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Incest Stories in hindi रिश्तों मे कहानियाँ

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दीदी की सील मेरे सामने टूटी


हैल्लो फ्रेंड्स.. मेरा नाम विक्की है और मेरे घर में 4 लोग रहते है.. में मेरे पापा मेरी मम्मी और मेरी दीदी। मेरी दीदी का नाम प्रिया है और वो दिखने में बहुत सुंदर है। मेरी दीदी का फिगर बहुत अच्छा है में और मेरी दीदी हमेशा से ही साथ रहे है। मेरे स्कूल के सारे लड़के मेरी दीदी को गंदी नज़र से देखते थे। हमारे स्कूल में लड़कियों के लिए जो ड्रेस थी वो स्कर्ट और टॉप थी। फिर मेरी दीदी जब सीड़ियों से ऊपर जाती थी तो उनके क्लास के लड़के नीचे से उनकी स्कर्ट में झांकते थे। तभी एक बार मैंने उन्हें बात करते सुना कि आज प्रिया ने काले कलर की पेंटी पहन रखी है काश उसने पेंटी नहीं पहनी होती तो उसकी चूत दिख जाती और सब हसंने लगे और जैसे जैसे मेरी दीदी बड़ी होती गयी.. मेरी दीदी उतनी ही सुंदर और हॉट लगने लगी।

फिर जब हम स्कूल खत्म करके कॉलेज में आए तो मेरी दीदी दूसरे कॉलेज में चली गयी। में जिस कॉलेज में था वो दीदी के कॉलेज से 3 किमी. की दूरी पर ही था। इसलिए में दीदी को उनके कॉलेज छोड़कर अपने कॉलेज जाता था। फिर एक दिन शाम को में अकेला ही बाईक से अपने एक फ्रेंड के यहाँ पर जा रहा था तो मेरा एक्सीडेंट हो गया और मेरे सीधे पैर में फ्रेक्चर हो गया और डॉक्टर ने मुझे 2 महीने के लिए बेड रेस्ट के लिए बोला और इसकी वजह से दीदी को कॉलेज जाने में प्राब्लम होने लगी। फिर मेरी ही कॉलोनी में एक लड़का था जिसका नाम रोहन था। वो मेरा बहुत अच्छा दोस्त और मेरी दीदी का क्लासमेट भी था और मेरी दोस्ती उससे क्रिकेट खेलते समय हुई थी। रोहन दिखने में बहुत स्मार्ट था और उसका शरीर भी बहुत अच्छा था। तभी एक दिन मैंने रोहन से कहा कि में जब तक ठीक नहीं हो जाता वो दीदी को अपने साथ कॉलेज ले जाए और उसने कहा कि ठीक है और अगले दिन से दीदी उसके साथ कॉलेज जाने लगी। फिर धीरे धीरे रोहन और दीदी में एक बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी और वो दोनों ज्यादातर टाईम साथ ही रहते थे।

एक दिन दीदी मुझसे बातें कर रही थी और में बेड पर लेटा हुआ था। मेरे पैर में फ्रॅक्चर था.. दीदी बार बार किसी से मैसेज में बातें कर रही थी। फिर दीदी रूम से बाहर गयी और दीदी का मोबाईल वहीं पर छूटट गया और मैंने फोन उठाकर दीदी के मैसेज पढ़े वो सारे मैसेज रोहन के थे.. मुझे उन मैसेज से कुछ गड़बड़ लगी। तभी कुछ दिनों तक ऐसा ही चलता रहा.. फिर मेरा प्लास्टर खुल गया और में घूमने फिरने लगा.. लेकिन में अभी भी बाईक नहीं चला सकता था और रोज़ की तरह दीदी रोहन के साथ कॉलेज चली गयी और में घर में ही था और डॉक्टर ने मुझे कुछ दिन और आराम करने को कहा था। वो दिन के 2 बजे का टाईम था.. में कुछ समान लाने के लिए घर से बाहर निकला आते वक़्त में रोहन के घर की तरफ से आ रहा था तो मुझे रोहन की बाईक दिखी और मुझे बड़ा अजीब लगा क्योंकि सुबह रोहन और मेरी दीदी कॉलेज गये थे तो अभी रोहन यहाँ पर क्या कर रहा है? और मुझे यह भी पता था कि रोहन के पापा और मम्मी दोनों ही जॉब करते है। तभी मैंने सोचा कि जो भी है.. चलते है.. रोहन से बातें करेंगे और मैंने बाहर का गेट खोलकर अंदर आकर घर की डोर बेल बजाई.. लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। में कुछ देर तक वहीं पर खड़ा था.. लेकिन कोई नहीं आया। फिर में वापस अपने घर की तरफ जाने लगा.. लेकिन में जैसे ही गेट के पास पहुंचा तो मुझे घर के अंदर से किसी की बातें करने की आवाज़ आई और में जाकर सुनने लगा.. लेकिन मुझे जो आवाज़ आ रही थी वो किसी लड़की की आवाज़ थी और वो कह रही थी कि प्लीज़ रोहन दर्द होगा.. प्लीज़ मुझे जाने दो इस पर रोहन कहता है कि कुछ नहीं होगा पहली बार दर्द होगा फिर तुम्हे मज़ा आएगा और आह्ह्ह उफ्फ्फ… की आवाज़ आ रही थी। तभी मुझे समझ में आ गया कि रोहन किसी लड़की को चोदने के लिए अपने घर लेकर आया है।

फिर में चुपके से दूसरी साईड चला गया क्योंकि उसके घर में सिर्फ एक खिड़की थी जो कि पीछे की साईड बनी हुई थी.. में वहाँ पर चला गया और मैंने देखा कि रोहन और एक लड़की थी और दोनों किस कर रहे थे और मुझे देखकर बहुत मज़ा आ रहा था.. लेकिन उसके एक मिनट के बाद मुझे बहुत बड़ा शॉट लगा क्योंकि जब मैंने उस लड़की का चेहरा देखा तो वो कोई और नहीं मेरी दीदी प्रिया थी और मुझे यह सब देखकर बहुत अजीब सा लग रहा था कि मेरी दीदी मेरे दोस्त के साथ.. यह कैसे हो सकता है? फिर में वापस देखने लगा दीदी बार बार उससे दूर हटने की कोशिश कर रही थी और कह रही थी कि प्लीज रोहन मैंने कभी नहीं किया है.. मुझे बहुत डर लग रहा है। तभी रोहन दीदी से कहने लगा कि डरो मत प्रिया.. में बहुत धीरे धीरे से करूँगा और तुम्हे जरा भी दर्द नहीं होगा और यह कहकर उसने वापस मेरी दीदी को अपनी तरफ खींच लिया और दीदी को लिप किस करने लगा। वो दीदी को किस करने के साथ साथ मेरी दीदी के बूब्स को टॉप के ऊपर से दबा रहा था और चूस रहा था और दीदी एह्ह्ह उफफ अह्ह्ह कर रही थी।

फिर वो बार बार अपना हाथ मेरी दीदी के टॉप के अंदर डाल देता और ब्रा के ऊपर से दीदी के बूब्स को दबाता। अब उसने मेरी दीदी के टॉप को निकाल दिया और वहीं ज़मीन पर गिरा दिया। मैंने पहली बार दीदी को ब्रा में देखा था। दीदी ने गुलाबी कलर की ब्रा पहन रखी थी.. रोहन मेरी दीदी के बूब्स देखने लगा और दीदी अपने हाथ से छिपाने की कोशिश कर रही थी। तभी रोहन आया और उसने दीदी का हाथ हटा दिया। उसने दीदी से कहा कि प्लीज़ प्रिया शरमाओ मत अभी बहुत मज़ा आएगा और दीदी की ब्रा ऊपर से थोड़ा सा हटाकर उनके बूब्स को चूमने लगा। दीदी बार बार पीछे हटने की कोशिश कर रही थी.. लेकिन उसने दीदी को अपनी बाहों में जोर से जकड़ लिया और चूमने लगा अब उसने दीदी की ब्रा के हुक को खोल दिया और ब्रा को खींचकर निकाल दिया। मेरी दीदी के बूब्स हिलने लगे वो मेरी दीदी के बूब्स को देखकर पागल हो गया और उसने धीरे से दीदी के बूब्स पकड़े और दीदी की निप्पल को चूसने लगा। दीदी अह्ह्ह ऊउह्ह करने लगी और वो गले से लेकर दीदी की नाभि तक दीदी को किस कर रहा था। फिर उसने दीदी की जीन्स का बटन खोलकर चैन ढीली कर दी और अपना एक हाथ दीदी की पेंटी में डालकर रगड़ने लगा। दीदी उसका हाथ हटाने की कोशिश कर रही थी.. लेकिन उसने दीदी को पूरा जकड़ रखा था और दीदी की चूत में हाथ डाल कर रगड़ रहा था.. दीदी आह्ह्ह ओह्ह्ह माँआआअह्ह मरी में कर रही थी.. प्लीज़ रोहन आह्ह्ह बस करो.. लेकिन रोहन मानने वाला कहाँ था। उसने दीदी की जीन्स खोल दी और अब दीदी सिर्फ़ गुलाबी कलर की पेंटी में थी और वो नीचे अपने घुटनो के बल बैठ गया और दीदी की चूत के पास सूंघने चाटने लगा और किस करने लगा और दीदी उसके सर को पकड़े हुई थी।

फिर उसने दीदी की पेंटी निकाल ली और उसे सूंघने लगा और चाटने लगा। अब उसने अपनी पेंट भी उतार ली और वो भी पूरा नंगा हो गया और उसने दीदी से लंड चूसने के लिए कहा.. लेकिन दीदी ने मना कर दिया। फिर उसने कहा कि कोई बात नहीं.. अगली बार फिर उसने दीदी को लेटा दिया और उसने मेरी दीदी के पैरों को फैला दिया जिससे दीदी की चूत साफ साफ दिखने लगी.. दीदी ने तुरंत अपना एक हाथ अपनी चूत पर रख दिया। तभी उसने कहा कि प्लीज़ प्रिया तुम शरमाओ मत और यह कहकर उसने दीदी का हाथ हटा दिया। दीदी की चूत पर एक भी बाल नहीं था.. वो अह्ह्ह उफ्फ्फ करने लगा और वो अपना लंड सहलाते हुए कहने लगा कि आहह प्रिया क्या चूत है तेरी.. आज मज़ा आ जाएगा और मेरी दीदी की चूत पर अपना लंड लगा कर चाटने लगा और दीदी उसके बाल पकड़कर बार बार पीछे हो रही थी और वो दीदी की जांघो को पकड़ कर उन्हें आगे की तरफ खींच रहा था और दीदी की चूत चाट रहा था।

तभी दीदी की सिसकियों की आवाज़ मेरे कानो में आ रही थी। दीदी अब अपने हाथों से अपने बूब्स को पकड़कर अपने निप्पल को मसल रही थी और अपने दांतों से होंठो को दबा रही थी। मेरा दोस्त अपने घुटनो के बल बैठ गया और एक हाथ से अपना लंड पकड़कर दीदी की चूत पर रगड़ने लगा। दीदी बहुत डर रही थी। वो बार बार रोहन से कह रही थी कि प्लीज़ रोहन दर्द होगा धीरे धीरे करना और उसके लंड के रगड़ने से सिसकियां ले रही थी। तभी उसने एक धीरे से धक्का दिया और दीदी पीछे की तरफ हो गयी। उसका लंड अभी घुसा नहीं था। वो दीदी से कहने लगा कि डरो मत प्रिया कुछ नहीं होगा और उसने फिर दीदी के जांघो को कसकर पकड़ लिया और एक जोर का धक्का दिया। तभी दीदी बहुत जोर से चीख पड़ी.. माँआआ मरी में बचाओ मुझे। तभी मैंने देखा कि रोहन के लंड का टोपा दीदी की चूत में चला गया था और वो रुक गया और दीदी अपनी उंगली को दातों से दबाए हुए थी और उनकी आँखों से आँसू निकल रहे थे।

तभी रोहन ने अपना लंड बाहर निकाला तो उसके लंड पर दीदी की चूत का खून लगा हुआ था और वो मेरी दीदी की तरफ देख रहा था। फिर उसने कहा कि देख प्रिया तेरी सील टूट गई.. तेरा खून लगा हुआ है और फिर उसने दीदी के पैरो को फैला दिया। तभी मैंने देखा कि मेरी दीदी की चूत से खून निकल रहा था और दीदी उठकर बैठ गयी और वो खून देखकर थोड़ा सा डर गयी थी। फिर रोहन ने कहा कि डरो मत पहली बार खून निकलता है और दीदी की चूत को जीभ से चाटने लगा और उसने अपनी जीभ से चाटकर दीदी का पूरा खून साफ किया। तभी दीदी ने उसे कहा कि रोहन मुझे बहुत दर्द हो रहा है वो दीदी के पास लेट गया और दीदी को किस करने लगा। उसने कहा कि प्रिया बस हो गया अब दर्द नहीं करेगा.. बस पहली बार दर्द होता है और वो दीदी को किस करते करते दीदी के बूब्स को मसलने लगा। तभी कुछ देर में दीदी फिर से गरम हो गयी। अब वो मेरी दीदी के ऊपर लेट गया और दीदी से अपने पैर फैलाने को कहा.. दीदी ने भी अपने पैर फैला दिए और उसने धीरे से अपना लंड मेरी दीदी की चूत में घुसा दिया और फिर धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा।

फिर दीदी अह्ह्ह ससस्स करने लगी और रोहन का आधा लंड मेरी दीदी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था। उसने चोदते चोदते दीदी से कहा कि प्रिया जब से मैंने तुझे देखा है.. में तुझे चोदना चाहता था और आज में जी भरके तुझे चोदूंगा और वो धीरे धीरे मेरी दीदी को चोदने लगा। अब उसने मेरी दीदी के निप्पल को अपने मुहं में ले लिया और ज़ोर से धक्का दिया दीदी पूरा पीछे की तरफ हो गयी और उसका पूरा लंड एक ही बार में मेरी दीदी की चूत में चला गया और वो पूरी ताक़त से मेरी दीदी को चोदने लगा दीदी चीख रही थी और वो अपने सर को इधर उधर कर रही थी। तभी थोड़ी देर चोदने के बाद रोहन झड़ गया। उसने अपना वीर्य मेरी दीदी की चूत में गिरा दिया और थोड़ी देर तक रोहन मेरी दीदी के ऊपर लेटा रहा और धीरे धीरे मेरी दीदी को चोदता रहा। कुछ देर बाद वो दीदी के ऊपर से हट गया और उसने मेरी दीदी की पेंटी उठाई और दीदी की चूत को साफ किया और फिर दोनों ने अपने कपड़े पहने और कुछ देर रोहन दीदी को किस करता रहा और उस दिन के बाद रोहन ने कई बार मेरी दीदी को चोदा है ।

 


बुआ की लड़की को चोदा रखेल बनाकर



हैल्लो दोस्तों.. में दिल्ली का रहने वाला हूँ और दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मैं 19 साल का था और मेरी बुआ की तबीयत ज़्यादा खराब हो गई और हम सभी वहाँ पर चले गए। फिर 10 दिनों के बाद बुआ की तबीयत में थोड़ा सुधार आया तो मम्मी पापा आ गए.. लेकिन में वहीं पर रुक गया छुट्टियाँ मनाने के लिए और मेरे फूफा जी बाहर नौकरी करते थे। जिस कारण से वो घर पर नहीं आ पाते थे.. मेरी बुआ की 2 लड़कियां है। एक 21 साल की ऋतु और एक 18 की अर्चना। लेकिन अर्चना का शरीर बहुत गदराया हुआ सा हो गया था। उसका फिगर 36-34-36 था। इतनी सी उम्र में इतनी अच्छा फिगर। उसे पहली बार देखकर में तो हैरान ही हो गया था। वो मिनी स्कर्ट में स्कूल जाया करती थी.. जिसमे वो और भी ज़्यादा खूबसूरत लगती थी।

उसकी चिकनी चिकनी टाँगे बड़ी ही मस्त थी तो अपनी जांघो तक की स्कर्ट पहनती थी और मैंने अपनी कज़िन होने के कारण अपने मन को बहला लिया और उसके बारे में ना सोचने की कोशिश करने लगा.. लेकिन मेरा लंड नहीं मानता था.. क्योंकि मैंने बहुत दिनों से चुदाई नहीं की थी। में उसके जिस्म को याद कर करके मूठ मारने लगा। फिर 5-6 दिनों तक ऐसा ही चला एक दिन में जब ऋतु को हिंदी पड़ा रहा था तो उसके पास डस्टर नहीं था। तभी मैंने अर्चना के बेग में ढूंडा.. मुझे डस्टर तो नहीं मिला लेकिन एक चीज़ मिली.. एक सीडी जिस पर A7 बना हुआ था। मैंने बहुत ब्लू फिल्म देखी है तो मुझे पता था कि यह A7 एक इंग्लीश ब्लू फिल्म है। मैंने उसे वापस रख दिया और रात को में उसी बारे में सोचने लगा और बाहर आकर पानी पीने लगा। में वापस जा रहा.. लेकिन मैंने सोचा कि एक बार क्यों ना अर्चना के कमरे में जाकर देखूं वो बंद था।

तभी मैंने दरवाजे पर अपने कान लगाए तो मुझे हल्की हल्की आवाज़े सुनाई दी और मैंने जब गोर से सुना तो वो आह्ह्ह उुउउहह ईएआआह हाँ ओह्ह्ह बेबी चोदो मुझे की जैसी आवाज़े लगी। तभी में समझ गया कि यह ज़रूर वो ब्लूफिल्म वाली सीडी देख रही है और में कुछ ना करते हुए वापस कमरे में गया और एक और बार मूठ मार कर सो गया। फिर जब सुबह उठा तो अर्चना तैयार होकर जा रही थी। मैंने उसकी तरफ देखा तो उसकी आँखो में एक अजीब सी हवस दिखी वो मुझे देखकर हंसी मुझे थोड़ा सा अजीब लगा.. क्योंकि मैंने उसे आज तक इतना गौर से कभी भी नहीं देखा था और ऐसा लगभग 2-4 दिनों तक चलता रहा.. अब मेरा नज़रिया बदल चुका था और अब में उसे हवस भरी निगाहों से उसके पूरे बदन को देखता था। वो भी बहुत हवस में आ गई थी लगता है ब्लूफिल्म की वजह से।

तभी एक दिन में उसके बारे में सोच रहा था तो मेरा लंड खड़ा हो गया और मुझे मूठ मारने का मन किया तो में अपना लोवर नीचे करके नंगा हो गया और मूठ मारने लग गया। में मूठ मारने में इतना मग्न हो गया कि पता ही नहीं चला कि मैंने गेट खुला छोड़ दिया है और ना जाने अचानक वो कहाँ से आ गई और सहमी सी खड़ी मुझे देखती रही थी। में अब झड़ने ही वाला था तो में उठा और बाथरूम में झड़ने के लिए जाने लगा.. लेकिन अचानक सामने उसे देख मेरी फट गई। वो मेरे लंड को देखे जा रही थी जैसे अभी खा जाएगी। अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा और मैंने फर्श पर ही झाड़ दिया। यह सब देख वो मुस्कुराई और मेरे पास आकर कहने लगी कि भैया आप तो बड़े छुपे रुस्तम निकले.. यह सब क्या है? और उसने मेरे गालो पर किस किया.. मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया.. उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और कहा कि भैया आज रात को आप मेरे कमरे में आ जाना.. आपको कुछ दिखना है। तभी मैंने कहा कि क्या? तो उसने कहा कि सर्प्राइज़ है और फिर वो मेरे लंड की और देखकर बोली कि आपके लंड के लिए। तभी मैंने कहा कि मैंने फर्श पर ही झाड़ दिया यह सब देखकर क्या तुम्हे अजीब सा नहीं लगा? फिर उसने कहा कि नहीं भैया.. बल्कि मुझे तो बड़ा मज़ा आया और यह कहकर उसने झड़ा हुआ माल फर्श से चाटकर साफ किया और रात को आने को कह कर चली गई और में रात होने का इंतजार कर रहा था।

फिर रात होते ही जब सब सो गए तो में उसके कमरे में गया दरवाजा खुला था और में अंदर चला गया और मैंने अंदर जाकर दरवाजा बंद कर दिया। तभी मैंने उसे देखा तो वो एक पारदर्शी नाईटी में बेड पर लेटी हुई ब्लूफिल्म देख रही थी और में बहुत हैरान था मैंने उसे आवाज़ लगाई।

में : कहाँ हो तुम अर्चना।

अर्चना : अरे भैया आ गए आप.. बड़ी देर कर दी आपने आने में.. आ जाओ बैठ जाओ बेड पर।

तभी में बेड पर बैठ गया उसने मुझे ब्लूफिल्म देखने को कहा.. में थोड़ा हैरान था। फिर उसने कहा कि क्या हुआ भैया? तभी मैंने कहा कि कुछ नहीं। उसने कहा कि तो देखो ना और हम दोनों देखने लगे। मैंने उसकी तरफ देखा तो वो बहुत गरम लग रही थी और में भी बहुत गरम था। उसने तभी टीवी बंद किया और मुझसे पूछने लगी कि में आज किस को याद करके मूठ मार रहा था। तभी उसके मुहं से ऐसी बातें सुनकर मेरा दिल जोरो से धड़कने लगा और उसने कहा कि बताओ ना भैया.. क्या आप अपनी बहन को नहीं बताओगे? तभी मैंने पूछा कि तुझे ये सब कैसे पता तो उसने कहा कि इस उम्र में इतना तो चल ही जाता। फिर मैंने कहा कि तुझे याद करके तो वो थोड़ा शरमाते हुए मुस्कुराई और कहा कि क्या भैया आप भी ना.. में तो यहीं पर हूँ आपके साथ ही तो मुझे याद करके मुठ क्यों मारा करते हो? तभी मैंने कहा कि मुझे तेरा जिस्म बहुत पसंद है। फिर उसने कहा कि अगर ऐसा था तो कहा क्यों नहीं? तभी मैंने कहा कि मुझे डर था कि कहीं तू नाराज़ होकर घर में सभी को ना बता दे इसलिए। फिर अर्चना ने कहा कि ओहो भैया आप भी ना.. इतना क्यों डरते थे? फिर मैंने कहा कि अर्चना तू मुझे बहुत पसंद है और में तुझे प्यार करना चाहता हूँ। तभी उसने कहा कि भैया तो करते क्यों नहीं हो? में भी तो कब से यही चाहती थी और उसके ग्रीन सिग्नल मिलने के साथ ही मैंने उसे बेड पर लेटाया और उसके लाल होठों को चूमना शुरू कर दिया। वो भी मेरा साथ दे रही थी। उसके होंठ एकदम गुलाब की पंखुड़ियों की तरह लग रहे थे और में उसे चूमे जा रहा और उसकी जीभ को चूस रहा था। वो भी यह सब करके मेरा साथ दे रही थी और फिर मेरा लंड खड़ा होकर मेरे पाजामे में टेंट बन चुका था। फिर मैंने धीरे धीरे उसके कपड़े खोलने शुरू किए और उसके बूब्स को उसकी ब्रा से आजाद किया और उन्हें पकड़ कर सहलाने लगा और चूमने लगा क्या मस्त बूब्स थे उसके.. एकदम सेक्सी बड़े बड़े.. फिर में धीरे धीरे उसकी पेंटी तक पहुंचा और मैंने उसे भी खोलकर दूर हटा दिया और उसकी चूत को देखने लगा। तभी वो बोली कि क्या देखते ही रहोगे या कुछ करोगे भी? और फिर में अपने मुहं को उसकी चूत के पास ले जाकर मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू किया और जीभ से चोदने लगा।

तभी करीब दस मिनट बाद मैंने उसके दोनों पैरो को फैलाकर अपना लंड चूत पर सेट किया और अचानक से एक जोर का धक्का दिया और फिर वो जोर से चीख पड़ी। तभी मैंने अपना लंड उसकी चूत में डालकर धीरे धीरे चोदने लगा.. लेकिन वो दर्द से अपनी आंखे बंद करके मुझे जोर से पकड़कर चुपचाप पड़ी रही और कहने लगी कि भैया और जोर से चोदो मुझे.. कर दो आज मुझे पूरा.. दो मुझे आज चुदाई का पूरा मजा.. लेकिन उसकी चूत बहुत टाईट थी और चूत से खून भी निकलने लगा था.. क्योंकि वो अभी तक वर्जिन थी। तभी में उसे स्पीड बड़ा कर चोदे जा रहा था और उसे जबरदस्त धक्को के साथ चोदने लगा और करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद में उसकी चूत में झड़ गया और अपना पूरा वीर्य चूत में छोड़कर उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसके बूब्स को चूसने लगा।

फिर वो मुझे अपनी बाहों में लेकर कहने लगी कि भैया थेंक्स। आज आपने मुझे चुदना सिखा दिया.. वरना में तो बस ब्लूफिल्म देखकर ही मजे लेती रहती और फिर उसने मेरा लंड अपने मुहं में लिया और बड़े मजे से चूसने लगी। फिर उसने चूसकर पूरा लंड साफ किया और अपने कपड़े पहनने लगी। उसके बाद मैंने उसे बहुत बार चोदा और उसकी चूत के मजे लिए और उसे भी चुदाई का सही मतलब सिखा दिया। तो दोस्तों यह थी मेरी चुदाई भरी कहानी ।

 


माँ और कज़िन की एक साथ चुदाई


हैल्लो दोस्तों.. मुझे इस साईट पर कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और आज में आशा करता हूँ कि ये मेरी कहानी आप सभी को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों मेरा नाम सुमित है और मेरी उम्र 23 साल है और मुझे सेक्स करना बहुत अच्छा लगता है। हम घर में चार लोग रहते है.. मेरे पापा, मम्मी, में और मेरी एक छोटी बहन और हमारे साथ मेरी कज़िन प्रिया भी रहती है। वो हमारे शहर में पढ़ने आई हुई है इसलिए वो हमारे ही साथ रहती है। मेरी कज़िन की उम्र 19 साल है.. वो बहुत सेक्सी है और उस पर कॉलोनी के सभी लड़के लाईन मारते है। उसका फिगर 32-26-35 है। मेरी माँ का नाम पूनम है और उसकी उम्र 39 साल है.. लेकिन वो चेहरे से ऐसी लगती है जैसे 28 तो 29 साल की एक लड़की हो। उनका फिगर शायद 35-28-37 होगा।

दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मेरे पापा किसी काम से एक महीने के लिए जयपुर गये हुए थे और वो काम के सिलसिले में ज़्यादातर घर से बाहर ही रहते थे और इसी बात का फ़ायदा उठाकर में अपनी कज़िन प्रिया को चोदा करता था। मेरी कज़िन जब से आई है तब से ही हम रोज सेक्स करते है। मेरे पापा कुछ दिनों के लिए बाहर गए हुए थे तो मेरी मम्मी बहुत अकेला महसूस करती थी। इसलिए वो प्रिया और मेरी छोटी बहन के पास ही सोने लगी। जिससे में प्रिया के साथ सेक्स नहीं कर पा रहा था। फिर अगले दिन सुबह मैंने प्रिया से पूछा कि क्या करें? इतना अच्छा मौका है कि मेरे पापा घर पर नहीं है और यह मौका हमें भविष्य में फिर से कभी नहीं मिलेगा। तो प्रिया मज़ाक में बोली कि आपकी मम्मी और बहन को भी साथ में मिला लो.. अपने साथ सेक्स करने के लिए और फिर पूरी फेमिली एक साथ हो जाएगी और हम साथ में सेक्स करेंगे। बस उसी दिन से मैंने अपनी मम्मी को दूसरी नज़र से देखना शुरू कर दिया था।

वो इतनी सेक्सी थी कि में उन्हें देखकर पागल हुआ जा रहा था। उनका कलर एकदम दूध जैसे सफेद था। वो सलवार कमीज़ पहनती थी और वो हमेशा कमीज़ बहुत टाईट पहनती थी। उनके बदन से उनके चिपके हुए कपड़े शामत ढाते थे और में उनको चोदने के लिया तरसा जा रहा था। फिर उसी दिन शाम को में अपनी कज़िन के पास गया और उसे मैंने अपने दिल का हाल बताया। उसने बड़ी शैतानी स्माईल दी और बोली कि अगर आपकी मम्मी हमारे साथ आ गयी तो कोई प्राब्लम भी नहीं होगी। हम दिन रात चुदाई करेंगे। तभी में बोला कि लेकिन कैसे बात करूं में? मम्मी तो बहुत सीधी साधी है?

तभी प्रिया बोली कि टेंशन मत लो.. वो सब आप मुझ पर छोड़ दो। चाहे वो कितनी ही सीधी साधी हो.. हम उसे बिगाड़ देंगे.. आप बस आपकी मम्मी को थोड़े वैसे वाले इशारे देना शुरू कर दो और बाकी सब मुझ पर छोड़ दो। फिर में मम्मी को उस दिन के बाद बाथरूम के दरवाज़े के ऊपर से नहाते हुए देखता था जिससे मेरी जान ही निकल जाती थी और कई बार तो मेरी पेंट में ही सारा माल निकल जाता था। उसके बाद में मम्मी के साथ ज़्यादा रहने लगा.. उनके साथ घंटो शॉपिंग के लिये जाता था। वहाँ पर मैंने उनसे कहा कि आप क्या यह पुराने फैशन के कपड़े पहनती हो और फिर वहाँ पर मैंने मम्मी को बहुत छोटे छोटे कपड़े दिलवाए और जब वो ट्राई करके देखती तो मेरा 7 इंच का लंड पेंट फाड़कर बाहर आने जैसा हो जाता। फिर बस अगले दिन प्रिया मम्मी के पास गयी और मुझसे बोली कि आप बाहर दरवाज़े पर छुपकर सुनो में अंदर क्या क्या गुल खिलाती हूँ। फिर में बाहर खड़ा होकर उनकी बातें सुनने लगा।

तभी प्रिया अंदर जाकर मम्मी से बोली कि इतने अकेले अकेले क्या बैठे हो?

मम्मी : क्या करूं कोई काम भी तो नहीं है तेरे फूफा जी (मेरे पापा) तो नहीं हैं टाईम पास नहीं होता।

प्रिया : ज़रा दोस्तों के साथ बाहर घूमा करो.. सब टाईम पास हो जाएगा।

मम्मी : मेरे तो कोई दोस्त भी नहीं है यहाँ पर।

प्रिया : क्या आपका एक भी दोस्त नहीं है? कॉलेज के टाईम का भी कोई दोस्त नहीं है?

मम्मी : तब की बात और थी.. तब तो मैंने बहुत मज़े किये है।

प्रिया : कैसे वाले मज़े? ह्म्‍म्म्म बॉयफ्रेंड के साथ?

मम्मी : शरमाते हुए.. चल हट बड़ी गंदी हो गयी है तू।

प्रिया : मुझसे क्या शरमाना.. आज से मुझे आपकी सहेली ही समझो और बताओ क्या बात है इतने उदास क्यों रहते हो?

मम्मी : कुछ नहीं है.. चल तू अपने कमरे में जा।

प्रिया : आपको एक फ्रेंड की ज़रूरत है.. अब मुझे अपना फ्रेंड मानो और सब सच सच बताओ।

मम्मी : चल ठीक है और वैसे भी बात करने से ही मान शांत होता है।

प्रिया : तो फिर बताओ क्या बात है?

मम्मी : कुछ नहीं बस बहुत अकेला महसूस करती हूँ और वो तो घर पर रहते नहीं है।

प्रिया : अच्छा तो.. हम आज से वही करेंगे जो आप उनके साथ करती थी।

मम्मी : लेकिन अब वो सब कैसे हो सकता है?

प्रिया : स्माइल करके बोली कि क्या मतलब?

मम्मी : चल अब ज़्यादा भोली ना बन

प्रिया : हँसते हुए समझ गयी लेकिन वो सब भी हो सकता है।

मम्मी : क्या?

प्रिया : चलो में मज़े करवाती हूँ।

तभी प्रिया मेरी मम्मी का हाथ पकड़ कर कंप्यूटर के पास ले गयी और वो पॉर्न साईट चला दी जिसमे सब कुछ साफ साफ दिखता है।

मम्मी : अपना हाथ आँखों पर रखते हुए क्या है यह बंद कर इसे अभी।

प्रिया : चलो छोड़ो ना यह सब भूल जाओ कि आप शादीशुदा हो और मज़े से देखो।

फिर प्रिया ने मेरी मम्मी के हाथ पकड़ कर हटा दिए और मम्मी बिल्कुल चुपचाप बैठकर देखने लगी वो अंदर ही अंदर गरम हो रही थी.. लेकिन बाहर दिखना नहीं चाह रही थी। फिर प्रिया ने मम्मी को दूसरी वेबसाइट खोलकर दिखाई तो मम्मी बोली कि हाए राम यह सब भी होता है। उसके बाद मम्मी और प्रिया और मेरी छोटी बहन सोने के लिये जाने लगी तो प्रिया ने मेरी छोटी बहन को मेरे कमरे में जाकर सोने को कहा में और मेरी बहन सो गई और मम्मी और प्रिया ने रात भर चुदाई की बातें की। आधी रात के बाद जब मेरी बहन सो गयी तब में उठकर मम्मी और प्रिया जहाँ पर सोई थी वहाँ पर चला गया।

प्रिया तो अभी जाग रही थी लेकिन मम्मी सो गयी थी। फिर प्रिया चुपके से बोली कि गांड गरम है लंड डाल दे। तभी मैंने जैसे तैसे हिम्मत जुटाई और में फिर मम्मी की साईड में जाकर लेट गया। मम्मी उल्टी होकर सोई हुई थी मैंने धीरे धीरे उसकी कमर के ऊपर हाथ रख दिया.. मम्मी ने पीछे से चैन वाली कमीज़ पहनी हुई थी। तभी मैंने धीरे धीरे उसकी चैन नीचे की और उसके बूब्स पर हाथ रख लिया। मुझे ऐसा लगा जैसे कि में जन्नत में हूँ और मेरा लंड बिल्कुल तन गया। इतने में प्रिया ने इशारा किया कि मम्मी अभी जागी हुई है मेरी हिम्मत और बड़ गयी क्योंकि वो जागी हुई है और कुछ नहीं बोल रही थी। मैंने चैन बिल्कुल नीचे तक खोल दी.. मम्मी ने फिर करवट ली और सीधे लेट गयी वो मुझे जैसे बता रही हो कि कमीज़ पूरी उतार लो। मैंने कमीज़ को पूरा उतार दिया अब वो सिर्फ़ ब्रा और सलवार में थी। तभी में धीरे से अपने होंठ मम्मी के होंठ के पास लाया और उसके होंठो के ऊपर अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा। तभी थोड़ी देर बाद मम्मी की तरफ से जवाब आया और वो भी किस करने लगी। हमने 10 मिनट तक किस किया और फिर उसने रोक दिया और बोली कि यह ग़लत है.. में तुम्हारी माँ हूँ और तुम्हारी कज़िन बहन पास ही में लेटी हुई है। इतने में प्रिया खड़ी हुई और मुझे किस करने लगी मम्मी हैरान हो गयी और उसका मुहं खुला का खुला रह गया। फिर में बोला यह कज़िन नहीं है यह तो पिछले 6 महीने से मेरी बीवी है। मम्मी को में फिर से किस करने गया तो वो मंगलसूत्र पकड़ कर बोली कि में शादीशुदा हूँ। तभी मैंने मंगलसूत्र निकाला और प्रिया के गले में डाल दिया और बोला कि अब तुम कुछ नहीं हो बस में राजा और तुम मेरी रानियाँ और मम्मी को पकड़ कर किस करना चालू कर दिया मम्मी ने कुछ टाईम तो विरोध किया लेकिन फिर वो भी गरम हो गयी और वापस किस करने लगी।

तभी इतने में प्रिया ने मम्मी की सलवार उतार दी और खुद भी बिल्कुल नंगी हो गयी और मेरा लंड चूसने लगी। 15 मिनट यही चलता रहा.. फिर प्रिया ने मम्मी को कहा कि यह लो लंड को मुहं में लो लेकिन मम्मी मना करने लगी तो प्रिया ने मम्मी का मुहं पकड़ कर मेरे लंड पर रख दिया। मेरा लंड पागल सा हो गया ऐसा लगा जैसे आग के गोले में लंड दे दिया हो। इतने में प्रिया ने मम्मी की ब्रा और पेंटी भी निकाल दी मम्मी की चूत बिल्कुल शेव्ड थी। तभी प्रिया बोली कि बुआ जी बड़े सीधे साधे बनते हो यह गार्डन किस के लिए साफ कर रखा है? लेकिन मम्मी कुछ नहीं बोली बस पागलों की तरह लंड चूसती रही। फिर मैंने मम्मी को लेटा दिया और उसकी चूत चाटने लगा और प्रिया मेरा लंड चूसने लगी। फिर मम्मी सिसकियाँ लेने लगी और तभी मैंने मम्मी को सीधा लेटाया और मेरे लंड का टोपा उनकी चूत पर रख दिया। मम्मी मना करने लगी.. लेकिन तभी प्रिया ने मम्मी के दोनों पैर खोल दिए और उसका मुहं बंद करने के लिये उन्हें किस करने लगी।

तभी मैंने धीरे धीरे धक्के देकर अपना आधा लंड चूत के अंदर सरका दिया था और मम्मी ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी और बोल रही थी कि डाल दे सारा अंदर.. चोद दे आज अपनी माँ को। तभी मैंने एक ही झटके से पूरा लंड चूत के अंदर डाल दिया और जोर जोर से झटके देने लगा और प्रिया को किस करने लगा। थोड़े टाईम बाद मम्मी झड़ने लगी.. तभी मैंने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालकर प्रिया की चूत पर सेट किया और चूत में डालकर प्रिया को चोदना शुरू किया। करीब दस मिनट चुदाई करने के बाद फिर हम तीनो एक साथ झड़ गये और सो गये। उस दिन के बाद से आज तक में दोनों को एक साथ चोद रहा हूँ ।
 


मेरी ग़लती से मेरी मम्मी चुद गई


हैल्लो दोस्तों मेरा नाम विक्की है दोस्तों आज में आप लोगो को ऐसी स्टोरी बताने जा रहा हूँ जिसे पढ़कर आप लोग को ये पता चलेगा कि कैसे एक बेटे की गलतियों से उसकी मम्मी चुद गयी।

दोस्तों मेरे घर में में, मेरे पापा, मेरी मम्मी और मेरी एक दीदी है। मेरी दीदी का नाम प्रिया है और वो बेंगलोर के एक इंजिनियरिंग कॉलेज में पढ़ती है लेकिन पहले में आपको अपनी मम्मी के बारे में बता देता हूँ। मेरी मम्मी का नाम वर्षा है और वो दिखने में बहुत ही सुंदर है.. उनका फिगर बहुत ही हॉट और सेक्सी है.. उनकी गांड बिल्कुल गोल और बड़ी है। मम्मी घर में मेक्सी पहनती है और बाहर जाती है तो सलवार सूट या साड़ी पहनती है मेरी मम्मी सलवार सूट बहुत ही टाईट पहनती है फिर जब भी मम्मी बाहर जाती है तो सारे पड़ोस के अंकल उन्हें घूर घूर कर देखते रहते है और उनकी सलवार से उनकी पेंटी का आकार दिखता रहता है और कई बार मेरे मोहल्ले के सारे लड़के मेरी मम्मी के बारे में गंदी गंदी बातें भी करते रहते है।

मुझे अच्छी तरह से याद है एक बार में एक दुकान पर समान खरीदने गया हुआ था। वहाँ पर पास में कुछ लड़के थे जो सिगरेट पी रहे थे.. उन्ही में से एक का नाम असलम था.. उसने मेरी तरफ अपने दोस्तों को दिखा कर कहा कि पता है इसकी मम्मी बहुत गरम है.. इतनी टाईट सलवार पहनती है कि मन करता है उसकी सलवार यहीं पर फाड़ दूँ और उसकी गांड मारूं। में उस समय छोटा था तो मुझे इतनी बातें समझ में नहीं आती थी और मुझे उनसे बहुत डर भी लगता था कि कहीं वो लोग मुझे पीट ना दें। फिर एक दिन मैंने मम्मी को ये बात बताई तो मम्मी ने मुझसे कहा कि तुम उनकी बातें मत सुना करो.. वो लोग गंदे है मैंने कहा कि ठीक है। फिर मैंने कहा कि मम्मी वो लड़के हमेशा मुझे देखकर मुझसे कहते थे कि क्या घर पर तेरी मम्मी अकेली है और अगर में कहता हाँ अकेली है तो वो लोग मुझसे कहते थे कि ठीक है आज तेरी मम्मी को चोदने में जाता हूँ। फिर मुझे बहुत बुरा लगता था।

तभी एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि अगर तू मुझे अपनी मम्मी की चूत दिलवाएगा तो हम तुझे एक क्रिकेट बॉल खरीद कर देंगे। फिर मैंने कुछ नहीं कहा और में रोता हुआ घर पर चला आया तो मम्मी ने मुझसे पूछा कि क्या हुआ? मैंने कहा कि कुछ नहीं और में अपने कमरे में चला गया.. लेकिन मुझे उस समय तक इतना भी नहीं पता था कि चूत का मतलब क्या होता है? मुझे बस इतना समझ में आता था कि वो लोग मेरी मम्मी के बारे में बहुत गंदी गंदी बातें करते है और इस बात को करीब 6 महीने हो गये और ऐसा ही चलता रहा और वो लोग हमेशा मेरी मम्मी के बारे में गंदी गंदी बातें करते थे और में चुपचाप सुनता रहता था। फिर एक दिन की बात है हमारे सामने के फ्लेट में एक 30 साल का आदमी रहने आया.. उसका नाम राणा था वो बांग्लादेश से इंडिया बिजनेस के सिलसिले में आया था। मेरी उससे उस समय कोई जान पहचान नहीं थी। एक दिन एक लड़का मुझे मेरी मम्मी के बारे में छेड़ रहा था और मैंने उसे पलट कर गाली दे दी तो वो मुझे मारने लगा और कहने लगा कि साले तेरी मम्मी है ही रंडी इसलिए में तेरी मम्मी के बारे में गंदी बातें बोलता हूँ और मुझे मारने लगा।

फिर अचानक से वो आदमी जिसका नाम राणा था.. वो आया उसने उस लड़के को पहले रोका और बोला कि ये बच्चा है इसे क्यों मार रहे हो.. लेकिन जब उसने मुझे फिर से मारा तो राणा ने उस लड़के को मारा और वहाँ से भगा दिया और मुझे लेकर वो घर आ गया। वो पहले मुझे अपने घर ले गया और उसने मुझे बोला कि पहले अपना चहरा साफ कर लो फिर घर चले जाना और फिर मैंने ऐसा ही किया और में घर पर चला गया। वो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। मैंने अभी तक मम्मी को ये बात नहीं बताई थी। फिर में अगले दिन उसके पास गया और मैंने उसे थेंक्स बोला और फिर धीरे धीरे हमारी बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी। फिर हम रोज़ मिलते थे और बातें करते थे एक दिन में और वो छत पर खड़े होकर बातें कर रहे थे कि नीचे मुझे मेरी मम्मी नज़र आई.. मैंने उसे दिखाया और कहा कि ये मेरी मम्मी है। मैंने देखा कि वो घूर घूर कर मेरी मम्मी के तरफ देख रहा था।

फिर में लगातार उसके घर आने जाने लगा तो वो मुझसे मेरी मम्मी के बारे में पूछता था.. जैसे क्या कर रही है? क्या पहना है? यही सब। एक दिन में उससे बातें कर रहा था तो उसने मुझसे पूछा कि अच्छा वो लड़के तुझे क्या बोलते थे? तभी मैंने सारी बातें उसे बताई.. फिर मैंने उससे पूछा कि चूत का मतलब क्या होता है? तभी वो हंसने लगा और बोला कि क्या तुझे नहीं पता? मैंने कहा कि नहीं पता है इसलिए ही तो पूछ रहा हूँ। तभी उसने कहा कि जिससे तू निकला है। फिर मैंने कहा कि क्या मतलब? तभी उसने कहा कि जहाँ से तेरी मम्मी सू सू करती है वही चूत है।

फिर एक दिन उसने मुझसे कहा कि विक्की क्या तू मुझे अपने घर नहीं बुलाएगा? मैंने कहा कि क्यों नहीं ज़रूर बुलाऊंगा.. अभी चलो.. मम्मी, पापा भी घर पर है और तुम मिल लेना मेरे मम्मी-पापा से। उसने कहा कि नहीं जब तेरी मम्मी घर पर नहीं हो तब बुलाना। मैंने कहा कि ठीक है। में उस समय समझ नहीं पा रहा था कि उसके मन में क्या चल रहा है अगले दिन मेरी मम्मी मंदिर गयी थी और मैंने उसे कॉल किया और बोला कि आ जावो। फिर वो मेरे घर पर आया हम बैठ कर बातें करने लगे उसने मुझसे पूछा कि विक्की में तुम्हे कैसा लगता हूँ? मैंने कहा कि आप बहुत अच्छे है। फिर उसने मुझसे कहा कि विक्की क्या तुम चाहते हो कि आज से वो लड़के तुम्हे नहीं चिड़ायें? मैंने कहा कि हाँ.. क्या ये हो सकता है? तभी उसने कहा कि हाँ.. क्यों नहीं हो सकता है? लेकिन तू मेरी कुछ बातें मान ले तभी ऐसा हो सकता है। फिर मैंने कहा कि हाँ बोलिए में आपकी हर बात मानूँगा। उसने कहा कि विक्की तू मुझे दिखा ना तेरी मम्मी कैसी पेंटी पहनती है। मुझे कुछ समझ में नहीं आया मैंने कहा क्यों आप ऐसा क्यों पूछ रहे हो? उन्होंने मुझसे कहा कि तू नहीं समझेगा तू अभी बच्चा है.. तू जाकर ले आ और हाँ अपनी मम्मी से कुछ मत कहना.. नहीं तो में तेरी मदद नहीं कर पाउँगा। मैंने कहा कि ठीक है और में गया और मम्मी जितनी पेंटी और ब्रा पहनती थी वो सब ले आया। उसमे से एक पेंटी ब्रा भीगी हुई थी जो आज ही मम्मी ने धोया था। मैंने देखा कि उसने वो पेंटी उठाई और उसे सूंघने लगा। मैंने उससे पूछा कि आप ये क्या कर रहे हो? तभी उसने कहा कि कुछ नहीं.. तुम गेम खेलो मैंने कहा कि ठीक है और में गेम खेलने लगा ऐसा कुछ दिन तक चलता रहा। में भी चुपचाप सब देखता था और वो मेरी मम्मी की पेंटी लगभग रोज़ सूंघता था।

फिर एक दिन जब मम्मी घर पर नहीं थी वो मेरे घर आया और हर दिन की तरह मेरी मम्मी की पेंटी को सूंघ रहा था। तभी थोड़ी देर बाद उसने मुझसे पूछा कि विक्की क्या मुझे अपनी मम्मी से नहीं मिलवाओगे? तभी मैंने कहा कि क्यों नहीं.. अपने ही मुझसे कहा था कि आप घर पर तब आओगे जब मम्मी नहीं रहेगी। फिर उसने कहा कि ठीक है अब में कहता हूँ कि तुम अपनी मम्मी से मेरा परिचय करवा दो। मैंने कहा कि ठीक है। फिर उस दिन जब मम्मी घर आई तो मैंने मम्मी से राणा का परिचय करवाया फिर हम लोग बैठ कर बातें करने लगे। थोड़ी देर बाद मम्मी ने कहा कि में चाय बनाती हूँ और मम्मी उठकर जाने लगी और वो मेरी मम्मी को घूरकर देख रहा था। मम्मी ने सफेद सलवार सूट पहन रखा था और मम्मी की काली कलर की ब्रा दिख रही थी और साईड से उनकी सलवार के अंदर से काली पेंटी भी दिख रही थी।

फिर मम्मी ने चाय लाकर हमारे सामने रखी। हम लोगों ने चाय पी और मैंने मम्मी से कहा कि में गेम खेलने जा रहा हूँ और में दूसरे रूम में जाकर गेम खेलने लगा और मम्मी और राणा बैठकर बातें करने लगे। कुछ देर बाद मुझे मम्मी की ज़ोर से हंसने की आवाज़ आई और इस तरह मम्मी की उससे दोस्ती हो गयी। दो महीने इसी तरह चलता रहा और फिर एक दिन पापा ऑफीस से आए उन्होंने मम्मी से कहा कि में 15 दिन के लिए बेंगलोर जा रहा हूँ मेरी एक जरूरी मीटिंग है और वो वहाँ पर दीदी से भी मिल लेंगे। मम्मी ने कहा कि ठीक है उन्होंने मम्मी से और मुझसे कहा कि तुम लोग भी चलो। मम्मी तो तैयार हो गयी लेकिन मैंने मम्मी से कहा कि मेरा स्कूल है.. में नहीं जा सकता हूँ और मैंने मम्मी से कहा कि में अंकल के यहाँ पर रह लूँगा.. आप लोग जाओ। लेकिन मम्मी को मुझे अकेले छोड़ने में डर लग रहा था और उन्होंने कहा कि आप जाईये.. में विक्की के साथ रहूंगी। शायद वो मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी ग़लती हो गयी थी। फिर पापा अगले दिन बेंगलोर चले गये और अंकल का धीरे धीरे मेरे घर आना जाना बढ़ गया और वो मुझसे अब कम बातें करने लगे और मेरी मम्मी से ज्यादा। मेरे स्कूल जाने के बाद भी वो मेरी मम्मी से मिलने मेरे घर आने लगे और मुझे अपनी मम्मी में भी बहुत से बदलाव दिखने लगे.. पहले वो किसी और आदमी से बातें नहीं करती थी लेकिन अब वो उनके साथ घुल मिलकर बातें करने लगी.. लेकिन में इन सब बातों को अपने दिमाग से निकालता रहा.. क्योंकि मुझे ये नहीं पता था कि उसके मन में क्या है।

फिर एक दिन में नीचे से कुछ सामान खरीद रहा था कि वही लड़के जो मुझे परेशान किया करते थे.. उन्होंने मुझसे कहा कि यार हममे क्या कमी थी जो तेरी मम्मी राणा का बिस्तर गरम करने लगी है। फिर उन्होंने कहा कि चल तू एक काम कर.. अपनी मम्मी से कह कि जैसे उसका बिस्तर गरम करती है हमारा भी कर दे और बोलना हम उसे पैसे भी देंगे और मुझे बहुत गुस्सा आया। मैंने कहा कि तुम लोग झूठ बोल रहे हो.. मेरी मम्मी ऐसी नहीं है उन्होंने कहा कि अच्छा ठीक है तू जाकर पूछ ले राणा से। तभी में वहाँ से चला आया और फिर एक दिन में उससे बातें कर रहा था तो मैंने उनसे कहा कि वो लड़के ऐसा बोल रहे थे। वो मेरी तरफ देखने लगा और उसने कहा कि ये बिल्कुल सच है मैंने उससे कहा कि आप झूठ बोल रहे हो। तभी उसने कहा कि नहीं में बिल्कुल सच कह रहा हूँ मैंने कहा कि ठीक है में जब तक विश्वास नहीं करूँगा.. जब तक में खुद ना देख लूँ।

तभी उसने कहा कि ठीक है आज में फिर तेरी मम्मी को चोदूंगा और तू देख लेना। मैंने कहा कि ठीक है। फिर उसने मेरे सामने ही मेरी मम्मी को कॉल किया और पूछा कि भाभी कहाँ पर हो? मम्मी ने कहा कि में घर पर हूँ.. फिर उसने कहा कि आओ ना मेरे घर पर.. मेरा बहुत मन कर रहा है। मम्मी ने कहा कि विक्की नहीं है वो बाहर गया हुआ है कभी भी आ सकता है। उसने कहा कि वो अभी कहाँ आएगा.. वो बाहर गया होगा खेलने.. उसे थोड़ा टाईम लगेगा आ जाओ जल्दी से। मम्मी ने कहा कि ठीक है में आती हूँ। मुझे विश्वास नहीं हुआ उनकी बातें सुनकर कि मेरी मम्मी किसी और के साथ भी सेक्स कर सकती है। उसने मुझे मम्मी की नंगी फोटो भी दिखाई और पूछा कि अब तो तुझे विश्वास हुआ ना कि तेरी मम्मी मेरे सामने अपनी टाँगे फैला चुकी है।

तभी डोर बेल बजी.. उसने मुझे कहा कि तू दूसरे रूम में छुप जा। मैंने कहा कि ठीक है और में दूसरे रूम में चला गया.. मुझे बार बार यही मन में आ रहा था कि मेरी वजह से मेरी मम्मी चुद रही है। तभी मम्मी आई और मैंने देखा कि मम्मी ने एक लाल रंग का सलवार सूट पहन रखा है। मम्मी और राणा सोफे पर बैठकर बातें कर रहे थे। राणा का हाथ मेरी मम्मी की जांघो पर था और उन्हें सहला रहा था.. उसने मेरी मम्मी से कहा कि भाभी सच में तुम बहुत हॉट हो जब भी तुम्हे देखता हूँ मेरा मन करता है कि चोद दूँ। तभी मम्मी शरमा रही थी और अपने बालों को बार बार ठीक कर रही थी।

तभी थोड़ी देर बात करने के बाद मम्मी ने उससे कहा कि मुझे सू सू आई है और मम्मी बाथरूम में चली गयी और वो वहीं पर बैठा हुआ था। फिर मम्मी आई उसने कहा कि चलो रूम में चलते है। मम्मी ने कहा कि ठीक है और दोनों उठकर जाने लगे और अंकल का एक हाथ मेरी मम्मी के चूतड़ पर था। वहाँ पर जाकर वो दोनों लेट गये और वो मेरी मम्मी को किस करने लगे और मुझे बड़ा अजीब लग रहा था कि कोई और आदमी मेरी मम्मी को किस कर रहा है। तभी उसने मम्मी से कहा कि भाभी तेरा जिस्म बहुत गरम है लगता नहीं की तुम्हारी उम्र 39 की है.. ऐसा लगता है की तुम 26 की हो। अब वो मेरी मम्मी को किस करने लगा और मेरी मम्मी के बूब्स को दबाने लगा। मम्मी ने अपने घुटनों को फोल्ड कर लिया था और उनकी टाँगे फैली हुई थी। तभी मैंने गौर से देखा कि मम्मी की सलवार उनकी चूत के पास से गीली है और वो मेरी मम्मी की चूत को उनकी सलवार के ऊपर से सहला रहा है और मम्मी आआआआअ कर रही है।

फिर राणा ने अपने कपड़े उतार लिए और मुझे उसका लंड दिख रहा था.. बिल्कुल काला और मोटा था और मुरझाया हुआ था। तभी मम्मी ने उसे अपने हाथ में ले लिया और सहलाने लगी मम्मी की चूड़ियों की आवाज़ मेरे कानो में आ रही थी। मुझे बहुत अजीब सा लग रहा था और फिर थोड़ी देर तक मम्मी ने उसका लंड ऊपर से नीचे तक सहलाया और कुछ देर बाद उसका लंड खड़ा हो गया। वो बहुत ही बड़ा था। वो मम्मी के बूब्स को धीरे धीरे मसल रहा था.. अब वो आराम से बैठ गया और मम्मी ने उसका लंड अपने मुहं में ले लिया और उसे चूसने लगी.. वो बार बार आआआआअ कर रहा था। फिर उसने मेरी मम्मी का कुर्ता निकाल दिया। तभी मैंने देखा कि मम्मी ने सफेद कलर की ब्रा पहन रखी थी जिसमे लाल फूलल प्रिंट थे। फिर उसने मेरी मम्मी को अपने सीने से चिपका लिया और चूमने लगा। मम्मी उसकी जांघो पर बैठी हुई थी और वो मेरी मम्मी को जकड़ कर मेरी मम्मी के बूब्स ब्रा के ऊपर से चूम रहा था और कभी उनके होंठो को किस करता। फिर उसने मेरी मम्मी की ब्रा निकाल दी और बेड पर रख दी। अब मम्मी ऊपर से नंगी थी और मम्मी के नंगे बूब्स उसकी छाती से चिपके हुए थे। तभी थोड़ी देर बाद उसने मेरी मम्मी को लेटा दिया और मेरी मम्मी की सलवार को निकाल दिया। मम्मी ने जो पेंटी पहन रखी थी वो बहुत छोटी सी थी। उसने मेरी मम्मी के टॅंगो को फैला दिया और मम्मी की चूत के पास अपना मुहं ले गया। मम्मी की पेंटी थोड़ी गीली थी। तभी उसने पेंटी को सूंघा और बोला कि भाभी बिल्कुल नमकीन खुश्बू आ रही है मम्मी सिर्फ़ मुस्कुरा रही थी.. उसने पेंटी को थोड़ा चाटा।

फिर उसने मम्मी की पेंटी को साईड में कर दिया और मम्मी की चूत को देखने लगा और चूत पर थोड़े थोड़े झांट के बाल थे। उसने अपनी दो उंगलीयों से मम्मी की चूत को फैला दिया। मुझे बिल्कुल लाल चूत दिखने लगी और मम्मी सिसकियां लेने लगी। फिर उसने अपनी जीभ चूत पर लगाई और चाटने लगा। मम्मी आआहह करने लगी और अपने सर को इधर उधर करने लगी। मम्मी ने अपने हाथ पीछे की तरफ कर रखे थे। जिससे मम्मी के बूब्स और तन गये थे। मुझे अपनी ग़लती पर शरम आ रही थी कि आज मेरी ग़लतियों के कारण मेरी मम्मी इसके सामने टाँगे फैलाए हुये है।

अब उसने मेरी मम्मी की पेंटी निकाल दी और फिर से मम्मी की नंगी चूत को चाटने लगा। अब वो मम्मी के ऊपर लेट गया और मम्मी के होंठो को चूमने लगा और अपने एक हाथ से अपना लंड मेरी मम्मी की चूत पर रख दिया और धक्का दिया और मेरी मम्मी की चूत में अपना लंड घुसा दिया और धीरे धीरे चोदने लगा। उसका पूरा लंड मेरी मम्मी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था और मम्मी औहह इउईई ओफफफफ्फ़ कर रही थी और वो धीरे धीरे अपनी स्पीड बड़ा कर मेरी मम्मी को चोद रहा था। मम्मी दर्द से सिसकियाँ ले रही थी.. वो मम्मी को चोदते हुए कह रहा था कि भाभी तू बहुत गरम है सारे मोहल्ले के लड़के तुझे अपने बिस्तर पर ले जाना चाहते है। तभी मम्मी ने कहा कि मुझे पता है फिर उसने कहा कि भाभी लेकिन में नहीं चाहता कि तू किसी और का बिस्तर गरम करे.. सिर्फ़ मुझसे चिपक कर रहो तो मम्मी ने कहा कि हाँ।

तभी उसने एक ज़ोर का झटका दिया और ज़ोर से मेरी मम्मी को चोदने लगा। मम्मी भी चूतड़ उठा उठाकर उसका साथ देने लगी। दोनों पसीने से लथ पत हो गये थे.. फिर भी वो जोर जोर से चोदे जा रहा था। फिर उसने एक ज़ोर का झटका दिया और मेरी मम्मी के ऊपर लेट गया। उसने अपना वीर्य मेरी मम्मी की चूत में ही डाल दिया और थोड़ी देर तक वो ऐसे ही मम्मी के ऊपर लेटा रहा। फिर थोड़ी देर बाद उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और फिर 20 मिनट तक दोनों नंगे पड़े रहे और वो मेरी मम्मी के बूब्स को चूसता रहा। फिर मम्मी ने कहा कि अब में घर पर जा रही हूँ और वो खड़ी होकर जाने लगी और वो नंगा ही था। में जल्दी से दूसरे रूम में चला गया कि कहीं मम्मी ना देख ले।

कुछ देर तक में बहुत चकित रहा ये सब देखकर और में मम्मी के जाने का इंतज़ार कर रहा था.. लेकिन वो आई नहीं और में फिर से देखने गया तो देखा कि मम्मी खड़ी है और राणा बेड पर बैठा हुआ है और मम्मी की पीठ उसकी साईड में है और उसने मम्मी की कुरती उठा दी और वो मम्मी की गांड के आस पास सूंघ रहा था। फिर उसने अपना एक हाथ आगे की तरफ कर दिया और मम्मी को कसकर पकड़ लिया और मम्मी की गांड के छेद में नाक डाल दी और सूंघने लगा। तभी मम्मी बार बार अपना हाथ पीछे करके उसे हटाने लगी.. लेकिन वो लगातार सूंघता रहा। फिर उसने मम्मी की सलवार उनकी जांघ तक कर दी मम्मी की पेंटी उनकी गांड में घुसी हुई थी और वो फिर से नाक डाल कर सूंघने लगा और उसने जीभ से चाट चाट कर मम्मी की पेंटी गीली कर दी।

तभी उसने मम्मी की पेंटी को नीचे सरका दिया और मम्मी की गांड के छेद में अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा। मम्मी आआआआ उईई माँ कर रही थी और अपनी गांड चटवा रही थी और मम्मी को बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने आज तक मेरी मम्मी को इस हालत में नहीं देखा था। मेरी आँखों के सामने एक आदमी मेरी मम्मी की गांड चाट रहा था। फिर वो मेरी मम्मी के पीछे आ गया और मम्मी झुक गयी मम्मी की सलवार उनके पैरो तक गिर गयी थी और उसने मेरी मम्मी की पेंटी को जांघो तक सरका दिया और पीछे से अपना लंड मेरी मम्मी की गांड में डाल दिया और मम्मी की गांड मारने लगा। तभी मम्मी आआआहह सस्स्सस्स औहह धीरे धीरे कर रही थी। मम्मी की सिसकियाँ मेरे कानो में अच्छे से सुनाई दे रही थी और वो मेरी मम्मी के चूतड़ सहलाता हुआ मेरी मम्मी की गांड मार रहा था।

तभी थोड़ी देर बाद वो ज़ोर से मेरी मम्मी की गांड मारने लगा। मम्मी दर्द से चिल्ला रही थी और मुझसे मम्मी की ये हालत देखी नहीं जा रही थी.. लेकिन में क्या करता। तभी थोड़ी देर बाद उसने मम्मी के दोनों बूब्स को पकड़ कर जोर जोर से धक्के देने शुरू कर दिये और उसने अपनी स्पीड बड़ा दी। फिर कुछ और धक्के देने के बाद उसने अपना वीर्य मम्मी की गांड के छेद में गिरा दिया और फिर मम्मी ने अपनी सलवार ऊपर चड़ा ली। तभी में वापस दूसरे रूम में चला गया और फिर कुछ देर बाद मम्मी बाहर बाहर आ गयी और वो भी साथ में था। में चुपके से थोड़ा बाहर आ कर देखने लगा।

तभी वो मम्मी को किस कर रहा था और कह रहा था कि भाभी आपके पति बेंगलोर गये है क्या आप इतने दिन रात भर मेरे साथ नहीं रह सकती है? तभी मम्मी ने कहा कि में देखूंगी.. लेकिन अगर मुझे मौका मिला तो पक्का आऊंगी और फिर वो चली गयी।

फिर वो आया और मुझसे बातें करने लगा। उसने मुझसे पूछा कि देखा तूने.. मैंने कहा कि हाँ। फिर उसने मुझसे कहा कि देख तेरी मम्मी जवान है और उनको इन सब चीज़ो की ज़रूरत है और में तेरी मम्मी की मदद कर रहा हूँ.. उसने कहा कि तुम ये बातें किसी से मत कहना। फिर मैंने उससे कहा कि ठीक है और मैंने किसी को ये बात नहीं बताई।

इस बात को दो साल हो गये है वो आज भी मेरी मम्मी को चोदता है। अब उसकी हिम्मत और बड़ गई है.. वो तो आजकल मौके की तलाश में रहता है और जब भी मौका मिला चुदाई शुरू। उसने कई बार मेरे घर पर भी आकर मेरी मम्मी को चोदा है और मैंने कई बार देखा है ।
 


माँ उधार लेकर रंडी बन गयी




मेरी माँ एक 40 साल की औरत है जो गोरी है करीब 5 फीट लंबी है उनकी घने लंबे बाल है उनकी चूची लगभग 34 साईज़ की है उनके कूल्हों में बहुत चर्बी है और उनकी गांड का 38 साईज़ है और वो जब चलती है तो उनकी गांड बहुत हिलती है और सभी लोग उनकी गांड को देखकर अपना लंड बड़ा कर लेते है। करीब 4 साल हो गये है मेरे पापा को गुजरे हुए और ये कहानी उनके गुजर जाने के लगभग 6 महीने बाद की है।

पापा के गुजर जाने के बाद हमारे घर की आर्थिक स्थिति थोड़ी खराब हो गई थी.. क्योंकि मेरी पड़ाई भी थी और फिर घर के सारे ज़रूरी काम ठीक से पूरे नहीं हो पाते थे। तभी मेरी मम्मी ने सोचा कि वो किसी से कुछ रुपये उधार ले ले जिससे सब कुछ थोड़ा ठीक हो जाए तो बहुत अच्छा होगा। फिर हमारे मोहल्ले में एक पंजाबी आदमी रहता था.. जो लोगों को पैसा उधार देता था और वो ब्याज भी लेता था और वो यही बिजनेस करता था। तो मम्मी उसके पास गयी और उनसे 50 हज़ार रुपये माँगे और उन्होंने कहा कि वो 2 महीने बाद वापस कर देगी। क्योंकि उन्हें मेरे पापा के बीमे के पैसे मिल जाएँगे। तो उन्होंने मेरी मम्मी को पैसे उधार दे दिए.. लेकिन जब वो मम्मी के साथ बात कर रहा था तो वो इस तरीके से मम्मी को घूरकर देख रहा था और मुझे समझ में आ रहा था कि उसको अगर मौका मिले तो वो मम्मी को नहीं छोड़ेगा। फिर उसने मम्मी से मोबाईल नंबर माँग लिया.. इस बहाने से कि अगर उसे पैसे के बारे कुछ पूछना पड़ा तो वो फोन करेगा है तो मम्मी ने उसे अपना मोबाईल नंबर दे दिया और हम चले आए।

फिर उस दिन के बाद से हर रोज़ वो मम्मी को गंदे गंदे चुटकुले मैसेज करता था। मम्मी भी कुछ नहीं बोल पाती थी क्योंकि उन्होंने पैसा जो लिया है। फिर ऐसे ही चलता रहा कुछ दिनों के बाद से वो मम्मी को कभी कभी फोन करके उनके हालचाल पूछता था और कभी कभी वो रात को 10 बजे भी फोन करता था। फिर धीरे धीरे मम्मी को भी उसकी इस हरकत से आदत पड़ चुकी थी तो मम्मी भी उससे फोन पर बात किया करती थी.. अब उसे लगने लगा था कि वो मेरी मम्मी को पटा सकता है। फिर कुछ दिनों बाद वो अचानक से हमारे घर पर एक दिन आ गया और जब मम्मी ने दरवाजा खोला तो उसने कहा कि बस वो हालचाल पूछने आया है तो मम्मी ने उसे बैठाकर चाय बनाकर पिलाई तो वो लगभग आधे घंटे तक रुककर चला गया और इस तरीके से उसने हमारे घर पर भी आना जाना शुरू किया और वो जब भी घर पर आता था तो वो एक लूँगी और कुर्ता पहन कर आता था। फिर वो मम्मी के साथ बैठकर या खड़ा होकर जब भी बात करता था तो वो अपनी लूँगी के ऊपर से लंड को खुजाता रहता था। उससे पता चल जाता था कि वो अंदर अंडरवियर नहीं पहन कर आया है और ये सब देखकर मम्मी बहुत ज़्यादा शरमा जाती थी। फिर दो महीने बाद जब पापा के बीमे का पैसा नहीं आया और पता चला कि वो रुपये मिलने में और एक साल लगेगा तो मम्मी घबरा गयी और मम्मी ने उसे फोन करके सब कुछ बता दिया।

तभी उसने बोला कि तुम चिंता मत करो में अभी घर पर आता हूँ और फिर हम बैठकर बात करेंगे.. तो फिर वो अगले दिन हमारे घर पर आया। लेकिन आया रात के 10.30 बजे करीब और हम लोग खाना खाने ही वाले थे। तभी वो आया और मम्मी ने उसे भी खाना खाने को कहा तो उसने कहा कि ठीक है हम खाना खाने के बाद बात करते है। फिर खाना खाने के बाद मम्मी उससे रूम में बैठकर बात कर रही थी तो उसने मम्मी से पूछा कि तुम्हारे पास कोई गहने है जो मेरे पास गिरवी रख सकती हो? तभी मम्मी ने कहा कि हाँ मेरे पास कुछ गहने है। तो उसने कहा कि दिखाओ तो मम्मी उसे अपने बेडरूम में जहाँ पर अलमारी में गहने रखे है वहाँ लेकर गयी। तो उसने वहाँ पर गहने देखकर कहा कि ये तो बहुत कम है। तभी मम्मी बोली कि अब में क्या करूँ? ये कहने के साथ साथ ही उसने मम्मी को बेडरूम के अंदर ही पकड़ लिया और ज़बरदस्ती उनकी चूचियों को मसलने लगा।

मम्मी उससे छुड़ाने की कोशिश कर रही थी और बोली कि में जोर से शोर मचाऊँगी। तभी उसने मम्मी को छोड़ दिया और फिर कहा कि अगर मेरे पैसे वापस नहीं मिले तो कल आऊंगा और मुझे ये घर गिरवी चाहिए तुझे जो करना है कर। तभी मम्मी रो पड़ी तो उसने मम्मी से कहा कि अगर तू मुझे तेरी चूत देती है तो तेरा पैसा मुझे नहीं चाहिए.. सोचकर कल मुझे फोन करके बताना। इतना बोलकर वो चला गया। फिर मम्मी पूरी रात रोती रही और ये बात सोच सोचकर वो सोई नहीं। फिर अगले दिन मम्मी ने दोपहर को उसे फोन किया और बोली कि और कोई चारा नहीं है क्या?

तो उसने कहा कि नहीं.. फिर मम्मी ने कहा कि तो फिर आपकी जो मर्ज़ी हो वो कर लो। तभी उसने कहा कि क्या में अभी आ जाऊँ? फिर मम्मी ने उसे हाँ कर दिया और थोड़े ही देर में वो घर में आ गया और उसने आकर दरवाजा बंद कर दिया और मम्मी को हाथ पकड़ कर बेडरूम में लेकर गया और बोलने लगा कि आजा मेरी रानी अब तो तुझे में अपनी रंडी बनाऊंगा और उसने अपनी लूँगी खोल दी और मम्मी उसका लंड देखकर दंग रह गयी.. काला मोटा 9 इंच का एक सांप जैसा लंड उसने कहा कि क्या देख रही है कुतिया ले इसे अपने मुहं में.. मम्मी ने इससे पहले कभी मुहं मे लंड नहीं लिया था तो वो बहुत मुश्किल से उसे चूसने लगी घुटनो पर बैठकर। फिर उसने कुछ देर बाद मम्मी के बाल पकड़ कर लंड को गले तक घुसा दिया और मुहं में जोर जोर से धक्के देकर लंड डालने लगा। तभी मम्मी की साँस रुक चुकी थी और वो छटपटा रही थी तभी उसने लंड को थोड़ा बाहर निकाल लिया और बोला कि रंडी तेरे कपड़े उतार।

तभी मम्मी ने धीरे धीरे अपने सारे कपड़े उतार दिए और वो मम्मी की बिल्कुल साफ गोरी चूत देखकर पागल सा हो गया। उसने तुरंत मम्मी को उठाकर बिस्तर पर डाल दिया और थोड़ा सा थूक लगाकर मम्मी की चूत में लंड डालने लगा और मम्मी बहुत जोर से चिल्ला रही थी.. क्योंकि लंड बहुत बड़ा था और मम्मी को बहुत दर्द हो रहा था।

फिर वो किचन से तेल लेकर आया और फिर चूत पर तेल लगा दिया और लंड को ज़बरदस्ती घुसा दिया और फिर सांड की तरह चोदने लगा। मम्मी दर्द के मारे चिल्ला रही थी। फ़िर भी उसने रहम नहीं किया और बोलने लगा कि साली रांडी तेरी चूत से में अपना पैसा निकालूँगा.. तू देखती जा साली कुतिया इस तरीके से वो मम्मी को एक घंटा तक चोदता रहा और जब उसका वीर्य गिरने वाला था तो उसने मम्मी के मुहं में लंड डाल दिया और मम्मी के मुहं में सारा वीर्य गिरा दिया और मम्मी को मज़बूरी में सारा वीर्य पीना पड़ा। फिर उसने मम्मी को पकड़ा और वहीं पर सो गया। मम्मी दर्द के मारे बिल्कुल बिखर चुकी थी तो मम्मी भी उसके सीने पर सर रखकर सो गयी कुछ एक घंटे बाद फिर से उसका लंड खड़ा होने लगा और वो धीरे धीरे मम्मी की गांड को मसलने लगा तो मम्मी भी उठ गयी। तभी मम्मी ने पूछा कि क्या हुआ? तो उसने बोला कि मेरी रानी तेरी मस्त गोरी गांड को भी चोदना है।

तभी मम्मी ने कहा कि नहीं प्लीज़ वहाँ पर नहीं मैंने कभी नहीं करवाई। तो उसने बोला कि बहुत अच्छी बात है तेरी कुँवारी गांड की सील आज में तोड़ूँगा.. इतना कहकर वो उठ गया और तेल की शीशी लेकर आया और मम्मी को उल्टा करके उनकी गांड के छेद में तेल डालने लगा। मम्मी मज़बूरी में चुपचाप पड़ी रही और उसने एक उंगली घुसकर तेल लगा लिया और अपने लंड पर भी तेल लगाकर अपने लंड को मम्मी की गांड में सेट कर दिया और धीरे धीरे धक्का देकर घुसाने लगा। मम्मी के मुहं से आवाज़ निकली तो उसने एक हाथ से मम्मी का मुहं पकड़ लिया और पूरा लंड ज़बरदस्ती घुसा दिया। करीब 5 मिनट वहीं पर रखा और फिर धीरे धीरे आगे पीछे करके चोदने लगा। मम्मी आधी बेहोश हो गयी थी। इस तरीके से उसने फिर 10 मिनट बाद अपनी स्पीड तेज़ कर दी और फिर से वो सांड बन गया.. फिर आधे घंटे तक चोदने के बाद उसका वीर्य माँ की गांड में ही झड़ गया। वो फिर से उनके पास ही सो गया और कुछ देर सोने के बाद बोला कि अभी में जा रहा हूँ फिर रात को आऊंगा। ये कहकर वो चला गया और अब वो ना तो दिन देखता है और ना ही रात। जब भी उसका लंड खड़ा होता है तो वो मेरी माँ के पास उसे ढीला करवाने आ जाता है ।

 


चाची ने सुहागरात मनाने का मौका दिया


दोस्तों मेरा नाम विनीत है और में 23 साल का हूँ। में दिल्ली का रहने वाला हूँ मुझे चुदाई का बहुत शौक है और मेरा लंड हमेशा चूत और गांड का स्वाद चखने को बैताब रहता है। आज में आपको ऐसी ही एक स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ जिसमे मैंने अपने लंड की प्यास अपनी चाची को चोद कर बुझाई। दोस्तों मेरे चाचा की अभी कुछ समय पहले नई नई शादी हुई थी। उनकी शादी बहुत लेट हुई थी और मेरे चाचा की उम्र 32 साल है और चाची की उम्र 29 साल है और काम की वजह से चाचा को अक्सर बाहर आना जाना पड़ता है। इस वजह से चाची को अकेले घर पर रहना पड़ता है। चाची का जिस्म बहुत ही कातिलाना, सेक्सी है और वो थोड़ी सी सांवली है लेकिन नाक नक्श बहुत मस्त है। उसकी वजह से वो एकदम मस्त लगती है। उनके होंठो का रंग भी सावला है और उनका फिगर 36-30-34 इंच है जो कि उन्होंने एकदम अच्छी देख रेख करके बहुत अच्छा बनाया हुआ है।

फिर एक दिन मेरे चाचा का फोन मेरे पास आया और उन्होंने मुझे घर पर बुलाया क्योंकि वो किसी काम से एक महीने के लिए बाहर जा रहे थे तो उन्होंने मुझे चाची के साथ रहने के लिए बुलाया। तभी में जल्दी से तैयार हो गया.. क्योंकि में पहले से ही इस मौके की तलाश में था जो मुझे आज मिल ही गया और में उनके घर पहुँचा और फिर जैसे ही मैंने दरवाजा खोला तो मेरे सामने चाची खड़ी थी.. सफेद कलर के चूड़ीदार सूट में और में तो उन्हें देखता ही रह गया। सफेद सूट में उनका सावला रंग और भी निखर कर सामने आ रहा था और में तो बस उन्हें ऊपर से नीचे तक हवस भरी आँखों से देख रहा था। तभी उन्होंने मुझे अंदर आने को कहा और में अंदर चला गया और चाचा जी जाने के लिए सामान पेक कर रहे थे और वो रात को चले गये और उनके जाने के बाद अब हम दोनों ही घर में अकेले थे। चाची बहुत फ्रेंक थी.. इसी वजह से में उनके साथ जल्दी घुल मिल गया और हम बहुत करीब भी आ गये। अब हम थोड़ी थोड़ी सेक्सी बातें भी करने लगे।

फिर एक दिन बातों बातों में उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैंने कभी किसी के साथ सेक्स किया है? तभी मैंने हाँ कर दी तो उन्होंने कहा किसके साथ? फिर मैंने कहा कि मैंने 25 या 30 बार अपनी गर्लफ्रेंड को चोदा है और अपनी पड़ोस वाली आंटी को भी कई बार चोदा है। तभी उन्होंने कहा कि उन्हें कितनी बार? तभी मैंने कहा कि उन्हें भी 15 से 20 बार। तो उन्होंने कहा कि क्या तुमने कभी 25 से 30 साल उम्र वाली की औरत से सेक्स किया है? तभी मैंने कहा कि नहीं मुझे कभी मौका ही नहीं मिला। तभी चाची बोली कि और अगर मौका मिलेगा तो तू क्या करेगा? फिर मैंने कहा कि हाँ क्यों नहीं.. ये भी कोई पूछने वाली बात है।

फिर मैंने कहा कि लेकिन किससे? तभी चाची बोली कि क्या तू मेरे साथ सेक्स करना चाहेगा? तभी मैंने कहा कि क्या आपसे? तो चाची बोली कि हाँ क्या कोई हर्ज है? फिर मैंने कहा कि ये ठीक नहीं है। तो फिर चाची बोली कि सेक्स में कुछ भी ग़लत नहीं होता और 15 मिनट चाची के समझाने के बाद में मान गया और उन्हें चोदने को तैयार हो गया और बाहर से ना चोदने का दिखावा कर रहा था लेकिन अंदर से मन ही मन बहुत खुश था। फिर हमने रात को खाना खाया और हम चाची के बेडरूम में आकर टीवी देखने लगे। फिर चाची भी मेरे पास आकर बैठ गई और में टीवी देखते देखते चाची के बूब्स दबाने लगा उन्हें मज़ा आने लगा और वो भी बहुत मज़ा ले रही थी।

तभी में चाची के कपड़े उतारना चाहता था लेकिन उन्होंने मना कर दिया। तभी मैंने कहा कि क्या हुआ चाची? तभी वो बोली कि मुझे तुम्हारे साथ सुहागरात मनानी है और तुम मुझे मेरे नाम से बुलाओ.. मैंने कहा कि ठीक है सपना.. उनका नाम सपना है। तभी वो उठकर अंदर चली गई और लगभग आधे घंटे बाद मुझे आवाज़ लगाई तो में टीवी बंद करके उनके पास दूसरे रूम में चला गया। फिर वो एकदम दुल्हन की तरह लाल कपड़ो में घुंघट डालकर बेड पर बैठी थी.. एकदम नई नवेली दुल्हन की तरह.. में तो ये सब देखकर पागल सा हो गया और मैंने बेड पर बैठकर उनका घूंघट बड़े आराम से उठाया।

मेकअप के कारण उनका रंग रूप और भी निखर गया था। तभी मैंने उन्हें बेड पर लेटाया और उनके लिपस्टिक लगे लाल होंठो को चूसने लगा। में उन्हें एक भूखे शेर की तरह चूस रहा था और वो भी मेरा साथ दे रही थी और हम दोनों एक दूसरे की बाहों में लिपटे हुए थे और सारी दुनिया को भुलाकर प्यार कर रहे थे। फिर मैंने उनके ब्लाउज और ब्रा का हुक खोल डाला और उनकी चूचियों को आज़ाद कर डाला वो बहुत कामुक लग रही थी उनकी चूचियाँ बाहर आकर और बड़ी हो गई और में बड़ी बेरहमी से उन्हे दबाने चूसने लगा। में एक एक करके दोनों को बारी बारी से चूसने लगा और बीच बीच में अपनी एक ऊँगली उनकी गांड में भी डाल देता। तभी वो एकदम चीख पड़ती.. जानू ऐसा मत करो ना.. प्लीज़। में नहीं माना कुछ देर बाद उनके मुहं से भी सिसकियाँ आने लगी अहहहहह उफ़फफूफुफ ओह और वो बड़े मजे ले रही थी। अब मैंने उनकी साड़ी पेटिकोट और पेंटी भी उतार दी। अब वो मेरे सामने एकदम नंगी लेटी हुई थी तभी उनकी बहुत बड़ी सी चूत देखकर में पागल सा हो गया था।

तभी मैंने उनकी चूत पर किस किया.. वो गीली थी और एक मादक खुश्बू भी दे रही थी और अब मेरे सब्र का बाँध टूट पड़ा और में उनकी चूत को चाटने लगा। तभी वो बहुत जोर जोर से आवाज़े निकालने लगी और कहने लगी कि आहहहह और तेज चाटो और तेज और तेज करो ओह आआ मेरी चूत.. अब सब्र नहीं होता.. मेरी चूत में अपना लंड डाल कर फाड़ डालो। तभी मैंने उनके दोनों पैरों को अपने कंधो पर रखा और अपना लंड उनकी चूत के निशाने पर लगाया और एक जोरदार झटका मारा जिससे मेरा आधा लंड अंदर चला गया। वो बहुत तेज चीख पड़ी उूउइíई में मर गयी रे.. उनकी चूत बहुत टाईट थी वो दर्द से कराह रही थी।

फिर में थोड़ी देर वैसे ही रहा और उनके होंठो को चूमने लगा और जब मुझे लगा कि उनका दर्द कम हो गया है तो मैंने एक और ज़ोरदार झटका मारा और मेरा पूरा लंड उनकी चूत की गहराइयों में समा गया और वो रो पड़ी उन्हे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन में धीरे धीरे झटके मारने लगा और वो भी उन झटको का मज़ा लेने लगी। अब में उनकी चूत को जमकर तेज तेज धक्को के साथ चोदने लगा और उनकी अच्छे से चुदाई करने लगा। वो एकदम जन्नत का जैसा मज़ा लूट रही थी। 45 मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद में झड़ने वाला था और फिर मैंने पूछा कि पानी कहाँ पर गिराऊँ तो उन्होंने कहा कि मेरी चूत में ही झाड़ दो.. वैसे भी में दोबारा झड़ने वाली हूँ और मैंने तेज तेज झटके मारने शुरू कर कर दिए और हम दोनों एक साथ चिपके हुए झड़ गये। उस दिन मैंने उन्हें 9 बार चोदा और उनकी चूत चुदाई की वजह से सूज गई थी। मैंने उन्हें इसके बाद पूरे 15 दिनों तक दिन रात चोदा और उन्हे बहुत मज़ा दिया और उनकी चूत के साथ साथ उनकी गांड भी मारी और अपनी लंड की पूरे 15 दिनों तक प्यास बुझाई। तो दोस्तों ये थी मेरी और मेरी चाची की कहानी ।
 


आंटी ने मम्मी को मालिश वाले से चुदवाया


हैल्लो दोस्तों मेरा नाम राहुल सक्सेना है और में राजस्थान का रहने वाला हूँ। दोस्तों मुझे कहानियाँ पढ़ना बहुत पसंद है ख़ासकर वो कहानी जिसमे शादीशुदा औरत हो जो कि अपने पति के अलावा किसी और के बारे में नहीं सोचती है और उन्हें कोई दूसरा आदमी या कोई जवान लड़का गरम करता है और चोदता है। मेरी मम्मी भी इसी तरह की औरत है और उन्हें भी एक बार एक पराए मर्द ने घर में चोदा वो चोदने वाला एक मालिश करने वाला था। मेरे घर में सिर्फ़ तीन ही लोग है में और मेरे मम्मी-पापा। पापा की उम्र 55 साल है और मम्मी की उम्र 50 साल है और में अब 25 साल का हूँ। मेरी मम्मी का फिगर 34-38-41 है।

दोस्तों ये बात आज से 5 साल पहले की है जब मम्मी ने एक मालिश करने वाले के साथ संभोग किया। वो सर्दियो की बात है मम्मी की तबीयत खराब रहने लगी थी उनके पैरो में बहुत तकलीफ़ हो रही थी। फिर जब हमने उन्हें डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने कुछ दवाईयाँ दी और उनसे कुछ आराम तो मिला लेकिन कुछ दिनों के बाद फिर वही हालत। इसलिए इस बार पापा मम्मी को लेकर आर्युवेद के डॉक्टर जिन्हे वैध जी कहा जाता है उनके पास लेकर गये। फिर उन्होंने मम्मी को देखकर कहा कि इनके पैरो का दर्द सही हो जाएगा और उन्होंने कुछ दवाईयां लिखी और साथ में तेल मालिश करने के लिए भी बोला इससे ज्यादा फायदा होगा। तभी इसके बाद मम्मी का इलाज शुरू हो गया लेकिन तेल मालिश शुरू नहीं हुई।

फिर पापा तेल मालिश करने वाले को ढूंढ रहे थे तो एक आंटी है जो हमारी बहुत अच्छी मिलने वाली है उनकी और मम्मी की बहुत अच्छी दोस्ती है। तभी उन्होंने पापा को एक 50 साल के आदमी से मिलवाया जो की तेल मालिश करता था आंटी उस आदमी की बहुत तारीफ कर रही थी और बोल रही थी कि उनको भी ऐसी ही तकलीफ़ थी जो कि उसने दूर कर दी। उस आदमी का नाम दयाल था और वो 50 साल का था ज़रूर लेकिन बहुत हेल्थी था। फिर अगले दिन से वो आदमी हमारे घर आने लगा और मम्मी की मालिश करने लगा। जब वो आदमी मालिश करता तो पापा या में हम दोनों में से कोई एक घर में होता ही था 10 दिन तक ऐसा ही चलता रहा लेकिन एक दिन पापा को भी ऑफीस जाना था और मुझे अपने फ्रेंड के यहाँ पर जाना था क्योंकि उसके बड़े भाई की शादी थी। तो पापा ने आंटी को फोन किया और सारी बात बताई और कहा कि प्लीज अगर आप कल सुबह आ जाओ तो बहुत अच्छा है और आंटी मान गयी। तभी अगले दिन पापा ऑफीस चले गये और में घर पर ही था और में आंटी का इंतजार कर रहा था करीब आधे घंटे बाद आंटी घर आई और 5 मिनट बाद ही मालिश वाला भी आ गया।

फिर मालिश वाला आंटी को देखकर बहुत खुश हुआ और उनसे बातें करने लगा। फिर में दूसरे कमरे में गया और मम्मी को बोला कि आंटी और मालिश वाला दोनों आ गये है अब में भी चलता हूँ। तभी मम्मी ने कहा कि ठीक है। आंटी और मालिश वाला रूम में बैठे बातें कर रहे थे। जब में रूम में घुस रहा था तो मालिश वाला आंटी से कुछ बोल रहा था और आंटी उसकी बात सुनकर ज़ोर से हंसी और कहा कि में कुछ करती हूँ और आज तेरा काम हो जाएगा। तभी मैंने पूछा कि क्या हुआ आंटी कुछ ज़रूरत है क्या अंकल को? तो आंटी ने कहा कि हाँ इसका एक काम अटका हुआ है उसी को करवाने की बोल रहा था मैंने हाँ कर दी। तभी मैंने पूछा कि क्या मेरी कोई मदद चाहिए? तो आंटी ने हंसते हुए कहा कि नहीं बेटा नहीं में करवा लूँगी। इसके बाद में वहाँ से चला गया। मम्मी भी अब रूम में आ गई और आंटी से बातें करने लगी थोड़ी देर बाद आंटी ने कहा कि मालिश करवा ले और हम भी बातें करते रहेगे। फिर मालिश करने वाले ने मम्मी के पैरो की मालिश शुरू कर दी और जब मालिश ख़त्म हो गई और दयाल हाथ धोने बाथरूम में गया तो आंटी ने मम्मी से बोली कि कभी तुमने पीठ और हाथों पर मालिश करवाई है दयाल बहुत अच्छी मालिश करता है। तभी मम्मी ने कहा कि नहीं मैंने नहीं करवाई और में ऐस कैसे पराये मर्द को छूने दूँ पैरो की मालिश ही बहुत है। तो आंटी बोली कि अरे कुछ नहीं होता में भी तो इससे मालिश करवाती हूँ और मुझे दो साल हो गये है और ऐसा भी नहीं है कि में किसी से छुपके करवाती हूँ और मेरे पति को भी पता है।

तभी मम्मी बोली कि फिर भी कुछ होता होगा? फिर आंटी बोली कि अगर तुझे प्राब्लम हो रही है तो ले में आज तेरे सामने ही मालिश करवाती हूँ अगर तुझे पसंद आए तो तू तब ही करवा लेना। फिर मम्मी ने हाँ बोल दी। तभी दयाल जब आया तो आंटी ने उससे कहा कि मेरी बॉडी पर ऑईली मसाज कर दे फिर अगर तेरी भाभी को अच्छी लगी तो वो भी करवाएगी। दयाल बोला कि ठीक है में तो बहुत अच्छी मालिश करता हूँ आपको तो पता ही है। अब आंटी और मम्मी बेडरूम में चली गयी और वहाँ पर आंटी ने अपने ब्लाउज को उतार दिया और ब्रा भी उतार दी और बेड पर उल्टा लेट गयी। फिर दयाल आ गया और उसने मालिश शुरू करी। दयाल बहुत ध्यान से आंटी की मालिश कर रहा था सिर्फ़ पीठ पर उसने इधर उधर कहीं भी हाथ नहीं लगाया 30 मिनट तक मालिश चली उसके बाद दयाल मालिश करके दूसरे रूम में चला गया और आंटी उठकर बैठ गयी और अपने कपड़े पहनते हुए बोली कि क्यों कैसा लगा सही करता है ना? फिर मम्मी ने कहा कि हाँ करता तो है।

तभी आंटी बोली कि फिर क्या तू भी तैयार है? मम्मी अब भी झिझक रही थी लेकिन आंटी के बार बार बोलने पर करवा ले.. एक बार करवा कर देख तो सही। फिर मम्मी मान गयी लेकिन मम्मी ने कहा कि तुम यहाँ से थोड़ी देर के लिए भी नहीं जाना। आंटी ने हंसते हुए कहा कि ठीक है में कहीं पर भी नहीं जाऊंगी। तभी मम्मी ने भी अपना ब्लाउज और ब्रा को उतार दिया और बेड पर उल्टा लेट गयी। आंटी ने दयाल को आवाज़ देकर बुलाया और कहा कि देख वो राज़ी है मालिश करवाने के लिए और अच्छी मालिश करना जिससे बार बार तुझे करने को कहे और धीरे से बोली कि मैंने काम कर दिया है अब तू संभालना। तभी मालिश वाला स्माईल करके चला गया और मम्मी के पास जाकर बैठ गया और मालिश करने लगा पहले वो मम्मी के हाथों की मालिश करने लगा। आंटी भी उसी रूम में बैठ गयी। थोड़ी देर तक तो सही करने लगा लेकिन थोड़ी देर में दयाल मम्मी से बोला कि भाभी जी एक बात कहूँ आप बुरा तो नहीं मानोगी? तभी मम्मी ने कहा कि बोलो। दयाल बोला कि आपकी त्वचा बहुत मुलायम है और अब तक मैंने जितनो की मालिश की है उस में से सबसे मुलायम आपकी है। मम्मी नाराज़ नहीं हुई और स्माईल करने लगी।

फिर दयाल ने मम्मी के हाथों की मालिश पूरी होने के बाद वो मम्मी की पीठ की मसाज करने लगा। तभी थोड़ी देर में उसने अपनी शर्ट उतार कर रख दी मम्मी को इस बात का पता नहीं चला और अब दयाल ऊपर से नंगा था और उसने मालिश लगातार रखी। फिर उसने धीरे धीरे अपनी धोती भी उतार दी और मम्मी को मसाज के कारण बहुत मज़ा आ रहा था उन्हें पता नहीं चला लेकिन आंटी सब कुछ देख कर मुस्कुरा रही थी। अब दयाल मम्मी की पीठ के साथ उनके साईड में हाथ चलाने लगा जिससे मम्मी के बूब्स को वो छूने लगा। मम्मी अपने पेट के बल लेटी हुई थी तो मम्मी के बूब्स बिस्तर से लगे हुए थे 1-2 बार छूने के बाद जब मम्मी ने कुछ नहीं बोला तो उसने मम्मी के नीचे हाथ घुसा दिए और बूब्स मसलने लगा। तभी मम्मी उठकर बैठ गयी और बोली कि ये क्या कर रहे हो? लेकिन दयाल ने मम्मी को पीछे से पकड़ा और बूब्स भी पकड़ लिए और उन्हें मसलना चालू रखा। तभी मम्मी छूटने की कोशिश कर रही थी लेकिन कामयाब नहीं हुई उन्होंने आंटी को देखा जो कि हंस रही थी। मम्मी उनसे बोली कि तू क्यों हंस रही है? ये क्या कर रहा है? प्लीज इससे मना कर। आंटी बोली अरे क्या हुआ ये मालिश ही तो कर रहा है करने दे में भी तो करवाती हूँ।

तभी आंटी बोली कि अरे तू दयाल का कमाल तो देख तुझे इतना संतुष्ट करेगा.. जितना तू कभी नहीं हुई। दयाल तू ज़रा अपना हथियार इन्हें दिखा तो। तभी दयाल ने मम्मी को अपनी और घुमाया और अपनी अंदरवियर उतारा और 7 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा लंड बाहर निकाल कर रख दिया और मम्मी ने लंड देखकर ही अपनी आंखे बंद कर ली। दयाल ने मम्मी के हाथों में अपना लंड दे दिया और फिर मम्मी ने हाथ हटा लिया। मम्मी आंटी से बोली कि ये क्या है? क्या तू भी इसके साथ मिली है? तभी आंटी ने कहा कि हाँ इसने कहा कि तू इसे बहुत पसंद है तो मैंने कहा कि ठीक है दयाल तुझे आज इसकी चूत दिलवाते है। अब दयाल मम्मी से बोला कि भाभी प्लीज एक बार प्यार करने का मौका दो में वादा करता हूँ कि आपको निराश नहीं करूंगा और मम्मी को किस करने लगा। आंटी बोली अरे मज़े ले मज़े मम्मी ने कहा कि में शादीशुदा हूँ और किसी पराये मर्द के साथ ऐसा नहीं कर सकती हूँ।

तभी आंटी बोली कि अरे में भी तो शादीशुदा हूँ और में भी तो इसका लंड लेती हूँ लेकिन अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ.. ऐसे ही किसी के साथ सेक्स करने से कुछ नहीं होता तू सिर्फ़ मज़े कर.. शोर मत मचा कोई आ गया तो तुम दोनों को नंगा देखकर क्या सोचेगा और वो तो तुझे ही गलत समझेगा तेरी ही बदनामी होगी। फिर दयाल भी बोला कि भाभी प्लीज एक बार सिर्फ़ एक बार करवा लो और मम्मी को किस करने लगा। ठीक उसी टाईम डोर बेल बजी आंटी देखने गयी कोई किसी का मकान ढूंढ रहा था और हमारे घर में आ गया था। फिर आंटी ने उसे वापस भेज दिया। फिर वापस आकर आंटी बोली कि देख तेरे चिल्लाने से तेरे पड़ोसी आ गये थे मैंने उन्हें अभी तो टाल दिया है लेकिन सोच अगर तू और चीखेगी या चिल्लाएगी तो अगली बार वो अंदर आ जाएगे और तुझे और दयाल को नंगे देखेंगे तो तुझे ही ग़लत समझेगे अब आगे तेरी मर्ज़ी ये तो तुझे आज चोदकर ही छोड़ेगा।

तभी आंटी की बात सुनकर और बदनामी की बात सोच कर मम्मी को रोना आ गया और मम्मी ने रोते हुए कहा कि ठीक है सिर्फ़ एक बार और फिर नहीं। तभी दयाल बोला कि हाँ हाँ सिर्फ़ आज फिर कभी नहीं। दयाल ने मम्मी को लेटा दिया और मम्मी के ऊपर लेट गया और उन्हें चूमने लगा। मम्मी को वो लिप किस करना चाहता था लेकिन मम्मी अपना सर इधर उधर कर रही थी। तभी दयाल ने मम्मी का मुहं पकड़ा और होंठो पर किस करने लगा। फिर किस करते हुए वो मम्मी के बूब्स तक पहुंचा और बूब्स को चूमने लगा उन्हें दबाने लगा। मम्मी के मुलायम मुलायम बूब्स को पकड़ कर दयाल पागल हो गया। वो कभी तो सीधी चूची को चूसता तो कभी उल्टी चूची चूसता। मम्मी भी अब कामुक होने लगी थी और उनके निप्पल कड़क होने लगे दयाल मम्मी की चूचियों को जितना हो सकता अपने मुहं में ले लेता।

मम्मी का रोना अब कम हुआ लेकिन और दयाल ने मम्मी को देखा और शैतानी मुस्कान भरी और कहा कि अब तो चुप हो जाओ और मज़ा लो मज़ा और फिर वो मम्मी के पेट की और बड़ा और मम्मी की नाभि को किस किया और उसमे जीभ डालकर जीभ फैरने लगा। फिर उसने मम्मी की साड़ी को उतार डाला और फिर पेटिकोट का नाड़ा खोल दिया और खींच कर उतार दिया और दयाल मम्मी की जांघो को देखने लगा मम्मी की जांघे गोरी गोरी और मोटी थी.. वो उन्हें चूमने लगा दोनों जाँघो को चूमता हुआ मम्मी की चूत तक पहुंचा.. मम्मी की चूत पर जाते ही उसमें से पेशाब और चूत की मिली जुली खुश्बू थी।

दयाल ने मम्मी को बहुत कामुक कर दिया था जिसकी वजह से मम्मी की चूत गीली हो गयी थी दयाल ने मम्मी की गीली चूत देख मम्मी से कहा कि भाभी अब तो आपको भी मज़ा आने लगा है पहले तो बहुत नाटक कर रही थी अब तो चूत भी गीली हो गयी है। दयाल ने मम्मी की चूत में उंगली डाल दी मम्मी के मुहं से आह्ह्ह निकलने लगी। तभी मालिश वाले ने चूत चाटनी शुरू कर दी इससे मम्मी बहुत उत्तेजित होने लगी और वो ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी आह्ह्ह्हह उहह हाईईईईईई। मम्मी की आवाज़ सुनकर आंटी रूम में आई और मम्मी को देखकर हंसी और बोली मज़ा आया ना.. पहले फालतू के नखरे कर रही थी।

तभी दयाल बोला कि अरे मुझे भी ऐसी औरते पसंद है.. जो पहले नखरे दिखाती है। उन्हें चोदने में बहुत मज़ा आता है और आप भी तो पहली बार एसे ही नखरे दिखा रही थी। तभी आंटी ने कहा कि चुप बदमाश उधर ध्यान दे। फिर दयाल उठा और मम्मी की चूत में लंड घुसाने लगा। उसने चूत से लंड लगाया और सेट करके धक्के मारने लगा। एक धक्के से लंड चूत में आधा गया और मम्मी के मुहं से हल्की सी आह निकल गई। फिर दयाल ने एक और धक्का लगाया जिससे लंड पूरा अंदर चल गया और मम्मी के मुहं से इस बार और ज़ोर की आवाज निकली। तभी दयाल ने लंड थोड़ी देर चूत के अंदर ही रखा और फिर हल्के हल्के झटके मारने लगा। दयाल ने एक हाथ से मम्मी के बूब्स को दबाना चालू रखा मम्मी हल्की हल्की आहें भर रही थी। फिर करीब दो मिनट तक धीरे धीरे धक्के मारने के बाद दयाल ने लंबे और जोरदार धक्के मारने शुरू किए। अब मम्मी को भी मज़ा आने लगा और वो भी दयाल का साथ देने लगी।

तभी दयाल एक बार फिर रुका दयाल के रुकते ही मम्मी उसे देखने लगी और इशारे में पूछा कि क्यों रुक गये हो? दयाल समझ गया और वो मम्मी के ऊपर झुका और मम्मी के होंठ चूमने लगा और फिर चूचियां चूसने लगा। दयाल ने फिर हल्के झटके मारने शुरू किए और धीरे धीरे स्पीड बड़ा दी.. इस बार दयला रुका नहीं। सर्दी के मौसम में भी मम्मी और दयाल पसीने से भीग गये थे और मम्मी ज़ोर ज़ोर से सांस ले रही थी और आहें भर रही थी। दयाल का भी यही हाल था.. उसने अपनी स्पीड और बड़ा दी और 15 धक्को के बाद उसका वीर्या निकल गया और उसने मम्मी की चूत में ही अपना वीर्य निकाल दिया और मम्मी भी उसके साथ ही झड़ गयी और दयाल मम्मी के ऊपर ही गिर गया। तभी थोड़ी देर में जब दयाल ठीक हुआ तो वो उठा और मम्मी के पास ही बैठ गया।

मम्मी अब भी लेटी हुई थी। फिर दयाल ने पास में ही पड़ी मम्मी की साड़ी को उठाया और मम्मी उसे देख रही थी। दयाल ने मम्मी को देखते हुए अपना लंड साड़ी से साफ किया और फिर अपना पसीना भी साफ किया और फिर मम्मी के ऊपर फेंक दिया और उठकर दूसरे रूम में जहाँ पर आंटी थी उनके पास चला गया। बिस्तर की हालत खराब थी और बिस्तर पर सलवटे पड़ी हुई थी और मम्मी के बाल बिखरे हुए थे और बदन पर दयाल के दातों के निशान थे और मम्मी की चूत से निकला पानी और मम्मी के पानी से बेड शीट पर निशान हो गए थे मम्मी इस सब को देखकर रोने लगी। तभी उधर दूसरे कमरे में दयाल आंटी से बोला कि क्या औरत थी? पतिव्रता बनती थी लेकिन जब लंड घुसा तो सब भूल गयी और आहें भर रही थी.. लेकिन मज़ा आ गया.. मुझे आज बड़ा सुख मिला है। तभी आंटी ने कहा कि अच्छा तू अब कपड़े पहन में उसके पास से आती हूँ और आंटी बेडरूम में आ गई। मम्मी ने चादर अपने ऊपर डाल ली थी और अपना सर घुटनो पर रखकर बैठी थी। आंटी मम्मी के पास आई और कहा कि क्या हुआ? फिर मम्मी उसे देखकर रोने लगी और बोली कि तूने क्यों एसे आदमी से मिलवाया अब में किसी को मुहं दिखाने लायक नहीं रही और रोने लगी।

तभी आंटी ने मम्मी को गले लगा लिया और कहा कि तू रो मत रो मत किसी को कुछ पता नहीं चलेगा तू चुप हो जा और में किसी को कुछ नहीं बताउंगी और ना ही दयाल किसी को कुछ बताएगा। तभी थोड़ी देर में मम्मी का रोना कम हुआ आंटी ने कहा कि देख तेरे बेटे के आने का टाईम हो गया है तू जल्दी से कपड़े पहल ले जब तक में ये सब बिस्तर को सही करती हूँ वरना तेरा बेटा क्या सोचेगा? फिर मम्मी ने यह सुनकर उठी और कपड़े पहनना शुरू किया आंटी ने बिस्तर सही किया। फिर सब कुछ काम होने के बाद आंटी ने मम्मी से पूछा कि उन्हें कैसा लगा? और दयाल ने तुझे संतुष्ट किया या नहीं? लेकिन मम्मी कुछ नहीं बोली। आंटी ने फिर पूछा और कहा कि तू मुझे तो बता ही सकती है तब मम्मी ने कहा कि हाँ दयाल ने मुझे बहुत अच्छे से संतुष्ट किया है और दयाल वहीं दरवाजे पर खड़ा था। वो मम्मी के पास आया और उनसे कहा कि क्या सच भाभी?

तभी मम्मी ने दयाल को देखकर अपना मुहं अपने हाथों से छुपा लिया और दयाल मम्मी की इस हरकत को देखकर पागल सा हो गया उसने मम्मी को पकड़ा और गोद में उठाकर हवा में घुमाया और फिर नीचे उतार कर मम्मी को गले लगाया मम्मी भी उसके गले लग गयी। तभी घर के सामने बाईक रुकने की आवाज़ आई आंटी ने खिड़की में से देखा तो पापा आ गये थे मम्मी और आंटी दोनों ड्रॉयिंग रूम में आकर बैठ गये और दयाल भी आकर जमीन पर बैठ गया। फिर पापा अंदर आए तो उन्होंने दयाल को देखा और पूछा कि अब तक वो यहाँ पर कैसे? तभी आंटी बीच में बोल पड़ी की आज मैंने भी यहाँ पर दयाल से मालिश करवा ली है इसलिए इसे देर हो गई। फिर पापा ने कहा कि ठीक है और पापा ने कहा कि में अभी 5 मिनट में आया और पापा अपना हेलमट रखकर बाथरूम में चले गये। तभी दयाल ने यह देखा और मम्मी के पास गया और उनके होंठ चूसने लगा लेकिन मम्मी ने कहा कि मेरे पति आ जायेंगे.. लेकिन दयाल नहीं माना और बोला कि बस एक छोटा सा किस फिर में चला जाऊंगा और फिर मम्मी ने उसे होंठ चूमने दिए।

तभी दयाल चला गया और अगले दिन दयाल अपने टाईम पर आया और उस टाईम घर पर मम्मी के अलावा कोई और नहीं था। पापा ऑफीस चले गये थे और में अपने एक दोस्त के साथ मार्केट चला गया था। घर पर मम्मी को अकेला देखा दयाल खुश हो गया। तभी मम्मी उसकी खुशी देखकर समझ चुकी थी कि दयाल क्या चाहता है और मम्मी भी दयाल के साथ सेक्स करना चाहती थी.. क्योंकि दयाल ने उन्हें पहले ही बहुत अच्छे से संतुष्ट किया था और मम्मी के मन में सेक्स की भूख जगा दी थी.. लेकिन मम्मी ने दयाल के इशारे को ना समझने का नाटक किया। जब दयाल मम्मी के पास आया तो मम्मी ने दयाल को एक धीरे धक्का देकर हसंते हुए बेडरूम में भाग गयी। जब दयाल बेडरूम में पहुंचा तो उसने देखा कि मम्मी बिस्तर पर लेटी हुई है और दयाल को स्माईल दे रही है।

दयाल जल्दी से गया और मम्मी के ऊपर कूद गया और दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे। कभी मम्मी दयाल के ऊपर और कभी दयाल मम्मी के ऊपर, दोनों के कपड़े इस बीच उतार गये थे। दयाल मम्मी के पूरे बदन को चूम रहा था और फिर मम्मी ने भी दयाल के पूरे बदन को चूमा और चाटा। दयाल और मम्मी बहुत उत्तेजित हो गये थे। अब दयाल ने मम्मी को लेटाया और मम्मी की चूत में लंड घुसाने लग गया। मम्मी भी उसका पूरा पूरा साथ देने लगी थी और पूरा रूम फच फच की आवाज़ से गूँज रहा था। तभी 10 मिनट की चुदाई के बाद दयाल का वीर्य मम्मी की चूत में गिर गया। दयाल और मम्मी दोनों एक साथ ही झड़े और दयाल मम्मी के ऊपर ही गिर गया और फिर थोड़ी देर बाद दयाल मम्मी को किस करने लगा और किस करते करते सो गया। जब दयाल सो कर उठा तो मम्मी उसकी छाती पर हाथ फैर रही थी। फिर दयाल उठकर बैठ गया और मम्मी ने उसे दूध का ग्लास दिया। दयाल ने ग्लास लिया और दूध पीने लगा और दूध पीकर उसने मम्मी को पीने को कहा और दयाल के कहने पर मम्मी ने दयाल का झूठा दूध पी लिया।

दूध पीने के बाद दयाल ने मम्मी को होंठ पर चूमना शुरू किया और दोनों के बीच एक बार फिर सेक्स हुआ। फिर एक महीने के बाद मालिश वाले की ज़रूरत नहीं रही डॉक्टर ने मम्मी को कहा कि अब वो बिल्कुल सही हो गयी है। फिर इसलिए पापा ने दयाल को आने को मना कर दिया। फिर जिस दिन दयाल को आने को मना किया उस दिन से मम्मी बहुत उदास हो गयी। फिर अगले दिन मम्मी आंटी के घर गयी और उन्हें सारी बातें बताई तो आंटी ने कहा कि बस इतनी सी बात है और तुम उदास हो गयी लो अभी तुम्हारी उदासी दूर करते है और आंटी ने दयाल को फोन किया और 15 मिनट के बाद ही दयाल वहाँ पर आ गया। तभी मम्मी दयाल को देखकर बहुत खुश हुई और मम्मी भाग कर दयाल के गले लग गयी और रोने लग गई। दयाल ने मम्मी को चुप करवाया और कहा कि हम इस घर में मिल लिया करेंगे और मम्मी ये बात सुनकर खुश हो गयी और वहीं पर दयाल को चूमने लग गयी। फिर दयाल शहर में तीन साल और रहा और तब तक वो मेरी मम्मी और आंटी से शारीरिक संबंध बनाता रहा
 
माँ ने अपनी लाल पेंटी में छेद करवाया

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम प्रीति है और में 11th क्लास में पढ़ती हूँ और मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और छोटा भाई है पापा एक प्राईवेट कम्पनी में इंजिनियर है और छोटा भाई पढ़ता है और मेरी मम्मी मेरे ही स्कूल में इंग्लिश की टीचर है। यह स्टोरी मेरी मम्मी की है।

दोस्तों मेरी मम्मी का नाम ईशा है और वो बहुत सेक्सी लेडी है। वो स्कूल में हमेशा जुड़ा बना कर रखती है और सलवार कमीज़ या साड़ी पहनती है वो बहुत सुंदर लेडी है हो भी क्यों ना उनका फिगर 36-32-38 जो था और उनकी लम्बाई 5.8 इंच है। मेरे पापा 6 महीने बाहर रहते थे जिसके कारण मम्मी 6 महीने अकेली रहती है और उन्हे सेक्स का बहुत शौक था लेकिन अकेले होने के कारण वो अपनी इच्छा दबा लेती थी। आस पास के आदमी और पड़ोसी उन्हे बहुत घूर घूर कर देखते थे लेकिन वो किसी को घास नहीं डालती थी। मेरी मम्मी ने कई बार मुझे अपने बॉयफ्रेंड के साथ स्मूच करते हुए पकड़ा था। वो मेरे साथ बहुत खुली हुई थी। फिर एक दिन हमारे यहाँ पर मेरी मम्मी की दोस्त की शादी का कार्ड आया और हमे एक सप्ताह के लिए लिए किसी गाँव में जाना था क्योंकि शादी गाँव में थी और हम अपनी कार में वहाँ पर चले गये। फिर पहले दिन मम्मी ने वहाँ पर शादी समारोह में उनकी बहुत मदद की। मम्मी ने नॉर्मल सलवार कमीज़ पहनी हुई थी लेकिन बहुत हॉट सेक्सी लग रही थी। वहाँ पर एक आदमी जो गाँव का था वो उन्हे बहुत घूर रहा था और उनके साथ मिलकर काम कर रहा था।

तभी थोड़ी देर बाद मैंने काम वाली को एक लेडी से कहते हुए सुना कि यह राज बहुत कमीना है इसने गाँव की किसी भी औरत को नहीं छोड़ा.. अब इसकी नज़र ईशा मेमसाहब पर है। मम्मी और राज शादी के किसी काम के लिए मार्केट गये थे और उन्हें गये हुए 5 घंटे हो गये थे। तभी मुझे लगा कि कहीं वो मम्मी के साथ कुछ कर ना ले और मम्मी पीला सूट पहनकर गई थी। जब मम्मी और वो वापस आए तो दोनों बहुत खुश दिखाई दे रहे थे और उनके हाथ में सामान था और शाम को लॅडीस संगीत था। मम्मी ने महरून कलर की सलवार और क्रीम कलर की कमीज़ पहनी थी। कमीज़ का गला बहुत गहरा था और पीछे जीप लगी थी मम्मी ने नीचे सफेद ब्रा लाल कलर की पेंटी पहनी हुई थी।

तभी मैंने मम्मी से कहा कि मम्मा आपकी ब्रा कमीज़ में से दिख रही है आप इसे बदल लो। तभी उन्होंने कहा कि थोड़ा सा तो चलता है यह बिल्कुल ठीक है और फिर संगीत में मम्मी डांस कर रही थी और राज उन्हे घूर घूर कर देख रहा था। संगीत के बाद मैंने देखा कि मम्मी और राज छत पर कुर्सी पर बैठे थे और कॉफी पी रहे थे। फिर मम्मी ने एक पैर के ऊपर दूसरा पैर रखा हुआ था और उनकी जांघ पूरी दिख रही थी और वो देख रहा था। फिर वो दोनों छत पर इधर उधर घूमने लगे तो मम्मी की पायल और चूड़ियाँ आवाज़ कर रही थी। राज मम्मी की मेहंदी की तारीफ कर रहा था और मम्मी उससे कह रही थी कि मुझे प्लीज गाँव घुमाओ मैंने कभी नहीं देखा तभी उसने कहा कि ठीक है। तभी थोड़ी देर बाद मम्मी ने अपने बालों का जुड़ा खोल लिया और उसने मम्मी की कमर पर हाथ रखा मम्मी ने उसका हाथ हटा दिया। थोड़ी देर बाद उसने मम्मी की गांड पर छुआ लेकिन मम्मी ने फिर से हाथ हटा दिया। तभी उसने कहा कि में सुबह तुम्हे पूरा गाँव घूमा दूँगा फिर उसने मम्मी को पीछे टच किया।

मम्मी रूम में आ गई.. रूम में मैंने देखा कि मम्मी ने मेरे बेग से विस्पर निकाला और हम सोने लग गये। फिर रात को 1 बजे मैंने देखा कि मम्मी ने अपनी सलवार नीचे खिसका कर पेंटी को जांघ तक करके चूत में ऊँगली कर रही थी। मम्मी बहुत गरम थी और फिर थोड़ी देर बाद झड़ गई और विस्पर लगा कर सो गई। फिर सुबह 5 बजे मैसेज आया मम्मी को घूमने जाना था मम्मी उठकर उसी ड्रेस में तैयार हो गई वहाँ पर बहुत सर्दी होने की वजह से मम्मी ने दुपट्टा नहीं लिया बल्कि शॉल ली हुई थी। तभी मैंने सोचा कि में भी उनका पीछा करती हूँ और वो दोनों पैदल घूम रहे थे। फिर वो मम्मी को अपने खेत दिखा रहा था। तभी उसका ध्यान बार बार मम्मी की सेक्सी बॉडी पर जा रहा था और वो बीच बीच में मम्मी पर हाथ फेर देता था। मम्मी भी अपनी गांद बहुत मटका रही थी वो मम्मी को एक खाली रूम में ले गया।

तभी कुछ देर मैंने देखा कि मम्मी दीवार के साथ खड़ी थी और उसके काले होंठ मम्मी के लाल होंठो को किस कर रहे थे और मम्मी उसको पूरा रस पिला रही थी। फिर मम्मी ने अपने हाथ से उसके लंड को पकड़ लिया और दबाने लगी उसने मम्मी की सलवार पर हाथ फैरना शुरू कर दिया.. उसका काला हाथ मम्मी की महरून सिल्क सलवार पर चल रहा था.. उसने आराम से मम्मी की शॉल हटाई और हाँफते हुए बूब्स को देखने लग गया। उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए उसका काला शरीर और लंड दिख रहा था.. उसका लंड लगभग 9 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा था। तभी मम्मी ने अपना सेल फोन स्विच ऑफ किया और उसने मम्मी की कमीज़ उतार कर नीचे रख दी। फिर मम्मी ने अपनी सलवार उतारी जो कि उतर नहीं रही थी.. उसने मम्मी की बहुत आराम से मदद की और मम्मी को सूखी घास पर लेटा दिया। तभी मम्मी ने उससे कहा कि राज मेरी चूत में घास घुस रही है तभी उसने मम्मी की सिल्क सलवार मम्मी की गांड के नीचे बिछा दी और कमीज़ को मम्मी के सर के नीचे।

तभी उसने मम्मी की ब्रा उतार दी और 40 मिनट तक मम्मी का दूध पीता रहा और बूब्स चाटता रहा फिर मम्मी भी उछल उछल कर बूब्स पीला रही थी.. दूध पीने के बाद उसने मम्मी की लाल पेंटी में वीडियो बनवाई मम्मी ने अपना चेहरा अपनी सलवार से ढक लिया था और मम्मी लाल पेंटी में जबरदस्त रंडी लग रही थी। वो अपना काला जिस्म लेकर मेरी गोरी मम्मी के ऊपर ज़बरदस्ती करने लग गया लेकिन पेंटी होने के कारण लंड अंदर नहीं जा रहा था। तभी मम्मी ने उससे कहा कि राज पेंटी उतार कर जल्दी से कर लो अगर कोई यहाँ पर आ गया तो प्राब्लम हो जाएगी। फिर उसने जोश में आकर जोर जोर से 20-30 धक्के लगाए झट से उसका लंड मम्मी की लाल पेंटी में छेद करके चूत में चला गया। तभी मम्मी जोर से चिल्लाई अह्ह्ह्ह माआआ उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ राज प्लीज धीरे करो और वो मम्मी को तो पागल कुत्ते की तरह चोदता रहा और मम्मी उछल उछलकर उसका साथ देती रही। तभी करीब 20 मिनट बाद उसने अपना सारा वीर्य मम्मी की चूत में खाली कर दिया और मम्मी वहीं लेटी रही। तभी थोड़ी देर बाद मम्मी ने अपनी पेंटी से उसका लंड और अपनी चूत दोनों को साफ किया और पेंटी वहीं पर फेंक दी और मम्मी कपड़े पहनकर चुपचाप वापस आ गई और किसी को कुछ पता नहीं चलने दिया। तो दोस्तों ये थी मेरी मम्मी की कहानी मेरी जुबानी ।

 


सेक्सी औरत मेरी सास बनी




हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम युसुफ ख़ान है और मेरी उम्र 28 साल है और मुझे हमेशा से ही बड़ी गांड वाली औरते बहुत पसंद है। रास्ते में कोई भी 35-40 साल की खूबसूरत बड़ी गांड वाली औरत दिखती तो में उसकी हिलती हुई गांड को देखता था और मन ही मन उसकी गांड मार लेता हूँ। फिर दिन ऐसे ही बीत रहे थे। तभी मैंने एक दिन सोचा यार कब तक ऐसे मुठ मारता रहूँगा क्यों ना कोई मस्त 35-40 साल की खूबसूरत औरत को फसां लूँ जिसकी गांड बड़ी सेक्सी हो जो चलते समय गांड मटका मटका कर चलती हो और जिसे देखते ही अच्छे अच्छो के लंड खड़े हो जाए और जिसकी बेटी भी खूबसूरत हो कमसिन हो उसकी उम्र 18-19 साल की हो ताकि आगे चलकर उसे भी चोदने का मौका मिले।

फिर में हमेशा इसी सोच में डूबा रहता था। फिर रोज जब ऑफीस से घर आता तो दोस्तों के साथ बातचीत करने के लिए पास ही के एक ऑटो स्टेण्ड के पास जाता हूँ। फिर हम सब लोग वहाँ पर चाय और सिगरेट पीते पीते बातें करते है और हमारे एरिया में सभी भाषा के लोग रहते है एक अच्छे लोगों का एरिया है उँची उँची बिल्डिंग है मतलब ये समझ लीजिए की लोगों की चहल पहल रास्ते में बहुत होती है और मार्केट में बहुत भीड़ भाड़ होती है। मेरे सारे दोस्त खूबसूरत लड़कियों पर नज़र मारते थे और में भी लेकिन मुझे बड़ी उम्र की औरतो की गांड पर नज़र मारने की आदत पढ़ गयी है। फिर एक दिन मैंने सोचा कि गुजराती औरते 35-40 के बाद काफ़ी मस्त हो जाती है और साड़ी भी इस तरह पहनती है कि जब मार्केट जाती है तो उनकी मस्त सेक्सी गांड बाहर की तरफ उठी हुई लगती है और कुल्हे हिलते है और उनकी बेटियाँ भी बहुत मस्त होती है।

फिर में जिस सेक्सी औरत की तलाश में था वैसी ही एक औरत मुझे किस्मत से दिखाई दी.. उसकी लगभग 37 साल की उम्र थी। क्या सेक्सी गांड थी उसकी और साथ में उसकी एक लगभग 19 साल की बेटी थी.. उसने जिन्स और टी-शर्ट पहनी थी.. वो मार्केट से घर जा रहे थे। तभी मैंने सोचा कि क्यों ना पीछा करके देखा जाए कि वो कौन सी बिल्डिंग में रहती है। फिर मैंने अपने दोस्तों से कहा कि यार मुझे घर पर जाना है ऑफीस का कुछ बाक़ी काम साथ लाया हूँ वो करना है कल मिलते है और में उसी रास्ते पर चलने लगा। फिर वो दोनों मेरे आगे आगे चल रही थी.. साड़ी में उसकी हिलती हुई मस्त गांड ने मेरा लंड खड़ा कर दिया था और बेटी भी मस्त माल थी। फिर आगे चलकर एक मोड़ पर वो दोनों एक बिल्डिंग में चली गई। फिर में समझ गया कि ये यहीं पर रहते होंगे। फिर कुछ दूर पास के ही मोड़ पर मेरा भी घर था।

फिर उस दिन मैंने घर पहुंचकर उन दोनों को याद करके 2 बार मुठ मारी। फिर वो मुझे रोज़ शाम को उसी जगह पर दिखने लगी थी.. कभी अकेले आती तो कभी बेटी भी साथ में होती थी। फिर ऐसे ही कुछ दिन गुज़रे और फिर एक दिन उसे एक ऑटो से धक्का लगा.. मार्केट के भीड़ भाड़ वाले इलाके में ये तो आम बात है लेकिन उसे कंधे पर थोड़ा ज़ोर से लगा था और जबकि ग़लती उसी की थी। फिर उसके हाथ से सब्जी भी गिर गयी थी सारे टमाटर रास्ते में पढ़े थे। फिर मैंने मौका देखकर चौका मारने के लिए समय रहते ही उसके पास गया और सहारा देते हुए बोला कि आंटी आपको चोट तो नहीं आई?

फिर मैंने उसके टमाटर जमा किए और थैली में भरकर दिए और उसे हाथ देकर कहा कि आइए में आपको घर छोड़ दूँ। तभी उसने कहा कि नहीं कोई बात नहीं में चली जाऊंगी.. लेकिन वो खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। फिर आख़िर उसने मेरा हाथ पकड़ ही लिया और मैंने उसे उसी ऑटो में बैठाया और साथ में भी बैठ गया आगे मोड़ पर ऑटो रुका उस ऑटो वाले ने उसे अपनी ग़लती समझ कर पैसे भी नहीं लिए। फिर मैंने कहा कि क्या आप यहाँ पर रहती है? तभी उसने कहा कि हाँ 4th फ्लोर पर। फिर मैंने कहा कि लिफ्ट है ना? तभी उसने ना में गर्दन हिलाई। फिर मैंने कहा कि तो चलिए आराम से में आपको ऊपर तक छोड़ दूँ और में उसे घर तक ले गया।

फिर उसके घर में उसका पति और बेटी थी जिसने नाईट सूट पहना था वो और भी मस्त लग रही थी। फिर मैंने कहा कि चलिए में चलता हूँ। तभी उसने कहा कि नहीं.. अंदर आओ चाय पीकर जाना.. आख़िर तुमने इतनी मदद की है। तभी उसके पति के बुलाने पर में अंदर चला गया। फिर उसने बेटी और पति को मार्केट में हुए हादसे के बारे में सब बता दिया। फिर उन दोनों ने भी मुझे शुक्रिया कहा। फिर हम बातें करने लगे। तभी उन्होंने मुझसे पूछा कि आप कहाँ पर रहते हो.. क्या करते हो.. घर में कौन कौन है। फिर मैंने कहा कि में यहीं पा पास ही में अगले मोड़ के दूसरी बिल्डिंग में रहता हूँ.. एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ.. मेरी शादी नहीं हुई है और घर के लोग लड़की ढूंढ रहे है।

फिर उसके पति ने कहा कि वो तीन लोग ही है घर में.. बेटी कॉलेज में है और वो खुद एक एक्सपोर्ट कंपनी में सेल्स मेनेजर है इस वजह से वो हमेशा टूर पर होते है और कभी कभी एक सप्ताह तक। तभी मुझे सुनकर बड़ा अच्छा लगा। उन लोगों ने मुझे चाय पिलाई और मेरा मोबाईल नंबर लिया। फिर मैंने भी उनका नंबर लिया और फिर में घर पर आ गया। तभी दूसरे दिन मैंने उनके घर कॉल किया दोपहर का वक़्त था में ऑफीस में लंच करके बैठा था। तभी उस औरत ने फोन उठाया मैंने उसके दर्द के बारे में पूछा और बातचीत की ऐसे ही कुछ दिन बीत गये। फिर जब कभी वो दोनों माँ बेटी मुझे मार्केट में देखती तो मुस्कुरा देती और कभी कभी उसका पति भी मिलता था।

फिर बात बढ़ने लगी और एक अच्छी जान पहचान बन गयी थी। फिर एक दिन दोपहर को उसका कॉल आया और मैंने बात की तो पता चला की उसकी बेटी और पति गावं में किसी रिश्तेदार की शादी में गुजरात गये है और चार दिन बाद आएँगे। फिर उसने कहा कि उसकी अपनी देवरानी जेठानी से नहीं बनती थी तो वो नहीं गयी। फिर मैंने बातों बातों में कहा कि फिर आपका ख़याल कौन रखेगा? तभी उसने कहा कि अरे बेटा तुम हो ना मेरा ख़याल रखने के लिए और हंस पड़ी। तभी मैंने कहा कि हाँ तो में हूँ ना और हम दोनों जोर से हँसने लगे। फिर में मन ही मन बहुत खुश था। लेकिन उसी शाम को वो मुझे ऑटो स्टैंड पर नहीं दिखी तो मैंने उसे फोन किया और कहा कि क्या आज आप मार्केट नहीं आए? आपकी तबियत ठीक तो है ना? तभी उसने कहा कि में बिलकुल ठीक हूँ अकेली हूँ तो मार्केट जाकर क्या लाऊँ? अकेली को खाने के लिए अभी घर पर बहुत है.. तुम वहाँ पर हो क्या यहीं पर आ जाओ चाय पी लेना और उस दिन के बाद तुम घर नहीं आए हो।

तभी में बहुत खुश हुआ और उसके घर पर चला गया और फिर हम दोनों बातें करने लगे। तभी रात के करीब 8 बजे थे.. हमने चाय पीकर बातें भी बहुत कर ली थी। फिर कुछ देर बाद वो किचन में कप धोने चली गयी.. तभी थोड़ी सो आवाज़ हुई। फिर मैंने पूछा कि क्या हुआ आप ठीक है ना? तभी उसने कहा कि हाँ ठीक हूँ कप गिर गया तो फूटट गया था और वो काँच को उठा रही थी। फिर उसी वक़्त में भी वहाँ गया देखा वो नीचे ज़मीन पर पड़े काँच के टुकड़े उठा रही थी.. उसकी साड़ी का पल्लू गिरा हुआ था। फिर मुझे उसके गोरे गोरे ठोस मसल दिख रही थी। तभी उसने मेरी तरफ देखा और फिर मैंने नज़र चुरा ली वो समझ गयी कि में क्या देख रहा था। फिर उसने अपना पल्लू सीधा किया और में हॉल में आकर बैठ गया।

फिर कुछ देर बाद वो आई और बातें करने लगी.. लेकिन इस बार उसके चेहरे पर एक अजीब सी खुशी और हवस भरी स्माइल मुझे नज़र आई। तभी उसने मुझसे कहा कि शादी कब करने वाले हो? जल्दी से कर लो। फिर मैंने कहा कि हाँ जल्द ही करने वाला हूँ थोड़ा कमा तो लूँ। फिर उसने कहा कि कोई दोस्त है या नहीं तुम्हारी? तभी मैंने कहा कि क्या मतलब? फिर उसने कहा कि अरे मतलब गर्लफ्रेंड। फिर मैंने कहा कि अब तक तो नहीं.. कोई लड़की आज तक पसंद ही नहीं आई। फिर उसने कहा कि तुम्हे कैसी लड़की पसंद है? फिर मैंने कहा कि एकदम सीधी साधी सुंदर लड़की।

तभी उसने कहा कि तब तो ना होने के बराबर होगी। फिर मैंने कहा कि क्या मतलब है? फिर उसने कहा कि मतलब क्या अगर सीधी साधी होगी तो जो तुम्हे चाहिए वो तुम्हे कभी नहीं मिलेगी और फिर क्या फ़ायदा? तभी मैंने कहा कि क्या में समझा नहीं? फिर उसने कहा कि इतने भी भोले मत बनो तुम्हारी उम्र के लड़को को क्या चाहिए तुम्हे नहीं पता क्या? फिर उसकी ऐसी बात सुनकर में हैरान हो गया क्योंकि वो खुलकर बात करने की कोशिश में थी। फिर में था जो शरमा रहा था तभी मैंने स्माईल दी। फिर वो भी हंसने लगी और फिर क्या था.. वो और भी खुल गयी। फिर मैंने कहा कि हाँ आपकी बात तो सही है लेकिन क्या करें बात किस्मत की है मेरे सभी दोस्तों की किस्मत बहुत अच्छी है में ही खराब किस्मत का हूँ। तभी उसने कहा कि ऐसा मत कहो तुम बहुत अच्छे दिखते हो, हेंडसम हो तुम्हे तो कोई भी पसंद कर लेगी.. यहाँ तक की शादीशुदा औरत भी फिदा होगी तुम पर। तभी मैंने कहा कि क्या चने के झाड़ पर चड़ा रही हो आप और हम हंस पड़े। फिर वो बोली कि नहीं.. में सच बोल रही हूँ। तभी मैंने कहा कि मुझे तो ऐसा नहीं लगता। फिर वो बोली कि तुम झूट बोल रहे हो.. क्या तुम्हे औरतें पसंद नहीं है? तभी मैंने थोड़ा शरमाते हुए स्माईल दी। फिर वो बोली कि अरे क्यों लड़कियों की तरह शरमा रहे हो? ऐसा होता है इस उम्र में तुम्हारे उम्र के लड़के अपने से बड़ी उम्र की लड़कियों को बहुत पसंद करते है.. फिर चाहे वो 4 बच्चो की माँ ही क्यों ना हो? यारो में तो सच मे भोचक्का रह गया.. क्योंकि वो औरत तो मेरे मन को पढ़ रही थी और मेरे रोम रोम में हवस जाग रही थी और शरम तो इतनी आ रही थी जैसे मानो कि मेरी चोरी पकड़ी गयी हो।

फिर उसने कहा कि क्या हुआ क्या सोच रहे हो? तभी मैंने कहा कि कुछ नहीं बस ऐसे ही। तभी उसने कहा कि अरे तुम तो बड़े शर्मीले हो। फिर मैंने कहा कि हाँ बात तो सही कही आपने। फिर उसने कहा कि तुम्हे शादीशुदा औरते पसंद है? तभी मैंने तुरंत हाँ कहा। फिर उसने कहा कि मुझे पता है में तो बस ऐसे ही पूछ रही थी। फिर मैंने कहा कि क्या मतलब? तभी उसने कहा कि मतलब क्या? अभी कुछ देर पहले जो हुआ पता नहीं क्या और वो हँसने लगी? फिर मैंने कहा कि क्या आपको अंकल प्यार करते है? फिर उसने कहा कि हाँ करते तो है लेकिन मुझसे 10 साल बड़े है तो प्यार कम हो गया है और हँसने लगी। फिर मैंने कहा कि ऐसा क्यों? तभी उसने कहा कि तुम हो ना.. क्या तुम मुझसे प्यार नहीं करते?

तभी मैंने कहा कि क्या आंटी आप भी? फिर उसने कहा कि.. अरे क्या हुआ में तो तुम्हे बहुत प्यार करती हूँ? फिर मैंने कहा कि तो में भी करता हूँ। फिर वो बोली कि.. अभी तुम घर जाओ कल रविवार है ना तुम्हारी छुट्टी होगी कल यहीं पर आ जाना खाने पर फिर हम दोनों कुछ बाते करेंगे। फिर मैंने कहा कि ठीक है.. में मन ही मन खुश होकर घर आया और कल के इंतज़ार में रात गुजारी और फिर दूसरे दिन 11 बजे में उसके घर पहुँच गया और अपने घर में बता दिया कि में बाहर जा रहा हूँ ऑफीस के एक दोस्त की शादी है रात को देर से आऊंगा और फिर में उस औरत के घर चला गया।

वो मेक्सी में थी बहुत ही सेक्सी लग रही थी चलती तो उसकी गांड बड़ी होने की वजह से हिलती थी उसकी पेंटी की लाईन मुझे पागल कर रही थी.. उसने ब्रा नहीं पहनी थी लेकिन बूब्स बड़े और ठोस थे तो इसलिए निप्पल की नोक साफ साफ दिख रही थी और बूब्स जोर जोर से हिल रहे थे.. में हॉल में सोफे पर बैठा था। तभी वो अपना काम खत्म करके मुझसे बोली कि अंदर आ आओ तुम्हे घर दिखाती हूँ और मेरा हाथ पकड़ कर बेडरूम में ले गयी और कहा कि ये है तेरे अंकल का और मेरा कमरा.. बगल का कमरा मेरी बेटी का है और उसने कहा कि बैठो और में बेड पर बैठ गया। फिर वो किचन में गयी पानी की बोतल लेकर आई और फिर एकदम मेरे पास में आकर बैठ गई। फिर मैंने पानी पिया और उसे बोतल दी उसने सामने ड्रेसिंग टेबल पर रख दी और फिर बाल बनाने लगी। तभी में उसे पिछवाड़े से देख रहा था और उसने मेरी नज़र को सामने आईने में से पकड़ लिया और वो मुड़कर मेरे सामने खड़ी हुई और अपने बाल बाँधते हुए बोली क्या सोच रहे हो? तभी मैंने कहा कि कुछ नहीं फिर उसने मुझे हाथ पकड़ कर खड़ा किया। फिर में एकदम उसके सामने खड़ा था और उसने मेरी आँखो में आँखे डालकर देखा और फिर मुझसे लिपट गयी और फिर मुझे अपनी बाँहों में कसकर बोली.. बस अब शरमाओ नहीं प्लीज आज मेरे साथ सो जाओ।

तभी मैंने उसे एक बार देखा और फिर मैंने भी उसे कसकर पकड़ा उसने मुझे चूमा और मैंने भी चूमा। फिर मैंने अपना एक हाथ उसके शरीर, कूल्हों पर और उसकी गांड को और भी आगे छुआ। फिर उसकी चूत मेक्सी के ऊपर से ही मेरे लंड को छूने लगी.. वो पागल हो रही थी और फिर उसने मुझे छोड़ा और मुझे बेड पर लेटाया। तभी में उसके ऊपर लेटा और चूमने लगा में उसके दोनों बूब्स पकड़ कर दबाने लगा। उसकी मेक्सी ऊपर करके उसकी नंगी टांगो को सहलाने लगा। तभी उसने कहा कि बस रुक जाओ और उठकर बैठी और मुझे कहा कि कपड़े उतारो। फिर मैंने अपने कपड़े उतारे.. उसने अपनी मेक्सी उतारी उसके नंगे बड़े बड़े बूब्स देखकर में पागल हो गया। फिर वो सिर्फ़ पेंटी में थी में तुरंत ही उनको दबाने लगा और मुहं में भर भरकर चूसने लगा।

तभी मैंने उसकी पेंटी को खींचकर निकाल दिया और उसके ऊपर लेटे लेटे उसके बूब्स चूसने लगा। फिर कभी मुहं में मुहं डाल उसे चूमने लगा और कभी उसकी चूत को रगड़ने लगा.. उसने अपने बाल साफ किए हुए थे शायद आज वो चुदने की सोचकर ही तैयार हुई थी। फिर में उसकी चूत को रगड़ते रगड़ते उसकी चूत में उंगली करने लगा और साथ ही साथ बूब्स को बारी बारी मुहं में लेकर चूस रहा था और वो मेरे बालों को सहला रही थी। फिर में नीचे हुआ और पेट को चूमते चूमते चूत को चूमने लगा बहुत गोरी और फूली हुई चूत थी उसकी। चूत गीली हो गई थी और में उसकी चूत को अपने मुहं में भरकर चूसने लगा।

फिर अपनी जीभ को चूत में डालकर चूसने लगा वो मेरे बालों को तड़प के मारे नोच रही थी। तभी मैंने उसे उल्टा घुमाया और फिर उसकी गांड को चूमने लगा.. क्या मस्त गांड थी मेरे सपनों में आने वाली गांड से भी खूबसूरत। फिर मैंने तो उसके कूल्हों मसल मसल कर चूमा उनको फैला कर उसकी गांड के छेद तक को चाट लिया। तभी वो पागल हो गयी और फिर पलट गयी उसने मुझे अपने ऊपर खीच लिया और फिर मेरे मुहं में मुहं डालकर चूमने लगी। फिर मेरे एक हाथ को पकड़ कर अपनी चूत पर रखकर बोली कि देख जिंदगी में पहली बार में बिना कुछ किए संतुष्ट हुई हूँ फिर उसने कहा कि तू तो बड़ा शर्मिला बन रहा था.. लेकिन तू तो असली मर्द निकला.. एकदम अनुभवी आदमी की तरह करता है रे तू तो। तभी मैंने देखा उसका पानी झड़ गया था। फिर मैंने कहा इंग्लीश ब्लू फ़िल्म बहुत देखी है तो पता है मुझे। फिर उसने कहा कि मुझे बहुत मज़ा आया उसने मुझे लेटाया और मेरी अंडरवियर के ऊपर से मेरे टाईट लंड को सहलाने लगी। फिर अपने हाथ से नापकर देखा और मेरी तरफ फटी आँखो से देखकर एकदम चोंक उठी और फिर वो उठकर बैठी हुई फिर उसने मेरी अंडरवियर को जल्दी जल्दी निकालकर मेरा टाईट रोड जैसा लंड एकदम तनकर खड़ा था। तभी वो देखकर बोली कि अरे बाप रे बाप.. यह क्या है इतना बड़ा?

तभी मैंने कहा कि तो क्या हुआ? फिर उसने कहा कि क्या हुआ क्या? अरे ये तो मेरी उम्मीद से कहीं गुना बड़ा है.. में जिंदगी में पहली बार इतना बड़ा लंड देख रही हूँ। फिर मैंने कहा कि क्या अंकल का भी इतना ही है? फिर उसने कहा कि तेरे अंकल का तो इसके आधा भी नहीं होगा और फिर वो मेरे लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगी और में पागल हो रहा था। तभी उसने कहा कि रुक ज़रा फिर उसने ड्रेसिंग टेबल से नापने की टेप निकाली और नापा उसने कहा कि 8.1 इंच लम्बा और 2.5 इंच मोटा है तेरा.. इतना बड़ा लंड तो सिर्फ़ किसी शैतान का ही हो सकता है। फिर मैंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है ब्लू फिल्मों में लोगों के तो मुझसे भी बड़े होते है और काले अफ़्रीकी लोगो के तो उससे भी बड़े।

तभी उसने कहा कि लेकिन मुझे तो यही पसंद है और हंस पड़ी मुहं में भरकर मेरे लंड को चूस रही थी। फिर मेरे लंड बहुत तन गया फिर मैंने उसे लेटाया और फिर उसकी चूत में लंड को रखकर एक धक्का मारा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो ज़ोर से चिल्लाई। तभी उसने कहा कि थोड़ा आराम से कर तेरा लंड बहुत बड़ा है और फिर तेरे अंकल मुझे कोई रोज़ रोज़ नहीं चोदते है इसलिए दर्द हो रहा है और तेरा तो उनसे भी कई गुना लम्बा और मोटा लंड है। फिर मैंने एक जोर से धक्का लगाया और पूरा लंड उसकी गीली चूत को चीरते हुए समा गया। फिर उसने दोनों पैरो को केंची बनाकर मुझे बाँहों में जकड़ लिया। फिर में उसकी चूत को एक भूखे शेर की तरह चोद रहा था और वो बस ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी और अपनी कमर को ऊपर की तरफ उठा उठाकर चुदवा रही थी।

तभी मैंने अपनी स्पीड को बढ़ाया और चोदता रहा। उसका पानी झड़ने वाला था और अचानक उसने अपना पानी झाड़ दिया। फिर मैंने भी कुछ देर बाद अपना पानी उसकी चूत में झाड़ दिया और मेरे लंड के गरम पानी का स्पर्श पाकर वो मुझे चूमने लगी। फिर में उसके ऊपर ही लेटा रहा। फिर उसने मेरी पीठ को सहलाते हुए कहा कि अब में तेरे बच्चे की माँ बनूँगी। तभी ये सुनते ही में डरकर उठा उसने मुझे जकड़ते हुए कहा कि अरे में तो मज़ाक कर रही हूँ.. मेरा तो मेरी एक बेटी होने के बाद ऑपरेशन हो गया है डर मत कुछ नहीं होगा। फिर हम हंसने लगे। फिर उसने कहा कि तेरा लंड तो मेरे पेट तक आ रहा था। तभी मैंने कहा कि मज़ा आया आपको। फिर उसने कहा कि इतना मज़ा आया कि पूछ मत में बता नहीं सकती मेरे पति ने भी कभी इतना मज़ा नहीं दिया मुझे और ना ही मेरे बॉयफ्रेंड ने। तभी मैंने कहा कि क्या बात कर रही हो आप? तभी उसने कहा कि हाँ मेरी शादी से पहले भी में गावं में एक लड़के से चुद चुकी हूँ जब में 19 साल की थी। इसलिए बदनामी के डर से मेरे माँ बाप ने मेरे बॉयफ्रेंड को बहुत मारा और मेरी शादी करवा दी थी। तभी में तो उसने जो कहा उसे सुनकर दंग रह गया। फिर उसने कहा कि में तुम्हे रोज़ ऑटो स्टैंड पर देखती थी और मुझे पता था कि तुझे मेरी गांड बहुत पसंद है.. फिर उसने कहा कि गधे के जैसा लंड है तेरा और फिर मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि मेरे भोसड़े में इतना बड़ा लंड भी कभी जाएगा । फिर मैंने कहा कि हाँ में भी आपको बहुत पसंद करता हूँ और हम दोनों हंसने लगे।

फिर मैंने उस पूरे दिन में उसे कई बार चोदा उसकी गांड तो बहुत जमकर मारी। फिर हमने साथ में बैठकर खाना भी खाया में पूरे दिनभर रात के 9 बजे तक उसके घर में ही रहा। फिर दूसरे दिन ऑफीस गया और फिर शाम को घर में बहाना बनाया की रात में ड्यूटी करनी है और फिर रात में उसके साथ बहुत चुदाई की और उसे बहुत चोदा। फिर यही सिलसिला चलता रहा।

फिर एक दिन उसकी बेटी और पति गावं से आ गये थे फिर हमारा मिलना कम होने लगा लेकिन हम जब जब मौका मिलता चुदाई करते थे। फिर कुछ महीनो बाद उसने कहा कि अब ऐसे काम नहीं चलेगा.. मुझे तुमसे सप्ताह में कम से कम 3 से 4 दिन तो मिलना ही है। तभी मैंने कहा कि हाँ में भी अब आपके लिए बहुत तड़पता हूँ। फिर हमने एक रास्ता निकाला.. उसने कहा कि मेरी बेटी तुम्हे बहुत पसंद करती है तुम उसे पटा लो और में मेरे पति को समझा दूँगी और फिर तुम्हारी शादी करा दूँगी.. फिर बिना रोक टोक तुम और में मजे कर सकते है। तभी मैंने वही किया उसकी खूबसूरत बेटी जो उससे भी सेक्सी है मैंने उसे पटाया और लव मैरिज कर ली। अब तो मेरी वाईफ 5 महीने से प्रेग्नेंट है और में अब कभी सास को उसके घर जाकर शाम को दो घंटे चोदता हूँ और रात को अपनी वाईफ को.. है ना मज़ा ही मज़ा ।
 


ससुर जी को उकसाया




हैल्लो दोस्तों मैंने बहुत सारी कहानियाँ पड़ी है जिसमे से कुछ तो मुझे बहुत ही पसंद आई है। दोस्तों में नॉर्थ ईस्ट की एक छोटे से राज्य त्रिपुरा से हूँ। मेरी शादी को 5 साल होने वाले हैं लेकिन एक सड़क दुर्घटना की वजह से मेरे पति की मृत्यु आज से 3 साल पहले ही हो चुकी हैं। दोस्तों मेरा एक 3 साल का बेटा हैं मेरे पति की मृत्यु के वक़्त वो सिर्फ़ 3 महीने का था।

फिर मेरी घर में सिर्फ़ में मेरा बेटा और उसका दादा रहते हैं। मेरी सास की मृत्यु कैंसर की वजह से हो गई थी। फिर पहले तो में घर में ही रहा करती थी लेकिन मेरे पति की मृत्यु के बाद मुझे एक ऑफिस में नौकरी मिल गई। फिर में घर और ऑफिस में बिज़ी रहने लगी, पहले तो बहुत ही मुश्किल था सब काम एक साथ सम्भालना.. लेकिन अब पहले से आसान लगने लगा हैं।

दोस्तों मेरी उम्र अभी 28 वर्ष की हैं। दोस्तों वैसे तो मेरे घर में कंप्यूटर नहीं है इसलिए में ऑफिस में ही इसे साईट पर कहानियाँ पड़ा करती हूँ और तब से ना ज़ाने क्यों मुझे अपने ससुर जी के सामने आते ही एक अजीब सी सरसराहट होने लगती हैं.. खास कर तब जब में घर में अपने नाईट सूट, मेक्सी वगेरह में होती हूँ। मेरा ससुर भी वैसे एकदम सीधा इन्सान था लेकिन मैंने उन्हे 2-3 दिन से लालची कर दिया था। फिर एक दिन वो घर पर लुंगी पहनकर टीवी देख रहे थे और में नहाने के बाद कपड़े सुखाने बाहर जा रही थी। तभी उन्होंने मुझे बिना कपड़ो के सिर्फ़ लुंगी में देख लिया। फिर में किसी तरह बाहर कपड़े सुखाकर कर जब वापस आई। तभी मैंने देखा कि उनके हाथ में मेरी पेंटी थी जो पता नहीं कब गिर गई मुझे पता ही नहीं चला।

फिर जब वो मुझे पेंटी लौटा रहे थे तभी उनका हाथ मेरे हाथ से टकराते ही मेरी शरमाहट बेशर्मी में बदल गई और ना जाने सारे बदन में क्या होने लगा। फिर उस दिन के बाद में जब भी उन्हें देखती मुझे बस उनसे चुदने का सपना आता.. लेकिन वो मेरे ससुर थे। फिर भी मैंने उनसे चुदवाने का एक प्लान बना लिया था। दोस्तों में आपको बता दूँ उनकी उम्र 52 साल की हैं। अब में जानबूझ कर अपनी सभी ड्रेस छोटी बनाकर पहनने लगी। फिर अपने सभी सूट को मैंने गहरे गले का बना लिया ताकि जब भी में उनके सामने झुकूँ तो उनको मेरी ब्रा साफ साफ दिखाई दे। फिर में जब भी झाड़ू लगाती में हमेशा ही गहरे गले का सूट, नाईटी, गाउन पहनती जिससे मेरे बूब्स उन्हें मेरी और ज्यादा आकर्षित करते और वो बस एक टक निगाह जमाकर मेरे बूब्स को ही देखा करते। फिर यूँ ही 10-12 दिन मैंने उन्हे अपने बूब्स, गांड और एक दिन चूत के दर्शन कराए। फिर में एक दिन जान बूझकर उनके सामने टावल बदन पर लपेटकर बाथरूम से चली आई और तभी अचानक उनके सामने आते ही मैंने टावल गिरा दिया और तभी मुझे पूरा नंगा देखकर उनके लंड की हालत खराब हो गई और वो एक बार में ही तनकर खड़ा हो गया। फिर में भी टावल को उठाकर नीचे नजरे झुकाकर अपने बेडरूम में चली आई। तभी मैंने पाया कि उस दिन के बाद उनमे बहुत चेंज आने लगा था। तभी मैंने देखा कि अब वो मेरे बेडरूम में भी झांकते रहते थे।

तभी मैंने एक दिन बिना ब्रा के उनको अपने बूब्स दिखाने का प्लान बनाया और फिर रात को जब वो टीवी देख रहे थे तो में अपने बच्चे को सुलाकर उनके पास आकर बैठ गई और फिर जानबूझ कर अपने नाईटी के बटन खोल रखे थे ताकि उनको मेरे बूब्स का साईड का हिस्सा देखने को मिल जाए.. जो कि ज्यादा बड़ा नहीं हैं सिर्फ़ 32 का हैं। फिर कुछ देर बाद वो उठकर चले गये। फिर मुझे लगा वो सोने चले गये तभी मैंने रिमोट उठाकर चेनल चेंज करने लगी फिर मैंने फिल्म देखने की सोची और फिर में देखने लगी। तभी वो वापस आए और मैंने कहा कि आपको कुछ देखना हैं आप देख सकते हैं। फिर उन्होंने कहा कि कुछ नहीं तुम देख सकती हो और वैसे भी में कुछ खास तो नहीं देख रह था।

फिर 15-20 मिनट के बाद किस वाला सीन आया लेकिन चेनल वालो ने पूरी टीवी में काला बना दिया जिस वजह से कुछ दिख नहीं रहा था। तभी उन्होंने अपना बनियान उतार दिया ये कहते हुये कि गर्मी बहुत हैं और फिर मैंने हाँ भरते हुए अपनी नाईटी ढीली कर दी और ऊपर की तरफ खींच ली। फिर मेरी नाईटी मेरी जांघ के ऊपर थी और ऊपर से कंधे बाहर निकले हुए थे। फिर हम दोनों एक ही सोफे पर बैठे हुए थे तभी कुछ देर बाद मैंने अपनी आँखें बंद कर ली। तब करीब रात के 11 बजे गए थे। फिर 15 मिनट तक जब मैंने आँखें नहीं खोली तभी उन्हे लगा कि में सो गई हूँ और फिर उन्होंने मुझे बिलकुल धीरे से पुकारा लेकिन मैंने कोई जबाब नहीं दिया और उन्हें पक्का यकीन हो गया और फिर वो मेरे कंधे पर हाथ फैरने लगे।

तभी मुझे महसूस हो गया था कि सोफा थोड़ा हिल रहा था लेकिन मैंने आँखें नहीं खोली और नींद का नाटक करती हुए अपनी चूत को खुजाने लगी। तभी अचानक सोफा हिलना बंद हो गया और कुछ पानी सा मेरे पैर में आ गिरा में समझ गई थी कि यह कुछ और नहीं बल्कि उनका वीर्य था। फिर कुछ देर वो और शांत बैठे रहे और मैंने फिर से शरारत शुरू कर दी। तभी मैंने अपनी नाईटी हटाकर सीधे बूब्स की निप्पल खुजाने लगी और फिर उसे बिना अंदर के ही रहने दिया और फिर कब मेरी सचमुच आँख लग गई पता ही नहीं चला। तभी अचानक मुझे महसूस होने लगा कि जैसे मेरी छाती और मुहं में कुछ हैं और फिर जब मैंने आँख खोली तब देखा कि उनके हाथ की अंगुली मेरी निप्पल पर घूम रही थी और उनका लंड मेरे होंठ पर था।

फिर मैंने अपनी आँखें बंद कर ली और तभी वो नीचे उतर के मुझे हिलाने लगे और मुझे उठा दिया और बोले कि देखो। तभी मैंने देखा कि वो बिल्कुल नंगे थे और फिर मैंने बोला कि ये आपको क्या हो गये है और आप क्या कर रहे हैं? फिर उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठाकर अपने बेडरूम में ले गये और बोले कि में जानता हूँ तू कुछ दिनों से ये सब क्यों कर रही हैं और फिर बोलते ही मेरी नाईटी उतारने लगे और फिर में नाईटी ना उतारने का नाटक कर रही थी। तभी उन्होंने मेरी नाईटी उतार फेंकी और मेरे ऊपर चड़ गये। फिर में सिर्फ़ लाल पेंटी में और वो पूरे नंगे थे। फिर जब उन्होंने मुझे किस किया तो पहले तो मुझे सिगरेट की बदबू आ रही थी लेकिन कुछ पल में जब वो मुझे गरम करने लगे में भी उनके किस के जबाब में किस देकर करने लगी। फिर वो धीरे धीरे मेरे पूरे बदन को अपनी जीभ से चाटने लगे और में पागल हो गई और वो मेरा पेट चाट रहे थे। तभी अचानक उन्होंने मेरी पेंटी को एक साईट में करके अपनी एक ऊँगली मेरी गांड में डाल दी और फिर उनके नाख़ून से मेरी गांड छिल गई। फिर उन्होंने ऊँगली करते करते मुझे पलट दिया और फिर मेरी निप्पल को काट रह थे अपने दांतों से कभी सीधा तो कभी उल्टा। फिर में इतने सालो के बाद ये सब करते हुए बिल्कुल पसीना पसीना हो रही थी और फिर उन्होंने निप्पल को काट दिया और फिर में चीख पड़ी अहह करते हुए। फिर उन्होंने बोला क्यों मज़ा आया ना?

फिर मैंने कहा कि यही तो में चाहती थी आपसे और वो मुझे फिर से किस करने लगे थे। फिर में उनसे लिपटकर उनकी पीठ को खरोचने लगी और फिर ज़ोर ज़ोर से साँसे लेने लगी सिसकियों के साथ आह्ह्ह माँ उईई उई माँ। फिर आवाज़ सुनकर वो मानो पागल हो रहे थे फिर वो मेरे बूब्स को मसल मसलकर उसका रस पीने लगे और फिर मुझे बहुत आनंद मिलने लगा। उस वक़्त उनका लंड मेरी जांघो में गरम गरम लोहे की तरह लग रह था। तभी में उसे पकड़ कर मसलने लगी और फिर उन्होंने मेरे बूब्स से एक हाथ हटाकर मेरी पेंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को सहलाने लगे और फिर में पहले से ही गीली हो चुकी थी और फिर मेरा शरीर कांप उठा और में अपने हाथ से उनकी जांघे मसलने लगी।

फिर उन्होंने मेरी पेंटी उतार दी और मैंने उसे दूर फेंक दिया और मेरी चूत को मसलने लगे क्योंकि मेरी झांटे बहुत बड़ी बड़ी और घनी थी। फिर वो उसमे अपनी ऊँगली फिराने लगे और फिर अचानक झट से 2-3 बाल खीचकर उखाड़ दिये। तभी में जोर से चीख पड़ी और फिर मैंने उनकी जांघ पर नाख़ून गड़ा दिये और फिर वो मेरी चूत के पास आ कर उसे सूंघने लगे और अपनी 3 या 4 उंगलियां उसमे डालकर दूसरे हाथ से मेरे बूब्स को मसलने लगे। तभी में उनकी उँगलियों में ही झड़ गई फिर उन्होंने अचानक मुझे छोड़ दिया और उन्होंने मेरे हाथों में अपना लंड पकड़ा रखा था। फिर वो मुझे बोले क्यों तुम तैयार हो? फिर मैंने कुछ नहीं बोला और उनके लंड को जोर से दबा दिया। फिर वो मुझे अपना लंड पकड़ाकर 69 पोज़िशन में होकर मेरी चूत को चाटने लगे और फिर मैंने उनके लंड को अपने छोटे से बूब्स के बीच लेकर घुसा रही थी।

फिर हम सीधे हो गए और फिर उन्होंने धीरे धीरे लंड मेरी चूत में अंदर डालना चाहा लेकिन मेरी पोज़िशन ग़लत होने के कारण वो घुस ही नहीं पाया। फिर मैंने अपने दोनों पैर खोलकर उन्हें लंड डालने का इशारा किया और फिर उन्होंने जल्दी से मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया थोड़ा सा ही गया कि मुझे बहुत दर्द होने लगा। फिर उन्होंने धीरे धीरे अपनी स्पीड तेज कर दी और में भी आनंद लेने लगी। फिर उन्होंने मेरे दोनों पैर अपने कंधे पर रख लिए और मुझे जोर जोर से चोदने लगे। तभी अचानक मुझे लगा कि मेरा बेटा रो रहा हैं फिर में अपने रूम पर जाना चाहती थी लेकिन वो तो छोड़ने के मूड में ही नहीं थे और फिर मेरे चहरे को चूमते हुए मुझे गोद में लिया और कहा कि ठीक हैं तुम जाओ लेकिन चलकर नहीं.. में तुम्हे ले जाऊंगा। तभी मैंने कहा कि ठीक हैं और फिर उन्होंने मुझे कहा कि पलंग पर खड़ी हो जाओ।

फिर उन्होंने मेरे दोनों पैरो को अपने दोनों तरफ पकड़ कर अपने पैर में फसां कर धीरे धीरे पोज़िशन बनाकर मेरी चूत में अपना लंड फिट कर दिया और इस पोज़िशन मुझे चोदते हुए मेरे बेडरूम में ले गये। फिर पहुंच कर उन्होंने मुझे मेरे को बेटे को दिखाया और कहा कि देखो ये तो बड़े आराम से सो रहा है। तभी मैंने उनसे कहा कि ठीक है तो फिर हम बाकि का काम यहीं पर खत्म कर लेते है और फिर ससुर जी ने वहीँ पर मेरी चूत में लंड डाला और हमने चुदाई का पूरा मजा लिया। उस दिन के बाद से मेरे और ससुर जी के बीच कोई पर्दा नहीं है। अब तो जब भी उनका मन होता है मुझे चोद लेते है और जब भी मेरा मन होता है तो में भी उनसे चुदवा लेती हूँ। अब तो हर रात हम एक ही बिस्तर पर गुजारते है ।।
 
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