पदमा; नहीं नहीं देवा देख ऐसा मत कर। मैंने आज तक वहां नहीं ली रे बेटा मर जाएगी तेरी काकी।
देवा;कमर पे हलके हलके थप्पड मारते हुए मसल देता है । एक बार लेके देख काकी तू रोज़ लेने लगेगी।
पदमा;नहीं ना आहह आहह ।
देवा के थप्पड पदमा के चूतड़ पर अब कुछ ज़्यादा ज़ोर से पडने लगते है जिससे उसकी चूतड़ लाल हो जाती है।
उसे एक अजीब तरह की खुमारी छाने लगती है । अब वो देवा को मना तो नहीं कर रही थी। बस सिसकियाँ भर रही थी।
देवा;अपनी दो उँगलियाँ पदमा की चूत में डाल के अंदर बाहर करता है जिससे वो चिप चीपी हो जाती है । वो फ़ौरन उन्हें पीछे से धीरे धीरे पदमा के गाण्ड में घूसाने लगता है।
पदमा का मुंह खुलता चला जाता है और गाण्ड का सुराख़ भी।
आह मत कर आहह चूत में डाल दे रात भर खड़ा कर के मार चूत । मै कुछ नहीं बोलूँगी राजा पर गाण्ड में मत डाल आह।
देवा की उँगलियाँ अब ज़ोर ज़ोर से पदमा के गाण्ड में जाने लगती है जिससे उसकी गांड का सुराख़ खुलता चला जाता है।
पदमा वो उँगलियाँ तो किसी तरह बर्दाशत कर रही थी पर कुछ पलों बाद देवा बिना कोई चेतावनी दिए अपने लंड का सुपाडा पदमा के गाण्ड पे लगा देता है और उँगलियाँ बाहर खिंच के लंड अंदर की तरफ पेल देता है।
पदमा चीख पडती है । उसकी ऑखों में आंसू आ जाते है पर बेरहम देवा नहीं रुकता वो धीरे धीरे उसे और गहराई में घुसाता चला जाता है।
जब देवा पूरा लंड अंदर डाल के बाहर खिचता है तो उसके लंड पे खून लगा होता है।
देवा;फिर से उसे अंदर ठोक देता है । आहह वो धीरे धीरे पदमा की गाण्ड मारने लगता है वो जानता था पहले कोई भी चिल्लाता है उसके बाद जब गाण्ड खुल जाती है तो हर कोई और मारने के लिए कहता है।
पदमा का भी यही हाल था ज़ोर ज़ोर से चीखने वाली पदमा की आवाज़ में अब सिसकियाँ शामिल हो गई थी वो रोक भी नहीं रही थी बस कमर को और पीछे करके आहह आहह माँ हलके हलके सिसक रही थी।
देवा का हर झटका उसे आगे धकेलता वो फिर से कमर हिलाते हुए पीछे को हो जाती।
देवा अब अपनी स्पीड बढाने लगता है और कमर को दोनों हाथों में थाम के सटा सट लंड गाण्ड में घुसाता चला जाता है।आहह आहह पदमा तेरी चूत से ज़्यादा नरम तो तेरी गाण्ड है आहह बहुत मजा आ रहा है मेरी जान।
पदमा;ओह आह मार ले। आज मै सब कुछ तुझे दे चुकी हूँ राजा। अपनी पदमा को भूलना मत आहह नहीं रह पाऊँगी तेरे लंड के बिना आहः
देवा का लंड पदमा के गाण्ड में तूफ़ान मचाने लगता है।
35 मिनट के बाद देवा अपने लंड को बाहर खिंच लेता है उसका लंड पदमा के खून से लतपथ था वो जल्दी से अपने लंड को कपडे से साफ़ कर लेता है और अपने कपडे पहनने लगता है।
पदमा अभी भी उसी तरह बेसुध पड़ी हुई थी उस में जैसे जान ही नहीं थी उठके कुछ करने की।
देवा कपडे पहन के पदमा को सीधा करता है उसके होठो को चुमता है और अपने घर की तरफ चल देता है।
रात के १० बज रहे थे।सभी गांव वाले सो चुके थे पर हवेली में हिम्मत राव और रानी जाग रहे थे।
रानी;अपने बिस्तर पे पड़ी कुछ पढ़ रही थी।
तभी कोई उसके रूम में आता है और दरवाज़ा बंद कर देता है।
रानी;सर उठाके जब सामने देखती है तो उसके चेहरे पे मुसकान आ जाती है वो सीधी होके बैठ जाती है।
सामने लुंगी में हिम्मत राव खड़ा था।
वो धीरे धीरे रानी के पास आता है और उसके पास लेट जाता है।
रानी;अपने बापू को देख मुस्कुरा रही थी।
हिम्मत राव';रानी को अपने ऊपर खिंच लेता है।
रानी;आहह बापू क्या करते हो माँ आ गई तो।
हिम्मत राव;पगली वो तो कब की सो चुकी है।
उसके दूध में हर रोज़ के तरह मैंने अफीम की गोली मिला दिया था वो तो सुबह ही उठेंगी अब।
रानी;हटो भी बापू।आज मुझे सोने दो बहुत थक गई हूँ मैं।
हिम्मत राव;अरे बिटिया थकान मिटाने के लिए तो आया हूँ तेरे पास।
तूझे पता है ना कस की चुदाई से जिस्म हल्का रहता है।
वो रानी के मोटे मोटे ब्रैस्ट मसलने लगता है।
रानी;उन्हह बापू कितने गंदे हो तुम छोड़ो मुझे नींद आ रही है रानी एक करवट लेके लेट जाती है।
उसकी नाइटी कमर के ऊपर सरक चुकी थी पर रानी उसे नीचे नहीं करती।
हिम्मत;राव;अपनी लुंगी निकाल देता है उसका लंड ज़्यादा बड़ा तो नहीं था पर चूत को खुश करने के क़ाबिल ज़रूर था वो रानी के पीछे लेट जाता है और अपने लंड को हाथ में पकड़ के रानी की गांड के दरार में घीसने लगता है।
रानी; उहं उहं आहह बापू आहह क्या करते हो आह।
हिम्मत राव; अपनी बेटी के ब्रैस्ट को मसलता हुआ अपने लंड को रानी के दोनों पैरों के बीच में घुसा के आगे पीछे करने लगता है जिससे उसका लंड रानी की चूत पे रगड खाने लगा था ।
इधर रानी जोश में कमर ऊपर उठाके लंड लेने लगती है उधर हिम्मत राव के झटके तेज़ होने लगते है ।
रानी;जानती थी की वो ज़्यादा देर नहीं टिकने वाला
आह बापू इतनी जल्दी झडना मत आहह मुझे रात भर चोदो आहः
हिम्मत राव;हाँ बिटिया आहह वो रानी को नीचे मसलता हुआ अपने लंड को अंदर तक खोंपता जाता है और १०मिन के बाद अपने लंड को बाहर निकाल लेता है।
रानी;अपना मुंह खोल देती है और हिम्मत राव अपने लंड का पानी अपनी बेटी के मुंह में गिराने लगता है।आहः
हिम्मत राव;बिस्तर पे लेट जाता है और रानी अपने बापू के छाती पे सर रख देती है।
रानी;बापू आप माँ की भी लेते हो न।
हिम्मत राव;बिलकुल नहीं जबसे तेरे से कसम खाया हूँ उस दिन से उसे एक बार भी नहीं चोदा।
रानी;ये सुनके मुस्कुरा देती है और अपने बापू के होठो को चूम लेती है।
हिम्मत राव;बिटिया देवा तेरे प्यार में पड़ के हमारा काम करेंगा।
रानी;बापू एक बार देवा को मै पटा लूँ उसके बाद वो हर वो काम करेंगा जो मै उसे करने के लिए कहुंगी।
हिम्मत राव;बस तू उसे पटा ले और उसके बाद किसी तरह उसे तेरी माँ रुक्मणी को पटाके चोदने पर लगा दे। उसके बाद मै गांव वालो के साथ उन दोनों को रंगे हाथों पकड़ लुंगा और उन दोनों का गांव निकाला हो जायेगा।
रानी; बापू ये काम तो आप किसी से भी करवा सकते थे न फिर देवा ही क्यूं।
हिम्मत राव;उसके बाप ने भरे पंचायत के सामने मुझे थप्पड मारा था। उसी दिन मैंने कसम खाया था की उसके पूरे खानदान को ख़तम कर दूंगा।
जिस दिन तेरी माँ और देवा का परिवार इस गांव से निकाला जायेगा उसी दिन रास्ते में मै उन सभी को अपने बन्दूक से भून दूंगा और किसी कुँए में गाड दूंगा।
रानी: मैं तो उस चुड़ैल से पीछा छुडाना चाहती हूँ आप को भी वही मिली थी शादी करने के लिये।
हिम्मत राव;रानी बेटी वो दहेज़ में अपने साथ 100 एकड़ ज़मीन और 1 करोड़ के गहने लेके आई थी। सोने के अंडे देने वाली मुर्गी है तेरी सौतेली माँ। मैने सिर्फ उससे पैसों के लिए शादी किया था।वो अचानक मर गई तो सारा इलज़ाम मुझपे आयेंगा और हम दोनों को हवालात की सैर करनी पड़ सकती है।
उसे बदचलन साबित करके गांव निकाला कर देंगे और लोग समझेंगे उन दोनों ने शर्म के मारे आत्मा हत्या कर ली समझी मेरी रानी।।
रानी;अपने बापू को चुमती चली जाती है । वो पगली अपने बापू को अपना सब कुछ दे चुकी थी पर वो ये नहीं जानती थी की हिम्मत राव कितना कमीना इंसान है। वो इस मुकाम तक ऐसे ही नहीं पहुंचा एक मामूली चपरासी का बेटा आज जागिरदार ऐसे ही नहीं बन गया। उसने कितने लोगों के लाशों पे पैर रख के यहाँ पहुंचा था ये सिर्फ हिम्मत राव जानता था।
रानी और हिम्मत राव के बीच ये सब आज से 3 साल पहले शुरू हुआ था।
जब रानी की सगी माँ उसे छोड के हमेशा हमेशा के लिए चली गई थी ।
रानी की माँ के मरने के 6 महिने बाद हिम्मत राव ने दूसरी शादी कर लिया रुक्मणी से।
रुक्मणी; एक बहुत बड़े घर से ताल्लूक रखती थी अपने माँ बाप की एकलौती सन्तान थी। रुक्मणी के माँ बाप के पास जो कुछ था उन्होने रुक्मणी को शादी के दिन दे दिया और दोनों तीर्थ यात्रा पर निकल गए उसके बाद से रुक्मणी के माँ बाप की कोई खबर नहीं आई। कहते है वो भी इस दुनिया में नहीं रहे।
रुक्मणी जिस दिन से हवेली में आई थी उस दिन से रानी की आँख का कांटा बनी हुई थी हालाँकि रुक्मणी ने कभी भी रानी को अपने सौतेली बेटी के तरह नहीं देखी।
उस वक़्त रानी जवानी के दहलीज़ पे कदम रख चुकी थी।
हिम्मत राव;रुक्मणी के साथ बेहद खुश था एक रात जब वो रुक्मणी को नंगी करके अपने कमरे में चोद रहा था तो उसने देखा की खिडकी में से कोई उसे देख रहा है वो और कोई नहीं बल्कि रानी थी।
दूसरे दिन वो रानी के रूम में गया रानी बहुत डर गई थी। उसे लगने लगा था की हिम्मत राव पता नहीं उसे क्या कहेगा पर हिम्मत राव ने कुछ कहा नहीं बल्कि कुछ ऐसा किया जिससे रानी का अंग अंग सिहर उठा।
हिम्मत राव; ने रानी को बिस्तर पे पटक के उसके मुंह में अपना लंड डाल के उसे खूब चुसवाया।
उस दिन रानी ने लंड तो चूस लिया मगर हिम्मत राव को अपनी चूत नहीं दी।
उसने हिम्मत राव के सामने एक शर्त रखी की वो एक शर्त पे उसे सब कुछ देंगी की अगर वो रुक्मणी को चोदना छोड़ दे और उसे घर से अपनी ज़िन्दगी से हमेशा हमेशा के लिए निकाल दे।
हिम्मत राव मान गया । उसके पीछे भी उसका शैतानी दिमाग कुछ सोच चूका था जिससे रानी अन्जान थी।।उसी दिन हिम्मत राव को अपनी बेटी की कुँवारी चूत मिल गई ।
रानी की कुंवारी चूत को जी भर के चोदा उसने। उसके बाद से तो रानी उसके लिए घर की मुर्गी के समान हो गई थी जिसे रोज दिन हो या रात को रानी के खूबसूरत जिस्म 2 चोदता रहता था।रानी अब उसकी बेटी कम बीबी ज्यादा बन गई थी। और फिर हिम्मतराव ने एक प्लान बनाया जिससे रुक्मणी को भी अपने रास्ते से हटा दिया जाए और देवा के खानदान से बदला लेने का सुनहरा मौका भी मिल जाये।
पिछले 2 साल से रानी शहर में पढ़ रही थी बीच बीच में हिम्मत राव शहर जाके उसके ले लेता पर अब जब रानी हमेशा के लिए गांव आ चुकी है तो हिम्मत राव और रानी मिलके अपने अपने दुश्मनो को ख़तम करने की कसम खा चुके है।