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Incest मॉम की परीक्षा में पास

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रेशमा आंटी "यस अर्जुन, यू आर करेक्ट, सीमा एक अच्छी मां,अच्छी बीवी,अच्छी सहेली और अच्छी औरत भी है"

में "थैंक्स आंटी, आप भी मेरी बेस्ट आंटी हो,"

आंटी हसंते हुए "शुक्रिया "

फिर मैने बातों का टॉपिक्स चेंज करते हुए बोला

"आंटी में भी यह पूछना भूल गया कि, आप बोल रही थी आप कोई काम से यहां आई है, बताइए क्या काम है ?

क्या में आपकी कोई मदद कर सकता हूं ?

आंटी "अरे नहीं बेटे, ऐसा कोई खास काम नहीं था मेरी बेटी किड्स स्कूल गई हुई है और दोपहर को ही वापस आएगी और तुम्हारे अंकल तो सुबह जल्दी ही ऑफिस के लिए निकल जाते है और रात को ही घर पर आते है"

"और घर में, मेरी मैड लूसी ( नौकरानी) और में ही अकेले रह जाते है लूसी का तो सारा समय तो घर के सारे काम, सफाई और खाना बनाना और मेरी बेटी के खाने,पीने,उसके साथ खेलने और उसको सुलाने में ही बीत जाता है घर के सारे काम लूसी ही करती है इसलिए वो बेचारी पूरे दिन रात बिजी रहती है और लूसी रहती हमारे साथ ही है"

" मेरे पास कुछ काम करने को होता नहीं है इसलिए में तो घर में बोर हो जाती हूं इसलिए अपना टाइम पास करने के लिए कभी अपने फ्रेंड लोगो से मोबाइल में बात कर लेती हूं सोशियल साइट में चैटिंग कर लेती हूं टीवी देख लेती हूं"

"या फिर किट्टी पार्टी में टाइम पास करती हूं, और आज तो मुझे सीमा से आगे आने वाली किट्टी पार्टी की तैयारी के लिए कुछ डिस्कशन करना था तो सोचा सीमा से डिस्कशन भी हो जाएगा और दोनो बहने गप्पे भी मार लेगी और दोनो का टाइम पास भी हो जाएगा"

 
रेशमा आंटी की बात सुनकर में हल्का हंसते हुए बोला

" आंटी, इसमें तो में आपकी मदद कर ही सकता हूं, आज आपकी बेस्ट फ्रैंड मॉम घर पर नहीं है तो क्या हुआ, आपका बेटा अर्जुन तो है ना, उसके साथ ही गप्पे मार लीजिए,"

" में भी कब से बोर हो रहा था बहुत ही अकेला फिल कर रहा था इसलिए मुझे मॉम की बहुत याद अा रही थी अच्छा हुआ आप अा गई, अब मिल बैठेंगे मां और बेटा और मारेंगे खूब गप्पे"

यह तो मेरा दिल जानता है कि मॉम की याद मुझे अपने खड़े लौड़े को संतुष्ट करने लिए अा रही थी

मेरी बात सुनकर रेशमा आंटी ज़ोर से हंसी

" हांह हां हांह हाहह हा" और

बोली " ठीक है आज हम दोनों ही गप्पे मार लेते है दोनो का टाइम भी पास हो जाएगा"

आंटी ने अभी तक अपने पैरों में लंबे हिल के सैंडल पहन रखे थे सैंडल पहने होने के कारण आंटी को पैरो को कंफर्टेबल होने में और फैलाने में तकलीफ़ हो रही थी इसलिए आंटी ने सोफे पर बैठे बैठे ही और थोड़ा नीचे झुक कर अपने पैरो से सैंडल निकालने के लिए कोशिश कर ही रही थी आंटी को झुकने में तकलीफ़ हो रही थी

तभी मैने भी इस मौके का फायदा उठाया

और सोफे से उठकर आंटी के पैरो के पास फर्श पर बैठ गया और बोला

"आंटी आप रहने दीजिए,आपके सैंडल में निकाल देता हूं मॉम के भी काफी बार में ही निकालता हूं आप आराम से सोफे पर बैठे रहिए"

आंटी ने मुझे रोका नहीं उल्टा खुश हो गई और बोली "ठीक है अर्जुन"

में आंटी के सैंडल निकालने लगा

आंटी का स्कर्ट तो आगे की और खुला था ही, और में आंटी के स्कर्ट के आगे ही बैठा था और आंटी शायद इस बात से बेपरवाह थी और में जिस पोजिशन में बैठा था उस जगह से आंटी के स्कर्ट का खुला हुआ हिस्सा साफ साफ दिखाई देता था

सैंडल निकालते वक़्त चोरी चूपे कुछ पल के लिए मेरी नजर आंटी के स्कर्ट के अंदर चली गई
 


मुझे जन्नत का नज़ारा दिखने लग गया था स्कर्ट के अन्दर रेशमा आंटी की गोरी,सफेद और मलाईदार जांघ दिख रही थी और उसके आगे तो लाल कलर की पैंटी भी नजर आई, जिसने रेशमा आंटी की खूबसूरत चूतड़ को ढक रखा था

कम समय होने और आंटी की आंखो से बचने के कारण यह नज़ारा ज्यादा देर तक देख नहीं सका,

मैने आंटी के पैरो से दोनो सैंडल निकाल दिए और साइड के कोने में रख दिए

और वापस सोफे पर बैठ

आंटी मुस्करा के बोली "थैंक यू "

हम दोनों ने जूस खत्म कर दिया था

अभी काजू और बादाम को खा रहे थे

आंटी "अर्जुन और बता कॉलेज में कैसे चल रहा है खाली पढ़ाई ही करता है कि कोई गर्ल फ्रेंड भी बनाई है क्योंकि आजकल के लडके तो तेरी जितनी उम्र में तो 2-3 गर्ल फ्रेंड बना ही लेते है"

आंटी के इस बोल्ड सवाल से में थोड़ा चोंक गया, कहीं आंटी ने मुझे अपने स्कर्ट के अंदर झांकते हुए देख तो नहीं लिया या कहीं कुछ देर पहले मेरे हॉफ पैंट में खड़े लन्ड को देख तो नहीं लिया था

अभी तो मेरा लन्ड हॉफ पैंट में एकदम सही जगह सेट था बाहर कम ही दिख रहा था

मैने शर्माने वाला चेहरा बनाकर बोला।

"आंटी में कॉलेज में खाली पढ़ाई करने ही जाता हूं इसके अलावा मेरा ध्यान कहीं और जाता ही नहीं है

"मुझे अपना फ्यूचर और कैरियर बनाना है पापा की तरह हाइली एजुकेटेड और बड़ा आदमी बनना है"

"और मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है यहां तक की मैने बहुत ही कम लडको से भी दोस्ती कर रखी"

 


मेरे जवाब से आंटी ने हल्की स्माइल दी

और बोली

"ग्रेट, अर्जुन, तेरी मॉम भी यह कहती है कि मेरा अर्जुन का ध्यान तो खाली पढ़ाई में ही रहता है और वो फालतू के लड़कियों के चक्कर में नहीं पड़ता है

पूरा साफ़ सुथरा और शरीफ है मेरा बेटा"

आंटी "सीमा कितनी भाग्यशाली है जिसे तेरे जैसा एक जवान,संस्कारी और आज्ञाकारी रेडीमेड बेटा मिला है काश मुझे भी तेरे जैसा एक रेडीमेड बेटा मिल जाता तो लाइफ में और रौनक हो जाती"

में " आंटी मुझे भी अपना बेटा ही मानिए, और आपकी तो 4 साल की प्यारी सी, सुंदर से बेटी तो है ही,"

आंटी सीरियस होकर बोली

"वो तो ठीक है बेटा लेकिन मेरी बेटी अभी बहुत छोटी है और जब तक वो तेरी जैसी मैच्योर और समझदार होगी तब तक मेरी उम्र बहुत बढ जाएगी"

" मेरा तो सपना है कि मेरी इस जवान उम की जिंदगी में ही एक तेरे जैसा कम उम्र का बेटा या बेटी होती, जो की मेरा बेस्ट फ्रेड भी होता, जो मेरी सेवा करे, मेरा ध्यान रखे, मेरी खुशियों का ध्यान रखा, में उससे अपनी बातें और प्रॉब्लम शेयर कर सकू और वो भी अपनी प्रॉब्लम और पर्सनल बातें शेयर कर सके"

" जिसके साथ मे रोज गप्पे मार सकू, उसके साथ गेम खेलु,उसके साथ प्यार वाला झगड़ा कर सकू, और भी बहुत सारी बातें है जो में उसके साथ कर सकती हूं बेटा होने के साथ वो मेरा एक पक्का और सच्चा दोस्त भी होता, जिसके साथ में अपनी पर्सनल लाइफ और पर्सनल सिक्रेट शेयर कर सकती हूं"

"लेकिन मेरा प्रॉब्लम यह है कि मेरे हसबैंड तो बहुत व्यस्त बिजनेसमैन है सुबह जाते है और रात को आते है, उनके साथ तो यह सब नहीं कर सकती और रही मेरी 4 साल की बेटी का तो उसे तो अभी बोलना ही पूरा आता नहीं है"

 


आंटी यह सब बोलकर थोड़ी उदास हो गई

मैने बैठे बैठे ही सोफे से ही आंटी के दोनो हाथो पर प्यार से अपने दोनो हाथ रखे और बोला

"आंटी आप उदास मत होइए, में भी आपका बेटा ही हूं और साथ में आपका बेस्ट फ्रैंड भी हूं आप यह सब मेरे साथ भी कर सकती है अगर आप चाहे तो ही,"

मेरे ऐसे कहने से रेशमा आंटी के चेहरे पर वापस रौनक अा गई

तभी मेरे मोबाइल पर रिंग बजी

मैने कॉलर देखा तो मॉम का कॉल था

मैने रेशमा आंटी को बोला "

मॉम का कॉल अा रहा है"

तभी आंटी ने मुझे धीरे से बोला

"अर्जुन, सीमा को मत बताना की में अभी इधर हूं"

आंटी के मेरे साथ इधर होने का मॉम को नहीं बताने की बात से मेरे दिमाग में कुछ सवाल जाग गए थे

लेकिन इन सब के सोचने का अभी टाइम नहीं था मैंने मॉम का कॉल उठाया

में " हाई मॉम ,

मॉम " हाई बेटा,नाश्ता कर लिया और लंच भी समय पर कर लेना, मेरी स्नेहा से अभी बात हो चुकी है"

में "यस मॉम ,नाश्ता कर दिया,लंच भी कर दूंगा, लेकिन आप तो दोपहर को अा जावोगी ना, फिर साथ में ही लंच करेंगे"

मॉम "सॉरी बेटा, कल रात को मम्मी और बहन के साथ बातें और गप्पे मारने में समय का पता नहीं चला, इसलिए सोने में बहुत देर हो गई थी और में अभी ही नींद से उठी हूं, और उठते ही तुझे और स्नेहा को कॉल किया, बेटा में लंच इधर ही कर दूंगी, और शाम तक तेरे पास अा जाऊंगी, तू लंच कर लेना, बेटा प्लीज मैनेज कर लेगा ना"

में "डोंट वरी मॉम ,में कर लूंगा "

मॉम ",ओके बेटा अभी मुझे फ्रेश होना है में कॉल डिस्कनेक्ट करती हूं आई लव यू बेटा" यह बोलकर मॉम ने मोबाइल में ही मस्त चुम्मा दे दिया

मेरे पास में आंटी बैठी थी इसलिए मॉम को जवाब में चुम्मा तो दे नहीं सकता था

फिर मैने मॉम को खाली "लव यू " बोलकर काल डिस्कनेक्ट कर दिया,

 


मेरे मोबाइल रखते ही आंटी बोलीं

"सीमा कब तक आएगी"

में "आंटी मॉम शाम को आएगी"

मेरे जवाब से आंटी के चेहरे पर कुटिलता वाली स्माइल आई

और बोली "अर्जुन, तुझे सीमा को मेरा यहां होने का मना करने का कारण यह था कि सीमा पहले से अपनी मम्मी के लिए परेशान थी और उसे पता चलेगा कि मुझे सब मालूम चल चुका है और सीमा ने मुझे अपनी मम्मी की तबीयत के बारे बताया ही नहीं तो वो बेचारी और दुखी होगी की उसने अपनी बेस्ट फ्रैंड से यह बात छुपाई,

और में नहीं चाहती कि सीमा और दुखी हो"

मुझे रेशमा आंटी की सफाई कुछ खास समझ में आई नहीं लेकिन फिर भी मैने बोला

"इट्स ओके आंटी में समझ गया"

में "आंटी अच्छा हुआ आप मेरे साथ हो नहीं मेरा तो अकेले में समय बीतता भी नहीं, अगर पॉसिबल हो तो आप कम से कम दोपहर तक यही मेरे साथ ही यही रहना, लंच हम दोनों साथ में इधर ही कर लेंगे,"

आंटी " बेटा , मेरा भी तेरे साथ अच्छा टाइम पास हो रहा है में दोपहर तक तेरे साथ ही रहूंगी और लंच भी साथ में कर लूंगी"

में खुश होते हुए बोला "फिर बताइए आंटी, आगे गप्पे मारे या कोई गेम खेले, जो आपको अच्छा लगे ,बताइए"

आंटी " कोई गेम खेलते है लेकिन..!

में " आंटी लेकिन क्या ?

आंटी "अर्जुन, अगर तू मुझे अपनी मां कि तरह समझता है तो तुझे मुझे प्रोमिस करना होगा कि तू अपनी मॉम को कुछ भी नहीं बताएगा,मेरा यहां पर आना और तेरे साथ गप्पे मारना और तू मुझे अपनी मॉम की तरह समझने वाली बात"

"क्योंंकि कोई भी मां यह नहीं चाहती कि अपने बच्चो के प्रति उसकी ममता और उसके प्यार को वो किसी दूसरी औरत के साथ बांटे,"

"इससे हर मां में यह डर रहता है कि उसका बेटा उस दूसरी औरत को ज्यादा महत्व देना लग जायेगा और अपनी खुद की मां को कम समय और महत्व देगा",

"और अर्जुन ,तेरी मॉम तो तेरे से बहुत अटैच है सौतेली होकर भी तुझे अपना सगा बेटे से भी ज्यादा मानती है और उसे मेरे और तेरे मां बेटे का नया रिश्ता पता चलेगा तो वो बहुत दुखी होगी और मेरे से रिश्ता तोड़ देगी,"

" और बेटा, तेरे और मेरे मां बेटे के रिश्ते से उसे कोई नुकसान नहीं होगा, में कोई तुझे सीमा से छीनने वाली थोड़ी हूं, और तू भी तो सीमा को सगी मां से ज्यादा ही मानता है में खाली एक टाइम पास वाली मॉम बनकर रहूंगी,जिससे मुझे भी थोड़ी थोड़ी खुशी मिलती रहेगी,"

 


मुझे आंटी की बात और उनके मॉम के प्रति चिंता और डर समझ में आ रहा था

में बोला "आंटी,मेरे और मॉम के बीच मां बेटे का रिश्ता और प्यार इतना कमजोर नहीं है कि किसी के भी बीच में अा जाने से हमारा रिश्ता कमजोर हो जाए,"

"लेकिन खाली में आपकी खुशी और आपकी संतुष्टि के लिए, मै आपसे प्रोमिस करता हूं कि में कोई भी बात मॉम को नहीं बताऊंगा,और आप भी मॉम को मत बताना,

और आपके और मेरे बीच के नए रिश्ते से तो मॉम और मेरे रिश्ते में कुछ कमी नहीं आएगी उल्टा और गहरा हो जाएगा,

और इससे आपको भी खुशी मिलेगी"

आंटी मुस्करा के " sure बेटा, में भी कुछ नहीं बताऊंगी सीमा को"

में तो सेक्स पॉवर की गोली के असर के कारण पहले से ही वासना और उत्तेजना से भरा हुआ था मेरा लन्ड तो पहले से ही कठोर,मोटा और खड़ा था

अब तो ऐसे ही रेशमा आंटी के हॉट और सेक्सी बदन को देखकर और उनके शरीर को टच करके या फिर चोरी छिपे उनके स्कर्ट के अंदर के समान को देखकर या उनके बड़े बड़े बूब्स को उनके टॉप के बाहर से ही देखकर ही बस मज़े लेने है

इसके आगे तो कुछ होने वाला है नहीं क्योंंकि रेशमा आंटी ने तो मुझे अपना बेटा जो मान लिया था

मुझे तो एक और मॉम मिल रही थी वो भी सेक्सी और हॉट जवान मॉम,

जो मेरी मॉम मुझे देती है अगर रेशमा आंटी भी मुझे वो सब देने लग जाए तो मेरी तो बल्ले बल्ले है,

आंटी " अर्जुन कोनसा गेम खेले"

 


में "आंटी, आपने पहले कहा था कि अगर आपका कोई मेरे जैसी उम्र का बेटा या बेटी होती तो आप उसके साथ खेलती ,बातें करती,गप्पे मारती, वगेरह वगेरह... ..... ! सब करती ,

तो आंटी मेरे हिसाब से आप वो सब मेरे साथ कीजिए"

आंटी "गुड आइडिया ,वो ही करते हैं में शुरू करती हूं पहले गप्पे मारते है और एक दूसरे की पर्सनल लाइफ के सिक्रेट एक दूसरे से शेयर करते है और साथ में कन्फेशन भी करते है"

आंटी "अच्छा अर्जुन, जैसे कि तुमने पहले बताया की तुमने आज तक एक भी गर्ल फ्रेंड नहीं बनाई है तो इसका मतलब यही है कि तू अभी तक कोई भी फीमेल से इंटीमेट नहीं हुआ या कभी किसी लड़की के नजदीक गया. ..!

मेरा मतलब समझ रहा है ना तू ?

आंटी के इस डायरेक्टली बोल्ड सवाल ने मेरे अंदर की वासना और उत्तेजना की आग में घी डालने का काम किया,

यह तो सही था कि अब तक मेरा लन्ड हॉफ पैंट में सही पोजिशन में ही था डर था कहीं वो अपनी लोकेशन चेंज नहीं कर दे, और आंटी पर अटैक ना कर दे,

मैने अपनी वासना, उत्तेजना पर कंट्रोल बनाया रखा,और

में अंदर से थोड़ा खुश भी हुआ था आंटी के इस बोल्ड सवाल से,

लेकिन बाहर से थोड़ा सीरियस चेहरा बनाकर बोला

" आंटी में समझ रहा हूं आपके सवाल को, इंटीमेट की तो बात छोड़िए ,मैने आज तक किसी लड़की को kiss भी नहीं किया और ना ही किसी लड़की के नजदीक गया हूं और ना ही किसी लड़की को अपने नजदीक आने दिया"

"आंटी, में अभी तक pure वर्जिन ही हूं, लेकिन आपसे एक कन्फेस करना चाहता हूं कि में इतना भी दूध का धुला हुआ नहीं हूं मैंने पोर्न वीडियो छुपके से जरूर देखे है और अब भी कभी कभी देख लेता हूं"

मेरे जवाब से आंटी के चेहरे पर चमकदार खुशी दिख रही थी

आंटी " यू आर गुड बॉय अर्जुन, और पोर्न वीडियो सब देखते है इसमें कोई गलत बात नहीं है में भी अपने कॉलेज के दिनों में देखती थी और अभी भी कभी कभी देख लेती हूं"

 
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