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Guest
पिछ्ले अपडेट मे आपने पढा कि एक तरफ जहा राज काजल के मामले काफी हद तक सफल हो रहा था ,,वही राजन की इज्जत बाल बाल बच गयी और इनसब से अलग पल्लवि अपने पापा चुद ना पाने के कारण अनुज के लिए फिर से बेताब होने लगी है ।
अब आगे
सारे लोग नीचे हाल मे एकजूट थे सिवाय अनुज और रमन के ।
किचन मे सोनल और पल्लवि आपस मे बाते कर रही थी ।
वही हाल मे पंखे के नीचे बैठे हुए चारो लोग भी सादी की आगे की तैयारियो के बारे मे चर्चाये कर रहे थे ।
वही रज्जो अब खुल कर कमलनाथ के सामने राजन से आन्ख मिचौली किये जा रही थी ।
ममता भी अपने भैया कमलनाथ के साथ इशारे बाजी कर रही थी क्योकि ढलती रात मे वो आज भी अपने भैया के साथ चुदने को उतावाली हुई जा रही थी ।
कमलनाथ - अरे रज्जो आज ममता हमारे साथ रहेगी , उसे टीवी पे फिल्म देखनी है
रज्जो मुस्कुरा कर राजन को देखते हुए - अरे तो फिर सिर्फ ममता ही क्यू , जीजा जी भी रहेंगे ।
राजन रज्जो का आमंत्रन सुन कर गदगद हो गया ।
इतने मे सोनल चाय नास्ते का ट्रे लेकर हाल मे आते हुए - ये क्या बात हुई मौसी ,, हम लोग को नही दिखाईंगी क्या
रज्जो - अरे सारे लोग रहेंगे बेटा ,,,
इधर रज्जो की बाते सुन कर पल्लवि मन ही मन कुछ सोच कर खुश हुई कि उसकी योजना शायद अब काम कर जाये ।
सारे लोग चाय का लुफ्त उठाते है , वही रज्जो धीरे से राजन को आंख मारती जिसको कमलनाथ देख लेता है और जब राजन की नजरे कमलनाथ से टकराती है तो इधर उधर नजर फेर कर अटपटा सा मह्सूस करता है ।
खैर चाय नास्ते का समय खतम होता है और फिर सोनल पल्लवि को लेके किचन मे रात के खाने के लिए तैयारी करने चली जाती है ।
रज्जो - ममता आ चल उपर चलते है कुछ काम है थोडा
रज्जो की बात पर राजन - अगर कोई जरुरी काम हो तो हम भी चले भाभी जी
रज्जो ह्स के राजन को छेड़ने के अंदाज मे - आप तो ऐसे परेशान हो रहे है जैसे आपकी बीबी को मै नही मेरे पति कही अकेले मे ले जा रहे हिहिहिहिह
राजन थोडा असहज होकर - हिहिहिहिह क्या आप भी भाभी जी मुझे लगा कोई काम होगा तो मै भी मदद कर दूँगा ,,,क्यो भाईसाहब
राजन अपनी तर्क को कमलनाथ मथ्थे चढाते हुए बोला ।
कमलनाथ भी राजन का साथ देते हुए - हा रज्जो राजन सही कर रहा है ।
रज्जो हस कर - तो आओ आप लोग भी , हमारे ब्लाउज मे हुक टाँक दो हिहिहिही
कमलनाथ अचरज से - मतलब
रज्जो हस कर - अरे भई शादी मे पहनने के लिए जो ब्लाउज सिली है सोनल, उसमे हुक टाकने है ,,,तो चलो आप लोग भी मदद कर देना
ममता रज्जो के बात पर खिलखिला दी ।
कमलनाथ हस कर - क्या तू भी रज्जो हिहिहिही
रज्जो ने अब कमलनाथ का हाथ पकड कर खिच्ते हुए - नही नही आओ आओ चलो अब
रज्जो - ये ममता खिच अपने भैया को मै जरा नंदोई जी को लेके चल्ती हू हिहिही
ममता भी थी चंच्ल और अपने भैया के साथ ऐसी हरकतो से बाज कहा आती उसने भी कमलनाथ का हाथ पकड कर लेके सीढियो की ओर जाने लगी ,,,और कमलनाथ अपनी बहन का स्पर्श पाते ही खुद को ढिला छोड दिया ।
वही रज्जो राजन का हाथ पकड कर - चलिये आप भी अब हिहिही
हालांकि राजन का पूरा मन था उपर जाकर थोडे गप्पे मारने का फिर भी वो थोडा नाटक करके हाथ छुड़ाने की कोसिस करता हुआ - हिहिहिही क्या भाभी,,भाईसाहब जा रहे है ना तो मेरी क्या जरुरत
रज्जो राजन को खिचते हुए - अरे आप चलिये मेरे पेटिकोट मे नाड़ा डाल दिजियेगा हिहिही
राजन रज्जो की बात पर हस पडा और रज्जो इतने मे भी उसपे भारी हुई और उसे खिचकर सीढिओ की ओर ले गयी ।
थोडी देर बाद चारो लोग ममता के कमरे मे थे ।
रज्जो ने अपनी आल्मारि से करिब 6 ब्लाउज और 6 पेटिकोट निकाले ।
रज्जो ने एक ब्लाऊज कमलनाथ को तो एक ब्लाऊज दिया और फिर सुई धागा भी थामा दिया ।
और खुद दोनो भी एक एक ब्लाउज लेके बैठ गयी ।
इधर दोनो ननद भौजाई ब्लाउज मे हुक की टकाई शुरु भी कर दी थी । तभी ममता की नजर अपने भैया पर गयी जो अपनी आन्खो को महीन करके कबसे सुई मे धागा डालने की कोशिश कर रहा था
ममता हस्कर - अरे भैया थुक लगा के डालो ना उसमे हिहिही
रज्जो ने जैसे ही ममता के इस वक्तव्य को सुना वो हस कर - अरे तू ही एक बार थुक लगा के दिखा दे ना अपने भैया को ,,,,
रज्जो की बात सुन कर ममता समझ गयी और मुस्कुरा कर अपने भैया के हाथ से सुई धागा लेके
उसमे डाल के देदी ।
ममता - भाभी मै जरा मेरे कमरे से और ब्लाउज लाती हू उन्के भी हुक ढीले हो गये हैं ।
रज्जो मुस्कुरा कर - हा हा जा लेके आ ,,आज सारे हुक अपने भैया से टाइट करवा ले हिहिहिह
ममता हस्कर उठती हुई - हिहिही क्या भाभी आप भी
इधर ममता अपने कमरे मे गयी और मौका देख कर रज्जो राजन को हुक टाँकते देख हस कर बोली - लग रहा है ममता ने बहुत हुक लगवाये है नंदोई जी से हिहिहिही
राजन -हिहिहिही अरे नही ऐसी कोई बात नही है भाभी जी ,,,ये तो आसान ही है देखीये लग गया है एक ब्लाउज का
राजन ने वो ब्लाऊज रज्जो को देते हुए कहा ।
रज्जो ने जब वो ब्लाउज को देखा तो खिलखिला पडी क्योकि सारे हुक नीचे ही लगे थे और उपर चार उंगल खाली ही छोड रखा था । जहा पर दो हुक और लगते
रज्जो हस कर - ये क्या जीजा जी बदला लेने का विचार कर रहे है क्या हिहिहिही
कमलनाथ - मतलब
रज्जो कमलनाथ को ब्लाउज दिखाते हुए - ये देखिये ,,,उपर के दो हुक जानबुझ कर छोड़ दिये इन्होने
राजन सकपका कर - अरे रे रे नही नही भाभी आप गलत समझ रहे ,,,वो मुझे लगा कि चार हुक ही लगते है ब्लाउज मे तो उतने मैने टाक दिये ।
रज्जो- अरे कम से कम साइज़ तो देख लेते एक बार
कमलनाथ - ये क्या भई अरे खुद देख लो चलेगा तूम तो हमारी बीवी को सबको दिखाने की फिराक मे हो ।
रज्जो शर्माने का नाटक करते हुए - क्या जी ये क्या बोल रहे है आप ,,, क्या मतलब नंदोई जी देख सकते है तो चलेगा हम्म्म्म
कमलनाथ पर रज्जो को बरसता देख राजन मुह दबाए हसे जा रहा था ।
रज्जो - और आप क्यू मुह मे ही हसे जा रहे हैं,,, आप भी कोई ऐसा खयाली पुलाव ना पका लिजिएगा जिजाजी, इनके कहने पर ...
राजन हस कर - अरे नही भाभी जी ,,,भला मै क्यू ऐसा कुछ ...
कमलनाथ रज्जो के साथ मिलकर राजन को घेरता हुआ - हा भाई ,,, अरे पहले ही दो बार खुले खजाने पर नजर मार चुके हो ,,,,एक ही दिन मे कितनी बाजी मारना चाहते हो
रज्जो - दो कहा जी , पुरे 3 बार ,,वो अभी थोडी देर पहले जब मै कपडे बदल रही थी तब
राजन सफाई देता हुआ - अरे नही नही भाभी जी तब तो मै कुछ देख ही नही पाया था
रज्जो - देख नही पाया था मतलब,,,हम्म्म
राजन अपनी बात पर उलझ कर रह गया और उसके पास रज्जो की हाजिर जवाब का कोई तर्क ही नही रह गया तो वो हस कर - अ ब ब मतलब हिहिहिही अब मै मै क्या बोलू ,,, माना कि मैने देखा था थोडा लेकिन पूरा नही ,
राजन की बात पर रज्जो आंखे उठा कर देखती है तो राजन सकपका जाता है और वो पहले कमलनाथ को अपनी ओर घुरता हुआ पाता है फिर रज्जो को देखकर हडबड़ा कर - म मे मे मेरा मतलब, मेरी कोई व्यक्तिगत इच्छा नही थी इसमे ,,,ये तो बस इत्तेफाकन हो गया और तो और भाई साहब थे ही ना साथ मे
राजन की गाज कमलनाथ अपने सर आते देख सकपकाया मगर ऐन मौके पर ममता अपनी कुछ ब्लाउज लेके कमरे मे आती हुई - अरे क्या हो गया जी इत्तिफाकन हमे भी बताओ
अचानक ममता के आने से कमरे से सबसे ज्यादा राजन की हालत खराब होने लगी वही रज्जो हसते हुए कुछ बोलने वाली थी तो राजन ने ना मे सर हिलाया तो रज्जो ने इशारे मे हामी भरते हुए एक नजर कमलनाथ को देखा और मुस्कुराने लगी ।
ममता अपने भैया के बगल मे बैठते हुए- अरे क्या हुआ ,,आप ही बताओ न भैया
कमलनाथ हस कर - यही कि आज ये इत्तिफाकन ही है कि हमे ब्लाउज मे हुक लगाने पड रहे है ।
कमलनाथ की बात पर सब हसने लगे
रज्जो भी माहौल का मजा लेते हुए - हा लेकिन इस इत्तेफ़ाक़ मे आपकी चान्दी हो गयी ,,, बहन के ब्लाउज मे हुक लगाने का मौका जो मिल गया हिहिहिही
रज्जो की बात पर कमलनाथ थोडा राजन के सामने झिझका तो वही ममता ने मौका देख कर बोला - और आप जो अपने नंदोई से अपनी पेटिकोट मे नाड़ा डलवा रही है उस्का क्या हिहिहिह्हिही
ममता की बात पर सब के सब मुह मे अपनी हसी दबा और एक दोहरे अर्थ वाले संवाद से जोड कर मजे लेने लगे ।
मगर इनसब के बिच के सबको एक दुसरे के प्रति औपचारिक रूप से नैतिकता भी दिखानी थी तो कोई खास बात आगे नही बढ़ी और थोडी देर बाद सारे काम खतम होने तक ऐसे ही तंज कसने और हसी ठीठौली का मौहोल बना रहा ।
फिर थोडी देर बाद रज्जो ममता को लेके नीचे चली जाती है और जाने से रज्जो कमलनाथ को DVD set लगाने के बाद नीचे खाना खाने के लिए आने का फरमान सुना के चली जाती है ।
हालाकि रज्जो के कमरे मे पहले से ही केबल वाली टीवी का बन्दोबस्त था लेकिन कभी कभी रज्जो और कमलनाथ का मूड कुछ खास फिल्मो को देखने का होता तो वो उसके लिए बाकायदा पंजाब से एक DVD सेट और कुछ कैसेट रिकॉर्डिंग लाये थे । जिन्हे वो कुछ खास अवसरो पर ही चलाते जब रमन कही बाहर गया होता था। हालाकी उन कैसेटस मे कुछ बेहतरिन और अच्छी फिल्मे भी थी ।
मगर रज्जो जान्बुझ कर रमन के रहते कभी भी उन कैसेट को नही चलने देती क्योकि उसका कारण ये था कि उन कैसेट के बारे मे रमन को पहले से ही पता था और ना जाने कितनी बार रज्जो ने खुद रमन के साथ उन खास कैसेट को प्ले करके कुछ खास पल बिताये थे ।
इधर रज्जो के जाते ही कमलनाथ राजन को लेके स्टोर रूम मे चला जाता है और वहा DVD सेट का बॉक्स लेके अपने कमरे मे आता है ।
इधर कमलनाथ अपने dishTv का कनेक्सन निकाल कर उसकी जगह DvD player सेट करता है ।
इधर राजन की नजर उस dvd बॉक्स मे रखे कैसेटस पर जाती है जिनमे हिन्दी फिल्मो से ज्यादा कूछ ऐडल्ट फिल्मो के कैसेट थे ।
राजन बडे गौर से उन DVD कैसेट के नाम और उस छ्पी नंगी तस्वीरो को निहारता है और उसका लण्ड अन्गडाई लेने लगता है और वही जब कमलनाथ की नजर राजन पर जाती है तो वो मुस्कुराने लगता है ।
कमलनाथ हस्कर -क्यू भाई आज यही देखने का मन है क्या
राजन चौक कर - नही नही भाईसाहब वो तो मै बस देख रहा था ,,,
इतना बोल कर राजन दूसरी अलग अलग फिल्मो की कैसेट निकालने लगा ,,,जिनमे ज्यादातर सेक्स वाली ही भरी पडी थी ।
राजन को बहानेबाजी करता देख कमलनाथ हस कर- अरे भाई इतना परेशान क्यू हो रहे हो , इसमे एक दो को छोड कर सारी कैसेट वही वाली है ।
राजन आंखे चौडी करके कमलनाथ को देखता है ।
कमलनाथ हस कर - अरे इसमे चौक क्यू रहे भाई ,,,, कभी देखी नही क्या
राजन पहले से ही गाव मे रहता था तो कभी कभी त्योहारो या कोई मेले पर ही गाव में कभी कभी पर्दा पर कुछ फिल्मो को देखा था ।
हालाकी उसने काफी बार अपने मित्रो और जानने
वालो से सुना था कि शहर मे कयी सिनेमा घरो मे गन्दी फिल्मे चलती है
मगर उसकी कभी किस्मत नही हुई की वो ऐसी फिल्मे देख पाये। तो उसने कमलनाथ के स्वाल पर बडी सादगी से ना मे सर हिला देता है ।
कमलनाथ राजन की भावना समझ गया तो उसने मुस्कुरा कर एक नजर बाहर देखा और फिर राजन से बोला - देखनी है क्या
राजन कमलनाथ के प्रस्ताव से गदगद हो गया लेकिन फिर भी उसमे हिचक थी कि कैसे वो अपनी भावना अपने ही साले के सामने रखे ।
कमलनाथ राजन को हिचकता देख हस कर - मुझे पता है तुम्हारा मन है ,,रुको मै लगाता हू ,बस दरवाजे पर नजर रखना
राजन बिना कुछ बोले शांत रहा और वो दरवाजे पर नजर रखने लगा । उसका दिल बहुत जोरो से धडक रहा था । एक रोमांच भी कपकपी सी राजन के दिल मे उठ रही थी और उसका लण्ड पाजामे मे टाइट हो रहा था ।
इधर कमलनाथ ने प्यारी भाभी
नाम से एक DVD निकाली और उसे लगा दिया,,, शुरुवाती म्यूज़िक आते ही कमलनाथ और राजन तेज आवाज से चौके ,,,मगर कमलनाथ ने फौरान रेमोट से mute का बटन दबा दिया ।
राजन की सास मे सास आई और वो कमलनाथ को देख कर मुस्कुराने लगा ।
इधर दोनो वही टीवी के सामने खडे खडे ही उस फिल्म को देखने लगे ,,,इधर कमलनाथ ने रेमोट से शुरुवात के क्रेडिट सीन को भगाके एक सिन पर रोक दिया जहा एक मोटी गदराई औरत लाल पेटिकोट ब्लाउज मे खड़ी कमरे मे साडी सहेज रही थी और वही कमरे के बाहर दरवाजे के पास एक आदमी कमरे मे झाकता हुआ जान्घिये के उपर से अपना लण्ड मसल रहा था ।
इस सीन को देख कर कमलनाथ और राजन को सुबह का दृश्य याद आ गया जहा राजन कमरे मे रज्जो को कपडे पहनते देख्कर अपना लण्ड मसला था । वही कमलनाथ ने उसे ये सब करते जीने पर से देख लिया था ।
दोनो आपस एक बार नजरे उठा कर देखते है और मुस्कुरा कर वापस टीवी मे लग जाते है । इधर कमलनाथ फिर से फिल्म को रेमोट के माध्यम से आगे बढाता है जहा वो औरत अपने पति से नंगी होकर चुदवा रही थी और उन दोनो की चुदाई वो
दुसरा आदमी खिडकी के रास्ते देखकर अपना लण्ड हिला रहा होता है ।
आगे की स्टोरी मे पता चलता है कि वो दुसरा आदमी उस औरत के पती का दोस्त है ।
कमलनाथ हर 2 या 3 मिंट के बाद फिम्ल को आगे बढा देता था और जहा सेक्स सीन आते वहा टीवी mute कर देता ।
राजन और कमलनाथ दोनो के दिलो की धडकनें तब और तेज हो जाती है जब वो औरत अपने पति के दोस्त के साथ चुदवाने के लिए राजी हो जाती है और फिर कमलनाथ कहानि को आगे भगा देता है जहा उस औरत का पति उसे अपने दोस्त के साथ चुदते हुए पकड लेता है और फिर भाव्नात्मक दृश्य चल रहे होते है जिनहे देख कर राजन और कमलनाथ दोनो के लण्ड वापस सिकुड़ने लगते है ।
तो राजन मुस्कुरा कर कमलनाथ से आंखो से इशारा करके कहानी आगे बढ़ाने को कहता तो कमलनाथ मुस्कुरा कर फिर से mute बटन दबा कर कहानी को आगे बढाता है और एक सेक्स सीन पर रोक देता है जहा वो औरत अपने पति और उसके दोस्त दोनो के साथ होती है ।
इधर दोनो फिल्म की गतिविधियों मे इतने खो गये थे कि उन्हे दरवाजे का ध्यान ही नही और ऐन मौके पर रज्जो की आवाज सीढियो से आती हुई सुनाई देती है । दोनो की हवा टाइट हो जाती है और उन्हे समझ नही आता है कि क्या करे
तो कमलनाथ तुरंत लपक कर मेन स्विच ऑफ कर देता है जिससे राजन को थोडी तस्ल्ली तो होती है लेकिन फिर उस्का दिल तेजी से धडक रहा होता है ।
रज्जो कमरे मे आते हुए - क्या जी कितना समय लगेगा आपको सेट करने मे ,,,खाना तैयार हो गया है ।
अब आगे
सारे लोग नीचे हाल मे एकजूट थे सिवाय अनुज और रमन के ।
किचन मे सोनल और पल्लवि आपस मे बाते कर रही थी ।
वही हाल मे पंखे के नीचे बैठे हुए चारो लोग भी सादी की आगे की तैयारियो के बारे मे चर्चाये कर रहे थे ।
वही रज्जो अब खुल कर कमलनाथ के सामने राजन से आन्ख मिचौली किये जा रही थी ।
ममता भी अपने भैया कमलनाथ के साथ इशारे बाजी कर रही थी क्योकि ढलती रात मे वो आज भी अपने भैया के साथ चुदने को उतावाली हुई जा रही थी ।
कमलनाथ - अरे रज्जो आज ममता हमारे साथ रहेगी , उसे टीवी पे फिल्म देखनी है
रज्जो मुस्कुरा कर राजन को देखते हुए - अरे तो फिर सिर्फ ममता ही क्यू , जीजा जी भी रहेंगे ।
राजन रज्जो का आमंत्रन सुन कर गदगद हो गया ।
इतने मे सोनल चाय नास्ते का ट्रे लेकर हाल मे आते हुए - ये क्या बात हुई मौसी ,, हम लोग को नही दिखाईंगी क्या
रज्जो - अरे सारे लोग रहेंगे बेटा ,,,
इधर रज्जो की बाते सुन कर पल्लवि मन ही मन कुछ सोच कर खुश हुई कि उसकी योजना शायद अब काम कर जाये ।
सारे लोग चाय का लुफ्त उठाते है , वही रज्जो धीरे से राजन को आंख मारती जिसको कमलनाथ देख लेता है और जब राजन की नजरे कमलनाथ से टकराती है तो इधर उधर नजर फेर कर अटपटा सा मह्सूस करता है ।
खैर चाय नास्ते का समय खतम होता है और फिर सोनल पल्लवि को लेके किचन मे रात के खाने के लिए तैयारी करने चली जाती है ।
रज्जो - ममता आ चल उपर चलते है कुछ काम है थोडा
रज्जो की बात पर राजन - अगर कोई जरुरी काम हो तो हम भी चले भाभी जी
रज्जो ह्स के राजन को छेड़ने के अंदाज मे - आप तो ऐसे परेशान हो रहे है जैसे आपकी बीबी को मै नही मेरे पति कही अकेले मे ले जा रहे हिहिहिहिह
राजन थोडा असहज होकर - हिहिहिहिह क्या आप भी भाभी जी मुझे लगा कोई काम होगा तो मै भी मदद कर दूँगा ,,,क्यो भाईसाहब
राजन अपनी तर्क को कमलनाथ मथ्थे चढाते हुए बोला ।
कमलनाथ भी राजन का साथ देते हुए - हा रज्जो राजन सही कर रहा है ।
रज्जो हस कर - तो आओ आप लोग भी , हमारे ब्लाउज मे हुक टाँक दो हिहिहिही
कमलनाथ अचरज से - मतलब
रज्जो हस कर - अरे भई शादी मे पहनने के लिए जो ब्लाउज सिली है सोनल, उसमे हुक टाकने है ,,,तो चलो आप लोग भी मदद कर देना
ममता रज्जो के बात पर खिलखिला दी ।
कमलनाथ हस कर - क्या तू भी रज्जो हिहिहिही
रज्जो ने अब कमलनाथ का हाथ पकड कर खिच्ते हुए - नही नही आओ आओ चलो अब
रज्जो - ये ममता खिच अपने भैया को मै जरा नंदोई जी को लेके चल्ती हू हिहिही
ममता भी थी चंच्ल और अपने भैया के साथ ऐसी हरकतो से बाज कहा आती उसने भी कमलनाथ का हाथ पकड कर लेके सीढियो की ओर जाने लगी ,,,और कमलनाथ अपनी बहन का स्पर्श पाते ही खुद को ढिला छोड दिया ।
वही रज्जो राजन का हाथ पकड कर - चलिये आप भी अब हिहिही
हालांकि राजन का पूरा मन था उपर जाकर थोडे गप्पे मारने का फिर भी वो थोडा नाटक करके हाथ छुड़ाने की कोसिस करता हुआ - हिहिहिही क्या भाभी,,भाईसाहब जा रहे है ना तो मेरी क्या जरुरत
रज्जो राजन को खिचते हुए - अरे आप चलिये मेरे पेटिकोट मे नाड़ा डाल दिजियेगा हिहिही
राजन रज्जो की बात पर हस पडा और रज्जो इतने मे भी उसपे भारी हुई और उसे खिचकर सीढिओ की ओर ले गयी ।
थोडी देर बाद चारो लोग ममता के कमरे मे थे ।
रज्जो ने अपनी आल्मारि से करिब 6 ब्लाउज और 6 पेटिकोट निकाले ।
रज्जो ने एक ब्लाऊज कमलनाथ को तो एक ब्लाऊज दिया और फिर सुई धागा भी थामा दिया ।
और खुद दोनो भी एक एक ब्लाउज लेके बैठ गयी ।
इधर दोनो ननद भौजाई ब्लाउज मे हुक की टकाई शुरु भी कर दी थी । तभी ममता की नजर अपने भैया पर गयी जो अपनी आन्खो को महीन करके कबसे सुई मे धागा डालने की कोशिश कर रहा था
ममता हस्कर - अरे भैया थुक लगा के डालो ना उसमे हिहिही
रज्जो ने जैसे ही ममता के इस वक्तव्य को सुना वो हस कर - अरे तू ही एक बार थुक लगा के दिखा दे ना अपने भैया को ,,,,
रज्जो की बात सुन कर ममता समझ गयी और मुस्कुरा कर अपने भैया के हाथ से सुई धागा लेके
उसमे डाल के देदी ।
ममता - भाभी मै जरा मेरे कमरे से और ब्लाउज लाती हू उन्के भी हुक ढीले हो गये हैं ।
रज्जो मुस्कुरा कर - हा हा जा लेके आ ,,आज सारे हुक अपने भैया से टाइट करवा ले हिहिहिह
ममता हस्कर उठती हुई - हिहिही क्या भाभी आप भी
इधर ममता अपने कमरे मे गयी और मौका देख कर रज्जो राजन को हुक टाँकते देख हस कर बोली - लग रहा है ममता ने बहुत हुक लगवाये है नंदोई जी से हिहिहिही
राजन -हिहिहिही अरे नही ऐसी कोई बात नही है भाभी जी ,,,ये तो आसान ही है देखीये लग गया है एक ब्लाउज का
राजन ने वो ब्लाऊज रज्जो को देते हुए कहा ।
रज्जो ने जब वो ब्लाउज को देखा तो खिलखिला पडी क्योकि सारे हुक नीचे ही लगे थे और उपर चार उंगल खाली ही छोड रखा था । जहा पर दो हुक और लगते
रज्जो हस कर - ये क्या जीजा जी बदला लेने का विचार कर रहे है क्या हिहिहिही
कमलनाथ - मतलब
रज्जो कमलनाथ को ब्लाउज दिखाते हुए - ये देखिये ,,,उपर के दो हुक जानबुझ कर छोड़ दिये इन्होने
राजन सकपका कर - अरे रे रे नही नही भाभी आप गलत समझ रहे ,,,वो मुझे लगा कि चार हुक ही लगते है ब्लाउज मे तो उतने मैने टाक दिये ।
रज्जो- अरे कम से कम साइज़ तो देख लेते एक बार
कमलनाथ - ये क्या भई अरे खुद देख लो चलेगा तूम तो हमारी बीवी को सबको दिखाने की फिराक मे हो ।
रज्जो शर्माने का नाटक करते हुए - क्या जी ये क्या बोल रहे है आप ,,, क्या मतलब नंदोई जी देख सकते है तो चलेगा हम्म्म्म
कमलनाथ पर रज्जो को बरसता देख राजन मुह दबाए हसे जा रहा था ।
रज्जो - और आप क्यू मुह मे ही हसे जा रहे हैं,,, आप भी कोई ऐसा खयाली पुलाव ना पका लिजिएगा जिजाजी, इनके कहने पर ...
राजन हस कर - अरे नही भाभी जी ,,,भला मै क्यू ऐसा कुछ ...
कमलनाथ रज्जो के साथ मिलकर राजन को घेरता हुआ - हा भाई ,,, अरे पहले ही दो बार खुले खजाने पर नजर मार चुके हो ,,,,एक ही दिन मे कितनी बाजी मारना चाहते हो
रज्जो - दो कहा जी , पुरे 3 बार ,,वो अभी थोडी देर पहले जब मै कपडे बदल रही थी तब
राजन सफाई देता हुआ - अरे नही नही भाभी जी तब तो मै कुछ देख ही नही पाया था
रज्जो - देख नही पाया था मतलब,,,हम्म्म
राजन अपनी बात पर उलझ कर रह गया और उसके पास रज्जो की हाजिर जवाब का कोई तर्क ही नही रह गया तो वो हस कर - अ ब ब मतलब हिहिहिही अब मै मै क्या बोलू ,,, माना कि मैने देखा था थोडा लेकिन पूरा नही ,
राजन की बात पर रज्जो आंखे उठा कर देखती है तो राजन सकपका जाता है और वो पहले कमलनाथ को अपनी ओर घुरता हुआ पाता है फिर रज्जो को देखकर हडबड़ा कर - म मे मे मेरा मतलब, मेरी कोई व्यक्तिगत इच्छा नही थी इसमे ,,,ये तो बस इत्तेफाकन हो गया और तो और भाई साहब थे ही ना साथ मे
राजन की गाज कमलनाथ अपने सर आते देख सकपकाया मगर ऐन मौके पर ममता अपनी कुछ ब्लाउज लेके कमरे मे आती हुई - अरे क्या हो गया जी इत्तिफाकन हमे भी बताओ
अचानक ममता के आने से कमरे से सबसे ज्यादा राजन की हालत खराब होने लगी वही रज्जो हसते हुए कुछ बोलने वाली थी तो राजन ने ना मे सर हिलाया तो रज्जो ने इशारे मे हामी भरते हुए एक नजर कमलनाथ को देखा और मुस्कुराने लगी ।
ममता अपने भैया के बगल मे बैठते हुए- अरे क्या हुआ ,,आप ही बताओ न भैया
कमलनाथ हस कर - यही कि आज ये इत्तिफाकन ही है कि हमे ब्लाउज मे हुक लगाने पड रहे है ।
कमलनाथ की बात पर सब हसने लगे
रज्जो भी माहौल का मजा लेते हुए - हा लेकिन इस इत्तेफ़ाक़ मे आपकी चान्दी हो गयी ,,, बहन के ब्लाउज मे हुक लगाने का मौका जो मिल गया हिहिहिही
रज्जो की बात पर कमलनाथ थोडा राजन के सामने झिझका तो वही ममता ने मौका देख कर बोला - और आप जो अपने नंदोई से अपनी पेटिकोट मे नाड़ा डलवा रही है उस्का क्या हिहिहिह्हिही
ममता की बात पर सब के सब मुह मे अपनी हसी दबा और एक दोहरे अर्थ वाले संवाद से जोड कर मजे लेने लगे ।
मगर इनसब के बिच के सबको एक दुसरे के प्रति औपचारिक रूप से नैतिकता भी दिखानी थी तो कोई खास बात आगे नही बढ़ी और थोडी देर बाद सारे काम खतम होने तक ऐसे ही तंज कसने और हसी ठीठौली का मौहोल बना रहा ।
फिर थोडी देर बाद रज्जो ममता को लेके नीचे चली जाती है और जाने से रज्जो कमलनाथ को DVD set लगाने के बाद नीचे खाना खाने के लिए आने का फरमान सुना के चली जाती है ।
हालाकि रज्जो के कमरे मे पहले से ही केबल वाली टीवी का बन्दोबस्त था लेकिन कभी कभी रज्जो और कमलनाथ का मूड कुछ खास फिल्मो को देखने का होता तो वो उसके लिए बाकायदा पंजाब से एक DVD सेट और कुछ कैसेट रिकॉर्डिंग लाये थे । जिन्हे वो कुछ खास अवसरो पर ही चलाते जब रमन कही बाहर गया होता था। हालाकी उन कैसेटस मे कुछ बेहतरिन और अच्छी फिल्मे भी थी ।
मगर रज्जो जान्बुझ कर रमन के रहते कभी भी उन कैसेट को नही चलने देती क्योकि उसका कारण ये था कि उन कैसेट के बारे मे रमन को पहले से ही पता था और ना जाने कितनी बार रज्जो ने खुद रमन के साथ उन खास कैसेट को प्ले करके कुछ खास पल बिताये थे ।
इधर रज्जो के जाते ही कमलनाथ राजन को लेके स्टोर रूम मे चला जाता है और वहा DVD सेट का बॉक्स लेके अपने कमरे मे आता है ।
इधर कमलनाथ अपने dishTv का कनेक्सन निकाल कर उसकी जगह DvD player सेट करता है ।
इधर राजन की नजर उस dvd बॉक्स मे रखे कैसेटस पर जाती है जिनमे हिन्दी फिल्मो से ज्यादा कूछ ऐडल्ट फिल्मो के कैसेट थे ।
राजन बडे गौर से उन DVD कैसेट के नाम और उस छ्पी नंगी तस्वीरो को निहारता है और उसका लण्ड अन्गडाई लेने लगता है और वही जब कमलनाथ की नजर राजन पर जाती है तो वो मुस्कुराने लगता है ।
कमलनाथ हस्कर -क्यू भाई आज यही देखने का मन है क्या
राजन चौक कर - नही नही भाईसाहब वो तो मै बस देख रहा था ,,,
इतना बोल कर राजन दूसरी अलग अलग फिल्मो की कैसेट निकालने लगा ,,,जिनमे ज्यादातर सेक्स वाली ही भरी पडी थी ।
राजन को बहानेबाजी करता देख कमलनाथ हस कर- अरे भाई इतना परेशान क्यू हो रहे हो , इसमे एक दो को छोड कर सारी कैसेट वही वाली है ।
राजन आंखे चौडी करके कमलनाथ को देखता है ।
कमलनाथ हस कर - अरे इसमे चौक क्यू रहे भाई ,,,, कभी देखी नही क्या
राजन पहले से ही गाव मे रहता था तो कभी कभी त्योहारो या कोई मेले पर ही गाव में कभी कभी पर्दा पर कुछ फिल्मो को देखा था ।
हालाकी उसने काफी बार अपने मित्रो और जानने
वालो से सुना था कि शहर मे कयी सिनेमा घरो मे गन्दी फिल्मे चलती है
मगर उसकी कभी किस्मत नही हुई की वो ऐसी फिल्मे देख पाये। तो उसने कमलनाथ के स्वाल पर बडी सादगी से ना मे सर हिला देता है ।
कमलनाथ राजन की भावना समझ गया तो उसने मुस्कुरा कर एक नजर बाहर देखा और फिर राजन से बोला - देखनी है क्या
राजन कमलनाथ के प्रस्ताव से गदगद हो गया लेकिन फिर भी उसमे हिचक थी कि कैसे वो अपनी भावना अपने ही साले के सामने रखे ।
कमलनाथ राजन को हिचकता देख हस कर - मुझे पता है तुम्हारा मन है ,,रुको मै लगाता हू ,बस दरवाजे पर नजर रखना
राजन बिना कुछ बोले शांत रहा और वो दरवाजे पर नजर रखने लगा । उसका दिल बहुत जोरो से धडक रहा था । एक रोमांच भी कपकपी सी राजन के दिल मे उठ रही थी और उसका लण्ड पाजामे मे टाइट हो रहा था ।
इधर कमलनाथ ने प्यारी भाभी
नाम से एक DVD निकाली और उसे लगा दिया,,, शुरुवाती म्यूज़िक आते ही कमलनाथ और राजन तेज आवाज से चौके ,,,मगर कमलनाथ ने फौरान रेमोट से mute का बटन दबा दिया ।
राजन की सास मे सास आई और वो कमलनाथ को देख कर मुस्कुराने लगा ।
इधर दोनो वही टीवी के सामने खडे खडे ही उस फिल्म को देखने लगे ,,,इधर कमलनाथ ने रेमोट से शुरुवात के क्रेडिट सीन को भगाके एक सिन पर रोक दिया जहा एक मोटी गदराई औरत लाल पेटिकोट ब्लाउज मे खड़ी कमरे मे साडी सहेज रही थी और वही कमरे के बाहर दरवाजे के पास एक आदमी कमरे मे झाकता हुआ जान्घिये के उपर से अपना लण्ड मसल रहा था ।
इस सीन को देख कर कमलनाथ और राजन को सुबह का दृश्य याद आ गया जहा राजन कमरे मे रज्जो को कपडे पहनते देख्कर अपना लण्ड मसला था । वही कमलनाथ ने उसे ये सब करते जीने पर से देख लिया था ।
दोनो आपस एक बार नजरे उठा कर देखते है और मुस्कुरा कर वापस टीवी मे लग जाते है । इधर कमलनाथ फिर से फिल्म को रेमोट के माध्यम से आगे बढाता है जहा वो औरत अपने पति से नंगी होकर चुदवा रही थी और उन दोनो की चुदाई वो
दुसरा आदमी खिडकी के रास्ते देखकर अपना लण्ड हिला रहा होता है ।
आगे की स्टोरी मे पता चलता है कि वो दुसरा आदमी उस औरत के पती का दोस्त है ।
कमलनाथ हर 2 या 3 मिंट के बाद फिम्ल को आगे बढा देता था और जहा सेक्स सीन आते वहा टीवी mute कर देता ।
राजन और कमलनाथ दोनो के दिलो की धडकनें तब और तेज हो जाती है जब वो औरत अपने पति के दोस्त के साथ चुदवाने के लिए राजी हो जाती है और फिर कमलनाथ कहानि को आगे भगा देता है जहा उस औरत का पति उसे अपने दोस्त के साथ चुदते हुए पकड लेता है और फिर भाव्नात्मक दृश्य चल रहे होते है जिनहे देख कर राजन और कमलनाथ दोनो के लण्ड वापस सिकुड़ने लगते है ।
तो राजन मुस्कुरा कर कमलनाथ से आंखो से इशारा करके कहानी आगे बढ़ाने को कहता तो कमलनाथ मुस्कुरा कर फिर से mute बटन दबा कर कहानी को आगे बढाता है और एक सेक्स सीन पर रोक देता है जहा वो औरत अपने पति और उसके दोस्त दोनो के साथ होती है ।
इधर दोनो फिल्म की गतिविधियों मे इतने खो गये थे कि उन्हे दरवाजे का ध्यान ही नही और ऐन मौके पर रज्जो की आवाज सीढियो से आती हुई सुनाई देती है । दोनो की हवा टाइट हो जाती है और उन्हे समझ नही आता है कि क्या करे
तो कमलनाथ तुरंत लपक कर मेन स्विच ऑफ कर देता है जिससे राजन को थोडी तस्ल्ली तो होती है लेकिन फिर उस्का दिल तेजी से धडक रहा होता है ।
रज्जो कमरे मे आते हुए - क्या जी कितना समय लगेगा आपको सेट करने मे ,,,खाना तैयार हो गया है ।