• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

Incest चक्रव्यूह

अपडेट 18

सारे रास्ते बंद थे, कुछ समझ मे नही आ रहा था क्या करू. छोटी छोटी बातो पर गुस्सा करने लग गया था, मॉम भी मुझे टेन्षन मे देखकर समझाती रहती थी.

ऐसे ही एक दिन मैं बिना लंच किए अपने रूम मे लेटा हुआ हालातों के बारे मे सोच रहा था की तभी मॉम आई और बोली “अभी, इस तरह टेन्षन और गुस्से से तुम अपनी परेशानी बढ़ा रहे हो, ठंडे दिमाग़ से काम लो बेटा… और अगर हालत बदल नही सकते तो उनके हिसाब से अपना रुख़ ऐसे बदलने की कोशिश करो की उनसे तुम्हे नुकसान कम हो और फ़ायदा ज़्यादा.”

तभी मेरे मोबाइल पर नेहा का फोन आया, फॉर्मल बातों के बाद नेहा ने भी मुझे समझाया की मैं ज़्यादा टेन्षन ना लू.

नेहा-“अभी मैं तुम्हे इतने दर्द मे नही देख सकती”

अभी-“मैं क्या करू कोई रास्ता ही नही निकल रहा”

नेहा- “अगर तुम बुरा ना मानो तो एक रास्ता बताऊ, जिससे हम ना सिर्फ़ हालत का फ़ायदा उठा सकते हैं बल्कि अपना बदला भी ले सकते हैं.”

अभी-“वो कैसे”

नेहा-“अगर हम मान जाए जो वो चाहता है उसके बाद”

उसकी बात काटते हुए अभी बोला, “पागल हो गइ हो क्या”

नेहा- “पहले सुनो तो. ………………”

अभी-“नही मैं इतनी बड़ी कीमत नही चुका सकता”

नेहा-“कोई और रास्ता है तुम्हारे पास. सोचकर बताना मुझे, अभी फोन रखती हूँ बाइ आंड लव यूं”

अभी- “आई लव यूं टू”

मैं बैठकर मॉम और नेहा की बातो पर सोचने लगा. मुझे ऐसे गुमसूँम सा बैठा देखकर मॉम फिर मेरे पास आई और पूछा क्या हुआ, मैने उन्हे नेहा के साथ हुई पूरी बात बताई. थोड़ी देर सोच कर उन्होने भी हा कर दी. वैसे भी मेरे पास सिवाय अपनी किस्मत और सो कॉल्ड चुदाई के टॅलेंट के अलावा कुछ नही था जिससे मैं प्रेम अंकल से जीत पाता, उपर से डॅड की भी जिंदगी और फॅमिली के फ्यूचर का सवाल था. आख़िर मैने आगे बढ़ने की सोची.

अगले दिन मैं सुनील के साथ अड्मिशन के लिए कॉलेज गया, जो की आराम से हो गया था. फिर हम साथ ही कॉलेज के सामने एक केफे मे आकर बैठ गये.

सुनील-“अभी तुझे मॉम याद कर रही थी, उस दिन भी तू घर से ऐसे ही निकल आया.”

सुनील थोड़ा रुक कर फिर बोला, “देख यार जो भी हो रहा है तू या मैं रोक तो नही सकते तो इसे भी अपने गेम का पार्ट बना लेते हैं और एंजाय करते हैं.”

अभी ने ठंडे स्वर मे जवाब दिया”शायद तू सही कह रहा है”

सुनील चहकते हुए बोला, “तो फिर कब है नेक्स्ट सीन , आई मीन जो हमने स्वाप प्लान किया था”

मैने कॉफी का घूँट पीते हुए जवाब दिया,”मॉम से बात करके बताता हूँ.”
 
अपडेट 19

घर आकर मैने मॉम को सब बताया, उनकी सहमति मिलने के बाद मैं सुनील से अगले दिन ममता को लेकर आने के लिए बोल दिया.

नेक्स्ट दे मॉम ने जल्दी काम निपटा कर झरना को छुट्टी दे दी और बढ़िया से तैयार होके आ गयी. तभी डोरबेल बजी, मैने मॉम की आँखों मे देखा जैसे पूछ रहा था, आर यूं श्योर अबाउट दिस. उनके इशारे पर जाके मैने दरवाजा खोला, बाहर सुनील और ममता आ पहुचे थे. अंदर आते ही दोनो को मैने बारी बारी हग किया और ममता को किस भी किया.

मॉम भी ममता को टाइट्ली हग करते हुए बोली, “ओहो अभी, तेरी माल तो सच जन्नत की परी है…ममता बहन, सच मैं भी मर्द होती तो जिंदगी भर तुझे चोदती चाट-ती रहती. “

ममता अपनी तारीफ सुनकर शर्मा गयी. मॉम ने उन्हे बिठाया और हमे बाते करता छोड़ कोल्ड ड्रिंक लेने चली गयी. मॉम के जाते ही मैने ममता को अपनी और खींचा और उसके होंठो को चूसने लगा.

वही सोफे पर लिटाते हुए मैने ममता का ब्लाउस खोल दिया और फिर उसकी साड़ी और पेटिकोट उतार कर उसको नंगा कर दिया.

“सुनील, तेरी मा को मालूम है की मुझे क्या पसंद है, देख कितनी चिकनी चूत है…”

मैने उसकी टांगे फैला कर चुसाइ स्टार्ट कर दी

“उफ़फ्फ़ अभी, तेरे साथ चुदाई के बाद मैने प्रेम को एक बार भी चोदने नही दिया, उफ़फ्फ़ तूने मुझे पागल कर दिया है…”

ममता कोहनियो के बल खुद को पीछे की और टिकाते हुए अपनी कमर उचका कर अपनी चूत चटवा रही थी. सुनील मुस्कुराता हुआ सब देख रहा था… तभी मॉम ड्रिंक्स लेकर आई और मुस्कराते हुए सब देख रही थी.

ममता- “सुनील, तू खाली अपनी मा को नंगा देखता रहेगा की अभी की मॉम को भी रगड़ेगा….देखा कितनी मस्त गान्ड है उसकी, मुझसे भी अच्छी …” ममता सुनील को उकसाते हुए बोली “बेटा, ऐसी मस्त चुतड़ वाली औरतो को चोदने का एक अपना ही मज़ा है, बहुत दम होता है ऐसी औरतो मे…रात दिन चुदवाएगी तो भी नही थकेगी….” और मस्ती मे अपनी गान्ड उठा कर सिसकने लगी… “उफ़फ्फ़ अभी, ऐसा प्रेम ने कभी नही किया और ना सुनील को ही एसा मस्त करना आता है…आहह….गुड….वेरी नाइस…”

मॉम “बेटा, गेस्ट को शरबत पीने दो फिर मज़ा लेना… मैने लंच भी रेडी कर दिया है, लंच हम 1.30 को लेंगे, तेरे पापा के साथ…”

मैने मूह ममता की चूत से हटाया पर दो उंगली डाल के हल्के हल्के कुरेदने लगा और दूसरे हाथ से शरबत का ग्लास उठा कर ममता को दिया. और सुनील को बैठा देख कर बोला “सुनील, जल्दी से पी ले और अगर तुझे शरम आ रही है तो मेरी मा को लेकर बेड रूम मे जा और चोद कुतिया को……”

सभी शरबत पी रहे थे, मेरी बात सुनकर ममता बोली, “नही, कोई कहीं नही जाएगा, हम एक ही बेड पर, एक ही रूम मे मस्ती लेंगे..”

ममता वाज़ बिंदास आंड स्लूटी और सुनील जो पहले भी मेरे सामने अपनी मा को चोद चुका था चुपचाप शरबत पीता रहा….. मैने मॉम की ओर देखा और आँख मार कर स्टार्ट करने को बोला. मुझे पता था मॉम को कैसे एग्ज़ाइट करना है.

अभी- “क्या कुतिया, तू अबतक ऐसे ही बैठी है, देख ये कुत्ता कितना भूखा है , कुच्छ खिला पिला उसे..”

ममता ये सुन कर ज़ोर से हँस पड़ी. आई वाज़ फिंगरिंग हर….“वाह अभी, सच तू बहुत मस्त है, तू मेरा बेटा होता और मुझे कुतिया बोलता तो मैं घर मे सबके सामने नंगी रहती….तू मुझे भी कुतिया बोल…”

आफ्टर झरना आंड माइ मदर, ममता तीसरी औरत थी जो इस तरह के लूज टॉक से एग्ज़ाइटेड हो रही थी, पर शायद सुनील को ये पसंद नही आया. वो बोला,“मॉम, ये कितना गंदा वर्ड है, कुतिया बोलना औरत के लिए सबसे बड़ी गाली है, अभी तू भी किसी को कुतिया मत बोल….”

पर ममता मुस्कराते हुए मेरा सिर अपनी चूत पर टिका कर बोली, “अभी, तू इस कुतिया की गर्मी ठंडा कर और सुनील अब अगर तू मुझे घर मे कुतिया नही बोलेगा तो कभी चुचि भी नही दिखाउन्गी …जा देख क्या रहा है…तू भी इस कुतिया (माइ मदर) को ठंडा नही करेगा तो मेरे बाद अभी को ही डबल शिफ्ट मेहनत करनी पड़ेगी”

ये सुनकर मॉम सुनील के पास से उठकर ममता के पीछे आकर उसकी चुचिया अपने हाथो मे भर ली, और बोली, “ कुतिया, लगता है तू बहुत कुत्तों से मरवाती है….बहुत मस्त चुचि है…”

ममता अपने चूतड़ हिलाते हुए बोली- “नही यार, अभी के पहले सिर्फ़ 2 ही कुत्तों ने चाटा था , एक प्रेम ने एक मेरे टीचर ने , लेकिन वो मादरचोद सिर्फ़ चुदाई करता था, ठीक से चुचि भी नही मसलता था.. लेकिन बेटीचोद टीचर का लौडा बहुत बड़ा था….साला बहुत देर तक चोदता था….साले ने 2 साल तक चोदा और तब उसी ने अपने एक रिश्तेदार (प्रेम) से शादी कराई…लेकिन मैने शादी के बाद उस से कभी नही चुदवाया… 19 साल तक प्रेम ने चोदा इस कुतिया को और उस दिन पहले अभी और फिर इस सुनील ने चोदा,,,,”

मैने देखा सुनील ने मॉम के पीछे से आकर उनकी बॉडी पर यहाँ वहाँ हाथ फिराना शुरू कर दिया.

ममता- “ मंजू, तेरे इस कुत्ते अभी का लंड है तो प्रेम के जैसा, उस टीचर के लंड से छोटा और थोड़ा पतला भी लेकिन बहुत मज़ा दिया इस मादर चोद कुत्ते ने … तुझे कितनो ने चोदा …”

मॉम ममता के साथ छेड़खानी करती रही और सुनील ने मॉम के कपड़े उतार दिए और लास्ट मे अपने भी. उसका लंड भी मेरी तरह फटने को तैयार हाल मे था पर मैं चोदने की जल्दिबाजी मे नही था

मॉम- “ मैं तो सुहाग रात तक कुँवारी थी… लेकिन शादी के 5-6 रात के बाद ही घर के एक नौकर ने मुझे धोके से चोद लिया और उस के बाद अगले 7 साल तक चोदता रहा, फिर जब एक दिन वो मेरी कमसिन बेटी की चुचि मसल रहा था मैने उसे घर से बाहर निकाल दिया और अब 12-13 सालो से सिर्फ़ अभी के पापा ही चोद रहे है….”

ये तो मेरे लिए भी शॉकिंग न्यूज़ थी. मुझे याद था वो नौकर. कही उसने नेहा को भी तो नही चोद रक्खा मैं सोचने लगा…ममता ने ये पूछ भी लिया.

“नौकर ने तेरी बेटी को चोदा भी होगा…”

अपनी चुचिया चूस्ते हुए सुनील के बालो मे हाथ फिराती हुई मॉम ने जवाब दिया “ नही, मेरी बेटी उस समय छोटी थी, हा शायद लौडा सहलवाया हो या चूसाया हो…”

सुनील बहुत बेचैन हो रहा था. “आंटी , बेड पर चलो…चोदूगा …”
 
तभी ममता बोली “तेरे बेटे , इस कुत्ते अभी ने कैसे चोदा अपनी कुतिया मा को..ये बता”

तो मॉम सब बताते हुए ममता से बोली “ममता, तेरी खूबसूरती और जवानी ने मेरे बेटे को बर्बाद कर दिया…उस रात तुम्हे चोद कर आया और घर मे सब थे, फिर भी हरामी चुचि और चूत को दबाता रहा, 2 रात अपने हज़्बेंड के बगल मे थी, फिर भी कुत्ते ने मुझे नंगा किया, लौडा लिप्स पर रगड़ा ..और उसके अगली रात मैं खुद ही बेटे के लौडा पर बैठ कर कुतिया बन गई…”

मॉम ने झरना के बारे मे कुछ नही बताया.

“ कोई बात नही, सुनील ने भी अभी के सामने ही मुझे, अपनी मा को चोदा है और कुतिया बनाया है…”

दोनो रंडियो की तरह बाते कर रही थी पर सुनील से अब कंट्रोल नही हो रहा था मॉम के चुतड़ों मे अपना लंड रगड़ते हुए वो बोला, “साली, तुम दोनो सिर्फ़ बाते ही करती रहोगी के चोदने भी दोगी…चल बेड पर, मुझे बर्दास्त नही हो रहा है…”

उन्हे खड़ा होते हुए देख कर ममता बोली “चल अभी , हम भी देखे तेरी कुतिया कैसे चुदवाती है…” और हम भी खड़े होकर मॉम और सुनील के साथ बेडरूम मे आ गये. मेरा लंड मुट्ठी मे जकड़ते हुए वो बोली “राजा, आज तो तेरा लौडा बहुत ही ज़्यादा टाइट है…”

मैं मुस्कुरा कर आँख मारते हुए बोला, “रानी, तेरे बारे मे सोचते ही लौडा आइरन रोड जैसा टाइट और गरम हो जाता है….चल कुतिया , मुझे खुश कर..”

दोनो बेड पर अगल बगल लेट गयी, मैने दोनो नंगी हसीनाओ पर नज़र डाली. कहने की जरूरत नही ममता हुस्न और खूबसूरती क मामले मे मॉम से 21 नही 22 ही होगी …

“सुनील, तू बहुत बड़ा बेबकूफ़ है…” मैं बोला.

वो मेरी मॉम की चूत मे अपना लॉडा डालते हुए मेरी और देखने लगा

“क्यो , कैसे?”

मैने ममता को स्मूच करते हुए अपना लॉडा उसकी बुर में पेल दिया तो वो आ भरते हुए बोली, “आह अभी मज़ा आ गया…और एसे ही मार…” उसकी चुचि मसलते हुए मैं सुनील से बोला, “ देख, तूने किस के बदले इतना बढ़िया माल मुझे दे दिया…जितना मस्त तेरी मा का फिगर है, खूबसूरती है उतना ही मस्त तेरी इस कुतिया मा की चूत है…”

सुनील मुस्कराते हुए मुझसे बोला, “अभी, बुद्धू मैं नही तुम हो….मेरी मॉम सिर्फ़ देखने मे खूबसूरत है, लेकिन तेरी मॉम जैसी गर्मी, मस्ती मेरी मॉम मे नही है..तेरी मा की चूत भी मेरी मॉम की चूत से ज़्यादा टाइट, गरम और रसीली है…”लगातार धक्के मारता वो बोला “जा अब मैं तेरी माल ममता को कभी नही चोदूगा, मुझे जब भी चुदाई का मॅन करेगा तेरे घर आकर तेरी मा को ही चोदूगा …उफ़फ्फ़ एसा मज़ा तेरी रंडी ( हिज़ मदर) को चोदने मे नही आया था…अब पता लगा डॅड क्यू नही माने होंगे”

फिर और तेज़ झटके लगाता हुआ मॉम से बोला, “ आंटी, मैं जब आउन्गा , बिना ममता के तब भी आप चोदने दोगी ना…”

ही एनक्वाइयर्ड वेदर माइ मदर विल फक वित हिम इफ़ ही कम अलोन विदाउट हिज़ मदर.

अपनी टांगे उसके कंधो पे टिकाए हुए वो बोली “देख बेटा, तूने मुझे चोद लिया है…आज अगर खुश कर देगा तो तू जब आएगा चुदवाउन्गी और साथ मे एक जवान लड़की का भी मज़ा दिलवाउन्गी..बहुत मस्त माल है वो कुछ ही टाइम पहले उसकी शादी हुई है…”

मैं मॉम की बात सुनकर मुस्कुरा उठा. मैने ममता की बुर में पिलाई करते हुए सुनील की और देखा तो लगा की वो बस झड़ने वाला है.

मॉम-“बस सुनील, थोड़ी देर और….., यस, हार्ड, फास्ट..फास्टर..यस.. लाइक तट….गुड..वेरी गुड….”

सुनील-“ओह्ह्ह्ह आंटी…आह…इट इज …सो गुड…सो..नाइस….आप तो मुझसे शादी कर लो, बी माइ वाइफ….यस… आहह….”

मॉम- “सुनील…..हार्ड..हार्ड…. आहह….. ऑओह्ह्ह्ह. आई..आम…ओवर..”

“यस आंटी…थॅंक यूं…आई एम कूल्ड…”

मैने मॉम का बदन अकड़ता जा रहा था थोड़ी देर ऐसे ही आकड़े रहने के बाद फिर अचानक ढीला पड़ गया. सुनील भी पस्त होकर मॉम की चुचियो पर सिर रखे ही ढेर हो गया. मैं चूँकि उनके आने से पहले एक सेक्स पवर बढ़ाने वाली टॅबलेट ले चुका था और सेक्स भी तसल्ली से कर रहा था इसलिए मेरा अभी टाइम लगना था, मैं लगभग 45 मीं तक लगातार चुदाई करता रहा और इस बीच ममता 3 बार झड़ी. फिलहाल मैं उसे घोड़ी बनाकर पीछे से पेल रहा था.

“ह.. अभी ….गुड, वेरी नाइस, डीप इनसाइड, और ज़ोर से… और अंदर ….” ममता उँची आवाज़ मे चिल्ला रही थी. मॉम मुस्कराते हुए हमे ही देख रही थी.

“यस अभी, यूं आर बेस्ट, बेटर देन देट सर आंड प्रेम…यस..कीप प्रेस्सिंग..हार्ड, डीप, डीप इनसाइड..यस…और अंदर … आहह...” ममता कंटिन्यूड “यस अभी, आई वॉंट मोर, लॉंगर, कीप पंपिंग…मेक मी मदर ऑफ युवर सन....आई एम युवर बिच..तेरी रंडी हूँ मैं….चोद मुझे ..फाड़ दे आज मेरी बुर …. ह…”

इधर मा अब उनके उपर पड़े हुए सुनील की पीठ सहलाते हुए बोली “सुनील बेटा, मेरे उपर उल्टा घूम जाओ, लौडा चूस दूँगी तो फिर तुरंत टाइट हो जाएगा…एक बार और चाहिए….. मज़ा आया.. बहुत मज़ा दिया….”

मॉम एक राउंड और चाहती थी पर सुनील तका हुआ था इसलिए मॉम ने उसे सीधा बेड पर लिटा दिया और खुद घूमकर उसके उपर 69 वाली पोज़िशन मे आ गयी. मॉम उसके लंड को मूह मे भर कर चूसने लगी. सुनील भी जैसे मॉम की चूत को चबा ही रहा था, थोड़ी ही देर मे सुनील फिर से फुल हार्ड था. मॉम ने खुद घूम कर उसके लंड पर अपनी चूत टिका दी और अंदर लेकर उस पर कूदने लगी

सुनील- “ओह्ह्ह्ह आंटी बहुत मज़ा आ रहा है….”

वो अपना सेकेंड राउंड एंजाय कर रहे थे और अब मैं भी झड़ने के करीब था सो मेरे धक्के भी तेज होते जा रहे थे.

ममता- “उफ़फ्फ़ अभी, यूं आर किल्लिंग मी ….. मेरी चूत फाड़ दी तूने कुत्ते.उफ़फ्फ़....इट वॉंट जस्ट युवर कॉक, युवर कॉक हॅज़ फिटेड सो वेल…आअहह….”

ममता-“बस अभी आई एम कमिंग अगेन…आहह….”

उधर मॉम और सुनील ने फिर पोज़िशन्स बदल ली थी , मॉम- “यस सुनील..फास्ट, हार्ड, वेरी फास्ट…फ्यू मिनिट्स मोर..यस, यस….”

और बस लगभग एक साथ ही हम चारो झड़ के बेड पर ही गिर गये.

सबसे पहले मॉम ने खुद को संभाला और कहा, “सा एक हो गया है अभी के पापा आते ही होंगे, उठ कर सब कपड़े पहन लो.”
 
हम सब ने फ्रेश होकर अभी कपड़े वगेरह पहने ही थे की डोरबेल बज गयी. मैने दरवाजा खोला तो पापा आ गये थे. जैसे की मैने बताया आजकल पापा डिप्रेशन मे चल रहे थे. वैसे तो मेरे पापा पर्सनॅलिटी मे मुझसे भी 21 ही होंगे पर करेंट हालातों ने उनके चेहरे की रौनक ही चीन ली थी, डल सा फेस थके हुए एक्सप्रेशन्स.

वो अंदर आए तो मैने उनका इंट्रो सुनील और ममता से करवाया. सब वही लॉबी मे सोफे पर बैठ गये. मॉम किचन मे लंच रेडी कर रही थी. बना तो उन्होने पहले ही लिया था, अब गरम कर रही थी. मैने नोटीस किया की पापा ममता के सामने बहुत ही चेरिश वे मे बात कर रहे थे, बातो ही बातो मे फ्लीर्टिश स्टाइल मे उन्होने ममता की खूबसूरती की तारीफ भी करी.

अचानक मेरे दिमाग़ मे एक विचार आया और मैं उठ कर मुस्करता हुआ मॉम के पास गया.

मुझे देखकर मॉम बोली, “तुम बैठो अभी मैं बस ला ही रही हूँ”

मे- “मॉम मुझे आपसे कुछ कहना है”

“बोलो”

“आप पापा को कहना आज हहफ़ डे लेकर घर पर ही रुक जाए”

मॉम ने मेरी और हैरानी से देखते हुए पूछा “मतलब. पापा घर पर रुकेंगे तो हम लोगो का दूसरा राउंड ?”

मेरी मुस्कराहट और गहरी हो गयी. “पापा का भी तो हक बनता है प्रेम अंकल से बदला लेने का” मैने आँख मारते हुए मॉम से कहा और उन्हे सब समझाया (जो मैं करना चाहता था)

कुछ पल मूह फाड़े मुझे देखते रहने के बाद मॉम मुस्कराते हुए बोल उठी , “बहुत कमीने हो गये हो तुम.”

मैं मुस्कराते हुए किचन से बाहर आ गया और पापा से बोला मॉम आपको बुला रही हैं.

पापा क किचन मे जाने के बाद मैं ममता से बोला, “जानू एक फेवर चाहिए तुमसे”

ममता – “तुम बोलो तो तुम्हारे लिए जो कहो वो हाज़िर है”

मे- “मैं चाहता हूँ तुम मेरे पापा से भी चुदवाओ”

ममता- “ मैने बेटे से चुदवाया है, बाप से नही चुदवा सकती..”

लेकिन सुनील मौका लपकते हुए ममता को मनाने लग गया.

“मा, तुम अंकल से चुदवाओ, बदले मे मैं अंकल के सामने भी और जब मन करेगा आंटी को चोदूगा, आंटी मुझे बहुत पसंद आई. “
 
“यूं डॉन’ट वरी अभी , अब जो भी होगा हम मिलकर फेस करेंगे.” नेहा ने मुझे हौसला दिया. मैं भी आने वाले हालातों के लिए मन ही मन खुद को मजबूत बनाने लगा.

रात को नेहा दी को मैने अपने रूम से बाहर आने के लिए मना कर दिया था. डॅड अपनी मजबूरी पर होपलेस से शराब के नशे मे बैठे थे. शायद मॉम ने उन्हे प्रेम अंकल के आने के बारे मे बता दिया था. तभी बेल बजी, मैने डोर खोला. प्रेम अंकल आए थे, मुझे देखकर उन्होने एक व्यंग्यात्मक मुस्कान दी और जानबूझकर मुझे दिखाते हुए मॉम को बेडरूम मे ले गये. मुझे अपना दिल रोता हुआ सा महसूस हुआ. डॅड वही सोफे पर ढेर हो गये थे. मैं उन पर चादर डाली और बिना कुछ बोले अपने रूम मे चला गया और बिस्तर पर गिर कर फुट फुट कर रोने लगा.

तभी दरवाजे की आवाज़ पर मैने उठकर पीछे देखा तो नेहा दी मेरे रूम मे एंटर कर रही थी. मैं अपने आँसू पोछता हुआ खड़ा हो गया, नेहा दी ने डोर क्लोज़ किया और मेरे करीब आकर बोली, “मैं समझ सकती हूँ अभी इस वक़्त तुम्हे क्या फील हो रहा होगा. डॉन’ट वरी डियर, वी विल कम अप.” उन्होने मुझे बाँहो मे भर लिया.

कुछ देर हम वैसे ही रहे, फिर नेहा ने शायद मेरा ध्यान भटकाने के लिए मुझसे पूछा, “अभी एक बात बताओ, डू यू रेआली लव मी.”

“य… यस आई डू” मैने थोड़ा झिझकते हुए जवाब दिया.

“और वो भला कब्से” नेहा ने फिर पूछा.

“याद नही, पर शायद तुमसे से ज़्यादा कभी कुछ चाहा नही”

“आआई लव यूं टू अभी” कहते हुए नेहा ने मुझे तुरंत हग कर लिया. कुछ देर हम दोनो ऐसे ही एक दूसरे को बाँहो मे लिए हुए फील करते रहे. मैं तो सातवे आसमान पर था. फिर काफ़ी देर तक हम साथ बैठे हुए प्यार भरी बाते करते रहे , उसने मुझे हौसला दिया की इस सब से बाहर निकल आएँगे, फिर वो अपने रूम मे चली गयी और मैं जो भी आज दिन मे हुआ भूल कर नेहा के ख्यालो मे गुम हो गया और एक बार फिर मैं खुद की किस्मत को सराहता हुआ बोल उठा “लकी बस्टर्ड”

अगले सुबह मैं मॉम के पास गया, प्रेम अंकल शायद देर रात ही किसी समय चले गये थे. मैं खुद को मजबूत बनाता हुआ बोला, “मॉम, अगेन आई एम सॉरी फॉर ऑल दिस हॅपनिंग टू यू.”

मॉम- “अभी जो भी हुआ उसे अब बदला नही जा सकता बस मैं परेशान हूँ तेरे पापा को लेकर. इन दिनों वो ज़यादा ही पीने लगे हैं, बहुत डिपरेसद हैं. तुम्हारे साथ मेरे रीलेशन बने वो बस मेरी दबी हुई इच्छाए थी लेकिन वो मैं उनसे च्छूपा कर कर रही थी. पर इस सब के लिए वो खुद को दोषी मान रहे हैं. उन्हे अभी तक इस सब दिनों पीछे का रियल रीज़न नही पता.”

अभी- “मैं कोशिश करूँगा मॉम उन्हे बेटर फील कराने की”

मॉम- “एक बात और अभी, प्रेम कुछ समय के लिए आउट ऑफ कंट्री जा रहा है, तुम अगर इसका कोई फ़ायदा उठा कर कुछ कर सकते हो तो करो. रही नेहा की बात तो उसके एग्ज़ॅम्स ख़तम हो चुके है मैं उसे 1 महीने के लिए तुम्हारे मामां के यहाँ भेज रही हूँ.”

मैने भी कुछ सोचते हुए सहमति दे दी. “ये ठीक रहेगा मॉम. वैसे भी परसो हमारा रिज़ल्ट आ रहा है तो सुनील और उसकी मॉम भी वापस आ जाएँगी ताकि आगे अड्मिशन्स हो सके. तभी मैं उनसे बात कर के आगे के बारे मे सोचूँगा”
 
आज रिज़ल्ट का दिन भी आ गया, पिछले 3 दिन मे मॉम और मेरे बीच काफ़ी कुछ नॉर्मल हो गया था. नेहा मामा घर चली गयी थी, वो जाना तो नही चाहती थी पर मेरे समझाने पर राज़ी हो गयी. इधर मॉम के साथ फिरसे किस्सिंग और हग वगेरह शुरू हो गये थे , दो बार झरना के साथ भी सेक्स किया. इस सबसे मेरे होश ओ हवास भी नॉर्मल होने लगे थे, शॉक से बाहर आकर मैं आगे का सोच रहा था.

डॅड मेरा रिज़ल्ट चेक करने के लिए स्पेशली छुट्टी लेकर ऑनलाइन ही बैठे थे. मैने 76% स्कोर किया. मॉम डॅड दोनो बहुत खुश हुए. मैने नेहा को कॉल कर के बताया तो उसने भी मुझे कॉनग्रॅजुलेट किया फिर मैने सुनील को फोन किया, उसने बताया की उसके 72% मार्क्स आए हैं और वो लोग कल सुबह तक लौट रहे हैं. फिर मेरा रिज़ल्ट पूछा और हम दोनो ने एक दूसरे को बधाई दी. रात को डॅड हमे डिन्नर पर लेकर गये जहाँ उन्होने सेलेब्रेशन क नाम पर पहली बार मेरे साथ एक एक बियर भी पी. डॅड को खुश देख कर मॉम भी खुश थी.

देर रात मे मॉम खुद मेरे रूम मे आई और हमने सेक्स किया. अगले दिन सुबह मैने पहले झरना के साथ सेक्स किया और फिर मैं सुनील के यहाँ के लिए निकल गया.

बेल बजाते ही डोर खुद ममता ने खोला, उसका स्माइलिंग फेस देखकर एक बार तो मैं आने का कारण ही भूल गया फिर खुद को संभालते हुए मैं उसे गुड मॉर्निंग विश करता हुआ अंदर एंटर हुआ. ममता ने मुझे हग करते हुए किस किया. फिर बैठने को कहा और मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक लेकर लॉबी मे मेरे साथ ही आकर बैठ गयी.

“हम सुबह ही आए हैं, सुनील अभी सो रहा है.” फिर थोड़ा ठहर कर बोली “अभी… सुनील ने मुझे बताया जो भी प्रेम ने किया. मैने उनसे फोन पर बात की थी पर वो सुनने को राज़ी ही नही थे उल्टा तुम्हारे साथ रीलेशन को लेकर मुझ पर भड़क उठे”

अभी- “तो अब क्या करेंगे हम”

ममता हताश स्वर मे- “ काश मैं कुछ कर पाती पर प्रेम तो सुनने को तैयार ही नही हैं बल्कि वो तो मुझे पनिश करने के लिए दूसरी शादी करने को तैयार बैठे हैं.”

मैं सब तरफ से नाम्मीद हो चुका था अब क्या करू समझ नही आ रहा था, मेरे दिमाग़ मे प्रेम की व्यंग भरी हसी और नेहा का मासूम चेहरा ही घूम रहा था. मैं खुद से बोल उठा, “इस सबकी बहुत बड़ी कीमत चुकाओगे तुम मिस्टर प्रेम. फिर चाहे जो भी रास्ता मुझे अपनाना पड़े ”

तभी सुनील अपने रूम से बाहर आया. “अरे अभी तू कब आया”

“बस थोड़ी देर पहले” मैने जवाब दिया.

ममता उठ कर किचन मे चली गयी. सुनील ने पास बैठते हुए मुझसे पूछा, “सॉरी भाई पापा वाले मॅटर मे तेरी हेल्प ना कर पाने के लिए, पर देख तो ये भी इतनी बड़ी बात नही है की वो अगर तेरी मॉम के साथ प्यार करे क्योकि अब सब खुलने के बाद तू भी तो जब चाहे उनकी बीबी के साथ सेक्स कर सकता है.”

मैने हिकारत भरी नज़र से उसे देखते हुए कहा, “बिना मर्ज़ी के मजबूर करके सेक्स करने को प्यार नही रेप कहते हैं”

सुनील- “सॉरी यार अगर तुझे बुरा लगा तो , मैं तो तेरा मूड सही करने को बोला था. बाकी जो तू चाहे, जैसे चाहे मैं तेरी हर हेल्प करने को तैयार हूँ.”

मैं कुछ सोचते हुए बोला “वक़्त आने पर ज़रूर आजमाउन्गा” अब मैं किसी पर भी यकीन तक नही कर पा रहा था. फिर मैं किसी ज़रूरी काम का बहाना बना कर वहाँ से निकल आया.
 
सारे रास्ते बंद थे, कुछ समझ मे नही आ रहा था क्या करू. छोटी छोटी बातो पर गुस्सा करने लग गया था, मॉम भी मुझे टेन्षन मे देखकर समझाती रहती थी.

ऐसे ही एक दिन मैं बिना लंच किए अपने रूम मे लेटा हुआ हालातों के बारे मे सोच रहा था की तभी मॉम आई और बोली “अभी, इस तरह टेन्षन और गुस्से से तुम अपनी परेशानी बढ़ा रहे हो, ठंडे दिमाग़ से काम लो बेटा… और अगर हालत बदल नही सकते तो उनके हिसाब से अपना रुख़ ऐसे बदलने की कोशिश करो की उनसे तुम्हे नुकसान कम हो और फ़ायदा ज़्यादा.”

तभी मेरे मोबाइल पर नेहा का फोन आया, फॉर्मल बातों के बाद नेहा ने भी मुझे समझाया की मैं ज़्यादा टेन्षन ना लू.

नेहा-“अभी मैं तुम्हे इतने दर्द मे नही देख सकती”

अभी-“मैं क्या करू कोई रास्ता ही नही निकल रहा”

नेहा- “अगर तुम बुरा ना मानो तो एक रास्ता बताऊ, जिससे हम ना सिर्फ़ हालत का फ़ायदा उठा सकते हैं बल्कि अपना बदला भी ले सकते हैं.”

अभी-“वो कैसे”

नेहा-“अगर हम मान जाए जो वो चाहता है उसके बाद”

उसकी बात काटते हुए अभी बोला, “पागल हो गइ हो क्या”

नेहा- “पहले सुनो तो. ………………”

अभी-“नही मैं इतनी बड़ी कीमत नही चुका सकता”

नेहा-“कोई और रास्ता है तुम्हारे पास. सोचकर बताना मुझे, अभी फोन रखती हूँ बाइ आंड लव यूं”

अभी- “आई लव यूं टू”

मैं बैठकर मॉम और नेहा की बातो पर सोचने लगा. मुझे ऐसे गुमसूँ सा बैठा देखकर मॉम फिर मेरे पास आई और पूछा क्या हुआ, मैने उन्हे नेहा के साथ हुई पूरी बात बताई.

थोड़ी देर सोच कर उन्होने भी हा कर दी. वैसे भी मेरे पास सिवाय अपनी किस्मत और सो कॉल्ड चुदाई के टॅलेंट क अलावा कुछ नही था जिससे मैं प्रेम अंकल से जीत पाता, उपर से डॅड की भी जिंदगी और फॅमिली के फ्यूचर का सवाल था. आख़िर मैने आगे बढ़ने की सोची.

अगले दिन मैं सुनील के साथ अड्मिशन के लिए कॉलेज गया, जो की आराम से हो गया था. फिर हम साथ ही कॉलेज के सामने एक केफे मे आकर बैठ गये.

सुनील-“अभी तुझे मॉम याद कर रही थी, उस दिन भी तू घर से ऐसे ही निकल आया.”

सुनील थोड़ा रुक कर फिर बोला, “देख यार जो भी हो रहा है तू या मैं रोक तो नही सकते तो इसे भी अपने गेम का पार्ट बना लेते हैं और एंजाय करते हैं.”

अभी ने ठंडे स्वर मे जवाब दिया”शायद तू सही कह रहा है”

सुनील चहकते हुए बोला, “तो फिर कब है नेक्स्ट सीन , आई मीन जो हमने स्वाप प्लान किया था”

मैने कॉफी का घूँट पीते हुए जवाब दिया,”मॉम सेबात करके बताता हूँ.”
 
मे- “मैं चाहता हूँ तुम मेरे पापा से भी चुदवाओ”

ममता- “ मैने बेटे से चुदवाया है, बाप से नही चुदवा सकती..”

लेकिन सुनील मौका लपकते हुए ममता को मनाने लग गया.

“मा, तुम अंकल से चुदवाओ, बदले मे मैं अंकल के सामने भी और जब मन करेगा आंटी को चोदूगा, आंटी मुझे बहुत पसंद आई. “

हम दोनो की बार बार रिक्वेस्ट करने पर भी वो नही मान रही थी. तो मैने सॅड सा फेस बनाकर केहा, “यूं नो जब से प्रेम अंकल ने ज़बरदस्ती मॉम से रिलेशन्स बनाए हैं पापा बहुत डिप्रेशन मे रहने लगे हैं , अगर वो तुम्हे चोद लेंगे तो शायद उन्हे ये फीलिंग आए की उन्होने प्रेम अंकल की वाईफ को चोद कर हिसाब बराबर कर लिया और वो नॉर्मल हो जाए. वरना कही वो डिस्प्रेशन मे कोई ग़लत कदम ना उठा लें.”

आख़िरकार वो राज़ी हो गयी. “ठीक है पर एक शर्त है वो ये की सुनील जब भी चाहेगा मंजू को चोदेगा और वो बदले मे मुझे चोद सकते हैं”

“डन” मैने जवाब दिया. तभी पापा वहाँ आ गये.

मैं मौका देखकर मॉम के पास गया और उन्हे ममता की कंडीशन बताई. मॉम ने कहा “इसके लिए मैने पहले भी मना नही किया पर तेरे पापा की मंज़ूरी….. पर शायद वो भी मिल जाए. क्योकि जब अभी मैने उन्हे हिंट दिया की मैं उन्हे ममता की चूत दिलवा सकती हूँ तो तुम उनके चेहरे पर हैरानी और खुशी देखते. वो इसके लिए भी राज़ी हो जाएँगे की प्रेम के साथ अब उसका बेटा भी मुझे चोदेगा. फिलहाल उन्होने ऑफीस फोन करके लीव ले ली है”

“गुड, तो बात करो फिर पापा से” मैं बोलकर बाहर आ गया.

लंच क दौरान मैने नोटीस किया की पापा अब ममता मे ज़्यादा ही इंटरेस्ट ले रहे थे. मैने बातो बातो मे एक दो बार पापा की खिचाई भी की पर उन्हे फ़र्क़ नही पड़ा.

लंच का बाद मॉम और ममता उठ कर बेडरूम मे चले गये और जब उन्होने पापा को बुलाया तो मैं और सुनील भी उठकर मेरे रूम मे आ गये. थोड़ी देर मे मॉम मुस्कुराती हुई मेरे रूम मे आई और थंब्स अप का इशारा किया.

मॉम- “पता है अभी मैने सुनील की जगह तुम दोनो के साथ सेक्स की शर्त रख दी और वो इसके लिए भी मान गये”

फिर क्या था मैने और सुनील ने मिलकर मॉम को वही तबीयत से बजाया. और उधर डॅड ने ममता को. शाम को फिर जल्द ही मिलने का वादा कर के वो लोग अपने घर लौट गये.
 
ये तो नही कहूँगा कि जो भी हुआ उसे सब नॉर्मल हो गया पर हाँ पापा ज़रूर पहले की तरह नॉर्मल बिहेव करने लगे थे. उपर से उनकी नालेज मे मेरा और मॉम की रीलेशन भी चेंज हो गया था तो अब उनके सामने ही मॉम से कभी कभी फ्लर्ट कर लेता था, ऐसे मौके पे बिना कोई रियेक्शन दिए वो बस मुस्कुरा देते थे.

कुछ दिनों मे मेरा कॉलेज स्टार्ट हो गया था. प्रेम अंकल भी वापस आ गये थे. हफ्ते या दस दिन मे वो घर आ ही जाते थे. डॅड अब अधिक रिएक्ट नही करते थे क्योकि इस बीच ममता आंटी के साथ वो भी दो चार बार एंजाय कर चुके थे, नेहा अभी मामां के घर ही थी. अब मैने अपने प्लान के नेक्स्ट स्टेप के बारे मे सोचा. मेरा नेक्स्ट टारगेट था सुनील की दोनो सिस्टर्स. मैने सुनील को शीशे मे उतारने की कोशिश की. उससे उसकी बहनो की सारी डीटेल्स ली.

उनके स्कूल के चक्कर लगाने लगा और छिप छिपकर उनकी आक्टिविटीस नोट करने लगा. इस बीच एक अज़ीब बात पता लगी, एक लड़की के साथ उनका काफ़ी मेलजोल था पर वो एक बदनाम लड़की थी. वो एक अमीर बाप की बिगड़ी हुई लड़की थी जो की कुछ समय पहले एक होटेल मे पोलीस रेड मे कुछ लड़को के साथ पकड़ी गयी थी, पर लड़की के बाप की पहुच के कारण बात दबा दी गयी थी. ऐसी लड़की के साथ उनकी जान पहचान चौकाने वाली बात थी. उसके बारे मे मुझे एक दोस्त से पता चला था.

मुझे ये लग रहा था की उस लड़की जिसका नाम पूजा था के थ्रू मुझे ज़रूर कोई ना कोई रास्ता मिलेगा, मै जाके अपने उस दोस्त से मिला और उसे पूजा के बारे मे इंक्वाइरी की, तो वो बोला, “आबे तू उसके चक्कर मे क्यू पड़ रहा है, वो तो साली रंडी है. फुल अयाश है, जब से फसी थी कांड मे उसके बाप ने जेबखर्च बंद कर दिया तो साली पैसे के बदले भी चुदने लग गयी. वो फ्लेवर रेस्टोरेंट मे एक वेटर है मुकेश नाम का, उसका दल्ला है साला.”

अगले दिन कॉलेज के बाद मैं उस रेस्टोरेंट मे गया, वहाँ एक कॉर्नर टेबल पर जा बैठा, अभी मैं आगे क्या करना है सोच ही रहा था, मैं एंट्रेन्स की और पीठ कर के बैठा था की मुझे मेरे सामने लगे ग्लास के पारटिशन मे गेट से एंटर होती शीतल और ईशा दिखी. मेने सिर नीचे झुका लिया. वो दोनो मेरे पीछे वाली टेबल पर आ के बैठ गयी. एक वेटर उन्हे देखकर मुस्कराते हुए बगल वाली रो की टेबल पर गया जहाँ एक लड़का बैठा कोफ़ी पी रहा था. उसने उस लड़के से कुछ बात की और वो लड़का इन दोनो की तरफ देखने लगा. फिर आपस मे उन दोनो की कुछ बात हुई.

मैने काफ़ी कुछ गेस कर लिया था पर समझ नही पा रहा था की ये ऐसा क्यू कर रही हैं. फिर वो दोनो वो लड़का उठ कर बाहर निकला और पीछे पीछे वो दोनो भी, मैं तेज़ी से उठकर उनके पीछे लपका. मैने अंदर से ही देखा वो तीनो एक कार मे बैठे जिसमे पहले से एक और लड़का ड्राइविंग सीट पर बैठा था और वहाँ से निकल गये. मैं तय नही कर पा रहा था की पिच्छा करू या नही. की वही वेटर मेरे पीछे आकर धीरे से बोला, “पसंद आई क्या….. और भी हैं ऐसी एक से बढ़कर एक”

मे “और अगर मैं कहु मुझे यही दोनो चाहिए तो…”

“नो प्राब्लम, 10000 लगेंगे पर आपको कल तक वेट करना पड़ेगा”

मे “ठीक है अपना नंबर दो”

“99******** मुकेश नाम है मेरा”

ठीक है कल फोन करूँगा बोलकर मैं वहाँ से निकल आया.

;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;
 
उसकी बात सुनकर मेरे दिल मे मे उसके लिए प्यार उमड़ पड़ा. वो दोनो बहने अपनी मां के जितनी तो नही पर बहुत खूबसूरत थी. मेरी नज़र उनकी उभरी हुई चुचियों पर टिक गयी.

ईशा- “खा जाएगा क्या”

मैने मुस्कराते हुए कहा, “मेरे लिए शीतल ऑरेंज है और तुम मॅंगो. और दोनो ही मेरे फॅवुरेट हैं”

शीतल ने मेरी बात सुनकर पलके झपकाते हुए मेरी और देखा पर ईशा मेरी बात समझते हुए तुरंत अपनी दोनो चुचि अपने हाथों मे लेते हुए बोली, “दी, तेरी चुचि मुझसे छोटी हैइस लिए तू ऑरेंज और मेरा बड़ा है इस लिए मैं मॅंगो. बढ़िया नाम है…”

शीतल- “चुप ईशा, तू सच बहुत गंदा बोलने लगी है…”

तभी डोर पर नॉक हुआ.....
 
Back
Top