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Incest खूनी रिश्तों में प्यार

में भी अपने दोनो हाथो को मा के पीठ पर कश लिया. हम दोनो एक-दूसरे में समा जा ना चाहते थे.

लगभग 20 मिनिट्स तक हम एक-दूसरे से चिपके हुए खड़े रहे...

मुझे ये भी पता भी नही था की पूजा ओर डॉली हमें देख कर मुस्कुरा रही है.

तभी पूजा के ताली बज़ाने से हम अलग हुए.

पूजा- वा भाई आज में अपनी आँखो से देख ली हू की आप मा से बहुत ज़्यादा प्यार करते हो इतना ज़्यादा

की मा से एक पल की दूरी भी आपसे ओर मा से बर्दास्त नही होगी.

राज- हा पूजा तुम ठीक कह रही है. अब तुम अनिता को अपने रूम में ले जाओ ये भागे थोड़े जा रही है पास ही तो रहेगी बस फ़र्क इतना पड़ेगा की चेहरा दिखाई नही देगा.

में मा से एकबार ओर गले से मिला ओर मा मेरे रूम में से निकल कर पूजा के रूम में चली गयी... में बेड पे लेट गया मुझे ऐसा लगा की मेरे शरीर से प्राण निकल कर पूजा के रूम में चले गयेमें बहुत ही बेचैन हो गया. बेड पर लेटेलेटे मा को याद करने लगा. तभी डॉली ने दरवाजे को अंदर से कुण्डी निकाल कर बंद की ओर मेरे बगल में लेट गयी. में करवट बदला ओर में डॉली की बड़ी-बड़ी चुचियो पर सर रखते हुए लेट गया.

डॉली मेरे बालो में उंगलिया फिराने लगी. में अपनी आँखो को बंद करके डॉली के उभारों पेर लेट गया. डॉली के उंगलिया फिराते ही मुझे लगा जैसे मेरी मा मेरी जान मेरी बालो में उंगलिया फिरा रही हो, बस मेरी आँखे धीरे-धीरे बंद हो गयी... में डॉली के ऊपर सो गया.

लगभग रात 7:53 में मेरी आँखे खुली. तो डॉली मेरे पास नही थी. में उठा ओर बाथरूम में घुश गया. बाथरूम में मेने सारे कपड़े को निकाल कर फेक दिया.......

में अब केवल एक अंडरवेर पहना हुआ था मेरे बदन पर ओर कपड़ा नही था. में बाथरूम से निकला तो डॉली मेरे सामने खड़ी थी. डॉली को देखते ही मेरा गला सूखने लगा. डॉली इश् समय एक लहंगा पहनी हुई थी. लहनगा चूत के थोड़ा ऊपर बँधा था.. चोली का आगे वाला कट बहुत ही बोल्ड था. आधी से ज़्यादा चुचिया बाहर आने के लिए छलक रही थी.. होंठो पर लाल रंग का लिपस्टिक था. डॉली बहुत ही हॉट लग रही थी.. मेरा लंड सनसनाता हुआ अंडरवेर में तंबू बनाकर खड़ा हो गया. में जैसे ही डॉली की ओर बढ़ा तो डॉली वहाँ से निकलते हुए'' खाना खा लीजिए में अभी आती हू''

मेने टेबल पर से खाना उठाया ओर जल्दी से खाना खा लिया..

खाना खाते ही डॉली आई अब वो एक दुपट्टा रखी हुई थी उसके हाथो में एक दूध का ग्लास था. उसने दूध का ग्लास टेबल पर रखा ओर प्लेट उठाकर किचन में चली गयी... मेने एक ही साँस में पूरा दूध ख़तम कर दिया.....ओर अंडरवेर निकाल ते हुए नीचे फेक दिया ओर एक चादर अपने बदन पर रखते हुए लेट गया.

10 मिनिट्स के बाद डॉली आई अंदर से डोर को बंद की ओर मेरे बगल में आकर चादर में घुसते हुए करवट के बल लेट गयी.. मेने करवट बदला ओर डॉली के पीछे से चिपकते हुए डॉली के चोली को खोल दिया. अंदर ब्रा नही था फिर डॉली के नाभि को सहलाते हुए लहंगा के डोरी को खोल दिया. डॉली एकदम सिहर गयी मेने पैरो के मदद से डॉली के लहंगा को निकाल दिया. फिर डॉली को पीठ के बल लिटा ते हुए चोली को निकाल दिया अब डॉली के बदन पर एक मात्र पैंटी थी में उसको भी निकाल कर फेक दिया..

डॉली पीठ के बल लेट गयी मेने डॉली के दोनो पैरो को चौड़ा किया. डॉली चूत को चौड़ा किया जीभ निकाल कर डॉली के पूरे चूत को चाटने लगा . डॉली की चूत रस से भरी हुई थी. में डॉली की फूली हुई चूत की छेद में अपने जीभ को पेलने लगा.

डॉली मेरे सर को अपनी चूत पर दबाते हुए सिसकारी भरने लगी..आ...एमेम...एमेम...उउउ...एम्म...य्यी...आमम..आआआ....हह...एयेए

थोड़ी देर में डॉली मेरे मूह में झड़ गयी उसकी चूत रस से मेरा पूरा मूह भर गया.. में सारे चूत रस को पी गया. झड़ने के कुच्छ देर बाद डॉली मेरे सर को छोड़ दी.

मेने डॉली की चूत को फैलाया लंड को थूक से गीला करते हुए चूत के छेद पर सेट किया ओर एक धक्का में पूरा 8इंच लंड डॉली की चूत में पेल दिया. में डॉली के दोनो गदराई हुई चुचियो को पकड़ते हुए ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा ओर डॉली के होंठो को चुसते हुए धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा..

चुचियो को मसलते हुए होंठो को चुसते हुए लंड को चूत में अंदर-बाहर किए जा रहा था. डॉली मेरे बालो को सहलाते हुए मेरे होंठो को चूस रही थी. नीचे गान्ड उठाकर सहयोग कर रही थी. 5 मिनिट्स में डॉली का फिर से चूत से पानी निकल गया. में थोड़ा देर रुक गया डॉली की एक चुचि को चुसते हुए रस पीने लगा दूसरे को मसलने लगा. अब दोनो चुचियो को मसलते ओर रस पीते हुए ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगाने लगा. पूरे कमरे में फॅक.....फॅक.....म्म्म्मम की आवाज़े गुजने लगी. लगभग

10मिनिट्स के बाद मेने एक जोरदार धक्का लगाया लंड को डॉली की चूत की गहराईओ में उतरते हुए झड़ गया. डॉली के दोनो पैर मेरे चुतड़ों के ऊपर कश गये. वो अपने हाथो से मेरे पीठ को सहलाने लगी... डॉली का चुचि अभी मेरे मूह में थी............................. कुच्छ देर में हम नॉर्मल हो गये.

तभी मुझे याद आया की डॉली आज सर्प्राइज़ देने वाली है.

में अपना सर ऊपर उठाया ओर डॉली के आँखो में देखते हुए' डॉली तुम सर्प्राइज़ देने वाली थी'

चलो जल्दी से बताओ'

डॉली- नही में नही बताऊुँगी मुझे बहुत शरम आ रही है.''

में डॉली की बात सुनकर डॉली के चुचि जितना हो सके मूह भरा दूसरे को अपने हाथ से दबोचते हुए, मूह भरा चुचि पेर धीरे-धीरे दाँत गढ़ाने लगा दूसरे को ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा, थोड़ी देर मेरा लंड खड़ा हो गया. मेने लंड को चूत पर सेट किया एक ही बार लंड चूत के अंदर डाल दिया. फॅक की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज गयी. डॉली एमेम...एयेए..आ....एम्म्म

..एयेए..आ....एम्म्म

मेने डॉली के चुचि को मूह से बाहर निकाला ओर दोनो चुचियो को दबोचते हुए' अब तो शरम नही आएगी चलो जल्दी से बताओ''

डॉली- आप बाप बनने वाले है. डॉली की बात सुनकर खुशी के मारे आँखो से आँसू टपक पड़े. ओर में डॉली के पूरे चेहरे को पागलो की तरह चूमने लगा..डॉली ने आज मुझे जिंदगी की वो खुशी सुनाई जिसको सुनने के लिए हर पति तरसता है.

में डॉली के पूरे चेहरे को चूमने के बाद: अरे पागल ये बात नही बता रही थी. तू नही जानती की में आज कितना खुश हू. आज तूने मेरी जिंदगी की सारी ख़ुसी दे दी

में डॉली की दोनो चुचियो को मसलते ज़ोर-ज़ोर से चोदते हुए फिर से झड़ गया तबतक डॉली दो बार ओर झड़ गयी...

में डॉली के ऊपर धडाम से गिर गया. डॉली के दोनो हाथ मेरे पीठ पर कस गये.

कुच्छ देर के बाद में डॉली के ऊपर ही सो गया.

बहुत ही अच्छी नींद आई.

………………………….
 
सुबह में अपनी बहन पूजा के जगाने से उठा.

पूजा मुझे चाय देकर मेरे पास ही बैठ गयी.

मेने चाय पिया कप पूजा को थमा दिया

राज- पूजा तू जल्दी ही बुआ बनाने वाली है

पूजा ये बात सुनकर चहकती हुई- सच भैया,

राज- हा सच

पूजा- भैया आज में बहुत ही खुश हू.

पूजा दौड़ती हुई किचन की तरफ चली गयी.

में मुस्कुराता हुआ बाथरूम में घुसा थोड़ी देर के बाद, में फ्रेश होकर आ गया.

कपड़े पहनकर तैयार हुआ, ओर किचन की तरफ चल दिया.

किचन जब पहुँचा तो पूजा, डॉली को छेड़ रही थी. में उन दोनो के पास जाकर एक स्टूल पर बैठ गया.

पूजा- भैया देखना भाभी को एक बेटा होगा

राज- नही मुझे तो बेटी चाहिए

पूजा- अच्छा भैया अगर आपको बेटा होगा तो क्या बनाओगे क्रिकेटर या फिल्मी हीरो.

राज- में अपने बेटे को क्रिकेटर बनाउगा. अगर ढंग से स्टडी नही करेगा तो बहुत ही पिटाई करूँगा.

पूजा- अच्छा मेरे रहते आप मेरे भतीजे को च्छू भी नही सकते, में तो अपने भतीजे को फिल्मी हीरो

बना उंगी.

राज- नही में क्रिकेटर बनाऊंगा.

इसी तरह में ओर पूजा दोनो झूठ मूठ का झगड़ते रहे

दोनों भाई-बहन की बाते सुनकर डॉली खिलखिला कर हँस पड़ी....

डॉली हँसते हुए, आपदोनो अपनी बाते बंद कीजिए मेरा भी बात सुन लीजिए में अपने बेटे को डॉक्टर बनाऊंगी हा..

डॉली के बोलने के बाद में ओर पूजा दोनो हँस पड़े.. हम दोनों के हँस्ता देख डॉली झेप गयी. लेकिन मेरा हँशी रोकने का नाम नही ले रहा था...

डॉली मुझे हँस्ता देख थोड़ा छिड़ गयी.. मूह लटका नाश्ता बनाने लगी. मेने इशारे से पूजा को हँसने से मना किया, में भी चुप हो गया. में स्टूल पर से उठा ओर डॉली के पास चला गया. मूह लटकाए डॉली नाश्ता बनाने लगी.

में डॉली को अपनी ओर घुमाया ओर डॉली के माथे को चूमते हुए, जान लगता है तुम गुस्सा हो गयी हो में तो मज़ाक़ में हँस दिया.

फिर में अपने दोनो हाथो से कानो को पकड़ते हुए, एकदम बच्चों जैसा सूरत बनाते हुए, प्लीज़ सॉरी

डॉली मेरे द्वारा इस तरह से माफी माँगने से हँस पड़ी. में वहाँ से उठा ओर रूम चला आया.

रूम में आते ही मेरा मोबाइल बज़ने लगा.

मेने स्क्रीन पे नाम देखा तो थाने से था...

में फोन उठाया:-हेलो

उधर से सब इसपेक्टर

आर्यन- जय हिंद सर

राज- जय हिंद कहो क्या खबर है आर्यन

आर्यन- सर ठीक है आप यहा आ जाइए. हा आपकी तभीयत कैसी है.\

राज- तभीयत ठीक है, लेकिन होम मिनिस्टर तो नही आया था... या उसका कॉल तो नही आया था...

आर्यन- आआया था सर लेकिन वो आपसे बात करना चाहता है.

राज- ठीक है तुम वात्त करो में अभी नाश्ता करके आता हू. गुड बाइ .

उसके बाद कॉल दिशकोनेक्ट हो गया.

में आज भी वर्दी नही पहना केवल गन ओर आइडेंटी कार्ड लिया ओर रूम से बाहर आया.

नाश्ता तैयार हो गया, में ओर पूजा ने नाश्ता किया ओर पूजा अपना कॉलेज बॅग लिया ओर.

मेने ओर पूजा ने डॉली को गुड बाइ बोला ओर बाहर निकले तो मुझे याद आया की जीप तो थाने पेर है लगता है आज टॅक्सी से जाना पड़ेगा.

मेने तुरंत एक टॅक्सी लिया ओर थाने की ओर निकल गया. रास्ते में पूजा अपने कॉलेज के पास उतर गयी... में थाने के पास उतरा टेकसीवाले को किराया दिया ओर थाने में घुस गया. सबने सलाम किया में अपने केबिन में चला आया.

थोड़ी देर में आर्यन मेरे पास आ गया.

राज- हा तो कहो आर्यन क्या हाल है मंत्री जी का

आर्यन- सर अभी थोड़ी देर पहले फोन आया था वो आपसे बात करना चाहते है

राज:- अच्छा ये बात है लेकिन कल जीतने लोगो का एन्काउन्टर हुआ उनका क्या हुआ.

आर्यन- सर आप चिंता मत करिए सारे लोगो का मार्टम हो गया है उन सब में सबसे पहले जिसको आपने

मारा वही होम मिनिस्टर का बेटा था...

राज- मन तो कर रहा है की साले उस मंत्री को भी ठोक दूं.

आर्यन- सर वो कैसे हो सकता है उसके खिलाफ कोई पुख़्ता सबूत ही नही है.

बिना कोई ठोस सबूत के होम मिनिस्टर को गिरिफ्टार करना ख़तरे से खाली नही है.

राज- तुम ठीक कहते हो आर्यन लेकिन उसके खिलाफ सबूत इकट्ठा करो उसके बाद हम उसे देख लेंगे.

आर्यन- जी सर में उस पर कड़ी नज़र रख रहा हू.

फिर हम इधर-उधर की बाते करते रहे तभी
 
फिर हम इधर-उधर की बाते करते रहे तभी, फोन की घंटी बज़ने लगा.

में रेसिवेर उठाते हुए: हेलो इनस्पेक्टर राज हियर.

उधर से: में तुम्हारे क्षेत्र का होम मिनिस्टर बोल रहा हू.

राज: हा तो मंत्री जी में आपकी क्या सेवा कर सकता हू.

मंत्री: इसपेक्टर कल तुमने मेरे बेटे को मार कर बहुत बड़ा दुख दिया है. याद रखना इसपेक्टर. इसकी सज़ा तुम्हे ज़रूर मिलेगी. जिसे तुम बिल्कुल भी नही भूल पाओगे.

राज: ठीक है तुम्हे जो भी करना है कर लेना लेकिन मेरे परिवार की तरफ आँख उठाकर भी देखा तो जिंदा ज़मीन में गाड़ दूँगा.

मंत्री: ठीक है में तुम्हे देख लूँगा इसपेक्टर.

राज: जा ना देख लेना

इतना पर ही फोन काट गया.

फोन रखते ही में चिंता में पड़ गया,

ये साला मंत्री का कुच्छ करना पड़ेगा नही तो मामला बिगड़ सकता है...

आर्यन सामने ही बैठा हुआ था.. में आर्यन

से बोला,,'' आर्यन मंत्री का कुच्छ करना पड़ेगा..

आर्यन- नही सर मंत्री को कुच्छ करना ख़तरे से खाली नही है...

पहले बात वो होम मिनिस्टर है, दूसरे बात वो बहुत हरामी है अगर आपके परिवार वालो को क्षति पहुँचाया तो फिर लेने के देने पड़ जाएँगे..

राज- तुम ठीक कह रहे हो साला अगर परिवार पेर छाती पहुँचाया तो लेने के देने पड़ जाएँगे..

अब हमें मंत्री को कुच्छ करने के लिए दिमाग़ का सहारा लेना पड़ेगा..

आर्यन- हा सर यही ठीक रहेगा...

उसके बाद में दोपहर तक वहाँ रुका फिर पूजा के कॉलेज च्छुटने का टाइम हो गया तो में जीप लेकर निकल पड़ा...

वैसे थाने पर दो पुलिस जीप ऑलरेडी है.. में पुलिस जीप लेकर 2:10 में पहूच गया.. पूजा कॉलेज गेट पर ही खड़ी मिली गयी...में 10 मिनिट्स लेट्स पहुचा क्योकि पूजा का कॉलेज 2:00 ही च्छुटी हो जाता है...

मेने पूजा के सामने जाकर जीप रोका पूजा आकर मेरे पास बैठ गयी.....मेने जीप को आगे बढ़ा दिया..

पूजा बैठते ही,' भैया लेट्स कैसे हो गये..

में जीप को आगे बढ़ाते हुए,' वो क्या है ना बहन थोड़ा सा फाइल चेक करने लगा इसलिए लेट हो गया..

हम इधर-उधर बाते करते हुए जाने लगे तभी मुझे एक फल वाला दिखाई दिया.. मेने जाकर साइड में जीप को रोका, जीप रोकते ही,

पूजा-क्या हुआ भैया

में जीप से नीचे उतरते हुए,' नीचे उतर कुच्छ अच्छे-अच्छे फल ले लेते है...

पूजा ओर में दोनो नीचे उतरे, अच्छा-अच्छा फल ले लिया..

में उसका पेमेंट्स दिया में ओर पूजा जीप में बैठे मेने जीप को आगे बढ़ा दिया..

हम इधर-उधर की बाते करते हुए घर पहुँच गये..

में जीप को साइड में लगाया मेरे उतरने से पहले पूजा नीचे उतरी ओर अपना कॉलेज बॅग लेकर अंदर चली

गयी ............

में नीचे उतरा फल वाला थैला लेकर अंदर घुसा ओर रूम को अंदर से बंद कर दिया..
 
रूम में घुसते ही डॉली खड़ी थी... मेने डॉली के माथे को चूम लिया.. डॉली भी मेरे माथे को चूम ली....................

में डॉली के संग में अपने रूम में घुस गया..

में रूम में घुसते ही बेड पर पैर लटका कर बैठ गया.. थैले को एक ओर रख दिया.. डॉली मेरे सामने खड़ी होकर मेरे शर्ट निकालने लगी.. शर्ट निकालने के बाद डॉली मेरे पास बैठी ओर थैले में देखने लगी..

थैले में देखते ही डॉली,' अरे इतना सारे फल किस लिए लाए है...

में डॉली की बात सुनकर मुस्कुराने लगा..

डॉली- अरे बताइए ना

राज- में बताता हू लेकिन पहले बेड अपने पीठ के बल लेट जाओ...

डॉली- किस लिए कोई दूसरा इरादा तो नही है...

में डॉली के सर को सहलाते हुए,'' कोई इरादा नही है तुम लेटो तो सही..

डॉली आख़िरकार लेट गयी..

मे जूतों को निकालते हुए बेड दोनो पैरो को मोड़कर बैठ गया..

डॉली के उभारों पर उसके साड़ी के आँचल को हटाया..

डॉली मेरी ही ओर देखने लगी... अब डॉली के पूरा पेट नंगा हो गया.. में एक हाथ को बढ़ाते हुए डॉली के पेट पर रखा ओर उसके पेट को सहलाते हुए,' में अपने होने वाले प्यारे बच्चे के लिए ये सारे फल लाया हु..

डॉली मेरी बात सुनकर ज़ोर-ज़ोर हँसने लगी..

जब डॉली हँसते-हँसते कुच्छ नॉर्मल हुई तो,' अरे हमारा बच्चा खाएगा लेकिन कैसे, फिर से हँसने लगी..

में उसके पेट को चूमते हुए,' इसमें हँसने की क्या बात ये तो सॉफ सीधा है..

डॉली- अच्छा सीधा बात है

में डॉली के पेट को सहलाते हुए,' देखो बात सही है की हमारा बच्चा फल खाएगा, जब तुम खाओगी.. तुम्हे ताक़त मिलेगी ओर तुम यदि सहतमंद रहोगी तो मेरा बच्चा भी सेहतमंद रहेगा.. अब समझी मेरी नासमझ बीवी..

डॉली मेरी बात सुनकर चुप हो गयी उसका हँसना बंद हो गया..

डॉली- में आपके बातो को बिना सोचे समझे मज़ाक उड़ाई... इसके लिए में आपसे माफी मांगती हू..

में डॉली के बगल में करवट के बाल डॉली की ओर मूह करके लेट गया..

डॉली के गालो को सहलाते हुए अरे हट इसमे कहाँ से माफी माँगने की बात कहाँ से आ गयी.. हँसना भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा है ठीक है..

चलो पूजा को लेकर खाना लगाओ..

डॉली ने खाना लगाई मेने ओर पूजा ओर डॉली तीनो ने मिलकर खाना खाए.. खाना खाने के बाद में ओर डॉली अपने रूम में आकर लेट गये..

पूजा अपने रूम में स्टडी करने के लिए चली गयी.. मा भी पूजा के संग में ही सोती थी.. क्योकि मेने कसम खाया था की मा को बीवी बनाए बेगैर उनको देखूँगा भी नही.. खाना खाने के बाद में ओर डॉली अपने रूम में आकर लेट गये..

वैसे जब 1 माह के बाद डॉक्टर के अनुसार मा 18 साल की युवती की तरह होने वाली है...

में ओर डॉली दोनो सो गये..

उसके बाद कुच्छ नही हुआ

में डॉली का बहुत ज़्यादा खयाल रखने लगा.... अब मेने डॉली से सेक्स करना छोड़ दिया. अगर डॉली से

सेक्स करता तो हमारा बच्चा को कुच्छ क्षति हो जाता..

इसी तरह समय बिताने लगे, बस घर से ड्यूटी, ड्यूटी से घर आना..

डॉली को अच्छे से खयाल रखने लगा.... पूजा मेरे साथ कॉलेज जाती, ओर कॉलेज से घर आती.. इसी तरह 25

दिन बीत गया... लेकिन मंत्री के खिलाफ कोई सबूत नही मिला.
 
एक दिन में शाम को ड्यूटी से आया.. खाना खाने के बाद में लेटा हुआ था डॉली भी मेरे पास ही थी... की अचानक गोली चलने की आवाज़ आई.. में तुरंत गन उठा कर जैसे ही रूम के दरवाजे के पास आया गेट खोलकर जब बाहर आया गन का निशाना लेकर इधर-उधर देखने लगा.... तभी मेरे कानो में एक जोरदार

चीख सुनाई दी......रा.ज.

ये आवाज़ मेरे रूम की ओर से आया में दौड़ते हुए अंदर घुसा सामने छत की सीडियो के पास डॉली को देखकर मेरा कलेज़ा फटने लगा.... डॉली पेट के बल गिरी हुई कराह रही थी उसके पैरो की ओर से खून गिर रहा था... उसके सर पर भी चोट लगी थी..

पूजा ओर मा खड़े थे... में दौड़ते हुए छत की सीडियो के पास जैसे ही भागा तभी ... राज..

में तुरंत नीचे उतरा डॉली को अपने दोनो बाहों में उठाया ओर बाहर की ओर भागा..

पूजा भी मेरे पीछे-पीछे आई... मेने डॉली को पूजा के पास लिटा दिया.. ओर तुरंत हॉस्पिटल की ओर निकल गया.. मा ओर पूजा डॉली को लेकर बैठ गये.. लगभग 15 मिनिट्स के बाद ही हम हॉस्पिटल में पहुच गये डॉली को तुरंत आई सी यू. में भरती कर दिया गया.. में ऑपरेशन थियेटर के बाहर आँसू बहा रहा था... मेरे आँखो से आँसू बहे जा रहे थे.. पूजा भी रो रही थी... पूजा मेरे पास आई मुझे धाढ़श बढ़ाने लगी..

में पूजा के कंधे पर सर टिकाए रोने लगा.... तभी मेरा मोबाइल बज़ने लगा....

कॉल उठाया.. उधर से आवाज़ आई.. हा तो कैसा महसूस कर रहे हो इसपेक्टर.राज

आवाज़ सुनते ही मेरे आँसू रुक गये.. मेरा पूरा बदन गुस्से के मारे दहकने लगा.... मेरी मुठिया

अपने आप कश गई..

में चिल्लाते हुए.. कुत्ते साले में तेरा खून पी जाऊँगा.

अगर मेरा बच्चा नष्ट हुआ या मेरी बीवी को कुच्छ हुआ तो में तुझको कुत्ते की मौत मारूँगा, साले हरामी तेरा दुश्मनी मेरे साथ है तूने बीवी को मारा है जो की पेट से थी...

होम मिनिस्टर- वैसे तुमने ठीक ही कहा में हरामी हू.. कुत्ता हू..अभी तुमने टैलर् देखा है. अभी तो पूरी फिलम बाकी है... समझा की नही..

तूने मेरे एकलौते बेटे को एनकाउंटर में मारा था ना..

अब तुमको लगेगा इनस्पेक्टर की जब अपना कोई मरेगा तो कैसा लगेगा..

ओर हा कोई होशियारी नही अगर तुमने पुलिस को खबर किए तो में तुम्हारी बहन पूजा को जान से मार दूँगा...

उसके बाद कॉल कट हो गया..

में छट पटा कर रह गया 2 घंटे के बाद डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर में से बाहर निकले.

में डॉक्टर से- क्या डॉक्टर साहब

डॉक्टर- वो आपकी पत्नी तो अब ख़तरे से बाहर है लेकिन...

में डॉक्टर का हाथ पकड़ते हुए... लेकिन क्या डॉक्टर..

में डॉक्टर का मूह देखने लगा....

डॉक्टर- वो बच्चा नष्ट हो गया है...

इतना सुनते ही मेरी चीख निकल गयी...नही

डॉक्टर मेरा पीठ थपथपाते हुए, सबर करिए मिस्टर.राज

इतना बोलकर डॉक्टर केबिन के अंदर चले गये..
 
में डॉक्टर का हाथ पकड़ते हुए... लेकिन क्या डॉक्टर..

में डॉक्टर का मूह देखने लगा....

डॉक्टर- वो बच्चा नष्ट हो गया है...

इतना सुनते ही मेरी चीख निकल गयी...नही

डॉक्टर मेरा पीठ थपथपाते हुए, सबर करिए मिस्टर.राज

इतना बोलकर डॉक्टर केबिन के अंदर चले गये..

मेरा कलेज़ा फटने लगा.... में रोते हुए नीचे फर्श पर घुटनो के बल गिर गया.. मेरा दिल चकनाचूर हो गया.. मेरा पहला बच्चा जो की मेरा ओर डॉली के प्यार का निशानी था वो नष्ट हो गया.. तभी मेरे कंधो पर किसी के हाथ का अहसास हुआ... मेने भीगे हुए आँखो से ऊपर देखा मा सामने थी मा मुझको ऊपर उठाई ओर खींचकर अपने से चिपकाते मेरी पीठ थपथपाने लगी.. में मा के सीने से चिपकते हुए उनके कंधे पर सर टिकाकर रोने लगा....

मा मेरे बालो को सहलाते हुए.. चुप हो जाइये आप यदि ऐसा करेंगे तो फिर डॉली का क्या होगा.. में हू ना में आपके बच्चों को पैदा करूँगी..

में मा की बात को सुनकर थोड़ा सकूँ हुआ मा मेरे आँसू पौंछी.. में जब मा की ओर देखा तो चॉक पड़ा मा के शरीर में परिवर्तन हो गया था तो पूजा से भी कम उमर की लग रही थी...

कुच्छ देर के बाद डॉक्टर ने खबर दिया की डॉली को होश आ गया है... में जब आई सी यू. रूम में आया..

डॉली के सर पे पट्टी बँधा हुआ था... मेरे साथ पूजा ओर मा भी आ गयी..

में जब डॉली के पास पहुंचा तभी डॉली मुझे देखते ही, ' मेरा बच्चा तो नष्ट नही हुआ ना..

डॉली की बात सुनकर मेरा कलेज़ा काप गया.. में उसके गालो को सहलाने लगा....लेकिन कुच्छ नही बोला...

डॉली मेरा हाथ पकड़ते हुए.. आपको मेरी कसम अपने होनेवाले बच्चे की कसम.. जल्दी बताइए मेरा दिल बहुत घबरा रहा है...

में डॉली के गालो को सहलाते हुए.. डॉली अपना बच्चा..

डॉली- क्या हुआ जल्दी बताइए ना..

राज- डॉली बच्चा नष्ट हो गया

इतना सुनते ही डॉली बहुत ज़ोर से चीखी.. नही...

फिर बेहोश हो गयी..

इतना ज़ोर से चीखने से पूरा हॉस्पिटल दहल गया..

में डॉली को ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगा............. तभी डॉक्टर दौड़ते हुए आए..डॉक्टर को देखते ही ---

मैं -डॉक्टर साहब देखिए ना डॉली बेहोश गयी..

डॉक्टर- आपलोग बाहर जाइए प्लीज़

हम लोग बाहर आए..

थोड़ी देर के बाद डॉक्टर निकले..

में डॉक्टर के पास जाकर, क्या हुआ डॉक्टर

डॉक्टर .- सॉरी मिस्टर.राज हम आपके बच्चे को बचा ना पाए आपकी पत्नी को बच्चे को लेकर बहुत बड़ा सदमा

लगा है... अब शायद वो बोल सके

डॉक्टर की बात सुनकर में हिल गया.. में आई सी यू. में डॉली के पास गया.. डॉली ऊपर देख रही थी... उसके आँखो से आँसू बहे जा रहे थे.. में डॉली के आँसू को पोन्छते हुए,' डॉली ये तुमको क्या हो गया..

लेकिन डॉली के शरीर में कुच्छ भी हलचल नही हुआ...... खैर वो मनहुष् रात किसी भी तरह कट गयी..

सुबह होते ही में डॉक्टर को पेमेंट किया ओर डॉली को लेकर हॉस्पिटल से घर चला आया..

घर आते ही जीप को रोका ओर डॉली को लेकर रूम के अंदर आ गया..

रूम के अंदर आते ही पूजा नाश्ता बनाने चली गयी...

मा अपने रूम में आ गयी..

में रूम में घुसते ही दरवाजे को अंदर से बंद किया.

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रूम के अंदर आते ही पूजा नाश्ता बनाने चली गयी...

मा अपने रूम में आ गयी..

में रूम में घुसते ही दरवाजे को अंदर से बंद किया.

डॉली को लेकर बाथरूम में घुस गया..

डॉली को इतना ज़्यादा सदमा लगा था की वो बोल नही पा रही थी..

में डॉली लेकर बाथरूम में घुसते ही,' डॉली जान टाय्लेट करोगी..

डॉली ना अपना सर को हिलाते हुए..

मेने अपना सारा कपड़े निकाल कर नीचे रख दिया फिर डॉली के नाइटी को निकाला डॉली अंदर ब्रा पैंटी पहनी हुई थी... में डॉली को बाहों में भरा अपने हाथो को पीछे ले जाते हुए ब्रा को निकाल दिया..

डॉली केवल मेरे ओर देख रही थी... ब्रा के बाद पैंटी को भी निकाल दिया... अब डॉली नंगी हो गयी.. डॉली की ऐसी हालत देखकर मेरे आँखो से आँसू निकलने लगे में डॉली को बाहों में चिपकाए रोने लगा.... उसकी नंगी चुचिया मेरे सीने में धश रही थी... लेकिन मेरे दिमाग़ में सेक्स को लेकर कोई भाव नही था...

में चिपके हुए उसके कंधे पर सर टिकाए बहुत देर तक रोता रहा.. डॉली अपने हाथो को मेरे पीठ

पर धीरे-धीरे फिरा रही थी...

कुच्छ देर रोने के बाद में नॉर्मल हो गया.. डॉली को अपने हाथो से गरम पानी से नहलाया.. फिर में भी नहा लिया..नहाने के बाद टॉवल से डॉली के पूरे जिस्म को पोंछ दिया.. फिर डॉली को लेकर रूम के अंदर आया.. रूम में आते ही डॉली को चेयर पर बैठा दिया..

डॉली पूरी नंगी थी सबसे पहले मेने अपना अंडरवेर पहना फिर डॉली के लिए एक नाइटी जो की पैरो तक थी उसे लिया फिर एक पैंटी भी ले लिया.. डॉली को पैंटी पहना दिया फिर नाइटी पहना दिया.. डॉली को कपड़े पहनने के बाद उसे बेड पर सुला दिया रूम के दरवाजे को खोलते ही डॉली के बगल में लेट गया.. डॉली को अपने ऊपर खींचकर सुला लिया.. थोड़ी देर में मेरी आँखे बंद हो गयी.. किसी के जगाने से मेरी नींद खुली सामने पूजा खड़ी थी...

पूजा- भैया नाश्ता करोगे क्या..देखो तो 10 बज़ने को आए... आप भी सो रहे हो ओर भाभी को सुला रहे हो...

में डॉली को अपने ऊपर से हटाकर बगल में लिटाते हुए,' चल में आता हू..

पूजा- जी भैया जल्दी आओ

भाभी को भी लेते आओ..

पूजा के जाते ही में डॉली को जगाया ओर उसको बाहों में उठाते हुए किचन की तरफ ले आया.. पूजा खाना लगा दी में ने डॉली को खिलाया ओर में भी खाया मेरे पास मा ओर पूजा भी थे. खाना खाने के बाद मेने डॉली को लेजाकर बेड पर लिटा दिया.. उसके माथे को चूमते हुए,' तुम आराम करो में ड्यूटी पर निकल रहा हू..

लेकिन डॉली मेरे हाथ को पकड़ ली.. में डॉली के पास बैठ गया उसके गालो को सहलाने लगा.... \\

गालो को सहलाने से डॉली की आँखे बंद होने लगी.. 10 मिनिट्स के बाद डॉली सो गयी..में धीरे से उसके माथे को चूमा वर्दी पहना ओर रूम से बाहर निकला किचन में पूजा बर्तन धोने में लगी थी...

में पूजा के पास जाते ही,' पूजा में ड्यूटी पर जा रहा हू तुम डॉली का ध्यान रखना..

पूजा मेरे तरफ मूह घूमते हुए,' ठीक है भैया आप जाओ में देख लूँगी लेकिन जल्दी ही आ जाना..

राज- ठीक है पूजा तू चिंता ना कर में जल्दी आजाऊँगा..

में जीप निकाला ओर ड्यूटी को निकल गया.

दिनभर कुच्छ नही हुआ शाम को में घर लौटा तो डॉली सोई हुई थी...

खैर इसी तरह दिन काटने लगा दिन भर ड्यूटी घर आते ही डॉली का खयाल रखना सुबह-शाम डॉली को नहलाना कपड़े बदलना इसी तरह समय बिताने लगा.. इसी बीच डॉली धीरे-धीरे थोड़ा नॉर्मल होने लगी लेकिन उसके आवाज़ को ना जाने क्या हुआ वो बोलने की कोशिश करती लेकिन बोल नही पाती..
 
खैर इसी तरह दिन काटने लगा दिन भर ड्यूटी घर आते ही डॉली का खयाल रखना सुबह-शाम डॉली को नहलाना कपड़े बदलना इसी तरह समय बिताने लगा.. इसी बीच डॉली धीरे-धीरे थोड़ा नॉर्मल होने लगी लेकिन उसके आवाज़ को ना जाने क्या हुआ वो बोलने की कोशिश करती लेकिन बोल नही पाती..

इसी तरह समय अपने रफ़्तार से बीतता रहा कब 1 माह गुजर गया पता नही चला.. इन एक महीनो में दो काम हुआ एक मा का पूरा शरीर में परिवर्तन हो गया, वो अब 18 साल की युवती हो गयी...परफ़ेक्ट साइज़ के चुचिया, बाहर निकली हुई गान्ड, पतली कमर.. चाँद की तरह चमकता चेहरा, गुलाब की पंखुड़ीयो की तरह होंठ, शरीर की बनावट ऐसा हो गया की लग रहा था की मा मेरी छोटी बहन है... ये सब डॉक्टर का कमाल था,

अब समय आ गया की मा को दुल्हन बना लिया जाए लेकिन डॉली की हालत देख कर में ने सोच लिया की डॉली के जबतक हालत में सुधार नही आएगी तबतक में मा को दुल्हन नही बनाऊंगा.. दूसरी बात ये थी की होम मिनिस्टर की तरफ से गड़बड़ नही हुआ

अब डॉली बोलती तो नही थी लेकिन में जो कहता वो समझ जाती ओर हा या ना में सर को हिलाती.. एक महीना जब समाप्त हुआ तो में एक शाममें घर आते ही कपड़े चेंज किया में फ्रेश हुआ ओर डॉली को फ्रेश किया ओर खाना खाने के डॉली को लेकर रूम चला आया.. रूम को अंदर से बंद करते ही अपने पूरे कपड़े निकाल कर फेक दिया ओर डॉली के भी पूरे कपड़े निकाल दिया.. जब से डॉली की ऐसी हालत हुई तो मेने सेक्स तो दूर की बात है मूठ भी नही मारा था...

में डॉली को बेड पर लिटा दिया ओर उसके बदन के ऊपर एक चादर रख दिया. में भी नंगा था सो चादर में घुसते ही डॉली को अपने ऊपर खींच लिया डॉली के नंगा बदन मेरे नंगा बदन से टच हुआ तो.. मेरे पूरे बदन में खून की लहर दौड़ गयी. मेने डॉली को अपनी बाहों में कस लिया... मेरा थोड़ी देर में लोहे की रॉड की भाँति खड़ा हो गया.. ओर डॉली के पेढूमें धसने लगा.... में डॉली के सर को अपने दोनो हाथो से पकड़ते हुए उसके आँखो में देखने लगा.. डॉली के आँखो में प्यार का सागर लहरारहा था... डॉली भी मेरे आँखो में देख रही थी...

थोड़ी देर बाद में डॉली के सर को अपनी होंठो की तरफ झुकने लगा डॉली के आँखो में देखते हुए में डॉली के ऊपर वाले होंठो को अपने होंठो में भरा ओर धीरे-धीरे बहुत ही प्यार से उसके गुलाबी होंठो को चूसने लगा.... डॉली भी मेरे निचले होंठो को चूसने लगी..में अपने दोनो हाथो को डॉली के गान्ड पर रखते हुए दोनो चुतड़ों को मसलने लगा....

होंठो को चुसते हुए हमारी साँसे उखड़ने लगी डॉली गरम-गरम साँसे छोड़ने लगी 10 मिनिट्स के बाद में डॉली को अपने ऊपर से हटाया ओर चादर को नीचे फेक दिया.. में धीरे से डॉली के दोनो पैरो को चौड़ा किया तो डॉली की फूली हुई चूत उभरकर सामने आ गयी मेने डॉली की चूत की फांको को अलग किया ओर अपने घुटनो के बल झुकते हुए डॉली के रस से भरी हुई चूत को चूसने ओर चाटने लगा डॉली मेरे सर को सहलाने लगी में ज़ोर-ज़ोर से उसके चूत को चूसने लगा... लगभग 5 मिनिट्स के बाद डॉली छटपटाने लगी में तुरंत उसके चूत को चूसना बंद किया ओर लंड को चूत में सेट करते हुए डॉली के दोनो पैरो को अपने कंधे पर रखते हुए लंड को अंदर पेलने लगा....

लंड सनसनाता हुआ डॉली के गरम चूत में घुसने लगा.. थोड़ी देर में 8 इंच का लंड डॉली के टाइट में गायब हो गया.. लंड पूरा चूत में जाते ही डॉली का पानी निकल गया.. लगा की मेरे लंड को जला देगा.. डॉली हाँफने लगी..में डॉली के दोनो पैरो को कंधो रखे जोरदार धक्का लगाने लगा....

फ़च्छ...फ़च्छ की आवाजो के साथ लंड डॉली की चूत में सटा सट अंदर-बाहर होने लगा.... डॉली के दोनो चुचिया उच्छल रही थी...

10 मिनिट्स के बाद लगा की में अब झड़ने वाला हू.. में तुरंत डॉली के आते हुए उसके सर को पकड़ते हुए उसकी गुलाबी होंठो को चुसते हुए 5-6 धक्का लगाया लंड को बच्चेदानी में ठेलते हुए डॉली की चूत में झड़ गया.. डॉली भी मेरे साथ ही काँपते हुए झड़ गयी...डॉली अपने हाथो से मेरे पीठ को सहलाने लगी... में बहुत देर तक डॉली के गुलाबी होंठो को चुसता रहा..

लगभग दस मिनिट्स के बाद में में डॉली के बगल में लेट गया... चादर खिचते हुए अपने ओर डॉली के ऊपर रख लिया ओर हम दोनो बाहों-बाहें डाले सो गये..
 
सुबह 5:00 मेरी नींद खुली में डॉली से चिपके हुए सो रहा था... मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब लगी थी में

डॉली के ऊपर से उठा तभी डॉली भी उठ गयी....

में डॉली के बालो को सहलाते हुए,' पेशाब करोगी

डॉली सर हिलाते हुए हा का इशारा की

में डॉली को दोनो बाहों में उठाया बाथरूम में घुस गया.. डॉली कमोड़ पर बैठ कर पेशाब करने लगी..

डॉली करते समय उसकी चूत की फांके फैल गयी ओर उसमे बहुत ही बढ़िया आवाज़ आने लगी..पेसाव करने के बाद में पानी से चूत को धोया मेने भी पेसाव किया ओर डॉली को बाहों में लेकर रूम में आया बेड पर सीधा पीठ के बल लिटाया.. में बेड पर चढ़कर डॉली के दोनो टाँगों को फैला दिया... डॉली की चूत चमक रही थी में चूत की फाकॉ को अलग किया जीभ निकाल कर चूत की दरारों में घूमने लगा.... डॉली अपने हाथो को मेरे सर पर घुमाने लगी.. में डॉली की चूत के भग्नासे को होंठो में भरकर चूसने लगा.... डॉली मेरे सर को अपनी चूत पेर दबाने लगी.. उसकी चूत से नमकीन रस रिसने लगा.... जिसको में मज़े से पी रहा था... में दोनो हाथों से डॉली के चुतड़ों पर ले जाते हुए थामकर उठाया ओर चूत को चाटने के साथ भग्नासे को होंठो में भरकर ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा.... लगभग 5 मिनिट्स के

बाद डॉली अपने दोनो पैरो को मोड़कर मेरे सर पर बाँध ली.. मेरे सर अपनी चूत पर दबाते हुए झड़ने लगी..उसकी चूत से गरम -गरम पानी भल-भाल करता हुआ गिरने लगा.... में डॉली के पूरे चूत रस को पी गया

अपने जीभ निकालकर पूरे चूत को चाट्ता गया.. में अपना सर को बिना हटाए कुच्छ देर तक चूत को चाट ता रहा ओर भग्नासे को चुसता रहा थोड़ी देर बाद डॉली फिर से मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी..में तुरंत डॉली की चूत पेर से मूह हटाया अपने घुटनो के बल डॉली के दोनो टाँगों को बीच बैठ गया..अपने हाथ में बहुत सारा थूक लेकर लंड को गीला किया ओर चूत के गुलाबी छेद पर सेट करते हुए.. डॉली के कमर को पकड़ते हुए एक धक्का लगाया लंड सन सनाता हुआ चूत में समा गया.. में तुरंत डॉली के ऊपर आते हुए उसके चुचि को मूह में भरकर चूसने लगा ओर दूसरे चुचि को मसलते हुए एक जोरदार धक्का लगाया.. लंड पूरा चूत में समा गया.. डॉली के दोनो टाँगे मेरे कमर पर कश गई... में एक चुचि को चुसते हुए ओर मसलते हुए ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा.....

लगभग 5 मिनिट्स जोरदार से चुदाई से डॉली झड़ गयी....लेकिन में उसे चोदना बंद नही किया... पूरे कमरे में हमारी चुदाई की आवाज़े सुनाई देने लगी.. में अपना गान्ड उछालकर डॉली को चोदे जा रहा था

वीर्य च्छुटकर डॉली की बच्चेदानी में समा गया.. डॉली भी मेरे साथ ही झड़ गयी...ओर मेरे पीठ सहलाने लगी..

सुबह-सुबह हुई इस घनघोर चुदाई से में ओर डॉली दोनो पसीने-पसीने हो गये..

फिर से में डॉली के ऊपर गिरते हुए सो गया. इसी तरह 10 दिन तक में डॉली को खूब चुदाई किया, इसी बीच में दिन के समय ड्यूटी से आता ओर नाश्ता करने के बाद डॉली की चुदाई अब डॉली के मुख पे हरदम स्माइल रहता..
 
मेरा लंड डॉली की बच्चेदानी के मूह जा रहा था... 20 मिनिट्स के बाद में ओर डॉली दोनो एक साथ झड़ गये.. मेरे लंड से पूरा का पूरा वीर्य च्छुटकर डॉली की बच्चेदानी में समा गया.. डॉली भी मेरे साथ ही झड़ गयी...ओर मेरे पीठ सहलाने लगी..

सुबह-सुबह हुई इस घनघोर चुदाई से में ओर डॉली दोनो पसीने-पसीने हो गये..

फिर से में डॉली के ऊपर गिरते हुए सो गया. इसी तरह 10 दिन तक में डॉली को खूब चुदाई किया, इसी बीच में दिन के समय ड्यूटी से आता ओर नाश्ता करने के बाद डॉली की चुदाई अब डॉली के मुख पे हरदम स्माइल रहता..

लगभग 10 दिन बीता तो एक दिन में ओर डॉली दोनो नहा रहे थे की डॉली को ज़ोर-ज़ोर से उल्टियाँ होने लगी.. में कितना भी पीठ सहलाता लेकिन डॉली की उल्टिया नही रुक रही थी थोड़ी देर बाद में डॉली को कपड़े पहनाया में भी कपड़े ओर उसे लेकर हॉस्पिटल की ओर चला आया. हॉस्पिटल में जब डॉक्टर ने चेक़प किया तो पता चला की डॉली फिर से प्रेग्नेंट है... में इतना सुनते ही खुशी से उछल पड़ा... मैने डॉक्टर को बिल पेमेंट्स किया ओर डॉली को लेकर घर आ गया..

घर में घुसते ही

पूजा,' भैया भाभी को लेकर कहाँ गये थे..

में ने पूजा को चुप रहने के लिए इशारा किया डॉली को लेकर रूम में आया.. डॉली को बेड पर बैठाया ओर उसके सर को पकड़ते हुए उसके आँखो में देखते हुए,' डॉली देख हमारा बच्चा नष्ट नही हुआ है ... देख तेरे पेट में मेरा बच्चा पल रहा है... डॉली मेरे आँखो में देखते हुए आँसू बहाने लगी...

में डॉली के आँसू को पोन्छते हुए,' डॉली एक बार तो बोल देख तेरे पेट में बच्चा पल रहा है... तुझको हमारे बच्चे की कसम.. तुझको मेरी कसम प्लीज़ कुच्छ तो बोल....... इतना बोलते ही मेरा गला भर गया

में अधिक बोल ना पाया... मेरे आँखो से झर-झर आँसू गिरने लगा.... में डॉली गोद में सर रख कर

बैठ गया...

15 मिनिट्स के बाद डॉली के मूह से एक जोरदार चीख निकली,'''' नही...

ओर डॉली अपने पेट पकड़ते हुए रोने लगी...नही मेरा बच्चा नही मर सकता मेरा बच्चा जिंदा है... में डॉली की आवाज़ सुनकर खुशी के मारे डॉली के पूरे चेहरे को चूमने लगा....

उसके पूरे चेहरे को चूमने के बाद में डॉली के सर को पकड़ते हुए,' हा जान तुम ठीक कह रही हो हमारा बच्चा बिल्कुल ठीक है... उसे कुच्छ नही हुआ है...

डॉली- आप सही कह रहे है ना

राज- हा हमारा बच्चा तुम्हारे पेट पल रहा है

डॉली खुशी के मारे मेरे सीने में सर च्छुपाकर लिपट गयी ओर ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी.. में डॉली को अपनी बाहों में सपेट कर अपने से चिपकते हुए रोने लगा...

में अपने हाथो से डॉली के सर को सहलाते हुए चुप कराता रहा आज हमारे आँखो से खुशी के मारे आँसू गिर रहा था... लगभग 20 मिनिट्स के बाद हम अलग हुए तभी पीछे नज़र पड़ी मा ओर पूजा दोनो खड़े थे उनके आँखो से आँसू भी गिरे हुए थे..

20 मिनिट्स के बाद हम अलग हुए तभी पीछे नज़र पड़ी मा ओर पूजा दोनो खड़े थे उनके आँखो से आँसू भी गिरे हुए थे..

डॉली नीचे उतरी दौड़ के मा के गले लग गयी.. फिर पूजा से भी गले मिली जब डॉली ने अपनी दीदी यानी राज की मा की तरफ देखा तो डॉली की आँखे चौधिया गयी वो आँखे फाडे-फाडे अपनी दीदी की ओर देखनी लगी क्योकि राज की मा अनिता का तो अब पूरा शरीर में परिवर्तन हो गया था.. अनिता अब 18-19 साल की जवान कुवारि लड़की की तरह हो गयी थी... डॉली की पलके झपकाने का नाम नही ले रहे थे... वो एकटक अनिता को आँखे फाडे-फाडे देख रही थी क्या वही दीदी जिन्होने राज ओर पूजा की मा अब राज से भी कम उमर की लग रही है... डॉली ये सोच की आश्चर्य चाकित थी की अब डॉक्टर भी भगवान से कम नही है.. चेहरा परिवर्तन से लेकर शरीर परिवर्तन भी कर रहे है...

डॉली को एकटक अपनी ओर घुरते हुए देख अनिता उसके कंधो को पकड़ कर हिलाते हुए, क्या हुआ कहाँ खो गयी ऐसे क्यो घूर रही हो..

डॉली होश में आते हुए , दीदी ये तो कमाल हो गया है ना आप तो बिल्कुल मेरी छोटी बहन की तरह हो गयी है.. अनिता शर्माते हुए, धत्त पागल कुच्छ भी बोलती रहती है में भला कहा तुम्हारी छोटी बहन की तरह दिखाई दे रही हू..

डॉली अनिता के गालो पर दोनो हाथो से पकड़ते हुए,, कसम से दीदी में सच कह रही हू देखिए ना आपके ये बाल एकदम अपने-आप काले-काले हो गये है..आपकी आपके हर अंग की त्वचा किसी 18 साल की नवजवान लड़की की तरह हो गया है..सबसे बड़ी बात आप पहले ज़्यादा पतली हो गयी..... इतना सब सुनकर अनिता शर्मा गयी ओर शरम के मारे डॉली के उभारों में मूह छिपा ली..

राज ये सब बातो को सुनकर बहुत खुश हो गया खुश क्यो ना हो आज एक महीने के बाद उसकी जान डॉली सदमे से बाहर आ गयी है ओर सबसे चहक-चहक के बाते भी कर रही है... राज बेड पर पैर लटकाए बैठी था पूजा भी पास में बैठी थी... कुच्छ देर इधर-उधर की बाते करके डॉली अनिता के साथ राज के पास बैठ गयी.

डॉली के कंधे पर सर टिकाते हुए,, एक बात कहूं गुस्सा तो नही करेंगे ना

राज डॉली के माथे को चूमते हुए,, में भला अपने जान से गुस्सा हो सकता हू. तुम भी कैसी बाते करती हो?

डॉली- देखिए ना अब अनिता दीदी के पूरा शरीर परिवर्तन हो गया है तो में चाहती हू की अब दीदी की शादी आपसे कर दी जाए..तो क्या कहते है आप अब तो किसी को भी पता नही चलेगा की ये आपकी मा है..

राज अबकी बार डॉली के गालो को चूमते हुए,, अरे वा तुमने तो मेरे मूह की बात ही छीन ली.. में भी बिल्कुल तैयार हू लेकिन पूजा भी तो शादी कर ने योग हो गयी है तो में सोच रहा हू की पहले पूजा की शादी कर दूं..
 
राज के मूह से शादी की बात सुनकर पूजा वहाँ से उठी ओर बाहर निकल गयी.. डॉली पूजा की हरकत देखकर राज से ये देखिए हमारी नंद तो शर्मा कर अपने रूम की ओर भाग गयी.. लेकिन इतनी जल्दी लड़का ढूंढ़ेंगे कहाँ

राज डॉली को अपने ओर घूमते हुए,,लड़का मेने देख लिया मुझे पसंद भी है बस आपलोगो को देखना है ओर पसंद करना है.

डॉली चहकते हुए,,फिर तो हमें देर नही करना चाहिए.. वैसे लड़का करता क्या है उसकी बिरादरी क्या है उसके माता-पिता कौन है..

राज डॉली के मूह पर हाथ रखते हुए,, बस.. बस करो इतना सब पूछने की ज़रूरी नही है में पूरा डीटेल्स बता देता हू.. देखो लड़का अभी-अभी कॉलेज में प्रोफ़्फेसर हुआ है..उसके माता-पिता इस दुनिया में नही है नही कोई भाई-बहन है.. हॅंडसम है... अच्छा सवभाव का है.. धन-दौलत की कोई कमी नही है करोरो का मालिक है..सबसे बड़ी बात दिल का भी बहुत अच्छा है.. नाम है ''अरुण'' इतना सब बता कर राज चुप हो जाता है.. डॉली कुच्छ देर तक शांत रहती है फिर अनिता की ओर घूमते हुए,,वैसे दीदी आपको कुच्छ नही बोलना है क्या.. बिल्कुल चुप बैठी क्या बात है..

अनिता डॉली की तरफ घूमते हुए ,, तुम भी ना बात का बतंगड़ बना रही हो जब हमारे जान जी को लड़का पसंद है तो में कैसे मना करूँगी भला. राज अपनी मा अनिता की बातो को सुनकर बहुत खुश हो जाता है..राज कुच्छ देर तक सोचने के बाद एक काम करता हू में अरुण को कॉल कर देता हू वो दो घंटे के बाद आ जाएगा आपलोग देख लीजिएगा ठीक है डॉली ओर अनिता दोनो एक साथ ठीक है..

राज बेड से नीचे उतर कर-- ठीक है तुम दोनो बाते करो में पूजा से मिल कर आता हू.. इतना बोलते ही राज अपने रूम से निकलता है ओर अपनी छोटी बहन पूजा वाले रूम में घुस जाता है..रूम में घुसते ही राज की नज़र जब पूजा पे पड़ती है जो अपने बेड पे उलटा लेटी हुई है उसका बॅक ऊपर है...

राज आगे बढ़ता है बेड के किनारे पूजा के सामने जैसे ही बैठता है तो उसे धीरे सिसकी सुनाई देने लगती है जैसे की पूजा धीरे से रो रही हो.. राज धीरे से पूजा के सर को सहलाते हुए पुकारता है...पूजा..पूजा

तभी पूजा एक झटके से पलटती है राज की नज़र जब पूजा के चेहरे पे पड़ती है तो राज हिल जाता है........

पूजा की आँखो में से आँसू टपक रहे थे उसके पूरे चेहरा आँसूओ से भीगा हुआ था.. राज तुरंत पूजा के गालो पर दोनो ओर हाथ रखते हुए उसके चेहरे को पकड़ते हुए अपना चेहरा नीचे झुकाते हुए पूजा के पूरे आँसू को अपने होंठो से पी जाता है..तभी पूजा राज की ओर देखती है राज भी उसके ओर देखता है

तो पूजा बोलती है,, भैया आप मेरी शादी क्यो करना चाहते है.. प्लीज़ भैया में आपसे दूर नही रह सकती में आपके बिना मर जाऊंगी.. प्लीज़ भैया आप मुझे दूर मत कीजिए..में मर जाऊंगी. इतना सब बोलते-बोलते पूजा की आँखे भर जाती है उसका गला रुंध जाता है वो बोल नही पाती है...

राज पानी की बोतल उठाकर पूजा को देता है पानी पीकर पूजा जैसे ही नॉर्मल होती है अचानक राज के सीने में मूह छिपा कर फफक..फफक के रोने लगती है...भैया ऐसा ज़ुल्म मत कीजिए में जिंदा नही रह पाउँगी.. इतना बोलते ही पूजा ज़ोर-ज़ोर से रोने लगती है.. राज पूजा को इस प्रकार बेकलता से रोता देख अपने-आप को नही रोक पाता है उसके भी आँखो से आँसू टपकने लगता है..वो पूजा के सर को अपने पेट पर दबा लेता है.. कुच्छ देर के बाद राज किसी तरह अपने-आप कंट्रोल करते हुए पूजा के चेहरे को एक हाथ से अलग करते हुए दूसरे हाथ से उसके आँसूओ को पोन्छते हुए,,

‘’देख बहन तू इस तरह रोएगी तो में भी रो दूँगा में तेरी शादी जबर्जस्ति नही करूँगा दो घंटे के बाद लड़का यहा आरहा है तुम उसे देख लेना बाते भी कर लेना अगर तुझको पसंद नही आया तो हम अभी तेरी शादी नही करेंगे ठीक है अब तो चुप हो जा नही तो में भी रो दूँगा.. पूजा जब राज के मूह से सुनती है की जब वो पसंद नही करेगी तबतक साड़ी नही होगी तो उसके आँसू रुक जाते है वो राज के आँखो से बाहें हुए आँसूओ को अपने एक हाथ से पोन्छने लगती है...

राज भी पूजा के आँसूओ को पोन्छने लगता है.. थोड़ी देर बाद दोनो भाई-बहन एक दूसरे के आँसू को पोंछ देते है... राज पूजा को अपने सीने से लगा लेता है एक हाथ से उसके सर को पकड़े हुए दूसरे हाथो से उसके पीठ को सहलाने लगता है... आज नज़ाने क्यो उसे अपने बहन पर बहुत प्यार आने लगता है.. पूजा भी अपने दोनो हाथो को राज के पीठ पर बाँधे चिपक जाती है उसे अपने भैया से अलग होने का मन नही करता है... तभी कोई राज के सर पर धीरे से हाथ घुमाने लगता है... हाथ घुमा ते ही राज अपने सर को घुमा ता है...
 
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