• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

Incest मॉम की परीक्षा में पास

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date


हेल्लो दोस्तो,

में अर्जुन, पेश कर रहा हूं मेरी कहानी का

अगला हिस्सा,

फिर में अपने रूम में नहाने चला गया

थोड़ी देर बाद में नहाकर ,अंडर वियर और उसके ऊपर हाफ पैंट पहनी और टी शर्ट पहन लिए, और जैसे कि उस दिन रविवार था तो कॉलेज की छुट्टी थी

फिर में कमरे से बाहर अा गया,

मैने देखा मॉम स्नान करके ,साड़ी ब्लाउज, पेटीकोट पहनकर तैयार हो चुकी थी

और पूजा भी कर चुकी थी

अब वो किचन में काम कर रही थी

मॉम ने पिंक कलर की साड़ी पहनी थी

और ब्लाउस और पेटीकोट भी पिंक कलर के मैचिंग के ही पहनी थी

जैसे रोज पहनती थी

वैसे ही टाइट पेटीकोट और टाइट ब्लाउस में थी

पीछे का पोर्शन गान्ड तो बाहर आई हुई थी

और आगे का पोर्शन में दो बड़े स्तन बाहर निकले थे

मॉम सेक्सी और हॉट तो थी ही, और साथ में

अच्छा सा मेकअप किया हुआ था

और बाल भी अच्छे से बनाए हुए थे खूबसूरती के देवी लग रही थी

जैसे मॉम रोज दिखती है वैसे ही आज भी दिख रही थी

एकदम संस्कारी औरत के रूप में मॉम नजर आ रही थी

मेरा मन और दिमाग तो यह बोल रहा था

किचन में जाकर मॉम की गान्ड और बूब्स को ज़ोरदार दबा दू, और गुलाबी नर्म होंठो का रस निकाल दू, जिससे मॉम दर्द से तड़प जाए और वासना और उत्तेजना से भर जाए और गरम होकर अपनी चुदाई की अनुमति दे दे,

लेकिन मेरी सेक्स की वासना और उत्तेजना तो पहले से खत्म हो चुकी थी

और अब में यह सब करके मॉम को गुस्से नहीं दिलाना चाहता था

में किचन में गया और मॉम ने मुझे देखकर

बोली "तैयार हो गया बेटा"

और ऐसे बोलकर मॉम ने मेरे होंठ पर अपने गुलाबी मीठे होंठो से एक मां की ममता वाला चुम्मा दे दिया जैसा वो रोज मुझे प्यार से देती थी

मैने भी इस चुम्मे में उनका साथ दिया,

फिर मैने बोला "मॉम क्या बना रही हो"

मॉम "बेटे तेरे पसंद के आलू के परांठे बना रही हूं"

में खुश होकर "वाउ मॉम, ग्रेट, मज़ा आ जाएगा थैंक्स, मेरे फेवरेट आलू के पराठे"

ऐसे बोलकर मैने मॉम के चिकने और दूध जैसे सफेद और बिना कोई दाग वाले गाल पर थैंक्स वाला चुम्बन कर दिया

मॉम पराठे बना रही थी

मैने बोला "मॉम, यह जो आपने कल रात और आज सुबह , मेरे लिंग के साथ जो किया ,वो आप पापा के साथ भी करती हो क्या ?

"और यह मेरे नाजुक बॉल को आपने दबाए थे और इससे मेरी हैल्थ पर असर पड़ सकता है क्या" ?

मॉम ने मेरी तरह देखा और मुस्कुरा के बोली

"पहले तो बता दू तुझे की ,इससे किसी भी तरह का कोई भी साइड इफेक्ट या बुरा असर नहीं पड़ेगा

तेरी हैल्थ पर, उल्टा तेरी शारीरिक क्षमता और बड़ जाएगी और तेरे दोनो बॉल्स को मैने खाली धीरे और हल्का ही दबाए थे

और इससे तेरे बॉल्स के भी साइज भी बड़ जाएंगे, क्योंंकि तू अभी अभी जवान हो रहा है और तू ज्यादा देर सैक्स कर सकेगा"

"और दूसरा में ,यह तेरे पापा के साथ कभी कभी करती थी जब उनकी एक्साइटमेंट और उत्तेजना हद से ज्यादा हो जाती थी और वो जंगली बन जाते थे और मुझे दर्द देने लग जाते थे और मेरे अंगो को नुकसान पहुंचाने लग जाते थे और मेरी इच्छा सैक्स करने की नहीं होती तब मेरा सब्र टूट जाता था और में ऐसा कर देती थी"

में बोला "ओके मॉम, में आगे से इस पर ध्यान रखूंगा "

मॉम " कोई बात नहीं बेटे, सब चलता है,"

"अच्छा नास्ता रेडी हो गया है तू डायनिंग रूम में जा, में नाश्ता लेकर आती हूं"

में डायनिंग रूम में टेबल पर बैठ

गया और मॉम ने नाश्ता लगा लिया

जितनी मॉम खूबसूरत और सेक्सी थी

वैसी ही मॉम खाना बनाने में भी एक्सपर्ट थी

गजब और लाजवाब नाश्ता बनाया था

फिर हम दोनों ने नाश्ता खाया,

फिर कुछ देर बाद नाश्ता खत्म करके मॉम किचन के काम व्यस्त हो गईं और में ड्रॉइंग हॉल में अपने कॉलेज का होम वर्क में बिजी हो गया,

फिर कुछ देर बाद मॉम भी ड्रॉइंग रूम में अा गई और बड़े वाले सोफे पर बैठ कर बोली

"बेटा, अभी थोड़ी देर में कामवाली आएगी, और उसके सामने तू मेरे से, मां बेटे जैसे रिश्ते जैसे ही पेश आना कोई गलत हरकत मत कर लेना

जिससे तेरे और मेरे बीच के सैक्स के रिश्ते को उसे मालूम चले और वो फिर पूरी सोसायटी में यह बात वाइरल कर देगी"

में मुस्करा के बोला "डोंट वरी मॉम, में यह सब समझता हूं आप मुझ पर भरोसा रखिए,उसे बिल्कुल भी शक नहीं होगा"

मॉम मुस्करा के बोल

"गुड"

और फिर मॉम अपने मोबाइल में बिजी हो गई

और में अपने पढ़ाई में,

दोस्तो अब में आपको हमारे यहां काम करने वाली नौकरानी के बारे में कुछ बताता हूं,

हमारी कामवाली का नाम स्नेहा है

वो उम्र में करीब 28 साल के आस पास होगी

शादीशुदा है, दो बच्चों की मां है

दिखने में ठीक ठाक है कुछ ख़ास नहीं है

ऐसे मैने कभी उसको ऐसी नज़र से देखा ही नहीं ,

मीडियम गोरे रंग की है थोड़ी से मोटी है

ज्यादा मोटी नहीं है उसके स्तनों को देखना का तो मौका कभी मिला नहीं है लेकिन ब्लाउस और टाईट कुर्ती से पता चल जाता था कि साइज में उसके बूब्स ज्यादा बड़े नहीं थे

नारंगी या सेब के आकार के होंगे,

और गान्ड भी ठीक ठाक ही थी

पेटीकोट और सलवार से जितना उसका पिछ्वाड़ा देख सका था उस हिसाब से

गान्ड मीडियम साइज की ही थी

वो कभी साड़ी पहनती थी तो कभी सलवार सूट पहनती थी

मेरा उससे मुलाकात रविवार या कॉलेज की छुट्टी के दिनों में ही होती थी,

है तो वो कामवाली,लेकिन रहती थी एकदम लल्लन टॉप लुक्स में,

क्योंंकि मैकअप पूरा करती थी अपने चेहरे पे,

और कपडे भी ठीक ठाक अच्छे ही पहनती थी

टाइट फिटिंग के कपडे ही पहनती थी

में जब रोज कॉलेज चला जाता हूं उसके कुछ देर बाद ,वो हमारे घर पर आती थी

और करीब 2-3 घंटे हमारे घर पर ही काम करती थी, किचन बर्तन, झाड़ू, पोछा, बाथरूम,और कपडे वाशिंग मशीन में धोना, जैसे घर के सारे काम वो ही करती थी

मॉम की उससे अच्छी बनती थी और मॉम की बहुत रेस्पेक्ट करती थी

मॉम को वो दीदी कहकर ही बुलाती थी

अभी मॉम मोबाइल में बिजी थी और में पढ़ाई करने में, मेरा कॉलेज का होम वर्क पूरा हो गया तो फिर में भी अपने मोबाइल में लग गया

मैने मॉम की और देखा , फिर उनकी छाती पर बूब्स वाले हिस्से को देखा, जो मॉम ने टाइट ब्लाउस से ढक रखा था और उस पर साड़ी का पल्लू डाल रखा था लेकिन बूब्स इतने बड़े थे कि बाहर से कोई भी देख सकता था

मॉम सोफे पर बैठी थी और मोबाइल में शायद अपने दोस्तो के साथ चैटिंग कर रही थी

चेहरे से मॉम का मूड अच्छा लग रहा था

मैने सोचा अभी स्नेहा कामवाली का आने में समय है तब तक मॉम को थोड़ा छेड़ लेता हूं

टाइम पास भी हो जाएगा,

मैने मॉम को बोला

"मॉम आप मोबाइल में बहुत व्यस्त हो ,मेरा होम वर्क पूरा हो चुका है में अभी बोर हो रहा हूं चलो कुछ गप्पे मारते है"

मॉम मोबाइल में चैटिंग करते हुए

बोली "बेटा मेरा अभी कुछ जरूरी काम चल रहा है ,थोड़ी देर रुक जा ,बाद में गप्पे मारेंगे"

में थोड़ा उदास हो गया, मॉम कुछ भाव ही नहीं दे रही है मुझे, मैने सोचा कुछ दूसरी तरकीब लगाता हूं,

में मॉम के पास जाकर बड़े वाले सोफे पर बैठ गया

और थोड़ा उदासी और रोने वाले स्वर में बोला

" मॉम आपकी मेरी कुछ फिक्र ही नहीं है, आप मुझसे प्यार ही नहीं करती हो"

मॉम ने मेरे रोने जैसे चेहरे को देखा

और मुस्करा के बोली

" अरे मेरे राजा बेटा ,तू रोने लग गया,देख मॉम को मोबाइल पर थोड़ा जरूरी काम है,

तू एक काम कर मेरी गोद में अपना सर रख कर सोफे पे लेट जा"

सोफ़ा तीन सीट वाला बड़ा सोफ़ा था मॉम एक साइड के कोने में बैठी थी

मॉम ने ऐसा बोलकर अपने साड़ी का पल्लू नीचे कर दिया और एक साइड से अपने टाइट सेक्सी ब्लाउस को थोड़ा ऊपर कर दिया

और ब्लाउस के साथ मॉम के ब्लाउस के अंदर की पिंक कलर की ब्रा भी थोड़ी ऊपर कर दी

इससे मॉम का एक दूध का भंडार बूब्स बाहर अा गया

यह देखकर तो मेरे मुंह में वासना और उत्तेजना वाली पानी अा गया, मेरा लिंग सलामी लेने के लिए खड़ा होना शुरू हो गया

मेरी ठंडी पड़ी सैक्स की भावनाएं वापस जाग उठी

फिर मॉम ने अपनी आंखो और चेहरे से मुझे अपनी गोद में सर रखकर लेटने का और गोद से ही अपने एक बूब्स को चूसने का इशारा किया,

में तो बहुत एक्साइटेड हो चुका था

मैने बिना एक सेकंड खर्च किए तुरंत मॉम की सेक्सी गोद को अपना तकिया बना दिया और उसमे अपना सर रख सोफे पर सीधा लेट गया

और मॉम के तरबूज बूब्स को चूसना शुरू कर दिया

अपने दोनो हाथों से स्तन को हल्का दबा भी रहा था और मॉम के बूब्स की मस्त मोटी निपल को अपने मुंह से चूसने लग गया

मॉम अपने मोंबाइल में बिजी थी

उन्हें तो कुछ फर्क ही नहीं पड़ रहा था

में एक दूध पीते छोटे बच्चे की तरह मॉम

के एक बड़े और मालदार बूब्स को हाथ से दबाए भी जा रहा था और मुंह से चूस भी रहा था

बहुत ही मज़ा आ रहा था इस पोजिशन में बूब्स के साथ खेलने में ,

और मेरा लन्ड तो हाफ पैंट में खड़ा हो चुका था लेकिन मुझे पता था कि इस खड़े और भूखे लिंग को चूत का स्वाद तो कुछ और समय तक मिलना वाला ही नहीं है,

इसलिए जो मिल रहा है उससे से ही एन्जॉय कर लेता हूं

में मॉम के बूब्स का बड़ा दीवाना था

जैसे भेंस और गाय की स्तनों को दबाकर दूध निकाला जाता है

वैसे ही में मॉम के एक तरबूज रूपी बूब्स को साइड से दबा रहा था और निपल को अपने मुंह से चूस रहा था

मन हो रहा था कि बूब्स को अपने दांतो से थोड़ा थोड़ा काटता रहूं, जिससे मॉम को भी थोड़ा दर्द हो और उनके मुंह से थोड़ी सेक्सी आवाजे आए

और थोड़ी गरम हो जाए

लेकिन मॉम के गुस्से से डर भी लगता था

कहीं ऐसा करू और वो नाराज़ होकर अपना एक बूब्स को चूसवाना बंद कर देगी

और बैठे बैठे ही अपने कातिल हाथों से मेरे लन्ड को हाफ पैंट और अंडर वियर में ज़बरदस्ती भींच देगी और अंडरवियर में ही पानी निकाल देगी,

इसलिए मैने सोचा जो मिल रहा है उससे ही काम चला लेता हूं

मॉम के बूब्स तो वजन में भी भारी ही थे

मेरे मुंह पर सारा वजन अा रहा था

लेकिन मज़ा भी बहुत अा रहा था

मॉम की जांघे बहुत ही सॉफ्ट थी

एकदम नर्म कोमल तकिए जैसी,

मेरा सर का पीछे वाला हिस्सा महुसूस कर रहा था

करीब 10 मिनट तक में बूब्स की चुसाई और दबाई करता रहा

मॉम तब तक मोबाइल में लगी रही

तभी घर के दरवाजे की घंटी बजी



j
 
THANKS TO ALL

ADESWAL JI

JOSEF JI

MASTRAM JI

RAJABABU JI

FAN OF RSS JI

JAY JI
 


दोस्तो,

पहले आप लोगो से

क्षमा चाहता हूं

लॉगिन और वेबसाइट ब्राउज में प्रॉबलम आने के कारण, पोस्ट में देरी हो रही है

पॉप अप बहुत आ रहे है

अभी भी बड़ी मुश्किल से और बहुत कोशिश से यह वेबसाइट ओपन हुई है
 


घर के दरवाजे की बैल बजी,

मॉम ने फटाफट अपने एक बूब्स को मेरे मुंह से निकाला और अपनी ब्रा को नीचे कर दिया जिससे तरबूज बड़े बूब्स, सेक्सी ब्रा में कैद हो गए और ऊपर से ब्लाउस को नीचे कर दिया

जिससे ब्रा भी टाईट ब्लाउस में केद हो गई

और साड़ी के पल्लू को ऊपर कर दिया,

और मुझे बोली " बेटा दरवाजा खोल,शायद स्नेहा अा गई है"

में बड़ी मुश्किल से अपने हाफ पैंट में खड़े और सीधे लिंग को नीचे बैठाया, जिससे स्नेहा की नजर मेरी लिंग पर ना जाएं

मे सोफे से उठ गया और घर का दरवाजा खोला तो सामने स्नेहा खड़ी थी

मुझे देखकर हल्की से हेल्लो वाली स्माइल देकर घर के अंदर अा गई और मॉम को भी

हेल्लो वाली स्माइल देखकर अंदर चली गई

स्नेहा ने सलवार सूट पहना था वो भी टाईट फिटिंग था उसके छाती पर मेरी नजर नहीं पहुंच पाई थी लेकिन उसके पिछवाड़े में गान्ड पर नजर पहुंच गई थी, गान्ड ठीक ठाक ही लग रही थी मोटी और चोड़ी ही नजर आ रही थी पर गोल ही नजर आ रही थी

फिर मॉम वापस मोबाइल में बिजी हो गई थी

स्नेहा ने सबसे पहले मेरे बेडरूम की सफाई कर दी थी

और अब वोह मॉम के बेडरूम की सफाई कर रही थी

मैने सोचा अभी अपने रूम में जाकर लैपटॉप पर कुछ काम कर लेता हूं

में बोला "मॉम में अपने रूम में जाता हूं कंप्यूटर पर कुछ काम कर लेता हू और फिर कुछ देर के लिए सो जाऊंगा

मॉम "ओके बेटा ठीक है"

फिर में अपना रूम में आकर दरवाज़ा अंदर से बंद करके लैपटॉप स्टार्ट कर दिया

और हेड फोन कान में लगाकर नेट पर कोई नई पोर्न वीडियो देखना लग गया

में सौतेली मां और बेटे की सैक्स वीडियो देखने लग गया, नया कुछ अनुभव लेने के लिए,

करीब 5 मिनट बाद मुझे प्यास लगी,और में पानी की बोतल, किचन में फ्रिज से लेने के लिए दरवाजा खोल कर बाहर निकला

में किचन कि तरफ गया

मॉम ड्रॉइंग रूम में नहीं दिखाई दे रही थी

और ना ही स्नेहा दिखाई दे रही थी

शायद मॉम अपने बेडरूम में होगी और स्नेहा मॉम के रूम की सफाई कर रही होगी,

मैने फ्रिज से पानी की बोतल निकालकर पानी पिया और बोतल लेकर मॉम के बेडरूम की तरफ गया

तो मैने देखा मॉम का बेडरूम का दरवाजा बंद था में दरवाजे के पास गया

पहले मैने सोचा दरवाजा नॉक करू

फिर सोचा मॉम शायद सो रही होगी

और मेरे दरवाजा खटखटाने से नींद खुल जाए

लेकिन मन नहीं मान रहा था क्योंंकि स्नेहा भी नजर नहीं आ रही थी

फिर मैने चुपके से मॉम के बेडरूम में देखने का सोचा,

मॉम बेडरूम में बाहर की तरफ एक बड़ी बालकनी थी और वो बालकनी हमारे घर के मंदिर वाले रूम से जुड़ी हुई थी

मतलब मंदिर वाले रूम की बालकनी से मॉम के रूम की बालकनी में एक छोटी दीवार पार करके जाया जा सकता है

पता नहीं मेरे मन कुछ अलग ही ख्याल अा रहे थे और मेरी, मॉम के रूम में क्या हो रहा है यह देखने की इच्छा बहुत तेज हो गई थी

मैने पानी की बोतल अपने रूम में रखी और लैपटॉप बंद किया और हेडफोन को उधर ही रखा और रूम के दरवाजे को बंद किया ,जिससे अगर मॉम अपने रूम से बाहर अा जाती है तो उन्हें यह लगे की में अपने रूम में सो रहा हूं,

फिर मैने मंदिर वाले रूम की बालकनी की दीवार को बिना कोई आवाज़ किए चुपके से

पार करके, मॉम के रूम की बालकनी में अा गया ,

फिर बालकनी में एक खिड़की भी थी और वो काच से कवर रहती थी लेकिन उससे अंदर क्या हो रहा है देखा जा सकता था

ऐसे हमारा फ्लैट एक हाई फ्लोर वाली बिल्डिंग में था और हम भी हाई फ्लोर पर रहते है और आज पास में कोई ऐसी हाई फ्लोर वाली बिल्डिंग नहीं थी जिससे दूसरी बिल्डिंग वाले हमारे घर पर झांक सकते थे हमारे घर से खाली ऊपर नीला आकाश ही दिखता था

इसलिए मॉम इस खिड़की के पर्दे ज्यादातर खुले ही रखती थी और मॉम बिना एयर कंडीशनर के रहती नहीं थी इसलिए उनका रूम का एसी हर वक़्त चालू ही रहता था

इसलिए खिड़की हर वक़्त कांच से ढकी रहती थी

और मेरी बदकिस्मती से उस समय खिड़की पर पर्दे लगे हुए थे लेकिन एक कोने में पर्दा थोड़ा खुला हुआ था और उस कोने से में अंदर देख सकता था और अंदर से कोई मुझे नहीं देख सकता था क्योंकि मॉम का बेडरूम बहुत बड़ा था और खिड़की रूम के बेड से बहुत दूर थी

में उस खिड़की की कोने से खिड़की में लगे कांच से देखते हुए चुपके से कमरे में झांकने लगा

मुझे मॉम के रूम का ज्यादातर हिस्सा दिखाई दे रहा था बेड भी दिखाई दे रहा था और कुछ कमरे का खाली पोर्शन भी थोड़ा थोड़ा दिखाई दे रहा था

अंदर का सीन देखकर मेरा दिमाग चकरा गया

स्नेहा टॉपलेस दिखाई दे रही थी उसके शरीर के उपर के हिस्से में कुछ भी पहना हुआ नहीं था

उपर से पूरी नंगी नजर अा रही थी

उसका कुर्ता और दुप्पटा बेड पर पड़े थे

साथ में एक सफेद कलर की ब्रा भी बेड पर पड़ी थी

नीचे सलवार पहनी हुई थी उसकी छाती पूरी नंगी थी उसके बड़े गोल बूब्स मुझे दूर से दिखाई दे रहे थे नारंगी और सेब जैसी साइज के लग रहे थे दूर से देखकर सही साइज का पता करना मुश्किल था लेकिन दूर से मस्त ही दिख रहे थे नीचे की और थोड़े लटक रहे थे

मॉम के बूब्स की तरह सीधे, नुकीले और कड़क नजर नहीं आ रहे थे पेट थोड़ा उसका मोटा था बूब्स की निपल भी साइज में ठीक ठाक ही थी

अब मॉम के अंगो से तुलना हो नहीं सकती थी

मॉम तो अप्सरा थी

स्नेहा एक खाली दीवार के सहारे अपनी पीठ और गान्ड चिपका कर खड़ी थी

'ओह माई गोड..!

मॉम खड़े खड़े उस बेचारी के बूब्स को चूस रही थी मॉम अपने पूरे कपड़ो में थी

मतलब साड़ी ब्लाउस पेटकोट में थी

मॉम ने अपना एक भी कपड़ा नहीं उतारा था

मॉम अपने दोनो हाथो से बारी बारी से स्नेहा के बूब्स को ज़ोरदार दबा रही थी और अपने कोमल नर्म और गुलाबी होंठो से उसके बूब्स की निपल को चूस रही थी

बूब्स का और निपल का रंग, मुझे दूर से साफ दिखाई नहीं दे रहा था बीच में कांच होने की वजह से धुंधला ही दिखाई दे रहा था

आवाज़ भी कुछ सुनाई नहीं दे रही थी

लेकिन स्नेहा के मुंह के एक्सप्रेशन से मालूम चल रहा था उसे हल्का दर्द हो रहा होगा और वो वासना वाली हल्की आवाजे निकाल रही होगी

स्नेहा के दोनो हाथ मॉम के कंधो पर थे

और मॉम के दोनो हाथ स्नेहा के छोटे तरबूज बूब्स पर थे

मॉम स्नेहा के आगे खड़ी थी इसलिए

मॉम की पीठ वाला हिस्सा मतलब मॉम की मोटी गान्ड जिसे पेटीकोट और साड़ी ने ढक रखा था वो ही मुझे दिखाई दे रहा था

मॉम का सर नीचे स्नेहा की छाती तक झुका हुआ था और मॉम का पूरा मुंह स्नेहा की छाती पर था और बड़े मस्ती से स्नेहा के स्तनों की चुसाई और दबाई कर रही थी

यह तो मेरे से भी ज्यादा सेक्सी और फास्ट चुसाई और दबाई मॉम कर रही थी

और यह पोजिशन तो मैने पोर्न फिल्मों में ही देखी थी बड़ी सेक्सी,हॉट और मादक पोजिशन थी

यह देखकर मेरा लन्ड तो खड़ा हो गया था और मेरा मन हो रहा था कि रूम में चला जाऊ और

मॉम के पिछवाड़े से साड़ी और पेटीकोट ऊपर करके मॉम की मोटी,चोड़ी और गान्ड के छेद में अपना लन्ड डालकर मॉम की गांड़ मार दू,

लेकिन यह मेरी औकात की बात नहीं थी

और मॉम का यह रूप देखकर मेरा माथा घूम गया ,

मॉम को यह लेस्बियन वाला शौक है

यह तो मॉम ने मुझ बताया ही नहीं था

खाली यह ही बताया था उसे भी दूसरों के स्तनों को चूसने का मन करता है

लेकिन वो भी कामवाली के बूब्स चूसना ,

में सोच में पड़ गया

और अंदर मॉम बेचारी स्नेहा की बूब्स चूस भी रही थी खिंचाई भी कर रही थी और दबाना भी चालू था

में सोचा स्नेहा के नीचे के कपडे तो पूरे पहने हुए है और मॉम का तो एक भी कपड़ा उतारा हुआ नहीं है

शायद मॉम को खाली किसी दूसरी औरत के बूब्स से एन्जॉय करना होगा

और स्नेहा को कुछ पैसे देकर मॉम अपनी बूब्स चूसने कि प्यास बुझाती होगी

इसमें कोई गलत तो नहीं है

फिर कुछ मिनट बाद मॉम ने स्नेहा के होंठो को चूसा और उसके होंठो का रस पीने लग गई

स्नेहा की गर्दन और गालों की चुंबा चाटना शुरू किया

स्नेहा चुपचाप थी वो कोई विरोध भी नहीं कर रही थी, मतलब उसकी पूरी रजामंदी ही होगी,

और कुछ मिनट के बाद मॉम बेड पर बैठ गई

और स्नेहा को भी बेड पर बैठा दिया

और उनकी आपस में कुछ बातें हो रही थी

रूम पूरा एयर पैक और साउंड प्रूफ था

इसलिए मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा था

और अभी भी मॉम की पीछे वाला हिस्सा ही दिखाई दे रहा था अभी स्नेहा का भी कमर वाला हिस्सा दिखाई दे रहा था

फिर स्नेहा ने बेड पर पड़ी अपनी सफेद कलर की ब्रा पहनी ली, और बेड पर ही पड़े कमीज़ कुर्ते को उठा कर पहन ने लगी,

में समझ गया ,मॉम का यह चुदाई का प्रोग्राम खत्म हो गया है और घर में मेरी मौजूदगी के कारण मॉम कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी जिससे मेरे सामने इनका यह राज खुल ना जाएं,

अब यह लोग दरवाजा खोल कर बाहर आएंगे

मैने फटाफट मॉम के रूम की बालकनी को पारकर मंदिर वाले रूम की बालकनी से होते हुए मेरे बेडरूम में आकर अपने रूम के दरवाजे को बंद करके

अपने बेड पर लेट गया

 


में अपने कमरे में आकर, बेड पर लेट गया

और सोचने लगा मॉम और स्नेहा के बारे में,

मेरा मन तो कर रहा था

दोनो के पास जाकर

दोनो की एक साथ चुदाई कर दू

दोनो की गान्ड मार दू

और दोनो के दूध के डेयरी बूब्स को ज़ोरदार मसल दू,

क्योंंकि स्नेहा के बूब्स मॉम के बूब्स से छोटे थे

और उन्हें दबाने में बड़ा मज़ा आएगा,

लेकिन यह मेरी बस की बात नहीं थी

ना ही मेरे पास इतनी हिम्मत थी यह करने की,

लेकिन पता नहीं कितने दिनों से मॉम यह सब स्नेहा के साथ कर रही थी,

मॉम तो बड़ी संस्कारी बनती है

और इस तरह के लेस्बियन वाला शोक भी रखती है और मुझे बताया भी नहीं था

मतलब मॉम काफी बातें मुझसे छुपाती है

मेरे मन में दूसरा ख्याल भी आया कि

मॉम भी बेचारी एक औरत ही है

उसकी भी तो कुछ इच्छाएं होती होगी

उसका भी कुछ नया करने का मन होता होगा ,

मॉम के सेक्सी हॉट शरीर की भी कुछ जरूरतें होती होगी,

तो उसे पूरा करने में क्या गलती है

वो भी एक दूसरी औरत के साथ ही तो कर रही है

कोई पराए मर्द के साथ तो नहीं करती है ना,

मर्द का सुख देने के लिए, में मॉम को मिल चुका हूं और रही औरत की बात तो स्नेहा इसके लिए ठीक थी

मॉम दूसरे मर्दों को कभी भी अपने पास आने ही नहीं देती थी, मॉम के सेक्सी फिगर के लिए कोई भी आदमी कुछ भी कर सकता है

लेकिन मॉम का चरित्र एकदम साफ था

वो कोई चालू और चरित्रहीन औरत नहीं थी

मेरे दिल में मॉम के लिए रेस्पेक्ट और बड़ गई

करीब आधा घंटा बीत गया था में ऐसे ही बेड पर लेटा था मॉम मेरे कमरे में आई नहीं थी

में सोचा शायद स्नेहा घर के बाकी के काम निपटा रही होगी,इसलिए मॉम उसके जाने के बाद शायद मुझे देखने मेरे कमरे में आए

इसलिए मैने दरवाजा अंदर से लॉक नहीं किया था

फिर कुछ देर बाद मेरे रूम का दरवाजा खुला

और वो मॉम थी उसने मुझे आवाज दी

"बेटा सो गया क्या, उठ जा और हाल में चल,दोनो गप्पे मारेंगे,

स्नेहा काम करके चली गई"

में उठने का नाटक करते हुए

" ओके मॉम आता हूं लेकिन पहले मेरा मुंह मीठा करो"

मॉम मेरा मतलब समझ गई

मेरे पास आकर झुककर मेरे होंठो पर ज़ोरदार किस कर दी,

मेरा तो लन्ड पहले से खड़ा था ही,

और अब कंट्रोल हो नहीं रहा था

और शायद मॉम भी स्नेहा के अधूरी चुसाई के बाद प्यासी होगी

शायद उन्हें लन्ड की जरूरत होगी

और मैने इस बात का फायदा उठाते हुए

मॉम के हाथो को पकड़कर अपने लेटे हुए शरीर ऊपर खींच

लिया

मॉम मेरे ऊपर थी

मॉम के मलाईदार होंठों पर मेरे होंठ थे और ज़ोरदार मॉम के नर्म होंठो का रस पी रहे थे

मॉम को कुछ बोल नहीं पा रही थी

मेरी इस अचानक वाली हरकत से,

फिर मैने मॉम की नीचे कर दिया और में अब मॉम के सेक्सी शरीर के उपर था

मेरे होंठो ने मॉम के मुंह को लॉक लगा रखा था

मैने बिना देरी किए

मॉम की साड़ी के साथ टाइट और सेक्सी पेटीकोट को मॉम के पेट तक उपर कर दिया

अब मॉम की पिंक कलर की जालीदार सेक्सी पैंटी दिख रही थी

जैसे कि मेरा अंदाजा था

मॉम के पैंटी चूत की साइड से थोड़ी गीली नजर आ रही थी

मतलब मॉम स्नेहा के साथ चुसाई और खिंचाई करते समय गरम हो चुकी थी

मैने अपनी हाफ पैंट और अंडरवियर को थोड़ा नीचे किए

और मेरा 4 इंच का खड़ा लन्ड फड़फड़ाते बाहर अा गया

मैने मॉम की हॉट पैंटी को जांघो तक नीचे कर दिया

जिससे मॉम की चिकनी चूत का खड़ा मेरे लन्ड को आराम से दिख जाए

और मैने मॉम के दोनों हाथों को अपने कठोर हाथों से पकड़कर बेड पर दबा दिए

जिससे कहीं मॉम वापस अपने हाथो से मेरे लन्ड को भींच ना दे,

और मुझे ज़बरदस्ती झड़ा ना दे,

मॉम के पैरो को थोड़ा चोड़ा कर दिया था

जिससे चूत ऊपर अा जाए और चूत का दरवाजा थोड़ा खुल जाए

और लन्ड को अंदर जाने का खुला रास्ता मिल जाए

मॉम के पैरो पर मेरे पैर थे

मेरे पैरो के कब्जे में थे

इसलिए मॉम के पैर भी कुछ हरकत नहीं कर सकते थे मुझे रोक नहीं सकत थे

अब मैने अपना लन्ड मॉम की टाइट चूत में ज़ोरदार और झ्टके से डालना शुरू कर दिया

धड़ाधड़ स्ट्रोक मारना शुरू कर दिया

लन्ड के चूत से टकराने का साउंड

अा रहा था

"धप धाप धाप धाप धप"

और मैने मॉम के होंठो को मेरे होंठो से अब आज़ाद कर दिया

मॉम की हल्की से आवाज़ आई

"आहग आह एए एए आह आह"

मॉम अब मेरे सामने सरेंडर थी

क्योंंकि मॉम की चूत को मेरे लन्ड ने कब्जा कर दिया था

और खुदाई चालू हो गईं थी

इसलिए अब मैने मॉम के दोनो हाथो

को अपने हाथो से आज़ाद कर दिया

और अपने दोनो हाथो से मॉम के ब्लाउज के ऊपर से मॉम के तरबूज रूपी बूब्स को ज़ोरदार दबाने लगा

मॉम का सेक्सी ब्लाउस बहुत टाइट था

लेकिन बूब्स का अहसास हो रहा था

में बेरहमी से दोनो बूब्स को मसल रहा था

और नीचे मॉम की चिकनी,टाइट और फिट चूत पर स्ट्रोक मारे जा रहा था

मॉम के मुंह से "अा' अा' आए' अा' आह हम्म हुम्म आह"

सेक्सी आवाजे अा रही थी

मॉम पूरी तरह मेरे कब्जे में थी

मेरी गिरफ्त में थी

इसलिए अब उसकी कुछ चलने वाली नहीं थी

10-12 ज़ोरदार शॉर्ट मारने के बाद

मेरा लन्ड जवाब दे गया

और मेरा सारा वीर्य मॉम की चूत में चला गया

और मॉम भी झड़ गई थी

और उनका सफेद गाढ़ा पानी भी चूत से बाहर अा गया था थोड़ा मेरे लन्ड पर चिपक गया था

मेरा लन्ड अपनी असली रूप में अा गया था

छोटा और ढीला हो गया था

मॉम बेड पर थकी हुई लेटी ही थी

मैने अपने रूम में पड़े टिश्यू पेपर से मॉम की सेक्सी चूत को बाहर से एकदम साफ कर दिया,

मेरा वीर्य मॉम की चूत के बाहर भी थोड़ा चिपक गया था

और अपने लन्ड को भी साफ कर दिया

और मॉम की पैंटी को उपर कर दिया

और पेटीकोट और साड़ी को नीचे कर दिया

और मॉम के मुंह के पास जाकर मॉम के होंठो पर प्यार से चुम्मा देकर बोला

" सॉरी मॉम, मुझसे कंट्रोल नहीं हो पाया, आप नाराज़ तो नहीं हो ना"

मॉम ने लेटे लेटे मुस्करा कर बोली

"नहीं बेटा, इट्स ओके, में समझती हूं ऐसी चीजों पर कंट्रोल होना मुश्किल होता है फिर भी तू बहुत कंट्रोल करता है"

मॉम की यह बात से में बहुत खुश हो गया

और मॉम के पास ही बेड पर लेट गया

फिर मॉम बेड से उठी और

बोली

"चल ड्रॉइंग हाल में अा जा , बातें और गप्पे मारते है,
 
Back
Top