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सौतेली माँ से बदला compleet

आते ही, गुलबदन ने मुझे पकड़ा और कहा – अब तो मैं घर आ गई हूँ, चलो ना रूम में… मैंने इतने दिन से अपने आपको, तुम्हारे लिए रोक के रखा है… अब मुझ से बर्दाशत नहीं होता… जल्दी से मुझे चोद के, मेरी चूत की आग को बुझाओ…

मैंने उसे कहा – ठीक है, आज रात को, तुम्हारी ये तमन्ना पूरी कर दूँगा…

ऐसा कह के, मैं वसीम के पास गया और बोला – यार, बहुत दिन हो गये मैं घर नहीं गया… अब तो सब लोग आ गए हैं, इस लिए मैं घर जाना चाहता हूँ…

ये सुनते ही वसीम का चेहरा उतर गया.. !! क्यूंकि, वो नहीं चाहता था के मैं उस से दूर जाऊं.. !! वो मुझ से, अपनी जान से भी ज़्यादा प्यार करता था.. !!

वसीम मेरे लिए पूरी दुनियाँ को छोड़ सकता था.. !! मगर, इस बार वो मुझे कुछ नहीं कह पाया.. !!

मैं जैसे ही घर के लिए निकलने लगा तो एक एक करके सब लोग मेरे पास आए और मुझे रुकने के लिए कहने लगे।

सलमा मेरे पास आई और बोली – विनय, मुझे नीलोफर ने सब कुछ बता दिया है… तुम क्यूँ जा रहे हो, ये भी तो तुम्हारा ही घर है और वसीम तुमसे बहुत प्यार करता है इस लिए वो बहुत दुखी है…

मैं समझ गया के उसको मेरे पास, वसीम ने ही भेजा है।

मैंने कहा – देखो आंटी, अभी मेरा घर जाना ज़रूरी है… इतने दिन हो गये, एक ही शहर में रहते हुए मैं घर नहीं गया…

मेरे मुँह से आंटी सुनते ही, सलमा ने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और कहा – आंटी नहीं, सलमा… तुम्हारा दोस्त, वसीम भी तो मुझे नाम से ही बुलाता है… इस लिए, तुम भी मुझे सलमा कह के बुलाना…

उन सब ने मिलकर मुझे बहुत रोकने की कोशिश की मगर मैं रुका नहीं तो वसीम खुद मुझे गाड़ी में घर तक छोड़ने के लिए आया।

मेरा घर, वसीम के घर से थोड़ा ही दूर था।

घर जाते ही, मुझे भैया ने कहा के पापा ने तुम्हें गाँव बुलाया है… तो, कल सुबह तुम्हें गाँव जाना होगा… एक काम करना, अपने साथ अपनी भाभी और ऋचा को भी ले जाना…

फिर अगले दिन सुबह मैं, भाभी और ऋचा गाँव के लिए निकल गये।

जैसे मैंने पहले बताया था के भाभी के प्रेग्नेंट होने के बाद, मैं ऋचा को चोदा करता था।

भाभी ने मुझे गाड़ी में कहा – देवर जी, इतने दिन तक कहाँ थे… ?? मेरी बहन को बहुत तरसया है, तुमने… अभी इसकी सारी ज़िद, तुम्हें पूरी करनी पड़ेगी… ये तुम्हारा सज़ा है…

मैं भी भाभी की कोई भी बात नहीं टालता हूँ, इस लिए मैंने कहा – भाभी, आपका हुक्म सर आखों पर…

फिर, मैं ऋचा के करीब जा के बैठ गया।

उसने मुझसे बात नहीं की तो मैंने उससे कहा – देखो, अब तुम्हें छोड़ के कभी नहीं जाऊंगा… अब तो मुस्कुरा दो, मेरी जान…

ऐसी ही बहुत सारी बातें करने के बाद, फाइनली ऋचा मान गई। उसने मेरी तरफ देखा और हँसी।

कुछ देर बाद, हम लोग गाँव पहुँच गये।

घर जाते ही, पापा ने ऑर्डर सुना दिया के अब हम लोग भी जा के शहर में रहेंगे… इस लिए, तुझे एक बड़ा सा घर देखना होगा…

पापा की बात सुनकर, मैं खुश हो गया और थोड़ा दुखी भी हुआ क्यूंकि अगर सब लोग वहां रहेंगे तो मे अपनो मनमानी नहीं कर पाउँगा.. !! मगर, क्या करें ये तो सुप्रीम कोर्ट का आदेश था, मानना तो पड़ेगा.. !!

रात को, मैंने ऋचा को अकेले बुला कर अपने कमरे में जम कर चुदाई की.. !! इस काम में, भाभी ने भी हमारी मदद की.. !!

रात को, मैंने उसे 2 बार चोदा।

मेरा तो और भी चोदने का मन था.. !! मगर, ऋचा 2 बार में ही थक गई.. !! इसीलिए, मुझे अपने आप को रोक के चुप चाप सोना पड़ा.. !!

सुबह होते ही, वसीम का फोन आया और उसने मुझे तुरंत आने के लिए कहा।

मैंने उस से कहा के पापा, अभी जाने नहीं देंगे… तो उसने, बोला – मैं जानता था तू यही कहेगा… इसलिए, साले मैंने पहले से ही अंकल से बात कर ली है और उन्होने हाँ भी कह दिया है… इसीलिए, फटाफट तू वहां से आ जा और ये मत कहना के अभी आने के लिए कोई गाड़ी नहीं है क्यूंकि मैंने तेरे लिए गाड़ी भेज दी है… जल्दी से, तैयार हो ज़ा… गाड़ी, पहुँचती होगी…

मैं क्या कहता। बस, फटाफट रेडी हो गया।

मेरे जाने की बात सुनते ही, ऋचा मेरे कमरे में दौड़ के आई और मेरे बाहों मे चिपक गई और रोने लगी।

उसने मुझे, जाने से मना किया।

मैंने भी उस से कहा के कल रात को जब में तुम्हें और चोदना चाहता था तो तुमने मना कर दिया… अब, भुक्तो उसकी सज़ा…

ये सुनते ही उसने कहा – आज के बाद, कभी नहीं मना करूँगी… जब तक तुम चाहो और जैसे चाहो, मुझे चोद सकते हो… मैं नहीं रोकूंगी, तुम्हें… पर मत जाओ, प्लीज़…

फिर मैंने, उसे समझाया – पगली, मैं तो मज़ाक कर रहा था… क्या करूँ, मैं भी जाना नहीं चाहता… मगर, मेरे दोस्त ने बुलाया है और वैसे भी एक बड़ा घर ढूढ़ना है, मुझे… उसके लिए तो, टाइम लगेगा…

इतना कहकर, मैंने उसे किस किया और उसके बूब्स को दबाया।

फिर, गाड़ी आ गई तो मैं जल्दी से निकल गया, शहर के लिए।

 


शहर जाते ही, वसीम के ऑफीस गया और उस से पूछा के क्या हुआ… ?? सब ठीक है, ना… ?? तूने मुझे इतना जल्दी क्यूँ बुलाया… ??

उसने कहा – यार, एक काम के सिलसिले में, आज ही हमें शिमला के लिए निकलना है… तू तो जानता है के मैं तेरे बगेर कहीं भी नहीं जाता तो कैसे तुझे नहीं बुलाता.. !!

मैंने पूछा – और कौन जाएगा, हमारे साथ… ??

तो वसीम ने कहा के, सलमा जाएगी, हमारे साथ…

फिर वसीम ने, शिमला की 3 फ्लाइट की टिकट बुक कीं और हम ऑफीस से घर आ गए।

मुझे देखते ही, सब लोग खुश हो गये.. !! मगर, मेरे जाने की बात सुन के नीलोफर, गुलबदन और गुलनार का चेहरा उतर गया और वो सब भी साथ में चलने की ज़िद करने लगे.. !!

मगर, मैंने किसी तरहा उन तीनों को मना लिया।

जल्द ही, सारी पैकिंग ख़तम करके मैं, वसीम और सलमा एयरपोर्ट के लिए निकल गए।

वहां से हम फ्लाइट से, शिमला पहुँच गये।

वसीम ने, पहले से ही होटल बुक करके रखा था तो होटल की गाड़ी एयरपोर्ट के बाहर, हमारा इंतज़ार कर रही थी।

हम लोग, वहां से निकल के होटल में आ गए।

वसीम ने, 2 कमरे बुक किए थे.. !! एक मेरे लिए और एक सलमा और अपने लिए.. !!

होटल पहुँचते ही, वसीम अपने क्लाइंट के साथ बिज़ी हो गया।

मैं अपने कमरे में अकेला था तो सलमा मेरे कमरे में आई।

मैंने पूछा – क्या हुआ… ??

उसने बताया के वो अकेली कमरे में बोर हो रही थी।

मैंने आपको, पहली स्टोरी में सलमा के बारे में बताया था…

सलमा, दो जवान लड़कियों की माँ होने के बाबजूद बहुत ही “सेक्सी लेडी” है.. !!

उसके बूब्स बहुत बड़े बड़े थे और उसकी गाण्ड तो मानो, लण्ड को पुकार रही हो उसमें घुसने के लिए.. !!

इस उम्र में भी, सलमा का बदन काफ़ी टाइट था.. !! रंग गोरा और ज़्यादा मोटी नहीं थी, वो.. !!

उसे देख कर, किसी भी बूढ़े का सोया हुआ लण्ड खड़ा होकर वीर्य की पिचकारी मारने लगेगा.. !!

मैंने पहले भी सलमा की चूत, बूब्स और गाण्ड देखी है.. !! जब, वसीम ने उसे ज़बरदस्ती चोद चोद के फाड़ दिया था.. !!

सलमा, मेरे पास आकर मेरे साइड में लेट गई और टीवी देखने लगी।

हम दोनों में ढेर सारी बातें होने लगी।

उसने मुझे बताया के कैसे वसीम के पिताजी ने उसे पहली बार फार्महाउस में चोद के, उसकी चूत की सील तोड़ी थी और उसकी गाण्ड फाडी थी.. !!

उसने बताया के उस वक़्त वो, ऐसी चुदाई से बेहोश हो गई थी क्यूंकि उसकी चूत से बहुत सारा खून निकल गया था.. !! गाण्ड भी, सूज गई थी.. !!

ऐसी सेक्सी बातें करते करते, हम दोनों गरम होने लगे।

मेरा तो लण्ड पैंट के अंदर से ही, हिचकोले खाने लगा.. !!

सलमा ने मुझसे कहा के वसीम ने मुझे बताया है की तुम बहुत अच्छी तरहा से और देर तक चोदते हो…

मैंने कहा – वो तो अपने अपने और उस वक़्त के स्टेमना पर निर्भर करता है…

फिर सलमा और मैं, एक दूसरे के और पास आ गए.. !! .. !!

मैंने जानबूझ कर, उसके हाथ के ऊपर अपना हाथ रख दिया।

उसने फट से मेरे हाथ को अपनी जाँघ के ऊपर रख दिया और मेरे पैंट के ऊपर हाथ रख के दबाने लगी।

मैं भी बिना पीछे हटे, उसकी जाँघ को सहलाने लगा।

उस वक़्त, सलमा ने एक काली रंग की साड़ी पहनी थी।

फिर, मैंने उसके मुँह पकड़ा और लिप्स को किस करने लगा.. !!

सलमा ने भी अपनी जीभ निकाल के, मेरे मुँह में डाल दी।

मैंने उसकी ज़ुबान को मुँह में ले कर, चूसना शुरू कर दिया.. !!

धीरे धीरे, उसके मुँह से गरम साँसे निकलने लगीं।

मैंने सलमा के साड़ी के पलू को थोड़ा नीचे सरका दिया तो उसके दोनों बड़े बड़े बूब्स ब्लाउज के ऊपर से ही, साफ दिखाई देने लगे।

उसे देख कर, मैं अपने आपको रोका नहीं सका और ऊपर से ही उसकी चुचियों को मसलने लगा.. !!

सलमा, सेक्स के मामले में एक्सपर्ट थी।

उसने फ़ौरन, मेरी टी-शर्ट को उतार दिया और मैंने भी उसके ऊपर के सारे कपड़े उतार फेंकें तो उसकी दोनों चुचियाँ आज़ाद हो गईं.. !!

क्या मस्त बूब्स थे, साली के।

कोई भी देख कर, पागल हो सकता है.. !!

अब मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसकी चुचियों को चूसने लगा।

पहले से ही, उसके निप्पल कड़क हो गये थे.. !!

बारी बारी से, मैंने उसके दोनों बूब्स को चूसा।

सलमा, नीचे से मेरे लण्ड को पैंट के ऊपर से ही दबा रही थी.. !!

औरतों को चोदने का एक बड़ा फ्यादा होता है.. !! क्यूंकि, वो पहले से ही चुदाई के मामले में एक्सपर्ट होती हैं.. !! वो, जानती हैं के कैसे मर्द को खुश किया जाए.. !!

फिर, सलमा ने मेरे पैंट को खोल दिया।

अब मैं, सिर्फ़ चड्डी में था.. !!

मैंने भी उसकी साड़ी और पेटीकोट को निकाल फेका।

अब वो मेरे सामने, सिर्फ़ छोटी सी पैंटी में थी.. !!

 
उसे इस हालत में देख कर कोई नहीं कह सकता था के वो, दो बड़ी जवान लड़कियों की माँ है।

अभी भी साली, 20-22 साल की लौंडिया दिख रही थी।

वो ज़्यादा मोटी नहीं थी.. !! उसका पेट एकदम सपाट था.. !! गोल-गोल नाभि, लिए हुए.. !!

अब, हम दोनों के जिस्म में पैंटी और चड्डी ही थी.. !!

अब मैंने उसके बूब्स को चूसते चूसते, एक हाथ उसकी चूत में डाला तो पैंटी बिल्कुल गीली हो चुकी थी।

मैंने पहले ही बताया है के इन चारों (सलमा, नीलोफर, गुलबदन और गुलनार) में एक बात समान है की इनकी चूत से बहुत पानी निकलता है.. !!

मैंने जब पैंटी के अंदर हाथ डाला तो देखा के उसकी चूत बहुत गरम थी।

फिर, मैंने उसकी पैंटी को भी उतार दिया।

सलमा, अभी भी अपनी चूत के बालों को शेविंग करती है.. !! इसलिए, उसकी चूत एकदम साफ थी.. !!

साली की चूत क्या फूली हुई थी.. !! देखते ही, मुँह से लार टपकने लगी.. !!

मैंने एक अजीब चीज़ देखी के सलमा की चूत का जो दाना (क्लाइटॉरिस) था, वो लंबा और मोटा था।

जैसे ही, मैंने उसको हाथ लगाया वो अपने आप हिलने लगा।

जब मैंने सलमा को इसके बारे में पूछा तो उसने बताया जब वो ज़्यादा गरम हो जाती है, चूत से पानी निकलने लगता है तो ये हिलने लगता है…

मैं उसे हाथ में लेकर मसलने लगा तो सलमा के मुँह से – अहह स्स्स्स्स् स्सस्स य आ आ आ आअ म्म मम म म म म म म म म महह हह हहह हहह हहह ह… जैसी सेक्सी आवाज़ें, निकलने लगीं।

अब वो मेरे पैंट को निकाल के, लण्ड को पकड़ के हिलाने लगी.. !!

लण्ड हाथ में लेते ही, सलमा ने कहा – वसीम का लंबा है… मगर, तुम्हारा तो बहुत मोटा है… इसे चूत में लेने में, बड़ा मज़ा आएगा…

मैंने उसकी चूत का मुँह को खोला और उसमें उंगली रगड़ने लगा।

जब मैं सलमा की चूत को उंगली से चोद रहा था, मेरा हाथ चूत में ऐसा चल रहा था जैसे मखन में चाकू चल रहा हो.. !! क्यूंकि, सलमा की चूत से जो पानी निकल रहा था वो बहुत गाड़ा और फिसलन वाला था.. !!

फिर मैं चूत के दाने को मुँह में ले के, चूसने और काटने लगा।

मेरी इस हरकत से, सलमा चिल्लाने लगी – अहह उंह उम्ह्ह्ह म्म्म्महह… तुम्हारी ज़ुबान तो वाइब्रटर से भी तेज़ चलती है… उम्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… ओह, क्या लग रहा है एह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… ऐसा कहते कहते, वो छटपटाने लगी.. !!

मैं और ज़ोर से चूसने और उंगली से चोदने लगा।

ऐसा करने से चूत से पानी का फावरा फूट पड़ा.. !!

सलमा, दोनों जांघों से मेरे सिर को दबाने लगी और हाथ से सिर को सहलाते सहलाते, चूत में दबाने लगी।

मैं और तेज़ी से आवाज़ निकाल के चूसने लगा तो सलमा बैठ गई और मेरे सिर को वहां से निकाल के मुझसे चिपक गई।

मैं उसके होंठों को किस करने लगा.. !!

सलमा ने मेरे कान को काट लिया और कहने लगी – नीलोफर, सही कह रही थी… तुम सब से अलग हो और तुम्हारे चुदाई का तरीका, ख़तरनाक है… मैं तो अभी से पागल होने लगी हूँ… इस तरहा तो कभी वसीम ने क्या, उसके पिता ने भी मुझे नहीं चोदा है… कहाँ थे, इतने दिनों तक तुम… मुझे पहला पता होता तो तुम से रोज़ चुदवाती…

अब, मैं उसके होंठों को काटने लगा।

फिर, सलमा ने मुझे लेटा दिया और मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी.. !!

मैंने मदहोशी में कह दिया – एक बात कहना चाहता हूँ… … आप के घर की चारों लड़कियाँ, लण्ड चूसने में एक्सपर्ट हैं.. !!

मेरा लण्ड मोटा है, इसलिए पहले पहले पूरा मुँह के अंदर लेते ही उसकी सांस फूल जाती थी तो वो रुक रुक के चूस रही थी।

मैंने उससे कहा के वो सिर्फ़ मेरे लण्ड के सूपाडे को चूसे.. !! मगर, उसने कोशिश कर कर के पूरा का पूरा लण्ड, मुँह के अंदर डाल लिया और चूसने लगी.. !!

जिससे, मुझे और मज़ा आने लगा।

मैंने उस से कहा के अपनी चूत को मेरे मुँह की तरफ रखे तो वो घूम गई।

फिर, मैंने उसकी चूत में से थोड़ा पानी लेकर उसकी गाण्ड के छेद में लगा दिया। साली की गाण्ड, क्या मस्त है।

फिर, मैंने उसकी गाण्ड मे उंगली घुसाई और एक साथ चूत और गाण्ड दोनों को उंगली से चोदने लगा.. !!

बीच बीच में, मैं उसके चूत के दाने को चूसता.. !! जिस से, सलमा तिलमिला उठती.. !!

कुछ देर बाद, सलमा ने कहा – अब मुझ से, संभाला नहीं जाता… जल्दी से, लण्ड को मेरे चूत में घुसा के मुझे चोदो… वरना, मैं पागल हो जाउंगी…

मैंने उसे, अपने लण्ड के ऊपर बैठने को कहा तो वो मेरे लण्ड पर धीरे से बैठ ही रही थी के मैंने नीचे से एक ज़ोर का झटका मारा और पूरा का पूरा लण्ड उसकी फ़ुद्दी में घुसा दिया.. !!

सलमा, अभी इसके लिए तैयार नहीं थी तो वो चीख पड़ी और उसके आँखों से आँसू निकल गये।

वो, मुझसे लिपट गई।

मुझे ऐसे ही लड़कियों को बिना चेतावनी दिए, चोदने में मज़ा आता है.. !!

फिर मैंने उसकी कमर को पकड़ा और रुका नहीं, दनादन पेलने लगा।

चोदते चोदते, मैंने उसकी मुँह में जीभ को डाल दिया तो वो चूसने लगी।

मैं उसकी गाण्ड के दोनों चुत्तडों को दबा रहा था और दना दन चांटे मार रहा था।

ऐसे ही कुछ देर चोदने के बाद, मैंने उसे गोद में उठा लिया और खड़े होकर चोदने लगा.. !!

सलमा, बिल्कुल मुझसे चिपकी हुई थी।

फिर, मैंने उसे पीठ के बल बेड पर लिटा दिया और उसकी चूत को बेड से थोड़ा बाहर निकाला और नीचे खड़े होकर दोनों पैरों को उपर उठा के हाथ में पकड़ के लण्ड को चूत में डाल दिया.. !!

ऐसे ही, मैंने उसे चोदना स्टार्ट किया।

इस पोज़िशन में लण्ड एकदम सीधा अंदर तक जाता है और तेज़ी से चुदाई करने में आसानी होती है।

मैं चोदते चोदते, लण्ड को पूरा बाहर निकाल के ज़ोर से अंदर घुसा रहा था.. !!

सलमा झड़ती जा रही थी और चूत से सारा पानी निकल के फर्श पर गिर रहा था।

लगातार 20 से 25 मिनट तक, मैं उसे ऐसे ही चोदता रहा.. !!

फिर, सलमा ने कहा के अब ऐसे सहन नहीं हो रहा है… चूत के अंदर, दर्द होने लगा है…

तो, मैंने उसे उसी पोज़िशन में उल्टा घोड़ी बनाया और गाण्ड में थूक लगा के लंड को पेल दिया।

इस तरहा चोदते चोदते, मैं उसकी दोनों चुचियों को भी मसल रहा था और गाण्ड में थप्पड़ मार रहा था.. !!

मैंने उस से पूछा के वो मेरे वीर्य को कहाँ लेना चाहेगी… चूत में या गाण्ड में…

 


कुछ देर बाद, मैं सलमा को बेड में सीधा लिटा के उसके सीने पर बैठ गया और लण्ड को, उसके मुँह में डाल के चुसवाने लगा।

फिर, मैं उसकी चूत में लण्ड को घुसा कर, चोदने लगा.. !!

मैंने उसकी चुचियों को चूस चूस के लाल कर दिया.. !!

मुँह में उंगली डाल देने से, वो उसे भी चूसने लगती थी।

उसके मुँह से – आह आ आ आअ… उई मा… आ आ आ आ आ आआ अ चोद ई ईई हूऊऊऊ ओ मम्म्म मममम… की आवाज़ निकल रही थी।

सारे कमरे में, सेक्सी आवाज़ें गूँज रही थीं.. !!

उसकी चूत से भी “फ़च फ़च” का साउंड निकल रहा था।

मैं उसकी आँखों में आँखें डाल के, चोद रहा था।

फिर 15-20 मिनट के बाद, मेरा माल निकलने लगा.. !!

जैसे ही वीर्य की एक बूँद उसकी चूत के अंदर गिरी तो उसने मुझे कस के पकड़ लिया और चिल्लाने लगी – आाहूऊऊऊ आ आ आहह… ऐसा लग रहा है, किसी ने चूत के अंदर गरम एसिड डाल दिया हो…

मैं ज़ोर के झटके मार मार के झड़ रहा था।

मैंने सारा का सारा वीर्य, सलमा की चूत में डाल दिया और जब तक लण्ड से आखरी बूँद गिरना नहीं ख़तम हुई, तब तक उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ा हुआ था.. !!

मैं भी, उसे पकड़ के झड़ रहा था.. !!

फिर मेरा लण्ड सिकुड़ने तक, मैं उसके ऊपर लेटा रहा।

10-15 मिनट बाद, मैंने उसकी चूत से लण्ड को निकाला तो फक की आवाज़ के साथ, ढेर सारा वीर्य और पानी निकलने लगा…

मैं उसकी साइड में लेट गया।

सलमा, मेरे सिने में सिर रख कर मुझसे चिपक के लेटी रही।

कुछ देर बाद, उसने कहा – मैंने वसीम के पिता, वसीम और सुहाग रात के दिन एक बार अपने पति से चुदवाया है… मगर, किसी ने भी मुझे ऐसे नहीं चोदा… तुमने तो मेरी चूत और गाण्ड की धज़ियाँ उड़ा के रख दी… दोनों ही, बहुत दर्द कर रहे हैं… उस रात, जब वसीम ने मुझे ज़बरदस्ती चोदा था तब ऐसा ही दर्द हुआ था… (मेरे सिने पर, किस करते करते) तुम तो चोदने में एक्सपर्ट हो… किसी की भी, जान निकाल दोगे… मैं सोच रही हूँ, अगर दो ज़बान लड़कियों की माँ होते हुए मेरी ये हालत है तो जब तुमने गुलनार को चोदा तो उसकी क्या हालत हुई होगी… उसकी तो सील भी नहीं टूटी थी… वो तो बेहोश हो गई होगी…

मैंने कहा – जानेमन, तुम अपनी बेटी को कम मत समझना… वो, तुमसे भी बड़ी खिलाड़ी है… चुदाई से पहले ही, उसने पेन किल्लर खा रखी थी… मगर, एक बात है तुम सब एक जैसे हो, जिसे चोदने के लिए कोई भी पागल हो जाएगा… और तुम तो अभी भी, 16 साल की लड़की की तरह ही चुदवाती हो…

ये सुनते ही सलमा ने मेरे चेहरे को किस किया और कहने लगी – मुझसे वादा करो के रोज़ दिन में कम से कम, एक बार तुम मुझे चोदा करोगे… क्यूंकि, तुम्हारा एक बार चोदना पाँच बार चोदने के समान है… अभी तो, इस एक बार में ही मैं थक गई हूँ… वसीम भी मुझे रोज़ चोदता है… मगर, वो ज़्यादा देर तक चूत नहीं चाटता है और ना ही अलग अलग पोज़िशन में चोदता है… वो तो, 10-15 मिनट में ही झड़ जाता है…

मैंने कहा – अगर, तुम सभी को मैं रोज़ दिन रात चोदने लगा तो मेरी भी हालत वसीम की तरहा हो जाएगी और मेरी जान निकल जाएगी… इसीलिए, सलमा रोज़ तो नहीं मगर हफ्ते में 3-4 बार तुम्हें ज़रूर चोदूंगा… क्यूंकि, मुझे भी तुम्हें चोदने में बहुत मज़ा आया… अब चलो, फ्रेश हो जाओ… वसीम आता होगा, मीटिंग ख़तम करके… उसके आने से पहले से ही, हम दोनों रेडी हो जाते है और फिर एक साथ खाना खाएँगे.. !!

मैंने सलमा को किस किया और बाथरूम में जा के फ्रेश हो के आ गया।

उसके बाद, सलमा भी अपने कमरे में जा के साड़ी चेंज करके आ गई.. !!

फिर, हम दोनों टीवी देखते देखते वसीम का इंतज़ार करने लगे।

सलमा, मेरी बाहों में सिर रख कर टीवी देख रही थी।

मैं उसकी उंगलियों में अपनी उंगलियों को क्रॉस करके, हाथ को चूम रहा था।

सलमा ने कहा – आज रात, मैं तुम्हारे कमरे में रहूंगी और पूरी रात तुमसे चुदवाउंगी…

मैंने कहा – अगर, रात भर मैं तुम्हें चोदूंगा तो वसीम क्या करेगा… उसे भी तो चोदना है, तुम्हें… इसीलिए, तो बाकी सबको छोड़ के तुम्हें साथ लाया है…

ऐसे, बात करते करते पता ही नहीं चला के कब वसीम कमरे में आ गया है।

उसने आते ही, हमें इस पोज़ में देख कर ताली बजाई.. !!

उसकी ताली की आवाज़ सुन के, हम दोनों चौंक गये।

फिर वसीम ने कहा – वाह यार, मज़ा आ गया… तुम दोनों, ऐसे बहुत मस्त लग रहे हो… बिल्कुल, पति पत्नी के जैसे दिख रहे हो… ऐसा लग रहा है के जैसे नया शादी शुदा जोड़ा, हनीमून पर आया हो और रोमांस में लगा हो… मैं खामखा कबाब में हड्डी बन गया… तो सलमा, अभी तक सिर्फ़ बातें ही हो रही हैं या मेरे दोस्त के लण्ड का मज़ा भी लिया… नहीं लिया है, तो ले लो… तभी, तुम्हें पता चलेगा के असली चुदाई क्या होती है… क्यूँ बे साले, चोदा के नहीं अभी तक…

मेरे बोलने से पहले ही सलमा बोल पड़ी – सही कह रहे हो, वसीम… अभी 10-15 मिनट ही हुए हैं, हमें चुदाई ख़तम किए हुए… विनय तो चोदने में माहिर है… इसने मेरी चूत और गाण्ड की धज्जियां, उड़ा के रख दी हैं… पूरे एक घंटे से ज़्यादा देर तक चोदा है और मेरी जान निकाल दी… पता नहीं, ये इतने देर तक कैसे चोद लेता है… मगर, मुझे बड़ा मज़ा आया…

फिर, मैंने बीच में सलमा को रोक कर कहा – यार, आज क्या ऐसे ही बातें करके पेट भरना है… बहुत ज़ोरो की भूख लगी है और तुम भी तो भूखे हो… इसीलिए, पहले कुछ खाने को ऑर्डर करो… फिर, बाद में दोनों मिलकर मेरी जितनी तारीफ़ करना है, कर लेना… उस के लिए पूरी रात पड़ी है…

ये सुनते ही, वसीम ने कहा – सही कह रहा है, साले… भूख तो लगी होगी क्यूंकि इतनी मेहनत से सलमा को जो चोदा है… सलमा, तुम्हें जो कुछ भी पसंद है जल्दी से हम सब के लिए ऑर्डर कर दो… तब तक, मैं थोड़ा फ्रेश हो लेता हूँ…

इतना कहने के बाद, वसीम मेरे ही कमरे में फ्रेश होने के लिए बाथरूम में जाने लगा।

तो मैंने कहा – यार, तूने फालतू में दो कमरे बुक किए… हम तीनों तो, एक ही कमरे में रह जाएँगे…

वसीम ने कहा – अगर मुझे पता होता के तुझे यहाँ आकर सलमा के साथ चुदाई करने में कोई प्राब्लम नहीं है तो मैं एक ही कमरा बुक करता… मगर, तू तो साले पहले बड़े नखरे करता था और सलमा से बात करने में भी हिचकिचाता था… इसलिए, मैंने 2 कमरे बुक किए… चल अब जो होना था, हो गया… मैं नाह के आता हूँ…

फिर, सलमा ने खाने का ऑर्डर दिया।

 
हम तीनों बैठ के खाना खाने के बाद, बातें करने लगे.. !!

वसीम को ड्रिंक् करने की आदत थी.. !! इसीलिए, उसने अपने लिए वाइन बुलवाई और हमारे सामने पीने लगा.. !!

मैं आप लोगों को एक बात बताना चाहता हूँ, जब वसीम के पिताजी ज़िंदा थे तब हम दोनों ने, कई लड़कियों को एक साथ चोदा है।

ड्रिंक करते करते, वसीम ने कहा – यार, आज वो पुराने दिन याद आ गये जब मैं और तू एक साथ मिलकर लड़कियों को चोदा करते थे… बहुत मज़ा आता था… चल ना, आज फिर से उन पुराने दिनों को याद करते हैं…

ये सुनकर, सलमा दंग रह गई और हम दोनों को आँखें फाड़ फाड़ कर देखने लगी।

तो, मैंने उस से कहा – यार, क्या देख रही हो… ये सच है… हम दोनों ने, बहुत सारी लड़कियों को एक साथ चोदा है… क्या तुम इसके लिए तैयार हो या डर लग रहा है… ??

सलमा ने कहा – डर कैसा… ?? हाँ, पहले कभी एक साथ दो लण्ड से नहीं चुदवाया… मगर, चलो आज इसका भी मज़ा उठाते हैं…

फिर, मैंने वसीम को और पीने से मना कर दिया।

सलमा बाथरूम में जाकर, कपड़े बदल के आ गई और बेड पर लेट गई।

हम दोनों, उसके दोनों साइड में लेट गये.. !!

सलमा ने बारी बारी से, हम दोनों को किस करना शुरू कर दिया और हम लोग उसकी चूचियों को ऊपर से दबा रहे थे।

मैं उसके एक बूब्स को ऊपर से, मुँह से काटने लगा।

वसीम उसके लिप्स पर किस कर रहा था।

सलमा, अपने दोनों हाथों से हमारे लण्ड को ऊपर से सहला रही थी।

फिर धीरे से, मैंने उसकी मैक्सी का ऊपर बेल बॉटम खोल दिया तो उसकी दोनों बड़ी बड़ी चूचीयाँ आज़ाद हो गईं।

मैंने एक एक करके, चूचियों को चूसना और ज़ोर ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया।

मैं जब उसके निप्पल को काटता था तो उसके मुँह से अहह… ओह… की आवाज़ निकलती थी।

जिस से, हम दोनों के अंदर करेंट दौड़ जाता था.. !!

कुछ देर बाद, वसीम ने सलमा की जिस्म से मैक्सी को पूरा निकल दिया और उसे पूरा नंगा कर दिया…

हमने उसे उसे बीच में लिटा दिया.. !!

मैं उसके बूब्स को चूस रहा था तो वसीम उसके नाभि को चाटने लगा।

अब तक, सलमा का बदन गरम होने लगा.. !!

उसके मुँह से, सिस्कारियां निकलने लगीं।

सलमा, अपनी बेटियाँ और बहन से बहुत ज़्यादा हॉट और सेक्सी है।

अगर, किसी ने उसके बदन को हाथ भी लगाया तो उसकी चूत गीली हो जाती है और यहाँ तो हम दो हैं, जो उसके सारे जिस्म के हिस्सों (बूब्स, चूत, गाण्ड) को मसल रहे हैं… …

इस वक़्त तो वो बेचारी, होश में भी नहीं है…

फिर, सलमा ने हम दोनों को भी नंगा कर दिया।

मैं उसकी ज़ुबान को चाट रहा था।

वो, हम दोनों के लण्ड पकड़ के हिलाने लगी और मूठ मारने लगी थी।

फिर, हम दोनों एक साथ उसकी चूत पर टूट पड़े.. !! .. !!

पहले तो मैं, उसके चूत के दाने को चूस रहा था और वसीम उसकी चूत का मुँह खोल के चाट रहा था।

हमारी इस हरकत से, सलमा के अंदर एक करेंट सा दौड़ने लगा।

वो, एक जगह आराम से टिक भी नहीं पा रही थी.. !! अपनी गाण्ड को, हिला हिला के ऊपर नीचे कर रही थी.. !!

मगर, हम भी महा चुड़क्कड़ थे.. !! बिना रुके, उसने चूत की धज़ियाँ उड़ाने में लगे थे.. !!

उसके मुँह से – अहह… इतना मज़ा तो कभी नहीं आय्आ आ आ आ अहह… आज मुझे दो लंड से चोद चोद के, जन्नत की सैर करवा दो… अहह… ऐसा लग रहा है के आज मेरी चूत और गाण्ड को फाड़ के रहोगे तुम दोनूऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ… अ आआ आअ ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह…

मैंने कहा – मेरी जान, आज तो हम तुम्हें ऐसे चोदगें के तुम्हारी सात जन्मो की प्यास बुझ जाएगी और तुम जिंदगी भर, इस चुदाई को भूल नहीं पाओगी…

ये कहते कहते, हम दोनों ने एक साथ उसकी चूत में उंगली डाल दी और तेज़ी से चोदने लगे.. !!

 
सलमा का बदन सिहर उठा और वो हम दोनों के लण्ड को ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी।

उसने कहा – अब रुका नहीं जाता… जल्दी से, लण्ड को मेरी चूत में डालो… नहीं तो, मैं तुम दोनों के लण्ड को उखाड़ दूँगी…

फिर, हम दोनों उठ कर बेड पर लेट गये.. !!

सलमा बारी बारी करके, हम दोनों के लण्ड को चूसने लगी।

उस टाइम हमारा लण्ड लोहे का रोड बन गया था और अपने आप को कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था।

लण्ड चुसवाने के बाद, मैं उठ खड़ा हुआ।

वसीम बेड के किनारे लेट गया.. !! जिससे, उसका पैर ज़मीन को छू रहा था.. !!

मैंने सलमा को, वसीम के लण्ड के ऊपर बिठा दिया। जिस से, उसकी गाण्ड में वसीम का लण्ड पूरा घुस जाए।

इतने में ही, सलमा चीख पड़ी।

अहह… आ आआ आ आआ आ आआ आ आआ आ आआ आ आअह्ह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… ये तो, मेरे पेट तक घुस गया…

ओह म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्…

मैंने कहा – रानी, ये तो ट्रेलर था… पिक्चर तो अभी बाकी है… अभी से, घबराने लगी तो आगे क्या होगा… अभी मैंने अपना डंडा नहीं घुसाया, तुम्हारे इस प्यारी सी गीली चूत में… कुछ देर पहले ही चिल्ला रही थीं… जल्दी चोदो… अब रहा नहीं जाता… अब तैयार हो जाओ, एक साथ दो लण्ड अपने दोनों छेद में लेने के लिए…

इतना कहने के बाद, मैंने सलमा के पैरों को थोड़ा फैलाया और लण्ड को हाथ में पकड़ के तेज़ झटके के साथ, एक ही बार में फ़ुद्दी को चीरते हुए घुसा दिया…

सलमा फिर से चीख पड़ी – उई माँ आआ आ आआ… आअ म आ आ अ रर्रर गा आ आ ई यई ई ई ई ईई ईई ई ईई ई मईईई री ई ई ईई ई ईई ई ईई ई ई… ऊ ऊ ऊ ऊ… चूत त्त्त्त्त् त्त्त्त्त् त्त्त्त्त् त्त्त्त्त् त्त्त्त्त् त्त्त्त्त् त्त्त्त्त् त्त्त्त्त् त्त्त फट गा इि ई ई ई ई ई ई ई ई ई… ज़रा धीरे… बहुत, दर्द हो रहा है…

मगर हम कहाँ मानने वाले थे.. !! .. !!

मैंने वसीम से कहा – चल यार, शुरू हो ज़ा… आज दिखा देते हैं, इस साली को के चुदवाना किसे कहते हैं… इसके अंदर बहुत गरमी है, ना… आज, सारी गरमी निकाल देंगे…

ये सुनते ही, हम दोनों ने एक साथ चोदना शुरू कर दिया।

मैंने सलमा के दोनों पैरों को पकड़ा और दनादन चूत चोदने लगा…

मेरे साथ साथ, वसीम भी नीचे से उसी स्पीड से गाण्ड में अपना लण्ड भरता गया।

बेड पर जो गद्दा पड़ा था, वो बहुत मोटा और मुलायम स्प्रिंग जैसा था।

इसीलिए, वसीम को आसानी से तेज़ तेज चोदने में कोई दिक्कत नहीं हो रही थी।

हम दोनों भेड़िए की तरहा, सलमा के ऊपर टूट पड़े और बिना रुके उसकी गाण्ड और चूत की धज़ियाँ उड़ाने लगे.. !!

हमारे चोदने की स्पीड इतनी थी के सलमा की मुँह से चीख और आखों से आँसू निकल रहे थे।

उस वक़्त मानो, सलमा के दोनों छेद पर बिजली गिर पड़ी थी.. !!

मैं अपने लण्ड को पूरा बाहर खींच के ज़ोर के झटके के साथ, अंदर घुसाने में लगा था।

वसीम, उसकी दोनों चूचियों को पकड़ के ज़ोर ज़ोर से गाण्ड को चोद रहा था।

सलमा चिल्ला चिल्ला के कह रही थी – अह ह ष्हस्स्स्स्स स्स… ओह, बहुत दर्द हो रहा है ई ई ई… ज़रा आ आ आ आ आ धीरे ई ई ई ई…

मैं उसके मुँह को किस कर रहा था और जीभ को चूस रहा था.. !! जिस से, उसकी आवाज़ बाहर तक सुनाई ना दे क्यूंकि वो बहुत जोर से चिल्ला रही थी.. !!

करीब 8-10 मिनट तक, हम दोनों ने सलमा को इसी तरहा चोदा…

फिर हम रुके और उसे बेड पर लिटा दिया और उसकी दोनों चूचियों को चूसने लगे…

साथ ही साथ, हम दोनों उसकी चूत को रगड़ रहे थे.. !! ताकि, वो और ज़्यादा गरम हो जाए और उसका दर्द थोड़ा कम हो ज़ाये तो हम उसे फिर से चोद सकें.. !!

वसीम, उसके लिप्स को भी चूस रहा था।

सलमा ने कहा – पता नहीं, आज मैं ज़िंदा रहूंगी या नहीं… मेरा तो पूरा बदन दर्द से कांप रहा है… पता नहीं, तुमने जिन जिन लड़कियों को ऐसे चोदा है उन सब की क्या हालत हुई होगी… क्यूंकि, मैं तो जवान लड़कियों की माँ हूँ और पिछले 20-22 सालों से चुदवा रही हूँ और मेरी ये हालत है तो उनका क्या हुआ होगा… तुम दोनों तो ऐसे चोद रहे हो, जैसे कोई ड्रिल मशीन दीवार में छेद करती है… आज से पहले मैंने वसीम का ये रूप कभी नहीं देखा था… शायद, तुम साथ हो इस लिए ये आज ऐसे चोद रहा है… मैं तो कभी कभी दिन में 2-3 बार तक इस से चुदवाती हूँ, मगर तब ये आराम से चोदता है… लेकिन, आज तो मानो इसके अंदर तुम्हारा भूत घुस गया है, विनय… कुछ देर पहले, जब तुमने मुझे अकेले चोदा था तो ऐसे ही लगा था मुझे, उस वक़्त… मगर, अभी तो एसा लग रहा है के जैसे दो विनय मुझे चोद रहे हैं…

 
सलमा ये सब कह रही थी। मगर, हम दोनों उसकी चूत और बूब्स को चूसने सहलाने में लगे थे।

इस बीच, मैंने सलमा के मुँह में अपना लण्ड घुसेड दिया और वो उसे चूसने लगी.. !!

वसीम, उसकी चूत को चाट रहा था।

इधर, मैं चुसवाते चुसवाते उसकी चूचियों को मसल रहा था।

फिर 10-12 मिनट के बाद, मैं बेड पर लेट गया और सलमा की चूत में अपने लण्ड को डाल के उसको अपने ऊपर बिठा दिया।

उसका मुँह मेरी तरफ था और उसने मुझे कस के पकड़ रखा था।

फिर, वसीम ने उसकी गाण्ड में अपना डंडा घुसा दिया और हम दोनों मिलकर चोदने लगे।

चुदवाते चुदवाते, सलमा चिल्ला रही थी।

मैं नीचे से उसे चोद रहा था और उसकी चूचियों को चूस रहा था.. !! उसकी जीभ को चाट रहा था.. !!

वसीम ने उसके बाल को पकड़ रखा था और ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था।

उस वक़्त सलमा का चेहरा देखने लायक था.. !! पूरा लाल हो गया था.. !!

हमने जितना हो सके अपनी स्पीड बढ़ा दी तो सलमा के मुँह से – ओह… अहह… आ आ आ आहह… यह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हह्ह्ह माआ आ आ आ आ आ की आवाज़ निकल रही थी…

बीच बीच में वसीम उठ कर, सलमा से अपना लण्ड चूसवाता था और फिर चोदता था।

ऐसा उसने, 4-5 बार किया।

चुदाई के टाइम, सलमा की चूत से बहुत पानी निकल रहा था। जिस से, मेरी कमर और बिस्तर गीला हो गया था।

वो, बार बार झड़ रही थी…

फिर, 5-8 मिनट बाद वसीम झड़ गया और उसने सारा का सारा वीर्य उसकी गाण्ड में भर दिया।

झड़ते वक़्त, वसीम ज़ोर ज़ोर से धक्का मार रहा था, सलमा की गाण्ड में.. !! जिस से, सलमा को बहुत दर्द हो रहा था और वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी.. !!

उसके बाद, वसीम हमारे साइड में लेट गया।

मैंने सलमा को बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी दोनों टाँगों को फेला कर चूत में लण्ड डाल के चोदने लगा क्यूंकि अभी तक मेरा निकला नहीं था।

सलमा की आँखें बंद हो गई थीं।

फिर, मैंने उसे साइड हो के लेटने को कहा और मैं उसके पीछे लेट गया।

उसकी एक टाँग को मैंने ऊपर उठाया और अपना लण्ड उसके चूत में घुसा कर तेज़ी से चोदने लगा…

चोदते चोदते, मैं उसके चूत के दाने को रगड़ देता.. !! जिस से, वो तिलमिला उठती थी.. !!

मैं उसकी चूत को थपथपा रहा था और पीछे से चोद रहा था।

कुछ देर बाद, मैं भी झड़ने वाला था तो मैं उसके एक बूब्स को पकड़ के और ज़ोर से चोदने लगा.. !!

वो चीख चीख कर, कह रही थी – उई माआ आ आ आ… अ ष्हस्स्स्स्स स्स… मेरा तो सब कुछ फाड़ के रख दिया और सहन नहीं होता…

फिर, मैंने उसे कहा के जान, मैं झड़ रहा हूँ… तो कुछ ही देर में, वो भी मेरे साथ फिर से झड़ गई.. !!

मैं झड़ते टाइम, उसके बूब्स को कस के दबा रहा था और कान काट रहा था.. !! क्यूंकि, इतनी देर तक चुदाई कर कर के मैं भी थक गया था।

हम दोनों ही, चिल्ला चिल्ला के झड़ रहे थे।

मैं आखरी बूँद निकालने तक उसकी चूत में लण्ड को पेल रहा था।

झड़ने के बाद, मैं भी सलमा के बगल में लेट गया।

इतनी ख़तरनाक और लंबी चुदाई से, सलमा लगभग बेहोश हो गई थी…

हम तीनों ही, आँखें बंद करके पड़े हुए थे.. !!

कुछ 15-17 मिनट के बाद, सलमा उठी पानी पीने के लिए तो हमने देखा के वो ठीक से चल नहीं पा रही थी।

वसीम ने उसे कहा के तुम बैठो, मैं तुम्हें पानी देता हूँ…

 


फिर, हम तीनों बहुत देर तक यूँही लेटे रहे.. !!

मैं और वसीम, उसके दोनों बूब्स को सहला रहे थे।

वो, हमारे नंगे बदन पर हाथ घुमा रही थी।

उसकी गाण्ड और चूत सूज गये थे.. !! .. !! दूध के निप्पल भी, सूज के लाल हो गये थे.. !! .. !!

सलमा ने कहा – ये चुदाई तो मैं जिंदगी में कभी नहीं भूल पाऊँगी… मेरे जिस्म का एक एक हिस्सा, दर्द से फटा जा रहा है… गाण्ड और चूत की तो छोड़ो, ऐसा लग रहा है जैसे मेरी कमर के नीचे कुछ नहीं है… तुम दोनों, क्या चुदाई करते हो… अगर, थोड़ी देर और दोनों मिलकर चोदते तो मैं मर ही जाती…

अभी भी मेरे जिस्म में इतनी ताक़त नहीं है के मैं उठ कर बाथरूम जा सकूँ।

मैंने कहा – ये तो, होना ही था… जब भी हम दोनों, एक साथ किसी को चोदते हैं तो उसकी यही हालत होती है… एक बार तो, हम दोनों ने एक कम उम्र की लड़की को चोदा तो चुदाई ख़तम होने के बाद उसकी गाण्ड और चूत से खून निकलना बंद नहीं हुआ और वो बेहोश हो गई थी… वो लड़की, तीन दिनों तक बिस्तर से उठ नहीं पाई… उसको, बुखार हो गया था…

वसीम ने कहा – हम दोनों की जोड़ी ही ऐसी है के अगर, हम किसी रंडी को भी चोदें तो वो भी दो दिन तक बिस्तर से उठ नहीं पाएगी… यार, आज तो मज़ा आ गया, चुदाई में… बहुत दिनों के बाद, हमने ऐसी चुदाई की है…

फिर, हम दोनों ने सलमा को उठाया और बाथरूम में ले गये.. !!

वहां, हमने उसके सारे बदन को ठीक से साफ किया और हम भी फ्रेश हो गये।

रूम में आ के कपड़े चेंज किए और एक साथ तीनों सो गये।

सलमा को हमने बीच में सुलाया था।

बात करते करते, कब नींद आ गई पता ही नहीं चला।

सुबह जब उठे, तो हम तीनों का बदन दर्द से टूट रहा था.. !!

मैंने कहा – वसीम, तेरा काम तो हो गया है… अब जाने के लिए फ्लाइट के टिकट बुक करा ले… हम आज ही घर जाएँगे और वहां जा के आराम करेंगे…

ये सुनते ही सलमा बोली – नहीं, अभी तक तो हम बाहर घूमने भी नहीं गये और तुम वापस जाने की बात करते हो…

वसीम ने कहा – वैसे, विनय ठीक कह रहा है… आज ही, वापस चलते हैं नहीं तो कल जो तुम्हारी हालत हुई है… वो, फिर से हो सकती है…

सलमा ने कहा – इसीलिए तो मैं नहीं चाहती के हम आज घर वापस जाएँ… कल मुझे बहुत दर्द हुआ लेकिन, मज़ा भी उतना ही आया… ऐसा मौका, घर में कभी नहीं मिल सकता… मैं यहाँ रुक के तुम दोनों से और चुदवाना चाहती हूँ… दो लण्ड, एक साथ लेने में बहुत मज़ा आया…

वसीम ने कहा – ठीक है, तुम्हारी यही मर्ज़ी है तो हम आज रुक जाते है…

वैसे ये बात सच है के वसीम, सलमा से प्यार तो करता था.. !! इसीलिए, तो बाकी सब को छोड़ के वो सलमा को साथ लाया था.. !!

जिस दिन, उसने बदले की भाबना से उस रात सलमा को बुरी तरहा से चुदाई की थी.. !! जो की, आपने इस कहानी के पहले पार्ट में पढ़ा होगा.. !! उस दिन के बाद, वसीम के दिल में सलमा के लिए बहुत प्यार है.. !!

ठीक उसी तरहा, मुझे लगता है सलमा भी वसीम से प्यार करती है।

वो, उसे बिल्कुल एक पत्नी का प्यार देती है.. !!

अगर, वसीम की तबीयत खराब हो जाए तो वो रात रात भर नहीं सोती।

सलमा एक बहुत अच्छी औरत है।

उसने मुझे बताया था के वो, कभी नहीं चाहती थी के वसीम पिताजी उस के लिए अपनी पत्नी को छोड़ दें.. !! उसने, उनको समझाया भी था.. !! मगर, वो तो शराब के नशे में ऐसे डूबे थे की उनको कुछ समझ में ही नहीं आता था.. !!

उसके बाद, हम लोगों ने वहां दो दिन और बिताए।

सभी जगह, दिल से घूमे और सलमा को दिन रात चोदते रहे.. !!

पहले पहले, उसे दर्द हुआ.. !! मगर, बाद मैं उसे भी मज़ा आने लगा.. !!

दो दिनों तक, हमने सलमा को दिन रात 3-4 बार चोदा… …

फिर, हमने उसके एक छेद में दोनों का लण्ड डाल के चोदा… कभी गाण्ड में, तो कभी चूत में, दो लण्ड घुसाते…

ऐसे ही हमने, वो दो दिन मस्ती में बिताए और तीसरे दिन वापस आ गए।

घर आने के बाद भी कभी कभी, हम दोनों सलमा को उसी तरहा चोदते थे।

घर आने के बाद, गुलबदन मेरे पीछे पड़ गई.. !!

उसने कहा – क्या, मैं तुम्हें अच्छी नहीं लगती… जब देखो, तुम इधर उधर की बातें बना कर, मुझे टरका देते हो… मगर, आज मैं नहीं मानने वाली… कुछ भी हो, आज तुमसे चुदवा के रहूंगी… किसी को, हमारे बीच आने नहीं दूँगी…

मैंने कहा – ऐसी कोई बात नहीं है… तुम तो सभी से ज़्यादा हॉट और सेक्सी लगती हो, मुझे… मगर, अभी नहीं बाद में… मैं खुद तुम्हें अपने पास बुला लूंगा…

गुलबदन बोली – अगर, मैं तुम्हें अच्छी नहीं लगती तो कह दो… आज के बाद, कभी तुम्हारे आस पास भी नज़र नहीं आउंगी… इतना कहते कहते, उसकी आँखों में आँसू आ गये…

ये देख कर, मुझे बहुत बुरा लगा के मेरे कारण किसी को इतना बुरा लगा के वो रोने लगी।

 


दोस्तो, मेरी एक कमज़ोरी है के मैं किसी को कभी दुखी नहीं देख सकता और वो भी मेरी वजह से।

मैंने उसे अपने बाहों में लिया और कहा – देखो, रोना मत… मुझे अच्छा नहीं लगता, किसी के आँख में मेरे कारण आँसू आए… ठीक है, थोड़ा इंतेज़ार करो… मैं वसीम से बात करके आता हूँ… उसके बाद, तुम्हारी हर तमन्ना पूरी कर दूँगा…

ये कह कर मैं वसीम के पास गया और उस से कहा – यार, ये गुलबदन तो मान ही रही है और चाहती है के अभी के अभी, मैं उसे चोदूँ… अब तू ही मुझे इस मुसीबत से निकाल सकता है… क्यूंकि, अभी मुझे भैया के पास जाना होगा… उनसे बात करनी है, पापा ने जो कहा है… उस दिन तो बता नहीं सका… आज जाकर बताना है, सब लोगों के शहर आने की बात…

वसीम ने कहा – तू फोन पर बात कर ले ना, भैया से… फिर, बाद में हम दोनों जाकर घर ढूढ़ेंगें और भैया को दिखा देंगे… मगर, अभी तू जाकर पहले गुलबदन की ज़िद पूरी कर… वरना, वो मुझे भी घर में रहने नहीं देगी… क्यूंकि, तेरे पास जाने से पहले वो मेरे पास आई थी और मुझ से कहा तुझ से बात करने के लिए… मगर, मैंने उसे तुझ से सीधे बात करने के लिए भेज दिया…

फिर क्या था, मुझे वसीम की बात माननी पड़ी.. !!

मैं उस के पास गया और उसे बाहों में लेकर कहा – चलो, आज तुम्हें भी देख लेते हैं… कितनी गरमी भरी है, तुम्हारे अंदर…

मैं उसे गार्डेन में, जो गेस्ट हाउस था वहां लेकर गया।

अंदर जाते ही, गुलबदन मुझ से लिपट गई।

मैंने उसे किस किया और बेड पर लिटा दिया।

फिर, उसके ऊपर चढ़ के उसके लिप्स को चूसने लगा और साथ ही साथ, उसके चूचियों को कपड़े के ऊपर से ही मसलने लगा.. !!

गुलबदन भी सलमा, नीलोफर और गुलनार से कम नहीं थी… …

उसकी चूचीयाँ अपनी मां के तरहा, बड़ी बड़ी थीं.. !! .. !!

रंग गोरा, उसके ऊपर लाल रंग का ड्रेस ग़ज़ब ढा रही थी।

वो भी, अब तक चुदाई में एक्सपर्ट हो गई थी.. !! इस लिए, मेरा पूरा साथ दे रही थी.. !!

वो, मेरे पीठ को सहाल रही थी और अपने बड़े बड़े नाख़ून से पीठ को नोंच रही थी।

हम दोनों ज़ुबान बाहर निकाल के, एक दूसरे की ज़ुबान को चाट रहे थे।

उसकी आँखों में, हवस की झलक दिखाई दे रही थी.. !!

बड़े बड़े बूब्स होने के कारण, उसको मसलने में बहुत मज़ा आ रहा था।

फिर, मैंने उसके टी-शर्ट को उतार दिया.. !!

उसने अंदर कुछ नहीं पहना था तो उसकी बड़ी बड़ी नंगी चूचीयाँ, फाटक से मेरे सामने निकल आईं.. !!

मैं उसे देख कर, अपने आप को रोक नहीं पाया और उसके ऊपर टूट पड़ा।

एक चूची को मैंने चूसना शुरू कर दिया और दूसरे को हाथ से दबा रहा था.. !!

गुलबदन, मेरे बालों को सहाल रही थी।

उसके मुँह से – ष्ह उम्म्म्म म म म म म मा आ… कितने दिनों के बाद, जाकर के मेरा सपना पूरा हुआ… छोड़ना नहीं, आज जी भर के चोदो मुझे… फाड़ डालो, मेरी चूत को… कब से, ये तड़प रही थी तुम्हारे लिए… मेरे अंदर लगी, आग को बुझा दो… अहह ओह…

मैं भी पागलों की तरहा, उसके दोनों बूब्स को चूसने में लगा था.. !! क्या मुलायम बूब्स थे, साली के.. !! उठने का मन ही नहीं कर रहा था.. !!

गुलबदन ने मेरे शर्ट को उतार दिया और अपने नाख़ून मेरी पीठ पर गाड़ा रही थी।

मैं बूब्स चूसते चूसते, उसकी नाभि को चाटने लगा।

वो, मेरे बालों पर हाथ फेर रही थी.. !!

उसकी नाभि का छेद, बाकी सब से बड़ा था.. !! जिस को, जीभ से चोदने में मज़ा आ रहा था.. !!

एक हाथ से, मैं उसके बूब्स को दबा रहा था.. !! दूसरे हाथ से, चूत को ऊपर से सहला रहा था.. !!

उसकी चूत से पानी निकल रहा था…

फिर, मैंने उसके लोवर को खोल दिया.. !! अंदर, उसने लाल रंग की पैंटी पहनी थी.. !!

 
शायद, उसने बहुत दिन से अपनी चूत के बालों को साफ नहीं किया था जो गीली चूत में पैंटी के ऊपर से दिखाई दे रहे थे।

वो मुझे पीठ के बल लिटा कर, मेरी जीन्स को उतारने लगी.. !!

अंदर, मैंने चड्डी पहन रखी थी.. !! जिस के अंदर से मेरा लण्ड फड़ फड़ा रहा था.. !! बाहर, निकलने को…

तब तक मेरा लण्ड पूरा खड़ा नहीं हुआ था।

गुलबदन ऊपर से ही, मेरे लण्ड को हाथ से हिलाने लगी और ऊपर चढ़ के मेरे जिस्म पर किस करने लगी.. !!

मैं भी उसकी पीठ को सहला रहा था.. !!

उसने अपने आप पैंटी खोल दी और मेरे चड्डी को भी निकाल फेंका तो मेरा मोटा सा लंड उसके सामने हिचकोले मार रहा था।

गुलबदन, मेरे लंड को देख कर रह नहीं पाई और उसके ऊपर टूट पड़ी।

लण्ड के ऊपर के स्किन को नीचे किया और उस गुलाबी हिस्से को चाटने लगी तो मेरे जिस्म में करेंट सा दौड़ गया.. !! क्यूंकि, उसकी ज़ुबान बहुत गरम हो गई थी.. !! जिस से, मेरे लण्ड को बहुत मज़ा आ रहा था.. !!

वो मेरे लण्ड पर ऐसे जीभ चला रही थी, जैसे कोई शहद को चाटता है…

फिर, वो मेरे लण्ड को मुँह के अंदर घुसा कर चूसने की कोशिश करने लगी.. !! लेकिन, उसका मुँह छोटा था.. !! इस लिए, मेरे लण्ड को अंदर लेते ही, उसकी सांस फूल जाती थी और वो उसे बाहर निकाल देती थी.. !!

मगर, वो भी तो सलमा की ही बेटी थी और लण्ड चूसने में उस्ताद थी.. !! .. !! इस लिए, वो बार बार लण्ड को मुँह के अंदर ज़्यादा से ज़्यादा देर तक रख कर चूसने की कोशिश करने लगी.. !! .. !!

मैंने उसकी गाण्ड को मेरी तरफ कर दिया था और उसकी चूत के दाने को दो उंगली के बीच मसल रहा था.. !! जिस से, उसके अंदर और भी जोश भर जाता था.. !!

कुछ देर बाद, उसने मेरे लण्ड को अपने मुँह में भर लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी।

उसकी मुँह से स्लूप स्लूप… चुप चुप… की आवाज़ निकल रही थी.. !! जब, वो मेरे लण्ड को चूस रही थी.. !!

गुलबदन के चूत में, बहुत ही काले और लंबे घने बाल थे। जिसे देख कर, मैं पागाल हुआ जा रहा था। क्यूंकि, मुझे चूत में ऐसे बाल बहुत मस्त लगते हैं और वैसे भी आज कल, चूत ज़्यादातर चिकनी ही होती है।

जब मैंने अपने दोस्त की मां और बहन को चोदा था, उन दोनों की चूत में भी घने काले बाल थे। ये बात, मैं अपनी दूसरी कहानी में विस्तार से बताऊंगा। आप लोग, पढ़िएगा ज़रूर.. !!

मैंने जब अपनी भाभी को चोदा था तो उनकी चूत में भी थोड़े थोड़े बाल थे, पर उनकी बहन ऋचा के चूत में बाल नहीं थे.. !!

मुझे चूत के बालों से खेलना, बहुत झकास लगता है…

चुदाई के टाइम, मैं उन बालों को खींचता रहता हूँ.. !! जिस से, लड़कियों को दर्द भी होता है और वो और ज़्यादा गरम हो जाती हैं.. !!

तो मैंने जैसे बताया के गुलबदन की चूत, काले घने बालों से ढकी हुई थी।

मैंने उन बालों को हाथ लगाया तो वो बहुत ही मुलायम थे।

फिर, मैंने बालों को हटाया तो मुझे उसकी रस भरी गुलाबी चूत दिखाई दी.. !!

ये बड़ी बात थी.. !! क्यूंकी, इतनी लड़कियों को चोदने के बाद.. !! मैंने, सिर्फ़ एक दो गुलाबी चूत ही देखी थीं.. !!

ये तो आप भी जानते हैं की चूत ज़्यादातर काली या भूरी हो जाती है, चुद चुद, कर…

खैर, गुलाबी होने के साथ साथ, उसकी चूत फूली हुई थी.. !!

मैंने चूत के दाने को दो उंगली से मसल दिया तो गुलबदन चीख पड़ी – ही ई ई ई ई अहह…

मैं उसकी चूत के धार पर उंगली चला रहा था.. !!

चूत के मुँह को खोलता और बंद करता तो गीली होने के कारण, उसमें से पुच पुच… की आवाज़ निकल रही थी।

ऐसा करने से, गुलबदन बहुत गरम हो गई तो उसके चूत का मुँह अपने आप खुलता बंद होता और ढेर सारा पानी निकलता.. !!

ये देख कर, मेरी हालत खराब होने लगी…

गुलबदन को मैंने झट से बेड पर लेटा दिया और उसकी चूत को चूसने लगा।

साथ ही साथ, मैं उसकी चूत में उंगली चला रहा था।

इस हरकत से, गुलबदन बहुत गरम होने लगी.. !!

उसके मुँह से – ष्ह अहह ओह… और सब्र नहीं होता… जल्दी से, लण्ड घुस द ऊ ऊ ऊओ मेरई ई ई ई चुत त्त् तत्त मी ई ई ई… यआ आ आअ…

उसकी गाण्ड एक जगह टिक नहीं पा रही थी.. !!

मेरे चूत चाटने से उसके अंदर करेंट दौड़ रहा था और चूत में बहुत ज़्यादा गुदगुदी हो रही थी।

वो मेरे सिर को पकड़ के, अपनी दोनों जांघों के बीच चूत में ज़ोर ज़ोर से दबा रही थी.. !!

उसके मुँह से लगातार, सेक्सी आवाज़ें निकल रही थीं…

उसकी साँसें, तेज़ चलने लगी थीं.. !! दिल की धड़कन, भी तेज़ हो गई थी.. !!

वो चिला चिला के, कह रही थी – जल्दी से चोद… ओह अहह…

कुछ देर बाद, वो बहुत ज़ोर से चिल्ला के झड़ गई और ढेर सारा पानी मेरे मुँह में छोड़ दिया.. !! .. !!

वो पानी, बहुत गरम था…

मैंने उसकी चूत के बालों को दोनों साइड से, खींच कर रखा था।

गुलबदन उठ के बैठ गई तो मैं नीचे खड़ा हो गया और उसके मुँह के अंदर, फिर से लण्ड डाल के चूसवाने लगा.. !!

वो बड़े मज़े से, लण्ड और टटो को चूसने लगी.. !!

उस टाइम, गुलबदन बिल्कुल छीनाल लग रही थी… …

मैंने उसके सिर को पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से उसके मुँह को चोदने लगा.. !! .. !!

मैं लण्ड को, गले तक ले जाता था.. !! जिस से, उसकी साँसें फूल जाती और उल्टी आ जाती तो फाटक से बाहर निकाल के, फिर से गले तक डाल के चोदता रहता.. !!

उसका मुँह बहुत गरम था.. !! जिस कारण, मेरा लण्ड एकदम से लोहे की रोड जैसा कड़क बन गया.. !!

फिर, मैंने उसे गोदी में उठाया और अपने लण्ड पर बिठा दिया… …

मैं नीचे खड़ा था और तेज़ रफ़्तार से, उसकी चूत में लण्ड पेल रहा था।

गुलबदन चिल्ला रही थी – अहह… ओह या आ आ… उसने मुझे कस के पकड़ रखा था.. !!

मैं उसके कान और गले को काट रहा था।

गीली चूत में, मेरा लण्ड उसकी चूत के पूरा अंदर तक घुस जाता था।

ऐसे ही, मैंने उसे 5-10 मिनट तक चोदा.. !! .. !!

फिर, उसे नीचे खड़ा कर दिया और उसकी एक टाँग को उठा के मेरे कंधे पर रख दिया।

उसके बाद, मैंने अपने लण्ड को पकड़ के उसकी गीली फ़ुद्दी में घुसा दिया।

मैंने उसकी जांघ को और बाल को पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.. !!

ऐसे चोदने में, बड़ा मज़ा आता है.. !! क्यूंकि, लण्ड पूरा अंदर तक घुस जाता है और भीतर की दीवार से टकराता है.. !! जिस से, लड़की को बहुत दर्द होता है.. !! साथ ही साथ, मज़ा भी आता है.. !!

क्या है के आप जब किसी को चोद रह होते हैं तो जब तक वो दर्द से तड़पति नहीं, उसे भी मज़ा नहीं आता.. !!

 
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