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''प्रियंका.gif
अपडेट 11
प्रियंका इस हमले से चौंक जाती है- आह....”क्या कर रहा है हरामि”....
“हरामी.... मुझे तेरी नियत आज सही नहीं लग रही साले.... आह”
“जाकर अपनी माँ की गांड मारियो मे तुझे अपनी गांड मे लंड नहीं
डालने देणे वाली”........
अपनी माँ के बारे मे सुनकर सतीश की आँखों के सामने सोनाली की सुडोल गांड आ जाती है, और वो अपना लंड चुत में से
निकाल कर प्रियंका की गांड के छेद पे लगा देता है- “साली माँ के बारे मे कहती है”....
“वैसे तो तेरी गांड ना भी मारता पर साली अब तो तेरी गांड जरूर मारूंगा”.....
प्रियंका- “नहीं सतीश.... प्लीज् गांड मे नहि.......आई....ओह…मर गई साले कुत्ते”
प्रियंका की बात ख़तम होने से पहले ही सतीश अपना आधा लंड उसकी गांड मे पेल देता है, दर्द के कारन प्रियंका की चीख़ निकल जाती है वो तो सतीश ने कस कर उसकी
कमर को पकड़ लिया था, क्योकि उसे मालूम था की दर्द के कारन प्रियंका उसकी गिरफ़्त से छूटने का प्रयास करेगि..... और प्रियंका ऐसा कर भी रही थी उसने बहुत कोशिश करी
सतीश की गिरफ़्त से निकलने की पर सब बेकार, आखिर कार सतीश अपना लंड टोपे तक
बाहर निकल कर एक और जोरदार धक्का मारता है और इस बार पूरा लंड उसकी गांड
को चिरता हुआ जड़ तक अंदर घुस गया था... प्रियंका एक जोरदार चीख मारि और छट पटा कर अपने हाथ इधर उधर फेकने लगी...... और सतीश ने धक्के लगाने सुरु कर दिये....
सतीश पर उसके दर्द का कोई असर नहीं हो रहा था उसकी आँखों के
सामने तो उसकी माँ की गांड थी जिसमे लंड दाल कर वो खूब तेजी से पेल रहा था.....
सतीश को परम आनंद की अनुभुति हो रही थी.... उसका लंड बहुत कसा हुआ प्रियंका की
गांड मे अंदर बाहर हो रहा था.... वो टोपे तक अपने लंड को बाहर निकालता और फिर
तेजी मे जड़ तक अंदर पेल देता, अब प्रियंका को मजे आने लगे थे..... और उसकी दर्द भरी
चीख़ें अब सिस्कियों मे बदल गई थी..
खिड़की पर खड़ी नलिनी को तो अपनी आँखों पर विस्वास ही नही हो रहा था की कैसे उसकी फूल जैसी नाजूक बेटी इतना बड़ा मुसल अपनी गांड
मै लेकर मजे कर रही है... और उसके हाथो की स्पीड और ज्यादा बढ़ जाती है,
जी हाँ नलिनी अपनी चुत में उँगलियाँ घुसेड कर अपनी चुत की आग को ठण्डी
करने मे लगी हुई थि, नलिनी को शक तो बहुत समय से था इन दोनों पर की ये
दोनो बंद कमरे मे स्टडी ही करते है या कुछ और पर वो कभी पता न कर
सकी क्योकि उसे कभी कोई जगह ही न मिली जिससे वो अंदर झाँक सके और रूम भी
साउंड प्रूफ था जिससे आवाज भी बाहर नहीं आती थि, और आज भी वो यही चेक करने
आई थी और किस्मत से उसे आज खिड़की खुली मिल गयी, और जब नलिनी ने वहा से अंदर झांका तो उसके
पेरों तले से जमीन खिसक गई अंदर उसकी बेटी चुद रही थि, उसका शक
सही था, नलिनी को बहुत गुस्सा आता है और वो इन दोनों की क्लास लेने की सोचती है....
नलिनी वहा से हटणा तो
चाहति है, पर अंदर की जबरदस्त चुदाई देख कर वो गरम होने
लगति है और वो वहां से हट्ने की जगह लाइव शो देखने लगती है,
उसकी बर्षो से प्यासी चुत से तो जैसी झरना सा फुट पडता है... और वो
अपनी साड़ी और पेटीकोट को ऊपर उठा
कर अपनी चुत मे ऊँगली दाल कर अंदर का सिन देखते हुए अपनी चुत
की आग को ठण्डा करने लगती है.... और वो अंदर की चुदाई को देखते हुए
४-५ बार झड भी चुकी थि, और अब वो इमेजिन कर रही थी जैसे की सतीश उसकी बेटी
की नहीं बल्कि उसकी चुदाई कर रहा है.....
कहानी जारी रहेगी
अपडेट 11
प्रियंका इस हमले से चौंक जाती है- आह....”क्या कर रहा है हरामि”....
“हरामी.... मुझे तेरी नियत आज सही नहीं लग रही साले.... आह”
“जाकर अपनी माँ की गांड मारियो मे तुझे अपनी गांड मे लंड नहीं
डालने देणे वाली”........
अपनी माँ के बारे मे सुनकर सतीश की आँखों के सामने सोनाली की सुडोल गांड आ जाती है, और वो अपना लंड चुत में से
निकाल कर प्रियंका की गांड के छेद पे लगा देता है- “साली माँ के बारे मे कहती है”....
“वैसे तो तेरी गांड ना भी मारता पर साली अब तो तेरी गांड जरूर मारूंगा”.....
प्रियंका- “नहीं सतीश.... प्लीज् गांड मे नहि.......आई....ओह…मर गई साले कुत्ते”
प्रियंका की बात ख़तम होने से पहले ही सतीश अपना आधा लंड उसकी गांड मे पेल देता है, दर्द के कारन प्रियंका की चीख़ निकल जाती है वो तो सतीश ने कस कर उसकी
कमर को पकड़ लिया था, क्योकि उसे मालूम था की दर्द के कारन प्रियंका उसकी गिरफ़्त से छूटने का प्रयास करेगि..... और प्रियंका ऐसा कर भी रही थी उसने बहुत कोशिश करी
सतीश की गिरफ़्त से निकलने की पर सब बेकार, आखिर कार सतीश अपना लंड टोपे तक
बाहर निकल कर एक और जोरदार धक्का मारता है और इस बार पूरा लंड उसकी गांड
को चिरता हुआ जड़ तक अंदर घुस गया था... प्रियंका एक जोरदार चीख मारि और छट पटा कर अपने हाथ इधर उधर फेकने लगी...... और सतीश ने धक्के लगाने सुरु कर दिये....
सतीश पर उसके दर्द का कोई असर नहीं हो रहा था उसकी आँखों के
सामने तो उसकी माँ की गांड थी जिसमे लंड दाल कर वो खूब तेजी से पेल रहा था.....
सतीश को परम आनंद की अनुभुति हो रही थी.... उसका लंड बहुत कसा हुआ प्रियंका की
गांड मे अंदर बाहर हो रहा था.... वो टोपे तक अपने लंड को बाहर निकालता और फिर
तेजी मे जड़ तक अंदर पेल देता, अब प्रियंका को मजे आने लगे थे..... और उसकी दर्द भरी
चीख़ें अब सिस्कियों मे बदल गई थी..
खिड़की पर खड़ी नलिनी को तो अपनी आँखों पर विस्वास ही नही हो रहा था की कैसे उसकी फूल जैसी नाजूक बेटी इतना बड़ा मुसल अपनी गांड
मै लेकर मजे कर रही है... और उसके हाथो की स्पीड और ज्यादा बढ़ जाती है,
जी हाँ नलिनी अपनी चुत में उँगलियाँ घुसेड कर अपनी चुत की आग को ठण्डी
करने मे लगी हुई थि, नलिनी को शक तो बहुत समय से था इन दोनों पर की ये
दोनो बंद कमरे मे स्टडी ही करते है या कुछ और पर वो कभी पता न कर
सकी क्योकि उसे कभी कोई जगह ही न मिली जिससे वो अंदर झाँक सके और रूम भी
साउंड प्रूफ था जिससे आवाज भी बाहर नहीं आती थि, और आज भी वो यही चेक करने
आई थी और किस्मत से उसे आज खिड़की खुली मिल गयी, और जब नलिनी ने वहा से अंदर झांका तो उसके
पेरों तले से जमीन खिसक गई अंदर उसकी बेटी चुद रही थि, उसका शक
सही था, नलिनी को बहुत गुस्सा आता है और वो इन दोनों की क्लास लेने की सोचती है....
नलिनी वहा से हटणा तो
चाहति है, पर अंदर की जबरदस्त चुदाई देख कर वो गरम होने
लगति है और वो वहां से हट्ने की जगह लाइव शो देखने लगती है,
उसकी बर्षो से प्यासी चुत से तो जैसी झरना सा फुट पडता है... और वो
अपनी साड़ी और पेटीकोट को ऊपर उठा
कर अपनी चुत मे ऊँगली दाल कर अंदर का सिन देखते हुए अपनी चुत
की आग को ठण्डा करने लगती है.... और वो अंदर की चुदाई को देखते हुए
४-५ बार झड भी चुकी थि, और अब वो इमेजिन कर रही थी जैसे की सतीश उसकी बेटी
की नहीं बल्कि उसकी चुदाई कर रहा है.....
कहानी जारी रहेगी