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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र

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इधर वीर चलकर उस बड़े से गोरिल्ले के सामने खड़ा हो जाता है। तभी उधर उस गोरिल्ले के पास एक और गोरिल्ला आकर खड़ा हो जाता है। जिसे देखकर वीर के चेहरा पे स्माइल आ जाती है। तभी दोनों वीर की तरफ भागते हैं। पर वीर तेजी से एक बड़ी सी चैन निकालता है, जिसके साथ एक बड़ा सा लोहे का हथौड़ा बंधा हवा था। और उसे घुमा के दोनों पे मारता है। चैन लगते ही दोनों दूर जा गिरते हैं।

दोनों उठकर दोबारा वीर की तरफ भागते हैं। वीर भी चैन फेंक के एक की तरफ जंप करता है और पंच देता है, और दूसरे को किक लगा देता है।

दोनों फिर से पीछे बनी चट्टान पर गिरते हैं। वीर से मार खाकर उन दोनों को गुस्सा आने लगता है। दोनों में एक पहले वीर की तरफ छलाँग लगाता है। जैस ही वीर उसे पंच मारकर दूर फेंकता है। तभी उसके पीछे वाला तेजी से वीर को लात मारता है। जिससे वीर थोड़ा पीछे हो जाता है।

वीर अपना हाथ आगे करता है, और दोनों गोरिल्लों को हाथ से ऊपर उठा देता है, और पीछे बनी चट्टान पे दे मारता है। थोड़ी देर में दोनों खड़े होते हैं। दोनों के जिश्म से खून निकल रहा था, और दोनों अपनी छाती पर टोल बजाने लगते हैं। फिर एक दूसरे की तरफ देखते और अपने हाथ ऊपर करके अपनी आँखें बंद कर लेते हैं।

अचानक वहां का महौल बदलने लगता है। जहां बर्फ थी अब वहां गर्म आग उगलता लावा था, और ऊपर अंधेरा हो चुका था। तभी वो पाँचो गोरिल्ले एक होने लगते हैं। पाँचो एक रोशनी में बदलकर उस लावा के अंदर चले जाते हैं। और थोड़ी देर में लावे से एक बड़ा ही खतरनाक गोरिल्ला बाहर आकर खड़ा हो जाता है। जो दिखने में उन गोरिल्लों से बहुत खतरनाक लग रहा था।

जस्सी- बाप रे बाप... यह साला क्या बन गया?

बिस्वा- यह सभी एक हो गये हैं। जितने भी रत्न हासिल किए सबमें एक जैसे गुण। यह भी एक होकर अपनी ताकत दिखना चाहते हैं।

वीर- तुम सब साइड हो जाओ। इससे मैं ही निपटूंगा।

सब साइड हो जाते हैं।

वीर- देख भाई ब्लैक गोरिल्ले, तुझे सिर्फ एक बात कहूंगा अभी। जो पहले तूने मेरी शक्ति देखी है वो सिर्फ एक ट्रेलर था। मुझे मजबूर मत कर।

गोरिल्ला- ऐ मानव चला जा यहां से। तुझे भी लास्ट वार्निंग दे रहा हूँ। तू तो मरेगा ही तेरे बाद इन लड़कियों का क्या हाल होगा, तू सोच भी नहीं सकता।

संजू- मरेगा यह गलत बोल गया बेचारा गोरिल्ला।

गोरिल्ले की बात सुनकर वीर को गुस्सा आ जाता है। उसकी आँखें ब्लू रंग की होकर चमकने लगती हैं। वीर कस के अपनी मुट्ठी बंद कर लेता है। उसके हाथ से रोशनी निकलने लगती है। वीर तेजी से उड़ता हुआ उस गोरिल्ले के सीना पे पंच मारता है। पंच इतना ताकतवर था की वीर उस गोरिल्ले के आर-पार हो जाता है। साथ में उस गोरिल्ले का दिल भी साथ निकालकर ले जाता है।

वो गोरिल्ला वहीं ऊपर वाले को प्यारा हो जाता है।

वीर अपने आपको ठीक करके नीचे आ जाता है। वीर उसके दिल को फेंकने ही वाला था की तभी उस दिल से आवाज आती है।

आवाज- "नहीं मालिक, ऐसा मत कीजिये। इसे अपने अंदर समा लीजिये। यह आपको और शक्ति देगा और मैं हमेशा आपके आगे खड़ा रहंगा, आपकी ढाल बनकर। आपको एक जीवन दान मिलेगा..."

वीर उस दिल को अपने अंदर समा लेता है। वीर के दोनों तरफ दिल धड़कने लगते हैं।

आवाज- मालिक, आज यह दिल आपक झे आप किसी और बाडी में भेज दें। मैं जिसकी भी बाडी में जाऊँगा, उसे और भी शक्ति मिलेगी और साथ में वो इंसानी रूप ले सकेगा।

वीर- "ठीक है..” कहकर वीर ड्रैगन बेबी को बुलाता है- “बच्चे आज तुझे एक काम करना है। अपने अंदर एक और आत्मा को संभलना है। क्या तुम तैयार हो?"

ड्रैगन बेबी- “जी महाराज। आपके लिए तो जान हाजिर है..."

वीर फिर उस आत्मा को ड्रैगन बेबी के अंदर प्रवेश करा देता है, और देखते ही देखते वो ड्रैगन चमकने लगता है।

और एक मानव के रूप पे सामने आ जाता है। वो बच्चा लग रहा था 15 साल के जितना।

ड्रैगन बेबी- कैसा लगा मालिक मेरा नया रूप?

वीर- अद्भुत... आज से तुम मेरे छोटे भाई हो।

सब एक साथ- “और हम सबके भी..." सब उससे गले मिलते हैं।

जूलिया- वीर रत्न कहां है।

ड्रैगन बेबी- मालिक रत्न यहां नहीं है। इसके थोड़ा आगे जाकर एक झील है। उसके अंदर दो ड्रैगन्स रहते हैं। उनके पास है वो रत्न। और उन ड्रैगन्स को सिर्फ यह सात बहनें ही बुला सकती हैं। वो इसलिए की यह पाक हैं, पवित्र हैं। बाकी आप समझ ही गये होंगे।

वीर- हाँ मेरे भाई समझ गया। चलो फिर सब उस झील के पास चलते हैं।

वीर- “लीना, हेलिना चलो काम शुरू करो...”

फिर वो सात बहनें मिलकर कछ बोलने लगती हैं, और उनके अंदर से एक रोशनी निकलती है। और उस झील

बली जाती है। तभी वहां पानी हिलने लगता है, और उसके अंदर से दो अजीब से खूबसूरत ड्रैगन्स निकलते हैं।

वीर उनके पास जाकर खड़ा हो जाता है। तभी उन ड्रैगन्स में से एक-एक रत्न निकलता है। दोनों रत्न बाहर

आकर एक हो जाते हैं। रत्न के एक होते ही वो रत्न वीर के अंदर समा जाता है।

***** *****
 
कड़ी_87

तभी वीर का जिश्म बदलने लगता है। काला धुंवां उठने लगता है, और देखते ही देखते वीर महाजिन्न में तब्दील हो जाता है। जो दिखने में बहुत खतरनाक लग रहा था। वीर को अपने अंदर बहुत उर्जा महसूस होती है। महाजिन्न बनने से वीर को अपना जिश्म पत्थर जैसा सख्त नजर आता है।

सब आँखें फाड़े वीर को ही देखे जा रहे थे।

तभी वहां एक रोशनी फैल जाती है, और ओल्ड महाजिन्न प्रगट होते हैं। जिसे देखकर वीर उन्हें प्रणाम करता है। वीर को देखकर सब उसे प्रणाम करते हैं।

महाजिन्न ओल्ड- “जीते रहो बच्चो। पुत्तर वीर, आज मैं बहुत खुश हूँ की मेरी शक्ति सही जिन्न के हाथ लगी है। आज के बाद कोई तुम्हारा मुकाबला नहीं कर पाएगा। बस अपनी शक्ति को सही से और दिमाग से इश्तेमाल करना। तुम्हें ऊपर पूरे ब्रह्माण्ड का भार है। तुम्हें ही सब संभालना है। अच्छा बच्चो मैं चलता हूँ। मुझे मुक्ति मिल चुकी है..” इतना बोलकर पुराना महाजिन्न गायब हो जाता है।

प्रीत- अब चलें महाराज?

वीर- "हाँ चलो..." इतना बोलकर वीर अपने पुराने रूप में आ जाता है। फिर सब वहां से वापिस होटेल आते हैं।

उधर जिन्न-लोक में तो मानो जैसे जश्न का महौल बन गया था। सब हँसी-खुशी जश्न मना रहे थे। गुरुजी को

पता चल गया था वीर के महाजिन्न बनने का।

गुरुजी- बच्चों आज खुलकर नाचो गाओ पूरे जिन्न-लोक में मिठाइयां बांटो। हर घर को रोशन कर दो। महाराज जी के आने से पहले पूरा जिन्न-लोक सजा दो।

इधर सब होटे ते हैं। वीर अपने रूम में जाकर सो जाता है। उस कुछ थकावट महसूस हो रही थी। शाम को वीर उठकर बाहर आता है। होटेल के बाहर गार्डेन में बैठे थे।

मोम- बधाईयां मेरे बच्चे। आज तुम मुकम्मल महाजिन्न बन गये हो।

वीर- “थैक्स माँ."

फिर वीर सबसे- “सब तैयार हो जाओ, 3 दिन बाद हमें जार्डन से फाइट के लिए निकलना है...”

जूलिया- “हाँ वीर अब मैं और दूर नहीं रह सकती अपने मोम डैड से। जबरजस्त दिल बैचैन हुआ रहता है। पता नहीं किस हाल में होंगे वो?" और जूलिया की आँखों में आँसू आ गये थे।

वीर की मोम डैड आगे बढ़कर उसे गले लगा लेते हैं।

मोम- रोते नहीं मेरे बच्चे, हम हैं ना। कुछ नहीं होगा तुम्हारे मोम डैड को। हम जाएंगे उन्हें छुड़ाने।

वीर कुछ देर आँखें बंद करता है, और जूलिया के मोम डैड को खोजने लगता है। थोड़ी देर में वीर को जूलिया के मोम डैड दिखाई देते हैं। जो इस वक्त जेल में बंद थे, लेकिन ठीक थे। कोई परेशानी वाली बात नहीं थी।

वीर- जूलिया घबराओ नहीं तुम्हारे मोम डैड बिल्कुल ठीक हैं। मैंने अभी देखा उन्हें।

जूलिया- क्या सच तुम उन्हें देख सकते हो?

वीर आगे बढ़कर जूलिया के सिर पर हाथ रखता है, और इससे जूलिया को भी अपने मोम डैड नजर आ जाते हैं। वो खुश जो जाती है और वीर को गले लगा लेती है।

वीर- चलो भाई। मुझे तो भूख लगी है कोई आना चाहेगा?

फिर सब वीर के पीछे-पीछे एक रेस्टोरेंट में जाते है, और डिनर करते हैं। डिनर करके सब सोने चले जाते हैं।

सवेरे सब एक साथ घूमने निकलते हैं। सारा दिन मस्ती में निकल जाता है। शाम को बड़े सब वापिस आ जाते है। वीर और पार्टी रुक जाते हैं।

वीर- दोस्तों अब यह बताओ हम इस ड्रैगन लड़के का क्या नाम रखें?

अवनी- 'रवि' कैसा रहेगा?

नीलम- अच्छा नाम है।

नेहा- हाँ यह नाम सही है।

वीर- ओके... तो मिस्टर ड्रैगन लड़का आज से तुम्हारा नाम रवि है, और हाँ मैं तुझे आज से रवि ही कहंगा।

रवि- ठीक है वीर, जैसा आप सबको अच्छा लगे।

यह सब ऐसे ही मस्ती करते घूम रहे थे। सब घूमते-घूमते काफी आगे निकल जाते हैं। यहां चाइनीज सिनेमा शुरू होता है। उस तरफ से चीखने की आवाजें आ रही थीं।

नीलम- वीर यह सब क्या है?

वीर अपनी आँखें बंद करके उस तरफ अपना चेहरा करता है। जैसे-जैसे वो वहां देखता है। उसके चेहरा पर का भाव बदलता जाता है। वीर जब अपनी आँखें खोलता है तो उसकी आँखें गुस्से से लाल थी। वो वहां खड़ा-खड़ा थोड़ा नीचे होता है। फिर ऊपर की तरफ जंप करके उड़ जाता है। दो-तीन सेकेंड में ही वीर उस गाँव में था यहां से चीखने की आवाजें आ रही थीं।

वीर के जाने के बाद जूलिया- “नीलम, समझो, जल्दी चलो वीर के गुस्से को शांत करना होगा, वरना सारा गाँव जलकर शांत हो जाएगा..."

फिर ये सब भी वीर के पीछे उस गाँव में पहुँच जाते हैं।

वीर आगे बढ़कर जहां से चीखने की आवाज आ रही थी उस तरफ बढ़ जाता है, और जाकर एक दरवाजा पेलात मारता है। अंदर का नजारा रोंगटे खड़े करने वाला था।

अंदर छोटी-छोटी बच्चियों का रेप हो रहा था। और जो रेप कर रहे थे वो कोई और नहीं, चाइनीस आर्मी के लोग ही थे। और वो बच्चियां भी चाइनीस ही थीं और कुछ इंडियन। दरवाजे के टूटते ही सबका ध्यान वीर की तरफ जाता है। सब वीर की लाल खूखार आँखें देखकर डर जाते हैं।

वीर- "बिस्वा.." वीर जोर से बिस्वा चिल्लाता है।

बिस्वा वीर के पास जाता है।

अंदर का सीन देखकर बिस्वा की आँखें भी गुस्से से लाल हो जाती हैं।

वीर- “सब बच्चियों को यहां से ले जाओ और इन्हें ठीक करो...”

बिस्वा हाथ आगे करता है, और सब बच्चियां वहां से गायब हो जाती हैं, साथ में बिस्वा भी। बाकी सब अभी

वहीं थे।

जूलिया- वीर, जो इन्होंने किया वैसा ही इनके साथ हो।

वीर हाथ आगे करता है। और उसके हाथ से एक रोशनी निकलती है। रोशनी से 10 के करीब बड़े-बड़े जिन्न निकलते हैं।

सभी जिन्न- महाराज की जय हो। हुकुम मालिक।

वीर- तुम सब इन सभी की ऐसी गाण्ड मारो की सारी जिंदगी यह मौत की भीख माँगते फिरें। कोई रहम नहीं होना चाहिए।

सब जिन्न- जी महाराज, ऐसा ही होगा।

उधर वो सब चाइनीस चकित होकर जहां थे वही खड़े आँखें फाड़े देख रहे थे। उनके जिश्म कांप रहा था।

वीर और पार्टी बाहर आ जाती है। थोड़ी ही देर में उन चाइनीस की चीखें गूंजने लगती हैं, जो दिल दहला देने वाली थी। सब वहां से वापिस इंडिया में आ जाते हैं।

वीर- बिस्वा जस्सी एक काम करो। जितने भी लोग यह काम करते हैं, सबका सफाया करो। कोई भी बचना नहीं चाहिए। तुम दोनों के पास कल तक का समय है। पूरे वर्ल्ड में खबरों में उन सबकी लाशें दिखनी चाहिए। और हाँ साथ में जितने लोग चाहिए ले जाओ। हम तुम्हें जिन्न-लोक में ही मिलेंगे। मोहित तुम भी साथ चले जाओ। नीलम परी निशु को भी ले जाओ।

फिर वो लोग निकल जाते हैं। और वीर और बाकी सब होटेल आ जाते हैं।

*****

*****
 
होटेल पहुँचकर वीर सबको तैयार होने को बोलता है।

मोम- क्या हुआ बेटू कहां जाना है?

वीर- मोम जिन्न-लोक जाना है। मेरे महाजिन्न बनने की खुशी में वहां जशन मनाया जा रहा है, और राजगुरुजी ने बुलाया है।

डैड- हाँ हमें जाना चाहिए।

फिर सब तैयार होते हैं, और चेकाउट करके सब वहां से यान के पास चले आते हैं। और वहां से सीधा जिन्न लोक। 30 मिनट में सब जिन्न-लोक के दरवाजे में खड़े थे।

वीर महाजिन्न के रूप में आ जाता है। अपने महाराज को देखकर जिन्न उन्हें सिर झुका के प्रणाम करते हैं।

और गेट खोल देते हैं। सब अंदर की तरफ चल देते हैं। सबकी आँखों में चमक आ जाती है।

सारा जिन्न-लोक सजाया हवा था। हर घर को रोशन किया गया था। जैसे-जैसे वीर आगे बढ़ रहा था वैसे-वैसे उसके पैरों के नीचे फूल आ रहे थे। वहां खड़े सबके सब जिन्न जिन्नी परियां वीर के आगे झुक कर स्वागत कर रहे थे। बाहर ही बहुत बड़े मैदान में स्टेज लगी हुई थी और सिंहासन रखा हवा था। वीर जाकर अपने सिंहासन के पास खड़ा हो जाता है।

वीर- "मेरे देश वासियों, आज मेरे महाजिन्न बनने की खशी में आप सब झम रहे हैं। मैं स आप सब खुश रहें, एक दूसरे से मिलकर रहें। दिल खोलकर नाचें गायें जश्न मनाएं। मैं हमेशा आपके साथ हूँ.." इतना बोलकर वीर बैठ जाता है।

बाकी सब भी अपनी-अपनी जगह पर बैठ जाते हैं। तभी गुरुजी आते हैं। जिन्हें सभी प्रणाम करते हैं।

गुरुजी- महाराज महाजिन्न बनने पर आपको बहुत-बहुत भड़ाई हो। पर महाराज एक बुरी खबर भी है।

वीर- क्या हुआ गुरुजी?

गुरुजी- महाराज उस तांत्रिक ने बहुत काली शक्तियों को हासिल कर लिया है। उसने उन आत्माओं को वश में किया है, जो सदियों से पहले आतंक मचाती आ रही थीं। यह कोई आम आत्माएं नहीं हैं, और पूरी की पूरी 101 आत्माएं हैं, और वो 10 दिनों में यहां आ जाएंगी।

वीर- कोई बात नहीं गुरुजी। हमने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। मुझे इस बात का आभाष पहले ही हो गया था। बस अब उससे पहले एक काम करना है- जार्डन का खात्मा।

फिर सब मिलकर जश्न मानने लग जाते हैं। आज पूरा जिन्न-लोक चमक रहा था, जिसकी रोशनी दूर-दूर तक

।। उधर जस्सी, बिस्वा और टीम साथ मिलकर सभी गन्डों और स्मगलरों को ठिकाने लगा रहे थे। और वहीं रूही अपने रूम में तैयार हो रही थी। तभी उसके रूम में अज्जू आता है।

अज्जू- दीदी आज हमें निकलना है, उस विधायक का सफाया करना है।

रूही- “हाँ मेरी जान... आज उस हरामजादे का वो हाल करेंगे की वो सोच भी नहीं पाएगा। रहम की भीख माँगेगा.." कहकर रूही आगे बढ़कर अपने दोनों हाथ अज्जू के सिर पर रखती है, और खुद आँख बंद करके कुछ मंत्र पढ़ती है। जिससे उसके हाथों से ब्लू रोशनी निकलकर अज्जू में समा जाती है। अज्जू की बाडी को एक झटका लगता है।

अज्जू- दीदी यह क्या था? मुझे अपने अंदर बहुत ताकत महसूस हो रही है।

रूही- हाँ भाई। मैंने तुझे पावर दी है। अब हम मिलकर इस शहर की गंदगी खतम करेंगे। तू एक काम क के सभी गुन्डों और देश को बेचने वालों की लिस्ट तैयार करो। कोई बचना नहीं चाहिए।

अज्जू- चल आज पहले उस विधायक और उसके बेटे को ठिकाने लगाते है। मैंने पता लगाया है उसका बड़ा बेटा आ चुका है, और वो घर पर है।

रूही- "ठीक है चल...” फिर दोनों वहां से गायब हो जाते हैं।

इधर वीर और बाकी सब जश्न के खतम होते ही वापिस धरती पर आ जाते हैं। यहां रात के 10:00 बजे सब अपने-अपने रूम में चले जाते हैं सोने।

उधर जस्सी और मोहित सब लगे हुए थे अपने काम में। अभी तक उन्होंने आधे से ज्यादा गुन्डों को एक गोदाम में बंद कर दिया था, और भ्रष्ट नेताओं को भी। सुबह तक यह सब गंदे लोगों को एक गोदाम में रखते हैं। फिर वहां मीडिया वालों को बुलाकर इन सबसे अपना जुर्म कबूल करने का लाइव फूटेज सारे इंडिया में दिखाया जाता

इधर रात को रूही और अज्जू विधायक के घर पहुँच जाते हैं। दरवाजे पे इन्हें गार्ड रोकते हैं। जिसे अज्जू ठिकाने लगा देता है। दोनों सीधा अंदर चले जाते हैं। दोनों हैं, जहां दोनों बाप बेटे दारू पी रहे थे।

विधायक के बड़े बेटे की नजर जब रूही पर पड़ती है तो वो रूही को देखकर चकित हो जाता है, बोला- “तम...

तुम जिंदा हो?"

रूही- हाँ मैं जिंदा हूँ कमीने। पर अब तुम जिंदा नहीं रहने वाले।

बड़ा बेटा- “हाहाहाहा... तू मारेगी मुझे? अच्छा हुआ तू खुद यहां आ गई। उस दिन का अधूरा काम आज पूरा हो जाएगा...”

विधायक- विकी यह तो होम मिनिस्टर के बेटा बेटी हैं।

विकी- हाँ डैड, आज दोनों मिलकर इस छमिया का रस चूसेंगे।

अज्जू का गुस्सा विकी की बात सुनकर सातवें आसमान पर पहुँच जाता है। अज्जू कहता है- "तेरी इतनी हिम्मत की तू मेरी रूही को ऐसा बोले.." और अज्जू अभी आगे बढ़ने ही वाला था की रूही उसे रोक देती है।

रूही- “नहीं अज्जू यह मेरा शिकार है। तू इसके गंदे बाप को ठिकाने लगा..." और रूही इतना बोलकर आगे बढ़

जाती है।

विकी- "तू मुझे मारेगी? चल आ जा मार...” इतना बोलकर विकी अपना गाल आगे कर देता है।

जिसे देखकर रूही के के चेहरे पे पहले स्माइल आ जाती है। फिर अचानक चेहरा पे गुस्सा आ जाता है, और रूही एक जोर से थप्पड़ विकी के गाल पे जड़ देती है। थप्पड़ इतनी जोर का था की थप्पड़ पड़ते ही विकी की गर्दन टूट जाती है। वो जोर से जमीन पर गिरता है, और उसका सिर जमीन पर लगते ही फट जाता है। यह इतनी जल्दी हुआ की किसी को कुछ समझ में नहीं आया।

विधायक तो यह सीन देखकर थरथर कांपने लगता है।

अज्जू भी आगे बढ़कर विधायक का गला पकड़ लेता है, और जोर से दबा देता है। जिससे उसकी गर्दन टूट जाती है, और वो भी वहीं दम तोड़ देता है।

रूही आँख बंद करके कुछ बोलती है। तभी उसके सामने दो जिन्न आ जाते हैं।

जिन्न- हुकुम मेरे आका?

रूही- इन दोनों कमीनो के लिंग काट दो और इन्हें नंगा करके बीच बाजार में टाँग दिया जाए।

जिन्न- “जैसा आप कहें...” इतना बोलकर दोनों जिन्न दोनों बाप बेटे को साथ लेकर गायब हो जाते हैं।

फिर दोनों भाई बहन वहां से गायब होकर घर आ जाते हैं।

* * * * * * * * *
 
*कड़ी_89

अगले सवेरे सब तैयार होकर डाइनिंग टेबल पर मिलते हैं।

मोम- बेटू कब जाना है मार्गन प्लैनेट पर?

वीर- मोम आज रात को ही निकलेंगे। ताकी सुबह तक पहुँच जाएं।

डैड- और बेटे कौन-कौन जा रहे हैं वहां?

वीर- डैड मैंने सोचा है की आप, चाचा, चाची, मोम, अवनी, दादाजी, प्रिया, विशु, नैना, परी, नेहा, रिया, संजू, प्रीत, आप सब यहां संभालेंगे।

मोम- नहीं मैं भी साथ जाऊँगी।

वीर- प्लीज्ज... मोम अभी आप में इतनी शक्ति नहीं की आप वहां उनका सामना कर पाएं। आपको संजू को प्रीत को जिन्न-लोक में रहकर अपनी ताकत बढ़ानी होगी, जिसमें आपका साथ गुरुजी देंगे।

डैड- हाँ वीर ठीक कह रहा है। और तुम्हारे वहां होते वीर कमजोर भी पड़ सकता है। वो लोग तुम लोगों को ढाल बनाकर वीर को हारने पर मजबूर भी कर सकते हैं।

जूलिया- हाँ मोम, डैड ठीक कह रहे हैं। आपको वहां की फाइट के बारे में कुछ भी पता नहीं।

मोम- ठीक है। तुम सब अपना ख्याल रखना। मुझे मेरा वीर सही सलामत चाहिए।

वीर- जैसे जाऊँगा वैसे ही वापस आऊँगा, वादा रहा।

फिर सब मिलकर नाश्ता करते हैं। तभी वहां जस्सी और पार्टी आ जाती है।

वीर- प्राउड आफ यू गाइस। बहुत अच्छा काम किया।

नीलम- कैसे नहीं करते। आखीरकार, हमें खुशी मिलती है ऐसे काम करके। ऊपर वाले ने चाहा तो एक दिन इस दुनियां से पाप खतम हो जाएगा। सब ठीक हो जाएगा।

मोम- हाँ मेरी बच्ची। एक ना एक दिन दुनियां आराम से जी सकेगी। किसी की बेटी बह डर-डर कर नहीं जिएगी।

दादाजी- वीर पुत्तर मैं की कह रिहा इक काम कर अमृतसर जाकर इक वार हरमंदर साहिब के दर्शन कर आ।

जस्सी- हाँ भाई मेरा भी दिल कर रहा है।

वीर- ठीक है। सब चलते हैं। बस पहले कालेज जाकर आऊँ। आज पार्टी है कालेज में। विजेता की घोषणा होगी।

फिर सब नाश्ता करके कालेज के लिए निकल जाते हैं। कालेज को बहत अच्छे से सजाया गया था। सब वीर और पार्टी को ही देख रहे थे, और हेलो हाय कर रहे थे। वीर और पार्टी स्टेज के पास लगी कर्सियों पर बैठ जाते हैं।

थोड़ी देर में सारे कालेज के स्टूडेंट स्टेज के पास लगी कुर्सियों पर बैठ जाते हैं।

वीर और पार्टी सबसे आगे बैठे थे। तभी वहां प्रिन्सिपल आता है।

प्रिंसिपल- “गुड मार्निंग माई आल स्टूडेंट्स। आज हमारे कालेज के स्पोर्टस स्टूडेंट्स ने हमारे कालेज का नाम रोशन कर दिया है। हमारा कालेज आज नम्बर एक कालेज है। जिसका श्रेय जाता है- वीर और कोम्पनी को। यहां वीर और उसके दोस्तों ने हर एक मैच जीतकर हमारे कालेज को नम्बर एक पर ला दिया। हमारे बाकी के स्टूडेंट्स ने भी बहुत अच्छा किया। आई प्राउड आफ यू आल स्टूडेंट.” इतना बोलकर प्रिंसिपल ताली बजाने लगता है।
 
उनके पीछे पूरा कालेज तालियां बजाने लगता है। साथ में वीर-वीर चिल्लाने लगते हैं।

प्रिंसिपल- प्लीज्ज... वीर बेटा यहां आइए। साथ में बाकी के स्पोर्टस स्टूडेंट भी।

वीर और बाकी सब स्टेज पर चले जाते हैं।

प्रिंसिपल- वीर बेटा बैंक यू सो मच। आज तुम्हारी वजह से यह कालेज स्पोर्टस में भी नम्बर एक हो गया है।

वीर- नहीं सर, यह तो हमारा फर्ज था। जो भी किया हमने इस कालेज के लिए किया है। और हाँ दोस्तों, आज मेरा और मेरे दोस्तों का कालेज में आखिरी दिन है।

वीर की बात से सभी स्टूडेंट चकित हो जाते हैं।

प्रिंसिपल- यह क्या कह रहे हो बेटा? ऐसा क्या हवा? हमसे गलती हो गई क्या?

वीर- “नहीं नहीं सर, ऐसी कोई बात नहीं। हम सब कुछ काम के सिलसिले में आउट आफ कंट्री जा रहे हैं। और वहां कितना टाइम लगेगा नहीं पता। और दोस्तो, मैं हमेशा आप सबके सम्पर्क में रहूंगा। आप सबके पास हमारे नंबर्स तो हैं ही। कभी भी हमारी जरूरत हो, तो हमें याद कीजिएगा..” इतना बोलकर वीर चुप हो जाता है।

फिर प्रिंसिपल सब स्पोर्टस स्टूडेंट्स को सन्मानित करते हैं। वीर वापिस आकर कुर्सी पर बैठ जाता है। तभी लड़कियां आगे आती हैं और वो सबकी सब वीर से आटोग्राफ लेने लगती हैं। सारे कालेज की लड़कियां वीर को ही घेरे खड़ी थी।

जस्सी- देखा सभी उसे घेर के खड़ी हैं। हमारे पास तो कोई आता ही नहीं।

निशु- क्या कहा? मैं आऊँ तेरे पास।

जस्सी - “नहीं नहीं जान, मैं तो ऐसा नहीं कह रहा था..."

सब हँसने लगते हैं।

थोड़ी देर में वीर इनके पास आता है। जिसे देखकर सभी हँसने लगते हैं।

वीर- क्या हुआ, ऐसे क्यों हँस रहे हो?

नीलम- “क्यों, वीर जरा अपना चेहरा देख ना..” इतना बोलकर नीलम अपने पर्स से एक छोटा शीशा निकालकर वीर के आगे कर देती है

जब वीर अपना चेहरा देखता है तो वो भी हँसने लगता है। उसके पूरे चेहरे पे लिपस्टिक के निशान किसेस के।

जुलिया आगे बढ़कर वीर का चेहरा साफ करती है, और उसके चेहरा पे किस कर देती है। यह देखकर बाकी लड़कियां भी।

जस्सी - “लो... अब तो हद हो गई। मैं रो दूंगा। मेरे तो कोई भी नहीं किस करता। हहहह..."

वीर लड़कियों को इशारा करता है। जिससे सारी लड़कियां जस्सी के चेहरा पे भी किस कर देती हैं।

मोहित- क्यों बच्चू आया मजा?

जस्सी- “मैं.. मैं तो आसमान में उड़ रहा हूँ। चंपा में कहा हूँ?"

सब हँस-हँसकर लोट-पोट हो जाते हैं

जूलिया- वीर हमें चलना चाहिए हमें तैयारी भी करनी है।

संजू- हाँ जान चलो। एक बार आप लोग जिन्न-लोक की सेना भी देख लो।

वीर और पार्टी गाड़ियों की तरफ जाने लगते हैं। तभी वीर रुक जाता है।

प्रीत- क्या हुआ जान?

वीर- पीछे देखो।

जब सब पीछे देखते हैं तो सारा कालेज वीर के पास ही आ रहा था। किसी के पास फूल थे तो किसी के पास कार्ड और किसी के पास चाकलेट। सबके सब वीर के पास आ जाते हैं। और वीर और उसके दोस्तों को वो सब चीजे देने लगते हैं, जो वो लाए थे।
 
फिर प्रिंसिपल आगे आता है, और वीर को एक सर्टिफिकेट देता है जिसपे लिखा था- “वर्ल्ड का बेस्ट स्टूडेंट..."

वीर उसे ले लेता है, और प्रिंसिपल के पैर छूता है।

वीर- “जस्सी चेकबुक लाना.."

तभी जस्सी एक चेकबुक वीर को देता है। वीर उसमें 50 करोड़ की अमाउंट भरकर सिगनेचर कर देता है।

वीर- “सर प्लीज्ज... मना मत किजियेगा। यह मेरी तरफ से है। इस कालेज के लिए और जो स्टूडेंट फीस नहीं भर सकते उसके लिए, और इस कालेज को और मोडीफाई करने के लिए। और अब जब भी मैं यहां आऊँ यह कालेज बदला हुआ होना चाहिए."

प्रिंसिपल जब अमाउंट देखता है तो चकित हो जाता है- "50 करोड़.. बेटा इतनी बड़ी अमाउंट?"

सब स्टूडेंट भी यह सुनकर चकित हो जाते हैं।

वीर- “सर मना मत कीजिए। और हाँ आपकी बेटी भी हमारे साथ ही रहेगी.."

प्रिंसिपल- ठीक है बेटा। मुझे कोई प्राब्लम नहीं।

फिर सब वीर और उसके दोस्तों को विदा करते हैं।

स्टूडेंट की आँखों नम भी थीं, तकरीबन सभी उदास थे।

वीर और पार्टी घर आ जाते हैं। अभी यह लोग घर आए ही थे के अज्जू और रूही भी इनके पीछे ही इनके घर पहुँचते हैं।

वीर- आओ अज्जू रूही। हमारे घर में स्वागत है।

रूही आगे बढ़कर सबसे गले मिलती है।

वीर- “हाँ तो भाई कब शादी कर रहे हो तुम दोनों.."

दोनों वीर की बात से चकित हो जाते हैं। फिर जूही के चेहरा पे स्माइल आ जाती है।

रूही- जब आप अनुमति देंगे महाराज।

वीर- मैं हमेशा तुम दोनों के साथ हूँ। समझी पगली।

रूही- “जी...'

फिर सब ड्राइंग रूम में बैठकर बातें करने लगते हैं।

वीर- बिस्वा चल जरा जिन्न-लोक हो आएं। वहां की तैयारी भी देख लें। फिर हमें निकलना है सफर पे।

रूही- सफर पे... किसलिए?

वीर- आज हम मार्गन प्लैनेट जा रहे हैं, जूलिया के मोम डैड को रिहा कराने। वहां एक दुष्ट है जो जूलिया के मोम डैड को बंदी बनाकर रखा है, और इनके प्लैनेट पर कब्जा कर लिया है।

रूही- क्या मैं भी आपके साथ जा सक ती……..
 
वीर- नहीं रूही, अभी तुम तैयार नहीं हो। तुम, अज्जू और तुम्हारी परिवार मेरी यहां जो परिवार रहेंगे उनके साथ जिन्न-लोक चले जाना।

अज्जू- ठीक है भाई जैसा आपको ठीक लगे।

फिर वीर और बिस्वा वहां से जिन्न-लोक चले जाते हैं।

*****

*****

जिन्न कर दोनों वहां की सेना का जायजा लेते हैं, और वहां की सेना से 10 टुकड़ियां सेना साथ ले लेते हैं। एक टुकड़ी में 10000 सेना है।

वीर- गुरुजी हमें आशीर्वाद दें। आज रात हम यहां से निकलेगे। हमें आशीर्वाद दें।

गुरुजी- मेरा आशीर्वाद हमेशा तुम्हारे साथ है। एक बात याद रखना महाजिन्न का अवतार सोच समझा के लेना। उसमें बहुत ज्यादा ताकत है। उसकी शक्ति प्लैनेट खतम भी कर सकती है।

वीर- “जी गुरुजी। ठीक है गुरुजी चलता हूँ.” फिर वीर और बिस्वा वहां से वापिस धरती पर आ जाते हैं।

नीलम- वीर क्या वैम्पायर और भेड़िया भी साथ लेकर जाने हैं?

वीर- हाँ साथ जाएंगे। उन्हें बैकप के लिए रखेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें सामने लाएंगे।

मोहित- वीर क्या वो इतने ताकतवर हैं? क्या वो उनका मुकबला कर सकेंगे?

वीर- हाँ मोहित, यह उस जाईन की सेना का मुकबला आसानी से कर सकते हैं।

डैड- तो फिर कब निकलोगे तुम लोग?

वीर- बस डैड आज रात को निकलेंगे। तब तक हम सब अपनी तैयारी कर लेते हैं।

वीर मोम, संजू, प्रीत को साथ लेकर रूम में चला जाता है। यहां तीनों अपने प्यार में डूब जाते हैं शाम को वीर तैयार होकर बाहर आता है, और बाकी तीनों भी थोड़ी देर में आ जाती हैं।

वीर- जस्सी बिस्वा तैयार हो सब? जस्सी मोहित अपनी-अपनी सेना में से करीब दो लाख सैनिक ले आओ जो सबसे बेस्ट हों, और उन्हें गायब ही रखना।
 
नीलम- वैसे वीर क्या हम मार्गन प्लैनेट में ही हमला करेंगे, या उसे रास्ते में बुलाएंगे?

वीर- नहीं नीलू, एक बार हम सब प्लैनेट पर ही जाएंगे। वहां से मैं उसे और उसकी सेना को एक अलग प्लैनेट पर ले जाऊँगा, जहां कोई जीवन ना हो।

डैड- मैं क्या कहता हूँ। जो तुमने ड्रैगन्स जिन्न-लोक में रखे हैं, उन्हें साथ ले जाओ।

वीर- नहीं डैड। वो मैंने मेरी गैर माजूदगी में वहां की रक्षा के लिए ही रखे हैं, और वैसे भी मेरे पास उन दोनों से

भी ताकतवर उनके बच्चे हैं।

दादाजी- हाँ यह ठीक है मेरे शेर। वैसे भी वहां भी तो कोई होना चाहिए।

मोम- तो बेटू तुम लोग कैसे जाओगे?

वीर- यह तो बायें हाथ का खेल है। वैसे सोचा है अफा से ही जाएंगे। रास्ते में कोई खाली प्लैनेट भी देख लेंगे।

फिर ऐसे ही रात को सब एक दूसरे से मिलते हैं। रूही और उसकी परिवार भी वहीं आ जाती है। फिर सब वहां

से अमृतसर निकल जाते हैं। स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने। हरमिंदर साहब पहुँचकर वीर और सभी परिवार स्पेशल परमिशन लेकर माथा टेकते हैं।

वीर- हे सच्चे बादशाह अपने इस पुत्तरते मेहर भरेया हाथ रखता हो, मैं बुराई नू झड़ तो खतम कर सका। अपना हाथ इस परिवार ते हमेशा बनाए रखी।

सब वहां लंगर में लंगर खाते हैं, और वापिस आ जाते हैं।

वीर- अब हमें चलना चाहिए।

संजू- आपकी बहुत याद आएगी। प्लीज़्ज़... अपना ख्याल रखना। मुझे तुम ऐसे ही चाहिए वापिस।

.

वीर- “ठीक है प्रामिस..” फिर वीर सबसे मिलता है। महौल बहुत एमोशनल हो गया था।

वीर के साथ जस्सी, बिस्वा, आशीष साथ में दोनों की गर्लफ्रेंड मोहित, नीलम, निशु, दोनों ड्रैगन्स बेबी, अलीजा,

और जूलिया थे। वीर ने लीना और उसकी बहनों को यहीं रखा था। ताकी वो जिन्न-लोक की देख भाल सब मिलकर कर सके।

इधर जाईन भी अपनी तैयारी पूरी कर चुका था।

जार्डन- जैसे ही वो आए, उनका स्वागत हमारे खास जानवरों से करना। उनकी खातीरदारी में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
 
इधर वीर जस्सी और मोहित को अपने पास बुलाता है।

वीर- “जस्सी मोहित मैं तुम दोनों को कुछ पावर्स और दे रहा हूँ, जिससे तुम्हें और ताकत आएगी। और जस्सी तुम अनगिनत चमगादड़ों में तब्देल हो सकते हो, और मोहित तुम विशालकाय रूप ले सकोगे.."

फिर वीर दोनों को पावर्स देता है- “अब तुम दोनों अपनी जान से मिलन करो, ताकी तुम लोगों की शक्तियां

आपस में मिल जाएं। इससे तुम लोगों को और भी शक्ति मिलेगी।

जस्सी और मोहित अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड को साथ लेकर अंदर चले जाते हैं। वीर भी अलीजा और जूलिया को साथ लेकर एक रूम में ले जाता है।

अलीजा- जान हम कब शादी करेंगे? मेरे से अब और नहीं रहा जाता आपसे प्यार करने से।

जूलिया- मुझसे भी नहीं रहा जाता। प्लीज़्ज... कुछ करो ना। देखो, यह जिश्म आपके प्यार के लिए तड़प रहा है।

वीर- बस यह किस्सा खतम हो जाए उसके बाद तुम दोनों से शादी कर लूँगा।

अलीजा आगे बढ़कर वीर को किस करने लगती है। दोनों की किस 5 मिनट चलती है। उसके बाद जूलिया भी वीर को किस करती है। फिर तीनों सो जाते हैं।

अगली सुबह सब एक खाली प्लैनेट पर पहुँच जाते हैं। सब बाहर निकलते हैं, और प्लैनेट को अच्छे से देखते हैं,

और लंच करते हैं।

बिस्वा- भाई प्लैनेट तो सारा खाली है, और मजबूत भी है। यहां फाइट करना सही रहेगा।

वीर- हाँ बिस्वा, यहां ठीक रहेगा। बस अब दुश्मनो को यहां लाना है किसी भी तरह। जूलिया एक बात बताओ उसके सैनिक क्या-क्या कर सकते हैं, और कितने ताकतवर हैं?

जूलिया- वीर उन सबको सूरज से ही शक्ति मिलती है। वो इतने भी ताकतवर नहीं है। पर इस बार जरूर जोर्डन ने कुछ खास किया होगा।

नीलम- कुछ भी हो। अब उसका समय पूरा हो चुका है। बस अब उस उसे मुक्ति देनी है।

वीर- हाँ चलो यहीं नाश्ता करते हैं। बिस्वा तैयारी करो।

थोड़ी देर में सब मिलकर नाश्ता करते हैं, और अपने साथ लाए सभी सैनिकों को भी नाश्ता करवाते हैं।

वीर- "दोस्तों हमारा स्वागत बहुत उम्दा होगा इसलिए तैयार रहिएगा। एक प्लान है मेरे पास..” फिर वीर उन्हें अपना प्लान समझाता है। जि नकर सबके चेहरो पर स्माइल आ जाती है। फिर सब वहां से निकलते हैं आगे की ओर।

उधर सैनिक- “महाराज एक अफा आ रहा है। क्या आदेश है?"

जार्डन- स्वागत की तैयारी करो। छोड़ दो जानवरों को उनके स्वागत के लिए।

सैनिक- "जी महाराज...” कहकर सैनिक वहां से चला जाता है।

जार्डन- "हाहाहाहा... मैं भी तो देखू ये मेरे जानवरों से कैसे निपटते हैं? हाहाहाहा..."

इधर वीर का अफा प्लैनेट की सीमा को पार कर चुका था, और नीचे लैंड कर चुका था। सभी बाहर निकलकर खड़े हो जाते हैं। यहां से महल देखाई दे रहा था। बहुत ही सुंदर नजारा था।

तभी सामने से अनगिनत दो मुंह वाले बड़े-बड़े जानवर आते हुए दिखाई देते हैं। जिन्हें देखकर वीर- “वाह... क्या स्वागत किया है? हमारी तरफ से भी कोई कमी नहीं रहनी चाहिए..."

सब तैयार हो जाते हैं।

*****
 
जैसे है वो जानवर नजदीक आते हैं। वीर उनके आगे एक ब्लैक-होल तैयार कर देता है। वो सबके सब जानवर उस ब्लैक-होल में चले जाते हैं। एक भी नहीं बचता।

यह सीन देखकर जार्डन बौखला जाता है।

वीर और उसकी सेना आगे बढ़ जाती है। रास्ते में छोटी मोटी रुकावटें आती हैं, जिन्हें पार करके यह लोग आसानी से आगे निकल जाते हैं। थोड़ी दूर ही गये थे की सामने जार्डन की फौज खड़ी थी हाथ में हाथियार लिए।

वीर हाथ आगे करता है। और देखते ही देखते वहां लाखों की तादाद में सैनिक आ जाते हैं। जो टुकड़ियो में चारों तरफ से घेरा बनाकर खड़े हो जाते हैं।

जाईन चकित था की यह इतने सैनिक कहां से आए? इतने में जोर्डन एक आदमी को इशारा करता है, और वो आदमी एक आग का गोला आसमान में छोड़ता है। आग का गोला ऊपर जाकर ब्लास्ट जो जाता है। आग का गोला ब्लास्ट होते ही जोर्डन की सेना हमला शुरू कर देती है। सभी हथियारों से अलग-अलग तरह की लेजर लाइट निकलकर वीर के सैनिकों की तरफ आती है।

जैसे ही लेजर सैनिकों की तरफ आती है, सभी सैनिक अपने हाथ आगे करते हैं, और उनके हाथ से एक शील्ड निकलकर उनको कवर कर लेती है, और लेजर शील्ड से टकराकर दम तोड़ देती है।

वीर- मेरे बहादुर सैनिकों दिखा दो आज इन्हें सच्चाई की ताकत क्या होती है?

वीर का बस बोलना था की सभी सैनिक हो-हो करते हए आगे बढ़ते हैं। हथियार निकालकर फायर कर देते हैं।

जोर्डन की सेना भी वैसे ही अपने आगे शील्ड खड़ी करती है। पर वीर की सेना के द्वारा फायर किए गये लेजर को रोक नहीं पाती, शील्ड टूट जाती है। और लेजर जाकर सेना के जिश्म के आर-पार होने लगती है। एक तरह का भूचाल आ गया था लेजरों का। वीर की सेना आगे बढ़ती जा रही थी, और उधर जोर्डन की सेना की लाशें बिछ रही थीं।

जोर्डन को तो झटके पे झटके लग रहे थे। आज तक उसकी सेना को कोई मार नहीं पाया था, जिसके बल पे वो इतना आगे था,

जोर्डन- “रामबा जाओ..."

जोर्डन का इशारा मिलते ही उसका सबसे खतरनाक आदमी अपने साथियों को साथ लेकर उड़ता हवा वीर की सेना के सामने खड़ा हो जाता है।

अब हमारी बारी...” इतना बोलकर वो अपने हाथ में एक गन तैयार करता है। और उससे फायर कर देता है।

फायर करते है उससे एक ब्लू कलर का आग का गोला निकलता है, और सैनिकों के ऊपर गिरता है। जिससे वहां बहत बड़ा ब्लास्ट होता है, और वीर के सैनिकों के चीथड़े उड़ जाते हैं।

यह देखकर वीर- "बिस्वा समय आ गया है। जाओ और दिखाओ इसे हम क्या चीज हैं?"

बिस्वा एक छलाँग के साथ उस रामबा के सामने जा खड़ा होता है, और तेजी से उसके पास पहुँचकर उसे एक पंच मारता है। जिससे रामबा उड़ता हवा दूर जाकर गिरता है। रामबा के साथी आगे बढ़कर बिस्वा पर हमला

करते हैं।

आशीष तेजी से तलवार निकालकर उनके पास से गुजरता है। सबके सिर धड़ से अलग हुए पड़े थे।

वीर- मोहित और जस्सी- नीलम और निशु को साथ लेकर खाली प्लैनेट पर पहँचो। वो जानवर भी वहां है। मेरे आने तक उनका सफाया हो जाना चाहिए। जूलिया अलीजा तुम निकलो काम पूरा करो।

बिस्वा आगे बढ़कर उस रामबा को गले से पकड़ लेता है और उसे ऊपर उठा देता है। बिस्वा अपने असली रूप में

आ चुका था।

रामबा अपनी आँखें बंद करता है, और तभी वो बिस्वा के हाथ से गायब होकर थोड़ी दूर पर प्रगट होता है, और कहता है- “तूने मुझे गुस्सा दिला दिया है। अब तू नहीं बचेगा.."

बिस्वा- शुकर मना की अभी मुझे गुस्सा नहीं आया। अगर मुझे गुस्सा आया तो तेरा नामोनिशान मिट जाएगा। अभी भी तेरे पास मौका है। अपने मालिक को बोल की मेरे मालिक के पैर पकड़कर माफी माँग ले। तुम सबके लिए अच्छा रहेगा।

रामबा- “माफी हाहाहाहा... इतना बोलकर रामबा अपने हाथ में एक तलवार प्रगट करता है, और बिस्वा पर छलाँग लगा देता है।

बिस्वा भी तलवार निकालकर रामबा से फाइट करने लगता है। रामबा अपनी पूरी जान लगा रहा था। पर वो बिस्वा के आगे कुछ नहीं कर पा रहा था। राबमा थोड़ा पीछे होकर अपनी आँख बंद करके एक तरफ हाथ करता है। उसके हाथ से रोशनी निकलकर जमीन पर पड़ती है, की तभी वहां उसके जैसे 10 रामबा और प्रगट हो जाते हैं। सबकी आँखें लाल हो चुकी थी। वो भी तलवार निकालकर बिस्वा पर हमला कर देते हैं।

आशीष भी बिस्वा के साथ हो लेता है। वीर और ड्रैगन लड़का वहां खड़े सब देख रहे थे।

ड्रैगन लड़का- वीर मैं जाऊँ क्या?

वीर- रुक जा मेरे बच्चे, अभी थोड़ा मजा ले। अगर हम जंग में उतरे तो दो मिनट भी नहीं लगेगे जंग खतम होने में। और वैसे भी हमें इनको यहां से ले जाना है, खाली प्लैनेट पर। सही समय का इंतजार कर।

उधर अलीजा और जूलिया गायब होकर सीधा जेल में पहुँचती हैं, जहां उसके मोम डैड को रखा गया था। दोनों सीधा उस सेल में पहुँच जाती हैं।

अपनी बेटी को वहां देखकर दोनों बहुत खुश होते है, और उसे गले लगा लेते हैं।
 
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