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Guest
में हल्के से रोने वाले साउंड में रोते हुए बोला
"सॉरी आंटी" 'उहउह उह'
"प्लीज आप नाराज़ मत होइए",
'उहुह ह ह '
" please listen me"
"आप घर से मत जाइए, रकिये प्लीज
आप गलत समझ रही है प्लीज एक बार मेरी बात सुन लीजिए प्लीज"
'उह आह उह उह उह ह ह ह ह '
में यह सब हल्के से रोते हुए बोल रहा था
रेशमा आंटी भी आखिर एक औरत ही थी और वो मॉम की बेस्ट फ्रेंड भी थी
और रेशमा आंटी मुझे अपने बेटे जैसा ही समझती थी
मुझे रोता देखकर आंटी का दिल में ममता जागी और वो जाते हुए रुक गई और उन्होंने अपने हाथो से अपने पर्स,मोबाइल और चश्मे को साइड में रखा
फिर अपने दोनो खूबसूरत हाथो से मुझे अपने पैरो से उठाया, और मुझे अपने सामने खड़ा किया
और अपने हाथो की खूबसूरत उंगलियों से मेरी आंखो के आंसू को पोंछे और बोली
"अर्जुन बेटा प्लीज रोना बंद कर,
नहीं तो में भी रो दूंगी,
में कहीं नहीं जा रही हूं इधर ही हूं तेरे पास, तेरी घर पर,"
आंटी की यह बात सुनकर मैने रोना बंद किया और चेहरे पर थोड़ा रिलीफ वाला भाव लाया और मन ही मन खुश हुआ की मेरा आइडिया काम कर गया
और अब मुझे आगे का ड्रामा करना था जिससे रेशमा आंटी की नाराज़गी और गुस्सा बिल्कुल समाप्त हो जाए,