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Incest संस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां

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घड़ी में टाइम हो रहा था 9:45 pm ।

सभी सोने की तैयारी कर रहे थे । राकेश बाहर से ही लेकर आया था तो सबने डिनर कर लिया था ।

उधर आरती को बड़ी उत्सुकता थी ये जानने की कि सलमान क्या बताने वाला है शालिनी के बारे में ।

लेकिन फिर आरती सोचती है कि पहले धरमवीर भईया को दूध देकर आजाती हूं वरना अनर्थ ही हो जाएगा ।

ऐसा सोचते ही वो चल दी दूध लेकर लिफ्ट की तरफ । जाकर जैसे ही गेट खटखटाया धरमवीर सिंह ने गेट खोला और सामने आरती को देखकर हल्के से मुस्कुरा दिए ।

आरती - भईया लीजिए दूध ।

धरमवीर - हां रखदो आरती दूध ।

आज आरती बैठने के मूड में नहीं थी क्युकी 10 जो बजने वाले थे और वैसे भी कल वाली घटना से वो शर्म महसूस कर रही थी ।

आरती दूध देकर अपने कमरे में आ गई ।

10 बजे आरती और धरमवीर दोनों ही मैसेज का इंतजार कर रहे थे । आरती ने सोचा कि जब सलमान ने बोला है 10 बजे बात करने को तो वो खुद ही मैसेज भेजेगा ।

और हुआ भी यही मैसेज धरमवीर ने ही किया ।

आरती के मोबाइल पर मैसेज सलमान के नाम से रिसीव हुआ ।

सलमान - Hi

आरती - hi

सलमान - कैसी हो आप ।

आरती उसे ज्यादा भाव नहीं देना चाहती थी तो मैसेज टाइप करने लगी ।

आरती - आप बताइए क्या बताने वाले थे ।

उधर धर्मवीर ये मैसेज पढ़कर धरमवीर सोचने पर मजबूर हो गया कि अब क्या रिप्लाइ करे लेकिन सोचने लगा कि रिप्लाइ तो ऐसा दूंगा की अब तू मेरा रिप्लाइ करने के लिए सोचेगी क्या रिप्लाई दूं और मन ही मन बोला - ये इतनी आसानी से काबू में आने वाली चीज नहीं है ।

सलमान - बिल्कुल बताऊंगा । अगर आप जल्दी में है तो सो जाइए कोई बात नहीं फिर कभी बता दूंगा ।

ये मैसेज पढ़कर आरती को अहसास हुआ कि वो हॉस्पिटल में है और मैंने उसकी हालत में बारे में भी नहीं पूछा । सोचने लगी कि अब क्या बोली इसको मै ।

आरती - नहीं ऐसी बात नहीं है । मै बस पूछ रही थी कि आप क्या जानते है शालिनी के बारे में ।

सलमान - शालिनी एक बहुत अच्छी लड़की है ।

आरती - hmm very funny , ये बताने वाले थे तुम मुझे । सही बताओ बात क्या है ।

सलमान - मैम आप तो खामखां गुस्सा कर रही है । मै आपसे इतने तमीज से बात कर रहा हूं आप मेरा मजाक उड़ा रही है । बता दूंगा थोड़ा सब्र तो कीजिए ।

आरती - तमीज से तो बात करनी पड़ेगी आपको मिस्टर क्युकी बदतमीजों को मै थप्पड़ लगा देती हूं ।

उधर धर्मवीर को आरती का ये attitude पसंद आया । मन ही मन बोला वाह मेरी बहन तुझे सैल्यूट करता हूं मै पर फिर मुस्कुराते हुए कुछ टाईप करने लग गया ।

सलमान - आपका तो थप्पड़ भी जलेबी की तरह लगेगा मैम ।

आरती ने जैसे ही ये मैसेज पढ़ा वो मुकुरा पड़ी । और मन ही मन बोली क्या अजीब आदमी है । लेकिन बात तो तमीज से ही कर रहा है मैम मैम करके ।

आरती - मतलब तुम बदतमीजी भी कर सकते हो ।

सलमान - नहीं कभी नहीं ।

आरती - गुड boy । सोचना भी मत । तुम जानते नहीं हो मै किस खानदान से belong करती हूं । मेरे पापा यहां के 250 गांव के राजा थे । और अब मेरे भईया धरमवीर सिह जी को तो जानते ही होंगे आप ।

सलमान - हां जानता हूं और उनकी मै काफी इज्जत करता हूं । अपने बड़े भाई की तरह इज्जत देता हूं उन्हें , मिलते रहते है कभी कभी ।

आरती धर्मवीर की बढ़ाई सुनकर थोड़ा अच्छा फील करने लगी ।

सलमान - एक बात पूछूं मैम ।

आरती - मैंने सुना है धर्मवीर भईया आपकी दूसरी शादी के लिए लड़का ढूंढ रहे है ।

आरती ये मेसेज पढ़कर सोचने लगी कि ऐसी तो कोई बात नहीं है और मैंने तो पहले ही बोला हुआ है कि मै दूसरी शादी नहीं करूंगी ।

आरती - shut your mouth । ऐसा कुछ नहीं है । और भईया को लड़का ढूंडने की जरूरत नहीं है उनके एक इशारे पर लडकों की लाइन लग जाएगी ।मै खुद ही नहीं करना चाहती हूं शादी ।

सलमान - तो फिर अकेले जिंदगी काटना कुछ मुश्किल नहीं लगता आपको ।

आरती - आप होते कौन है मेरी जिंदगी के बारे में सवाल करने वाले ।

सलमान - बात को संभालता हुआ । sorry मैम अगर आपको बुरा लगा तो मै तो बस ऐसे ही as a friend पूछ रहा था ।

आरती ये पढ़कर थोड़ा नॉर्मल हुई ।

आरती - as a friend मैंने कब आपसे फ्रेंडशिप की । मिस्टर अपनी हैसियत देखिए और मेरी देखिए । जितने में आप सारे सजते होंगे उतने की मै जूती पहनती हूं ।

सलमान - oh sorry mam । मै भूल गया था कि आप बड़े लोग है । और आपसे बात करते हुए तो मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैंने आपको अपना कॉन्टैक्ट नंबर देकर गलती कर दी । मुझे नहीं पता था कि बड़े लोगो को इज्जत दो तो वो अपने पैसे शानो शौकत का बखान करके हम जैसे गरीबों का मजाक उड़ाते है ।

आरती ये मेसेज पढ़कर थोड़ा नॉर्मल हुई और सोचने लगी कि बंदा अपनी जगह ठीक है मै ही फालतू का attitude दिखा रही हूं ।या तो मै बात ही ना करू अगर कर रही हूं तो थोड़ा इज्जत से करूं ।

आरती - it's ok , दरअसल बात ये है सलमान जी की मै शादी करना ही नहीं चाहती हूं । क्युकी अगर मेरी लाइफ में सुहागन होना लिखा होता तो मै विधवा ही क्यों होती ।

धरमवीर ये मैसेज पढ़कर समझ गया कि अब लाइन पर आने में ज्यादा समय नहीं लेगी ये ।

सलमान - आप बहुत ही अच्छी है दिल की आपकी बातो से लगा मुझे । आपसे इतनी देर बात करके मै समझ चुका हूं मैम की आप जितनी तन से खूबसूरत है उससे कहीं ज्यादा आप समझदार भी है । आपको इज्जत सबसे ज्यादा पसंद है ।

आरती ये मेसेज पढ़कर सोचने लगी कि मैंने इससे इतने attitude में बात नहीं करनी चाहिए थी ये तो बहुत ही अच्छा इंसान है । अपनी खूबसूरती की तारीफ सुनकर आरती गदगद हो उठी ।

आरती - यूं आर करेक्ट । respect is my first choice . आप हॉस्पिटल से कब घर आयेंगे ।

सलमान - अभी तो 10 दिन लग जाएगा क्युकी मेरे मुंह पर ही चोट आयी है । क्यों मिलना है क्या ।

आरती - ohh । और तुम समझते क्या हो मै तुमसे क्यों मिलूंगी ।

सलमान - अरे मैम आप फिर गलत एंगल से सोच रही है , मैंने ये सोचा था कि आप मेरी चोट देखना चाहती है इसलिए पूछ रही है कि घर कब आऊंगा ।

आरती - ohh । अच्छा ।

सलमान - एक बात पूछूं ।

आरती - जी पूछिए ।

सलमान - आपको इतना खूबसूरत किसने बनाया है मेरा मतलब है कि आपको देखकर कोई कह नहीं सकता कि आप विधवा है ।

अपनी तारीफ सुनकर आरती - haha अच्छा । कोई क्यों नहीं कह सकता कि मै विधवा हूं ।

सलमान - आप जवान हैं , खूबसूरत है , आपके चेहरे पर इतना glow है कि आपको देखते रहने का मन करता है ।

आरती - अच्छा ऐसा क्या नजर आया आपको मुझमें जो और किसी में नहीं है ।

सलमान - मैम रहने दो मै नहीं बोलूंगा । आप बड़े लोगो का पता नहीं किस बात का बुरा मान जाओ ।

आरती - अच्छा बाबा नहीं मानूंगी ।

सलमान - मुझे यकीन नहीं होता जब आपके जैसे बड़े लोग हम जैसो को अपनी दोस्ती के लायक ही नहीं समझते तो मै कैसे यकीन करूं कि आप मेरी बातो का बुरा नहीं मानोगी ।

आरती ये पढ़कर सोचने लगी बंदा तो दिमागदार लग रहा है क्या point मारा है । फिर सोचने लगी कि चलो बात कितने प्यार से कर रहा है पूछती हूं क्या कहता है ।

आरती - अच्छा बाबा नहीं मानूंगी बुरा । और हम अब दोस्त हैं बोलो ।

ये पढ़कर धरमवीर मन ही मन बोला की मेरी जान जान अभी तो दोस्ती के लिए मानी है फिर मेरे साथ सोने के लिए भी मानेगी ।

सलमान - तो क्या अब आप मेरी फ्रेंड हो ।

आरती - हां बाबा मानती हूं कि मै आपकी दोस्त हूं और आप मेरे दोस्त है ।

सलमान - लेकिन फिर भी मैम आपके बारे में मै ऐसा नहीं बोल सकता । आपकी दोस्ती से ज्यादा मुझे आपकी इज्जत प्यारी है ।

जैसे ही आरती ने ये पढ़ा आरती के दिल में जगह बना गया ये मैसेज ।

आरती - मै भी आपकी बहुत इज्जत करती हूं । की आप जैसा एक अच्छे दिल का इंसान मेरा दोस्त है । और मेरे बारे में ऐसा क्या बोलोगे गाली दोगे क्या जो बोला रहे हो ऐसा नहीं बोल सकता।

सलमान - नहीं गाली नहीं दूंगा मैम सिर्फ आपके बारे में बताऊंगा ।

आरती - सलमान आप ये मैम मैम कहना बंद कीजिए मेरा नाम ले सकते है आप क्युकी हम एक अच्छे दोस्त है । और बेहिचक बोलिए ऐसा क्या है मुझमें जो सबमें नहीं है ।

धर्मवीर को इसी ग्रीन सिग्नल का इंतजार था तुरंत मैसेज टाईप करने लगा ।

सलमान - मैम आपके काले काले लम्बे बाल जिन्हें कोई देखे तो कनफ्यूज हो जाए कि ये आपके बाल है या दिन में घटा छा गई है । और _ _ _

आरती इस नए अंदाज में अपनी तारीफ सुनकर खुश हो गई ।

आरती - हां हां बोलिए और ______

सलमान - और फिर आपके गालों की लाली किसी का भी दिल जीत ले । सिर्फ दिल ही नहीं लीवर , किडनी सबकुछ जीत ले । और _____

आरती ये मेसेज पढ़कर हंस पड़ी ।

आरती - और

सलमान - और फिर आपके होंठ थोड़े मोटे है लेकिन कोई देखे तो लगे रस के भरे हुए दो प्याले है । और _____

आरती - so interesting . और

सलमान - अब रहने दो आरती मै बोल नहीं पाऊंगा और तुम सुन नहीं पाओगी ।

आरती - अच्छा क्यों नहीं सुन पाऊंगी । दोस्त जो हूं सुन लूंगी ।

धर्मवीर समझ चुका था ये मस्तानी घोड़ी बिस्तर में पूरा मजा देगी ।

सलमान - और नीचे आपके सीने पर वो दो बौल जिन्हें देखकर लगता है कि जैसे बिल्कुल पके हुए दो पपीते बस टूटकर गिरने ही वाले हो पेड़ से । और _______

आरती ये पढ़कर शर्मा गई और अपने बूब्स की तरफ देखने लगी , जो उसके सूट में फंसे पड़े थे और अपनी तारीफ सुनकर तनकर खड़े हो गए थे । अभी तक उसने नाइटी नहीं पहनी थी । धर्मवीर को दूध देकर आयी थी तो ऐसे ही लेट गई थी बैड पर सलवार सूट में ।

आरती - अच्छा तो अब हमारा दोस्त बदमाश भी हो गया है ।

सलमान - मैंने मना किया था ना आरती जी कि आप नहीं सुन पाओगी ।

आरती - अरे बाबा मजाक भी नहीं कर सकती क्या बोलो आगे और ______

सलमान - और उसके नीचे आपकी कमर हसीन लगती है क्युकी आपके सीने के मुकाबले वो काफी पतली है । और ____

आरती - लगता है जनाब ने पूरा एक्सरा करके रखा हुआ है मेरी बॉडी का अपनी आंखो में ।

उधर धर्मवीर के दिमाग में पता नहीं क्या आया वो चुपके से अपने कमरे से निकला और लिफ्ट से नीचे आरती के कमरे की तरफ आने लगा मैसेज टाइप करता करता ।

सलमान - उसके आगे ना ही पूछो तो अच्छा है । क्युकी अगर आपको बुरा लगा तो आपका दोस्त इसका जिम्मेदार नहीं होगा ।

आरती - अच्छा ये कहां का इंसाफ है कि कोई सिर्फ मेरे अधे बदन की ही तारीफ कर सकता है । ठीक है अगर मुझे बुरा लगा तो उसकी जिम्मेदार मै खुद रहूंगी बोलिए अब मेरे दोस्त ।

धर्मवीर उसके इस मेसेज से समझ चुका था कि उसकी बहन को अब खुमारी चढ़ने लगी है चढ़े भी क्यों ना दो साल से इस 31 साल की भरी जवानी में अकेले बैड पर राते गुजारी है उसने ।

और आज इतने दिन बाद वो किसी के मुंह से अपने जिस्म की तारीफ सुन रही थी ।

उधर धरमवीर आरती के कमरे के पास आकर कोई ऐसी जगह ढूंढ रहा था जहां से अंदर को झांका जा सके ।

तभी उसे खिड़की दिखाई दी जो लगी हुई तो थी पर कुण्डी नहीं लगी थी । ( जैसे दरवाजा फेर लेते है कुण्डी नहीं लगाते कुछ इस तरह से दोस्तों )। फिर जल्दी से टाईप करने लगा धरमवीर ।

सलमान - और उसके नीचे तुम्हारी नाभि जिसकी गहराई में हर कोई खो जाए । और ____

आरती - और ____

आरती बैड पर सीधी लेटी हुई थी सूट सलवार में । जैसे ही वो गरम होती जा रही थी उसने अपनी दोनों टांगो को मोड़कर बिल्कुल अपनी छातियों से लगा लिया और हाथ सलवार बिना उतरे ही अपनी चूत पर ले गई ।

सलमान - और नीचे तुम्हारे कूल्हों का फैलाव जिसे देखकर कोई कह ही नहीं सकता कि तुम विधवा हो उसे देखकर हर कोई कहेगा कि जो भी अपने पति है उनका वजन पूरी रात आपके नितम्बो को ही संभालना पड़ता है ।

ये मेसेज टाईप करके धर्मवीर ने मोबाइल स्क्रीन off की खिड़की को हल्का सा पुश किया और अन्दर की तरफ झांकने लगा ।

जैसे ही अंदर का नजारा धर्मवीर को दिखा उसका लौड़ा भनभना गया , अपनी औकात में खड़ा हो गया आंखो में चमक और होटों पर कुटिल मुस्कान आ गई ।

अंदर का दृश्य कुछ इस प्रकार था - आरती बैड पर सूट सलवार में पड़ी थी , आरती की दोनो टांगे मुड़कर छातियों से चिपकी हुई थी । और टांगो को मोड़ने की वजह से उसके कूल्हे बिल्कुल खुलकर चौड़े हो गए थे , जांघो का गदरायापन भी साफ झलक रहा था । आरती का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था क्युकी उसके दोनों चूचियां तनकर खड़ी थी चूचियों को देखकर लग रहा था जैसे दूध के दो टैंकर हों । ऐसा दृश्य जीवन में पहली बार देखा था धर्मवीर ने । देखकर लग रहा था जैसे बैड पर कोई लंड की भूखी चुदक्कड रांड अपनी टांगो को फैलाए लंड की भीख मांग रही हो कह रही हो आओ और इस रण्डी पर तब तक चढ़े रहो जब तक इसकी चूत भोसड़े में तब्दील ना हो जाए , आरती की गांड को देखकर तो आंखो पर ही विश्वास नहीं हो रहा था फैलकर ऐसे लग रहे थे दोनों चूतड़ जैसे कह रहे हो कि है कोई ऐसा लंडधारी जो अपना लन्ड पूरी रात इस मस्तानी गान्ड में फंसाकर पड़ा रहे ।

उधर आरती भी चूत सहलाने से झड़ गई उसकी पूरी सलवार भीग गई थी जैसे पानी डाल दिया हो किसी ने ।

उधर धर्मवीर भी इस रंडपने को देखकर आउट ऑफ कंट्रोल हो चुका था । और ढेर सारा वीर्य उसके लन्ड से निकला जो सीधा दीवार पर लगा । धर्मवीर ने सोचा कि किसी कपड़े से साफ कर देता हूं ताकि किसी को पता ना लगे । और अंधेरे में जैसे ही मोबाइल निकालकर लाइट ऑन करनी चही तभी धर्मवीर का पैर साइड में रखे छोटी से टेबल से टकरा गया जिसपर गुलदस्ता रखा था ।

जैसे ही गुलदस्ता गिरकर टूटा एक साथ चटाक की तेज आवाज हुई । आरती एक साथ बैड से खड़ी होकर बाहर आयी जैसे ही उसने गेट खोला तो कोई नहीं दिखा ।

क्युकी गुलदस्ता टूटते ही धर्मवीर बिजली वाली फुर्ती से सीढ़ियों की तरफ भागकर ऊपर चला गया बिना क़दमों की आवाज किए ।

आरती को बाहर कुछ नहीं दिखा उसने बाहर की lights on की । जैसे ही उसकी नजर दीवार पर गई उसके दिमाग में सवालों का तूफान सा उठ गया । उसने पास जाकर देखा बहुत ही गाढ़ा सफेद वीर्य उस pink दीवार पर से नीचे की तरफ को रिस रहा था । उस अपनी आंखो पर विश्वास नहीं हुआ । उसने दोबारा इधर उधर देखा कोई नहीं था । राकेश के कमरे की तरफ जाकर देखा उन दोनों के खर्राटों की आवाज आ रही थी मतलब वो सो रहे थे । शालिनी का गेट भी लॉक था । बचे धर्मवीर भईया इतना सोचते ही आरती लिफ्ट की तरफ भागी और ऊपर तीसरे फ्लोर पर पहुंची जाकर देखा तो धरमवीर भईया का गेट लॉक था अन्दर से लेकिन खिड़की खुली हुई थी उसने अन्दर झांककर देखा धरमवीर भईया भी घोड़े बेचकर सो रहे थे । फिर आरती चुपचाप वापस लिफ्ट से नीचे आ गई ।

उधर धर्मवीर ने जैसे ही देखा की आरती उसे झांककर जा चुकी है वो फिर चुपके से सीढ़ियों के रास्ते नीचे गए और चुपके से आरती को देखने लगे ।

आरती वापस नीचे आयी और सोचने लगी कि जो भी हो अब यहां से इसे साफ तो करना ही पड़ेगा वरना सुबह को मुझे ही शर्मिंदा होना पड़ेगा । आरती एक कपड़ा लेकर वहां गई जहां अभी कुछ मिनट पहले वीर्य की बारिश हुई थी ।

आरती ने दीवार पर जैसे ही कपड़े से साफ करना चाहा अचानक उसके हाथ रुक गए । उसने अपनी उंगली से छूकर देखा तो गाढ़ा सा वीर्य था सबका ऐसा ही होता है लेकिन एक बात अलग थी वो चिपचिपा बहुत ज्यादा था फेविकोल की तरह । आरती को विश्वास नहीं हुआ कि कोई एकसाथ इतना सारा वीर्य भी गिरा सकता है वो भी इतना चिपचिपा । आरती अपनी उस उंगली को अपनी नाक के पास लेकर गई तो उसकी सुगंध भी उसे अलग लगी उसकी उंगली पर लगे वीर्य की महक उसके नथुनों से होती हुई इसके दिमाग पर चढ़ गई । फिर आरती अचानक उस दीवार के पास बैठी और अपनी जीभ निकालकर उसे टेस्ट करके देखने लगी जैसे ही उसने चाटा तो वो ऐसे करने लगी जैसे कोई ज्यादा ही स्वाद वाली सब्जी से सनी उंगलियों को कोई चाटता है ।

आरती बैठकर पूरी दीवार चाटने लगा गई ।

उधर धर्मवीर को आंखो पर विश्वास नहीं हो रहा था कि उसकी सीधी और संस्कारी दिखने वाली बहन किसी सस्ती रण्डी को भी पीछे छोड़ सकती है । आरती के अंदर छिपी हुई रण्डी की हवस को देखकर धरमवीर अपने कमरे में आकर सो गया ।

उधर आरती भी पूरा वीर्य पीकर bed पर पड़ी पड़ी ये सोचने लगी कि मैंने सारा वीर्य पी लिया बिना ये जाने वो किसका है ।

आखिर कौन हो सकता है । तीन option में से कोई एक तो पक्का है बस उस चोर को पहचानना है ।

नम्बर एक - राकेश

नम्बर दो - धरमवीर भैया

नंबर तीन - हो सकता है शालिनी का कोई boyfriend हो उसने उसे बुलाया हो और वो शालिनी के कमरे में ही सो रहा हो ।

ज्यादा से ज्यादा बस इतना ही सकता है ।

ऐसा तो हो नहीं सकता कि भगवान आए थे या भूत आए थे ।। है तो इनमें से ही कोई ।

ऐसा सोचते सोचते सो गई आरती ।

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दोस्तों कमैंट्स करके सुझाव जरूर दे कहानी के बारे में। आपके साथ बने रहने का अहसास दिलाते रहे ।

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साथ बने रहने के लिए दिल से धन्यवाद
 
आज दोपहर हो यानी एक घंटे बाद update आजायेगा
 
update 7

सुबह के समय नाश्ता कर चुके थे सब । आरती के दिलोदिमाग पर रात वाली घटना छाई हुई थी ।

शालिनी नहाकर निकली उसने एक जीन्स और स्लीवलैस टीशर्ट पहनी हुई है । जैसा कि आप जानते ही है जब तक इन महारानी की गांड जीन्स में फास ना जाये तब तक इन्हें वो जीन्स अच्छी ही नही लगती । पिछवाडा अपना पूरा आकर लिए जीन्स में कैद हो गया था ।

शालिनी ने शीशे के सामने खड़ी होकर हल्का सा मेकअप किया , होंठो पर लिक्विड मैट वाली लिपस्टिक लगाकर होंठो को juicy बनाया ।

शालिनी ये कर ही रही थी कि तभी कमरे में उपासना दाखिल हुई ।

शालिनी को शीशे में से उपासना आती हुई दिख गयी ।

शालिनी - आइये भाभी , आज तो साड़ी में आप गजब ढा रही हो ।

उपासना - अच्छा नन्द रानी जी , अपने ये सोचकर मेंरी तारीफ की है कि अब बदले में मैं भी तुम्हारी तारीफ करूँगी , लेकिन मैं तुम्हारी तारीफ बिल्कुल नही करूँगी । मैं तो यही बोलूंगी की तुम एक नंबर की रंडी लग रही हो सजधजकर ।

शालिनी ये सुनकर लजा गयी शर्मोहया से ।

शालिनी - भाभी टाइम का तो लिहाज किया करो सुबह सुबह ही स्टार्ट हो गयी आप तो ।

उपासना - अच्छा मैं तो टाइम का लिहाज करु और मेरी नंद रानी को समय का कोई खयाल नही है , जो सुबह सुबह ही चूत की सजावट करने लगी , पता नही किससे फड़वाने जा रही है ।

शालिनी ऐसी बाते सुनकर समझ गयी की जितनी सीधी भाभी ऊपर से दिखती है उतनी ही अंदर से लंडखोर औरत बन गयी है ।

शालिनी - भाभी आपकी नंद रानी की चूत इतनी सस्ती नही है कि हर कोई फाड़ दे । आपकी नंद रानी सिर्फ एक इंसान की ही टांगो के नीचे आती है बस ।

उपासना - अच्छा तुम तो ऐसे कह रही हो जैसे मैं हर किसी के सामने चूत खोले पड़ी रहती हूं ।

शालिनी - नही भाभी मेरा ये मतलब नही था। मैं तो बस अपने बारे में बता रही थी । और मेरी भाभी इतनी गई गुजरी भी नहीं है कि वह हर किसी के सामने अपनी चूत फैलाकर लेट जाएगी ।

उपासना - अच्छा तो कैसी लगती है तुम्हें अपनी भाभी ।

शालिनी - मुझे मेरी भाभी ऐसी लगती है जो अपनी चूत के खजाने को हमेशा दूसरों से छुपा कर रखती है और उस खजाने के दरवाजे सिर्फ अपने पति के लिए ही खोलती है। ऐसी भाभी जो अपनी इज्जत का ख्याल रखती है वह

बात अलग है कि उसकी अंदर की लंडखोर औरत जब जागती है तो उसकी चूत में से पानी उसकी जांघों पर रिसने लग जाता है ।

उपासना - लगता है मेरी प्यारी सी नंदरानी को बड़ी पहचान है औरतों की । भगवान ऐसी नंदरानी सबको दे दे दे , चलो नंदरानी जी अब तो बता दो कि आज का क्या प्रोग्राम है।

शालिनी - कोई खास प्रोग्राम नहीं है भाभी आज का बस का बस आज उनसे मिलने जा रही हूं क्योंकि कल नहीं जा पाई थी । और उन्हें चैन नहीं आता है जब तक उनका लंड मेरी चूत में जड़ तक ना पहुंच जाए ।

उपासना - अच्छा तो मेरी नंदरानी को कोई परेशानी नहीं होती लंड लेने में ।

शालिनी - इसमें परेशान होने वाली क्या बात है भाभी । यह तो औरतों के मुकद्दर में लिखा होता है कि वह जहां भी जाएंगी किसी ना किसी की टांगों के नीचे ही जाएंगी तो मैं इसे स्वीकार क्यों ना करूं । आखिर मुझे भी तो किसी की टांगों के नीचे ही जाना होगा ।

उपासना - अच्छा तो मेरी नंदरानी अब अब समझदार भी हो गई है । नंदरानी मतलब तुम अब पूरी लंड खाने के काबिल हो गई हो ।

शालिनी - काबिल हो गई हूं का क्या मतलब है ? मैं तो लैंड खा ही खा ही रही हूं पिछले 2 साल से ।

उपासना - हां यह तुम्हें बताने की जरूरत नहीं है तुम्हारी चौड़ी गांड, बाहर को निकली चूचियां यह बखान कर रही है ।

शालिनी - भाभी एक बात है जिससे मुझे डर लगता है ।

उपासना - अब किस बात से डर लगने लगा मेरी नंद रानी को ।

शालिनी - भाभी जब वह अंदर डालते हैं लंड, तो कंडोम यूज नहीं करते हैं । जिससे कि मुझे डर रहता है कि कहीं कोई अनहोनी ना हो जाए ।

उपासना - हंसते हुए अच्छा तो मेरी नंदरानी को डर है कि कोई इस गाय पर चढ़कर उसके अंदर बच्चा ना डाल दे डाल दे ।

शालीनी - तुम्हारे कहने का मतलब नही संन्ही मैं भाभी ।

उपासना - मतलब कि अब तुम बच्चे देने लायक हो गई हो शालिनी।

शालिनी - भाभी आप तो मजाक के मूड में ही रहती हो हमेशा ।

उपासना - मेरी जान मजाक कहां कर रही हूं तुम तो देखने से ही लगती हो कि अगर कोई चढ़ जाए सही से तो बच्चा जरूर पैदा होगा ।

शालिनी - क्यों ऐसा क्या है मुझमे ।

उपासना - औरतों का शरीर ही बच्चे पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है अगर औरत का शरीर ही दुबला पतला रहेगा तो बच्चा होने के चांस कम हो जाते हैं , लेकिन तुम तो मेरी जवान घोड़ी हो तुम तो एक चुदक्कड़ रंडी हो तुम तो अपनी चूत में लंड को निगल कर उसे पूरा निचोड़ सकती हो, तो बच्चा भला क्यों नहीं होगा बिल्कुल होगा ।

शालिनी - भाभी बिना कंडोम के चूत में लंड लेने में बड़ा मजा लेने में बड़ा मजा आता है कंडोम लगाकर यदि चूत में कोई लंड लंड लंड डालता है तो लंड की की गर्मी महसूस नहीं होती है ।

उपासना - तो मतलब मेरी नंद रानी रानी लंड को पूरा इंजॉय करती है चुदते टाइम

शालिनी - भाभी अगर चुदाई को इंजॉय ना किया जाए तो चुदने का फायदा ही क्या । अपनी चूत भी फड़वा लो और इंजॉय भी ना करो यह कैसी बात हुई ।

उपासना - हां मेरी जान यह तो तुमने ठीक कहा जब तक कोई मर्द औरत के ऊपर चढ़कर उसे हुमच हुमच कर ना चोदे तब तक औरत तब तक औरत की प्यास ही नहीं बुझती । खैर यह बताओ कि जिन से तुम चुदने जाती हो उनका लौड़ा कितना बड़ा है ।

शालिनी - ऐसा मैंने कभी मेजर तो कभी मेजर तो तो नहीं किया है लेकिन लगभग होगा कोई 4 या 5 इंच इंच का ।

यह सुनकर उपासना की हंसी छूट गई की हंसी छूट गई और जोर जोर से हंसने लगी से हंसने लगी ।

शालिनी - क्या हुआ भाभी आपको ।

उपासना - मैं यह सोचकर हंस रही हूं कि तुम चुदने जाती हो या कोई खेल खेलने जाती हो ।

शालिनी हैरानी से देखते हुए - क्यों भाभी ऐसा क्या बोल दिया मैंने ।

उपासना - तुम्हारा जैसा शरीर है उसमें चार या 5 इंच का लंड या 5 इंच का लंड 5 इंच का लंड क्या करता होगा वह तो तुम्हारे छेद के बस थोड़ा अंदर ही जा पाता होगा ।

शालिनी - भाभी तो कितना बड़ा होता है लंड ।

उपासना - नंदरानी जो तुम मुझे बता रही हो उसे लंड नहीं लुल्ली नहीं लुल्ली कहते हैं लंड किसे कहते हैं यह मैं तुम्हें किसी दिन दिखा दूंगी , अच्छा यह बताओ उससे अलग तुम और किसी से नहीं चुदी हो कभी ।

शालिनी - नहीं भाभी मैंने इस बारे में कभी सोचा नहीं क्योंकि मेरी चूत को जब लंड चाहिए होता है तो उसके नीचे टांगे चौड़ी करके चौड़ी करके चौड़ी करके चौड़ी करके उसे अपनी चूत की तरफ खींच लेती हूं, और मैं संतुष्ट हो जाती हूं ।

उपासना - तभी तो मैं कहूं कि मेरी नंद रानी ने ने अभी कहीं और मुंह क्यों नहीं मारा है यदि मार लिया लिया मार लिया लिया तो फिर तो उस बेचारे को तुम छोड़ ही दोगी दोगी ।

शालिनी - क्यों भाभी वह भी तो ठीक है अपने लंड से मुझे कम से कम 10:15 मिनट तक चोदता 10:15 मिनट तक चोदता है ।

यह सुनकर उपासना फिर जोर जोर से हंसने लगी से हंसने लगी जोर से हंसने लगी से हंसने लगी और कहने लगी कहने लगी जाओ तुम अपना खेल खेलने के लिए क्योंकि तुम्हें समझाना मेरे बस की बात नहीं है ।

शालिनी - क्यों भाभी ऐसा क्या हो गया ।

उपासना - 10 या 15 मिनट मिनट तो तुम जैसी गदराई लौंडिया को गर्म होने के लिए ही चाहिए चाहिए और 10:15 मिनट में तुम सारी चुदाई कर लेती हो तुम जैसी लड़की को रात भर कम से कम 2 लोग मिलकर चोदे कम 2 लोग मिलकर चोदे 2 लोग मिलकर चोदे लोग मिलकर चोदे तब तुम्हारे चेहरे पर निखार और गांड पर उभार आएगा आएगा ।

शालिनी - हे भगवान मेरे बस की बात नहीं है पूरी रात चुदना और कोई चोद भी कैसे सकता है पूरी रात ।

उपासना - मेरी नंदरानी अभी असली लंड से पाला नहीं पड़ा है तुम्हारा जिस दिन पड़ेगा तो चूत को हाथों से छुपाकर भागी भागी फिरोगी ।

शालिनी - क्यों भाभी वह कैसे चोदते हैं ।

उपासना - अच्छा पहले तुम बताओ कि तुम्हारे वह तुम्हें किस तरह चोदते हैं ।

शालिनी - वह तो मुझे लिटाकर और ऊपर लेट कर अपना लंड मेरी चूत में डाल देते हैं और 10:15 मिनट तक जमकर चोदते हैं ।

उपासना - और कुछ नहीं करते ?

शालीनी - करते हैं कभी-कभी अपना लंड मेरे मुंह में भी डाल देते हैं और मेरी चूत को चूस भी लेते हैं और उनका पूरा लंड मेरे मुंह में समा जाता है बड़े प्यार से चोदते हैं वह मुझे। मेरे होठों को अपने होठों से किस करते हुए मुझे चोदते हैं वह बहुत ही प्यार जताते हैं , चोदते टाइम कहते हैं तुम मेरी जान हो आपके बिना मैं नहीं रह सकता ।

उपासना - फिर तो इसका मतलब तुम्हें चुदाई का मतलब ही नहीं पता है मेरी जान अभी सिर्फ प्यार से चोदने वालों से चुदी हो हो जिस दिन असली लंडधारी इंसान से चुदोगी उस दिन पता चलेगा कि लंड जब अपनी औकात पर आता है तो चूत को चूत नहीं भोसड़ा बना बना देता है ।

शालिनी - और कैसे चोदते हैं भाभी ।

उपासना - खैर छोड़ो वक्त आने पर तुम्हें पता चल ही जाएगा यह दोनों बातें कर ही रही थी कि अचानक उपासना के मोबाइल पर रिंग होती है ।

उपासना कॉल उठाती है - हेलो

दूसरी तरफ से आवाज आती है हेलो मैम ,मैम आज आपके टाइम टेबल में आज सिलेक्ट किया गया है कि आप आज जो नया स्कूल खुलने वाला है वर्मा जी का उसका उद्घाटन आपको का उसका उद्घाटन आपको करना है तो रिबन काटने के लिए आप चलोगे। 11:00 बजे , मैम क्या यह सही रहेगा या इसमें कोई मॉडिफिकेशन करना है ।

उपासना - कुछ सोचती हुई एक काम करो हां यह ठीक है 11:00 बजे ही चलते हैं ।

शालिनी - भाभी कहां जाना है आपको ?

उपासना - अरे जो हमारी कंपनी के नई हैड मैनेजर है ,उन्होंने एक मेडिकल कॉलेज खोला है तो उसका उद्घाटन मेरे हाथों से कराना चाहते हैं वही मुझे आज जाना है जाना है ,

अच्छा शालिनी तुम निकलने वाली हो क्या ?

शालिनी - हां भाभी बस मैं निकलने वाली हूं ।

उपासना - ओके चलो ठीक है आप भी जाओ और यदि तुम्हें पैसों की जरूरत हो तो हो तो यह लो मेरा एटीएम तुम रख लो।

शालिनी - नहीं भाभी मेरे पास अभी पैसे हैं जब खत्म होंगे तो मैं मांग लूंगी ।

उपासना - ओके नंदरानी जी चलिए अपनी चूत लंड का खेल खेल कर आ जाइए आ जाइए वैसे भी अभी तक तुम्हारी चुदाई तो हुई ही नहीं है ।

दोनों में यह बातें चल ही रही थी की आरती की आवाज आती है है है बाहर से ।

उपासना उपासना उपासना

उपासना बाहर आती हुई - आरती दीदी बोलिए ।

आरती - उपासना मैं किसी हिल स्टेशन की तरफ जा रही हूं घूमने शाम तक आ जाऊंगी , जाने का मन तो नहीं था लेकिन मेरी फ्रेंड बड़ी जिद कर रही है सो मैं निकल रही हूं निकल रही हूं ।

इतना कहते ही आरती पार्किंग की तरफ चल दी दी और अपनी गाड़ी स्टार्ट करके सड़क पर दौड़ती हुई चली गई ।

शालिनी ने भी भी पार्किंग की तरफ कदम बढ़ाए और अपनी रेड कलर की BMW निकाली और चलदी कंपनी की तरफ गाना सुनते हुए

गाने ये वाला था

तेरा बैक रै फ्रंट दोनों मारै सै करंट ,

मनै दिल में लगा ली तेरी फोटो

हाय रे मेरी मोटो हाय रे मेरी मोटो ।

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Dosto comments karke batate rahe ki story कैसी चल रही है , आपके साथ बने रहने के अहसास से मेरी कलम और भी अच्छी चलती है ।

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Sath bne rahne ke liye dhanyavad ...

Koi mujhe batayega ki is kahani me pics kaise add karu
 
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