रेशमा ने मेरी तरफ उंगली दिखा कर अपनी तरफ आने को कहा.

मेरे उसके पास आते ही उसने लंड को पकड़ लिया.और लंड की ताक़त हार्डनेस को फील कर खुश हो गयी.

उसकी खुशी को जानने के लिए मैं उसके उपर आकर किस करने लगा.और उसकी साड़ी निकाल दी

अब तो किस करने मे डबल मज़ा आ रहा था .एक तो हम नंगे थे जिस से एक दूसरे के बदन को

रगड़ने से मज़ा आ रहा था. और रेशमा मेरे लंड की ताक़त और बढ़ाने के लिए मुझे जोश के साथ

किस कर रही थी.

मैं भी रेशमा के प्यारे होंठो को जिसने मेरी इतनी तारीफ की है उसको चूसने लगा.

रेशमा को मेरे साथ प्यार करने से अच्छा लग रहा था.

रेशमा को प्यार वाला सेक्स चाहिए जिसमे पार्टनर की खुशी का ध्यान रखा जाए.

रेशमा इसी लिए अपने दिल से मुझे किस कर रही थी.

रेशमा को मेरे बारे में सब अच्छा लग रहा था. उसे उम्मीद थी कि आज उसे बहुत प्यार मिलेगा.

रेशमा की ऐसी चुदाई करूँगा कि उसे मुझसे जो चाहिए वो मिल जाए. अब तक उसने अपने हज़्बेंड से

उम्मीद लगाई हुई थी पर वो उम्मीद पूरी नही हुई. पर मैं रेशमा को उसकी खुशी लौटाने की पूरी

कोशिस करूँगा.

रेशमा के नशीले होंठो का नशा मैं पीने लगा.ताकि मैं अपने लंड को एक्सट्रा एनर्जी दे सकूँ.

इस नशे को मैं वापस रेशमा को पिलाने लगा. अपनी जीभ रेशमा के मुँह मे डाल कर.

रेशमा खुद के होंठो का नशा पीने से और नशीली हो गयी. नागिन से ज़्यादा नशा रेशमा मे था.

मैं रेशमा को ऐसा प्यार करना चाहता था कि वो इस पल को हमेशा याद रखे

हम किस करने मे पूरी तरह से खो गये थे.

ऐसे खो गये कि हम किस करते हुए एक दूसरे के होंठो को काटने लगे.

काटने के दर्द से हमारा जोश बढ़ कर किस को वाइल्ड बना रहा था.

क्या किस था हमारा, उसके नाख़ून मेरी पीठ मे चुभ रहे थे. तो मैं उसके रेशमी बालो को

बिखरा रहा था.

किस करने मे जिस तरह रेशमा साथ दे रही थी उस से चुदाई करने मे मज़ा आने वाला था.

रेशमा ने मेरे नीचे होंठ को ज़्यादा चूसा था .और मैं ने तो एक बार रेशमा के दोनो होंठो के

अपने होंठो के बीच मे लिया था.

किस करने की एक लिमिट थी हम ने वो लिमिट भी पार कर ली.

लेकिन हमे किस को रोकना था.हमे सास लेने की ज़रूरत थी.मैं बिनारेशमा को प्यार किए मरना

नही चाहता था

रेशमा और मैं एक दूसरे के तरफ देख कर हाँफने लगे.

रेशमा ने मुझे ऐसे देखते हुए अपनी आँखे बंद की.

और अपने रेशमी बालो से अपने चेहरे को छुपाने लगी .

रेशमा को उसका नाम सूट करता है.उसके रेशमी बालो पर उसका नाम बदल कर रेशमा रखा

होगा ऐसा लग रहा था.

मैं ने रेशमा की आँखो पे किस किया और ऐसे किस करते हुए नीचे आने लगा.

गर्दन से होते हुए मैं ने रेशमा के बूब्स पर एक किस किया और नीचे चला गया.

रेशमा के बूब्स को मैं ने प्यार किया था अब डाइरेक्ट चूत पर जंप मारता हूँ

नाभि पे किस करके रेशमा के बदन मे गुदगुदी पैदा की ताकि चूत पर जाते ही उसका मूड खिल जाय

चूत पर किस करते ही रेशमा के बदन मे हलचल होनी शुरू हो गयी.

रेशमा की चूत तो अभी से डर के काप रही है.

मैं अपना झंडा रेशमा की चूत मे डालूँगा तो चूत मेरा साथ नही देगी.

मुझे रेशमा की चूत का डर ख़तम करना होगा.

रेशमा की चूत को पहले प्यार करना होगा.

रेशमा की चूत को खुश करता हूँ. अपना दीवाना बनाता हूँ ,फिर वो खुद मेरी गोद को अपनी

सवारी करने को बोलेगी.

रेशमा की चूत देखते मुँह ने पानी आ गया.

सच मे रेशमा की चूत पिंक कलर की दिख रही थी. दुल्हन से ज़्यादा सुंदर चूत थी.

इस रेशमा की चूत पे हज़ारो कुवारि चूत कुर्बान कर दूं.

रेशमा की पहली चुदाई को ज़्यादा टाइम नही हुआ था .पर दिखने से टाइट लग रही थी

मैं ने रेशमा की चूत के होंठो को खोल कर देखा. उसके होंठ आराम से खुल गये और मुझे

जन्नत दिख गयी.

जन्नत कहीं है तो यही है.

रेशमा की चूत को और गीली करवाने का टाइम आ गया.

मैं ने शुरुआत किस करने से की. किस एक 2 करके रुकने वाला नही था.

मैं ने किस की बारिश कर दी.अपनी चूत पर मेरे होंठ महसूस करते ही रेशमा के मुँह आहह निकल

गयी.

रेशमा ने अपनी आँखे खोल कर मुझे देखा.और मुझे अपनी चूत पर किस करते हुए देख कर

शरमाने की जगह मज़ा लेने लगी.

चूत चूसवाना किसी को भी पसंद होता है. ऐसे मे मेरी जीभ उस पे तलवार चलाने का काम

करती

रेशमा की चूत ढीली हो गयी थी मेरी एक चुदाई से जिस से उसका दाना मेरी जीभ के कॉंटॅक्ट मे अच्छे

से आने लगा.

दाने पर मेरी जीभ से रेशमा हवा मे उड़ कर पूरी दुनिया घूमने लगी.

मैं ने अपनी जीभ को रेशमा की गहराई मे डालना शुरू किया.

रेशमा की चूत इतने दिनो बाद किसी के प्यार को पा कर खुश थी.

खुशी के मारे रेशमा की चूत धीरे धीरे रोने लगी.

उसके ऐसे रोने से मैं भी मस्ती मे आकर उसका सारा पानी निकालना चाहता था

रेशमा की ऐसी चूत मे मज़ा आ रहा है तो कुवारि होती तो मे कितना आता

और मैं मज़ा कैसे लेता हूँ ये मुझसे ज़्यादा मेरी जीभ जानती है. क्यूँ कि वो मज़ा लेती थी.

मैं अब तक अपने कंट्रोल मे था और रेशमा मज़ा ले रही थी. फिर मैं मज़ा लेने लगा और रेशमा

ने अपना कंट्रोल खो दिया.

मेरे मज़े करने से रेशमा की पिंकी ने पानी छोड़ना शुरू किया.

रेशमा की चूत से जो पानी निकला वो टेस्ट मे अलग था.

और नयी चीज़ मुझे हमेशा अच्छी लगती है.

मैं रेशमा का पानी पीकर खुश हो गया.

रेशमा की चूत का पानी सफाचट कर दिया.

पानी पीने के बाद मैं ने रेशमा की तरफ देखा

रेशमा इस प्यार से खुश थी

खिल गयी थी रेशमा

______________________________
 
मैं ने लंड को रेशमा की चूत पर सेट किया

लंड के चूत से टच होते ही रेशमा के बदन मे बिजली दौड़ गयी.

मैं ने रेशमा के पैरो को और खोल दिया जिस से लंड ठीक तरह से रेशमा की चूत पर अड्जस्ट हो

गया.

पहला झटका मारकर लंड को चूत मे 3 इंच तक अंदर डाल दिया.

रेशमा की चूत ने मेरे जितना मोटा लंड अभी अभी लिया था.

जिस की वजह से मेरा लंड चूत को रगड़ते हुए अंदर चला गया

चूत की मसपेशियो ने लंड के हिसाब से अड्जस्ट करना शुरू कर दिया.

रेशमा के चेहरे पे दर्द की हल्की सी लकीर आई थी.

इतना दर्द तो होता ही है.

मैं ने लंड को 1 इंच तक बाहर निकाल कर जोरदार झटका मार कर आधे से ज़्यादा लंड चूत मे डाल

दी

इस बार चूत को लंड के हिसाब से थोड़ा ज़्यादा अड्जस्ट करना पड़ा.जिस की वजह से रेशमा को ज़्यादा दर्द

हुआ.

रेशमा ने अपने होंठो को दबा कर रखा.

3र्ड और आख़िरी झटके के साथ जहाँ अभी तक वहाँ रेशमा का हज़्बेंड पहुँच नही सका वहाँ पर

मैं ने अपना झंडा गाढ दिया.

लंड चूत की गहराई मे जाकर वहाँ से पानी निकाल ने के लिए तैयार हो गया.

लंड ने चूत की नसों को फैला दिया, जिस से रेशमा के मुँह से दर्द भरी चीख निकल गयी.

आआहह ....मरररर....गाइिईई...तुम ने तूऊ.......आआहह

मेरे लंड पे चूत अपना दबाव बना रही थी.

लंड नयी चूत मे जाकर उछल रहा था.

मैं ने रेशमा के उपर आकर उसके होंठो को चूसना शुरू कर दिया.

रेशमा बस मेरा साथ दे रही थी उनको अपना पानी जल्दी निकालना था ताकि वो मेरे लंड का मज़ा

दर्द से नही बल्कि एंजाय करते हुए ले

इतना कह कर रेशमा ने अपनी टाँगे उपर उठा कर मेरी कमर पर लपेट ली और मुझे लंड को ऐसे ही

चूत मे हमेशा के लिए रखने के लिए बोल रही थी.

आज तक जितनी चूत मुझे मिली सब को मेरा लंड हमेशा के लिए चाहिए था.

रेशमा दर्द से छटपटा रही थी और मुझे कस के पकड़ कर रखा था. और लंड को हिलने नही दे

रही थी.

रेशमा ने अपनी टॅंगो से मुझे पकड़ रखा था .मैं ने अपने आप को रेशमा के उपर गिरा दिया. अब

मैं पूरी तरह से रेशमा से चिपक गया था

रेशमा से चिपक ने के बाद मुझे ऐसा लग रहा था कि रेशमा की चूत ने मेरे लंड को कस के

पकड़ लिया हो. और लंड वही रहने की तैयारी कर रहा है.

फिर मैने भी तब तक वैसे ही रेशमा से चिपका रखा जब तक रेशमा ने खुद अपनी गंद हिलाना शुरू

नही किया.

रेशमा की गंद हिलाना मेरे लिए इशारा था कि मैं अब उनकी चूत को फाड़ दूं.

रेशमा ने अपने पैरो को मेरे कमर से अलग किया .मुझे धक्के मारने के लिए आसानी हो गयी.

मैं ने धीरे धीरे रेशमा की चूत मे धक्के मारना शुरू किया.मुझे रेशमा के साथ चुदाई का

पूरा मज़ा लेना था.

हर धक्का मारते हुए रेशमा की आहह निकलते हुए देख रहा था

पहले तो धक्का इतने प्यार से मारने लगा जितना कभी वर्जिन चूत के साथ भी ना मारा हो.

लंड को रेशमा की चूत मे जाते हुए देखने मे मज़ा आ रहा था.

जैसे ही लंड पर चूत की पकड़ कम हुई वैसे मैं रेशमा के उपर आ कर धक्के मारने लगा.

मैं धक्के मारने से साथ रेशमा के होंठो को चूसने लगा. रेशमा की गीली चूत मे आराम से

लंड जा रहा था.

मेरा लंड जब चूत की गहराई मे जाता तो रेशमा की चूत मे कसाव आ जाता और चूत की दीवार

मेरे लंड से रगड़ने लगती जिस से मुझे मज़ा आ रहा था.

रेशमा की गरम गरम चूत मे लंड डालने मे और रगड़ने मे मज़ा आ रहा था.

मैं धीरे धीरे धक्के मार रहा था ,रेशमा शीष्कारिया लेते हुए मुझे ज़ोर दार धक्के मारने को

कह रही थी.
 
रेशमा की बात सुन कर मैं ने अपने धक्को की गति तेज़ कर दी. गति बढ़ते ही रेशमा ने मुझे कस

के पकड़ लिया. जिस से मेरा लंड रेशमा की चूत के दाने से रगड़ ने लगा.

मेरे साथ चुदाई करके रेशमा को बहुत मज़ा आ रहा था. रेशमा ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी और

अपनी गंद उछाल उछाल कर लंड चूत मे ले रही है.

मज़ा लेने के साथ रेशमा ने पानी की बारिश की और इस बारिश के साथ मैं ने लंड बाहर निकाल कर

पोज़िशन चेंज की

रेशमा को उल्टा लेटने को कहा था ,और पीछे से रेशमा की चूत मे धीरे धीरे लंड डालने लगा

इस पोज़िशन मे रेशमा की चूत और टाइट हो गयी थी जिस की वजह से मुझे चूत मे धक्के मारने मे

मज़ा आ रहा था.

मुझे मज़ा आ रहा था पर रेशमा को परेशानी हो रही थी.

मैं ने रेशमा को एक तरफ हो कर लेटने को कहा और रेशमा के पीछे लेट कर रेशमा के एक पैर को

उपर करके चूत मे लंड डाल दिया.

इस बार रेशमा को मेरे साथ मज़ा आने लगा. और मैं भी रेशमा की चूत का बॅंड बाजा बजाने

लगा.

रेशमा को मज़ा लेते हुए देख कर मैं भी अब पूरी ताक़त लगा कर रेशमा को दना दन पेल रहा

था.

रेशमा की चूत पानी पे पानी छोड़ कर बहुत गीली हो चुकी थी .रेशमा का पानी चूत से बाहर आ

रहा था.

चूत गीली होने से मेरा लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था .

हम दोनो पूरी जी जान लगा कर चुदाई कर रहे थे जिससे मेरी और रेशमा की साँसे तेज़ चल रही थी.

अब फिर से पोज़िशन चेंज करके पहली पोज़िशन पे आ गये और चुदाई का मज़ा लेने लगे.

चुदाई करते हुए बहुत समय हो गया था पर ना रेशमा अपना जोश कम कर रही थी और ना

मैं अपनी गति कम कर रहा था.

वापस चूत और लंड के खेल पर फोकस करने लगा.

लंड को धीरे धीरे बाहर निकालने लगा. लंड बाहर निकालने से चूत की मासपेसिया अपनी नॉर्मल

पोज़िशन मे आने लगी.

लंड को टोपे तक बाहर निकाल के बाद एक झटके मे पूरा लंड चूत मे डाल दिया.

अभी चूत की मासपेशिया नॉर्मल हो रही थी कि फिर से फैल गयी और रेशमा की फिर से चीख निकल गयी.

मैं ने फिर से लंड को वैसे ही बाहर निकाल कर 10 12 बार एक झटके मे अंदर डालता रहा.

हर बार जोरदार झटका पड़ने से चूत की नसें लंड के लिए फैल कर मज़ा लेने के लिए जगह बना

दी.

रेशमा मेरे झटके के साथ चीखने लग जाती. पर रेशमा की चीखो की आवाज़ धीरे धीरे कम होने

लगी.

रेशमा को मेरा इस तरह करना अच्छा लग रहा था इसी लिए मुझे रुकने को नही कहा.

फिर मैं ने धीरे धीरे रेशमा की चूत मे धक्के मारना शुरू किया.
 
रेशमा को मेरे लंड से धक्के खाने मे मज़ा आ रहा था.

रेशमा शीष्कारिया लेते हुए मुझे ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने को कह रही थी.

मैं ने रेशमा की बात मानते हुए अपनी गति बढ़ा दी.

जोरदार तरीके से रेशमा की चूत को मारने लगा.

रेशमा मेरे लंड के वार को ज़्यादा देर बर्दास्त नही कर पाई और मेरे लंड को अपनी चूत के पानी

से नहला दिया.

मैं उसी पोज़िशन मे रेशमा की चूत मारता रहा .

पानी निकलने से रेशमा ठंडी पड़ गयी थी और फिर से धक्के खाने से फिर जोश मे आ गयी.

रेशमा के जोश मे आते ही मैं ने लंड बाहर निकाल लिया और बेड पर लेट गया.

रेशमा-क्या हुआ

अवी-मेरे उपर आ जाओ

रेशमा मेरे लंड पर अपनी चूत रख कर बैठ गयी.

इस तरह प्यार करना रेशमा के लिए नया था

वो मेरे साथ प्यार खुल कर करना चाहती थी

और मस्ती करते हुए लंड पर उछलने लगी.

मैं भी नीचे से धक्के मार रहा था .जिस से रेशमा को ज़्यादा मज़ा आ रहा था.

मज़ा जितना ज़्यादा आएगा चूत से पानी भी ज़्यादा निकलेगा.

रेशमा मेरे लंड पर उछलते उछलते झड गयी .और मेरे लंड पर बैठ गयी

पर रेशमा आज रुकने वाली नही थी

रेशमा मेरे उपर से उठ गयी और घोड़ी बन गयी.

मैं रेशमा के पीछे आ गया. और एक झटके मे लंड अंदर डाल दिया.

एक झटके मे दूसरी पोज़िशन मे ,रेशमा की एक चीख निकल गयी.

मैं अपने काम मे लगा हुआ था.

घोड़ी बनाकर चुदाई करने मे ,धक्के मारने मे ज़्यादा मज़ा आता था.

घोड़ी बनाकर हर धक्का जोरदार लगने लगता था.

हर धक्के के साथ चुतड़ों से छपक की आवाज़ ,चूत मारने का मज़ा और बढ़ा देता.

मैं और रेशमा इस लंबी चुदाई को पूरी तरह से एंजाय कर रहे थे.

मैं ने कुछ धक्के इतने जोरदार मारे कि रेशमा को लगा होगा कि मेरा पानी निकल रहा होगा.

मेरे धक्के इतने जोरदार थे कि ,और रेशमा भी झड गयी.और बेड पर गिर गयी. मैं भी रेशमा के

साथ उनके उपर गिर गया.

रेशमा को हर पोज़िशन मे प्यार करना चाहता था

उसको घर के हर एक कौने मे ले जाके प्यार करना चाहता था

मैं ने लंड बाहर निकाला. रेशमा पलट गयी. और मैं ने लंड को वापस चूत मे डाला.

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रेशमा ने अपना पानी मेरे लंड को पिला दिया

इस के बाद तो जैसे हमारे प्यार का सिलसिला चलता गया

अभी तो चूत को प्यार किया है

गंद को भी मेरा लंड प्यार करने के मूड मे था

रेशमा तो बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गयी

पर जब आई तो सीधे मेरे लंड पर हमला बोल दिया

क्यूँ कि अब उसकी बारी थी मुझे प्यार करने की

अवी-अब तुम्हारी बारी है

रेशमा-तुम्हारा जवाब नही, मैं तुम्हें निराश नही करूँगी.

मैं खड़ा हो गया और रेशमा ने मेरे सामने घुटनो के बल बैठ कर मेरे लंड को हाथ मे ले

लिया.

मेरे लंड को देख कर रेशमा की आँखो मे हल्की चमक आ गयी.

वैसे उसके हज़्बेंड के और मेरे लंड मे बहुत फरक था

लेकिन देखने मे मेरा लंड सबको पसंद आ जाए ऐसा था

रेशमा मुझे ना नही कहेगी ये उसने कहा था इस लिए वो मेरा लंड चूसने को तैयार हुई.

वरना उसने अपने हज़्बेंड का लंड चूसा नही होगा

और रेशमा को देख कर मेरा लंड अपने विकराल रूप मे आ गया था.

सब रेशमा के हाथ मे था जिस से उसने लंड फुदकने लगा

मेरा लंड रेशमा के मुँह के सामने आ गया. ऐसा आया कि जैसे रेशमा के सामने कोई स्नेक

आया हो.

रेशमा ने मेरे लंड को एक बार देखा और मेरी तरफ देख कर स्माइल की.

उसकी स्माइल बता रही थी कि उसे इसी की तलाश थी.

और मेरे लंड को पसंद करने के एक्सपेस्षन दिए .अपने हज़्बेंड के काले लंड के सामने मेरा

लंड रेशमा को पसंद आया.

रेशमा कुछ देर लंड को देखती रही .क्यूँ कि ये आज से उसका होगा

रेशमा ने लंड की एक फोटो अपने दिल मे छुपा कर रख दी.

और रेशमा ने लंड के टोपे पे किस किया और मेरे तरफ देख कर अपनी आँखो की चमक दिखाने

लगी.

मैं ने रेशमा को आगे बढ़ने को कहा.

रेशमा ने लंड पे जीभ से टच किया,रेशमा की जीभ के टच से मेरे मुँह से आह निकल गयी

रेशमा मेरे मुँह की आवाज़ सुनकर खुश होकर लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी.

उसकी जीभ की ठंडक से मेरे लंड को आराम मिलने लगा.

मेरा लंड देखते ही उनको उनका सपना पूरा होता हुआ नज़र आ गया.

मेरे लंड को देखते ही उनके मुँह मे पानी आ जाता .और वो मेरे लंड पे ऐसे टूट पड़ी की वो सालोसे

भूकी हो.

बाकियो की तरह रेशमा भी मेरे लंड को प्यार कर रही थी.

फिर रेशमा ने लंड के टोपे को मुँह मे भर लिया

मेरे लंड का टोपा रेशमा के मुँह मे देख कर ऐसा लगा जैसे मेरा लंड रेशमा के लिए बना हो

ऐसा प्यार करने लगी कि मेरे लंड ने उसको हमेशा मिलने का प्रॉमिस कर दिया.

रेशमा के साथ क्या होगा वो प्यार करने के बाद पता चलेगा

रेशमा बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी.

लंड को एक 2 बार मुँह मे लेकर बाहर निकाल कर गीला करने लगी.

लंड गीला करने के बाद रेशमा लंड चूसने लगी

रेशमा के लंड चूसने से मेरे मुँह से आवाज़े निकलने लगी.

अया आआआः आआआः की आवाज़े करने लगा

रेशमा ने लंड चूसना शुरू किया और जितना हो सकता था उतना लंड मुँह मे भर लिया और उसे

लॉलीपोप की तरह चूसने लगी

रेशमा के ऐसा करने से मैं रेशमा के रेशमी बालो पे हाथ घुमाने लगा.

हाथ घूमते हुए रेशमा के सिर को पकड़ कर लंड पर आगे पीछे करने लगे जैसे रेशमा के

मुँह को ही छोड़ रहा हूँ

मेरे ऐसा करने से रेशमा ने कोई विरोध नही किया और मेरी गंद को पकड़ कर सहारा लिया और

खुद अपने मुँह को तेज़ी से आगे पीछे करने लगी.

रेशमा तो मुझे पूरा खुश कर रही थी.

रेशमा के मुँह से गू गून गून की आवाज़े आ रही थी और फिर लंड चूसवाने का मज़ा लेने के

बाद मैं ने रेशमा के सिर को छोड़ा

रेशमा ने लंड को अपने मुँह से बाहर निकाला .मेरा लंड रेशमा के थूक से चमक रहा था

रेशमा ने लंड बाहर निकलते ही उस पे किस करना शुरू किया.

रेशमा लंड को प्यार कर रही थी ,यहाँ तक कि आंडो को चूस रही थी.

इतना हम दोनो के लिए काफ़ी था.

रेशमा ने मेरे लंड को चूस कर अपने प्यार से लंड को खुश कर दिया.

अब लंड और गंद का खेल शुरू होने वाला था.

मैं ने रेशमा को बेड पर लिटा दिया .और उसको एक किस किया.

अवी-तुम तैयार हो

रेशमा-हाँ,

रेशमा की मंज़ूरी मिलते मैं ने अपना लंड रेशमा की गंद से मिलना करवा ने को तैयार करने

लगा

______________________________
 
रेशमा की गंद मे लंड डालने से पहले उसको तैयार भी करना था

मैं ने हाथ पर तेल डालकर लंड पर तेल लगाने को कहा.

रेशमा अपनी गंद मे उंगली डाल कर गंद का छेद खोल रही थी.

मैं ने भी अपने लंड पर तेल लगाने लगा.

उसको भी सब कुछ पता था सेक्स के खेल के बारे में

पर उसका हज़्बेंड ने उसको कुछ पूछा ही नही

मेरे कहते ही देखो कैसे तैयार हो रही है

लोग आग लगाने के लिए तेल डालते है. और मैं हमारी अंदर की आग को शांत करने को तेल लगा रहा

हूँ

दोनो आग मे कितना फरक होता है. एक जलने से दर्द होता है और दूसरी बदन की आग बुझने से

सुकून मिलता है

बदन की आग मे हर कोई जलना चाहता .आज रेशमा मेरे साथ जलने को तैयार हुई थी.

रेशमा को ज़्यादा दर्द देने के मूड मे नही था. जिस से मैं ने अपने लंड को अच्छे से चिकना किया.

हम दोनो अपने काम मे लगे हुए थे. रेशमा ने अपनी गंद चिकनी कर ली और मैं ने अपने लंड

को तेल से नहला दिया.

मेरा लंड तेल लगते ही चमकने लगा .जिस देख कर रेशमा खुद को रोक नही पाई और मेरे लंड को

अपने हाथो मे पकड़ के सहलाने लगी.

रेशना के नरम हाथो मे मेरा सख़्त लंड आते ही रेशमा के बदन मे 440 का झटका लगा.

ये तो शुरुआत है

मेरे झटके पड़ेंगे तब ये 440 के झटके को रेशमा भूल जाएगी.

रेशमा ने मेरे लंड को अपने हाथो से सहलाने के बाद घोड़ी बन गयी. और अपना मुँह

बेड पर रखे हुए पिल्लो मे रख दिया.

मैं रेशमा के पीछे आ गया .और रेशमा की गंद को देखने लगा.

रेशमा के गोरे गोरे चूतड़ पर एक थप्पड़ मारा. जिस से रेशमा के बदन मे हलचल होने

लगी.

मैं ने लंड को उसके चूतड़ पर मारना शुरू किया.जिस से रेशमा को अच्छा लगने लगा.

दोनो चूतड़ पर कभी थप्पड़ तो कभी लंड मारने लगा .जिस से रेशमा को मज़ा आने लगा.

रेशमा की गंद फूली हुई नही थी क्यूँ कि इस पे अभी तक मेहनत नही की थी.

पहली बार मैं मेहनत करने वाला हूँ.

मैं लंड को दोनो चूतड़ के दरार मे फँसा कर रगड़ने लगा.इस से रेशमा गरम होने लगी.

रेशमा को इस से मज़ा आने लगा ,क्यूँ कि लंड चूत और गंद दोनो से रगड़ रहा था.

रेशमा को मज़ा देने के बाद मैं रेशमा को दर्द देने के लिए तैयार हो गया.

लंड को रेशमा के गंद के छेद पर रख दिया ,लंड को अपनी गंद पर फील करते रेशमा का बदन

कापने लगा.

मेरे लंड की गर्मी अपनी गंद के छेद पे महसूस करते रेशमा को गुदगुदी हो ने लगी.

लंड की मोटाई और लंबाई का अहसास गंद को कराने का समय आ गया था.

लंड का टोपा गंद के छेद मे जाने को तैयार था.

पर इतनी भी जल्दी क्या है. पहले ग्रीन सिंगल तो मिल जाए.

लंड को अंदर ना डालने से रेशमा पलट गयी. और मेरी तरफ देख कर अंदर डालने को कहा.

ट्रेन को सिंगल मिलते ही पहला झटका मारने का समय आ गया था .

रेशमा की पतली कमर को एक हाथ से पकड़ कर लंड ज़्यादा तेल से फिसल ना जाए इस लिए एक हाथ से लंड

को पकड़ कर रखा.

रेशमा ने अपनी गंद को दिला छोड़ दिया ,और मैं ने पहला झटका मार कर लंड का टोपा रेशमा

की गंद मे फिट कर दिया.

लंड के टोपे को गंद ने कस के पकड़ लिया .ऐसा लग रहा था की टोपा कहीं गायब हो गया हो.

टोपा अंदर जाते ही रेशमा ने गंद टाइट कर ली. जिस से टोपा गंद मे फस गया.

रेशमा को अपनी गंद पे जलन होने लगी.

ऐसा मीठा दर्द रेशमा खाने को तैयार थी.

मैं ने दूसरा झटका मारने की जगह ज़ोर लगा कर टोपा बाहर निकाल लिया.

पट्च की आवाज़ करके लंड रेशमा की गंद से बाहर आ गया.जैसे की बॉटल का ढक्कन निकलता है

वैसे ही लंड निकल गया.

लंड बाहर निकलते ही गंद का छेद बंद होने लगा था कि तेल की बॉटल का मुँह गंद मे डाल दिया .

और तेल को रेशमा की गंद मे अंदर तक पिचकारी मारने लगा.

ऐसा करते ही रेशमा ने अपनी गंद ढीली कर दी. तेल गंद के अंदर तक जाने लगा. क्यूँ कि बॉटल पर मैं

प्रेशर दे रहा था

फिर बॉटल की जगह वापस लंड रेशमा की गंद पर लगा दिया. और फिर से शुरुआत करने लगा

मेरे ऐसा करने से रेशमा को ज़्यादा दर्द नही होगा .और उसकी चीखे नही निकलेंगी.

रेशमा का जो मैं ख़याल रख रहा था वो रेशमा को पसंद आया.

पार्टनर की खुशी का ध्यान रखना भी ज़रूरी होता है.

पहला झटका धीरे से मारने के साथ ही टोपा गंद मे फिसल कर अंदर चला गया.

मे बी इस बार रेशमा को ज़्यादा दर्द नही हुआ होगा.

रेशमा ने अपने मुँह पर कपड़ा बाँध रखा था और पूरा चेहरा पिल्लो मे दबा रखा था.

ना रेशमा का चेहरा देख सकता था और ना रेशमा की चीखे सुन पा रहा था.

टोपा अंदर जाते ही मैं ने दोनो हाथ से कमर पकड़ कर दूसरा झटका मारा.

इस बार लंड ऐसी जगह गया था वहाँ अब तक कोई नही गया था.

आधा लंड रेशमा की कुवारि गंद मे चला गया.

लंड अंदर जाते ही रेशमा ने गंद टाइट कर के ढीली कर दी. टाइट इस लिए कि ताकि मैं और अंदर ना जा

सकूँ .और ढीली इस लिए कि ताकि वो अपना दर्द कम कर सके.

रेशमा को आज पूरा सुख मिलने वाला था.

गंद मे लंड पर्फेक्ट फिट हो चुका था. लंड पर गंद ने अपना दबाव बनाए रखा था.

रेशमा अपना एक हाथ नीचे से अपनी चूत पर ले जाके सहलने लगी.

रेशमा की चीख मुझे सुनाई नही दी. पर उसके बदन मे हो रही हलचल हुई वो मुझे बता रही

थी उसको दर्द हो रहा है.

मैं अपने हाथ को उसके पेट पर घुमाने लगा ताकि उसका दर्द थोड़ा कम हो सके.

अभी तो आधा लंड अंदर गया था जिस से उसको ज़्यादा दर्द नही हो रहा था.

वहाँ तक मैं ने तेल डाल रखा था

रेशमा अपनी चूत को लगातार सहला रही थी.

उसके ऐसे सहलाने से लग रहा था कि उसका पानी निकल जाएगा.

पहले तो रेशमा दर्द कम करने के लिए चूत सहला रही थी. पर अब वो अच्छा लगने से पानी

निकालना चाहती थी.

ये बात मेरे दिमाग़ मे आते ही मैं ने ये मोका सही समझा.

रेशमा लगातार अपनी चूत सहला रही थी जैसे कि उसका पानी निकलने वाला हो.

वो ऐसे मोड़ पे थी जहाँ पर चूत सहलाना रोक नही सकती थी

इसी का फ़ायदा उठा कर मैं ने एक झटके मे पूरा लंड अंदर डालने वाला स्ट्रोक लगाया.

लंड गंद को चीरता हुआ अंदर चला गया.

गंद की चिरने से रेशमा के बदन मे दर्द होने लगा.

रेशमा के मुँह से दबी हुई चीख सुनाई दी.

मे बी रेशमा की आँखो से पानी निकल रहा हो

मेरे लंड मे भी दर्द होने लगा. गंद बहुत टाइट थी.

मेरा ऐसा हाल था तो रेशमा का क्या हाल हो रहा होगा.

रेशमा ने दर्द की वजह से अपनी चूत को सहलाना बंद करके अपने हाथ से दबा दिया था.

ऐसे तो रेशमा को बहुत दर्द होगा.

मुझे कुछ तो करना होगा. मैं ने रेशमा का हाथ उसकी चूत से हटा दिया और अपनी 2 उंगली उसकी

चूत मे डाल कर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा.

रेशमा ने बेड को कस के पकड़ रखा था. पर वो ज़्यादा चीख नही रही थी.

रेशमा ऐसी हालत मे थी जहाँ पर उसे दर्द हो रहा था और चूत का पानी ना निकलने से बेचैनी

हो रही थी.

जितनी जल्दी पानी निकल जाएगा उतनी जल्दी उसका दर्द कम होगा.

रेशमा का पानी निकलने का नाम नही ले रहा था.

ऐसे मे मैं ने अपनी उंगली अंदर बाहर करने की गति बढ़ा दी. और रेशमा का पानी निकालने लगा.

पानी निकलते ही रेशमा का बदन हल्का हो गया और लंड को रेशमा की गंद मे हिलाने को मदद हुई.

गंद मे लंड हिलने से रेशमा की गंद मे सुकून के साथ दर्द होने लगा.

मैं थोड़ा उपर हो गया जिस से अंदर थोड़ा बाहर निकालते तेल डाल कर फिर अंदर कर लिया.

रेशमा को मेरे ऐसा करने से थोड़ा दर्द हुआ पर ये तो होना ही था.

मैं ने धीरे धीरे अपना आधा लंड बाहर निकाला और तेल लंड पर डाल कर फिर अंदर पुश किया.

फिर से लंड को थोड़ा ज़्यादा बाहर निकाल कर तेल के साथ अंदर पेल दिया.

लंड बाहर निकालते समय रेशमा गंद ढीली कर देती जिस से लंड बाहर निकल जाता और उसके टाइट करने

से पहले लंड अंदर डाल देता

रेशमा की गंद मे थोड़ी देर दर्द होगा पर फिर मज़ा आएगा

रेशमा की मदमस्त गंद को मारने मे मुझे मज़ा आएगा इस मे कोई डाउट नही था.

रेशमा की गंद मे लंड पूरा बाहर निकाल कर अंदर डालने लगा जिस से गंद मे लंड के लिए अच्छी

ख़ासी जगह बन गयी.

रेशमा का दर्द भी कम हो गया था. रेशमा ने अपने हाथ ढीले छोड़ दिए.

मेरे बार बार लंड बाहर निकाल कर अंदर डालने से रेशमा का बदन कभी ढीला तो कभी टाइट हो जाता.

रेशमा को मेरा ऐसे धीरे धीरे गंद मे जगह बनाना अच्छा लगने लगा

रेशमा को अपनी गंद चुदाई मे मज़ा मिले इसी की पूरी कोशिस कर रहा था

रेशमा का दर्द कम हुआ ऐसा मुझे फील होते ही मैं मे गंद मारना शुरू किया.

गंद मारना शुरू होते ही रेशमा ने गंद ढीली छोड़ दी और मेरा साथ देने लगी.

मैं थोड़ी देर धीरे धीरे गंद मे लंड पेलने लगा

गंद मे मेरे हल्के हल्के धक्के से रेशमा को ज़्यादा मज़ा मिलने लगा.

ऐसा मज़ा वो भी मुझसे पा कर रेशमा खुश थी.
 
रेशमा की गंद मेरे लंड का हर धक्के के साथ वेलकम कर रही थी.

हस्ते हुए गंद मेरे लंड के धक्के लेने लगी.

धक्के धीरे धीरे मार रहा था पर मज़ा कही ज़्यादा था

मज़ा दोनो तरफ से मज़ा मिल रहा था.रेशमा अपनी गंद हिला कर मज़ा लेने लगी और मैं धक्के

मार कर मज़ा लेने लगा.

रेशमा मस्ती मे झूम रही थी और मैं खड़े खड़े आगे पीछे होकर डॅन्स करने लगा.

रेशमा की गंद पीछे करके धक्का खाने से मैं ने अपनी गति बढ़ा दी.

मेरी धक्को की गति बढ़ने से रेशमा अपनी गंद और पीछे करके धक्के खाने का मज़ा लेने लगी.

रेशमा के पीछे होने से मेरा धक्का जोरदार लग कर उसके चूतड़ हिलने लग जाते

मेरे धक्को से रेशमा के चूतड़ लाल हो गये थे.

अभी तो मेरा वीर्य निकलने मे टाइम था.

मैं रेशमा की कमर को पकड़ के धक्के मारने लगा.

इस तरह मेरे धक्के गंद की धज्जियाँ उड़ाने लगे.

मैं हर धक्के के साथ लंड को और अंदर तक डालने की कोशिस करता गया.

मेरे धक्को से कमरे मे एक नया म्यूज़िक गूँज ने लगा.

हमारी चुदाई का म्यूज़िक सुन कर हम दोनोंको सुकून मिलने लगा

मैं लगातार म्यूज़िक का वॉल्यूम बढ़ा रहा था.और रेशमा मेरे म्यूज़िक पे अपने तबले जैसे चूतड़

मुझसे बजवा रही थी.

रेशमा की गंद मे कब से एक पोज़िशन मे धक्के मार रहा था

मुझे लग रहा था कि हमे पोज़िशन चेंज करनी चाहिए

अवी-रेशमा पोज़िशन चेंज करे ,या यही ठीक है.

रेशमा ने अंगूठा दिखा कर लगे रहने को कहा

फिर क्या था कि मैं रेशमा की गंद पे अपने लंड का स्टंप लगाने लगा.

मैं वापस रेशमा की गंद मारने पे ध्यान देने लगा.

रेशमा की कातिलाना गंद मारने मे मज़ा आ गया.

क्या गंद है,

पर रेशमा मुझे हर बार कहेगी कि गंद मारो

आज ही इस गंद का पूरा मज़ा ले रहा था.

रेशमा की गंद मे मेरा लंड पूरी ताक़त लगा कर अंदर बाहर हो रहा था.

रेशमा ने भी अपनी गंद को मेरे लंड की मेहमान नवाज़ी करने को कहा था.

ऐसे मे रेशमा की गंद मारने मे डबल मज़ा आ रहा था.

रेशमा की गंद ने जो मेरे लंड का ख़याल रखा उसके सामने मेरा लंड अपना कंट्रोल खो बैठा

लंड ने रेशमा की गंद की मेहमान नवाज़ी का तोहफा अपना अनमोल वीर्य पिला कर दिया.

मैं ने अपना वीर्य रेशमा की गंद मे डाल दिया.

वीर्य की गर्माहट को फील करते ही रेशमा ठंडी हो गयी.

रेशमा ने पूरी चुदाई मे जो कंट्रोल कर के रखा था .अपनी शीष्कारियो पे कंट्रोल रखा था.

जिस से मैं ने अपना वीर्य गंद मे डालते ही लंड बाहर निकाल लिया.

लंड बाहर निकलते रेशमा ने बदन को बिखरने दिया.

रेशमा वैसे ही वहाँ पर लेट गयी.

मैं भी बेड पर बैठ गया.

रेशमा रिलॅक्स हो ने लगी.

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रेशमा की दो धुआँ धार चुदाई को

रेशमा को.गंद ठुकाई से चल भी नही पा रही थी

मैं उसको गोद मे उठा कर बाथरूम ले गया

और उसके गंद की सिकाई भी की

रेशमा मेरा प्यार देख कर खुश हुई

उसको ऐसा ही प्यार करने वाला चाहिए था जो उसका ख़याल भी रखे

इस दो चुदाई के बाद वो और प्यार नही कर पाएगी

इस लिए मैं ने उसको अपने बाहों मे ले लिया

सुबह के 4 बज रहे थे

रेशमा- टाइम बहुत हो गया

अवी- प्यार करते हुए टाइम का पता नही चलता

रेशमा- अब मुझे नींद आ रही है

अवी- मुझे भी पर तुम्हें प्यार करूँ यही लग रहा है

रेशमा- अब तो मैं तुम्हारी हूँ

अवी- फिर भी डर लग रहा है सोने से

रेशमा- क्यूँ ?

अवी- क्या पता आँख खुले और तुम ना हो मेरी बाहों मे

रेशमा- ऐसा कुछ नही होगा , और अब मैं चाह कर भी तुमसे दूर नही जाउन्गी मुझे इसी प्यार की

तलाश थी

अवी- फिर ठीक है

रेशमा- अब हम साथ रहेगे ना

अवी- हाँ , मिया बीवी की तरह ,मेरी शादी तक

रेशमा- तुम्हारी शादी के बाद

अवी- उसके बाद थोड़ा सम्भल कर रहेंगे , पर तब भी तुम्हें प्यार करता रहूँगा बस तुम जलना मत

रेशमा- नही जलुन्गि

अवी- अब मैं इस अपार्टमेंट को खरीद लूँगा ताकि हम साथ रहे

रेशमा- मैं मदद करूँगी

अवी- मैं देख लूँगा

रेशमा- अब सो जाते है

अवी- आज तो जॉगिंग को नही जाएँगे पर कल से ज़रूर जाएँगे

रेशमा- रात मे प्यार करके तुम उठ पाओगे

अवी- तुम.फिट रहो मैं फिट रहूँगा तभी तो प्यार कर पाएँगे

रेशमा- आइ लव यू

अवी- आइ लव यू टू

इस के बाद तो हमारी हर रात हसीन होने वाली थी

हम रोज प्यार करने वाले थे

अब रेशमा मेरी बाहों मे रहेगी हमेशा

मैं रेशमा को बीवी बना कर रखूँगा

हम सुबह नही दोपहर मे नींद से जाग गये

.रेशमा अभी तक सो रही थी

मैं ने उसके उपर ब्लंकेट डाल दिया और फ्रेश होने चला गया

फ्रेश होते ही डोर पर नॉक हुआ

मैं ने देखा कि मिसेज़ गुप्ता थी

मिसेज़ गुप्ता- बेटा आज बहुत देर तक सोते रहे

अवी- रेशमा को खुशी दे रहा था जिस से नींद नही खुली

मिसेज़ गुप्ता- रेशमा यहीं है

अवी- हाँ

मिसेज़ गुप्ता- उसने मर्ज़ी से किया या तुमने जबर्जस्ती की

अवी- अब हम साथ साथ ही रहेंगे

मिसेज़ गुप्ता-ये अच्छी बात है

अवी- आप खुद देख लो उसके चेहरे की खुशी

और मिसेज़ गुप्ता ने देखा कि रेशमा का चेहरा खिल गया था

मिसेज़ गुप्ता- सोने दो बिचारी को

अवी- आप उसके लिए बेफिकर रहिए मैं उसके साथ हमेशा रहूँगा

मिसेज़ गुप्ता- मेरा आशीर्वाद तुम्हारे साथ रहेगा

अवी- आप ये बात अपने तक ही रहना

मिसेज़ गुप्ता- तुम.भी ख़याल रखना कि ये बात किसी को पता ना चले ,

अवी- जी , अब आपको जाना चाहिए वो उठेगी और आपको देखेगी तो शर्मा जाएगी

और मिसेज़ गुप्ता मुझे रेशमा को .आशूर्वाद दे कर चली गयी

और मैं ने रेशमा के माथे पर किस करके जगाया

रेशमा की आँख खुलते ही मैं उसको टी दी

मेरी तरफ से इतना प्यार पाकर उसकी आँख मे आँसू आ गये

मैं उसके आँसू पोन्छने लगा था कि रेशमा ने मुझे ब्लंकेट मे ले लिया

और हमारा प्यार करना फिर से शुरू हो गया

अब ये सिलसिला कभी बंद नही होगा

रेशमा तो आज दिन भर मेरे यहाँ रही वो भी सिर्फ़ साड़ी मे

हमने शेम्पियन का मज़ा लेते हुए रात मे प्यार किया

रेशमा तो मुझे मना नही कर रही थी

रात मे शेम्पियन पीते हुए बाल्कनी मे चुदाई की

रेशमा को मुझ पर पूरा भरोसा था

फिर नेक्स्ट दिन से हमारा हनीमून ख़तम.हुआ

सुबह होते ही हम जॉगिंग के लिए गये

इतने दिनो बाद हमे देख कर जॉगिंग वाले अंकल आंटी खुश हुए

हम दुनिया के सामने दूरिया बनाए हुए थे

पर रूम मे हमारे बीच की दूरिया ख़तम हो जाती है

मिसेज़ गुप्ता मिस्टर गुप्ता हमे देख कर खुश हुए

हम उनके साथ डिन्नर पर भी गये

उनको हम बेटा बेटी जैसे थे

रेशमा तो अपने हज़्बेंड को भूल ही गयी थी

रेशमा का हॅज़्बेंड तो अपने कामो मे बिज़ी रहने लगा

मुझे यहाँ आके सिक्स महीने हुए पर अब तक उसको देखा नही

रेशमा ने कहा कि वो और सिक्स महीने नही आएँगे

ये हमारे लिए अच्छा ही हुआ

इस खुशी को हमने एक हफ़्ता गोआ जाकर सेलेब्रेट किया

ये हमारे लिए हनिमून था

गोआ मे तो हमारा प्यार खिलने लगा

रेशमा और मैं हर दिन और करीब आते गये

सटर्डे सनडे तो हम घूमने जाने लगे

कभी लनवला तो कभी खंडाला तो कभी पूना सूरत

रेशमा मेरे साथ इतनी खुश रहती कि डर लगता कि माला के आने के बाद क्या होगा

जब मैं अपने गाओं गया तो रेशमा के कितने कॉल आए बता नही सकता

माला मेरा ही इंतज़ार कर रही थी

वो शादी की बात करने लगी

मैं ने माला को और 2 साल रुकने को कहा

माला मान गयी रेशमा तो खुश हुई कि 2 साल हम दोनो साथ रहेंगे

फिर तो हम प्लान करने लगे

माला और रेशमा को एक जैसा प्यार देने लगा

जब रेशमा को उसके हज़्बेंड के साथ देखा तो गुस्सा आ रहा था

पर रेशमा ने उसको जल्दी भेज दिया वापस

फिर क्या था माला के शादी के समय रेशमा को माँ बना दिया

रेशमा ने अपने हज़्बेंड को उल्लू बना लिया और मेरे बच्चे को इस दुनिया मे लाने लगी

रेशमा से उस समय दूर रुकना पड़ा पर माला के पास आ गया

माला के साथ हनीमून माना रहा था तो रेशमा ने एक बेटी को जनम दिया

फिर तो जब रेशमा वापस अपने मायके से अपार्टमेंट मे आई तो उसकी और माला की अच्छी फ्रेंडशिप हो

गयी

दोनो की अच्छी बनने लगी

मैं दोनो को बराबर टाइम देता

दोनो को आल्टरनेट माँ बना कर प्यार करने लगा

कभी किसी को हनीमून पे ले जाता टूर के नाम पर दूसरी पेट पकड़ कर मेरा इंतज़ार करती

इसी तरह मैं अपनी बीवी और पड़ोसन को बीवी बना कर जी रहा था

रेशमा को एक बेटी और बेटा हुआ

माला को 2 बेटे हुए

और मैं अपनी पड़ोसन के साथ मस्तियाँ करता गया

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दा एंड

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