रामु;चारपाई पे लेटा हुआ था और उसके पास देवकी बैठी उसके पैर दबा रही थी।
ये देख देवा को कुछ अजीब सा लगता है क्यूंकि देवकी के हाथ रामु के जांघ के पास थे और वो जांघ को दबाते दबाते लंड को भी छु रही थी।
देवा और कौशल्या ऑखें फाड़े ये देख रहे थे।
रामु;माँ आज रहने दो न बदन बहुत दर्द कर रहा है।
देवकी; इसीलिए तो तेरे बदन की मालिश कर रही हूँ जानती हूँ न मै वो तेरी पत्नी कौशल्या तुझे रात भर सोने नहीं देती है ना और दिन में मेरे पास आने के बाद तेरा जिस्म दर्द करने लगता है।
रामु;अरे माँ ऐसी बात नहीं है।
देवकी;बस बस रहने दे सब जानती हूँ मै वैसे भी बूढी औरत किसे अच्छी लगती है।
तेरा बापु तो किसी काम के अब रहे नहीं। दो तीन धक्कों में सो जाते है।
बेटा है पर वो भी अब अपने जवान बीवी की ओखली में मुंह डाले पड़ा रहता है।
रामु; चुप कर साली 18 साल की उम्र से तुझे पेल रहा हूँ अभी तक तेरी चूत की आग नहीं बुझी।
देवकी; बेटा ये आग मरने के बाद ही बुझती है।
देख न मेरी चूचि भी कैसे सुख गई है बिना पानी के ।
रामु;देवकी को निचे गिरा देता है और देवकी के लटके हुए ब्रैस्ट को अपने मुंह में भर के चुसने लगता है । गलप्प गलप्प गप्प्पप्पलपल्लल्लल्ल
आह्ह्ह्ह।
देवकी;आहह चूस ले बेटा रोज़ बस एक बार ही तो माँगती हूँ तुझसे ।
उसमेँ भी तो आना कानी करने लगा है आह्ह्ह्ह्ह्ह।
रामु;माँ तू बहुत गलप्प कमिनी है रोज़ रोज़ करने के बाद भी रोती रोती रहती है। वो देख कौशल्या को कई कई हफ्ते उसे हाथ तक नहीं लगाता फिर भी मुंह से एक लफ़्ज़ भी नहीं कहती। गलप्प गलप्प्पप्पप्प।
देवकी;कहाँ से बोलेगी बोलके तो देखे फिर देख क्या करती हूँ मै उसका आह्हह्हह्हह्हह।सालीईईईईईईई
रंडीईईईईईईईईईईई।
रामु;अपनी ज़ुबान देवकी के मुंह में डालके उसके ज़ुबान चुसने लगता है गलप्प गलप्प।
देवकी;आहह श बेटा मुंह में डाल ना अपना लंड। बड़ा मीठा है तेरा लंड आःह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्।।
रामु;खड़ा हो के अपनी पेंट निचे सरका देता है और देवकी के काँधे को पकड़ के उसे थोड़ा ऊपर उठाता है।
देवकी;अपना मुंह जैसे ही खोलती है रामु अपने लंड को उसके मुंह में पेल देता है और देवकी भी बड़े चाव से रामु के लंड को चुसने लगती है। गलप्प अहह गलप्प....
रामु;आहह माँ इतने ज़ोर से मत खीचो न आह्ह्ह्ह्ह्ह।
देवकी;रामु की बातों की तरफ ध्यान दिए बिना रामु के लंड को चूस चूस के खड़ा कर देती है।
और झट से अपनी दोनों टाँगे खोल के लेट जाती है।
चल आजा रात भर से तड़प रही हूँ लंड के लिये।
रामु;पहले थोड़ा रस पान तो करने दो माँ।
वो देवकी की पेंटी निकालने लगता है और देवकी दोनों हाथों से सिसकारियां भरते हुए अपनी ब्रैस्ट मसलने लगती है आह्हह्हह्हह्हह।
रामु;अपनी माँ की चूत पे झुकता है और उसी वक़्त देवा भी अपनी मामी की चूत के दर्शन कर लेता है। ये सब देख के उसका लंड भी तम्बू बन चुका था । कौशल्या की साँसे तेज़ चल रही थी उसके ब्रैस्ट बार बार देवा की पीठ को छुने लगते है।
अंदर रामु अपनी माँ देवकी की चूत पे जूबान घुमाने लगता है और देवकी कमर उछालते हुए रामु के सर को अपनी चूत पे दबाने लगती है आह्ह्ह्ह्ह्ह।
उपर ऊपर की मलाई क्या खा रहा है असली माल तो अंदर है । घुसा दे ज़ुबान अंदर आह्ह्ह्ह्ह्ह बेटे।
रामु अपनी माँ की आज्ञा का पालन करते हुए अपनी ज़ुबान देवकी की चूत के अंदर तक पेल देता है।
देवकी; आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह।
देवकी;आहह बेटा तू मुझे एक दिन इस तरह से मार देंगा आअह्हह्हह्हह।
बस भी कर देखता नहीं माँ की चूत क्या चाहती है।
रामु;देवकी की ऑंखों में देखते हुए।
क्या चाहती है माँ की चूत।
देवकी; अपने बेटे रामु का लंड चाहती है मेरी चूत। आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह दाल दे ना रे।
रामु देवकी के दोनों पैर खोल देता है और अपने लंड पे थोड़ा सा देवकी की चूत से निकला पानी लगाता है और देवकी की ऑखों में देखते हुए
रामु को नशे में देख कौशल्या उसे सहारा देने आगे बढ़ती है पर रामु उसका हाथ झटक देता है और धडाम से बिस्तर पे गिर जाता है और कुछ ही पलों में घर्राटे भरने लगता है।
कौशल्या;अभी भी ऐसे ही पल्लु निचे गिरा हुआ नरम नरम रसदार ब्रैस्ट दीखाते खड़ी थी।
देवा;एक नज़र कौशल्या पे ड़ालता है और जाने लगता है।
कौशल्या;देवर जी आप सोने जा रहे हो ना।
देवा;हाँ ।
कौशल्या;कुछ चाहिए।
मेरा मतलब है भूख तो नहीं लगी है न।
देवा; कौशल्या की ब्रैस्ट को घुरते हुए कहता है नहीं अभी नहीं लगी।
कौशल्या;अपना पल्लू ठीक करती है और देवा को जाते देखती है।
देवा;पलट के एक मर्तबा फिर से कौशल्या की तरफ देखता है।
और कौशल्या अपनी कातिल नज़रों से देवा को फिर से घायल कर देती है।
रत्ना उठके नूतन और ममता के कमरे में चली जाती है और देवकी मुस्कुराते हुए देवा के लिए बिस्तर बिछा देती है।
देवा चुपचाप लेट जाता है देवकी उसके पास लेटी हुई थी। सर्दी ज़्यादा थी इसलिए उसने दरवाज़ा पहले ही बंद कर दिया था।
देवा को लेटे हुए एक घण्टा बीत चुका था पर दिमाग में रामु की बात घुम रही थी वो यही सोच रहा था के ये कैसा परिवार है। एक तरफ माँ अपने बेटे से चुदवाती है वही घर की बहु अपने भाई के निचे सो चुकी है।
उसे रामु की बात पे विश्वास नहीं था वो सोच लेता है की कल कौशल्या से पूछ ही लेगा की असल बात क्या है वैसे भी कौशल्या अब देवा से काफी घूल मिल गई थी।
देवकी और देवा एक ही रज़ाई में सोये हुए थे।
कुछ देर बाद देवकी की आँख खुलती है और वो देवा को जगता देख उसे पूछ लेती है।
देवकी;धीमे आवाज़ में क्या बात है बेटा नींद नहीं आ रही।
देवा; मामी सर्दी बहुत है।
देवकी देवा के क़रीब खिसक जाती है।
यहाँ आजा और देवकी ये कहते हुए देवा को अपने से चिपका लेती है।
देवकी का गठीला बदन जब देवा के जिस्म को छुता है तो देवा के सारे सोच गूम हो जाते है और उसे सुबह का वो नज़ारा याद आ जाता है जब रामु अपने लंड से देवकी की चूत की कुटाई कर रहा था।
देवकी; चुपचाप लेटी हुई थी और देवा का मुंह ठीक उसके ब्रैस्ट के सामने था।
देवा अपनी ऑखें बंद करके अपने मुंह को थोड़ा और आगे की तरफ बढा देता है जिससे उसके होंठ देवकी के ब्लाउज को टच होने लगते है।
देवकी ऑखें खोल लेती है और फिर दूबारा बंद कर लेती है।
कुछ देर शांत रहने के बाद देवा अपने होंठ से देवकी के ब्रैस्ट को चुम लेता है।
देवकी के मुंह से एक हल्की से शःह्ह्हह्ह्ह्ह सिसकी बाहर निकलती है जिसे देवा सुन लेता है।
उसने अपने मामी के साथ ये सब करने का कभी सोचा भी नहीं था पर जो उसने देखा था उसके बाद उसका मन कुछ और कह रहा था और दिमाग कुछ और।
देवा कुछ देर अपने जगह से हिलता भी नहीं पर देवकी की चूत जग चुकी थी मरद का स्पर्श पाके कोई भी औरत भला कैसे चुप चाप सो सकती थी।
इस बार देवकी अपने ब्रैस्ट को देवा के मुंह पे घीसने लगती है।
पसीने से भिगे हुए ब्लाउज की खुशबु देवा के दिमाग में चढने लगती है।
वो ज़रा सा मुंह खोल के देवकी के ब्रैस्ट को मुंह में ले लेता है।
दोनो कुछ नहीं बोल रहे थे। बस रात के सन्नाटे में मामी भांजे का खेल शुरू था।
अचानक देवकी देवा का सर अपने ब्रैस्ट से हटा देती है और जब कुछ पलों बाद दूबारा देवा का मुंह उस जगह आता है तो उसके होश उड़ जाते है।
देवकी अपनी ब्लाउज उतार चुकी थी और ब्रा निचे करके अपने मोटे मोटे निप्पल्स देवा के मुंह में ड़ालने की कोशिश करने लगती है।
देवा अपना मुंह खोल देता है और गलप्प गलपप
निप्पल्स उसके मुंह में चले जाते है।
देवा अब अपने आप में नहीं था वो निप्पल चुसते हुए अपना एक हाथ निचे करके देवकी की सलवार का नाडा खोल देता है और बिना देरी किये अपना हाथ उसकी गीली पेंटी में डाल देता है।
देवकी;आहह बेटा।
पहली बार देवकी के मुंह से कुछ शब्द निकलते है और वो देवा के सर को अपने ब्रैस्ट में दबा देती है।
देवा के हाथ की दो उँगलियाँ देवकी की चूत को सहलाते हुए अंदर चली जाती है।
दोनो पसीना पसीना होजाते है
एक तरफ देवा बुरी तरह देवकी के निप्पल्स को चूस रहा था और निचे अपने उँगलियों से देवकी की चूत को अंदर तक चीर रहा था ।
वो जीतने ज़ोर से अपनी उँगलियाँ देवकी की चूत में डालके हिलाता उतनी ज़ोर से देवकी देवा के सर को दबा देती।
इससे पहले देवा आगे बढ़ता देवकी के पति और देवा की मामा की आवाज़ आती है।
माधव;धीमे आवाज़ में देवकी को पुकार रहा था।
देवकी देवा से अलग हो जाती है और अपने कपडे ठीक कर लेती है और उठके माधव के पास चली जाती है।
माधव;देवकी के ब्रा के ऊपर से उसके ब्रैस्ट मसल देता है
चल ।आ जा।
देवकी खड़ी हो जाती है और देवा की ऑखों में देखते हुए अपने सारे कपडे भी निकाल देती है । वो बहुत कम पूरी नंगी हुआ करती थी खास तौर पे माधव के लिए तो बिलकुल नहीं पर आज जिस्म की आग कपडे तक को जला देती इसलिए वो अपने शरीर पे कुछ नहीं रखती और माधव के लंड को अपने हाथ में लेके हिलाने लगती है।
माधव;आहह क्या बात है आज तो बडी गरम लग रही है।
देवकी;बस कुछ मत बोलो जो करना है जल्दी करो।
माधव;पहले चूस तो ले।
देवकी देवा की ऑखों में ऑखें डाले माधव के लंड को मुंह में ले लेती है और इतराते हुए उसे चुसने लगती है। गलपप।गलप्प्प आह्ह्ह्ह्हज गप्प्पप्प।
पल भर में वो माधव के लंड को खड़ा कर देती है और झट से उसके ऊपर चढ़ के लंड चूत में लेके ऊपर नीचे कुदने लगती है।
माधव;अहह देवकी चिल्ला मत देवा उठ न जाए।
देवकी एक नहीं सुनती और अपने काम में लगी रहती है।
वो माधव को बहुत देर तक सोने नहीं देती और उसके लंड को चूस चूस के खड़ा करते जाती है और चूत में लेके चुदती जाती है।
देवा के लंड का हाल बेहाल हो चुका था वो रज़ाई को अपने लंड के ऊपर से हटा देता है और जैसे ही देवकी की नज़र उसके लंड पे पडती है वो माधव के लंड पे कुदना बंद कर देती है और एक टक देवा के लंड को देखने लगती है।
देवा ठीक से दर्शन कराने के बाद रज़ाई ओढ़ के एक करवट सो जाता है।
उसके बाद देवकी और उसकी चूत के सामने सिर्फ एक चीज़ घूमती है और वो उसे चाह के भी भुला नहीं पाती।।
सुबह रामु रत्ना ममता और नूतन को ले के देवा के गांव की तरफ चला जाता है।