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रेशमा - मेरी पड़ोसन complete

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रेशमा को देख कर मेरे जान मे जान आ गयी

रेशमा कैसे भी हालत मे क्यूँ ना हो वो ठीक है ये मेरे लिए एक पॉज़िटिव बात थी

अब रेशमा की लाइफ को मुझे प्यार से भरना था

अब रेशमा कभी अकेली नही रहेगी

मैं पर पल उसके साथ रहूँगा

रेशमा के हर वो खुशियाँ दूँगा जिससे वो अब तक दूर रही

मैं रेशमा के पास बैठ गया

रेशमा वैसे आसमान की तरफ देख रही थी

मैं ने रेशमा के हाथ को अपने हाथो मे लिया

और रेशमा की तरफ देख कर उसको चूम लिया

मेरे चूमते ही रेशमा की आँख मे आँसू निकल गये

रेशमा के निकल रहा एक एक आँसू मेरे दिल को तेज़ाब की तरह जला रहा था

रेशमा का इस तरह रोना मुझे छलनी छलनी कर रहा था

मैं ने रेशमा के आँसू को अपने हाथ पर लिया और पी गया

मैं रेशमा के सारे दर्द को पीना चाहता था

रेशमा ने मेरी तरफ देखा

उसके आँसू को पीते ही रेशमा की आँख सुख गयी

रेशमा की आँख से आँसू निकलने बंद हो गये

रेशमा मुझे देखती रह गयी

मुझे अपने दर्द को पीता हुआ देख कर इतनी भावुक हो गयी और मेरे गले लग गयी

रेशमा मेरे गले लग कर खुद के दर्द को हल्का करना चाहती हो

मैं ने उसको वो सहारा दिया जो वो चाहती थी

उसको विश्वास दिलाया कि मैं ज़िंदगी भर उसका सहारा बन कर रहूँगा

उसको कभी अकेला नही पड़ने दूँगा

मेरी बाहों मे आते ही रेशमा को सुकून मिला

जैसे उसको मेरा ही इंतज़ार था

वो बस यही चाहती थी कि मैं उसको ढूंढता हुआ आ जाउ

अगर सच मे मैं उसको प्यार करता हूँ तो मैं आज उसके पास ज़रूर आउन्गा

और देखो रेशमा का प्यार मुझे उसके पास ले आया

शायद रेशमा मेरी परीक्षा लेना चाहती हो

शायद वो देखना चाहती थी कि मेरा प्यार कहीं वासना तो नही है

वो खुश थी कि मैं उसके पास हूँ

रेशमा को यकीन नही हो रहा होगा कि मैं उसके पास कैसे आ गया

रेशमा को ये उम्मीद ही नही थी कि कोई उस से इतना प्यार करेगा कि वो उसके पास खिचा चला

आएगा

रेशमा को ये सपना ही लग रहा था

रेशमा ने मुझे और कस के गले लगाया

रेशमा अब मुझे खुद से दूर नही करेगी

मैं भी रेशमा को दूर नही करना चाहता था

हम तो एक दूसरे की बाहों मे आते ही प्यार को फील कर रहे थे

हमारे प्यार ने आज हमे मिलाया था

रेशमा मुझे छोड़ ही नही रही थी

शिकवे शिकायते कर रही थी कि मैं उससे दूर क्यूँ गया

रेशमा की सारी शिकायतों को मैं अपने प्यार से ख़तम करना चाहता था

रेशमा का गले लगना कितना कुछ बया कर रहा था

रेशमा की धड़कनो से जब मेरी धड़कने मिलने लगी तो हमारे दिल मे प्यार से भरने लगा

रेशमा का दिल मैं पा रहा था और रेशमा मेरे दिल को अपना बना रही थी

हम दोनो के दिल एक हो रहे थे

रेशमा के रेशमी बाल तो हम दोनो के मिलन को सब से छुपा रहे थे

रेशमा को शायद डर लग रहा होगा कि वो मुझसे अलग होगी तो उसका सपना टूट जाएगा

पर उस पगली को कौन ये बताएगा कि ये सपना नही हक़ीकत है

रेशमा की तरह मैं भी उसको खुद से दूर नही करना चाहता था

रेशमा से दूर रह कर मैं भी जी नही पा रहा था

रेशमा और मैं तो गले गलने के साथ एक दूसरे की पीठ पर हाथ घुमा रहे थे

मैं ने तो रेशमा के गर्दन को चूमना भी शुरू किया

रेशमा तो इस से मेरी बाहों मे मचलने लगी

पर खुद को मुझसे दूर नही कर रही थी

मैं भी अब उसको खुद से दूर नही होने दे सकता था

और हम एक दूसरे को प्यार करने लगे

रेशमा भी मुझे चूमने लगी

दोनो तो प्यार की आग मे जल रहे थे

इस तरह प्यार करते हुए हम ज़मीन पर लेट गये

और एक दूसरे को चूमते गये

मैं ने रेशमा के चेहरे को किस करना शुरू किया तो उसकी पकड़ ढीली होती गयी

रेशमा ने अपना चेहरा दूसरी तरफ किया शायद वो शरमा रही हो

मैं ने रेशमा के चेहरे को अपनी तरफ किया .रेशमा ने अपनी आँखे बंद कर ली .

मैं ये क्या कर रहा था मुझे समझ नही आ रहा था.

और इस के बाद क्या होगा मैं रेशमा को कैसे समझाउन्गा ये सब चीज़े मेरे दिमाग़ से कहाँ चली

गयी पता नही चला.

रेशमा होश मे नही थी या फिर वो यही चाहती थी कि होश मे ना रहे

अगर होश मे आने के बाद उसको ये पसंद नही आया तो

वो बाद मे देख लूँगा अभी तो मैं रेशमा को उसके हिस्से की खुशी देना चाहता था

किसी ने सच कहा है जब किसी को प्यार होता है तो वो दिमाग़ से नही दिल से सोचता है.

क्या मुझे माला से ज़्यादा रेशमा से...नही नही ये मैं क्या सोच रहा हूँ.

मैं ने रेशमा के चेहरे को गोर से देखा, इस समय रेशमा के चेहरे को पढ़ना मुश्किल था.

उसके चेहरे पे खुशी, गम,दुख, प्यार,नफ़रत, ऐसा बहुत कुछ था.

अगर उसकी आँखे खुली होती तो मैं कुछ समझ पाता.पर रेशमा ने अपनी आँखे बंद कर रखी

थी.

मैं ने उसकी आँखो पर किस किया रेशमा ने फिर भी अपनी आँखे नही खोली.

फिर मैं ने उसके माथे पर किस किया. फिर उसके गालों पर किस किया.

जब मैं उसके चेहरे पे जगह जगह पर किस कर रहा था तो रेशमा के होंठ काप रहे थे.

पता नही क्यूँ काप रहे थे. मेरे होंठो से मिलने के लिए या मेरे होंठ उसे ना छुए इस लिए.

जैसे ही रेशमा ने मुझे छोड़ा वैसे मैं उसके होंठो की तरफ अपने होंठ ले जाने लगा

रेशमा के होंठो से रस टपक रहा था

रेशमा ने अपने होंठो को दातों मे दबा के रखा था

पर जैसे ही मेरे होंठ उसके होंठो के पास आए तो उसके होंठो ने उसको धोका दिया

और मेरे होंठो से जा मिले

मैं ने धीरे से अपने होंठो उसके होंठो से लगा दिए. इतना सॉफ्ट टच था जैसे एक पल के लिए मैं

भूल गया था कि मैं कहाँ हूँ मैं क्या कर रहा हूँ.

मेरे होंठ उसके होंठो से लगते ही रेशमा ने अपनी आँखे खोल कर फिर बंद की.

वो इतना जल्दी हुआ कि मैं उसकी आँखो मे देख नही पाया.

हमारे होंठो के मिलते ही हमारे अंदर प्यार का सूनामी आ गया

इस किस मे इतना प्यार भरा हुआ था कि क्या बताऊ

रेशमा के होंठो को मेरे होंठ छु गये ये सपने जैसे था

जैसे लिफ्ट मे मिरर इमेज को किस करके फील हुआ था उस से कही ज़्यादा स्वीट था ये किस .

इस किस मे रेशमा मेरा साथ दे रही थी

हम दोनो एक दूसरे के होंठो को चूस रहे थे

इस किस से हमारा प्यार के मंदिर की पहली नीव रखी गयी

ये किस हमारे एक होने का सबूत बन रहा था

इस किस से रेशमा मेरी हो गयी

किस के साथ प्यार मिल रहा था हम दोनो को

रेशमा के रस को पी कर मैं उसको अपना प्यार दे रहा था

मैं उसके होंठो को किस करने मे इतना खो गया था कि मैं ने भी अपनी आँखे कब बंद की,

मुझे पता भी नही चला.

इतना मधुर मिलना था हमारे होंठो का कि क्या बताऊ. ऐसा लग रहा था कितनी सदियों के बाद हम

मिले हो और बस ये मिलन कभी ख़तम ना हो.

मैं बस उसके होंठो पर अपने होंठ रख कर वैसे ही बिना कुछ किए 5 मिनिट तक उसके होंठो को

महसूस करता रहा.

उसके होंठो को छूने से मेरी प्यास और बढ़ रही थी. उसके होंठ मुझे प्यासा बना कर होंठो का

गुलाबी रस पीने को कह रहे थे.

मैं ने उसके नाज़ुक होंठो का रस पीना शुरू किया.

रस इतना मीठा था कि उसके सामने पूरी दुनिया फीकी लग जाए.

मैं ने रेशमा के होंठो को चूसने लगा.

रेशमा को किस करते हुए मुझे एक पल के लिए माला की याद आ गयी.पर रेशमा के नशीले होंठो

ने वो याद भी मेरे दिमाग़ से निकाल दी.

रेशमा ने अपने होंठो पर लिपस्टिक नही लगाई थी फिर भी रेशमा के होंठ गुलाब की तरह गुलाबी थे.

मैं ने कितनो के साथ चुदाई की कितनो को मैं ने जन्नत दिखाई पर किसीने मुझे जन्नत जैसा मज़ा

नही दिया था.

पर आज सिर्फ़ किस करने से मुझे ऐसा आनंद मिल रहा था जिसकी कल्पना मैं ने माला के साथ की थी.

पर माला भी मुझे वो खुशी नही दे पाई जो रेशमा के एक किस ने दी.

मेरे साथ साथ रेशमा ने भी मेरे होंठो को चूसना शुरू किया.

हम दोनो दुनिया को पीछे छोड़ कर अपनी नही दुनिया मे खो गये थे जहाँ सिर्फ़ प्यार था.

मैं यहाँ रेशमा को घर ले जाने आया था. मुझे पता नही था कि वहाँ मुझे सिर्फ़ प्यार मिलेगा.

ऐसा प्यार जिसमे मैं इतना खो जाउन्गा कि मैं खुद को भूल जाउन्गा.

मैं रेशमा के होंठो को चूसने लगा. पर मेरी हिम्मत नही हुई कि मैं अपनी जीभ रेशमा के

मुँह मे डालु .

पर रेशमा जैसे मेरे मन की बात जान गयी हो उसने अपनी जीभ मेरे मुँह मे डाल दी.

मैं रेशमा के जीभ को चूसने लगा. फिर रेशमा भी अपनी जीभ के साथ मेरी जीभ भी अपने मुँह मे

ले गयी. और चूसने लगी.

मुझे तो लग रहा था कि ये किस कभी ख़तम ही ना हो पर जो चीज़ हमे अच्छी लगती है वो जल्दी

ख़तम हो जाती है.

रेशमा तो मेरे होंठो को छोड़ने को तैयार नही थी पर उसकी चेस्ट ज़ोर ज़ोर धड़क रही थी.उसकी चेस्ट

फुल रही थी

फिर भी रेशमा मेरे होंठो को छोड़ने के लिए तैयार नही थी.

उसकी धड़कने मेरे धड़कानों से मिल रही थी.

मुझे लगा कि अब मुझे रुक जाना चाहिए.मैं जिस चीज़ के लिए भगवान से दुआ माँग रहा था कि

वो ख़तम ना हो उसी चीज़ को मुझे रोकना पड़ा.

मैं ने अपने होंठो को बड़ी मुश्किल से रेशमा के होंठो से अलग किया. मेरे होंठ अलग होते ही

रेशमा ने अपनी आँखे खोली.

रेशमा की आँखो मे देख कर ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी ने रेशमा के बदन से उसकी आत्मा

अलग की हो.

उसकी आँखे लाल हो गयी थी. जैसे उसके बदन का सारा खून उसकी आँखो मे चला गया हो.

उसकी धड़कने इतनी तेज चल रही थी कि ऐसा लग रहा था कि अगर एक सेकेंड भी देर हो जाती तो कहना

मुश्किल था कि क्या हो जाता.

हमारे होंठ अलग होते ही रेशमा लंबी लंबी सासे लेकर कर अपने आप को नॉर्मल करने की

कोशिस कर रही थी.

मैं भी खुद को नॉर्मल कर रहा था.मेरी भी हालत रेशमा जैसी थी.

किस करने से मेरा प्यार और बढ़ गया .

ये बर्तडे रेशमा के लिए बेस्ट साबित होगा

उसको प्यार मिल रहा था

इस बर्तडे पे वो अकेली नही है उसके साथ मैं था

______________________________
 
हम दोनो खुद को नॉर्मल करने की कोशिस कर रहे थे.

मुझे तो इसकी आदत थी पर रेशमा के लिए ये सब नया था ,उसे नॉर्मल होने मे ज़्यादा समय लगा.

मैं नॉर्मल होने के बाद रेशमा की चेस्ट जो ज़ोर से धड़क रही थी उसको देख कर सोच रहा था कि

रेशमा की खूबसूरती कब देखने को मिलेगी.

देखते ही देखते रेशमा नॉर्मल हो गयी. हम दोनो नॉर्मल हो गये .

रेशमा उठ कर बैठ गयी

फिर मैं ने रेशमा के हाथ को पकड़ कर अपने पास खिच लिया .रेशमा मेरी गोद मे आकर बैठ

गयी .रेशमा का चेहरा मेरी तरफ था.

मैं रेशमा की सासो को अपनी सासो के साथ महसूस कर रहा था.

मैं ने फिर से रेशमा के आँखो पर किस किया .

रेशमा की आँखे जो प्यार की गरमी से जल रही थी उसे अपने होंठो के पानी से ठंडा करने की कोशिस

कर रहा था.

पर आँखो की जलन को किस कर के ठंडा नही किया जा सकता.

उसको तो प्यार चाहिए था. इसी लिए मैं ने फिर रेशमा के होंठो का रस्पान करना शुरू किया...

मैं आराम से हर एक सेकेंड का मज़ा लेना चाहता था.

हर एक सेकेंड को जीना चाहता था.

मैं रेशमा के साथ बिताए हुए हर एक पल को जीना चाहता था.

मैं रेशमा को किस करता गया और रेशमा भी मुझे किस करती गयी.

मैं ने इस बार सिर्फ़ 2 3मिनिट तक किस किया था.

जब मैं रेशमा से अलग हुआ तो उसकी आँखो ने पूछा कि इतनी जल्दी क्यूँ किस तोड़ा.

मेरे पास उसकी आँखो के पूछे हुए सवाल का कोई जवाब नही था.

पर उसकी आँखो को मैं ने विश्वास दिलाया कि उसका प्यार का इंतज़ार मैं ख़तम कर करूँगा.उसका

अकेलापन दूर करूँगा

मैं रेशमा के ब्लाउस को खोलना चाहता था ,रेशमा मेरा पूरा साथ दे रही थी.

फिर रेशमा के ब्लाउस को धीरे धीरे खोलने लगा. जैसे जैसे ब्लाउस खुल रही थी वैसे वैसे उसके

बदन की चमक मेरी आँखो को अपनी और खीच रही थी.

उसके बदन की चमक ने मेरी आँखो को अपने कब्ज़े मे कर लिया .

रेशमा के ब्लाउस ने रेशमा के बदन का साथ छोड़ दिया.

ब्लाउस का साथ छोड़ते ही रेशमा का बदन कह रहा था कि ब्रा भी निकालो मुझे पूरा आज़ाद होना

है.

जैसे पंछी पिंजरे से बाहर आकर आज़ाद होता है वैसे ही रेशमा का बदन ब्लाउस और ब्रा की

दीवार से निकल कर अपनी आज़ादी का मज़ा लेना चाहता था.

मैं ने रेशमा के बदन की बात सुनकर ब्रा को निकाल लिया. ब्रा के अपने बदन से अलग होने का

अहसास से रेशमा के बदन मे एक लहर दौड़ गयी.

रेशमा ने अपनी आँखे बंद की.

मैं ने रेशमा को ज़मीन पर लिटा दिया .2 मिनिट तक रेशमा के बदन को देखता रहा.

रेशमा के बूब्स जो इतने टाइट लग रहे थे की ,ऐसा लग रहा था कि उसके हज़्बेंड ने क्या उसने भी इनको

कभी हाथ नही लगाया होगा.

बस मेरे इंतज़ार मे अपने बूब्स को ब्रा की दीवार मे क़ैद करके रखा था कि मैं आउन्गा और

बूब्स को आज़ाद करके जिस वजह से बूब्स इस दुनिया मे आए है वो काम मैं पूरा करूँ.

मैं रेशमा के बदन को बस देखता रहा.2 मिनिट तक मुझे कुछ ना करते हुए देख कर रेशमा

ने अपनी आँखे खोल दी.

मुझे ऐसे घुरते हुए देख कर रेशमा ने फिर से अपनी आँखे बंद कर ली.

रेशमा की आँखे फिर बंद होते ही मैं रेशमा के उपर आ गया.

एक हल्का सा किस रेशमा के होंठो पे कर दिया

रेशमा के होंठो पर किस करने के बाद मैं धीरे धीरे नीचे आ रहा था. रेशमा की गर्दन को किस

कर रहा था . फिर मेरे होंठ रेशमा के बूब्स के पास आ गये.

मैं ने अपनी जीभ की टोक से धीरे से रेशमा के निपल को टच किया .ऐसे रखा था कि रेशमा का निपल

टाइट होकर उपर आकर मेरी जीभ को टच करने लगे .

मैं जीभ से रेशमा के निपल को चाटने लगा . मेरी जीभ टच होते ही रेशमा के मुँह से

शीष्कारियाँ निकल ने लगी.

मैं अपने हाथ को रेशमा के नरम बूब्स पे रख कर दबाने लगा. सच मे रेशमा ने भी

कभी इनको हाथ नही लगाया होगा इतने टाइट लग रहे थे.

मैं एक बूब्स को मुँह मे लेकर चूसने लगा तो दूसरे बूब्स को हाथो मे लेकर दबाने लगा .

मैं ने लेफ्ट बूब्स को मुँह से अलग कर लिया और राइट बूब्स को मुँह मे लेकर चूसने लगा.

रेशमा तो प्यार के नशे मदहोश हो गयी थी.

मैं रेशमा के नशे को कम होने नही दे रहा था .

रेशमा के जैसे होंठ गुलाबी थे वैसे उसके निपल गुलाबी थे.शायद चूत भी...

ना मुझे रेशमा के होंठ पे किस करते हुए छोड़ने का मन था और ना बूब्स को चूस्ते हुए

छोड़ने का मन हो रहा था

थोड़ी देर रेशमा के बूब्स को एक एक करके चूस्ता रहा.

फिर बूब्स चूसने के बाद मैं रेशमा के पेट पर किस कर ने लगा. पेट पर किस करने से रेशमा

को गुदगुदी होने लगी.

वो अपने सर को इधर उधर घुमा रही थी.

पेट पर किस करने के बाद मैं ने अपनी जीभ रेशमा के नाभि मे डाल दी.जीभ नाभि मे जाते ही उसे और

गुद गुदी होने लगी.

वो जल बिन मछली की तरह तड़फ़ रही थी या गुदगुदी होने से नाच रही थी.

रेशमा की नाभि के साथ खेलने के बाद मैं नीचे आ गया.

और रेशमा की साड़ी निकाल कर हवा मे उड़ा दी

मैं रेशमा के दोनो पैरो के बीच मे आ गया.मैं ने पेटिकोट के उपर से रेशमा की चूत पे

किस किया.

चूत पर किस करते हुए मेरे होंठो ने पेटिकोट को गीला कर दिया.

रेशमा के साथ किस और फिर बूब्स चूसना जिस से रेशमा ने इतना पानी छोड़ा था कि पैंटी और

पेटिकोट दोनो गीले हो गये थे.

मैं रेशमा की परी को देखने के लिए मरा जा रहा था.

जितनी देर मुझे रेशमा की परी देखने मे लग रही थी उतनी तेज़ मेरी धड़कने चल रही थी.

मैं ने पेटिकोट के नाडे को मुँह मे पकड़ लिया और खीच कर खोल दिया.

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रेशमा के साथ किस और फिर बूब्स चूसना जिस से रेशमा ने इतना पानी छोड़ा था कि पैंटी और

पेटिकोट दोनो गीले हो गये थे.

मैं रेशमा की परी को देखने के लिए मरा जा रहा था.

जितना देर मुझे रेशमा की परी देखने मे लग रहा था उतनी तेज़ मेरी धड़कने चल रही थी.

मैं ने पेटिकोट के नाडे को मुँह मे पकड़ लिया और खिच कर खोल दिया.

चुदाई का खेल शुरू हो जाने के बाद मैं ने रेशमा से बात की नही

पर रेशमा मे अपनी आँखे खोल कर मेरी तरफ देखा

मेरे मुँह मे उसके पेटिकोट का नाडा देख कर रेशमा ने फिर से अपनी आँखे बंद कर ली.

वो रुकने के लिए आँख खोलती

पर मेरा प्यार सेक कर वापस डूब जाती प्यार के समंदर मे

फिर मैं ने पेटिकोट को पकड़ कर नीचे करने लगा.

रेशमा ने अपनी गंद को उपर किया जिस से पेटिकोट निकल गया.

मैं जैसा कर रहा था उसमे रेशमा मेरा पूरा साथ दे रही थी.

रेशमा अब मेरे सामने सिर्फ़ पैंटी मे थी. रेशमा की पिंक पैंटी पूरी गीली हो गयी थी.

मैं रेशमा की पैंटी की महक को सूंघने लगा. मदहोश कर देने वाली महक थी .

रेशमा तो आँखे बंद करके मैं क्या क्या करने वाला हूँ उसका इंतज़ार कर रही थी.

मैं ने रेशमा की पैंटी जो गीली हो गयी थी उसको जीभ से चाट लिया.

मेरी जीभ पैंटी के उपर से चूत को छूने से रेशमा के मुँह से शीष्कारी निकल गयी.

ये वो प्यार हो रहा था जो रेशमा को उसके हज़्बेंड से नही मिला

फिर मैं ने पैंटी के अंदर अपना हाथ डाल दिया. अंदर पूरा चिपचिपा था.

मैं ने हाथ बाहर निकाल लिया और चूत के दर्शन करने के लिए तैयार हो गया.

मैं ने रेशमा की गीली पैंटी को पकड़ कर रेशमा के बदन से अलग करने लगा तो रेशमा ने

पैंटी पकड़ ली.

इस बार रेशमा ने मुझे पहली बार कुछ करने से रोका था.

मैं ने एक बार रेशमा की तरफ देखा वो ना मे गर्दन हिला रही थी.

मैं ने उसके हाथ के उपर किस किया जिस से रेशमा ने अपनी पैंटी पकड़ी थी. मेरे उसके हाथ पर

किस करते ही रेशमा ने पैंटी छोड़ दी.

और फिर पैंटी चूत के उपर से अलग हो गयी .

रेशमा का बदन अब खुल कर अपनी आज़ादी का मज़ा ले रहा था.

मुझे बस कुछ पल के लिए रेशमा की चूत दिखी.

क्यूँ की रेशमा ने अपने पैरो को मोड़ लिया जिस से रेशमा की चूत दिखना बंद हो गयी थी.

मैं ने रेशमा के पैरो पे किस करना शुरू किया.किस करते हुए धीरे धीरे उपर जाने लगा .

जब मैं ने रेशमा की जाँघो पर किस करना शुरू किया तब धीरे धीरे रेशमा अपने पैर को अलग कर

रही थी.

जैसे मैं उपर जाता वैसे उसके पैर एक दूसरे से अलग हो रहे थे.

अब रेशमा की चूत मेरे सामने थी. चाँद की रोशनी सीधे रेशमा की चूत पर गिर रही थी.

रेशमा की चूत पूरी गीली हो चुकी थी.और चाँद की रोशनी जब रेशमा की गीली चूत पर गिर रही थी तो

रेशमा की चूत चमक रही थी.

वो चमक मेरी आँखो को अपनी तरफ अट्रॅक्ट कर रही थी.

भगवान भी मुझे चाँद की रोशनी से रास्ता दिखा रहे थे.

चाँद की चमक मे वो भी रेशमा की चूत देखना बस क्या कहूँ ....मैं तो आँखो से रेशमा की

चुदाई करने लगा.

रेशमा की चूत गीली थी जिस से मुझे पहले रेशमा की चूत को प्यार करना था .

मैं ने अपनी जीभ से रेशमा की चूत को साफ करना शुरू किया.

जब भी मैं रेशमा के किसी पार्ट को अपने जीभ से टच करता तब मुझे क्या हो जाता ,मैं अपने

होश खो बैठता.

मुझे ऐसा लगता कि इस दुनिया मे रेशमा और मैं,सिर्फ़ हम दोनो ही हो ,जो सिर्फ़ प्यार करना जानते है.

मैं अपनी जीभ से रेशमा की चूत चाटने लगा. रेशमा बस एक काम कर रही थी वो था शीष्कारिया

लेना .

एक पत्नी कैसे सुहागरात के दिन अपने पति के साथ चुदाई करते हुए शरमा कर खुल कर

शीष्कारिया नही लेती उसी तरह रेशमा भी मुझसे शरमा कर शीष्कारियो पर कंट्रोल रख रही थी.

पर जो भी था उसमे मुझे एक अलग ही आनंद मिल रहा था.

रेशमा की बिना बालो वाली गुलाबी चूत अब मैं ने चाट कर साफ कर दी थी.

अब तो चाँद की रोशनी रेशमा की चूत मे जाना चाह रही थी जो मुझे पसंद नही आ रहा था.

मैं ने चाँद को कहा कि तुम्हारे पास चाँदनी है रेशमा सिर्फ़ मेरी है

फिर मैं ने अपनी जीभ को रेशमा की चूत मे डाल कर रेशमा को भी आनंद देने लगा.

रेशमा भी अपना पानी छोड़ कर मेरी प्यास भूज़ा रही थी.

मैं ने हाथो से रेशमा की चूत के होंठ खोल दिए. फिर मैं आराम से अपनी जीभ रेशमा की चूत

मे डाल कर चाटने लगा .खेलने लगा .

रेशमा की चूत मे मैं जितनी ज़ोर से अपनी जीभ अंदर डालता उतनी ज़ोर से रेशमा की चूत जीभ को बाहर

फेक देती .

जैसे कह रही थी कि मुझे जीभ नही तुम्हारा लंड चाहिए.

देना है तो लंड दो जीभ से मेरा क्या होगा. जीभ से तो मेरी आग भड़क जाएगी.

पर मैं भी कहाँ हार मानने वाला था ,मैं ने भी उसकी चूत मे जीभ डालना जारी रखा. उसकी टाइट

चूत मेरी जीभ को बाहर धकेल देती

इस खेल मे मुझे अपना ही आनंद मिल आ रहा था. साथ मे रेशमा को भी.

रेशमा तो अपनी शीष्कारियाँ और अपनी भूक पर कंट्रोल रखे हुए थी.

रेशमा की चूत के साथ अपनी जीभ से खेलने से रेशमा की चूत ने पानी छोड़ दिया .मैं ने वो

सारा अमृत पी लिया. और जीभ से चूत को साफ कर दिया.

रेशमा इतनी गरम हो चुकी थी कि उसको कुछ भी करना बर्दास्त नही हो रहा था .और वो अपना पानी

छोड़ देती

उसकी अमृत को पीने के बाद मैं ने उसकी चूत को एक बार चाट कर साफ किया.

मतलब मुझे रेशमा के साथ प्यार करते हुए समय का भी ध्यान नही रहा.

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अमृत को पीने के बाद मैं ने उसकी चूत को एक बार चाट कर साफ किया.

मैं ने टाइम देखा ,2 घंटे से मैं रेशमा के साथ सिर्फ़ उपर उपर से प्यार कर रहा था.

मतलब मुझे रेशमा के साथ प्यार करते हुए समय का भी ध्यान नही रहा.

फिर ज़्यादा देर करना ठीक नही होता. मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए.और रेशमा को आँखे खोलने के

लिए कहा .

उसने आँखे खोल दी.मैं ने लंड को रेशमा के हाथो मे दिया.

रेशमा ने एक बार मेरी तरफ देखा और फिर लंड की तरफ .

लंड की तरफ देखते हुए शर्मा गयी .

फिर मैं ने रेशमा की गंद के नीचे अपने कपड़े रख दिए. फिर मैं रेशमा की टाँगो के बीच मे

आ गया.

मैं ने लंड पे थूक लगा दी. और लंड को चूत पर रख दिया.

मेरा लंड रेशमा की चूत को प्यार करना चाहता था. उसको फील करना चाहता था.

मैं ने लंड वैसे ही रहने दिया .

लंड और चूत का मिलन होने वाला था. उस मिलन मे दर्द होने वाला था पर मेरा लंड चूत को

दर्द देने से पहले उसको प्यार कर रहा था.

दर्द से पहले प्यार...

मुझे कुछ ना करते हुए देख कर रेशमा ने आँखे खोल कर मुझे आगे बढ़ने को कहा.

मैं ने फिर से लंड पर थूक लगाया और लंड को चूत पर रखा .और रेशमा के उपर आ गया.

आज रेशमा मेरी हो जाएगी

मैं ने पहले रेशमा के होंठो पर एक किस किया और फिर मैं ने एक झटका मारा पर कुछ नही

हुआ, मेरा लंड फिसल गया.

लंड को ठीक से सेट नही किया था

मैं ने फिर से लंड को चूत पर रखा और एक झटका मारा कि लंड रेशमा की चूत मे चला गया .

रेशमा के मुँह से आहे निकल गयी .

दर्द रेशमा को हो रहा था और पानी मेरी आँखो मे आ रहा था.

रेशमा अपने होंठो को दबा कर अपनी चीख को रोकने लगी. पर रेशमा को दर्द हो रहा था.

रेशमा का दर्द कम करने के लिए मैं अपने होंठ रेशमा के होंठो पर रख कर चूसने लगा.

जिस से रेशमा दर्द को भूल कर किस पर फोकस कर सके ताकि दर्द कम होज़ाये.

अभी तो सिर्फ़ थोड़ा लंड अंदर गया था. पूरा लंड अंदर जाना बाकी था. पर मुझे क्या हुआ था कि मैं

रेशमा को दर्द होता हुआ देख नही पा रहा था.पर रेशमा को प्यार भी करना था.

शायद उसका हज़्बेंड नामर्द हो तभी इतना सा लंड अंदर जाने से दर्द हुआ रेशमा को

उपर से मेरा लंड रेशमा की चूत मे जाने के लिए बेताब हो रहा था.

थोड़ी देर मे रेशमा शांत हो गयी फिर भी मैं हाथो से बूब्स को दबाने लगा. थोड़ी देर मे

रेशमा को पूरी तरह से अच्छा लगने लगा .

मैं ने रेशमा को इशारे मे पूछा कि अंदर डालु पर वो तो आँखे बंद करके उस मिलन को फील

कर रही थी

फिर मैं ने जोरदार झटका मारा और 5 इंच तक अंदर चला गया.

रेशमा ने बहुत कोशिस की चीख ना निकले पर ये ऐसा झटका था जिस के मारते ही हर लड़की की चीख

निकल जाती है.

रेशमा की भी चीख निकल गयी.पर मेरे किस करने से उसकी दबी हुई चीख मेरे मुँह मे दब गयी .

रेशमा और मेरी आँखो से पानी निकलने लगा .

उसको सासे लेने की ज़्यादा ज़रूरत थी जिस से मैं ने उसके होंठो को अपने होंठो से आज़ाद किया. पर

मैं बूब्स दबाता रहा.

रेशमा के मुँह से दाआर्र्र्र्र्द्द्द्द्द वर्ड निकाला. पर रेशमा ने कंट्रोल करते हुए उस वर्ड को

बीच मे रोक दिया.

मुझे पता था कि रेशमा को दर्द हो रहा है.फिर भी रेशमा ने मुझे लंड बाहर निकालने को नही

कहा और अंदर डालने को भी नही कहा.

वो बस मेरे नीचे लेटी हुई अपने दर्द को मुझ पर जाहिर नही होने देना चाहती थी.

रेशमा मुझसे इतना प्यार करती थी कि उसने आँखे खोल कर मुझे आँखो से इशारा करके थोड़ी

देर रुकने को कहा.

उसे लगा कि अगर मैं भी उस से प्यार करता हूँ तो मैं उसका इशारा समझ जाउन्गा .और हुआ भी ऐसा

ही मैं समझ गया कि वो क्या कहना चाहती है.

मैं ऐसे ही रुका रहा. मुझे ऐसे देख कर उसकी आँखो मे एक चमक आ गयी.

मैं ने अपने लंड को ऐसे ही रखा .और फिर से रेशमा के होंठो को चूसने लगा. बूब्स को दबाने

लगा.

उसका दर्द कम हो गया. मैं ने रेशमा के होंठो को छोड़ दिया .और बूब्स को भी ...

बहुत टाइट थी रेशना की चूत

रेशमा के चेहरे पर अब दर्द नही था बस प्यार ही प्यार दिख रहा था.

मैं ने लंड को धीरे से बाहर निकाल कर अंदर डालने लगा .धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगा.

अभी तक 5 इंच लंड अंदर था.मैं आराम से 2 मिनिट तक लंड को हिलाता रहा.

रेशमा बस बिना पलकें झुकाए मुझे देख रही थी. क्या पता क्या देख रही थी.

मैं जो प्यार से लंड अंदर बाहर कर रहा था .मैं उसे ज़्यादा दर्द नही होने दे रहा था. शायद

रेशमा यही देख रही थी.

मैं लंड को बड़े प्यार से रेशमा की चूत मे डाल रहा था. शायद रेशमा मेरा यही प्यार देख

रही थी.

फिर धीरे धीरे गति बढ़ाने लगा .अब रेशमा का कुछ दर्द कम हुआ था. पर मैं ने अभी तक पूरा लंड

अंदर नही डाला था.मैं इंतज़ार करने लगा कि कब रेशमा की चूत पानी छोड़ेगी.

5 मिनिट तक ऐसे ही चुदाई करने से रेशमा की चूत ने पानी छोड़ दिया.

रेशमा की चूत का पानी बाहर आ गया था. चूत अब गीली हो गयी थी. लंड के लिए जगह बन रही थी.

फिर मैं ने आख़िरी झटका मारा और पूरा लंड अंदर चला गया. रेशमा की दबी हुई दर्द भरी

चीख निकल गयी.

मैं रेशमा का बचा हुआ दर्द बूब्स दबा कर कम करने लगा.

मैं ने रेशमा से कहा बस हो गया .अब दर्द नही होगा... जितना दर्द होना तो हो गया ...पूरा

लंड अंदर चला गया है..,बस थोड़ा देर रूको सब ठीक हो जाएगा

रेशमा की आँख कह रही थी कि अवी मुझे दर्द नही हो रहा है.

मुझे पता था कि रेशमा झूठ बोल रही थी.

मेरे लंड से दर्द ना हो ये हो ही नही सकता.

रेशमा की चूत मे दर्द ना हो ये हो ही नही सकता.

लंड अंदर जाने के बाद चीख निकली और दर्द ना हो ये हो ही नही सकता.

रेशमा ने मेरे लिए कहा कि उसे दर्द नही हो रहा.

रेशमा की बात सुन ने के बाद मैं ने लंड को बाहर निकाल लिया.

मैं समझ गया कि वो मेरे लिए ,अपने प्यार के लिए दर्द बर्दास्त कर रही है.

मैं ने लंड को धीरे से फिर से अंदर डाल दिया और रेशमा के बूब्स दबाते हुए लंड को धीरे धीरे

आगे पीछे करना शुरू किया.

लंड को हिलाने से रेशमा को दर्द हो रहा था .उसने अपने हाथ मेरे पीठ पे रख दिए. जैसे उसको

दर्द होता वो अपने नाख़ून मेरी पीठ मे गढ़ा देती.और कहती कि मुझे दर्द नही हो रहा

एक तरफ दर्द के वजह से नाख़ून से मेरी पीठ को खरॉच रही थी और दूसरी तरफ कह रही थी कि मुझे

दर्द नही हो रहा.

रेशमा के साथ चुदाई करते हुए मुझे कोई जल्दी नही थी.

मैं हर एक धक्के को महसूस करना चाहता था. मैं ऐसा क्यूँ कर रहा था मुझे पता नही

था.

पर हर एक धक्के के साथ मुझे एक अलग ही आनंद मिल रहा था.

रेशमा भी अब मेरे धक्को को महसूस करके अपने दिलो दिमाग़ मे ये चुदाई फिट कर रही थी.

मैं बड़े प्यार से रेशमा की चुदाई कर रहा था.

आज मुझे क्या हुआ था कुछ समझ नही रहा था.

मैं सुबह भगवान से दुआ कर रहा था कि आज का दिन जल्दी निकल जाए और अब मैं हर एक

सेकेंड को जीना चाह रहा था.

सुबह मैं सोच रहा था कि रेशमा आज मुझसे दूर रहे और अब रेशमा को छोड़ने का मन नही

हो रहा.

एक पल के लिए लगा कि रेशमा को भूल जाउ और एक पल के लिए लगा कि रेशमा को बस प्यार करता जाउ.

ना रेशमा को जल्दी थी और ना मुझे जल्दी थी.

ना रेशमा मुझसे अलग होना चाहती थी. और ना मैं रेशमा को अलग होने देना चाहता था

आज मेरे साथ सब अजीब हो रहा था.

मैं लंड को रेशमा की चूत की गहराई तक अंदर डाल कर धक्के मारता गया. फिर भी उसका दर्द

कम नही हुआ.पर मुझे लग रहा था कि उसका प्यार बढ़ रहा है.

चुदाई के बाद मैं रेशमा को क्या कहूँगा ,उसका सामना कैसे करूँगा ,इसकी मुझे कोई फिकर

नही थी.

बस मैं धक्के मार कर अपने जीवन को सफल कर रहा था.

मैं लंड को धीरे से पूरा बाहर निकाल लेता फिर अंदर कर लेता. ऐसा 20 25 करने के बाद रेशमा की

चूत ने मेरे लंड के लिए जगह बना दी.और लंड आराम से अंदर जाने लगा.

रेशमा के दिल मे भी मेरे लिए जगह बन गयी

चूत मे लंड के लिए जगा बनने से रेशमा का दर्द ख़तम हो गया. मैं धक्के लगाता रहा .

रेशमा भी अपनी गंद उपर करके मेरा साथ दे रही. रेशमा अब शीष्कारिया ले रही थी पर खुल कर

नही ले रही थी. वो मुझसे शरमा रही थी.

बस बीच बीच मे आहह आहह कर रही थी.10 मिनिट तक मैं ने दिमाग़ को चुदाई से अलग रख कर दिल

को रेशमा की चुदाई फील करने दे रहा था.

मैं रेशमा की ऐसे ही चुदाई करता रहा.फिर से रेशमा ने पानी छोड़ दिया.

फिर मैं ने रेशमा के पैर को थोड़ा ज़्यादा फैला दिया और धक्के मारने लगा.

मैं जितनी गति के साथ दूसरो के साथ धक्के मारता उस से कई गुना कम गति से मैं रेशमा की

चूत मे धक्के मार रहा था.

मैं रेशमा को हर धक्के का मज़ा दे रहा था और ले भी रहा था. मैदान मे हमारे चुदाई

का म्यूज़िक गूँज रहा था.

म्यूज़िक कब से बज रहा था ये ना रेशमा को पता था और ना मुझे पता था.

रेशमा ने ज़्यादा तर समय अपनी आँखे बंद रखी थी.पर रेशमा बीच बीच मे अपनी आँखे खोल

कर मुझे धक्के मारते हुए देख कर फिर से अपनी आँखे बंद कर लेती.

रेशमा ने फिर एक बार पानी छोड़ दिया.इस लंबी चुदाई मे मुझे भी लग रहा था कि अब मेरा भी होने

वाला है.

अब मुझे अपनी धक्के मारने की गति बढ़ानी थी.पर रेशमा को दर्द ना हो,इसके लिए दिल मुझे इसकी

इजाज़त नही दे रहा था.

अगर दिल की जगह दिमाग़ होता तो अब तक मैं ने . गति बढ़ा दी होती और मेरा वीर्य रेशमा की

चूत मे होता.

मैं बड़े प्यार के साथ आखरी झटके भी धीरे धीरे मार रहा था.

आख़िरी झटके वो भी धीरे धीरे मारने के लिए मुझे अपने दिल ने बहुत मदद की.

मेरा धक्के की गति थोड़ी बढ़ गयी थी शायद उस से रेशमा ने पता लगा गया होगा कि मेरा होने

वाला है .इस लिए वो अपनी गंद उठाकर मेरा साथ देने लगी.

फिर एक आखरी धक्के के साथ मेरा वीर्य निकल गया. मैं ने अपना वीर्य रेशमा की चूत मे

डाल दिया.मेरा वीर्य चूत मे महसूस कर के रेशमा ने आँखे खोल दी और मैं रेशमा के

उपर गिर गया..

______________________________
 
रेशमा और मैं एक हो गये

इस मिलन को मैं कभी नही भूलूंगा

इस मिलन से ना हमारे दिल एक हुए बल्कि हमारी आत्मा भी एक हुई

रेशमा को वो सुख दिया जिसका उसको इंतज़ार था

आज उसके चेहरे पे वो ख़ुसी देखी जिसके लिए वो तरस रही थी

रेशमा और मेरे बीच प्यार का नया रिस्ता जुड़ गया था

रेशमा इस हसीन रात को मेरी हो गयी

अब रेशमा मेरी है और मैं उसका

रेशमा के साथ प्यार करके जो सुकून मिला उसकी कल्पना भी नही कर सकते

ये मिलन को मैं मरते दम तक नही भूलूंगा

रेशमा अभी तक मेरे प्यार को फील कर रही थी

उसकी चूत मे मेरा वीर्य जा चुका था

उसके तन मन और दिल पर मेरा नाम मैं ने लिख दिया था

रेशमा होश मे थी या नही ये नही पता पर वो खुश दिख रही थी उसने मेरा पूरा साथ दिया

रेशमा की सुंदरता मे खो गया था मैं

रेशमा के उपर मैं वैसे पड़ा हुआ था

रेशमा की चूत इतनी टाइट होगी सोचा नही था

रेशमा के हज़्बेंड ने सेक्स किया था भी नही इस बात पे डाउट हो रहा था

एक औरत की प्यास जिंदा थी अब तक रेशमा के अंदर

आज मेरे वीर्य ने उसकी प्यास बुझा दी

पर इस मिलन मे हमने एक वर्ड भी नही बोला

मैं ने रेशमा से इजाज़त भी नही माँगी थी

. रेशमा होश मे तो नही थी

मैं ने रेशमा को होश मे लाना चाहा

रेशमा की आँख बंद थी

अवी- रेशमा रेशमा

रेशमा कोई जवाब नही दे रही थी

मैं ने रेशमा के गाल पर थप्पड़ मारा

रेशमा को होश मे लाना चाहा

रेशमा होश मे थी और नाटक कर रही थी या सच मे वो होश मे नही थी

मैं ने फिर से रेशमा के गाल पर थप्पड़ मार कर .

उसको थप्पड़ मारने का दिल नही किया पर थप्पड़ मारना ज़रूरी था

रेशमा ने अपनी आँख खोल दी

रेशमा मेरी आँख मे देखने लगी

रेशमा- ये नही होना चाहिए था

रेशमा ने जो कहा उसपे विश्वास नही हो रहा था

रेशमा- हमे ये सब नही करना चाहिए था

अवी- हम दोनो प्यार करते है

रेशमा- प्यार?

अवी- तुम प्यार नही करती मुझे

रेशमा- हमे ये नही करना चाहिए था

अवी- तुम ही तो मेरा साथ दे रही थी

रेशमा- तब मैं होश मे नही थी

अवी- इसका मतलब ये जो हुआ इसमे तुम्हारी मर्ज़ी नही थी

रेशमा- हमे ये नही करना चाहिए था

अवी- मैं तुम्हें प्यार करता हूँ फिर भी नही

रेशमा- मैं शादीशुदा हूँ

अवी- तो क्या हुआ

रेशमा- तुम भी तो किसी और से शादी करने वाले हो

अवी- प्यार का एंड शादी हो ये ज़रूरी नही होता

रेशमा- ये ग़लत है

अवी- तुम दुनिया वालो की वजह ऐसा बोल रही हो

रेशमा- मैं हम दोनो के . के लिए बोल रही हूँ

अवी- मैं तुम्हें बदनाम होने नही दूँगा

रसजमा- बदनाम तो हो गयी हूँ मैं अपनी नज़रो मे

अवी- ऐसा क्यूँ कह रही हो , तुम भी मुझे प्यार करने लगी हो

रेशमा- मुझे नही पता

अवी-तुम्हें नही पता तो तुम ने अपना ये क्या हाल बना के रखा है

रेशमा- मुझे कुछ समझ नही आ रहा कि मुझे क्या हो रहा है

अवी-मेरे दूर जाने की बात से देखो तुम्हारा क्या हाल हुआ है और मेरे दूर जाने पे तुम जी नही पाओगी

रेशमा- तुम नही थे तो भी मैं जी रही थी

अवी-अब मेरे बिना जीकर तो दिखाओ

रेशमा- सच कहा तुमने कि तुम्हारे बिना जी नही पाउन्गी

अवी-तो मेरे साथ प्यार करो

रेशमा- नही कर सकती ,

अवी-तुम मुझे प्यार नही करती

रेशमा- मुझे नही पता

अवी-हाँ या ना मे जवाब दो

रेशमा- हमे घर जाना चाहिए

अवी-तुम क्यूँ खुद से लड़ रही हो , जो दिल मे है वो ज़बान पर क्यूँ नही लाती

रेशमा- मैं एक औरत हो

अवी-एक प्यासी औरत हो जो सेक्स खुशी हसी प्यार सबकी प्यासी है

रेशमा- रहने दो मुझे प्यासी

अवी-ठीक है , जैसा तुम चाहो पर मैं तुम्हें प्यार करते रहूँगा

रेशमा- तुम समझ क्यूँ नही रहे हो

अवी-ये मेरी हवस नही मेरा प्यार है

रेशमा- फिर भी ये मुमकिन नही है

अवी-तुम मत प्यार करो पर मैं तुम्हे प्यार करता रहूँगा

रेशमा- ये हम दोनो के लिए अच्छा नही होगा

अवी-मुझे मत बताओ कि क्या अछा होगा और क्या नही , तुम प्यार नही करती तो मत करो पर मुझे

प्यार करने से तुम भी नही रोक सकती

रेशमा- क्यूँ करते हो मुझे प्यार

अवी-प्यार करने को कोई वजह नही चाहिए

अवी-और मैं ने तुमसे दूर रह कर देख लिया है , मैं तुमसे दूर रह कर जी नही पा रहा हूँ ,

अवी- और तुम भी जी नही पा रही हो , कहीं पर भी हम दोनो का ध्यान नही लग रहा है

अवी- ऐसे मे हमारे दूर जाने से हम बस तड़फते रहेंगे इस लिए अब मैं तुम्हें छोड़ कर कही

नही जाउन्गा , कही भी नही

रेशमा मेरी बात सुनकर शायद अंदर ही अंदर खुश हुई होगी

अवी- और मैं तुम्हें ऐसे देवदासी की तरह नही देख सकता ,

अवी- मैं तुम्हारे प्रेमी की तरह रहूँगा और तुम मुझे दोस्त की तरह समझो

अवी- दोस्त तो बना ही सकती हो

अवी- वादा करता हूँ इस बार दोस्ती की लिमिट टूटने नही दूँगा पर दिल मे तुम्हारे लिए प्यार कभी कम भी

नही होगा

अवी- आज से हम फिर से दोस्त बन रहे है

अवी- और इस पर मैं कुछ नही सुनना चाहता हूँ

अवी- हम दोस्त है और दोस्त रहेंगे , पर एक प्रेमी तुम्हारे हाँ का इंतज़ार हमेशा करता रहेगा ,

अवी- मैं हमेशा तुम्हारे जवाब का इंतज़ार करूँगा

मुझे जो कहना था वो कह दिया

रेशमा मेरी बात सुनकेर शॉक्ड हो गयी

प्यार नही सही दोस्त तो बने रह ही सकते है

दोस्त बन कर थोड़ी ख़ुसीयन तो दे ही सकता हूँ रेशमा को

रेशमा को थोड़े सोचने का समय चाहिए

अभी जो हुआ सब अचानक हुआ

रेशमा को इतना बड़ा फ़ैसला लेने को टाइम चाहिए

मैं उसको टाइम दे रहा था

दोस्त बना कर उसके अंदर प्यार की ज्योत जला कर रहूँगा

______________________________
 
रेशमा से बात करके फिर से मुझे निराशा हुई

रेशमा ने मेरे प्यार को ठुकरा दिया

पर अब मैं रेशमा से दूर नही जाउन्गा

मैं प्रेमी बन कर नही रह सकता तो दोस्त बन कर तो रह ही सकता हूँ

और रेशमा कितना भी कुछ करे मैं उसकी दोस्ती अब टूटने नही दूँगा

रेशमा के उपर मैं अभी तक था

अवी-मैं उठ जाता हूँ , तुम प्यार से इनकार करती रहोगी और फिर से सेक्स करना शुरू कर दोगि , इस से

अच्छा है मैं ही उठ जाता हूँ

और मैं ने रेशमा की चूत से लंड निकाल लिया

रेशमा के दिल मे इस से दर्द हुआ

और इस दर्द के साथ वो जीना चाहती है तो मैं क्या कर सकता हूँ

मैं ने अपने कपड़े पहनने शुरू कर दिए

रेशमा अभी तक मुझे देके जा रही थी

शायद सोच रही होगी कि मैं ने उसके साथ सब कुछ कर ही लिया

या फिर सोच रही होगी कि उसने मुझे रोका क्यूँ नही

अवी-देखती मत रहो , उतो और कपड़े पहनो , हर कोई मेरे जैसा शरीफ नही होता , मेरी जगह कोई और

आ जाता तो क्या होता इतना तो सोचती

अचानक मेरी टोन बदल गयी

रेशमा ने अपने बदन को हाथो से छुपा दिया और अपने कपड़े ढूँढने लगी

रेशमा की साड़ी तो पेड़ से लटकी थी

ब्लाउस और ब्रा दूर जाकर गिरी हुई थी , पेटिकोट था उसी जगह पर

अवी- तुम कपड़े पहन लो , मैं दूसरी तरफ देखता हूँ

सब कुछ तो देख भी लिया है कर भी लिया है ,

पर ये सब क्या नया नाटक शुरू किया मैं इसी सोच मे दुबई थी रेशमा

रेशमा ने अपने कपड़े पहन लिए

पर कपड़े ऐसे हो गये थे कि कोई देके तो लगेगा रेशमा का रेप हुआ है

मैं रेशमा को लेकर मंदिर के कॉंपाउंड तक आ गया

मंदिर के गेट पर लॉक था ,

रेशमा भी सोच रही कि बाहर कैसे जाए

अवी- मैं तुम्हें उठाता हूँ तुम देवार से बाहर जंप मारना

रेशना ये कैसे करेगी इस से ज़्यादा वो मेरी बातों पर फोकस कर रही थी

अवी- दोस्ती मे क्या क्या करना पड़ रहा है , प्रेमी होता तो पत्थर से लॉक तोड़ कर बाहर ले जाता ,

दोस्त हूँ ना दोस्त इतना ही कर सकता है

रेशमा को मेरी बात पे ज़रूर हसी आई होगी

रेशमा को मैं ने उठाया तो रेशमा का बदन फिर मेरे हाथो से फिसल रहा था

पर इस बार कोई फीलिंग नही थी

मैं ने रेशमा को मंदिर के बाहर जाने मे मदद की और मैं भी बाहर आ गया

अवी-चलो वरना पोलीस पकड़ लेंगी ,

और रेशमा के साथ मैं कार के पास आ गया

अवी- की दो

रेशमा- की , वो तो पर्स मे है

अवी- और पर्स

रेशमा- वो शायद वही रह गया

अवी- तुम.भी ना , फिर से जाना होगा , डरो मत मैं अकेला जाता हूँ बस तुम अपना ध्यान रखना , रात

का टाइम है

और रेशमा ने हां मे गर्दन घुमाई और मैं मंदिर मे जाकर पर्स लेकर आया

पूरी कसरत हो रही थी

कार मैं खुद चलाने के मूड मे था

रेशमा चुप चाप मेरे बाजू मे जाकर बैठ गयी

पर मैं ने कार चालू ही नही की

रेशमा मेरे तरफ देख रही थी कि मैं कार क्यूँ स्टार्ट नही की

रेशमा- कार चालू करो

अवी-कुछ भूल रहा हूँ मैं

रेशमा- क्या ?

अवी-हॅपी बर्तडे है ,

रेशमा देखती रह गयी

अबी- आज तुम्हारा बर्तडे है , हॅपी बर्तडे दोस्त

रेशमा- थॅंक्स

अवी-सॉरी आज दूसरा दिन निकल गया

रेशमा- कोई बात नही , शायद नयी शुरुआत हो मेरे लिए

अवी-ऐसी नयी शुरुआत क्या क्या फ़ायदा जहाँ साथी ना हो साथ चलने को

रेशमा- तुम हो ना

अवी-मैं एक दोस्त हूँ भूलो मत

रेशमा- क्या मैं पूछ सकती हूँ कि तुम यहाँ कैसे आए

अवी-क्यूँ जानना है

रेशमा- इस जगह के बारे में मेरे हज़्बेंड भी नही जानते तो तुम्हें कैसे पता चला

अवी-प्यार करता हूँ , और प्रेमी अपनी प्रेमिका को कहीं से भी ढूँढ सकता है

रेशमा थोड़ी थोड़ी नॉर्मल हो रही थी

पर मैं बीच बीच मे झटके भी दे रहा था

अवी-इतना चौंको मत , सुबह से तुम्हें ढूँढ रहा था

रेशमा- क्यूँ ?

अवी-आज मुझे दूसरे जगह शिफ्ट होना था ,तो सोचा आख़िरी बार तुमसे मिल लूँ पर तुम तो सुबह से

गायब थी

रेशमा- वो मैं

अवी-रहने दो , कहोगी कि आज अकेली रहना चाहती थी , पर तुम्हारे अकेले रहने के चक्कर मे मैं

परेशान होकर पूरी मुंबई घूम रहा था

जैसे ही पता चला कि तुम्हारा बर्तडे है तो झटका लगा

एक तो तुम्हारी हालत कुछ दिन से देवदासी की तरह थी , उपर से मैं ऐसे दिन यहाँ से जा रहा था जिस दिन

तुम्हारा बर्तडे है

मुझे लगा कहीं तुम सुसाइड ना कर लो

इस डर ने मुझे कुछ सोचने नही दिया

मैं हर जगह तुम्हें ढूंढता रहा

तुम्हारे ऑफीस तुम्हारे मायके हर जगह फोन किया

कहाँ कहाँ नही ढूँढा ,

पार्क से लेकर शॉपिंग माल तक पर तुम नही मिली

सोचा कि पोलीस मे जाउ

पर पोलीस को क्या कहूँगा कि कौन हो तुम मेरी

पोलीस मे जाता तो पूरी सोसायटी बाते करती हमारी

इस लिए कल तक इंतज़ार करने का सोचा

लगा कि शाम तक तुम वापस आ जाओगी

इस लिए तुम्हारे अपार्टमेंट को सजाके रखा

जब तुम आओगी तो तुम अपने अपार्टमेंट मे मुझे केक के साथ देखोगी तो तुम नॉर्मल हो जाओगी

तुम्हें लगे कि कोई है तुम्हारा अपना जिसको याद है कि आज तुम्हारा बर्तडे है

पर तुम तो आई नही

फिर तुम्हारे बेडरूम मे तुम्हारी एक फोटो देखी

उस फोटो मे केक था और इस मंदिर की तस्वीर भी थी ( सॉरी बताना भूल गया कि मल्टिप्फॉटो फ्रेम

थी)

तब जाके मुझे तुम्हारा पता चला

किस्मत ने मुझे तुम्हारा पता बताया

मेरी किस्मत मुझे अपने प्यार के पास ले आई

मैं तुम्हारे पास आ गया

और भगवान ने खुद हमे मिला दिया

मुझे लगा कि तुम भी मुझे प्यार करने लगी हो इस लिए मैं तुम्हें वो ख़ुसीयन देने लगा जो तुम

चाहती हो

पर तुम मतलबी निकली

मुझसे अपने दिल का चैन तो ले लिया पर उसी दिल मे थोड़ी जगह देने को इतना सोच रही हो

रेशमा फिर मेरी बात सुनकर शॉक्ड हुई

उसका चेहरा देखने लायक था

जहाँ वो खुद को अकेली देखना चाहती रही वहाँ मैं आ गया

उसको वो प्यार दिया जो उसको कभी नही मिला

______________________________
 
और मैं ने कार हमारे सोसायटी की तरफ घुमा दी

रेशमा को मेरी बातों ने सोचने पर मज़बूर कर दिया

अब वो होश मे थी तो मेरे प्यार को समझ जाएगी

अगर नही तो उसकी दोस्ती है मेरे पास

रेशमा बस मेरी बात सुनती रही और हम सोसायटी मे आ गये

वॉच मॅन कुछ देख पाता उस से पहले कार पार्किंग मे लग गयी

रेशमा अभी भी सोच ही रही थी

रेशमा- कार क्यूँ रोकी

अवी-हम अपनी सोसायटी मे है , अब नीचे उतरो

रेशमा और मैं फिर से लिफ्ट मे अकेले होंगे

रेशमा को इस बार मेरा साथ चाहिए था

हम लिफ्ट मे आते ही खुद को सेफ समझ रहे थे

हमे किसी ने नही देखा सोसायटी मे आते हुए

रेशमा लिफ्ट मे आने के बाद भी सोच मे डूबी हुई थी

अवी-क्या सोच रही हो

रेशमा- तुम मुझे कितना प्यार करते हो

अवी-मैं तुम्हें बस प्यार करता हूँ

ना मैं तुम्हारे लिए चाँद तारे तोड़ सकता हूँ

ना तुमसे शादी कर सकता हूँ

ना तुम्हारे लिए अपनो को छोड़ सकता हूँ

पर प्यार करता हूँ तुमसे , कितना ये मैं नही जानता

मैं तुम्हारे लिए जान नही दे सकता , क्यूँ कि मरने से मैं डरता हूँ

ना मैं तुम्हारे लिए किसी को मार सकता हूँ , तुम्हारे हज़्बेंड को भी नही मार सकता क्यूँ कि मैं जैल

भी जाना नही चाहता , क्यूँ कि मैं तुम्हारे साथ जीना चाहता हूँ ,

तुम्हारी रक्षा कर सकता हूँ पर तुम्हें बदनाम होने नही दे सकता

बस इतना ही प्यार करता हूँ

मेरे जवाब ऐसे थे कि रेशमा हॅंग हो जाती

इतनी पढ़ी लिखी लड़की होने के बाद भी मेरे जवाब पे वो कोई रिक्षन दे नही पाती

जब झूठ कहो तो लड़किया खुश होती है और सच कहूँ तो सोचती रह जाती है

अवी-क्या हुआ

रेशमा- तुम्हारे जवाब ऐसे क्यूँ होते है , झूठ बोलना सीख लो

अवी-सच कहूँ रेशमा , झूठ बोलता तो आज तुम मेरे बिस्तर पर होती

रेशमा को एक और झटका दिया

बाहों की जगह बिस्तर कहना ज़्यादा ज़रूरी था

अवी- तुम्हें मेरे बिस्तर पर लाना कोई मुश्किल नही था , तुम खुद आती मेरे पास , उस रात को

बाल्कनी मे मैं झूठ बोलता तो ये दिन देखना नही पड़ता

अवी- एक झूठ से तुम मेरी बिस्तर मे होती , बिस्तर

अवी- पर मैं सच बोल कर तुम्हें अपने बाहों मे रखना चाहता हूँ

अवी- लोगो को झूठ ज़्यादा पसंद होता है सच से , क्यूँ कि झूठ से उम्मीद जिंदा रहती है और सच से सारी

उम्मीद ख़तम हो जाती है

अवी- पर सच से ही ख़ुसीया मिलती है जो ज़िंदगी भर साथ रहती है और झूठ से जो हसी मिलती है वो

चार दिन की होती है

रेशमा- काश मेरी शादी ना हुई होती

अवी- काश काश की बाते मत करो , जो हुआ वो बदला नही जाता , जो किस्मत मे लिखा है वो भी बदल

नही सकते ,

अवी- ये मत सोचो कि तुम्हारे पास सिर्फ़ एक चान्स था ओलिंपिक मेडेल जीतने का ये सोचो कि 4 साल बाद

फिर से चान्स होगा ओलिंपिक मेडल जीतने का

रेशमा- कोई भी बात किसी और चीज़ पर लागू नही होती

अवी-ज़िंदगी एक मिलती है , उसमे सारे सपने सारी ख़ुसीया पाना पड़ता है

मुझे नही मालूम कि जन्नत और हेल है भी कि नही , मैं नही जानता कि नया जानम होता है कि नही ,

मुझे नही पता कि पाप करोगे तो अगले जनम मे बुरा होगा , मैं बस इतना जानता हूँ कि एक

ज़िंदगी है उसको जी भरके जियो , जो तुम्हें अच्छा लगता है वो करो

रेशमा- एक ज़िंदगी है तो इस का ये मतलब नही होता कि कुछ भी करो

अवी-पर ज़िंदगी खुद कह रही है कि तुम्हें एक और चान्स दे रही हूँ , जी लो , तो ज़्यादा सोचना नही

चाहिए

रेशमा- मेरी ज़िंदगी मे यही लिखी है

अवी- ज़िंदगी हम खुद बनाते है

रेशमा- तुम दूसरो जैसे क्यूँ नही हो

अवी-मैं दूसरो जैसा होता तो तुम्हें इतना प्यार नही करता , तुम्हारे लिए हवस होती मेरे दिल मे प्यार की

जगह

रेशमा- तुम पास होते हो तो लगता है तुम दूर रहो और दूर रहते हो तो लगता है पास रहो

अवी-इसे प्यार कहते है

रेशमा- इसे कन्फ्यूषन कहते है

अवी-तो फिर इस कन्फ्यूषन से बाहर निकलो , अपने दिल को बता दो कि मैं तुम्हारा दोस्त हूँ या प्रेमी

अवी- अपने दिल को बता दो कि मैं क्या हूँ , वरना तुम सो नही पाओगी जी नही पाओगि

रेशमा- ये इतना आसान नही है

अवी-आसान बनाना पड़ता है , मैं ने तुम्हें प्रपोज़ किया तो तुमने जवाब नही दिया , तो देखो मैं

दोस्त बन गया , वैसे तुम फाइनल करो कि मैं दोस्त हूँ या प्रेमी

रेशमा- मुझे टाइम चाहिए

अवी-मुझे क्यूँ बता रही हो , तुम्हें अपने दिल को बताना है कि मैं तुम्हारा कौन लगता हूँ , उसको बताओ

मुझे नही , और एक बात

रेशमा- क्या ?

अवी-हम लिफ्ट से बाहर कब जाएँगे , 2 बार उपर नीचे हो चुके है ,

रेशमा की बातों की वजह से हम लिफ्ट मे फसे हुए है

रेशमा- सॉरी मेरा ध्यान नही रहा

अवी-इसी लिए कहता हूँ कि फाइनल कर ही डालो मेरे बारे में

रेशमा- देखती हूँ

अवी- ज़्यादा सोचो ही मत , तुम प्रेमी बनाओगी तो मैं यही रहूँगा और दोस्त बनाओगी तो भी मैं

तुम्हारे साथ रहूँगा ,

अवी- दोस्त बनाओगी तो भी तुम्हें हसी दूँगा और प्रेमी बनाओगी तो भी तुम्हें ख़ुसीया दूँगा

अवी- सिर्फ़ थोडा फरक होगा दोनो मे ,

रेशमा- क्या ?

अवी- दोस्त दिन मे हसी देगा और प्रेमी दिन रात खुशी देगा,

रेशमा- तुम मुझे बहुत कन्फ्यूज़ करते हो

अवी-तुम खुद कन्फ्यूज़ रहना चाहती हो

रेशमा- मुझे सोचने दो

अवी-इतना मत सोचो , 3 बार हुआ हम उपर जाकर नीचे आए है , क्या ज़िंदगी भर लिफ्ट मे रखना

चाहती हो

रेशमा- सॉरी

अवी-अब बात मत करो , वरना इसी लिफ्ट मे खड़े खड़े मर जाउन्गा मैं

और इस बार फाइनली हम उपर जाने लगे

______________________________
 
रेशमा के साथ लिफ्ट से बाहर ही नही जा पा रहा था

रेशमा के साथ बाते ऐसी हो रही थी जैसे उसके हाँ ना पर मेरी ज़िंदगी टिकी हो

रेशमा भी कुछ फ़ैसला कर ही नही पा रही थी

इस बार आख़िरी बार था जब मैं लिफ्ट मे 7 नंबर प्रेस कर रहा था

अवी-अब कुछ मत कहना , मुझे भूक लगी है मुझे सोना है

रेशमा गुस्से से देख रही थी

बड़ा अजीब था मैं ,रेशमा के लिए

रेशमा मेरी तरफ पीठ करके खड़ी थी

अवी- रेशमा

रेशमा- तुमने बात करने से मना किया था

अवी-तुम्हारे पैरो पर कॉकरोच है , वैसी ही रहना

रेशमा कॉकरोच के नाम से डर गयी

पर उसके उछलने से पहले मैं ने कोक्करॉच को हाथ मे लिया

और कॉकरोच को रेशमा को दिखाने लगा

रेशमा- दूर करो मुझसे

अवी-तुम्हारे कपड़ो के साथ आया होगा यहाँ तक

रेशमा- मारो उसको

अवी-जाने दो बिचारे को वैसे तुम इसको भी पसंद आई हो , कब से तुम्हारे साथ चिपका हुआ था

रेशमा- तो अभी क्यूँ बताया

अवी-सोचा कि ये तुम्हारे कपड़ो के अंदर जाएगा तो तुम उछलने लगोगी फिर मुझे निकालने को

कहोगी

रेशमा- ये सोच रहे थे तुम

अवी-ये सोचता तो बताता नही कि कॉकरोच है ,

रेशमा- तो क्यूँ बताया

अवी-प्रेमी होता तो नही बताता , कॉकरोच की वजह से प्यार करने मिलता पर दोस्त हूँ तो बता दिया

रेशमा- प्लीज़ दोस्त और प्रेमी का टॉपिक फिर शुरू मत करो , और जैसे दूसरे लड़के रहते है वैसे

रहो , दूसरे लड़के जैसे सोचते है वैसा करो

फिर क्या था मैं ने कोकरोच को रेशमा के उपर फेक दिया

कॉकरोच को फेक्ते रेशमा उछल कर मेरी बाहों मे आ गयी

रेशमा- मेरे उपर क्यूँ फेका

अवी-दूसरे लड़के यही करते है ,तुम कोकरोच से डरो और मेरी बाहों मे आ जाओ

रेशमा- तुम ऐसे क्यूँ हो

अवी-मैं तो बना ही तुम्हारे लिए हूँ , लो आ गया हमारा फ्लोर

इस बार हम लिफ्ट से बाहर आ गये और कॉकरोच को वापस लिफ्ट मे छोड़ दिया क्या पता किसी और के

काम आ जाए

रेशमा तो अपने अपार्टमेंट के पास चली गयी मैं भी उसके पास गया

रेशमा- अपने यहाँ जाओ

अवी-सुबह से भूखा हूँ , तुम्हारी वजह से खाना भी नही खाया , और तुम्हारे लिए केक रखा है जल्दी

काट लो मेरे पेट मे कव्वे काव काव कर रहे है

रेशमा ने अपने सर पर हाथ रखा और हम रेशमा के अप्रटमेंट मे आ गये

जैसे लाइट जलाई तो रेशमा हॉल को देख कर खुश हुई

पूरा हॉल बलून से भरा हुआ था

दीवारों को भी सजाया था

बड़े बड़े अक्षरो मे हॅपी बर्तडे लिखा था

डाइनिंग टेबल पर शॅंपियन और खाना पॅक करके रखा हुआ था

सोफे के पास बर्तदे के लिए गिफ्ट रखा था

अवी- हॅपी बर्तडे फ्रेंड

रेशमा- ये तुमने किया

अवी- किया तो एक प्रेमी की तरह , पर सेलेब्रेट कर रहा हूँ दोस्त की तरह

रेशमा- प्रेमी

अवी-तुम्हारे साथ शॅंपियन , कॅंडल लाइट डिन्नर का इंतज़ाम किया था , गिफ्ट रखा था ,

रेशमा- तुम बैठो मे फ्रेश होती हूँ

अवी-रात का 1 बज रहा है और कितने देर लगाओगी , केक काट कर मुझे आज़ाद करो

रेशमा- ये क्या कह रहे हो

अवी-भूक लगी है

रेशमा- खाना भी तो पॅक है , शुरू हो जाओ

अवी-वो मेरे लिए नही तुम्हारे प्रेमी के लिए था

और मैं फ़्रीज़ से केक लेकर आ गया

रेशमा मेरी बात को सोचती रह गयी

मैं ने केक पर कॅंडल लगा लिया

अवी- चलो जल्दी कोई विश माँगो और केक कट करो

रेशमा- और शॅंपियन

अवी- वो तुम्हारे प्रेमी के लिए थी , मेरे लिए नही

और रेशमा ने कॅंडल बुझा दी

पर आज बर्तडे सेलेब्रेट करते हुए भी वो खुश नही थी

और मेरी वजह से सोच मे डूबी हुई थी

केक कट करते ही मैं ने रेशमा को केक खिला दिया

अवी- तुम जियो हज़ारो साल , हॅपी बर्तडे रेशमा

भूक लगी थी तो कुछ बोल भी नही पाया

रेशमा- थॅंक्स

अवी- मुझे केक नही खिलाओगी

रेशमा के हाथो से केक खाने से केक और टेस्टी हो गया था

फिर कुछ पीस तो मैं ने खुद खा लिए

आधे से ज़्यादा केक मैं ने जल्दी जल्दी खा लिया

रेशमा देखती रह गयी

अवी- ऐसे क्या देख रही हो , बहुत भूक लगी है

और मैं ने जितना हो सके उतना केक खा लिया

अवी- ये गिफ्ट तुम्हारे लिए ,

रेशमा- क्या है

अवी- तुम खुद देख लेना , ये भी प्रेमी की तरफ से था , मैं तुम्हें दूसरा गिफ्ट कल दूँगा दोस्त की तरफ

से

इतना बोल कर मैं अपने अपार्टमेंट मे आ गया

मेरी हर बात पर रेशमा हॅंग हो जाती

रेशमा मेरे जाने के बाद सोचती रह गयी होगी

शेम्पियन कॅंडल लाइट डिन्नर सब कुछ वैसा ही पड़ा रहा

उसपर मेरा हक नही था

उसपर रेशमा के प्रेमी का हक था

केक खाने से पेट भर गया

अब जाके मुझे नींद आएगी

पता नही रेशमा को नींद आएगी कि नही

आज से मैं रेशमा का दोस्त बन कर रहूँगा

.कभी अपने प्यार की बात दुबारा नही कहूँगा

कभी प्यार की बात करके रेशमा को तंग नही करूँगा

रेशमा पे है कि वो मुझे दोस्त मान कर जीना चाहती है या मेरे साथ प्रेमी बन कर जीना चाहती है

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रेशमा को पूरी तरह से कन्फ्यूज़ कर दिया था

अब वो जो सोचेगी मेरे बारे में सोचेगी

उसको थोड़ा टाइम चाहिए था

उसकी ज़िंदगी का सवाल था

रेशमा को पटाने मे इतना टाइम कभी नही लगता पर मुझे उससे प्यार हो गया था

पता नही रेशमा ऐसे क्यूँ नही सोचती है

मैं शादी करने को नही कह रहा हूँ

हमारे बीच की सारी दीवारे आज टूट भी गयी है

रेशमा की जगह कोई और होती तो हाँ कर देती लेकिन रेशमा अलग थी तभी तो उस से प्यार हो गया मुझे

रेशमा के प्यार ने मेरी सोच बदल दी

मैं तो अपने अपार्टमेंट मे आकर फ्रेश हो गया और बिना कपड़ो के बेड पर लेट गया

मुझे नींद आएगी ही नही

मैं तो रेशमा के साथ बिताए पल को याद कर रहा था

रेशमा मेरी बाहों मे थी

रेशमा का नाम सुनते ही मेरा लंड खड़ा हो गया

बच्चू अब तेरे खड़े होने से कुछ नही होगा , रेशमा मेरी दोस्त है

मैं ने मेरे लंड को.समझाया पर वो कुछ समझने को तैयार ही नही था , ऐसे मे मैं ने लंड

को ब्लंक्केट के अंदर कर दिया

और रेशमा की यादो मे खो गया

रेशमा ही दिख रही थी हर जगह मुझे

काश रेशमा ने हाँ कहा होता तो वो मेरी बाहों मे सो रही होती

उसको इतनी ख़ुसीया देता कि वो मेरे सिवा किसी के बारे में सोचती भी नही मेरी बनके रहती

मैं रेशमा वो सारे सुख देता जिसके सिर्फ़ सपने देखे होंगे उसने

मैं बस रेशमा के बारे में सोच रहा था

मुझे हर तरफ रेशमा ही दिख रही थी

अभी भी देखो मुझे डोर के पास रेशमा खड़ी दिखाई दे रही है

रेशमा मेरी दी हुई साड़ी मे खड़ी है ऐसा लग रहा था

रेशमा सिर्फ़ साड़ी मे थी ना ब्लाउस बा ब्रा ना पेटिकोट ना पैंटी थी

रेशमा को इस रूप मे भी मैं इमॅजिन कर रहा था

रेशमा के लिए मैं पागल हो गया था

अवी- रेशमा मुझे हर जगह क्यूँ दिख रही है मैं तो.उसको दोस्त मान रहा हूँ

रेशमा मेरी बात सुनकर हँसने लगी

मैं तो समझ ही नही पाया

रेशमा मेरी दी हुई साड़ी पहन कर बेड के पास आ गयी

कहीं ये रियल तो नही है

रेशमा कैसे इस तरह मेरे पास आ सकती है

फिर भी मैने रेशमा को छुने के लिए हाथ आगे बढ़ाया तो रेशमा पीछे हो गयी

ये सपना नही रियल लग रहा था

मैं खुद के हाथो पर चुटकी काटने वाला था कि रेशमा मेरे ब्लंकेट मे आकर लेट गयी

रेशमा मेरी बाहों मे आकर सोने लगी

ये सच मे रेशमा थी

रेशमा के मेरी बाहों आते ही मेरे ख़ुसी का कोई ठिकाना नही था

मैं तो पागल ही हो जाउन्गा

रेशमा ने मुझे सर्प्राइज़्ड कर डाला

इसके बारे में मैं ने सोचा ही नही था

रेशमा ने मेरे हाथ को अपनी गर्दन के नीचे ले कर मेरे बाहों मे आ गयी

वो सिर्फ़ साड़ी मे थी

रेशमा के बाहों मे आते ही मेरा लंड ब्लंक्केट का तंबू बनाने लगा

अवी-रेशमा एक बार चुटकी काटो मुझे

रेशमा ने ज़ोर से चुटकी ली

इूोऊउक्ककचह

अवी-ये रियल है

रेशमा ने हाँ मे गर्दन घुमाई

अवी-तुम.मेरे पास , इस का मतलब तुम मुझे प्यार करती हो

रेशमा ने हाँ मे गर्दन घुमाई

इससे तो मैं खड़ा हो गया

और बेड पर नाचने लगा

रेशमा मुझे देखती रह गयी

एक तो मैं नंगा था और दूसरा मैं नाच रहा था

मैं फिर से रेशमा के उपर झुक गया

अवी- तुम मुझे प्यार करती हो

रेशमा ने फिर से हाँ मे गर्दन घुमाई

रेशमा के हाँ करते उसको चूमने के लिए आगे बढ़ा

फिर रुक गया

अवी- ऐसे नही , आइ लव यू कहो तभी यकीन आएगा

रेशमा- मुझे छोड़ कर कभी मत जाना

अवी-नही जाउन्गा

रेशमा- मुझसे रूठना भी मत

अवी-नही रुठुन्गा

रेशमा- मुझ पर गुस्सा भी मत होना

अवी-नही करूँगा गुस्सा

रेशमा- मुझे कभी अकेले मत होने देना

अवी-तुम्हारे साथ ही रहूँगा

रेशमा- मुझे कभी रोने मत देना

अवी-तुमसे पहले मैं रोउंगा

रेशमा- मुझे हँसाते रहना

अवी-हम मिलके हंस हस्ते ज़िंदगी काटेंगे

रेशमा- मुझे सारी ख़ुसीयो देना

अवी-ख़ुसीयो से तुम्हारी झोली भर दूँगा

रेशमा- मुझे प्यार करना , मेरे सपने पूरे करना

अवी-तुम्हारे सपने मेरे होंगे

रेशमा- तुम्हारी शादी के बाद भी प्यार कम होने मत देना

अवी-मेरा प्यार तुम्हारे लिए कभी कम नही होगा

रेशमा- मैं आज से तुम्हारे प्यार के लिए ज़िंदा रहूंगी जिस दिन तुमने प्यार करना बंद किया मैं

जीना छोड़ दूँगी

अवी-फिर मैं जन्नत मे भी तुम्हारे पीछे आउन्गा

रेशमा- मुझे धोका मत देना

अवी-नही दूँगा

रेशमा- तुम पर विश्वास नही प्यार करने लगी हूँ , प्यार को बदनाम होने मत देना

अवी-हमारे प्यार को नाम.भी दूँगा

रेशमा- आइ लव यू

रेशमा के हाँ करते मैं उछल पड़ा

अवी-फिर से कहो

रेशमा- आइ लव यू अवी

अवी-आइ लव यू टू रेशमा

और मैं रेशना के गले लग गया

रेशमा ने जैसे मंदिर मे मुझे गले लगाया था वैसे ही मैं ने रेशमा को गले लगाया

अब रेशमा को खुद से दूर होने नही दूँगा

रेशमा को गले लगाते ही हम एक दूसरे के उपर आने को मचलने लगे

बेड पर इधर उधर लूड़कने लगे

ब्लंक्केट तो बेड से नीचे गिर गया

और हम दोनो एक होने लगे

मैं ने रेशमा को किस करने लगा

रेशमा भी मुझे प्यार करने लगी

ये कैसे हुआ इस से ज़्यादा ज़रूरी था कि किस करके इस प्यार को मज़बूत किया जाए

इस बार हमारे किस से प्यार की बरसात होने लगी

रेशमा तो मेरे प्यार की बरसात मे भीगने लगी

रेशमा के रेशमी बदन को अब जाके ठीक से देख पा रहा हूँ

रेशमा की खूबसूरती की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम.थी

ये खूबसूरती मेरी है

शायद रेशमा ने बहुत सोचा होगा मेरे बारे में

और उसको मेरे प्यार की सच्चाई पता चल गयी होगी

उसको हर तरफ मैं ही दिख रहा हुंगा

और आज से अच्छा दिन उसके पास नही था

ये बर्तडे उसके लिए नयी ज़िंदगी लेकर आ गया

आज से नयी रेशमा का जनम हुआ है

मेरी रेशमा का जनम हुआ है

और मैं रेशमा को प्यार करने मे खो गया

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रेशमा मुझे प्यार करती है बस बताती नही थी

पर अभी तो हाँ कर दिया

रेशमा के हाँ करते ही मैं हवा मे उड़ रहा था

क्या करूँ क्या ना करूँ

ये करूँ कि वो करूँ , इस वजह से कुछ नही कर पा रहा था

रेशमा ने अपना इरादा क्यूँ बदल दिया ये जानना था

मैं ने रेशमा को बाहों मे लिया तो रेशमा ने हम दोनो के उपर ब्लंकेट ले लिया

रेशमा- क्या हुआ ,

अवी-तुम्हारे हाँ करने की बात हजम नही हो रही है

रेशमा- ये सच है , मुझे भी तुमसे प्यार हुआ है

अवी-वो ठीक है पर तुम्हारे हाँ करते ही ये करूँगा वो करूँगा सोचा था पर एग्ज़ाइट मे कुछ नही कर

पा रहा हूँ

रेशमा- अब तो मैं तुम्हारी हूँ , इतनी जल्दबाज़ी क्यूँ

अवी-कुछ देर बात करते है फिर तुम्हें प्यार करना सीखूंगा

रेशमा- क्या पूछना चाहते हो

अवी-तुम.बाल्कनी से आई हो

रेशमा- हाँ

अवी-सिर्फ़ साड़ी मे , ऐसा क्यूँ

रेशमा- ये तुम्हारी दी हुई है तो इसी मे तुम्हारी होना चाहती थी , तुम और भी कुछ देते तो वो पहन

कर आती पर सिर्फ़ साड़ी थी तो वही पहन कर आ गयी

अवी-तुम इस साड़ी मे हॉट सेक्सी खूबसूरत , क्या कहूँ अप्सरा लग रही हो

रेशमा- थॅंक्स , पर तुम.बिना कपड़ो के क्यूँ हो

अवी-तुम्हें याद कर रहा था , और मैं अकेला रहता हूँ तो ऐसे रहता हूँ

रेशमा- अच्छी आदत है

अवी-तुम भी अब यही आदत डाल दो

रेशमा- तुम्हारी कोई बात को अब मना नही करूँगी

अवी-ये हुई ना बात,, पर क्या मैं जान सकता हूँ तुमने इतनी जल्दी इरादा कैसे बदल दिया

रेशमा- तुम कितने सच्चे हो ये समझ गयी

अवी-ठीक से बताओ

रेशमा- तुम्हारी जगह कोई और होता तो मेरा फ़ायदा उठा लेता पर तुमने सच बताया , और मैं ऐसे

तुम्हें दूसरो के साथ कंपेर करूँगी ये भी बताया , तुम बहुत अजीब हो , तुम्हारी यही बात मुझे

अच्छी लगी थी

अवी-और

रेशमा- तुम्हारी हर बात अच्छी लगती है , तुम मुझे प्यार भी करते हो और मेरा ख़याल भी रखते हो ,

इतना तो मेरा हज़्बेंड भी नही करता

अवी-और

रेशमा- तुम.मेरे हज़्बेंड ना होकर सारे काम हज़्बेंड वाले कर रहे थे , मुझे शादी के बाद जो

ख़ुसीया मेरे हज़्बेंड ने नही दी वो तुमने दी

तुम्हारी जितनी तारीफ करू उतनी कम है

तुम्हारे प्यार करने का तरीका भी अलग था

तुम जब मुझसे दूर गये तो मैं बस तुम्हारे बारे में सोचती रह गयी

अवी-मैं भी , देखा नही उस दिन लिफ्ट मे क्या किया था

रेशमा- मैं भी वही करने वाली थी तुम्हें देख कर पर शादी और समझ मुझे रोक रही थी

अवी-और अब

रेशमा- आज तो मेरे हज़्बेंड को भी ये याद नही रहा कि मेरा बर्तडे है पर तुमने मेरे

बर्तडे मनाया गिफ्ट दिया , मेरे लिए आज कितने तड़फ़े ये देखा , तुम्हारे प्यार को फील किया , तुम वहाँ

आए मुझे ढूँढते हुए जहाँ के बारे में मेरी परछाई को भी पता नही था

तुमने प्यार करके जो ख़ुसी दी वो ख़ुसी सोने नही दे रही थी

तुम्हारी जगह कोई और होता तो एक बार किया तो बार बार करने की धमकी देता

पर तुम तो दोस्त बना कर लिमिट मे रहे

तुमने मुझे हर सिचुशन के पीछे की रिलिटी दिखाई

कॉकरोच की वजह से क्या कर सकते थे तुम फिर भी कुछ नही किया

मैं तुम्हें रोक भी नही पाती

पर तुम दोस्त बन कर ही रहे

मैं बस अब ये चाहती हूँ कि मेरे अपार्टमेंट मे रखी हुई शेम्पियन की बॉटल ख़तम हो जाए

मेरा प्रेमी उस बॉटल को मेरे साथ सेलेब्रेट करे

क्या तुम मेरी प्रेमी बनोगे

हर जनम मे

अवी-अगले जनम मे तुम्हारा हज़्बेंड बनूंगा

रेशमा- तो इस जनम मे मुझे प्यार ही प्यार करो

अवी-अब हम मिया बीवी जैसे ही रहेंगे

रेशमा- मैं सारी शर्म छोड़ कर आई हूँ

अवी-तुम बेफिकर रहो , आज के बाद शरम क्या होती है वो भूल जाओगी सिर्फ़ याद रखोगी मेरा प्यार

रेशमा- तुम बस कह रहे हो

अवी-मेरी प्यारी रेशमा डार्लिंग तुम्हें मेरा प्यार भी दिखाता हूँ , सुहागरात तो हो गयी हमारी अब उसी

सुहागरात को कंटिन्यू करता हूँ

रेशमा- क्या मतलब

अवी-तुम्हारी सेक्सी गंद का उद्घाटन भी करूँगा आज

रेशमा- कितने गंदे बोलते हो

अवी-तुम बताओ क्या कहूँ उसको

रेशमा- जो कहना वो कहो , जो करना है वो करो मैं तुम्हारी ही हूँ

फिर क्या था

मैं फिर से रेशमा के साथ सुहागरात मानने लगा

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