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Incest एक राजा और चार रानियाँ complete

दूसरे दिन जब नजमा;सॅम के रूम के करीब पहुँची तो रूम का दरवाज़ा खुला था पर सॅम बेड पे नही था बाथरूम में से पानी बहने की आवाज़ नजमा को एहसास दिलाती है कि सॅम नहा रहा है..

वो सॅम के लिए नाश्ता बनाने किचिन में चली जाती है

जब सॅम;हॉल में पहुँचा तो बिल्कुल खामोश था उसके चेहरे पे कोई भाव नही थे

नजमा;उसे नाश्ते की प्लेट सर्व करती है

एक पल के लिए दोनो की नज़रें मिलती है

सॅम;अम्मी मुझे आपसे कुछ बात करनी है

नजमा;हाँ बोल

सॅम;अम्मी मुझे माफ़ कर दीजिए मेने जो कुछ किया है शायद उसके सज़ा ये है कि में आपके नज़रों से हमेशा हमेशा के लिए दूर चला जाऊ

इसीलिए में ने ये फ़ैसला किया है कि में यूके जा रहा हूँ और वहीं रहूँगा

नजमा;के तो जैसे हाथ पैर फूल गये थे

तुझे मेरे बात इतनी बुरी लगी कि तूने इतना बड़ा फ़ैसला कर लिया

सॅम;कुछ नही कहता और चुप चाप वहाँ से चला जाता है

नजमा;खुद को कोस्ती है कि आख़िर मेने उसे ऐसा क्यूँ कहा कि दूर होज़ा मेरे नज़रों के सामने से

सारी ग़लती मेरी है मैं सॅम को कहीं जाने नही दूँगी कभी नही वो ठान लेती है

पर सॅम भी जाने की ठान चुका था.

कमाल की बात तो ये थी कि ग़लती सॅम ने किया था पर अफ़सोस नजमा को हो रहा था गुस्सा नजमा को होना चाहिए था पर रिएक्ट सॅम कर रहा था

दिल तो नजमा का टूटा था दिल के जिस कोने में एक धुंधली सी तस्वीर उभर के आई थी नजमा कि वो सॅम ने मिटाने की कोशिश किया था

ये इश्क़ नही आसान बस इतना समझ लीजे एक आग का दरिया है और डूब के जाना है.

आज पहली बार नजमा का दिल सॅम के जाने से हर्ट हुआ था इतना हर्ट कि कोई सोच भी नही सकता जब नजमा ने सॅम को फीरोजा की बाहों में देखी थी तब भी उसे इतना हर्ट नही हुआ था बल्कि सच कहीं तो उस वक़्त नजमा को जलन हुई थी जिसे उसने गुस्से की शकल में एक कड़वा घूट समझ के पी लिया था

पर आज जब सॅम उसे हमेशा हमेशा के लिए दूर जाने की बात कर रहा था तो पता नही दिल के किसी कोने में कोई चीखा ज़रूर था.

नजमा;सॅम के रूम में पहुँच जाती है जहाँ सॅम कपड़ों की पॅकिंग कर रहा था

सॅम;नजमा को देखता है और फिर दुबारा अपने काम में लग जाता है

नजमा;सॅम तू कहीं नही जा रहा है

सॅम;में जा रहा हूँ अम्मी

नजमा;मेने कहा तू कहीं नही जा रहा

सॅम;में जा रहा हूँ मतलब जा रहा हूँ

नजमा;सॅम के पास जाके उसके हाथ से कपड़े छीन लेती है और एक थप्पड़ उसके गाल पे जड़ देती है.

आँसू सॅम की आँखों में आने चाहिए थे पर रो नजमा रही थी..

तू खुद को समझता क्या है मैं तेरी अम्मी हूँ मेने कहीं तू नही जाएँगा और गर तू जाएगा तो अपनी अम्मी को ज़िंदा नही देख पाएगा

वो रुकी नही रोते हुए सॅम के रूम से निकल गयी.

सॅम;;हाथ में कपड़े पकड़े उसे जाता देखता रह गया.

महक;;जब कुछ देर बाद सॅम के रूम में आई तो सॅम बेड पे लेटा हुआ था

क्यूँ जवान मेने सुना कि तू जा रहा है

तुसी ना जाओ ना

महक;के चेहरे पे मुस्कान थी और होंठो पे शरारत.

वो सॅम और नजमा के बीच की सारे बातें सुन चुकी थी

सॅम;ठंडे आहें भरते हुए

तू अगर मुझे रोकते हुए मर भी जाती तो में नही रुकता पर अम्मी की बात में नही टाल सकता

महक;मरे मेरे दुश्मन तेरे जैसे..में क्यूँ तुझे रोकू जा जाना है तो जा

सॅम;बेड से उठ जाता है और महक के करीब आके उसकी आँखों में देखते हुए

सच में तुझे कोई फरक नही पड़ता

महक;नही

सॅम;मेरे आँखों में देख के कह ना फिर

महक;;तू जाना मुझे बहुत काम है.

सॅम;;महक को अपनी बाहों में कस लेता है इधर देख मेरी तरफ

महक;सॅम का चेहरा देखने लगती है.

बोल क्या है

सॅम;;अगर में चला गया तो तुझे कोई फरक नही पड़ेगा

महक;के होंठ लरज के रह जाते है दिल तो उसका भी दुखा था सॅम के जाने का सुनके पर उसके अहम ने उसे मजबूर किया हुआ था.

तुझ जैसे गंदी इंसान को कौन अपने घर में रखना पसंद करेगा महक ने घूरते हुए सॅम को कहा

सॅम;अब जब में गंदा हूँ ही सब की नज़र में तो क्यूँ ना तेरे साथ भी

महक;चुप कर कमिनाते और छोड़ मुझे वरना में अम्मी को आवाज़ दूँगी

सॅम;;सज़ा तो तुझे मिलेगी मुँह खोलने की मोटी

और अचानक महक के कुछ बोलने से पहले सॅम अपने होंठ महक के काँपते होंठों पे रख देता है.

 
सॅम;;गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प निचला होंठ उसने बुरी तरह काट लिया था जिससे महक के होंठ से खून निकलने लगा था वो रुआंसी हो गयी थी

महक;ये तूने क्या हरकत की सॅम छोड़ मुझे और महक सॅम के पेट में मुक्का जड़ते हुए वहाँ से भाग जाती है.

सॅम;अपने होंठों पे लगा महक का खून सॉफ करते हुए

मेरी जान तूने शेर के मुँह को खून चखा दिया है अब तुझे मुझसे कोई नही बचा सकता.

नजमा;;महक को वॉश बेसिन में अपना चेहरा सॉफ करते हुए देखती है

नजमा;क्या हुआ बेटा तेरे मुँह से खून कैसे निकल रहा है

महक;;वो अम्मी जी वो में ववो पता नही होंठ फटने से शायद खून निकल रहा होगा

नजमा;दिखा मुझे.

महक;जल्दी से अपना चेहरा छुपाते हुए वहाँ से भाग जाती है..

नजमा;;ऑफीस के लिए निकलने ही वाली थी कि उसे फीरोजा का फोन आता है.

नजमा;हेल्लो फीरोजा कैसी हो सब ठीक तो है ना

फीरोजा;बाजी वो अब्बू की तबीयत ठीक नही है आप यहाँ आ सकती हो क्या अभी

नजमा;पर हुआ क्या अब्बू को कुछ बताओ तो

फीरोजा;बस आप यहाँ आ जाओ

नजमा;ठीक है में बस अभी निकल रही हूँ

और फोन डिसकनेक्ट हो जाता है

नजमा;काफ़ी परेशान होचुकी थी वो कुछ सोचते हुए सॅम और महक को आवाज़ देती है

सॅम;क्या हुआ अम्मी सब ठीक तो है ना

महक;भी नजमा का परेशान चेहरा देख पूछ बैठी

नजमा;वो बेटा तुम्हारी खाला का फोन आया था अभी अब्बू की तबीयत शायद कुछ ठीक नही है मुझे अभी जाना होगा.

सॅम तुम ऐसा करो ऑफीस चले जाओ और वहाँ का काम देख के जल्दी घर आ जाना मैं शायद कल ही आ पाउन्गी

सॅम;आमी में भी आपके साथ चलता हूँ

नजमा;जानती थी ये वहाँ जाने को क्यूँ उछल रहा है

नाना तो रह जाएँगे ये और फीरोजा एक कमरे में शुरू होज़ाएँगे

नजमा;नही तुम यहीं रूको ऑफीस का काम भी देखना है और महक बेटा तुम घर के बाहर नही जाओंगी समझी

महक;जी अम्मी

नजमा;जल्दी जल्दी कुछ समान लेके अपनी कार में बैठ के निकल जाती है

सॅम;नजमा के जाने के बाद महक की तरफ देखते हुए

अर्रे मोटी ये तेरे होंठ को क्या हुआ

सॅम;के काटने से महक का नचला होंठ थोड़ा सूज गया था

महक;;तिलमिलाते हुए तेरा सर हुआ है कम्बख़त मारे अब तो अम्मी भी नही है अब तुझे मुझसे कौन बचाएगा

और महक सॅम पे टूट पड़ती है

वो सॅम को सोफे पे गिरा के उसके उपर चढ़ जाती है और इधर उधर जहाँ जगह मिले वहाँ घूँसे मारने लगती है

सॅम;हंसता चला जाता है उसे तो जैसे गुद गुदी सी हो रही थी

सॅम;अचानक ही महक की दोनो कलाईयों को पकड़ के उसे अपने नीचे करलेता है और उसके उपर चढ़ जाता है

सॅम;महक तू ये कैसे भूल गयी कि छुरी तरबूज़ पे गिरे या तरबूज़ छुरी पे कटता हमेशा तरबूज़ ही है..

महक;;सॅम का इरादा भाँप चुकी थी वो बस किसी भी तरह वहाँ से निकलना चाहती थी क्योंकि वो इन दिनो में एक बात तो जान चुकी थी कि जब सॅम उसे प्यार से चूमता है तो वो खुद अपने आप में नही रहती और वो चाह कर भी सॅम को रोक नही पाएगी

छोड़ मुझे कमिनाते वरना में चिल्लाउन्गी

सॅम;;चिल्ला जितनी ज़ोर से चिल्लाना चाहती है चिल्ला

महक;बच्ऊऊऊऊऊऊऊऊ मुझे इस कमिनाते से बच्ऊऊऊऊ

वो सच में चिल्लाने लगती है

सॅम;फ़ौरन अपने होंठों से उसकी चीख अपने अंदर समा लेता है गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;का किसिंग का अंदाज़ हाईईईईईईईईईईईई उसके होंठ किसी साकी की शराब की तरह थे एक बार जो किसी के होंठों को चूम लें तो बस उसे अपना आदि बना लें

ये उसका दीवाना पन था या मोहब्बत का सुरूर..महक सॅम के नीचे ना कोई हरकत कर रही थी और ना कोई विरोध.

वो तो जैसे सॅम के होंठों का सारा रस पीते जा रही थी

महक;की आँखे बंद थी और ज़ुबान सॅम के मुँह में ऐसा लग रहा था मानो जैसे कोई बरसों का प्यासा दो घूंठ पानी की तलाश में कुछ ढूँढ रहा हो

दोनो बस एक दूसरे की ज़ुबान चूस्ते जा रहे थे

तकरीबन.10मिनट बाद बाहर बाइक के हॉर्न की वजह से वो दोनो एक दूसरे से अलग हुए पर मोहब्बत का प्याला वो दोनो पी चुके थे

महक;की आँखे लाल होचुकी थी उस में वो तड़प सॉफ देखी जासकती थी जो एक माशुका की आँखों में होती है अपने माशूक को पा लेने की

सॅम;सोफे पे से उठ के महक को अपने सीने से लगा लेता है

सॅम;एक और

महक;उनह हूँ छोड़ मुझे जाने दे ना

सॅम;बस छोटी सी

महक;अहह छोड़ ना बाबा क्या कर रहा है होश में तो है ना तू

सॅम;गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प

दोनो फिर से एक दूसरे में खो जाते हैं

शायद महक होश में नही आना चाहती थी इसीलिए वो सॅम को और कस के अपने से चिपका के चूम रही थी

 
भाई बहेन की मोहब्बत ने एक नई राह पे अपने कदम बढ़ाने शुरू कर दिए थे ये रास्ता उन्हे किस मंज़िल पे लेजाएगा ये तो वो खुद भी नही जानते थे पर कहते है ना

प्यार का अंजाम किसने सोचा हम तो मोहब्बत किए जा रहे है

कुछ देर बाद अचानक बाहर बिजली चंकी और आसमान में बादल घिर आए

उस बिजली की आवाज़ ने पता नही महक के दिल पे क्या ज़ुल्म ढाए कि वो एक झटके में सॅम से अलग हो गयी और सोफे पे से उठ के खड़ी हो गयी

सॅम;उसके इस अजीब से बर्ताव से बिदक सा गया था

फिर सॅम को एहसास होता है कि महक जिस जगह बैठी थी वहाँ एक पानी का धब्बा सा बन गया है इसका मतलब महक सॅम की बाहों में पहली मर्तबा सिर्फ़ किस करने से पानी छोड़ चुकी थी

महक;सॅम को घूरते हुए देखने लगती है

देख सॅम आइन्दा मेरे करीब भी आने की कोशिश मत करना वरना मुझसे बुरा कोई नही

सॅम;मुस्कुराता हुआ वो पानी के निशान पे अपनी दो उंगलियाँ घुमाता है और चिप चिपा सा वो पानी अपनी नाक के पास लेक पहले सूँघता है और फिर वो दोनो पानी से भीगी हुई उंगलियाँ अपने मुँह में डालके चूस लेता है

महक;;आँखे फाडे उसे देखती रह जाती है

सॅम;महक को पकड़ने ही वाला था कि फोन की रिंग बजती है

ये फोन ऑफीस से था और सॅम को उदास दिल से ऑफीस जाना पड़ता है

महक;अपने कॉलेज चली जाती है.

ऑफीस में भी सॅम का दिल नही लगता वो महक को फोन लगाता है

महक;क्या बात है कमिनाते आज कैसे फोन किया

सॅम;बस मेरे जान की याद आ गई

महक;;ओये ओये ओये शकल देखी है अपनी आयने में मैं कोई तेरी जान वान नही हूँ समझा ना आगर मुझे अयन्दा जान कहा ना तो भुर्ता बना दूँगी समझ ले

सॅम;हाई मेरी जान तेरी इसी अदा का तो में दीवाना हो गया हूँ

महक;मुस्कुरा रही थी पर दिखा गुस्सा रही थी

देख सॅम बहुत हुआ मुझे ये सब ठीक नही लगता में फोन रख रही हूँ

सॅम;एक किस्सी तो देदो जी

महक;जुत्ते दूं क्या वहाँ आके

सॅम;मुआहह

सॅम खुद महक को इधर से फोन पे किस कर देता है

महक;चिल्लाते हुए कमिनता

और महक फोन काट देती है

आज पता नही इन्दोनो को हो क्या गया था वो दोनो ऐसे बिहेव कर रहे थे जैसे भाई बहेन नही बल्कि लवर्स हों

महक;का दिल जहाँ सॅम को देखने के लिए मचल रहा था

वहीं सॅम का दिल महक को बाहों में भर के पता नही क्या क्या करने के लिए कह रहा था.

जैसे तैसे शाम हो जाती है और दोनो घर की तरफ निकल जाते है.

जब सॅम ;घर पहुँचता है तो वो सीधा महक के रूम में जाता है

महक;आयने के सामने खड़ी थी उसने टॉप और स्कर्ट पहन रखी थी

गोरी गोरी सफेद टाँगें और चिकना मखमली पेट सॅम सॉफ देख सकता था

अपने पीछी खड़े सॅम को जब महक आयने में देखती है तो उसके चेहरे पे मुस्कान आजाती है

सॅम;कहीं जा रही हो महक

महक;इतराते हुए हाँ वो मेरे फरन्ड की बर्तडे पार्टी है ना वहीं जा रही हूँ

सॅम;ऐसे कपड़े पहन के

महक;क्यूँ क्या खराबी है इन में

सॅम;तू ऐसे कपड़े क्यूँ पहनती है महक तू सादे सिंपल ड्रेस में कितनी प्यारी लगती है

महक;उफफफफफफ्फ़ हो ओल्ड मॅन

आज कितने दिनो के बाद तो मौका मिला है ये सब पहनने का अम्मी घर पे जो नही है में तो यही पहन के जाउन्गी.

सॅम;उसे कुछ बोल पाता इससे पहले बाहर कार का हॉर्न बजता है

महक;सॅम को तिर्छी नज़रों से देखती है ओके बाइ ओल्ड मॅन.

हाँ सुनो मुझे प्लीज़ पिकप करने मत आना

और महक अपनी फरन्ड सीमा के साथ कार में बैठ के चली जाती है

आज सॅम को अजीब सा फील हो रहा था जैसे कुछ अन होनी होने वाली है

जैसे कुछ बुरा

वो खुद को समझाता है पर उसका दिल नही मानता और वो उसे उलझन में घर के अंदर आजाता है.

खाना खाने के बाद सॅम टी.वी ऑन करके इधर उधर चॅनेल्स बदलने लगता है पर उसे कुछ भी अच्छा नही लगता.

वो क्लॉक की तरफ देखता है रात के 10 बज रहे थे

महक को पार्टी में गये हुए 3 घंटे होचुके थे

तभी सॅम के मोबाइल पे महक का कॉल आता है

सॅम;खुश होके जैसे ही फोन रिसीव करता है उधर से महक की खौफनाक चीख सुनाई देती है

महक;सॅम बच्ऊऊऊऊऊऊऊऊऊ मुझे प्लेआसेज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ यहाँ प्लाज़ा होटेल्ल्ल्ल्ल्ल के सामने जल्दी आअजाआओ सॅम

और फोन कट हो जाता है

सॅम;हेलो हेलो महक हेलो करता रह जाता है.

वो बिजली की तेज़ी के साथ खड़ा होता है और अपनी बाइक निकाल के आँधी की तरह घर से निकल जाता है.

 
जब महक और उसकी फरन्ड सीमा की पार्टी से वापस घर आ रही थी

तब अचानक उनकी कार पंक्चर हो गयी वो जैसे ही कार से नीचे उतरे उनके सामने उस इलाक़े का जाना माना गुंडा बिल्ला और उसका पार्ट्नर सल्या खड़े थे

बिल्ला;क्या हुआ जाने मॅन

सुलया;भाई माल एक नंबर है ये वाली मेरी और वो वाली आपकी

दोनो शराब के नशे में धुत्त थे और उनके हाथ में एक बड़ा सा चाकू भी था

महक और सीमा घबरा के वापस कार में बैठ जाते हैं

और कार के शीशी उपर चढ़ा लेते है..और तभी महक सॅम को फोन लगाती है

बिल्ला;अर्रे बचके जाएगी कहाँ छम्मक छल्लो

सुलया';अपने हाथ की दारू की बॉटल कार के शीशे पे मार देता है

जिससे महक और सीमा बुरी तरह घबरा जाती है.

बिल्ला;अपने हाथ के चाकू से कार के शीशी पे ज़ोर से वार करता है और दो टीन बार में ही शीशा टूट जाता है

अब दोनो लड़कियाँ बुरी तरह घबरा चुकी थी वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगती हैं पर उस अंधेरे में उनकी आवाज़ सुनने वाला कोई नही था उपर से बारिश भी शुरू होचुकी थी

बिल्ला;अपना हाथ अंदर डालके कार का गेट खोल देता है

और महक के बाल पकड़ के उसे बाहर खींच लेता है

साली चिल्लाएगी ना तो ये देख पूरा का पूरा अंदर घुसेड के पेट में आठ का आकड़ा बना दूँगा चुप कर साली.

सुलया;अर्रे भाई ये चिकनी बहुत शोर मच्चा रेली है दूं क्या इसको

बिल्ला;देख ना साली कपड़े तो धन्दे वाली के जैसे पहनी है और चिल्ला ऐसे रही है जैसे बहुत शरीफ हो चल सुलया उतार इसके कपड़े

महक;बच्ऊऊऊओ नहियीईईईईईईईईईईईईईईईई.

बिल्ला की बात सुनके सुल्लया अपने हाथ का चाकू महक की गर्दन पे लगा देता है

और एक हाथ से महक का टॉप खींच लेता है महक ने अगर ब्रा नही पहनी होती तो शायद आज वो बीच रास्ते में बिल्कुल टॉपलेस हो जाती

महक;;रोने लगी थी वो अपने आप को कोसने लगती है कि क्यूँ उसने सॅम को उसे पिकप करने के लिए मना किया था

कार में बैठी सीमा भी जैसे हक्का बक्का से रह गई थी ये सब देख के उसके तो मुँह से आवाज़ भी नही निकल पा रही थी

बिल्ला;आगे बढ़ता है और चाकू महक के शॉर्ट में डालके उसे चीर देता है

वो दोनो अपने गंदे पीले पीले दाँत दिखा के हँसे जा रहे थे और महक अपना शॉर्ट भी उतर जाने से किसी कोमा के पेशेंट्स की तरह खड़ी थी

सीमा;भैया हमे जाने दो प्लीज़ वो रोए गिड गिड़ाई पर उसकी मासूम गुहार का उन्दोनो पे कोई असर नही होने वाला था

बिल्ला;हाहः सुलेआ देख तेरी वाली मुझे भैया बोलती है साली

भैया नही सैयाँ चलो आज करेंगे ताता थैया,हाहहः

बिल्ला;के हाथ महक की ब्रा को खोलने के लिए आगे बढ़ते है.

तभी

एक तेज रफ़्तार बाइक आके बिल्ला की जाँघ के बीचो बीच लगती है

बिल्ला;अहह ज़ोर की चीख के साथ 6फिट दूर जाके गिरता है

सुलया;तू कौन है रे हरामजादे

सॅम;;तेरा बाप

अपनी बहेन महक को सॅम अपनी जॅकेट पहना के जैसे ही मुड़ता है उसके सामने बिल्ला और सुलया अपने हाथों में तेज़ धार चाकू लिए उसकी तरफ बढ़तें है.

पर सॅम के सर पे तो जैसे खून सवार हो गया था उसे बस महक के चीखे ही सुनाई दे रही थी

सॅम का ढाई किल्लो का हाथ जब बिल्ला के कन पटी पे पड़ता है तो उसे अपनी माँ का पीया हुआ वो दूध याद आजाता है जो उसने एक ही बार पिया था

वो चक्कर ख़ाके ज़मीन चाटने लगता है

सुलया ;अपने गुरु को देख सॅम पे चाकू से वॉर करता है पर सॅम नीचे झुक के अपने जूडो कराटे वाली किक सुलया की छाती पे रख देता है जिससे सुलया के मुँह से दारू के साथ साथ खून भी निकलने लगता है

दोनो ज़मीन पे चित पट पड़े थे और सॅम बिल्ला की छाती पे पैर रख के उसे कहता है

आयन्दा इस इलाक़े में नज़र भी आए ना तुम दोनो तो बेटा याद रखना लोही खेए रोड पीछे से डालूँगा और मुँह में से निकालूँगा.

दोनो इस लायक ही नही बचे थे कि कुछ कर पाते तभी वहाँ पोलीस की वेन आ जाती है और दोनो बदमाशों को कार में भर के पोलीस स्टेशन ले जाती है...

सॅम;;सीमा के अब्बू को फोन करता है और कुछ देर में वो भी वहाँ आजाते है और सॅम का शुक्रिया अदा करके सीमा को अपने साथ लेजाते है.

महक;;कार के फ्रंट टाइयर के पास बैठी रो रही थी वो अभी तक सदमें में थी

सॅम;उसे सहारा देके उठाता है और बाइक पे बैठके घर की तरफ चल पड़ता है.

महक;अभी भी पीछे बैठी बैठी सिसक रही थी

जैसे ही वो दोनो घर में पहुँचे महक;

वहीं नीचे फर्श पे बैठ के ज़ोर ज़ोर से रोने लगती है

मुझे माफ़ करदो भाई मुझे माफ़ करदो अगर आज तुम नही आते तो

बस वो इतना बोलती जा रही थी और आँसू उसकी आँखों से मुसलसल बह रहे थे

सॅम;महक मेरा बच्चा ऐसे रोते नही ना जब तक तेरा भाई ज़िंदा है तुझे कोई कुछ नही करसकता चल खड़े होज़ा शाबाश.

और सॅम;महक को अपने कंधे का सहारा देके उसके रूम में ले जाता है

 


महक;किसी बच्ची की तरह सॅम से चिपकी हुई थी

उसे ये भी फिकर नही थी कि वो सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में है.

सॅम;अब रोना बंद भी कर चुप होज़ा महक प्लीज़

महक;;सॅम अगर तू सही वक़्त पे नही आता तो

सॅम;मेरे आँखों में देख और सॅम महक के दोनो गाल पकड़ के अपनी तरफ घुमा लेता है

तू मेरी अमानत है मेरी जान है और जो कोई मेरी जान की तरफ ग़लत नज़र से देखेगा वो जान से मार दिया जाएगा.

महक;को आज पता नही उन आँखों में कौनसा समुंदर नज़र आ रहा था जिसमें वो डूब के मर जाना चाहती थी

वो खामोश होचुकी थी पर होंठ अब भी कांप रहे थे जिस्म अब भी थर थारा रहा था.

वो सॅम की मज़बूत बाहों में समा जाना चाहती थी सॅम उसे कोई फरिश्ते की तरह नज़र आ रहा था .

महक;इतनी मोहब्बत करता है तू मुझसे सॅम

सॅम;कोई शक

महक;बिल्कुल नही

सॅम;वैसे तू इन छोटे से कपड़ों में भी बहुत अच्छी लग रही है

महक;अपने आप को देखती है और शर्म ओ हया के बादल उसे घेर लेते है वो हल्के से सॅम की छाती पे मुक्का मारती है और फिर से सॅम की छाती से चिपक जाती है

दोनो पानी में भीगे हुए थे जिस्म की आग बदन के कपड़ों को धीरे धीरे सूखा रही थी पर उन्हे ये कपड़े शायद बोझ लगने लगे थे

दोनो भाई बहेन एक दूसरे की छाती से चिपके लंबी लंबी साँसें लेरहे थे

अचानक महक के हाथ सॅम को और कसने लगते है और सॅम की भी पकड़ महक पे बढ़ जाती है बाहर बिजली ज़ोरों से गरजने लगती है.

वो हालत वो लम्हे वो वक़्त किसी के इख्तियार में नही था

महक;अपना सर उठा के सॅम की आँखों में देखती है

और सॅम अपने दोनो हाथों से महक की ब्रा का हुक खोलने के कगार पे था

बस उसे महक की हाँ का इंतजार था

महक;पहली मर्तबा अपने नाज़ुक गुलाबी काँपते होंठ सॅम के लिप्स पे रख देती है.गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प

और सॅम;महक की ब्रा उसकी छाती से निकाल देता है यही वो पल था जब दो बदन एक होने वाले थे

दोनो भाई बहेन एक दूसरे को हर जगह चूम रहे थे चेहरे का कोई हिस्सा ऐसा नही बचा था जहाँ महक ने सॅम को नही चूमा होगा.

सॅम;महक को बेड पे लेटा देता है और नीचे झुक के उसकी पैंटी उतारने लगता है.

महक;;पैंटी पकड़ लेती है

और फिर कुछ सेकेंड बाद छोड़ देती है.

सॅम;महक की पैंटी उसकी कमर से नीचे उतार चुका था लाल मखमली गुलाबी लिप्स वली महक की चिकनी बिना बाल वाली चूत सॅम के मुँह के सामने थी

सॅम;अपने होंठों से पहले महक की चूत को चूमता है जिससे उसकी बरसों की सोई हुई चूत जाग जाती है और अपने महबूब के आमद पे खुशियाँ मनाने लगती है

सॅम;दोनो उंगलियों से महक की चूत के लिप्स को चीरता है उसे अंदर एक गुलाबी परदा नज़र आता है सॅम अपनी ज़ुबान को और बाहर निकाल के उस पर्दे को छूने के लिए अपनी ज़ुबान महक की चूत में घुसाता चला आजाता है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

महक;दोनो हाथों से बेड शीट पकड़ लेती है ये पहली मर्तबा था उसकी ज़िंदगी में जब कोई मर्द उसके उस नाज़ुक हिस्से को चाट रहा था आज तक तो उसने भी कभी अपनी चूत को इतने प्यार से नही देखा होगा जितने प्यार से सॅम उसे चाट रहा था

अहह सॅम अहह मत कर रे ऐसे अहहहहहहहहहः मुझे अहह ऊईई अम्मी जी पता नही तू क्या ढूँढ अहह रहा है रे ज़ालिम अहहहहहहहः ये सिसक ये जोश सॅम को और अंदर तक चूत चाटने पे मजबूर किए जा रहा था

सॅम;;गलपप्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प महक मत रुक मुझे गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प

महक;अहह अहह स्शह उसकी चूत का दाना अपने शब्बाब पे था वो किसी मटर के दाने की तरह फूल गया था

सॅम;जानता था अगर महक झड गयी तो शायद वो आगे कुछ ना करने दे

वो जल्दी से अपनी शर्ट और पॅंट उतार देता है और जैसे ही वो अपना अंडरवेर उतारता है महक घबरा कर अपना चेहरा छुपा लेती है

सॅम;महक के उपर चढ़ जाता है और दोनो पैरों को घुटनों के पास से मोड़ के ठीक महक की जाँघ के बीच बैठ जाता है.

और अपना सख़्त लंड हाथ में पकड़ के महक की मख मली चूत की फांकों पे घिसने लगता है अहहहहहहहहहहः

महक;;अम्मिईीईईईई अहह उऊन्ह नहियीईईईई ना सॅम अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

दोनो की नज़रें मिलती है और महक ना चाहते हुए भी सॅम को हाँ में सर हिला देती है.

सॅम;अपने लंड पे थूक लगा के एक हल्का सा झटका चूत में मारता है जिससे सॅम के लंड का सुपाडा महक की चूत के पर्दे से टकराता है.

दूसरा झटका महक की चूत को चीरता हुआ अहहहहहहहहहहहहहहः अहह अंदर तक घुसता चला जाता है

महक;;सम्म्म्मममममममममम नहियीईईईईईईईईईईई अम्मिईीईईईईई गगगगगगगग निकालूऊऊऊऊऊऊ नाआआआआ सम्म्म्ममममममम घूननगज्गग घगुगज्नणनननणणन्

सॅम;महक की ब्रेस्ट को मुँह में लेके चूसने लगता है और अपनी कमर आगे पीछे हिलाने लगता है अहह अहह बस थोड़ी देर महक कुछ नही होगा ना अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

महक;अहह मुझे दर्द हो रहा है अहह प्लेआसेज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ निकालो ना सॅम अहह मैं मर रही हूँ नह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

सॅम;चुप होज़ा महक बस देख हो गया ना हाआआआआ अहह वो रफ़्तार कम नही करता और ना ही निपल्स को मुँह में से निकालता है बल्कि और मसल मसल के चूसने लगता है

सॅम;के चोदने की रफ़्तार ऐसी थी कि महक बेड में धँसती चली जा रही थी

तकरीबन 10मिनट के बाद महक खामोश हो जाती है और सिसकने लगती है.

महक;अहह आराम से ज़ालिम अहह आख़िर तूने अपनी बहेन को अहह अपना बना ही लिया हाआआआअ

उसके दोनो पैर सॅम की कमर से लिपटे हुए थे

सॅम;हाँ महक तुझ पे सबसे पहला हक़ तो मेरा ही है ना हाआआआआ आख़िर तू मेरी बहेन है अहह तुझे नही चोदुन्गा तो ज़िंदगी किस काम की अहह

महक;अहह कितनी गंदी बातें करता है रीईईईईई अहह धीरे करना अहह

सॅम;पहले बोल आराम से चोदो जी अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

महक;अहह मुझे शर्म आती है अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

सॅम;बोल ती है कि नही और सॅम दना दन धक्के मारने लगता है अहह

महक;उनह अम्मी गगगगगगगगगग आराम से चोदो ना सम्म्म्मममममम अहह धीरे चोदो ना अपनी बहेन को उःन्णनननननननणणन् अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

सॅम;;चाहता था कि महक उसकी तरह गंदी बातें सीख जाए और उसकी बची हुई शर्म ओ हया भी ख़तम होज़ाये अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

महक;की ये पहली चुदाई थी इस लिए वो सॅम का मुकाबला नही करसकी और 10मिनट बाद ही सॅम से चिपक के झड्ने लगती है अहह सम्म्म्मममममममम ऊऊऊऊऊओह मेरे भाईईईईईईईईईईई.अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

सॅम;अपनी बहन की मोहब्बत में ऐसा दीवाना हुआ कि वो भी कुछ धक्कों के बाद चीखता हुआ अहहहहहहहहहहहहः अपनी महक की चूत में पानी की फुहार छोड़ने लगता हैयाहह

अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.

सॅम;महक के उपर से हाथ की साइड में लेट जाता है और महक सॅम की छाती पे सर रख देती है.

सॅम;खामोश था उसे यक़ीन ही नही हो रहा था कि वो अपनी सग़ी जुड़वा बहन के साथ वो सब करचूका जो उसने शायद सोचा नही था.

उसे तो नजमा की मोहब्बत की तलाश थी पर हाई रे सॅम के किस्मत सिवाए नजमा के हर कोई उसे मोहब्बत करचूका था,

महक;;सेक्स करने के बाद एक पछतावे के समुंदर में डूब चुकी थी अक्सर जो हाल हर किसी का होता है

सेक्स की आग जिस्म को तो जला देती है पर जब इंसान वो करचूका होता है तो उसे ना चाहते हुए भी उस पे पछतावा होता है.

वो सॅम की आँखों में देखती है

समीर हमने जो किया वो नही करना चाहिए था

सॅम;महक के लिप्स पे किस करते हुए

महक हमने जो किया है उसपे हमे अब पछताना नही चाहिए वरना ये मेरी और तुम्हारी मोहब्बत की तौहीन होगी.

जो कुछ हुआ उसमें हम दोनो की रज़ा मंदी शामिल थी फिर अब ऐसा क्यूँ सोच रही हो जो होना था हो चुका और जो होना है वो भी अच्छा ही होगा

महक;क्या मतलब

सॅम;महक को नीचे करके उसकी छाती पे चढ़ जाता है उसका लंड महक के दोनो ब्रेस्ट के बीच मे आजाता है और सॅम दोनो ब्रेस्ट को एक साथ पकड़ के दोनो के बीच में अपना लंड आगे पीछे करने लगता है

 


महक;के जिस्म में बुझ चुकी आग फिर से जल उठती है और एक सिसक उसके होंठों से अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह की शकल में बाहर निकल जाती है

शरम ओ हया के बादल फिर से घिरने लगते है पर सॅम इन बादलों के पार महक को लेजाना चाहता था उस जगह जहाँ वो खुल के एक दूसरे से चुदाई की बातें करसकें और बिकलूल हज़्बेंड वाइफ की तरह चुदाई करसकें

महक;सॅम की आँखों में ही देख रही थी

सॅम;थोड़ा आगे बढ़ता है और अपने लंड का सुपाडा महक के लिप्स पे घिसता है जैसे लिप्स टिक लगा रहा हो

महक;के होंठ थोड़े से खुलते है पर इतने नही कि वो सॅम के लंड को निगल जाए

सॅम;थोड़ा सा लंड अंदर केए तरफ डालता है

चूस ले महक अपने भाई का लंड

महक;थोड़ा झीजक रही थी पर वो सॅम को नाराज़ भी नही करना चःटी थी वो और मुँह खोलती है और ज़ुबान बाहर निकाल के लंड पे फेरती है शिप्प्पप्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;प्रेशर देके लंड अंदर डालता चला जाता है और वो सीधा महक के हलक में जाके अटक जाता है अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

महक;;गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प उःन्णननणणन् बहुत बड़ा लंड होने की वजह से महक की सांस घुटने लगी थी और आँखे फटी की फटी रह गयी थी पर सॅम लगातार अंदर बाहर किए जा रहा था गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;अहह ठीक से कर साली हाआआआआअ

महक;सॅम को गिरा के नीचे कर देती है और खुद उसपे सवार हो जाती है अब महक बहुत आसानी से लंड गटक सकती थी गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सलाइवा और सॅम के लंड का पानी दोनो नीचे बेड शीट गीला कर रहे थे पर महक तो जैसे लंड छोड़ने को तैयार ही नही थी गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प

वो टेस्ट्स को मरोड़ मरोड़ के लंड चुस्ती चले जा रही थी गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;अहह ऐसा मत कर महक दर्द होता है अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह

महक;;चुप कर मेरा है मेरे मर्ज़ी गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;के लंड की नसें फूल चुकी थी और लंड का सुपाडा लाल हो चुका था अब सॅम से एक पल भी बर्दास्त करना मुश्किल हो रहा था वो महक के बाल पकड़ के उसे डोगी स्टाइल में झुका लेता है और पीछे से अपना लंड उसकी चूत के लिप्स पे घिसने लगता है अहह

महक;;जल्द से जल्द वो तलवार अपनी म्यान में लेना चाहती थी अहह डालना रे सॅम अहह जल्दी से डाल दे अंदर अहह

सॅम;ये ले मेरी जान हाआआआआआआआआ अहह अहह

वो फिरसे चीरता हुआ अंदर चला गया था

और महक के चेहरे पे खुशी और दर्द के मिले जुले असर छोड़ गया उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आराम से नही चोद सकता अहहहहहहहहः बहेन हूँ में तेरी कोई रांड़ नही हुन्न अहह

सॅम;साली लंड लेने के लिए तड़प रही थी और अब चिल्ला रही है रुक अहह

वो महक की गोरी नरम नरम गान्ड पे थपा थप थप्पड़ मारने लगता है

इन थप्पाड़ों का महक पे उल्टा ही असर होता है और वो और जोश में अपनी गान्ड पीछे करते हुए सॅम का लंड अंदर लेती जाती है अहह अहह अम्मी ग क्या ख़ाता है रे आआहह ज़रा सा तो रहम खा अपनी बहेन पे ऊऊहह

सॅम;अहह चोदने दे ना मेरी जान बहुत टाइट है तेरी अहह अहह

ना धक्को की बरसात कम हो रही थी और ना महक की गान्ड रुकने का नाम लेरही थी पूरा रूम दोनो की आवाज़ों से गूँज रहा था

तकरीबन 20 मिनट की ज़ोरदार चुदाई के बाद महक की टाँगे जवाब दे गयी और वो चीखते हुए झड्ने लगती है अहह बस कर मार देगा क्या अहह

सॅम;भी उसी के पीछे झड्ने लगता है और फिर वहीं महक के उपर लुढ़क जाता है.

दोनो बुरी तरह थक चुके थे उन्हे कब आँख लगी पता ही नही चला.

 
रात अपने पूरे शबाब पे थी महक और शबनम बातें करते करते सो गयी थी पर सॅम को नजमा के बिना चैन कहाँ आता था वो सीधा नजमा के रूम में चला जाता है.

नजमा;के रूम में पहुँच कर वो डोर लॉक कर देता है नजमा जाग रही थी और ब्लू नाइटी में सॅम का ही इंतजार कर रही थी

सॅम;नजमा के पास जाके बैठ जाता है

नजमा;बड़ी देर कर दी जी

सॅम;हाँ वो आबिद के साथ कुछ बातें कर रहा था

बहुत थक गया हूँ सोच रहा हूँ सो जाऊ

नजमा;उसे देख के मुस्कुराती है और दोनो की नज़रें एक दूसरे में समा जाती है.

नजमा;;बिना किए

सम;मुस्कराता हुआ क्या मैं समझा नही

नजमा;सॅम के होंठों के पास आती है और धीरे से कहती है बिना अपनी नजमा को चोदे आपको नींद आएँगी जानू

सॅम;उसे अपनी बाहों में भर लेता है नही मेरी रानी जब तक मैं तुझे नही चोदता ना मुझे नींद आती है और ना तुझे क्यूँ सही कह रहा हूँ ना

नजमा;हाँ सॅम पता नही क्या जादू कर रखा है तुमने मेरे जिस्म पे जब तक ये तुम्हारे नीचे नही पिसता आकड़ा रहता है आज बहुत दिल कर रहा है मेरा कल रात भी तुमने महक को ऐसे लिया कि मुझे भूल ही गये

सॅम;नजमा आज तो बस तू और मैं आज तेरे तीनो सुराख ऐसे लूँगा कि तू दिल से दुवा देगी मुझे

और दोनो माँ बेटे के होंठ एक दूसरे से चिपक जाते है.

दोनो ये बहुत अच्छी तरह जानते थे कि आज उनके बीच कोई नही आने वाला सारी रात उनकी है पर दिल की तड़प कोई काम सुकून से करने कहाँ देती है दोनो की ज़ुबान एक दूसरे के मुँह में नाच रही थी और हाथ एक दूसरे के जिस्म पे थिरक रहे थे.

कुछ ही पलों में दोनो अपने कपड़ों से निजात पा चुके थे

सॅम;नजमा को लेटा के पूरे जिस्म को चूमने लगता है वो सर से लेके पाँव तक नजमा को चूमता चला जाता है और नजमा खुद को जल बिन मछली की तरह महसूस करने लगती है.

नजमा;के होंठ सूख चुके थे वो बार बार अपनी ज़ुबान होंठों पे फेर रही थी

अहह बेटा मेरी चूसो ना अहह तुम्हारे होंठ मेरी चूत से मिला दो बेटा अहह

सॅम;अपनी अम्मी की लाल गुलाबी चूत देख के पहले से पागल हुआ पड़ा था वो चूत के उपर थूक के उसे और चिकनी कर देता है.

रात की रोशनी में नजमा की चिकनी चूत किसी कटे हुए स्ट्राव्बेरी की तरह लग रही थी.

सॅम;के मुँह से राल टपकने लगती है और वो भीगी हुई उंगली नजमा की चूत पे रगड़ने लगता है अहह नजमा तेरी चूत बहुत प्यारी है

नजमा;अहह आपके ही तो है गगगगगगगगगगग देखो मत खा जाओ उसे हमेशा परेशान करती है कहते है जानू कहाँ है जानू को बुलाओ देखो ना जानू होके भी कुछ नही कर रही अहह चाटो ना अहह चूस लो एक एक कतरा उसका

सॅम;अपनी अम्मी के मुँह से ऐसे बातें सुनके खुद को रुक नही पाता और वो नजमा की चिकनी चूत पे झुकता चला जाता है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्पगलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

नजमा;अपनी ब्रेस्ट को मरोड़ने लगती है और चीखने लगती है हन्ंनननणणन् ऐसे ही अहह उउईईईईईई माआआआअ बड़ा ज़ालिम बेटा है मेरा अहह काटो मत ना बेटा अहह उसे प्यार करते है काटते नही है ना उःन्णननननननननणणन् अहह

सॅम;गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प आज मत रोक नजमा मुझे अहह गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प

वो कुत्ते की तरह नजमा की चूत को चाटे जा रहा था और इस दौरान वो नजमा को एक बार झाड़ा भी चुका था सॅम हर कतरा पीता चला गया उसका मुँह नजमा के चिपचिपे पानी से भीग चुका था जब वो अपना चेहरा नजमा की चूत से उठाता है तो नजमा अपने महबूब के मुँह को अपनी ज़ुबान से चाट चाट के सॉफ करने लगती है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;खड़ा हो चुका था वो पानी पीने जाने लगता है पर तभी नजमा उसके लंड को पकड़ लेती है और बेड पे लेटके उसे अपने मुँह में भर लेती है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प कहाँ जा रहे हो मुझे भी पिलाओ ना आपका पानी गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प

सॅम;अहह साली कितनी बार कहा है तुझे धीरे किया कर अहह

10 मिनट लगातार चूसने के बाद सॅम का लंड तन के एक दम रोड बन चुका था वो नजमा को नीचे लेटा देता है और उसके उपर आजाता है

नजमा;अपनी टाँगें खोल के सॅम के लंड को अपने हाथ में पकड़ के चूत पे घिसने लगती है अहह दोनो एक दूसरे को ही देख रहे थे पर चुप थे

सॅम;नजमा के लिप्स को मुँह में लेके चूस्ते हुए हल्का सा धक्का देता है जिससे उसके लंड का कुछ हिस्सा अंदर घुस जाता है.

नजमा;की एक चीख निकलती है पर वो उसे सॅम के मुँह में घोल देती है दोनो की साँसे तेज होचुकी थी वो पछले कई दिनो से ये सब कर रहे थे पर हर बार जब भी सॅम का लंड नजमा की चूत में घुसता दोनो एक नई दुनिया में पहुँच जाते थे

दूसरा धक्का सीधा बच्चे दानी से टकराता है और फिर ऐसे कई धक्के नजमा की चूत पे पड़ते जाते है चिकनी चूत और चिकनाहट उंड़ेलने लगती है चिपचिपा पानी सॅम के लंड को पूरी तरह गीला करचूका था और बड़े आसानी से वो अंदर घुसता चला जा रहा था

 


सटा सॅट धक्को से नजमा चीखने लगती है और उसकी ये आवाज़ शबनम के कानो तक पहुँच जाती है वो बेड से उठ के खड़ी हो जाती है और नजमा के रूम की तरफ बढ़ने लगती है जब वो कान लगा के नजमा के रूम की आवाज़ें सुनने लगती है तो उसे अंदर के हालत का पता चल जाता है उसके दिमाग़ में यकायक एक ख़याल आता है और वो आबिद के रूम में चली जाती है.

आबिद;बेड पे लेटा हुआ था उसे शायद अभी अभी नींद लगी थी शबनम के उसे हिलाने से वो हड़बड़ा कर उठ जाता है और सामने शबनम को देख डर सा जाता है.

आबिद;क्या क्या हुआ भाभी सब ठीक तो है ना

शबनम;नही पता नही क्या हो रहा है तू चल मेरे साथ अम्मी के रूम से अजीब सी आवाज़ें आ रही है चल तू

वो आबिद का हाथ पकड़ के नजमा के रूम के पास ले आती है और दोनो दरवाज़े से कान लगा के अंदर की आवाज़ें सुनने लगते है.

अंदर नजमा उलटी होचुकी थी और सॅम अपना लंड उसकी चूत पे लगा के अंदर झटका मारने को था

वो थोड़ा सा थूक लंड पे लगा के उसे नजमा की चूत में घुसा देता है अहह

नजमा;चीख पड़ती है अहह सॅम बेटा अहह आराम से चोदो ना तुम्हारा लंड बहुत गहराई तक चला जाता है पीछे से अहह ऊइईई माआ ज़ालिमम्म्मममम कहीं के अहह

सॅम;चुप कर साली अभी तो तेरी गान्ड भी लेना बाकी है चिल्ला मत अहह गपा गॅप वो अंदर बाहर किए जा रहा था और नजमा हर धक्के के साथ और ज़ोर से चीख रही थी इस बात से अंजान कि रूम के बाहर आबिद और महक उनकी सारी बातें सुन रहे है.

आबिद;को पसीना आने लगता है

शबनम;पीछे से उसे कस लेती है अंदर की आवाज़ें सुनके उसकी चूत भी पनिया गयी थी लंड लेने की ख्वाहिश दिल में घर करचुकी थी वो अपने दोनो हाथों से आबिद के लंड को पकड़ने की कोशिश करती है

आबिद;को कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या करे वो चुप चाप खड़ा था शबनम नीचे बैठ जाती है और आबिद की नाइट पॅंट अंडरवेअर के साथ नीचे खींच लेती है.

एक छोटा मुरझाया हुआ लंड उसकी आँखों के सामने आजाता है पर चूत की आग इतनी ज़्यादा थी कि वो खुद को रोक नही पाती और उसे अपने मुँह में लेके चूसने लगती है इस उम्मीद के साथ कि थोड़ा तो बड़ा होगा कुछ तो अंदर जाएगा.

अंदर नजमा ;की चूत पानी छोड़ रही थी और गान्ड तैयार होरही थी सॅम का सिर्फ़ एक बार पानी निकला था पर आज उसके इरादे कुछ ठीक नही लग रहे थे

नजमा;अपनी गान्ड को हिलाने लगती है

देख क्या रहे हो घोड़ी नही चढ़ोगे

सॅम;की आँखों के सामने नजमा की चमकती हुए गान्ड थी और दिल में उसे लेने की चाहत वो नजमा की कमर को अपने हाथों में पकड़ के तोड़ा उपर उठता है और धीरे से लंड को गान्ड के सुराख पे टिका देता है

उसका टिकना था कि नजमा का पूरा जिस्म काँप जाता है नजमा को हमेशा से पीछे से लेने का दिल करता था पर ना कभी उसके शोहर ने उसे वहाँ कभी छुआ था और ना कभी मारा था वो एक घायल शेरनी थी जिसे ताकतवर शेर की बहुत कमी महसूस होती थी और जब से सॅम उसकी ज़िंदगी में वो शेर बनके आया था उसे एक नई ज़िंदगे जीने का मौका मिला था.

गान्ड के सुराख पे सॅम के लंड का दबाव बढ़ते जा रहा था पर अभी तक वो अंदर नही घुसा था

नजमा;और थोड़ी टाँगें खोलती है

अहह लेले ना सॅम क्यूँ तड़पता है मार ना अपनी नजमा की गान्ड कस के मार ना अहह मार मेरी गान्ड को अहह

सॅम;ईईई ले मेरी नजमा अहह अहह

वो चीरता हुआ गान्ड में घुसता चला गया

नजमा;अहह मार रे मेरी गान्ड में तेरा लंड बहुत अच्छा लगता है मुझे अहह हर रात मेरी गान्ड मारे गा ना बेटा अहह

सॅम;हाँ नजमा रोज तेरी लूँगा आगे से भी और पीछे से भी अहह बहुत टाइट है साली अहह देख ना कैसे अटक अटक के जा रहा है अहह

नजमा;उनह उःन्ह्ंहंहंहंहंहंहंह्न रोज मारने से वो भी खुल जाएगी मेरी चूत की तरह अहह बस तू रोज लिया कर अहह ऐसे ही अहह अंदर तक हाईईईईईईईईई रीईई ज़ालिम लॉडा अहह मेरी गान्ड अहह

सम;अहह नजमा तेरी चूत और गान्ड दोनो एक जैसी है दोनो पूरा लंड अंदर तक खींचती है अहह

नजमा;हन्ंननननननणणन् जिस चूत से बाहर निकला था उसी में खींचूगी ना अहह तू पेलता रे अंदर तक अहह मेरा पानी निकलने वाला है रीईईई अहह अहहसामीर अहह

समीर;रुका नही वो नजमा की गान्ड लगातार 15मिनट तक मारता रहा और फिर दोनो एक साथ झड गये.

बाहर;आबिद भी शबनम के मुँह में झटके मारने लगता है और उसके लंड से थोड़ा सा पानी शबनम के मुँह में गिरने लगता है 5मिनट बाद जब आबिद को होश आता है तो वो बुरी तरह डर के मारे वहाँ से भाग के अपने रूम में घुस जाता है और अंदर से रूम लॉक कर देता है.

शबनम;गान्डू कहीं का.

सुबह 8एम;

नजमा;नहा कर जब बाथरूम से निकली तो उसका सामना आबिद से होता है

नजमा को ये नही पता था कि आबिद ने रात को वो सब सुना जो उसे नही सुनना चाहिए था

कुछ अजीब सी नज़रों से आबिद नजमा को देख रहा था

नजमा;क्या हुआ बेटा तुम परेशान लग रहे हो

आबिद;कल आप और भाई क्या कर रहे थे

नजमा;के होश फाख्ता हो जाते है चेहरा पीला पड़ जाता है दिल की धड़कने ऐसी थी कि किसी भी वक़्त वो बंद पड़ सकती थी

वो दिल में सोचने लगती है ये क्या हो गया आबिद को सब पता चल गया

उसका हलक सुख ने लगता है ज़ुबान से कोई अल्फ़ाज़ अदा करने की उसकी हिम्मत नही थी.

आबिद;उसे और कुछ नही कहता और वहाँ से अपने रूम में चला जाता है

नजमा;ये बात सॅम को जाके बताती है

सॅम;जब ये खबर सुनता है तो वो थोड़ा सीरीयस हो जाता है पर कुछ देर बाद खुद को संभाल लेता है और नजमा से कहता है कि शबनम को ऑफीस भेज दो और महक को किसी काम से बाज़ार भिजवादो

नजमा;सॅम की बात सुनके हैरत में पड़ जाती है कि आख़िर सॅम करने क्या वाला है वो सॅम से कोई सवाल नही करती क्यूँ कि उसके दिल में पहले से उथल पुथल शुरू थी.

वो शबनम से कहती है कि आज वो ऑफीस नही आएगी वो अकेले चली जाए

शबनम;दिल में सोचती है हाँ रात भर जागो गे तो आराम करना ही पड़ेगा

शबनम;के ऑफीस जाने के बाद नजमा महक को भी कुछ काम सौंप के उसे मार्केट

भेज देती है.

अब घर में सिर्फ़ वो तीनो ही रहगए थे

नजमा;का दिल जोरों से धड़क रहा था वो सॅम के पास बैठी थी

अब क्या होगा सॅम मुझसे आबिद से नज़रें मिलाई नही जाएँगी

सॅम;नजमा के होंठ चूम लेता है और बड़े प्यार से उसे समझाता है कि वो जैसे कहे बस वैसे करना ना कोई सवाल और ना कोई जवाब.

नजमा;हाँ में सर हिला देती है और दोनो आबिद के रूम में चले जाते है

आबिद;बेड पे उल्टा लेटा हुआ था जब वो दोनो को इस वक़्त अपने रूम में देख के हैरान हो जाता है

सॅम;आबिद के पास जाके बैठा जाता है

क्या कहा तूने अम्मी से

आबिद;चुप था

और नजमा बे जान सी उसके पास खड़ी थी.

सॅम;अब्बे बोल ना क्या कहा तूने

आबिद;कहने का क्या है तुम एक नंबर के हरामी इंसान हो भाई तुमने अपनी अम्मी के साथ कितना कमिणता काम किया है तुम जानते भी हो चले जाओ मेरे रूम से

 
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