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उस दिन मेरी मा साक्षी से पूरा दिन बाते करती रही और मैं उसे चोदने का मौका ढूँढ रहा था.जब मा किचन मे जाती तो मैं साक्षी के बूब्स और चूतड़ दबाता,उसकी गान्ड को पिंच करता और वो मुझे कामुक नज़र से देखती तो मैं और जोश मे आता था.दूसरे दिन सुबह मा जब सब्जी लाने गयी तो मुझसे रहा नही गया और मैने साक्षी को पीछे से जाकर पकड़ लिया और उसके बूब्स साड़ी के ऊपर से दबाने लगा.फिर मैने अपना लॉडा निकाला और उसे चूसने को दिया.
वो रंडी की तरह मेरा लॉडा चूसने लगी.मैने उसकी साड़ी उपर उठानी शुरू की और उसके चूतड़ के उपर ले आया.अब मैं उसके पीछे आकर उसकी गान्ड और बुर को चाटने लगा.साक्षी को भी मज़ा आ रहा था.
साक्षी:”अब मत तडपाओ चोदो मुझे जल्दी”
अब मैने अपना लॉडा उसकी चूत मे डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से आगे पीछे करने लगा.वो चिल्ला रही थी तो मैं और ज़ोर से चूत मारने लगा. झड़ने के बाद हम दोनो हॉल मे आकर बैठ गये.मा भी बाज़ार से लौट आई थी.अब मैं और साक्षी हॉल मे टीवी देख रहे थे और मा किचन मे खाना बना रही थी.मैने साक्षी को चूत दिखाने को कहा तो साक्षी ने अपने पैर को मोड़ लिया और साड़ी ऐसी उपर की उसकी चूत मुझे सॉफ नज़र आ रही थी.उसने चड्डी नही पहनी थी.मैने चोदते वक़्त उसकी चड्डी अपने पास रख ली थी.ताकि जब वो चली जाएगी तो मैं उसकी चूत की खुश्बू पैंटी से ले सकूँ .जब उसकी पैंटी पे अपना लौड रखू तो उसकी चूत की फीलिंग आए.
टीवी देखते वक़्त सास भी कभी बहू थी सीरियल लगी.तो साक्षी ने पूछा “तुझे इस सीरियल मे कौन पसंद है?”
मैं:”रक्षंदा ख़ान,जब भी उसे देखता हूँ तो लंड की हालत खराब हो जाती है.साली क्या मस्त दिखती है.शी ईज़ नंबर वन मुस्लिम रांड़ ऑन टेलिविषन.अगर एक बार उसे चोदने को मिल जाए तो उसकी माँ चोद के रख दूँगा ”
साक्षी:”तुम मर्द सब चुदाई के सिवा कुछ नही देखते?”
मैं:”तुम औरत भी तो हमारे केले खाने के लिए रेडी रहती हो ”
साक्षी:”और तुलसी कैसी लगती है तुम्हे”
मैं:”वो ना जाने कितने केले लिए होगी गान्ड मे तो जाके इतनी बड़ी गान्ड हो गयी है उसकी.जब भी उसकी गान्ड देखता हूँ तो मा की गान्ड याद आती है.”
साक्षी
शॉक्ड)”क्या तुम दीदी की गान्ड देखते हो?”
तभी माँ हॉल मे आई खाना रखा और चूतड़ हिलाते किचन मे जा रही थी.माँ की साड़ी उसके चूतड़ के बीच मे फँसी थी.मैं मा के चूतड़ देख रहा था और अपने हाथ से लंड को सहला रहा था.साक्षी मासी सब देख कर हंस पड़ी और बोली”साले गान्डु ,अपनी माँ के चूतड़ देखता है ”
मैं भी शरमा गया और मैने अपनी गर्दन झुका दी.
रात को मैने माँ के दूध मे नींद की गोली मिला दी .साक्षी और मा कमरे मे सोए हुए थे.करीब एक घंटे बाद मैं उनके कमरे मे गया तो देखा कि मा नींद मे थी.मैं साक्षी के उपर चढ़ गया और उसे किस करने लगा.मैने उसकी साड़ी उपर की और उसकी जांघों को चूमने लगा.फिर मैने उसकी चिकनी बुर को चाटना शुरू किया.वो तड़प उठी “आहह आहह अहह प्लीज़ अहह और करो करो चूसो मेरी चूत को अहह”
फिर मैने उसकी चूत मे उंगली डाल दी और आगे पीछे करने लगा.क्या मज़ा आ रहा था.माँ गहरी नींद मे थी और मैं अपनी माँ के सामने अपनी मासी को चोद रहा था.वो भी बेशरम हो के अपने बड़ी बहेन के लड़के से चुदवा रही थी.अब मैने अपना लंड उसकी बुर मे डालकर धक्के देने लगा.
साक्षी:”और चोदो और चोदो.आज मेरी चूत फाड़ दो.तेरी माँ के सामने चुदवा रही है तेरी मासी, चोद और चोद.”
उस रात मैने उसको चार बार चोदा.फिर मैं अपने कमरे मे सोने चला गया.सुबह जब नींद खुली तो मैं मा के कमरे मे गया.मैने देखा कि माँ की साड़ी माँ की थाइस के उपर थी और पल्लू भी बूब्स से हटा था.अपनी माँ की गोरी गोरी थाइस देख कर मेरी हवस बढ़ गयी.मैने जाकर माँ की जाँघो पर धीरे से हाथ फेरा और धीरे से थाइस को चूमा.क्या मस्त नरम नरम थाइस थे माँ के.फिर मैने झुक कर साड़ी के अंदर देखा तो मुझे माँ की पैंटी नज़र आई.उस पैंटी मे माँ की मस्त फूली हुई चूत देख कर मन कर रहा था कि माँ की चड्डी उतार के सारा माल देख लूँ .
यह सब साक्षी डोर पे खड़ी होके देख रही थी.जब मैने उसे देखा तो वो मुझे हॉल मे लेकर आई और बोली,
साक्षी:”क्यों साले रंडी की औलाद,क्या देख रहा था”
मैं:”मासी सच क्या मस्त माल है तेरी बड़ी बहेन .उसकी थाइस क्या मुलायम है कि चाटने का दिल कर रहा था”
साक्षी:”तो चोदता क्यों नही अपनी माँ को”
मैं:”मैं कैसे चोदु माँ को.वो नहीं माने गी”
साक्षी: “क्यों मासी मान गयी तो माँ भी मान जाएगी”
मैं:”सच”
साक्षी:”तुझे पता नहीं तेरी माँ अपने जमाने की बहुत बड़ी रंडी थी.उसने तो अपना पहला सेक्स अनुभव अपने स्कूल के टीचर के साथ लिया था.”
मैं
आइ वाज़ कंप्लीट्ली शॉक्ड टू हियर सच थिंग्स अबाउट माइ माँ)
साक्षी:”कॉलेज मे तो साली रोज़ नया केला खाती थी और मुझे भी खिलवाती थी.तेरी माँ को तो एक साथ दो दो लौडे भी कम पड़ जाए ऐसी बड़ी चुदासि है तेरी माँ.”
साक्षी:”एक बार अपना 8 इंच का लॉडा दिखा दे उसे चूतड़ उठा उठा के चुदवायेगि अपने बेटे से.साली बड़े बड़े केले खा चुकी है तेरी माँ .अपने बड़े भाई को भी अपनी चूत दी है साली ने. ”
अब मैं और उत्तेजित हो गया और साक्षी को फिर एक बार चोद दिया.
शाम को घर जाते समय साक्षी मुझसे बोली “अपनी माँ को ज़रूर चोदना .और मुझे ना भूल जाना.हम दोनो बहनें तुझे एक साथ चुदाई का आनंद देंगी”.
और वो चली गयी
समाप्त
वो रंडी की तरह मेरा लॉडा चूसने लगी.मैने उसकी साड़ी उपर उठानी शुरू की और उसके चूतड़ के उपर ले आया.अब मैं उसके पीछे आकर उसकी गान्ड और बुर को चाटने लगा.साक्षी को भी मज़ा आ रहा था.
साक्षी:”अब मत तडपाओ चोदो मुझे जल्दी”
अब मैने अपना लॉडा उसकी चूत मे डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से आगे पीछे करने लगा.वो चिल्ला रही थी तो मैं और ज़ोर से चूत मारने लगा. झड़ने के बाद हम दोनो हॉल मे आकर बैठ गये.मा भी बाज़ार से लौट आई थी.अब मैं और साक्षी हॉल मे टीवी देख रहे थे और मा किचन मे खाना बना रही थी.मैने साक्षी को चूत दिखाने को कहा तो साक्षी ने अपने पैर को मोड़ लिया और साड़ी ऐसी उपर की उसकी चूत मुझे सॉफ नज़र आ रही थी.उसने चड्डी नही पहनी थी.मैने चोदते वक़्त उसकी चड्डी अपने पास रख ली थी.ताकि जब वो चली जाएगी तो मैं उसकी चूत की खुश्बू पैंटी से ले सकूँ .जब उसकी पैंटी पे अपना लौड रखू तो उसकी चूत की फीलिंग आए.
टीवी देखते वक़्त सास भी कभी बहू थी सीरियल लगी.तो साक्षी ने पूछा “तुझे इस सीरियल मे कौन पसंद है?”
मैं:”रक्षंदा ख़ान,जब भी उसे देखता हूँ तो लंड की हालत खराब हो जाती है.साली क्या मस्त दिखती है.शी ईज़ नंबर वन मुस्लिम रांड़ ऑन टेलिविषन.अगर एक बार उसे चोदने को मिल जाए तो उसकी माँ चोद के रख दूँगा ”
साक्षी:”तुम मर्द सब चुदाई के सिवा कुछ नही देखते?”
मैं:”तुम औरत भी तो हमारे केले खाने के लिए रेडी रहती हो ”
साक्षी:”और तुलसी कैसी लगती है तुम्हे”
मैं:”वो ना जाने कितने केले लिए होगी गान्ड मे तो जाके इतनी बड़ी गान्ड हो गयी है उसकी.जब भी उसकी गान्ड देखता हूँ तो मा की गान्ड याद आती है.”
साक्षी
तभी माँ हॉल मे आई खाना रखा और चूतड़ हिलाते किचन मे जा रही थी.माँ की साड़ी उसके चूतड़ के बीच मे फँसी थी.मैं मा के चूतड़ देख रहा था और अपने हाथ से लंड को सहला रहा था.साक्षी मासी सब देख कर हंस पड़ी और बोली”साले गान्डु ,अपनी माँ के चूतड़ देखता है ”
मैं भी शरमा गया और मैने अपनी गर्दन झुका दी.
रात को मैने माँ के दूध मे नींद की गोली मिला दी .साक्षी और मा कमरे मे सोए हुए थे.करीब एक घंटे बाद मैं उनके कमरे मे गया तो देखा कि मा नींद मे थी.मैं साक्षी के उपर चढ़ गया और उसे किस करने लगा.मैने उसकी साड़ी उपर की और उसकी जांघों को चूमने लगा.फिर मैने उसकी चिकनी बुर को चाटना शुरू किया.वो तड़प उठी “आहह आहह अहह प्लीज़ अहह और करो करो चूसो मेरी चूत को अहह”
फिर मैने उसकी चूत मे उंगली डाल दी और आगे पीछे करने लगा.क्या मज़ा आ रहा था.माँ गहरी नींद मे थी और मैं अपनी माँ के सामने अपनी मासी को चोद रहा था.वो भी बेशरम हो के अपने बड़ी बहेन के लड़के से चुदवा रही थी.अब मैने अपना लंड उसकी बुर मे डालकर धक्के देने लगा.
साक्षी:”और चोदो और चोदो.आज मेरी चूत फाड़ दो.तेरी माँ के सामने चुदवा रही है तेरी मासी, चोद और चोद.”
उस रात मैने उसको चार बार चोदा.फिर मैं अपने कमरे मे सोने चला गया.सुबह जब नींद खुली तो मैं मा के कमरे मे गया.मैने देखा कि माँ की साड़ी माँ की थाइस के उपर थी और पल्लू भी बूब्स से हटा था.अपनी माँ की गोरी गोरी थाइस देख कर मेरी हवस बढ़ गयी.मैने जाकर माँ की जाँघो पर धीरे से हाथ फेरा और धीरे से थाइस को चूमा.क्या मस्त नरम नरम थाइस थे माँ के.फिर मैने झुक कर साड़ी के अंदर देखा तो मुझे माँ की पैंटी नज़र आई.उस पैंटी मे माँ की मस्त फूली हुई चूत देख कर मन कर रहा था कि माँ की चड्डी उतार के सारा माल देख लूँ .
यह सब साक्षी डोर पे खड़ी होके देख रही थी.जब मैने उसे देखा तो वो मुझे हॉल मे लेकर आई और बोली,
साक्षी:”क्यों साले रंडी की औलाद,क्या देख रहा था”
मैं:”मासी सच क्या मस्त माल है तेरी बड़ी बहेन .उसकी थाइस क्या मुलायम है कि चाटने का दिल कर रहा था”
साक्षी:”तो चोदता क्यों नही अपनी माँ को”
मैं:”मैं कैसे चोदु माँ को.वो नहीं माने गी”
साक्षी: “क्यों मासी मान गयी तो माँ भी मान जाएगी”
मैं:”सच”
साक्षी:”तुझे पता नहीं तेरी माँ अपने जमाने की बहुत बड़ी रंडी थी.उसने तो अपना पहला सेक्स अनुभव अपने स्कूल के टीचर के साथ लिया था.”
मैं
साक्षी:”कॉलेज मे तो साली रोज़ नया केला खाती थी और मुझे भी खिलवाती थी.तेरी माँ को तो एक साथ दो दो लौडे भी कम पड़ जाए ऐसी बड़ी चुदासि है तेरी माँ.”
साक्षी:”एक बार अपना 8 इंच का लॉडा दिखा दे उसे चूतड़ उठा उठा के चुदवायेगि अपने बेटे से.साली बड़े बड़े केले खा चुकी है तेरी माँ .अपने बड़े भाई को भी अपनी चूत दी है साली ने. ”
अब मैं और उत्तेजित हो गया और साक्षी को फिर एक बार चोद दिया.
शाम को घर जाते समय साक्षी मुझसे बोली “अपनी माँ को ज़रूर चोदना .और मुझे ना भूल जाना.हम दोनो बहनें तुझे एक साथ चुदाई का आनंद देंगी”.
और वो चली गयी
समाप्त