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Incest मॉम की परीक्षा में पास

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तभी आंटी बोली "बेस्ट ऑफ लक, अर्जुन डार्लिंग, तेरी लाइफ की पहली चुदाई के लिए और तेरी वर्जिनिटी खोने के लिए"

में "थैंक्स आंटी, अगर इस बच्चे से आपकी चुदाई करने में कुछ उपर नीचे हो जाए तो माफ़ कर देना"

आंटी की चूत पहले से थोड़ी खुली हुई थी और आंटी ने अपने पैर चौड़े कर रखे थे,

मैने अपने दोनों पैरो को आंटी के पैरो के बीच में सीधे लेटा दिए,

और अपने साढ़े पांच इंच के लन्ड को आंटी की चूत में डाल दिया और धीरे से पहला स्ट्रोक मारा और लन्ड पहले ही स्ट्रोक में पूरा ही आंटी की चूत में चला गया

आंटी की चूत मॉम की चूत से थोड़ी लूज थी मॉम की चूत जितनी टाइट नहीं थी और आंटी की चूत अंदर से गहरी भी थी क्योंंकि आंटी ने इसी चूत से अपनी बेटी को पैदा किया था

मॉम को चोदने वक़्त मेरा लन्ड 3-4 स्ट्रोक मारने के बाद ही पूरा अंदर घुस पाता था

लेकिन आंटी की चूत में तो एक स्ट्रोक में ही अंदर चला गया और आंटी की चूत के अंदर के दाने से टकरा गया,जिससे आंटी को दर्द हुआ और मुंह से साउंड निकला "आह आह अा ह..... ह्मम"

और मेरी कड़क और हार्ड दोनो बॉल्स आंटी की चूत के नीचे वाले अंग यानी गान्ड के छेद के उपर वाली जगह पर टच हो गए,

पहले धीरे स्ट्रोक से ही आंटी ने "आह.. ह ह ह ह आह...!!" बहुत ही धीमी आवाज़ में साउंड दिया

आंटी के दोनो नाजुक,गोरे और सेक्सी हाथ मेरे गर्दन के पीछे थे आंटी ने दर्द के मारे गर्दन को कसकर पकड़ रखा था

मेरा मुंह आंटी के मुंह पर था

मैने आंटी के होंठो को चूमना भी स्टार्ट कर दिया था

मेरे छाती के दोनो छोटे नींबू जैसे मेरे स्तन, आंटी के खरबूजे आकर के बड़े बूब्स से टकराना चालू हो गए थे

एकदम चिपक कर मेरे बूब्स आंटी के बूब्स को रगड़ना चालू कर दिया

अपने होंठो से में आंटी के गुलाबी,सॉफ्ट होंठो को,और गोरे,चिकने गालो और आंटी की सेक्सी गर्दन,गले को चाटना,चूमना चालू था

बीच वाले हिस्से में आंटी के तरबूज रूपी बूब्स और मेरे छोटे बूब्स के बीच चिपका चिपकी और आपस में रगड़ना का प्रोग्राम चालू था

और खास जगह यानी नीचे मेरा लन्ड आंटी की गोरी और फिट चूत में चुदाई चालू थी

खाली मेरे लन्ड के पहले स्ट्रोक में ही आंटी के मुंह से दर्द वाली अवाज आई थी क्यूंकि मैने पहले स्ट्रोक में ही लन्ड पूरा चूत में घुसेड़ दिया था

 


जैसे पुश अप एक्सरसाइज करते है वैसे ही में आंटी की चुदाई शुरू कर चुका था

एक पुश अप करता तब नीचे मेरा लन्ड धीरे से आंटी की चूत में पूरा घुस जाता

मेरे दोनो कड़क बॉल्स आंटी की गान्ड के छेद और चूत के छेद के बीच वाली जगह से टकरा जाने का साउंड भी अा जाता था

और उसी वक़्त मेरे छोटे छोटे बूब्स जिन पर राई आकर की निपल है

वो भी आंटी के तरबूज जैसे बूब्स और बोर आकर की निपल से रगड़ जाते थे चिपक जाते, और इस तरह बूब्स की आपस में रगड़ाई से आंटी और मेरे अंदर वासना की नई आग लग जाती थी

और दूसरी ओर मेरे होंठ आंटी के नर्म होंठो से चिपक जाते और चुम्मा चाटी

शुरू हो जाती, में आंटी के गालों को,गले को और होंठो को मस्त चाटे जा रहा था

पहले स्ट्रोक में ही आंटी के मुंह से दर्द वाली अवाज़ आई थी और दूसरे स्ट्रोक मारने के बाद से आंटी के मुंह से कोई भी दर्द की आवाज़ नही निकली,

खाली उत्तेजना और मस्ती वाली सिसकारी निकल रही थी

"ह अा ह अा"

में अपने लन्ड से आंटी की चूत में स्ट्रोक बहुत ही धीमी गति से मार रहा था जिससे आंटी को दर्द कम हो और सैक्स लंबे समय तक हो सके,

इससे आंटी को मज़ा आने लग गया था

आंटी भी मस्ती में डूब गई थी वो भी मेरे होंठो, गालों और गर्दन में चूमना और चाटना शुरू कर दिया था

आंटी की सांसे वासना और उत्तेजना के कारण थोड़ी बढ़ी हुई थी

आंटी चुदाई में पूरा सपोर्ट कर रही थी

करीब मैने 8-10 स्ट्रोक मारे ही थे

की मुझे महसूस होने लगा कि आंटी की चूत से पानी निकल रहा है और मेरे लन्ड पर चिपक रहा था

मैने स्ट्रोक मारना जारी रखा और करीब 15-16 वे स्ट्रोक में आंटी की चूत का पानी पूरा निकल गया आंटी पूरी तरह डिस्चार्ज हो चुकी थी उन्हें ऑर्गेज्म मिल गया था और वो पूरी तरह झड़ गई थी मतलब उन्हें संतुष्टि मिल गई थी

आंटी का कुछ रस मेरे लन्ड से चिपक गया था और कुछ रस चूत से बाहर निकल कर बेड पर अा गया था

लेकिन मेरा लन्ड तो अभी खड़ा और एक्साइटेड ही था उसे तो अभी झड़ने में और टाइम लगने वाला था

 


आंटी के झड़ते ही आंटी की चूत भी ढीली हो गई थी चूत चोदने में सपोर्ट नहीं कर रही थी आंटी भी एकदम रिलैक्स जैसी फीलिंग में लेट गई थी

चुम्मा चाटी बंद हो गई थी

आंटी के हाथ मेरी गर्दन से निकल कर बेड पर अा गए थे मतलब आंटी अब आगे चुदाई के मूड में नहीं थी लेकिन आंटी ने मुझे स्ट्रोक मारने से रोका भी नहीं था

और में अपने लन्ड को झड़ाने के लिए जबरदस्ती आंटी की चूत की चुदाई नहीं कर सकता था इसलिए मैने स्ट्रोक मारना बंद किया

और आंटी के शरीर के उपर से हट गया

और पास में पड़े टिश्यू पेपर से आंटी की चूत के बाहर वाले अंग को अच्छी तरह से साफ किया जिस पर आंटी की चूत का रस थोड़ा चिपक गया था

और फिर टिश्यू पेपर से अपने लन्ड को भी साफ किया जहां पर भी आंटी के चूत का गाढ़ा पानी कुछ लगा हुआ था

फिर सारे गंदे टिश्यू पेपर को डस्टबीन में डाल दिया

और बेड पर आंटी के पास बैठ गया

और लेटी हुई आंटी को देखने लग गया,

आंटी एकदम तृप्त और खुशी में लेटी हुई थी और मुझे देखकर

मुस्करा के बोली

"थैंक यू अर्जुन, तूने आज मुझे खुश कर दिया, ऐसा लग रहा है जैसे मेरी चूत और मेरे अंदर बहुत सारा सामान भरा पड़ा था वो आज सारा बाहर निकल गया और मुझे अभी काफी हल्का महसूस हो रहा है"

"तूने अपने लाइफ की पहली चुदाई भी बहुत शानदार की है, ऐसा लग रहा था कोई पोर्न स्टार या कोई सैक्स का अनुभवी मर्द मेरी चुदाई कर रहा हो"

" I Love you my sweet heart"

"और मेरी पति ने तो अब तक मेरी चूत की चुदाई ऐसी कभी नहीं की है और ना ही तेरी तरह प्यार से चुम्मा चाटने का काम किया है वो तो 10 स्ट्रोक तक ही झड़ जाते है"

"और तुमने तो मेरी चूत के चिपके पानी को मेरे अंग से टिश्यू पेपर से साफ भी कर दिया तू मेरा बहुत ध्यान रखता है

बहुत ही केयरिंग और लवली लड़का है तू "

' Love you so much Arjun'

फिर आंटी ने मेरे खड़े लन्ड को देखकर बोली

"सॉरी अर्जुन,मेरा तो पानी निकल गया और में पूरी तरह संतुष्ट भी हो चुकी हूं, लेकिन में तुझे संतुष्ट नहीं कर पाई, तेरा वीर्य निकाल नहीं पाई,

भगवान ने गजब कि तेरे अंदर सेक्स की ताकत और पॉवर दी है अभी तक तेरा लन्ड स्ट्रॉन्ग खड़ा है"

 


में उदासी वाले भाव में "थैंक्स आंटी"

आंटी "बेटा तू बता में क्या करू जिससे तुझे भी संतुष्टि मिल जाए और तू भी झड़ जाए और तेरे लन्ड से वीर्य निकल जाए"

"मेरी चूत तो अब ठंडी पड़ चुकी है बहुत ढीली हो गई है और इसमें तू अपना लन्ड डाल भी देगा और स्ट्रोक मार भी देगा तो, तुझे और मुझे मज़ा नहीं आएगा और तू झड़ नहीं पाएगा"

"और चूत को वापस चुदाई के लिए तेयार होने में कुछ मिनट और लग जायेगे,तब तक तेरे लिंग को में ऐसे ही प्यासा नहीं रख सकती"

में "आंटी इट्स ओके, में मैनेज कर लूंगा, लेकिन फिर भी आप इतना कह रही तो में यह जानना चाह रहा था कि आप अंकल के साथ Anal सैक्स करती है क्या ?

आंटी दुखी स्वर में " No.. no बेटा

anal सेक्स नहीं, मेरे पतिदेव ने 4-5 बार अपने लन्ड को मेरी गान्ड के छेद में डालने की कोशिश की थी लन्ड अंदर पूरा घुस ही नहीं पाता है"

" गान्ड का छेद छोटा होता है और मेरे पति ने अपना लन्ड जबरदस्ती डालने के कारण मुझे बहुत दर्द हुआ था और मेरे पतिदेव के लन्ड में भी चोट अा गई थी,"

" मेरे पति का तो लिंग तेरे से तो पतला ही है तो उनका पूरा घुस नहीं पाता है और तेरा तो इतना मोटा है तेरा कैसे घुस पाएगा और अगर तूने जबरदस्ती घुसेड़ भी दिया तो मेरी गान्ड का छेद तो खड़ा बन जाएगा, इसलिए यह anal सैक्स नहीं करेंगे"

"मेरे पास एक दूसरा आइडिया है जिससे तेरा लन्ड जल्दी झड़ जाएगा"

मैने सोचा कि आंटी की गोरी गान्ड तो बाद में कभी मॉम वाला केमिकल लगाकार मार ही दूंगा, आज इसको जाने देता हूं

फिर आंटी तो लेटी हुई थी और लेटे लेटे ही मुझे गाइड कर रही थी

आंटी "अर्जुन तू मेरी छाती और पेट के बीच में अपने घुटनों के सहारे मेरे ऊपर बैठ जा,

फिर में अपने दोनो चूचियों को आपस में कसकर चिपका दूंगी और फिर उन दोनों चूचियों के नीचे से छोटा सा खड़ा टाइप बनेगा"

"और फिर तू अपने लन्ड को इस खड़े में डालना और अपने लन्ड से मेरे बूब्स को रगड़ना जिससे तुझे चूत की फीलिंग आएगी और तू अपने लन्ड से आगे पीछे स्ट्रोक मारना और इससे थोड़ी देर में झड़ जाएगा"

आंटी "अर्जुन तूने पोर्न वीडियो में देखा ही होगा ना की लन्ड से बूब्स की चुदाई करते हुए बस वैसा ही कर और फास्ट स्पीड में कर,"

 


आंटी "अर्जुन जब मेरे पीरियड के दिन होते है तब मेरे पति मेरी चूत की चुदाई नहीं कर पाते है तब वो ऐसे अपने लन्ड से मेरे मोटे स्तनों की रगड़ाई करके अपना पानी निकालते है "

मुझे आंटी का यह सैक्स पोजिशन का आइडिया ठीक लगा था क्योंंकि मैने अभी तक मॉम के साथ इस पोजिशन में चुदाई नहीं की थी और मैने पोर्न वीडियो में देख भी रखा था कि कैसे दो बूब्स की भी लन्ड से चुदाई की जा सकती है

में " ओके आंटी"

फिर में आंटी की छाती के उपर अपने घुटनों के बल पर बैठ गया

आंटी ने अपने दोनो हाथो की मदद से अपने दोनो दूध के डेयरियों यानी बूब्स को आपस में टाइट चिपका दिया

फिर मैने अपने लन्ड को दोनो बूब्स के नीचे बनी छोटी से छेद में अपना लन्ड घुसेड़ दिया

मेरा लन्ड आंटी के मोटे तगड़े बूब्स को रगड़कर अंदर जाने लग गया

और यह आंटी के मुंह की हिचकी के करीब करीब तक पहुंच जा रहा था

अगर आंटी अपनी जीभ निकालकर वो मेरे इस मोटे लन्ड को थोड़ा चाट भी लेती तो और भी मज़ा आ जाता,

लेकिन आंटी पहले से संतुष्ट थी और अब उनका ध्यान अपने दोनो बूब्स को ज़ोरदार पकड़कर रखकर मेरे लन्ड से पानी निकालने में था

फिर मैने तेज स्पीड में स्ट्रोक मारना शुरू किया

मुझे तो चूत मारने जैसी फीलिंग आने लग गई थी

आंटी ने भी अपने तरबूज बूब्स को टाइट पकड़ रखा था

मेरे लन्ड का सूपड़ा आधे से भी ज्यादा बाहर अा रहा था

मुझे तो मज़ा भी आ रहा था थोड़ा दर्द भी महसूस हो रहा था मुंह से हल्की हल्की सिसकारियां भी चालू थी

"अा आ अ अ अ आ"

मेरे दोनो हाथ आंटी के कंधो के पास बेड पर थे

आंटी को भी कुछ खुशी वाली फीलिंग अा रही थी

करीब 25 स्ट्रोक मारने के बाद मुझे लगने लगा कि में अब झड़ने वाला हूं

में आंटी के उपर से उठ गया
 
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