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Incest भाई की जवानी complete

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भाई की जवानी

लेषक अज्ञात

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पात्र (किरदार) परिचय

01. राजेश- उम्र 42 साल, सुमन का पति, मैनेजर,

02. समन- उम्र 40 साल, राजेश की पत्नी, टीचर,

03. विशाल- उम्र 20 साल, राजेश और सुमन का बेटा, इंटर की पढ़ाई,

04. आरोही- उम्र 18 साल, राजेश और सुमन की बैटी, इंटर की पढ़ाई,

05. प्रिया- विशाल के मामा की लड़की,

06. अजय प्रिया का भाई,

07. राहुल- प्रिया का पति,

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भाई की जवानी कहानी एक ऐसे परिवार की है जिसमें राजेश उम 42 साल, अपनी पत्नी सुमन उम 40 साल और दो बच्चों विशाल उम 20 साल, और आरोही उम 18 साल के साथ जयपुर में रहता है। राजेश एक कंपनी में मैनेजर है। सुमन भी स्कूल में टीचिंग करती है. और इसी स्कूल में विशाल और आरोही दोनों इंटर की पढ़ाई कर रहे हैं।

दो मंजिला मकान में नीचे राजेश और सुमन का रूम है। विशाल और आरोही का रूम ऊपर है। दोनों भाई बहन में बहुत प्यार है. एक दूसरे की जरूरतों का खयाल रखते हैं। आज तक विशाल और आराही में किसी बात पर झगड़ा नहीं हुआ। दोनों पढ़ाई में भी टाफ रहते हैं। विशाल 95% मार्क लाता है तो आरोही भी पीछे नहीं रहती 94.5% मार्क आरोही के रहते हैं।

राजेश और सुमन को अपने बच्चों पर बड़ा गर्व रहता है। स्कूल में सभी विशाल और आरोही से दोस्ती करना चाहते हैं। मगर विशाल और आरोही दोनों ऐसें रहते हैं जैसे उन्हें किसी दोस्त की जररत ही नहीं। आरोही पढ़ाई के साथ-साथ घर के सारे काम भी किया करती थी। मम्मी पापा की लड़ली, राजेश भी दोनों बच्चों की हर ख्वाहिश पूरी करता। विशाल को पिछले साल लैपटाप दिलवाया था।

एक रात सुमन राजेश से बातें कर रही थी।

सुमन- सुनो जी स्कूल की तीन दिन की छुटियां हैं। मैं सोच रही हूँ अपने घर काशीपुर हो आऊँ।

राजेश- हाँ हाँ चली जाओ।

सुमन- आप भी साथ में चलेंगे?

राजेश- बच्चों को अकेला छोड़कर जाओगी?

सुमन- तो क्या हुआ? बच्चे अब बड़े हो गये हैं। आरोही भी किचन का सारा काम कर लेती है।

राजेश- "ठीक है जैसा आपका हुकुम..." और राजेश सुमन को अपनी बाहों में भर लेता है।

सुमन भी राजेश की बाँहो में समा जाती है। पल भर में कपड़ों की दीवार हट जाती है। राजेश का" इंच का लण्ड सुमन के हाथों में किसी लोलीपोप की तरह दिख रहा था। सुमन ने मुँह खोलकर राजेश का लण्ड मुँह में भर लिया और धीरे-धीरे चूसने लगी। राजेश के लण्ड में प्रेशर बढ़ता जा रहा था। थोड़ी देर की चुसाई में लण्ड एकदम स्टील रोड बन चुका था।

राजेश ने झट में अपने लण्ड को सुमन के मुँह से बाहर निकाला, और सुमन की टांगों को फैलाकर चूत के छेद पर रखकर एक जोरदार झटका मार दिया। सुमन की एकदम दर्द भरी आइ: निकल गई।

सुमन- आह्ह.. इसम्स्स.. धीरेs: आह्ह.."

 
राजेश दे दनादन शाट मरता रहा। करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद दोनों शांत हुए, और एक दूसरे की बौंहों में लिपटें नींद की आगोश में चले गये।

सुबह 7:00 बजे आरोही मम्मी के रूम में आती है। सुमन बैग में कुछ सामान पैक कर रही थी।

आरोही- मम्मी में पैकिंग क्यों कर रही हो?

सुमन- अरे आरोही बेटा, उठ गई तुम? मैं तो बस अभी तुझे उठाने ही आ रही थी। बेटा हम दो दिन के लिए तेरे मामा के यहां जा रहे हैं। जाओ विशाल को भी उठा दो।

आरोही- "जी मम्मी अभी उठाती है." और आरोही ऊपर विशाल को उठाने पहुंचती है।

विशाल एक चादर ओटे गहरी नींद में सोया था।

आरोही- भैया उठा, मम्मी बुला रही है।

मगर विशाल पर आराही की आवाज का काई असर नहीं होता।

आरोही विशाल के ऊपर से चादर खींच लेती है।

विशाल- आरोही सोने दे ना.. आज तो सनडे है क्यों परेशान करती है?

आरोही- भैया नीचे आपको मम्मी बुला रही है वो मामा के यहां जा रही हैं।

विशाल- अच्छा तू चल मैं फ्रेश होकर आता हूँ।

आरोही- जी भैया ठीक है।

 
मित्रो तीन कहानियाँ शुरू कर दी हैं सभी मित्रों से साथ बने रहने की गुज़ारिश करता हूँ
 
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