• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

रेहाना भाभी की चुदाई compleet

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
S

StoryPublisher

Guest
रेहाना भाभी की चुदाई --1

मेरा नाम दानी है. मेरी उमर इस समय 24 साल की है. शादी के 3 साल

बाद ही एक रोड एक्षसीडेंट में भैया का स्वरगवास हो गया था. मैं

भाभी के साथ अकेला ही रहता था. भाभी का नाम रेहाना है. हमारा

अपना खुद का बिज़्नेस था. भैया के ना रहने के बाद मैं ही बिज़्नेस

की देखभाल करता था. भाभी बहुत ही खूबसूरत थी. वो मुझे दानी

कह कर ही बुलाती थी. पापा और मम्मी का स्वरगवास बहुत पहले ही हो

चुका था. मैं एक दम हत्ता कॅट्ता नौजवान था और बहुत ही

ताकतवर भी. भाभी उमर में मुझसे 1 साल की छ्होटी थी. वो मुझे

बहुत प्यार करती थी. भैया के गुजर जाने के बाद मैं भाभी की

पूरी देखभाल करता था और वो भी मेरा बहुत ख़याल रखती थी. मैं

सुबह 10 बजे ही घर से चला जाता था और फिर रात के 8 बजे ही

घर वापस आता था.

ये उस समय की बात है जब भैया को गुज़रे हुए 6 महीने ही हुए थे.

एक दिन मेरी तबीयत खराब हो गयी तो मैने मॅनेजर से दुकान संभालने

को कहा और दोपहर के 1 बजे ही घर वापस आ गया. भाभी ने पुचछा,

क्या हुआ दानी. मैने कहा, मेरा सारा बदन दुख रहा है और लग रहा

है कि कुच्छ फीवर भी है. मेरी बात सुनकर वो परेशान हो गयी.

उन्होने मुझसे कहा, तुम मेरे साथ डॉक्टर के पास चलो. मैने कहा,

मैने मेडिकल स्टोर से कुच्छ मेडिसिन ले ली है. मुझे थोड़ा आराम कर

लेने दो. वो बोली, ठीक है, तुम आराम करो. मैं तुम्हारे बदन पर

तेल लगा कर मालिश कर देती हूँ. मैने कहा, नहीं, रहने दो, मैं

ऐसे ही ठीक हूँ. वो बोली, चुप चाप अपने कमरे में जा कर लेट जाओ.

मैं अभी तेल ले कर आती हूँ. मैं कभी भी भाभी की बात से इनकार

नहीं करता था.

मैं अपने कमरे में आ गया. मैने अपनी शर्ट और पॅंट उतार दी और

केवल बनियान और नेकार पहने हुए ही लेट गया. मैं एक दम ढीला

था और थोडा छ्होटा नेकर ही पहनता था. भाभी तेल ले कर आई.

उन्होने मेरे सिर पर तेल लगाया और मेरा सिर दबाने लगी. उसके बाद

उन्होने मेरे हाथ, सीने और पीठ पर भी तेल लगा कर मालिश किया.

आख़िर में वो मेरे पैर पर तेल लगा कर मालिश करने लगी. आख़िर

मैं भी आदमी ही था. उनके हाथ लगाने से मुझे जोश आने लगा. जोश

के मारे मेरा लंड खड़ा होने लगा और मेरा नेकर टेंट की तरह से उपर

उठने लगा. धीरे धीरे मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया और

मेरा नेकर एक दम टेंट की तरह हो गया.
 
मैं जानता था कि नेकर के

छ्होटा होने की वजह से भाभी को मेरा लंड थोड़ा सा दिखाई दे रहा

होगा. वो मेरे पैरों की मालिश करते हुए मेरे लंड को देख रही थी

और उनकी आँखें थोड़ा गुलाबी सी होने लगी थी. उनके चेहरे पर हल्की

सी मुस्कान भी थी. मालिश करने के बाद वो चली गयी. उसके बाद मैं

सो गया.

शाम के 6 बजे मेरी नींद खुली और मैं उठ गया. भाभी चाय लेकर

आई. मैने चाय पी. उसके बाद मैं बाथरूम चला गया. बाथरूम से

जब मैं वापस आया तो भाभी ने कहा, अब लेट जाओ, मैं तुम्हारे बदन

की फिर से मालिश कर देती हूँ. मैने कहा, अब रहने दो ना, भाभी.

वो बोली, क्या मालिश करने से कुच्छ आराम नहीं मिला. मैने कहा, बहुत

आराम मिला है. वो बोली, फिर क्यों मना कर रहे हो. मैने कहा, ठीक

है, तुम केवल मेरे पैर की ही मालिश कर दो. वो खुश हो गयी. उन्होने

मेरे पैर की मालिश शुरू कर दी. मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. इस

बार मेरा नेकर थोड़ा पिछे की तरफ खिसक गया था जिस से भाभी को

मेरा लंड इस बार कुच्छ ज़्यादा ही दिखाई दे रहा था. भाभी मेरे लंड

को देखते हुए मेरे पैरों की मालिश करती रही.

थोड़ी देर बाद वो बोली, मैं जब तेरे पैर की मालिश करती हूँ तो

तुझे क्या हो जाता है. मैं कहा, कुच्छ भी तो नहीं हुआ है मुझे.

उन्होने मेरे लंड पर हल्की सी चपत लगते हुए कहा, फिर ये क्या

है. मैने कहा, जब तुम मालिश करती हो तो मुझे गुदगुदी सी होने

लगती है, इसी लिए तो मैं मना कर रहा था. उन्होने मेरे लंड पर

फिर से चपत लगते हुए कहा, इसे काबू में रखा कर. मैने कहा,

जब तुम मालिश करती हो तो ये मेरे काबू में नहीं रहता. वो बोली, तुम

भी अपने भैया की तरह ही हो. मैं जब उनके पैर की मालिश करती थी

तो वो भी इसे काबू में नहीं रख पाते थे. मैने मज़ाक करते हुए

कहा, फिर वो क्या करते थे. वो बोली, बदमाश कहीं का. मैने कहा,

बताओ ना भाभी, फिर वो क्या करते थे. भाभी शरमाते हुए बोली,

वही जो सभी मर्द अपनी बीवी के साथ करते हैं. मैने कहा, तब तो

तुम्हें भैया के पैरों की मालिश नहीं करनी चाहिए थी. उन्होने

पुछा, क्यों. मैने कहा, आख़िर बाद में परेशानी भी तुम्हें ही

उठानी पड़ती थी. वो बोली, परेशानी किस बात की, आख़िर मेरा मन भी

तो करता था. मैने कहा, मेरा भी काबू में नहीं है, अब तुम ही

बताओ कि मैं क्या करूँ. वो बोली, शादी कर ले. मैने कहा, मैं अभी

शादी नहीं करना चाहता. उन्होने मुस्कुराते हुए कहा, फिर बाथरूम

में जा कर मूठ मार ले.

मैने अंजान बनते हुए पुछा, वो क्या होता

है. वो बोली, क्या सच में तुझे नहीं मालूम है की मूठ मारना किसे

कहते हैं. मैने कहा, नहीं. उन्होने मेरे लंड की तरफ इशारा करते

हुए कहा, इसे अपने हाथ में पकड़ कर अपना हाथ तेज़ी से आगे

पिछे करना. थोड़ी ही देर में इसका जूस निकल जाएगा और ये शांत

हो जाएगा. मैने कहा, तुम मुझे थोड़ा सा कर के बता दो.

भाभी जोश में आ ही चुकी थी. वो बोली, तू बहुत ही बदमाश है.

इसे बाहर निकाल, मैं बता देती हूँ कि कैसे करना है. मैने कहा,

तुम खुद ही इसे बाहर निकाल कर बताओ कि कैसे करना है. उन्होने

शरमाते हुए मेरे लंड को पकड़ कर नेकर से बाहर निकल लिया. जैसे

ही मेरा 9″ लंबा लंड बाहर आया तो वो बोली, बाप रे, तेरा तो बहुत ही

बड़ा है और मोटा भी. मैने पुछा, अच्च्छा नहीं है क्या. वो

शरमाते हुए बोली, बहुत ही अच्छा है. मैने पुछा, भैया का

कैसा था. वो बोली, उनका भी अच्छा था लेकिन तेरे जैसा लंबा और

मोटा नहीं था. मैने कहा, अब बताओ कि कैसे करना है. उन्होने मेरे

लंड को पकड़ कर अपना हाथ आगे पिछे करना शुरू कर दिया. मुझे

बहुत मज़ा आने लगा. वो भी जोश में आने लगी.

क्रमशः.................

 


Rehana ki Bhabhi Chudai--1

Mera naam Dani hai. Meri umar is samay 24 saal ki hai. Shadi ke 3 saal

baad hi ek road excident mein bhaiya ka swargwas ho gaya tha. Main

bhabhi ke saath akela hi rahta tha. Bhabhi ka naam Rehana hai. Hamara

apna khud ka business tha. Bhaiya ke na rahne ke baad main hi business

ki dekhbhal karta tha. Bhabhi bahut hi khoobsurat thi. Wo mujhe Dani

kah kar hi bulati thi. Papa aur mummy ka swargwas bahut pahle hi ho

chuka tha. Main ek dam hattha kattha naujawan tha aur bahut hi

takatwar bhi. Bhabhi umar mein mujhse 1 saal ki chhoti thi. Wo mujhe

bahut pyar karti thi. Bhaiya ke gujar jane ke baad main bhabhi ki

poori dekhbhal karta tha aur wo bhi mera bahut khayal rakhti thi. Main

subah 10 baje hi ghar se chala jata tha aur phir raat ke 8 baje hi

ghar wapas aata tha.

Ye us samay ki baat hai jab bhaiya ko gujre huye 6 mahine hi huye the.

Ek din meri tabiyat kharab ho gayi to maine manager se dukan sambhalne

ko kaha aur dopahar ke 1 baje hi ghar wapas aa gaya. Bhabhi ne puchha,

kya hua Dani. Maine kaha, mera saara badan dukh raha hai aur lag raha

hai ki kuchh fever bhi hai. Meri baat sunkar wo pareshan ho gayi.

Unhone mujhse kaha, tum mere saath doctor ke paas chalo. Maine kaha,

maine medical store se kuchh medicine le li hai. Mujhe thoda aaram kar

lene do. Wo boli, theek hai, tum aaram karo. Main tumhare badan par

tel laga kar malish kar deti hoon. Maine kaha, nahin, rahne do, main

aise hi theek hoon. Wo boli, chup chap apne kamre mein ja kar let jao.

Main abhi tel le kar aati hoon. Main kabhi bhi bhabhi ki baat se inkar

nahin karta tha.

Main apne kamre mein aa gaya. Maine apni shirt aur pant utar di aur

kewal baniyan aur nekar pahane huye hi let gaya. Main ek dam dheela

tha aur thoda chhota nekar hi pahanta tha. Bhabhi tel le kar aayi.

Unhone mere sir par tel lagaya aur mera sir dabane lagi. Uske baad

unhone mere haath, seene aur peeth par bhi tel laga kar malish kiya.

Aakhir mein wo mere pair par tel laga kar malish karne lagi. Aakhir

m ain bhi aadmi hi tha. Unke haath lagane se mujhe josh aane laga. Josh

ke mare mera Lund khada hone laga aur mera nekar tent ki tarah se upar

uthne laga. Dheere dheere mera Lund poori tarah se khada ho gaya aur

mera nekar ek dam tent ki tarah ho gaya. Main janta tha ki nekar ke

chhota hone ki wajah se bhabhi ko mera Lund thoda sa dikhayi de raha

hoga. Wo mere pairon ki malish karte huye mere Lund ko dekh rahi thi

aur unki aankhein thoda gulabi si hone lagi thi. Unke chehre par halki

si muskan bhi thi. Malish karne ke baad wo chali gayi. Uske baad main

so gaya.

Sham ke 6 baje meri neend khuli aur main uth gaya. Bhabhi chaye lekar

aayi. Maine chaye pi. Uske baad main bathroom chala gaya. Bathroom se

jab main wapas aaya to bhabhi ne kaha, ab let jao, main tumhare badan

ki phir se malish kar deti hoon. Maine kaha, ab rahne do na, bhabhi.

Wo boli, kya malish karne se kuchh aaram nahin mila. Maine kaha, bahut

aaram mila hai. Wo boli, phir kyon mana kar rahe ho. Maine kaha, teek

hai, tum kewal mere pair ki hi malish kar do. Wo khush ho gayi. Unhone

mere pair ki malish shuru kar di. Mera Lund phir se khada ho gaya. Is

baar mera nekar thoda pichhe ki taraf khisak gaya tha jis se bhabhi ko

mera Lund is baar kuchh jyada hi dikhayi de raha tha. Bhabhi mere Lund

ko dekhte huye mere pairon ki malish karti rahi.

Thodi der baad wo boli, main jab tere pair ki malish karti hoon to

tujhe kya ho jata hai. Main kaha, kuchh bhi to nahin hua hai mujhe.

Unhone mere Lund par halki si chapat lagate huye kaha, phir ye kya

hai. Maine kaha, jab tum malish karti ho to mujhe gudgudi si hone

lagti hai, isi liye to main mana kar raha tha. Unhone mere Lund par

phir se chapat lagate huye kaha, ise kabu mein rakha kar. Maine kaha,

jab tum malish karti ho to ye mere kabu mein nahin rahta. Wo boli, tum

bhi apne bhaiya ki tarah hi ho. Main jab unke pair ki malish karti thi

to wo bhi ise kabu mein nahin rakh pate the. Maine mazak karte huye

kaha, phir wo kya karte the. Wo boli, badmash kahin ka. Maine kaha,

batao na bhabhi, phir wo kya karte the. Bhabhi sharmate huye boli,

wahi jo sabhi mard apni biwi ke saath karte hain. Maine kaha, tab to

tumhein bhaiya ke pairon ki malish nahin karni chahiye thi.
 
Unhone

puchha, kyon. Maine kaha, aakhir baad mein pareshani bhi tumhein hi

uthani padti thi. Wo boli, pareshani kis baat ki, aakhir mera man bhi

to karta tha. Maine kaha, mera bhi kabu mein nahin hai, ab tum hi

batao ki main kya karoon. Wo boli, shadi kar le. Maine kaha, main abhi

shadi nahin karna chahta. Unhone muskurate huye kaha, phir bathroom

mein ja kar muth mar le.

Maine anjan bante huye puchha, wo kya hota

hai. Wo boli, kya sach mein tujhe nahin maloom hai ki muth marna kise

kahte hain. Maine kaha, nahin. Unhone mere Lund ki taraf ishara karte

huye kaha, ise apne haath mein pakad kar apna haath teji se aage

pichhe karna. Thodi hi der mein iska juice nikal jayega aur ye shant

ho jayega. Maine kaha, tum mujhe thoda sa kar ke bata do.

Bhabhi josh mein aa hi chuki thi. Wo boli, tu bahut hi badmash hai.

Ise bahar nikal, main bata deti hoon ki kaise karna hai. Maine kaha,

tum khud hi ise bahar nikal kar batao ki kaise karna hai. Unhone

sharmate huye mere Lund ko pakad kar nekar se bahar nikal liya. Jaise

hi mera 9″ lamba Lund bahar aaya to wo boli, baap re, tera to bahut hi

bada hai aur mota bhi. Maine puchha, achchha nahin hai kya. Wo

sharmate huye boli, bahut hi achchha hai. Maine puchha, bhaiya ka

kaisa tha. Wo boli, unka bhi achchha tha lekin tere jaisa lamba aur

mota nahin tha. Maine kaha, ab batao ki kaise karna hai. Unhone mere

Lund ko pakad kar apna haath aage pichhe karna shuru kar diya. Mujhe

bahut maza aane laga. Wo bhi josh mein aane lagi.

kramashah...............

 


रेहाना भाभी की चुदाई --2

गतांक से आगे.........

2 मिनट मूठ मारने के बाद वो बोली, ऐसे ही कर लेना. अब जा बाथरूम

में. मैने कहा, बाथरूम में क्यों, अगर मैं यहीं कर लेता हूँ तो

इसमें क्या बुराई है. वो बोली, तेरा जूस यहाँ गिरेगा और मुझे ही

सॉफ करना पड़ेगा. मैने कहा, मैं ही सॉफ कर दूँगा. वो बोली, ठीक

है, यहीं कर ले. मैं जाती हूँ. मैने उनका हाथ पकड़ कर कहा,

तुम यहीं बैठो ना. वो बोली, तेरे लंड पर हाथ लगाने से मुझे

पहले ही थोड़ा सा जोश आ चुका है. अगर मैं तुझे मूठ मारते हुए

देखूँगी तो मुझे और ज़्यादा जोश आ जाएगा. फिर मेरे लिए बर्दाश्त

करना मुश्किल हो जाएगा. आख़िर मैं भी तो औरत हूँ और अभी जवान

भी. मैने कहा, मुझ पर भरोसा रखो, मैं तुम्हारे साथ कुच्छ भी

नहीं करूँगा. वो बोली, मुझे पूरा भरोसा है तभी तो मैने तेरे

लंड को पकड़ कर तुझे मूठ मारना बताया है. मैने पुछा, नेकर

उतार दूँ या ऐसे ही मूठ मार लूँ. वो बोली, क्या नेकर भी खराब

करेगा. उतार दे इसे.

मैने अपना नेकर उतार दिया और मूठ मारने लगा. भाभी मुझे मूठ

मारते हुए देखती रही. मैं भाभी को देखता हुआ मूठ मार रहा था.

धीरे धीरे वो और ज़्यादा जोश में आ गयी. जोश के मारे मेरे मूह से

आह… ऊह… की आवाज़ निकल रही थी. वो मुझे और कभी मेरे लंड को

देख रही थी. उन्होने अपना एक हाथ अपनी चूत पर रख लिया और

सहलाने लगी. मैने पुछा, क्या हुआ. वो बोली, तू मुझे एक दम पागल

कर देगा. मैं जा रही हूँ. मैने उनका हाथ पकड़ लिया और कहा,

बैठो ना मेरे पास. वो चुप चाप बैठ गयी. मैं मूठ मारता रहा.

भाभी जोश के मारे पागल सी हो चुकी थी. थोड़ी ही देर में उन्होने

मेरा लंड पकड़ लिया और बोली, अब रहने दे, अब मुझसे बर्दास्त नहीं हो

रहा है. मैने पुच्छा, क्या हुआ. उन्होने अपना पेटिकोट उपर कर दिया

और बोली, देख मेरी चूत भी एक दम गीली हो गयी. तूने तो मुझे पागल

सा कर दिया है. अब मुझे बर्दास्त नहीं हो रहा है, तू मेरी चूत को

सहला दे, मैं तेरा लंड सहला देती हूँ. मैने कहा, केवल सहलाना ही

है या कुच्छ और करना है. वो बोली, अगर तेरा मन करे तो मेरी चूत

को थोड़ा सा चाट ले जिस से मुझे भी थोडा आराम मिल जाएगा. मैने

कहा, कपड़े तो उतार दो. वो बोली, तू खुद ही उतार दे.
 


मैने भाभी के कपड़े उतार दिए. अब वो एक दम नंग हो गयी. उनकी चूत

एक दम सॉफ थी. मैने कहा, तुम्हारी चूत तो एक दम सॉफ है. वो बोली,

मुझे चूत पर बॉल बिल्कुल भी पसंद नहीं हैं इसी लिए मैं इसे

हमेशा ही सॉफ रखती हूँ. तेरा भी तो एक दम सॉफ है. मैने कहा,

मुझे भी बॉल पसंद नहीं हैं. वो लेट गयी तो मैने उनकी चूत पर

अपनी जीभ फिरानी शुरू कर दी. वो बोली, ऐसे नहीं. मैने कहा, फिर

कैसे. वो बोली, मुझे भी तो तेरा चूसना है. तू मेरे उपर उल्टा लेट

जा और अपना लंड मेरे मूह के पास कर दे फिर चाट मेरी चूत को.

मैं भाभी के उपर 69 की पोज़िशन में लेट गया. मैने उनकी चूत पर

जीभ फिराना शुरू किया तो उन्होने मेरे लंड का सूपड़ा अपने मूह में

ले लिया और चूसने लगी. मुझे खूब मज़ा आने लगा. भाभी भी जोश

के मारे सिसकारियाँ भरने लगी. मैने उनकी क्लिट को अपने होठों से

दबाना शुरू कर दिया तो उन्होने ज़ोर की सिसकारी ली. मैने पुछा, क्या

हुआ. वो बोली, बहुत मज़ा आ रहा है, और ज़ोर ज़ोर से दबा. मैने उनकी

क्लिट को और ज़्यादा ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया तो उन्होने मेरा लंड

अपने मूह में और ज़्यादा अंदर ले लिया और तेज़ी के साथ चूसने लगी.

मैने एक उंगली उनकी चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा. थोड़ी

ही देर में भाभी की चूत से जूस निकल आया. वो बोली, चाट ले इसे.

मैने उनकी चूत का सारा जूस चाट लिया. थोड़ी ही देर में मेरे लंड

का जूस भी निकलने लगा तो भाभी सारा का सारा जूस निगल गयी.

उसके बाद मैं हट गया और उनके बगल में लेट गया.

भाभी मेरा लंड सहलाने लगी. थोड़ी देर बाद वो बोली, आज तो वो हो

गया जो कि नहीं होना चाहिए था. मैने कहा, मैने ऐसा क्या कर

दिया. वो बोली, तूने मुझे अपना लंड दिखा कर आज मुझे पागल सा कर

दिया. मैने कहा, मैने तो नहीं दिखाया था. वो बोली, तेरा नेकर ही

इतना छ्होटा और ढीला था की मुझे तेरा लंड दिखाई दे गया.
 
मैं

अपने आप को काबू में नहीं रख पाई इसी लिए मैने तुझसे पैर की

दोबारा मालिश करने के लिया कहा था. मैं तेरा लंड देखना चाहती थी

क्यों कि मुझे तेरा लंड बहुत ही लंबा और मोटा दिख रहा था. मैने

कहा, अब तो देख लिया ना. वो बोली, हां, देख भी लिया और पसंद भी

कर लिया. मैने कहा, अब क्या इरादा है. वो बोली, तू भी वही कर जो

तेरे भैया मेरे साथ करते थे. मैने कहा, ये ठीक नहीं है. वो

बोली, क्या ठीक है क्या नहीं, मैं कुच्छ नहीं जानती. अगर तू मेरे

साथ नहीं करेगा तो मैं मर जाउन्गी. मैने पुछा, मैं तुम्हारे

साथ क्या करूँ. वो बोली, जो तेरे भैया मेरे साथ करते थे. मैने

कहा, मैने तो कभी देखा ही नहीं की भैया तुम्हारे साथ क्या करते

थे. भाभी ने मेरे गालों को ज़ोर से काट लिया और बोली, अब चोद दे

मुझे. मैने कहा, दर्द होगा. वो बोली, तो मैं क्या करूँ, होने दे. जो

होगा देखा जाएगा. मैने कहा, तुम मेरी भाभी हो, मैं तुम्हें कैसे

चोद सकता हूँ. भाभी का तो जोश के मारे बुरा हाल था. वो बोली, तू

मुझे नहीं चोदेगा लेकिन मैं तो तुझे चोद सकती हूँ. मैने कहा,

फिर तुम ही चोदो.

क्रमशः.................

Rehana ki Bhabhi Chudai--2

gataank se aage...............

2 min muth marne ke baad wo boli, aise hi kar lena. Ab ja bathroom

mein. Maine kaha, bathroom mein kyon, agar main yahin kar leta hoon to

ismein kya burayi hai. Wo boli, tera juice yahan girega aur mujhe hi

saaf karna padega. Maine kaha, main hi saaf kar doonga. Wo boli, theek

hai, yahin kar le. Main jati hoon. Maine unka haath pakad kar kaha,

tum yahin baitho na. Wo boli, tere Lund par haath lagane se mujhe

pahle hi thoda sa josh aa chuka hai. Agar main tujhe muth marte huye

dekhungi to mujhe aur jyada josh aa jayega. Phir mere liye bardast

karna mushkil ho jayega. Aakhir main bhi to aurat hoon aur abhi jawan

bhi. Maine kaha, mujh par bharosa rakho, main tumhare saath kuchh bhi

nahin karunga. Wo boli, mujhe poora bharosa hai tabhi to maine tere

Lund ko pakad kar tujhe muth marna bataya hai. Maine puchha, nekar

utar doon ya aise hi muth mar loon. Wo boli, kya nekar bhi kharab

karega. Utar de ise.

Maine apna nekar utar diya aur muth marne laga. Bhabhi mujhe muth

marte huye dekhti rahi. Main bhabhi ko dekhta hua muth mar raha tha.

Dheere dheere wo aur jyada josh mein aa gayi. Josh ke mare mere muh se

aah… ooh… ki aawaz nikal rahi thi. Wo mujhe aur kabhi mere Lund ko

dekh rahi thi. Unhone apna ek haath apni Choot par rakh liya aur

sahlane lagi. Maine puchha, kya hua. Wo boli, tu mujhe ek dam pagal

kar dega. Main ja rahi hoon. Maine unka haath pakad liya aur kaha,

batho na mere paas. Wo chup chap baith gayi. Main muth marta raha.

Bhabhi josh ke mare pagal si ho chuki thi. Thodi hi der mein unhone

mera Lund pakad liya aur boli, ab rahne de, ab mujhse bardast nahin ho

raha hai. Maine puchha, kya hua. Unhone apna petticoat upar kar diya

aur boli, dekh meri Choot bhi ek dam geeli ho gayi. Tune to mujhe pagal

sa kar diya hai. Ab mujhe bardast nahin ho raha hai, tu meri Choot ko

shala de, main tera Lund sahla deti hoon. Maine kaha, kewal sahlana hi

hai ya kuchh aur karna hai. Wo boli, agar tera man kare to meri Choot

ko thoda sa chat le jis se mujhe bhi thoda aaram mil jayega. Maine

kaha, kapde to utar do. Wo boli, tu khud hi utar de.

Maine bhabhi ke kapde utar diye. Ab wo ek dam nang ho gayi. Unki Choot

ek dam saaf thi. Maine kaha, tumhari Choot to ek dam saaf hai. Wo boli,

mujhe Choot par baal bilkul bhi pasand nahin hain isi liye main ise

hamesha hi saaf rakhti hoon. Tera bhi to ek dam saaf hai. Maine kaha,

mujhe bhi baal pasand nahin hain. Wo let gayi to maine unki Choot par

apni jeebh phirani shuru kar di. Wo boli, aise nahin. Maine kaha, phir

kaise. Wo boli, mujhe bhi to tera choosna hai. Tu mere upar ulta let

ja aur apna Lund mere muh ke paas kar de phir chat meri Choot ko.

Main bhabhi ke upar 69 ki position mein let gaya. Maine unki Choot par

jeebh phirana shuru kiya to unhone mere Lund ka supada apne muh mein

le liya aur choosne lagi. Mujhe khoob maza aane laga. Bhabhi bhi josh

ke mare siskariyan bharne lagi. Maine unki clit ko apne hothon se

dabana shuru kar diya to unhone jor ki siskari li. Maine puchha, kya

hua. Wo boli, bahut maza aa raha hai, aur jor jor se daba. Maine unki

clit ko aur jyada jor se dabana shuru kar diya to unhone mera Lund

apne muh mein aur jyada andar le liya aur teji ke saath choosne lagi.

Maine ek ungli unki Choot mein dal di aur andar bahar karne laga. Thodi

hi der mein bhabhi ki Choot se juice nikal aaya. Wo boli, chat le ise.

Maine unki Choot ka saara juice chat liya. Thodi hi der mein mere Lund

ka juice bhi nikalne laga to bhabhi saara ka saara juice nigal gayi.

Uske baad main hat gaya aur unke bagal mein let gaya.
 


Bhabhi mera Lund sahlane lagi. Thodi der baad wo boli, aaj to wo ho

gaya jo ki nahin hona chahiye tha. Maine kaha, maine aisa kya kar

diya. Wo boli, tune mujhe apna Lund dikha kar aaj mujhe pagal sa kar

diya. Maine kaha, maine to nahin dikhaya tha. Wo boli, tera nekar hi

itna chhota aur dheela tha ki mujhe tera Lund dikhayi de gaya. Main

apne aap ko kabu mein nahin rakh payi isi liye maine tujhse pair ki

dobara malish karne ke liya kaha tha. Main tera Lund dekhna chahti thi

kyon ki mujhe tera Lund bahut hi lamba aur mota dikh raha tha. Maine

kaha, ab to dekh liya na. Wo boli, haan, dekh bhi liya aur pasand bhi

kar liya. Maine kaha, ab kya irada hai. Wo boli, tu bhi wahi kar jo

tere bhaiya mere saath karte the. Maine kaha, ye theek nahin hai. Wo

boli, kya theek hai kya nahin, main kuchh nahin janti. Agar tu mere

saath nahin karega to main mar jaungi. Maine puchha, main tumhare

saath kya karoon. Wo boli, jo tere bhaiya mere saath karte the. Maine

kaha, maine to kabhi dekha hi nahin ki bhaiya tumhare saath kya karte

the. Bhabhi ne mere galon ko jor se kat liya aur boli, ab Chod de

mujhe. Maine kaha, dard hoga. Wo boli, to main kya karoon, hone de. Jo

hoga dekha jayega. Maine kaha, tum meri bhabhi ho, main tumhein kaise

Chod sakta hoon. Bhabhi ka to josh ke mare bura haal tha. Wo boli, tu

mujhe nahin Chodega lekin main to tujhe Chod sakti hoon. Maine kaha,

phir tum hi Chodo.

kramashah...............

 


रेहाना भाभी की चुदाई --3

गतांक से आगे.........

मेरा लंड फिर से खड़ा हो चुका था. भाभी मेरे उपर आ गयी. उन्होने

मेरे लंड के सूपदे को अपनी चूत के बीच रखा और दबाने लगी. उनके

चेहरे पर दर्द की झलक सॉफ दिख रही थी फिर भी वो रुकी नहीं.

मेरा लंड धीरे धीरे उनकी चूत में घुसता ही जा रहा था. उनकी

चूत बहुत ही टाइट थी. उन्होने दबाना जारी रखा तो थोड़ी ही देर में

उनकी आँखों में आँसू भी आ अगये. मैने पुछा, क्या हुआ. वो बोली,

दर्द बहुत हो रहा है. मैने कहा, फिर रुक जाओ ना, क्यों इतना दर्द

बर्दास्त कर रही हो. वो बोली, मैं पागल हो गयी हूँ. अब तक मेरा

लंड भाभी की चूत में 7″ तक घुस चुका था. दर्द के मारे भाभी का

बुरा हाल हो रहा था. तभी वो अपने बदन का सारा ज़ोर देते हुए

अचानक मेरे लंड पर बैठ गयी. मेरा पूरा का पूरा लंड उनकी चूत

में समा गया. उनके मूह से ज़ोर की चीख निकली. उनका सारा बदन थर

थर काँपने लगा. उनके चेहरे पर पसीना आ गया. उनकी साँसें बहुत

तेज चल रही थी.

वो मेरे उपर लेट गयी और मेरे होठों को चूमने लगी. मैं उनकी कमर

और चूतड़ को सहलाने लगा. तभी मुझे बदमाशी सूझी. मैने उनकी

गांद के छेद पर अपनी उंगली फिरानी शुरू कर दी तो उन्हें मज़ा आने

लगा. अचानक मैने अपनी उंगली उनकी गांद में डाल दी तो उन्होने ज़ोर की

सिसकारी ली और बोली, बदमाश कहीं का. पहले तो कह रहा था कि तुम

मेरी भाभी हो, मैं तुम्हें कैसे चोद सकता हूँ. अब मेरी गांद में

उंगली डाल रहा है. क्या मैं अब तेरी भाभी नहीं रह गयी. मैने

कहा, बिल्कुल नहीं, अब तो तुमने मेरा लंड तुमने अपनी चूत में डाल

लिया है. अब तुम मेरी भाभी नहीं रह गयी हो. वो बोली, फिर मैं अब

तेरी क्या लगती हूँ. मैने कहा, बीवी. वो बोली, फिर चोद दे ना अपनी

बीवी को. क्यों तरसा रहा है मुझे. अब तो मैने तेरा पूरा का पूरा

लंड अपनी चूत के अंदर ले लिया है. मेरी उंगली अभी भी भाभी की

गांद में थी. मैने फिर शरारत की और कहा, मैं तुम्हें एक ही

शर्त पर छोड़ सकता हूँ. वो बोली, कैसी शर्त. मैने कहा, मैं

तुम्हारी गांद भी मारूँगा. वो बोली, अपनी बीवी से भी पुच्छना पड़ता है

क्या. मैने कहा, मुझे नहीं मालूम. वो बोली, तेरे भैया ने तो मुझसे

कभी नहीं पुछा, जब भी उनका मन किया उन्होने मेरी चुदाई की और

जब उनका मन हुआ तो उन्होने मेरी गांद भी मारी. मैने कहा, इसका

मतलब तुम भैया से गांद भी मरवा चुकी हो. वो बोली, तो क्या हुआ,

मज़ा तो दोनो में ही आता है. अब मुझे ज़्यादा मत परेशान कर, चोद दे

ना. मैने कहा, थोड़ा सा तुम चोदो फिर थोड़ा सा मैं चोदुन्गा. वो

बोली, ठीक है, बाबा.
 


भाभी ने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए तो उनके मूह से

चीख निकलने लगी. मैने पुछा, अब क्या हुआ. वो बोली, दर्द हो रहा

है. मैने पुछा, क्यों, अब तो पूरा अंदर ले चुकी हो. वो बोली, अंदर

लेने से क्या होता है. मेरी चूत अभी तेरे लंड के साइज़ की थोड़े ही

हुई है. मैने पुछा, मेरे लंड की साइज़ की कैसे होगी. वो बोली, जब

तू मुझे काई बार चोद देगा तब. वो धीरे धीरे धक्के लगाती रही.

मैने पुछा, तुम्हारी चूत को चौड़ा करने के लिए मुझे कितनी बार

चोदना पड़ेगा. वो बोली, ये तो तेरे उपर है कि तू किस तरह से मेरी

चुदाई करता है. मैने पुछा, क्या एक बार में भी हो सकता है. वो

बोली, बिल्कुल हो सकता है, अगर तू मुझे पहली बार में ही कम से कम

1 घंटे चोद सके तो. लेकिन मैं जानती हूँ की तू ऐसा नहीं कर

पाएगा. मैने पुछा, क्यों. वो बोली, तूने कभी किसी को पहले चोदा

है. मैने कहा, नहीं. वो बोली, तो फिर तू 10 मिनट से ज़्यादा रुकेगा ही

नहीं. मैने कहा, रुकुंगा क्यों नहीं. वो बोली, तुझे मेरी चुदाई

करने में जोश ज़्यादा आ जाएगा इस लिए.

भाभी को धक्के लगाते हुए लगभग 10 मिनट हो चुके थे और वो इस

दौरान 1 बार झाड़ भी चुकी थी. तभी मेरे लंड का जूस निकल पड़ा

और साथ ही साथ वो भी फिर से झाड़ गयी. वो मुस्कुराते हुए बोली,

क्या हुआ पहलवान. मैने कहा, वही हुआ जो तुम कह रही थी. वो बोली,

मेरी चूत ढीली करने के लिए तुझे कम से कम 1 घंटे तक मेरी

चुदाई करनी पड़ेगी. मैं ये भी जानती हूँ की अगली बार तू ज़्यादा से

ज़्यादा 15 मिनट ही मुझे चोद पाएगा. इस तरह जब तू 3-4 बार मेरी

चुदाई कर देगा तब कुल मिलकर 1 घंटे हो जाएँगे और मेरी चूत

ढीली हो जाएगी और तेरे लंड के साइज़ की हो जाएगी, समझ गये

बच्चू. मैने कहा, बिल्कुल समझ गया, मेडम.

भाभी ने मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर ही रखा और मेरे उपर लेट

गयी. वो मेरे होठों को चूमती रही और मैं उनकी चुचियों को

मसलता रहा. 10 मिनट के बाद मेरा लंड उनकी चूत में ही फिर से खड़ा

होने लगा तो वो बोली, अब तुम मुझे चोदो. मैने कहा, जैसी आप की

मर्ज़ी. वो मुस्कुराते हुए मेरे उपर से हट गयी और लेट गयी. मैं उनके

उपर आ गया. मैने उनकी चुदाई शुरू कर दी. मैं पूरे जोश में

था और ज़ोर ज़ोर के धक्के लगाते हुए उनको चोद रहा था. वो बोली,

शाबाश बहादुर, बहुत ही अच्छि तरह से चोद रहे हो, चोदते रहो,

रुकना मत, थोड़ा और ज़ोर के धक्के लगाओ. मैने और ज़्यादा तेज़ी के

साथ धक्के लगाने शुरू कर दिए. लगभग 15 मिनट की चुदाई के बाद

मैं झाड़ गया. भाभी भी इस चुदाई के दौरान 2 बार झाड़ चुकी थी.

मैने उन्हें सारी रात खूब जाम कर चोदा. वो भी पूरी तरह से

मस्त हो गयी थी और मैं भी. सुबह तक मैं उन्हें 6 बार चोद चुका

था. सुबह को मैने पुछा, तुम्हारी चूत मेरे लंड की साइज़ की हो गयी

या नहीं. वो बोली, जब तुमने मेरी 4 बार चुदाई कर दी फिर उसके बाद

मैं चिल्लाई क्या. मैने कहा, बिल्कुल नहीं. वो बोली, फिर समझ लो

की मेरी चूत तुम्हारे लंड की साइज़ की हो गयी.

क्रमशः.................

 
Back
Top