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होली ने मेरी खोली पार्ट--2
गतान्क से आगे...................
"पहले तो हमको ही चोदेगा. कहो तू तुमको भी…." मैं शरमाती सी होली की मस्ती मैं राज़ी हुई तो वह बाहर रमेश के पास गयी. कुच्छ देर बाद वह रमेश के साथ वापस आई तो उसका भाई रमेश मेरे उठानो को देखता अपनी छ्होटी बहन मीना की बगल मैं हाथ डाल उसकी चूचियों को मीस्था बोला,
"ठीक है मीना हम तुम्हारी सहेली को भी मज़ा देंगे पर इसकी चूचियाँ तो अभी छ्होटी लग रही हैं."
"कभी दबवाती नही है ना भाय्या इसीलिए." मीना प्यार से अपने भाई से चूचियों को मीसवाते बोली.
"ठीक है हम सुनीता को भी खुश कर देंगे पर पहले तुम प्यार से मेरे साथ होली मनाओ. अब ज़रा दिखाओ तो." रमेश मस्ती से मीना की चूत पर आगे से हाथ लगा मस्त नज़रो से मेरी ओर देखते बोला तो मैने कुंवारेपन की गर्मी से बैचैन हो मीना को कहते सुना,
"यार कितनी बार देखोगे. जैसी सबकी होती है वैसी मेरी है. अब सहेली राज़ी है तो आराम से खेलो होली."
"हाए मीना क्या मस्त चूचियाँ हैं तुम्हारी. ऐसी चूची पा जाए तो बस दिन भर दबाते रहे." और कसकर अपनी बहन की चूचियों को दबाने लगा. मीना और उसके भाई की इन हरकतों से मेरे बहके मंन पर अजीब सा असर हो रहा था. अब तो मंन कर रहा था कि रमेश से कहें आओ मेरी भी दबाओ. मेरी मीना से ज़्यादा मज़ा देंगी इतना ताव कुंवारे बदन मैं आज से पहले कभी नही आया था. चूत की फन फनाकर चड्डी मैं उभर आई थी. जैसे जैसे वह मीना की जवानियों को सहलाता जा रहा था वैसे वैसे मेरी तड़प बढ़ती जा रही थी.
"ऊहह भाय्या अब आराम से करो ना. सहेली तैय्यार है. मनाओ हम्दोनो से होली. अब जल्दी नही रमेश भाय्या. सहेली ने दरवाज़ा बंद कर दिया है. जितना चोद सको चोदो." मीना मस्त निगाहो से अपनी दबाई जा रही चूचियों को देखती सीना उभारती बोली तू रमेश ने उसको चूमते हुवे कहा,
"तुम्हारी सहेली ने कभी नही डबवाया है?"
"नही भयया."
"पहले बताया होता तो इसकी भी तुम्हारी तरह दबा दबाकर मज़ा देकर बड़ा कर देते. लड़कियों की यही उमर होती है मज़ा लेने की. एक बार चुद जाए तो बार बार इसको खोलकर कहतीं हैं फिर चोदो मेरे राजा." रमेश मीना की चूत को कपड़े के ऊपर से टटोलता बोला.
"ठीक है भाय्या मैं तो चुद-वाउन्गि ही पर साथ ही इस बेचारी को भी आज ही…"
"ठीक है पहले तुमको फिर इसको. अपने लंड मैं इतनी ताक़त है कि तुम्हारे जैसी 4 को चोद्कर खुश कर दूँ. पर यह तो शर्मा रही है. मीना अपनी सहेली को समझाओ कि अगर मज़ा लेना है तो तुम्हारे साथ आए. एक साथ दो मैं हमको भी ज़्यादा मज़ा आएगा और तुम लोगो को भी."
गतान्क से आगे...................
"पहले तो हमको ही चोदेगा. कहो तू तुमको भी…." मैं शरमाती सी होली की मस्ती मैं राज़ी हुई तो वह बाहर रमेश के पास गयी. कुच्छ देर बाद वह रमेश के साथ वापस आई तो उसका भाई रमेश मेरे उठानो को देखता अपनी छ्होटी बहन मीना की बगल मैं हाथ डाल उसकी चूचियों को मीस्था बोला,
"ठीक है मीना हम तुम्हारी सहेली को भी मज़ा देंगे पर इसकी चूचियाँ तो अभी छ्होटी लग रही हैं."
"कभी दबवाती नही है ना भाय्या इसीलिए." मीना प्यार से अपने भाई से चूचियों को मीसवाते बोली.
"ठीक है हम सुनीता को भी खुश कर देंगे पर पहले तुम प्यार से मेरे साथ होली मनाओ. अब ज़रा दिखाओ तो." रमेश मस्ती से मीना की चूत पर आगे से हाथ लगा मस्त नज़रो से मेरी ओर देखते बोला तो मैने कुंवारेपन की गर्मी से बैचैन हो मीना को कहते सुना,
"यार कितनी बार देखोगे. जैसी सबकी होती है वैसी मेरी है. अब सहेली राज़ी है तो आराम से खेलो होली."
"हाए मीना क्या मस्त चूचियाँ हैं तुम्हारी. ऐसी चूची पा जाए तो बस दिन भर दबाते रहे." और कसकर अपनी बहन की चूचियों को दबाने लगा. मीना और उसके भाई की इन हरकतों से मेरे बहके मंन पर अजीब सा असर हो रहा था. अब तो मंन कर रहा था कि रमेश से कहें आओ मेरी भी दबाओ. मेरी मीना से ज़्यादा मज़ा देंगी इतना ताव कुंवारे बदन मैं आज से पहले कभी नही आया था. चूत की फन फनाकर चड्डी मैं उभर आई थी. जैसे जैसे वह मीना की जवानियों को सहलाता जा रहा था वैसे वैसे मेरी तड़प बढ़ती जा रही थी.
"ऊहह भाय्या अब आराम से करो ना. सहेली तैय्यार है. मनाओ हम्दोनो से होली. अब जल्दी नही रमेश भाय्या. सहेली ने दरवाज़ा बंद कर दिया है. जितना चोद सको चोदो." मीना मस्त निगाहो से अपनी दबाई जा रही चूचियों को देखती सीना उभारती बोली तू रमेश ने उसको चूमते हुवे कहा,
"तुम्हारी सहेली ने कभी नही डबवाया है?"
"नही भयया."
"पहले बताया होता तो इसकी भी तुम्हारी तरह दबा दबाकर मज़ा देकर बड़ा कर देते. लड़कियों की यही उमर होती है मज़ा लेने की. एक बार चुद जाए तो बार बार इसको खोलकर कहतीं हैं फिर चोदो मेरे राजा." रमेश मीना की चूत को कपड़े के ऊपर से टटोलता बोला.
"ठीक है भाय्या मैं तो चुद-वाउन्गि ही पर साथ ही इस बेचारी को भी आज ही…"
"ठीक है पहले तुमको फिर इसको. अपने लंड मैं इतनी ताक़त है कि तुम्हारे जैसी 4 को चोद्कर खुश कर दूँ. पर यह तो शर्मा रही है. मीना अपनी सहेली को समझाओ कि अगर मज़ा लेना है तो तुम्हारे साथ आए. एक साथ दो मैं हमको भी ज़्यादा मज़ा आएगा और तुम लोगो को भी."