• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

सविता भाभी का बकरा

सविता भाभी का बकरा-8

सोनम ने मेरी पसंद की मैक्सी पहन रखी थी पीछे से उसके चूतड़ और जांघें पूरी चमक रही थीं, गाण्ड का द्वार पूरा दिख रहा था, आगे से स्तन पूरे नंगे दिख रहे थे।

ये सब देखकर मेरा मन चोदने को कर रहा था।

मैं पास खड़ा होकर सोनम के चूतड़ सहलाने लगा और उससे बातें करने लगा।

बातें करते हुए मुझे पता चला कि सोनम की शादी एक साल पहले हुई थी और उसका पति राकेश से केस चल रहा है, दोनों का तलाक होने वाला है।

वो अपने पति के साथ 15 दिन ही रही थी कि उसे पता चला कि उसके पति की दूसरी पत्नी और एक बच्चा गाँव में है, उनका बाल विवाह हुआ था, पत्नी अनपढ़ थी इसलिए उसने उसे छोड़ दिया था साथ ही साथ वो आवारा औरतों के शौकीन भी था।

बहुत चोदू था, 9 इंची लम्बा लौड़ा था, पहली रात ही लड़की से औरत बना दिया और पांच सात दिन में ही कई आसनों में लेटा बैठा कर उसकी चूत और गाण्ड चोद चोद कर दुखा डाली थी।

सोनम बोली- मैं अपने पति के साथ सिर्फ 15 दिन रही थी। चुदने के बाद चूत की आग बढ़ जाती है, एक साल से दबा कर रखी हुई थी। सविता मेरी पक्की सहेली है, जब भी सविता से बात होती थी मैं उससे कहती थी कि मेरी चूत में बहूत चुल्ल उठ रही है और चुदने का बड़ा मन कर रहा है। सविता के साथ जब तुम्हारी मस्ती देखी तो मैंने सोच लिया तुम्हारे से चुदवा कर सेक्स का मज़ा लूंगी।

कल तुम्हारी और सविता की मस्ती रात भर की-होल से देखती रही। आज तुम्हें अकेला देखकर अपनी प्यास पर कण्ट्रोल नहीं रख पाई। सच मुझे चुदने में बड़ा मज़ा आया।

उसने मुझे पप्पी देकर कहा- तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो !

उसकी आँखों से आँसू आ रहे थे, वो बोली- मुझसे मिलने आते रहना, मैं और मम्मी अकेली रहती हैं।

थोड़ी देर में खाना तैयार हो गया, हम लोग खान खाकर फिर एक बार बिस्तर पर आ गए।

मैंने अपने कपड़े उतार दिए, अब में सिर्फ एक चड्डी में था।

सोनम मुझे एकटक देख रही थी, मैंने सोनम की मैक्सी की डोर खोल दी और उसे अपनी गोद में बैठा लिया, उसके दोनों चूचे अपने हाथों से दबाने लगा।

सोनम ने अपने होंट मेरे होंटों में डाल दिए, बहुत देर तक मैं उसके स्तन और जांघें मलते हुए होंट चूसता रहा।

मेरा लौड़ा उसकी गाण्ड की दरार पर झटके खा रहा था।

सोनम बिस्तर पर फिसल गई और चड्डी में हाथ डालकर लौड़ा पकड़ते हुए बोली- अब इस कुत्ते को मेरी चूत में डालो ना!

उसकी आँखों में काम ज्वाला भड़क रही थी।

मैंने अपना अंडरवियर उतार दिया और उसकी मैक्सी भी अलग कर दी, बिस्तर पर लेटा कर उसकी चूत के छेद में अपनी दो उँगलियाँ घुसा दी और चूत की मालिश करने लगा।

मेरा लौड़ा मसलते हुए वो आहें भरने लगी।

कुछ देर बाद मैंने उसे अपने से चिपका लिया और लौड़ा उसकी सुरंग में घुसा दिया, वो अपनी गाण्ड हिला हिला कर चुदने लगी।

बहुत आनन्दमय पल थे।

चुदाई का दौर कब ख़त्म हो गया, पता ही नहीं चला, उसके बाद हम एक दूसरे से चिपक गए।

बातें करते हुए सोनम ने कहा- सविता बता रही थी कि तुम ड्राइंग बहुत अच्छा करते हो, हर ख़ुशी के मौके पर तुम अपनी मम्मी पापा को गुलाब के फूल का ग्रीटिंग बना कर कर देते हो। मुझे गुलाब के फूल की ड्राइंग बना कर दिखाओ ना!

मैंने उसे गुलाब का फूल बना दिया, उसने मुझसे उस पर आई लव यू लिखवा लिया और पास में रख दिया।

20-25 मिनट बाद जब मेरा लौड़ा दोबारा सुलगने लगा तो सोनम मेरी निप्पल पर काटते हुए बोली- एक बार पीछे से मेरी चूत में डालो ना, पीछे से ठुकने में मुझे बड़ा मज़ा आता है ! राकेश ने मेरी चूत कई बार पीछे से ठोंकी है।

सोनम मेंढक बन कर लेट गई, उसकी चूत पीछे से साफ़ दिख रही थी।

मैंने उंगली घुसा के जगह का मुआयना किया और अपने लौड़े का सुपारा उसकी चूत के मुँह पर रख दिया।

मुझसे लौड़ा अन्दर नहीं घुस रहा था, सोनम ने पूरा साथ दिया, तब लौड़ा बड़ी मुश्किल से अन्दर घुसा।

लौड़ा पेलने के बाद मैंने झुककर उसकी दोनों गुल्लियाँ पकड़ लीं और कसी हुई चूत में दम लगा कर पेलने लगा।

सोनम बेपरवाह होकर जोर जोर से आह उह आ आ हाँ करके मज़ा लेने लगी।

उसकी आहें उह उह उह आह की आवाज़ पूरे घर में गूंजने लगीं।

हम दोनों निडर होकर चुदाई का पूरा मज़ा ले रहे थे।

सोनम को चोदने के बाद मैं निढाल होकर लेट गया। हम दोनों एक दूसरे की बाहों में सिमट गए और सो गए।

सोकर जब हम लोग उठे तब 5 बज़ रहे थे भाभी को लाने का समय हो गया था। हम दोनों भाभी को लेने चले गए।
 
सविता भाभी का बकरा-9

सोनम को चोदने के बाद मैं निढाल होकर लेट गया। हम दोनों एक दूसरे की बाहों में सिमट गए और सो गए।

सोकर जब हम लोग उठे तब 5 बज़ रहे थे भाभी को लाने का समय हो गया था। हम दोनों भाभी को लेने चले गए।

7 बजे भाभी को लेकर हम घर आ गए, हमें छोड़कर सोनम सब्जी लेने चली गई।

अन्दर आकर भाभी ने शीशे के सामने जाकर अंगड़ाई ली और बोली- सुबह से इन कपड़ों को पहने पहने मैं थक गई!

और उन्होंने अपनी सलवार कुरता और ब्रा उतार दी अब वो सिर्फ एक पतली सी पैंटी में थीं, शीशे में उनकी दूधिया चूचियाँ देखकर मैं लौड़ा सहलाने लगा।

शीशे में से मुझे फ्लाइंग किस देकर सविता भाभी बोलीं- चूतियों की तरह इतनी दूर क्यों खड़े हो, एक पप्पी तो दे दो।

मैंने आगे बढ़कर पीछे से भाभी के दोनों उरोज अपने हाथों में पकड़े और गोलाई में मलते हुए गालों की एक लम्बी पप्पी ली और कान में बोला- सोनम की चूत आज दो बार चोदी…

भाभी ने मेरी तरफ मुड़कर मेरे होंटों की पप्पी ली और बोली- वाह, मज़ा आ गया… कुतिया चुद गई, मुझको बहुत रंडी रंडी बोल रही थी। आओ चलो इस ख़ुशी में साथ साथ नहाते हैं!

मैं और भाभी बाथरूम में घुस गए, भाभी ने पैंटी और मैंने अंडरवियर पहना था, शावर खोलकर हम एक दूसरे से चिपक गए और शावर की फुहारों का मज़ा लेने लगे। मेरे मोटे लोड़े को अपनी चूत पर महसूस करते हुए भाभी बोलीं- दिन में 3-3 बार चूत में डाल चुके हो फिर भी लौड़ा मस्त टनटना रहा है, यह गोली का कमाल है। इसे अन्दर कैद करके क्यों रखा हुआ है? बाहर निकालो ना… पूरे भोंदू ही हो तुम।

मैंने अपना अंडरवियर और उन्होंने अपनी पैंटी उतार दी।

दोबारा हम गर्म पानी के शावर के नीचे चिपक गए।

नंगा लौड़ा बार बार भाभी की चूत को छूने की कोशिश कर रहा था।

मेरे पैरों पर चढ़ते हुए भाभी लौड़ा अपनी चूत के मुँह पर लगाने की कोशिश करने लगीं, मेरा भी मन घुसाने का कर रहा था दोनों की चाहत से लौड़ा चूत के द्वार पर ठक ठक करने लगा।

मस्ती में आह भर कर मुझे भींचते हुए भाभी बोलीं- आह अब नहाने में मज़ा आ रहा है।

उन्होंने अपने पंजे ऊपर उठा लिए, वो लौड़ा को चूत के अन्दर लेना चाह रही थीं।

तभी हमारा संतुलन बिगड़ा और हम गिरते गिरते बचे।

हँसते हुए भाभी बोली- बाल बाल बचे… अभी चोट लग जाती।

उन्होंने मेरे चूतड़ पर हाथ मारते हुए कहा- थोड़ा साबुन मल दो !

हम दोनों एक दूसरे के बदन पर साबुन लगाने लगे, मैंने भाभी की चूत पर साबुन लगाते हुए उंगली अन्दर डाल दी और पूसी दबाते हुए बोला- आपकी चूत तो पूरी रसीली हो रही है।

भाभी बोलीं- उह आह… रसीली हो रही है तो निगोड़ी को चूसो ना… मैं तब तक तुम्हारी पीठ पर साबुन मल देती हूँ।

मैं झुककर उनकी चूत चूसने लगा और वो मेरी पीठ मलने लगीं।

इसके बाद उन्होंने झुककर मेरा लौड़ा मुँह में लिया और मैंने उनकी पीठ और चूतड़ों पर साबुन मला।

ऊपर से गिरती शावर की बौछारों ने सेक्स क्रीड़ा का मज़ा दुगना कर दिया था कुछ देर बाद हम एक दूसरे से चिपके शावर का मज़ा लेने लगे मेरा लौड़ा चूत में घुसने को पगला रहा था।

भाभी ने मुझे हटाते हुए कहा- चलो अब बदन पोंछ लेते हैं।

बदन पोंछने के बाद भाभी ने मेरा खड़ा लौड़ा अपनी मुट्ठी में दबाया और बोली- इस घोड़े को अब रात में चूत में डालना ! थोड़ा तड़पेगा तो रात को मज़ा दुगना आएगा।

तभी घंटी बजी, मुस्कराते हुए हम लोग अलग हो गए, भाभी ने मैक्सी और मैंने टी शर्ट नेकर पहन लिया।

 
मैंने जाकर दरवाज़ा खोल दिया, सोनम वापस आई थी।

अन्दर आकर सोनम भाभी को देखकर मुस्कराई उसके बाद भाभी और सोनम खाना बनाने लगीं।

खाने की मेज पर खाना खाने के बाद भाभी सोनम से मजाक करते हुए बोली- आज तो तूने मेरे देवर का माल पूरा चूस लिया।

सोनम बोली- पूरा नहीं, आधा चूसा है, आधा रात में चूसूँगी।

भाभी ने अपनी मैक्सी के दो बटन खोलते हुए अपनी चूचियाँ बाहर निकालीं और उन्हें दबाते हुए बोली- रात को मुझे अपने स्तनों की मालिश करवानी है, रात की बात तो तू भूल जा।

सोनम ने भी अपनी टी शर्ट उतार के दोनों चूचियाँ बाहर निकाल लीं और अंगड़ाई लेते हुए भाभी की तरफ देखकर बोली- रंडी, तू तो घर जाकर भी करवा लेगी, आज तो मैं मालिश करवाऊँगी।

दोनों की 30 और 36 इंच की चूचियाँ देखकर और गर्म बातें सुनकर मेरे लौड़ा में तो आग लग गई।

दोनों बातें करते हुए बोलीं- चल इस बात का फ़ैसला तो रात में करेंगे, अभी पिक्चर देखकर आते हैं।

भाभी कोल्ड ड्रिंक पीते हुए सोनम की तरफ देखकर बोलीं- राजेश मैं तुम्हारी बीवी बनकर चलती हूँ… यह साली बन लेगी। क्यों कुतिया? ठीक है न?

सोनम बोली- तू 35 की हो रही है, इसकी अम्मा लगती है, मैं 22 की हूँ, मैं इसकी बीवी मैं बन जाती हूँ, तू बड़ी बहन बन जा।

भाभी नकली गुस्सा दिखाते हुए बोली- कुतिया, तेरी चूत बहुत खुजिया रही है। मैं अभी 25 की हूँ, तुझे अम्मा लगती हूँ? अपनी शकल जाकर देख, नींबू जैसी चूचियाँ हो रही हैं और बदन बकरी जैसा हो रहा है। ज्यादा मत बोला कर, तेरा इतना मन है तो मूवी हाल में नकली बीवी बन जा लेकिन रात को राजेश के साथ में ही सोऊँगी, तू यह केला रख ले, रात को अपनी चूत में डाल लेना।

भाभी ने टेबल पर रखा एक केला सोनम की तरफ बढ़ा दिया।

सोनम बोली- मेरी मूत वाली कोल्ड ड्रिंक पीकर तेरी चूत बहूत उबल रही है, इतनी खुजिया रही है तो सो लियो।

भाभी ये सुनकर कोल्ड ड्रिंक छोड़कर सोनम को मारने उठीं।

सोनम अन्दर अपने कमरे में भागी।

दस मिनट बाद भाभी ने मुझे आवाज़ दी, मैं कमरे में गया तो देखता ही रह गया।

सोनम लाल साड़ी और हरे ब्लाउज में पूरी नई नवेली दुल्हन लग रही थी।

भाभी बोली- सोनम तेरी बीवी बन गई है, ले इसके सिन्दूर और लगा दे पूरी देसी बीवी लगेगी।

भाभी ने सामने रखी सिंदूर की शीशी मुझे दे दी, मैं थोड़ा हिचक रहा था।

भाभी बोलीं- पिक्चर हाल में जब इसकी छातियाँ दबाएगा और चूत में उंगली करेगा तब शर्म नहीं आएगी? यहाँ ऐसे शर्मा रहा है जैसे तेरे से शरीफ कोई नहीं है… और यहाँ कौन देख रहा है।

मैंने सम्मोहित सी मुद्रा में आगे बढ़कर सोनम के सिन्दूर लगा दिया।

भाभी ने सोनम की नज़र उतारते हुए कहा- हाय रे ! क्या माल लग रही है, राजेश जरा इसकी कमर में हाथ डालकर खड़े तो हो !

मैं सोनम की चिकनी कमर में हाथ डालकर खड़ा हो गया और उसका पेट सहलाने लगा।

भाभी के उकसाने पर मैंने इस सोनम के स्तनों पर अपना हाथ रखा और उन्हें दबाते हुए सोनम का लिप किस करने लगा।

भाभी ने इस बीच मेरी और सोनम की कई फोटो मोबाइल से खींच लीं।

मैंने विरोध किया तो भाभी बोलीं- पिक्चर से लौटें, तब मिटा देना।

इसके बाद भाभी ने सलवार कुरता पहना और हम लोग पिक्चर देखने निकल गए।

मूवी हाल में सारे समय सोनम मेरे और भाभी के बीच बैठी और शाल डालकर उसने पूरा ब्लाउज खोलकर रखा।

मैंने हर कोण से उसकी चूचियाँ मसलीं और बीच बीच में उसकी चूत मैं नाभि के रास्ते से हाथ डालकर उंगली भी की।

इंटरवेल में बाहर आकर भाभी ने मुझे अपने मोबाइल से खींची फोटो दिखाई, उसमें उन्होंने सिंदूर लगाने, चूची दबाने, होंट पर किस करने वाली 6-7 फोटो खींच रखी थीं।

भाभी मेरा हाथ दबाते हुए बोली- कुतिया फोटो में तेरी मस्त बीवी लग रही है, असली बनाना हो तो बता देना।

मैंने भाभी के हाथों से मोबाइल लेकर फोटो डिलीट कर दीं।

मुस्कराते हुए भाभी बोली- स्मार्ट हो।

इसके बाद हम अन्दर आ गए, मूवी दुबारा शुरू हो गई थी।

सोनम दुबारा हमारे बीच बैठी थी, उसने मुझे भी शाल से ढक लिया और मेरा लौड़ा निकाल कर उससे खेलने लगी।

बारह बजे मूवी ख़त्म हुई, हम सब लोग एक बजे वापस आ गए।

भाभी और मैं कमरे में आ गए और सोनम दूसरे कमरे में चली गई।

भाभी ने अपने कपड़े उतार कर साइड में डाल दिए और मुझे भी नंगा कर दिया।

पलंग पर लेट कर उन्होंने चुदने के लिए टांगें छोड़ी कर दीं और मुझे खींचकर अपने ऊपर लेटा लिया।

मैं भी ऊपर चढ़कर उनको चोदने लगा।

उन्होंने अपनी टांगें मेरी पीठ पर बाँध लीं और नीचे से पूरा लौड़ा अन्दर तक घुसवा कर गाण्ड हिला हिला कर चुदने का आनन्द लेने लगीं।

कुछ देर बाद मेरे वीर्य ने उनकी चूत की गगरी भर दी उसके बाद हम दोनों चिपक कर सो गए।

images


 
सविता भाभी का बकरा-10

सुबह 8 बजे सुलगते लौड़ा को मैंने भाभी की चूत में पेल दिया और हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर सोते हुए से लेट गए।

रात में हम दरवाजे की चिटकनी बंद करना भूल गए थे, तभी सोनम ने आकर हमारी रजाई खींच दी।

मैं और भाभी चुदाई के मज़े ले रहे थे, रजाई खिंचने से हम दोनों चौंक गए, मेरा लौड़ा चूत से बाहर निकल आया, जो पूरा तना हुआ था, भाभी की चूत में सोनल ने उंगली करते हुए कहा- रंडी, तूने बहुत मस्ती कर ली, देख कितनी चौड़ी हो रही है तेरी सुरंग… अब उठ कर बाहर जा और हम सबके लिए चाय बना, तब तक तेरे देवरजी का थोड़ा सा रस मैं भी पी लेती हूँ।

भाभी ने अंगड़ाई लेते हुए कहा- तेरी भट्टी बहुत उबल रही है? चल लेट जा।

भाभी उठ गईं और सोनम मेरे पास लेट गई, उसने मेरे लौड़े को हिलाया और बोली- रात भर से चूत खुजा रही हूँ। अब जल्दी से अन्दर डाल दो, फिर तुम चले जाओगे, पता नहीं दुबारा कब इस निगोड़ी को लौड़ा मिलेगा।

भाभी बाहर चली गईं, सोनम ने अपनी मैक्सी उतार दी, मैंने सोनम को पकड़ कर अपने नीचे लेटा लिया और उसे चोदने लगा॥

चुदने के बाद सोनम मुझसे चिपक गई और बातें करने लगी।

हम लोग एक घंटे बातें करते रहे।

इस बीच मैंने एक बार सोनम के साथ दुबारा भी सेक्स किया।

11 बजे करीब भाभी हाथ में चाय नाश्ते की ट्रे लेकर आईं, वो पूरी नंगी थीं, उनकी मोटी चूचियाँ, गले में हार, बालों में सिन्दूर और पतली सी चूत की रेखा एक कभी न भूलने वाला नजारा पेश कर रही थीं।

मैं और सोनम एकटक उन्हें देख रहे थे और यह भूल गए कि हम लोग भी नंगे बैठे हैं।

भाभी ने चाय नाश्ता एक तरफ रखा और हमारी चादर खींच कर फेंकते हुए बोलीं- आहा… नंगे बैठकर चाय पीने में मज़ा आ जाएगा।

भाभी ने हमें चाय दी और हम लोग चाय पीने लगे।

चाय के बाद मौसी का फ़ोन आ गया, पूछ रही थीं कि कब आ रहे हो।

भाभी ने मेरे से फ़ोन ले लिया और बोलीं- मम्मीजी, हम लोग लंच करके एक बजे चलेंगे।

इस बीच सोनम मेरे कंधे पर सर रखकर मेरा लौड़ा अपने हाथों से सहला रही थी, मैं भाभी की चूचियाँ दोनों हाथों से धीरे धीरे दबा रहा था।

फ़ोन पर बात करने के बाद भाभी सोनम और मैं साथ साथ नंगे नहाए।

और नहाते हुए एक दूसरे के अंगों को हमने खूब सहलाया-दबाया और एक दूसरे के छेदों में गुदगुदी की, बड़ा मज़ा आया।

नहाने के बाद लंच करके मैं और भाभी वापस जाने के लिए निकलने लगे।

जब हम चलने लगे तो सोनम रोने लगी और मुझसे चिपक गई।

उसने मेरे गालों पर पप्पियों की बारिश कर दी और सुबकते हुए कई बार उसने ‘आई लव यू’ कहा।

मैंने भी उसे बाहों में बाँध लिया और 3-4 गहरे लब-चुम्बन दे दिए।

उसके बाद हम लोग ऑटो लेकर बस स्टैंड आ गए और हमने घर के लिए बस पकड़ ली।

हम लोगों ने 2 दिन सेक्स के बहुत मज़े लिए थे इसलिए दोनों जने शांत महसूस कर रहे थे।

हल्की फुल्की बातें करते हुए मैं और भाभी शाम 7 बजे घर आ गए।

भाभी की चूत का लाइसेंस मुझे मिल गया था वो मुझसे चुदवाने को आतुर रहतीं थीं।

 


सविता भाभी का बकरा-11

भाभी की चूत का लाइसेंस मुझे मिल गया था वो मुझसे चुदवाने को आतुर रहतीं थीं।

अगले एक महीने में भैया भी 20 दिन टूर पर रहे।

भाभी ने रात को कई बार मौका देखकर मुझसे चुदवाया और हमेशा मेरा रस अपने गर्भ में डलवाया।

जब भी मैं बच्चा होने के डर की बात करता था तो वो हमेशा ये ही कहती थीं तुम तो बुद्धू हो, मैं रोज़ गर्भ निरोधक गोली खाती हूँ।

सोनम से फेसबुक और फ़ोन पर मेरी दोस्ती चल रही थी, एक दिन उसने बताया उसका तलाक हो गया है और वो अगले हफ्ते भाभी के पास आ रही है और मेरे साथ मस्ती करेगी।

यह सुन कर मैं रोमांचित हो गया और मैंने उसके नाम की मुठ मारी।

एक हफ्ते बाद सोनम सुबह सुबह घर आ गई।

मैं अकेले मिलने का मौका ढूंढ रहा था।

जब मौसी थोड़ी देर दोपहर में बाहर गईं तब भाभी ने हम दोनों को चुपके से ऊपर भेज दिया।

सोनम स्कर्ट और टॉप में थी, ऊपर कमरे में वो मुझसे चिपक गई हम दोनों लिप-किस करने लगे और पलंग पर बैठ गए।

मैंने उसकी टी शर्ट उठा दी और चुम्बन करते हुए चूचियाँ मलने लगा।

कुछ देर बाद सोनम और मैं बिस्तर पर लेट गए थे, उसने लॉन्ग स्कर्ट के नीचे चड्डी नहीं पहन रखी थी, मेरा हाथ उसकी स्कर्ट में घुस कर जाँघों से फिसलता हुआ चूत के दाने पर चला गया, जिसे मैं रगड़ने लगा।

थोड़ी देर में उसकी उसकी चूत का झरना खुल गया था।

सोनम ने मेरा पजामा नीचे कर दिया था, वो प्यासी हो रही थी उसने मुझे धक्का देकर मेरा लौड़ा मुँह में ले लिया और पूरा अन्दर घुसा कर चूसने लगी।

‘आह उह उह !’

पूरा तन गया था लौड़ा।

तभी भाभी आ गईं उन्होंने मेरी पीठ पर हाथ मारते हुए कहा- देवर जी, इसकी जल्दी से फ़ुद्दी चोद दो, नीचे मौसी आ गई हैं, मैं बाहर खड़ी हूँ, जल्दी करो।

मैंने सोनम को उठा कर बिस्तर पर लेटा दिया और उसकी टांगें चौड़ी कर दीं, सोनम की चूत में लौड़ा छुला कर अन्दर पेल दिया, मेरा लौड़ा उसकी तंग सुरंग में घुस गया, वो मुझसे कस कर चिपक गई और जोरों से आह उह करते हुए मुझसे चुदने लगी।

कसी चूत की सवारी में मज़ा आ गया, थोड़ी देर में पूरा लौड़ा चूत के पानी से नहा गया।

सोनम की निप्पल मींझते हुए मैंने उसकी चुदाई तेज कर दी थोड़ी देर में सोनम की चूत की टंकी वीर्य से भर गई।

उसके बाद हम अलग हो गए।

भाभी अन्दर आ गईं और बोलीं- अब रात को तुम दोनों सेक्स के मज़े करना… आज भैया नहीं हैं रात को, मैं और यह तुम्हारे कमरे में सोएँगी, तुम ऊपर मेरे कमरे में सोना, एक-दो बजे के बाद मौसी गहरी नींद में सोती हैं, मौसी के सोने के बाद में तुम्हें इशारा कर दूँगी और इसे ऊपर भेज दूँगी। पूरी रात तुम इसकी चूत आराम से बजाना और सुबह नीचे छोड़ जाना।

तभी भाभी को एक उलटी सी आई और वो बाथरूम में चली गईं।

रात का मैं इंतज़ार बेकरारी से कर रहा था।

दस बजे हम लोग खाना खाने लगे। खाने के समय सोनम ने नेकर और टॉप पहन ली, भाभी और वो खाना लगाने लगीं।

मौसी की पीठ के पीछे रसोई थी, मुझे उकसाने के लिया दोनों कभी फ्लाइंग किस देती, कभी अपनी टॉप ऊपर उठा कर चूची दिखा देती थी।

यह सब देखकर मेरा लौड़ा पागल हो रहा था।

मैं पानी पीने के बहाने उठा और रसोई में जाकर उसकी चूचियाँ मसल दीं और गाण्ड में उंगली करते हुए बोला- रात को तेरी गाण्ड चोदता हूँ, मां की लौड़ी… बहुत मज़ा ले रही है न?

तभी मौसी की कुर्सी हिलने की आवाज़ आई, मैं घबरा कर रसोई से भागा।

खाने के बाद मैं अपने कमरे में आ गया और भाभी के इशारे का इंतज़ार बेसब्री से करने लगा।

12 बजे भाभी ने मुझे फोन किया और बोलीं- बुड्ढी सो गई है, इंतज़ार क्या कर रहे हो, सोनम को ले जाओ और चोद दो… रंडी दो घंटे से मुझसे चूत में उंगली करवा रही है।

मैं कमरे में गया और दरवाज़े को हल्के से धक्का दिया, अन्दर नाईट बल्ब जल रहा था।

भाभी और सोनम टॉपलेस बैठे हुए थी, दोनों की नंगी चूचियाँ नाईट बल्ब में मुझे चोदने का निमंत्रण दे रही थीं।

भाभी आँख दबा कर बोलीं- तुम दोनों ऊपर जाओ और मज़ा करो।

भाभी के चूचे दबा कर मैंने एक पप्पी गालों पर दी, उसके बाद सोनम शाल डाल कर मेरे साथ ऊपर आ गई।

सोनम ने शाल हटाकर मेरी गोद में सर रखकर मेरे हाथ चूचियों पर रख दिए और बोली- थोड़े से गोले सहला दो ना!

मैं उसकी चूचियाँ मसलने और दबाने लगा, मैंने उसकी निप्पल घुमा घुमा कर नुकीली कर दीं थीं।

सोनम ने अंगड़ाई लेते हुए मेरे कपड़े उतरवा दिए।

इसके बाद सोनम ने पास रखी मेहंदी से मेरे सीने पर ‘आई लव यू राजेश!’ लिख दिया और लौड़ा हाथ में पकड़ कर बोली- यह लो, मेहँदी से तुम भी मेरी चूची पर अच्छे से लिखो ना!

मैंने भी उसकी निप्पल के घेरे पर अपना मनपसंदीदा गुलाब का फूल बनाते हुए दोनों चूचियों पर आई लव यू सोनम लिख दिया।

ऊपर के रसभरे खेल के बाद जब मैंने सोनम की नेकर उतारी तो सोनम ने अपनी जांघें एक दूसरे के ऊपर चढ़ा लीं।

मैंने थोड़ा बल लगा कर जब जांघें हटाई तो चूत के पास के ऊपर लिखा था- आई लव यू!

सोनम ने मुझे लिपिस्टिक दे दी और बोली- इस पर अपना नाम और लिख दो, मैं नहीं चाहती कि तुम्हारे अलावा इस छेद में अब कोई और घुसे !

मैंने उतेजना में उस पर अपना नाम लिख दिया।

सोनम ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बोली- अब देर न करो, लौड़ा डाल दो !

चूतड़ हिलाते हुए वो मेरा लौड़ा अपनी चूत में लगवाने को आतुर होने लगी।

मैं उसे चोदने लगा, वो उह उह आह करके चुदाई के मज़े लेने लगी।

सोनम को चोदने में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।

तभी अचानक से दरवाज़ा खुला, मुझे पता भी नहीं चला।

 
सविता भाभी का बकरा-12

सोनम ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और बोली- अब देर न करो, लौड़ा डाल दो !

चूतड़ हिलाते हुए वो मेरा लौड़ा अपनी चूत में लगवाने को आतुर होने लगी।

मैं उसे चोदने लगा, वो उह उह आह करके चुदाई के मज़े लेने लगी।

सोनम को चोदने में मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।

तभी अचानक से दरवाज़ा खुला, मुझे पता भी नहीं चला।

मैं सोनम को सटासट चोदे जा रहा था, सोनम ने मुझे धक्का देका हटा दिया और एक झटके से उठकर चादर अपने ऊपर डाल ली।

मैंने हड़बड़ी में उठकर देखा तो सामने मौसी खड़ी थीं।

मैंने तेजी से सोनम का नेकर उठाकर अपने खड़े लौड़ा पर टांग लिया।

मौसी बोलीं- तुम दोनों कपड़े पहनो, मैं आती हूँ।

हम दोनों कपड़े पहनने लगे, सोनम मंद मंद मुस्करा भी रही थी जबकि मेरे चेहरे की हवाइयाँ उड़ी हुई थीं।

कुछ देर बाद मौसी और भाभी दोनों साथ साथ आई, हम दोनों कपड़े पहन चुके थे।

मौसी मुस्कराते हुए बोलीं- अरे सोनम तो बहुत अच्छी लड़की है। थोड़ा भाग्य खराब था जो दो दिन की शादी का कलंक लग गया। तुम दोनों इतना चाहने लगे हो तो मैं तुम्हारी शादी करा देती हूँ। इससे अच्छी लड़की तो तुम्हें मिलेगी भी नहीं। शादी के बाद तो तुझे आराम ही आराम है। कल ही दीदी को बुलाती हूँ।

भाभी चुटकी काटते हुए बोलीं- मम्मीजी, दोनों की जोड़ी तो बहुत अच्छी लगेगी, देखो लम्बाई भी कितनी मिलती हुई है।

मेरे चेहरे पर हवाइयाँ उड़ रही थीं।

उसके बाद मौसी बोलीं- चल अब जाकर सो जा।

सुबह के तीन बज़ रहे थे, मेरी नींद तो हवा हो गई थी।

मौसी ने भाभी का फ़ोन लेकर मेरे पापा को फ़ोन घुमाया और उन्हें बाहर जाकर मसाला लगा कर पूरी घटना बताने लगीं।

मुझे भाभी, मौसी और सोनम का व्यवहार देख कर ऐसा लगा कि मुझे बलि बकरा बनाया गया है।

अगले दिन भाभी मेरे कमरे में दस बजे चाय लेकर आईं, चाय रखकर उन्होंने अपना ब्लाउज उठाकर चूची बाहर निकाल कर मुझे आँख मारी और बोलीं- पहले दूध पियोगे या चाय?

भाभी की चूचियाँ इस समय किसी नाग के फन की तरह लग रही थीं और मुझे ऐसा लगा जैसे भाभी चूचियों से मेरी गाण्ड मार रही हों और कह रही हों चूत का मज़ा तो चख लिया अब गाण्ड मरवाने का मज़ा भी चख लो।

मैंने उनसे बचाने की गुहार की तो वो मुझे जहरीली मुस्कान देते हुई बोलीं- सोनम कोई गन्दी लड़की तो है नहीं शादी के लिए, तुम्हें इससे अच्छी बीवी कहाँ मिलेगी। तुम भी शादी को मान जाओ, नहीं तो यह हमारे तुम्हारे बारे में सब बता देगी। माल तो इसका बढ़िया है, सिर्फ दो रात का दाग लगा है, चूत भी चोदने लायक है, तुमने तो इसका रस चख ही रखा है। शादी के बाद जी भर कर पीना। घर का काम भी बहुत अच्छा करती है, दोनों समय बढ़िया बढ़िया खाना बना कर खिलाएगी।

तभी घर की डोर बेल बजी मेरे मम्मी-पापा आए थे।

मौसी ने भाभी को आवाज़ दी, भाभी बोलीं- चलती हूँ मौसी बुला रही हैं।

चाय नाश्ते के बाद मौसी ने उन्हें सोनम से मिलाया, मौसी बोलीं- ये दोनों तो बहुत प्यार करते हैं।

उन्होंने भाभी के मोबाइल पर मेरी और सोनम की साथ साथ खींची हुई फोटो दिखा दिन जिसमे मैं सोनम के सिन्दूर लगा रहा था, उसकी पप्पी ले रहा था और चूचियाँ दबा रहा था।

मेरे हाथ से बना हुआ गुलाब के फूल वाला कागज भी दिखाया जिस पर ‘आई लव यू’ लिखा था।

सोनम ने मेरे सामने अपनी ब्रा उतार कर चूचियों पर मेरे हाथ से बना गुलाब का फूल और ‘आई लव यू’ लिखा हुआ मेरी माँ को दिखाया।

मेरी तो सिट्टी पट्टी गम हो गई।

पूरे दिन मेरी मौसी पापा और मम्मी में तनातनी रही।

सोनम को भी मेरे माँ बाप ने खूब खरी खोटी सुनाई।

अंत में यह तय हुआ कि अगर राजेश चाहेगा तो यह शादी हो जाएगी।

मुझे उन्होंने दो दिन का समय दिया।

भाभी और सोनम से दिनभर मैंने बात नहीं की पर मैंने देखा कि भाभी को दिन में दो तीन बार उलटी हुई।

मुझे यह देखकर कुछ अटपटा लगा।

अगला दिन तनाव में निकल गया।

सोनम ने मुझे मैसेज किया कि वो मुझसे मिलना चाहती है।

मैं उससे मिलने चला गया।

उसने मुझसे कहा- तुमने मुझसे पूरे मजे लिए हैं, फिर भी मैं शादी के लिए तुमसे जबरदस्ती नहीं करुँगी, मैं तुम्हें बताना चाहती हूँ कि मैं तुमसे सच्चा प्यार करती हूँ। मैं तुमसे छोटी भी हूँ वादा करती हूँ, एक अच्छी पत्नी बनकर रहूँगी और तुम्हें शिकायत का कोई मौका नहीं दूँगी। भाभी और तुम्हारे बीच के संबंधों को भी भूल जाऊँगी।

मेरी हालत पतली हो रही थी मैंने कुछ सोचकर कहा- मैं कल शाम को जवाब दूंगा।

सोनम जाने लगी, मैंने उसे रोककर कहा- एक बात बताओ, यह भाभी को उलटी क्यों हो रही है?

सोनम बोली- जो तुम सोच रहे हो वो सच है। भाभी पेट से हैं। उनके बच्चा होने वाला है वो भी तुम्हारा, भैया के तो स्पर्म काउंट इतनी कम है 5 साल से बिना कोंडोम के लगा रहे हैं आज तक बच्चा नहीं हुआ है। मैं अगर तुम्हारी पत्नी बन गई तो मैं वादा करती हूँ इस बात पर तुम से कभी नहीं लडूंगी।

मेरे को तो काटो खून नहीं रहा, पूरी रात नींद नहीं आई, पूरी रात सोचता रहा, मुझे लगा अगर मैंने किसी और से शादी कर ली तो इस बात को लेकर कभी भी बवाल मच सकता है।

अब मुझे लगने लगा सोनम से ही शादी करना ठीक है।

मैं बकरा बन चुका था।

अगले दिन सुबह मैंने अपने पिता से कह दिया- मैं भी सोनम से शादी करना चाहता हूँ।

शाम को सोनम से जब मैं मिला तो रोते हुए वो मुझसे चिपक गई।

मेरी शादी तय हो गई।

पनद्रह दिन में शादी हो गई।

धीरे धीरे सोनम से मुझे यह पता चल गया कि इस साज़िश की रचियता मेरी मौसी थीं, उनके एकमात्र पुत्र की स्पर्म काउंट निल थी।

अपने पुत्र की कमी छुपाने के लिए उन्होंने पुत्र और पुत्रवधू से मिलकर यह साजिश रची थी ताकि उनके घर में बच्चा आ जाए, भैया भी इसके लिए राजी थे वो नहीं चाहते थे कि उनकी कमी का पता किसी को चले, सोनम जीवन से झटका खाए हुए थी, वो भी एक अच्छी जिन्दगी की चाहत में उनके साथ शामिल हो गई थी।

इन सबने मिल कर मुझे बकरा बनाया और पूरे ऑपरेशन का कोड ऑपरेशन चूत रखा था।

मेरी फोटो डिलीट करने से पहले भाभी ने मोबाइल से भैया को फॉरवर्ड कर दीं थी।

शादी के 3 महीने तक मैं सोनम से उखड़ा रहा और उससे लड़ता रहा लेकिन उसने अपनी व्यवहार कुशुलता से घर अच्छी तरह संभाल लिया।

मम्मी पापा भी उससे खुश रहने लगे।

सोनम की चूत और गाण्ड पर मेरा पूरा कब्ज़ा है, वो मुझे जैसा मैं चाहता था वैसा सेक्स करने देती है, उसने मुझे घर मैं कभी कोई दिक्कत नहीं होने दी जब भी वो कुछ दिन के लिए घर जाती तो मुझे उसकी कमी महसूस होने लगी।

मेरे साथ के कुछ दोस्तों के शादी के बाद सुंदर बीवियाँ होते हुए भी झगड़े अदालत तक पहुँच गए थे।

कुछ शादी के बाद भी अपना लौड़ा अपने हाथों से सहलाते फिर रहे हैं।

यह सब देखकर मैंने भी सोनम को माफ़ कर दिया।

उसके बाद हममें प्यार बढ़ता गया और आज हम आपस में एक अच्छे पति-पत्नी हैं।

URL]


 
Back
Top