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Guest
लाइए भैया में मालिश कर देती हूं,,,,(खटिया के पाटी पर बैठते हुए गुलाबी बोली,,,,)
यहां दोनों झांगो मैं बहुत दर्द हो रहा है,,,(अपनी दोनों टांगों को घुटनों से मोड़ें हुए ही वह अपनी हथेली अपनी दोनों जांघों पर रखता हुआ बोला)
कोई बात नहीं भैया मैं मालिश करके तुम्हारे दर्द को गायब कर दूंगी,,,,, लेकिन एक काम करो दोनों टांगों को फैला लो तब अच्छे से मालिश कर पाऊंगी,,,,,,
(गुलाबी की बात सुनते ही हरिया थोड़ी सोच में पड़ गया क्योंकि वह जानता था कि दोनों टांगों को फैला कर ही उसकी धोती में बना तंबू गुलाबी की आंखों के सामने नजर आने लगेगा वह पहले थोड़ा हिचकी चाह रहा था लेकिन अपने मन में सोचा कि अगर कुछ पाना है तो कुछ ठोस कदम उठाना ही पड़ेगा जो होगा देखा जाएगा यह मन में सोच कर वह अपनी दोनों टांगों को सीधा खटिया पर फैला लिया और ऐसा करने पर उसकी धोती खुंटे की शक्ल में खड़ी की खड़ी रह गई,,,, गुलाबी की नजर उस पर पडते ही उसकी बुर कुल बुलाने लगी,,,, वह तिरछी नजरों से अपने भैया के खुंटे को देख रही थी,, और हरिया भी पूरी तरह से बेशर्मी दिखाते हुए अपने कमरों को ढकने की बिल्कुल भी कोशिश नहीं कर रहा था तो उसके मन में ऐसा हो रहा था कि वह उसे खोलकर दिखाएं,,,,
यहां जगह चारों तरफ खेतों से घिरी हुई थी चारों तरफ हरे हरे खेत लहलहा रहे थे दूर दूर तक सेइस जगह को देखे जाने की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी और इस समय यहां कोई आता भी नहीं था,,,, इसलिए हरिया और गुलाबी दोनों निश्चिंत थे,,,, गुलाबी अपने भैया की बड़ी इज्जत करती थी लेकिन यह इज्जत धीरे-धीरे वासना और आकर्षण में बदलने लगी थी जब से वह छोटे से छेद में से अपने भैया और भाभी को नग्न अवस्था में चुदाई करते हुए देखती थी,,, वैसे भी गुलाबी की उमर पर पूरी तरह से खुमारी छाई हुई थी वह क्या उसकी उम्र की कोई भी लड़की उस दृश्य को देख लेती तो उसका भी हाल गुलाबी की तरह ही होता,,,,,,, हरिया का शरीर ज्यादा हुष्ठ पुष्ठ नहीं लेकिन बेहद फुर्तीला था,,, इसलिए उसके शरीर में कसाव भरपूर था,,, । गुलाबी से बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा था,,,वह सीसी के ढक्कन को खोल कर सरसों के तेल को अपनी हथेली पर गिराने लगी सरसों के तेल की धार को देखकर हरिया का लंड उबाल मार रहा था,,,, अब वह अपने मन में तय कर चुका था कि आज वह गुलाबी की गुलाबी बुर में अपना लंड डाल कर ही रहेगा,,,,
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आग दोनों तरफ बराबर की लगी हुई थी दोपहर का समय था और ऐसे में हरिया खेतों पर काम करने के लिए गया था और खाना लेकर गुलाबी आई थी अपने भैया के लंड को देखकर उसकी गुलाबी 6 में हलचल सी होने लगी थी,,,,।
गुलाबी सरसो के तेल को अपनी हथेली में गिरा ली थी,,,उसका दिल बड़े जोरों से धड़क रहा था उसे समझ में नहीं आ रहा था कि आज क्या आने वाला है लेकिन इतना आभास हो चुका था कि जो भी होने वाला था बहुत ही अच्छा होने वाला था,,,
हरिया कभी सोचा नहीं था कि वह अपनी भावनाओं को इस कदर अपने अंदर बदल देगा और वह भी अपनी बहन के प्रति,,,हरिया की सांसे ऊपर नीचे हो रही थी धोती के अंदर उसका लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आ चुका था,,हरिया यह बात अच्छी तरह से जानता था कि उसकी बहन एकदम जवान खिली हुई थी और शादी की उम्र हो चुकी थी ऐसे में उसका मन भी मचलता होगा चुदवाने को करता होगा इसलिए हरिया को अपनी सोच पर पूरा विश्वास था कि अगर एक बार वह गुलाबी को बहकाने में सफल हो जाएगा तो वह गुलाबी की दोनों टांगों के बीच का रास्ता बड़े आराम से तय कर लेगा,,,,,,
गुलाबी अपने बड़े भैया की उठी हुई धोती की तरफ देखकर सरसों के तेल को बड़े अच्छे से अपनी भैया की जांघों पर लगाने लगी और मालिश करने लगी,,,गुलाबी के कोमल हथेली और उंगली का स्पर्श पाते ही हरिया के तन बदन में उत्तेजना के शोले भड़कने लगे,,, सांसो की गति तेज हो गई और एक अद्भुत सुख की प्राप्ति उसे अपनी दोनों टांगों के बीच के बीच अद्भुत अौजार में महसूस होने लगी,,,, हरिया काफी उत्तेजना का अनुभव कर रहा था,,,, अपने भैया की जांघों की मालिश करते समय गुलाबी के तन बदन में भी अजीब सी हलचल हो रही थी,,,, गुलाबी धीरे धीरे आहिस्ता आहिस्ता अपने भैया के लंड की तरफ बढ़ना चाहती थी,,, और उसे पूरा विश्वास था कि वह अपनी हथेली उंगलियों का कमाल दिखाकर वहां तक जरूर पहुंच जाएगी,,,,मालिश करते करते हो अपने भैया की तरफ देख कर मुस्कुरा दे रही थी जवाब में हरिया भी मुस्कुरा दे रहा था,,, दोनों के बीच की यह मुस्कुराहट असीम आनंद की अनुभूति करा रही थी,,, लहराते हुए खेतों के बीच दोनों संपूर्ण रूप से निश्चिंत थे,,, क्योंकि जब आप दोनों चित्रा से जानते थे कि इस समय यहां कोई आने वाला नहीं था गुलाबी भी यह बात अच्छी तरह से जानती थी कि उसकी बाकी कामों में व्यस्त होगी और वैसे भी खाना लेकर खुद आई थी तो उसकी भाभी का यहां आने का सवाल ही नहीं उठता था,,,,,,
कैसा लग रहा है भैया,,,?(गुलाबी अपनी हथेली का कमाल दिखाते हुए हरिया की तरफ देख कर बोली)
थोड़ा थोड़ा आराम महसूस हो रहा है लेकिन थोड़ा ऊपर की तरफ कुछ याद आता है तो महसूस हो रहा है,,,,(हरिया भी अपने मन में यही चाहता था कि उसकी बहन उसके अौजार की तरफ आगे बढ़े उसके मुसल जैसे लंड को देखकर उसे छुने के लिए पकड़ने के लिए व्याकुल हो जाए,,,गुलाबी ने अपने भैया की मनसा को अच्छी तरह से जानती थी क्योंकि वह अपने भैया की छेड़खानी अपनी भाभी के साथ दीवार के छेद में से देख चुकी थी वह अच्छी तरह से जानती थी कि दिन मेंचरित्रवान बने रहने वाला उसका बड़ा भाई रात को किस कदर औरत के जिस्म से खेलने के लिए व्याकुल हो जाता है तड़प उठता है,,,, हरिया की व्याकुलता गुलाबी की गुलाबी बुर में हलचल को बढ़ा रही थी,,,)
कोई बात नहीं भैया तुम्हारे बदन का सारा दर्द आ जाता रहेगा आज मेरे हाथों का कमाल देखना,,,
यही देखने के लिए तो तुम्हें मालिश करने के लिए बोला हूं,,,, क्योंकि तुम्हारी भाभी बड़ी अच्छे से करती थी,,,
मैं भी बड़े अच्छे से करूंगी भैया,,,
क्या तुम पहले कभी इस तरह की मालिश की हो,,,
नहीं नहीं,,,, पहली बार आपकी ही कर रही हुं,,,
तो देखना ठीक से करना,,,,(अपने लंड के इर्द-गिर्द खुजलाने के बहाने से वह गुलाबी की तरफ की धोती को हल्का सा हटाना चाहता था ताकि गुलाबी उसके लंड को देख सकें और ऐसा हुआ भी बातों ही बातों में खुजलाने के बहाने वह अपनी धोती को हल्के से दूसरी तरफ खींच दिया था जिससे उसके लंड का जड़ वाला हिस्साबड़ी साफ तौर पर गुलाबी को नजर आने लगा था और उसके नीचे उसकी गोलाई के इर्द-गिर्द उसके झांटों का झुरमुट भी नजर आ रहा था,,, गुलाबी की दोनों टांगों के बीच इस दृश्य को देखकर कंपन सी होने लगी भले ही वह राजू के मजबूत लैंड से चुदवाने का सुख रोज प्राप्त कर दी थी लेकिन यह हर औरत और मर्द की कमजोरी होती थी कि एक ही मर्द से या एक ही औरत से उन लोगों का मन कभी नहीं भरता था भले ही वह कितने की खूबसूरत औरत हो या मर्द कितना भी ताकत से भरा हुआ हो,,,यह बात इस समय दोनों पर लागू हो रही थी हरिया और गुलाबी दोनों पर हरिया के पास उसकी खूबसूरत बीवी की जो पूरे गांव में सबसे ज्यादा खूबसूरत और गठीला बदन की मालकिन थी और गुलाबी के पास उसका भतीजा था जो मर्दाना ताकत और मर्दाना अंक की मजबूती से भरा हुआ था लेकिन फिर भी दोनों बहेक रहे थे,,,)
तुम चिंता मत करो भैया भाभी की कमी महसूस होने नहीं दूंगी इस समय मैं तुम्हारी ऐसी मालिश करूंगी कि तुम जिंदगी भर याद रखोगे,,,,
मैं भी यही चाहता हूं गुलाबी मेरे बदन में बहुत दर्द हो रहा है,,, बस थोड़ा उपर की तरफ मालिश कर वही सारा दर्द इकट्ठा हो गया है,,,,(गरम आहे भरता हुआ हरिया बोला अपने भाई की बात सुनकर उसकी मंशा पूरी तरह से साफ हो चुकी थी जो कि गुलाबी अच्छी तरह से समझ गई थी अपने भाई की हरकत और उसकी बातों को सुनकर उसकी गुलाबी गाल सुर्ख लाल होने लगे जो की गुलाबी के गुलाबी चेहरे को और ज्यादा खूबसूरत बना रही थी,,,, वो शरमाते हुए बोली,,,)
ठीक है भैया,,,(पर इतना कहकर वह सरसों के तेल की शीशी से और ज्यादा सरसों का तेल अपनी हथेली पर गिरा कर जांघो के ऊपर लगाकर मालिश करने लगी अपनी भैया की बात मानते हुए अपने दोनों हथेली को हरिया की दोनों जांघों पर रखकर उसे धोती के अंदर अपनी हथेली को सरकाने लगी थी,,,गुलाबी कि इस मदहोश कर देने वाली हरकत हरिया के तन बदन में आग लगा रही थी हरिया को ऐसा लग रहा था कि जैसे मालिश करने वाली उसकी बहन नहीं बल्कि कोई रंडी अपनी हरकतों से उसे उकसा रही है,,,,,, गुलाबी की सांसे ऊपर नीचे हो रही थी वह खटिया पर अपनी गांड रख कर बैठी हुई थी,,, उसकी जांघों की मोटाई देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उसकी सलवार फट जाएगी,,, गुलाबी की नजरें अपने भाई के लंड की जड़ की तरफ गड़ी हुई थी,,, हरिया की अनुभवी आंखें गुलाबी की नजरों को अच्छी तरह से भाग गई थी वह मन ही मन खुश हो रहा था जो दिखाना चाह रहा था वह गुलाबी बड़ी उत्सुकता से देख रही थी,,,, हरिया यह बात नहीं जानता था कि उसकी बहन उसके और उसकी बीवी के कारनामों को अपनी आंखों से कई बार देख चुकी थी लेकिन गुलाबी के लिए भी यह पहली मर्तबा था जब वह बेहद नजदीक से अपने भैया के लंड का दीदार कर रही थी,,,,गुलाबी अपने भैया के लंड को छुना चाहती थी उसे अपनी उंगलियों से स्पर्श करना चाहती थी,,,, उसकी उत्सुकता बढ़ती जा रही थी और इसीलिए हरिया भी उत्सुक था वह चाहता था कि उसकी बहन मालिश करते हुए उसके लंड को पकड़ ले ताकि उसके बाद के कार्यक्रम को वह शुरू कर सके,,,, गुलाबी मालिश करते हुए बोली,,,।)
अब कैसा लग रहा है भैया,,,?
बहुत अच्छा लग रहा है ,,, बस इसी तरह से मालिश करती रहो,,,,,,
यहां दोनों झांगो मैं बहुत दर्द हो रहा है,,,(अपनी दोनों टांगों को घुटनों से मोड़ें हुए ही वह अपनी हथेली अपनी दोनों जांघों पर रखता हुआ बोला)
कोई बात नहीं भैया मैं मालिश करके तुम्हारे दर्द को गायब कर दूंगी,,,,, लेकिन एक काम करो दोनों टांगों को फैला लो तब अच्छे से मालिश कर पाऊंगी,,,,,,
(गुलाबी की बात सुनते ही हरिया थोड़ी सोच में पड़ गया क्योंकि वह जानता था कि दोनों टांगों को फैला कर ही उसकी धोती में बना तंबू गुलाबी की आंखों के सामने नजर आने लगेगा वह पहले थोड़ा हिचकी चाह रहा था लेकिन अपने मन में सोचा कि अगर कुछ पाना है तो कुछ ठोस कदम उठाना ही पड़ेगा जो होगा देखा जाएगा यह मन में सोच कर वह अपनी दोनों टांगों को सीधा खटिया पर फैला लिया और ऐसा करने पर उसकी धोती खुंटे की शक्ल में खड़ी की खड़ी रह गई,,,, गुलाबी की नजर उस पर पडते ही उसकी बुर कुल बुलाने लगी,,,, वह तिरछी नजरों से अपने भैया के खुंटे को देख रही थी,, और हरिया भी पूरी तरह से बेशर्मी दिखाते हुए अपने कमरों को ढकने की बिल्कुल भी कोशिश नहीं कर रहा था तो उसके मन में ऐसा हो रहा था कि वह उसे खोलकर दिखाएं,,,,
यहां जगह चारों तरफ खेतों से घिरी हुई थी चारों तरफ हरे हरे खेत लहलहा रहे थे दूर दूर तक सेइस जगह को देखे जाने की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी और इस समय यहां कोई आता भी नहीं था,,,, इसलिए हरिया और गुलाबी दोनों निश्चिंत थे,,,, गुलाबी अपने भैया की बड़ी इज्जत करती थी लेकिन यह इज्जत धीरे-धीरे वासना और आकर्षण में बदलने लगी थी जब से वह छोटे से छेद में से अपने भैया और भाभी को नग्न अवस्था में चुदाई करते हुए देखती थी,,, वैसे भी गुलाबी की उमर पर पूरी तरह से खुमारी छाई हुई थी वह क्या उसकी उम्र की कोई भी लड़की उस दृश्य को देख लेती तो उसका भी हाल गुलाबी की तरह ही होता,,,,,,, हरिया का शरीर ज्यादा हुष्ठ पुष्ठ नहीं लेकिन बेहद फुर्तीला था,,, इसलिए उसके शरीर में कसाव भरपूर था,,, । गुलाबी से बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा था,,,वह सीसी के ढक्कन को खोल कर सरसों के तेल को अपनी हथेली पर गिराने लगी सरसों के तेल की धार को देखकर हरिया का लंड उबाल मार रहा था,,,, अब वह अपने मन में तय कर चुका था कि आज वह गुलाबी की गुलाबी बुर में अपना लंड डाल कर ही रहेगा,,,,
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आग दोनों तरफ बराबर की लगी हुई थी दोपहर का समय था और ऐसे में हरिया खेतों पर काम करने के लिए गया था और खाना लेकर गुलाबी आई थी अपने भैया के लंड को देखकर उसकी गुलाबी 6 में हलचल सी होने लगी थी,,,,।
गुलाबी सरसो के तेल को अपनी हथेली में गिरा ली थी,,,उसका दिल बड़े जोरों से धड़क रहा था उसे समझ में नहीं आ रहा था कि आज क्या आने वाला है लेकिन इतना आभास हो चुका था कि जो भी होने वाला था बहुत ही अच्छा होने वाला था,,,
हरिया कभी सोचा नहीं था कि वह अपनी भावनाओं को इस कदर अपने अंदर बदल देगा और वह भी अपनी बहन के प्रति,,,हरिया की सांसे ऊपर नीचे हो रही थी धोती के अंदर उसका लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आ चुका था,,हरिया यह बात अच्छी तरह से जानता था कि उसकी बहन एकदम जवान खिली हुई थी और शादी की उम्र हो चुकी थी ऐसे में उसका मन भी मचलता होगा चुदवाने को करता होगा इसलिए हरिया को अपनी सोच पर पूरा विश्वास था कि अगर एक बार वह गुलाबी को बहकाने में सफल हो जाएगा तो वह गुलाबी की दोनों टांगों के बीच का रास्ता बड़े आराम से तय कर लेगा,,,,,,
गुलाबी अपने बड़े भैया की उठी हुई धोती की तरफ देखकर सरसों के तेल को बड़े अच्छे से अपनी भैया की जांघों पर लगाने लगी और मालिश करने लगी,,,गुलाबी के कोमल हथेली और उंगली का स्पर्श पाते ही हरिया के तन बदन में उत्तेजना के शोले भड़कने लगे,,, सांसो की गति तेज हो गई और एक अद्भुत सुख की प्राप्ति उसे अपनी दोनों टांगों के बीच के बीच अद्भुत अौजार में महसूस होने लगी,,,, हरिया काफी उत्तेजना का अनुभव कर रहा था,,,, अपने भैया की जांघों की मालिश करते समय गुलाबी के तन बदन में भी अजीब सी हलचल हो रही थी,,,, गुलाबी धीरे धीरे आहिस्ता आहिस्ता अपने भैया के लंड की तरफ बढ़ना चाहती थी,,, और उसे पूरा विश्वास था कि वह अपनी हथेली उंगलियों का कमाल दिखाकर वहां तक जरूर पहुंच जाएगी,,,,मालिश करते करते हो अपने भैया की तरफ देख कर मुस्कुरा दे रही थी जवाब में हरिया भी मुस्कुरा दे रहा था,,, दोनों के बीच की यह मुस्कुराहट असीम आनंद की अनुभूति करा रही थी,,, लहराते हुए खेतों के बीच दोनों संपूर्ण रूप से निश्चिंत थे,,, क्योंकि जब आप दोनों चित्रा से जानते थे कि इस समय यहां कोई आने वाला नहीं था गुलाबी भी यह बात अच्छी तरह से जानती थी कि उसकी बाकी कामों में व्यस्त होगी और वैसे भी खाना लेकर खुद आई थी तो उसकी भाभी का यहां आने का सवाल ही नहीं उठता था,,,,,,
कैसा लग रहा है भैया,,,?(गुलाबी अपनी हथेली का कमाल दिखाते हुए हरिया की तरफ देख कर बोली)
थोड़ा थोड़ा आराम महसूस हो रहा है लेकिन थोड़ा ऊपर की तरफ कुछ याद आता है तो महसूस हो रहा है,,,,(हरिया भी अपने मन में यही चाहता था कि उसकी बहन उसके अौजार की तरफ आगे बढ़े उसके मुसल जैसे लंड को देखकर उसे छुने के लिए पकड़ने के लिए व्याकुल हो जाए,,,गुलाबी ने अपने भैया की मनसा को अच्छी तरह से जानती थी क्योंकि वह अपने भैया की छेड़खानी अपनी भाभी के साथ दीवार के छेद में से देख चुकी थी वह अच्छी तरह से जानती थी कि दिन मेंचरित्रवान बने रहने वाला उसका बड़ा भाई रात को किस कदर औरत के जिस्म से खेलने के लिए व्याकुल हो जाता है तड़प उठता है,,,, हरिया की व्याकुलता गुलाबी की गुलाबी बुर में हलचल को बढ़ा रही थी,,,)
कोई बात नहीं भैया तुम्हारे बदन का सारा दर्द आ जाता रहेगा आज मेरे हाथों का कमाल देखना,,,
यही देखने के लिए तो तुम्हें मालिश करने के लिए बोला हूं,,,, क्योंकि तुम्हारी भाभी बड़ी अच्छे से करती थी,,,
मैं भी बड़े अच्छे से करूंगी भैया,,,
क्या तुम पहले कभी इस तरह की मालिश की हो,,,
नहीं नहीं,,,, पहली बार आपकी ही कर रही हुं,,,
तो देखना ठीक से करना,,,,(अपने लंड के इर्द-गिर्द खुजलाने के बहाने से वह गुलाबी की तरफ की धोती को हल्का सा हटाना चाहता था ताकि गुलाबी उसके लंड को देख सकें और ऐसा हुआ भी बातों ही बातों में खुजलाने के बहाने वह अपनी धोती को हल्के से दूसरी तरफ खींच दिया था जिससे उसके लंड का जड़ वाला हिस्साबड़ी साफ तौर पर गुलाबी को नजर आने लगा था और उसके नीचे उसकी गोलाई के इर्द-गिर्द उसके झांटों का झुरमुट भी नजर आ रहा था,,, गुलाबी की दोनों टांगों के बीच इस दृश्य को देखकर कंपन सी होने लगी भले ही वह राजू के मजबूत लैंड से चुदवाने का सुख रोज प्राप्त कर दी थी लेकिन यह हर औरत और मर्द की कमजोरी होती थी कि एक ही मर्द से या एक ही औरत से उन लोगों का मन कभी नहीं भरता था भले ही वह कितने की खूबसूरत औरत हो या मर्द कितना भी ताकत से भरा हुआ हो,,,यह बात इस समय दोनों पर लागू हो रही थी हरिया और गुलाबी दोनों पर हरिया के पास उसकी खूबसूरत बीवी की जो पूरे गांव में सबसे ज्यादा खूबसूरत और गठीला बदन की मालकिन थी और गुलाबी के पास उसका भतीजा था जो मर्दाना ताकत और मर्दाना अंक की मजबूती से भरा हुआ था लेकिन फिर भी दोनों बहेक रहे थे,,,)
तुम चिंता मत करो भैया भाभी की कमी महसूस होने नहीं दूंगी इस समय मैं तुम्हारी ऐसी मालिश करूंगी कि तुम जिंदगी भर याद रखोगे,,,,
मैं भी यही चाहता हूं गुलाबी मेरे बदन में बहुत दर्द हो रहा है,,, बस थोड़ा उपर की तरफ मालिश कर वही सारा दर्द इकट्ठा हो गया है,,,,(गरम आहे भरता हुआ हरिया बोला अपने भाई की बात सुनकर उसकी मंशा पूरी तरह से साफ हो चुकी थी जो कि गुलाबी अच्छी तरह से समझ गई थी अपने भाई की हरकत और उसकी बातों को सुनकर उसकी गुलाबी गाल सुर्ख लाल होने लगे जो की गुलाबी के गुलाबी चेहरे को और ज्यादा खूबसूरत बना रही थी,,,, वो शरमाते हुए बोली,,,)
ठीक है भैया,,,(पर इतना कहकर वह सरसों के तेल की शीशी से और ज्यादा सरसों का तेल अपनी हथेली पर गिरा कर जांघो के ऊपर लगाकर मालिश करने लगी अपनी भैया की बात मानते हुए अपने दोनों हथेली को हरिया की दोनों जांघों पर रखकर उसे धोती के अंदर अपनी हथेली को सरकाने लगी थी,,,गुलाबी कि इस मदहोश कर देने वाली हरकत हरिया के तन बदन में आग लगा रही थी हरिया को ऐसा लग रहा था कि जैसे मालिश करने वाली उसकी बहन नहीं बल्कि कोई रंडी अपनी हरकतों से उसे उकसा रही है,,,,,, गुलाबी की सांसे ऊपर नीचे हो रही थी वह खटिया पर अपनी गांड रख कर बैठी हुई थी,,, उसकी जांघों की मोटाई देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उसकी सलवार फट जाएगी,,, गुलाबी की नजरें अपने भाई के लंड की जड़ की तरफ गड़ी हुई थी,,, हरिया की अनुभवी आंखें गुलाबी की नजरों को अच्छी तरह से भाग गई थी वह मन ही मन खुश हो रहा था जो दिखाना चाह रहा था वह गुलाबी बड़ी उत्सुकता से देख रही थी,,,, हरिया यह बात नहीं जानता था कि उसकी बहन उसके और उसकी बीवी के कारनामों को अपनी आंखों से कई बार देख चुकी थी लेकिन गुलाबी के लिए भी यह पहली मर्तबा था जब वह बेहद नजदीक से अपने भैया के लंड का दीदार कर रही थी,,,,गुलाबी अपने भैया के लंड को छुना चाहती थी उसे अपनी उंगलियों से स्पर्श करना चाहती थी,,,, उसकी उत्सुकता बढ़ती जा रही थी और इसीलिए हरिया भी उत्सुक था वह चाहता था कि उसकी बहन मालिश करते हुए उसके लंड को पकड़ ले ताकि उसके बाद के कार्यक्रम को वह शुरू कर सके,,,, गुलाबी मालिश करते हुए बोली,,,।)
अब कैसा लग रहा है भैया,,,?
बहुत अच्छा लग रहा है ,,, बस इसी तरह से मालिश करती रहो,,,,,,