[color=rgb(0,]ये केसी अनुभुती
अपडेट - ७२[/color]
में : सखाने तो कबका स्वीकार करलीया हें ओर उसे पुरा समर्पीत भी होचुका हें बस उसे अपनानेके लीये कुछ खास वक्तकी राह देखता हें फीर वो उसमें समा जायेगा
तभी जसु आगइ ओर पीछे नेनुभी आइ ओर मायाभाभीसे बाते करने लगी....अब आगे
नेनु : भाभी क्या हुआ आप रो क्यु रही हें ओर दोनो अेक दुसरेके साथ होकर भी बाते क्यु नही करते थे दोनोही अलग अलग खामोस थे में कबसे देख रही हुं ओर आप आंसुही बहाये जा रही हें क्या इसने आपको कुछ केहतो नही दिया?
माया : अरे नही नही नेनुदी, बस सगुनकी बडी चीन्ता हो रही हें सबका समाचार सुनातो वो मायुस होगइ हें इसीलीये सोचमें डुब गइ थी पताभी नही रहाकी आंसु नीकलने लगे हें
नेनु : चलीये मेरे साथ अंदर अपना हुलीया ठीक कर लीजीये वरना ये अभी आपको बकरी कहेगे हें..हें..हें..
तो दोनो हसने लगी ओर दोनो वापस कोटेजमें जाने लगी तब मुजे बडा आस्चर्य हुआकी ये क्या होरहा था में ओर भाभी तो बात कर रहे थे तो फीर नेनुको दोनो खामोस क्यु दीख रहे थे मेरी समजमें कुछ नही आरहा था ओर उधर मायाभाभीके मनमेंभी वोही धमासान हो रहा था की में राजसे बात तो कर रहीथी भीर नेनु दीने अेसा क्यु कहाकी हम अलग खडे होकर बात नही कर रहे थे
हे भगवान मेरी तो कुछही समजमें नही आता, तो फीर मुजसे कोन बात कर रहा था कही कोइ ओरतो नही था..नही नही हमारे सीवा वहा कोइ नही था तो फीर राज..ओह माय गोड, तो ये राज कोन हें, कही हमारे साथ स्वयंम कानातो..नही नही आजके जमानेमे ये मुमकीन नही हें, जो भी हो मुजें अेक बार राजसे इस बारेमें बात करलेनी चाहीये १००% वोही था ओर उनकी ही आवाज थी
दोनोके मनमें धमासान विचारोका युध्ध हो रहाथा तभी बसभी आगइ तो राजन महेश दुसयंत अजय सब सामान बसके अंदर रखने लगे ओर सबलोग अेक अेक करके बेठने लगे तभी बबलु ओर मेनेजर राकेश मेरे पास आये तो मेने दोनोकी फेमीली के लीये रहेनेके लीये कहा तो राकेशनें कहा
राकेश : भाइ आप लोग आरामसे जाइअे हम अभी अेडजेस्ट कर लेते हें
में : बबलु तुम दोनो पुरी फेमीलीके साथ रहेकर उसे फुल अेन्जोय करवाना ओर राकेश अगर भारतीभाभी जोब करना चाहेतो उसे यहा रीसेपनीस्ट सम्हालने दे देना वो यहा जोब कर सकती हें में राजनसे बात करलुगा वोभी इसमें काफी अनुभवी हे तो घरके लोग अच्छा रहेता हें
राकेश : (खुस होकर) भाइ वोतो कही दीनोसे केह रही थी पर मेही मना करता था की यहा कीसे कहुं थेन्कयु वेरी मच आपने आज सामनेसे कहा वोतो सुनके बहुत खुस हो जायेगी वेसेभी अेक सीफ्टके लीये हमारे पास रीसेप्नीस्ट नही हे तो कभी में तो कभी रीसेपनीस्टसे ओवर टाइम करवाके अेडजेस्ट करता हुं
में : चलो ठीक हें में अभी कमलाभाभीको ले जा रहा हुं राजन इधर हे तो आता जाता रहेगा फीर दोनो परमेनेन्ट इधर रहेगे जब तक हम दुसरा होटेल नही लेते
राकेश : ठीक हें भाइ ओर आप लोगोके लीये हमारी सब कारे रेडी हें वो छोडके वापस आजायेगी अगर वहा जरुरत पडेतो में भेज दुगा
में : नही वहातो बहुत कारे हें तुम सब इधरा ही सम्हालो ओके
फीर वे दोनो चले गये तो तीन कार आकर खडी रही ओर सुनील सारीका आंटी अेकमें बेठ गये दुसरेमें काका काकी अंजुके माता पीताही बेठे फीर अेकमें में नेनु जसु ताराभाभी ओर दिवु बेठे बाकी सबको बसमें बेठके मस्ती करके जाना था तो सब बसमें बेठ गये ओर हमारा कारवा नीकल पडा ओर हम सब महेलकी ओर बढने लगे तब मेने कहा
में : नेनु जसु आखीर हम हमारी नइ मंजील ओर हमारी कर्म भुमीकी ओर नीकल ही पडे देखना दादी कीतनी खुस होती हें
नेनु : (हसकर) खुस? अरे पतीदेव अेक बार हम सबको पहोंचनेतो दो सबको बडी सरप्राइज मीलने वाली हें हें..हें..हें..
जसु : क्या..? आपसे दादीकी बात हुइ हे क्या?
नेनु : (हसकर) हां सुबहही दादीका फोन आयाथा मेंने उसे काफी बातकी ओर उसने मुजे सबको कहेनेको मना कीयाकी मेरे बेटेको आज में सरप्राइज दुगी बहुत दुसरोको सरप्राइज बाटता फीरता हें मेभी उसकी दादी हुं आज उसको बतादुगी की तुही मेरा बेटा हे
में : (हसकर) क्या? नेनु दादीने अेसा कहा, ओह गोड बचालेना मुजे, लगताहे वो हम सबको बहुत बडा जटका देने वाली हें मुजे अेसा फील होने लगा हें
नेनु : (हसने लगी) जानु वोतो जाकरही पता चलेगा हें..हें..हें..
ओर हम बाते करते रहे पताही नही चला की हम सब कब वहा पहोंच गये बहार देखातो पुरा गाव बहार जमाथा तो दिवु फटाफट मोबाइल नीकालकर सब सुट करने लगी लोग ढोल नगारा बेन्ड सब बजाने लगे ओर मेइन गेट पर सब दरवान भाला लेकर लाइनमें खडे रहे जेसे कोइ युध्धकी फोजहो जेसेही हम गेट पर पहोचे तो गेटका दरवाजा खोल दीया ओर हम सबकी गाडीया अंदर लेली ओर फटाफट गेट बंध करदीये
ओर सब लोग भाला लेकर हमारी गाडीसके साथ दोडने लगे फीर सब अंदर लाइनमें खडे रहे सोनु रीटा जसु धारातो देखकर दंगही रेह गइ आज सबने साडी पहेनी थी ओर नेनुकी सुचनाके हीसाबसे सबने अपना पलुसे सर ढक लीयाथा ओर हमारी कारे बस सब रुक गइ ओर महेलके स्टाफने मोर्चा सम्हाल लीया ओर सब कार ओर बसके गेटके पास खडे होगये तब नेनुने कहा
नेनु : जसु जब तक सुचना नही मीलती हमे अंदरही बेठना हे अब हम दादीके अंन्डरमें हे हें..हें..हें.
जसु : पर दी अेसी सीक्युरीटी? यहा कोन आ सकताहे जो हमे नुकसान पहोचाये
में : जसु ये सब कुछ अेक राजवैभवकी फोर्मालीटी होती हें आज आप सब पहेली बार आयेहोतो स्वागतका ये महेलका अलगही तरीका हें हम सबको इसे फोलोव करना पडेगा
तभी दरवाननें हमारी कारका दरवाजा खोल दीया ओर हम सब उतरने लगे तब दिवानजी जो दादाथे उन्होने मुजे फुलहार पहेनाया ओर सबका इसी तराह स्वागत हुआ तो सीमा कमलाभाभीतो सब देखती ही रही तभी हमारे सरपंचजी राघवभैया आये ओर उसने मुजे हार पहेनाके जुककर अभीवादन कीया
फीर जेसेमें नेनु ओर जसुके साथ आगे आया तो सब लोग जो हमारे साथ आयेथे हमारे पीछे आकर खडे रहे तब अेक लेडीने नेनुसे कुछ बात कीतो नेनुने मेरी सब बीवीओको आगे करदीया तो सब जुक गये ओर हमारा अभीवादन करने लगे सोनुतो मेरे पासही आके खडी होगइ ओर उसकी आंख गीली हो गइ तब
नेनु : बीटु आंसु पोछले अभीतो बहुत कुछ देखना बाकी हें ओर सब लोग अपना पलु नीचे मत गीरने देना पकडकर रखना
सोनु : जी दी अदभुत अनुभव हे ये, मेने तो इसकी कल्पनाभी नही कीथी हमारे पती इतने बडे राजा होगे
तब वो लेडी हम सबका आइअे पधारीये कहेकर हमे अंदर लेजाने लगी दादीने आज अपना फोटोग्राफर ओर वीडीयोसुटरभी बुलालीया था जो सब सुट कर रहा था ओर हम अंदर जाने लगे जब महेलके अंदर मेइन गेटके पास पहोचे तो हम सबको अेक कदम दुर बहार ही रोकलीया जब नीचे देखातो सात चावलसे भरे हुअे कलस रखेथे ओर मेरी सब बीवीओको आगे आनेको कहा
तो नेनु जसु अंजु सोनु धारा ओर दिवु आगे आके खडी रही में उनके पीछे खडा रहा तब अेक लेडी दादीके साथ आरहीथी ओर उसके हाथमें आरतीकी थाली लेकर आइ तो सोनुतो दादीको देखकरही आंसु बहाने लगी ओर अपनी नजर जुकाके रोती रही तब दादीने देख लीया ओर वो हसती हुइ सोनुके पास आइ ओर उसे गले लगालीया ओर कहा
दादी : अरे मेरी बच्ची तु आगइ बहुत वेइट करवाया तुने मेरी सोनु हेनां? देखा केसे में पहेचान गइ तुजे
सोनु : दादी वो मुजे लेकरही नही आतेथे मुजे आपसे मीलनेके लीये बहुत तडपाया हें
दादी : अरे मेरी बच्ची अेक बार उसे अंदर आनेदे फीर तेरे सामने कान खीचके सजा दुगी इसे
तब सोनु हस पडी तो दादी भी हसने लगी फीर नेनुको इसारे से कहा
दादी : नेनु बीटीया तुम छेतो आगइ अब सातवीको भी बुलाले तो सबका स्वागत कर सकु कोन हें वो तुने मुजे फोटोतो दीखाइ थी कहा गइवो हां येरही, अे लडकी इधर आजा ओर सबके साथमें खडी होजा
जब ये बात दादीने कही तो पीछे सब सोक्ट होगये ओर कहीतो आंसु बहाने लगे सबकी आंखे खुसीके मारे नम होगइ ओर दादी जाके रीटाका हाथ पकडके लेआइ ओर उसे सोनुके साथ खडा कर दीया तो रीटा सरमके मारे नीचे देखकर बस मुस्कराही रही थी ओर मायाभाभी ताराभाभी लता सगुन काजल सुनील दुसयंत करण सब खुसीके मारे आंसु बहाने लगे
फीर दादीने मुजेभी सबके बीच खडा कर दीया ओर सबकी आरती पुजा करने लगी ओर आखीरमें सब बीवीओके अपना पेर कलसके चावलको मारनेको कहा तो सातोने वो कलस गीराये ओर सबका गृह प्रवेस करवाया तब सोनुने दादीका हाथ थाम लीया ओर सब उसके पीछे जाने लगे
तो अंदर मेरे लीये अेक सीहासन आसन रखाथा ओर दोनो साइड मेरी सब बीवीओकी बेठनेकी व्ववस्था थी ओर बाकी सब हमारे सामने सोफे रखे थे वहा सबको बीठाया मेरे साथ दादी आके बेठ गइ ओर मुुजे सरपे प्यारसे हाथ घुमाने लगी ओर कहा
दादी : तो बेटा केसी लगी मेरी सातवी बीवीकी सरप्राइज तु मुजसे आज यही बात करने वाला थानां? देख मेरी नेनु बीटीयाने करके दीखाया अब बता उसके माता पीता कोन हें
में : दादी वो हमारे सुनीलभाइके छोटे भाइ करणभैया ओर मायाभाभी हें ये सामने बेठे रो रहे हें देखो ओर सुनीलभाइ का सब बीजनेस वोही सम्हालते हें
तब दादी खडी होगइ तो करणभाइ मायाभाभीके साथ सुनीलभैया ताराभाभी भी बेठे थे वो हाथ जोडके खडे होगये दादी उनके सामने चली गइ ओर खडी होकर हाथ जोडके कहा
दादी : माफ करना बेटा मेने आपकी परमीसनके बगेर आपकी बेटीको खडाकीया मुजे वो बहुत भागइ हें में उसका हाथ आपसे विनंती करके मांग रही हुं ताकी मेरा सब परीवार पुरा होजाये
सुनील : (खडे होकर) दादीमां ये आप क्या केह रही हें खुस नसीबतो हम सब हें जो आपने हमारी बेडीका हाथ थामा हें हम तो धन्य होगये क्युकी अेकतो मेरीभी बेटी हें ओर ये मेरे भाइकी बेटी हे
करण : (दादीके पैर छुकर) दादीमां हमने नेनु दीदीसे खुद प्रस्ताव रखा था तो उसने आजके लीये ही हमारी बात टालदी थी क्युकी वो हमे सरप्राइज देना चाहती थी वो हमे नही पता था तो हम सबतो नीरास होगये थे ओर आपने सबको आज बडी सरप्राइज देदी हमतो धन्य होगये आजसे मेरी बेटी आपकी हुइ
माया : हां माइसाहेबा हमतो बहुत खुसकीस्मत हें जो हमारी बेटी इस घरकी बहु बनेगी
दादी : आप सबका बहुत बहुत सुक्रिया जो मेरा प्रस्ताव स्वीकार कीया, क्या आप उसकी सादीके लीये तैयार हें सीर्फ हा या नामें कहीयेगा बाकीकी कोइ चीन्ता करनेकी जरुरत नही हें मेरी नेनु बीटीया ओर ये मेरी नइ बहु जसु बीटीयाने सब अेरेन्ज कर लीया हें
माया : जी हमे कोइभी अेतराज नही हे अबतो हमने उसको आपको सोंपदी हें
दादी : आपका बहुत बहुत सुक्रिया
दादी : (फीर दादी वापस आके मेरे पास बेठ गइ ओर उसने अेनाउन्स कीया) दो दीन बाद मेरे बेटेकी तीनो रानीओके साथ सादी हो जायेगी ओर पांच दीनका फंक्शन होगा पहेले दिन गणपती पुजा ओर सामको महेंदी कार्यक्रम दुसरे दीन दांडीया ओर गाना बजाना फीर हर अेकदीन अेकसे सादी होगी ओर सबकी रहेनेकी व्यवस्था इधरही हें ओर फंक्शन हम हमारे परीवार ओर कुछ महेमान तकही सीमीत रखेगे कीसीको कोइ अेतराज तो नही? ओर आप लोग अपने महेमानोको बुला सकते हो सबकी व्यवस्था इधरही हो जायेगी
तब सबने खुसीके मारे तालीया बजाइ तो दादी बहुत खुस होगइ ओर वो सोनुके सरमें हाथ घुमाने लगी फीर उससे बाते करने लगी ओर बीच बीचमें दो बार मेरा कानभी पकडलीया तब सोनु हसने लगतीथी ओर उसी वक्त मायाभाभी मेरी ओर देखकर आभार वससे आंखे नम करलेती थी तो में हसकर अपनी आंख जुका लेताथा ओर हम आंखोही आंखोसे बात कर रहे थे मानो केह रहीहो की अब मुजे जल्दसे जल्द अपनालो
तभी दिवानजी मीठाइकी थाली दे गये तब दादी ओर मेरी सब बीवीया सबका मुह मीठा कराने लगी तब सुनील ताराभाभी करणभाइ ओर मायाभाभीने भी सबको मुह मीठा करवाया तब मायाभाभी मुजे मुह मीठा करवाने आइ ओर धीरेसे कहा
माया : (मुजे मीठाइ खीलाते) लीजीये सखा हमारे प्यारको स्वीकार कीजीये
में : (मायाको खीलाते) जी सखी अब आपभी तैयार रहीये अब हम जल्द मील जायेगे
फीर मायाभाभी चली गइ ओर में सोचने लगाकी आज बेटीभी मील गइ ओर मांभी मील गइ दोनो मुजे बहुत प्यार करती हें रीटा मुजसे ओर में मायाभाभीको प्यार करता था
नेनु : जानु कहा खोगये, केसा लगा हमारा सरप्राइज देखो आपकी नइ बीवीतो सरमके मारे उचा तक नही देखती कीतना सरमाती हे
में : नेनु सरमायेगी नही तो क्या करेगी आप सबने इनको इतना बडा जटकाजो दीया हे
नेनु : नही जानु दिवुने कलही उसे अकेलेमें सबसे छुपके बात करली थी तो वोतो सुनके कल पागलही होगइ थी ओर आपसे मीलके बात करना चाहती थी दिवुने महामुस्कीलसे रोके रखा तब जाके मानी इसीलीये तो दिवुने आज उसको साडी पहेनाइ उसको सब पताथा की क्या होने वाला हें पुरी रात जागी हे वो सीर्फ आपके खयालोमेही सो नही पाइ
में : ओह..तबतो सबने मुजेही अंधेरेमें रखा, ओर में समजा सबको कल सरप्राइज दुगा येतो उल्टा होगया
जसु : (धीरेसे मेरे कानमें) क्यु बच्चु केसा लगा हमारा प्लान हें..हें..हें..
में : लगता हे येसब चीबावली तुनेही कीया हें आनेदे हमारी फस्टनाइट फीर तुजे बताता हुं
जसु : नही डार्लीग येतो चीटींग हे इसमें में अकेली नही हुं दिवु ओर नेनुदीके साथ ये अंजुदी भी हें ओर सबसे मेइन रोल तो आपकी लाडली वो सोनुरानी ही हें
में : क्या..? सबको देख लुगा में इससे खच्छीतो मेरी धारा हें
जसु : हां इसलीयेतो बेचारीकी सारी रात कचुम्बर नीकालते रहे हें..हें..हें..
में : चीबावली हस मत तेरी भी बारी आयेगी
जसु : हाये.., जानु मेतो कबसे तरस रही हुं, बस दो दीन इन्तजार करलो, फीरतो आप नीकालनेही वालो हो हें..हें..हें..
में : हे भगवान क्या करु इस लडकीका, सबके साथ रहेकर येभी बीगड गइ
जसु : क्यु क्या हुआ मेले बेबीको अच्छा नही लगा? हें..हें..हें..
में : बस जसु ओर गरम मत कर, वरना तेरा वादा आजही टुट जायेगो ओर फीर मुजे अच्छा नही लगेगा, तु जानती हे सब
जसु : हां बेबी, सोरी अब नही तंग करुगी, अगर गरम होगये होतो नेनुदीको लेजाना आप वो अब कंपलीट हो गइ हे हें..हें..हें..
में : (खुस होकर) सच..तबतो गइ नेनु साम तक नही छोडुगा उसे
नेनु : (जसुकी बात सुनली) कमीनी क्यु बताया अब मुजे भुगतना पडेगा वो अब मुजे छोडने वाले नही हे देखना साथमें में तेरी भी गांड मरवाउगी कमीनी कहीकी
जसु : (हसते) तो क्या हुआ में तैयार हुं, बुला लेना मुजे हें..हें..हें..
नेनु : (हसते) क्या बात हे जसु, लगता हे दवाका असर पुरा रंग लाया हें हें..हें..हें..
जसु : अरे हां नेनुदी आपने हमारी नइ सौतनके लीये कुछ रखाहेकी नही?
नेनु : हां रखा हे उसको आजही देनी पडेगी तभीतो वो पांच दिनमे रेडी रहेगी
जसु : तबतो यहासे फ्रि होकर आप पहेला काम वोही करना, में उसे लेकर आती हुं
नेनु : वाह जसु ठीक याद दीलाया तुने में वही करुगी ओर कुछ याद आता हें
जसु : हां आपने वो सीमाकोभी दीयाथा दरसल वो अजयको देनेकी जरुरत थी तभीतो वो सीमासे संतुस्ट कर पाता, ओर आपने उल्टा कीया अब सीमा पागल हो जायेगी फीर वो हमारे पतीसेही चुदने लगेगी देखना अगर थोडा बचेतो अजयको जरुर देना ताकी बेलेन्स होजाये
नेनु : हां.., देखा इसी लीयेतो में तुजे साथ रख रही हुं वेरी स्मार्ट बेबी हें..हें..हें..
तभी दादीका ध्यान रामुकाकापे गया तो दादी जोरोसे खुस होकर बोल पडी
दादी : अरे रामु..तुभी आया हें मुजेतो पताही नही था इधरआ तेरी माइको नही मीलना क्या? ओर कहाहे तेरी बीवी?
काका : (दोडके दादीके पांव छुकर) माइ आप सबमे बीजीथी तो सोचा बादमें मील लुगा केसी हे आपकी तबीयत ओर येहे मेरी बीवी रमा
तब काकीनेभी सरपे पलु डालके उनका चरण स्पर्स कीयातो दादीने उनको आशीर्वाद दीये फीर वो काकीसे कहेने लगी
दादी : अेक तेरा पती ओर दुसरा वो दिपक दोनोने खुब साथ नीभाया मेरे बेटेका इनकी ही बदोलत मेरा अमीत यहा तक पहोंचाहें ओर भगवानका चम्तकार देखो वही आज मेरे पोते के साथभी खडा हें ये महासयके बारामें मेरी दीदी मुजे पुरी जानकारी देती थी ओर अेक बारतो मेने उसे अमीतके साथ देखाभी था, देखा में फीरभी पहेचान गइकी रामुही हें
काका : माइ साहेब आपहीका आशीर्वाद हें, बस हमारे दोनो साथी चले गये
दादी : अरे हां दिपक के बारेमें नेनुसे बात हुइ थी बेचारा अकेला बीमारीसे लडा परीवार तकको भनक नही लगने दी ओर उसकी बीवीभी बहुत अच्छी हे पीछली बार दोनोही मीले थे
काकी : माइसाब वोभी इधर हमारे साथही आइ हें ओर उसकी अेकलोती बेटीसे आपके कुवरने सादी की हें
दादी : क्या वोभी इधर हे ओर हां नेनुने मुजे उस लडकीसे बातभी करवाइ थी इसेतो अभी फुरसत में मीलुगी मेरी वो बहुको बुला कीधर हे वो
तब काकीने इसारेसे आंटीको बुलाया तोवो सरपे पलु डालके दादीके पैर छुअे ओर उधरही बेठके जोरोसे रोने लगी तो सब सांत होकर देखने लगे तब दादी उसके सर पर हाथ रखकर सहेला रही थी फीर दादीने कहा
दादी : रो मत मेरी बच्ची आज तक मोतको कोइ टाल सका हें क्या, हमारी कीस्मतमें जहा तक साथ नीभानाथा तब तक उसने नीभाया, देख सांत होजा मेरी कुंवरने तो बेटा बहु दोनोको खोया हें फीरभी वो हिमंत नही हारी फीर तेरी बेटी भीतो होनहार हें जो तेरे साथ खडी हे मेरी नेनु सोनु ओर ये तो बीलकुल छोटेथे फीरभी मेरी नेनुने सबको अेक मां ओर बापका प्यार देकर हीमतसे दोनोको पढाया लीखाया ओर काबील बनाया मेरी इस बच्चीपे मुजे नाज हे में अभागन जानने के बादभी इसकी कोइ मदद नही कर सकी
तब मेरी आंखसे भी आंसु बहेने लगे फीर नेनुकी ओर देखातो नेनु सोनुसे चीपक कर रोये जा रहीथी उसको देखकर दादीके भी आंसु नीकल गये तब पुरा वातावरण गंभीर होगया तब दिवानजीने सबके लीये पीनेका पानी मंगवा लीया ओर हम सबको देने लगे तब दादीने आंटीको फीर नेनु सोनुको अपने हाथोसे पीलाया ओर सोनुसे चीपक कर बेठ गइ ओर उसका सर सहेलाने लगी ओर कहा
दादी : बस मेरी बेटी अभी तेरी इस दादी जीन्दा हें तु चीन्ता मत कर तुतो मेरी बहादुर लडकी हेनां चलजा अंदर जाके तुम दोनो अपना मुह साफ करलो ओर इस मीराको भी लेजाओ ओर कहा हें मेरी धारा उसकोभी लेके जाओ अब सबके रोनेके दीन गये जाओ फीर सबके लीये चाइ नास्ता हे सब फटाफट आजाओ
फीर नेनु सबको लेकर गइ तो मेभी सबके साथ चला गया ओर सब फ्रेसहोकर आके बेठ गये तबी सबके लीये स्टाफके लोग चाइ नास्ता लेकर आये ओर सबको कंपलीट डीस देने लगे साथमें चाइ कोफी ओर दुधभी थे सब उसने मुजे चाइकी जगाह दुध दीया तो मेने चाइका कहा तो दादीने मना करदीया ओर मुजे कहा
दादी : पागलहे क्या अब तुजे इधर दुधही मीलेगा सात सात बीवीओ लेके बेठा हे ओर तुजे चाइ पीनी हें मारुगी तुजे, चुपचाप दुध पीले
में : पर दादी चाइके बगेर मेरा दीनही नही नीकलता इसमे मुजे बहुत नींद आती हें
दादी : तो रुममें जाके सोते रहेना तेरा कामभी क्या हें सारा दीन पडे रहेना पर मीलेगातो तुजे दुधही, नेनु इसे कुछ कहेती क्यु नही बहुत बीगाडा हे तुने
नेनु : (हसते) दादी में थक गइ हुं अब आपही सुधार दो हें..हें..हें..
फीर मेभी हसने लगा ओर चुपचाप दुध पीने लगा फीर सबने चाइ नास्ता फीनीस कीया तब दादीने सबके रुम दीखानेको ओर पुरा महेल घुमानेको कहा तो सब अंदर जाने लगे हमारा सामान पहेलेही सबके रुम में पहोंच गया था फीर सरपंच ओर कुछ महेमान दादीसे जानेकी इजाजत मांगके नीकल गये ओर राघवजीभी मुजसे मीलके नीकल गये बहार सीर्फ में दादी नेनु ओर आंटी ही बेठे थे जो दादीने हमे रोक लीया था तब दादीने कहा
दादी : नेनु बीटीया तुम सब आराम करने जाओ तब मेरी धाराको लेकर मेरे रुम में आजाना मुजे दोनोसे बात करनी हें ओर मीरा तु अब जरासीभी चीन्ता मत करना में हुंना सब ठीक कर दुगी मेने नेनुसे थोडा बहुत सुनाथा पर मुजे धारासेभी कुछ जानना हे फीर में कोइ डीसीजन लुगी अब जा तुभी फ्रेस होकर थोडा आराम करले
तब आंटीभी चली गइ तो दादी मुजे सब जानकारीके लीये पुछने लगी
दादी : हां मेरे लाल तो आखीर तुम आगये, बोल बाबाको मील आयाकी नही?
फीर मेने दादीको पुरा घटना क्रम सुनाया की बाबा केसे खुस होगये ओर उसका पुरा प्लान क्या हें सब सुनाया तो सुनके दादीभी खुस होगइ ओर कहेने लगी
दादी : बेटा हम बडे भाग्यसाली हे जो तुम हमारे घर पैदा हुअे, अगर बाबाना मीलते तो तुम सबको देखनाभी नसीब नही होता तुजे पताही नही हे वो मंदिरकी हमारे लीये क्या अेहमीयत हें अेक बार वो मंदिर बन जाये तो फीर देखना क्या क्या होता हें, ओर हां तेरे लीये अेक सबप्राइज ओरभी हें जो तुजे सादीके दौरान मीलेगी, वो मीलनेके लीये बडे उच्छुक हे उसका तीन बार फोन आचुकाहे की कुवरसाहेब आयेतो मुजे मीलना हे
में : अच्छा कोन हे वो दादी मुजे बताइअेनां
दादी : अरे थोडासा हीन्ट क्या दीया ये लडकातो पीछेही पड गया, नेनु इसको तुने सरप्राइजके बारेमे नही सीखाया क्या?
ये सुनके नेनु हसने लगी तो में उस पर चीड गया ओर उसे चीबावली कहातो दादी भडक गइ ओर मेरा कान खीचके डांटने लगी
दादी : अेय खबरदार मेरी बेटीको कुछ कहातो ओर तु केसी भाषा बोलता हें अब ये सब बंध कर तु राजा होने जा रहा हे बेटा अब अेसी भाषा मत बोलना ओर हां मेरी कीसीभी बहुको कमसे कम मेरे सामनेतो डांटनाही नही वरना तुजे बहुत पीटुगी
में : सोरी दादी अब कीसीको कुछ बात नही करुगा बस
नेनु : (गभराके) अरे बात नही करुगा मतलब, दादी ये क्या केहदीया आपने अब ये कीसीकोभी नही बुलायेगे, में इस बारेमें सब आपको कल बताउगी, ये नही बोलेगेतो सबकी सब मरही जायेगी, आप बोलना आपको बात करनेके लीये थोडी मना कर रहे हे
में : रीलेकस नेनु में समजता हुं दादी मेरी भलाइके लीये केह रही हे में आपसे बात कीये बीना रेह सकताहुं क्या? मेतो मजाक कर रहा था हें..हें..हें..
नेनु : (राहतकी सास लेके) तो ठीक हे बाबा, वरना सबको सम्हालना मुस्कील हो जायेगी
दादी : हे भगवान.., बेटा इतना सबको प्यार करताहे मेरा बेटा, अेलेले.. चल जा तुजे सब छुट हे बस, मुजेभी तो तेरी सरारत देखनी हें मेरी नेनु बहुत बाते करतीथी तेरे बारे में
में : (खुस होकर) थेन्कयु दादी, पर में कोसीस जरुर करुगा बस, आइ प्रोमीस
तो दादी ओर नेनु हस पडी, ओर मुजे गले लगालीया ओर कहा
दादी : बीलकुल छोटे बच्चे जेसा हे.., ओर दादीकोभी बहुत प्यार करता हें, अब बता बीजनेसका क्या कीया ओर तु जब गयातो सुना हेकी फार्म हाउस देखकर गया था क्या हुआ उसका
फीर मेने अहेमदाबाद ओर हमारे फार्म की सारी बाते बतादी तो दादी सुनके खुस होगइ फीर मेने नीरज ओर कृणालके बारेमें बताया ओर अंजुके माता पीताके बारेमे बताया तो दादीने कहा
दादी : तबतो नेनु मुजे उसके पास लेचल ओर कहाहे मेरी अंजु बहु उसेतो मुजे मीलना था जा बेटा उसे सीधे हमारे समधीके कमेरेमे ही लेकर आ मे नेनुके साथ उसे मीलने जा रही हुं हमे उसे मीलना चाहीये मुजसे ये केसी भुल होगइ चल नेनु
कहेके दादी नेनुके साथ चलने लगी तो दो लेडीस दोडके उसे मार्गदर्शन करती रही ओर उसे बा बापुजस के रुमकी ओर लेजाने लगी ओर में सबके साथ चला गया ओर अंजुका हाथ पकडकर उसे वापस लेआने लगा तो अंजु सरमाके हसते हुअे कहेने लगी
अंजु : जानु कहा लेजा रहे हें मुजे, सब केसे हमे देख रहे हे यहा आप कोइ सरारत मत करना हम बादमें सब करेगे
में : अरे मेरी रानी सांत होजा दादीने तुजे बुलाया हे वो बा बापुजीको मीलने गइ हे चल
अंजु : (खुस होकर) क्या दादी उसे मीलने खुद गइ हें, सच केह रहेहोना जानु
में : हां मेरी मां चल जटसे
अंजु : अेय..मां नही बीवीहु आपकी समजे हें..हें..हें..
ओर हम रुम में आगये तो दादी हस हसके बा ओर बापुजीसे बात कर रही थी ओर जेसेही अंजुको देखा खडी होगइ ओर अंजुको जोरोसे गले लगा लीया फीर उसका सर चुमलीया ओर अपने पास बीठाया ओर कहा
दादी : बेटी नाजहे तुम पर की मेरे इस बेटेको तुने सम्हाला ओर उसकी लाइफ बनादी
अंजु : नही दादी उलटा आपके पोतेने मेरी साइफ बानादी हें, में सारी जींदगी उसके पांव धोकर पीअुतो भी कम हे, मुजे नरकसे नीकालके स्वर्गकी सेर करा रहे हें ओर हम सबकी लाइफ बदलदी हे
दादी : (मनमें खुस होकर) अच्छा मेतो समजी इसे कुछ नही आता इतना प्यार करता हे ये, बेटा येतो उल्टा हुआ मेतो समजतीथी इसे मुजे अेक बार डांटनेका मोका मीलेगा, पर येतो तारीफ कर रही हे तेरी हें..हें..हें..
में : तो दादी में नीकम्मा थोडीना हुं ये अंजु मेरी बीवीके साथ मेरी गुरुभी हें उनीसे काफी कुछ सीखाहुं मेरी बेस्ट टीचरभी थी
दादी : हां देख रहीहुं इसकी आंखोमे ओर तेरी आंखोमें दोनो कीतना प्यार करतेहो दीख रहाहे मुजे
तब अंजु अेकदम सरमाके मुह घुमाके हसने लगी, तो दादीने हसकर उसे फीरसे गले लगा लीया ओर कहा
दादी : जुग जुग जीये बेटा बस अेसेही मेरे बेटेको प्यार करती रहे तु, मुजसे बीना जीजकके बात करलीया कर में तुम सबकी मांही हुं कोइ राजमाता नही हुं समजी ओर बाकी सबकोभी बता देना कोइभी बीना इजाजत के कभी भी मुजे मीलने आजा सकती हें ओर बात करलीया करती हे समजी अब जा इसे भी लेजा वरना मेरा दीमाग खाता रहेगा जा बेटा इसे हामारे पुरा महेल ओर सब गाडीया दीखा देना
फीर में अंजुको लेकर वापस बहार आगया तो दादी फीर से बा से बाते करने लगी ओर में ओर अंजु सब हमसे दुरथे तो अेक कमरेमें घुस गया ओर दरवाजा बंध करके उसे बेडपे लेगयातो अंजु हसते हुअे उठकर भागने लगी तो मेने वापस पकडकर उसे लीटादीया ओर खुद उसके उपर लेट गया तब अंजु हसती रही ओर सांत हुइ तो खुद मेरे होंठ चुमने लगी तब मे उसके बुब्स मसल दीये तो वो बहुत गरम हो गइ
ओर अपनी सारी कमर तक करदी ओर मेरा लंड पकडकर अपनी चुतपे घीसने लगी ओर कामुक नजरसे मुजे देखती रही उसकी आंखे लाल होने लगी तो में समज गया ओर अेकही जटकेमें पुरा लंड उसकी चुतमें उतार दीया तो वो हल्कासा चीख पडी ओर अपनी कमर हीलाने लगी ओर मुजसे कहेने लगी
अंजु : राज.. मेरे सरताज अपनी अंजुको मसल डालो, आज मुजे बहुत प्यार करना हे जबसे आपने धाराको कीया तबसे मुजेभी इच्छा होने लगी हें मेभी पुरी रात आपसे चुदना चाहती हु मुजे कहीभी लेजाओ जहा सीर्फ मे ओर आपही हो फीर आप दीन रात मुजे प्यार करना अब आपसे दुर रहेना मुस्कील होगया हें
में : हां अंजु मेभी यही चाहता हुं इसीलीये तो सुबह मेही तुजे पकडलीया था मुजसे दुर मत रहा कर फीर हमारी १० दिनके बाद तीनो से सुहागरात होने वाली हें
फीर में अंजुको जोरोसे पेलने लगा ओर उसे दो बार जडा दीया ओर आखीर दोनो साथमें जड गये तो अंजु मुजे पकडकर बाथरुम में ले गइ ओर मुजसे खडे खडे चुदवाने लगी ओर अेक बार दोनो फीरसे जड गये ओर हम साफ होगये ओर दोनो अच्छेसे तैयार होकर अेक दुसरेका हाथ कसके पकडकर चलने लगे ओर सबके पीछे खडे होगये फीर अेक दुसरेको देखकर हसने लगे तो जसुने देखलीया वो सरकके हमारे पास आगइ ओर कहेने लगी
जसु : दोनो कीस रुम में गये थे इसके गालपे अभी भी लीपस्टीक के नीसान हे
कहेके अपनी साडीके पलुसे मेरे गाल साफ करने लगी ओर साफ करके हसने लगी
जसु : अब ठीक हें, जानु मुजे भी ले चलोनां हें..हें..हें..
अंजु : जसु बस थोडा सबर करले फीर तु इसे लेकर कही भाग जाना हें..हें..हें..
जसु : दी मेतो तैयार हु ये महासय तैयार नही हे, तो केसे भागे?
में : बेबी समजा कर, फीर तो तुभी मुजसे भागेगी
जसु : पता हे मुजे मे नही भागुगी मेरे जानुको इतना प्यार दुगीकी आप मेरे पीछे भागेगे
अंजु : वो पता चलेगाना कोन कीसके पीछे भागता हे हमेभी हमारे प्यारपे धमंड था इसने सब धमंड उतार दीया ओर आजभी हम इसके पीछे भागती हे सीर्फ हमही नही यहा खडी सब ओरतेका यही हाल हे समजी
जसु : (हसकर) हां वोतो पता हें कमीनी सब बार बार अभीभी बाथरुम में घुस जाती हें, जानु आपसे मुजे अेक बात करनी हें पर अभी नही बादमें कहुगी पहेले में नेनुदीसे बात करलु फीर आपको बता दुगी
में : मुजे पता हें तुजे क्या कहेना हे कोइ बात नही हम बादमें बात करेगे
जसु : (मुजे अेक नजरसे देखकर) आपको पता हे? क्या बात करनी हें लेकीन मेने तो अभी तक कीसीको बताया ही नही तो आपको केसे पता चल गया
में : बस जसु अभी नही समजी देख सब वापस आ रहे हे
जसु : मेरे मनमें क्या हे सीर्फ नाम बतादो तो में मान जाउगी की आप मुजे समर्पीत हो
में : जसु तु मेरी परीक्षा लेर ही हें? में नही बताना चाहता प्लीज जीद छोडदो
में : नही जानु मे परीक्षा नही ले रही हुं में सीर्फ मेरे प्यारको यकीन दीलाना चाहती हुं
में : (आंख गीली करली ओर मेरे आंसु बहेने लगे फीर मुजे क्या हुआ मेने उसके कानमें सीर्फ इतनाही कहा) कमलाभाभी..
ओर में नेनुके पास अकेला चलने लगा तो पीछे जसु मुह फाडके मेरी ओर देखती ही रही ओर उसकी आंख गीली होगइ जब उसे होस आयातो में उनसे काफी दुर चला गयाथा तो वो मेरे पीछे दोड पडी ओर मुजे पुकारने लगी फीरभी में नही रुका ओर सीधे नेनुके पास आंसु पोछके चला गया तब दादी अभीभी बात कररही थी फीर मुजे देखतेही बोली
दादी : आ गया बेटा मील लीया तेरे सास ससुरसे कहुत मजा आया बाते करके बरसोके बाद में अपनोसे मीली हुं चल नेनु बेटी मुजे मेरे रुम तक छोडदे
तब में दादीका हाथ पकडके चलने लगा तो दादी उत्साहसे मेरे साथ चलने लगी ओर दुसरी ओर नेनु मेरे साथ चलने लगी जसु मुजे अेसे देखकर बहारही खडी रेह गइ ओर मुजे नम आंखोसे देखती रही ओर हम दादीके रुम में आगये मुजे अब बेचेनी बढने लगी तो मेने दादीसे कहा
में : दादी मुजे बाबाके पास जाना हे अभी के अभी चल नेनु तुजे आना हे?
नेनु : दादी क्या में इनमे साथ जाउ?
दादी : (आरामसे सोते) बेटा तेरा पतीहे वो तुजे मेरी परमीसन लेनेकी जरुरत नही हें जा में गाडीका बोल देती हुं तुम लोग वापस जल्दी आजाना फीर लंचभी तो करना हें
में : दादी बस अभी जाके वापस आये हम
कहेके नेनुका हाथ पकडके चलने लगा तो नेनु मुजे देखकर मेरे साथ दोड पडी ओर हम बहार आगये तो गाडी आगइ ओर में नेनुको लेकर पीछे बेठ गया ओर डड्ढाइवर को आश्रम में लेने को कहा ओर नेनुके सीनेमें सर रखकर रोने लगा तो नेनु गभरा गइ ओर मेरा सर सरहेलाने लगी ओर मुजे सांत करने लगी फीर मुजे अपने सीनेमें भीच लीया ओर बेठी रही फीर में सांत हुआ तब मेने नेनुसे इतना ही कहा
में : नेनु क्या में प्यार करने मे इतना कमजोर हुं जो मेरीही बीवी मेरे प्याकी परीक्षा ले रही हें
नेनु : नही नही बेबी कोन बेवकुफ हेजो अेसा कीया मेरे राजाके साथ आप नाम दो उसका
में : नही नेनु अब उसे अपनी गलतीका अेहसास होगया हें वो रो रही हें ओर में उसे रोते हुअे नही देख सकता, इसी लीये चला आया कमसे कम थोडी देरतो सुकुन मीलेगा नेनु अब मुजसे दुर मत जाना वरना में बीखर जाउगा
नेनु : नही बाबु में आपके साथही रहुगी, कुछ नही होने दुगी मेरे बेबीको, चलो आंसु पोछलो लाओ में पोछ देतीहुं आश्रम आगया हें
फीर नेनुने मेरे आंसु अपनी सारीके पलुसे साफ कीया ओर मेरा हाथ थाम लीया ओर मुजे बाबाके पास लेजाने लगी तब हम अंदर पहोच गये तो बाबा हस रहे थे ओर हम दोनोने दंडवत कीया तो बाबाने मेरी पीठमें मुका मार दीया ओर मेरा हाथ पकडके मुजे उनके चरणोमें बीठा दीया ओर हसने लगे तब बाबाके पास कोइ नही था फीर कहा
बाबा : बेटा वो तेरी परीक्षा नही ले रहीथी बस तुजमें जो सक्तीया स्थापीत हो रही हें उसकी सीर्फ जांच कर रहीथी सीर्फ वोही पहेचान गइहे की तेरे अंदर बहुत बडा बदलाव आयाहे तो उसने अेसी हरकतकी ओर हां कोइ सजा मत देना उसे, जोतु सोच रहा हें वरना वो बीखर जायेगी ओर अपने आपको मीटा देगी
नेनु : बाबा क्या वो मेरी जसु हे?
बाबा : (हसके) हां बेटी वोही हें ओर तुनेभी तो सुबही अनुभव कीया हे पर तुने उसे नजर अंदाज कर दीया ओर वो लडकीने पकड लीया बस इतना ही फर्क हे कुछ समजी की डीटेलमें कहुं
नेनु : माफ करना बाबा मुजे कुछ अेसा याद नही हे, कृपीया मुजे याद दीलाइअे
बाबा : सुबहकी घटना याद कर जब ये महासय ओर उसकी सखी खडे थे जो तेरे जीतनाही प्यार करती हे इसे ओर उसका प्यार भी तुम दोनोकी तराह पवीत्र हे
नेनु : हा बाबा याद आया लेकीन दोनो तो सांत खडे थे कोइ कुछ बोलही नही रहा था
बाबा : पुछ इसे क्या वो सांत खडे थे?
में : नही नेनु हम दोनोने तो ढेर सारी बातचीत करली
नेनु : नही ये केसे हो सकता हें में ओर जसुतो थोडीही दुर खडे इन दोनोको ही देख रही थी दोनोही खामोस खडे थे
बाबा : ठीक हे बेटा हमारे गौशाला में जाओ ओर अंदर चक्कर लगाके आओ तबतक मेरी बेटीसे कुछ बाते करलु
फीर में बाबाके आदेश मानके गौशालाकी ओर चल पडा तब बाबा नेनुसे कहेने लगे
बाबा : बेटी अब ध्यानसे सुन इसके महान कार्यसे उपर इेशरकी कुछ शक्तीया इनसे जुड गइहे जो इस कार्यमें इसका साथ देगी ओरभी शक्तीया जुडेगी पर अभी साक्षात भगवान क्रिष्नाकी सक्तीया जुड गइ हें जो ये बातेतो करेगे पर कोइ सुन नही पायेगा बस वोही सुन सकेगे जीसे ये प्यार करता हें ओर कोइ नही ओर सुबह ये अपनी सखीसे प्यार भरी बाते कर रहाथा ओर वोभी इसे वोही समजकर ही बात कर रही थी
नेनु : बाबा ये शक्तिया मे केसी मनोदसा हे?
बाबा : दोनोकी मनोदसा अब अेक होगइ हे ओर वो मनसे इनकी हो चुकी हे जेसे तुम हो चुकी हो ओर उसकी जो नइ बीवी होने वाली हें वो क्या नाम बताया था अभी तुने हां जसु वो इसे काफी समजने लगी हें ओर इनकी सक्तीयाभी पहेचान गइ हे बस वो बेचारी
शक्तीया परखनेके चकरमें फस गइ ओर ये उनसे नाराज होकर इधर चला आया उधर बेचारीका रो रोके बुरा हाल होगया हें तुम यहासे जाके उसे सब समजा देना ओर इसेभी
नेनु : जी बाबा अब सारी बात समजमें आगइ उस सखीका क्या करुमें कुछ कहेना हे उसको
बाबा : नही तुजे कुछ नही कहेना हे बस जो हो रहाहो उसे देखती जाओ वो सच्चा प्यार करती हे इसे उसके प्यार में ना कोइ हवस ओर ना कोइ वासना केवल नीर्दोस प्यार हे जो राधाने श्री क्रिष्नासे कीया था इसका प्यारभी पवीत्र हे मे मानता हु वो सादी सुधा हे फीर भी उसका प्यार परमात्माका प्यार हे ओर उनही की छोटी बेटी इनकी सातवी बीवी हें
नेनु : बाबा आज आके दादीनेही उनके माता पीतासे प्रस्तव रखकर उसका हाथ मांग लीया हे ओर सबने स्वीकारभी करलीया हें दादी अब तीनोकी सादी कर रही हें
बाबा : चलो अच्छा हुआ आपका परीवार तो कंपलीट होगया बेटा अब आपभी तीनो अपनी सादीकी तैयारी करलो १० दीन बाद वोभी हो जायेगी
नेनु : बाबा बस अेसा आशीर्वाद दीजीये की हम सबके बीच कभीभी मन मोटाव ना हो वरना मेतो सबसे समाधान करतेही फीरुगी
बाबा : बस ये आखरी बार था, अब कोइ अेसी नोबत नही आयेगी वरना ये महासयने तो ठान लीया थाकी सादी तक उससे बात नही करुगा सोच बेटा उसकी क्या हालत होती वोतो मरही जाती वो सच्चा प्यार करती हे इसे
नेनु : हां बाबा में अभी जाके ही उससे बात करलुगी ओर इनसेभीतो समजाना पडेगा फीर देखो दोनो केसे रोते हें, हें..हें..हें..
तब बाबाभी हसने लगे तब तक मेभी आगया फीर बाबासे दक्षीणा देके हम दंडवत करके नीकल गये फीर नेनुने मुजे सारी बात बताइ तब मुजे अपनी गलतीका अहेसास हुआ ओर मेने नेनुसे कहा
में : नेनु मुजसे बहुत बडी गलती होगइ अब में उससे केसे माफी मांगु, वो मुजे माफतो कर देगीनां तुम मेरे साथ ही रहेना
नेनु : (हसकर) हा मेरे सरताज में तो आपकी परछाइ हुं तो साथतो रहुगीनां ओर वो आपको माफ करदेगी पहेले में इसे बात करलु फीर वो सामनेसे दोडके आयेगी देखलेना
ओर हम बाते करते महेलमें पहोच गये तो दरवाननें कारका दरवाजा खोलातो हम दोनो अंदर चले गये नेनुने मेरा हाथ थामे रखाथा तो सब होलमें बेठके बाते कर रहे थे तो दादी अपने रुम में आराम कर रही थी तब रीटा ओर सोनु उसके पैर दबा रही थी में जाके सबके साथ बेठ गया ओर नेनु हमारे रुममें चली गइ तो दिवु जसुको समजा रही थी ओर जसु आंसु बहा रहीथी तब नेनुको देखकर दोड पडी ओर उसे लीपटक रोने लगी ओर बोले जा रही थी
जसु : नेनु दी मुजे माफ करदो में कोइ परीक्षा नही लेर ही थी में बस कुछ जाच कर रही थी आरे वो परीक्षा समज बेठे ओर मुजसे बात तक नहीकी ओर नाराज होकर चले गये वो भी रो रहे थे मेरी वजहसे वो रोपडे भगवान मुजे कभी माफ नही करेगे
नेनु : बेबी सांत होजा बीटु अेसे नही रोते बस तेराही समाधान करने हम बाबाके पास गये थे तेरी कोइ गलती नही हें वोभी तुमसे माफी मागना चाहते हे मेने अभी रोके रखा हें पहेले मेरी पुरी बात सुन तुमसे कुछ कहेना हें जा पहेले तेरा हुलीया साफ करकेआ फीर तुजे ओर दिवुको कुछ बतानाभी हें
तब जसु फटाफट अंदर गइ ओर सांत होकर बहार आगइ तब दिवुने दरवाजा बंध करलीया ओर नेनुके पास बेठ गइ तब नेनुने दोनोको सारी बात बतादी की क्या हुआ था
नेनु : जसु बाबा तुम पर बहुत खुस हे तुम वो सब जान गइ ओर में जान करभी नजर अंदाज कर दीया इसमे तेरी कोइ गलती नहीथी ओर राज नादानी कर बेठे अबतो वोभी पछता रहेहे कहेतेथे जसृु मुजे माफतो करदेगीना वरना मेरे लीये मुसकील हो जायेगी
जसु : कीधर हे वो दिवुदी प्लीज जरा उसको बुलादो मुजे उसे देखना हें प्लीज
दिव्या : हां हां जाती हुं केसे मीलनेके लीये मरी जा रही हे कमीनी हें..हें..हें..
जसु : प्लीज मेरी स्वीटदीदी प्लीज..हें..हें..हें..
तब दिवुभी हसते हुअे मुजे बुलाने आगइ ओर मुजे इसारेसे बुलाया तो में उनके पास चला गया तो मेरा हाथ पकडकर चलने लगी ओर रुम में आके दरवाजा बंध करलीया ओर मुजे जसुकी ओर धका मारके कहा
दिव्या : ले सम्हाल इसे ले आइ में
कहा तो जसु दोडके आइ ओर मुजे बाहोमें भरके रोने लगी ओर सोरी सोरी कहेने लगी तब मेभी रो पडा ओर जसुसे कहा
में : नही जसु गलती मेरी हें मेही तुजे समज नही पाया मुजे माफ करदे
जसु : आप माफी मत मागो क्यु हमे पापामें डाल रहे हो में कोइ नाराज नही हुं आपसे
फीर हम दोनो काफी देर अेक दुसरोकी बाहोमें खडे रहे तब नेनुने कहा
नेनु : पतीदेव हम दोनोभी इधरही बेठी हे हमारी बारी आयेगीकी नही
तब मेने हसकर अपना हाथ फेला दीया तो नेनु ओर दिवुभी दोडके आगइ ओर मेरी बाहोमें तीनो समा गइ फीर अेक दुसरेको कीस करने लगे ओर हम अलग होकर बेड पे बेठ गयेतो जसु अभीभी मुजसे चीपक कर मेरे कंधेपे सर रखकर बेठी थी ओर कहा
जसु : जानु अब आप कभी भी मुजसे रुठकर मत जाना में नही जी पाउगी पताहे मुजे
कीतने गलत विचार आने लगे थे में बहुत कमजोर हुं
में : तुम कुछ करती तो में जीके क्या करता हम उपर जाके प्यार करते हें..हें..हें..
तब नेनुने मुजे अेक जापट लगाइ तो में उसे प्यार से देखने लगा तो नेनु दोनो हाथसे मुह छुपाके रोने लगी तब मेने उसे बाहोमें भरलीया तो मेरे सीनेमें मुका मारने लगी ओर कहा
नेनु : पता भी हे दोनो क्या बोल रहे हो तो हम सब यहा क्या मजे करती? आइन्दा कभी दोनोने अेसी भुलसेभी बात की तो में.. में..अपने आपको खतम करलुगी समजे
में : सोरी नेनु हमसे गलती होगइ ओर मार मुजे पर तुम रो मत ओर अेसी बात मत कर
नेनु : अेसी बात कोन कर रहा हे में की आप? जानु क्यु अेसा बोलते हो आपको मारके भीतो दर्द हमेही होता हें तो आप क्यु हमे इतना प्यार करते हो?
में : सोरी नेनु माफ करदे कहेतो तेरे पेर पडु ले
कहेकर पैरमें जुकातो नेनु ने फटाकसे पैर उपर उठालीये ओर मुजे मुका मारने लगी फीर हसने लगी तो मेने भी हसदीया ओर सब हसने लगे तब नेनुने कहा
नेनु : आप नही सुधरोगे मुजे दादीसेही कहेना पडेगा वोही आपको मारके सुधार देगी
में : नही नेनु उसे मत कहेना वरना वोतो सचमुच मारती हे देखाना तुने
नेनु : अच्छा कीया अब अेसी सरारत कीना तो उसीसे ही कहुगी
में : लो तुजेतो हथीयार मील गया वो अेके ४७ हें समजी उसे कुछ मत कहेना
जसु : में खाम खा रोती रही दादीके पासही चले जाना चाहीये था हें..हें..हें..
में : लोजी अेक ओर आगइ नेनु तुने बंदरको सीडी दीखादी अब तो मेरी खेर नही
जसु : (मुजे मुका मारके) मुजे बंदर कहेते हो आप, गधे कहीके हें..हें..हें..
दिव्या : तो पतीदेव होगया समाधान तो चलीये बहार सब हमारा वेइट करते होगे
फीर में खडा होगया तो जसुने मेरा हाथ पकडलीया ओर हम बहार जाने लगे ओर सबके साथ जाके बेठ गये रीटा मुजे देखकर सरमाके हसने लगी ओर मायाभाभीके पीछे छुप गइ तब नेनु ओर धारा दादीके रुम में चली गइ
तो में दिवानजीसे कहेकर बहार गार्डनमें सबके लीये चेर रखवाने को कहा तो वो दोडके गये ओर चेर लगवादी ओर में सबको लेकर बहार आगया ओर हम सब घेरा बनाके बेठ गये तब अजय ओर सीमाभी आगये ओर मेरे पास बेठ गये तो मेने कहा
में : अरे सीमा तुभी हमारे साथ आइ हें हमेतो पताही नही था
सीमा : (हसके) क्या भैया क्यु टांग खीच रहेहो में तो इधरही हुं
में : इधर कीधर तुजेतो मेने आज देखा जबसे आइहे पतीको लेके पता नही कहा घुमती रहेती हें कभी हमारे साथभी बेठ लीयाकर की तेरी सास मना करती हें?
सीमा : नही मम्मीतो अब मुजे कुछभी नही कहेती पताहे आपको सादीसे पहेले तो कभी कभी मुजे डांटतीथी पर जबसे सादी हुइ हेना मुजे कुछ कहेती हें ना अजयसे कुछ कहेती हें बस हम दोनोको देखती ही रहेती हें
में : पता हे वो क्यु देखती रहेती हें तो सुन जसुसे, क्यु तुजे देखती हें
जसु : वो इसलीये देखती रहेती हे क्युकी उसे पोता चाहीये जो हर मा बापकी ख्वाहीस होती हें पर तेरी तो सासके साथ मा भी हे तो तुजे केह नही पाती
तब सीमा अेकदम सरमाके हसने लगी ओर अजयके पीछे मुह छुपालीया ओर अजयभी हसने लगा तब सारीकाभाभी आंटी ओर ताराभाभी भी मेरे पास आके बेठ गइ तभी महेश मीठाइका बोक्ष लेकर अंदरसे आ रहाथा ओर साथमें दुसयंत भी था
ओर हमारे पास आके बोक्ष ताराभाभी को देदीया तो ताराभाभी सारीकाको लेकर सबके मुह मीठा करवाने लगी जब मेरे पास आइ तो ताराभाभीने मेरे कहेने पर छोटी टुकडा दीया पर सारीकाभाभीने भी मुजे अेक पीस जबरदस्तीसे खीलादिया फीर कहा
सारीका : आपकोतो लेनाही पडेगा हमारी काजुकी गोद इतने सालो बाद भरी हे तो मीठाइतो बनतीही हे
आंटी : अरे सारीका..नेनु धारा ओर दादी अंदर हे जरा उसकोभी मुंह मीठा करवानां
महेश : आंटी अंदर हमारी बा खुद अपने हाथोसे उसका मंह मीठा करवा चुकीहें बाद मेही हम यहा आये ओर अेक बोक्ष हमने दिवानजीको भी दिया ताकी पुरे स्टाफको मुह मीठा करवा सके
में : अरे यार कामेश कीधर गया वो ओर सगुनतो दिखही नही रहे कीधर हे वो दोनो
करण : भाइ वो ओर सगुनतो सबह ही गाडी लेकर कही घुमने चले गये हे दोनो सामको ही आयेगे कामेश कल देरसे आयाथा तो सगुन आज उसको घुमाने लेगइ
में : चलो अच्छा हुआ दोनो घुम लेगे बस अब तो वोही करना हें अभी कुछ कामभी तो नही हे
कन्टीन्यु.......[/color]