मोनिका: पर जिस तरह तुम रश्मि को चोद रहे हो यह 2 दिन नहीं चल पायेगी. मेरी चूत में अब तक भयंकर दर्द है और ठीक से चल तक नहीं पा रही हूँ. कोई भी मेरी चाल देखकर बता सकता है कि मैंने अभी अभी क्या गुल खिलाया है.
रिशू: अरे मूड मत ख़राब कर. इसकी चूचीयां दबा और इसके होंठ चूस. जल्दी कर हरामजादी अब मैं इसकी चूत का भोसड़ा बना कर इसकी चूत को अपने लंड रस से भरने वाला हूँ.
रिशू की बात सुनकर मोनिका तुंरत रश्मि की तनी हुई चूचीयों को सहलाने लगी और अपने जलते हुए होंठ रश्मि के होंठों पर रख दिये. रिशू ने अपने जोरदार झटके मारना जारी रखा और लगातार 10-15 जोदरदार झटके और मारते हुए रिशू ने रश्मि की चूत में अपना पूरा वीर्य भर दिया और रश्मि के बगल में लेट गया...
तभी अचानक घंटी बजी. रिशू के मूसल लंड ने मोनिका की नाजुक चूत की भी चूलें हिला के रख दी थी जिसकी वजह से वह भी ठीक से नहीं चल पा रही थी. मोनिका धीमे कदमों से लड़खड़ाते हुए उठने की कोशिश करने लगी पर रश्मि ने उसे रोका और उठ कर पास पड़ी एक मैक्सी पहन कर नीचे दरवाजे खोलने चल दी. मोनिका उसे आश्चर्य से देख रही थी की ऐसी चुदाई के बाद रश्मि की चाल के ऊपर कोई असर नहीं हुआ था. रिशू ने तब तक मोनिका को पकड़ कर वापस बेड पर खींच लिया और बोला
रिशू: कहा चली कुतिया, भूल गयी अभी तो तेरी गांड भी फाडनी है मुझे.
मोनिका: पर नीचे कोई आया है.
रिशू: अरे रश्मि बहुत समझदार है. जो भी होगा वो उसे नीचे से ही टरका देगी. वो जानती है की अभी तेरी गांड फटने वाली है.
मोनिका ये सोच कर बहुत परेशान थी की अगर रिशू ने उसकी गांड मारी तो पक्का खून निकाल देगा. इतना मोटा लंड गांड में वो नहीं लेना चाहती थी. वैसे भी वो गांड मरवाने में अभी एक्सपर्ट नहीं हुई थी और अपने भाइयों को भी ज्यादा गांड नहीं मारने देती थी. पर आज उसकी किस्मत अच्छी थी क्योंकि जब नीचे रश्मि ने डोर खोला तो सामने मोनू कामिनी आंटी के साथ खड़ा था.
रिशू: अरे मूड मत ख़राब कर. इसकी चूचीयां दबा और इसके होंठ चूस. जल्दी कर हरामजादी अब मैं इसकी चूत का भोसड़ा बना कर इसकी चूत को अपने लंड रस से भरने वाला हूँ.
रिशू की बात सुनकर मोनिका तुंरत रश्मि की तनी हुई चूचीयों को सहलाने लगी और अपने जलते हुए होंठ रश्मि के होंठों पर रख दिये. रिशू ने अपने जोरदार झटके मारना जारी रखा और लगातार 10-15 जोदरदार झटके और मारते हुए रिशू ने रश्मि की चूत में अपना पूरा वीर्य भर दिया और रश्मि के बगल में लेट गया...
तभी अचानक घंटी बजी. रिशू के मूसल लंड ने मोनिका की नाजुक चूत की भी चूलें हिला के रख दी थी जिसकी वजह से वह भी ठीक से नहीं चल पा रही थी. मोनिका धीमे कदमों से लड़खड़ाते हुए उठने की कोशिश करने लगी पर रश्मि ने उसे रोका और उठ कर पास पड़ी एक मैक्सी पहन कर नीचे दरवाजे खोलने चल दी. मोनिका उसे आश्चर्य से देख रही थी की ऐसी चुदाई के बाद रश्मि की चाल के ऊपर कोई असर नहीं हुआ था. रिशू ने तब तक मोनिका को पकड़ कर वापस बेड पर खींच लिया और बोला
रिशू: कहा चली कुतिया, भूल गयी अभी तो तेरी गांड भी फाडनी है मुझे.
मोनिका: पर नीचे कोई आया है.
रिशू: अरे रश्मि बहुत समझदार है. जो भी होगा वो उसे नीचे से ही टरका देगी. वो जानती है की अभी तेरी गांड फटने वाली है.
मोनिका ये सोच कर बहुत परेशान थी की अगर रिशू ने उसकी गांड मारी तो पक्का खून निकाल देगा. इतना मोटा लंड गांड में वो नहीं लेना चाहती थी. वैसे भी वो गांड मरवाने में अभी एक्सपर्ट नहीं हुई थी और अपने भाइयों को भी ज्यादा गांड नहीं मारने देती थी. पर आज उसकी किस्मत अच्छी थी क्योंकि जब नीचे रश्मि ने डोर खोला तो सामने मोनू कामिनी आंटी के साथ खड़ा था.