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वासना के सौदागर

Part 31

सोनाली ज़फर के लण्ड को मुंह मे लेकर उसे चूसने लगी। उसके मम्मे काज़ी की बायीं जाँघ पर दबे हुए थे और उसकी चिकनी चूत काज़ी की दायीं जांघ की मालिश कर रही थी।

काज़ी जब उसके नितंबों पर बेंत के स्ट्रोक लगा रहा था तो हर स्ट्रोक के साथ सोनाली चिल्लाते हुए उछल रही थी। उसके उछलने से काज़ी और ज़फर दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था।

असलम एक तरफ बैठा यह सारा सेक्सी गेम देख रहा था।

अचानक असलम काज़ी से बोला : काज़ी साहब लाइये यह बेंत मारने का काम आपके लिए मैं कर देता हूँ। आप अपने दोनों हाथों से इस चिकनी हसीना के बदन का भरपूर मज़ा लीजिये।

काज़ी को असलम की बात ठीक लगी और उसने बेंत असलम के हाथ मे पकड़ा दिया।

असलम एक स्टूल पर बैठकर गिनती करते हुए सोनाली के मस्त नितंबों पर बेंत मारने लगा। काज़ी अब अपने दोनों हाथों से सोनाली के निर्वस्त्र चिकने बदन को दबाने सहलाने में लग गया। उसके खड़े लण्ड पर सोनाली का चिकना पेट उछल उछल कर उसे अकल्पनीय आनंद की अनुभूति करा रहा था। काज़ी को लग रहा था कि थोड़ी देर सोनाली का बदन ऐसे ही उछलता रहा तो उसके लण्ड की पिचकारी ऐसे ही छूट जाएगी।

इधर सोनाली ज़फर का लण्ड चूस चुकी थी और उस पर अपनी जीभ फेरते हुए उसे साफ कर रही थी। अब तक असलम 25 बेंत सोनाली को मार चुका था।

सोनाली : अब प्लीज़ रहने दो, और बेंत मत मारो। बहुत दर्द हो रहा है। आप की हर बात तो मैं मानती जा रही हूं। अब मेरी सज़ा माफ कर दो प्लीज़

काज़ी का अपना लण्ड भी अब तक बेकाबू हो चुका था। उसने असलम को रोकते हुए कहा : चलो अब रहने दो। इसकी बाकी की सज़ा मैं माफ करता हूँ। उसके बदले में यह अब मेरा लण्ड अपने मुंह मे लेकर मुझे खुश करेगी।

सोनाली अब जमीन पर काज़ी की दोनों टाँगों के बीच घुटनों के बल बैठ गयी।

काज़ी ने अपना अंडरवियर नीचे खिसका दिया और उसका काला, मोटा और लंबा सा लण्ड सोनाली के गालों से टकराने लगा

काज़ी ने अपने लण्ड को कुछ देर तक उसके चेहरे और गालों पर रगड़ा और फिर उसके होंठों पर रगड़ते हुए कड़क आवाज़ में बोला : चल अब मुंह खोल और इसे अंदर लेकर मुझे खुश कर

सोनाली बेबस थी । उसने वही किया जो काज़ी चाहता था। लण्ड चुसवाने के बाद उसने उसकी जीभ से सहला सहला कर साफ भी करवाया

काज़ी,ज़फर और असलम सोनाली को देखते हुए हंसते हुए कहने लगे : एकदम मस्त लौंडिया है। लण्ड चूसने में एकदम एक्सपर्ट है साली।

जब सोनाली काज़ी को पूरी तरह से खुश कर चुकी तो वह बोला : अब इसकी पाकीज़गी की रस्म अदा की जाएगी। उसके लिए हम सबको अपने सारे कपड़े उतारकर वाशरूम में चलना होगा।

सोनाली इससे पहले कि कुछ समझ पाती, काज़ी,ज़फर और असलम अपने सारे कपड़े उतारकर एकदम नंगे हो गए और सोनाली से कडककर बोले : चल खड़ी हो जा और हमारे साथ वाशरूम में चलकर अपने बदन पर पाकीज़गी की रस्म को पूरा करवा।

शेष अगले भाग में
 
Part 32

वाशरूम में घुसकर असलम,ज़फर और काज़ी ने सोनाली की तरफ देखते हुए कहा : अब तेरे साथ पाकीज़गी की रस्म पूरी की जाएगी। हमारी हर बात को मानते हुए तुझे यह रस्म पूरी करनी होगी। अगर यह रस्म पूरी नही हुई तो न तो तू मुसलमान बन सकेगी और न ही तेरा निकाह हो पायेगा।

सोनाली को कुछ समझ नही आ रहा था कि यह अब कौन सी रस्म की बात हो रही है। वह बोली : ठीक है मैं इस रस्म के लिए तैयार हूं।

काज़ी : चल नीचे घुटनों के बल बैठ जा

सोनाली घुटनों के बल वाशरूम के फर्श पर बैठ गई।

काज़ी : असलम और ज़फर तुम दोनों इस लौंडिया के दाएं बाएं खड़े होकर इसके दोनों हाथों को पवित्र करो

असलम सोनाली के बायीं तरफ और ज़फर दायीं तरफ खड़ा हो गया।

काज़ी सोनाली से बोला : अपने दोनों हाथों से इन दोनों के खड़े हो रहे केलों को अपने हाथों से सहलाना शुरू कर दे। तेरे इन हाथों ने जो पाप किये हैं वे सब खत्म हो जाएंगे।

सोनाली उठकर खड़ी हो गई और विरोध करती हुई बोली : बहुत हुआ, अब इस बदमाशी को बंद करो। मैं अब तुम लोगों की कोई बात नही मानने वाली हूँ। तुम्हारा जो जी आये वह करो।

काज़ी, ज़फर और असलम यह सब सुनने के लिए बिल्कुल तैयार नही थे।

असलम ने सोनाली के गालों पर तड़ातड़ 2 थप्पड़ लगाते हुए कहा : साली हम लोगों ने तेरी सारी वीडियो बनाई हुई है। बोल तेरी वीडियो को अभी सारे ग्रुप्स में भेजकर वायरल करवा दूँ या फिर...

सोनाली गिड़गिड़ाते हुए फिर से ज़मीन पर बैठ गयी और असलम के पैर पकड़कर कहने लगी : नही नही यह मत करो प्लीज़

ज़फर : अब अगर तूने एक बार भी हमारा कोई भी हुक्म नही माना तो तेरी सारी वीडियो तुझसे बिना पूछे वायरल कर दी जाएंगी। समझी कि नही ?

सोनाली : जी समझ गयी। अब गलती नही होगी। अब आपकी हर बात मानूँगी

काज़ी : चल अब अपना मुंह खोलकर बैठ जा। सबसे पहले मैं खुद तेरे इस नापाक मुंह को पवित्र करके इसकी पाकीज़गी को अंजाम दूँगा

सोनाली मुंह खोलकर फर्श पर घुटनों के बल बैठ गई

काज़ी : थोड़ा और बड़ा करके मुंह खोल और जब तक मेरा हुक्म न हो, तेरा मुंह बंद नही होना चाहिए।

सोनाली ने अपने मुंह को बड़ा करके खोल लिया

काज़ी ने अब अपने लण्ड को हाथ मे पकड़ते हुए उसमे से अपने पेशाब की पिचकारी सोनाली के खुले मुंह की तरफ छोड़ दी और उससे बोला : सारा पेशाब पीकर अपने मुंह की पाकीज़गी कर

काज़ी की पेशाब से सोनाली का पूरा चेहरा भी भीग गया था

सोनाली का मुंह अभी भी खुला हुआ था

शेष अगले भाग में
 
Part 33

काज़ी अब सोनाली के आगे उल्टा होकर खड़ा हो गया और उससे बोला : चल अब अपने होंठों से मेरे नितंबों को चूमना शुरू कर

यह कहने के साथ काज़ी ने अपने नितंबों को सोनाली के चेहरे से सटा दिया

ज़फर : जल्दी शुरू हो जा और काज़ी साहब को खुश करना शुरू कर। उसके बाद तुझे हैम लोगों से भी अपनी पाकीज़गी करानी है। हमारे पास टाइम कम है इसलिए फटाफट शुरू हो जा

सोनाली अपने होंठों को काज़ी के नितंबों पर रगड़ रगड़ कर उन्हें चूमने लगी।

असलम सोनाली के पीछे आकर उससे सटकर खड़ा होते हुए बोला : अब अपनी जीभ निकालकर उससे काज़ी साहब के नितम्बो को ठीक से चाटना शुरू कर। काज़ी साहब को पूरी तरह खुश कर। उन्हें जब तक भरपूर मज़ा नही आएगा, तेरी पाकीज़गी की रस्म पूरी नही होगी

सोनाली अब अपनी जीभ से काज़ी के दोनों नितंबों को चाट चाट कर उसकी मौज़ करा रही थी।

ज़फर : अपनी जीभ को दोनों नितंबों के बीच मे घुसाकर ठीक से चाट रंडी।

सोनाली जब तक काज़ी के नितंबों की चूमा चाटी कर रही थी, असलम और ज़फर अपनी टाँगों को उसकी पीठ पर रगड़ रगड़ कर उसके नंगे बदन के साथ खिलवाड़ करने में लग गए ।

सोनाली की चूमा चाटी से जब काज़ी का मन भर गया तो उसने कहा : अब असलम तुम इसकी पाकीज़गी करो

असलम ने अपने लण्ड को हाथ मे पकड़ा और पेशाब की तेज पिचकारी सोनाली की पीठ और गर्दन पर छोड़नी शुरू कर दी। असलम की पेशाब से सोनाली का बदन पीछे से पूरी तरह भीग गया

पेशाब से सोनाली के बदन के पिछले हिस्से को भिगोने के बाद असलम सोनाली के सामने आकर खड़ा हो गया और उससे बोला : मेरी जांघों को अपने होंठों से चूमना शुरू कर।

सोनाली ने असलम की जांघों को चूमना शुरू कर दिया। असलम की जांघों पर बाल ही बाल थे और उसके लण्ड के नीचे अंडकोषों के पास भी बालों के गुच्छे बने हुए थे जिनमें बहुत बदबू आ रही थी

ज़फर यह सब देख रहा था। वह सोनाली से बोला : जीभ से चाट चाट कर असलम की मौज़ करा। तेरी जीभ हर तरफ घूमनी चाहिए।

सोनाली की जीभ असलम की जांघों और उसके अंदरूनी हिस्सों में चूमा चाटी में लगी हुई थी। जिस जगह पर सोनाली अपनी जीभ फिराने में हिचकिचा रही थी, असलम उसके चेहरे को पकड़कर उससे जबरन वहां चटवा रहा था।

असलम ने जब सोनाली से जी भरकर मौज़ ले ली तो उसे छोड़ते हुए कहा : अब ज़फर तेरी पाकीज़गी करेंगे

ज़फर बिना किसी देरी के सोनाली के सामने आकर खड़ा हो गया और अपने लण्ड से पेशाब की धारा को उसके बदन पर इस तरह छोड़ने लगा मानो वह उसे नहला रहा हो। सोनाली के मम्मे, पेट और जाँघे सब ज़फर की पेशाब से भीग गयी थीं।

काज़ी और असलम ज़फर और सोनाली की इस पाकीज़गी को एकटक देख रहे थे।

ज़फर ने अपने लण्ड के निचले भाग को सोनाली के चेहरे पर रखकर उसे रगड़ना शुरू कर दिया। सोनाली के चेहरे को उसने अपने दोनों हाथों में पकड़ा हुआ था और उसे वह अपनी मर्ज़ी के हिसाब से अपनी जांघों पर रगड़वा कर मज़े ले रहा था।

ज़फर अचानक सोनाली से बोला : अपनी जीभ निकालकर चाटना शुरू कर

सोनाली की जीभ से वह अपने लण्ड, लण्ड के निचले भाग, अंडकोषों और जांघों के अंदरूनी भागों को चटवाने लगा। ज़फर ने अपनी दोनों टाँगों को थोड़ा खोला और उससे बोला : अपनी जीभ को बीच मे घुसाकर चाटना शुरू कर अब।

जब सोनाली की चूमा चाटी से ज़फर की भी पूरी तसल्ली हो गई तो उसने उसे छोड़ दिया

काज़ी : अब शावर के नीचे खड़ी हो जा। हम सब मिलकर तेरे बदन को साफ करके उसे एकदम पाकीज़ा कर देंगे। ऐसा स्नान तूने आज से पहले कभी नही किया होगा।

सोनाली शावर के नीचे जाकर खड़ी हो गई। ज़फर से शावर चालू कर दिया।

शेष अगले भाग में
 
Part 34

शावर चालू होते ही पानी मे भीगती सोनाली पर तीनों टूट पड़े और उसके बदन से खिलवाड़ और छेड़खानी करते हुए असलम,ज़फर और काज़ी भी नहाने लगे।

काज़ी सोनाली की पीठ पर साबुन मलने लगा। असलम सोनाली के मम्मे मसल रहा था। ज़फर सोनाली की जांघों पर हाथ फिरा फिरा कर उन्हें साफ कर रहा था। सोनाली बेबस होकर उन सबके द्वारा की जा रही इस सेक्सी खिलवाड़ को सहने के लिए मजबूर थी।

नहाने के बाद जब सब लोग कमरे में वापस आ गए तो उन्होंने फटाफट अपने अपने कपड़े पहन लिए।

सोनाली ने भी अपने कपड़े पहनने शुरू कर दिए।

लेकिन ब्रा और पैंटी के बाद ही ज़फर ने सोनाली को रोकते हुए कहा : रुक जा, अभी बाकी के कपड़े मत पहन।

असलम ने काज़ी की तरफ देखते हुए कहा : अभी सिर्फ ढाई ही बजे है। 3 बजे तक इस रस्म को चालू रखते हैं।

काज़ी : हाँ हाँ, मेरी तरफ से तुम लोगों को पूरी छूट है। अगले आधे घण्टे में इस लौंडिया से जितने मज़े लेना चाहो तुम ले सकते हो

दरअसल नहाने के बाद ब्रा और पैंटी पहने सोनाली एकदम मस्त और सेक्सी लग रही थी और वे तीनों उसके साथ कुछ और मस्ती करने के मूड में आ गए थे।

काज़ी का इशारा मिलते ही ज़फर और असलम के लण्ड फिर से तन गए

ज़फर ने अपने मोबाइल पर एक सेक्सी गाना चालू कर दिया और सोनाली से बोला : चल इस गाने पर डांस कर और हम लोगों को खुश कर

सोनाली : मुझे डांस करना नही आता है। प्लीज़ अब बस करो और मुझे कपड़े पहनने दो।

असलम : नाच नही आता या करना नही चाहती है ? लगता है तेरी खाल उधेड़नी पड़ेगी।

यह कहकर असलम अपनी पैंट में से लेदर की बेल्ट निकालने लगा लेकिन ज़फर ने उसे रोकते हुए कहा : असलम भाई यह सब करने की जरूरत नही है। यह लौंडिया अपनी मर्ज़ी से ही हम सब के सामने मुजरा करेगी, तुम बस देखते जाओ।

अब ज़फर सोनाली से कड़क कर बोला : चल अपने कान पकड़ और गिनती करते हुए 100 उठक बैठक लगा।

ज़फर और असलम जिस तरह से सोनाली के साथ मौज़ मस्ती कर रहे थे उसे देखकर काज़ी को भी मज़ा आ रहा था और उसका लण्ड भी तन गया था।

सोनाली ने जैसे ही उठक बैठक लगाने का फरमान सुना, वह एकदम लाइन पर आती हुई कहने लगी : ठीक है मैं डांस करने के लिए तैयार हूं। मुझसे उठक बैठक मत लगवाओ प्लीज़

काज़ी : हमारी बात न मानने की सज़ा तो तुझे जरूर मिलेगी। चल अब कब तू डांस करने के लिए राजी हो ही गयी है तो 100 की जगह अब तू सिर्फ 50 उठक बैठक लगाकर दिखा। अब जल्दी शुरू हो जा

शेष अगले भाग में
 
Part 35

सोनाली ने बेबसी से उन तीनों की तरफ देखा और फिर अपने दोनों कान पकड़कर गिनती बोलते हुए उठक बैठक लगाने लगी।

ज़फर : काज़ी साहब कुछ भी कहो, माल तो एकदम जबरदस्त है। उठक बैठक लगाते हुए भी क्या मस्त और सेक्सी लग रही है।

काज़ी : इसके डांस में इतना मज़ा नही आएगा जितना उठक बैठक लगवाने में आ रहा है

असलम : थोड़ी अपनी टाँगे खोलकर उठक बैठक लगा। तेरी जांघों का अंदरूनी भाग भी हमे दिखना चाहिए

ज़फर : साली की क्या चिकनी और मक्खन जैसी जाँघे हैं

25 उठक बैठक के बाद सोनाली कहने लगी : अब मैं बहुत थक गई हूं। बस अब और उठक बैठक मत लगवाओ प्लीज़

ज़फर : अपने कान पकड़े पकड़े मेरे पास आकर खड़ी हो जा

सोनाली ज़फर के एकदम नज़दीक आकर खड़ी हो गई

ज़फर अब सोनाली की जांघों पर अपने हाथों को फिराने लगा : एकदम कयामत बदन है साली का। परवेज़ और सलीम दोनों की तो समझो लाटरी लग गई है।

सोनाली को उन सब की बातों को सुनकर बहुत शर्म और ज़लालत का अहसास हो रहा था । तीनों उसके बदन के बारे में इस तरह की बातें कर रहे थे मानो वह कोई खेल का सामान हो।

ज़फर के बाद असलम ने भी उसकी जाँघों को जी भरकर सहलाया और भद्दे कमेंट करता रहा। सोनाली को अपनी गिरफ्त से आज़ाद करते हुए असलम काज़ी से बोला : काज़ी साहब डांस को छोड़ो, आप भी बचे हुए 5 मिनटों में इस लौंडिया की चिकनी जांघों का लुत्फ उठाकर देखो। हाथ फेरते ही ऐसा लग रहा है मानो जन्नत में पहुंच गए हों

यह कहकर असलम हंसते हुए सोनाली से बोला : जा काज़ी साहब के पाक हाथों से अपने बदन की पाकीज़गी की रस्म पूरी करवा लें

सोनाली कान पकड़े पकड़े काज़ी के सामने आकर खड़ी हो गई

काज़ी ने कुछ देर उसकी जाँघों को सहलाया और फिर अपने खुरदुरे चेहरे को उसकी चिकनी गोरी जांघों पर रगड़ते हुए उन्हें चूमने लगा

तीन बजते ही काज़ी ने उसे छोड़ दिया और बोला : अब तू अपनी साड़ी पहन सकती है। तू अब हिन्दू से मुसलमान बन चुकी है और आज से तेरा नाम सोनाली खान है। तेरे बदन को भी हम लोगों ने पूरी तरह से पाकीज़ा कर दिया है और अब तू निकाह की रस्म के लिए पूरी तरह तैयार है।

सोनाली ने साड़ी पहन ली और वे तीनों सोनाली के साथ कमरे के बाहर आ गए।

शेष अगले भाग में
 
Part 36

ज़फर,असलम और काज़ी जब सोनाली को लेकर कमरे से बाहर आये तो घर मे काफी मेहमान आ चुके थे। निकाह की रस्म रात को दस बजे शहर के बाहर लाजबाब फार्म हाउस में होनी थी।

ज़फर ,असलम और काज़ी वहां से यह कहकर जाने लगे : हम लोगों ने इस लड़की का धर्म परिवर्तन करके इसे पक्का मुसलमान बना दिया है। अब यह सोनाली खान बन चुकी है। इसके नापाक बदन को भी हमने पाकीज़गी की रस्म अदा करके एकदम पाकीज़ा कर दिया है। अब हम शाम को सीधे फार्म हाउस पर साढ़े नौ बजे तक पहुंच जाएंगे।

फ़िरोज़ खान : काज़ी साहब, गज़ब हो गया है। जो फार्म हाउस हमने निकाह के लिए बुक कराया था, वहाँ अचानक पुलिस ने अभी अभी रेड कर दी है। फार्म हाउस के मालिक ने हमारे लिए किसी दूसरे फार्म हाउस का इंतज़ाम कर दिया है। उसका पता जैसे ही मालूम होगा, हम आपको फोन पर बता देंगे। आप वहीं आ जाना।

इसके बाद काज़ी अपने दोनों असिस्टेंट को लेकर वहाँ से चला गया।

कुछ देर में नए फर्म हाउस का नाम पता भी मिल गया-नए फार्म हाउस का नाम मौज़ मस्ती फार्म हाउस था और वह भी शहर के बाहर ही था। सलीम,परवेज़,हिना,फ़िरोज़ और रुबिका अब सब मेहमानों को फोन करके नए फार्म हाउस का पता बताने में लग गए क्योंकि निकाह मे लगभग 500 मेहमानों को बुलाया गया था।

सोनाली का मायका पास में ही था।

रुबिका सोनाली से कहने लगी : तुम अपने घर जाकर सबको निकाह में शामिल होने की दावत भी दे आओ और उन्हें नए फार्म हाउस का पता भी दे आना।

सोनाली फटाफट वहाँ से निकलकर अपने घर आ गयी

घर आकर उसने अपने मम्मी पापा और भाई रवि वर्मा को अपनी आप बीती सुनाई तो वे सब के सब आग बबूला हो गए।

रवि : इन बदमाशों की इतनी हिम्मत कैसे हुई कि मेरी बहन के साथ इस तरह की नीच और गिरी हुई ज़लील हरकत करें। मैं इन सबकी सारी वीडियो अभी वायरल किये देता हूँ।

सोनाली : भैया, वीडियो तो उन्होंने भी बना ली हैं, वे भी वायरल कर देंगे। फिलहाल तो मैं आप सबको यह बताने आई हूं कि उन लोगों ने मेरा धर्म परिवर्तन करके मुझे मुसलमान बना दिया है और वे मेरा निकाह आज शाम को किसी मौज़ मस्ती फार्म हाउस में करने जा रहे है। वहां आपको भी आना है, यही बताने मैं यहां आई हूं।

रवि : क्या कहा। मौज़ मस्ती फार्म हाउस तो मामाजी का है, जिसमे वह हर हफ्ते पार्टी भी करते हैं। ठीक है हम सब ठीक समय पर फार्म हाउस में पहुंच जाएंगे और उन लोगों को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वह सारी जिंदगी याद रखेंगे।

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Part 37

शाम को जब रवि ने अपने मम्मी पापा से फार्म हाउस चलने के लिए कहा तो उन दोनों ने वहाँ यह कहकर जाने से साफ मना कर दिया कि हमने तो अपनी बेटी की शादी हिन्दू रीति रिवाज से पहले ही कर दी थी, अब हम इस निकाह की रस्म में क्यों जाएं।

रवि बोला : ठीक है फिर मैं चला जाता हूँ। किसी न किसी को तो सोनाली के निकाह में जाना चाहिए।

दरअसल रवि ने सब कुछ अपने मामा को पहले ही बता दिया था और उसके मामा ने भी सोनाली के निकाह की रस्म के लिए मौज़ मस्ती फार्म हाउस में जबरदस्त तैयारी कर रखी थी।

रवि फार्म हाउस में 9 बजे ही पहुंच गया

अभी वहाँ मेहमान आने शुरू नही हुए थे।

Part 38

रवि ने देखा कि उसके मामा रोहन वर्मा( जो इस फार्म हाउस के मालिक भी थे और कस्टम ऑफीसर भी थे) अपने बाकी तीनों दोस्तों यानी पुलिस इंस्पेक्टर गौरव, विधायक का बिगड़ा बेटा सुधांशु और शराब कारोबारी जयेन्द्र के साथ बैठे हुए हंसते हुए शराब पी रहे थे।

रवि को देखते ही रोहन वोला : जीजी और जीजाजी नही आये, यह बहुत बढ़िया हुआ। अब हम अपने प्लान को सही से अंजाम देंगे और इन हरामजादों को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे यह सब मरते दम तक याद रखेंगे।

रवि को यह देखकर हैरानी हो रही थी कि पुलिस इंस्पेक्टर गौरव के साथ साथ सुधांशु और जयेन्द्र ने भी पुलिस की खाकी वर्दी पहन रखी थी। ममम जी भी अपनी कस्टम अफसर की यूनिफार्म में थे।

रवि की हैरानी को रोहन भाँप चुका था। वह बोला : दूसरे कमरे में हमने 5 कस्टम के और 5 पुलिस के सिपाही भी बिठाए हुए हैं। आज फुल धमाका होगा और बहुत मज़ा आएगा।

साढ़े 9 बजे से मेहमान वगैरा आने शुरू हो गये। काज़ी,ज़फर,असलम के अलावा सोनाली अपने सास ससुर और सलीम और परवेज़ और हिना के साथ वहाँ पहुंच गई।

10 बजे तक वहाँ लगभग 500 मेहमान जमा हो चुके थे।

इससे पहले कि निकाह की रस्म शुरू होती, अचानक ही कस्टम और पुलिस की वर्दी पहने 10 लोगों ने एकदम वहाँ छापेमारी जैसी करते हुए कहा : सब लोग चुपचाप रहकर हमारे साथ सहयोग करें। फार्म हाउस का मेन गेट बंद कर दिया गया है और हमारी मर्ज़ी के बिना कोई यहाँ से बाहर नही जाएगा।

रोहन के कहने पर कस्टम के दो सिपाही आगे बढ़े और उन्होंने रुबिका और फ़िरोज़ खान के दोनों हाथ पीछे करके हथकड़ी लगा दी।

रोहन : तुम लोगों का अरेस्ट वारंट यह रहा। ड्रग तस्करी के अपराध में मैं तुम दोनों को अरेस्ट कर रहा हूँ।

इंस्पेक्टर गौरव कडककर सिपाहियों से बोला : इन दोनों बदमाशों परवेज़ और सलीम को भी हथकड़ी लगाकर हिरासत में ले लो। इनके खिलाफ रेप का संगीन मामला दर्ज हुआ है।

सिपाहियों ने परवेज़ और सलीम के भी हाथ पीछे करके हथकड़ी लगा दी

रोहन ने सोनाली को एक कमरे में सुरक्षित भिजवा दिया जहां सभी सुविधाएं थीं और उससे कहा : तुम अपने कमरे में आराम करो। निकाह वगैरा कुछ नही होगा क्योंकि यह सब हवालात जाने वाले हैं।

सारे मेहमानों की भीड़ यह सारा तमाशा डरी सहमी देख रही थी।

कुछ मेहमान हिम्मत करके बोले : जब निकाह नही हो रहा है तो हम सब यहां क्या करेंगे। हम चलते हैं।

पुलिस की वर्दी पहने सुधांशु और जयेन्द्र ने दो तीन मेहमानों के नितंबों पर बेंत मारते हुए कहा : तुम सबकी तलाशी होगी। तलाशी के बाद जिसे हम जाने के लिए कहेंगे वह जा सकता है और जिसे हम अपनी खिदमत के लायक समझेंगे उसे हमे खुश करना होगा।

काज़ी, ज़फर और असलम बोले : हमारा काम तो निकाह करवाना था। अब हमारा यहाँ कोई काम नही, लिहाज़ा हम लोग चलते है।

पुलिस की वर्दी पहने जयेन्द्र ने सिपाहियों से कहा : इन तीनों को भी अरेस्ट करो। इन पर भी संगीन धाराओं में रेप का मामला दर्ज हुआ है।

उन तीनों को अरेस्ट करने के बाद जैसे ही एक सिपाही हथकड़ी लेकर हिना की तरफ बढ़ा, वह एकदम घबरा गई और रवि की तरफ देखने लगी : प्लीज़ मुझे बचाओ

रवि पुलिस के सिपाही से हंसकर बोला : इसे छोड़ दो। यह मेरा माल है।

यह कहने के साथ ही रवि ने हिना को खींचकर अपनी गिरफ्त में ले लिया और उसे बेतहाशा चूमने चाटने लगा। सजी धजी मेक अप में हिना बला की खूबसूरत लग रही थी। उसने लाल रंग की एक टाइट स्लीवलेस ड्रेस पहन रखी थी जिसमे उसकी फिगर एकदम साफ नजर आ रही थी।

शेष अगले भाग में
 
Part 39

हिना के साथ रवि जबरन छेड़खानी करते हुए उससे बोला : बोल तुझे भी अरेस्ट होकर जेल जाना है या फिर मेरी सेक्स स्लेव बनकर रहेगी ?

मेहमानों की भीड़ हिना और रवि की इस छेड़खानी और जबरदस्ती को देखकर हैरान हो रहे थे। लेकिन उन सबको इस बात का अंदाज़ा नही था कि यह तो पिक्चर का एक ट्रेलर मात्र था। असली फ़िल्म अभी शुरू होने वाली थी।

हिना कुछ नही बोली तो रवि ने उसके गाल पर हल्की सी चपत लगाते हुए फिर से पूछा : बोल जल्दी मेरी सेक्स स्लेव बनेगी या फिर जेल जाएगी

हिना : नही मैं जेल नही जाना चाहती। मुझे सेक्स स्लेव बनना मंजूर है।

रवि : ठीक है। अब तू चुपचाप इधर कुर्सी पर बैठ जा।

रवि के मामा रोहन ने अब बोलना शुरू किया : यहां जितने भी लोग मौजूद हैं, अब सबकी तलाशी ली जाएगी। सारे मर्द एक साथ सामने उस हाल में लाइन बनाकर पहुंच जाएं। वहां पुलिस के सिपाही सब मर्दों की तलाशी लेंगे और अगर तलाशी में उनके पास से कुछ नही मिला तो उन्हें घर जाने दिया जाएगा। जिस किसी के पास से कोई अवैध चीज़ बरामद होगी, उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

घबराए हुए सब मर्द सिपाहियों के साथ सामने हाल में चले गए।

मर्दों के जाने के बाद वहां लगभग 100 औरतें बच गई थीं। लगभग 20 औरतों ने बुरका भी पहन रखा था

अब पुलिस इंस्पेक्टर गौरव ने अपनी रौबीली आवाज़ में बोलना शुरू किया : तुम सब 20 - 20 की पांच लाइनें बनाकर खड़ी हो जाओ। बुर्के वाली औरतें एक लाइन में खड़ी हो जाये।

जब सब की सब 100 औरतें 20 - 20 की 5 लाइनें बनाकर खड़ी हो गई तो गौरव ने रवि से कहा : रवि इन बुर्के वाली औरतों की तुम तलाशी लो

बाकी की 4 लाइनों में खड़ी औरतों की तलाशी के लिए गौरव, रोहन, सुधांशु और जयेन्द्र उनके पास पहुंच गए और एक एक करके उनकी तलाशी लेने लगे।

जो औरतें बेहद बूढ़ी और बदसूरत थीं, उन्हें बिना तलाशी के ही छोड़ा जा रहा था।

सभी लाइनों में अब तीन तीन खूबसूरत लड़कियां और जवान औरतें बच गई थी जिनके बदन को सहलाते हुए उनकी तलाशी ली जा रही थी।

रवि की लाइन में क्योंकि सब औरतों ने बुरका पहना हुआ था इसलिए उसने सबसे कहा : अपने अपने बुर्के को उतारो फटाफट

लाइन के सबसे आगे जो औरत खड़ी थी, वह रवि से बोली : हमने आज तक किसी गैर मर्द के आगे अपना बुरका नही उतारा है। हम बुरका नही उतारेंगे।

रवि : अगर तुम सबने फटाफट अपने अपने बुर्के नही उतारे तो मैं फार्म हाउस के नौकरों को बुलाता हूँ। वे लोग तुम्हारे बदन से बुरका उतारकर तुम लोगों से थोड़ी मौज़ मस्ती भी कर लेंगे

रवि के यह कहते ही सब अपने अपने बुरकों को जल्दी जल्दी उतारने लगीं।

शेष अगले भाग में
 
Part 40

कुर्सी पर थोड़ी दूर पर बैठी हिना यह सारा तमाशा देख रही थी।

रवि ने हिना को अपने पास बुलाया और उससे बोला : यह औरतें बुरका उतार रही है। तुम इन सबका परिचय करवाओ क्योंकि यह सब तुम्हारे जानने वाले हैं।

सबसे आगे लाइन में एक 40 साल की बेहद खूबसूरत औरत थी। बुर्के के अंदर उसने ब्लॉउज़ और पेटीकोट पहना हुआ था।

रवि ने ब्लॉउज़ में कैद उसके मस्त मम्मे जोर से दबाते हुए हिना से पूछा : यह मस्त माल कौन है

हिना : यह काज़ी साहब की वाइफ है।

रवि : अच्छा तो यह उस बदमाश काज़ी की वाइफ है लेकिन वह तो अब जेल जाएगा। चल तू लाइन से निकलकर एक तरफ खड़ी हो जा।

काज़ी की वाइफ शर्माती हुई हिना के पास खड़ी हो गई।

लाइन में दूसरी, तीसरी और चौथी औरतें काफी बुजुर्ग थीं । रवि ने उन तीनों औरतों को जाने के लिए कह दिया और वे अपना बुरका पहनकर वहां से फटाफट भाग गई। लाइन में पांचवे और छठे नंबर पर दो कातिल हसीनाएं थीं। उनकी उम्र तकरीबन 21 या 22 साल के आसपास लग रही थी। बुर्के के अंदर उन्होंने सिर्फ ब्रा और चिपका हुआ छोटा सा निक्कर पहना हुआ था। उन दोनों हसीनाओं के चिकने पेट पर रवि ने बारी बारी से हाथ फिराते हुए पूछा : यह एटम बम्ब कौन हैं।

हिना : काज़ी साहब के साथ जो ज़फर और असलम हैं, यह उन दोनों की बहने हैं।

रवि : अच्छा, वे दोनों तो अब जेल में चक्की पीसेंगे। यह अब हमारी खिदमत करेंगी। चलो साइड से खड़ी हो जाओ।

सातवें नम्बर पर एक गेहुआँ रंग की लड़की थी। उम्र लगभग 24 साल की थी लेकिन देखने मे एकदम औसत थी। उसने सिर्फ ब्रा और पैंटी ही पहनी हुई थी। रवि ने उसकी जांघों पर हाथ फिराते हुए हिना से पूछा : यह लौंडिया कौन है ?

हिना : यह मेरी कजिन सिस्टर है। पीछे जो बाकी 3 हैं वे सब भी मेरी कजिन सिस्टर हैं।

रवि ने एक एक करके चारों को गौर से देखा। कोई भी बहुत ज्यादा सुंदर नही थी।

रवि उन सब से बोला : सब अपना अपना मुंह खोलकर खड़ी हो जाओ

उन सब लड़कियों के खुले मुंह मे रवि ने अपना थूक डालते हुए कहा : जाओ तुम सब हिना की सिस्टर ही इसलिए तुम्हे छोड़ रहा हूँ। हिना का शुक्रिया कहती हुई तुम सब भी यहां से चली जाओ।

रोहन, गौरव, सुधांशु और जयेन्द्र ने भी अपनी अपनी लाइन में से 3 सबसे बढ़िया लड़कियां और औरतें अलग कर ली थी और बाकी सबको छोड़ दिया था।

15 खूबसूरत और सेक्सी लड़कियां और औरतें अब इन लोगों के कब्जे में आ चुकी थीं।

हिना ने बाकी की 12 लड़कियों और औरतों का परिचय रवि को दे दिया था। सब उसकी नज़दीकी रिश्तेदार थीं

पुलिस इंस्पेक्टर गौरव अब रोहन से बोला : अब थोड़ा मौज़ मस्ती होनी चाहिए।

रोहन ने डी जे वाले से कहा : तुम अब सेक्सी आइटम नम्बर डी जे पर चलाओ। यह सब लड़कियां और औरतें उन सेक्सी गानों पर थिरक थिरक कर हम लोगो का मनोरंजन करेंगी

शेष अगले भाग में
 
Part 41

सभी 15 लड़कियां औरतें डी जे पर बजने वाले सेक्सी गानों पर डांस करने लगीं।

वीडियो बनाने वाला कैमरामैन हर एंगल से इस सेक्सी डांस का वीडियो बना रहा था।

दो लड़कियां ठीक से डांस नही कर रही थीं । शायद उन्हें डांस करना नही आता था।

रवि ने डी जे वाले से कहा : यह दोनों लौंडियाँ क्यों नही नाच रही हैं, जरा देखो।

डी जे वाले के दो लौंडे तो इसी मौके की तलाश में थे। वे दोनों रवि से बोले : आप चिंता न करें, हम इनसे डांस करवा लेंगे।

यह कहने के साथ वे दोनों लौंडे उन लड़कियों के पास आ गए और उन्हें अपनी गिरफ्त में लेकर उनसे डांस करवाने लगे। दोनों उन लड़कियों के नितंबों पर अपने खड़े लण्ड को रगड़ते हुए और उनके चिकने पेट पर हाथ फेरते हुए उनसे डांस करवाने लगे।

कुछ देर में डांस फ्लोर पर रोहन, गौरव, सुधांशु, जयेन्द्र और रवि भी आ गए और लड़कियों और औरतों के साथ खिलवाड़ और मनमानी करते हुए डांस करने लगे।

हिना दूर कुर्सी पर बैठी यह सेक्सी रास लीला देख रही थी। रवि ने जान बूझकर उसे इस सारे शर्मनाक तमाशे से अलग रखा था क्योंकि वह उसे अपनी पर्सनल स्लेव बनाना चाहता था।

डांस फ्लोर पर इस समय कुल 7 आदमी और 15 लड़कियां औरतें मौजूद थीं। हर लड़की को सभी 7 लड़कों और आदमियों की खिलवाड़ का शिकार होना पड़ रहा था।

रवि ने एक बेहद खूबसूरत और सेक्सी लौंडिया को अपनी गिरफ्त में लिया हुआ था। उस लौंडिया का नाम गुलाब था। रवि ने गुलाब के गुलाबी होंठों को अपने होंठों में लेकर उन्हें चूमते हुए अपने चेहरे को उसके चिकने चेहरे पर जी भरकर रगड़ा और फिर उससे बोला : चल अब नीचे बैठ और अपना मुंह खोल।

गुलाब जैसे ही नीचे बैठी, उसके खुले मुंह मे रवि ने अपना खड़ा लण्ड डाल दिया और कडककर बोला : मेरे लण्ड पर अपनी जीभ फेरते हुए इसकी मालिश कर मेरी रंडी गुलाब।

रवि ने देखा कि बाकी सभी लोग भी अपनी अपनी पसंद की लड़कियों औरतों को अपनी अपनी पसंद के हिसाब से पेल रहे थे।

इंस्पेक्टर गौरव ने अपने आगे दो सेक्सी लड़कियाँ बिठा रखी थीं । दोनो के मुंह उसने खुलवा रखे थे और अपने लण्ड को वह उन दोनों के मुंह मे बारी बारी से डाल रहा था।

डी जे वाले जिन दोनों लड़कों ने डांस सिखाने के बहाने जिन दो लड़कियों को पकड़ रखा था, उनकी चिकनी जांघों को चूम रहे थे।

वीडियो बनाने वाला कैमरामैन यह सब रिकॉर्ड करते करते खुद भी बेहद उत्तेजित हो चुका था। उसने मौका देखकर एक लड़की को पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और उससे बोला : चल नीचे बैठ और मेरा लण्ड निकालकर चूसना शुरू कर दे।

लण्ड चुसवाने के बाद सभी लड़कियों और औरतों की सबने मिलकर तबियत से चुदाई भी की।

यह सब मौज़ मस्ती चल ही रही थी कि रोहन को फार्म हाउस के मैनेजर ने बताया कि मिस्टर सबरवाल मिलने आये हैं।

रोहन : सब लड़कियां अपने हाथ ऊपर करके खड़ी हो जाओ। लड़कियां और औरतें इस समय पूरी तरह से निर्वस्त्र अवस्था मे थीं। सब अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर खड़ी हो गईं।

रवि को कुछ समझ नही आ रहा था कि यह सब क्या चल रहा था और यह अचानक मिस्टर सभरवाल कौन और कहाँ से आ गए।

रोहन ने सबकी तरफ देखते हुए बताया : मस्त माल के दबंग सौदागर मिस्टर सभरवाल आ गए हैं। उन्हें मैंने इन लौंडियों के डांस के कुछ वीडियो व्हाट्सएप्प पर भेजे थे। उन्हें पसंद आ गए हैं और अब वह खुद इस मस्त माल की खुद जांच करके डील फाइनल करने आये हैं।

शेष अगले भाग में
 
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