S
StoryPublisher
Guest
अपडेट 10
इतना बोलते तो मेरी मनो जान ही थम गयी. फिर मैंने चाची की और देख, वो मुझे ही देख रही थी. बिलकुल एक्सप्रेशन नहीं थे उनके चेहरे पर, लेकिन मैंने उन्हें फिर से प्लीज कहा. मुझे लग रहा था की चाची मान जायेगी पर कोई विश्वास नहीं था में अपनी सोच में था की क्या होगा पर इतने में चाची उठी. मैं ठीक उनके सामने बैठा था और वो एक दम से उठकर मेरे चेहरे को हाथों में पकड़ लिया और अपने लिप्स से मेरे लिप्स को पकड़ लिया. एक सेकंड के लिए में कुछ संमझा नहीं पर बाद में समझा मैंने फिर चाची को बाँहों में पकड़ लिया और अपने सीने से जोर से सटा लिया, मेरे हाथ उनके बैक पर घूम रहे थे और वो मेरे लिप्स को चुसे जा रही थी, ओह गॉड वो तो मानो खो गयी थी. फिर उन्होंने मुझे बेड पर गिरा दिया और पगलों की तरह मेरे पूरे चेहरे को किस करने लगी, किस क्या वो मुझे शायद चाट रही थी. मैं तो कुछ करने के हालत में नहीं था मेरे पूरे चेहरे को चूमने के बाद फिर से वो मेरे लिप्स को चुस्ने लगी तो मैंने भी अपने ऊपर से उन्हें घुमा दिया और उनके ऊपर हो गया और में भी उनके लिप्स को किस करने लगा, अब मैंने अपनी जीभ उनके मुँह में दे दी और वो भी मेरी जीभ का स्वाद लेने लगी. मैंने दोनों हाथ उनके गालों पर रक्खे थे, हलकी पीली रौशनी में उनके गाल एक दम सिडक्टिव लग रहे थे. फिर मैंने अपना राईट हैंड उनके गाल से हटा कर उनके गले पर घूमाते हुए स्लोवली उनके शोल्डर पर ले गया और वह शोल्डर को दबाते हुए मैंने अपना हाथ उनके बूब पर ले जाने लगा, तभी चाची ने एक दम से अपने हाथ से मेरा हाथ थाम लिया और अब तक जो आँखें बंद कर के बस चुमे जा रही थी तो अब उन्होंने आँखें खोल ली और मेरी और देखने लगी.लेकिन में भी अब चाची को छोड़ने के मूड में नहीं था मैंने चाची को एक आँख मार कर इशारा किया और चाची के ब्लाउज से हाथ हटा कर चाची की नाभि पर रक्खा और अपनी मिडिल फिंगर को उसमे अंदर करने लगा, इससे चाची काफी उत्तेजित होने लगी थी, चाची अपने पेट् को ऊपर करके मुझे अपनी ऊँगली निकालने के लिए इशारा कर रही थी, पर मैंने ऊँगली निकालने के बजाय ऊँगली को चाची के नाभि में गोल गोल जोर से घुमाने लगा अब रफ़ बिहेवियर करने लगा जैसे में फिंगर फकिंग कर रहा हू, अब चाची से नहीं रहा जा रहा था इसीलिए उन्होंने अपने एक हाथ से मेरी ऊँगली को पकड़ लिया और न चाहते हुए भी उसे निकालने लगि, अब मैंने चाची के लिप्स को छोड़ा और चाची को गर्दन के आसपास चूमने लगा, चाची को अब नशा चढ़ रहा था वो बोली ??रेशु, प्लीज् रुक जाओ, ऐसा मत करो.?? वो मुझे रुक्ने को बोल रही थी पर अपने हाथों से मेरे सर को पकड के सेहला रही थी और मेरे सर को अपने बदन पर चुब्वा रही थी. मैं समझने लगा था मैंने अब चाची के बॉब्स पर फिर से हाथ रक्खा और आराम से गोल गोल घुमाने लगा, अब चाची के बस में कुछ नहीं था अब चाची की निप्पल्स कड़क होने लगी थी. मैंने चाची की दोनों निप्पल्स को पकड़ा और उसे पिंच किया, फिर से छोड़ा और पिंच किया, फिर से छोड़ा और पिंच किया अब चाची के बस में वो खुद नहीं थी. फिर वो भी अपने बॉब्स को ऊपर उठा के जैसे मुझे इनवाइट कर रही हो ऐसे इशारे करने लगी. मैंने अब चाची के ब्लाउज के हुक पे अपने हाथ डाले पर चाची ने फिर से मेरे हाथो को रोक लिया पर मैंने थोड़ी आक्रामकता दिखाते हुए चाची के लिप्स पर फिर से किस करने लगा और इस दौरान मैंने चाची के ब्लाउज के बटन खोल डाले और ब्लाउज को दोनों बाजुओं के साइड कर दिया, ओह माय गॉड मैंने देखा तो चाची ने ब्लाउज के निचे कुछ नहीं पहना था ब्लाउज पर हाथ फेरते समय ऐसा लगा था पर यकीन नहीं हो रहा था और पार्टी में शिफोन साडी के ट्रांसपेरंट न देख पाने की वजह से शक़ नहीं हुआ, खैर अब चाची के बॉब्स मेरे सामने ओपन थे और मैंने अपने दोनों हाथ चाची के बॉब्स पर रख दिए और चाची आराम से बॉब्स को दबवानेन लगी, जल्दी में में कुछ नहीं कर सकता था स्लोवली ही चाची को सिड्यूस किया जा सकता हे यह अब में जान चुक्का था चाची के बॉब्स अब फर्म होने लगे थे, मैंने अब चाची की निप्पल्स को हाथो में ले लिया और उस पर ऊँगली और अँगूठे से थोड़ा सा प्रेशर करने लगा, चाची की और से कोई रिस्पांस ना पाया तो थोड़ा और प्रेशर से दबा दिया, चाची के मुँह से एक दम चीख निकल गयी पर लिप् किस की वजह से आवाज़ नहीं हुई. लेकिन उन्होंने किस करना बंद कर दिया और मैंने चाची की आँखों में देखते हुए प्यार से सॉरी कहा और चाची मुस्कुरा दी. फिर मैंने चाची के दोनों बॉब्स को हाथों में पकड़ के चाची के दोनों बॉब्स को बारी बारी चूसने लगा, चाची अब मोअन करने लगी थी, फिर मैंने अपने एक हाथ से चाची की साडी को ऊपर उठना चालू किया और चाची के थाय तक साडी को उठा दिया और फिर मैंने अपने दोनों पैरों से चाची के दोनों पैरों को फैला लिया, चाची ने थोड़ी सी हरकत की पर मैंने आखिर में दोनों पैरों को फैला लिया और साडी जो थाइस तक थी वो अब चाची के पेन्टी तक आ गयी. मैं तक़रीबन चाची को दस मिनट तक चूसता रहा फिर मैंने चाची को पीछे से पीठ पकड़ के उठा लिया, में चाची के दोनों पैरों के बीच में था और चाची को उठाने की वजह से चाची अब मेरे लौडे पर बैठ गयी,
इतना बोलते तो मेरी मनो जान ही थम गयी. फिर मैंने चाची की और देख, वो मुझे ही देख रही थी. बिलकुल एक्सप्रेशन नहीं थे उनके चेहरे पर, लेकिन मैंने उन्हें फिर से प्लीज कहा. मुझे लग रहा था की चाची मान जायेगी पर कोई विश्वास नहीं था में अपनी सोच में था की क्या होगा पर इतने में चाची उठी. मैं ठीक उनके सामने बैठा था और वो एक दम से उठकर मेरे चेहरे को हाथों में पकड़ लिया और अपने लिप्स से मेरे लिप्स को पकड़ लिया. एक सेकंड के लिए में कुछ संमझा नहीं पर बाद में समझा मैंने फिर चाची को बाँहों में पकड़ लिया और अपने सीने से जोर से सटा लिया, मेरे हाथ उनके बैक पर घूम रहे थे और वो मेरे लिप्स को चुसे जा रही थी, ओह गॉड वो तो मानो खो गयी थी. फिर उन्होंने मुझे बेड पर गिरा दिया और पगलों की तरह मेरे पूरे चेहरे को किस करने लगी, किस क्या वो मुझे शायद चाट रही थी. मैं तो कुछ करने के हालत में नहीं था मेरे पूरे चेहरे को चूमने के बाद फिर से वो मेरे लिप्स को चुस्ने लगी तो मैंने भी अपने ऊपर से उन्हें घुमा दिया और उनके ऊपर हो गया और में भी उनके लिप्स को किस करने लगा, अब मैंने अपनी जीभ उनके मुँह में दे दी और वो भी मेरी जीभ का स्वाद लेने लगी. मैंने दोनों हाथ उनके गालों पर रक्खे थे, हलकी पीली रौशनी में उनके गाल एक दम सिडक्टिव लग रहे थे. फिर मैंने अपना राईट हैंड उनके गाल से हटा कर उनके गले पर घूमाते हुए स्लोवली उनके शोल्डर पर ले गया और वह शोल्डर को दबाते हुए मैंने अपना हाथ उनके बूब पर ले जाने लगा, तभी चाची ने एक दम से अपने हाथ से मेरा हाथ थाम लिया और अब तक जो आँखें बंद कर के बस चुमे जा रही थी तो अब उन्होंने आँखें खोल ली और मेरी और देखने लगी.लेकिन में भी अब चाची को छोड़ने के मूड में नहीं था मैंने चाची को एक आँख मार कर इशारा किया और चाची के ब्लाउज से हाथ हटा कर चाची की नाभि पर रक्खा और अपनी मिडिल फिंगर को उसमे अंदर करने लगा, इससे चाची काफी उत्तेजित होने लगी थी, चाची अपने पेट् को ऊपर करके मुझे अपनी ऊँगली निकालने के लिए इशारा कर रही थी, पर मैंने ऊँगली निकालने के बजाय ऊँगली को चाची के नाभि में गोल गोल जोर से घुमाने लगा अब रफ़ बिहेवियर करने लगा जैसे में फिंगर फकिंग कर रहा हू, अब चाची से नहीं रहा जा रहा था इसीलिए उन्होंने अपने एक हाथ से मेरी ऊँगली को पकड़ लिया और न चाहते हुए भी उसे निकालने लगि, अब मैंने चाची के लिप्स को छोड़ा और चाची को गर्दन के आसपास चूमने लगा, चाची को अब नशा चढ़ रहा था वो बोली ??रेशु, प्लीज् रुक जाओ, ऐसा मत करो.?? वो मुझे रुक्ने को बोल रही थी पर अपने हाथों से मेरे सर को पकड के सेहला रही थी और मेरे सर को अपने बदन पर चुब्वा रही थी. मैं समझने लगा था मैंने अब चाची के बॉब्स पर फिर से हाथ रक्खा और आराम से गोल गोल घुमाने लगा, अब चाची के बस में कुछ नहीं था अब चाची की निप्पल्स कड़क होने लगी थी. मैंने चाची की दोनों निप्पल्स को पकड़ा और उसे पिंच किया, फिर से छोड़ा और पिंच किया, फिर से छोड़ा और पिंच किया अब चाची के बस में वो खुद नहीं थी. फिर वो भी अपने बॉब्स को ऊपर उठा के जैसे मुझे इनवाइट कर रही हो ऐसे इशारे करने लगी. मैंने अब चाची के ब्लाउज के हुक पे अपने हाथ डाले पर चाची ने फिर से मेरे हाथो को रोक लिया पर मैंने थोड़ी आक्रामकता दिखाते हुए चाची के लिप्स पर फिर से किस करने लगा और इस दौरान मैंने चाची के ब्लाउज के बटन खोल डाले और ब्लाउज को दोनों बाजुओं के साइड कर दिया, ओह माय गॉड मैंने देखा तो चाची ने ब्लाउज के निचे कुछ नहीं पहना था ब्लाउज पर हाथ फेरते समय ऐसा लगा था पर यकीन नहीं हो रहा था और पार्टी में शिफोन साडी के ट्रांसपेरंट न देख पाने की वजह से शक़ नहीं हुआ, खैर अब चाची के बॉब्स मेरे सामने ओपन थे और मैंने अपने दोनों हाथ चाची के बॉब्स पर रख दिए और चाची आराम से बॉब्स को दबवानेन लगी, जल्दी में में कुछ नहीं कर सकता था स्लोवली ही चाची को सिड्यूस किया जा सकता हे यह अब में जान चुक्का था चाची के बॉब्स अब फर्म होने लगे थे, मैंने अब चाची की निप्पल्स को हाथो में ले लिया और उस पर ऊँगली और अँगूठे से थोड़ा सा प्रेशर करने लगा, चाची की और से कोई रिस्पांस ना पाया तो थोड़ा और प्रेशर से दबा दिया, चाची के मुँह से एक दम चीख निकल गयी पर लिप् किस की वजह से आवाज़ नहीं हुई. लेकिन उन्होंने किस करना बंद कर दिया और मैंने चाची की आँखों में देखते हुए प्यार से सॉरी कहा और चाची मुस्कुरा दी. फिर मैंने चाची के दोनों बॉब्स को हाथों में पकड़ के चाची के दोनों बॉब्स को बारी बारी चूसने लगा, चाची अब मोअन करने लगी थी, फिर मैंने अपने एक हाथ से चाची की साडी को ऊपर उठना चालू किया और चाची के थाय तक साडी को उठा दिया और फिर मैंने अपने दोनों पैरों से चाची के दोनों पैरों को फैला लिया, चाची ने थोड़ी सी हरकत की पर मैंने आखिर में दोनों पैरों को फैला लिया और साडी जो थाइस तक थी वो अब चाची के पेन्टी तक आ गयी. मैं तक़रीबन चाची को दस मिनट तक चूसता रहा फिर मैंने चाची को पीछे से पीठ पकड़ के उठा लिया, में चाची के दोनों पैरों के बीच में था और चाची को उठाने की वजह से चाची अब मेरे लौडे पर बैठ गयी,