समने दारु की दुकान देख रामु की प्यास जग जाती है। और वो देवा के साथ शराब के दुकान से दो बोतल लेके पास ही के एक खेत में आके बैठ जाता है।
देवा शराब पीता नहीं था।
रामु धीरे धीर पहले उसके बाद दूसरे बोतल को भी गटक जाता है फुल टल्ली होने के बाद रामु के सर में नाश चढ़ जाता है और लंड महाराज पायजामे में उधम मचाने लगते है।
देवा;अरे भाई तुम वो बताने वाले थे न की तुम्हें शर्म आ रहे है अपनी बहन के सामने जाने को । ऐसा क्या हो गया
रामु;अरे यार कल रात न मैंने माँ को कौशल्या के सामने चोद डाला।
देवा;हम्म तो कौन सा बड़ा काम कर दिया । इससे पहले भी तो कई बार कर चुका है तू। यहाँ तक की मेरे सामने भी।
रामु;अरे देवा कौशल्या के पास नूतन भी तो सोई हुई थी न उस कमरे में।
देवा;क्या।
रामु;हाँ भाई यही तो इसलिए गाण्ड भी फट रही है और लंड भी खड़ा हो रहा है देख इसे।
अपने पयजामे में बना तम्बू रामु देवा को दिखाता है।
देवा;ये तम्बु अपनी माँ को चोदने के ख्याल से हुआ है या बहन को।
रामु;देवा का मुँह देखने लगता है।
शायद देवा ने रामु की दुखती नस पर हाथ रख दिया था।
रामु;नशे में अपनी गरदन इधर उधार हिलाने लगता है।
मै समझा नहीं तेरी बात।
देवा;अपने हाथ से रामु का लंड पकड़ लेता है।
अब्बे ये तेरे लंड किसकी चूत में जाना चाहता है मामी के या नूतन के।
रामु;क्या देवा तू भी न कुछ भी बोलता है । अरे बहन है वो मेरी । मै उसके साथ ऐसा कैसे कर सकता हूँ । उसकी शादी होने वाली है उसके पति को फटी चूत मिलेगी तो वो क्या सोचेगा।
देवा को समझ आ जाता है की रामु के दिल में क्या है।
मुझे तो ऐसा लगता है भाई की नूतन तुझसे करवाना चाहती है । आखिर तू उसका भाई है और बहन पर सबसे पहला हक़ तो भाई का होता है ना।
रामु;अपने लंड को पायजामे में घीसने लगता है।
हाँ यार बात तू सही कह रहा है।
पहले हक़ तो मेरा ही है मगर कुछ गलत हो गया तो।
देवा;कुछ गलत नहीं होंगा बस तू ये बोल की तू नूतन की लेना चाहता है या नही।
रामु;अभी से नहीं पिछले कई सालों से मै अपनी बहन को चोदना चाहता हूँ मगर क्या करुं डर लगता है न।
देवा;अगर वो खुद तुझे बोले की मुझे चोदो भैया तब।
रामु;साली को ऐसे कस के चोदूँगा की हमेशा याद रखेगी।
देवा;तो चल फिर मेरे साथ।
देवा रामु का हाथ पकड़ के उसे घर लाता है।
रात काफी हो चुकी थी रत्ना और ममता एक कमरे में सो चुके थे।
काशी ;नूतन के पास लेटी बातें कर रही थी और देवकी बाहर बैठी उन दोनों का इंतज़ार कर रही थी।
देवा;रामु को कमरे के बाहर खड़ा रहने को बोलता है और देवकी को एक तरफ ले जा के धीरे से उसके कान में बोलता है।
की आज रामु नूतन को कलि से फूल बनाना चाहता है।
देवकी;पागल हो गए हो क्या तुम दोनों नहीं नहीं उसकी शादी होने वाली है।
देवा;धक्का देके देवकी को दिवार से सटा देता है और एक हाथ से उसकी चूचि मसलते हुए और दुसरा हाथ उसकी चुत पर रख के घीसने लगता है।
अगर तुझे तेरी चूत में मेरा और रामु का लंड चाहिए तो जैसा मै कहता हूँ वैसे ही कर समझी।
देवकी;हाँ में गरदन हिला देती है और तीनो उस रूम में पहुँच जाते है जहाँ नूतन और कौशल्या बातें कर रहे थे।
कमरे में आते ही देवा दरवाज़ा बंद कर देता है और अपने कपडे उतारने लगता है।
साथ में रामु और देवकी भी नंगी हो जाते है।
कौशल्या और नूतन बाते ही कर रही थी जब ये तीनो अंदर आये थे उन दोनों को तो यक़ीन नहीं होता की इन्हें हो क्या गया है।
रामु;कौशल्या को आवाज़ देता है।
जब कौशल्या रामु के पास आती है तो रामु उसे साडी उतारने के लिए कहता है।
कौशल्या;धीरे से रामु से कहती है की नूतन देख रही है।
रामु; कौशल्या के बाल पकड़ के उसके मुँह के सामने बोलता है तुझे जितना बोला है उतना कर चल उतार साली कपडे।
आज मेरी बहन का रिश्ता पक्का हुआ है आज ख़ुशी का दिन है।
थोड़ी देर में ही दोनों औरतें पूरी नंगी होके निचे बैठ जाती है और दोनों के मुँह में लंड चले जाते है।
देवकी और कौशल्या;नूतन की तरफ देख के लंड चूसने लगती है गलप्प गलप्प गलप्प......
देवा;नूतन की तरफ देख के मुस्कुराने लगता है । घबराके नूतन लेट जाती है और अपनी ऑखें बंद कर लेती है मगर फिर धीरे से अपनी ऑखें खोल के सामने का नज़ारा देखने लगती है।
देवा और रामु लंड खड़ा हो जाने के बाद दोनों सास बहु को एक दूसरे से चिपका के खड़ा कर देते है।
देवकी के मोटे मोटे ब्रैस्ट कौशल्या के ब्रैस्ट से रगडने लगते है और पीछे से देवा और रामु दोनों की कमर की दरार में अपना लंड घिसते हुए उनकी चूचिया मसलने लगते है।
कौशल्या;आहह माँ ओह्ह्ह्ह धीरे करो न जी उन्हहह्ह्ह
देवकी;देवा बेटा डाल दे अब्ब अंदर कितना तड़पाएगा रे आह्ह्ह्ह्ह्ह।
देवा और रामु;एक साथ दोनों चुतो में अपने अपने लंड पेल देते है और सटा सट दोनों को पीछे से चोदने लगते है।
देवकी;मेरी चूत में तेरा लंड हमेशा उधम मच्चाता है बेटा। आहह देख न मेरी बहु भी कैसे कमर हिला हिलाके रामु से चुद रही है।
देवा;अपने एक हाथ से कौशल्या की चूचि मसलते हुए दना दन देवकी को चोदने लगता है।
दोनो औरतों की चूत इतनी गरम हो चुकी थी की लावा बहने के बाद भी उन्हें और चुदने का मन करता है।
रामु;अभी अपनी बीवी कौशल्या की चूत में अपने लंड से तूफान मचाने लगता है।
कौशल्या;देवा के ऑखों में ऑखें डालके रामु से बोलती है
आह चोदो मुझे। अपने बच्चे को पानी पीलाओ अपने लंड का। बहुत दिनों का प्यासा है जी।
न दोनों औरतें थक रही थी और न दोनों मरद 25 मिनट से देवा और रामु लगतार चोदे जा रहे थे।
देवकी;कौशल्या के मुँह से मुँह चिपका देती है और झड़ने लगती है।
उसकी चूत ने देवा के लंड के सामने हार मान ली थी मगर देवा का लंड प्यासा था।
देवकी तो अपनी चूत में से लंड निकाल के सामने लेट जाती है और अपनी साँसें धीमी करने लगती है।
देवा; कौशल्या के सामने जाके खड़ा हो जाता है और रामु से उसे गोद में उठाने को कहता है।
रामु;इससे पहले भी कौशल्या की चूत देवा के साथ बाँट चुका था वो अपनी पत्नी को जैसे ही गोद में उठाता है।
देवा;पीछे से अपने लंड को कौशल्या की गाण्ड में ड़ालने लगता है।
कौशल्या;माँ मेरी गाण्ड फट जाएगी नहीं नहीं आहह आह्ह्ह्ह्ह्हह।
मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी देवा का लंड कौशल्या की गाण्ड में घुस चुका था और दोनों कौशल्या को उठाते हुए आगे से और पीछे से चोदने लगते है।
कौशल्या की हालत ख़राब होने लगती है एक साथ दो दो मुसल लंड आगे पीछे होने से उसकी चूत और गाण्ड दोनों में से पानी बहने लगता है।
रामु उसे निचे उतारता है और देवा निचे लेट के कौशल्या को अपने ऊपर खीच लेता है।
अपने लंड को कौशल्या की चूत पर घिसते हुए वो उसकी गरम मख़मली चूत में घुसा देता है।
रामु;अपनी पत्नी को कमर हिलाते हुए चुदते देख के पीछे से अपने लंड को दूबारा कौशल्या की गाण्ड में पेल देता है । रामु का लंड देवा के लंड से थोडा छोटा था। देवा पहले ही गाण्ड का सुराख़ खोल चुका था इसलिए रामु बड़े आसानी से अंदर चला जाता है।
तभी रामु को नूतन की सिसकारीयों की आवाज़ सुनाई देती है।
वो पलट के नूतन की तरफ देखता है और हैरान रह जाता है । नूतन अपनी चूत को रगड रही थी।उसकी ऑखें बंद थी।
रामु देवकी की तरफ देखते हुए नूतन के पास चला जाता है और उसके ऊपर लेट जाता है।
रामु अपने भाई के होते हुए तुझे ये करने के ज़रूरत नहीं मेरी बहन।
नुतन की चूत भट्टी की तरह तप रही थी वो अपने भाई को अपने बाहों में भर लेती है।
भाई मुझे कुछ करो मुझे कुछ करो मेरे भाई मै मर जाऊँगी वरना.....
रामु;क्या करू मेरी बहन मै तुझे......
नुतन ;उन्हह मुझे चोदो भैया मुझे चोदो अपनी बहन को चोदो। मेरी चूत को फाड़ के भाई होने का फ़र्ज़ निभा दो। मेरे भैया आहह उन्हह आह्ह।
रामु;यही तो सुनना चाहता था वो। एक झटके में नूतन की सलवार निकाल के फ़ेंक देता है।
नुतन;अपने दोनों पैर खोल देती है उसकी ऑखें अब भी बंद थी मगर चूत खुलने को तैयार थी । बेचैन होती नूतन के पास देवकी जाके बैठ जाती है और उसके निप्पल को अपने मुँह में ले लेती है।
रामु;अपनी माँ की तरफ देखता है और देवकी उसे ड़ालने का इशारा कर देती है।
रामु;नूतन की मुँह पर अपना मुँह रख के अपने लंड को अपनी बहन की कुँवारी चूत में घूस्सा देता है।
नूतन;भैया मेरी चूत फट गईईईईईईईईई आहह उन्हह।
देवकी;चुप हो जा बेटी दर्द अभी काम हो जायेगा।
नुतन ; नहीं होंगा माँ मेरी चूत उन्हह...
देवा;गरदन मोड़ के उनकी तरफ देखने लगता है।
एक भाई ने अपनी बहन को जवान कर ही दिया था। देवा आगे से नूतन को नहीं कर सका मगर वो जानता था वो नूतन को इससे भी ज़्यादा दर्द देने वाला है । वो कौशल्या के चूत में सटा सट अपना लंड आगे पीछे करने लगता है और कौशल्या अपनी कमर को ऊपर उठा उठा के देवा का साथ देने लगती है।
रामु अपनी बहन नूतन की चूत में धीरे धीरे अपना लंड आगे पीछे करने लगता है मगर शायद नूतन को बहुत ज़्यादा तकलीफ हो रही थी वो ज़ोर ज़ोर से चीख़ने लगती है।
रामु घबरा जाता है और अपना लंड नूतन के चूत से बाहर खीच लेता है।
नुतन;माँ मुझे बहुत जलन हो रही है उन्हह्हह्हा।
देवकी;अब बाहर तो निकाल दिया न रामु ने चुप हो जा थोडी देर में आराम मिल जायेगा।
नुतन की चूत का पर्दा फट चुका था । मगर वो पूरी तरह खुली नहीं थी रामु ने बीच रास्ते में नूतन को अधूरा छोड दिया था।
नुतन अपनी चूत पर हाथ रख के सिसकते हुए उसे सहलाने लगती है।
इधर देवा अपनी भाभी कौशल्या की चूत को अंदर तक चिरता चला जा रहा था।
कौशल्या;अपनी ज़ुबान देवा के मुँह में डाले दोनों पैरों को देवा की कमर पर लपेटे कमर उछाल उछाल के लंड का मजा ले रही थी।
देवा; कौशल्या के कान में धीरे से कहता है।
आह भाभी कैसा लग रहा है अपने देवर का आह्हह्हह्हह्हह।
कौशल्या;भी धीमी आवाज़ में देवा के कान में कहती है।
उन्हह देवर नहीं पति हो आप मेरे।
मेरे बच्चे के पिता।
चोदो न जी अपनी दासी को बहुत जलन हो रही है इस में उन्ह।
पास में बैठा रामु और देवकी ये सब देख रहे थे। देवकी रामु के लंड पर झुक जाती है और अपने बेटे के लंड को अपने मुँह में ले के चुसने लगती है गलप्प गलप्प
रामु; माँ धीरे आह्ह्ह्ह्हह्ह्ह।
नुतन की चूत का खून तो साफ़ कर लेती माँ उन्हह।
देवकी मुझे अपनी बेटी की चूत का खून और पानी दोनों चखने है गलप्प गलप्प।
रामु को ज़्यादा चुदाई की आदत नहीं थी एक रात में वो एक या दो बार ही चुदाई कर सकता था । इस खेल का महारथी देवा था । उसका वश चले तो वो औरत को रात भर सोने ही न दे।
देवकी कुतिया की तरह अपनी गाण्ड रामु की तरफ घुमा देती है और रामु पीछे से अपने लंड को देवकी की खुली हुई चूत के मुहाने पर लगा देता है।
देवकी;अब्ब डाल भी दे । देख न तेरी पत्नी कैसे तेरे भाई से कमर उछाल उछाल के चुदा रही है आअह्हह्हह्हहहह डाल दे बेटा आअह्हह्हह्हह।
रामु दोनों हाथों में देवकी की कमर को पकड़ के पच की आवाज़ के साथ अपना लंड देवकी की चूत में उतार देता है आहह माँ।
देवकी दोनों हाथों से बिस्तर पकड़ लेती है और अपने कमर को आगे पीछे करने लगती है।
आअह्हह्हह्हह ओह्ह्हह्ह ऐसे ही आआआहह चोदता रह बेटा हां अपनी माँ को चोदता रह आआआहहह्ह्ह्ह मेरे लाल इसलिए तो मैंने तुझे जनी थी उन्हहह्ह्ह।
नुतन की चूत की जलन कम हो चुकी थी और अब उस में चुदाई की आग भडकने लगी थी । एक तरफ एक बेटा अपनी माँ को और दूसरी तरफ एक देवर अपनी भाभी को चोद रहा हो तो किसकी चूत में चीटियां नहीं रेंगेगी।
लागतार धक्कों की वजह से कौशल्या तीसरी बार झड चुकी थी वो निढाल हो जाती है मगर देवा का लंड अब भी शांत नहीं हुआ था।
देवा;अपना लंड कौशल्या की चूत से निकाल लेता है एक नज़र वो देवकी और रामु की तरफ ड़ालता है दोनों अपने चुदाई में मस्त थे। कुछ फासले पर नूतन ऑखें फाड़े दोनों को देख रही थी । देवा मुस्कराता हुआ नूतन के पास चला जाता है।
जैसे ही दोनों की ऑखें चार होती है नूतन शर्मा जाती है।
देवा;का कड़क लटकता हुआ लंड देख नूतन की चूत ज़ोर से चीख़ मारती है।
शर्म के मारे नूतन अपने दोनों हाथों से अपना चेहरा छुपा लेती है।
वो अभी भी नंगी थी।
देवा;अपने दोनों हाथों से नूतन के दोनों पैरों को खोल देता है और अपने लंड को ठीक नूतन की चूत के ऊपर रख के घीसने लगता है।
नुतन; उन्हह भैया उन्हह।
दबी दबी सी आवाज़ नूतन के मुँह से निकलने लगती है। एक तरफ वो चुदना भी चाहती थी दूसरी तरफ दर्द से डर भी रही थी।
देवा लगातार अपना लंड नूतन की चूत पे घिसता रहता है और अपने दोनों हाथों को नूतन की पीठ के निचे डालके उसे उठाके बैठा देता है। जैसे ही नूतन उठके बैठती है देवा अपने मुँह में नूतन की ब्रैस्ट खीच लेता है और उसके निप्पल को चूसने लगता है।
नुतन;आहह तड़प उठती है अचानक हुए इस हमले के लिए वो तैयार नहीं थी । नीचे से चूत की घिसाई और ऊपर से अपने निप्पल की चुसाई से नूतन का बुरा हाल था । वो अपने उँगलियों को देवा के बालों में फँसा लेती है।
देवा;गलप्प गलप्प गलप्प।
नुतन ; उन्हह भैया मुझे दर्द होता है ना आहह मत करो न छोड दो मुझे। तुम्हारा तो रामु भाई से बड़ा है उन्हह।
देवा;मेरी बहना एक बार तेरी चूत अंदर तक खुल जाये उसके बाद तु खुद अपनी कमर उछालते हुए मेरा लंड लेगी।
बोल लेगी न अपने देवा भैया का लंड अपनी चूत में।
नुतन शर्मा के अपना चेहरा छुपा लेती है।
देवा दोनों हाथों से नूतन की चूतड़ मसल देता है।
बोल लेगी न अंदर तक मेरा लंड।
नुतन ; आहह मुझे नहीं पता।
देवा;अभी पता चल जायेगा।
चल ज़रा इसे मुँह में लेके चूस तो ज़रा।
नुतन ; नहीं गन्दा लगता है मुझे।
देवा;तेरी माँ को चोदूँ। चूत में लेना गन्दा नहीं लगता मुँह में लेना गन्दा लगता है चल ले जल्दी से।
नुतन देवा के सामने बैठ जाती है और ड़रते ड़रते देवा के लंड का सुपाडा अपनी मुँह में पकड़ लेती है। वो उसे बस होठो से पकडे हुए थी। अंदर बाहर नहीं कर रही थी।
देवा;आहह साली मुँह में ले के चूस ना।
मगर नूतन नहीं करती।
तभी उन दोनों के पास कौशल्या आ जाती है।
और नूतन के मुँह में से लंड निकाल के कौशल्या अपने मुँह में ले लेती है।
कौशल्या;गलप्प गलप्प गलप्प।
नुतन अपनी बडी बडी ऑखों से देखने लगती है।
देवा;नूतन जा तू जा के सो जा तेरे बस का नहीं है। तू अभी बच्ची है। देख तेरी माँ और भाई भी सो गए है।
रामु और देवकी चुदाई से थके एक दूसरे की बाहों में पड़े पड़े गहरी नींद में सो चुके थे।
नुतन को गुस्सा आ जाता है और वो कौशल्या के मुँह में से लंड बाहर निकाल के अपने मुँह में हलक तक खीच कर चूसने लगती है गलप्प गलप्प।
देवा;आहह वो अपने लंड को धीरे धीरे नूतन के मुँह में अंदर बाहर करने लगता है।
पास बैठी कौशल्या अपनी एक ऊँगली निचे से नूतन की चूत में घुसा देती है।
नुतन उछल जाती है मगर देवा ने अपने दोनों हाथों से उसका सर पकडा हुआ था । नीचे से कौशल्या की रफ़्तार तेज़ होने लगती है और ऊपर से देवा का लंड सटासट अंदर बाहर होने लगता है।
तीनो बुरी तरह गरम हो चुके थे। आखिर कार चूत की गर्मी से परेशान होके नूतन अपने भाई देवा की ऑखों में ऑंखें डाल के बोल ही देती है।
नुतन ; भैया चोदो मुझे मेरी चूत में तुम्हारा ये लंड डाल भी दो। आहह चीर के रख दो अपनी बहन की चूत को भैया।
देवा और कौशल्या मुस्कुरा देते है और देवा नूतन के दोनों पैरों को पूरी तरह खोल देता है ।अपने लंड को पहले कौशल्या के मुँह में डालके गीला करने के बाद देवा उसे नूतन की चूत पे लगा देता है।
कौशल्या जानती थी की देवा का लंड रामु के लंड से बड़ा और मोटा भी है और नूतन बुरी तरह चीखेगी।
वो अपना मुँह नूतन के मुँह पे लगा देता है।
और इधर देवा अपने लंड की ताकत नूतन को बता देता है।
देवा;का लंड सब कुछ फाड़ते हुए चूत के दिवारों को गिराते हुए अंदर तक अपनी जगह बना लेता है आह्ह।
नुतन;चीख भी नहीं पाती क्यूंकि उसका मुँह कौशल्या ने अपने मुँह में लिया होता है इधर बिना रुके दना दन देवा धक्कों की बौछार कर देता है वो नूतन को सँभलने का मौका भी नहीं देता ताबड़तोड़ वो नूतन की चूत का कचुमर बना देता है जितना खून रामु भी नहीं निकाल पाया था उससे कई गुना ज़्यादा खून देवा कुछ ही धक्कों में नूतन की चूत से निकाल देता है।
नुतन की साँस फूल जाती है ऑखें बाहर की तरफ निकल आती है वो ठीक तरह से साँस भी नहीं ले पाती है। जैसे ही कौशल्या अपना मुँह नूतन के मुँह से अलग करती है एक दर्दनाक चीख़ नूतन के मुँह से निकलती है।
अगर ममता और रत्ना गहरी नींद में नहीं सो रहे होते तो वो भी भाग के यहाँ आ चुके होते।
नुतन अपने आप को सँभालती है उसका दर्द कम करने के लिए कौशल्या उसके निप्पल को मुँह में ले के चुसने लगती है।
देवा;आहह बहुत छोटी और टाइट चूत है भाभी नूतन की आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह।
कौशल्या;तो कर दो न बडी तुम्हारे लंड से चुदेगी तो कितने दिन छोटी रह पायेगी।
नुतन ;आहह भाभी उहँन मेरी चूत चीर गई लगता है। आअह्हह्हह्हह।
कौशल्या;चीरी नहीं नूतन खुल गई है अब। असली जवानी का मजा चखा है तूने। अब पता चलेगा तुझे की चूत चीज़ क्या है और लंड का स्वाद क्या होता है।
कौशल्या एक कपडे से नूतन की चूत का खून साफ़ करती है।
देवा का लंड सटा सट अंदर बाहर होने लगता है।
देवा नूतन को स्पीड में चोद रहा था कभी कभी वह अपना लंड नूतन की चूत से निकाल कर कौशल्या के मुँह में पेल देता है जिसे कौशल्या चूसने लगती है। फिर देवा अपने लंड को एक ही झटके में नूतन की चूत में घच से पेल देता है।नूतन को भी अब धीरे धीरे मज़ा आने लगा था।वह भी अपनी गांड उठाकर देवा से चुदवाने लगती है।
देवा की होंठो को पीने लगती है।देवा पूरी ताकत से नूतन को पेलने लगता है नूतन भी देवा को अपनी बाहों में कस लेती है और झड़ने लगती है।जिंदगी का सबसे बड़ा सुख आज उसे मिल गया था।
उस रात तीनो बिलकुल नहीं सोते । सुबह सुबह देवा कपडे पहनके अपने कमरे में चला जाता है और कौशल्या देवकी और रामु को भी कपडे पहनने के लिए जगा देती है।
सुबह सुबह देवा नहा धोके अपने खेतो की तरफ चल देता है।
घर में सब अपने अपने काम में लगे हुए थे। बस नूतन बिस्तर पे पडी हुई थी। उससे चला भी नहीं जा रहा था।
ममता और रत्ना से कौशल्या ने कह दिया था की नूतन का मासिक हफ्ता( पिरियड़) आज से शुरू हुआ है इसलिए वो लेटी हुई है।
ममता नूतन के पास जाके बैठ जाती है।
क्यूं री बाहर क्यों नहीं आई तु।
नुतन ; मेरी तबियत ख़राब है।
ममता नीचे से ऊपर तक नूतन को देखती है नूतन का चेहरा गुलाब की तरह खिला हुआ था होठो पर हंसी रुक नहीं रही थी। ऑंखों की चमक साफ़ बता रही थी की कुछ तो हुआ है नूतन को।
ममता रूम का दरवाज़ा बंद करके वापस नुतन के पास जाके बैठ जाती है।
और नूतन की सलवार उतारने लगती है।
नुतन; क्या कर रही है मुझे । कोई देख लेंगा।
ममता ; चुप कर मुझे कुछ देखना है।
नुतन घबरा जाती है और अपनी सलवार का नाडा पकड़ लेती है।
नही मुझे नहीं देखना तू जा अभी।
ममता ; तुझे मेरी कसम नूतन अगर तूने मुझे रोका तो।
नुतन सलवार का नाडा छोड देती है और ममता झट से सलवार के साथ साथ पेंटी भी नीचे खीच लेती है।
और जो हक़ीकत उसकी ऑखों के सामने आती है उसे देख ममता के होश उड़ जाते है।
शर्म के मारे नूतन अपने चेहरे को अपने दोनों हाथों से छुपा लेती है।
नुतन की चीरी हुई चूत साफ़ साफ़ बता रही थी की रात भर उसे बुरी तरह चोदा गया है । ममता जानती थी की ये काम किसने किया है मगर उसे उस इंसान पर गुस्सा नहीं बल्कि प्यार आ रहा था।
ममता एक हल्की सी चपत नूतन की चूत पे मारके वहां से बाहर निकल जाती है।