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Incest 10 इंच

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मै दादी की तरफ पीठ करके लेटा था

फातिमा-- आरिफ इस तरफ करवट लो

मै डर गया कि कही दादी शाम वाली बात ना पूछ ले

मैने धीरे से करवट ली

फातिमा-- आरिफ तुझे गर्म तो नही लग रही है

मैने ना मे सिर हिलाया

फातिमा-- मुझे तो बडी गर्म लग रही है मै कपडे उतारने जा रही हू

दादी खाट से उतरकर कपडे उतारने लगी

मै सोच मेपड़ गया कि दादी मेरे सामने नंगी होगी

मुझे अंसारी बात याद आ गयी

कि जो भी औरत तेरा लंड देखेगी वह चुदवाये बिना नही रह पायेगी

तो क्या दादी मेरा लंड देखने के बाद यहा बाग आई है मुझसे चुदवाने के लिए

यह सोचकर मेरा लंड खडा होने लगा

मैने दादी की तरफ देखा वो सलवार कमीज उतार कर पूरी नंगी हो चुकी थी

उनकी गॉड बडी थी दूध भी बडे और ठीले थे

यह देखकर मेरा लंड पूरा खडा हो गया

दादी फिर से खाट पर लेट गयी

मै दादी की तरफ करवट लेकर लेटा था दादी मेरी तरफ पीठ करके लेट गयी

मेरे लंड और दादी की गंाड मे बहत कम दूरी थी

हम कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे

फिर दादी ने अपनी गाड पीछे करके मेरे तंबू बनेपजामे से सटा दिया

मुझे यकीन हो गया कि दादी मेरा लंड लेने का पूरा प्लान करके आई है

मै-- दादी मुझे भी गर्मी लग रही है मै भी कपडे उतार दू

दादी कुछ नही बोली

मै झट से उठ और अपने सारे कपडेउतार दिये

मेरा लंड पूरे जोश मे था

मै खाट पर लेट गया

मैने दादी की तरफ करवट ली और धीरे से लंड को दादी की गांड के छेद से छुआया

दादी के सरीर मे हलचल हुई

मै बहुत गर्म था मेरी समझ मे कुछ नही आ रहा था मै लंड को दादी की गाड मे घुसाने लगा तो दादी झट से करवट ली और पीठ के बल लेट गयी

और बोली

फातिमा-- बेटा वहा नही तेरा लंड बुत बडा और मोटा है मेरी गांड फट जयेगी

दादी ने दोनो हाथो से चूत की फाको को फैलाकर बोली

आरिफ यहा डाल

मै झट से उनकी जांघो के बीच मे आ गया

दादी का एक बीते का भोसडा़ मेरे लौडे को खुली चुनौती दे रह था

मै अनाडी खिलाडी की तरह फातिमा की जांघो के बीच मे आकर लंड को दादी की चूत छ
 
दादी की चूत केछेद पर सेट किया और एक ही झटके मे पूरा लंड दादी की चूत मे उतार दिया

दादी चीख पडी

हाय अल्लाह एक ही बार मे घुसा दिया

मै रुका रहा

कुछ देर बाद दादी ने पैरो से मेरी कमर को जकड लिया और अपनी गांड को हिलाने लगी मै समझ गया कि दादी अब चुदायी के लिए तैयार हैं

फिर मैने लंड को दादी की चूत से पूरा बाहर निकाला और फिर से लंड को दादी की चूत मे उतार दिया इस बाक दादी की हल्की सी चीख निकली

मैने दादी की चीख को अनसुना किया और लंड को अंदर बाहर करने लगा

मेरे हर झटके से खाट मे से आवाज आती थी

कुछ देर बाद दादी ने मुझे कस कर अपनी और खीच लिया और अपनी गांड को दादी मेरे लंड दबाव देने लगा मै समझ गया कि दादी अब झडने वाली है मै अपने लंड को दादी के पेट तक घुसा ता हुआ तेज झटके लगाने लगा जल्दी ही दादी झड गयी और अपनी पकड को डील कर दिया लिकन मेरा लंड दादी की चूत को लगातार चोद रहा था हम दोनो पसीने भीग चुके थे

झडने के कारण दादी की चूत गीली होगयी थी सफेद रस उनकी चूत मे से बह रहा था

और सफेद रस से सना हुआ मेरा लंड दादी की चूत मे अनदर बाहर हो रहा था

लगभग आधे घन्टे बाद मेरा शरीर ऐठने लगा और मैने अपनी स्पीड बढा दी तेज झटको के साथ ही मै अपनी दादी की चूत मे ही झड गया

मुझे लगा जैसे मैने कोई गर्म चीज अनाडी लंड से निकालकर दादी की चूत मे भर दी हो

मेरे बीज से दादी की चूत भर गयी मैने अपना लंड दादी की चूत मे से बाहर खीचा फच्च्च की आवाज करके दादी की चूत बाहर हो गयी और उसमे से सफेद रस बाहर बहने लगा
 
हम दोनो उसी तरह लेटे रहे

कुछ देर बाद मेरा लंड फिर से खडॉ होने लगा

मैने दादी से बोला कि

मै-- दादी आप घोडी बन जाओ मै आपको पीछे से चोदूगा

मेरी बात सुनकर दादी घोडी बन गयी

मुझे दादी की झांटोदार चूत और गांड दोनो के दीदार हो रहे थे मैने दादी की गांड मारने का सोचा

मैने लंड के टोपे को दादी की गांड के छेद मे सेट किया

दादी-- बेटा वहा नही

मैने आज तक इतने बडे लंड से गांड नही मराई मेरी गांड फट जायेगी

मैने दादी की बात को नजरंदाज करके अपने लंड को दादी की गांड मे घुसाने लगा कुछ ही पलो मे मेरा आधा लंड दादी की गांड मे था

दादी---- बेटा अब और नही घुसाना

मैने लंड को थोडा पीछे किया और एक जोर का झटका दादी की गांड मे दे मारा

दादी खाट पर पेट के बल पसर गयी और मुझे गाली देने लगी

मैने दादी की बात को अनसुना करके लंड की तरफ देखा तो वो अब भी थोडा सा बाहर था

मैने लंड को पीछे किया और एक तगडा झटका दादी की गांड मे देमारा

मेरा पूरा लंड दादी की गांड मे धस चुका था और दादी जल बिन मछली की तरह छटपटाने लगी

दादी पूरी तरह से खाट मे पेट के बल लेटी थी और मै अपने १० इंची लौडे से उनकी गांड मार रहा था

दादी बडबडा रही थी

पर मै उनकी किसी भी बात को नही सुन रहा था

मै दादी की पीठ पर लदा हुआ गपागप उनकी गांड मार रहा था

कुछ देर बाद दादी सांत हुई

दादी भी अपनी गांड अब आगे पीछे करके मेरा पूरा साथ दे रही थी

मै--- दादी मजा आ रहा है???

दादी--- मजा तो आ रहा है लेकिन लग रहा जैसे किसी ने मेरी गांड मे लोहे की गर्म राड घुसा दी हो

मै दादी की बात को सुनकर अपनी स्पीड और बढा दी मै दादी की गांड को अब तक फैला दिया था और मेरा लंड दादी की गांड मे आसानी से अनदर बाहर हो रहा था

लगभग एक घन्टे की ताबड तोड चुदाई के बाद मैने दादी की गांड मे ही झड गया

मै दादी के ऊपर ही लेट गया

उस रात मैने दादी की गांड २ बार मारी औ उनकी चूत को ४ बार चोदा

सुबह तक हमने चुदाइ की

दादी की गांड और चूत का छेद बडा हो गया था जिसमे मेरा लंड आसानी से घसु जाता था दादी ने भी पूरी रात मजे से चुदवाया और मुझे दादी ने रात भर मे ही अनाडी़ से खिलाडी बना दिया
 
हम दोनो बाग से घर की ओर चल द्ए

सूरज निकल चुका था दादी मेरे आगे आगे गांड मटका के चल रही थी

मेरा लंड खडा हो चुका था तभी हम घर पहुच गये

दादी अपने कमरे मे घुस गयी सायद उनके पेट मे दर्द था

अब्बू फोन पर बात कर रहे थे फोन काट के बोले कि वो फूफी(सैफुल) को लाने जा रहे है २-३दिन मे आ जायेगे यह सुनकर मै खुस हो गया कि अम्मी को चोदने के लिए इससे अच्छा मौका नही मिलेगा

अब्बू फूफी के घर जाने के लिअ तैयारी करने लगे

मै नहाने के बाथरूम मे चला गया

मेरा लंड खडा हो चुका था मै दादी को चोदना चाह रहा था पक अभी नामुमकिन था मै नहा कर अपने कमरो की ओर जाने लगा तभी मेरी नजर अम्मी पर गयी वो सबजी काट रही थी मैने सोचा कि अम्मी को आज अपना लंड दिखा ही दूगा

मै जैसे ही अम्मी के सामने से गुजरा तो

मैने अपनी तौलिया इस तरह से खोली जैसे वो अपने आप खूली हो ।

तौलिए के नीचे गिरते ही अम्मी की नजरे मुझ पर आई और मेरा लंड देखकर अम्मी की आंखे खूली रह गयी

मै२ मिनट खडा रहा न मै हिला न अम्मी

फि मै अपने कमरे की ओर भाग गया

मैने खाना खाते समय देखा कि अम्मी की नजरे मेरे पजामे पर ही है

मेरा प्लान काम कर रहा था

मै खाना खाके बाग की ओर निकल गया

मै दादी को आज रात बाग मे चोदने के बारे मे सोच रहा था ओर अम्मी को भी चोदने के बारे मे सोच रहा था वैसे मै कामयाब हो गया था क्योकि अम्मी अब किसी भी समय मेरे लंड के नीचे आने वाली थी

मैने सोचा कि अम्मी और दादी को एक साथ चोदने मे कितना मजा आयेगा

शाम तक यही सोच रहा था

आज अंसारी नही आया

मैने सोचा कि अंसारी अपनी अम्मी को चोदने मे बिजी होगा

शाम हो गयी मै घर की ओर निकल पडा

मै घर के पीछे आया तो देखा कि दीदी बाहर आ रही है मै पेड के पीछे छिप गया दीदी

ने सलवार नीचे करके मूतने के बैठी

मुझे दीदी की गांड सा फ दिख रही थी

मेरे लंड खडा हो चुका था मै दीदी को भी चोदने के बारे मे सोच ने लगा

दीदी मूत के घर चली गयी मै भी घर मे घुस के दादी को देखने लगा पर दादी मुझे न दिखी
 
मै--- अम्मी दादी नही दिख रही

अम्मी-- दादी भी अब्बू के साथ दीदी के घर गयी है

यह सुनकर मै परेसान हो गया कि अब बाग मे किसे चोदूगा

मै खाना खा चुका था और बाग कि ओर निकल ही रहा था कि अम्मी आई

अम्मी-- आरिफ आज घर मे अब्बू और दादी भी नही है तो तुम आज घर मे हो सो जाओ

सना-- हां भाई अम्मी सही कह रही है

जब तक अब्बू और दादी नही आ जाते तब तक तुम बाग मे नही घर पर ही सोया करो

मै-- ठीक है

रात के १० बज रहे थे मै आंगन मे लेटा था दीदी और| अम्मी अपने अपने कमरे मे जा चुकी थी

मैने अम्मी का दरवाजा खुलते हुए देखा

अम्मी बाहर आई और बोली कि आरिफ आज बहुत गर्मी है

मैने भी हां मे सिर हिला दिया

मै समझ गया था कि अम्मी चुदवाना चाहती है फिर भी मैने पहल करना सही नही समझा
 
अम्मी-- आरिफ मेरे पैरो मे दर्द है तुम पैर दबा दोगे

मैने झट से हा कर दी

अम्मी ने अपनी सलवार कमीज उतार दी

यह देखकर मेरे लंड ने चड्डी मे एक हाथ का तंबू बना दिया

अम्मी की नजर तंबू पर गयी और उन्होने एक प्यारी सी मुसकुराहट दी

अब अम्मी पेट के बल ले ट चुकी थी ओर मै उनके पैर दबा रहा था

अम्मी चुपचाप लेटी थी पर मुझसे उनकी बडी गांड देखकर कन्टर्ोल करना मुसकिल था

मै-- अम्मी पीठ भी दबा दू

मैने हिम्मत करके पहल करने की सोची

अम्मी ने हूं मे आवाज निकाली

मै अम्मी की टांगो के बीच मे आकर अम्मी की पीठ दबाने लगा

मेरा लंड अम्मी की गांड मे छूने लगा था लंड के छूते ही अम्मी के मुह से आंह निकल जाती थी
 
मै अम्मी की पीठ से अब अम्मी की गांड को दबा रहा था

और अम्मी भी मादक आवाज निकल रही थी

मैने देर करना सही नही समझा

और झट से अपनी चड्डी उतार दी अब मै नंगा था और मेरा एक हाथ का लंड अम्मी की छेद मे धुसने को बेकरार था

मैने अम्मी की चड्डी उतार दी अब अम्मी की गांड और बुर मुझे सा फ दिख रही थी अम्मी की बुर की फांके खुली हुई थी

मै झट से अपनी अम्मी के पैरोको फैला कर उनके टांगो के बीच मे आ गया

मै अपना लंड अम्मी की बुर के छेद मे धसाने लगा लंड मोटा था इसलिए बडी मुसकिल से लंड का टोपा अम्मी की बुर मे सेट हुआ

मैने देखा कि अम्मी चादर को अपने मुह मे घुसा रही है

मै समझ गया था कि अम्मी अपनी आवाज को दबा ना चाहती है ताकी आवाज दीदी के कमरे तक ना पहुचे

अम्मी अब अपने बेटे का १० इंची लंड अपनी बुर मे लेने के लिए तैयार थी

अब मेरी बारी थी

मैने एक जोर का झटका अम्मी के पीछे लेटे लेटे ही लगाया और मेरा लंड आधे से जादा सरसराते हुए अम्मी की बुर मे घुस गया ।।।
 
मेरा लंड अम्मी की चूत मे फस गया था

बडी मुसकिल से लंड आगे पीछे हो रहा था

अम्मी अब शांत थी

मेरा लंड अभीभी ४ इंच बाहर दिखाई दे रहा था मैने अपने लंड पर और दबाव डालकर अम्मी की चूत मे धसाना सुरू किया

अम्मी छटपटाने लगी

मै लंड पर दबाव बढाने लगा

अम्मी की चूत मे मेरा लंड धसने लगा

पर अम्मी की हालत खराब होने लगी

वो अपना सिर और हाथ खाट पर पटकने लगी

पर मै बेखबर अपना लौडा अम्मी की चूत मे घुसाता चला गया

मेरे लंड को बहुत गर्मी अम्मी की चूत मे महसूस हो रही थी

पर वह गरम लोहे की राड की तरह अम्मी की चूत मे अपनी जगह बनाते हुए धसता चला गया

अम्मी खाट पर आगे की ओर सरकने लगी

सायद अम्मी को बहुत दर्द हो रहा था

मै भी अम्मी की चूत मे लंड घसाये हुए आगे सरकता चला गया

अम्मी के दोनो हाथ अब जमीन पर थे

और अम्मी की कमर और पैर ही अब खाट पर थे

मुझे लगा कि अम्मी भाकने की फिराक मे है

मैने दोनोहाथो से अम्मी की कमर को पकड लिया और अम्मी की दोनो टागो को अपनी टागो से दबा लिया

अब अम्मी का भाग पाना नामुमकिन था

मैने जोर लगाके अपने लंड को पीछ् खीचा

लंड केसाथ ही अम्मी की चूत भी पीछे छिच गयी

मैने पूरी ताकत से अपना लंड अबकी बार अम्मी की चूत मे घुसा दिया

मेरा पूरा लंड अम्मी की चूत मे घुसा गया था

पर अम्मी की हालत खराब हो रही थी

अम्मी का पूरा सरीप पसीने से भीग गया था

पर मै बेखबर अम्मी की चूत मे लंड आगे पीछे करने लगा

कुछ ही देर मे मेरा लंड अम्मी की चूत मे आसानी से आगे पीछे हो रहा था

मै जड तक अपना लंड अम्मी की चूत मे हर धक्के मे घुसाता

हर धक्के के साथ ही अम्मी की जोर से चीख निकल जाती थी

चादर अम्मी के मुह से अब निकल गयी थी और अम्मी जोर जोर से हर धक्के के साथ चीख निकल रही थी

मै जोर जोर से अपना लंड अम्मी की चूत मे घुसा और निकल रहा था

मेरे लंड मे सफे द चिकना पदार्थ लग गया था जिससे मेरा पूरा १०इंची लंड आसानी से अम्मी की चूत मे अनदर बाहर हो रहा था

३० मिनट की चुदाइ के बाद मै झड गया

मैने अपना बीज हर धक्के के साथ ही अम्मी की चूत मे भर दिया

फिर मैने अम्मी को खाट पर खीच कर सी धा लिटाया अम्मी की आखो मे आसू थे उनका चेहरा लाल था पर अब अम्मी सांत थी

अम्मी की चूत पूरी खुल गयी थी और

१ बीते की लग रही थी चूत की फाके खुली हुई थी

मेरा लंड सिकुड कर छोट हो गया था

आज अम्मी को चोदने की तमन्ना पूरी हो गयी थी मैने अपना सिकुडा हुआ लंड अम्मी की चूत मे घुसा दिया और अम्मी के ऊपर लेट गया

मै अम्मी को किस कर रहा था अम्मी भी मेरे गालो को चूम रही थी

और उनके चेहरे पर एक हल्की सी मुसकान थी

हम दोनो एक दसरे को किस करते हुए कब सो गये पता ही नही चला ?।।।
 
Bhai ab mai kuch din update nahi de paunga

Jis bhi Bhai ko ye kahani achi lagi ho aur kahani ko likhna chahta ho WO likh Sakta hai

Aap Sab meri samasya ko please samjhe

Jab kabhi time milega mai kahani a age likhoonga

But abhi kuch months nahi likh paoonga

Uske liye sorry

Please sorry
 
समय बीत रहा था आरिफ फरीदा और फातीमा को जम कर चोद रहा था

सना भी आरिफ से मजा लेने लगी थी बात बात पर आरिफ को अपना हुस्न दिखाती थी

आरिफ जब अम्मी को रात मे चोद ता तो छिपकर देखती

आरिफ भी जानता था कि सना दीदी देख रही है इसलिए वह अम्मी फरीद को जमकर चोदता

फरीदा भी अपनी बेटी की करतूत जानती थी

पर उसे भी पता था की उसके बेटे का घोडे जैसा लंड देखकर कोई भी औरत बिना चुदवाए नही रह सकती
 
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