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Incest एक राजा और चार रानियाँ complete

सॅम;जी अम्मी

और सॅम नाश्ता करने लगता है नाश्ता करके वो सीधा नजमा के रूम मे चला जाता है जहाँ नजमा उसका इंतजार कर रही थी

नजमा;;उसे देख के अपनी बात शुरू करती है

देखो सॅम कल जो कुछ हुआ वो नही होना चाहिए था मैने इस बारे मे बहुत सोचा और मैने ये डिसाइड किया है कि तुम आज से ऑफीस जाय्न करोगे तुम बिज़ी रहोगे तो दूसरी तरफ तुम्हारा ध्यान नही भटकेगा

और हाँ सबसे ज़रूरी बात कल जिस तरह तुमने मेरे साथ गंदी लन्ग्वेज मे बात की है वो दुबारा नही होनी चाहिए तुम अपनी खाला को लेके और मुझे लेके जो बात कर रहे थे वो मुझे बिल्कुल ठीक नही लगी ग़लती सभी से होती है हम इंसान है फीरोजा से भी ग़लती हुई और तुमसे भी पर जो ग़लती से सबक सीख के सही रास्ते पे चले वही इंसान लाइफ मे कामयाब होता है

तुम ऑफीस जाय्न कर लो मैं तुम्हारी शादी के लिए कुछ फॅमिलीस मे बात चलने वाली हूँ अगर तुम्हे कोई लड़की पसंद है तो बोल दो

नजमा;सारी रात सो नही पे थी वो सॅम को ग़लत रास्ते पे जाता नही देख सकती थी इसीलिए ये सारी बातें उसने रात मे ही सोच ली थी.

सॅम;नजमा के करीब आजाता है वो नजमा की आँखों मे आँखे डालके बात करना चाहता था

अम्मी मैं खुद भी ऑफीस आना चाह रहा था और अब जब अपने डिसाइड कर लिया है तो मैं आज से ही जाय्न कर लूँगा

रही बात गंदे अल्फ़ाज़ यूज़ करने की तो वो भी मैने आपसे ही सीखे है

जब आप और खाला उस रात बातें कर रही थी और मैं आपके पास सोया हुआ था आपको लगा मैं सो चुका हूँ मगर मैं जाग रहा था और आपकी और खाला की मैने सारी बातें सुनी थी.

रही चूत और चोदने वाली बातें तो ये अल्फ़ाज़ मुझे आपकी सग़ी बहेन ने सिखाए है जब वो मेरे साथ हमबिस्तर (चुदती)थी

अगर आप उनकी बातें सुनेगी तो आपको यक़ीन भी नही होगा कि ये आपकी बेहन फीरोजा है

और एक बात और आपको मेरे लिए कोई लड़की देखने की ज़रूरत नही मैने अपने लिए ऑल रेडी लड़की देख ली है मुझे वो बहुत पसंद है अगर आप उससे मिलना चाहती है तो पीछे मूड के देख लो

और सॅम नजमा का जवाब सुने बिना ही उसके रूम से निकल जाता है

नजमा;उसे जाता देखती रह जाती है

फिर कितनी ही देर बाद वो किसी ख़याल के तहेत पीछे मूड के देखती है

और उसे शर्म आजाती है सामने मिरर(आएना) था जिसमे नजमा को अपना ही अक्स नज़र आ रहा था

वो दिल ही दिल मे सॅम की हिम्मत की दाद भी देती है और उसे सॅम की कही बात पे गुस्सा भी आता है

वो अपना सर झटक के रूम से बाहर निकल जाती है

सॅम;अपने रूम मे ऑफीस जाने के लिए सूट्स सेल्लेक्ट कर रहा था तभी वहाँ शबनम आती है

शबनम;क्या हुआ सॅम कुछ ढूँढ रहे हो

सॅम;हाँ भाभी देखो ना समझ नही आ रहा ऑफीस के लिए क्या पहनूं

शबनम;मुस्कुराते हुए सॅम की अलमारी से एक स्काइ ब्लू कलर का शर्ट और एक डार्क ब्लॅक पॅंट निकालती है उसपे कोट और टाइ भी वही सेलेक्ट करती है

तुम आज ये पहनो तुम इस मे बहुत अच्छे लगोगे

सॅम;हाँ सही कह रही है आप वाउ भाभी आपकी पसंद की तो दाद देनी पड़ेगी

शबनम;ब्लश करते हुए रूम के बाहर जाने लगती है

 
तभी

सॅम; उसे रोक लेता है एक मिनट भाभी इस शर्ट का एक बटन गिरा हुआ है

शबनम;अर्रे हाँ एक मिनट मैं अभी इसे ठीक कर देती हूँ और शबनम सॅम के बटन सुई धागे से सीने लगती है वो सॅम के इतने करीब थी कि सॅम के उसके जिस्म की महक अच्छी तरह महसूस हो रही थी सॅम ने शर्ट उतारा नही था

और शबनम ऐसे ही उसके सामने खड़े खड़े बटन ठीक कर रही थी

एक पाल के लिए शबनम अपनी पलकें सॅम के चेहरे की तरफ उठाती है

जो उसे ही घूर रहा था

सॅम;एक बात कहूँ भाभी

शबनम;ह्म्म्म्म मममम

सम;आप बहुत खूबसूरत हो आपकी आँखे

शबनम;क्या

सॅम;आपकी आँखे कितनी नशीली है

उसके इतनी अच्छे से तारीफ करने से शबनम थोड़ी ठिठक जाती है

उसका दिल करता है कि सॅम उसकी और तारीफ करे

शबनम;और क्या अच्छा लगता है तुम्हे सॅम

सम;आपके लिप्स

कितने गुलाबे है बिना लिपस्टिक के भी इतने वो बोलते बोलते रुक सा गया

शबनम;बोलो ना रुक क्यूँ गये

सॅम;शबनम का चेहरा उपर उठाते हुए आपके लिप्स सच मे बहुत रसीले है दिल करता है और वो आगे बढ़ता है

पर शाएद शबनम अभी इसके लिए तैयार नही थी वो अपने कदम पीछे सरका लेती है

सॅम;उसका इशारा समझ के जल्द बाज़ी नही करता एक तो पहले ही नजमा ने उसकी गान्ड फाड़ रही थी उपर से अगर शबनम भी बिदक गयी तो घर मे रहना मुश्किल होज़ायगा यही ख़याल से वो भी खुद को रोक लेता है

अर्रे भाभी लगता है आपको बुरा लगा ओके बाबा ये लो हम आपके कान पकड़ते है

बस अब तो हंस दो

शबनम;ह्म्म्म्म म ग़लती तुम करो और कान मेरे पकडो देवर जी आप ना बड़े वो है

सॅम;क्या जी

शबनम;शरमाते हुए मुझे नही पता और वो सॅम के रूम से भाग जाती है

सॅम;साली पत्तो पे आ रही है इसकी भी लेलेंगे एक दिन मस्त माल है

और वो तैयार होके ऑफीस के लिए निकल जाता है

उसे नजमा के साथ ऑफीस जाना था आज सॅम का ऑफीस मे पहला दिन था इसलिए वो फर्स्ट इंप्रेशन को लास्ट इंप्रेशन बनाना चाहता था

जब वो नजमा की कार के पास आया तो नजमा भी उसे देखती रह गयी

नजमा के इस तरह उसे घूर्ने से वो दिल मे बहुत खुश हो रहा था

वो नजमा की आँखों मे देखते हुए बोल ही देता है

सॅम;क्यूँ पहले कभी कोई मर्द नही देखा क्या आपने

नजमा;बुरी तरह बिदक जाती है वो सॅम को डांटना चाहती थी पर डाँट नही पाती और सिर्फ़ घूर के रह जाती है

 
ऑफीस पहुँच के शबनम सभी वर्कर्स स्टाफ मेंबर्ज़ से सॅम की इंट्रो करवाती है

सभी उससे मिलके काफ़ी इंप्रेस हो जाते है वो था ही ऐसा बेहतरीन शख्सियत का मालिक एक बार जो उसे मिलता वो उसका मुरीद बन जाता

ऑफीस मे एक स्टाफ मेंबर थी और नजमा की पर्सनल सीक्रेटरी सोफ़िया

सोफ़िया;एक 24 साल की ग्रॅजुयेट खूबसूरत लड़की थी जो पछले 1साल से यहाँ काम कर रही थी वो नजमा के सारे काम देखती थी नजमा को उसपे काफ़ी भरोसा भी था

जब वो सॅम से मिली तो कहते है ना लव अट फर्स्ट साइड जी हाँ उसे शाएद इसी कीड़े ने काटा था वो सॅम को नीचे से उपर देखते ही जा रही थी उसे तब होश आया जब शबनम ने उसका कंधा हिला के उसे सॅम को उसका कॅबिन दिखाने के लिए कहा

सोफ़िया;जी जी शबनम मॅम

शबनम;क्या हुआ

सोफ़िया'कु कुछ नही मॅम

शबनम'धीरे से उसके कान के पास कहीं सॅम तुम्हे

सोफ़िया;क्या चेहरे ने शबनम को उसका आधी अधूरे सवाल का जवाब देदिया

शबनम दिल मे ऊऊओहो तो ये भी वाह सॅम क्या बात है तुम्हारी

सोफ़िया';सॅम को उसके कॅबिन मे लेजाके सारी बातें बताने लगती है

सॅम उससे काफ़ी अच्छे से बातें कर रहा था पर सॅम को उसमे कोई इंटरेस्ट नही था वो तो बस नजमा का दीवाना था

नजमा;अपने कॅबिन मे से सॅम और सोफ़िया को हंसते हुए देख देख ना जाने क्यूँ जल भुने जा रही थी वो सॅम को अपने कॅबिन मे बुलाती है

नजमा;ऑफीस पसंद आया

सम;जी बहुत अच्छा है

नजमा;और स्टाफ मेंबर्ज़

सम;वो तो कमाल के है सभी बेहतरीन

नजमा;और सोफ़िया

सम;ठिठक जाता है और रवानी मे उसके मुँह से निकल जाता है वो तो काफ़ी इंटरेस्टिंग लड़की है

नजमा;हाँ वो तो मैं देख ही रही हूँ देखो सॅम तुम्हे यहाँ काम सीखना है और फिर आगे इसे संभालना भी है ये इतना बड़ा गारमेंट्स इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिज़्नेस सिर्फ़ लड़कियों से फ्लर्ट करके नही सीखा जाएगा तुमसे तुम्हे दिल ओ जान से मेहनत करनी पड़ेंगी समझे सोफ़िया से दूर ही रहना तुम और ऑफीस की सभी लड़कियों से भी

सॅम;दिल मे हाँ मुझे बाल ब्रह्मचारी बना दोना

ओके जैसा आप कहे

पर सॅम को एक बात समझ आ गई थी कि कहीं ना कहीं नजमा को जेल्लस फील हो रहा है वो अपनी बात को कन्फर्म करना चाहता था और उसके पीछे की वजह भी जानना चाहता था अगर इस सब के पीछे नजमा का प्यार छुपा हुआ था तो इसका मतलब सॅम अपनी मंज़िल के बहुत करीब है

वो कुछ सोचता हुआ नजमा के कॅबिन से निकल जाता है

उस्दिन वो सोफ़िया को कई बार अपने कॅबिन मे बुलाता है और उससे हंस हंस के बातें करता रहता है

ये सब नजमा अपने शीशी के कॅबिन से सॉफ देखती रहती है और दिल मे जलती रहती है

जब वो घर के लिए निकलते है तो नजमा का मूड काफ़ी ऑफ होचुका था

सॅम;उससे कोई बात नही करता और चुप चाप अपने मोबाइल मे पता नही क्या देखता रहता है

नजमा;आज बड़े हंस हंस के बातें हो रही थी सोफ़िया के साथ

सॅम;क्या हाँ वो तो मैं उसे अपने काम को लेके डसकस्स कर रहा था

नजमा;देखी मैने तुम क्या कर रहे थे देखो सॅम

सॅम;उफफफफफफ्फ़ हो अम्मी आपकी प्राब्लम क्या है मैं अगर किसी से बात करता हूँ तो इसमे क्या ग़लत है सोफ़िया आपके ऑफीस की एक मेंबर है बस आप खामख़ाँ ही बात को बढ़ावा दे रही है

नजमा;उसे घूरती रह जाती है और कार तेज रफ़्तार मे घर पहुँच जाती है

रात के खाना खाने के कुछ देर बाद सभी अपने अपने रूम मे सोने चले जाते है

रात2पी एम;सॅम अपने रूम मे जाग रहा था उसे फीरोजा की चूत याद आ रही थी वो आज बहुत बेचैनी महसूस कर रहा था वो बेड से उठके किचिन मे पानी पीने चला जाता है तभी उसे शबनम के रूम से हल्के हल्के से सिसकने की आवाज़ आती है उसके पैर रुक जाते है और वो किचिन की बजाए शबनम के रूम के दरवाज़े के पास खड़ा हो जाता है

गौर से सुनने पे उसे किसी की ऐसी आवाज़ सुनाई दे रही थी जैसे कोई औरत चुद रही हो कोई उसे धीरे धीरे चोद रहा हो और वो मस्ती मे सिसक रही हो

सॅम;के जिस्म मे कुछ सरसराहट सी होते है भाभी किसी नही नही पर आवाज़ तो अंदर से आ रही है वो की होल से अंदर झाँकता है और उसकी आँखे फटी की फटी रह जाती है.

शबनम;पूरी तरह नंगी अपने बेड पे अपने दोनो पैर चौड़े किए हुए अपनी चूत को ज़ोर ज़ोर से रगड़ रही थी अहह उःन्णनणणन् ष्ह

उसकी चूत बिल्कुल चिकने सॉफ नज़र आ रही थी जांघे एकदम सफेद और चुची एक दम दूध जैसी

सॅम ;ने पहली बार अपनी भाभी का ये रूप देखा था वो तो भाभी को बहुत ही शरीफ औरत समझता था पर आज उसकी आँखे जो देख रही थी उसे उसपे भरोसा नही हो रहा था

पर हक़ीकत तो यही थी

शबनम;अहह ज़ीशन अहह उःन्णनननणणन्

 
शबनम अपने शोहर जो इस दुनिया मे नही थे उसका नाम लेके झड़ने लगती है तब सॅम की समझ मे सारी बात आजाती है कि भाभी अपने शोहर और सॅम के बड़े भाई को बहुत मिस कर रही है

सॅम;अपने रूम मे आके लेट जाता है और दिल मे सोचने लगता है

कि उसे भाभी की ये उदासी दूर करनी होगी पर कैसे

मॉर्निंग 8 बजे

सॅम;अपने बेड पे पूरा नंगा सोया हुआ था उसके जिस्म पे एक पतली सी चादर थी

नजमा;उसे उठाने के लिए उसके रूम मे जाती है

वो गहरी नींद मे था नजमा उसे एक पल के लिए देखती है

सॅम से वो नाराज़ थी पर वो उसका सबसे प्यारा बेटा था जिसपे उसे बहुत नाज़ था

नजमा;उठो बेटा ऑफीस के लिए लेट होज़ायगा चलो

और वो सॅम के उपर की चादर खींच लेती है उसकी आँखे जो मंज़र देखती है वो उसने कभी अपने खाबो ख्यालों मे सोची भी नही होंगी सॅम;का 8इंच लंबा 3इंच मोटा तना हुआ लंड

उसके लंड की एक खूबी ये थी कि उसके लंड का हेड एकदम लाल टोमॅटो की तरह था और जब वो पूरी तरह खड़ा हो जाता था तब निचली शाफ्ट पे मोटी मोटी नसें देखाई देती थी वो किसी किंग कोब्रा की तरह दिखाई दे रहा था जो किसी भी वक़्त नजमा को डॅन्स लेगा

नजमा;के होंठ सूखने लगे थे वो बार बार अपनी ज़ुबान लिप्स पे फिरा कर उन्हे गीला करने की कॉसिश कर रही थी इस बात से अंजान कि सॅम जाग चुका है और उसके चेहरे को पढ़ने की कॉसिश कर रहा है

सॅम;अपने लंड को मुट्ठी मे मसलते हुए कैसा है अम्मी

नजमा;चौंकते हुए वो मैं तो सॅम बेटा वो ये तुम्हे जगाने आई थी

सॅम;देखोना जाग गया है उसका इशारा अपने लंड पे था

नजमा;अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लेती है

चलो तैयार होजाओ हमे ऑफीस जाना है हालाँकि उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा था

तभी उसे अपनी कमर के बीच की दरार मे एक गरम चीज़ महसूस होती है

उसकी साँसें हलक मे आके अटक गयी थी वो कुछ बोलना चाहती थी पर अल्फ़ाज़ उसकी ज़ुबान से नही निकल रहे थे

सॅम;अपने दोनो हाथों से नजमा की नाज़ुक सी कमर पकड़ के अपने लंड का दबाब उसकी कमर पे बढ़ा देता है

वो भी बिल्कुल खामोश था पर दोनो की साँसों की आवाज़ दूर तक सुनाई दे रही थी

सॅम;नजमा के कानों के लोले को अपने मुँह मे लेलेता है गलपप्प्प्प्प्प्प

मारे शरम और डर के नजमा के होंठों से सिर्फ़ उन्न्ह की सिसकारी निकल पाती है

नजमा;छोड़ो मुझे सॅम जाने दो मुझे जाना है

सॅम;आइ लव यू अम्मी

और वो अपने लंड को नजमा की शलवार के उपर से इतने गहरे मे घुसा देता है जिससे नजमा को ये एहसास होता है जैसे वो बिल्कुल नंगी है और सॅम उसकी गान्ड मे लंड पेल रहा है

नजमा;स्शह अहह क्या कर रहा है सॅम छोड़ दे बेटा कोई आजाएगा

सॅम;पहले कहो आइ लव यू टू

नजमा;उसे ज़ोर से धकेल के मारना चाहती थी पर उसका जिस्म उसके दिमाग़ की बात नही सुनरहा था

उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मैं तेरी अम्मी हूँ सॅम होश मे आ बेटा

हालाँकि नजमा अपना होश खोने लगी थी

सॅम;अपने दोनो हाथ नजमा की नरम चुची पे रख के हल्के हल्के मसल्ने लगता है कॉटन के उस ब्लाउस के नीचे ब्रा नही थी जिससे सॅम को चुची मसल्ने मे बहुत मज़ा आने लगा था उसकी चुभन और मसल्ने के अंदाज़ से नजमा कसमसाने लगी थी वो पूरी तरह सम के क़ब्ज़े मे थी

नजमा;अहह छोड़ दे रे अहह मत कर ऐसा वरना मुझसे बुरा अहह कोई नही होगा उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

किसी के कदमों की आवाज़ से सॅम ठिठक जाता है और नजमा को छोड़ के बाथरूम मे चला जाता है

नजमा;अपनी आँखे खोल के उसे देखने लगती है पर वो वहाँ नही था और सामने शबनम चाइ का कप लिए खड़ी थी

बस कुछ सेकेंड का फ़र्क़ पड़ा था वरना आज शबनम उन्हे ऐसी हालत मे देख लेती

शबनम;क्या हुआ अम्मी आप परेशान नज़र आ रही है

नजमा;हाँ ना वो मैं तो बस सॅम को जगाने आई थी

और वो धड़कते दिल को थाम सॅम के रूम से निकल जाती है

सॅम;को बेड टी पीने की आदत थी ये काम रोज शबनम का था उसके रूम मे चाइ पहुँचा ने का

वो चाइ टेबल पे रख के बेड पे बैठ जाती है और सॅम के बाहर आने का इंतजार करने लगती है

तभी सॅम सिर्फ़ एक टवल लपेटे बाथरूम से बाहर आता है

शबनम;उसे देख के स्माइल करती है

सॅम;गुड मॉर्निंग भाभी

शबनम;गुड.मॉर्निंग सॅम आज जल्दी उठ गये

सॅम;हाँ वो अम्मी ने जगा दिया और सॅम टेबल पे से चाइ उठाके पीने लगता है

वो शबनम के एकदम सामने खड़ा था और शबनम का चेहरा उसके लंड के सामने था

अब ये शबनम की आँखों की तपिश थी या किस्मत का कोई खेल सॅम की वो बँधी हुई टॉवल नीची गिर जाती है और शबनम की आँखों के सामने 6इंच का लटका हुआ लंड आजाता है ये सिर्फ़ 10 सेकेंड के लिए हुआ पर इस ने आजसे इन्दोनो की ज़िंदगी का फ़ैसला कर्दिया था

 


शबनम;अपने मुँह पे हाथ रखे अम्म्म्ममममममिईीईईईईईईईई कहते हुए वहाँ से भाग जाती है

और सॅम नंगा खड़ा अपनी किस्मत पे खुश होने लगता है वाह बेटा सॅम आज तो तूने दो दो को अपना लंड दिखा दिया शाबाश वो दिल ही दिल मे सोच सोच के मुस्कुराने लगता है और कपड़े पहन्के अपने रूम से बाहर आजाता है रूम के बाहर उसकी टक्कर महक से होती है

महक;ऊऊचह अर्रे गेंडी देख के नही चल सकता क्या ऊऊचह

सॅम;मोटी भैंस पूरा रास्ता घेर के चलेगी तो टक्कर तो होगी ही चल हट सामने से

महक;जल भुन सी गयी थी वो सॅम को पेट मे मुक्का जड़ देती है

सॅम;तेरी तो पलट के महक के बाल पकड़ के उसे ऐसे घुमाता है जिससे वो गिरते गिरते बचती है और किसी फिल्मी सीन की तरह सॅम की मज़बूत बाहें उसे थाम लेती है

दो पल उनकी नज़रें मिलती है और फिर महक संभल जाती है अबे घूर क्या रहा है

सॅम;ह्म्म्म्म मममम तू कभी नही सुधर सकती भैंस

महक;देख सॅम मुझे भैंस मत कहना वरना

सॅम;वरना क्या धमकी देती है और वो महक की तरफ उसे मारने बढ़ता है पर तबतक महक भागते हुए अपने रूम के दरवाज़े के पास पहुँच जाती है

महक;;वरना मैं तुझी कद्दू कहूँगी

कद्दू सम के बचपन की एक चिड थी उसे उसके फ्रेंड और खास तौर पे महक कद्दू कहके चिड़ाते थी क्योंकि वो बकपन मे बहुत मोटा था

सॅम;रुक भैंस

सॅम;महक के पीछे जाने की बजाय किचिन की तरफ बढ़ जाता है आज वो बहुत खुश था उसका दिल सभी से मिलके उन्हे गले लगाने का कर रहा था

सॅम;किचिन मे पहुँचता है जहाँ शबनम अकेली कुछ काम कर रही थी

शबनम;जब उसे ऐसे खुदसे मुस्कुराता देखती है तो उसे ज़ोर से हँसी आजाती है

जिससे सॅम तोड़ा शर्मा सा जाता है दोनो एक दूसरे को कुछ पल के लिए देखते है और शबनम को फिर से हँसी आजाती है

उसे रह रह के सॅम का वो नंगा होना याद आता है

इस बार सॅम थोड़ा सीरीयस चेहरा बना कर शबनम की तरफ बढ़ता है जिसे देख शबनम थोड़ा पीछे को हटती है उसे लगता है पता नही सॅम उसे पकड़ेगा या कुछ कहेगा वो सहम सी जाती है

सॅम;उसके पास आके अपना हाथ उसे छूते हुए शबनम की साइड मे रखे ग्लास को उठा लेता है और शबनम की तरफ देख के वॉटर फिल्टर से पानी निकाल के पीने लगता है वो शबनम की आँखों मे देख रहा था और शबनम अपनी नज़रें इधर उधर घुमा रही थी वो जल्दी से वहाँ से खिसक जाना चाहती थी पर सामने सॅम के खड़ा होने से वो जा भी नही सकती थी

तभी नजमा की आवाज़ से सॅम थोड़ा हाथ जाता है और शबनम बिजली की तेज़ी से वहाँ से निकल जाती है

हैरत की बात तो ये थी कि इस पूरे वक़्त ना सॅम कुछ बोला था और ना शबनम बस उनके दिलों के तेज़ धड़कनें और आँखों के इशारे सारी बातें एक दूसरे को बता रहे थे.

कुछ देर बाद सॅम और नजमा ऑफीस के लिए निकल जाते है उनके साथ शबनम भी थी जो बॅक सीट पे बैठी थी

नजमा;खामोश थी और शबनम भी तभी सॅम उन्हे ऐसे चुप चाप सा देख कहता है

सॅम;अर्रे भाई कोई मर गया है क्या जो इतना सन्नाटा है

नजमा और शबनम दोनो को हँसी आजाती है और फिर ऐसे ही फॉर्मल सी बातों के साथ वो ऑफीस पहुँच जाते है

ऑफीस मे सोफ़िया ;सॅम का इंतजार कर रही थी

क्योंकि सॅम ने उसे कल कुछ फाइल्स लाने के लिया कहा था वही वो सॅम को बताना चाहती थी

सॅम;एक एमबीए स्टूडेंट था जो अपनी पढ़ाई और नये नये क्रियेटिव आइडियास की वजह से अपने कॉलेज मे काफ़ी मशहूर था वही ब्रेन वो यहाँ अपने अब्बू के बिज़्नेस को आगे पहुँचाने के लिए इस्तेमाल करना चाहता था कल ऑफीस के पहले दिन ही उसने कई बातें नोटीस किया था और कुछ चीज़ें उसे अच्छे लगी थी और कुछ मे उसे सुधार चाहिए थे

वो अपने बिज़्नेस को एक नयी उँचाई तक पहुँचना चाहता था और ये बात नजमा और शबनम भी अच्छे से जानते थे

सोफ़िया;आज कमाल की लग रही थी एक लाइट ब्लू कलर की शलवार कमीज़ मे उसकी चुची काफ़ी उभर के आई थी फिटिंग के कपड़े उसपे काफ़ी जचते थे

इसी लिए तो सॅम ने उसे जब वो फाइल्स लिए तो वो भी सोफ़िया की तारीफ किए बिना ना रह पाया

सॅम;के मुँह से अपनी तारीफ सुनके सोफ़िया काफ़ी खुश हो जाती है और अपन ख्वाबों के महलों मे घूमते वो उसके कॅबिन से बहात निकलती है और सीधा नजमा से टकरा जाती है

नजमा;ऊऊचह

सोफ़िया;;ओह्ह्ह्ह ओह्ह आइ एम सो सॉरी मॅम आइ एम एक्सटेरेमली सॉरी

नजमा;उसे आँखे निकाल के देखते हुए देख के चला करो सोफ़िया

सोफ़िया;सर झुकाए वहाँ से निकलने मे ही अपनी भलाई समझती है

नजमा;सॅम के कॅबिन मे पहुँच के

सॅम हमारे एक क्लाइंट है मिस्टर.उबैद जाफ़री वो हमे काफ़ी रॉ मेट्रीयल सप्लाइ करते है तुम्हारे अब्बू उन्हे भाई मानते थे

उनकी तबीयत खराब चल रही है कुछ महीनो से डॉक्टर कहतें है उन्हे ब्रेन ट्यूमर है

मैं चाहती हूँ तुम उनसे मिल आओ उन्हे भी अच्छा लगेगा और हमारे बिज़्नेस के लिए भी ठीक होगा

सॅम;जी जैसा आप कहे आप मुझे उनका अड्रेस देदीजये मैं चला जाउन्गा

नजमा;अड्रेस शबनम के पास देदिया है मैने तुम दोनो चले जाना

सॅम;ओके अम्मी और सॅम नजमा को आँख मार देता है

नजमा;उसे घुरके देखते हुए वहाँ से चली जाती है

सॅम;और शबनम ;मिस्टर जाफ़री से मिलने निकल जाते है दोनो कार मे बिल्कुल खामोश थे

कार सॅम ड्राइव कर रहा था

सॅम;भाभी आइ एम सॉरी

शबनम;किस लिए सॉरी कह रहे हो

सॅम;वो आज

शबनम;इट्स ओके सॅम वो अंजाने मे हुआ तुम्हारी कोई ग़लती नही है

सम;भाभी एक बात कहूँ

शबनम;हाँ बोलो

सॅम;आप मुझसे ऐसे डरी डरी सी क्यूँ रहती है

शबनम;थोड़ा झीजकते हुए नही तो सॅम ऐसी कोई बात नही है तुम्हे ऐसे क्यूँ लगता है

सॅम;बस भाभी लगता है आप आबिद से खुलके हंस के बात करती है पर मुझसे थोड़ी दूर सी रहती है मुझे ऐसा फील होता है जैसे मैने आपको हर्ट किया है कभी

शबनम;नही बाबा ऐसे कोई बात नही है असल मे तुम यहाँ थे नही ना कई सालों से इसीलिए थोड़ा मुश्किल होता है एक दूसरे को समझना मैं नही चाहती मेरी कोई बात तुम्हे हर्ट करजाये

सॅम;ऊहह तो ये बात है

मैं भी ना कुछ भी सोचता रहता हूँ

अच्छा भाभी क्या मैं आपसे कोई बात शेयर करू तो वो आप हम दोनो तक रख सकती हो

शबनम;बिल्कुल सॅम तुम मुझपे पूरा भरोसा करसकते हो

सॅम;ओके भाभी मुझे ना एक लड़की बहुत पसंद है

वो मुझे बहुत अच्छी लगती है शाएद मैं भी उसे अच्छा लगता होउँगा ऐसा मुझे लगता है पर उसके दिल की बात मुझे अब तक पता नही चली है

मैं आपसे ये पूछना चाहता हूँ कि मैं उसे कैसे हासिल करूँ

शबनम;थोड़ी देर चुप रही

 


देखो सॅम अगर तुम उसे सच मे प्यार करते हो तो पहले उसके दिल मे जगा बनाओ उसे तुम्हारी अहमियत पता होनी चाहिए और हाँ तुम उसे कितना प्यार करते हो इसका भी एहसास उसे दिलाओ उसके बाद तुम देखो गे कि वो अपना सब कुछ तुम पे न्योछावर कर्देति है

सॅम;ओूऊऊऊऊव भाभी यू आर एक्सलेंट आपका तो जवाब नही

शबनम;थोड़ा झेन्पते हुए थॅंक यू

सॅम;शबनम से नजमा के बारे मे पूछ रहा था और शबनम शायद ये समझ बैठी थी कि सॅम उसके बारे मे बात कर रहा है

कन्फुशन

लेकिन इन्सब बातों का ये प्लस पॉइंट निकला था कि सम और शबनम के बेच का वो परदा हाथ चुका था जो उन्ही एक ही घर मे दो हिस्सों मे बाते हुए था अब वो एक डुरे से काफ़ी फ्रॅंक बातें करने लगे थे और ऐसे ही बातों मे वो मिस्टर.जाफ़री के घर पहुँच जाते है

सॅम और शबनम मिस्टर.जाफ़री के घर पहुँच जाते है ये एक बड़ी सी हवेली थी जिसमे कई रूम्स थे सॅम एक नौकर को उनके आने की वजह बताता है वो एक रूम मे जाके मिस्टर.जाफ़री को इनफॉर्म करता है

कुछ देर बाद सॅम और शबनम उस रूम की तरफ चल देते है जहाँ मिस्टर जाफ़री थे

मिस्टर.जाफ़री;अर्रे आओ आओ सॅम बेटा कैसे हो अर्रे शबनम बेटी भी आई है

वो एक मुलाज़िम को इन्दोनो के लिए कुछ लाने के लिए कहते है

मिस्टर.जाफ़री;एक 4२ साल के मिड्ल एज शक्स थे पर बीमारी ने इन्हे इतना कमज़ोर कर्दिया था कि वो 60 साल के नज़र आने लगे थे उनकी दूसरी शादी हुए 1साल ही हुआ था पहली बीवी की मौत होचुकी थी वो तीनो आपस मे बातें कर रहे थे तभी रूम मे एक लड़की जिसकी उमर 23 से 24 साल के बीच होगी वहाँ आती है

सॅम;को लगा शाएद ये मिस्टर.जाफ़री की बेटी है पर उसे उस वक्त शॉक लगा जब मिस्टर.जाफ़री ने उस लड़की को बेगम कहा यानी ये उनकी दूसरी बीवी थी

सॅम;तो उसे देखता ही रह गया एक नायाब हीरा था वो जो कचरे मे पड़ा था जिस्म एकदम भरा हुआ कमर पीछे को निकले हुए चुची अपने ब्लाउस को फाड़ के बाहर आने को बेताब पेट एकदम चिकना जैसे संगे मरमर और वो थी भी किसी अजंता की मूरत जब वो हंस के सॅम और शबनम से बातें कर रही थी तो सॅम को ऐसे लग रहा था जैसे जन्नत की कोई हूर ज़मीन पे उतर आई हो और अपने लबों से मोटी बरसा रही हो उसका नाम था शीबा.

जब शिबा सॅम को ऐसे घूरते हुए देखती है तो उसके चेहरे पे एक कातिल मुस्कान आजाती है जिसे सॅम की आँखे एक पल मे पढ़ लेती है

मिस्टर.जाफ़री;शीबा का इंट्रो सॅम और शबनम से करवाते है और उनके बीच ऐसे ही बातें चलती रहती है

शबनम;शीबा से टाय्लेट का पता पूछ वहाँ चले जाती है उसे ज़ोरों की पेशाब आई हुई थी

मिस्टर.जाफ़री;अर्रे बेगम सॅम हमारे घर पहली बार आया है इसे हमारा घर दिखाओ ये तो बाहर से घर देख हमारे घर की बहुत तारीफ कर रहे थे ज़रा इन्हे अंदर से भी दिखा दो

शीबा;जी चलिए आपको अंदर का दिखा देती हूँ

उसने ऐसे अंदाज़ मे कही कि सॅम का लंड फूँकारे बिना ना रहसका

वो दोनो उपर बनी सीढ़ियों के तरफ चल देते है

उपर एक रूम मेपहुँच के शीबा सॅम को बेड पे बैठा देती है ये उसका बेडरूम था जो बहुत सलीके से सज़ा हुआ था

सॅम;इधर उधर देखने लगता है पर शीबा की नज़रें सॅम पर ही टिकी हुई थी

शीबा;सॅम तुम्हारी बीवी साथ नही आई

सॅम;जी वो मेरी अभी तक शादी नही हुई है

शीबा;ऊऊओह तो अपनी भाभी का ख़याल रखते हो कि नही

सॅम;समझ गया था शीबा की डबल मीनिंग बातें वो भी कोई कम थोड़े ही था

अभी तक उन्होने मौका कहाँ दिया है खिदमत का मैं तो दिल ओ जान से करने को तैयार हूँ

शीबा;ह्म्म्म्म मम बस अपनी भाभी की या..????/

सॅम;बेड से उठते हुए शीबा के पास आजाता है और उसकी कमर मे हाथ डालके उसे अपने चौड़े सीने से चिपका देता है

शीबा;उनह क्या कर रहे हो छोड़ो अहह

वो सिर्फ़ बोल रही थी हालाँकि वो खुद और सॅम से चिपकी जा रही थी

सॅम;उसकी आँखों मे देखते हुए तू बोल तेरा तो ऐसे ख़याल रखूँगा कि तू दिन रात मेरे गुण गाएगी और वो बिना देर किए अपने होंठ उसके नाज़ुक से होंठों पे जमा के चूसने लगता है गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प

शीबा;उनह अहह नही छोड़ो ना उःन्ह्ंहंहंहंह्न गलपप्प्प्प गलपप्प्प्प्प कोई आजाएगा अहह गलपप्प्प्प्प्प्प बाद मे कर्लेना आह

सॅम;कब

शीबा;तुम मुझे अपना सेल नंबर दो मैं तुम्हे कॉल करूँगी और वो सॅम के लंड को उसकी पॅंट के उपर से मसल्ने लगती है उसकी आँखे किसी भूके भेड़िए की तरह चमक रही थी जिसे कई दिनो के बाद कुछ खाने को नसीब हुआ था

तभी उन्हे शबनम की आवाज़ सुनाए देती है

सॅम;शीबा से जल्दी से अलग हो जाता है और उसके सेल पे मिस कॉल मार के वो दोनो नीची चल देते है

कुछ देर और बातें करने के बाद सॅम और शबनम घर की तरफ चल देते है

 
शीबा;उन्हे अपनी खिड़के से जाता देखती रहती है

जिस दिन शीबा की शादी हुई थी उसके एक हफ्ते बाद ही मिस्टर.जाफ़री की तबीयत खराब हो गयी थी ये चूत की आग ही थी जो शीबा को अंदर ही अंदर खाए जा रही थी वो अपनी चूत की आग अपनी नौकरानी कुलसूम की चूत से घिस घिस के ठंडी करने की नाकाम कोशिश करती थी पर उस पगली को क्या पता था कि जो आग चूत मे उठती है उसे सिर्फ़ और सिर्फ़ लंड का पानी ही बुझाता है

सॅम के आने से उसकी चूत को एक नयी उम्मीद जागी थी अब उसे अपने सुने पन का इलाज मिल गया था.

कर मे शबनम सॅम को घूर घूर के देख रही थी

सॅम;अर्रे क्या हुआ भाभी ऐसे घूर क्यूँ रही हो

शबनम;तुम मिस्टर.जाफ़री की वाइफ को ऐसे घूर क्यूँ रहे थे मुझे ये सब बिल्कुल पसंद नही सॅम आएन्दा ऐसा करोगे तो वो बोलते बोलती रुक गयी उसे एहसास हो गया कि सम उसका देवर है शोहर नही

सॅम;कार के ब्रेक लगा देता है और शबनम की तरफ घूम के

उसका हाथ अपने हाथों मे लेते हुए

भाभी आपका ऐसे डांटना मुझे बहुत अच्छा लगा ऐसे लगा जैसे कोई तो है जो मुझे इतना प्यार करता है और मेरी छोटी छोटी बातें नोट्स करता है

शबनम;अपना सर दूसरी तरफ घूमाते हुए मैं तुमसे प्यार नही करती सॅम मैं तो बस वो आगे बोलने वाली थी कि सॅम उसके चेहरे को अपनी तरफ घुमा देता है और दोनो हाथों से उसे थाम लेता है

सॅम;ये बात मेरी आँखों मे देख के कहो

शबनम;का गला सूखने लगा था होंठ सुख के काँटे की तरह उसे चुभ रहे थे वो बोलने की सलाहीयत खोते जा रही थी

सॅम;उसके लबों के करीब जाके उसके होंठों के बिल्कुल इतना पास कि अगर एक पत्ता भी उनके होंठों के बीच रख दिया जाए तो वो नीचे ना गिरे उनके होंठो के बीच अटक जाए

मैं जानता हूँ भाभी आप मुझसे बहुत प्यार करती है

बोलो करती होना अगर नही करती तो खाओ मेरी कसम

शबनम;अपने आप को संभाल ते हुए सॅम के आँखों मे देखने लगती है

वो कुछ नही कहती बस वो छोटा सा हिस्सा जो उन्दोनो के लबों को दूर रखे हुए था उसे ख़त्म कर देती है गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प

वो दोनो पहली मर्तबा एक दूसरे की बाहों मे थे ऐसे कि कभी जुदा नही होना चाहते सॅम शबनम के लिप्स को पागलों की तरह चूमे जा रहा था और शबनम भी उसका साथ दे रही थी

दोनो ये भूल गये थे कि वो इस वक़्त कहाँ है जब पीछे से किसी ने हॉर्न बजाया तब उन्हे होश आया कि वो बीच रास्ते मे है

उस कार वाले ने जिसने हॉर्न बजाया था उनके पास से गुज़रते हुए उन्हे चिल्ला के कहा

आबे चोदना है तो घर लेजाके जी भर के चोद ना यहाँ रास्ते मे क्यूँ झक मरा रहा है

सॅम;उसे बोलना चाहता था पर वो तेज़ रफ़्तार से उनके सामने से निकल जाता है और शबनम के चेहरे पे एक अजीब सी खुशी छोड़ जाता है

सॅम;बडबडा ता हुआ बस्टर्ड

और दोनो चुप चाप घर की तरफ चल देते है

जब सॅम और शबनम घर पहुँचे रात के 8पी एम हो रहे थे

नजमा और महक उन्दोनो का डाइनिंग टेबल पे इंतजार कर रहे थे

नजमा;सॅम को देखते हुए अरे सॅम बहुत देर लगाई कैसी है मिस्टर.जाफ़री की तबीयत

सॅम;ठीक है अम्मी बस थोड़े कमज़ोर दिखाई दे रहे थे अंकल

नजमा;हाँ बीमारी ही ऐसी है तुम दोनो फ्रेश होजाओ फिर साथ खाना खाते हैं

और सॅम और शबनम फ्रेश होने चले जातें है

खाना खाते वक़्त सॅम की आँखे शबनम की तरफ बार बार जा रही थीं और शबनम भी उसे देख रही थी वो दोनो एक नये रिश्ते को शुरू करने के बिल्कुल करीब थे

नजमा;उन्दोनो से ऐसे ही फॉर्मल बातें कर रही थी और महक अपनी ही धुन मे खाना खाने मे बिज़ी थी उसे इन सब बातों से जैसे कोई मतलब ही नही था

सॅम;अर्रे मोटी आराम से खा

महक;सॅम को घूरते हुए कद्दू तू अपना खाना सामने देख के खा मुझे मत समझा वरना

सॅम;वरना क्या जब देखो धमकी देती रहती है होता जाता तो कुछ है नही तुझसे

नजमा;उन्दोनो के बीच बोलती हुए उन्हे चुप चाप खाना खाने को कहती है

रात 12पी एम;

सभी अपने अपने रूम्स मे चले गये थे

नजमा आज बहुत थक चुकी थी इसीलिए वो तो बेड पे गिरते ही गहरी नींद मे चली गयी महक अपने रूम मे पता नही क्या कर रही थी और सॅम बेड पे बैठा कुछ सोच रहा था वो किसी ख़याल से अपने रूम से बाहर निकल के शबनम के रूम की तरफ बढ़ जाता है

शबनम;के रूम का दरवाज़ा धकेला हुआ था और वो अंदर कपड़े चेंज कर रही थी

सॅम;उसके रूम मे बिना नॉक किए घुस जाता है और सामने खड़ी शबनम को देख उसके कदम ठिठक जाते है

शबनम;सिर्फ़ ब्रा और लहनगे मे थी और अलमारी से अपनी नाइटी निकाल रही थी

वो पीछे पलट के देखती है और सामने खड़े सॅम को देख उसका दिल ज़ोरों से धड़कने लगता है

सॅम;दरवाज़ा बंद करदेता है और शबनम की तरफ बढ़ने लगता है

शबनम;धीरे से

सॅम तुम इस वक़्त यहाँ क्या कर रहे हो प्लीज़ जाओ यहाँ से

सॅम;बिना बोले उसकी तरफ चला आरहा था

शबनम;घबराई हुए आवाज़ मे

प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़ सॅम जाओ कोई हमे एक साथ देख लेगा तो क्या सोचेगा उसकी आवाज़ मे डर और ख़ौफ़ सॉफ नज़र आ रही थी

सॅम;उसके एकदम सामने खड़ा हो जाता है और अपने दोनो हाथ उसकी कमर मे डालके उसे अपने से चिपका लेता है

जिससे शबनम की नरम नरम चुची सॅम की छाती से रगड़ने लगती है

 


शबनम;के जिस्म मे बिजली से लहर दौड़ने लगी थी उसे सॅम की मज़बूत पकड़ बहुत अच्छी लगती थी पर उसका डर उसकी मस्ती से ज़्यादा था

सॅम;उसकी आँखों मे देखते हुए आइ लव यू शबनम

और सॅम;शबनम के लिप्स पे अपने लिप्स रख देता है

वो उसके निचले होंठ को अपने मुँह मे डालके चूसने लगता है जिससे शबनम का जिस्म अकड़ने लगता है

शबनम;गलपप्प्प्प उःन्ह्ंहंहंह्न गलपप्प्प्प्प सम प्लेज छोड़ो ना गलपप्प्प्प्प उःन्ह्ंहंहंहंह्न मंजाओ ना मेरे सॅम गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प

सॅम;पे तो जैसे जुनून सवार था कई दिनो से उसे चूत नही मिली थी उसका लौडा पॅंट मे हुड़दाम मचा रहा था जिसे शबनम अपनी जांघों के बीच अच्छी तरह महसूस करसकती थी

सॅम;शबनम की ब्रा खोल देता है और शबनम को संभलने से पहले ही उसे बेड पे गिरा के उसके निपल्स को मुँह मे लेके चूसने लगता है गलपप्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प

शबनम;अब अपना कंट्रोल खो चुकी थी उसका जिस्म अब सॅम का साथ देने लगा था वो भी सॅम का सर पकड़ के अपनी चुची पे दबा रही थी अहह सॅम क्या कर रही हो उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह अपनी भाभी के साथ अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह नही ना सॅम उःन्ह्ंहंहंहंहंह्न अहह अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

सॅम;ने उसकी चुचि पे ज़ोर से काटा था जिससे शबनम की चीख निकल गयी थी पर सही वक़्त पे उसने अपने दोनो हाथ अपने मुँह पे रखके उस चीख को दबा दिया था अहह

शबनम;प्युरे तरह सॅम के क़ब्ज़े मे थी और सॅम उसकी एक चुचि को चूस्ते हुए दूसरी को बेरहमी से मसल रहा था उसके लंड की रगड़ शबनम की चूत पे पड़ने से शबनम बेकाबू हो गयी थी उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह सॅम अहह और ज़ोर से अहहहहहहहः मेरे देवर अहह अपनी भाभी को निचोड़ लो अह्ह्ह्ह्ह्ह उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह वो बोलते बोलते एकदम शांत पड़ गयी उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था

वो बेड पे बैठ जाती है और सॅम की आँखों मे देखने लगती है जो उसके पास लेटा हुआ था वो सॅम के उपर झुकती चली जाती है दोनो फिर से एकदुसरे को चूमने लगते हैं तकरीबन 10मिनट बाद सॅम शबनम का लेनहगा खोलना चाहता है पर शबनम उसे रोक लेती है

शबनम;आज नही सॅम'

सॅम;क्यूँ

शबनम;उसके कान मे धीरे से आज मेरी एम.सी का लास्ट दिन है प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़

सॅम;एक समझ दार मर्द था औरत को तकलीफ़ मे तकलीफ़ देना उसकी फ़ितरत मे नही था वो शबनम को कुछ देर चूमने के बाद उसके रूम से निकलने लगता है

फिर किसी ख़याल से वो वापस शबनम के पास आता है और उसे अपने से चिपका के

सॅम;;सुन शबनम कल रात 1 बजे मैं तेरे रूम मे आउन्गा मुझे तू दुल्हन की तरह दिखनी चाहिए मेरी दुल्हन

शबनम;शरमाते हुए हाँ मे सर हिलाती है सॅम उसे चूमता हुआ रूम से बाहर निकल जाता है और सीधा अपने रूम मे जाता है जहाँ उसे धक्का सा लगता है वहाँ आबिद उसके बेड पे बैठा उसका इंतजार कर रहा था

सॅम;तू यहाँ क्या कर रहा है

आबिद;कुछ नही बस तुम्हे न्यूज़ देना था कि मैने तुम्हारी और भाभी की सारी बातें सुन ली हैं और ये मैं कल अम्मी को बताने वाला हूँ

सॅम;की तो जैसे फॅट गयी थी

वो जल्दी से रूम का दरवाज़ा बंद करदेता है

आबिद मेरे भाई तू क्यूँ अम्मी को बीच मे ला रहा है हम दोनो भाई है ना बैठ के बात करतें है

आबिद;भाई अच्छा उस दिन इतनी ज़ोर से थप्पड़ मारे थे तब क्या मैं तुम्हारा भाई नही था

सम;अर्रे तू भी कितना पागला है वो तो बस उस्दिन मेरा मूड ऑफ था

और सॅम आबिद के पास बैठ के उसे फुसलाने लगता है

आबिद;मैं तुम्हारी इन बातों मे नही आने वाला भाई

सॅम;तो क्या चाहिए तुझे

आबिद;सॅम के लंड पे हाथ रखते हुए तुम जानते हो मुझे क्या चाहिए

जब सॅम उसे नही रोकता तो आबिद की हिम्मत बढ़ जाती है और वो सॅम की पॅंट खींच के उसका लंड बाहर निकाल लेता है और बिना देर किए उसे अपने मुँह की गहराइयों मे डालने लगता है गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प

सॅम;आराम से हरामी अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सॅम के लंड मे तनाव आजाता है शबनम की चूत ना सही आबिद की गान्ड ही सही अहह धीरे कर मादर चोद अहह खा जाएगा क्या

आबिद;हाँ खा जाउन्गा गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प वो सॅम के लंड की एक एक इंच को चाटता चला जाता है और अपनी पॅंट भी उतार देता है

सम;से कंट्रोल नही होता और वो आबिद को बेड पे गिरा के उसे डोगी स्टाइल मे करलेता है और एक झटके मे अपना मुस्सल लंड उसकी गान्ड मे डालने लगता है

आबिद;बेचारा गान्ड के दर्द का मारा बुरी तरह तड़प उठता है अहह ऊऊहह अहह स्श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

आराम से भाई मेरी गान्ड है भाभी की चूत नही अहह धीरे अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह दर्द होता है ना भाई अहह

सॅम;तेरी माँ को चोदु साले हरामी गान्डु तुझे तो मैं ऐसे मारता हूँ कि तेरी गान्ड मे ट्रक भी घुस जाए अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ले साले हाआआआआ वो तूफ़ानी रफ़्तार से शबनम की चूत का घुसा आबिद की गान्ड मे निकल ने लगता है अहह गान्डु मुझे ब्लॅकमेन्ल करता है हााआआ ले साले हाआआआआ

आबिद; से बोलना भी दुश्वार था वो बस तकिये मे मुँह छुपाए अपनी गान्ड मे सम के लंड का मज़ा ले रहा था उनह भाई ऐसे ही रूज़ छोड़ोंगे ना हााआअ ऐसे ही अहह

सॅम;चुप कर मदर्चोद अगर तूने अपना मुँह बंद रखा तो तेरी गान्ड मे कभी कभी लंड जाता रहेगा पर अगर तूने अपना मुँह किसी के सामने खोला तो तेरी गान्ड मे लंड नही लोहे की रोड जाएगी समझा अहह

आबिद;हाँ नही मुँह खोलूँगा भाई अहह बस तुम कभी कभी मेरी गान्ड खोलते रहा करो अहह

15मिनट की गान्ड मराई के बाद सॅम अपना पानी आबिद की गान्ड मे डालके लेट जाता है और आबिद को रूम से बाहर जाने का कह देता है और उसे अपना मुँह बंद रखने का भी याद दिला देता है

आबिद;गान्ड पे हाथ रख के अपने रूम मे चला जाता है

सॅम;अपने बेड पे सिर्फ़ अंडरवेर मे सोया हुआ था और नजमा उसके पास बैठी उसके बालों को सहला रही थी ये उसकी रोज की आदत थी पर आज उसे सॅम पे बहुत प्यार आरहा था सॅम के चेहरे मे उसे उसके शोहार का अक्स नज़र आता था इसीलिए नजमा सॅम की इतनी शरारतों के बावजूद उसे बेन्तेहा प्यार करती थी पर ये प्यार सिर्फ़ एक माँ बेटे वाला था जो प्यार सॅम नजमा से करता था उसके शुरुआत होना बाकी थी नजमा के दिल मे

सॅम;अपनी एक आँख खोल के सामने बैठी नजमा को देख लेता है और दुबारा आँखे बंद करलेता है वो जाग चुका था पर अचानक उसके दिमाग़ मे एक आइडिया आता है और वो

बडबडाने लगता है

अम्मी आइ लव यू अम्मी मैं आपसे सच्ची मोहब्बत करता हूँ

अगर आप मुझे नही मिली तो मैं अपनी जान दे दूँगा आइ लव यू अम्मी सूओ मच

 


नजमा;का दिल ये सुनके ज़ोरों से धड़कने लगता है उससे लगने लगता है कि सॅम ख्वाब मे उसे देख के बडबडा रहा है वो ये कहाँ जानती थी कि सॅम पूरी तरह जाग चुका है उसे सॅम पे बेन्तेहा प्यार आने लगता है और वो सॅम की पेशानी को चूमने उसपे झुकती है तभी

सॅम;बड़बड़ाता हुआ उठ कर बैठ जाता है

अम्मी मुझे छोड़ के मत जाना मैं मर जाउन्गा

नजमा;अर्रे बेटा सॅम क्या हुआ कोई ख्वाब देखा तूने

सॅम;सामने बैठी नजमा को ऐसे अंदाज़ मे देखता है जैसे सच मे वो ख्वाब देख के उठा है और वो नजमा से चिपक जाता है

हाँ अम्मी मैने एक ख्वाब देखा

वो बोलते बोलते फिर से नजमा से ज़ोर से चिपक जाता है इसबार उसकी पकड़ काफ़ी मज़बूत थी जो सीधा नजमा की चुचि उसकी नंगी छाती मे धँस गयी थी जिससे नजमा के मुँह से उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह से सिसक निकल जाती है

नजमा;उसके सर पे हाथ फिराने लगती है और सॅम नजमा की गर्दन पे चूमता है मुह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

अम्मी आप मुझे छोड़ के तो नही जाओगी ना

नजमा;मुस्कुराते हुए ऐसे पकड़ेगा तो कैसे कहीं जासकती हूँ मैं अब छोड़ भी

सॅम;अम्मी बोलो ना वरना मैं नही छोड़ने वाला

नजमा;अच्छा बाबा नही जाउन्गी अब तो छोड़ दे

हालाँकि नजमा को भी सॅम के बाहें अच्छी लगने लगी थीं

सॅम;इस बात का फायेदा उठा के नजमा को घुमा के बेड पे सुला देता है और उसपे झुक जाता है

नजमा;अहह छोड़ बेशरम क्या कर रहा है कोई अजाएगा

सम;आने दो मुझे दूध पीना है

नजमा;उसे घूरते हुए ऊहह अब समझी छोड़ वरना मुझसे बुरा कोई नही होगा सॅम बोल देती हूँ

सॅम;पहले मुझे दूध पिलाओ

नजमा;नही पिलाउन्गी अब तू बड़ा हो गया है

सॅम;मुझे पीना है और वो मैं पीके रहूँगा

ये कहते हुए सॅम नजमा की निघट्य के दो बटनो को खोल के उसकी एक चुचि पे अपना मुँह टिका देता है

नजमा;अहह सिसक उठती है छोड़ ना बेशरम अहह इस मे दूध कहाँ है अहह ऊइईई अम्मी गगगगगगगगग

सॅम;मैं निकाल लूँगा गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प

वो नजमा की एक चुचि को मसलके दूसरी मुँह मे भरे जा रहा था जिससे नजमा की हालत खराब होने लगी थी

नजमा;उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह बस कर सॅम बेटा मुझे अहह नही ना उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह कोई देख लेगा तो क्या सोचेगा अहह उःन्णननननणणन् प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़

सॅम;मैं किसी से नही डरता गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम के इतने जबरदस्त चुचि चूसने से नजमा का विरोध ख़तम सा हो गया था और वो एक अलग ही दुनिया मे पहुँच चुकी थी वो अब सॅम का सर पकड़ के उसे अपनी चुचि चूसा रही थी उसके मुँह से एक अजीब से सिसॅक निकल रही थी जिसमे जोश और पागल पन दोनो थे

जोश अपने बेटे को इस उमर मे चुचि चूसाने का और जुनून उसके साथ कुछ कर गुज़रने का

नजमा;अहह इतना प्यार करता है तू मुझसे

सॅम;इससे भी ज़्यादा बहुत जल्द मैं आपको वो बताउन्गा गलपप्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प

नजमा;उनह कैसे अहहहहहहहः

सॅम;जब मैं आपको पूरा नंगा करके आपके बेड पे रात भर चोदुन्गा

नजमा;अपनी आँखे खोल देती है और सॅम को ज़ोर से पीछे धकेल के उठ जाती है और अपनी नाइटी के बॅटन लगा के उसे घूरते हुई

बेशरम ये करना चाहता है तू मेरे साथ कम्बख़त डूब मर और वो उसके रूम से चली जाती है

सॅम;अपने लंड को पकड़ के सोचने लगता है

दुर्घटना से देर भली बेटा सॅम तूने शाएद थोड़ी जल्द बाजी करदी

पर जाने दे मछली को चारा तो दे ही दिया है तूने कब तक चारा नही खाती देखता हूँ

और वो मुस्कुराता हुआ बेड से उठ के बाथरूम मे घुस जाता है

 
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