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रेशमा - मेरी पड़ोसन complete

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मुझे कोई आइडिया नही मिल रहा था कि कैसे अपनी पड़ोसन के साथ शुरुआत करू

अगर एक बार बात बन गयी तो काम शुरू हो जाएगा

एक बार बात हो गयी , पहचान बढ़ गयी तो फिर खेल शुरू हो जाएगा

धीरे धीरे सिड्यूस कर पाउन्गा

पर कुछ समझ नही आ रहा था

इस बीच ऑफीस की रेशमा की चुदाई भी कर डाली

चलो आग बुझाने को कोई तो मिली

मैं रेशमा की जोरदार चुदाई करके घर के लिए निकल पड़ा

अपनी सोसायटी मे आते ही कुछ देर वॉचमन से बात की

फिर ऑफीस वाली रेशमा का कॉल आया

रेशमा- हेलो अवी सर

अवी-रेशमा तुम

रेशमा- सर आपने तो आज मेरी फाड़ ही डाली

अवी-सॉरी , जोश मे आकर कुछ ज़्यादा ही ज़ोर लगा दिया

रेशमा- उस वक्त तो मुझे भी मज़ा आया पर अब दर्द हो रहा है

अवी-तुम प्रमोशन के बारे में सोचो दर्द ख़तम हो जाएगा

रेशमा से बात करते हुए मैं लिफ्ट के पास आ गया

और लिफ्ट का नीचे आने तक बात करता गया

रेशमा- सर प्रमोशन कब मिलेगा

अवी-जल्दी दूँगा , अगले मंडे तक तुम्हारा प्रमोशन हो जाएगा

रेशमा- थॅंक यू सर , वैसे आप की तो देवानी हो गयी हूँ मैं

अवी-तुम भी कुछ कम नही थी

तुम्हारी चूत भी टाइट थी , लगा ही नही था कि तुम कुवारि ना हो

और तुम ना रोज स्कर्ट पहन कर आया करो

रेशमा- क्यूँ ?

अवी-ताकि स्कर्ट उपर करते जल्दी तुम्हारी ले सकता हूँ

अब तो तुम्हारी रोज चुदाई करूँगा

रेशमा- मैं भी अब देर तक ऑफीस मे रहूंगी

अवी-ओवरटाइम मेरे साथ करना चाहती हो

कोई बात नही

उस ओवरटाइम का इनाम भी तुम्हें मिलेगा

बस मुझे खुश करते रहना

रेशमा- आप बस देखते रहिए कि मैं क्या क्या करती हूँ

अवी-फिर तो कल तुम्हारी पीछे से लूँगा

रेशमा- फिर तो ऑफीस की जगह कहीं और मिलना होगा सर

अवी-क्यूँ ?

रेशमा- वहाँ अब तक कोई गया ही नही

अवी-कोई बात नही , वैसे भी ओवरटाइम सिर्फ़ तुम्हें ही करना होता है

रेशमा- सर कल मत करना , एक दिन आराम दीजिए फिर जो करना है करना

अवी-ठीक कर , पर कल पैंटी पहन कर मत आना

रेशमा- नही सर ऐसा नही कर सकती

अवी-कल बिना पैंटी के आना , थोड़ा मज़ा तो लेकर देखो

रेशमा- ठीक है

अवी-तो कल ऑफीस मे मिलते है , कल भी तुम्हारी जमकर लूँगा

और मैं ने फोन रख दिया

मैं तो भूल ही गया था कि मैं लिफ्ट के पास खड़ा था

और मैं बिंदास चूत और गंद की बात कर रहा था

मैं ने जैसे फोन रख कर पीछे मुड़ा तो मेरे होश उड़ गये

मेरे पीछे मेरी पड़ोसन खड़ी थी

मेरी बाते उसने सुन ली थी

तभी वो मुझे गुस्से से देख रही थी

ये क्या हो गया

मैं तो पड़ोसन को पटाना चाहता था लेकिन यहाँ तो मेरी इमेज खराब हो गयी

मुझे तो कुछ समझ ही नही आ रहा था

मेरी पड़ोसन मुझे घूर कर देख रही थी

पर कुछ कहा नही

लिफ्ट ओपन होते ही मेरी पड़ोसन अंदर चली गयी पर मुझ मे हिम्मत ही नही हुई कि लिफ्ट मे जाउ

अब तो पड़ोसन को कभी सपने मे भी पा नही सकूँगा

क्या हो गया मुझसे

ग़लती से मैं ने अपनी इमेज खराब कर दी

मैं अपने अपार्टमेंट मे आकर खुद पे गुस्सा हो रहा था

अब तो मैं ने अपनी पड़ोसन के सपने देखने शुरू कर दिए थे

अब कुछ नही हो सकता

अब तो बस ऑफीस की रेशमा से ही काम चलना होगा

मेरी और रेशमा की बात मेरी पड़ोसन ने सुन ली थी

अब मेरा कोई चान्स बन ही नही सकता उसके साथ

अब किस मुँह से उसके सामने जाउन्गा

वैसे भी अब तक कुछ बात होती तो सॉरी बोल देता

लेकिन वो तो मुझे जानती भी नही ऐसे मे मैं क्यूँ उसको सॉरी बोलू

और वो कन्फ्यूज़ हो जाएगी कि मैं क्यूँ उसको सॉरी बोल रहा हूँ

मैं कुछ भी बोलू , उससे माफी क्यूँ माँग रहा हूँ इस पे वो डाउट कर सकती है

ऐसे मे मैं ने अपने मेरी पड़ोसन के सपने देखने बंद किए

वैसे भी अब तो मुझे रेशमा मिल गयी थी

आग बुझाने का इंतज़ाम भी हो गया था

फिर जाने दो उसको

उसके जैसी हज़ारो मिल जाएगी

मैं ने मेरी पड़ोसन के सपने देखने बंद किए और वापस अपने ऑफीस और अपनी लाइफ को एंजाय

करने लगा

अब तो मुझे अच्छी नींद आने लगी

ओफिस मे जब भी ओवरटाइम होता तो रेशमा की जम कर चुदाई करता

उसको प्रमोट भी कर दिया

अब तो वो जहाँ चाहे वहाँ चुदाई करने को तैयार होती है पिछले हफ्ते तो उसको एक ड्रेस भी गिफ्ट की

मेरे आग बुझाने का इंतज़ाम हो गया था

बड़ी हॉट चीज़ थी ऑफीस वाली रेशमा भी

पर पड़ोसन मिल जाती तो मज़ा आ जाता

धीरे धीरे मैं ने अपनी पड़ोसन को भुला दिया

कभी कभी नज़र से नज़र मिलती पर मैं वैसे ही चुप चाप चला जाता

वो भी मुझे घूर कर देखती

रेशमा की चुदाई को एक महीना हो गया

मैं वापस मुंबई की लाइफ को एंजाय करने लगा

इस बीच सनडे को तो पूरा दिन खाली रहता

सनडे की कभी कभी मूवी देखने जाता लेकिन इस सनडे को मैं रूम पर ही रुका

शाम मे मैं हमेशा की तरह नीचे गार्डन मे घूमने आ गया

आज छुट्टी होने से जल्दी घूमने आ गया
 
बच्चे गार्डन मे फूटबाल खेल रहे थे

फुटबॉल मेरा मनपसंद गेम था

मैं उनका गेम देख रहा था साथ ही सोसायटी की लड़कियो को लाइन भी मार रहा था

इस बीच जो बच्चे फुटबॉल खेल रहे थे उनका फुटबॉल फुट गया

बॉल कार के नीच आ जाने से फुट गया

अच्छे बच्चे खेल रहे थे तो उनका खेलना बंद हो गया

बच्चे नाराज़ हो गये

तभी मैं ने बच्चों से बात की

अवी- दूसरा बॉल लाकर खेलो

बच्चे- भैया हमारे पास एक ही बॉल था वो ही फुट गया अब तो खेलना बंद कुछ दिन.

अवी- ऐसे कैसे खेलना बंद , चलो मैं लेकर देता हूँ

बच्चे- आप क्यूँ देंगे

अवी- क्यूँ कि मैं भी खेलूँगा ,

बच्चे- आप खेल सकते है हमारे साथ अगर आप बॉल खरीद कर दोगे तो

और मैं ने एक बच्चे को पैसे दिए तो वो भाग कर पास की शॉप से फुटबॉल लेकर आ गया

और मैं भी बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने लगा

मैं बचपन से ये गेम खेलते आ रहा था

अच्छी प्रॅक्टीस थी मेरी जिस से सब मेरे खेल देख कर इंप्रेशन हुए

बच्चे तो तारीफ करने लगे कि उनको भी ऐसे सीखना है

मैने बच्चों के साथ दोस्ती कर ली

अब जब भी बोर हो जाउन्गा तो बच्चो के साथ फुटबॉल खेल लूँगा

गार्डन मे आई लड़किया भी मेरे गेम को देखने लगी

बड़ा मज़ा आ रहा था

गोल पे गोल हो रहे थे

बहुत दिनो बाद बच्चों के साथ खेलने से मज़ा आ रहा था

काफ़ी देर तक हम खेलते रहे

पर फुटबॉल ऐसा गेम है कि बस खेलते रहने का दिल करता है

हम अंधेरा होने के बाद भी स्ट्रीट लाइट मे खेलते रहे

इस बीच मैं ने जोरदार किक मारी

ताक़त लगाने से किक पे कंट्रोल नही रहा

और बॉल रोड पर चला गया

और बॉल सीधा जाकर एक औरत की गंद पे लगा

वो औरत तो गिरते गिरते बच गयी

बच्चे तो इस से डर गये

मैं बॉल लाने और सॉरी बोलने जा रहा था कि वो औरत हमारे तरफ देखने लगी

बस यही बाकी रह गया था

ये मेरी पड़ोसन थी

पहले मेरी इमेज खराब हो गयी और अब तो रेशमा सोचेगी कि मैं ने जानबूझ कर बॉल मारा

है

रेशमा बॉल लेकर खड़ी हो गयी

रेशमा- बॉल किसने मारा

बच्चे बहुत कमिने होते है

सबने एक साथ मुझे फँसा दिया

बच्चे- भैया ने मारा

रेशमा तो मुझे घूर कर देखने लगी

उसको चोट तो लगी होगी

तभी इतने गुस्से से बात कर रही थी

रेशमा- तुम इतने बड़े होकर बच्चों के साथ खेलते हो , शरम नही आती , ये बच्चों का गार्डन

है , तुम्हें खेलने का इतना ही शौक है तो बाहर जाकर बड़े मैदान पर खेलो

रेशमा के मुँह से पहली बार कुछ सुना था

लेकिन सुना क्या , मेरे लिए गालियाँ नफ़रत गुस्सा

मैं इस पे क्या कहता

बच्चे- आंटी प्लीज़ बॉल दीजिए ना , ग़लती भैया की है

रेशमा- इसने जानबूझ कर मारा होगा

बच्चे- आंटी बॉल

रेशमा ने मुझे गुस्से से देखा

रेशमा- कोई बॉल नही मिलेगी , और तुम तुम्हारी शिकायत सेक्रेटरी से करूँगी , तुम्हें तो यहाँ से

निकलवा के रहूंगी

और रेशमा बॉल लेकर चली गयी

थोड़ी लंगड़ा कर चल रही थी

लगता है बम पर जोरदार लगी है

लो हो गया सब गड़बड़

अब तो रेशमा और गुस्सा हो गयी

बॉल भी चली गयी और बची हुई इज़्ज़त भी हवा हो गयी

बच्चे- भैया नया बॉल ले

अवी- तुम खुद लो

बच्चे- भैया बॉल आपने ही तो मारा था

अवी- बॉल मैं ने ही दिया था

बच्चे- भैया वो आंटी ऐसे ही गुस्सा करती है आप टेन्षन मत लो , वो कंप्लेंट नही करेंगी

अवी- मुझे मस्का लगा रहे हो

बच्चे- हमे तो खेलने के लिए बॉल चाहिए

अवी- अब कल दूँगा बॉल ,

बच्चे- भैया कल साथ मे खेलेंगे

और बच्चे तो चले गये

लेकिन मुझे फँसा गये

मेरी पड़ोसन की गंद लंड से मारना चाहता था लेकिन फुटबॉल से मार दी

लंगड़ाकर चल रही थी

मुझे सॉरी बोलना चाहिए था

सॉरी बोल देता तो उसका गुस्सा ख़तम हो जाता

जाने दो

कंप्लेंट करे गी तो करने दो

मुझे थोड़े यहाँ ज़िंदगी भर रहना है

मैं ने रेशमा के बारे में ज़्यादा सोचा नही

वैसे भी अब वो मेरे हाथ मे नही आएगी

मैं भी ट्राइ नही करूँगा अब

बिचारी की गंद लाल हो गयी होगी
 
सोचा था कि मेरी पड़ोसन से नज़दीकियाँ बढ़ा लूँगा

लेकिन सब उल्टा हो रहा था

अब तो मेरी इमेज बॅड पर्सन की बन गयी

वो तो मुझसे कुछ ज़्यादा ही नाराज़ है

मैं तो रेशमा से दूर ही रहूँगा

अगर इस बार कुछ गड़बड़ की तो थप्पड़ ज़रूर पड़ेगा मुझपर

मैं ने वापस अपना ध्यान ऑफीस के कामो पर लगा दिया

अब तो ऑफीस मे रेशमा थी मेरा ध्यान रखने को

लेकिन रेशमा ने अपनी सहेली को भी ये बात बताई की उसको प्रमोशन कैसे मिला

साली ने सब गड़बड़ कर दी

लेकिन ये क्या रेशमा की सहेली को भी प्रमोशन चाहिए था

रेशमा ने मुझसे आँख मार कर बताया कि ये आपके लिए है

मैं ने रेशमा की सहेली की चुदाई करके उसकी सॅलरी भी बढ़ा दी

पैसे मेरी जेब से थोड़े ही जा रहे थे

रेशमा के साथ उसकी सहेली की भी चुदाई करने लगा

पहले पहले सिर्फ़ रेशमा घंटे भर मेरे कॅबिन मे रहती तो लोग बाते करने लगे थे

अब एक साथ 2 लड़कियाँ मेरे कॅबिन मे आती है तो लोगो की बाते बंद हो गयी

मुझे तो आग बुझाने को.एक और मिल गयी

कभी रेशमा.की चुदाई करता तो कभी उसकी सहेली की

पब और डॅन्स बार मे भी कभी कभी जाने लगा

पब मे जाने को रेशमा तो हमेशा तैयार रहती

कोई लड़की साथ हो तो घूमने फिरने मे मज़ा आता है

इस बीच समय कैसे निकल गया पता ही नही चला

उस फुटबॉल वाली बात को कुछ हफ्ते हो गया

लेकिन इस बीच रेशमा से एक दो बार आमना सामना हुआ लेकिन उसका गुस्सा कम.नही हुआ

मैं उसकी तरफ नज़र उठा कर नही देखता

क्यूँ कि इस बार एक ग़लती और सीधा मेरा गाल लाल हो जाएगा

देखते देखते 3 महीने हो गये मुझे मुंबई मे आए हुए

मैं तो मुंबई की हवाओं मे घुल.मिल गया था

आजकल बाते ज़्यादा होने लगी तो ब्लूटूथ डिवाइस भी ले लिया

ट्र्वेलिंग के समय बोर ना हो इस लिए गर्लफ्रेंड और दोस्तो को कॉल कर लेता

मेरे फोन आने से उनको भी अच्छा लगता

ट्रेन मे फोन करने से मेरा बहुत टाइम बच रहा था

ऐसे एक दिन मैं फोन पर बात कर रहा था

बात करते करते मैं लिफ्ट मे चढ़ गया

मैं बाते करने मे पूरी तरह से डूब गया था

ब्लूटूत डिवाइस से बात कर रहा था

मैं तो पार्किंग एरिया से लिफ्ट मे चढ़ गया और अपने फ्लोर की बटन दबा कर दीवार की तरफ मुँह

करके बात करने लगा

मुझे पता ही नही चला कि लिफ्ट मे कोई और भी है

मेरे साथ एक लड़का और एक औरत भी लिफ्ट मे है इतना पता था

शायद लड़का और उसकी माँ थी मैं ने उनकी तरफ देखा भी नही और बात करने लगा

लिफ्ट तो 1 स्ट फ्लोर पर ही रुक गयी

तो वो लड़का लिफ्ट से नीचे उतर गया , मुझे लगा कि वो औरत उस लड़के की माँ होगी तो वो भी उतर

गयी

मतलब अब लिफ्ट मैं सिर्फ़ मैं अकेला ऐसा मुझे लगा

लेकिन लिफ्ट मे एक और औरत थी , वो लड़के की माँ नही थी

मैं लिफ्ट मे अकेला होने से खुल कर बात करने लगा

फोन मेरे दोस्त का था

दोस्त-कैसा है बे

अवी-मैं तो ठीक हूँ तुम बता शहर मे सब कैसे है

दोस्त-.साले तेरे जाने से ग्रूप तो टूट ही गया

अवी-क्या बात कर रहा है

दोस्त-.सब अपने अपने लाइफ मे बिज़ी हो गये है , तू था तो हफ्ते मे एक बार तो मिलते लेकिन 3 महीने से

किसी से मुलाकात नही हुई

अवी-मेरे आते ही सब मिल जाएँगे

दोस्त-तू आ जा जल्दी वापस

अवी-मैं नही आने वाला

दोस्त-.क्यूँ क्या हुआ , तुम तो बोल रहा था कि तू जल्दी वापस आएगा

अवी-तब मुझे पता नही था कि मुंबई इतनी अच्छी है

दोस्त-.मतलब तू नही आएगा

अवी-छुट्टियों मे आउन्गा बाकी मैं तो अब हमेशा के लिए यही रहूँगा

दोस्त-.यहाँ तेरी गर्लफ्रेंड है

अवी-उसको भी यहीं लेकर आउन्गा

दोस्त-.मतलब तू शादी करने वाला है

अवी-अभी नही

दोस्त-.मतलब मुंबई मे कोई मिल गयी क्या

अवी-मिल गयी समझ

दोस्त-.तो माला

अवी-उससे तो शादी करूँगा ,

दोस्त-.तो टाइम पास रखी है

अवी-यहाँ पे सब ऐसा ही होता है

दोस्त-.क्या नाम है उसका

अवी-रेशमा

मेरे मुँह से नाम सुनते उस औरत ने थोड़ी हलचल की पर मैं तो इतने दिनो बाद दोस्त से बात करने

मे खोया हुआ था

दोस्त-.नाम तो अच्छा है

अवी-नाम मे ही सब कुछ है , रेशमा , उसको तू देखेगा तो पागल हो जाएगा

दोस्त-.क्या बात करता है

अवी-इतनी हॉट और सेक्सी है कि तू पूछ ही मत

दोस्त-बताना उसके बारे में

अवी-तू अगर रेशमा को देखेगा तो उसपे टूट पड़ेगा , क्या ड्रेस पहनती है , मैं तो दीवाना हो

गया हूँ रेशमा का , उसने तो मुझमें आग भी लगाई है

दोस्त-कहीं तूने उसकी चुदाई तो नही की

अवी-उसकी तो हर रोज लेता हूँ सपने मे तो चोद चोद कर भोसड़ा बनाया है

दोस्त-.रियल मे भी ली है क्या

अवी-हाँ

दोस्त-.और बता उसके बारे में

अवी-आज रेशमा लाल ड्रेस मे इतनी हॉट थी कि मेरा पानी देख कर निकल गया

दोस्त-.क्या बात करता है

अवी-मेरा बस चले तो दिन रात उसकी लेता रहूं

दोस्त-उसकी फोटो भेज

अवी-तू यही आ जा कुछ दिन के लिए तुझे भी दिलवा दूँगा , साथ मे उसका मज़ा लेंगे

दोस्त-मज़ाक मत कर

अवी-तू आ तो सही , रेशमा के रेशमी बालो मे सुलाउंगा तुझे ,

रेशमा के गुलाबी होंठो का रस पिलाउन्गा

उसके गोरे बदन को अपने वीर्य से गीला कर देंगे

तू बस एक बस आ फिर देखना ,तू आगे से करना और मैं पीछे से

दोस्त-.सॅंडविच की तरह

अवी-सॅंडविच की तरह खाएँगे रेशमा को

दोस्त-ठीक है मैं जल्दी आउन्गा

अवी-तू जब आएगा तब रेशमा के साथ मज़ा करेंगे , और तू टेन्षन मत लेना मैं तब तक उसको

मना लूँगा

दोस्त-फिर तो मुंबई घूमने ज़रूर आउन्गा

और मैं ने फोन रख दिया

फोन रखते ही मैं अपना फ्लोर आया कि नही ये देखने के लिए पलट गया

वैसे ही मेरे गाल पर थप्पड़ पड़ा

मुझे कोई थप्पड़ मारेगा उसकी उम्मीद नही थी

मुझे तो गुस्सा आया

जिसने मुझे थप्पड़ मारा उसको मैं थप्पड़ मारने वाला था कि रुक गया
 
मुझे कोई थप्पड़ मारेगा उसकी उम्मीद नही थी

मुझे तो गुस्सा आया

जिसने मुझे थप्पड़ मारा उसको मैं थप्पड़ मारने वाला था कि रुक गया

क्यूँ कि मुझे थप्पड़ रेशमा ने मारा था

मेरी पड़ोसन ने मुझे थप्पड़ मारा था

रेशमा यहाँ क्या कर रही है

रेशमा कब लिफ्ट मे आई

कही इसने सब सुन तो नही लिया

लेकिन इसने थप्पड़ क्यूँ मारा

रेशमा थप्पड़ मारने के बाद मुझे गुस्से से देख रही थी

मैं तो समझ ही नही पाया कि थप्पड़ क्यूँ मारा

मैं तो हॅंग हो गया था

मुझे गुस्सा तो आ रहा था

सोचा कि इस थप्पड़ का बदला लूँ

लेकिन उसकी खूबसूरती को देखते ही मैं कमज़ोर पड़ गया

वो मेरे सपनो की रानी थी

ऐसे मे मैं उसको कैसे मार सकता हूँ

उसको तो बस प्यार करने के बारे में सोच सकता हूँ

रेशमा थप्पड़ मारने के बाद कुछ बोलना चाह रही थी कि लिफ्ट रुक गयी

मतलब मेरी मंज़िल आ गयी

मैं भी उसको कुछ पूछना चाहता था

लेकिन लिफ्ट रुकते ही मिस्टर मिसेज़ गुप्ता वही खड़े थे

उनको देखते ही मैं ने बात बढ़ानी ठीक नही समझी

फिर कभी इस थप्पड़ के बारे पूछूँगा

रेशमा भी मिस्टर मिसेज़ गुप्ता के सामने चुप रही

मैं वहाँ से निकल कर अपने अपार्टमेंट मे चला गया

रेशमा मुझे गुस्से से देखते हुए अपने रूम मे चली गयी

अपार्टमेंट मे आते ही मैं सोचने लगा कि रेशमा ने क्यूँ मुझे थप्पड़ मारा होगा

अगर बिना वजा मारा होगा तो उसको इसकी कीमत चुकानी होगी

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रेशमा ने मुझे थप्पड़ मार दिया

अच्छा हुआ वहाँ कोई और नही था

पर कुछ बाते होती तो पता चलता कि ऐसे अचानक थप्पड़ क्यूँ मारा

पर अच्छा हुआ कि मैं वहाँ नही रुका वरना बात और बढ़ जाती

पर थप्पड़ क्यूँ मारा था

मैं सोचने लगा था कि मुझे समझ मे आ गया

मैं रेशमा की बात कर रहा था अपने हिसाब से और रेशमा को लगा कि उसकी बात कर रहा हूँ

तो ये बात है , सब ग़लतफहमी से हुआ है

पर रेशमा जब लिफ्ट मे आई

शायद मैं उसको लड़के की माँ समझ रहा था वो रेशमा थी , लड़का तो पहले उतर गया और

मुझे लगा कि लिफ्ट खाली है

दोस्त के साथ बात करते हुए इतना खो गया कि कुछ याद ही नही रहा

मुझे रेशमा से बात करनी होगी

पर अब अगर उसके सामने भी गया तो वो क्या क्या कहेगी क्या करेगी सोच भी नही सकता

मैं ने कितना कुछ बोला दोस्त से , ऐसे मे रेशमा का थप्पड़ मारना सही था

उसकी जगह कोई और होती तो वो भी थप्पड़ मारती

अब तो मैं यहाँ रहा तो बिना वजह कचरा हो जाएगा , यहाँ की बात ऑफीस फिर मेरे घर भी जा सकती

है

मुझे यहाँ से दूसरी जगह शिफ्ट होना होगा वरना गंद लग जाएगी

रेशमा के सामने आते ही वो तो मेरी जान ले लेगी

रेशमा अगर सोसायटी के सेक्रेटरी को थप्पड़ मारने से नही डर सकती तो मैं क्या चीज़ हूँ

मैं सेक्रेटरी से बात करता हूँ , देखता हूँ उनसे बात करके की दूसरी वंग मे कोई अपार्टमेंट खाली

हो तो मेरे लिए बात करे

अब तो रेशमा दूर दूर तक मुझे नही मिल सकती

वो रात तो आराम से निकल गयी

दूसरी दिन मैं ने सेक्रेटरी से बात की तो उसने कहा कि यहाँ तो कोई अपार्टमेंट नही मिलेगा ,

ऑफीस वाले भी कह रहे थे दूसरी जगह जाने की वजह क्या है

ऐसे मे मुझे वही रहना पड़ेगा एक साल

पता नही अब क्या होगा

मेरी पड़ोसन के साथ मैं क्या क्या करूँगा ये सच था

कितने रंगीन सपने देखे थे

और अब तो उसके सामने जाते ही मेरा कचरा हो जाएगा

मैं अब सीडियो से ही अपने अपार्टमेंट मे जाने लगा

क्यूँ कि अब मेरा दिमाग़ चल ही नही रहा था

इस बीच मिस्टर गुप्ता जो मेरे सामने वाले अपार्टमेंट मे रहते है उननो मुझे डिन्नर के लिए बुलाया

उनके शादी की सालगिरह थी

वो हर साल उनके फ्लोर के पड़ोसी को बुलाते है

अब तो बस मैं और रेशमा ही थे

तो उन्होने मुझे इन्वाइट किया , मुझे समझ मे आया कि वहाँ रेशमा भी होगी तो मैं जाने वाला नही

था

बस उनको हाँ बोल दिया

लेकिन शाम तक मैं भूल ही गया और सीधा अपएटमेंट मे आया , पहले सोचा था कि शाम को देर

से अपार्टमेंट मे जाउन्गा जिस से मिस्टर गुप्ता के घर जाना नही पड़ेगा

लेकिन फिर से ग़लती हो गयी ,जैसे मैं अपने रूम का डोर खोलने लगा तो मिस्टर गुप्ता ने आवज़ दी और

जल्दी आने को कहा

अब तो बुरी तरह से फस गया

अब तो जाना ही होगा

मैं फ्रेश होकर मिस्टर गुप्ता के घर गया तो वहाँ रेशमा नही थी

रेशमा को ना देख कर मैं रिलॅक्स हो गया

मैं ने मिस्टर मिसेज़ गुप्ता को विश किया

फिर डिन्नर शुरू हुआ

जैसे डिन्नर लग गया तो रेशमा भी आ गयी

बस इसी की कमी थी

मैं चुप छाप वैसे बैठा रहा

रेशमा ने भी उनको विश किया और डिन्नर टेबल पर आ गयी

जैसे उसकी नज़र मुझपर पड़ी तो उसको गुस्सा आ गया

पर वो मिस्टर मिसेज़ गुप्ता के सामने सीन क्रियेट नही करना चाहती थी

हमारा डिन्नर शुरू हो गया

मिस्टर गुप्ता- रेशमा बेटी तुम इसको जानती हो

रेशमा- नही , कौन है

मिसेज़ गुप्ता- ये रूमारे पड़ोस मे ही तो रहता है , अवी नाम है इसका

अवी-नमस्ते

रेशमा ने घूर कर देखा जैसे मुझे कच्चा खा जाएगी

मिस्टर गुप्ता- अवी तुम को यहाँ कोई जानता ही नही , तुम्हें क्या लोगो से मिलना पसंद नही है

अवी- ऐसी कोई बात नही है , वो क्या हैना मैं पहली बार अपनी फॅमिली से दूर रह रहा हूँ ,

मिसेज़ गुप्ता- तो क्या हुआ

अवी- तो मैं ने यहाँ आने से पहले सोचा कि एक साल यहाँ रहूँगा फिर वापस चला जाउन्गा क्यूँ कि

मैं अपनी फॅमिली के बिना नही रह पाता

मिस्टर गुप्ता- तुम वापस जाने वाले हो क्यूँ ये जगह पसंद नही आई

अवी- यहाँ तो सब अच्छा है पर मैं यहाँ टिक नही पाउन्गा , और मेरी फॅमिली शहर मे तो मैं यहाँ

नही रह सकता

मिस्टर गुप्ता-क्यूँ क्या हुआ , किसी ने कुछ कहा तुम्हें ,

मिसेज़ गुप्ता- तुम तो किसी से बात भी नही करते , अपनी ही दुनिया मे खोए रहते हो ऐसे मे क्या हुआ

अवी- ग़लतफहमी

रेशमा ने मेरी तरफ देखा

मिस्टर गुप्ता- कैसी ग़लतफहमी

अवी- लंबी कहानी है फिर किसी दिन बताउन्गा वैसे आप की शादी तो लंबी चल रही है बहुत प्यार

होगा आप दोनो मे

मिस्टर गुप्ता- हमारा प्यार ही तो हमे साथ रख पाया है

मिसेज़ गुप्ता- बच्चों ने कहा कि उनके पास आ जाउ पर हम दोनो साथ रहना चाहते है

अवी- शादी के बाद से ही आप साथ हो

मिस्टर गुप्ता- हाँ , एक दिन भी मैं अपनी बीवी से दूर नही रहा

ये बात सुनते ही रेशमा को अपने पति की याद आ गयी

वो शादी के बाद भी अकेली है

अवी- मैं भी जल्दी शादी करने वाला हूँ

मिसेज़ गुप्ता- ये तो अच्छी बात है

मिस्टर गुप्ता- तो इस लिए वापस अपने शहर जाना चाहते हो

अवी- हाँ ,

मिसेज़ गुप्ता-लड़की देखी है

अवी- हाँ ,मेरी गर्लफ्रेंड से शादी करने वाला हूँ

मिस्टर गुप्ता- क्या नाम है उसका

अवी- मुझे ना दो लड़की पसंद है , बस मेरी माँ जिसको फाइनल करेंगी उस से शादी होगी

मिस्टर गुप्ता- 2 गर्लफ्रेंड है

अवी- पहले तो एक ही थी लेकिन मुंबई मे आते ही दूसरी बन गयी , अब कन्फ्यूज़ हूँ

मिसेज़ गुप्ता- तुम किस से प्यार करते हो

अवी- माला से , 4 साल से उस से प्यार कर रहा हूँ

मिस्टर गुप्ता- और दूसरी

अवी- अभी 3 महीने मिली है , रेशमा नाम है

अपना नाम सुनते ही रेशमा ने खाना खाना रोक दिया

मिसेज़ गुप्ता- रेशमा तो शादी शुदा है , हैना रेशमा

अवी- इनका नाम.भी रेशमा है

मिस्टर गुप्ता- मतलब कोई और रेशमा है हमे लगा कि हमारी रेशमा की बात कर रहे हो

और दोनो हँसने लगे

अवी-रेशमा नाम बहुत कॉमन है जिस से हर जगह रेशमा नाम सुनने को मिलता है , जिस से

ग़लतफहमी बहुत हो जाती है , मैं तो मेरे ऑफीस की रेशमा की बात कर रहा हूँ , मेरे ऑफीस मे

काम करती है , अच्छी लड़की है , कुछ महीनो मे ही मेरे करीब आ गयी

मिसेज़ गुप्ता- मुझसे पूछो तो तुम्हें माला से शादी करनी चाहिए

अवी- मैं भी यही सोच रहा हूँ ,

मिस्टर गुप्ता- माला ठीक रहेगी ,

अवी- ये तो मेरी माँ ही फ़ैसला करेंगी ,

मिस्टर गुप्ता- आजकल के लड़के तो माँ बाप की बात नही सुनते पर तुम वैसे नही हो , तुमसे मिलके अच्छा

लगा
 
मिस्टर गुप्ता- आजकल के लड़के तो माँ बाप की बात नही सुनते पर तुम वैसे नही हो , तुमसे मिलके अच्छा

लगा

मिसेज़ गुप्ता- अच्छे लड़के हो तुम , मुझे तो लगा कि पता नही कौन यहाँ रहने आया होगा लेकिन तुम

अच्छे लड़के को अपने काम से काम रखते हो

अवी- मुझे भी लोगो से मिलना अच्छा लगता है पर यहाँ तो हर कोई घर के अंदर ही रहते है , डोर

बंद करके जीना जानते है ,जिस से किसी से बात ही नही हुई है ,

मिस्टर गुप्ता-वैसे सेक्रेटरी बोल रहा था कि तुम ये बिल्डिंग छोड़ना चाहते हो

अवी- हाँ , मुझे ऐसा लगता है कि किसी को मेरा यहाँ रहना पसंद माही है , तो मैं बात बढ़ने से

पहले यहाँ से जाना चाहता हूँ , बिना वजह मेरी वजह से किसी को प्राब्लम हो ये मैं नही चाहता

मिस्टर गुप्ता- कोई परेशनी हो तो मुझे बताओ , मैं मदद कर दूँगा

अवी- कभी कभी कुछ बाते ऐसी होती है कि जो दिखता है वैसा होता नही ,

मिसेज़ गुप्ता- तुम्हारी बाते तो समझ मे नही आ रही

मिस्टर गुप्ता- रेशमा बेटी तुम क्यूँ चुप चाप खाना खा रही हो

रेशमा- कुछ नही , ऑफीस से सीधा यहाँ आई तो थोड़ी थकि हुई हूँ

मिसेज़ गुप्ता- बेटी तू अपना भी ख़याल रखा कर

रेशमा- मुझे क्या हुआ है मैं ठीक हूँ आंटी

मिस्टर गुप्ता- तुम्हारा हज़्बेंड कब आने वाला है

रेशमा- उनको अभी टाइम है , अच्छा अब मैं चलती हूँ

मिसेज़ गुप्ता- इतनी जल्दी क्या है , कभी तो हमारे साथ भी बैठ कर बाते किया करो

रेशमा- जी

और रेशमा मिसेज़ गुप्ता से बाते करने लगी

और मैं मिस्टर गुप्ता से बात करने लगा

चलो अच्छा हुआ जो रेशमा को इनडाइरेक्ट्ली बात बता दी

अब कहीं जाके वो मेरी बात पे कुछ सोचेगी

उसको ये भी पता चला कि मैं यहाँ से वापस जाने वाला हूँ

और सिर्फ़ उसका नाम ही रेशमा नही दूसरो का भी नाम रेशमा होता है

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रेशमा से इनडाइरेक्ट्ली बात हो गयी

शायद मेरी बात से उसका गुस्सा कम.हो जाए

फिर भी मैं रेशमा से दूर ही रहा

मिस्टर मिसेज़ गुप्ता के घर के डिन्नर से कुछ बात बन गयी

लेकिन जब तक आमने सामने बात ना हो कुछ बोल नही सकते

लेकिन इस से बात बन गयी

उस दिन के बाद नेक्स्ट सनडे को मैं फिर से गार्डन मे घूमने लगा

सनडे को बच्चे फुटबॉल ज़रूर खेलते है

बच्चे- भैया चलो फुटबॉल खेलते है

अवी- तुम सब खेलो , मैं बस आज खेल देखूँगा

बच्चे - भैया वो देखो आंटी जिसको आपने बॉल मारा था

अवी- चुप रहो वरना फिर मुझपर गुस्सा करेंगी

रेशमा हमारे तरफ ही देख रही थी

बच्चे खेल रहे थे पर मुझे चुप चाप बैठा डेक कर पता नही क्या सोच रही होगी

मैं कुछ देर वैसे खेल देखता रहा फिर वॉचमन से मिलने चला गया

वॉचमन से बात करके वापस आया तो बच्चे मेरे पास आ गये

अवी- खेलना बंद क्यो किया

बच्चे- भैया देखो हमारी बॉल वापस मिल गयी

अवी- किसने की वापस

बच्चे- वही आंटी जिसको आपने बॉल मारी थी

अवी- आंटी ने वापस की बॉल , मेरे बारे कुछ कहा

बच्चे- आंटी पूछ रही थी कि उस दिन क्या हुआ था ,

अवी- तुमने क्या बताया

बच्चे- हमने कहा कि बॉल मैं ने मारा था पर पिटाई से बचने के लिए आपका नाम बताया

अवी- झूठ क्यूँ बोला

बच्चा- झूठ बोला तभी तो बॉल वापस मिल गयी , और अब आंटी आप पर भी गुस्सा नही करेंगी

बच्चा- चलो भैया अब खेलते है , अब तो आंटी भी आप पर गुस्सा नही है

बच्चों ने तो मुझे बचा लिया

फिर क्या था

मैं भी खेलने लगा

रेशमा जब शॉप से कुछ खरीदी करके वापस आई तो मुझे खेलते हुए देखा

रेशमा समझ गयी होगी कि ग़लतफहमी थी

मेरे लिए ये अच्छी बात थी

ऐसे धीरे धीरे दूरिया ख़तम होगी तो अच्छा होगा

अब मैं फिर से रेशमा के बारे में सोचने लगा

रेशमा को फिर से मेरे लिए नॉर्मल देख कर मेरे अंदर भी फीलिंग पैदा हो रही थी

अब कुछ बात बन सकती है

मैं ने तो आज रेशमा के नाम पर गोल पर गोल किए

और बच्चों को जूस पिलाने भी ले गया

अब जाके मुझे चैन आया
 
अब रेशमा से नज़र मिलती तो उसके आँख मे गुस्सा नही दिखाई देता

मैं मिस्टर मिसेज़ गुप्ता के घर भी आने जाने लगा था

मिस्टर गुप्ता के साथ ड्रिंक भी कर लेता और दो चार बाते हो जाती

कभी कभी जब मैं मिस्टर गुप्ता के घर मे होता तो रेशमा भी आ जाती तो हाई हेलो हो जाती

हाई हेलो से धीरे धीरे बातों की शुरुआत ही हो जाएगी

मिस्टर मिसेज़ गुप्ता को भी अब अच्छा लगने लगा कि उनसे मिलने कोई आता है

एक बार तो चेस का गेम बहुत लंबा चला गुप्ता और मेरे बीच मे

ऐसी छोटी मोटी बातों से रेशमा और मेरे बीच मे थोड़ी बहुत बाते हो जाती

मैं कोई चान्स नही छोड़ता रेशमा से मिलने का

रेशमा भी मिसेज़ गुप्ता के घर अब ज़्यादा ही आने लगी थी

मिस्टर गुप्ता तो मुझे बेटे जैसा मानने लगी

पर अब तक ठीक से बात नही हुई थी रेशमा से

ऐसे मे एक दिन सेक्रेटरी हमारे फ्लोर पर आया

और कहने लगा कि बाल्कनी पर लगी हुई ग्रिल निकालनी है

हम तो उस बात को समझ ही नही पाए

तब सेक्रेटरी ने बताया कि पास के बिल्डिंग मे बाल्कनी की ग्रिल एक लड़के के उपर गिरने से मौत हुई

है तो हम ने डिसाइड किया है कि 4 5 6 7 फ्लोर की ग्रिल निकाल देंगे

इतने उपर बाल्कनी से चोर थोड़ी आएगा

इस लिए ग्रिल निकाल ने को हम ने इजाज़त दे दी

बाल्कनी की ग्रिल निकल जाएगी तो मैं रेशमा के अपार्टमेंट मे आराम से जा पाउन्गा

अब तो मेरे और रेशमा के मिलन के रास्ते क्लियर हो रहे थे

ये तो मेरे लिए अच्छा ही था

जब से रेशमा का गुस्सा कम हुआ तब से मैं ने रेशमा और उसकी सहेली की चुदाई कम कर दी थी

कम क्या बंद ही कर दी थी

अब मेरा फोकस वापस मेरी पड़ोसन रेशमा थी

ऐसा लग रहा था कि जैसे अब हमारा मिलन जल्दी हो जाएगा

सारे रास्ते अपने आप खुल रहे थे

ऐसे मे मैं पिछली बार की तरह मिस्टेक नही कर रहा था

हर कदम आराम से रख रहा था

अब तक रेशमा के घर मे कोई एंट्री नही मिली थी

एक बार उसके घर मे एंट्री मिली तो रेशमा के दिल मे एंट्री कर लूँगा

एक बार रेशमा से बात हुई तो शीष्कारियाँ भी निकालना सिखा दूँगा उसको

बस कोई अच्छा मोका मिल जाए

या फिर कोई प्लान बन जाए तो अच्छा होगा

और एक दिन मैं लोकल से ऑफीस जा रहा था तो मेरे पास दो औरते खड़ी हो गयी

औरते कहीं पर भी बातें शुरू कर देती है

लोकल मे हो तो ऐसी बाते सुनने को मिलती है कि पूछो मत

औरत1- तुम्हें पता है कल क्या हुआ मेरे साथ

औरत2- क्या हुआ

अओरत1- कल ना मैं ने कपड़े सुखाने को छत पर रखे थे

अओरत2 - हर कोई कपड़े छत पर सुखाते है इसमे नया क्या है

अओरत1- मेरी बात तो सुनो

अओरत2-कहो

अओरत1-तो कल हवा ज़्यादा चल रही थी तो मेरा एक ड्रेस उड़ कर बाजू वाले घर के कॉंपाउंड मे

चला गया

अओरत2- तो ले आना था

अओरत1- ड्रेस लेने ही गयी थी तो मैं ने पड़ोसी की खिड़की से अंदर ज़ा कर भी देखा तो पता है

मैं ने क्या देखा

अओरत2- क्या देखा

अओरत1- मेरा पड़ोसी अपने नौकरानी के साथ था ,

अओरे2-क्या बात करती है

अओरत1- हाँ , मैं तो ये देख कर शॉक्ड हुई , पर

अओरत2- पर क्या

अओरत1- पड़ोसी की उसकी नौकरानी के साथ चुदाई देख कर मैं भी गीली हो गयी थी , बहुत बड़ा था

उसका और बहुत देर तक करता है , मेरा दिल कर रहा था कि काश उस नौकरानी की जगह मैं होती

अओरत2- तो ब्लॅकमेल कर देती

अओरत1- सोच तो यही रही हूँ ,

अओरत2 - चल अपना स्टेशन आ गया

मैं ने उन दोनो औरतों की बात सुन ली

ऐसे बहुत सी बाते पता चल जाती है लोकल मे

किसी किसी की शादी की बात भी लोकल ट्रेन मे हो जाती है

बड़ी काम आती लोकल ट्रेन

मुझे एक आइडिया मिल गया रेशमा को पाने का

प्लान अच्छा था उस से रेशमा जो पता चलेगा कि मैं ने लिफ्ट मे जो कहा था वो कोई दूसरी रेशमा

थी

और ये बात भी पता चलेगा कि रेशमा कितनी प्यासी है बस एक डर है कि कही वो मुझे गंदा

लड़का ना समझ ले

और मैं अपने दमदार लंड के दर्शन भी करवा सकता हूँ रेशमा को

प्लान अच्छा था पर थोड़ा मुश्किल भी था

लेकिन इस के सिवा अच्छा रास्ता दिख नही रहा था

मैं प्लान के मुताबिक सारी बातें सेट करने लगा

रेशमा कब घर आती है

किस तरह रहती है

रेशमा घर के कामो को हर दिन के हिसाब से कैसे मेनेज करती है

रेशमा ने नौकरानी नही रखी थी

घर की सॉफ सफाई एक दिन , बर्तन हर दिन धोती है , और कपड़े हमेशा सनडे को धोने को

निकालती है

किस टाइम क्या करती है इसका पता बड़ी चालाकी से मिसेज़ गुप्ता से लगा लिया , तो कभी कभी वॉचमन को

रेशमा के घर भेजता तो पता चल जाता कि कब क्या कर रही है रेशमा

अगर मैं उसके घर चला जाता तो अच्छा होता

अब जा सकता हूँ रेशमा के घर पर मैं पहले अपना प्लान कामयाब करना चाहता था

अपनी पड़ोसन को पाना चाहता हूँ

सब कुछ मैं ने नोट कर लिया

अब बस ऑफीस वाली रेशमा को पटाना था

उसकी बहुत दिन से चुदाई नही की थी तो उसके चुदाई करने का समय आ गया था

मैं ने प्लान का दिन सनडे सेलेक्ट किया

उस से पहले मैं ने रेशमा से बात की

रेशमा को अपने कॅबिन मे बुलाया तो वो खुश हो गयी

अवी-रेशमा

रेशमा-सर आप तो मुझे भूल ही गये

अवी-तुम्हें कैसे भूल सकता हूँ

रेशमा-फिर आज कल आप ओवरटाइम नही करते हो

अवी-ओवरटाइम से थक जाता हूँ ,

रेशमा-थकना तो मुझे पड़ता है , आप कैसे थक जाते हो

अवी-वो शिकायत छोड़ो , मैं ने तुम्हें किस लिए बुलाया है पता है

रेशमा-ओवरटाइम करना हो तो मैं तैयार हूँ

अवी-तभी तो सोच रहा हूँ कि इस साल की एंप्लायी की सॅलरी के इनक्रिमेंट की लिस्ट मे तुम्हारा नाम दूं

रेशमा-सच

अवी-बॉस ने मुझे कुछ नाम देने को कहा है तो तुम्हारा नाम सबसे उपर रखा है

रेशमा-लेकिन अभी तो मेरा प्रमोशन हुआ है

अवी-वो मेरा पवर था , अब सॅलरी का इनक्रिमेंट तो हर साल होता हैना कुछ एंप्लाइयी का

रेशमा-सर मेरा सबसे पहले देना

अवी-दे भी दिया है , अब तो पार्टी चाहिए मुझे

रेशमा-कब चाहिए सर

अवी-इस सनडे को

रेशमा-सनडे को ऑफीस बंद रहता है

अवी-पार्टी मेरे घर पे होगी , पूरा दिन और रात भर

रेशमा-पार्टी मे कौन कौन होगा

अवी-तुम और मैं , 24 घंटे मस्ती करेंगे ,ऑफीस मे जल्दी जल्दी मे करना पड़ता है

रेशमा-आपको तो पार्टी देनी ही होगी , क्या मैं अपनी सहेली को बता दूं

अवी-उसका नाम भी दिया है लेकिन उसको अगले हफ्ते बताएँगे

रेशमा-ठीक है , मैं पूरी तैयारी से आउन्गि

अवी-तुम्हें अड्रेस मेसेज कर दूँगा ,

रेशमा-थॅंक यू सर, 3 महीने मे दो बार सॅलरी इनक्रिमेंट हो रही है ,

और रेशमा खुश हो गयी
 
बस अब सब प्लान के मुताबिक होना चाहिए

सनडे के लिए मैं ने सारे इंतज़ाम कर दिए थे

बीयर और हर ज़रूरत की चीज़ थी मेरे पास

शनिवार को ही मेसेज करके एड्रेस बता दिया रेशमा को

रेशमा भी मुझसे बहुत खुश थी

अगर प्लान कामयाब हुआ तो रेशमा को बढ़िया गिफ्ट दूँगा

और सनडे का सूरज भी निकल गया

सनडे होते ही मैं देखने लगा कि प्लान कैसे चल रहा है

रेशमा मेरी पड़ोसन उसी टाइम पर कपड़े धोने को निकाले जब उसका टाइम होता है

सनडे को ही सारे कपड़े धोती है

मैं ने देखा कि 7 दिन की 7 पैंटी और ड्रेस साड़ी भी होती है

बाल्कनी पूरी फुल हो जाती है

रेशमा ने अपने सारे काम वैसे किए जैसा प्लान किया था

रेशमा तो सनडे को काम करके दोपेहर मे लंबी नींद लेती है

रेशमा के सो जाने के बाद मैं ने ऑफीस वाली रेशमा को कॉल करके दोपेहर मे आने को कहा

रेशमा के आने तक मैं अगला स्टेप चलने लगा

बिना आवाज़ किए मैं रेशमा की बाल्कनी मे गया

और उसके कपड़ो की रस्सी को तोड़ कर अपनी बाल्कनी तक लाया

ऐसे दिखाया कि रस्सी ज़्यादा कपड़ो से टूट गयी है फिर तेज हवा से साथ कपड़े उड़ कर मेरी बाल्कनी मे

आ गये है

रस्सी से कुछ कपड़े निकाल कर मैं ने मेरी बाल्कनी मे बिखेर दिए

अब तो रेशमा को अपने कपड़े लेने को मेरे बाल्कनी मे आना ही पड़ेगा

वैसे कुछ प्राब्लम नही होती एक दूसरे के बाल्कनी मे जाने से

रेशमा भी आराम से आ जाएगी मेरी बाल्कनी मे

अब बस कुछ स्टेप बाकी थे

रेशमा भी दोपेहर 4 बजे मेरे यहाँ आ गयी

रेशमा ठीक 6.30 बजे कपड़े निकालने आती है

रेशमा के आते ही बस एक स्टेप बाकी था वो ये कि रेशमा मेरी बाल्कनी मे आ जाए

मैं ने रेशमा को अपने अपार्टमेंट मे रुकने को कहा और बाहर जाकर कॉंडम लाने की बात कही

बाहर आकर मिसेज़ गुप्ता को कहा कि मैं आज बाहर जा रहा हूँ अगर कोई आए तो बताना कि मैं कल

आउन्गा और मैं लिफ्ट से नीचे जाकर थोड़ी देर बाद मिसेज़ गुप्ता को बिना पता लगे अपने अपार्टमेंट मे चला

गया

सब प्लान के मुताबिक हो रहा था

बस अब रेशमा क्या सोचती है वो देखना होगा

रेशमा को मेरे बोलकोनी मे आए बिना दूसरा रास्ता ना हो इस लिए मैं ने मिसेज़ गुप्ता को बताया कि

मैं घर पर नही हूँ और रेशमा को कल ऑफीस जाने के लिए ड्रेस चाहिए ही

उसको मेरी बाल्कनी मे आना ही होगा

मैं ने रेशमा को पटाने के लिए एक प्लान बना लिया

रेशमा को बताना था कि उस दिन लिफ्ट मे मैं किस रेशमा की बात कर रहा था

प्लान के मुताबिक रेशमा मेरे घर आ गयी

आज तो मैं ने रेशमा के साथ रात भर चुदाई करने का प्लान बनाया

और ये सारी चुदाई लाइव देखेगी रेशमा

रेशमा के आते ही मैं ने उसका स्वागत किया

अवी- तुम तो दुल्हन की तरह सजधज कर आई हो

रेशमा-सर आपने ही तो कहा था कि पार्टी मे कोई कमी ना हो

अवी- वो तो अब देखना होगा कि तुम पार्टी मे कब तक टिकती हो

रेशमा-पूरी रात भर का सोच कर आई हूँ

अवी- एक पल भी सोने नही दूँगा

रेशमा-सोना चाहता भी कौन है

अवी- ये हुई ना बात

रेशमा-तो पार्टी कहाँ शुरू करनी है

अवी- ड्रिंक करते है

रेशमा-सर मैं ड्रिंक बनाती हूँ तब तक कुछ म्यूज़िक लगा दो

अवी- सर नही दोस्त बोलो , आज तुम मेरी गर्लफ्रेंड बन कर मस्ती करो

रेशमा-तो आपको अपनी गर्लफ्रेंड की याद आ रही है

अवी- हाँ

रेशमा-आपको बाय्फ्रेंड बना कर मेरी किस्मत खुल जाएगी

अवी- तो आज पार्टी मे डबल मज़ा आएगा

रेशमा-अवी म्यूज़िक लगा दो

अवी- आज तो सेक्स के म्यूजिक से काम चलाएँगे

रेशमा-फिर तो और मज़ा आएगा

और रेशमा ने ड्रिंक बना लिए

रेशमा मेरी गोद मे बैठ कर ड्रिंक करने लगी

रेशमा का बदन कुछ महीनो मे खिल गया था

अब तो रेशमा को मसल्ने मे मज़ा आता है

ड्रिंक करने मे टाइम लग रहा था ताकि मेरी रेशमा आ जाए

जब तक मेरी रेशमा नही आएगी तब तक गेम शुरू नही होगा

नशा तो हम पर हो गया था

सेक्स का नशा भी सर चढ़ कर बोल रहा था

धीरे धीरे ड्रिंक करते हुए रेशमा के बूब्स दबा रहा था

बूब्स को दबाने के साथ बीच बीच मे किस भी कर रहा था

अभी तो खेल शुरू हुआ था

पर रेशमा जल्दी खड़ी हो गयी

अवी- क्या हुआ

रेशमा-कुछ खाने को होता तो मज़ा आता

अवी- पहले तुझे खाने दूं , फ्रिज मे खाना रखा है

रेशमा-तो शुरू हो जाओ

अवी- जल्दी क्या है हमारे पास पूरी रात बाकी है

रेशमा-मेरे अंदर तो आग लगी है

अवी- चलो तुम्हारी आग बुझा देता हूँ

और मैं रेशमा को गोद मे उठा कर बेडरूम मे ले गया

और बेडरूम मे छोटी मोटी छेड़ छाड़ शुरू कर दी

कपड़े निकालने मे आधा घंटा लगाया

आज आराम से रेशमा का मज़ा लेना चाहता था

ऑफीस मे जल्दी जल्दी मे वो मज़ा नही आ रहा था

आज सब कुछ वसूल हो जाएगा

मैं रेशमा को ब्रा पैंटी मे बेडरूम मे घुमाने लगा

रेशमा को घोड़ी बना कर उसकी गंद पर थप्पड़ मारने लगा

शराब के नशे से सेक्स के नशे मे बदल रहा था

रेशमा अपने बॉस को खुश रखना चाहती थी क्यूँ कि उसको मुझसे बहुत कुछ मिल रहा है

आगे भी उसको.मुझसे बहुत कुछ पाने की उम्मीद थी

मैं ने उसको किस करके गरम करना शुरू कर दिया

उसके बूब्स को ब्रा के क़ैद से आज़ाद कर दिया

ब्यूटी पार्लर जाके आई थी जिस से उसका बदन चमक रहा था

आज तो जमकर रेशमा की गंद मारूँगा

तीनो छेदों मे मेरा लंड होगा

पर मुझे इंतज़ार था रेशमा के आने का
 
रेशमा के आने का टाइम भी हो गया

किसी भी वक्त मेरे घर की बेल बज सकती है

रेशमा के आने का टाइम होते ही मैं ने अपना अंडरवेर और रेशमा की पैंटी निकाल दी

अब तो असली पार्टी की शुरुआत हुई थी

रेशमा तो इतनी गरम हो गयी थी कि खुद अपनी चूत मे उंगली कर रही थी

जैसा सोचा था वैसा ही हुआ पहले बाल्कनी की तरफ से कुछ आवज़ आई

मुझे पता था कि बाल्कनी से रस्सी खींच कर कोई फ़ायदा नही होगा रेशमा को

रेशमा तो अपने कपड़े मेरी बाल्कनी मे देख कर शॉक्ड हो गयी

उसको तो समझ मे नही आ रहा था कि क्या करे

सारे कपड़े धोने को डाले थे जिस से उसको मुश्किल दिखाई दे रही थी

अब क्या पहन कर ऑफीस जाएगी

इस लिए रेशमा बाल्कनी से मुझे आवाज़ देने लगी तो मैं ने इग्नोर कर दिया

आवाज़ देने से काम ना चलने से रेशमा ने मेरे अपार्टमेंट की डोर की बेल बजानी शुरू कर दी

रेशमा-अब कौन आया

अवी- तुम ध्यान मत दो जो होगा वो बेल बजा कर वापस चला जाएगा

रेशमा-पार्टी मे भंग कौन डाल रहा है

अवी- तुम पार्टी पे ध्यान दो

और रेशमा वापस मुझे खुश करने लगी

रेशमा बेल बजा बजा कर थक गयी

पर मैं ने डोर नही खोला

इतनी बेल बजाने से मिसेज़ गुप्ता भी बाहर आ गयी होगी

तब जाके रेशमा को पता लगा कि मैं घर पर नही हूँ , और मैं 2 दिन बाद आउन्गा

ये सुनते ही रेशमा को तो कुछ समझ मे नही आया

अगर कपड़े मेरी बाल्कनी से नही निकाले तो वो कल क्या पहन कर जाएगी

और मैं परसो भी वापस नही आया तो

रेशमा को तो कुछ समझ नही आ रहा था

रेशमा वापस अपनी बाल्कनी मे आई

और लकड़ी के मदद से कपड़े निकालने की कॉसिश करने लगी

पर मैं ने बाल्कनी मे गुलाब के पौधो के काटो मे फँसा कर रखे थे ड्रेस

एक ड्रेस रेशमा निकालने मे कामयाब हुई लेकिन काटो की वजह से फट गयी

मतलब लकड़ी की मदद से कोई फ़ायदा नही होगा

अब तो रेशमा के पसीने निकलने लगे

ऐसे मे बस एक काम हो सकता है

रेशमा को अपनी बाल्कनी से मेरी बाल्कनी मे आना होगा

रेशमा के ऐसा करते ही मुझे पता चल जाएगा

लेकिन अब तक कोई आवाज़ नही आई

अंधेरा हो चुका था

रेशमा अंधेरा होने का इंतज़ार कर रही थी

अंधेरा होते ही रेशमा मेरी बाल्कनी मे आने का ट्राइ करने लगी

उसको डर लग रहा था लेकिन ये करना ही था

वो आराम से मेरी बाल्कनी मे आ गयी

पर जैसे ही रेशमा ने मेरी बॉल्कानी मे कदम रखा तो ग्लास गिरने की आवज़ आई

ये मैने ग्लास ऐसा सेट किया था कि कोई बाल्कनी से मेरी बाल्कनी मे आए तो आवाज़ हो जाए

मुझे पता चल गया कि रेशमा मेरी बाल्कनी मे आ गयी

रेशमा को इस आवाज़ से फरक नही पड़ा क्यूँ कि उसको तो पता था कि मैं घर पर नही हूँ

रेशमा मेरी बाल्कनी मे आते ही अपने कपड़े जमा करने लगी

मैं ने बाल्कनी का डोर खुला रखा था

कपड़े जमा करते हुए रेशमा के हाथो मे काटे चुभने लगे

हमारी बिल्डिंग मे लॉक ऑटोमॅटिक थे जो अंदर से खुल सकते है और लॉक लगाने को बस डोर बंद

करना पड़ता है तो ऑटोमॅटिक डोर लग जाते है

रेशमा ने कपड़े जमा करने शुरू किए

मैं ने रेशमा के कपड़े जानबूझ कर बाल्कनी से घर के अंदर भी फेके

रेशमा को लगा कि ये भी उसके ही कपड़े होंगे

वो बाल्कनी के डोर से घर के अंदर आ गयी

यही तो मैं चाहता था

जैसे ही रेशमा अंदर आई तो मैं भी हॉल मे आ गया

मैं डोर के पास से छुप कर देख ही रहा था

मैं आवाज़ करते हुए हॉल मे आने लगा

.तो रेशमा मेरी आवाज़ से डर गयी

और बाल्कनी की खिड़की के पास जो पर्दे है उसके पीछे छुप गयी

रेशमा को तो समझ मे नही आया कि ये क्या हो रहा है

अचानक मैं घर के अंदर कैसे आ गया

रेशमा को तो डर लग रहा था

वो चोरो की तरह घर के अंदर आई थी

पर उसने सोचा कि वो मुझे सब सच बता देंगी और कपड़े लेकर चली जाएगी

तो उसने परदा हटा कर देखा तो मैं पूरा नंगा खड़ा था हॉल मे

मुझे इस तरह नंगा देख कर रेशमा तो शॉक्ड हो गयी

उसको समझ नही आ रहा था कि मैं नंगा क्या कर रहा हूँ

मेरा लंड खड़ा था उस पे ही रेशमा की नज़र थी

मैं हॉल के बेड पर बैठ गया जहाँ से रेशमा को अच्छा व्यू मिले

मैं बेडरूम से बाहर आया तो रेशमा भी बाहर आ गयी

रेशमा भी पूरी नंगी थी

हम दोनो को नंगा देख कर रेशमा समझ गयी कि हम क्या कर रहे है

रेशमा तो खुद को कोष रही होगी कि वो यहाँ क्यूँ आई

रेशमा तो हॉल मे आते ही मुझ पे टूट पड़ी

अब मेरी पड़ोसन रेशमा लाइव चुदाई देखेगी

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रेशमा फँस गयी थी

वो हमे नंगा देख कर छुप तो गयी पर अब उसको हमारी चुदाई देखनी होगी

रेशमा को तो कुछ समझ ही नही आ रहा होगा

पहले ही वो प्यासी है और अब लाइव चुदाई देखेगी

पर मेरे लिए ये अच्छा ही होगा

क्यूँ कि लंड एक चूत मे जाएगा पर पानी 2 चूत से निकालेगा.

लंड रेशमा की चूत मे जाएगा और पानी मेरी पड़ोसन की चूत से निकालेगा.

हम नंगे होते एक दूसरे के गले लग गये.

रेशमा की गंद मेरी पड़ोसन रेशमा की तरफ थी ,और मैं रेशमा को गले लगाते हुए गंद

मसल रहा था.

मैं रेशमा को दिखे ऐसे मज़े करने वाला था

गंद को दोनो हाथ मे पकड़ अपने से कसा लिया. जिस से रेशमा मुझसे चिपक गयी.

जल्दी मेरी पड़ोसन मस्ती मे आकर खुद को मेरे ऑफीस वाली रेशमी की जगह फील करेगी

मैं ने चूतड़ो को दबाते हुए गंद की दरार मे उंगली डाल दी.

दरार मे उंगली जाते ही गंद के छेद को टच हो गयी.तो रेशमा की शीष्कारियाँ निकल गयी

जिन्हें सुनकर मेरी पड़ोसन का मुँह खुला का खुला रह गया

मैं उंगली से रेशमा की गंद को कुरेदने लगा.

और बार बार कहने लगा

रेशमा रेशमा रेशमा

अपना नाम सुनकर तो मेरी पड़ोसन शॉक्ड हुई होगी पर उसको याद आया कि मेरी फ्रेंड का

नाम.भी रेशमा है

इस से मेरा ही फ़ायदा होगा क्यूँ कि मेरी पड़ोसन को लगेगा कि वो मेरो बाहों मे है

रेशमा मेरे गले लगे होने से मेरी बाहों मे मछली की तरह मचल रही थी.

साथ मे रेशमा शीष्कारी ले रही थी.

उधर रेशमा की हालत भी खराब हो रही थी.

उसको मदहोश करने का कोई चान्स छोड़ नही रहा था

मेरी पड़ोसन का हाथ उसकी चूत पर चला गया था और चेहरे के एक्सप्रेशन से पता चल रहा

था कि वो क्या कर रही थी.

आआआआहह...........आआआअहह.......हााआययइईई..........

रेशमा- बसस्स गले लगाओगे य्ाआआअ...........आआआअहह.............

कुच्छ....आगे भी करूऊओ...

अवी-करता हूँ रेशमा डार्लिंग ,पर आराम से करूँगा, पूरी टंकी खाली करनी है

रेशमा-आआहह ...........आआआअ कर दो खालीईई

मैं ने रेशमा की गंद को पकड़ और उपर उठाया और बेड पर पटक दिया.

रेशमा-ऊओउऊउक्ककचह......ऊऊुुऊउक्ककचह.........आराम से ...........

और मैं ने भी रेशमा के उपर छलान्ग लगाई.और बिना देर किए उनके होंठो को चूसने लगा

रेशमा तो आज अपनी आग पूरी तरह से बुझाने के इरादे से मैदान मे उतरी थी.

मेरे किस करते ही रेशमा मेरे होंठो को चूसने लगी.

हमारे किस करने से मेरी पड़ोसन रेशमा शायद जल रही थी.

शायद खिड़की मे खड़ी रह कर यही सोच रही होगी कि काश वो मेरी बाहों मे होती

जितना ज़्यादा मज़ा रेशमा करेगी उस से ज़्यादा रेशमा जलती रहेगी.

रेशमा के होंठो को चूसने के बाद मैं ने बूब्स पर हमला बोल दिया.

बूब्स को दबाते हुए मैं रेशमा से बात करने लगा

अवी-एक बात कहूँ रेशमा

रेशमा-हाँ बोलो

अवी- मैं ने सुबह एक अप्सरा को देखा उसका नाम भी रेशमा है , उसके बूब्स तुम से ज़्यादा बड़े

है.

रेशमा- मुझसे बड़े है मतलब उसका भी अफेर होगा

बस इतना काफ़ी था ,रेशमा रेशमा की बात सुनकर जल कर कोयला हो गयी.

रेशमा के अंदर आग भड़काना मेरे लिए ज़रूरी था.

उसकी आँखे चुदाई के नशे से और गुस्से से लाल हो गयी थी.

मैं ने वापस रेशमा पर फोकस किया.

अवी-तुम्हारे बूब्स रेशमा की तरह करता हूँ

रेशमा-जो करना है करो पर मेरे सामने किसी और का नाम मत लो

मैं रेशमा के बूब्स को दबाते हुए चूसने लगा.

जैसे आम को दबाने के बाद रस पीते है उसी तरह रेशमा के बूब्स को दबा कर चूस रहा था.

रेशमा के बूब्स मेरे ऐसे करने से जल्दी लाल हो गये

एक लाल हुआ तो क्या हुआ ,दूसरा अभी बाकी था.

अब मैं दूसरे बूब्स को दबा रहा था ,चूस रहा था, लाल कर रहा था.

बूब्स को चूस्ते हुए मैं तिरछी नज़रों से रेशमा की तरफ देख रहा था.

रेशमा नीचे देख रही थी.

शायद अपने बूब्स देख रही होगी.

मेरी बातों का असर धीरे धीरे रेशमा पर हो रहा था.

रेशमा के बूब्स को लाल कर दिया.

अवी-चूसोगी

रेशमा-चूसुन्गी

हम 69 पोज़िशन मे आ गये.

रेशमा ने पहली चुदाई मे जैसा किया उसी तरह मेरे लंड को चूस रही थी.

मैं भी रेशमा की चूत को चूसने लगा

एक बार लंड लेने से रेशमा की चूत खुल गयी थी.

जिस से 3 उंगली चूत मे डाल कर जीभ से चाट रहा था.

रेशमा भी अपना मुँह खोल कर ज़्यादा से ज़्यादा लंड मुँह मे लेकर चूस रही थी.

उधर रेशमा बस अपने होंठो पर जीभ और शायद चूत पर हाथ घुमाने के सिवा कुछ नही कर

सकती थी.

रेशमा के उपर ये नशा सिर्फ़ अपना पानी निकलने तक रहेगा.

फिर रेशमा मोका देख कर भाग जाएगी .

रेशमा अपने काम मे लगी हुई थी, रेशमा अपने काम को मज़े लेते हुए कर रही थी.

रेशमा की चूत से पानी निकलने तक मैं उसकी चूत चूसे जा रहा था.

रेशमा का पानी पीने के बाद मैं ने रेशमा को अपने उपर से अलग कर दिया

रेशमा-मैं ने कहा था कि लंड डाल कर पानी निकालना पर तुम ने तो ऐसे ही निकाल दिया.

अवी-क्यूँ मज़ा नही आया.

रेशमा-मज़ा आया पर लंड से पानी निकालती तो मज़ा ज़्यादा आता.

अवी-मेरी रेशमी के लिए कुछ भी.

रेशमा-सच

अवी-रूको तुम्हारे अंदर लंड डाल कर दिखाता हूँ

मैं ने लंड पर कॉंडम लगा लिया.

और रेशमा के उपर आकर लंड को चूत पर सेट किया.

रेशमा-गीला तो कर लो

अवी-उसकी ज़रूरत नही है.

और मैं ने एक झटका मार कर और फिर दूसरा झटका मारकर लंड रेशमा की चूत मे डाल दिया.

आआअहह.......ऊओउऊउक्ककचह......आआअहह.........आराम से करो...........

अब आराम से करने का समय नही था.

लंड चूत मे जाकर रुकने वाला थोड़ी था वो तो सवारी करना चाहता था.

रेशमा मेरे धक्के के साथ मज़े मे अपनी गंद उपर कर देती.

धक्के मारने से रेशमा को मज़ा आ रहा था.

ऐसा मज़ा मिल रहा था उस मज़े मे कोई और जल रही थी.

मैं रेशमा का पानी जल्द से जल्द निकालना चाहता था ताकि फिर रेशमकी गंद और रेशमा की चूत

मार सकूँ

हमारी चुदाई का जोश देख कर रेशमा की हालत पतली हो रही थी.

रेशमा ऐसे ही मज़े लेते हुए मेरे नीचे लेटी हुई थी ये देख कर रेशमा को अपनी आँखो पर

विश्वास नही हो रहा होगा.

रेशमा चुदाई मे मेरा साथ दे रही थी और मैं रेशमा का पानी निकालने के लिए अपना हॅंड

पंप चला रहा था.

रेशमा की शीष्कारियाँ अगर मुझ मे जोश बढ़ा रही थी तो रेशमा का क्या हाल हो रहा होगा.

कितनी गीली हुई होगी रेशमा की पैंटी

मेरी पड़ोसन रेशमा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
 
ये बात दिमाग़ मे आते ही मैं ने अपनी गति बढ़ा दी.

गति बढ़ाने से रेशमा ने अपना कंट्रोल खो दिया और मेरे लंड का अभिषेक हो गया.

रेशमा पानी छोड़ते ही रिलॅक्स हो गयी. अपने आप को हल्का महसूस कर रही थी.

मैं ने लंड को रेशमा की चूत से बाहर निकाल लिया.

लंड बाहर निकलते ही रेशमा ने अपनी आँखे बंद की

एक जोरदार चुदाई की रेशमा की

रेशमा ऐसी चुदाई से खुश थी

पर उधर रेशमा की हालत खराब थी

एक तो उसकी कही महीनो से चुदाई नही हुई

उसकी चूत प्यासी है

ऐसे मे इतनी दमदार चुदाई से रेशमा का गला सुख गया था

लेकिन चूत से पानी पे पानी निकल रहा था

रेशमा का वहाँ खड़ा रहना मुश्किल ही रहा था

रेशमा ने ऐसी चुदाई कभी की नही होगी

मेरा दमदार लंड देख कर तो रेशमा के मुँह मे पानी आ रहा था

पता नही क्या सोच रही होगी रेशमा

अभी तो उसको बहुत कुछ दिखाना था

उसको डिकाना था कि मुझ मे कितना दम है

रेशमा भी फँस चुकी थी

हम हॉल मे थे जिस से वो बाल्कनी मे भी नही जा सकती थी

अब तो रात भर उसको वहीं रहना होगा

पर ऑफीस वाली रेशमा तो दमदार चुदाई के बाद भी तैयार थी दूसरा राउंड करने के लिए

अभी तो गंद मारना भी बाकी थी

रेशमा-अवी तुम तो जादूगर हो

अवी- मज़ा आया

रेशमी- हाँ , आज सारी हड्डी टूट गयी

अवी- अभी तो पूरी रात बाकी है

रेशमा- मैं भी रात भर रुकूंगी पर बाल्कनी का डोर बंद कर दो ठंड लग रही है

रवि- डोर बंद करने की क्या ज़रूरत है , अभी तुम्हें गरम करता हूँ

रेशमा- करो ना डोर बंद ,

अवी- ठीक है करता हूँ पर तुम्हारी गंद मार कर पीछे का डोर खोलूँगा

गंद मारने के नाम से रेशमा भी डर गयी होगी

शायद उसने कभी गंद मे लंड नही लिया होगा

मैं वैसे ही नंगा बाल्कनी के पास गया

मेरा लंड आधा मुरझाया हुआ था

मैं रेशमा के एक दम पास गया

उसको मेरे लंड को करीब से देखने का मोका मिला

कुछ देर मैं वही रुका रहा ताकि उसको लंड अच्छे से दिखाई दे

रेशमा को दर्शन करवाने के बाद बाल्कनी का डोर बंद कर दिया

अब तो रेशमा पूरी तरह से फँस गयी

अब हॉल मे रेशमा मैं रेशमा थी

पूरी रात हर पार्टी चलेगी पता नही रेशमा कैसे खड़ी रहेगी पर्दे के पीछे

रेशमा-अब एक एक ड्रिंक हो जाए

अवी-क्यूँ नही

और धुआँधार चुदाई के बाद मैं ड्रिंक करने लगा

ड्रिंक करते हुए बाते भी करने लगे

रेशमा-आज तो मेरी सुहागरात होगी

अवी-बिना शादी वाली सुहागरात

रेशमा-तुम कहो तो मैं शादी भी करने को तैयार हूँ

अवी-रेशमा मैं ने तुम्हें बताया है कि मैं

रेशमा-पता है , शादी नही होगी, पर हम मज़ा तो ऐसे करते रहेंगे

रेशमा समझ गयी कि ये वो रेशमा है

अवी-इसमे और मसाला डाल सकता हूँ

रेशमा-क्या मतलब

अवी-अगले हफ्ते मेरा एक फ्रेंड आने वाला है

रेशमा-किस लिए

अवी-मुंबई देखने , और उसको मैं ने तुम्हारे बारे में भी बताया

रेशमा-क्या बताया

अवी-सब कुछ , और वो तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता है

रेशमा-मैं नही करूँगी किसी के साथ

अवी-मैं ने उस से फोन पर बात की है , तुम्हें सॅंडविच बना कर खाएँगे

रेशमा-नही , मैं नही करूँगी तुम्हारे फ्रेंड के साथ

अवी-एक बार देख लो कैसा है फिर जो तुम कहोगी वो करेंगे

रेशमा-नही , फिर तुम और किसी फ्रेंड को लाओगे , ये हम दोनो के बीच मे रहने दो

अवी-ठीक है , अगर कभी एक साथ 2 लंड का दिल करे तो मुझे बताना

रेशमा-क्यूँ बताऊ , मेरी शादी होगी तो अपने हज़्बेंड का भी लूँगी

अवी-चलो ड्रिंक तो हो गया अब एक और राउंड करे

रेशमा-तुम्हारे लिए तो सब कुछ कर सकती हूँ , तुम्हारी चुदाई की गुलाम ही गयी हूँ ,तुम्हारा लंड लाखों

मे एक है

अवी-सब यही कहते है

रेशमा-मेरा बस चले तो काट कर अपने साथ रख लूँ तुम्हारा लंड

रेशमा की बातों का रेशमा पर असर होगा

वो भी समझ रही थी उस दिन मैं इस रेशमा की बात कर रहा था

पर रेशमा का ध्यान मुझ पर नही मेरे लंड पर था

अब फिर से रेशमा को गीला करने का समय आ गया था

रेशमा ने लंड चूस कर खड़ा कर दिया

और अब मैं गंद मारके मज़ा लेने वाला था

इधर रेशमा हमारी फिर से लाइव चुदाई देखेगी

मैं ने रेशमा के चूतड़ पर एक एक थप्पड़ मारा .

थप्पड़ मारने से रेशमा को मज़ा आया.

फिर मैं ने रेशमा के चूतड़ पर किस किया.

और रेशमा के चूतड़ को पकड़ कर फैला दिया.

रेशमा की गंद मारने के बाद रेशमा का मज़ा लूँगा.

मैं ने रेशमा की गंद पर थूक लगा लिया.

मेरा लंड रेशमा के पानी से चिकना हो गया था.

मैं ने लंड को रेशमा की गंद के छेद पर रख दिया.

और एक बार रेशमा की तरफ देखा और रेशमा की कमर को पकड़ कर एक झटका मारा

जैसे लंड रेशमा की गंद मे गया हो ऐसे एक्सप्रेशन थे रेशमा के चेहरे पर

ऑफीस मे रेशमा की गंद मार कर गंद को थोड़ा खोल रखा था ,जिस की वजह से मेरे लंड को अंदर

जाने मे मुश्किल नही हुई.

मेरे लंड ने रेशमा की गंद मे जगह बनाने का काम शुरू कर दिया.
 
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