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हाय रे ज़ालिम.......complete

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रात घिरने लगती है और ममता देवा से मिलने शालु के घर आती है।

ममता;काफी देर से देवा के पास बैठी उसे समझाने की कोशिश कर रही थी मगर देवा था की चलने को तैयार नहीं था।

ममता ;भैया अगर आप मेरे साथ नहीं आएंगे न तो मै अपनी जान दे दूंगी सच्ची । वो बोलते सिसक सिसक के रो पडी।

देवा;तू जानती है ना ममता मै वहां कैसे किस मुँह से जाऊँ। माँ को देखते ही मुझे वो सब याद आ जायेगा।

ममता ;भैया माँ ने कहा है की तुम घर आ जाओ वो तुम्हें कुछ नहीं कहेंगी।

तुम्हेँ जैसा रहना है वैसे रहो बस घर लौट आओ।

तुम्हे अपनी बहन की कसम।

देवा;ऐसा कहा माँ ने।

ममता ;हाँ बिलकुल ऐसे ही वो खुद तुम्हें लेने आने वाली थी मगर तुम्हारा ग़ुस्सा देख नहीं आई। चलो न भैया घर चलो ना।

देवा;तू जा मै कल सुबह आ जाऊँगा।

ममता ;अभी क्यों नही।

देवा;जा बोला न दिमाग ख़राब मत कर।

ममता ;देवा का पारा चढ़ता देख खड़ी हो जाती है।

कल कितने बजे लेने के लिए आऊँ मै फिर....

देवा;जा मै आ जाऊंगा सुबह खेत से सीधा घर आऊँगा।

ममता ;ठीक है।

वो अपने ऑंसू पोछते हुए वहां से अपने घर लौट जाती है।

शालु;देवा के पास आके बैठ जाती है।

क्या कह रही थी ममता।

देवा;कुछ नहीं मुझे घर चलने के लिए कह रही थी।

शालु;क्या कहा तुमने उससे।

देवा;यही के कल आऊँगा।

शालु; अच्छा चलो रात बहुत हो गई है तुम पिछे वाले रूम में जा के सो जाओ।

देवा;तुम नहीं चलोगी।

शालु;धत बेशरम जा मुझे भी नींद आ रही है।

शालु नीलम और पप्पू के पास जाके लेट जाती है।

और देवा उठके रूम में जाके लेट जाता है।

रात का अँधेरा गहरा होने लगता है।

देवा ;को नींद नहीं आ रही थी।

की तभी उसके रूम का दरवाज़ा खुलता है।

वो दरवाज़े की तरफ देखता है और

उसके मुँह से बस इतना ही निकल पाता है तुम यहाँ इस वक़्त।
 
अपडेट 66

दरवाज़े पर पप्पू खड़ा था।

चेहरे पर मुस्कान लिए वो देवा के जिस्म को घुर रहा था।

देवा;क्या हुआ बात क्या है।

पप्पू;देवा के क़रीब आके उसके पैरों में बैठ जाता है।

मुझे नींद नहीं आ रही है देवा।

देवा;क्यूं।

पप्पू;शरमा जाता है।

उसके इस तरह शरमाने से देवा

अच्छी तरह वाकिफ़ था।

वो पप्पू को ऊपर चारपाई पर बैठा देता है।

देवा; साले अब तो छोड ये सब। तेरी शादी होने वाली है।

तेरी माँ ने देख लिया तो क्या सोचेगी तेरे और मेरे बारे में।

पप्पू;अपना हाथ देवा के जांघ पर रख के उसके जांघ के पास सहलाने लगता है।

देवा;तुझे सुनाई नहीं दिया। मै क्या कह रहा हूँ जा मुझे सोने दे।

पप्पू;देवा को भी डर लगता है मुझे तो पता ही नहीं था।

माँ और नीलम सो चुके है देवा। बस मेरी नींद ग़ायब है।

पप्पू;अपने नाज़ुक हाथों से देवा का लंड पेंट के ऊपर से ही पकड़ के मरोड़ देता है।

देवा;आहह हरामी आहह चला जा यहाँ से।

मगर पप्पु तो जैसे कुछ सोच कर ही यहाँ आया था। वो फिर से नीचे देवा के पैरों में बैठ के देवा के पेंट की ज़िप खोल देता है।

और देवा के लाख मना करने के बावजूद देवा का लंड बाहर निकाल लेता है।

पप्पू की ऑखें चमक जाती है और वो अपना मुँह खोल के देवा के लंड को अपने मुँह में उतार लेता है गलप्प गलप्प करके चूसने लगता है।

देवा;आहह तेरे माँ को चोदूँ साले। आह्ह्ह्ह्ह।

मत कर साले वरना ऐसा ठोकूंगा की याद रखेगा।

पप्पू;यही तो चाहता था वो टेस्टीस को सहलाते हुए लंड को और ज़ोर ज़ोर से चुसने लगता है।

देवा की ऑखें बंद हो जाती है।

बस पप्पू के मुँह में लंड से गलप्प गलप्प की आवाज़ पूरे रूम में गूँजने लगती है।

और उसी आवाज़ में अचानक शालू की आवाज़ देवा को चौंका देती है।

देवा ऑखें खोल के देखता है और शालु को वहां देख हड़बड़ा जाता है।

पप्पू की गाण्ड ही फट जाती है वो आवाज़ शालु के करारे थप्पड की थी जो उसने पप्पू की पीठ पर रसीद की थी।

पप्पू खड़ा हो जाता है।

माँ वो मै मै तो यहां....

शालु;हरामी कितनी बार तुझे ये सब करने से मना किया है निकल यहाँ से।

पप्पू वहां से भाग जाता है।
 
शालु;और तू भी मना नहीं कर सकता था उसे। जब देखो मेरे बेटे के मुँह में डाले रहता है।

देवा;शालू का हाथ पकड़ के उसे चारपाई पर अपने पास खीच लेता है।

शालु;आहह क्या कर रहा है देवा छोड मुझे।

देवा;मुझे लगा तुम आओगी सासु माँ मगर तुम्हारा बेटा आ गया।

अब उस ने जो अधूरा काम छोड़ा है उसे पूरा कर दो ज़रा।

शालु;उन्हह कौन सा काम।

देवा;अपने दोनों हाथों से शालु के नरम नरम ब्रैस्ट मसलने लगता है।

तूम तो जानती हो मेरे लंड को खड़ा करने के बाद क्या चाहिए।

या तो इसे अपने मुँह में ले कर ठण्डा करो या मै पप्पू की जाकर लूँगा।

शालु;उन्हह हरामी है तू बड़ा। आहह छोड मुझे मत कर ना बेटा आह्ह्ह्ह। मै तेरी माँ जैसी हूँ ना।

देवा;तभी तो और मन करता है बस एक बार दे दे मुझे काकी। ज़िन्दगी भर तेरी ग़ुलामी करुँगा मैं।

शालु;नहीं कभी नहीं दूंगी मै आअह्हह्हह्हह।

देवा;साली नखरे करती है। कबसे छुप छुप के अपने बेटे को देख रही है मेरा लंड चुसते हुए। चल ले वरना.....

देवा;खड़ा हो जाता है और ज़बर्दस्ती शालु की नाइटी को उतार के उसे ऊपर से नंगी कर देता है।

देवा;मुँह खोल।

शालु;इधर उधर देखती है और देवा के लंड को अपने मुँह में लेकर जल्दी जल्दी चुसने लगती है इस डर से की कही कोई आ न जाए।

देवा;आहह सासु माँ क्या चीज़ है तू भी।

आह नशा और बढा देती है मेरी रानी।

शालु;गलप्प गलप्प गलप्प्प गलप्पप्प।

ये झरता क्यों नही जल्दी गलप्प गलप्प।

देवा;उसे चूत चाहिए या तो अंदर ड़ालने दो या ऊपर रगडने दो आअह्हह्हह्हह।

शालु;जो करना है जल्दी आह्ह्ह्ह कोई आ जायेगा बेटा हां गलप्प गलप्प गलप्पप्पप्पप्प।

देवा;यही तो सुनना चाहता था वो शालु को लिटा के उसकी शलवार और पेंटी भी उतार देता है।

शालु;मुझे नंगी क्यों कर रहा है ऊपर से रगड ना।

देवा;शालू की चालाकी बहुत अच्छी तरह जानता था। शालु झडने के बाद देवा की गाण्ड पर लात मार कर वहां से भाग जाती।

इस बात से अच्छी तरह वाकिफ़ देवा इस बार अपने लंड को उसकी चूत पर रगडने की बजाये अपनी ज़ुबान से शालु की चिकनी चूत को कुरेदने लगता है।

जैसे ही देवा की ज़ुबान शालु की चूत से टकराती है शालु उछल पडती है।
 
शालु;आहह मार डाला रे ये क्या कर रहा है।

उन्हह्ह्ह ऐसा मत कर मै सह नहीं पाऊँगी।

देवा;गलप्प गलप्प अभी तुझे बहुत कुछ सहना है।

शालू गलप्प गलप्प गलप्पप्प।

देवा;की ज़ुबान शालु की चूत के अंदर तक पहुँचाके ना जाने क्या तलाश करने लगता है।

शालु जैसे ही देवा को कस के पकड़ने लगती है देवा अपनी ज़ुबान शालु की चूत से हटा देता है।

शालु;आहह नहीं नहीं ऐसा ज़ुलम मत कर बस मेरा निकलने वाला है आह्ह्ह्ह।

लगा दे अपना मुँह मेरी चूत पर देवा आहह चूस बेटा बस थोडी देर कर ले.....

देवा;नहीं तुम बहुत चालाक हो काकी। अपना काम निकल जाने के बाद मुझे पहचानती भी नही।

शालु;नहीं करुँगी बस चूस के ठण्डी कर दे मेरे लाल

आह मेरी आग को बुझा दे हरामी।

देवा;अपने लंड को थूक लगा के शालु के ऊपर पूरा का पूरा लेट जाता है।

मुझे लंड रगडने दे पहले।

शालु;आहह यहाँ रख के रगड़ बेटा।

वो अपनी चूत के ठीक ऊपर देवा का लंड हाथ में पकड़ के चूत की क्लाइटोरस(क्लिट) पर घीसने लगती है।

देवा;हाथ निकाल अपना।

शालु;नही तू घुसा देगा मुझे पता है।

देवा;निकालती है या नही।

शालु;जैसे ही अपने हाथ में से देवा का लंड छोड़ती है देवा लंड का सुपाडा शालु की चूत पर रख के बिना देरी किये एक जोरदार धक्का अंदर देता है और देवा का लंड पहली बार अपनी सासु माँ की रस छोड़ती चूत को

अंदर तक खोलता हुआ चूत के अंदर तक बच्चेदानी के दिवार पर पहला ठोकर मारता है।

शालु;उईईईईईई माँ आह्ह्ह्ह्ह्।

आह मार डाला तूने कमीने।

देवा;रुकता नहीं वो सटा सट अपने लंड से शालु की बहुत दिन से बंद चूत को खोलता चला जाता है।

कुछ ही पलों में शालु अपने दोनों पैर खोल के देवा को अपना जिस्म सोंप देती है।

शालु;आहह मुझे पता था आज ये अंदर जा के ही रहेगा।

अब मत रुकना देवा आअह्हह्हह्हह।

तेरी सास बहुत प्यासी है अब रात तेरी है मेरे जमाई राजा आह्ह्ह्ह्ह्ह।

कूट दे अपनी शालु की चूत को।

शालु;कई दिन से इस रात के लिए तड़प रही थी वो सुबह से ही सोच के बैठी थी की आज चाहे कुछ भी हो जाये वो देवा को अपने ऊपर चढ़ा के रहेंगी।

ममता और देवा की बातें उसने सुन ली थी वो जानती थी सिर्फ आज की रात ही देवा उसके घर में है।

और आज ही वो रात है जो उसे जाग कर काटनी है।
 
देवा;अपनी सास की गरम चूत का जैसे दीवाना हो गया था। वो शालु को अपने नीचे पूरी तरह छुपा के

उसके मुँह में मुँह डाल के कमर को तेजी से ऊपर नीचे करने लगता है।

शालु;आहह देवा इतनी अंदर आज तक नहीं महसूस की मैने।

अपनी काकी की भी जान निकाल देता है रे तू बेटा।

देवा;शालू मेरी जान कितना तड़पाया है तूने मुझे। आज मै तुझे सोने नहीं दूंगा रात भर।

शालु: मैं भी सोना नहीं चाहती अपने दामाद से रात भर चुदना चाहती हूँ।

आह धीरे धीरे पेलो ना दामाद जी।

देवा;आह्ह्ह कितनी गरम और टाइट चूत है तेरी काकी। मेरा लंड फंसा फंसा जा रहा है। रश्मि की चूत भी तेरे सामने कुछ नहीं शालु।

शालु;आहह अब तो मेरी बेटी भी आ रही है।

अपने आप को बड़ा मरद कहता है न तु। उसके सामने मुझे चोद के दिखाओ तो मान लुँगी हाँ आह्ह्ह्ह।

देवा;चिंता मत करो सासु माँ रश्मी के सामने भी तेरी चूत और गांड नहीं मारा तो मेरा नाम देवा नहीं।

देवा;शालू को कुतिया की तरह कर देता है

और पीछे से अपना लंड उसकी गाण्ड को सहलाते हुए चूत में लंड घुस्सा देता है।

शालु;आहह पूरी कुतिया बना दिया मुझे।

देवा:आह क्या मज़ा आ रहा है साली।अब तो रोज तुझे कुतिया बनाऊँगा और तुझे चोदुँगा मेरी जान।रोज मेरा लंड लेगी ना।

शालू: हां देवा।क्या मस्त लँड है तेरा। बहुत मज़ा आ रहा है चोदता जा। आज पहली बार इतना अंदर कोई गया है।आह्ह्ह्ह

तभी देवा अपनी एक ऊँगली से शालू की गांड को सहलाने लगता है।साथ में कुतिया बनी शालू को जोर जोर से चोदता भी जा रहा था। शालू भी बहुत गरम हो चुकी थी।देवा के हर धक्के पर अपनी गांड पीछे करके देवा के हर धक्के का जबाब दे रही थी।

देवा: एक ऊँगली शालू की गांड में पेलते हुए ।आह साली रंडी।क्या मस्त गांड है तेरी।कुतिया तो तू बन ही गई है।आज रात भर तेरी गांड मारूँगा मैं।कितनी टाइट गांड है तेरी।मेरी ऊँगली भी नहीं घुस रही है।
 
शालू: आह देवा । मेरी गांड छोड़ दे बेटा तू मेरी चूत पर ध्यान दे।पहले मेरी चूत की गर्मी शांत कर दे। मैं अपनी गांड भी तुझे दूंगी बेटा।आह्ह्ह्ह्ह्ह चोद और जोर जोर से आह्ह्ह्ह फाड़ डाल मेरी चूत को आह्ह्ह्ह्ह्ह।

देवा शालू की गांड से ध्यान हटाकर उसकी चूत को किसी रंडी की तरह चोदने लगता है। जब कभी शालू अपनी गांड हटाना चाहती है तो देवा उसकी गांड पर चटाक से थप्पड़ मारता है।फिर कुतिया बनी शालू की चूत बहुत जोर जोर से चोदने लगता है।

दोनो ये नहीं जानते थे की पप्पू वहां से गया नहीं था

वो दरवाज़े की ओट से खड़ा सब देख भी रहा था और सुन भी रहा था।

और ये सब देख उसका लंड भी खड़ा हो चूका था

वो अपनी पेंट और अंडरवियर उतार के देवा के पास चला आता है।

शालु की पीठ देवा और पप्पू की तरफ थी इसलिए वो पप्पू को देख नहीं सकती थी।

पहले तो देवा थोड़ा सहम जाता है मगर अगले ही पल पप्पू को भी नंगा देख समझ जाता है।

की उसे क्या चाहिए। इशारे से वो पप्पु को अपना लंड शालु के मुँह में ड़ालने के लिए कहता है।

शालु;ऑंखें बंद किये देवा के लंड का मजा ले रही थी। उसे अपने होठो पर कुछ गरम चीज़ महसूस होती है।

जैसे ही शालु ऑखें खोल के देखती है पप्पू उसे सामने नंगा अपना लंड हाथ में लिए खडा दिखाई देता है।

शालु;आहह देवा रुक जा ज़रा।

मगर देवा कहाँ रुकने वाला था।

पप्पू; मुँह खोलों माँ वरना नीलम और बापु को जगा दूंगा।

बेचारी शालु आज सब तरफ से फँस चुकी थी वो ऑंखें बंद करके मुँह खोल देती है।

और उसका अपना सगा बेटा पप्पू अपने लंड को शालु के मुँह में डाल देता है।

देवा;आहह कैसा लग रहा है काकी अपने जमाई और बेटे के लंड को लेकर।

वो इतनी ज़ोर ज़ोर से शालु की चुदाई करने लगता है की शालु का मुँह खुला का खुला रह जाता है।

सिर्फ हवा उसके मुँह से निकलने लगती है और उस खुले मुँह में पप्पू अपना लंड अंदर बाहर करने लगता है।
 
देवा;पप्पू को आँख मार देता है और शालु को अपने ऊपर खीच लेता है।

शालु;का मुँह पप्पू के रहते बंद हो जाता है जितना वो खुल कर देवा से चुदाई की बातें कर रही थी।

पप्पू की मौजूदगी में उतना ही चुप हो गई थी। वो वहां से भाग जाना चाहती थी मगर चूत की गर्मी थी की उसे ऐसा करने से रोक रही थी।

अपने जमाई के ऊपर सवार शालु कुछ भी सोचने समझने की स्थिति में नहीं थी।

इससे पहले शालु कुछ कह पाती देवा नीचे से अपना लंड शालु की नाज़ुक चूत में ठोक देता है।

शालु;आह्ह्ह उहँन बस सिसक के रह जाती है।

वो पीछे पलट के पप्पू की तरफ देखती है।

पप्पू;मुस्कराता हुआ अपना लंड पीछे से शालु की गाण्ड में लगा देता है।

शालु;आहह नहीं बेटा वहां नही मै नही ले पाऊँगी।

मगर आज शालु का दिन नहीं था आज उसे अपनी चूत और गाण्ड दोनों जवान लौडों को सौंपनी थी।

पप्पू;का छोटा सा लंड खिसकते खिसकते धीरे धीरे शालु की गाण्ड में घुस जाता है।

और शालु निढाल देवा की छाती से चिपक जाती है।

देवा;अपनी शालु के कानो में धीरे से कहता है।

कैसा है पप्पू का लंड।

शालु;कुछ नहीं कहती बस ज़ोर से देवा के गाल को काट लेती है।

पीछे से पप्पू के धक्के शालु की जवानी की आग को और भड़काने लगते है।

पहली बार उसके दोनों सुराखों में एक साथ दो लंड थे वो चिखना चाहती थी।

चिल्लाना चाहती थी मगर पप्पू के रहते सिसक सिसक के रह जाती है।

पप्पू;अपने लंड को शालु की गाण्ड में अंदर डाल के दोनों कमर पकड़ के ज़ोर से चीखते हुए रुक जाता है

और शालु को अपनी गाण्ड में गरम गरम पानी गिरता हुआ महसूस होता है।

अपने बेटे के पानी को अपनी गाण्ड में महसूस करके शालु भी देवा के लंड के ऊपर झरने लगती है मगर देवा इतनी जल्दी मैदान छोडने वालों में से नहीं था।

पप्पू;अपना पानी निकाल के वही सामने बिस्तर पर लेट जाता है।

शालु;देवा के ऑखों में देखने लगती है।

देवा;इशारे से उससे कुछ पूछता है और शालु शर्मा कर हाँ में सर हिला देती है।

देवा;शालू को अपनी गोद में बैठा देता है।

और जहाँ कुछ देर पहले पप्पू का लंड था उसी गाण्ड की सुराख़ पर देवा अपना लंड घीसने लगता है।

शालु के सामने पप्पू लेटा हुआ था। अपने बेटे के सामने

अपने दामाद के लंड पर गाण्ड घिसवाते शालु का तन बदन काँपने लगता है।

शालु;देवा मार मेरी गाण्ड आअह्हह्हह्हह।
 
देवा;अगले ही पल अपने दोनों हाथों में शालु की कमर को पकड़ के अपना मूसल लंड शालु की गाण्ड में उतार देता है।

शालु;आहह मेरे लाल आह्ह्ह कितना मोटा है रे आह्ह्ह्ह्ह्ह।

मेरी गाण्ड फट जाएंगी आह्ह्ह्ह्ह्हह धीरे धीरे आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह।

मगर देवा ज़रा भी रहम नहीं खाता और शालु की गाण्ड को खोल के चीर के रख देता है।देवा जब शालू की गांड मारना शुरू करता है तो शालू को अहसास होता है की देवा का लंड कितना मोटा है जो शालू जैसी चुदक्कड़ औरत की भी गांड चोद चोद के फाड़ सकता है।

शालु;पप्पू के ऑखों में देखते हुए एक तरह से उससे कहती है।

देख असली मरद इसे कहते है जिसके लंड की धार से औरत चीख़ पडे।

देवा;इतनी ज़ोर ज़ोर से शालु की गाण्ड मारने लगता है की शालु चीखते हुए मुतने लगती है।

शालु;आहह देवा आह्ह्ह्ह्ह।

शालु;मेरे मरद ने भी मुझे ऐसे नहीं चोदा देवा आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह।

आज से तुम ही मेरे मरद हो मेरे बच्चों के माँ की।

आज से हम सब तेरे गुलाम हैं मेरे देवा।

देवा शालू के मोटे चुतडो को कस-कस कर अपने हाथो से भिचता हुआ उसकी गान्ड मारने लगता है और शालू अपने हाथो के पंजो से चादर को पकड़े हुए अपने देवा का मोटा लंड अपनी गदराई गान्ड मे लेने लगती है।

देवा करीब 15 मिनिट तक अपनी सासु माँ की धीरे-धीरे लेकिन गहरे धक्के मारता हुआ उसकी मोटी गान्ड चोदता रहता है, उसके बाद देवा शालू की गान्ड को हुमच-हुमच कर चोदना शुरू कर देता है।

शालू: आह आहह्ह्ह्ह ओह देवा बहुत खुजली हो रही है आह बहुत अच्छा लग रहा है देवा।थोडा तेज चोदो आह-आह ओह देवा तू कितना अच्छा है थोड़ा कस कर पेल। आह-आह, चोद देवा । आह-आह ओह और तेज पेल और तेज।

देवा शालू की मोटी गान्ड को सटासट चोदने लगता है और उसके चुतडो पर हल्के-हल्के थप्पड़ मारते हुए उसकी गान्ड मे सटासट लंड पेलने लगता है।

कुछ देर गांड मारने के बाद देवा अपना लंड शालू की गांड से निकाल कर उसकी चूत में पेल देता है। शालू की चूत बहुत पानी छोड़ रही थी वह पूरी तरह से गीली हो चुकी है। देवा का लंड आराम से शालू की चूत में घुस जाता है फिर देवा जोर जोर से शालू की चूत में अपना मोटा लंड पेलने लगता है ।5 मिनट की बुर चुदाई में ही शालू की चूत पानी छोड़ देती है और वह झड़ जाती है। जब शालू झड़ जाती है तब देवा अपना लंड फिर से शालू की मोटी गांड में पेल देता है।
 
करीब 20 मिनिट तक शालू की गान्ड को मारते हुए देवा का लंड उसकी कसी हुई गान्ड मे पानी छोड़ देता है और देवा हान्फता हुआ उसकी कमर के उपर झुक जाता है और शालू बेड पर पेट के बल पसर जाती है, देवा सीधा शालू की गान्ड मे लंड फसाए उसके उपर लेट जाता है और करीब 2 मिनिट बाद उसका लंड शालू की गान्ड से बाहर निकल आता है।

कुछ देर बाद फिर से देवा का लंड खड़ा हो जाता है।वह फिर से शालू की गीली चूत और मोटी गांड फाड़ने लगता है।

देवा;अपनी शालु को रात भर ऐसे ही चोदता है ।

शालू को चोदना देवा का बहुत दिनों का सपना था।देवा जबसे जवान हुआ था तभी से उसे गांव की दो औरतें सब से ज्यादा पसंद थी।एक तो उसकी माँ रत्ना और दूसरी शालू।एक सपना आज उसका पूरा हो गया था।

वह शालू को रातभर बेदर्दी से चोदता है देवा का लंड कभी शालू की चूत में जाता है तो कभी उसकी गांड में। देवा शालू को किसी रंडी की तरह चोदता है।

सुबह तक शालु ठीक से चल भी नहीं पाती और लडखडाती हुए अपने बिस्तर पर जा कर लेट जाती है।

और देवा सुबह सुबह अपने खेतों में चला जाता है।

उधर हवेली में हिम्मत का ग़ुस्सा सातवें आसमान पर था उसे हर तरफ से नाकामी ही मिल रही थी।

वो जल्द से जल्द देवा की ज़मीन और रुक्मणी की जायदाद हथियाना चाहता था मगर उसके सारी चालें नाकाम साबित हो रही थी।

झुंझलाया हुआ हिम्मत अपने रूम में रानी के साथ बैठा हुआ था।

रानी;बापू इतनी चिंता मत करो।

हिम्मत; हरामज़ादी मुझे मत सीखा।

तू किसी काम की नहीं है । तुझे भी आज़मा के देख चूका हूँ मै। अब मुझे ही कुछ करना होंगा।

रानी;क्या करने वाले हो आप।

हिम्मत; ख़ून।

रानी;खून किसका।

हिम्मत; देवा का। उस हराम के जने को मै हमेशा हमेशा के लिए दुनिया से भेज दूंगा वहां जहाँ उसका बाप है।

रानी;अपने बाप के ऑखों में उतरे खून को भाँप गई थी वो जान गई थी की हिम्मत कुछ ऐसा सोच चूका है। जिसका अंजाम पूरे गांव वालों को और खास कर देवा के खानदान वालों को भुगतना होंगा।

हिम्मत;मैंने कुछ लोग शहर से बुलाये है रानी।

रानी;काँपते होठो से।

किसलिए बापु।

हिम्मत;अपनी बन्दूक उठाके उसका निशाना रानी के सर की तरफ करते हुए।

तू जानती है किसलिये।

बाहर खड़ी खड़ी रुक्मणी के हाथ पैर काँपने लगते है।
 
अब आगे क्या होगा? जानने के लिए पढ़ते रहिये।

बहुत सारे कमेंट और के लिए थैंक्स।कहानी जारी रहेगी।अपडेट भी प्रतिदिन देने की मैं कोशिश करूँगा।कहानी आपलोगों को कैसी लगी ।अपने विचार अवश्य दें।thanks
 
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