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Incest स्पेशल करवाचौथ

ज्योति:" नहीं मा, मेरे संस्कार तो रूबी के मुकाबले कुछ नहीं, मैं सिर्फ उनकी वजह से ही बदली हूं। मेरे बारे में सब कुछ जानने के बाद भी उन्होंने कभी मुझसे नफरत नहीं बल्कि मेरी जैसी पत्थर दिल औरत को पिघला दिया। सच में रूबी जैसे लोग धरती पर बहुत कम होते हैं।

शांता ने उसकी हान में हान मिला दी और लीमा खाना बना चुकी थी और सभी लोगो ने खाना खाया और उसके बाद सोने के लिए चले गए। लीमा और शांता दोनो सो गई जबकि ज्योति और रवि दोनो आज चुदाई लोक में घुस गए और थोड़ी देर बार ज्योति की मस्ती भरी सिसकारियो से चुदाई लोक महक उठा।

आज चुदाई लोक को उसके असली वारिस मिल गए थे और चांद भी अपने नूर पर था। छोटे छोटे पेड़ पौधे मस्ती से झूम रहे थे मानो वो खुशी मना रहे हो।

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दूसरी तरफ साहिल और रूबी दोनो दिल्ली की तरफ जा रहे रहे थे और रात के लगभग 10 बज गए थे।

रूबी:" साहिल मुझे भूख लगी हैं बहुत तेज।

साहिल:" रूबी बस थोड़ी देर और आगे कोई होटल या ढाबा देखकर मैं गाड़ी रोक लूंगा।

रूबी ने अपनी बेटे को गर्दन हिला कर सहमति दी और दोनो एक बार फिर से चुप हो गए। साहिल थोड़ी देर बाद बोला:"

" अच्छा एक बात हैं रूबी , देखो ना ज्योति पूरी तरह से बदल गई हैं। सच में अगर इंसान चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकता।

रूबी:" साहिल ये सब तुम्हारी वजह से हुआ हैं बेटा। तुमने जो कहा मैंने वो किया।

साहिल:" हान मम्मी, अच्छा हुआ जो उसका गुस्सा शांत हो गया, मैं तो चाह कर भी उस पर हाथ नहीं उठा सकता था। अच्छा एक बात बताओ क्या तुम्हे अनूप के मरने का दुख तो नहीं हैं ?

रूबी ने हैरानी से साहिल की तरफ देखा और बोली:"

" कैसी बाते कर रहे हो तुम, मुझे क्या दुख होगा मैंने ही तो खुद उसे चाकू से मारा हैं साहिल।

साहिल:" अच्छा, अरे हां याद आया। लेकिन ये सब मेरी वजह से हुआ कि आपको अपने हाथ से अपने पति को मारना पड़ा।

रूबी:" बस करो तुम, वो पति नहीं पाप का एक बोझ था, मेरे पति सिर्फ तुम हो समझे।

साहिल ने अपनी मा का हाथ पकड़ लिया और बोला:"

" हान रूबी मैं ही अब तुम्हारा पति हूं। अब तो हमनें करवा चोद भी मना लिया।

रूबी के होंठो पर स्माइल अा गई और बोली:"

" उफ्फ बुद्धू उसे करवा चोद नहीं करवा चौथ कहते हैं।

साहिल ने अपनी मा का हाथ हल्का सा दबा दिया और बोली:"

" करवा चौथ कहो या करवा चोद हुई तो चुदाई ही ना मम्मी।

रूबी ने उसके कान पकड़ लिए और बोली:"

" कमीने शर्म नहीं आती तुझे, मम्मी भी बोल रहा हैं और करवा चोद भी मना रहा हैं मेरे साथ।

साहिल:" आह मम्मी थोड़े प्यार से दबाओ, उफ्फ मेरा कान दुखता है। देखो ना एक बेटे ने अपनी मा के साथ करवा चोद मनाया इसलिए ही तो हमारा " अनोखा करवाचौथ" हुआ।

रूबी ने उसका कान छोड़ दिया और उसके होंठ चूमकर बोली:"

" हान बेटा बिल्कुल सच कहा तूने, मा बेटे का " अनोखा करवाचौथ" बस अब खुश।

इसके बाद एक साथ दोनो खिलखिला कर हंस पड़े और थोड़ी देर बाद उनकी गाड़ी एक ढाबे के सामने रुक गई और दोनो मा बेटे ने खाना खाया और उसके बाद फिर से दिल्ली की तरफ चल दिए। साहिल ने मस्ती में आते हुए कहा :"

" मम्मी एक बात कहूं वैसे आपकी गांड़ मटकती बहुत ज्यादा है।
 
रूबी:" पागल कहीं का, अब क्या तेरी नजर मेरी गांड़ पर भी अा गई है।

साहिल:" ओह मम्मी , सच कहूं तो एक बार आपकी गांड़ मारने का मन हैं बहुत।

रूबी के गाल सुर्ख हो गए और अदा के साथ बोली:"

" जा फालतू के सपने मत देख, मैं नहीं मराने वाली तुझसे अपनी गांड़ वांड। बड़ी आया हीरो तू।

वैसे गांड़ से याद आया सुनील बेचारा।

साहिल:" हान मम्मी, उसका क्या होगा अब, उसके तो सारे सपने अधूरे ही रह जाएंगे।

रूबी ने साहिल को चुप रहने का इशारा किया और मोबाइल से सुनील का नंबर मिला दिया और फोन का स्पीकर ऑन कर दिया ।

सुनील रूबी का कॉल देखते ही गदगद हो उठा और बोला:"

" हेल्लो रूबी जी कैसी हैं आप ?

मेरी खुशनसीबी कि आपने मुझे याद किया। आपका बेटा कैसा हैं अब ?

रूबी:" जी आपकी दया से वो अब बिल्कुल ठीक हैं।

सुनील की हलकी बेचैनी में डूबी हुई आवाज गूंजी:"

" तो फिर अब हमे भी थोड़ा ठीक कर दीजिए। सोते जागते हर समय आपकी गांड़ की मटकाती हुई नजर आती हो। आज अा रही हों ना फिर पक्का आप ?

साहिल ने रूबी की तरफ देखा और दोनो के होंठ मुस्करा उठे और रूबी बोली:"

" माफ कीजिए मैं नहीं अा पाऊंगी,

सुनील:" क्या हुआ कोई काम हैं क्या ? आप कल अा सकती हैं

रूबी:" नहीं मुझे कोई काम नहीं हैं, मैं कल तो क्या कभी नहीं अा सकती सुनील जी ।

सुनील:" रूबी तुम शायद भूल रही हो कि अगर तुम नहीं आओगी तो मैं टेंडर कैंसल कर सकता हूं।

रूबी:" सुनील जी ये मैंने आपको फोन इसलिए किया था मैंने अपनी कंपनी ज्योति जी के नाम कर दी है और वही अब इसकी असली मालिक हैं।

सुनील के सिर पर जैसे बम फाड़ दिया गया हो, वो पूरी तरह से बौखला गया और बोला:"

" नहीं नहीं ये नहीं हो सकता। तुम मेरे आज ऐसा नहीं कर सकती रूबी।

रूबी और दोनो सुनील की हालत देखकर स्माइल कर दिए और रूबी बोली:"

" ऐसा हो चुका हैं मिस्टर सुनील। इसलिए आज के बाद मेरे सपने देखना बंद कीजिए और अपने परिवार को समय दीजिए।

बाय बाय।

इतना कहकर रूबी ने फोन काट दिया और साहिल के होंठ चूम लिए। साहिल हंसते हुए बोला:"

" मम्मी आपने तो बेचारे सुनील की दुनिया ही लूट ली, क्या किसी पर इतना ज़ुल्म करना अच्छा हैं ?

रूबी भी हंसते हुए बोली:"

" कोई भी इंसान अगर अपनी औकात से ज्यादा सपने देखता हैं तो उसके यहीं हाल होता हैं।

साहिल ने एक बारे रूबी की गांड़ की तरफ देखा और एक आह भरी और बोला:"

" ओह मम्मी, जो सपने सुनील ने देखा था वहीं मुझे भी दिख रहा हैं अब, क्या मेरा पूरा होगा या नहीं ?

रूबी समझ गई कि साहिल उसकी गांड़ के बारे में बात कर रहा हैं तो अदा दिखाते हुए बोली:_

" कुछ सपने ऐसे होते हैं जो पहली बार देखे जाते हैं, सपनों में दम होना चाहिए और उन्हें पूरा करने की मजबूत इच्छा शक्ति, फिर तो सभी सपने पूरे हो ही जाते हैं।

रूबी ने साहिल को अपनी तरफ से ग्रीन सिग्नल दे दिया था और साहिल सब समझ गया और बोला:"

" रूबी तुम मेरी इच्छा शक्ति के बारे में क्या जानो, देखना मै कुछ भी करके अपना सपना पूरा कर लूंगा।

रूबी अपने बेटे पर अपना सब कुछ लुटाने के लिए तैयार थी इसलिए कामुक स्माइल करते हुए बोली:"

" बेटा कोई मदद चाहिए तो बता देना, मैं हमेशा तेरे साथ हूं।

साहिल:" ओह मम्मी, एक आप ही तो हैं जो मेरा सपना पूरा कर सकती हैं।

रूबी:" अच्छा हम दिल्ली में अा गए हैं और आगे से लेफ्ट ले लेना, उधर ही हमे जाना हैं।

साहिल:" अरे मम्मी आप चिंता मत कीजिए, आपका बेटा दिल्ली में तो रहा हैं, इसलिए आप आप आराम से बैठिए।

साहिल की साड़ी थोड़ी देर बाद ही एक आलीशान घर के सामने खड़ी हुई थी। साहिल ने नाम प्लेट पर अपनी मा का नाम देखा और समझ गया कि उन्हें आगे से इसी घर में रहना है। साहिल ने गाड़ी अंदर घुसा दी।

साहिल और रूबी दोनो ने घर को ध्यान से देखा, बहुत बड़ा तो नहीं था, बस नीचे दो कमरे, हॉल और बाथरूम था लेकिन सभी कुछ बहुत अच्छे से बना हुआ था। उनके पहले घर के सामने कुछ भी नहीं था लेकिन दोनो अभी भी बहुत खुश थे क्योंकि उनके सिर से एक बहुत बड़ा बोझ उतर गया था। गाड़ी पार्क करने के बाद दोनो अंदर अा गए।

रूबी:" बेटा घर तो ठीक हैं। आराम से हम इसमें रह सकते है कोई दिक्कत नहीं होगी।

साहिल:" हान मम्मी, सब कुछ हैं घर में अंदर और इससे ज्यादा क्या चाहिए।

रूबी:" हान बेटा, अच्छा मैं थक गई हूं, मैं नहा लेती हूं। तब तक तुम आराम करो।

साहिल:" ठीक हैं मम्मी आप नहाकर आओ तब तक मै हॉल में ही बैठा हूं।

रूबी नहाने के लिए घुस गई और थोड़ी देर में ही वो नहाकर बाहर निकली। हल्के गुनगुने पानी से नहाने के बाद रूबी और भी ज्यादा कामुक लग रही थी और अपने जिस्म पर सिर्फ एक टॉवेल लपेटकर बाहर अा गई और साहिल उसे देखते ही दीवाना हो गया।

रूबी:" ऐसे क्या देख रहे हो तुम, नजर लगाओगे क्या?

इतना कहकर रूबी अपनी गांड़ को मटकाती हुई जाने लगी और साहिल आण्हे भरते हुए बोला:"

" हाय मम्मी, आशिक की नजर थोड़े हो लगती है, आपकी गांड़ आज बहुत ज्यादा मटक रही हैं। कुछ स्पेशल हैं क्या आज ?
 
रूबी:" है भगवान, तुम अपनी ही मा के आशिक बन गए हो, अच्छा सुनो आशिक जी आज नए घर में आए हैं तो इसलिए खुशी हो रही हैं मुझे।

साहिल:" अच्छा मतलब मेरे साथ आज कुछ अच्छा होने वाला है। मैं बस अभी नहाकर आया।

रूबी:" ज्यादा सपने मत देख, जा जल्दी नहाकर अा।

साहिल बाथरूम में घुस गया और रूबी कमरे में अा गई और उसने अपने बैग से अपना मेक अप किट निकाला और खुद को सजाने लगी।

पूरे कमरे को उसने परफ्यूम से महका दिया और एक मैक्सी पहन कर साहिल का इंतजार करने लगी। साहिल जैसे ही बाहर आया तो परफ्यूम की महक ने उसे दीवाना बना दिया और वो तेजी से रूबी के कमरे की तरफ आया और अपने मा को देखते ही जोश में अा गया और टॉवेल उसके हाथ से अपने आप ही छूट गया और उसके खड़ा हुआ लंड रूबी की आंखो के आगे लहरा गया और रूबी के मुंह से एक आह निकल गई।

दोनो मा बेटे एक दूसरे की तरफ बढ़े और देखते ही देखते दोनो के होंठ आपस में मिल गए। किस करते करते ही रूबी ने साहिल के लंड को पकड़ लिया और हाथ से सहलाने लगी। साहिल ने रूबी की गांड़ को अपने दोनो हाथो में भर लिया और मसलने लगा।

रूबी से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने नीचे झुकते हुए साहिल के लंड को चूम लिया और साहिल के मुंह से आह निकल पड़ी। साहिल ने रूबी को बेड पर लिटा कर और रूबी ने उसके लंड के मोटे सुपाड़े को मुंह में भर लिया और चूसने लगी। साहिल की आंखे मस्ती से बंद हो गई और साहिल अपनी मा की गांड़ दबाते हुए बोला:"

" आह मम्मी, कितना अच्छा लग रहा है,आज अपनी ये मस्त गांड़ दे दे मुझे रूबी।

रूबी ने लंड मुंह में लिए लिए ही साहिल को देखा और इशारे से सहमति दे दी। बस फिर तो साहिल में रूबी को उल्टा घुमा दिया और दोनो अब 69 की मुद्रा में अा गए। साहिल ने दोनो हाथो से रूबी की गांड़ को खोलते हुए उसकी गांड़ के छेद पर अपनी जीभ लगा दी और चाटने लगा। रूबी को आज पहली बार ये सुखद हुआ था इसलिए उसने अपना मुंह खोलते हुए लंड को आधे से ज्यादा मुंह में घुसा लिया और चूसने लगी।

साहिल ने अपनी एक उंगली को रूबी की गीली चूत में उतार दिया और उसकी गांड़ को चाटने लगा। रूबी की आंखे मस्ती से बंद हो गई और लंड पुरा उसके मुंह में घुस गया और रूबी आइस क्रीम की तरह उसे चूसने लगी।

साहिल ने रूबी को गांड़ को एक हाथ से दबाया और अपनी जेब को पूरा बाहर कर सीधे किया और रूबी की गांड़ के छेद पर दस्तक दी तो रूबी का पुर जिस्म कांप उठा और लंड अपने आप मुह से बाहर निकल गया और उत्तेजना से कांपती हुई रूबी सिसक उठी

" आह साहिल, उफ्फ मेरा कब से सपना था कि कोई मेरी गांड़ चाटे, आह बेटे आखिर तू ही मेरे काम आया।

रूबी ने अपनी गांड़ के छेद को बाहर की तरफ खोल दिया और साहिल ने अपनी जीभ का दबाव दिया तो साहिल की जीभ उसकी गांड़ में घुस गई और रूबी का समूचा वजूद लहरा उठा और उसकी चूत एक झटके से साथ झड़ गई और रूबी सिसकते हुई बेड पर गिर गई

'" आह साहिल, हाय उफ्फ तेरी जीभ का लोला, उफ्फ मेरी गांड़ मार ली, आह जीभ से इतना मजा आया तो लंड से कितना आएगा।

साहिल ने फिर से अपनी मा की टांगो को खोल दिया तो रूबी ने साहिल की आंखो में देखते हुए एक उंगली को अपने मुंह में घुसा लिया और पूरी तरह से गीली करते हुए अपनी गांड़ को चिकना करने लगीं।

साहिल का लंड झटके पर झटके खाने लगा और उसने ढेर सारा थूक अपने लंड और रूबी की गांड़ पर लगाया और पूरी तरह से चिकनी हो गई गांड़ पर लंड का सुपाड़ा रख दिया।

रूबी बेड पर पेट के बल लेटी हुई थी और साहिल ठीक उसके उपर। साहिल ने हाथ आगे करते हुए अपने हाथो को रूबी के कंधे से निकालते हुए पकड़ लिया और अपनी दोनो टांगो से उसकी टांगो को कस लिया। रूबी पूरी तरह से अब साहिल के कब्जे में थी और थोड़ा सा चाहकर भी नहीं हिल सकती थी।

साहिल ने अपने लंड को उसकी चूत से लेकर गांड़ तक रगड़ना शुरू किया और रूबी मस्ती से सिसक उठी

" आह साहिल उफ्फ, बेटा कर दे आज अपनी मा की गांड़ का उद्घाटन, उफ्फ प्यार से बहुत मोटा हैं तेरा लंड।

साहिल ने लंड को गांड़ के छेद पर रखते हुए हल्का सा दबाव दिया और रूबी को अपनी गांड़ खुलती हुई महसूस हुई और दर्द की तेज लहर उसके जिस्म में दौड़ गई। साहिल ने अपने होंठ रूबी के होंठो पर टिका दिए और हल्का सा धक्का दिया तो लंड का सुपाड़ा गांड़ में घुस गया। रूबी तड़प उठी और अपनी गांड़ को हिलाने लगी लेकिन साहिल की मजबूत पकड़ के आगे वो मजबूर थी। साहिल ने रूबी को इशारा किया कि अपने गांड़ को बाहर की तरफ दबाए और रूबी ने जैसे ही बाहर की तरफ दबाव दिया तो साहिल ने पूरी ताकत से एक जोरदार धक्का लगाया और उसका पुरा लंड एक ही धक्के में रूबी की गांड़ में उतर गया और रूबी दर्द से तड़प उठी

" आह साहिल मेरी मा की चूत, आह मेरी गांड़ फाड़ दी, आह भोसडी के।

रूबी उसके नीचे से निकलने के लिए इधर उधर हिलने लगी लेकिन साहिल की मजबूत पकड़ के चलते हिल भी नहीं पाई। रूबी की आंखों से आंसू निकल पड़े और साहिल ने अपने मा के आंसू साफ किए और एक हाथ नीचे ले जाते हुए उसकी चूत को सहलाने लगा।चूत पर हाथ लगते ही रूबी के मुंह से मस्ती भरी आह निकल पड़ी और साहिल ने अपने लंड लंड को बाहर की तरफ खींच लिया और रूबी के मुंह से फिर से अा निकल पड़ी। साहिल ने फिर से अपने लंड को अंदर घुसा दिया और रूबी फिर से दर्द से तड़प उठी और साहिल ने अपनी मा के होंठो को चूसने हुए धीरे धीरे हल्के हल्के धक्के लगाने शुरू किए। लंड का सुपाड़ा सिर्फ अंदर रहता और साहिल फिर से लंड को धीरे से घुसा देता। रूबी का दर्द धीरे धीरे कम होता चला गया और उसकी दर्द भरी आह मस्ती भरी सिसकारियां में बदल और उसने खुद ही अपने बेटे का मुंह चूम लिया तो साहिल ने पूरे लंड को बाहर निकाल कर फिर से एक तेज झटका दिया और लंड फिर से पूरा अंदर घुस गया और रूबी फिर से दर्द से कराह उठी

" आह साहिल, उफ्फ धीरे कर दर्द होता है बेटा, आह मा,

साहिल ने बिना रुके तेजी से रूबी की गांड़ को मारना शुरू किया और देखते ही देखते साहिल का लंड आराम से उसकी गांड़ में घुसने लगा। रूबी भी अब मस्ती में अा गई क्योंकि दर्द कम और मजा उससे कहीं ज्यादा अा रहा था और सिसक उठी

" आह साहिल, उफ्फ मार ले मेरी गांड़ बेटा। आह जी भरकर मार अपनी मा की गांड़।

रूबी की तरफ से इशारा मिलते ही साहिल ने पूरी तरह से अपनी मा की गांड़ को पेलना शुरू कर दिया और रूबी की सिसकियां तेज होती चली गई। कमरे में तूफान सा अा गया था और रूबी की मस्ती भरी सिसकारियां गूंज रही थी।

रूबी ने अपनी एक उंगली को चूत में घुसा दिया और अपनी चूत में पहले से ही घुसी हुई साहिल की उंगली को अंदर ही पकड़ लिया और अपनी उंगली साहिल की उंगली से रगड़ने लगीं। साहिल भी अपनी उंगली को रूबी की उंगली से रगड़ने लगा और रूबी की चूत अब उंगली पर उछल रही थी। साहिल ने पूरी तेजी से गांड़ में धक्के लगाए और रूबी मस्ती से आण्हे भरती रही।

तभी साहिल ने पूरे लंड को बाहर निकाल कर एक आखिरी तगड़ा धक्का लगाया और रूबी की चूत इसके साथ ही झड़ती चली गई और वो सिसक उठी

" आह साहिल, उफ्फ मैं गई बेटी, आह मेरी गांड़ भी चुद गई।

इतना कहकर रूबी ने अपनी गांड़ के छेद को जोर से भींच लिया और साहिल का लंड भी जवाब दे गया और उसने अपनी मा की गांड़ को वीर्य से भर दिया।

साहिल अपनी मा की पीठ पर ही गिर पड़ा और रूबी ने अपनी आंखें बंद कर ली। थोड़ी देर के बाद दोनों की सांसे नॉर्मल हो तो रूबी बोली:"

" साहिल बेटा, आज तुमने मेरी गांड़ भी मार ली मेरी जान।

साहिल रूबी की गर्दन चूमते हुए बोला:" आह मम्मी, आज मैंने आपको पूरी तरह से पा लिया। आई लव यू रूबी।

रूबी ने साहिल को एक झटका दिया और सिकुड़ कर लंड उसकी गांड़ से बाहर निकल गया और रूबी उसके उपर आ गई और उसके होंठ चूमते हुए बोली

" साहिल मेरे बेटे मैं सिर्फ तेरी हूं, हर तरह से, पूरी तरह से, मेरे जिस्म , मेरी आत्मा तक पर सिर्फ तुम्हारा हक है। लव यू टू बेटा।

साहिल ने अपनी मा को अपनी बांहों में कस लिया और लंड खड़ा होते हुए फिर से चूत के छेद पर अा लगा। रूबी ने साहिल की आंखो में देखा और साहिल ने एक तगड़ा धक्का लगाया और लंड फिर से उसकी मा की चूत में उतर गया, मा की चूत यानी साहिल और उसके लंड का असली घर।

समाप्त।
 
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