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Incest संस्कारी परिवार की बेशर्म रंडियां

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Update 28.

Hi दोस्तों माफी चाहता चाहता हूं बहुत इंतजार कराया अपडेट के लिए लेकिन तैयार है आपके लिए आगे की कहानी।

लौड़ों के राजाओं से और चूत की रानियों से निवेदन है कि यह कहानी पढ़ते हुए आनंद के सागर में गोते लगाए ।

कहानी को ले चलते हैं वहां पर जब बालवीर ने घूमने का प्लान बनाया था , शालिनी और आरती बलवीर के साथ घूमने को राजी हो गए थे-

*********

यह सुनते ही आरती खुश हो गई और एक साथ चहकते हुए बोली भैया आप चिंता क्यों करते हो मैं हूं ना । हम दोनों भाई बहन चलते हैं घूमने ।

तभी बलवीर ने शालीनी से भी पूछा शालीनी ने पता नही क्या सोचकर हां करदी ।

आरती , शालीनी और बलवीर का प्लान फिक्स हो चुका था ।

अगले दिन सुबह को बलवीर, शालीनी और आरती अपने 6 दिन के टूर के लिए रवाना हो चुके थे ।

ड्राइवर उनको सुबह 7 बजे एयरपोर्ट लेकर पहुंच चुका था ।

सबसे पहले बलवीर शालिनी और गोवा जाने का फैसला किया ।

सुबह के 11 बजे तीनो गोवा पहुंच चुके थे ।

बलवीर साइड में खड़ा होकर होटेल में रूम बुक करने लगा । उसने सोचा दोनों से पूछ लूं कि कितने दिन के लिए होटेल बुक करूँ ।

बलवीर (शालिनि और आरती की तरफ आते हुए) - आरती कितने दिन तक रुकने वाले है हम यहां ।

आरती - भइया जब तक आप घूमना चाहे। वैसे भी हम दोनों को तो घूमने में मजा आता है ।

बलवीर - ठीक है दो दिन तक हम लोग गोवा में घूम लेते है फिर 2 दिन के लिए कश्मीर चलेंगे ।

शालिनि - ग्रेट चाचाजी ।

बलवीर रूम बुक करने लगा । उसने 2 रूम बुक किये एक शालिनि और आरती के लिए, एक अपने लिए ।

तीनो होटेल पहुंचे जाकर देखा तो पता लगा कि जो रूम उसने बुक किया था वो तभी कैंसिल हो गया था ।

रिसेप्शनिस्ट- यस सर , how may I help you ?

Balbir - भाई अंग्रेजी से तो मैं परेशान हो गया हूं भारत मे तो कम से कम हिंदी बोलो ।

रिसेप्शनिस्ट- जी सर मैं आपकी क्या सहायता कर सकता हूं ?

बलवीर - मैंने अभी दो रूम बुक किए थे , लेकिन अभी होटल आकर मैंने देखा तो मुझे पता चला कि मेरे रूम कैंसिल हो गया ।

रिसेप्शनिस्ट - हां जी सर माफी चाहता हूं मैं उसके उसके लिए । मैं आपको बताना चाहता हूं कि अब एक रूम खाली है यदि आप चाहते हैं तो उसमें आप रुक सकते हैं ।

बलबीर - लेकिन हम तीन लोग हैं।

तभी आरती ने बोला हां भैया कोई बात नहीं हम कोई दूसरे होटल में रुक जाएंगे ।

तभी रिसेप्शनिस्ट ने बोला - माफ कीजिएगा । मैं यहां पर आसपास में कोई होटल अवेलेबल नहीं मिलेगा। इस मौसम में काफी लोग गोवा घूमने आते हैं जिस वजह से आसानी से नहीं मिल पाता है होटल ।

तभी आरती सवालिया नजरों से बलवीर की तरफ देखते हुए - तो फिर कैसे करेंगे भैया ।

बलवीर एक मिनट तक कुछ सोचा फिर बोला - आरती ऐसा करते हैं बेड पर तुम दोनों सो जाना मैं सोफे पर सो जाऊंगा।

शालिनी- हां चाचा जी यह ठीक रहेगा ।

तभी रिसेप्शनिस्ट ने एक वेटर को कहा- तुम जाकर साहब को कमरा दिखाओ ।

बलवीर आरती और शालिनि से बोला - कि हां तुम इस लड़के के साथ जाकर रूम में पहुंचो, मैं पेमेंट करके आता हूं ।

आरती और शालिनी उस लड़के के साथ रूम की तरफ चल दी ।

बलवीर ने पेमेंट किया लेकिन जैसे ही बलवीर ने रिसेप्शनिस्ट की तरफ देखा तो वह सामने की तरफ कुछ देख रहा था ।

उसकी नजरों का पीछा करते हुए बलवीर ने देखा तो पाया रिसेप्शनिस्ट आरती और शालिनी को जाते हुए घूर रहा था ।

यह पहला मौका था जब बालवीर ने आरती और शालिनी को पीछे से इस तरह चलते हुए देखा था ।

दोनों की गांड चलते हुए काफी हिल रही थी जिसे उनके पीछे चलने वाला लड़का देख रहा था । हालांकि सूट पहना हुआ था शालिनी और आरती ने लेकिन उसमें भी चलती हुई किसी बोंब की तरह लग रही थी दोनों ।

बलवीर ने पेमेंट किया और बलवीर भी उनकी उनकी तरफ चलने लगा।

लड़के ने रूम में पहुंचकर कहा- मैम यह है आपका कमरा । अगर किसी भी चीज की जरूरत हो तो आप कॉल कीजिएगा ।

ऐसा कहकर वह लड़का बाहर चला गया ।

आरती और शालिनी ने जाकर सामान रखा और सोफे पर बैठ गई ।

आरती- भैया भूख भी लग रही है पहले कुछ खा लेते हैं फिर थोड़ा आराम करने का भी मन है ।

शालिनी उसका साथ देते हुए- हां चाचा जी मुझे भूख लग रही है ।

बलवीर - अच्छा जब तुम दोनों को भूख लग रही है तो पहले चलो कुछ खा लेते हैं । मैं खाना ऑर्डर कर देता हूं ।

बलवीर खाना ऑर्डर करने लगा ।

शालिनी बोली- जी चाचाजी आप खाना ऑर्डर कीजिए तब तक मैं नहा लेती हूं ।

ऐसा कहकर शालिनी ने अपने कपड़े निकाले बैग में से और बाथरूम में घुस गई ।

अब कमरे में बलवीर और आरती थे ।

आरती को सलमान का मैसेज रिसीव हुआ तो आरती अपना फोन उठाकर बाहर गिरिल पर जाकर खड़ी हो गई और सलमान से बातें करने लगी ।

उधर शालिनी बाथरूम में नहाने के लिए गई हुई थी लेकिन उसका फोन वहीं सोफे पर रखा था ।

तभी उसके फोन पर उसकी बेस्ट फ्रेंड नाज़नीन (Najneen) का फोन आया।

नाज़नीन के बारे में आपको बता दें कि यह एक मुस्लिम शादीशुदा औरत है।

नाज़नीन की शादी को अभी 1 साल हुआ है । नाज़नीन पर्दे में रहने वाली औरत है यह मोहतरमा अगर घर से बाहर निकलती हैं तो अपने आप को बुर्के से ढककर ही घर से बाहर जाती हैं ।

इनकी आंखें बिल्कुल कटीली हैं लेकिन चुदाई के मामले में इन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता कि यह एक शरीफ पाकीजा मुस्लिम औरत है ।

अपने शौहर से चुदवाते समय यह दिखाती है कि मैं कितनी बड़ी लंडखोर औरत हूं।

हां दोस्तों जब यह मोहतरमा अपने शौहर के नीचे बिछती हैं तो कोई शरीफ पाक औरत नहीं बल्कि सस्ती और चुडक्कड़ रांड बन जाती हैं ।

बलवीर ने जैसे ही देखा कि किसी नाज़नीन नाम से फोन आ रहा है तो उसने सोचा शालिनी की सहेली होगी । बता देता हूँ कि वो नहा रही है।

यह सोचकर बलवीर ने फोन उठा लिया ।

जैसे ही बलवीर ने फोन अपने कान से लगाया दूसरी तरफ से आवाज आई।

नाजनीन- क्या हाल हैं मेरी चुदक्कड़ रानी के । अब तो अपने भैया को मार कर अपने चाचा को मारने का प्लान है क्या, लेकिन याद रखना वह तेरा भाई राकेश नहीं है। वह तेरा चाचा बलवीर है लाडो रानी कहीं ऐसा ना हो कि चाचा को रिझाने के चक्कर में अपनी चूत का चबूतरा बनवा लो । वह तो बेचारा सीधा साधा राकेश था जो तेरे जैसी घोड़ी को देखकर तुझ पर चढ़ने के लिए बेताब हो गया था। वैसे तुझे चुदने के बाद मारना चाहिए था राकेश को पर तूने बेचारे को तेरी चूत भी नहीं लेने दी और तूने पहले ही मार दिया उसको । अब बोलती क्यों नहीं कुछ मैं इतनी देर से बकबक किए जा रही हूं।

बलवीर को कुछ समझ नहीं आया ।

उसके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया ।

परेशान हो गया बलबीर ।

उसकी आंखों से गुस्सा और आंस दोनों साफ झलक रहे थे ।

बलवीर ने फोन डिस्कनेक्ट किया और सोफे पर गिर पड़ा।

सोफे पर बैठे बैठे उसके दिमाग में यह भूचाल चल ही रहा था कि शालिनी ने ने राकेश को क्यों मारा ?

क्या शालिनी ने ही राकेश को मारा है ?

क्या राकेश की हत्या की गई है ?

क्या राकेश शालिनी को चोदना चाहता था?

क्या शालिनी चुदक्कड़ है जो अपनी चूत अबसे पहले फड़वा चुकी है ।

यह सोचते हुए बलवीर काफी परेशान सोफे पर बैठा था कि तभी शालिनी नहा कर आगयी।

शालिनी ने जींस पहनी हुई थी और उसके ऊपर टॉप डाला हुआ था ।

अपनी उम्र के हिसाब से शालिनी का शरीर ज्यादा ही बड़ा लगता था ।

देखने से भी शालिनी कुंवारी नहीं लगती थी ऐसी लगती थी जैसे उसके रोम-रोम में वासना भरी हो ।

अपनी भतीजी की मोटी मोटी गदराई हुई जांघों को देखकर बलवीर समझ गया कि उसकी भतीजी अब बच्ची नहीं है । वह एक खेलीखाई लड़की है जो अपने भाई को मार चुकी है ।

शालिनी के भरे हुए बदन और खूबसूरती के साथ-साथ उसमें एक शातिर दिमाग भी है यह समझ चुका था बलवीर ।

तभी बलवीर के दिमाग में एक विचार कौंधा कि जिस सहेली का अभी फोन आया है वह दोबारा शालिनी को फोन करेगी और शालिनी को पता चल जाएगा की फोन पर मैंने उसकी सहेली की बात सुन ली है ।

इसका मतलब मेरी पोल खुल जाएगी । मेरी पोल खुले उससे पहले ही मुझे कुछ करना होगा ।

तभी रूम में वेटर की एंट्री होती है जो खाना लेकर आया था उसने खाना टेबल पर रखा और बाहर की तरफ निकल गया ।

बलवीर भी उस लड़के के पीछे चला गया ।

कमरे से बाहर जाकर बलवीर ने उसे रोका और कहां एक काम कर सकते हो ।

लड़के ने सवालिया नजरों से बलवीर की ओर देखा और पूछा- कैसा काम ?

बलवीर- यार वह क्या है ना मुझे थोड़ा प्राइवेसी चाहिए ।

अपनी गर्लफ्रेंड से मुझे मिलना है और वह देखो मेरी बहन मेरे साथ ही है।

आरती की तरफ इशारा करते हुए बलवीर ने कहा । तो मैं चाहता हूं कि तुम उसे बातों में लगा लो या कुछ ऐसा करो एक-दो घंटे के लिए वह कमरे में ना आ पाए ।

लड़का - बदले में मुझे क्या मिलेगा ।

बलवीर ने लड़के की तरफ़ पचास हजार का एक नोट बढ़ाते हुए कहा - यह लो उस काम की कीमत ।

लड़के की आंखों में 50000 का नोट देखकर चमक आ गई और उसने वह नोट जल्दी से अपनी जेब में रख लिया और बोला - आज आप चिंता मत कीजिए समझ लीजिए आपका काम हो गया। हमारे यहां पर आज एक बर्थडे पार्टी है तो मैम साहब को मैं वहां बुला लेता हूं ।

बलवीर को ये आईडिया जच गया और उसने कहा - ठीक है तुम मेरे रूम में इनविटेशन कार्ड लेकर आना मैं उसे तुम्हारे साथ भेज दूंगा ।

लड़का - ठीक है साहब में 10 मिनट में आता हूं।

ऐसा बोलकर लड़का चला गया ।

आरती को इस बारे में भनक तक नहीं की वह तो बस धर्मवीर यानी सलमान से चैटिंग कर रही थी ।

बलवीर वापस कमरे में आया और आके शालिनी से बोला- मुझे तुमसे कुछ बात करनी है शालिनी ।

सवालिया नजरों शालिनी बोली- बोलिये चाचा जी ।

बलवीर- अभी आरती बाहर एक बर्थडे पार्टी में जाएगी जो होटल वालों ने रखी है, तो तुम मत जाना उसके साथ।

शालिनी सवालिया नजरों से बलवीर को देखते हुए - हां चाचा जी वह तो ठीक है लेकिन यह तो बता दीजिए बात किस बारे में करनी है ।

बलबीर ने सोचा कि अभी मैं इसे कोई हिंट दूंगा तो कहानी खराब हो सकती है इसलिए उसने झट से कहा - मैं सोच रहा हूं गोवा में हम लोग अपनी कंपनी की एक नई ब्रांच खोलें तो उसी के बारे में बात करनी थी । लेकिन बात सिर्फ तुमसे ही करनी थी । तो सोच रहा हूं आरती चली जाएगी तब इस बारे में बात करते हैं ।

शालिनी यह सुनकर खुश हुई क्योंकि उसने सोचा कि हो सकता है बलवीर चाचा वह ब्रांच मेरे नाम से शुरू करें। ऐसा सोच कर वह चहकते हुए बोली - हां चाचा जी बिल्कुल जब आरती बुआ चली जाएंगी हम तब बात कर लेंगे।

लेकिन चाचा मुझे भूख लग रही है चलो खाना खा लेते हैं ।

तभी आरती अंदर आ गई आरती बोली- भैया मुझे भी भूख लग रही है।

बलवीर - तो चलो आ जाओ पहले खाना खाते हैं ।

तीनो लोग बैठे ही थे कि तभी वह लड़का अंदर आया जिससे बलवीर ने सारा प्लान फिक्स किया था ।

लड़का - सर हमारे होटल में आज एक छोटी सी पार्टी है आप से रिक्वेस्ट है की पार्टी में आकर पार्टी की शोभा बढ़ाएं ।

बलवीर - बहुत खुशी की बात है यह तो लेकिन मुझे बड़े दुख के साथ मना करना पड़ेगा क्योंकि मुझे अभी ऑफिस का काम है ।

एक काम करो शालिनी और आरती तुम दोनों चली जाओ ऐसा कहते हुए बलवीर अपने फोन को चलाने लगा ।

आरती - चलो कम से कम पार्टी तो मिलेगी। चलो हम दोनों चलते हैं शालिनि, भैया अपने ऑफिस का काम कर लेंगे ।

शालिनी मुंह बनाते हुए - लेकिन मेरे तो सर में दर्द हो गया है सफर की वजह से । मेरा थोड़ा आराम करने का मन है अगर आपको बुरा ना लगे तो मैं आराम कर लूं और आप पार्टी में चली जाओ बुआ।

आरती ने अपने मन में सोचा- चलो अच्छा है सलमान से चैटिंग करने का भी मौका मिलेगा और वैसे भी शालिनि के सर में दर्द है तो वह आराम कर लेगी



यह सोच कर आरती बोली - कोई बात नहीं मैं चली जाती हूं इनको भी बुरा नहीं लगेगा और मैं जल्दी आ जाऊंगी ।

बलवीर - हां आरती ये ठीक रहेगा तुम पार्टी में चली जाओ मैं और शालिनी यह खाना पेट भर कर खाएंगे hahaha हंसते हुए बलवीर बोला । वैसे भी तुम्हें डांस करने का बहुत शौक है तो आज तुम्हें डांस करने का मौका भी मिल जाएगा ।

शालिनी- हां चाचा जी डांस तो वाकई में बहुत अच्छा करती हैं बुआ।

आरती - तुम दोनों मेरी क्यों हंसी उड़ा रहे हो , ऐसा कुछ नहीं है ।

बलवीर - शालिनी देखो आज हमारी आरती इतना अच्छा डांस करेगी कि-

कर देगी फेल शकीरा को तोड़ेगी ये रिकॉर्ड माईकल के ,

कर देगी फेल शकीरा को तोड़ेगी ये रिकॉर्ड माईकल के ,

ऐसे कमर घुमाकर नाचेगी जैसे पैडल घूमते है साईकिल के ।

यह सुनकर शरमा गई आरती।

आरती - ओके भैया ।

ऐसा बोलकर आरती उस लड़के के साथ चली गई अब कमरे में शालिनी और बलबीर बचे थे ।

दोस्तों बलवीर और धर्मवीर दोनों भाइयों के स्वभाव में कोई ज्यादा बड़ा अंतर नहीं था जैसा शातिर दिमाग धर्मवीर का था वैसा ही शातिर दिमाग और भैंसे जैसा तगड़ा शरीर बलवीर का भी था ।

शालिनी को इस बात के बारे में कोई भनक नहीं थी कि बलवीर क्या सोच रहा है । वह तो बस अपनी मस्ती में मस्त थी ।

अब बलवीर ने उठकर गेट लॉक किया और सोफे पर बैठ गया ।

शालिनी अपने फोन में कुछ देख रही थी ।

बलवीर की आवाज तभी उसके कानों में पड़ी ।

बलवीर - शालिनी हम जो गोवा में नई कंपनी खोल रहे हैं मैं सोच रहा हूं कि उसे तुम्हारे नाम कर दूं ।

 
शालिनी खुश होते हुए - दिल से धन्यवाद चाचा जी। आज मुझे एहसास हुआ कि आप मुझे अपनी सगी बेटी की तरह ही प्यार करते हैं ।

बलवीर - हां बेटी तुम मेरी अपनी ही हो । लेकिन मैं सोच रहा हूं इसके बदले में तुम्हें भी कुछ मेरे लिए करना चाहिए ।

शालिनी - हां चाचा जी बिल्कुल । बोलिए क्या करे यह शालिनी आपके लिए। मैं तो अपनी फैमिली के लिए अपनी जान भी दे दूं ।

बलवीर अपने चेहरे पर पर कुटिल मुस्कान लाते हुए- मुझे तुम्हारी जान नहीं कुछ और चाहिए ।

शालिनी अभी भी खुशी में ही मग्न थी । उसे आने वाले समय के बारे में कोई भनक नहीं थी और ना ही वह बलवीर की बातों का सही अर्थ समझ पा रही थी ।

शालिनी ने चहकते हुए कहा - आप कहिए तो चाचा जी आपके मुंह से वह ख्वाहिश निकलने से पहले ही मैं उसे पूरी कर दूंगी ।

बलवीर - हां शालिनी यह तो मुझे भी लग रहा है तुम्हारा यह भरा हुआ जवान मदमस्त गदराया हुआ शरीर देखकर कि अब तुम मर्दों की ख्वाहिश पूरी करने लायक हो गई हो ।

बलवीर की यह बात शालिनी के कानों में पड़ते ही उसे झटका लगा ।

उसके चेहरे की खुशी और मुस्कान एक पल में गायब हो गई ।

उसकी आंखें बड़ी हो गई और माथे में एक साथ कई सिलवटें आगयीं।

शालिनी अपने इस चेहरे से हैरानी से बलवीर को देखते हुए बोली- क-क्या मतलब चाचा जी । मैं-मैं कुछ समझी नहीं ।

बलवीर - अरे बेटी तुम गलत समझ रही हो मेरा मतलब है कि मैं काफी दिनों से इंडिया नहीं आया हूं इसलिए मुझे लगता था कि तुम अभी छोटी ही होगी, लेकिन तुम तो बहुत बड़ी हो गई हो ।

बात को संभालते हुए बलवीर बोला

शालिनी- अच्छा वह तो ठीक है चाचा जी लेकिन आपने ऐसे वर्ड्स यूज़ किये हैं जिसे सुनकर मुझे अच्छा नहीं लगा ।

बलवीर हंसते हुए- सॉरी बेटी मेरे मुंह से निकल गया मेरा मतलब यही था कि तुम अब बड़ी हो गई हो ।

शालिनी- इट्स ओके चाचा जी। हां बताइए आपको क्या चाहिए उसके बदले में जो गिफ्ट आपने मुझे दिया है ।

बलवीर - मैं चाहता हूं मेरी बेटी मुझे गले से लगाकर प्यार से धन्यवाद बोले। कम से कम हमें भी तो लगना चाहिए कि शालिनी भी हमें अपना मानती है।

शालिनी खुश होते हुए - ओह चाचूजी जी आई लव माई फैमिली । लेकिन चाचा जी मैं आप को गले लगाकर धन्यवाद बोलूंगी तो आप भी मुझे गले से लगाकर मेरे कान में शुक्रिया बोलना, आखिर हम भी आपकी बेटी हैं । बदला तो ले ही लूंगी हा हा हा हा ।

बलवीर अपनी बाहों को फैलाते हुए- जैसा मेरी बेटी चाहे ।

शालिनी खुशी और प्यार से बलवीर के सीने से लग गई ।

अब बलवीर को उसके कान में शुक्रिया बोलना था ।

जैसे ही शालिनी खुशी से बलवीर के गले से लगी तो बलवीर ने अपने दोनों हाथ शालिनी के भारी कूल्हों पर रखकर उसके कान में कहा - यह एक बार मिल जाए तो मैं तो जीते जी स्वर्ग में पहुंच जाऊंगा , शुक्रिया बेटी ।

शालिनी में जब अपनी गांड पर बलवीर के हाथ महसूस करते हुए अपने कान में यह बात सुनी तो उसे दोबारा से झटका लगा और वह एक साथ उछल कर बलवीर के सीने से दूर हो गई ।

शालिनी हकलाते हुए - क-क-क्या मतलब है आपका ।

बलवीर- अरे बेटी मेरा मतलब है कि तुम्हारी या जादू की झप्पी मुझे एक बार मिल जाती है तो मैं जीते जी स्वर्ग में पहुंच जाता हूं । कितने प्यार से गले लगाती है मेरी प्यारी भतीजी , यह बोला मैंने तो शालिनी , तो बताओ क्या गलत बोला ।

शालिनी अब कंफ्यूज हो चुकी थी अपनी ही सोच से ।

शालिनी को समझ नहीं आ रहा था बलवीर सच में उसे बेटी की तरह बहुत प्यार करता है या बलवीर उससे कुछ और मांगना चाहता है क्योंकि बलवीर की बातें बिल्कुल नहीं लग रही थी कि वह अपनी भतीजी के बारे में गलत सोच सकता है लेकिन बलवीर की हरकतें शालिनी को सोचने पर मजबूर कर रही थी ।

शालिनी नॉर्मल होते हुए और चाची जी- आपने मेरे पीछे क्यों हाथ रखा था बैक पर।

बलवीर- अरे बेटी अपनी बेटी को हाथ लगाने में भी सोचना कैसा। लग गया होगा मेरा हाथ हो सकता है कहीं गलत जगह पर । माफ कीजिए उसके लिए।

बलवीर की इन बातों से शालिनी के दिल में बलवीर की एक इज्जतदार छवि दोबारा से बन गई । गलत बातें अपने दिमाग से निकालती हुई शालिनी बोली- अब तो खुश हो गए ना आपको जादू की झप्पी भी मिल गई ।

बलवीर - हां अब तो मैं खुश हूं बहुत । मैं चाहता हूं कि मेरी बेटी मुझे एक बार और जादू की झप्पी दे फिर हम आराम करते हैं ।

शालिनी - हां हां चाचा जी क्यों नहीं मैं तो थक भी गई हूं। मैं भी आराम करूंगी चलो एक और आपको जादू की झप्पी देती हूं।

बलवीर बोला - ठीक है मैं तुम्हारे कान में शुक्रिया कहूंगा ।

इस बार शालिनी ने नहीं कहा था बलबीर से कि तुम मुझे शुक्रिया बोलना कान में लेकिन फिर भी अब बलबीर ने अपनी तरफ से बोला , क्योंकि बलवीर के दिमाग में तो कुछ और ही चल रहा था ।

शालिनी - ओके चाचा जी शालिनी दोबारा से खुश होते हुए और चहकते हुए प्यार से बलवीर के सीने से लगी ।

बलवीर ने इस बार शालिनी के चूतड़ों को अपने हाथों से हल्का सा दबाते हुए शालिनि के कान में कहा- यही तो कहा था मैंने पहले भी शालिनी कि इस गांड पर एक बार मुझे चढ़ा ले वादा करता हूं सुबह को ठीक से हग भी नहीं पाएगी । तेरी गांड मेरा लौड़ा संभालने के लायक हो गई है । इतनी भारी गांड ही टिक सकती है मेरे नीचे , शुक्रिया मेरी चुदक्कड़ बिटिया ।

दोस्तों जैसे ही शालिनी के कानों में यह शब्द पड़े शालिनी की हैरानी की सीमा न रही ।

ऐसा लगा जैसे 440 वोल्ट का झटका उसे लगा हो। उछलकर बलवीर से बहुत दूर खड़ी हो गई शालिनि और गुस्से से बलवीर को देखते हुए बोली

शालिनि - तो यह है तेरा असली रूप इतनी देर से मैं जिसे तेरा प्यार समझ रही थी वह प्यार नहीं अपनी बेटी जैसी भतीजी के लिए तेरी आँखों मे हवस थी। कुत्ते डूब के मर जाना चाहिए तेरे जैसे चाचा को जो अपनी ही बेटी जैसी भतीजी की इज्जत नहीं कर सका । तेरी मुझसे यह बोलने की हिम्मत कैसे हुई । तुझे क्या लगता है तू मेरे नाम एक कंपनी करेगा तो मैं तेरी हवस शांत करूंगी । छि कितना गिर गया है तू चाचा । मैं थूकती हूं तेरी कंपनी पर और थूकती हूं तुझ जैसे घटिया आदमी पर ।

ऐसा बोलते हुए शालिनी को पारा चढ़ गया । गुस्सा उसके चेहरे पर तांडव कर रहा था ।

शालिनी ने बोलते हुए आगे बढ़कर बलवीर के मुंह पर तमाचा मारा । तमाचा भी पूरी जान से मारा था शालिनी ने बलवीर को तो दिन में ही तारे दिख गए। बलवीर की आंखों के आगे अंधेरा सा छा गया था कुछ पल के लिए शालिनी का यह रूप देख कर ।

लेकिन बलवीर भी धर्मवीर की तरह सुलझा हुआ आदमी था ।

उसे पता था की बाजी उसके हाथ में हमेशा रहेगी ।

शालिनी ने फिर दूसरा थप्पड़ बलवीर के दूसरे गाल पर मारा ।

यह थप्पड़ भी पहले थप्पड़ जैसा ही तगड़ा था दोनों गालों पर थप्पड़ मार कर शालिनी ने बलवीर के मुंह पर थूक दिया और बाहर की तरफ जाते हुए बोली - अभी बोलती हूं धर्मवीर भैया को जाकर कि उन्होंने अपने घर में कैसा आस्तीन का सांप पाला है । घटिया इंसान हाट्ट । इस तरह से गुस्से से अपना हाथ झटककर शालिनी गेट पर पहुंची ही थी कि तभी उसके कानों में बलवीर की आवाज पड़ी । जो आवाज ज्यादा तेज नहीं थी बड़े ही धीमे से बोला था बलबीर ने ।

बलवीर - मैंने तो सिर्फ बोला ही है लेकिन अपने धर्मवीर भैया को जा कर यह भी बताना कि तुमने क्या किया है उन्हें जाकर बताना कि उनके बेटे का और अपने भाई की हत्या मैंने की है ।

दोस्तों कमरे का माहौल बदल गया ।

एक सन्नाटा सा कमरे में छा गया।

शालिनी जो अभी शेरनी जैसी फीलिंग ले रही थी अब उसकी फीलिंग कैसे बताऊं दोस्तों । अब तो यही कहना उचित होगा कि अब वह कोई फीलिंग ले ही नहीं रही थी, हा हा हा हा ।

शालिनी का दिमाग एकदम सुनना हो गया ।

उसे इतनी हैरानी और इतना तगड़ा दिमागी झटका जिंदगी में पहली बार लगा था ।

शालिनी अपनी आंखों को फैला कर देखते हुए बलवीर की तरफ मुड़ी और बोली हकलाते हुए - क-क्या मतलब है तुम्हारा। मैं कुछ समझी नहीं ।

बलवीर - सोफे पर बैठते हुए मतलब भी समझ गई है तू तो यह हकलाने का नाटक कैसा । इतना अनजान बनने का नाटक पसंद आया मुझे। लेकिन मतलब तो मेरा समझ ही गई है ना कि मैं जानता हूं । बल्कि मेरे पास वीडियो भी है जहां तू ने राकेश को मारा है ।

दोस्तों अब तो शालिनी की बिल्कुल फट गई
 
अब तो शालिनी की हालत क्या बताऊं बिल्कुल ऐसी हो गई जैसे उसका सब कुछ लुट गया हो।

शालिनि अपने मन में सोचने लगी कि हो सकता है उस होटल के मालिक ने हमारा वीडियो बना लिया । हो सकता है उसके कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगे हो देखने के लिए कि कपल क्या कर रहे हैं और राकेश की हत्या भी उसमें रिकॉर्ड हो गई हो । और वह फिर बलवीर ने वीडियो हासिल कर ली हो।

शालिनी ये सोचते हुए बड़े असमंजस में बोली धीरे से- तो तुम बदले में क्या चाहते हो । अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हें अपना बिजनेस पाटनर बना सकती हूं। जिसमें मैं तुम्हें 1500 करोड़ रुपए का हिस्सेदार बनाऊंगी ।

शालिनी के यह शब्द सुनकर तो बलवीर का दिमाग भी हिल गया।

बलवीर ने अपने मन में सोचा आखिर इस लड़की का प्लान क्या है ।

इतनी दौलत उसके पास कहां से आई और यह क्या करना चाहती हैं ।

यह सब क्या चल रहा है बलवीर ने शालिनी से पूछना चाहा लेकिन बलवीर ने अपने मन में सोचा अगर मैं अभी पूछता हूं तो बात खराब हो सकती है ।

अब तो चिड़िया जाल में फंस चुकी है धीरे-धीरे सब उगलवा लूंगा ।

पहले इसको देखू कि कितने पानी में है ।

जब यह इतनी शातिर है ,

अपने परिवार के लिए इतनी घातक है ,

इतनी खतरनाक है तो जाहिर सी बात है ये बेटी तो हो नहीं सकती ।

घर की बेटियां तो ऐसा काम नहीं करती।

तो मैं ही इसे बेटी क्यों समझूँ । पहले मैं भी उसकी जवानी का मजा लूं। उसके बाद देखते हैं क्या होता है ।

बलवीर- हां मुझे तुम्हारा सौदा मंजूर हैम मैं इस राज को राज ही रखूंगा और उस ओरिजिनल वीडियो को भी तुम्हें दे दूंगा । लेकिन इसका क्या जो अभी तुमने मेरे साथ किया है । तुमने मुझे थप्पड़ मारा है। तुमने मेरे मुंह पर थूका है । इसका बदला मैं अलग से लूंगा । मंजूर है तो बोलो ।

शालिनी अब ना करने की हालत में थी ही नहीं ।

उसके हालात ऐसे नहीं थे कि वह ना कर सके क्योंकि बलवीर सब कुछ जान चुका था ।

शालिनी- तो उसके लिए माफ तो कर सकते हैं। मैंने तुम्हें इतना बड़ा ऑफर दिया है सोचो 1500 करोड़ रुपए तुम्हें बैठे-बिठाए मिल गए । तो क्या यह छोटा सा गुस्सा माफ नहीं कर सकते ।

बलवीर - आज की दुनिया में दो ही चीजें ऐसी हैं जिन्हें इंसान भूल नहीं सकता। एक इज्जत और दूसरी बेइज्जती । तुमने मेरी बेइज्जती की है और इस बेइज्जती का बदला तो लेना चाहिए ।

शालिनी- तो क्या चाहते हो तुम ।

बलवीर अब समझ चुका था की बाजी पूरी तरह मेरे हाथ में है ।

अब मैं आगे बढ़ सकता हूं ।

बलवीर ने नाज़नीन की बातों को बातों को याद करते हुए कहना शुरू किया।

बलवीर- तुम यह मत सोचो कि मुझे सिर्फ राकेश की हत्या के बारे में ही पता है । अगर तुम यह सोचती हो तो यह तुम्हारी गलतफहमी है । फिर तुम बलवीर को नहीं समझी हो अच्छे से कि बलवीर क्या चीज है । शालिनी मुझे यह भी पता है कि तुम ने राकेश की हत्या की है और कैसे की है । मेरे पास उसका वीडियो भी है । मेरे पास तुम्हारे हर करतूत का सबूत है कि तुमने राकेश को कैसे रिझाया । तुमने पहले राकेश को हरी झंडी दी चोदने के लिए और फिर बिना चुदे ही उसे मार दिया ।

यह सुनकर तो शालिनी बिल्कुल बेहोश होने से बची। उसे सदमा से लगा क्योंकि यही तो किया था शालिनी ने । अब तो उसे पक्का यकीन हो गया कि उस कमरे में वीडियो बनी है और वह बलवीर के पास है । जबकि असलियत यह थी दोस्तों की बलवीर को नाज़नीन ने ऐसा ही बोला था फोन पर की बिचारा बिना चूत लिए ही मर गया और तूने मारा है उसे शालिनी ।

नाज़नीन कि इन बातों को याद करते हुए बलवीर बोला था ।

शालिनी- तो अब क्या चाहते हो तुम इस बात को राज रखने के लिए । मैं चाहती हूं यह बात राज ही रहे ।

बलवीर - कोई बात नहीं राज ही रहेगी यह बात मेरी जान लेकिन मैं चाहता हूं जिस काम को राकेश नहीं कर पाया मैं उसे करूं ।

शालिनी इन बातों का मतलब साफ समझ रही थी और बलवीर के इस तरह खुलेपन से बात करने से शालिनी समझ गई थी बलवीर उसे चोदने की प्लानिंग कर चुका है ।

लेकिन फिर भी हालात को समझते हुए शालिनि बोली - अगर मैं मना कर दूं तो ।

बलवीर - तो मैं कौन सा तुझसे विनती कर रहा हूं की तू हां ही कर । मत कर तेरी मर्जी है । लेकिन उस वक्त के बारे में सोच लेना कि जब मैं उस वीडियो को तेरे बाप धर्मवीर और पुलिस को सौंप दूंगा और तेरा बाप तुझे घर से बेदखल करके लात मारकर भगा देगा जेल में सड़ने के लिये।

अब तो शालिनी बुरी तरह से फंस चुकी थी अब उसे समझ नहीं आ रहा था वह क्या बोले और क्या सुने । अब तो उसे हर हालत में बलवीर की ही बात बात माननी थी ।

शालिनी - और अगर मैं हां करूं तो ?

बलवीर - हां करेगी तो उसमें तेरा ही फायदा है । तेरा बिजनेस पाटनर भी बन जाऊंगा । यह बात राज ही रखूंगा । तू जेल जाने से बचेगी और तू बेदखल होने से बचेगी अपने घर से ।

शालिनी - ओके लेकिन यह हमारे बीच सिर्फ एक बार ही होगा। उसके बाद तुम अपने रास्ते मैं अपने रास्ते ।

अभी भी बड़े एटीट्यूड में बोली थी शालिनी ।

बलवीर- नहीं फिर मुझे तुम्हारा सौदा मंजूर नहीं है तुम जा सकती हो।

शालिनी का सारा एटीट्यूड झड़ गया यह सुनकर ।

शालिनी - तो क्या चाहते हो तुम साफ-साफ बोलो ।

बलवीर अगर साफ-साफ ही सुनना है तो मुझे जो सौदा करना है उसमें चाहे तुम मुझे 1500 करोड़ दो या मत दो वह तुम्हारी मर्जी है क्योंकि पैसे की मेरे पास कमी नहीं है लेकिन मेरा जो सौदा है वह कुछ अलग किस्म का है । अगर तुम्हें मंजूर है तो हां करो वरना तैयार रहो जेल जाने के लिए ।

शालिनी- बोलो क्या सौदा है तुम्हारा ।

बलवीर- बताया तो था तुम्हारे कान में कि तुम्हारी गांड मारनी है क्योंकि चूत तो तुम पहले ही फ़ड़वा चुकी हो । मैं जब चाहूं तुम्हें अपने लंड के नीचे रख सकूं । मैं चाहता हूं कि जब मैं चाहूं तब तुम आकर अपनी मूतती हुई चूत को मेरे लंड पर रखो ।

बलवीर के मुंह से इतनी खुल्लम खुल्ला और गंदी जुबान सुनकर शालिनी शरमा गई और साथ में उसे गुस्सा भी आया ।

अपना चेहरा दूसरी तरफ करके गुस्से से अपनी मुट्ठियों को भींचते हुए बोली- तुम्हें अपने बेटी के साथ यह सब करते हुए अच्छा लगेगा क्या ।

बलवीर की आवाज में अब रोब पैदा होने लगा । अपनी रौबदार आवाज में बोला- जब बहन अपनी चूत के सपने दिखा कर अपने भाई को मारने में कोई बुराई महसूस नहीं करती तो फिर मैं ही क्यों बुराई महसूस करूँ। मुझे तो अच्छा ही लगेगा । अब तुम बताओ तुम हां कर रही हो या ना कर रही हो।

बलवीर की आवाज में कोई विनती नजर नहीं आ रही थी शालिनी को। बलवीर तो शौक से पूछ रहा पूछ रहा था कि हां करो या ना करो और शालिनी को ना करने की तो हिम्मत ही नहीं रह गई थी ।

शालिनी अपने दांतो को पीसते हुए गुस्से में बोली - ठीक है मंजूर है मुझे ।

बलवीर - इतना गुस्सा क्यों दिखा रही है मेरी जान । चुदना ही तो है और बदले में तुझे भी तो मेरा लौड़ा मिलेगा अपनी इस भारी भारी गांड में लेने के लिए ।

शालिनी गुस्से से अपनी आंखें लाल कर चुकी थी उसने पूरी जान से अपनी मुट्ठियाँ भींच रखी थी और गुस्से से दातों को पीसते हुए एटीट्यूड में बोली- मुझे इन बेहूदी बातों में कोई दिलचस्पी नहीं है जो करना है जल्दी कर लो।

बलवीर - मेरी जान यह बेहूदगी तो अब झेलनी पड़ेगी और इतनी जल्दी करने की भी क्या पड़ी है । आराम से चुदना। आज तो आरती है हमारे साथ

आने ही वाली होगी वह भी पार्टी से तो आज तो तुझे चोद नहीं पाऊंगा मैं लेकिन घर चल कर मेरे कमरे में आना और रात भर तुझे चोदूंगा मैं । बोल अगर सौदा मंजूर है तो ।

शालिनी अभी भी अपने एटीट्यूड में ही थी गुस्से से अपने हाथों को झटक ते हुए बोली - ठीक है घर चल कर आपका काम हो जाएगा लेकिन तब तक हमारे बीच कोई ऐसी बात नहीं है होगी ।

बलवीर को शालिनी की इस बात पर गुस्सा आ गया उसने सोचा कि उसका सारा चिट्ठा तो मैं खोल चुका हूं लेकिन फिर भी यह मुझे घमंड दिखा रही है। इसको अभी लाइन पर लाता हूं ।

ऐसा सोचते हुए राकेश अपना फोन हाथ में लेते हुए बोला - ठीक है शालिनी तुम अपने एटीट्यूड में ही रहो देखो मैं भी क्या करता हूं । मैं अभी भैया को फोन लगाता हूं और मैं सब कुछ बता रहा हूं । मुझे नहीं करना तुम्हारे साथ कोई सौदा ।

ऐसा कहकर धर्मवीर का नंबर मिलाने लगा बलवीर अपने मोबाइल में ।

यह देख कर तो शालिनी के पैरों के नीचे से जमीन ही खिसक गई ।

उसने जल्दी से बलबीर की तरफ देखकर बोला - नहीं नहीं ऐसा मत करना। मैं तैयार हूं मैंने कब मना किया है तुमको ।

बलवीर अपना मोबाइल सोफे पर रखते हुए- तो इतनी देर से किस चीज का एटीट्यूड दिखा रही है मुझे । जो तुझे बोल दिया कि तुझे चोदना है तो तुझे नहीं पता कैसे चोदा जाता है । तो इस तरह एटीट्यूट दिखाएगी तू तो मुझे तेरा यह सौदा नहीं मानना। मैं भैया को बता दूंगा और पुलिस को भी बता दूंगा। अगर तुझे मेरी बात मंजूर है तो बिना किसी घमंड के बोल ।

शालिनी अब मजबूर हो गई थी पूरी तरह से । उसके सामने कोई ऑप्शन ही नहीं बचा था। वह जमीन की तरफ देखते हुए बोली- मुझे आप का सौदा मंजूर है ।

बलवीर- ठीक है तो फिर मेरे पास आओ ।

शालिनी धीरे धीरे चलती हुई चलती बलवीर के पास आई ।

बलवीर सोफे पर बैठा था शालिनी बलवीर के सामने आकर खड़ी हो गई।

बलवीर - ऐसे क्या खड़ी है अपना चेहरा मेरे चेहरे के करीब ला ।

शालिनी ने झुक कर अपना चेहरा बलवीर के चेहरे के पास किया कि तभी अचानक बलबीर ने अपने भारी भरकम हाथ से शालिनी के दोनों गालों पर एक एक थप्पड़ मारा । थप्पड़ इतना तेज था कि शालिनी गिरने से बची । शालिनि के बाल जो खुले हुए थे वह उड़कर उसके चेहरे पर आ गए।

इतना तेज थप्पड़ मारा था बलवीर ने ।

थप्पड़ मारकर बलवीर बोला - अब बता कैसा लगा तूने भी मुझे ऐसे ही थप्पड़ मारा था ना । अब पता लगा ना जब थप्पड़ लगता है तो कैसा लगता है । मुझे भी ऐसा ही लगा था । अब जो तूने मेरे चेहरे पर थूका है उसे चाट कर साफ कर ।

शालिनी की हालत अब शब्दों में बयां नहीं की जा सकती दोस्तों ।

शालिनी बलवीर के चेहरे को देख ही रही थी ।

बलवीर के चेहरे पर शालिनी ने जो थूका था वह उसके गालों से होते हुए उसके होठों तक आ गया था और उसे चाट कर साफ़ करने को बोला था बलवीर ने।

शालिनी बलवीर के चेहरे को देख ही रही थी बलवीर फिर रौबदार आवाज में बोला - आवाज नहीं आई क्या तुझे । मैंने बोला है जो तूने मेरे मुंह पर थूका है उसे चाट कर साफ़ कर । और यह बातें मैं बार-बार नहीं कहूंगा याद रखना ।

मैं तेरा नौकर नहीं हूं अगर इस बार कोई भी बात मानने में देर की तो समझ लेना क्योंकि मैं तेरी एक नहीं सुनूंगा । चल चाटकर साफ कर मेरा मुंह ।

शालिनी ने जैसे ही यह सुना उसने देर करना उचित नहीं समझा और वह धर्मवीर के चेहरे पर झुक गयी । दोनों की सांसें एक दूसरों की सांसो से मिल गई । दोनों की आंखें मिल गई एक दूसरे की आंखों से ।

तभी शालिनी ने अपनी जीभ निकाली और अपनी आंखें बंद कर लीं।

अपनी आंखें बंद करके शालिनी ने अपनी जीभ से बलवीर के चेहरे को चाटना को चाटना शुरू किया।
 
शालिनी ने अपनी जीभ से चाटकर बलवीर के गाल को साफ कर दिया और बलवीर के होठों पर भी जीभ से चाटकर लगा थूक साफ कर दिया और फिर खड़ी हो गई ।

बलवीर - मैंने तुझे खड़ी होने को कहा जो तू खड़ी हो गई । साली तूने मेरे मुंह पर थूका था मैं भी तेरे मुंह पर थूकुंगा । चल अपना चेहरा मेरे चेहरे के पास ला।

शालिनि अब कुछ बोलने की हालत में नहीं थी शालिनी ने अपना मुंह बलवीर के मुंह पर झुका दिया ।

बलवीर ने अपने हाथों से शालिनी के चेहरे पर से बालों को हटाया और बालों को हाथ से पकड़के पीछे की तरफ पकड़ लिया ।

शालिनी ने अपनी आंखें बंद कर लीं ।

दोस्तों शालिनी बहुत खूबसूरत लड़की थी और इस तरह की खूबसूरत लड़की इस तरह जींस में अपने कूल्हों को फंसा कर अपना चेहरा पास लाकर आंखें बंद कर ले तो आपका भी ईमान डोल जाएगा ।

ऐसी हालत ही बलवीर की थी ।

एक फोन कॉल की वजह से शालिनी जैसी गदरायी हुई भतीजी अपने मुंह पर थूकवाने के लिए झुकी हुई थी ।

बलवीर बोला- मैं तभी थूकूंगा जब तू अपनी जुबान से बोलेगी कि चाचा जी अपनी बेटी के मुंह पर थूक दो ।

अब तो शालिनी की इतनी ज्यादा जलालत की थी बलवीर ने कि शालिनी को भी शर्म आने लगी थी ।

शालिनी अपनी आंखों को बंद किए हुए धीरे से बोली - अब थूक भी दीजिए ना अपनई भतीजी के मुंह पर ।

बलबीर ने अपने मुंह में थूक इकट्ठा किया और शालिनी के मुंह पर थूक दिया।

बलबीर ने ज्यादा थूका था इसलिए शालिनी के दोनों गालों पर होठों पर और आंखों पर बलवीर का थूक फैल गया।

थूक में सना हुआ शालिनी का चेहरा बड़ा ही मादक लग रहा था बलवीर को।

बलवीर बोला - अब बोल चाचा जी मेरे भी चेहरे को चाट कर साफ़ कर दीजिए ।

शालिनी ने अपनी आंखें अपनी आंखें बंद किए हुए बोला - चाचा जी अपनी बेटी के चेहरे से यह थूक तो साफ कीजिए जो आपने थूका है ।

बलबीर ने अपनी जीभ बाहर निकली और शालिनि के चेहरे को चाटना शुरू कर दिया। पूरे चेहरे पर से थूक को चाट कर शालिनि के होठों पर जीभ फिराने लगा बलवीर ।

बलवीर - अच्छा दिखा तो दे कैसी दिखती है अंदर से मेरी भतीजी ।

अपनी चूत किस तरह सजा कर रखी है । अपने इस मोटे पिछवाड़े को खोल कर तो दिखा । मैं भी तो देखूं कैसी दिखती है अंदर से ।

शालिनी ने जैसे ही यह सुना उसने सोचा अगर देर की तो बलवीर फोन कर देगा और मेरा सौदा ठुकरा देगा । शालिनी ने जल्दी से बलवीर की तरफ अपनी पीठ की और जींस का हुक खोलने लगी ।

शालिनी ने अपनी जींस का हुक खोल दिया और दोनों साइड में अपने अंगूठे को फंसाकर अपनी जींस उतारने लगी । इतनी टाइट थी जीन्स कि उसकी गांड से नीचे की तरफ सरक ही नहीं रही थी ।

शालिनी ने जान लगाकर अपनी जींस अपने चूतड़ों से नीचे की ।

जैसे ही जींस नीचे हुई शालिनी के चौड़े चौड़े चूतड़ उछल कर बाहर आ गए।

पेंटी तो दिखी ही नहीं रही थी चूतड़ों के बीच में गायब हो गई थी ।

बलवीर में अपने दोनों हाथ चूतड़ों पर रखें और हल्के हल्के दबाने लगा दबाने लगा फिर चूतड़ों पर पर एक थप्पड़ लगाया और बोला।

बलवीर - मेरी भतीजी ने गांड तो अच्छी खासी बना रखी है। शालिनी तुम्हारी गांड तो लड़कियों की तरह नहीं बल्कि औरतों की तरह चौड़ी है फिर बलवीर ने एक और थप्पड़ उसकी गांड पर लगाया ।

थप्पड़ लगते ही शालिनि के गोल गोल चूतड़ हिलने लगते और शालिनि के मुंह से आउच निकलता

अब बलवीर ने कहा- घूम मेरी तरफ ।

शालिनि के लिए यह बेहद शर्म वाली बात थी क्योंकि बलवीर उसे उसकी चूत देखने की बात कर रहा था लेकिन शालिनी ने अपनी आंखें बंद अपनी आंखें बंद बंद किए हुए बलवीर की तरफ घूम गई ।

बलवीर के तो होश ही उड़ गए शालिनी को देखकर देखकर क्योंकि चूत तो उसे दिख ही ही ही नहीं रही थी उसे तो काली काली झांटे दिख रही थी जिन्होंने चूत को छुपा रखा था। गोरी गोरी मोटी मोटी जांघों के बीच में काली झांटें शालिनी की मादकता में चार चांद लगा रही है ।

अब बलवीर ने शालिनी की जींस को को और नीचे घुटनों तक करना चाहा लेकिन जींस जांघों में बुरी तरह फंसी हुई थी ।

बलवीर ने थोड़ा सा जोर लगा कर थोड़ा सा जोर लगा कर जीन्स नीचे करदी ।

अब बलवीर शालिनि के बिल्कुल सामने सोफे पर बैठा था और शालिनी खड़ी थी खड़ी थी

बलवीर ने अपने दोनों हाथ शालिनी की गांड पर रखें पर रखें गांड पर रखें पर रखें और शालिनी को अपनी तरफ खींचा ।

जैसे ही बलवीर ने अपनी तरफ खींचा तो शालिनी की चूत बलवीर के बिल्कुल मुंह के सामने आ गई गई सामने आ गई गई के सामने आ गई गई सामने आ गई ।

बलवीर बोला- अपनी आंखें खोल खोल ।

शालिनी ने धीरे-धीरे अपनी आंखे खोलीं तो बलवीर बिल्कुल बिल्कुल उसके सामने बैठा था और उसकी आंखों में झांक रहा था ।

फिर बलवीर बोला बोला - अपनी आंखें खोल कर कर कर देख मुझे ।

शालिनी बलवीर के चेहरे को देखने लगी ।

अब बलवीर ने दोबारा से सालीनी की चूत को निहारा और उसके चूतड़ों को हाथों से मसलते हुए अपनी नाक शालिनी की चूत चूत पर लगा दी। बलवीर की पूरी नाक शालिनि की झांटों में घुस गई ।

शालिनि देख रही थी बलवीर का चेहरा अपनी चूत पर लगे हुए।

बलवीर ने अपनी नाक झांटों में घुसा कर एक लंबी सांस खींची और उसके चूतड़ों पर थप्पड़ मारते हुए बोला- चुदने लायक है बिल्कुल । तेरी चूत की खुशबू बता रही है कि तू मेरा लंड आराम से लील लेगी ।

चल बोल अब चाचा जी मेरी चूत को सूंघ लो ।

शालिनी गुस्से से बोली - चाचा जी मेरी चूत को सूंघ लो ।

बलवीर ने दोबारा से अपनी नाक शालिनि की चूत में घुसा दी और फिर लंबी लंबी सांसे लंबी सांसे खींचने लगा और गांड पर थप्पड़ मार कर बोला - तेरा यह गुस्सा लोड़े के नीचे आकर खत्म हो जाएगा खत्म हो जाएगा क्योंकि तेरी चूत की महक बता रही है की चोदने में तू बड़ा मजा देगी ।

बलवीर बोल ही रहा था कि तभी गेट पर दस्तक के साथ आरती की तेज आवाज आई- भैया सो गए क्या ।

बलवीर शालिनी के कूल्हों पर थप्पड़ मारता हुआ बोला- चल तुझे अब मैं मैं घर चल कर ही चोदूंगा। तब तक बचा ले अपनी चूत को फिर तो इसमें अपने लंड से बीज डाल दूंगा मैं । चल बहन-की-लौड़ी दरवाजा खोल और ऐसा बोल कर बलवीर ने शालिनि की गांड पर लात मारी ।

दरवाजे की तरफ चलदी शालिनी लात खा करम

दरवाजे के पास जाकर शालिनी ने जल्दी से अपनी जींस पहनी और गेट खोला ।

आरती अंदर आते हुए आते हुए- भैया आप अभी तक सोए नहीं । पार्टी में तो आज बहुत मजा आया।

बलवीर - चलो तुमने तो पार्टी कर ली । हम लोग भी कल मिलकर पार्टी करते हैं ।

आरती - हां हां भैया क्यों नहीं .. लेकिन भैया शालिनी क्यों चुप चुप लग रही है ।

शालिनी अपने चेहरे पर मुस्कुराहट लाते हुए- बुआ जी सर में दर्द हो रहा था इसलिए मैं आराम कर रही थी और भैया भी अपना अपना अपने लैपटॉप पर काम कर रहे थे। इस वजह से मैं लेटे लेटे बोर हो रही थी ।

आरती- अच्छा कोई बात नहीं अब मैं आ गयी अब हम लोग गपशप गपशप करेंगे।

दोस्तों रात के 11:00 बजे तक आरती और शालिनी ने टीवी टीवी देखा और फिर सोने लगे लेकिन शालिनी के लिए तो जैसे समय गुजर ही नहीं रहा था था।

शालिनी लेटे-लेटे सोचने लगी कि अब क्या होगा ? चाचा तो बड़ा शातिर है। मेरी वीडियो भी रख ली और अब यह जब मुझे चाहेगा तब चोदेगा । मैं क्या करूं कि मैं इसके इसके चंगुल से निकल सकूं।

ऐसा सोच ही रही थी शालिनी और सोचते-सोचते सो गई गई ।

दोस्तों कहानी कैसी चल रही है मुझे बताना जरूर साथ देने देने के लिए दिल के लिए दिल देने के लिए दिल के लिए दिल से धन्यवाद आपका अपना रचित
 
दोस्तों अभी business के सिलसिले में out of country हूँ । जल्दी ही वापस आकर update करूँगा ।
 
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