S
StoryPublisher
Guest
अमित उठकर खड़ा हो गया, चूत में से सतीश ने भी लंड बाहर निकाल लिया, मेरे चूतड़ों पर हाथ फिराते हुए बोला- रानी, घबराती क्यों हो? दो दो छेदों में डलवाने का मज़ा शरीफ औरतों को बार बार कहाँ मिलता है, इसमें दर्द तो होता है लेकिन मज़ा भी बहुत आता है। इस अमित साले ने सीधे तुम्हारी गांड में डाल दिया तो दर्द ज्यादा होगा, पहले मैं रास्ता बना देता हूँ।
सतीश ने मेरी गांड में अपनी उंगली घुसा कर अंगूठी बनाते हुए मेरी गांड का मुँह चौड़ा कर दिया। सतीश पहले एक बार मेरी गांड मार चूका था, उसने आसानी से अपना लंड मेरी गांड में घुसा दिया और मेरी चूचियाँ झुककर पकड़ लीं। चूचियों को मसलते हुए सतीश मेरी गांड चोद रहा था, मैं बकरी बनी हुई ‘मां मां मर गई’ कर रही थी।
गांड चुदाई में मीठा दर्द हो रहा था, मेरी आहें गूँज रही थीं। अमित और भाभी सिगरेट पीते हुए मेरी गांड चुदाई का आनन्द ले रहे थे। सिगरेट ख़त्म होने के बाद अमित ने अपना लंड मेरे मुँह के आगे रख दिया और बोला- भाभी इसे चूसो, अब एक नया मज़ा आएगा !मैंने लंड मुँह में ले लिया। सतीश अब धीरे धीरे लौड़ा पेल रहा था। गांड मरवाते हुए मैं लौड़ा चूसने लगी, दो दो लंडों से मेरी जवानी लुट रही थी।
दस मिनट के बाद अमित ने लंड निकाल लिया और पीछे जाकर सतीश को हटा दिया।
अमित मेरे चूतड़ों को सहलाने लगा और बीच बीच में गांड में भी उंगली कर रहा था जैसे कि माल को परख रहा हो।
सतीश ने मेरे मुँह के पास आकर अपना कंडोम निकाल कर फेंका और अपना लौड़ा मेरे मुँह में घुसा दिया। मुँह में डालने के बाद उसने मेरी चुचूकों को कस कस कर नोच कर घुमाया और 4-5 बार अपना लौड़ा मेरे मुँह में ठोका।
इसके बाद उसने लौड़ा निकाल कर मेरी कमर कस कर पकड़ ली, मैं अब अपने चूतड़ हिला भी नहीं सकती थी। जब तक मैं कुछ समझती, अमित ने अपने लंड का सुपारा मेरी गांड में लगा दिया, मेरी गांड में 440 वोल्ट का झटका लगा। मैं जोर से चिल्ला उठी, भाभी ने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया। अमित का लौड़ा अंदर प्रवेश करने लगा था। सतीश ने हाथ कमर से हटा लिए और मेरा मुँह पकड़ लिया, अमित अब मेरी कमर पकड़ कर अपना मोटा लंड अंदर घुसाए जा रहा था, मैं घुटी हुई चीखें मार रही थी। अमित का लंड सतीश से दुगना मोटा था। दो मिनट के बाद अमित का लंड मेरी गांड में पूरा फिट हो गया था। सतीश ने मेरा मुँह छोड़ दिया, मैं अब चिल्लाते हुए गालियाँ बक रही थी- हरामजादो, रंडी की औलादो, अपनी माँ की चोदो साले ! हराम के ऐसे कोई चोदता है/
लेकिन ये सब सुनकर कुत्तों का जोश बढ़ रहा था। अमित ने मेरी गांड ठोकनी शुरू कर दी और बोला- रंडी साली, पहले तो आग लगाती है फिर जलन होती है तो गाली देती है?
भाभी बोलीं- आराम से मज़े ले ! शुरू में तो सबके दर्द होता है, मैं जब चुद रही थी तो बड़ा मुस्कुरा रही थी, अब खुद की फट रही है तो रो रही है? बड़ी सती-सावित्री बन रही है? जब से आई है, लंड-लंड चिल्ला रही है और अब जब घुस रहा है तो रो रही है।
अमित बोला- मेरी प्यारी कुतिया भाभी, जितनी फटनी थी, उतनी फट गई है, अब ढीली होकर मज़े ले ! चुदाई इसी का नाम है।
सतीश एक तरफ मेरी चूचियों का रस नोच नोच कर निकाल रहा था, अमित दूसरी तरफ गांड लंड से खोद रहा था।
कुछ धक्कों के बाद मेरी गांड का दर्द कम हो गया लेकिन मेरी ठुकाई अच्छी तरह से हो रही थी, मेरी आँखों से आंसू बह रहे थे, मेरी गांड चुद चुद कर चौड़ी हो रही थी, मैं एक रंडी की तरह चुद रही थी। कुछ देर बाद अमित ने मुझे तिरछा करके लेटा लिया और मेरी जांघें फ़ैला दीं, लंड उसका मेरी गांड फाड़े हुए था, आगे से सतीश ने बिना देर किए मेरी चूत में लंड घुसा दिया। अब मैं दोनों के बीच सैंडविच बन गई थी, सतीश ने मेरी चुदाई 10 मिनट तक करी। अमित भी बीच बीच में धीरे धक्के मार रहा था। अब मैं दो दो लंडों से चुद रही थी।
इसके बाद दोनों ने अपने वीर्य से मेरी चूत और गांड भर दी। मैं अर्ध बेहोश सी हो गई थी, थोड़ी देर बाद मैं सो गई।
कहानी जारी रहेगी।
सतीश ने मेरी गांड में अपनी उंगली घुसा कर अंगूठी बनाते हुए मेरी गांड का मुँह चौड़ा कर दिया। सतीश पहले एक बार मेरी गांड मार चूका था, उसने आसानी से अपना लंड मेरी गांड में घुसा दिया और मेरी चूचियाँ झुककर पकड़ लीं। चूचियों को मसलते हुए सतीश मेरी गांड चोद रहा था, मैं बकरी बनी हुई ‘मां मां मर गई’ कर रही थी।
गांड चुदाई में मीठा दर्द हो रहा था, मेरी आहें गूँज रही थीं। अमित और भाभी सिगरेट पीते हुए मेरी गांड चुदाई का आनन्द ले रहे थे। सिगरेट ख़त्म होने के बाद अमित ने अपना लंड मेरे मुँह के आगे रख दिया और बोला- भाभी इसे चूसो, अब एक नया मज़ा आएगा !मैंने लंड मुँह में ले लिया। सतीश अब धीरे धीरे लौड़ा पेल रहा था। गांड मरवाते हुए मैं लौड़ा चूसने लगी, दो दो लंडों से मेरी जवानी लुट रही थी।
दस मिनट के बाद अमित ने लंड निकाल लिया और पीछे जाकर सतीश को हटा दिया।
अमित मेरे चूतड़ों को सहलाने लगा और बीच बीच में गांड में भी उंगली कर रहा था जैसे कि माल को परख रहा हो।
सतीश ने मेरे मुँह के पास आकर अपना कंडोम निकाल कर फेंका और अपना लौड़ा मेरे मुँह में घुसा दिया। मुँह में डालने के बाद उसने मेरी चुचूकों को कस कस कर नोच कर घुमाया और 4-5 बार अपना लौड़ा मेरे मुँह में ठोका।
इसके बाद उसने लौड़ा निकाल कर मेरी कमर कस कर पकड़ ली, मैं अब अपने चूतड़ हिला भी नहीं सकती थी। जब तक मैं कुछ समझती, अमित ने अपने लंड का सुपारा मेरी गांड में लगा दिया, मेरी गांड में 440 वोल्ट का झटका लगा। मैं जोर से चिल्ला उठी, भाभी ने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया। अमित का लौड़ा अंदर प्रवेश करने लगा था। सतीश ने हाथ कमर से हटा लिए और मेरा मुँह पकड़ लिया, अमित अब मेरी कमर पकड़ कर अपना मोटा लंड अंदर घुसाए जा रहा था, मैं घुटी हुई चीखें मार रही थी। अमित का लंड सतीश से दुगना मोटा था। दो मिनट के बाद अमित का लंड मेरी गांड में पूरा फिट हो गया था। सतीश ने मेरा मुँह छोड़ दिया, मैं अब चिल्लाते हुए गालियाँ बक रही थी- हरामजादो, रंडी की औलादो, अपनी माँ की चोदो साले ! हराम के ऐसे कोई चोदता है/
लेकिन ये सब सुनकर कुत्तों का जोश बढ़ रहा था। अमित ने मेरी गांड ठोकनी शुरू कर दी और बोला- रंडी साली, पहले तो आग लगाती है फिर जलन होती है तो गाली देती है?
भाभी बोलीं- आराम से मज़े ले ! शुरू में तो सबके दर्द होता है, मैं जब चुद रही थी तो बड़ा मुस्कुरा रही थी, अब खुद की फट रही है तो रो रही है? बड़ी सती-सावित्री बन रही है? जब से आई है, लंड-लंड चिल्ला रही है और अब जब घुस रहा है तो रो रही है।
अमित बोला- मेरी प्यारी कुतिया भाभी, जितनी फटनी थी, उतनी फट गई है, अब ढीली होकर मज़े ले ! चुदाई इसी का नाम है।
सतीश एक तरफ मेरी चूचियों का रस नोच नोच कर निकाल रहा था, अमित दूसरी तरफ गांड लंड से खोद रहा था।
कुछ धक्कों के बाद मेरी गांड का दर्द कम हो गया लेकिन मेरी ठुकाई अच्छी तरह से हो रही थी, मेरी आँखों से आंसू बह रहे थे, मेरी गांड चुद चुद कर चौड़ी हो रही थी, मैं एक रंडी की तरह चुद रही थी। कुछ देर बाद अमित ने मुझे तिरछा करके लेटा लिया और मेरी जांघें फ़ैला दीं, लंड उसका मेरी गांड फाड़े हुए था, आगे से सतीश ने बिना देर किए मेरी चूत में लंड घुसा दिया। अब मैं दोनों के बीच सैंडविच बन गई थी, सतीश ने मेरी चुदाई 10 मिनट तक करी। अमित भी बीच बीच में धीरे धक्के मार रहा था। अब मैं दो दो लंडों से चुद रही थी।
इसके बाद दोनों ने अपने वीर्य से मेरी चूत और गांड भर दी। मैं अर्ध बेहोश सी हो गई थी, थोड़ी देर बाद मैं सो गई।
कहानी जारी रहेगी।