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शमा के परवाने complete

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जिसे देख कर अंकित बोला – क्या हुआ मोम ..??

मधु घबराते हुए – क्क़..क कुछ नही …!!!

सागर मुस्कुराने लगा. और मधु ने अपने एक हाथ से उसका पैर हटाया और सलवार नीचे करके आराम से खाना खाने लगी. लेकिन सागर कहाँ मानने वाला था वो फिर सलवार के उपर से ही अपना पैर का अंगूठा उसकी चूत पर रगड़ने लगा. मधु की चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया. और मधु की आँखो मे चमक आ गई और उसकी गाल लाल पड़ने शुरू हो गए. मधु ने फिर अपने हाथ से उसका पैर हटाया और जल्दी से खाना ख़तम करके उठ कर किचेन मे चली गई. और जाते हुए सागर को देख कर चिडाने लगी..

फिर सागर और अंकित भी खाना खा चुके थे. और वो दोनो अपने रूम मे चले गये. और वीडियो गेम खलने लगे. थोड़ी देर बाद अंकित को नींद आ गई और वो सो गया . मोके का फ़ायदा उठा कर सागर नीचे आ गया उसने देखा कि मधु किचन मे बर्तन धो रही है. वो अचानक से मधु के पीछे गया और कस कर पीछे से मधु के चुचो को दबाते हुए अपना लंड गान्ड पर सटा दिया. मधु अचानक से घबराई और सिसकारी भरते हुए बोली- आहसस्स्स्सस्स…… सागर पीछे हटो …छोड़ो मुझे

लेकिन सागर कहा मानने वाला था उसके दिमाग़ मे अपनी माँ के लिए वासना भर चुकी थी . वो चुचीॉ को मसल्ने लगा और मधु की गर्दन पर किस करने लगा

(सच बात तो ये है कि मधु को ये सब अच्छा लगता था लेकिन वो उपर से नाटक करती थी ताकि उसके और उसके बेटे के बीच मे शर्म क परदा बना रहे ..)

मधु – सागर बेटा प्ल्ज़्ज़ पीछे हटो मुझे अभी बहुत काम करना है

सागर चुचिया मसल्ते हुए – मोम मुझे भी आज आपका सारा काम करना है

मधु शरारत से – बदतमीज़ कहीं का…!!! अपनी मोम से डबल मीनिंग बात करता है.

सागर – बदतमीज़ दिल …. बदतमीज़ दिल…… माने ना माने ना….!!!!!

मधु – हाँ बड़ा आया हीरो …चल पीछे हॅट अगर अंकित उठ गया तो गड़बड़ हो जाएगी …

सागर – मोम वो सो रहा है …

मधु – वो सो रहा है और तू अपनी माँ के साथ ये सब कुछ कर रहा है .

सागर – मोम मुझे प्यार करने दो ..

और सागर ने अपने एक हाथ को मधु के चुचि से हटाया और नीचे लेजा कर सलवार का नाडा ढीला कर दिया और हाथ अंदर ले गया

जब मधु को उसका हाथ पैंटी के उपर से उसकी चूत पर टच महसूस हुआ तो उसके हाथ से बर्तन छूट कर गिर गये और वो मदहोश होकर बोली – उफफफफ्फ़….सागर पीछे हटो…ये सब इस तरह से करना अच्छी बात नही है …

सागर ने मधु के गले पर किस किया और बोला – मुझे नही पता मोम मुझे आपसे प्यार करना है ..

मधु की हालत खराब हो चुकी थी क्यूकी सागर लगातार उसकी चूत को पैंटी पर से सहला रहा था.

मधु सिसकारिया लेते हुए बोली – अच्छा कर लेना प्यार लेकिन अभी नही ..

सागर – तो कब मोम ????

मधु – मे तुझे रात को अपने रूम मे बुला लूँगी ..चल अब जल्दी से हॅट यहाँ से …. मुझे घबराहट हो रही है

सागर – आपकी घबराहट मे अभी दूर कर देता हू …

सागर ने अपना तना हुआ लंड मधु की सलवार पर से ही उसकी गान्ड की दरार मे दबा दिया . लंड का स्पर्श पाते ही मधु ने अपने आप को ढीला छोड़ दिया. फिर सागर ने अपना हाथ पैंटी के अंदर दे दिया और मधु की चूत मे उंगली देकर ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा ..

मधु ने सागर के उस हाथ को कस कर पकड़ लिया जो उसके चुचो पर था और वो सिसकिया भरते हुए कहने लगी – आहह…सागर …प्लज़्ज़्ज़..बंद करो ..मे बेचैन हो रही हूँ,…..ओह्ह्ह्ह ..उफफफ्फ़…प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़

लेकिन सागर के दिमाग़ पर तो अपनी माँ को चोदने की हवस सवार थी जो उसे रोकने नही दे रही थी. वो लगा तार मधु की गर्दन पर किस करता रहा और चूत मे उंगलिया करता रहा.

5 मिनट बाद मधु एक दम से घूमी और सागर से कस कर लिपट गई . मधु का शरीर जैसे सागर की बाहों मे अकड़ गया हो . सागर ने अपने हाथ पर पानी महसूस किया जिससे वो समझ गया कि मधु झड चुकी है. अपनी चूत पर से पूरा पानी निकाल कर मधु ने चैन की साँस ली और सागर से अलग हुई. सागर ने मुस्कुरा कर मधु की तरफ देखा और अपने हाथ की उंगलियो को चूसने लगा जिसपर मधु के पानी की मादक मादक वासना आ रही थी. फिर सागर बोला – आइ लव यू मधु ….आज हम दोनो माँ बेटे नही बल्कि प्रेमी है ..क्या तुम मुझे अपने प्रेमी के रूम मे स्वीकारती हो ???

 


मधु सागर की आँखों मे प्यार देख कर पिघल गई और बोली – आइ लव टू सागर .. मे हमारा नया रिश्ता स्वीकारती हू

ये कहते ही सागर ने मधु को अपने बाहों मे लेकर होंठो पर किस किया और कहा – आज की रात हमारे रिश्ते की नयी सुहाग रात होगी … मे तुम्हे लाल जोड़े मे देखना चाहता हू मधु जैसे तुम्हे पापा ने देखा था शांदी वाले दिन ..

मधु ने सागर के गालों को अपने हाथ मे लेते हुए कहा- हाँ मेरी जान आज हमारी सुहांग रात होगी . और मे सिर्फ़ तुम्हारी हू…

ये कहकर मधु ने सागर के होंठो पर किस की ..

और कहा चलो अब रूम जाओ अपने रूम मे कही अंकित ना देख ले ….

और सागर अपने रूम मे चला गया था . आज उसकी खुशी का कोई ठिकाना नही था . आज उसकी सारी ख्वाहिशे पूरी हो चुकी थी . मानो जैसे उसकी भगवान ने सुन ली हो. और सागर बेड पर लेट कर अपनी सुहांग रात के बारे मे और रात होने का इंतेजार करते हुए सो गया …

करीब 7 बजे सागर के मोबाइल पर मे मसेज आया जिसकी आवाज़ सुन कर वो खड़ा हो गया . उसने देखा कि मेसेज रसीली का था. उसमे लिखा था “ कि राजा तैयार होना अपनी मधु के साथ सुहांग मनाने के लिए “मेसेज को पढ़ कर सागर के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई और वो फिर से मधु के बारे मे सोचने लगा.

उसने बेड पर देखा की अंकित नही था. फिर सागर फ्रेश हुआ और नीचे चला गया वहाँ उसने देखा कि अंकित मधु के साथ ड्रॉयिंग रूम मे बैठा बाते मांर रहा था. और वो शॉपिंग माल से लाए कपड़ो को देख रहे थे. जब सागर ड्रॉयिंग रूम मे पहुँचा तो मधु ने सागर को देख कर स्माइल पास की और कहा – उठ गये बेटा...???? दिन मे इतना सो लिया तो अब रात मे क्या करोगे..??

और मधु ने एक सेक्सी नज़र से देखा

सागर ने भी जवाब दिया – मोम आज रात को ज़रूरी होम वर्क करना है ...

मधु नज़रो को नीचे करके शरमाई

फिर सागर वहाँ से अपने रूम मे चला गया. क्यूकी वो चाहता था कि अंकित मधु के करीब जाए ताकि उसना काम आसानी से हो सके..

तभी अंकित ने वेस्टर्न ड्रेस देखी जो मधु ने सागर के कहने पर ली थी . उसे देख कर अंकित थोड़ा शॉक हुआ और बोला – वओवव मोम क्या ये अपने खरीदी है ..?

मधु अभी अंकित से इतनी फ्रॅंक नही हुई थी तो उसने बात को घुमाते हुए कहा – अरे नही बेटा ..ये मैने अपनी होने वाली बहू यानी तेरी पत्नी के लिए ली है ..

अंकित – ओह्ह थॅन्क्स मोम बट मे तो अभी बहुत छोटा हू ...

मधु – कोई बात नही बेटा तब तक मे इसे संभाल कर रख लूँगी ...

अंकित – थॅंक्स मोम आप कितनी अच्छी हो....

मधु – वो तो मे हूँ ही बेटा..

फिर कुछ देर यू ही बातें करने के बाद मधु किचन मे जाकर डिन्नर की तैयारी करने लगी. तकरीबन 10 बजे मधु ने अंकित और सागर को नीचे बुलाया. और सब डिन्नर करने लगे. हर बार की तरह मधु और सागर एक दूसरे को देख कर शर्मा जाते. और अंकित ये बात को जानते हुए भी अंजान बन कर खाना ख़ाता रहा . मधु खाना खाने के बाद किचेन मे बर्तन रखने चली गई . तभी सागर ने भी जल्दी से खाना ख़तम किया और किचन मे आ गया. उसने किचन मे आते ही प्लेट को रखा और पीछे से मधु से लिपट गया...और मधु की चुचियो को अपने हाथों मे भर कर मसल्ने लगा. मधु ने अपनी गान्ड को धक्का देकर सागर को अलग किया और कहा – सागर तुम बिल्कुल पागल हो.... वहाँ अंकित बैठा खाना खा रहा है अगर उसे पता चल गया तो गड़बड़ हो जाएगी ..

सागर ने मधु की गान्ड पर हाथ रखा और सहलाने लगा और बोला – जान आज हमारी सुहांग रात है .... लेकिन मुझे कंट्रोल नही हो रहा ...

मधु – ओफफफफ्फ़ हो... सागर कर मेरे रज्जा सबर का फल मीठा होता है ..

सागर – कब तक सबर करू जान..??

मधु – जब रात को अकित सो जाएगा तो मुझे बता देना .. और जब मे मेसेज करू तो तुम सीधा मेरे रूम मे आ जाना फिर कर लेना अपनी जान को प्यार .....

और ये कह कर मधु किचेन से चली गई.

 
अंकित भी खाना खा चुका था तो हमेशा की तरह सब अपने रूम मे सोने चला गये. सागर उस वक्त बहुत ही एक्शिटेड था और उसकी एक्शितमेंट ये सोच कर और भी बढ़ जाती कि आज वो अपनी मोम से सुहांग रात मनाने वाला है. सागर नही चाहता था कि वो सुहागरात के बारे मे अंकित को कुछ भी बताए क्यूकी उस वक्त सागर सिर्फ़ मधु और अपने बारे मे सोच रहा था. यू ही सोचते सोचते जब सागर ने टाइम देखा तो 12 बज चुके थे . उसके पास मे सो रहे अंकित को धीरे से आवाज़ लगाई. लेकिन अंकित का कोई रेस्पोन्स नही आया. फिर सागर ने अंकित को थोड़ा सा हिलाया. लेकिन अंकित ने फिर भी कोई रेस्पॉन्स नही दिया. सागर कॉनफर्म हो चुका था कि अंकित सो चुका है .

फिर उसने अपने मोबाइल से मधु को मेसेज किया – अंकित सो चुका है ..

2 मिनट बाद मधु का रिप्लाइ आया – उसका रूम लॉक करके सीधा मेरे रूम मे आ जाओ ..

सागर ने बिल्कुल ऐसा ही किया . और वो मधु के रूम के बाहर खड़ा हो गया. सागर का दिल जोरो से धड़कने लगा . और उसकी एक्सिटमेंट बहुत ही बढ़ चुकी थी. फिर सागर ने दरवाजा खोला और उसने अंदर देखा कि रूम की लाइट बंद है . बेड के चारो तरफ कॅंडल चल रही है जिससे हल्की हल्की रोशनी पूरे कमरे मे हो रही है . एक दम किसी फिल्म की सुहांग रात की सीन जैसे . सागर रूम के अंदर आया और और उसने दरवाजे को अंदर से लॉक कर दिया. जब वो आगे बढ़ा तो देख कर हेरान हो गया . मधु सुहागन के जोड़े मे अपने पूरे बदन को हीर्रे जवाहरातों से भर के घूँघट निकाले बैठी थी.

मधु किसी राज कुमारी से कम नही लग रही थी. ऐसा लग रहा था जैसे मानो आसमान से सारे चाँद सितारे मधु के गौरे बदन पर आ कर चमकने लगे है. सागर को तो ये सब एक सपने की तरह लगने लगा. मधु बिस्तेर पर चुप चाप बैठी थी. उसकी आँखें नीचे झुकी हुई थी और वो धीरे धीरे मुस्कुरा रही थी.

सागर को ये अनुभव हो रहा था कि उसकी सच मुच मे शांदी की सुहाग रात हो. सागर ने अपने दोनो हाथों से मधु का घूँघट पकड़ा और धीरे से मधु के चेहरे से हटाया. सागर ने देखा कि मधु ने अपनी नज़रे नीचे झुका रखी है और वो बे तहाशा खूबसूरत लग रही है. जिसे देख कर सागर बोला –

“सुहानी रातों की वो मदमस्त मुलाक़ातें,,,

भूल सकता है भला कौन वो हमारी प्यारी बातें,,

अरमांं पूरे हुए मेरी... कोई शिकायत नही तुमसे,,

तुमने सजाई है मेरी बेशुमार हसीन रातें”..,,,,,

ये सुनकर मधु अपने चेहरे पर मुस्कुराहट लाई और एक पल सागर को देख कर फिर से अपनी नज़रे नीचे झुका ली. फिर सागर ने मधु का चेहरा अपने हाथों मे लिया धीरे धीरे चूमने लगा. सब से पहले सागर ने उसके गालों को किस किया फिर आँखों को चूमा. फिर सागर मधु के रसीले होंठो को पूरे जोश के साथ चूसने लगा और मधु भी खुल कर सागर का साथ देते हुए उसके होंठो को चूसने लगी. वो लोग एक दूसरे को चूमते हुए बिस्तेर पर लेट गये सागर मधु के उपर था. सागर उपर हो कर मधु के होठों को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा और इतना ज़ोर लगाया कि मधु के होंठ उसके दाँत से लगने लगे. उनकी जीभ एक दूसरे से टकरा रही थी और वो लोग एक दूसरे की जीभ चूस्ते हुए एक दूसरे को प्यार कर रहे थे. वो लोग अपनी अपनी जीभ एक दूसरे के मुँह के अंदर डाल कर गुमा रहे थे. फिरे धीरे धीरे सागर ने मधु के बदन पर से गहने उतारने शुरू कर दिए. उन्होने एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे. सागर ने मधु के ब्लाउस को जैसे ही खोला तो मधु के बड़े बड़े बूब्स कूद कर बाहर आ गये. मधु ने ब्रा नही डाल रखी थी.

 


सागर मधु के चुचो के दर्शन करके पागल सा होने लगा और झट से हाथ मे लेकर दबाने लगा और मधु को किस करने लगा. सागर और मधु का जिस्म तपते सूरज की तरह जलने लगा और उन्हे ए/सी मे भी अपने जिस्म पर नमी महसूस होने लगी. फिर सागर ने किस करते हुए मधु क खड़ा किया और उसकी साडी को उसके गोल गुंंद बदन से अलग कर दिया. मधु मदमस्त होकर सागर से लिपट गई. उसे भी यही एहसास था कि आज सागर उसका पति है जिसके साथ वो सुहागरात मना रही है . सागर मधु की हिरनी जैसी गर्दन को चूमने लगा और दोनो हाथों से पेटिकॉट को खोल दिया. सिर्फ़ 2 सेकेंड मे पेटिकोट नीचे सरकते हुए मधु के पेरो पर आ गिरा. मधु की चिकनी गौरी टाँगे अब नंगी हो चुकी थी और वो सागर के सामने सिर्फ़ पैंटी मे थी.

किस करते करते सागर ने भी अंडरवेर को छोड़ बाकी सारे कपड़े उतार दिए. अब उन्दोनो के जिस्म कुछ यू मिलने लगे जैसे कोई दो गुलाब के फूल हों और आपस मे मिलचुके हो. वो दोनो पूरी गर्मी मे आ चुके थे. मधु की 2 दिनो से प्यासी चूत की तपन आज खुल कर बाहर आ रही थी. वो दोनो दुबारा बिस्तेर पर एक दूसरे से लिपट कर लेट गये . और एक दूसरे के होंठो को बे तहाशा चूसने लगे. वो एक दूसरे के नंगे बदन पर हाथ फेर रहे थे और एक दूसरे के नंगे बदन की हर एक इंच को चूम रहे थे. मधु को चूमते हुए सागर उसके चुचो से होते हुए उसके जाँघो की तरफ आ गया. उसने मधु की टाँगो को खोला और पैंटी के उपर से एक किस उसकी चूत पर की तो मधु के मुँह से एक मंद सिसकारी निकली.

फिर सागर ने अपने दोनो हाथों से पैंटी के किनारों को पकड़ा और खीचते हुए पैंटी को मधु की टाँगो मे से निकाल दिया. मधु को अचानक शर्म आ गई और उसने आपने हाथो से अपनी चूत को कवर कर दिया. जब सागर ने मधु की तरफ देखा तो उसने शर्म से मुस्कुरा कर अपनी नज़रे दूसरी तरफ कर ली . फिर सागर ने मधु के पेरो का अंगूठा अपने हाथों मे लिया और उसने मुँह मे भर कर उसपर जीभ फेरने लगा.

मधु के मुँह से एक दम सिसकारी निकली – उफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़........

मधु सातवे आसमान पर पहुच चकी थी उसकी तेज सांसो की वजह से उसकी छाती बहुत जोरो से उपर नीचे हो रही थी. फिर सागर मधु की टाँगो को चूमते हुए वहाँ आ गया जहा मधु ने हाथ रखा हुआ था. जब सागर ने हाथ के पास किस की तो मधु की सिसकारी निकल गई – आहह..क्यूकी वो मधु की लाल परी के एक दम करीब था .. फिर सागर ने मधु के हाथ को धीरे से पकड़ा और साइड मे कर दिया. मधु की पानी से भरी हुई लाल फांको वाली चूत नंगी हो गई. जिसे देख कर सागर के मुँह मे पानी आ गया. फिर जब सागर ने मधु की लाल परी पर किस की तो मधु और भी गरमा गई और उसकी बेचैनी ने कंट्रोल खो दिया . मधु ने सागर का सर पकड़ कर अपनी चूत की तरफ धकेल दिया और सागर के सिर को अपनी जाँघो मे छिपा लिया. सागर बे सब्रो की मधु की चूत को चाटने लगा ठीक जैसे भंवरे पूलों का रस पी जाते है .

सागर को मधु की चूत का स्वाद बिल्कुल मधु के नाम जैसा लग रहा था.

 


जैसे जैसे सागर अपनी मधु की चूत को ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा, मधु पागल हो कर सिसकारी मारने लगी और उसने अपने हाथों से सागर का सर पकड़ कर अपनी चूत पर कस कर दबा लिया और अपने दोनो मोटी मोटी जांघों से सागर के मुँह को जाकड़ लिया. सागर ने अपनी जीभ को जितना हो सकता था अंदर डाल दिया और जीभ अंदर घुमा घुमा कर चूत के अंदर चाटना शुरू कर दिया और कभी कभी उसकी चूत की गुलाबी फांको को भी अपने मुँह मे लेकर चूसना शुरू कर दिया. थोड़ी देर के बाद मधु का शरीर एक दम से अकड़ गया और उसने कस कर सागर का मुँह अपनी चूत पर दबा दिया

उसकी चूत से झटके दे दे कर पानी निकल रहा था और चूत से निकलेआ मीठा मीठा रस सागर पूरे मुँह मे भर गया और सागर उस रस को जितना ज़्यादा हो सकता था पी गया. जब मधु झड कर शांत हो गयी तो उसने सागर को बिस्तेर पर लेटा दिया सागर लंड को पकड़ कर उसके सुपाडे को खोल लिया. फिर मधु ने झुक कर सागर के लंड का खुला हुआ सुपाडा पहले अपनी जीभ से चाटा और फिर उसको अपने मुँह मे भर लिया और चूसने लगी. सागर ने लंड चुसाइ से मिलने वाले आनंद की बात सुन रखी थी लेकिन अब तक उस आनंद से बंचित था. अब जबकि मधु सागर का लंड अपने मुँह मे भर कर चूस रही थी तो सागर को बहुत ही आनंद मिला. मधु ने सागर लंड को चूस्ते चूस्ते धीरे धीरे पूरा का पूरा लंड अपने मुँह मे भर लिया और सागर का लंड उनके गले से टकराने लगा और मधु सागर के लंड को अपने होंठों और हाथों से सहलाने लगी. मधु अपने हाथों से सागर अंडों को पकड़ कर सहला रही थी और सागर का लंड चूस रही थी. सागर मज़े से पागल हुआ जा रहा था. सागर ने सिसकारियाँ भरते हुए मधु से कहा – आआहह..मॉम....उफ्फ....क्या लंड चुस्ती हो तुम .... और अंदर ले जाओ मोम...आहह बाहुत मज़ा आ रहा है ....मोम मे आज आपको जम कर चोदुन्गा..

मधु सागर का कहा सुन कर मधु ने लंड को और अंदर लेकर चूसने लगी. फिर लंड बाहर निकाल कर बोली – ऊहह सच मे सागर.. मे तो तुम्हारे लंड की दीवानी हो चुकी हू.. ..... औरतों के शरीर मे तीन छेद होते है जिसमे आदमी अपना लंड पेलता है. और आज मे तुमसे तीनो छेद चुदवाउन्गि मेरे बेटे...बोल पेलेगा ना अपना लंड मेरे सब छेदों मे ............और मधु फिर से सागर का लंड मुँह मे लेकर चूसने लगी.

सागर लंड चुस्वाते हुए – हाँ मोम ...मे तो तुम्हे उस दिन से ही चोदना चाहता था जिस दिन मैने तुम्हारी नाज़ुक सी गान्ड पर अपना लंड लगाया था वो भी मालिश के बहाने ...

मधु लंड चूस्ते हुए बोली – मे समझ गई थी बेटा..मुझे उसी दिन एहसास हो चुका था कि तेरा लंड मेरी चूत का दुशमन बन चुका है ...

सागर सिसकारी भरते – हाँ मोम.... मुझे प्यार करो ... मेरे लंड को प्यार करो मोम....मे झड्ने वाला हू .....आहह

तभी सागर के लंड ने मधु के मुँह के अंदर ढेर सारा पानी छोड़ दिया. मधु सागर के पानी को बड़े आराम से पी गयी. फिर भी, सागर के लंड का पानी मधु की मुँह से रिस रिस कर उसके नथुने से होकर उसकी चुचियो पर और पेट पर गिर गया.

 
थोड़ी देर के बाद मधु फिर सागर के लंड को चूमती हुए बोली - मेरा बेटा अब जवान मर्द बन चुका है और एक तंदूरस्त जवान लंड से बहुत पानी निकलता है. म्म्म्म म, मुझे तुम्हारा लंड बहुत पसंद है. एह वाकई मे एक जवान पुरुष का लंड है. सागर इस लंड को में हमेशा हमेशा के लिए अपनी चूत के अंदर रखना चाहूँगी. तुम चाहे जो भी करो, लेकिन मुझे अपने इस खूबसूरत लंड से जुदा मत करना, बेटा आज तुम ये वादा करो. सागर अपनी पूरी जिंदगी तुम्हारे लंड की गुलाम और रखेल बन कर रहूंगी."

सागर मधु की बात सुनकर उसकी चूंची को मसल्ते और चूस्ते हुए बोला – मोम अब मेरी जिंदगी का मकसद आज के बाद सिर्फ़ तुमको प्यार करना और चोदना रहेगा, तुम जितना चाहोगी उतना अपने बेटे के लंड से सुख ले सकती हो.

सागर मधु की चूंची को खूब ज़ोर ज़ोर से चूस रहा था और ये उम्मीद कर रहा था सागर कि चूसने से उसकी चूंची से दूध निकलेगा. सागर की चुसाइ से मधु की चूंची से दूध नही निकला, लेकिन फिर भी सागर मधु की चूंची को मसलता रहा और उनको अपने हाथों से पकड़ कर चूस्ता रहा.

वो लोग कुछ देर के लिए एक दूसरे की बाहों लेटे रहे और अपनी अपनी उखड़ी हुए सांस संभालते रहे. वो लोग तरह तरह की बाते भी कर रहे थे.

सागर – मोम मे कितना खुश नसीब हू जो मुझे तुम्हारे जैसी सेक्सी माँ मिली ..

मधु लंड पर हाथ फेरते हुए – मे भी बहुत खुशनसीब ही ..जिसे तेरे जैसा जवान मर्द मिला बेटे के रूप मे ....

सागर – माँ तुम्हे प्यार करना चाहता हू ....ऐसा प्यार जो कभी किसी बेटे ने अपनी माँ के साथ नही किया होगा

मधु – मे सिर्फ़ तुम्हारी हू मेरे राजा जो मन मे आए वो करो...

इतना कह कर मधु ने अपनी दोनो टाँगे उपर को उठा ली और दोनो टाँगों को फैला लिया. इसतरह से मधु की चूत पूरी तरह से खुल कर सागर सामने हो गयी और सागर लिए उसकी चूत में लंड डालना और भी आसान हो गया.

सागर मधु की खोली टाँगों के बीच बैठ कर अपना लंड मधु की चूत के उपर रख कर धीरे धीरे अंदर डालने लगा. मधु की चूत इस समय सागर को थोड़ी टाइट लग रही थी, लेकिन सागर धीरे धीरे अपने हाथों से उनके चूतड़ सहलाता रहा और उसकी गान्ड मे अपनी उंगली डालने लगा. थोड़ी देर तक गान्ड मे उंगली करने के बाद मधु की चूत से पानी निकलने लगा और चूत गीली हो गयी. मधु की चूत को गीला होते देख कर सागर ने एक झटके के साथ अपना लंड पूरा का पूरा जड तक घुसेड दिया. चूत के अंदर जाते ही मधु ने अपनी कमर उठाना शुरू कर दिया और सागर भी झटके दे दे कर अपना लंड अंदर बाहर करने लगा. वो लोग एक दूसरे को चोद रहे थे और उपर नीचे से धक्का मार मार कर चोद्ते और चुदवाते रहे.

चोदते और चुदवाते समय वो एक दूसरे से मीठी मीठी बातें भी कर रहे थे. " मधु बोली - ओओह, सागर मेरा राजा बेटा," सागर मैं कितनी ख़ुसनसीब हूँ कि मेरी चूत मे तेरा लंड जा रहा है तेरा लंड बिल्कूलमेरी चूत की साइज़ का है."

सागर बोला - "मधु तुम सिर्फ़ मेरे लिए ही बनी हो और हमेशा रहोगी "

सागर मधु की चूंची को पकड़ कर धक्का मारते हुए बोला- "मोम मैं सपने मे भी नही सोच सकता था कि एक दिन तुम्हारी चूत मे अपना लंड डाल कर तुम्हे चोद सकूँगा"

मधु बोली - सागर क्या तुम्हे मेरी चूत पसंद है?"

मधु ने सागर से पूछा और फिर से बोली, "देख मुझ को खुश करने के लिए झूट मत बोलना."

सागर मधु की चूंची को अपने हाथों से दबाते हुए बोला, - "माँ, मैं तुमसे प्यार करता हूँ और तुम्हारी पूजा करता हूँ. मेरे लिए तुम प्यार और सुंदरता की देवी हो. मैं तुमसे हमेशा प्यार करता रहूँगा और जब जब तुम चाहोगी मेरा लंड तुम्हारी चूत की सेवा के लिए तैयार रहेगा."

मधु मुस्कुरा कर बोली, - "बस अब बहुत हो चुका है. चल अब मन लगा कर मेरी चूत की सेवा कर और उसको जी लगा कर अपने लंड से चोद. बेटा मैं अपनी चूत की खुजली से मरी जा रही हूँ. तू अपना लंड जड तक अंदर डाल कर मेरी चूत के अंदर चल रही चीटिओ को मार डाल और मुझे शांत कर. बेटा चोद मेरी चूत खूब कस कर चोद."

सागर धक्के मारते हुए– मोम ,... आज के बाद ना तो मैं तेरा बेटा हूँ और ना ही तू मेरी माँ है. आज के बाद से तू मेरी पत्नी है और मैं तेरा पति"

मधु अपनी कमर उछालते हुए बोली - आज की रात हमारी शादी की सुहागरात है. सागर मैं वो सब काम करूँगी जो एक पत्नी अपने पति के लिए करती है. तुझे जो भी पसंद है, मुझसे बोल, मैं तेरी हर बात मानने के लिए तैयार हूँ."

दोनो ने एक दूसरे को अपनी अपनी बाहों मे जकड रखा था और अपनी अपनी कमर उठा उठा कर एक दूसरे की चूत और लंड चोद रहे थे. इस चुदाई के पहले सागर का लंड एक बार मधु के मुँह के झड चुका था और इसलिए इस चुदाई मे सागर का लंड झरने मे ज़्यादा वक़्त ले रहा था. मधु की चूत अब तक की चुदाई मे दो बार अपनी पानी छोड़ चुकी थी और अपनी चुदाई की खुशी मे पागल होती जा रही थी. मधु सागर को अपने हाथों से पकड़ कर बेतहाशा चोद रही थी और सागर से लिपट रही थी. ऐसा लग रहा था कि जैसे नयी दुल्हन नयी नयी चुदाई के सुख से पागल हो रही है. जैसे जैसे मधु सागर को चोद रही थी, सागर का खून भी खौल रहा था और सागर अंडों मे तनाव महसूस होने लगा था. थोड़ी देर के बाद सागर के लंड ने मधु की चूत को चोद्ते चोद्ते अपना पानी छोड़ दिया. जैसे ही सागर अपनी मधु की चूत के अंदर अपना लंड ठूंस कर झडा, मधु भी तीसरी बार झड गयी. वो लोग एक दूसरे के शरीर को अपने हाथों से जकडे हुए थे और जब तक सागर का आखरी बूँद मधु की चूत मे ना चल गया सागर मधु को नही छोड़ा.

वो लोग झड़ने के बाद एक दूसरे के बाहों मे लेटे रहे. उन लोगों की सांस चुदाई करते हुए उखड़ चुकी थी और अब सांस धीरे धीरे नौरमल हो रही थी. सागर अपना सर मधु की फूली फूली चूंची पर रख कर सो गया और ना जाने मधु कब सागर से लिपट कर सो गयी. वो लोग रात भर एक दूसरे से लिपट कर सोते रहे, और जब सुबह आँख खुली तो देखा मधु अभी भी सागर साथ नंगी ही सो रही है. टाइम सुबह के 4 बज चुके थे फिर मधु ने सागर को उसके रूम मे भेज दिया.

 


रात भर चुदाई के बाद सागर बहुत ही थका हुआ महसूस कर रहा था. लेकिन वो बहुत ही खुश था क्यूकी जिस औरत की वो ख्वाबों मे चुदाई किया करता था अब उसने उसे सच मे चोद दिया था. सागर 4 बजे अपने रूम मे चला गया था और जाकर सो गया.

मधु हमेशा की तरह 7 बजे उठ गई. आज की सुबह मधु की बहुत ही रंगीन सुबह थी. मधु अभी तक अपने बिस्तेर पर नंगी ही पड़ी हुई थी फिर मधु खड़े होकर अंगड़ाई लेते हुए मुस्कुराने लगी. आज मधु के चेहरे की रौनक बता रही थी कि कल की रात उसके लिए कितनी सुखद रही थी.उसके लिए तो यकीन करना मुश्किल था कि जिसके साथ उसने रात भर चुदाई का भरपूर लुफ्त उठाया था वो उसका सगा बेटा था. जवान मर्द से प्यास भुजने के बाद जो सकून मधु को मिला था उससे उसका रोम रोम चहक रहा था. फिर उसने चद्दर मे छुपी हुई अपनी पैंटी और ब्रा को ढूंड कर अपने शरीर पर कसा और बाथरूम मे फ्रेश होने के लिए चली गई.

उधर जब अंकित खड़ा हुआ. तो उसने सागर को हिलाते हुए कहा - अबे साले उठ जा …..देख क्या टाइम हुआ …

सागर - मैं बहुत थका हुआ हू प्ल्ज़्ज़ भाई मुझे सोने दे…

अँकति - हाँ साले रात को मधु की कम चुदाई करता तो कम थकता..

ये सुन कर सागर चौंका और उठ कर सागर से बोला - क्या मज़ाक कर रहा है ..अंकित …

अंकित - अबे साले मुझे सब पता है मैने रूम के डोर के कीहोल सब देख लिया था ..अब अंजान मत बन साला मदर्चोद…

सागर - हाँ यार मैं मधु को चोद चुका हू …

अंकित - साले 2 दिन हो गये कुछ हाथ नही लगा ..और मैने तेरा हर काम मे साथ दिया लेकिन तूने अभी तक मुझे कुछ करने का मोका नही दिया …..

सागर - तू टेन्षन ना ले मेरे भाई ..मैने फुल प्लॅनिंग की हुई है ….

उसके बाद सागर ने अंकित को सारा प्लान समझा दिया. अंकित को प्लान समझ मे आ चुका था और वो रिलॅक्स होकर सही वक्त का इंतेजर कर रहा था.

दूसरी तरफ मधु नहा धोकर बाहर शीशे के सामने आई. उसने अपने बदन को टवल से ढक रखा था. उसके बालों से पानी की बूंदे टपक रही थी जो उसके जिस्म पर रिस्स रही थी. मधु के बदन पर नहाने से महक आई हुई थी जिससे उसका बदन चमक रहा था. फिर मधु ने अपने बालों को सवार कर पीछे किया और अपने बदन से टवल को जुदा कर दिया. 1 मिनट तक मधु अपने चहकते हुए नंगे जिस्म को निहारती रही. फिर उसने बॉडी लोशन उठाया और अपने हाथ पर लगाकर पूरे जिस्म पर हाथ फेरने लगी. मधु को बहुत ही सकून मिल रहा था. उसे ऐसा लग रहा था कि जैसा उसका एक एक अंग उससे बात कर रहा हो और मधु से कह रहा हो कि आज वो बहुत खुश है. मधु की जवानी छलक उठी थी . फिर मधु ने कबाड़ मे से ब्रा और पैंटी निकाली. लेकिन उसके आज़ाद बदन को कसने वाली चीज़ों के लिए उसना मन नही माना और उसने आज बिना ब्रा और पैंटी के ब्लाउस और साड़ी डाल ली . फिर मधु बाहर की तरफ आई. इतने मे अंकित और सागर भी तैयार होकर डिन्निंग टेबल पर बैठे थे.

जब मधु बाहर आई तो उसे सागर की तरफ देख कर स्माइल की जैसे वो सागर को थॅंक योउ बोल रही हो. फिर सागर ने भी अंकित से नज़र चुरा कर मधु को देख कर आँख मारी और अपने हाथों से इशारा करते हुए कहा कि आज कमाल की लग रही हो. जिसे देख कर मधु शरमा गई. फिर मधु किचन से खाना लेकर आई और तीनो ब्रकफ़ास्ट करने लगे. मधु सागर के साथ बैठी हुई थी और उन दोनो के सामने अंकित बैठा हुआ था. तभी सागर ने अपना एक हाथ मधु की जाँघो पर रख दिया और धीरे धीरे उन्हे मसल्ने लगा. और दूसरे हाथ से ब्रेकफास्ट खाने की आक्टिंग करने लगा. अपनी जाँघो पर स्पर्श पाते ही मधु के बदन मे जलन होने लगी और उसने हाथ को पकड़ हटा दिया .

जब सागर ने मधु को देखा तो मधु ने अंकित की मजूदगी का इशारा किया. लेकिन सागर नही माना वो दुबारा अपना हाथ मधु की जाँघो पर फेरने लगा. और फेरते फेरते मधु की चूत को मसल्ने लगा. मधु तो मानो मदहोश सी होने लगी. उसने अपने खाना खाने की रफ़्तार को कम कर दिया और सागर के स्पर्श का आनंद लेने लगी. मधु का खुद्पर से काबू ख़तम हो गया और उसने भी अपना एक हाथ सागर के लंड पर फेरना शुरू कर दिया. सागर का लंड एक दम तंन गया मधु का स्पर्श पाते ही.

फिर सागर ने टेबल से स्पून गिरा दिया . और जब वो नीचे से स्पून उठाने लगा तो उसने मधु की साड़ी को उसकी जाँघो तक उठा दिया जिससे जाँघो से नीचे की टाँगे नंगी हो गई फिर सागर अपना हाथ साड़ी के अंदर ले गया और चूत के आस पास फेरने लगा. मधु की तो मानो साँसे ही थम गई. उसके हलक से नीवाला निकलना मुश्किल हो गया. फिर सागर धीरे से अपना हाथ चूत पर ले गया और उसे मसल्ने लगा. मधु साँसे फूलने लगी और उसके गालों का रंग बदलने लगा. वो अपनी सिसकारियो को अपने होंठ तले दबाने लगी. मधु ने सागर की तरफ तिरछी नज़र से देखा और मना करने का इशारा किया. लेकिन सागर कहाँ मानने वाला था उसने अपनी मिड्ल फिंगर को मधु की चूत मे पूरा घुसा दिया.

 


उंगली अंदर जाते ही मधु की चूत मे करार आ गया और मधु के मुँह से सिसकारी निकल गई...आहह...जब अंकित का ध्यान मधु की तरफ गया तो मधु खांसने की आक्टिंग करने लगी. और पानी पी कर वापिस खाना खाने लगी. लेकिन सागर पर तो जैसे कोई भूत सवार हो चुका था वो लगातार मधु की चूत मे उंगलिया करने लगा. मधु ने अपनी जीब को दांतो तले दबा लिया जिससे उसके मुँह से कोई सिसकारी ना निकल पाए. मधु सागर की उंगलियो से सुख भोग रही थी जो लगातार उसकी चूत मे अंदर बाहर हो रही थी. फिर अचानक से मधु की साँसे बहुत तेज़ी से चलने लगी और उसने डिन्निंग टेबल के किनारे को कस्स कर पकड़ लिया. इसमे कोई शक़ की बात नही थी और सागर की समझ चुका था कि मधु झड चुकी है.

जल्दी ही सागर का हाथ मधु के सफेद पानी से भर गया. जिसे सागर ने अपनी हाथ की कटौरी बना कर उसे इकट्ठा कर लिया. फिर सागर ने पानी से भरा हुआ हाथ मधु की साड़ी मे से निकाला. और दूसरे हाथ से टेबल से ब्रेड उठाया. सागर ने मधु का सारा पानी उस ब्रेड पर लगा दिया. फिर उसने उसके उपर एक और ब्रेड रख कर सॅंडविच बना दिया. फिर सागर उस सॅंडविच को मधु की तरफ देखते हुए खाने लगा. मधु ने शर्म से अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया.

जब सागर उस सॅंडविच को पूरा खा गया तो उसके होंठ के पास मधु के पानी की एक बूँद लग गई. जब मधु ने सागर को उस बूँद की तरफ इशारा किया और सागर अपनी जीब को फेरते हुए उस बूँद को अपने मुँह मे ले गया. जिसे देख कर मधु दुबारा शरमा गई. फिर मधु ने अपनी साड़ी ठीक की और खाना खाने के बाद किचन मे बर्तन रखने चली गई. फिर सागर और अंकित ने भी खाना खा लिया और वो अपने रूम मे चले गये.

फिर सागर ने अंकित को इशारा किया और प्लान स्टार्ट करने के लिए कहा. उसने भी ओके मे जवाब दिया. सागर ने मधु को मेसेज किया – जान तुम तो झड गई लेकिन मेरा लंड बैठने का नाम नही ले रहा ...

मधु – हद्द है यार अभी तो तुमने मेरी क्रीम निकाली थी. और उपर से तुम्हारा वो....अच्छा.. क्या नाम ले रहा है तुम्हारा वो..

सागर – वो मधु मधु चिल्ला रहा है.... मधु के मधु को चखना चाहता है..

मधु – नही नही ..सागर अंकित घर मे है..मैं उसके सामने कुछ नही कर सकती ..

सागर – अरी जान वो अपने रूम मे वीडियो गेम खेल रहा है और तुम्हे तो पता ही है जब वो गेम्स खेलता है तो उसे किसी का भी होश नही होता.

मधु – नही सागर इसमे बहुत ख़तरा है...

सागर – नही मेरी रानी....कुछ नही होता हम रूम मे करलेंगे और डोर लॉक कर लेंगे..

मधु – लेकिन तुम अंकित को क्या कहोगे..

सागर – यही कि मैं मोम के साथ सॉफ सफाई करवा रहा हू..

मधु – ओके आ जाओ..

ये सुन कर सागर ने अंकित को इशारा किया और नीचे मधु के रूम मे चला गया. और जाकर रूम का डोर बंद कर दिया. अंदर मधु बेड पर लेटी हुई थी. और सागर को देख कर सेक्सी स्माइल दे रही थी. सागर मधु के पास आकर उसके उपर लेट गया और उसे चूमने लगा. चूमते हुए मधु सागर से बोली – क्या जान तुमसे सबर नही होता क्या???

सागर – क्या करू जान तुम हो ही इतनी सेक्सी ..

और सागर मधु के होंठो को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा. मधु भी सागर के सिर पर हाथ फेरते हुए उसका पूरा साथ दे रही थी.फिर सागर ने मधु के सीने से पल्लू हटाया और ब्लाउस का हुक्क खोल कर उसने फ़ौरन मधु की चुचियाँ चूसना शुरू कर दी मधु को 1 दम बोहत मज़ा आने लगा अभी मधु घर का काम कर रही थी जिससे मधु पूरी पसीने से गीली थी

 
क्या बात है मित्रो ये कहानी आपको पसंद आ रही है ये तो व्यूज देखकर पता चल रहा है लेकिन मुझे इस बात का दुख ज़्यादा है कि हम 6 -7 स्टॉरीज पोस्ट करने वाले ही एक दूसरे को वाहवाही दे लेते हैं बाकी आप सभी रीडर्स की कोई भी प्रतिक्रिया नही मिल पाती . ये बड़े दुख की बात है
 


सागर गोरे-गोरे बूब्स लगातार चूस रहा था और काट रहा था. सागर एक को चूस्ता और दूसरे को अपने हाथ से सहलाता. इस बीच सागर ने उसकी साड़ी और पेटिकोट को निकाल दिया और वो अब बिल्कुल नंगी लेटी थी. उसके बूब्स चूसने के बाद सागर उसकी चूत पे आ गया.सागर अपने गाल उसकी चूत पे रख के प्यार करने लगा ..उसे ये करना बहुत अच्छा लगा फिर सागर उसे चूसने लगा अब वो और भी ज़्यादा एक्शिटेड !हो गई और आह...आअह... करने लगी.. फिर सागर ने उसे अपने लंड की तरफ इशारा किया .. इशारा मिलते ही मधु ने झट से सागर की पंत की नीचे करेक उतरा और अंडर वेर को ुअतर कर लंड को अपने मुँह मे भर लिया . और उसे लॉलिपोप ई तरह चूसने लगी .

तभी अचानक से बहुत तेज आवाज़ आती है ..खाटीएकक….!!!!!!

आवाज़ दरवाजा खुलने की थी.

सागर और मधु ने दरवाजे की तरफ देखा कि अंकित वहाँ खड़ा है. ये देख कर मधु की पैरो तले ज़मीन खीसक जाती है और उसका दिमाग़ का काम करना बंद हो जाता है. अंकित के चहरे पर गुस्से के भाव सॉफ नज़र आ रहे थे. जब अंकित की नज़र मधु के

नंगे जिस्म पर पड़ी तो मधु ने जल्दी से सागर के लंड को छोड़ा और अपनी साड़ी से अपनी चुचो और अपनी चूत को छिपा लिया. बेड पर पड़ी चदडार को अपने जिस्म पर लपेट लिया. सागर ने भी झट से अपना अंडरवेर पहना . जैसे ही सागर कुछ बोलने लगा तो अंकित ने उसकी बात बीच मे काट दी और बोला – चल्ल्ल चुप्प्प साले मादर चोद.. मुझ को बेवकूफ़ बना कर तुम दोनो रंगरलियाँ मना रहे हो ..शरम आनी चाहिए तुम दोनो को...

तभी मधु सपकते हुए बोली – आ ..आ..अंकित..तुम ग़लत समझ रहे हो...

अंकित मधु की बात को काट ते हुए- चुप कर साली.. मे सब कुछ समझ चुका हू ..तूने माँ जैसे पवित्र नाम पर दाग लगा दिया है ... और अपने बेटे के साथ ही मुँह काला कर लिया...साली रंडी कहीं की... मे अभी जाकर पापा को फ़ोन करता हू और उसकी रंडी बीवी के कारनामे उसे बताता हू..

ये सुनते ही मधु बेड पर से उठी और अंकित के पेरा को पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से रोने लगी. और कहने लगी – मुझ को माफ़ करदो अंकित मुझ से बहुत बड़ी ग़लती हो गई.. प्लज़्ज़्ज़ अपने पापा को कुछ मत बताना अगर उन्हे कुछ पता चला तो मैं जीते जी मर जाउन्गि,..

जब अंकित ने नीचे मधु को अपने पैरो मे पड़े देखा तो मधु के क्लीवेज चादर के उपर से सॉफ नज़र आ रहे थे. जिससे अंकित का लंड कड़क होना चालू हो गया. लेकिन अंकित ने अपने पर कंट्रोल किया और बोलने लगा – माँ मुझ को तुमसे ये उम्मीद नही थी कि आख़िर क्यू किया आपने ऐसा ..????

मधु ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और बोलने लगी कि मुझ से ग़लती हो गई अंकित प्ल्ज़ अपने पापा को कुछ मत बताना ...

सागर ने अंकित की तरफ इशारा किया क्यूकी उससे मधु का रोना बर्दाश्त नही हो रहा था.

फिर अंकित ने कहा – मोम मैं पापा को नही बताउन्गा.. और वैसे भी मैं पापा को ऐसी बाते बता कर अपना घर टूट ते हुए नही देख सकता.

और अंकित ने मधु के कंधो से पकड़ते हुए उसे अपने पैरो से उठा से कर अपने सीने से लगा लिया. मधु का रोना थोड़ा कम हो चुका था लेकिन उसका मूड बहुत ही खराब हो चुका था. अंकित को मधु का चद्दर के अंदर से नंगा जिस्म बाखूबी महसूस हो रहा था . उसकी चुचिया अंकित की छाती के साथ एक दम सटी हुई थी. अंकित के लिए कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था और आख़िर कार अंकित ने अपना कंट्रोल खो दिया और वो अपने हाथ मधु के कंधो से सीधा गान्ड पर ले गया और धीरे धीरे वहाँ हाथ फेरने लगा. जब मधु को अपनी गान्ड पर हाथ महसूस हुए तो उसे कुछ अजीब सा लगा और वो बोली – क्या कर रहे हो अंकित...??

 
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