(दोस्तो ये सोनम थी रवि की कजिन और एक बेहद ही खूबसूरत और सेक्सी लड़की यहाँ रहने की वजह से ये काफ़ी खुले विचारो वाली लड़की थी मुझसे केवल 3 महीने से छोटी थी और मेरी बहुत प्यारी दुश्मन भी में इसे हमेंशा से ही बंदरिया कह के बुलाता था जिससे ये बहुत
चिढ़ती थी और मुझे चिडाने में बहुत ही मज़ा आता था.)
सोनम-तुमे पता नही है क्या यहाँ भीख माँगना क़ानून अपराध है पता नही कहाँ से चले आते है मूह उठा के.
में-चल साइड हट मुझे किसी बंदरिया से बात करने की जररूरत नही है और वैसे भी भीक घर के मालिको से माँगी जाती है नौकरानियो से नही चल रास्ता दे .
सोनम-मुझे बन****और नॅक***** बोला अब में तुझे अंदर नही आने दूँगी पहले माफी माँग नही तो खड़ा रह यही पर.
में-तू ऐसे नही मानेगी चल इसका भी इलाज है मेरे पास.और मैने उस को अपनी गोद में उठा लिया जिस से पहले तो वो डर गयी फिर
उस ने अपने दोनों हाथ मेरे गले में डाल दिए जैसे कि मुझे कभी छोड़ने का विचार ही ना हो.
जिया दी-वाह क्या प्यार है रूको तुम दोनों में एक पिक ले लेती हूँ मुझे अपनी प्रोफाइल पिक चेंज करनी है .
में-ले लो पर जब बाद में चिडयाघर से फोन आएँगे ना बंदरिया का अड्रेस पता करने के लिए तब मत बोलना कि अजय तूने बताया नही.
जिया दी-तू टेन्षन ना ले मेरी सिस्टर है वो उस जैसी प्यारी और खूबसूरत लड़की तुझे पूरे वर्ल्ड में नही मिलेगी.
में-और बजनदार भी.और मैने उस को सोफे पे पटक दिया(असल में थोड़े तेज से रखा था क्यूँ कि वो तो अपनी आँखों बंद किए ऐसे पड़ी
थी जैसे कि वो इस दुनिया में हो ही नही.) दी रवि कहाँ है .
जिया दी-अपने कमरे में है आज उस की तबीयत खराब है.
में-(साला आज कल ये ही बहाना रह गया है क्या जिसे देखो यही बहाना बना रहा है) दी असल में वो मुझसे नाराज़ है इसलिए ऐसा कर रहा
है में उस को मना के अभी नीचे लाता हूँ फिर कही बाहर चलते है डिन्नर करने आप तैयार हो जाओ.
सोनम-मुझे नही जाना कहीं बाहर डिन्नर करने.
में-ये तो अच्छी बात है तुम्हारे लिए में बोल देता हूँ मामी डिन्नर भेज देगी तुम टेन्षन ना लो.
सोनम-दी देखा आपने ये मुझे ले के नही जाना चाहता ऐसे चूहे((रॅट)जी है दोस्तो ये भी मेरा ही नाम है जो इन के द्वारा दिया गया है) ने एक बार पूछा भी नही और उल्टा मना कर रहा है अब तो में ज़रूर जाउन्गी में तैयार हो के आती हूँ आप भी तैयार ओ जाओ दी.
दी-अजय तू क्यूँ परेशान करता है उसे इतना ,
में-आपको बुरा लगा में अभी उस से माफी माँग लेता हूँ.
दी-नही ऐसा नही है बल्कि उस को भी तेरा इस तरह से परेशान करना अच्छा लगता है जब से आई है तब से तेरे पास जाने की ही रॅट लगा रखी है वो तो रवि की तबीयत खराब है नही तो अभी तक तो ये उस की जान ही ले चुकी होती .
में-दी आप भी तैयार हो जाओ और नैना दी को भी कॉल कर के बुला लो प्ल्ज़ में रवि को ले के आता हूँ.
और में रवि को मनाने के लिए उसके कमरे की तरफ चल दिया अभी में जा ही रहा था कि मेरा फोन बजने लगा मैने देखा तो नंबर प्रिया का
था मैने फोन काट के फोन को बिज़ी मोड़ में कर दिया में इस टाइम प्रिया से बात कर के अपने मूड को खराब नही करना चाहता था.,,
में रवि के कमरे में गया तो रवि किसी सोच में खोया हुआ था इसलिए उसे मेरे आने का पता नही चला.
में-क्यूँ भाई किस सोच में खोया है कही कोई नयी गर्लफ्रेंड तो नही सेट कर ले.
रवि-तुझे उस से क्या यहाँ क्या करने आया है.मेरी तबीयत खराब है मुझे परेशान मत कर.
में-हाँ मुझे पता है तेरी तबीयत क्यूँ खराब है चल नौटंकी छोड़ और सीधे तरह से माफ़ कर दे नही तो तू कुछ भूल रहा है.
रवि-में क्या भूल रहा हूँ बे और जब तू मुझे अपना भाई मानता ही नही है तो अब ये नाटक क्यूँ.
में-देख ऐसा नही है बस पिछले कुछ दिनो से कुछ परेशान था नही तो तू जानता है तेरे लिए तो जान भी हाज़िर है.
रवि-आज के तेरे बहेवेयर से तो ऐसा नही लगता.
में-देख तू जानता है कि में और प्रिया काफ़ी क्लोज़ फ्रेंड् थे**
रवि-थे का क्या मतलब अब नही हो क्या ?
में-भाई बात तो पूरी कर लेने दे .
रवि-कमीने ऐसे शोक देगा तो कोई क्या करेगा चल बोल अब नही रोकुगा.
में-तुझे तो पता ही है कि अभी कुछ दिनो पहले उसके बचपन के दोस्त रोहन ने अड्मिशन लिया है अपने ही स्कूल में .
रवि-हाँ तो क्या हुआ.
में-तू अगर ऐसे ही बीच में मेरी बात काटता रहा तो में कुछ नही बताने वाला.
रवि-सॉरी..
में-तो पिछले कुछ दिनो से मैने प्रिया में बहुत बदलाव देख रहा है और इसे कारण में समझ नही पा रहा कि क्या करू.
रवि-ऐसा क्या देख लिया मुझे तो सब ठीक ही लग रहा है.
में-बात ऐसी है जब से रोहन ने अड्मिशन लिया है तब से प्रिया रोहन को ही ज़्यादा इंपॉर्टेंट दे रही है जब उस के साथ नही होती तब भी
उसी की बातें करती है नही तो ज़्यादा टाइम वो उसी के साथ रहती है ..
रवि-तो तुझे जैलेश फील हो रहा है .
में-हाँ भी और नही भी .
रवि-तेरे कहने का मतलब क्या है.और इतनी सी बात के लिए तू डिस्टर्ब नही हो सकता पूरी बात बता.
में-तू मुझे कितने अच्छी तरह जानता है .(फिर मैने उसे सुरू से ले कर अब मैने क्या फ़ैसला किया है सब कुछ डीटेल में समझा दिया और उस से माफी भी माँग ले.)
रवि-भाई बात तो काफ़ी गंभीर है तू बोले तो में बात करू उस से.
में-तुझे क्या लगता है कि में उसके बिना रह नही पाउन्गा.भाई उस ने किया ही क्या है मेरे लिए अब तक अगर उसे मेरी परवाह नही है तो मुझे भी नही है उस 1000 गुना ज़्यादा ख़ुसी मिलती है मुझे तुम लोगो के साथ अपनो के साथ और वैसे भी वो मेरा बचपाना ही था जो अब तक
में सिर्फ़ उसके बारे में ही सोच रहा था पर जो मैने तेरे साथ किया उसके मुझे महसूष हुआ की जो दर्द और जो तकलीफ़ मुझे तुम लोगो
को परेशान देख के होती है वो इतनी ज़्यादा है कि उस पे प्रिया जैसे 1000 लड़किया कुर्बान मेरे लिए मेरी फॅमिली और सच्चे दोस्त ही सब कुछ है.
रवि-तुझे पता है मुझे इसका बात बिल्कुल भी बुरा नही लगा कि तूने मुझसे रूड बात की पर मुझे बात का बहुत बुरा लगा कि ऐसा कुछ है जो मुझे पता होना चाहिए और पता नही है.
में-में भाई सच्चे दिल से तुझे से माफी माँगता हूँ यार पता नही मुझे क्या हो गया था.
रवि-चल छोड़ अब सब ठीक है ये उस प्रिया की बदनसीबी है कि उसे तुझे जैसा दोस्त और प्यार करने वाला नही मिलेगा अब.तू सोनम
से मिला वो आई हुई है और जब से आई है तब बस तेरी ही रट लगा रखी है.
में-हाँ मिल लिया और हम सब डिन्नर करने बाहर जा रहे है चल तू भी फटाफट तैयार हो जा में तुझे ये ही बताने आया था.
रवि-में तो तैयार ही हूँ पर में अपनी पसंद का डिन्नर ऑर्डर करूगा.
में-मुझे कोई प्रॉब्लम नही है जिया दी भी साथ है तो अगर तू कुछ कर सके तो शायद मुझे भी थोड़ी हिम्मत आ जाएगी.
रवि-पागल समझा है क्या कमिने सब के सामने मुझे पिटने का कोई शौक नही है तू चल में 10 मीं में आता हूँ.
में नीचे हॉल में पहुँचा तभी डोरबेल बजी मैने गेट खोला तो सामने नैना दी खड़ी थी वो कुछ बोलती उस से पहले ही मैने उन्हे कस के
गले लगा लिया और वो आपने छोटे भाई के प्यार में सब भूल गयी और में बच गया.
जिया दी-सब तैयार हो गये कि नही.नैना तू तो बहुत ही अच्छी लग रही है आज .(और फिर दी के कान में कुछ कहा जिस को सुन के दी
ने प्यार से एक घुसा मारा जिया दी को और शर्मा गयी)
में-जिया दी कम तो आप भी नही लग रही मुझे तो डर है कि कही कोई आपके पीछे ना पड़ जाए.
रवि-अच्छा बेटा हम ज़रा सा लेट क्या हो गये तुम तो यही सुरू हो गये अगर जिंदगी प्यारी है तो झूट नही बोलते .
जिया दी-तेरे कहने का मतलब क्या है कि में अच्छी नही लग रही हूँ.
रवि- नही दी ऐसा नही है आप अच्छी लग रही है पर नैना दी के आगे आप कुछ फीकी सी लग रही है.
में-जिया दी ये आप की तोहीन है अगर मुझसे ऐसा कुछ हुआ होता तो अब तक मेरे गाल लाल हो चुके होते पर आप ऐसा कुछ नही करने वाली है ना .
जिया दी-तुझे किस ने कहा कि में ऐसा कुछ नही करने वाली तू देख बस इसके दोनों गाल के साथ साथ क्या क्या लाल होता है.
रवि-कमिने तू बता रहा था कि हिंट दे रहा था कि क्या करना है दी को तुझे तो में बाद में देख लूँगा .
में-शॉक से पहले तू खुद बच.
फिर यही हॉल में टॉम आंड जेर्री का खेल सुरू जो करीब 10 मीं तक चला फिर नैना दी ने जिया दी को शांत किया और हम लोग सोनम का वेट करने लगे.
हम सब सोनम का इंतज़ार कर रहे थे कुछ देर के बाद सोनम अपने रूम से बाहर आई और क्या लग रही थी .उस ने एक सिंगल पीस क्रीम कलर की ड्रेस पहन रखी थी जो उसके घुटने से थोड़े नीचे तक ही थी और उस पे कमाल लग रही थी सब ने उस की तारीफ की और
हम लोग डिन्नर के लिए पड़े पर अब हम में एस बात को ले के बहस होने लगी कि कहाँ जाए डिन्नर के लिए आख़िर कर एक इंडियन
रेस्टोरेंट पे सब की राय बनी में इस रेस्टोरेंट में काफ़ी दिनो से जाना चाहता था क्यूँ कि ये प्रिया का फेवोवरिट रेस्टोरेंट था.हम लोग जल्द
ही रेस्टोरेंट पहुँच गये.
में-सोनम आज तुम बहुत सेक्सी लग रही हो.
रवि-में भी हूँ.
में-चल जा के टेबल बुक कर कबाब में हड्डा नही चाहिए हमें.
सोबाम-पर कहावत तो कबाब में हड्डी की है ना.
में-हाँ है तो पर इसका साइज़ देख के मैने चेंज कर दिया.
इसी तरह हम सब हसी मज़ाक करते हुए एक टेबल पे पहुँच गये जो कि रेस्टोरेंट के मिडेल में था और काफ़ी सज़ा हुआ भी था.
पता करने पे पता चला कि किसी ने उसी स्पेशल बोल के डेकोरेट करवाया है इसलिए वो टेबल हमें नही मिल सकती फिर हमें उसके
राइट साइड की टेबल मिल गयी हम सब ने खाना ऑर्डर किया और अपने बातों में बिज़ी हो गये.
अभी कुछ देर ही हुई थी कि रोहन और उसके कुछ दोस्तो ने एंट्री करी जिस पे रवि का ध्यान गया और उस ने मुझे इशारे से बता दिया कि वो टेबल रोहन ने बुक की है.वो मुझे नही देख सकता था क्यूँ कि हम कुछ ऐसे बैठे थे कि उस की पीठ हमारे तरफ थी इसलिए उस ने मुझे या रवि को नही देखा पर अब मुझे एस बात से कोई फ़र्क नही पड़ता था.
कुछ देर में प्रिया और उस की भी कुछ फ्रेंड्स आ गयी अब तो टोटल 8 के आस पास हो गये.ना चाहते हुए भी मेरा ध्यान उन की ओर जा रहा था और इस बात को सोनम ने भी नोटीस कर लिया क्यूँ कि वो मेर पास ही बैठी थी और मुझसे बात करने की कोशिश कर रही थी.(सोनम प्रिया को जानती थी क्यूँ कि सोनम भी मेरी बहुत अच्छी फ्रेंड् है और में उस से सब शेर करता हूँ और वो एक दो बार मिले भी है प्रिया से)
हम सब अभी लंच ही कर रहे थे कि जिया दी को आंटी का फोन आ गया और उन्होने किसी काम से उन्हे और रवि को घर बुलाया था इसलिए उन्होने अपना डिन्नर जल्दी ख़तम किया और रवि को ले के जाने लगी कि नैना दी भी साथ में चली गयी मैने भी बोला चलने को पर उन्होने
मुझे मना कर दिया.
अब सिर्फ़ में और सोनम ही बचे थे.
सोनम-वो प्रिया ही है ना आगे वाले टेबल पे.
में-हां क्यूँ?
सोनम-ज़्यादा बनने की ज़रूरत नही .वो तो तुम्हारी फ्रेंड् है ना तो उसके साथ क्या कर रही है.
में-तुम्हें मेरे साथ रहने में प्राब्लम है तो में तुम को घर छोड़ देता हूँ और वो सिर्फ़ मेरी फ्रेंड् है तो ये ज़रूरी नही कि वो हमेंशा मेरे ही साथ
रहे चलो में तुम्हें घर छोड़ दूं.
सोनम-सॉरी मेरे कहने का वो मतलब नही था.छोड़ो वो सब और कुछ मीठा ऑर्डर करते है क्या बोलते हो.
में-जैसा तुम ठीक समझो.
तभी रोहन की नज़र मुझ पे पड़ी फिर प्रिया की और उसके सभी दोस्तो की प्रिया वहाँ से उठ के मेरे पास आने लगी.
प्रिया-अजय में शाम से तुम को कॉल कर रही हूँ और तुम मेरा डिसकनेक्ट कर रहे हो ऐसा क्यूँ .
में-थोड़ा बिज़ी था कोई काम था आंड सॉरी मैने आज शाम से किसी का फोन पिक नही किया है.
रोहन-हेलो अजय कैसे हो यार क्या आज डेट पे आए हो क्या वैसे हम सब भी प्रिया का बर्तडे मना रहे है प्ल्ज़ तुम भी हमें जाय्न करो.
प्रिया-कोई ज़रूरत नही है किसी को इन्वाइट करने की जो मेरा फोन नही उठा सकता मुझे उस से कोई मतलब नही है.
में-जैसे आप की मर्ज़ी.वेटर प्ल्ज़ आप हमें दो कप बेस्ट आइस क्रीम ला देंगे और बिल भी प्ल्ज़ थोड़ा जल्दी.
प्रिया जी आप टेन्षन ना ले आज से आपको मुझसे कोई शिकायत नही होगी आप जा के अपनी पार्टी एंजाय करे.....
प्रिया का मुझसे ऐसी बात करना सोनम को अच्छा नही लगा वो प्रिया को कुछ बोलने ही वाली थी कि मैने उस को रोक दिया प्रिया कहने को तो हमारे पास से चले गयी थी पर उस का सारा ध्यान अभी भी हम पे ही था.इतने में आइस क्रीम भी आ गयी में और सोनम आइस क्रीम
खाने लगे अब सोनम मेरे से कुछ ज़्यादा ही क्लोज़ हो रही थी मैने भी कुछ नही कहा क्यूँ कि में उस को अब हर्ट नही करना चाहता था.
सोनम-अजय मुझे अपनी आइस क्रीम में से भी एक बाइट खिलाओ प्ल्ज़.
में-क्या बात है आज कुछ ज़्यादा ही प्यार आ रहा है हम पर .तुम भी क्या याद करोगी ये लो और में उसी आइस क्रीम खिलाने लगा एक बाइट की जगह वो मेरी पूरी आइस क्रीम खा गयी.
सोनम-सच में तुम्हारी वाली आइस क्रीम ज़्यादा टेस्टी थी.बल्कि इतनी टेस्टी आइस्क्रीम मैने आज तक कभी अपनी लाइफ में नही खाई.
में-अच्छा इसलिए मुझे बिल्कुल भी नही मिली.
सोनम-रोते क्यूँ हो एक और ऑर्डर कर दो वैसे भी मुझे और खानी है.
मैने दो आइस क्रीम और ऑर्डर कर दे.
उधर प्रिया बोलने को तो अपने फ्रेंड्स के साथ थी पर वो बस हमें ही देखे जा रही थी और उसके फेस एक्सप्रेशन से ऐसा लग रहा था कि वो काफ़ी गुस्से में है.
रोहन-प्रिया चलो केक काटते है .
प्रिया-मुझे कोई केक नही काटना और में घर जा रही हूँ मेरी तबीयत कुछ ठीक नही लग रही मुझे स्कूल में मिलते है.
और रोहन उस को बस देखता ही रह गया कि ये सब आख़िर हुआ क्या .(दोस्तो यहाँ से में रोहन के दोस्तो को बॉय1,बॉय2,से और प्रिया
की फ्रेंड्स को गर्ल1,गर्ल2 से बुलाएँगे इसके बाद इन का कोई कम नही है एसलिए मैने नाम रखने की अपनी मेहनत बचा ली हूँ ना में स्मार्ट).
बॉय1-रोहन तेरा तो प्लान ही फैल हो गया कहाँ तू उसी आज प्रपोज़ करने वाला था और अब ये सब.
रोहन-तो क्या करूँ इतने मुस्किल से मनाया था पार्टी के लिए और अब ये.
बॉय2-मुझे लगता है वो तुझे पसंद ही नही करती नही तो ऐसे नही जाती यहाँ से.
गर्ल1-अगर वो इसे पसंद नही करती तो यहाँ आती ही क्यूँ.
गर्ल2-और नही तो क्या रोहन तू टेन्षन ना ले हम तेरे साथ है.
गर्ल3-तू बिल्कुल भी टेन्षन ना ले हम लोगो ने उसके दिमाग़ में तेरी इतनी बातें भर दी है कि वो चाह कर के भी तुझे इग्नोर नही कर सकती.
बॉय3-ये सही कह रही है तूने देखा नही पिछले कुछ दिनो से वो ज़्यादा से ज़्यादा टाइम तेरे साथ रहती है बस क्लास में ही वो उस अजय के साथ रहती है किसी तरह वहाँ भी तुझे फिट करना होगा बस फिर तू ही तू होगा.
रोहन-ये तो आसान है अजय को भी अपने ग्रूप में शामिल कर लेते है आख़िर मोज मस्ती किसे अच्छी नही लगती और मोज मस्ती के लिए पैसे चाहिए होते है जो अपने पास बहुत है.
बॉय1-शायद तुझे पता नही पैसो के मामले में तू उसके आगे भिकारी है भाई.
गर्ल1-तुझे क्या लगता है वो हमारी तरह मिडल क्लास फॅमिली से है.
गर्ल2-अगर वो चाहे तो रातो रात तुम करोड़पति से रोड पे आ जाओगे उसके लिए कुछ और सोच.
बॉय3-में तो कहता हूँ उस से पूछ के देख अगर वो मान जाए तो ठीक नही तो फिर देखते है.
रोहन-तुम लोग कहते हो तो ठीक है बात कर के देखता हूँ.
हमारी आइस्क्रीम लगभग ख़तम ही हो चुकी थी और में वेटर को बिल लाने को बोल रहा था कि रोहन मेरे पास आ के सामने वाले सीट पे बैठ गया.
में-रोहन कोई प्रॉब्लम है.
रोहन-नही यार बस तुम से कुछ बात करनी थी अगर तुम्हारे पास टाइम हो तो सिर्फ़ 2मिनट ही लगेगे.
मैने सोनम की तरफ देखा क्यूँ कि में नही चाहता था कि वो खमा खा किसी बात को ले के परेशान हो.अगर बात मुझे ठीक लगी तो में उसे बाद में ज़रूर बता देता.
नैना दी-अजय चलो जाओ रवि के रूम में जिया ने कहा ना कि सुबह बात करेंगे तो सुबह बात करेंगे और अब मुझे तुझ से कोई भी एक्सक्यूज नही सुनने.
आख़िर कार मैने अपनी हार मानते हुए चला गया रवि के रूम में और रवि को बिस्तर से नीचे गिरा के सो गया कब मेरी आख लगी पता ही नही चला.
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प्रिया अपने रूम में ही चक्कर लगाते हुए. खुद से ही बात कर रही थी जैसे पागल हो गयी हो.
आज जो भी हुआ ठीक नही हुआ मुझे अजय से ऐसी बात नही करनी चाहिए थी .
पर में भी क्या करती एक तो उसने मेरा फोन नही उठाया और फिर वो सोनम के साथ कैसे चिपक के बैठ रहा था तो मुझे भी गुस्सा आ गया.
गुस्सा आना ठीक है पर उस की इन्सल्ट करना वो भी सब के सामने अब अगर उस ने अपनी फ्रेंड्सशिप तोड़ ली तो उस की ग़लती नही होगी.
ऐसे कैसे फ्रेंड्सशिप तोड़ लेगा मुझसे आख़िर पूरे स्कूल की सबसे ब्यूटीफूल लड़की हूँ और वैसे भी ग़लती उस की है उसे मुझसे माफी माँगनी चाहिए.
ठीक है फिर तू इंतज़ार करती है उसके माफी माँगने का कही ऐसा ना हो कि कोई और इस मोके का फ़ायदा उठा ले वैसे भी बहुत लड़किया उसके पीछे पड़ी है.
अगर किसी ने उस से दोस्ती तो दूर की बात उसके पास आने की भी कोशिश की तो उस का मूह नोच लूँगी में वो सिर्फ़ मेरा है सिर्फ़ मेरा.ठीक है में कल ही उस से माफी माँग लुगी तब तो ठीक होगा ना .
हाँ शायद तब सब ठीक हो जाए........
पर प्रिया को क्या पता कि हमेंशा वो नही होता जो हम सोचते या चाहते है कभी कभी वो भी हो जाता है जो हमारी सोच से बिल्कुल परे होता है वो कहते है ना कि वक़्त किस को क्या दिखाए किसी को कुछ नही पता.ये तो बस एक शुरुआत थी उसकी लाइफ में आने वाले तूफान की ........,...
अब मेरी लाइफ पहले के मुक़ाबले काफ़ी ईज़ी हो गयी थी क्यूँ कि मुझे पता है कि मुझे क्या करना है और क्या नही कौन मेरे लिए है और में किस के लिए .
सुबह मुझे किसी ने बड़े प्यार से जगाया जी हाँ रवि कमिने ने पूरा एक बाल्टी ठंडा पानी जो मेरे उपर डाल दिया था और सच में मुझे बहुत ही प्यार आया उस पे और मैने उस को प्यार करने के लिए अभी उठ ही रहा था कि वो भाग गया रूम से और शायद नीचे हॉल में चला गया.
मेरी साली किस्मत ही खराब है घर पे नैना दी और यहाँ पे ये कमीना पर इसको तो में छोड़ने वाला नही हूँ पर कर भी क्या सकता हूँ सभी का सपोर्ट उसी को होगा .
खैर में फ्रेश हो के नीचे चला गया जहाँ सब मुझे देख के हस रहे थे जैसे कि में कोई जोकर हूँ.
में-ज़्यादा हँसने की ज़रूरत नही है .
रवि-अरे तेरे को देख के थोड़े हस रहे है वो तो हमे एक जोक याद आ गया था इसलिए हस रहे है.
में-ज़्यादा स्मार्ट मत बन चल जल्दी तैयार हो जा स्कूल के लिए लेट हो रहे है.
रवि-चल बे में तैयार हूँ तू अपना देख.
में-रुक कमीने तुझे अभी बताता हूँ.(और उस को पकड़ के बेटे अगर अभी के अभी अगर तूने मामला शांत नही किया तो में सब को बता दूँगा की तेरे साथ क्लासरूम में क्या हुआ था )
रवि-भाई कैसी बात कर रहा है तू तो भाई है अपना और वैसे भी हम ने डिसाइड किया था कि एक दूसरे की सीक्रेट दूसरो के सामने नही खोलेगे भाई प्लज़्ज़्ज़्ज़.
में-ये तो पहले सोचना था तू मामला सही कर रहा है कि में ***
रवि करता हूँ भाई .फिर रवि ने सब को बड़ी मुस्किल से समझाया और में भी अपना सीना चोडा कर के घूमने लगा .
में-जिया दी आप ने कल रात कोई बात अधूरी छोड़ दी थी.
जिया दी- हाँ पहले तू प्रॉमिस कर कि तू गुस्सा या एमोशनल नही होगा.
में-में ऐसा कोई प्रॉमिस नही करने वाला .
जिया दी-देख अजय तो में तुझे ऐसा कुछ नही बताने वाली.
में-तो ठीक है में कही और से पता कर लूँगा और आप जानती है कि अगर में किसी बात पे आ जाऊ तो मुझे कोई नही रोक सकता और अगर वो बात मेरी फॅमिली की हो तो फिर….
नैना दी-अजय ऐसी कोई बात नही है.
में-अगर ऐसी बात नही है तो ये प्रॉमिस की क्या ज़रूरत है.
रवि-ये सब हो क्या रहा है कोई मुझे भी बताएगा.
जिया दी-तुझे ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नही है और चुप कर के नाश्ता कर.
नैना दी-चल तू अभी स्कूल जा में तुझे घर पे बता दूँगी और हाँ कोई टेन्षन लेने की ज़रूरत नही है ठीक है ना.
में-अगर किसी इंसान की सुबह ही ऐसे कन्फ्यूज़ से स्टार्ट हो तो क्या करे वो .
नैना दी-चल ज़्यादा बाते मत कर और स्कूल जा मुझे भी घर जाना है और एक बार और बोल रही हूँ कि टेन्षन की कोई बात नही है.
रवि-भाई चल स्कूल चलते है नही तो मुझे मामला कुछ गरम होता दिख रहा है और जब दी कह रही है कि कोई टेन्षन नही है तो नही होगी.
मैं-ठीक है पर शाम को मुझे कोई एक्सक्यूस नही चाहिए.
नैना दी-बिल्कुल कोई एक्सक्यूस नही बस अब तू अपना मूड ठीक कर और चल ज़रा मुस्करा दे.
में-जैसा आप कहे दी वैसे आज सुबह से वो आफ़त की पूडिया नही दिखी.
रवि-में भी वो ही पूछने वाला था वो कहाँ है और अजय अच्छा नाम है आज से में भी उस को इसी नाम से बुलाने वाला हूँ आफ़त की
पूडिया .झकास.
में-तब तो तू गया काम से मुझे किसी ने बताया था कि उस आफ़त के पूडिया के हाथो से किसी का मर्डर होने की काफ़ी संभाना है .
रवि-तू मज़ाक कर रहा है .
में-बिल्कुल नही .(पर असल में ये सिर्फ़ मज़ाक ही था क्यूँ कि ये सुबह से ही मेरे मज़े ले रहा था.और मुझे ये भी पता है कि रवि इन सब
बातों में बहुत विश्वास करता है जैसे कि भूत प्रेत एट्सेटरा)
रवि-तुझे किस ने बताया ये सब.
में-तुझे नही पता एक बार हम ने उस का फ्यूचर दिखाया था टॅरो कार्ड रीडर से उसी ने बताया था और ये भी की उस लड़के या आदमी का नाम का पहला वर्ड र से स्टार्ट होगा.
रवि-थॅंक्स जो तूने मुझे बता दिया वैसे भी वो बहुत ही गुस्से वाली है और मुझे भी ऐसा ही लगता है कि मेरा उस से दूर रहना ही अच्छा है.
इसी तरह हम लोग बात करते हुए या यू कह ले की रवि को डराते हुए स्कूल पहुँच गये.
में-रवि आज में तेरी सीट पे बैठुगा.
रवि-ऐसा क्यूँ .
में-तुझे कोई प्रॉब्लम है .
रवि-नही बस ऐसे ही चल आ जा .
रवि क्लास में पीछे की सीट में बैठा था और में आगे .पर अब जब मुझे रवि के साथ अपनी सीट शेर करनी थी तो मुझे भी पीछे ही जाना पड़ा.
प्रिया-हाई अजय सॉरी कल के लिए.
में-कोई बात नही ऐसा हो जाता है .
प्रिया-थॅंक्स तुम ने मुझे माफ़ कर दिया.
में-मैने कहा ना कोई नही अब मुझे चलना चाहिए क्लास स्टार्ट होने वाली है.
प्रिया-पर तुम्हारी सीट तो यहाँ है ना.
में-नही अब नही है .
और में पीछे रवि के पास चला गया प्रिया क्या सोच रही थी मुझे नही पता पर अब मुझे मेरी लाइफ के गोल के बारे में पता था.
फिर कुछ ही देर में रोहन भी आ गया और प्रिया के पास की सीट खाली देख के वो ऐसा खुश हुआ जैसे कि उस ने दुनिया जीत ली हो और
वो वहाँ जा के बैठ गया……
फिर क्लास स्टार्ट हुई में ये तो नही कहुगा कि मुझे प्रिया से दूर हो के कोई फ़र्क नही पड़ रहा था सच ये था कि अंदर दिल में आग लगी हुई थी पर मेरे पास कोई और रास्ता नही था इसी में हम दोनों की भलाई थी.और किसी तरह हम ने हाफ टाइम तक क्लास अटेंड किया फिर जैसे ही बेल हुई में क्लास रूम से ऐसे निकला जैसे कोई कैदी किसी क़ैदखाने से निकलता है.
में-रवि चल कॅंटीन चलते है.
रवि-चल वैसे भी आज तेरी टर्न है ट्रीट की लास्ट टाइम मैने दे थी .
में-चल बे झूठे कितना झूठ बोलता है लास्ट टाइम मैने दे थी.
रवि-देख मुझसे झूठ मत बोल नही तो में तेरे से बात नही करने वाला.
में-तू तो लड़कियो की तरह नाराज़ हो गया चल में ही ट्रीट देता हूँ आज पर नेक्स्ट टाइम तेरा टर्न होगा,