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Incest Parikh Family

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अलका ने grown पहन लिया , फिर अलका ने पलटते हे दरवाजे पर अनिल को देखकर चोका गई , उसे लगा कही अनिल ने उसे कपडे बदलते देखा न लिया हो

अलका: तुम कब आये बेटा.अनिल: बस अभी आया मम्मी अब वो कैसे बता सकता था की उसने आज पहलीबार अपनी मम्मी को बिना कपड़ो के नंगी देखा , और उसका मन मम्मी को चोदने का होने लगा अनिल आपने मुझे बुलाया था इसलिए आया था अनिल की बातें फँस रही थी लेकिन वो अपने आपको कण्ट्रोल में रखने की कोशिश कर रहा था अलका बीएड पे बैठ गयी और उसे भी अपने पास बैठने को बोलै....दरबाजे पे खरे सागर ने अपने आपको थोड़ा साइड में कर लिया की कोई उसे देख न पाए अलका बेटा , तुम्हे क्या सब पसंद है अनिल सब कुछ मम्मी आप ऐसे क्यों पूछ रही है अलका नहीं... बस ऐसे ही तुमको लेडीज पसंद है क्या? अनिल हाँ लेकिन आप क्यों? अलका: क्या पसंद है तुम्हे किसी लेडीज में बोलते हुए अलका अपने हाथो को अनिल के बालों में फेरने लगी ऐसा लग रहा था की उसका बेटा अभी भोला है और उसे सही मतलब न पता हो. और कोई समय होता तो अनिल कुछ बोल नहीं पता लेकिन अभी नशे की हालत में उसने बिना किसी हिचक के बोल. अनिल सब कुछ वैसे , खास कर उसकी गांड और चूचियां अलका क्या? उसे समझ में नहीं आया की उसका बेटा इतनी आसानी से ये सब कैसे बोलै और वो भी उसके सामने में लेकिन उसने अपने आप्पे काबू रखा और आगे बात करनी चाही. अलका: लेकिन बेटा अभी तुम्हे पढाई में धयान देना चाहिए इस चक्कर में तो पढाई नहीं हो पायेगी. अनिल लेकिन मैं क्या करूँ , जब भी मैं कोई भी बड़ी चुतर देझता हु मुझे chudai मान करता है आप ही बताईये ऐन क्या करू अलका को समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या बोले उसका बेटा ऐसे खुल के बोलेगा उसने कभी सोचा नहीं था लेकिन अब उसे ही कुछ करना था. अलका: तुम्हे कैसी ग... पसंद है अलका खुल के बोल नहीं पायी लेकिन अपने बेटे का मान टटोलना चाहती थी. अनिल सच बोलू मम्मी अलका हाँ बोलो न अनिल मम्मी मुझे आपकी गांड बहुत पसंद हैअलका क्या?
 
अनिलमैं सच बोल रहा हु मम्मी मैंने आप जैसा बैक साइड नहीं देखा अलका: तुम मुझसे ऐसी बात कैसे कर सकते हो अलका ने उसे डाटने की कोशिश की लेकिन साथ में उसके मान में कुछ और भी चल रहा था बहार दरबाजे पे खरे सागर के चेहरे पे मुस्कान थी उसे लग रहा थी की आज जैसा उसने सोचा है वो सब हो जायेगा. अनिल ने अपनी मम्मी के मोठे मोठे जगहों पे हाथ रख दिया और उसे सहलाने लगा , अलका को एक पल को अजीब लगा लेकिन फिर उसने कुछ सोचते हुए उसे रोका नहीं अलका: तुम क्या चाहते हो बेटा अनिल मम्मी मैं आपकी गांड देखना चाहता हु प्ल्ज़ मन मत करना मम्मी अलका: लेकिन ये गलत है न बीटा तुम्हे ये सब नहीं करना चहिये अनिल: प्लीज मम्मी , मैं अपने आपको कण्ट्रोल नहीं कर प् रहा हुअलका: केबल एक शर्त पे मैं तुम्हारी बात मान सकता हु की तुम और किसी औरत के साथ कुछ नहीं करोगे अनिल ओके मम्मी बस जब भी मान करेगा मैं आपके पास आ जौंगाल्का ओके , अब बोलो मैं क्या करुणसागर ने अपने मोबाइल का वीडियो ों कर लिया और उसे हाथ में लेकर अंदर शूट करना सुरु कर दिया. अनिल: मम्मी आप इस चेयर पे डोगग्य स्टाइल में बैठिये नालका को अजीब लगा लेकिन उसने वैसा ही किया जैसा अनिल ने उसे कहा था. उसके डोगग्य स्टाइल में बैठते ही अनिल ने अपनी मम्मी का गाउन उसके चुतर के ऊपर कर दिया उसे बस आगे बढ़ना था. और उसके आँखों के सामने उसकी मम्मी की बड़ी सी चुतर थी उसके चुतर के बीच रेड कलर की पंतय थी , अनिल ने मम्मी की चुतर को अपने हाथो से सहलाया अलका आँखे बंद किये हुए उसके हाथो को महसूस कर रही थी. अनिल ने उसके चुतर को थपथपाना सुरु किया और उसके चौड़े चुतर को हिलने लगा अलका को लगा की उसे चुतर का हिलना अच्छा लगता है तो उसने अपनी चुतर को हिलना सुरु कर दिया. उसके हिलते चुतर को देख के अनिल का मूड और बन गया और उसने अलका के चुतर को पकड़ के उसकी पंतय को साइड किया और उसकी छूट और गांड के ऊपर अपनी उँगलियों को फेरने लगा. अलका उसके उँगलियों का आनंद अपने छूट और गांड पे महसूस कर रही थी आज बहुत दिनों के बाद उसके इस पार्ट पे किसी का हाथ लगा था और वो भूल गयी थी की ये उसका पति नहीं उसका बेटा है. सागर भी अलका के नंगे छूट और गांड को देख के कण्ट्रोल नहीं कर प् रहा था लेकिन उसका पूरा ध्यान वीडियो रिकॉर्ड करने पे था. अनिल अपनी उँगलियों को अपनी मम्मी के गांड के छेद पे ऊपर घुमा रहा था तो कभी अपनी उंगली को उसकी छूट के अंदर घुसा देता. अलका: तुमने केबल चुतर देखने को कहा था ये सब क्या कर रहे होएनिल: मम्मी प्लीज मत रोको मैं अपने आपको को नहीं रोक पाउँगा मैं इसके अंदर करना चाहता हुअलका: तुम अभी बच्चे होएनिलआज खुद देख के जज कर लो मम्मी की मैं बच्चा हु या बड़ा हो गया हु.
 
अलका तुम नहीं मानोगे लेकिन मुझसे वडा करो की तुम किसी और के साथ ये सब नहीं करोगे...किस को क्या बीमारी हो क्या पता..तुम्हारा जब भी मान करे मेरे पास आ जाना.अनिल: ओके मम्मी मैं आपकी बात मानूंगा...मैं और किसी के साथ नहीं करूँगा..बस आप मुझे मत रोकना कुछ करने से. अलका: ठीक है लेकिन धीरे धीरे करना...मैं तुम्हारी तरह जबान नहीं रही अनिल क्या बात करती हो मम्मी तुम्हारे सामने तो हीरोइन भी फ़ैल है अनिल बात करते हुए अपने निकल लिया और अंडरवियर भी उसका लुंड पहले से ही खरा था और उसने अपने लुंड के सुपर को अलका की गांड की छेद से तो कभी उसकी गीली हो चुकी छूट से रैगर रहा था...अलका के लिए ये सब एक नया अनुभव था और वो सिसकारियां भर रही थी. बस उसे इस बात की खुसी थी की अनिल और किसी के साथ ये सब नहीं करेगा नहीं तो अगर किसी प्रोस्टीटूटे के साथ किया और एड्स वगैरह हो गया तो सब बर्बाद हो जायेगा.अनिल ने आगे बात नहीं की उसका पूरा ध्यान अपनी माँ की गांड पे था और उसने उसकी छूट में उंगली दाल के पानी निकला और उस पानी को उसकी गांड की छेद में दाल के आगे पीछे करने लगा ऐसा उसने ४-५ बार किया तो अलका को लगा की वो उसके गांड में उंगली कर के मजे ले रहा है. उधर सागर भी अपना लुंड पंत से बहार करके मुठिया रहा था और दूसरे हाथ से सब कुछ रिकॉर्ड भी कर रहा था. अनिल ने अपने लुंड के सुपर को अपनी मम्मी की गांड के छेद पे रखा और उसने अलका की चुतर को दोनों हाथो से पकड़ के अपने लुंड को आगे धकेला तो अलका चीख पड़ी.अलका: ये कहाँ पे दाल रहे हो अनिल यहाँ नहीं डालते , ऐसे बहार निकालो और थोड़ा निचे वाले होल में dalo anil मम्मी मुझे आपकी गांड मारनी है प्लीज मरने दो न अलका यहाँ बहुत दर्द होता हैअनिल: आप अपने बेटे की खुसी के लिए इतना दर्द भी नहीं सेह सकती मंम्यलक: तुम बहुत शैतान हो गए हो चलो डालो जहाँ डालना है लेकिन थोड़ा धीरे धीरे डालनानिल ओके मम्मी.अनिल ने धीरे धीरे करके अपना पूरा लुंड अलका की गांड में दाल दिया , अलका को दर्द तो हो रहा था लेकिन खुसी भी थी की उसका बेटा अब छोड़ने के लिए रेडी है उसका लुंड ७ इंच का था और अच्छा खासा मोटा भी था उसके पति का भी लुंड बड़ा था लेकिन उसके चुदाई में अब वो बात नहीं रही थी जो आज अनिल की चुदाई में उसे मिल रहा था. अनिल ने अपने हाथो से उसके चुतर को पकड़ा और अपने लुंड को बहार निकल के फिर से जोरदार झटके के साथ अंदर धकेल दिया. अलका जोर से चीखी लेकिन उसे मज़ा भी आ रहा था अनिल का लुंड उसकी गांड के अंदर कैसा हुआ जा रहा था और अनिल तो जैसे सातवे आसमान पे था , उसकी तो जैसे लाटरी लग गयी थी और वो उसका भरपूर आनंद उठाना छह रहा था. उसके लुंड अब अलका की गांड के अंदर बहार हो रहे थे और उसके साथ साथ सागर को भी बहुत मज़ा आ रहा था इस सब का उसने जैसा सोचा उसे मिल चूका था और आगे भी मिलने वाला था.
 
अनिल अपना मोटा लुंड अलका की गांड में पेले जा रहा था आज उसे chodane में बहुत मज़ा आ रहा था , आज से पहले उसने बहुत सी लड़कियों को छोड़ा था लेकिन ऐसे उतना मज़ा नहीं आया था और उसने सोच लिया की आगे से जब भी उसका मान करेगा अपनी मम्मी के पास ही आ जायेगा. उसकी मम्मी ने भी इस बात की हामी भर ही दी थी. बस अभी उसे अपनी मम्मी को खुस करना था. कुछ देर तक ऐसे ही डोगग्य स्टाइल में अलका की गांड चुदती रही , फिर उसने अनिल को अपनी गांड से लुंड निकलने को कहा और वो उठकर खरी हो गयी उसने एक बार दरबाजे की तरफ देखा उसे लगा की कही दरबाजा खुला न हो. सागर ने पहले से ही दरबाजे को भीरा दिया था और थोड़ा सा गैप रखा था जहाँ पे उसने मोबाइल को फिट कर दिया था रिकॉडिंग के लिए और चुदाई के उस सन का मज़ा ले रहा था.अलका ने अनिल को नीचे फर्श पे लेटने को कहा और अनिल उसकी बात मानते हुए लेट गया उसने अपना लुंड पकड़ रखा था और उसे हिला रहा था. अलका ने अपनी चूचियों को भी grown से बहार निकल लिया और अनिल के ऊपर लेट गया , उसने अपने बड़े बड़े और मोती मोती सॉलिड चूचियों को अनिल के मुँह के पास कर दिया. अलका: ले अब ये मुँह में ले चूस बचपन की याद आ जाएगी तुझे और अलका हसने लगी और उसकी बात सुनके अनिल ने उसकी एक चुकी को पकड़ के अपने मुँह में लगा लिया और उसकी निप्पल्स को दातों से काट ते हुए मुँह के अनार बहार करने लगा. सागर अलका की नंगी बड़ी बड़ी चूचियों को देख और जोश में आ गया और अपना लुंड हिलने लगा.अलका ने अनिल के लुंड को पकड़ा और उसे अपनी गांड की छेड़ से सेट किया और उसके ऊपर बैठ गयी अनिल का लुंड बिना किसी मुश्किल के उसकी गांड के अंदर घुसती चली गयी. और अनिल के लुंड को पूरा गांड के अंदर करने के बाद अलका उसके लुंड के ऊपर कूदने लगी अनिल के मुँह से उसकी चुकी निकल जा रही थी फिर भी उसने उसकी दोनों चूचियों को हाथ से पकड़ रखा था और बरी बरी उसे एप मुँह में ले रहा था. दोनों पसीने से लतपथ हो चुके थे अलका की हूटर पे पसीने की बुँदे साफ साफ दिख रही थी लेकिन उसे तो अपनी गांड छुड़वाने में मज़ा आ रहा था और अपनी बड़ी और चौड़ी गांड को उसके लुंड के ऊपर उछाल उछाल के चुड़बा रही थी.सबसे सही मज़ा ये सब देखने में सागर को आ रहा था , उसकी नंगी चुतर को हिलते हुए और उसके अंदर जाते हुए लुंड को वो बहुत अच्छे से देख रहा था.अगले कुछ पल तक अलका वैसे ही अपनी गांड चुदवाती रही फिर उसने अपनी गांड से उसका लुंड निकला और पलट गयी और अपने दोनों हाथो को अनिल के दोनों तरफ फर्श पे रखते हुए उसने अपनी गांड को अनिल के लुंड पे सेट किया और उसी चित पोजीशन में अपनी गांड को उसके लुंड पे दबाने लगी अनिल का लुंड बड़ी आसानी के उसकी ढीली हो चुकी गांड में घुस गया और फिर अलका अपने चुतर को उसके ऊपर निचे करने लगी उसकी हर मूवमेंट पे उसकी चूचियां भी हवा में उछाल रही थाई , बहुत ही मज़े दार सन था सागर के लिए और अनिल को तो बहुत ही मज़ा आ रहा था इस तरह से उसकी गाड़ मरने में. उसे लगा की अपनी मम्मी को हेल्प करना चाहिए और उसने अलका के कमर के निचे अपना हाथ लगा दिया जिस से अलका को ऊपर निचे होए में मदद मिले. उसी पोजीशन में अनिल अलका की गांड में अपना लुंड पेलता रहा और उसे लगा की अब उसका लुंड पानी छोड़ने वाला है उसने अलका को अपने लुंड से उतर दिया और खरा हो गया और उसने अपने लुंड से निकलने वाले वीर्य को अलका के मुँह की तरफ कर दिया , उसका वीर्य अलका के मुँह पे और उसकी चूचियों के ऊपर गिरा और उसने एक एक बूँद वीर्य उसके ऊपर उढेल दिया. अलका मुस्कुराते हुए उसके वीर्य को साफ़ करने लगी और उधर सागर भी अपने कैमरा को बंद किया और वहां से निकल गया , वो सीधे अनिल के रूम की तरफ बढ़ा और अनिल ने भी अपने लुंड को साफ़ किया और कपडा पहने लगा.
 
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