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Incest मॉम की परीक्षा में पास

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ब्रा ने स्तनों को एक ही जगह पर ज़ोरदार दबा कर चारो ओर फैला दिया था जिससे स्तन एकदम सुडौल और सेक्सी दिखाई दे रहे थे

बिल्कुल भी लटके हुए नहीं थे

स्तन बड़े और गोल दिखाई दे रहे थे स्तनों कि बड़ी निप्पल टॉप से बाहर दिखाई दे रही थी

साइज में तो रेशमा आंटी के बूब्स मॉम के बूब्स से कम तो नहीं नजर आ रहे थे

पतले टॉप से ब्रा की थोड़ी झलक बाहर दिख रही थी उसका कलर भी व्हाइट ही था

मॉम की बूब्स की साइज 38 डी है तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की रेशमा आंटी के बूब्स की साइज 38 डी से कम तो नहीं होगी उल्टा ज्यादा ही होगी क्योंंकि वो एक बच्चे कि मां भी बन चुकी थी

और बच्चे ने रेशमा आंटी के स्तनों का दूध बहुत पिया ही होगा तो साइज तो बढ़नी स्वाभाविक थी

रेशमा आंटी के टॉप की बाहें नाममात्र ही थी मतलब करीब करीब पूरा हाथ नंगा ही था

बिना एक बाल के गोरा और चिकना हाथ मस्त लग रहा था पूरी तरह से हाथो पर वैक्सिंग की हुई थी

टॉप की लंबाई रेशमा आंटी के गोरे पेट की भुरी नाभि के ऊपर के हिस्से तक ही थी

इसलिए रेशमा आंटी का गोरा,सफेद और चिकना पेट भी नंगा ही नजर अा रहा था और पेट पर खूबसूरत नाभि भी मस्त नजर आ रही थी

 


और नीचे लाल कलर का टाइट फिटिंग स्कर्ट पहना था जिसकी लंबाई घुटनों तक थी चूत की साइड में भी मस्त और टाइट फिटिंग थी

रेशमा आंटी के सेक्सी शरीर के नीचे के अंग और साइज भी मॉम के नीचे के अंगो जैसी ही थी

रेशमा आंटी के कमर की साइज भी करीब 28 थी और उनके गान्ड की साइज मॉम जितनी ही 40 के करीब थी

यह सब में खाली अंदाज़ से बता रहा हूं

क्योंंकि मैने कोई रेशमा आंटी को नंगा करके उनके सेक्सी नंगे बदन को ,

नापने वाले फिते से नाप नहीं लीया था

और ना ही रेशमा आंटी की ब्रा पैंटी को अपने हाथ में लेकर कभी देखा था

और ना ही आंटी से साइज पूछी थी

लेकिन उनका फिगर करीब करीब मॉम के फिगर जैसा ही था

रेशमा आंटी का स्कर्ट उनके पैरो के घुटनों तक ही लंबा था और

घुटनों के नीचे के गोरे और चिकने पैर नंगे दिख रहे थे पैरो पर एक बाल भी नहीं दिखाई दे रहा था मतलब पूरी तरह से वैक्सिंग की हुई थी

नीचे पैरो में लंबी हिल के सैंडल पहने हुए थे इस कारण रेशमा आंटी और लंबी दिख रही थी

मस्त बाल बनाए हुए थे

मुंह पर मेकअप भी शानदार था

ऐसे तो रेशमा आंटी का रंग सफेद ही था

बहुत गोरी थी मैकअप तो खाली टचिंग के लिए ही कर रखा था

सुंदरता की देवी लग रही थी

आंखो पर काला धूप का चश्मा लगा था
 
जैसे कि दोस्तो पहले मैने आपको रेशमा आंटी के बारे में बता चुका था

की वो बहुत मॉडर्न और बोल्ड विचारो वाली औरत है

कपड़ो के मामले में भी वो बोल्ड औरत थी

वो अक्सर ऐसे वेस्टर्न ड्रेस और छोटे साइज के कपडे ही पहनती है

काफी पढ़ी लिखी औरत है

लेकिन वो है तो एक हाउस वाइफ ही,

क्योंंकि उनके पति बहुत बड़े बिजनेसमैन है

पैसों के मामले में मेरे पापा की तरह ही अमीर थे

रेशमा आंटी की उम्र करीब 24-25 साल ही थी मतलब मॉम जितनी ही थी

उनके 4 साल की एक बेटी भी थी

और यह आंटी हमारे ही बिल्डिंग में हमारे 2 फ्लोर उपर रहती है

मॉम की बेस्ट फ्रेंड थी रेशमा आंटी,

दोनो की आपस में खूब जमती थी

दोनो एक दूसरे को अपनी बहन जैसे ही मानती थी

में भी रेशमा आंटी का बहुत रेस्पेक्ट करता था और आंटी भी मेरे साथ प्यार से ही पेश आती थी मुझे अपना बेटा ही मानती थी

लेकिन यह बात भी सत्य है कि

रेशमा आंटी थी सेक्सी और हॉट,

मस्त फिगर, मस्त गोरा रंग,

और 1 बच्चे की मां होने के बावजूद भी को बहुत ही फिट और स्लिम थी

अपनी दोनो गान्ड को एक दम फिट रखा था फालतू की चार्भी नहीं थी ज्यादा फेली हुई भी नहीं थी

अपने पेट को भी एकदम फीट रखा था

कमर तो उनकी सेक्सी थी ही, जीरो साइज बोल सकते है

उनके बूब्स बड़े थे तरबूज जेसे थे

लेकिन एकदम सुडौल और आकर्षित थे

बिल्कुल भी लटके हुए नहीं थे

आंटी ने अपने पूरे सेक्सी बदन को मेंटेन कर रखा था शायद वो भी मॉम की तरह योगा और एक्सरसाइज करती होगी,

उनके ऐसे सेक्सी ऑट हॉट बदन को कई बार में चुपके से देखा करता था और उनके साथ चुदाई के सपने भी देखा करता था

बूब्स के साथ खेलने का भी सपने देखा करता
 
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दोस्तो , अब आते है वापस कहानी पर,

मैने रेशमा आंटी को दरवाजे पर देखा और चेहरे पर खुशी की स्माइल देकर

बोला "हाई आंटी"

रेशमा आंटी मुस्करा कर बोली "हेल्लो अर्जुन"

रेशमा आंटी " बेटा सीमा है घर पर"

में "आंटी पहले अंदर आइये प्लीज"

रेशमा आंटी अंदर अा गई

मैने उनको सोफे पर बैठने को बोला

वो सोफे पर बैठ गई,

टाइट और छोटी साइज का स्कर्ट पहना होने के कारण उन्होंने अपने एक पैर को दूसरे पैर पर रखकर बैठ गई

जिससे कि उनके स्कर्ट के अंदर उनकी पैंटी और नंगी गोरी जांघें बाहर नजर नहीं आए,

उन्होंने आंखों पर लगा काला चश्मा उतार कर साइड में पड़ी टेबल पर रख दिया,

अब मुझे रेशमा आंटी की खूबसूरत और नशीली आंखों के भी दीदार हो रहे थे

क्या खूबसूरत और सेक्सी आंखें थी, किसी को भी ऐसी आंखे देखकर ही प्यार हो जाए

साथ ही उनके हाथ में एक रेड कलर का लेडीज पर्स था उसे भी टेबल पर रख दिया

और साथ ही

अपने हाथ में रखे मोबाइल को भी टेबल पर रख दिया

 
में भी साथ वाले सोफे पर बैठ गया

और बोला

"आंटी ,मॉम कल से अपने मम्मी पापा के पास है नानी की तबीयत कल खराब हो गई थी और उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट किया था, इसलिए मॉम कल अर्जेंट में घर से डायरेक्ट हॉस्पिटल चली गई थी"

रेशमा आंटी दुखी स्वर में बोली

"ओह गॉड ,वेरी सेड न्यूज,

अभी नानी की तबीयत कैसी है"

में "डोंट वरी आंटी, नाउ शी इज वेल,

अभी नानी एकदम ठीक है खाली उन्हें ब्लड प्रेशर की तकलीफ़ हुई थी और अब उनका बीपी वापस नॉर्मल हो चुका है और अब वो अपने घर पर वापस अा चुकी है"

रेशमा आंटी " ओह ग्रेट न्यूज बेटा"

रेशमा आंटी " फिर सीमा वापस कब आयेगी"

में "आंटी, मॉम तो कल रात को ही वापस अा रही थी लेकिन नानी ने उन्हें रात को अपने पास रुकने की इच्छा की थी इसलिए मॉम रात को उधर ही रुक गई, इसलिए मॉम आज दोपहर या शाम तक वापस अा जाएगी"

रेशमा आंटी "गुड, पर अर्जुन फिर रात का डिनर कहां पर किया और आज सुबह का ब्रेक फास्ट ?

में "आंटी रात को मैने होटल से खाना मंगवा लिया था और आज सुबह का नाश्ता स्नेहा आंटी ने बनाकर खिला दिया और साथ ही आज का लंच भी आंटी बनाकर गई है"

मेरा यह जवाब सुनकर रेशमा आंटी का खूबसूरत चेहरा मुरझा गया , नाराज़गी और गुस्से वाले भाव अा चुके थे

आंखे भी थोड़ी नम हो गईं थीं कुछ आंसू की बूंदे गिरने लग गई,

 


फिर रेशमा आंटी नाराज़गी जताते हुए थोड़े गुस्से और रोने जैसा मुंह बनाकर बोली

"अर्जुन, तेरी रेशमा आंटी कोई बहुत दूर नहीं रहती है तेरे फ्लैट के ऊपर के फ्लोर में ही रहती है तुझे कल ही मेरे घर पर अा जाना था डिनर भी मेरे यहां पर ही करना था और रात को भी मेरे उधर ही रुक जाना था और सुबह का नाश्ता और लंच सब मेरे यही करना चाहिए था जब तक सीमा नहीं अा जाती तब तक तू मेरे घर पर रुकता , तेरे आने से मुझे तक बहुत खुशी होती ही साथ मे तेरे अंकल भी खुश हो जाते और मेरे बेटी भी तेरे साथ खेलती"

रेशमा आंटी "लेकिन तूने और तेरी मॉम ने तो मुझे कॉल करके भी कुछ भी नहीं बताया,

"वो तो में कोई काम से तेरे घर पर अा गई तब मुझे यह सब पता चलता है,

तू मुझे अपनी आंटी नहीं मानता है और सीमा भी मुझे अपना नहीं समझती,

में तो सीमा को अपनी बेस्ट फ्रेंड मानती हूं और तुझे अपना ही बेटा मानती हूं लेकिन लगता है सीमा और तू मुझे अपना कुछ नहीं मानते हो"

यह बोलकर रेशमा आंटी का खूबसूरत और सुंदर चेहरा रोने जैसा और नाराज़गी से भरा हुआ हो

गया, एक तरह से चेहरे की पूरी रौनक चली गई थी,

और यह सब इतना जल्दी में हो रहा था और रेशमा आंटी का रिएक्शन इतना तुरंत हुआ की मेरी तो बोलती बंद थी और मेरे दिमाग भी एकदम शून्य हो गया था में
सोफे पर एक स्टेच्यू कि तरह बैठा था और रेशमा आंटी को देख रहा था
 


आखिर था तो में एक 18 साल का बच्चा ही जो अभी जवान लोंडा बनने कि आरम्भिक चरण में था और मुझे बड़े लोगों की नाराज़गी और गुस्से से कैसे सही तरीके से निपटा जाए, और कैसे उनके गुस्से और नाराज़गी को शांत किया जाए,इसका मुझे पूरा ज्ञान नहीं था

लेकिन बॉलीवुड मूवीज और रोने धोने वाले ड्रामा और शो को, टीवी पर बहुत देखे थे

और एक इंजीनियरिंग का स्टूडेंट होने के कारण दिमाग में मेरे अच्छी खासी प्लानिंग और योजनाओं का भंडार रहता था

इसलिए कैसे ड्रामे की स्क्रिप्ट में नमक मिर्च लगाकर पेश करना है यह तो मुझे अच्छी तरह से आता था

रेशमा आंटी की ऐसी नाराज़गी तो मैने तो पहली बार ही देखी थी

लेकिन मुझे यह भी पता था कि उनका यह गुस्सा, नाराज़गी खाली कुछ देर की ही है

और फिर वो गुस्से में सोफे से उठ गई और पास ही टेबल पर पड़े अपने पर्स,मोबाइल और चश्मे को अपने हाथो में ले लिए और घर से जाने के लिए अपने खूबसूरत पैरो से और पैरो में पहने हुए लंबे हिल के सैंडल से एक कदम आगे बढ़ाया ही था कि,

तब ही मैने अपने दिमाग की मेमोरी से तुरंत एक आइडिया निकाला और उसे रियल लाइफ में करने का मन बनाया

फिर में तुरंत अपने सोफे से उठा

अपनी आंखो से दिखावटी आंसुओ कि बूंदे निकाली, अपने चेहरे को एकदम मासूम सा लाचार सा बनाया

और चेहरे पर रोने वाली फिलिंग लाई,

और नीचे जमीन पर बैठ कर रेशमा आंटी के खूबसूरत पैरो को हल्के हाथों से पकड़ दिया और उन्हें कदम आगे बढ़ाने से रोका

 
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