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Thriller एक खून और

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Thriller stori-एक खून और

केन ब्रेन्डन ने दरवाजा खोला और अपने घर की लॉबी में दाखिल हुआ।

“हाय हनी, मैं आ गया।”—उसने ऊँची आवाज में कहा—“कहाँ हो तुम?”

“किचन में....और कहाँ होऊँगी?”—पत्नी ने पूछा— “आज तुम जल्दी आ गए?”

वो अपने घर के सजे-संवरे रसोईघर के दरवाजे पर पहुँचा जहाँ भीतर उसकी पत्नी उनका रात का खाना तैयार कर रही थी।

केन ब्रेन्डन ने दरवाजे पर खड़े होकर अपनी बीवी को बड़े गौर से देखा।

उनकी शादी को चार साल गुजर चुके थे लेकिन इन गुजरे चार सालों ने बेट्टी, उसकी बीवी, के प्रति उसकी चाहत में कोई कमी नहीं आने दी थी। इकहरे बदन, सुनहरे बालों वाली बेट्टी अपनी सुन्दरता के मुकाबले कई गुना ज्यादा आकर्षक थी। बेट्टी एक कुशल गृहिणी, एक सुघड़ घरवाली तो थी ही, लेकिन साथ ही उसकी असली काबिलियत इस बात से भी जाहिर होती थी कि वह जिस काबिलियत से घर संभालती थी, उतनी ही कामयाबी से डॉक्टर हेन्ज के क्लीनिक में रिसेप्शन भी हैंडल कर लेती थी।

और डॉक्टर हेन्ज—जो पैरेडाईज सिटी के सबसे काबिल और मशहूर स्त्री रोग विशेषज्ञ थे—के क्लीनिक में रिसेप्शनिस्ट होने के लिए कुशल होना बेहद जरूरी था।

और बेट्टी ऐसी ही थी।

कुशल, काबिल, समर्थ।

उसकी इसी काबिलियत का सदका था कि डॉक्टर हैन्ज के यहाँ काम करते उसका साप्ताहिक वेतन उसके पति—केन ब्रेन्डन—से पचास डॉलर ज्यादा था।

और यह बात केन ब्रेन्डन को खलती थी लेकिन फिर इसी वजह से वो दोनों बढ़िया मजे से अपने दिन भी तो बिता रहे थे। इतने बढ़िया दिन कि उनके पास—दोनों के लिए अलग-अलग—दो कारें थीं, शहर के एक बढ़िया इज्जतदार इलाके में अपना खुद का बंगला था और आगे भविष्य के लिए बचत भी हो जाया करती थी।

केन ब्रेन्डन खुद पैरेडाईज इंश्योरेन्स कार्पोरेशन में बतौर हेड सेल्समेन नौकरी करता था। इस मद में उसकी तनख्वाह भी कोई कम न थी और फिर अपनी बीवी से ज्यादा कमाने के चक्कर में वो अक्सर ड्यूटी आवर्स के बाद भी काम किया करता था। उधर बेट्टी सुबह पौने दस से शाम छः बजे तक की ही नौकरी बजाती थी।

यह सारा सिलसिला उनके लिए बढ़िया था। अपनी नौकरी में बेट्टी चूँकि सीमित और तय घन्टे ही काम किया करती थी सो उसके लिए यूँ अपने घर की देखभाल करने और अपने पति के वक्त-बेवक्त आने जाने वाले शिड्यूल के हिसाब से खाना वगैरह बनाने के लिए वक्त निकालना आसान था। ऊपर से बेट्टी को कुकिंग का बड़ा चाव था और अपने इस शौक को पूरा करने के लिए वह लगभग हर शाम किसी कुकरी बुक की मदद से कोई नया लज्जतदार व्यंजन बनाती थी।

दिन बढ़िया गुजर रहे थे।

दोनों पति-पत्नी कमाऊ थे जिनका अपना खुद का घर था, भविष्य के लिए अच्छी भली बचत कर ले रहे थे और सबसे बड़ी बात—

दोनों एक दूसरे को चाहते थे।

केन ब्रेन्डन ने बड़ी चाहत से बेट्टी की ओर देखा।

“मेरे नजदीक आने की कोशिश भी मत करना केन।”—बेट्टी ने केन की आँखों में चमक का मतलब समझते हुए कहा, अपनी चार साला शादीशुदा जिन्दगी के तजुर्बे की बिना पर वो इस चमक का मतलब बखूबी समझती थी—“मैं एक बड़ी खास डिश बना रही हूँ और तुम फिलहाल गलत वक्त पर आए हो।”

“वक्त—और वो भी इस काम के लिए कभी गलत नहीं होता।” केन ने धूर्ततापूर्वक मुस्कुराते हुए कहा—“अब ये सब छोड़ो—हम दो काम करते हैं।”

“क्या?”—बेट्टी ने पूछा।

“पहला तो ये कि चलकर जरा चैक करते हैं कि हमारा बैडरूम अभी भी अपनी जगह पर मौजूद है या नहीं....और दूसरा ये कि मैं तुम्हें आज एक बेहतरीन डिनर के लिए बाहर किसी बढ़िया से रेस्त्रां में लेकर चलता हूँ।”—कहकर वो खाना पकाती बेट्टी की ओर बढ़ा।

बेट्टी ने फौरन उसे पीछे धकेला।

“ओह केन—बस भी करो।”—वह बोली—“बैडरूम अपनी जगह मौजूद है और उसने कहीं नहीं जाना और रही तुम्हारी दूसरी बात तो जान लो कि हम कहीं नहीं जा रहे। मैं आज सी फूड बना रही हूँ और ऐसा कोई रेस्त्रां नहीं जो मुझसे ज्यादा अच्छा, ज्यादा बढ़िया सी फूड बना सके।”

“सी फूड।”—केन पीछे हटता हुआ बोला—“आज तो मजा आ जाएगा।”—फिर उसने फ्रिज में से जिन और मार्टिनी की बोतलें कब्जाते हुए कहा—“जब तक तुम अपना सी फूड बनाकर तैयार करो, आओ, तब तक कम से कम हम एक ड्रिंक तो ले ही सकते हैं। आओ—मैं तुम्हें एक खबर भी सुनाना चाहता हूँ।”

“बस हो गया—पाँच मिनट—सिर्फ पाँच मिनट।”—बेट्टी ने कहा।

केन दो बोतलों को उनकी गर्दन से थामे लाऊँज में आ गया जहाँ उसने दो ड्रिंक बनाए, एक सिगरेट सुलगाया और एक कुर्सी पर पसर कर बड़ी बेसब्री से बेट्टी का इंतजार करने लगा।

दस मिनट बाद बेट्टी ने जब वहाँ कदम रखा, तब तक केन अपना एक ड्रिंक खत्म कर चुका था।

बेट्टी उसके बराबर में आकर बैठ गई और उसने अपना ड्रिंक उठाया।

“अब बताओ—क्या खबर सुनानी थी?”

“मुझे प्रमोशन मिला है।”—केन ने मुस्कुराकर कहा—“आज दोपहर बाद स्टर्नवुड ने जब मुझे अपने ऑफिस में बुलाया तो मैं तो हैरत में पड़ गया था। मुझे लगा कि शायद मुझे नौकरी से जवाब दिया जाने वाला है....वैसे भी तुम उस स्टर्नवुड से तो वाकिफ हो ही—ये उस का स्थापित तरीका है कि वह जब किसी को नौकरी से निकालता है, तभी उसे यूँ इसी तरह अपने ऑफिस में तलब करता है। खैर—जब मैंने उसके बुलावे पर उसके ऑफिस में कदम रखा तब उसने मुझे बताया कि कंपनी का एक दफ्तर अब 'सीकाम्ब’ में खोला जा रहा है और वो मुझे वहाँ उसका इंचार्ज बनाना चाहता है। उसे उम्मीद है कि मैं वहाँ कंपनी के कारोबार को बढ़ा सकता हूँ। तुम जानती ही हो कि स्टर्नवुड को बहस पसंद नहीं सो मैंने उसकी बात से इंकार नहीं किया और यूँ अब, इस प्रमोशन के बाद, मैं सीकाम्ब स्थित कंपनी नए दफ्तर का इंचार्ज बना दिया गया हूँ।”

“सीकाम्ब”—बेट्टी ने उसे घूरते हुए कहा—“वो तो काले लोगों का इलाका है।”

“वहाँ बहुत से गोरे भी हैं....दरअसल वो एक मजदूर तबके के लोगों की बस्ती है।”

“वहाँ तुम किस किस्म का इंश्योरेन्स करोगे?”

“वैल—स्टर्नवुड का ख्याल है....”—केन ने सिर हिलाते हुए कहा—“कि वहाँ के उस तबके के लोगों को उनके बच्चों की भलाई के लिए कई किस्म की सेफगार्ड पॉलिसी बेची जा सकती हैं। इनमें प्रीमियम भी कम होगा और बच्चों को हर तरह की सुरक्षा की गारंटी ऑफर की जाएगी। स्टर्नवुड का अंदाजा है कि हम वहाँ सीकाम्ब में पंद्रह हजार पॉलिसियाँ बेच सकते हैं और अगर ऐसा हो सका तो कुल मिलाकर हमें काफी मुनाफा होगा।”

“अब तक अमीर और उस किस्म के ऊँचे तबके के लोगों से डीलिंग करते रहने के बाद क्या यह सब करना तुम्हें अच्छा लगेगा?”

“मजबूरी है—और फिर यही तो चुनौती है।”

“हम्म....चलो ठीक है, लेकिन तुम्हारी तनख्वाह में कितना इजाफा हुआ?”

“तनख्वाह तो वही रहेगी लेकिन जितना बिजनेस मैं वहाँ से दूँगा, उस पर पंद्रह पर्सेन्ट का कमीशन अलग से मिलेगा और अगर स्टर्नवुड का अंदाजा सही है तो मुझे कमीशन के तौर पर एक मोटी रकम हासिल होगी।”

“कितनी मोटी रकम?”

“अब यह तो मेरी मेहनत, मेरी जांमारी के ऊपर है।”

बेट्टी ने एक लंबी सांस छोड़ी।

“तो कब से शुरू कर रहे हो?”—कुछ क्षणों के बाद उसने पूछा।

“कल से....ऑफिस तैयार है।”—केन ने कहा—“इस पूरे सिलसिले में बस एक ही दिक्कत है।”

बेट्टी ने उसे गौर से देखा।

“कैसी दिक्कत?”—उसने पूछा।

“वो स्टर्नवुड की लड़की भी मेरे साथ ही काम करेगी क्योंकि स्टर्नवुड को लगता है कि इंश्योरेन्स के मामलों पर इसकी भी उतनी ही पकड़ है जितनी कि खुद मेरी। इस तरह वो बैक ऑफिस को हैन्डल कर लेगी और मैं बाहर भाग-दौड़ का काम करूँगा....वैसे मुझे मेहनत से कोई परहेज नहीं लेकिन स्टर्नवुड की लड़की के साथ काम करने का मतलब है—हर वक्त की भागदौड़, हर वक्त का काम....।”

“वह लड़की देखने में कैसी है केन?”—बेट्टी ने उसकी बात को नजरअंदाज करते हुए पूछा।

“पता नहीं। अभी कल उससे मुलाकात होनी बाकी है।”

बेट्टी ने कुछ पल कुछ न कहा।

“क्या हुआ?”—केन ने पूछा।

“कुछ नहीं....”—बेट्टी बोली—“आओ....चलो खाना खाते हैं।”

दोनों डायनिंग टेबल पर आ गए जहाँ बेट्टी ने डिनर का वो सारा इंतजाम किया हुआ था।

और कुछ मिनटों बाद जब दोनों खाना खा रहे थे तो बेट्टी ने कहा—“मेरे ख्याल से वह लड़की दिखने में यकीनन खूबसूरत होगी।”

केन ने बेट्टी के चेहरे पर निगाह डाली तो पाया कि वहाँ परेशानी और नाखुशी के मिले-जुले भाव थे।

“अगर वो अपने बाप पर गई होगी तो बकवास ही होगी।” केन ने कहा—“वैसे तुम्हें उसकी इतनी फिक्र क्यों है?”

“कुछ नहीं”—बेट्टी मुस्कुराई—“मैं तो बस ऐसे ही....।”

“मैं बताता हूँ कि तुम्हें क्या फिक्र है....।”—केन ने कहा—“लेकिन यकीन करो मामला कुछ और है। स्टर्नवुड की लड़की वहाँ सीकाम्ब पर सिर्फ और सिर्फ अपने बाप की मुझ पर निगाह रखती जासूस ही होगी। अगर मैं या मेरा काम उसे पसंद नहीं आया तो जाहिर तौर पर मैं मुसीबत में पड़ जाऊँगा क्योंकि स्टर्नवुड इतना बड़ा कमीना है कि अपनी बेटी के कहने भर से वो मुझे खड़े पैर नौकरी से जवाब दे देगा।”

“ओह डार्लिंग—तुम यकीनन कामयाब होओगे।”—बेट्टी ने उसका हाथ थपथपाते हुए कहा और पूछा—“खाना पसंद आया?”

“इतना बढ़िया सी-फूड मैंने कभी नहीं खाया।”—केन ने मुस्कुराते हुए कहा।

दोनों ने खाना समाप्त किया।

“तो तुम कुछ कह रहे थे....।”—बेट्टी ने उससे मुस्कुराते हुए कहा—“तुम शायद बैडरूम चैक करना चाहते थे कि वो अपनी जगह मौजूद है भी या नहीं?”

केन ने फौरन उस बात का मतलब समझा।

“बर्तन नहीं धोने क्या?” केन ने मुस्कुराते हुए पूछा।

“ओह—भाड़ में गए बर्तन।”—बेट्टी ने जवाब दिया।

¶¶
 
पेरेडाईज सिटी।

अर्से से अरबपतियों की ऐशगाह के तौर पर मकबूल।

दुनिया का सबसे महंगा शहर।

मयामी से करीब बीस मील दूर बसा यह शहर मुल्क के पैसेवालों का बसेरा था जिन्हें लगातार तमाम तरह की सेवाओं की जरूरत रहती थी और जिन लोगों ने इन सेवाओं को सप्लाई करना था वे सब मुख्य शहर से एक मील दूर सीकाम्ब में रहते थे और सीकाम्ब मयामी के पश्चिम इलाके के जैसा था।

बेहद मामूली दिखती इमारतों में बने मामूली अपार्टमैन्ट्स, पुराने रोते-धोते से बंगले, छोटी-मोटी दुकानें, बेहूदा किस्म के बार जिनमें वहाँ इलाके में बसने वाले मछुआरे शराब पीकर सरेशाम झगड़ते रहते थे और इन सब में ज्यादातर लोग काले-अफ्रीकी मूल के थे।

पैरेडाईज एश्योरेंस कारर्पोरेशन का नया दफ्तर इसी सीकाम्ब के बीचों-बीच खूब चहल-पहल वाली व्यू रोड पर शॉपिंग सैन्टर के नजदीक खोला गया था।

केन ब्रेन्डन वहाँ अपनी कार पर पहुँचा और पहुँचते ही उसे अहसास हो गया कि वो इलाका उसके आगे अब किस किस्म की चुनौती देने वाला था। अपनी उस नई नियुक्ति के पहले ही दिन केन ब्रेन्डन को अपनी कार पार्क करने में पसीने छूट गए। फिर किसी तरह उसने अपनी कार पार्क की और उतरकर फुटपाथ पर खड़ा हो अपने नए दफ्तर की ओर देखने लगा।

नया दफ्तर।

ऐसा नया कि मानो कोई पॉन शॉप’ हो।

लेकिन वो जैसे इसके लिए तैयार होकर आया था। वो इस कड़वी सच्चाई को जानता था कि अब उसके मेजर क्लाइंट्स कोई दौलतमंद खूबसूरत दिखते ऊँचे तबके के लोग नहीं बल्कि ऐसे लोग होंगे जिन्हें अपने लिए दो वक्त की रोटी तक का जुगाड़ करना भारी लगता होगा।

और जब आपको इस तबके के लोगों के साथ बिजनेस करना हो तो आप अपने दफ्तर को बेहद शानदार ढंग से नहीं रख सकते....ऐसा दफ्तर जिसमें इन लोगों को कदम रखने तक में हिचकिचाहट हो।

आसपास की दुकानों में मौजूद तमाम काले लोगों की निगाहों का मरकज बने केन अपने दफ्तर में पहुँचा।

सामने घुसते ही एक खूब लंबा काउण्टर था जिसके पीछे फाईलिंग केबिनेट्स, एक डेस्क, एक टाईपराईटर और एक टेलीफोन था।

और ये सारा सामान सैकेंडहैण्ड था।

अपने उस नए दफ्तर में चारों ओर निगाह डालते हुए केन उस वक्त की कल्पना करने लगा जब वो अपनी पिछली नियुक्ति में एक शानदार शहंशाही दफ्तर में काम करता था।

यहाँ वो सब नहीं था।

और जो था—वो ये कि अब इस नए दफ्तर में उसके साथ स्टर्नवुड की लड़की भी काम करने वाली थी।

केन ने काउण्टर पार किया और सामने बने कमरे के पास पहुँचा जिसके ग्लास पैनल पर खूब बड़े काले अक्षरों में लिखा था—

केन ब्रेन्डन मैनेजर

उसने दरवाजा खोला, भीतर पहुँचा और चारों ओर निगाह डाली।

एक पुराना डेस्क जिस पर एक टेलिफोन, पोर्टेबल टाईपराईटर, ऐश ट्रे, रिवाल्विंग चेयर और राईटिंग पैड पड़े थे।

भद्दा सा कालीन और दो बेहद मामूली कुर्सियाँ।

बस यही कुछ था वहाँ उसके उस नए डेरे पर।

और अभी ऊपर से उस कमरे की खिड़की की लोकेशन कुछ ऐसी थी कि खोले जाने पर उसने बाहर बेहद शोरगुल वाली मेन रोड की ओर खुलना था।

बेहद निराशा में केन ब्रेन्डन ने एक लम्बी साँस छोड़ी।

उसे याद आया कि कैसे उसके पिछले दफ्तर में बकायदा एक एयर कंडीशनर लगाया गया था और यहाँ....।

यहाँ का उसका कमरा बेहद गर्म और उमस भरा था, जिसमें राहत की उम्मीद में अगर खिड़की को खोल दिया जाता तो बाहर की चिल्ल-पौं भीतर आने लगती।

केन ब्रेन्डन ने आगे बढ़कर खिड़की खोली और खुद वो तजुर्बा किया। उसे फौरन अपने उस अंदाजे की तसदीक हो गई।

केन ब्रेन्डन का मन वितृष्णा से भर उठा।

लेकिन अभी मुसीबतें खत्म कहाँ हुई थीं?

उस नए नामाकूल निकम्मे दफ्तर में तमाम किस्म की खामियों के बाद कोढ़ में खाज जैसी बात ये थी कि उसे वहाँ स्टर्नवुड की लड़की के साथ काम करना था जो वहाँ उसके सिर पर अपने बाप की जासूस की तरह काम करने वाली थी।

यानि अब स्टर्नवुड उस दूर दराज के इलाके में उस पर अपनी बेटी की मार्फत पूरी निगाह रखता रह सकता था और यही उसके उस प्रमोशन का सबसे बड़ा चैलेंज था।

तभी उसे दफ्तर के बाहरी हिस्से से आई किसी आहट का अहसास हुआ। केन ब्रेन्डन अपने केबिन से बाहर निकला और मेन डोर की ओर बढ़ा जहाँ उसने अपनी उस नई सहकर्मी, उस कुलीग को पहली बार देखा।

मेन डोर पर बीचों-बीच खड़ी वो लड़की कोई चौबीस साल की थी। जिसका केन ने हैरानी और दिलचस्पी के मिलेजुले भावों के साथ जायजा लिया।

लड़की कई स्थानों पर से उड़े रंग वाली जींस के ऊपर एक टी शर्ट पहने हुए थी और अपने इस रंग-ढंग में वो कोई क्लायन्ट ही लग रही थी।

उस दफ्तर की पहली क्लायन्ट।

लेकिन फिर बात इतनी सीधी भी नहीं थी।

अपने बेहद मामूली कपड़ों में भी लड़की केन में एक खास किस्म की गर्मी पैदा करने में कामयाब थी। उसके कंधों तक लटकते उसके सुनहरे बाल, बड़ी हरी आँखें, खूबसूरत चेहरे पर कसीदेकार होंठ उसकी उस खूबसूरती को कई गुना बढ़ा रहे थे।

“हाय”—लड़की ने काउन्टर पार किया और उसकी ओर बढ़ते हुए बोली—“क्या तुम्हीं केन ब्रेन्डन हो?”

“ओह गॉड”—केन ने सोचा—‘तो यह थी स्टर्नवुड की लड़की।’

हाहाकारी लड़की।

हाय-हाय करा देने वाली।

“क्या हुआ?”—कोई जवाब न पाकर लड़की ने पूछा।

“कुछ नहीं।”—केन ने कहा—“हाँ, मैं ही केन ब्रेन्डन हूँ और तुम....तुम मिस स्टर्नवुड हो न?”

लड़की ने अनुमोदन में सिर हिलाया और मुस्कुरा दी।

और इस प्रक्रिया में केन को उसके सफेद चमकदार दाँतों की झलक भी मिल गई।

चमकीले दाँत—किसी टूथपेस्ट के एडवरटाईजमेण्ट के लिए बिल्कुल परफैक्ट।

“बड़ी बेहूदा जगह है।”—उसने चारों ओर नजरें घुमाते हुए कहा और फिर डेस्क पर रखे टाईपराईटर का मुआयना करके बोली—“लोहे के इस ढेर को तो देखो....?”

“तुम्हारे पिता....।”—केन ने कुछ कहना चाहा मगर कुछ सोचकर रुक गया।

“हाँ....मेरा बाप।”—उसने गुर्राकर कहा फिर फोन का रिसीवर उठाकर एक नम्बर डायल करने लगी।

“दिस इज मिस स्टर्नवुड।”—संपर्क स्थापित होने पर उसने कहा—“प्लीज गिव मी टु मिस्टर स्टर्नवुड।”

केन हैरानी से उसे देखता रहा कि कैसे वो लड़की रिसीवर कान से लगाए खड़ी रही और कुछ पलों बाद बोली—“ओह डैड—मैं अभी-अभी यहाँ पहुँची हूँ लेकिन अगर तुम्हें लगता है कि मैं इस बेहूदा और टीन के कनस्तर जैसे टाईपराईटर पर काम कर सकती हूँ तो फिर यकीनन तुम्हारा दिमाग खराब है। मुझे फौरन एक इलैक्ट्रानिक टाईपराईटर चाहिए।”

केन ने देखा कि दूसरी ओर से कुछ कहा गया था जिसे सुनकर लड़की का चेहरा पत्थर की मानिंद सख्त हो उठा।

“ओह पॉप—मुझे ऐसे किस्से सुनाकर बहलाने की कोशिश मत करो और याद रखो कि अगर तुमने मेरे लिए नए इलैक्ट्रानिक टाईपराईटर का इंतजाम नहीं किया तो मैं यहाँ काम नहीं करूँगी।”—कहकर उसने रिसीवर पटककर रख दिया। केन फटी-फटी आँखों से उसे देखता रह गया। वो तो अपने ख्वाबों तक में यह नहीं सोच सकता था कि इस दुनिया में कोई इतनी हिम्मत, इतना माद्दा भी रखता होगा कि जेफरसन से इस तरह पेश आ सके।

“अब वो ठीक हो जाएगा।”—लड़की ने उसकी ओर देखते हुए कहा—“तुमने अपना दफ्तर चैक किया? कैसा है?”

“ठीक-ठाक है।”

लड़की अपने स्थान से उठी और उस दफ्तर में उसके कमरे का चक्कर लगाकर लौटी।

“तुम्हारा दिमाग खराब है।”—उसने लौटकर कहा—“वो जगह किसी भट्टी की तरह तप रही है और तुम्हारा ये सोचना कि तुम उस जगह काम कर सकते हो—निहायत ही बेवकूफाना ख्याल। उस जगह तुम क्या, कोई भी कैसा भी काम नहीं कर सकता।”

लड़की डेस्क पर आ बैठी और उसने दोबारा से फोन मिला दिया।

“पॉप”—कॉल मिलने पर उसने कहा—“इस नर्क में एयरकंडीशनर के बिना काम करना नामुमकिन है तो फौरन दो एयरकंडीशनर भी भिजवा दो।”

दूसरी ओर से जो कुछ कहा गया, उसके नतीजे में उस लड़की का पारा फिर चढ़ गया।

“पॉप”—उसने सख्ती से कहा—“तुम्हारा दिमाग यकीनन खराब हो गया है। याद रखो—अगर मुझे मेरी दोनों चीजें मुहैया नहीं की गईं तो मैं यहाँ काम ही नहीं करूँगी।”

लड़की ने कॉल डिसकनैक्ट की और केन की ओर आँख मारी।

“हमें दो एयरकंडीशनर भी मिल जायेंगे।”—उसने शैतानी मुस्कराहट के साथ कहा।

“मिस स्टर्नवुड”—केन ने एक गहरी साँस लेते हुए कहा—“आपको अपने पिता से ऐसे पेश नहीं आना चाहिए।”

“ओह लीव इट”—लड़की ने दोनों हाथ हवा में उठाते हुए कहा—“मैं अपने बाप को हैण्डल करना जानती हूँ....एण्ड बाई द वे—मेरा नाम कॉरेन है, तो मुझे यूँ बार-बार मिस स्टर्नवुड कहना बंद करो।”

केन ब्रेन्डन समझ रहा था।

वो जान रहा था कि लड़की—हाहाकारी लड़की—केवल दिखने में ही स्मार्ट नहीं है बल्कि खूब तेज तर्रार भी थी।

“वैसे....”—कॉरेन ने केन को गौर से देखते हुए कहा— “तुम्हें तुम्हारे इस लिबास में तो यहाँ कोई धंधा मिलने से रहा।”

केन ने पलक झपकाते हुए पहले उसकी ओर—और फिर अपने शानदार कपड़ों पर निगाह डाली।

“क्यों, क्या कमी है इनमें?”—उसने पूछा।

“तुम्हारे इस शानदार अटॉयर, इस करीनेदार लिबास की बदौलत यहाँ कोई नीग्रो तो तुमसे बात तक करने की हिम्मत नहीं करेगा तो धंधा कहाँ से होगा। बेहतर यही रहेगा कि वापस घर जाओ और मेरी तरह मामूली कपड़े पहन कर आओ। वैसे यहाँ इस दफ्तर में बॉस तो हालाँकि तुम्हीं हो लेकिन मेरी राय में यहाँ इस कबाड़ दफ्तर में हमारे लिबास भी उसी तरह के होने चाहिए।”

लड़की ठीक कह रही थी।

उस इलाके के जिन लोगों के साथ उसे अपना बिजनेस करना था, उन्हें वाकई उसके इस सुपरक्लास अटॉयर में उससे डील करने में परेशानी होनी ही थी—और केन को लड़की की बात से इत्तेफाक था।

वो एक घण्टे में लौटकर आने के लिए कहकर फौरन वहाँ से बाहर निकल गया। सारे रास्ते वो लड़की उसके जेहन पर छाई रही। कॉरेन से कुछ पलों की मुलाकात ने उस पर गहरा असर डाला था।

“वाकई लड़की तेज है”—उसने खुद से कहा—“अपनी शादीशुदा जिन्दगी के बीते चार सालों में मैंने किसी पराई औरत पर कभी आँख तक नहीं उठाई लेकिन ये लड़की—हाहाकारी लड़की—कॉरेन की बात कुछ और ही है....मुझे इससे बचकर चलना पड़ेगा।”

इसी सोच में गड्ड-मड्ड वो अपने बंगले पहुँचा जहाँ उसने पाया कि बेट्टी अपने काम पर जा चुकी थी। केन बेडरूम में पहुँचा और उसने अपने कपड़े बदले।

एक मामूली कमीज।

फेडेड जींस।

और लोफर शूज।

केन ने जब खुद को शीशे में देखा तो उसे अहसास हुआ कि वाकई—उन घसियारे किस्म के मामूली कपड़ों ने उसे अब अपने उस नए दफ्तर में काम करने लायक बना दिया था।

अपने उस लुक को और परफैक्ट करने के लिए उसने अपने सलीकेदार कट वाले सजे-संवरे बालों को हाथ मारकर बिखेर दिया।

“लड़की वाकई में तेज है।”—उसने खुद को शीशे में देखा और सोचा।

वापिस दफ्तर पहुँचकर केन अपने काम पर निकल गया।

उसने अपने दिन की शुरुआत वहीं आस-पास मौजूद सड़क के दोनों ओर बने नीग्रो मजदूरों के घरों में जाकर वहाँ मौजूद औरतों से बातें करके की, तो उसे गहरा ताज्जुब हुआ।

अधिकतर जिन औरतों ने बड़े झिझकते, घूरते हुए उसे अपने घर के भीतर बुलाया था, उन्हीं औरतों ने बाद में बड़े गौर से उसकी बातों को सुना था। केन ने जब उन्हें अपनी कंपनी की उन पॉलिसियों के बारे में बताया जिनसे उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सकता था तो उन्होंने फौरन उनमें अपनी दिलचस्पी दिखाई। औरतों के लिए अपनी औलाद के भविष्य की चिंता सबसे जरूरी सबसे बड़ी चीज है।

यहाँ कुछ औरतों ने उसे यकीन दिलाया कि वे अपने-अपने पति से मश्वरा कर उसकी पॉलिसी खरीदेंगी, वहीं तीन औरतों ने तो तभी फार्म भरकर दस्तखत किए और पॉलिसी खरीद भी ली।

केन को अब समझ में आया कि यहाँ इस इलाके में कंपनी का नया दफ्तर खोलना स्टर्नवुड की भारी अक्लमंदी का सबूत था।

वो वाकई अपने काम में माहिर था।

स्टर्नवुड का अंदाजा जबर्दस्त हिट होने वाला था।

केन खुशी-खुशी अपने दफ्तर लौटा तो वहाँ घुसते ही ठण्डी हवा के झोंकों ने उसका स्वागत किया। उसने कॉरेन की ओर देखा तो पाया कि वो अपने नए इलैक्ट्रॉनिक टाईपराईटर पर मसरूफ थी। उसने कॉरेन की ओर कदम बढ़ाए तो उसकी निगाहें केन पर उठीं।

“तुम लौट आए....।” वह मुस्कुराकर बोली—“मैंने आज दो पॉलिसी बेची हैं....और तुम्हें सुनकर हैरानी होगी कि क्लाईन्ट यहाँ दफ्तर में खुद-ब-खुद आ गए थे।”

“अरे वाह!”—केन ने दाँत चमकाते हुए कहा।

“तुम्हारा क्या रहा?”—कॉरेन ने उत्सुकता से पूछा।

“मैंने आज तीन पॉलिसी बेची हैं और जो ग्राउण्ड वर्क किया है उसके भरोसे मुझे यकीन है कि आगे दस पॉलिसी और बिक सकती हैं।”—केन ने जवाब देते हुए कहा—“वैसे—मैं देख रहा हूँ कि तुम्हारी मांगों को मिस्टर स्टर्नवुड ने वारफुटिंग पर पूरा कर दिया है। वाकई तुम कमाल की चीज हो जो अपने बाप को यूँ हैण्डल कर सकती हो।”

“अगर मेरे बाप को कायदे से हैण्डिल किया जाए तो वो खुद एक कमाल के वर्कर हैं।”—कॉरेन ने खिलखिलाते हुए कहा।

केन ने उसे बेची गई पॉलिसियों के कागजात थमाये और कहा—“मानना पड़ेगा कि मिस्टर स्टर्नवुड की नजर वाकई में तेज है और उन्हें अपने काम की खूब समझ है। यहाँ सीकाम्ब में कंपनी का नया दफ्तर खोलने का उनका यह आईडिया ब्लॉकबस्टर साबित होने वाला है।”

“हाँ। पहले दिन का परफॉमैन्स तो यही कुछ इशारा देता लग रहा है।”—कॉरेन ने कागजात को थामकर उन पर एक निगाह डाली और कहा—“मुझे तो बड़ी भूख लगी है—तुम्हारा क्या प्रोग्राम है?”

“प्रोग्राम?”—केन ने पूछा।

“अरे लंच कहाँ करोगे?”—कॉरेन बोली—“कहीं बाहर चलें?”

“ओह वो”—केन ने उसकी बात का जवाब देते हुए कहा—“नहीं। मैं यहीं ठहरूँगा। वैसे भी यूँ लंच टाईम में ऑफिस बंद करके चल देना ठीक नहीं होगा....क्या पता कोई और क्लाईन्ट आ जाए।”

“हाँ—वो तो है।”

“तुम अगर लंच बाहर जाकर करने वाली हो तो क्या लौटते वक्त मेरे लिए हॉट डॉग या कोई बर्गर वगैरह ले आओगी?”

“श्योर”—कॉरेन ने हाथ में थामे कागजों को सामने डेस्क पर रखा और उठ खड़ी हुई—“मैं जल्द ही लौट आऊँगी।”

कहकर वह बाहर निकल गई।

केन उसे जाते हुए—पीछे से देखता रहा।

टाईट जीन्स पहने उस लड़की की चाल ने उसके खून की गर्मी को बढ़ा दिया था।

“ओह गॉड”—केन ने हाथ झटकते हुए कहा—“नाओ दैट्स गोईंग टू बी अनदर चेलैंज।”

कॉरेन के दफ्तर से निकल जाने के बाद वो जगह यकायक सूनी-सूनी हो गई थी।

केन अपने केबिन में पहुँचा और अपनी उखड़ी साँसों को काबू में करने लगा।

“इंकलाब जिन्दाबाद करा गई।”—उसने गहरी साँस लेते हुए कहा।

कुछ पल बाद उसने बेट्टी को डॉ. हेन्ज के क्लीनिक में फोन लगाया।

“ओह डार्लिंग”—बेट्टी की आवाज आई—“कैसा चल रहा है?”

“बढ़िया”—केन ने कहा—“उम्मीद है शाम तक अच्छी खासी पॉलिसी बिक जाएँगी। पहले दिन अभी लंच तक ही पाँच पॉलिसी बिक भी चुकी हैं।”

“अरे वाह!”

“वैसे सुनो—आज पहला दिन है सो काम थोड़ा ज्यादा है। मुझे घर पहुँचने में देर हो सकती है....शायद दस भी बज जाएं।”

“कोई बात नहीं....मैं खाना तैयार रखूँगी।”

“ठीक है।”

“वैसे”—बेट्टी ने पूछा—“वो तुम्हारे बॉस की लड़की कैसी है?”

“ठीक-ठाक ही है।”—केन ने लापरवाही से कहा—“अभी आज पहला ही दिन है सो कुछ खास बात नहीं हुई है। वैसे देखने में तो अख्खड़ और जिद्दी ही लगती है....लेकिन फिर वो मेरे टेस्ट की तो नहीं है।”

“ओह....”—बेट्टी ने सर्द आवाज में कहा—“मुझे पहली बार पता चला है कि लड़कियों के मामले में तुम्हारा भी कोई टेस्ट है।”

केन को फौरन अपनी गलती का अहसास हुआ।

“ओह डार्लिंग”—उसने बात संभालते हुए कहा—“मेरा टेस्ट तो बस तुम हो।”

“हम्म....”—बेट्टी ने उत्साहहीन स्वर में कहा—“रात को खाने पर मिलते हैं।”

फिर संबंध विच्छेद हो गया।

केन ने हाथ में थामे रिसीवर को धीरे से क्रेडल पर रख दिया। उसे खुद पर गुस्सा आ रहा था और उसे महसूस हो रहा था कि स्टर्नवुड की बातों में आकर उसने इस प्रमोशन के लालच में यहाँ आकर गलती कर दी है। उसे कहाँ पता था कि यहाँ उसे ऐसी पटाखा, ऐसी फुलझड़ी के साथ काम करना था जो वक्त बेवक्त उसे हाई वोल्टेज के फुल भड़काऊ झटके देकर इंकलाब जिन्दाबाद करा देने में माहिर थी। उसे कहाँ पता था कॉरेन जैसी हाहाकारी लड़की के लिए जिस्मानी संबंध बनाना कपड़े बदलने जैसी मामूली चीज थी और अब अपने काम—अपनी नौकरी के चक्कर में उसे इस लड़की के साथ कई मौकों पर दफ्तर में अकेले रहना था। केन ने खुद को कॉरेन के ख्यालों से मुक्त किया।

फिर पसीने से गीले हुए हाथों से अपने बालों को सहलाया।

और खुद को जबरन काम में झोंक दिया।

आगे आने वाले दिन उसके लिए कई किस्म की चुनौतियाँ लाने वाले थे।

¶¶
 
केन देर रात लगभग ग्यारह बजे घर लौटा।

थका-हारा।

भूखा-प्यासा।

लेकिन मुस्कुराता।

अपने दफ्तर के पहले ही दिन उसने जिन दस पॉलिसियों के बिक जाने की बावत अंदाजा लगाया था, उसमें से आठ तो बिक भी चुकी थीं। ऊपर से उसे कुछ और बिजनेस की भी उम्मीद बंधी थी—सो कुल मिलाकर उसका दफ्तर में पहला दिन बेहद कामयाब, बेहद शानदार गुजरा था।

इतना शानदार—इतना कामयाब कि उस एक दिन में उसने बतौर ब्रांच मैनेजर एक सौ पचानवें डॉलर का मोटा कमीशन पीट लिया था। दफ्तर में लंच के दौरान जब कॉरेन बाहर चली गई थी तो उसने कंपनी की ओर से एक नया ड्राफ्ट तैयार किया, जिस पर कंपनी के हैड ऑफिस के सेल्स डायरेक्टर की सहमति लेने के बाद, उसने ये डिटेल सैट की कि कैसे पैराडाईज सिटी कार्पोरेशन वहाँ स्थानीय बच्चों की भविष्य सुरक्षा के लिए मदद कर सकती है। बाद में कॉरेन के लाए दो हॉट डॉग खाने के बाद वो वहीं नजदीक के एक स्कूल में पहुँचा था जहाँ के प्रिंसिपल—एक पतला दुबला नीग्रो युवक—ने उसके ड्राफ्ट में मैंशन तथ्यों से सहमति जताई थी।

आगे केन ने अपनी मार्केटिंग स्किल्स का बेजोड़ नमूना दिखाते हुए प्रिंसीपल से जानना चाहा कि क्या ‘बच्चों की भविष्य सुरक्षा के मद्देनजर’ वह उस स्कूल की इमारत का इस्तेमाल इन बच्चों के माँ-बाप के साथ किसी मीटिंग वगैरह के लिए कर सकता था?

प्रिंसिपल न सिर्फ इसके लिए सहर्ष तैयार हो गया था बल्कि उसने यह सलाह भी दी कि चूँकि कामा-काजी माता-पिता का सारे दिन घर से बाहर रहने के बाद शाम को घर पहुँचकर फिर दुबारा किसी काम से घर से बाहर निकलना मुहाल था सो ये मीटिंग किसी वर्किंग डे के बजाए रविवार को, छुट्टी के दिन रखना ज्यादा माकूल रहेगा।

अब हालाँकि प्रिंसीपल की बात में वजन था लेकिन फिर केन को इस पूरे आईडिया में अपनी खुद की हफ्तावारी छुट्टी के बलिदान हो जाने का ख्याल जरा भी नहीं भाया।

“ठीक है”—केन ने बुझे मन से कहा—“इस हफ्ते रविवार को दोपहर बाद की मीटिंग रख लेते हैं।”

आगे कुछ और बातचीत के बाद प्रिंसीपल से उसे चार ऐसे लड़कों के नाम-पते भी हासिल हो गए जिनके माता-पिता को ऐसी पॉलिसी खरीदने में कनविंस करना मुमकिन था। यही नहीं कुछ पैसों के बदले वही लड़के शाम के वक्त घर-घर जाकर कंपनी के प्रास्पैक्ट्स और पैम्पलेप्ट्स (विज्ञापन) के पर्चे बाँट सकते थे।

ये एक बड़ी मदद थी।

केन ने एक लोकल प्रिंटिंग प्रेस से कान्टैक्ट किया और वहाँ से बुधवार दोपहर तक पैम्पलेट्स की तीन हजार कॉपी छापकर तैयार करने का आर्डर दे दिया।

आखिरकार वह अपने दफ्तर लौटा और कॉरेन को बताया कि कैसे पूरे दिन उसने क्या-क्या पापड़ बेले थे।

“इस रविवार को प्रोग्राम है”—केन ने उसे कहा—“तो मुझे उसमें तुम्हारी मदद की जरूरत पड़ेगी सो एन वक्त में अपनी किसी डेट का हवाला देकर मना मत कर देना।”

“वैसे—उस दिन मेरी प्री-डिसाईडेड, डेट है लेकिन उससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। मैं तुम्हारी मदद के लिए उसे मुल्तवी कर दूँगी।”—कॉरेन ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया।

“ओह शुक्रिया कॉरेन“—केन ने कहा—“वैसे तुम अब जा सकती हो, क्योंकि मुझे अभी कुछ और वक्त लगेगा।”

“ओके—सी यू टुमारो।”—मुस्कुराते हुए कॉरेन उठी और अपने खास अंदाज में मटकती हुई चली गई।

और उसके चले जाने के बाद दफ्तर एक बार फिर सूना-सूना सा हो गया। केन अपने काम से फारिग हो अब देर रात अपने घर लौटा था जहाँ उसने बेट्टी को टी.वी. देखते पाया था। केन को आया देखकर उसने टी.वी. ऑफ किया और उसकी ओर बढ़ी।

“ओह केन”—उसने मुस्कुराते हुए पूछा—“तुम इन कपड़ों में दफ्तर गए थे?”

“हाँ”—वह मुस्कुराया—“यार कोई बीयर लगी हुई है तो दो और हाँ खाने का क्या है, मैं भूख से तड़प रहा हूँ।”

“सब तैयार है।”—उसने डायनिंग टेबल की ओर इशारा किया—“मैं बीयर ले आती हूँ।”

वह डिनर लेने में जुट गया।

बेट्टी वापिस लौटी और उसके सामने बैठते हुए बोली—“अब बताओ?”

केन ने डिनर करते हुए दिन भर की सारी डिटेल्स उसे बता दी लेकिन जानबूझकर रविवार के प्रोग्राम का जिक्र तक नहीं किया।

“तो मैंने पहले ही दिन मोटा कमीशन पीटा है।”—केन ने कहा—“कैसा है?”

“मारवेलस!”—बेट्टी बोली—“मुझे तो पहले ही पता था कि तुम वहाँ कामयाब होने वाले हो डार्लिंग....लेकिन वो सब छोड़ो, तुम मुझे यह बताओ कि तुम्हारे लिए ये बेहूदा बकवास ड्रेस पहनना क्यों जरूरी था?”

“जब मैं दफ्तर पहुँचा और उसे कबाड़ी की दुकान से जरा ही बेहतर पाया तो मुझे यही लगा कि मेरे लिए उस माहौल में यही—इसी किस्म की ड्रेस ही बेहतर रहेगी। फिर वहाँ कॉरेन भी आ गई थी जिसने खुद बड़ी पुरानी-सी ड्रेस पहनी हुई थी....तो मुझे यही ठीक लगा और मैं भी घर लौटा और दोबारा कपड़े बदलकर दफ्तर पहुँचा।”

“कॉरेन!”

“वो स्टर्नवुड की लड़की।”—केन ने अपनी कुर्सी पीछे की ओर कहा—“पेट भर गया, चलो, अब सोते हैं....वैसे भी कल फिर सारे दिन की भाग दौड़ है।”

“नहीं—पहले मुझे उस लड़की के बारे में बताओ।”

“क्या बताऊँ?”

“सब कुछ।”

“अरे कल बताया तो था।”

“तो आज फिर बताओ, कल मैंने गौर नहीं किया था।”

“हम्म....वो एक मामूली दिखती लड़की है जो मिजाज में अपने बाप पर गई है।”

“मतलब?”

“मतलब सख्त और काम पर जोर डालने वाला मिजाज।”

“और देखने में कैसी है?”

“वैसी ही जैसी आजकल की लड़कियाँ आमतौर पर होती हैं। स्किन टाईट जींस, टी शर्ट, रूखे बाल वगैरह वगैरह।”

केन ने यह कहते हुए अपनी बीवी—सलीके से सजी सँवरी बीवी—पर निगाह डाली।

अचानक उसे कॉरेन की बड़ी भड़कती सी याद हो आई।

“क्या वह खूबसूरत है?”—बेट्टी ने पूछा।

“मैंने कहा न—वो आम लड़कियों जैसी ही है।”—और फिर बात घुमाने के मकसद से बोला—“अरे—एक बात तो मैं बताना भूल ही गया था।”

“क्या?”

“इस रविवार को वह स्कूल मीटिंग होनी है।”

“इसी रविवार को!”—बेट्टी ने आँख फैलाकर पूछते हुए कहा—“केन, तुम्हें याद है न कि उस दिन मैरी की शादी की सालगिरह है।”

केन को मैरी की सालगिरह का पता था लेकिन उसे जरा भी अहसास नहीं था कि वो प्रोग्राम भी रविवार का ही था और अपने नए दफ्तर में फैले काम के चक्कर में उसे इस बात का ध्यान तक नहीं रहा था।

“ओह—आयम सॉरी—मैं तो बिल्कुल ही भूल गया था”—उसने कहा—“लेकिन आगे, इस रविवार के अलावा, स्कूल हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।”

“लेकिन केन—तुम मैरी के साथ ऐसी ज्यादती नहीं कर सकते। तुमने वादा किया था कि तुम जरूर आओगे।”

मैरी बेट्टी की बड़ी बहन थी और केन उसे जरा भी पसंद नहीं करता था। उसका पति कारपोरेशन का वकील था और बेहद बोर आदमी था, फोर्ट लाडरडेल नाम की जगह पर उनका खुद का एक मकान था, उन्होंने अपनी शादी की दसवीं सालगिरह पर केन और बेट्टी को भी बुलावा भेजा था और वो बुलावा इसलिए भी खास था कि पहली बार उन्होंने ऐसा कोई प्रोग्राम रखा था जो दरअसल पूरे दिन का था।

बारबिक्यू लंच

रात का शानदार डिनर

और

बाद में शानदार आतिशबाजी का दर्शनीय नजारा।

सब कुछ अर्से से वैल प्लैन्ड था और केन का अब ऐन वक्त पर न जाने की कोई वजह—कोई बहाना नहीं चलना था।

“वैल”—केन ने कहा—“हनी, मेरा वहाँ जाना मुश्किल होने वाला है। खुद मेरे प्रोग्राम के पम्पलेट वगैरह छप रहे हैं और ऐसे में मुझे नहीं लगता कि मैं उसे कैंसल कर पाऊँगा। मेरी मजबूरी है और मुझे सिर्फ वही एक रविवार का दिन हासिल है जिसमें वो प्रोग्राम मैनेज हो सकता है।”

“हम्म....”—बेट्टी निराश हो गई—“तुम कब तक फारिग हो जाओगे?”

“मेरा ख्याल है शाम के सात तो बजेंगे ही।”

“तब तो तुम आतिशबाजी के वक्त तक ही पहुँच पाओगे।”—वह खुश होते हुए बोली।

केन मैरी और उसके वकील पति जैक—दोनों से बचना चाहता था लेकिन फिर भी उसने सिर हिलाकर अनुमोदन किया।

“ठीक है—मैं मीटिंग खत्म करते ही चल पङूँगा।”

“गुड—मैं वहाँ पहले पहुँच जाऊँगी।”—बेट्टी ने कहा—“और मैं मैरी को समझा दूँगी कि तुम किसी जरूरी काम में बिजी हो जाने की वजह से देर से आओगे।”

बेट्टी ने प्लेटे वगैरह उठाईं और किचन में चली गई तो केन उसकी मदद करने उसके पीछे-पीछे वहीं पहुँच गया।

“क्या अब तुम हमेशा यूँ ही देर तक काम किया करोगे?”

“नहीं—वैसे भी अगर मेरा रविवार वाला प्रोग्राम कामयाब हो गया तो मुझे नहीं लगता कि इस तरह देर तक काम करने की कोई जरूरत भी पड़ेगी।”

“वैसे तुम्हें अहसास है न कि अगर तुम्हें इस तरह, इस कदर देर तक अक्सर काम करना पड़े तो—तो हमारा मिलना भी दूभर हो जाएगा।”

“ओह बेट्टी—मैंने कहा न कि मुझे यूँ देर तक काम नहीं करना पड़ेगा।”

किचन से फारिग होकर वे दोनों बैडरूम में जाकर लेट गए जहाँ थकी-हारी बेट्टी तो जल्द ही सो गई लेकिन केन की आँखों में नींद का नामोनिशान भी न था।

उसके जेहन में कॉरेन घूम रही थी।

और लाख कोशिशों के बावजूद वह पौ फटने से पहले न सो सका।

¶¶
 
स्कूल मीटिंग पूरी तरह फ्लॉप रही।

वहाँ हॉल में घुसते ही केन को अहसास हो गया था कि जिस जगह को उन्होंने पाँच सौ लोगों की हाजिरी के हिसाब से सोचकर सारे इंतजाम किए थे, वहाँ दरअसल चंद लोग ही मौजूद थे। कॉरेन और प्रिंसिपल हेनरी के चेहरों पर गहरी निराशा स्पष्ट थी। केन ने आँखों ही आँखों में—वहाँ हॉल में मौजूद लोगों को गिना तो पाया कि कुल पैंतीस लोग मौजूद थे। उस बेहद निराशाजनक हालात में भी उसने व्यवसायिक मुस्कुराहट के साथ उन सभी का वहाँ स्वागत किया और बड़ी कुशलता से अपना मंतव्य उन लोगों को समझाया। इस सारे काम में कोई दस मिनट लगे जिसके बाद सवाल-जवाबों का दौर चला। हालाँकि हालात कोई बहुत बढ़िया तो नहीं थे लेकिन उस छोटी सी भीड़ में मौजूद एक गोरे ट्रक ड्राईवर ने केन द्वारा पेश की गई योजना से इत्तेफाक जाहिर कर कान्ट्रेक्ट साईन कर दिए, साढ़े चार बजे तक वहाँ मौजूद अट्ठाईस दूसरे श्रोताओं ने भी केन की पॉलिसी को खरीद लिया। बाकी बचे छः लोगों ने आगे सोचकर जवाब देने की बात कही।

और इस तरह मीटिंग—पौने पाँच बजे समाप्त हो गई।

आखिरी श्रोता के जाने के बाद प्रिंसिपल केन के पास पहुँचा और कहने लगा—“मुझे बेहद अफसोस है कि तुम्हें यहाँ मौजूद लोगों की कम हाजिरी से निराश होना पड़ा लेकिन मेरा तजुर्बा कहता है कि तुम्हारा यह प्रोग्राम पूरी तरह नाकामयाब नहीं रहा है। दरअसल यहाँ के लोग इस तरह की मीटिंग वगैरह से जरा परहेज ही रखते हैं सो यहाँ हाजिरी कम रही लेकिन मेरा दावा है कि जिन भी लोगों ने आज यहाँ मीटिंग में हिस्सा लिया है वे सब तुम्हारे सैल्समैन बन जाएंगे और ऐसे में बहुत जल्द यहाँ शहर में लोग तुम्हें और तुम्हारे इंश्योरेन्स प्लान को जान जाऐंगे। बस तुम्हें थोड़ा सब्र रखना पड़ेगा....आगे तुम्हें इतना काम मिलेगा कि फुर्सत भी नहीं निकाल पाओगे।”

केन ने प्रिंसिपल को शुक्रिया कहा और विदा लेकर बाहर आ गया।

बाहर तेज धूप में कॉरेन के साथ चलते हुए केन ने उससे कहा—“वैसे मेरे ख्याल से तो सारा प्रोग्राम बैकफायर ही कर चुका है लेकिन फिर भी मुझे प्रिंसीपल की कही बात पर यकीन है।”

“मेरा भी यही ख्याल है।”

केन ने गौर से कॉरेन पर निगाह डाली। दोनों ने पहले ही तय कर लिया था कि दोनों बेहद साधारण लिबास में वहाँ उस मीटिंग में आऐंगे तो कॉरेन ने एक सादा सूती लिबास पहना हुआ था। उधर केन ने भी ग्रे रंग की जीन्स के साथ एक सिंपल टीशर्ट पहनी हुई थी जिस पर ऊपर से उसने एक हाल ही में खरीदी गई नीले रंग की जैकेट पहनी थी जिसके बटन गोल्फ की छोटी-छोटी गेंदों की तरह दिखते थे।

केन ने कॉरेन पर से निगाह हटाई।

कॉरेन उस साधारण लिबास में भी कहर ढा रही थी।

¶¶

पिछले पाँच दिन तेजी से गुजरे थे जिस दौरान कंपनी के सैल्स मैनेजर ने उनके ऑफिस में विजिट किया था। केन को उस विजिट में यह देखकर बड़ी तसल्ली हुई कि बावजूद इसके कि सैल्स मैनेजर ने कॉरेन की बड़ी खुशामद की थी, कॉरेन ने उसे फिर भी कोई भाव नहीं दिया था।

अगले कुछ दिनों तक केन ने अपने स्तर पर कंपनी की पॉलिसियों को बेचने की कोशिशें जारी रखीं। वो अक्सर सीव्यू रोड पर निकल जाते। जहाँ मौजूद दुकानों की लम्बी कतारों में मौजूद उनके मालिकों वगैरह को वह अपनी कंपनी की एक्सीडेन्ट व फायर पॉलिसी के बारे में जानकारी देता। हालांकि केन जानता था कि इनमें से अधिकतर दुकानदार पहले ही किसी दूसरी कंपनी से ऐसी ही कोई मिलती जुलती पॉलिसी ले चुके थे लेकिन फिर इन मुलाकातों का मकसद केवल पॉलिसी बेचना नहीं बल्कि इन लोगों से इस किस्म की मेल-मुलाकातों के बाद इनसे जान पहचान बढ़ाना भी था जोकि आगे चलकर उसके लिए कारआमद साबित होती। उनमें से अधिकतर लोगों ने केन का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया और यकीन दिलाया कि अपनी मौजूदा पॉलिसी के पूरे हो जाने पर वो लोग आगे केन की कंपनी पैरेडाईज इंश्योरेंस कारपोरेशन से ही बीमा पॉलिसी लेंगे।

इधर इन दिनों चूँकि कॉरेन भी अपने ऑफिशियल कामों में बिजी बनी रही थी, उससे भी कम ही मुलाकात हो पाई थी। कॉरेन से बनी यह दूरी उसे राहत तो देती थी लेकिन फिर भी उसे लेकर अपने मन मस्तिष्क में उमड़ रहे उत्तेजित ख्यालों को वह दबा नहीं पाता था।

खासतौर से रातों को....।

जब शुक्रवार शाम को ऑफिस अपनी हफ्तावार छुट्टी के लिए बंद हुआ था तो अगला दिन केन ने अपने घर के लॉन की देखभाल में गुजारा। शाम को वह बेट्टी के साथ घूमने निकला और फिल्म देखकर बढ़िया रेस्ट्रां में जायकेदार सी-फूड का डिनर करके लौटा। लेकिन इस पूरे वक्त वह कॉरेन के ख्यालों में ही खोया रहा। हर वक्त उसे यही ख्याल आता कि वह क्या कर रही होगी। कॉरेन ने उसे बताया था कि शनिवार दोपहर वह अपने पिता की यॉट पर जाने वाली थी जहाँ उसका वीकऐन्ड गुजारने का प्लान था।

रविवार को बेट्टी सुबह सवेरे फोर्ट लाडरडेल के लिए निकल गई। उसे विदा करते वक्त केन ने उसे आश्वासन दिलाया कि वह खुद भी वहाँ जल्द-से-जल्द पहुँचने की कोशिश करेगा।

और अब जब उसकी मीटिंग पौने पाँच बजे ही खत्म हो गई तो उसे बड़ी निराशा हुई। अगर वह चाहता तो अब से अगले केवल एक घण्टे में वह अपनी साली के घर, कोर्ट लाडरडेल, पहुँच सकता था लेकिन फिर इसका मतलब था कि उसे अपनी बेहूदा साली और उसके महाबोर पति के साथ आधी रात तक रहना पड़ेगा।

तभी कॉरेन—जो उसके साथ मीटिंग से लौट रही थी, ने पूछा—“तुम हाऊसहोल्ड के मामूली काम कर लेते हो न?”

“हाँ-हाँ”—केन ने उसकी ओर हैरानी से देखते हुए पूछा—“लेकिन तुम यह क्यों पूछ रही हो?”

“यूँ ही....”—वह बोला—“मेरा मतलब है कि तुम्हें फौरन तो किसी से मिलने नहीं जाना? तुम्हारे पास एक डेढ़ घण्टे का टाईम है क्या?”

केन की धड़कनें बढ़ गईं।

“वैल....”—केन ने कहा—“जाना तो मुझे है लेकिन फिर कोई खास जल्दी नहीं है। मैं आठ बजे तक फ्री हूँ और तुम्हारे पास अगर ऐसा कोई काम है जो तब तक खत्म किया जा सकता हो तो तुम मुझे बता सकती हो।”

“मैं दरअसल अपने बीच केबिन (सागर तट के पास बना केबिन) में जा रही हूँ जहाँ अल्मारी में कुछ ठोक-पीट का छोटा-मोटा सा काम है। क्या तुम उसे दुरुस्त कर सकते हो?”

“हाँ-हाँ क्यों नहीं....लेकिन क्या तुम्हारी मिल्कियत में बीच केबिन भी है?”

“केवल वीक एन्ड्स पर इस्तेमाल के लिए है। मैं कल जब वहाँ गई थी तब पता चला कि वहाँ अलमारी में बने शेल्फ्स को थोड़ी ठोक-पीट की जरूरत थी।”

दोनों की निगाहें मिलीं।

केन हिचकिचाया।

उसके दिमाग में खतरे की लाल रोशनी चमकने लगी।

उसे लगा कि उसे कोई बहाना बनाकर इस काम से पल्ला झाड़ लेना चाहिए लेकिन ऐसे में यकायक उसे कुछ सूझा ही नहीं।

कॉरेन अपनी मनमोहक मुस्कान के साथ उसे देख रही थी और ऐसे में उसके आमंत्रण को अस्वीकार करना बेहद मुश्किल था।

बल्कि असंभव था। नामुमकिन था।

“वैल....”—कॉरेन ने कहा—“लगता है तुम घर जाना चाहते हो?”

“नहीं, ऐसा कुछ....”

“नहीं रहने दो, फिर कभी देखेंगे।”

आमंत्रण वापिस लिया जा रहा था।

फौरन फैसला करना था।

केन ने किया।

उसने तुरन्त फैसला किया और कहा—“अरे नहीं—मुझे तुम्हारी मदद करके खुशी होगी। मैं तो दरअसल ये सोच रहा था कि वहाँ टूल किट वगैरह है या मैं घर जाकर ले आऊँ?”

“मेरे पास सब कुछ है, तुम बस चले चलो।”

“ठीक है।”

“तुम पक्का चलना चाहते हो न?”

“हाँ-हाँ।”

“ठीक है फिर—आओ चलें।”

केन ने कॉरेन को अपनी कार में बैठाया और चल पड़ा।

“हमारी कंपनी ने हमारा नया ऑफिस खोलकर हमें यहाँ ट्रांसफर कर तो दिया है”—कॉरेन कहने लगी—“लेकिन सच कहूँ तो मुझे यह बेहूदा इलाका जरा भी नहीं भाया है। पिछले हफ्ते यहाँ की ट्रेफिक पुलिस ने तेज ड्राईविंग की तोहमत लगाकर मेरा तीन बार चालान काटा है। कमबख्तों ने तीसरी दफा तो मेरा ड्राईविंग लाईसैंस तक जब्त कर लिया था और इसी वजह से कल मुझे अपने केबिन टैक्सी करके जाना पड़ा था।”

“यहाँ की पुलिस वाकई बड़ी तेज है।”—केन ने पूछा—“वैसे बीच पर तुम्हारा केबिन किस ओर है?”

“पैडलर्स क्रीक....जानते हो न वह किधर पड़ेगा?”

“अच्छा वो....लेकिन वो तो हिप्पियों का इलाका है।”

“हाँ, मेरा अपना केबिन वहाँ से आधा किलोमीटर ही दूर है।”

“बढ़िया....।”

“जब भी मुझे बोरियत महसूस होती है मैं वहाँ उनके इलाके में घूमने निकल जाती हूँ। कभी-कभी वे भी मेरे यहाँ घूमने आ जाते हैं....।”—कॉरेन हँसी—“उनका साथ मजेदार होता है।”

“लेकिन उनका रहन-सहन तो निहायत ही बेहूदा होता है।”

“तुम्हें लगता होगा ऐसा....मुझे तो मजेदार लगता है।”

कार हाईवे पर दौड़ाते हुए केन के मन में बार-बार यही ख्याल आ रहा था कि उसे कॉरेन के साथ जाने के बजाए अपनी बीवी बेट्टी के पास सीधे फोर्ट लाडरडेल जाना चाहिए था लेकिन अब इसके लिए देर हो चुकी थी।

फिलहाल मौजूदा हालात में वो अब कॉरेन के साथ जाने से मुकर नहीं सकता था।

कार में उसके ठीक बगल में बैठी कॉरेन की मौजूदगी से वह पूरी तरह सजग था लेकिन फिर भी वह उससे बातचीत करने में सहज नहीं था। उसका दिल तेजी से धड़क रहा था और ड्राईव करते कार का स्टियरिंग थामे हाथों में ढीलापन था।

दूसरी ओर कॉरेन पूरी तरह संतुष्ट थी। वह बड़ी लापरवाही से कुछ गुनगुना रही थी।

कार आगे बढ़ती रही।

कोई एक मील आगे पहुँचने पर कॉरेन ने उसे रास्ता दिखाते हुए कहा—“अगले मोड़ से बाईं ओर घूमना है।”

केन उसके बताए रास्ते पर कार चलाता हुआ समुद्र की ओर जाती एक तंग रेतीली सड़क पर आ गया।

सामने साईप्रस और नारियल के पेड़ नुमाया थे।

“बस-बस”—कॉरेन ने कहा—“यहीं रुकना है, आगे पैदल का रास्ता है।”

“ठीक है”—कहकर केन ने वहीं पेड़ों के साये में गाड़ी पार्क कर दी। कार से उतरकर कॉरेन रेतीली पगडंडी पर झुरमुट की ओर बढ़ने लगी तो केन की निगाहें उसके बदन के पिछले हिस्से पर पड़ीं। गोल सुडौल बदन के उत्तेजक उतार-चढ़ाव और ऊपर से कॉरेन के अलमस्त अंदाज में चलने के ढंग ने उसे तरंगित कर दिया। केन ने बामुश्किल अपनी निगाहों को परे किया। दूर कहीं से आती दबे शोर की आवाज और उसी में मिला हुआ गिटारों और ड्रम्स का मद्धम शोर उसके कानों में पड़ रहा था। यकीनन हिप्पी कॉलोनी कोई बहुत दूर नहीं थी।

केन ने गौर किया कि रेतीले सागर तट का वह भाग सुनसान था। पैरेडाईज सिटी के बाशिन्दे वहाँ पैडलर्स क्रीक से दूर ही रहा करते थे। अपने ख्यालों में मग्न केन की निगाहें दोबारा अपने आगे चल रही कॉरेन पर पड़ीं।

तुरन्त उसकी बेचैनी बढ़ गई।

क्या लड़की थी!

क्या कमाल की लड़की थी!

ऐसा कि उसकी वो चाल ही केन को अपनी बीवी से बेवफाई कर डालने के लिए उत्तेजित कर रही थी। उसकी सारी सतर्कता धरी रह गई थी। कॉरेन यकीनन उसके दिलो-दिमाग पर हाहाकारी तरीके से छाई हुई थी। बेट्टी से बेवफाई करने के ख्याल ने उसे थोड़ा बेचैन जरूर किया था लेकिन फिर उसने खुद को यह सोचकर तसल्ली दी कि ज्यादातर मर्द अपनी बीवियों के साथ ऐसी बेवफाइयाँ करते रहते हैं। उसने खुद को याद कराया कि वह आज भी—अभी भी अपनी बीवी बेट्टी को बेहद चाहता था और इस फानी दुनिया के रहते उसकी जिन्दगी में कोई और औरत बेट्टी की जगह नहीं ले सकती थी।

कोई भी नहीं।

लेकिन कॉरेन....!

केन के दिलो-दिमाग में फिर से तूफान उठ आया।

क्या वो ठीक कर रहा था?

बेट्टी उसकी इस बेवफाई के बारे में जानेगी तो कैसे रियेक्ट करेगी?

लेकिन—फिर बेट्टी को इस बारे में पता चलेगा ही क्यों?

नहीं—उसे कभी उसकी इस हरकत के बारे में पता नहीं चलेगा।

चल ही नहीं सकता था।

वो या कॉरेन उससे या किसी से भी इस बाबत कभी कुछ नहीं बताने वाले थे।

अपने इन्हीं ख्यालों में डूबता-उतराता केन आगे बढ़ता रहा—जहाँ अब वह झुरमुट से निकलकर खुले सागर तट पर आ पहुँचा।

सामने ही लकड़ी का बना एक छोटा केबिन मौजूद था।

“यह है”—कॉरेन बोली—“मेरा केबिन।”

कॉरेन ने आगे बढ़कर केबिन का दरवाजा अनलॉक किया तो केन उसके पीछे-पीछे चलता हुआ भीतर एक बड़े कमरे में आ गया।

पीछे कॉरेन ने मेन डोर बन्द कर लिया।

उसने ए.सी. ऑन किया और खिड़कियों के गिरे पर्दों को उठाने की कोई कोशिश नहीं की।

केन ने आस-पास निगाह डाली।

कमरा खूब बड़ा और आरामदायक था। बीच में सैन्टर टेबल, साथ में तीन लाऊजिंग चेयर्स, एक टी.वी. सैट, कॉकटेल कैबिनेट, इधर-उधर बिखरी कुछ कुर्सियाँ और दूर कोने में एक बड़े साईज का दीवान।

“बढ़िया जगह है”—केन ने कहा—“कौन-सी अलमारी ठीक करनी है?”

“ओह कम ऑन केन”—कॉरेन मुस्कुराई—“मेरी तरह अब तो तुम भी जानते हो कि यहाँ कोई अलमारी है ही नहीं। बात सीधी है—और वो ये कि हम दोनों एक दूसरे को चाहते हैं।”

केन उस बात में छुपे इशारे को बखूबी समझ रहा था। मर्दों में ऐसी किसी खूबसूरत लड़की के ऐसे किसी राजीनामे को समझने की खास काबिलियत होती है।

आगे लम्बा वक्त बाकी था।

शाम तो अभी शुरू हुई थी।

अगले कुछ घण्टे ऐसी सनसनीखेज रफ्तार से बीते कि गुजरते वक्त का अहसास भी न हुआ।

¶¶
 
केन ने आँखें खोलीं।

कमरे में अंधेरा था।

पलभर को उसे लगा कि वह अपने घर में अपने बैडरूम में अपनी बीवी के साथ था।

फिर यकायक उसे याद आया।

उसने लम्बी साँस छोड़ी और उसी अंधेरे में टटोलकर बैड साईड लैम्प का स्विच ढूँढकर उसे ऑन किया। रोशनी हुई तो उसने अपने बगल में निगाह डाली।

कॉरेन।

क्या लड़की थी!

क्या कमाल की लड़की थी!!

ऐसी कि उसने केन को बेट्टी से बेवफाई करने पर मजबूर कर दिया था।

केन बिस्तर से नीचे उतरा तो कॉरेन ने भी आँखें खोल दीं।

केन ने घड़ी पर निगाह डाली।

आठ बजकर बीस मिनट

कॉरेन के संसर्ग ने उसे निचोड़कर रख दिया था। कॉरेन ने उसके साथ जो हंगामाखेज, हैरतअंगेज, कलाबाजियाँ खाई थीं, उसकी उसने कल्पना तक नहीं की थी।

क्या लड़की थी!

क्या कमाल की लड़की थी!!

केन ने लम्बी साँस छोड़ी और सोचने लगा कि अगर वो अब बेट्टी के पास पार्टी में पहुँचा तो उसे खामाखां का शक होगा। वहाँ जाने के लिए अब बहुत देर हो चुकी थी।

यकायक उसे कॉरेन के प्रति अरुचि हो आई।

“हे भगवान”—उसने सोचा—“ये मैं किस पचड़े में पड़ गया।”

“अच्छा सुनो”—प्रत्यक्षतः केन ने कहा—“मुझे जाना होगा। बहुत वक्त गुजर गया है।”

“अरे—घबरा क्यों रहे हो....वक्त तो देखो कितना बढ़िया गुजरा।”

लेकिन केन मानो उसकी बात सुन ही नहीं रहा था। वह अपने कपड़े पहनते हुए सोच रहा था कि यहाँ आकर उसने वाकई बड़े पागलपन का काम किया था। कॉरेन उसे अब ऐसी हाहाकारी नहीं लग रही थी कि उसमें कोई उत्तेजना पैदा कर पाती। इस वक्त तो वो लड़की उसे एक अमीर बाप की बिगड़ी हुई औलाद से ज्यादा कुछ न लगी।

अगर वह फौरन फोर्ट लाडरडेल के लिए निकल जाए तो शायद आतिशबाजी शुरू होने से पहले वहाँ पहुँच सकता था।

“मुझे निकलना होगा”—वह बोला—“मेरी बीवी मेरे इंतजार में होगी।”

“हम्म....जाना ही चाहते हो तो ठीक है लेकिन इतने परेशान क्यों लग रहे हो।”

केन तब तक कपड़े पहनकर दरवाजे की ओर बढ़ गया था।

“केन”—कॉरेन की सर्द आवाज ने उसे टोका तो वह ठिठक गया—“गुड बाई नहीं कहोगे?”

“मुझे यह सब नहीं करना चाहिए था....हम पागल हो गये थे।”

कॉरेन बिस्तर से बाहर निकल आई।

अपने पैदाईशी लिबास में।

लेकिन उसका वह अंदाज अब केन को उत्तेजित करने में नाकाम था।

“किसी काम को जानबूझकर कर लेने के बाद उस पर पछतावा करना बेवकूफी होती है केन”—कॉरेन ने कहा— “हासिल मौकों का फायदा उठाना इंसानी फितरत है—इसमें पछतावा कैसा?”

केन ने मानो उसकी बात सुनी ही नहीं। अब उस पर केवल बेट्टी के पास पहुँचने का भूत सवार था।

“मैं जा रहा हूँ।”

“अंधेरा हो गया है, क्या तुम ऐसे में अपनी गाड़ी ढूँढ लोगे?”

“ढूँढ ही लूँगा।”

“ठहरो”—कॉरेन ने एक शक्तिशाली टार्च उठाकर उसे देते हुए कहा—“तुम्हें इसकी जरूरत है।”

केन ने टार्च ले ली लेकिन कहा कुछ नहीं।

“यकीन जानो केन”—वह बोली—“तुम वाकई में गजब के प्रेमी हो....पसंद आए तुम मुझे।”

कॉरेन की बात अनसुनी कर केन केबिन से बाहर निकला और झुरमुट की ओर दौड़ गया।

उसे केवल एक चिन्ता थी—फोर्ट लाडरडेल पहुँचना।

उसने टार्च ऑन कर ली थी और उसी की शक्तिशाली रोशनी में अपनी कार की ओर दौड़ा जा रहा था। अभी उसने कोई आधा रास्ता ही तय किया था कि अचानक उसे किसी चीज के सड़ने की बदबू आई। उसे लगा कोई जानवर वहीं कहीं मरा पड़ा था। उसने टार्च की रोशनी को पगडंडी पर केन्द्रित रखा और आगे बढ़ता रहा लेकिन जैसे-जैसे वह आगे बढ़ता गया वह बदबू भी बढ़ती चली गई। आखिरकार हालात ऐसे हो गए कि मारे बदबू के उसका सारा खाया-पिया मुँह को आने लगा।

वह रुका नहीं।

वह अब भी आगे बढ़ता रहा।

हालांकि अब वह दौड़ नहीं रहा था बल्कि धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। अपनी वर्तमान परिस्थिति से वह कतई खुश नहीं था—लेकिन उसकी जो भी हालत थी—उसके लिए वो खुद ही जिम्मेदार था।

तभी टार्च की रोशनी पगडंडी पर पड़ी एक इंसानी लाश के ऊपर गिरी। केन का दिल जोरों से धड़का।

उसके मुँह में कड़वाहट सी भर गई और जिस्म बर्फ की मानिंद ठण्डा पड़ गया।

सामने पड़ी नंगी लाश किसी लड़की की थी लेकिन फिर अगर वो सिर्फ एक लाश होती तो शायद कोई बात न होती। वो तो एक वीभत्स तरीके से मार डाली गई लड़की की लाश थी। ऐसी जिसमें उसके जिस्म की पसलियों के निचले भाग से लेकर टांगों के जोड़ तक मानो चीर डाला गया था और जैसे इतना ही काफी न हो। पास ही खून के गड्ढे में उसकी आँतें निकली पड़ी थीं।

केन ने अपनी आँखें बंद कर लीं।

उसकी साँसें किसी धौंकनी की तरह दौड़ रही थीं। वह बुरी तरह घबरा उठा और मुड़कर वापिस चलने लगा।

उसने अभी-अभी जो कुछ देखा था, उसने उसकी हालत बेहद खराब कर दी थी। वह आतंकित था—बेहद आतंकित।

तभी वह रुका और पेट पकड़कर उल्टियाँ करने लगा। रह-रहकर उसकी आँखों के आगे, पीछे छुटी लाश लहरा रही थी और केन धड़ाधड़ उल्टियाँ करता रहा।

कुछ मिनटों बाद जब उसकी हालत कुछ स्थिर हुई तो अपने चेहरे से पसीना पोंछते, लड़खड़ाते कदमों के साथ वो वापिस केबिन पहुँचा।

दरवाजा धकेलकर उसने भीतर कदम रखा।

कॉरेन, जिसने अपना जिस्म अब एक चादर से ढँक लिया था, उसे देखते ही हैरान रह गई।

केन का चेहरा आतंक की अधिकता से फट पड़ने को तैयार था।

“क्या हुआ।”—कॉरेन ने पूछा।

“वहाँ बाहर किसी लड़की की लाश पड़ी है। किसी ने बड़े ही वीभत्स तरीके से उसकी हत्या की है।”—केन ने खुद को एक कुर्सी में धंसाते हुए कहा—“उसका पेट फाड़ा गया है और बेहद भयानक दृश्य है।”

“क्या बकते हो?”—उसने केन के नजदीक जाकर कहा।

“सुना नहीं तुमने—वहाँ बाहर एक लड़की को मार डाला गया है और हमें पुलिस को खबर करनी चाहिए।”

केन के कांपते हाथों और पसीने से तर चेहरे को देखकर कॉरेन ने सबसे पहले उसको स्कॉच का एक तगड़ा पैग दिया जिसे केन ने एक सांस में खींचा और गिलास हाथों से निकलकर नीचे कालीन पर गिर जाने दिया।

एल्कोहल के उस तगड़े डोज ने उसे कुछ स्थिर किया।

“खुद को सम्भालो”—कॉरेन ने उससे कहना शुरू किया—“उस लाश से तुम्हारा या मेरा कोई सम्बंध नहीं है। तुम अपनी बीवी के पास चले जाओ।”

“मैं अपनी कार तक नहीं पहुँच सकता। उस लाश के नजदीक से होकर गुजरना मेरे बस का मामला नहीं।”

“तुम दूसरी ओर—सागर तट की राह पकड़ लो। बस वो रास्ता जरा लम्बा ही तो है।”—कहकर उसने चादर उतारी और स्वीमिंग सूट पहनकर बोली—“मैं तुम्हारे साथ चलती हूँ।”

केन ने अपनी कलाई घड़ी पर निगाह डाली।

पौने नौ बज रहे थे।

“अब देर हो चुकी है....मैं वक्त रहते फोर्ट लाडरडेल नहीं पहुँच सकता।”

“अक्ल से काम लो। अपनी बीवी को फोन करके बोलो कि रास्ते में तुम्हारी कार खराब हो गई है, और तुम वापिस घर जा रहे हो।”—कॉरेन ने नीचे कालीन पर गिरे गिलास को उठाकर दोबारा भरा और केन को थमाते हुए कहा।

केन ने वो ड्रिंक एक ही सांस में खींच लिया। तब कॉरेन ने जबरन उसके हाथों में रिसीवर थमा दिया। केन कुछ पल हिचकिचाता रहा लेकिन आखिरकार उसने नम्बर डायल कर ही दिया।

घण्टी बजने लगी तो उसने कुर्सी की पुश्त से पीठ टिकाकर आँखें बन्द कर लीं।

कुछ पलों बाद उसके कानों में जैक की आवाज पड़ी।

“जैक”—केन ने कहा—“दिस इज केन।”

“हाय दोस्त—कहाँ फंस गए। हम सब तुम्हारा यहाँ बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।”

“सुनो जैक—मेरी कार खराब हो गई है और मैं यहीं रास्ते में एक गैराज में उसे ठीक कराने में लगा हूँ।”

“अरे—क्या हुआ कार में?”

“भगवान जाने क्या हुआ—यकायक इंजन बन्द हो गया और फिर लाख कोशिशों के बाद भी दोबारा स्टार्ट नहीं हुआ। आई एम सॉरी जैक।”

“ये क्या बात हुई केन। तुम हमारे साथ ऐसा कैसे कर सकते हो। आज हमारी शादी की सालगिरह है और मौज मेले के ऐसे मौके पर तुम्हारा न होना....”

“जैक—मैं खुद बेहद शर्मिंदा हूँ। प्लीज मेरी बात समझने की कोशिश करो।”

“वैल—अगर यहाँ मौजूद हर आदमी नशे में धुत न होता तो मैं यकीनन किसी न किसी को तुम्हें लाने के लिए भेज देता। तुम इस वक्त कहाँ हो?”

“हाईवे पर। और सुनो जैक—कार शायद जल्द ही ठीक हो जाए, तब मैं सीधे तुम्हारे पास ही पहुँचूंगा। जरा बेट्टी को भी समझा देना प्लीज।”

“हाँ-हाँ जरूर। वैसे यहाँ आतिशबाजी शुरू होने ही वाली है सो जितना जल्दी हो सके यहाँ आ पहुँचो।”

“हाँ ठीक है—मैं पूरी कोशिश करता हूँ।”

“ओके”—कहकर जैक ने संबंध विच्छेद कर दिया।

केन ने रिसीवर यथास्थान रखा और कॉरेन की ओर निगाह डाली।

“वह लाश....हमें पुलिस को खबर करनी चाहिए।”

“तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है केन।”—कॉरेन ने ऊँची आवाज में कहा—“अगर इस मामले में पुलिस का दखल बना तो वह लोग सबसे पहले तो ये जानना चाहेंगे कि तुम अपनी बीवी के पास न जाकर यहाँ मेरे पास कर क्या रहे थे? तुम्हें क्या लगता है, तुम्हारी इस कहानी पर कोई भी यकीन करेगा कि तुम यहाँ सिर्फ अलमारी ठीक करने आये थे और सबसे बड़ी बात—तुम्हें जरा भी अहसास है कि मेरा बाप क्या करेगा जब उसे पता चलेगा कि तुम और मैं यहाँ इस केबिन में अकेले थे? मेरा बाप बेवकूफ है जो कि मुझे अब तक कुँवारी समझता है लेकिन इतना बड़ा बेवकूफ वो फिर भी नहीं है कि ये न समझ सके कि यहाँ इस केबिन की तनहाइयों में हम दोनों क्या कर रहे थे—और अगर ऐसा हुआ तो यकीन जानो केन हम दोनों मुसीबत में होंगे। उस सूरत में तुम्हारे हाथ से तुम्हारी नौकरी जाएगी और मेरे हाथ से ये केबिन।”

“लेकिन....”—केन ने कहना चाहा।

“नहीं केन—ये नहीं हो सकता। तुम यह पुलिस का खटराग छोड़ो और उठो—हम दोनों यहाँ से अभी निकल लेते हैं।”

स्कॉच के दो तगड़े पैग अब अपना असर दिखाने लगे थे।

केन को लगा कि कॉरेन की बात सही है और पुलिस के झमेले में पड़ते ही और दस बखेड़े खड़े हो जाएँगे।

“अब चलो न।”—कॉरेन ने अधीरतापूर्वक कहा।

केन उठ खड़ा हुआ।

दोनों केबिन से बाहर निकले और उसे लॉक किया। एक लम्बा घेरा काटकर उनका इरादा कार तक पहुँचने का था और इसी प्रक्रिया में जब वे दोनों झाड़ियों से निकलकर एक मोड़ पर पहुँचे, यकायक दोनों को ब्रेक लग गए।

सामने से एक आदमी तेजी से उनकी ओर बढ़ा चला आ रहा था। चांद की दूधिया रोशनी में उन्होंने देखा कि वह ऊँचे कद का, पतले-दुबले जिस्म वाला दाढ़ी रखे शख्स था जिसने एक पुरानी घिसी हुई जीन्स पहन रखी थी और कंधे पर एक झोला लटका रखा था। कंधे पर लम्बे बालों और घनी दाढ़ी की वजह से सिर्फ उसकी आँखों और लम्बी सुतवां नाक पर फोकस बन रहा था।

“हे—देयर!”—आगंतुक ने कहा।

अपने को संबोधित हुआ पाकर केन घबरा गया लेकिन कॉरेन ने मुस्कुराकर कहा—“हाय!”

केन के शरीर से ठंडा पसीना चू रहा था लेकिन वह फिर भी मुस्कुराया।

“पैडलर्स क्रीक किधर है?”—आगंतुक ने पूछा।

केन ने अंदाजा लगाया कि आगंतुक की उम्र कोई बीस साल थी।

“सीधे जाओ—आगे करीब आधा मील चलकर पैडलर्स क्रीक है।”—कॉरेन ने जवाब दिया और केन सहित आगे बढ़ गई।

“अगर उसने हमें दोबारा कभी देखा तो पहचान लेगा?”—केन ने फंसी आवाज में पूछा।

“यह नशेड़ी खुद को तो पहचान नहीं सकता—हमें क्या पहचानेगा।”—कॉरेन ने हिकारत भरे स्वर में कहा।

केन ने पीछे मुड़कर देखा।

दढ़ियल अभी वहीं खड़ा था और पीछे उन्हें ही घूरे जा रहा था।

अगले कुछ क्षण दोनों की आँखों में संपर्क बना रहा, तत्पश्चात् वह पलटकर हिप्पी कॉलोनी की ओर बढ़ गया।

“जाओ”—कॉरेन ने केन से कहा—“तुम्हारी कार उन झाड़ियों के आसपास है।”

“हम्म....”—केन ने कहा तो कॉरेन ने उसके गले में अपनी बाहें डाल दीं।

“वैसे....” वह बोली—“वक्त मजेदार गुजरा। नहीं?”

कॉरेन की गर्म बाँहों से सिरहन महसूस करते केन ने उसे पीछे धकेल दिया।

“आईंदा फिर कभी ऐसा नहीं होगा।”

“ओह—सारे मर्द ऐसा ही कहते हैं”—वह हँसी—“लेकिन भरने के बाद जाम छलकने लगता है।”

कॉरेन ने अपनी नर्म मुलायम उंगलियों से केन का गाल सहलाया और फिर मुड़कर सागर तट की ओर दौड़ गई।

पीछे खड़ा केन उसे जाता देखता रहा।

आसपास ही कहीं भयानक लाश पड़ी थी और वे दोनों इस वजह से गंभीर मुसीबत में थे।

उसकी नौकरी को खतरा हो सकता था।

उसका बेट्टी के साथ बेवफाई करना, वादाखिलाफी करना, एक दूसरी मुसीबत खड़ी कर सकता था।

आगे पीछे पुलिस का इस मामले में दखल बन के रहना था और ऐसे में भी कॉरेन को स्विमिंग की पड़ी थी।

बीते गुजरे वक्त के ‘मजेदार’ होने की पड़ी थी।

वाह!

क्या लड़की थी!

क्या कमाल की लड़की थी!!

¶¶
 
रात के साढ़े आठ बजे।

पैरेडाईज सिटी पुलिस हैडक्वार्टर्स में निस्तब्धता फैली थी।

अपने ऑफिस में बैठा थर्ड ग्रेड डिटेक्टिव—मैक्स जैकोबी— दबे स्वर में फ्रेंच भाषा के कुछ शब्दों को दोहरा रहा था। उसकी ख्वाहिश थी कि अपनी जिन्दगी में कम से कम एक बार तो वो पेरिस जाकर अपनी छुट्टियाँ बिताये, वहाँ की खूबसूरत दिलफरेब लड़कियों से दोस्ती गांठे और यही वजह थी कि वो फ्रेंच सीखने को इतना बेताब था।

उसी कमरे के दूसरे सिरे पर जैकोबी का सीनियर, फर्स्ट ग्रेड डिटेक्टिव टॉम लेपस्कि अपनी डेस्क पर बैठा क्रास वर्ड पजल में उलझा हुआ था। उसे अभी हाल ही में प्रमोशन मिला था और उसके खुद के हिसाब से ये ना-काफी था। उसकी ख्वाहिश थी कि एक दिन वो चीफ ऑफ पुलिस की पोस्ट हासिल करे।

तभी अचानक जैकोबी के टेबल पर रखे टेलीफोन की घण्टी बजने लगी।

“जैकोबी”—उसने फुर्ती से रिसीवर उठाकर कहा—“दिज इज डिटेक्टिव्ज़ डेस्क।”

“जरा गौर से सुनना....”—किसी मर्दानी आवाज ने कहा— “क्योंकि मैं दोबारा नहीं दोहराऊँगा। पैडलर्स क्रीक की ओर जाने वाली सड़क पर पड़ने वाले झुरमुट में एक लाश पड़ी है।”

बात पूरी होते ही कॉल कट गई।

जैकोबी ने चौंककर लेपस्कि की ओर देखा और उसे फोन पर इस खबर की जानकारी दी। उसे लग रहा था कि किसी ने मजाक किया है।

“कोई हॉक्स कॉल थी।”—जैकोबी ने कहा।

लेकिन लेपस्कि महत्वाकांक्षी था, उसने इस कॉल को फर्जी मानने के बजाए पुलिस कम्यूनिकेशन सैन्टर में फोन मिला दिया।

“हैरी....?”—संपर्क स्थापित होने पर लेपस्कि ने कहा— “पैडलर्स क्रीक का इलाका आज कौन कवर कर रहा है?”

“स्टीव और जोए....वे दोनों कार नम्बर सिक्स में हैं।”—दूसरी ओर से हैरी बोला।

“उनसे कहो कि पैडलर्स क्रीक की ओर जाने वाली सड़क पर पड़ते पहले झुरमुट की जांच करें....और यह काम फौरन होना चाहिए।”

“वहाँ से कुछ खास बरामदगी हो सकती है क्या?”

“हाँ—एक लाश बरामद हो सकती है। अभी हमें ऐसा दावा करती एक फोन कॉल आई है। हालाँकि हो सकता है किसी ने मजाक किया हो लेकिन फिर भी एक बार चैक कर लेने में कोई हर्ज नहीं।”

कहकर लेपस्कि ने फोन का रिसीवर यथास्थान रखा और एक सिगरेट सुलगाकर उठ खड़ा हुआ।

“तुम रिपोर्ट लिख लो मैक्स”—उसने जैकोबी से कहा—“आगे चीफ को खबर करने से पहले मैं स्टीव के फोन कॉल का इंतजार करूँगा।”

जैकोबी अपने टाईपराईटर पर रिपोर्ट टाईप करने लगा और लेपस्कि ने इस अंदाज में चहलकदमी करनी आरंभ कर दी मानो कोई शिकारी कुत्ता अपनी जंजीर तुड़ाने के लिए बेताब हो।

कोई बीस मिनट बाद स्टीव का फोन आया।

“हमें वहाँ झुरमुट में एक लड़की की वीभत्स लाश बरामद हुई है जिसे किसी ने बड़ी बेरहमी से पेट फाड़कर मारा है।”

लेपस्कि ने बुरा सा मुँह बनाया।

एक लम्बे अर्से बाद पैराडाईज सिटी में घटने वाली ये कत्ल की पहली वारदात थी।

“तुम वहीं ठहरो स्टीव”—लेपस्कि ने कहा—“मैं जरूरी कार्यवाही शुरू करता हूँ। सवा नौ बजे पुलिस की चार गाड़ियां पैडलर्स क्रीक की ओर जाती सड़क पर लगे उस झुरमुट के नजदीक पहुँचीं। अभी लाश बरामदगी की खबर सार्वजनिक नहीं हुई थी लेकिन जल्द ही जब यह खबर आम होती, इसने अच्छी-खासी हिलडुल मचा देनी थी। चारों गाड़ियों से कई पुलिस ऑफिसर उतरे और लाश के नजदीक उसका मुआयना करने पहुँचे। चीफ ऑफ पुलिस टेरेल, सार्जेन्ट, जोए वेगलर, सार्जेन्ट फ्रेड हेस, लेपस्कि और उनके साथ तीन और पुलिसिए। और कुछ पलों बाद पुलिस मेडिकल ऑफिसर डाक्टर लुईस अपने दो सहकर्मियों के साथ एक एम्बुलेंस सहित आ पहुँचा।

फिर एक पुलिस फोटोग्राफर आया जो लाश की हालत देखते ही असहज हो गया। बड़ी मुश्किल से उसने लाश के फोटो खींचने के अपने काम को अंजाम दिया और फिर वहीं बगल की झाड़ियों में जाकर उल्टी कर दी।

तमाम जरूरी औपचारिकताओं के बाद लाश को वहाँ से उठवा दिया गया। अब पीछे पुलिस अधिकारी ही रह गए थे।

टेरेल टहलता हुआ डॉ. लुईस के नजदीक जा पहुँचा।

“तुम्हारा क्या ख्याल है डॉक्टर?”—उसने पूछा।

“उसके सिर पर प्रहार किया गया था और बाद में उसे नंगा करके उसका पेट फाड़ दिया गया था। लाश की हालत देखकर लगता है कि उसके कत्ल को दो घण्टे से ज्यादा नहीं गुजरा है। वैसे आगे की कोई और जानकारी पोस्टमार्टम के बाद ही मिलेगी।”

“हम्म....जितना जल्दी हो सके हमें वो पोस्टमार्टम रिपोर्ट भिजवा देना।”—कहकर टेरेल सार्जेन्ट फ्रेड हेस के पास पहुँचकर बोला—“फ्रेड—मैं वापिस हैडक्वार्टर जा रहा हूँ। आगे तुम इस केस को संभालो और पता लगाओ कि यह लड़की कौन थी।”

“जी सर....।”—हेस ने तत्परता से जवाब दिया।

अपने मातहत को इशारा करके टेरेल ने गाड़ी स्टार्ट करवाई और उसमें बैठकर वह चला गया।

पीछे हेस लेपस्कि से बातें करने लगा।

“पास ही में हिप्पियों की कॉलोनी है। तुम अपने साथ डस्टी को ले जाकर वहाँ पूछताछ करो कि शायद मृतका वहीं से संबंधित हो। टेरी के पास लड़की की पोलोरॉयड तस्वीरें हैं....उन्हें ले जाना।”

“जी सर।”

“नाओ मूव।”

लेपस्कि फौरन वहाँ से हटा और पुलिस फोटोग्राफर टेरी को खोजने लगा। टेरी ने एक फोटोग्राफर के तौर पर अभी हाल ही में पुलिस फोर्स ज्वाईन की थी और अपनी इसी हालिया नौकरी में उसने ऐसे किसी वहशियाना ढंग से किए गए कत्ल का सामना नहीं किया था। लाश की हालत ने उसके होश उड़ा दिए थे और अब जब उसने जैसे-तैसे करके अपना काम पूरा कर लिया था, वह पास की झाड़ियों में बैठा अपने होशो हवास को काबू में लाने की कोशिश कर रहा था। लेपस्कि ने उसके पास पहुँचकर लाश के पोलोराइड फोटो मांगे तो उसने बिना कुछ कहे कांपते हाथों से तीन प्रिंट लेपस्कि की ओर बढ़ा दिए।

लेपास्कि ने फोटोग्राफ्स को थामा और उन्हें गौर से देखने लगा। लड़की दिखने में कोई खास खूबसूरत नहीं थी। उसका चेहरा सुतवां और कठोर था। एक निगाह उस चेहरे पर डालते ही लेपस्कि को इस बात का अंदाजा हो गया था कि लड़की ने खूब दुनिया देखी थी और हाल फिलहाल कोई खास खुशगवार हालातों में नहीं थी।

तभी डस्टी लुकास नाम का पुलिसिया लेपस्कि के पास पहुँचा। कोई चौबीस साल का जवान—डस्टी—एक मजबूत डील-डौल का मालिक था जो दरअसल अपने इसी शारीरिक सौष्ठव की वजह से पुलिस बॉक्सिंग टीम का बेहतरीन मुक्केबाज भी था।

“सर....”—उसने लेपस्कि को रिपोर्ट किया।

“आओ डस्टी”—लेपस्कि कार की ओर बढ़ते हुए बोला—“काम पर लगें।”

बिना कुछ कहे डस्टी फौरन उसके पीछे लपका।

दोनों एक पुलिस कार में जा सवार हुए, जिसमें डस्टी ने ड्राईविंग सीट संभाली। उसने कार को हिप्पी कॉलोनी की ओर बढ़ा दिया।

अगले कुछ क्षण कार में बैठे दोनों ने कुछ न कहा।

कार आगे बढ़ती रही।

जल्द ही सामने कैम्प फायर गैस की रोशनी में चमकते टैन्ट और केबिनों की कतारें नजर आने लगीं।

डस्टी ने कार को एक किनारे रोक दिया।

“आगे पैदल चलना होगा....”—वह बोला।

“ठीक है।”—कहकर लेपस्कि कार से नीचे उतर आया।

दोनों ने कार को लॉक किया और नजदीक से आ रही गाने की धीमी आवाज पर गौर किया।

साथ में बज रहे गिटार और ड्रम्स की आवाज।

कैम्प फायर नजदीक ही था।

“कितनी बदबू है।”—लेपस्कि ने मुँह बनाकर कहा—“मुझे समझ नहीं आता कि क्यों मेयर इस गंदगी को इस शहर से निकाल बाहर नहीं करता।”

“सर....”—डस्टी ने धीमे से कहा—“ये लोग आखिरकार कहीं तो रहेंगे ही, और वैसे भी इनका वहाँ मेन सिटी में रहने लगने के बजाए शहर से जरा दूर यहाँ रहना ही बेहतर है।”

लेपस्कि ने हामी भरी।

दोनों चलते हुए वहाँ आ पहुँचे जहाँ एक बड़े से अलाव के इर्द-गिर्द रेत में करीब पचास नौजवान बैठे थे। उनमें से लगभग सभी की उम्र कोई सोलह से पच्चीस साल के बीच की थी। युवकों में से ज्यादातर के चेहरों पर घनी दाढ़ी और कंधे पर बिखरे बाल थे। साथ में जिस्म को ढंकती टी-शर्ट और जीन्स।

पक्का और खूब स्थापित हिप्पी कल्चर।

उसी झुण्ड में बैठे गाने गा रहा आदमी अच्छे भले ऊँचे कद का लेकिन खूब दुबला पतला था। उसके घुंघराले बालों ने उसके चेहरे को पूरी तरह ढक रखा था लेकिन उसी बालों के पर्दे से जब उसकी निगाह वहाँ उस ओर बढ़ते आ रहे पुलिसियों पर पड़ी तो उसने गाना बंद किया और उठकर खड़ा हो गया।

उसके ऐसा करते ही करीब सौ आँखें लेपस्कि की ओर उठ गईं।

अंधेरे में कहीं एक आवाज उभरी—“फन” (पुलिस)

लम्बी खामोशी और निस्तब्धता के बाद ऊँचे तथा पतले दुबले आदमी ने अपना गिटार नीचे रख दिया और हिप्पियों के गिर्द घेरा काटकर लेपस्कि के पास आ खड़ा हुआ।

“मेरा नाम चेट मिसकोलो है और मैं यहाँ इस कैम्प का आर्गनाईजर हूँ। कहीं कुछ गड़बड़ है क्या?”

“हाँ”—लेपस्कि ने अपना और डस्टी का परिचय देते हुए कहा—“दरअसल पास ही कुछ असहज कर देने वाली घटना घटी है और हम दोनों उसी सिलसिले में तहकीकात कर रहे हैं।”—फिर लेपस्कि ने उसे तीन फोटो दिखाते हुए पूछा—“क्या तुम इसे जानते हो?”

मिसकोलो ने गैस से जलती लालटेन के पास जाकर रोशनी में उन फोटोग्राफ्स को बड़े गौर से देखा और फिर पलटकर बोला—“यह तो जेनी ब्रैंडलर लगती है....लगता है शायद ये उसकी लाश की तस्वीर है।”

“हाँ—इसका कत्ल हो गया है और जिस किसी ने इसका कत्ल जिस तरीके से किया है उससे वह कातिल कोई मैनियाक, कोई वहशी ही लगता है।”

झुण्ड के मुँह से आह निकली।

मिसकोलो ने तस्वीरें लौटाते हुए कहा—“वह कल रात यहाँ आई थी और बता रही थी कि मयामी में उसे कोई नौकरी मिलने वाली थी और इस वजह से वो अब यहाँ हमारी बस्ती में बस चंद दिनों की मेहमान थी। मुझे अफसोस है कि उसका इस बाबत यूँ कहना आखिरकार सच साबित हुआ।”

“उसके बारे में जो कुछ भी जानते हो—बताओ।”—लेपस्कि ने कहा।

उसने गौर किया कि उनकी मौजूदगी से वहाँ उस हिप्पी समूह में एक किस्म का तनाव बढ़ गया था। इसी तनाव को कम करने के लिए वह बेहद लापरवाही से नीचे रेत पर बैठ गया।

डस्टी ने भी फौरन उसका अनुकरण किया।

उसने एक डायरी निकाली और नोट्स लिखने को तत्पर रेत पर ही बैठ गया।

“सब बैठ जाओ....तुम लोगों को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है।” लेपस्कि ने समूह से कहा—“यह एक रूटीन पूछताछ है जिसमें तुममें से किसी को भी—किसी किस्म की भी—दिक्कत न होने देने का मैं वादा करता हूँ।”

यह चाल कामयाब रही।

माहौल में छाया तनाव यकायक हवा हो गया और समूह के मैम्बर एक-एक वापिस बैठने लगे।

वहीं सामने ही हिप्पियों के लिए सॉसेज तले जा रहे थे जिसकी तीखी गंध दोनों पुलिसवालों की साँसों में घुली जा रही थी।

“सासेज लेंगे सर। हम सब बस अभी शुरू करने ही वाले थे।”—मिसकोलो ने लेपस्कि के बराबर में बैठते हुए कहा।

“ओह जरूर”—लेपस्कि ने कहा—“और हाँ—मेरा नाम लेपस्कि है। तुम मुझे मेरे नाम से बुला सकते हो।”

“जी शुक्रिया मिस्टर लेपस्कि।”—मिसकोलो ने मुस्कराते हुए कहा।

तभी किसी ने उन्हें गर्मागर्म सॉसेज पेश किए। लेपस्कि नहीं चाहता था कि डस्टी उस सॉसेज को खाने की प्रक्रिया में अपने हाथों को चिकना कर ले और अपनी नोटबुक को उसी चिकनाई से खराब करे—सो उसने डस्टी की ओर इशारा किया।

“वैल....”—उसने सॉसेज पकड़ी और कहा—“मेरे साथी पुलिसवाले को नहीं चाहिए....वैसे भी वो दिन-ब-दिन मोटा होता जा रहा है।”
 
लेपस्कि की बात पर चहुँओर ठहाका लगा।

माहौल में पसरा तनाव पूरी तरह समाप्त हो गया।

“बढ़िया”—लेपस्कि ने सॉसेज चबाते हुए कहा—“भई तुम लोगों के खाने वाकई जायकेदार होते हैं....मजा आ गया।”

“अरे नहीं....ये तो बस पेट भरने का सौदा है। इसमें ऐसा कुछ खास नहीं है।”—मिसकोलो ने कहा और फिर गंभीर स्वर में पूछा—“वैसे ये कत्ल किया किसने?”

“हम लोग भी यही जानने की जुगत में हैं”—लेपस्कि ने कहा—“वह कल रात आई थी और बता रही थी कि उसे मयामी में कोई जॉब ऑफर थी....ठीक है न?”

“हाँ।”—मिसकोलो ने हामी भरी।

“क्या उसने बताया था कि उसकी हासिल नौकरी किस किस्म की थी....मसलन वो क्या काम करने जा रही थी?”

“नहीं”—कहकर मिसकोलो ने समूह को संबोधित किया—“क्या उसने तुम में से किसी को कुछ बताया था?”

“हम दोनों ने एक ही केबिन शेयर किया था”—समूह में बैठी एक मोटी लड़की ने कहा—“वो कह रही थी कि मयामी में किसी यॉट क्लब में उसे वो जॉब मिलने वाली थी लेकिन मुझे उसकी कहानी पर यकीन नहीं आया था। अपने रंग-ढंग से तो वह ढकी-छुपी कालगर्ल जैसी ही नजर आती थी।”

“तुम्हारा नाम क्या है?”—लेपस्कि ने मोटी लड़की से पूछा।

“कैटी व्हाईट।”

“कैटी पक्के तौर पर यहीं रहती है”—मिसकोलो ने बातचीत का सूत्र दोबारा अपने हाथों में लिया—“और यहाँ कुकिंग वगैरह का सारा काम संभालती है।”

लेपस्कि को लगा कि शायद इसीलिए वह इतनी मोटी थी।

“क्या उसके पास कोई सामान वगैरह भी था?”—प्रत्यक्षतः उसने कैटी से पूछा।

“हाँ....एक बैग था।”

“कहाँ है वो बैग?”

“अभी भी वहीं—केबिन में ही होगा।”

“वह बैग मुझे चाहिए। और कुछ अपने रात के किसी प्रोग्राम के बारे में भी बताया था उसने?”

“उसने सिर्फ इतना कहा था कि वह टहलने जा रही थी।”—कैटी ने कहा—“दरअसल वह मुझे कुछ खास पसंद नहीं आई थी सो मैंने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया था। बाद में वो टहलने निकल गई।”

“वह तुम्हें पसंद क्यों नहीं आई?”

“वह बड़ी सख्त मिजाज थी। जब मैंने उससे बातें करने की कोशिश की तो उसने उनमें जरा भी दिलचस्पी नहीं दिखाई।”

“हम्म....”—लेपास्कि ने आगे पूछा—“टहलने वो किस वक्त निकली थी?”

“कोई सात बजे के करीब।”

“तुम में से किसी ने देखा था उसे?”

“नहीं।”—एक संयुक्त आवाज उभरी।

“तो इसका मतलब है कि वो टहलने निकली थी जहाँ बीच रास्ते में ही किसी उसे थामा और वीभत्स तरीके से पेट फाड़कर उसका कत्ल कर दिया।”

प्रत्युत्तर में सभा में गहरा सन्नाटा छा गया।

“अच्छा सुनो”—लेपस्कि ने समूह को संबोधित किया—“वो वहशी कातिल अभी भी आस-पास कहीं मौजूद हो सकता है सो मैं तुम सभी को वार्निंग देना चाहता हूँ कि यूँ अगले कुछ दिनों तक—जब तक कि उस वहशी दरिन्दे को हम पकड़ न लें—तुम लोगों का रात के अंधेरे में निकलना बेहद खतरनाक हो सकता है।”

पुनः बड़ी देर तक खामोशी छाई रही।

आखिरकार लेपस्कि ने ही उस तंद्रा को भंग किया और पूछा—“क्या तुम में से कोई बता सकता है कि यह काम किसका हो सकता है?”

“नहीं”—मिसकोलो ने दृढ़तापूर्वक कहा—“हम सब यहाँ परिवार की तरह मिलजुलकर रहते हैं सो यह काम हमारे में से किसी का नहीं हो सकता।”

“यहाँ पैरेडाईज सिटी में ऐसी नृशंस हरकत पहली बार हुई है और यहाँ हमारा डिपार्टमेन्ट इसे ऐसे ही नहीं जाने देगा। हम दृढ़प्रतिज्ञ हैं कि कातिल को ढूँढकर उसे उसके अंजाम तक पहुँचाएं।”

किसी ने कुछ न कहा।

सभा में शान्ति छाई रही।

“वैसे”—लेपस्कि ने आगे पूछा—“क्या पिछले कुछ घण्टों में यहाँ कोई नया आदमी आया है?”

“हाँ”—मिसकोलो ने कहा—“लगभग दो घण्टे पहले लू बून नाम का एक नौजवान यहाँ आया है।”

“और क्या जानते हो उसके बारे में?”

“खास कुछ नहीं। बस यही कि उसके पास कुछ नकद रकम है, जिससे उसने यहाँ एक केबिन किराए पर लिया है।”

“वह इस वक्त कहाँ होगा?”

“वहीं केबिन में ही सो रहा होगा। उसने बताया था कि वो दूर जैक्सनविले शहर से आया था और बेहद थक गया था।”

“मुझे उससे बातचीत करनी है”—लेपस्कि सॉसेज खत्म कर उठता हुआ बोला—“मुझे बताओ....उसकी केबिन कहाँ है?”

मिसकोलो भी उठकर खड़ा हो गया।

“मैं आपको साथ ही लिए चलता हूँ।”

डस्टी भी कपड़े झाड़ता उठ खड़ा हुआ।

“बढ़िया”—लेपस्कि ने कहा—“आओ चलें।”

तीनों लकड़ी के बने केबिनों की एक कतार की ओर बढ़े।

“मैं नहीं चाहता कि यहाँ कोई किसी किस्म का झंझट पैदा हो”—आगे बढ़ते हुए मिसकोलो ने लेपस्कि से कहा—“मैं दो साल से यहाँ इस कैम्प को आर्गनाईज कर रहा हूँ और इसे लेकर कभी भी किसी को—मेयर को भी—कोई शिकायत नहीं हुई है।”

“ठीक है—लेकिन फिलहाल तो यह बखेड़ा हो ही गया न?”

“हाँ और इसीलिए मैं परेशान हूँ।” मिसकोलो ने कहा और कतार में बने एक केबिन की ओर इशारा किया।

“वो वहाँ”—उसने कहा—“वही उसका केबिन है।”

“बढ़िया”—लेपस्कि ने कहा—“जाओ जाकर उसे जगाओ और बताओ कि हम उससे दो चार बात करना चाहते हैं। जब वो जाग जाए तो हमें इशारा कर देना, हम अंदर आ जाएंगे।”

“वैल मिस्टर लेपस्कि—तुम एक घाघ पुलिस वाले हो और कोई चांस नहीं लेना चाहते। वैसे भी मैंने अभी तक खाना नहीं खाया है सो मैं यहाँ से आगे नहीं जा रहा। मेरा काम तुम्हें केबिन तक पहुँचाने का था सो वो मैंने कर दिया है। अब आगे तुम्हारा काम है तो—तुम जानो तुम्हारा काम जाने।”—मिसकोलो ने कहा और मुड़कर वापिस कैम्प फायर की ओर लौट गया।

पीछे डस्टी ने लेपस्कि की ओर मुस्कुराते हुए देखा और कहा—“वैल—मेरे ख्याल से कोशिश अच्छी थी।”

“हाँ”—लेपस्कि ने कहा—“लेकिन वो भी कोई बेवकूफ नहीं था।”

लेपस्कि ने अपना सर्विस रिवाल्वर निकाला और आगे बढ़कर सावधानी से केबिन के दरवाजे को इंच-इंच करके खोल दिया। पीछे डस्टी ने खुद को घुटने के बल बैठा लिया और लेपस्कि को कवर किए रखा।

केबिन का दरवाजा पूरा खुल गया।

भीतर अंधेरा था।

लेपस्कि ने भीतर झांकने की कोशिश की तो उसके नथुनों से गंदे जिस्म की बदबू का झोंका आ टकराया।

फिर तभी भीतर रोशनी हो गई।

लेपस्कि ने झटके से खुद को केबिन के अंदर धकेला और चिल्लाया—“डोंट मूव—दिज इज पुलिस।”

भीतर एक नंगा दढ़ियल नवयुवक बिस्तर पर बैठा था जिसने अभी-अभी बैड लैंप जलाया था।

नए उभरे हालात में भौंच्चक दढ़ियल ने वहीं बैड से एक गंदी चादर को खींचा और अपने नंगे बदन को ढंक लिया।

“मुझसे क्या चाहिए?”—उसने घिघियाते हुए लेपस्कि से पूछा।

तब तक डस्टी भी भीतर आ गया था। स्थिति को नियंत्रण में देख वह एक दीवार से सटकर खड़ा हो गया।

हिप्पी अभी भी अपने आपको संभाल रहा था। उसे इस तरह हथियार विहीन देख लेपस्कि ने अपनी रिवाल्वर नीचे कर ली और डस्टी की ओर इशारा किया।

डस्टी ने भी अपनी रिवाल्वर को वापिस शोल्डर होल्स्टर में रखा।

“हम यहाँ चैकिंग कर रहे हैं”—लेपस्कि ने हिप्पी से कहा—“क्या नाम है तुम्हारा?”

“लू बून”—वह बोला—“क्या पुलिस किसी को सोने भी नहीं देती।”

लेपस्कि वहाँ मौजूद एकमात्र कुर्सी पर जा बैठा।

उसने उसे घूरकर देखा और पूछा—“बकवास मत करो। फिलहाल ये बताओ कि तुम्हें यहाँ पहुँचे अभी कुछ ही वक्त हुआ है या नहीं?”

“हाँ”—वह बोला—“मैं नौ बजे के करीब यहाँ आया था।”

“तुम यहाँ पहुँचे कैसे?”

“पैदल चलकर और कैसे!”

“मेरा मतलब है किस रास्ते से?”

“मैंने मेनरोड तक सवारी पकड़ी थी और आगे समुद्र तट पर टहलता हुआ यहाँ आ पहुँचा।”

“हम दोनों”—लेपस्कि ने डस्टी की ओर इशारा किया— “यहाँ एक कत्ल के मामले की छानबीन कर रहे हैं और इस वक्त—इस गैर वक्त—हमारी मौजूदगी की यही वजह है।”

“कत्ल....?”

“हाँ—और इसलिए तुम्हारी नाराजगी की कोई कीमत नहीं। हमें हमारा काम कर लेने दो—हम यहाँ से चले जाएंगे।”

“लेकिन मैं इस बारे में क्या जानूं?”

“ये फैसला हम कर लेंगे”—लेपस्कि ने कहा—“तुम ये बताओ कि आते वक्त तुमने किसी को देखा था? कोई आवाज सुनी थी? जिस जगह लड़की की लाश बरामद हुई है वो वहीं सड़क से नजदीक ही है—सो तुम जब उधर से गुजरे तो कुछ अजीब देखा-सुना हो?”

बून सहम गया।

“नहीं, मैं उधर से नहीं गुजरा—मुझे इस बाबत कुछ नहीं पता।”

“तुमने अपने यहाँ आने का जो टाईम अभी बताया है यह लगभग वही टाईम है जिस वक्त लड़की का कत्ल हुआ लगता है....।”

“मैं कुछ नहीं जानता। मैंने कुछ नहीं देखा—कुछ नहीं सुना।”

लेपस्कि को लगा वह झूठ बोल रहा था।

“देखो—गौर से याद करो। शायद तुम्हें कुछ याद आ जाए।”

“दोबारा सोचने की जरूरत ही नहीं है, मैं कह चुका हूँ कि मैंने कुछ नहीं देखा।”

“लड़की का कत्ल पेट फाड़कर किया गया है—और कातिल के कपड़ों पर उसका खून लगा हुआ होगा।”—लेपस्कि ने कहा—“मैं तुम्हारे कपड़े चैक करना चाहता हूँ।”

“तुम ऐसा नहीं कर सकते। मेरे भी कुछ कानूनी अधिकार हैं। तुम्हें इसके लिए पहले सर्च वारन्ट लाना पड़ेगा।”

प्रत्युत्तर में लेपस्कि मुस्कुरा दिया।

“मैंने कहा था—हमें हमारा काम कर लेने दो”—लेपस्कि ने अपने साथी की ओर घूमकर कहा—“इस जगह की तलाशी लो।”

जैसी ही डस्टी आगे बढ़कर अलमारी के पास पहुँचा बून बिस्तर से कूद गया। तभी लेपस्कि ने पुनः रिवाल्वर तान दी।

“शान्त बैठे रहो बून”—उसने ठेठ पुलिसिया अंदाज में कहा।

“मैं तुम्हें तुम्हारी इस कमीनी हरकत का मजा जरूर चखाऊँगा….”—लू बून ने कहा—“मुझे मेरे कानूनी हक से महरूम करके तुम गहरी मुसीबत में फंसने वाले हो।”

लेपस्कि ने बदले में उसकी ओर एक मुस्कुराहट उछाल दी।

“जरूर—लेकिन इससे पहले कि तुम अपनी मनमर्जी करो—जरा हम भी अपनी मनमर्जी कर लें।”

डस्टी ने अलमारी खोली और तलाशी लेने लगा।

“कुछ नहीं मिला।”—आखिरकार उसने निराशा में घोषणा की।

“मैं कल तुम्हारी शिकायत लगाने वाला हूँ….”—बून ने दिलेरी दिखाई।

“बको मत”—लेपस्कि ने उसे घूरते हुए कहा, फिर अपनी जेब से एक पैकेट निकालकर उसे दिखाया—“मैं तुम्हें ड्रग पैडलर होने के शक में अभी गिरफ्तार कर सकता हूँ और कल कह सकता हूँ कि ये पैकेट मैंने कल तुम्हारी जेब से ही बरामद किया था।”

बून को काटो तो खून नहीं।

“तो अब अपना रिकार्ड आन करो”—लेपस्कि ने कहा—“मुझे बताओ कि तुम करते क्या हो? कहाँ से आए हो और यहाँ तुम कब तक ठहरने वाले हो?”

बून ने एक लम्बी सांस छोड़ी और अनिच्छापूर्वक बड़े बेमन से जवाब देने लगा।

डस्टी फुर्ती से सब कुछ अपनी नोटबुक में लिखता जा रहा था।

¶¶
 
जिस वक्त केन ब्रेन्डन अपने घर पहुँचा, रात के साढ़े नौ बज चुके थे। सारे रास्ते कार चलाते वह बस यही सोचता रहा था कि न जाने कैसे वो इस झमेले में फँस गया था। वो जानता था कि अब जल्द ही लाश का पता चल जाना था और फिर इस सारे मामले में चाहे-अनचाहे पुलिस का दख्ल बन जाना था।

अगर लाश का झंझट न होता तो उसने शायद फोर्ट लाडरडेल, अपनी बीवी के पास, चले जाना था जहाँ वो भी अब मैरी और जैक की शादी की सालगिरह की दावत में शरीक होता लेकिन उस भयानक लाश ने उसके होश इस कदर बेकाबू कर दिए थे कि वह अभी भी—भीतर तक हिला हुआ था।

यह रविवार की रात थी।

उसके ज्यादातर पड़ोसी वीकएन्ड पर अपने घरों से बाहर थे और यह उसके लिए अच्छा ही था।

ऊपर से उसने अपनी ओर से अपने तौर पर भी सावधानी बरती थी।

बेट्टी और पुलिस वालों की निगाह में अपनी एलीबाई स्थापित करने की गरज से वह कार की हैडलाईट्स ऑफ करके कार ड्राईव करता घर पहुँचा था।

गैरेज में गाड़ी लगा लेने के बाद भी वह काफी देर तक कार से बाहर न निकला। ड्राईविंग सीट पर स्टियरिंग से सिर टिकाए वह बहुत देर तक हालातों पर अपना सिर धुनता रहा। वो समझ रहा था कि आने वाला वक्त उसके लिए एक बड़ा इम्तिहान होगा जिसमें उसके सब्र, उसकी हिम्मत, उसके जज्बे और उसकी जेहनियत को परखा जाएगा।

आखिरकार उसने एक लम्बी सांस छोड़ी और कार से नीचे उतरकर लॉबी से गुजरता हुआ अंधेरे में डूबे लिविंग रूम में आ पहुँचा। वह खिड़की के पास पहुँचा और बाहर सड़क की ओर झांकने लगा। सामने वाली तीनों कोठियों में अन्धकार पसरा पड़ा था।

बढ़िया।

कहीं किसी इंसानी बच्चे का कोई वजूद नहीं।

बढ़िया।

उसने खिड़कियों पर मोटे पर्दे गिराए और कमरे की लाईट ऑन कर दी।

फिलहाल तो सब ठीक ही था। वो किसी की नजरों में आए बिना अपने घर आन पहुँचा था और यह उसके लिए राहत की एक बड़ी बात थी। उसने स्कॉच का एक पैग बनाया और सोफे पर पसर गया।

एक बार फिर उसने सारे सिलसिले पर गौर किया।

डरपोक चूहे की तरह वह देर तक बेट्टी के साथ अपने रिश्तों के बारे में सोचता रहा। बेट्टी को यकीन दिलाना जरूरी था कि उसका उस कत्ल के मामले में कोई लेना-देना नहीं था और इसके लिए कुछ हद तक सच बोलना जरूरी था। देर-सवेर जब भी लाश बरामद होती तो उसके बाद के हंगामे में केन तक उसकी तपिश आनी ही आनी थी—तो ऐसे में थोड़ा बहुत सच बताकर रखना केन के लिए आगे चलकर फायदेमन्द रहता।

उसने मन ही मन एक कहानी गढ़ी और फिर कॉरेन के बारे में सोचा। क्या लड़की थी!

क्या कमाल की लड़की थी!!

उसे हासिल होता देखकर वो निरा पागल ही हो उठा था—जिस पागलपन में उसे अपने अच्छे-बुरे का कोई होश न रहा। अब कल ऑफिस में उसके सामने पड़ने के ख्याल से ही उसे घबराहट हो रही थी।

कॉरेन—जिसने उसे अभी कुछ घण्टों पहले अपने केबिन में निचोड़कर रख दिया था अब उसे अपने लिए, अपने और बेट्टी के रिश्तों के बीच में और अपने कैरियर के लिए एक भयानक अभिशाप लग रही थी।

केन ने एक ठण्डी आह भरी और स्कॉच का एक तगड़ा घूँट खींचा। फिर उसने दुबारा आँखें बन्द कर लीं और सोच में पड़ गया। यकायक उसे उस दढ़ियल का ख्याल हो आया जो वापिसी में उनसे अनायास ही टकरा गया था।

कौन था वो?

क्या पुलिस उस तक पहुँच सकती थी?

अगर पुलिस उस तक पहुँच गई और उसने पुलिस को कॉरेन और खुद उसके बारे में बता दिया तो....।

केन के चेहरे पर पसीना आ गया जिसे उसने अपने हाथ से पोंछा। उसने स्कॉच का पैग खत्म किया, खाली गिलास वहीं सोफे के बगल में रखा और आँखें बन्द कर लीं।

¶¶
 
केन को घर में कार के आकर रुकने की आवाज आई।

बेट्टी लौट आई थी।

उसने गहरी सांस खींची और सोफे से उठ खड़ा हुआ। चन्द पलों बाद बेट्टी ने भीतर कदम रखा।

“क्या हो गया था केन?”—उसने भीतर आते ही पूछा।

आमतौर पर बेट्टी कभी नाराज नहीं होती थी लेकिन इस वक्त वो बेहद गुस्से में थी।

“मैंने जैक को बताया तो था कि मेरी कार खराब हो गई है”—केन ने शान्त स्वर में कहा—“तुम्हारी पार्टी कैसी रही?”

“ओह केन—तुम क्यों नहीं आए? पता है हर कोई बस तुम्हें ही पूछ रहा था और मैं....मैं तुम्हें लेकर कितना परेशान थी?”

“कार में नुक्स आ गया था—आई एम सॉरी बेट्टी—लेकिन मुझे एक घण्टे से ऊपर की देरी हो गई थी सो वहाँ पार्टी में जाने की कोई तुक नहीं थी। जब तक मैं वहाँ पहुँचता, वहाँ का मेला खत्म हो जाना था।”

“फिर भी तुम आ तो सकते थे?”

“हाँ....आ तो सकता था—लेकिन पहले स्कूल मीटिंग के फ्लॉप हो जाने और फिर कार बिगड़ जाने की वजह से मेरा मूड इस कदर ऑफ हुआ कि मैंने वहाँ न जाने का फैसला कर लिया। मुझे अफसोस है....तुम बताओ पार्टी कैसी रही।”

“फ्लॉप!”—बेट्टी ने चिढ़कर पूछा—“तुम्हारी स्कूल मीटिंग फ्लॉप रही!”

बेट्टी इस वक्त जिस मूड में थी—उसमें वो जवाब देने के बजाए जवाब जानने को ज्यादा उत्सुक थी।

“ओह—हाँ“—केन ने कहा—“मैंने वहाँ स्कूल में बड़ी मेहनत करके पाँच सौ लोगों के बैठने की जहमत उठाई थी लेकिन कुल मिलाकर सिर्फ चौंतीस लोगों की हाजिरी लग सकी। ऐसी हाहाकारी मीटिंग को किसी तरह निपटाकर जब मैंने वापिसी के लिए कार स्टार्ट की तो वह स्टार्ट होकर नहीं दी। नतीजतन मैं उसका हुड खोलकर देर तक उसके इंजन में इधर-उधर हाथ मारता—उसे दुरुस्त करने की कोशिश करता—सिर पटकता रहा। अब इन सारी मुसीबतों के बाद मेरा पार्टी में जाने का जरा भी मूड नहीं रहा।”

“क्या तुमने कोई काम नहीं किया?”

“नहीं—ऐसा तो नहीं है। कुछेक पॉलिसियां तो बिकी ही हैं लेकिन ओवरऑल पूरी मीटिंग मोटे तौर पर फ्लॉप थी। ऐसी भट्टा बैठाऊ मीटिंग के बाद मैं सीधा यहाँ घर लौटकर आ गया और अपनी नाकामयाबी का मातम मनाने बैठ गया।”

बेट्टी के चेहरे पर कई रंग आए और गए।

फिर उसके चेहरे पर दया के भाव उभरे।

उसने आगे बढ़कर केन को आलिंगनबद्ध कर लिया।

केन को यकीन हो आया कि उसकी पहली बाधा दूर हो चुकी थी।

बेट्टी को उसकी कहानी पर यकीन हो आया था।

“ओह डार्लिंग”—बेट्टी ने कहा—“आई एम सो सॉरी, मुझे लगा कि वहाँ आना तुम्हें सूट करेगा।”

“कोई बात नहीं....लेकिन खुद मुझे इस बात का बेहद अफसोस है कि मैं वहाँ पार्टी में जाने के बजाए अपने उस मातमी मूड में यहाँ घर आकर बैठ गया। मेरा मन इतना उदास था कि मेरा वहाँ पार्टी में आने का बिल्कुल मूड नहीं किया।”

बेट्टी ने उसे खुद से अलग किया और मादक ढंग से मुस्कुराई।

“छोड़ो अब—आओ चलो चलकर सोते हैं। कल मैं मैरी से बात कर लूँगी।”

जब दोनों बिस्तर में घुसने की तैयारी में थे तो बेट्टी ने लापरवाही से पूछा—“और मिस स्टर्नवुड का क्या हुआ?”

केन के पेट में मानो मरोड़ उठ आई।

“उसे किसी से मिलने जाना था सो जब मैं कार स्टार्ट करने के लिए घोड़े दौड़ा रहा था—वह वहाँ से जा चुकी थी।”

बेट्टी सोने से पहले बाथरूम में शॉवर लेकर लौटी और आकर केन के बगल में आ लेटी। उसने लाईट ऑफ की और केन को बाँहों में भरकर उससे सट गई।

केन को अपने पति होने का फर्ज निभाना था, लेकिन अभी कॉरेन के संसर्ग ने उसका जो हाल किया था उससे वह अभी तक उबरा नहीं था।

नतीजा ये कि अपने विवाहित जीवन में पहली बार केन ने बेट्टी को निराश किया।

अगली सुबह बेट्टी को बिस्तर में सोता छोड़कर वह फटाफट तैयार हुआ और ऑफिस को निकल गया।

अभी उसने कॉरेन का भी आमना-सामना करना था।

और यह ख्याल ही उसे डरा रहा था।

¶¶
 
केन ऑफिस पहुँचा।

उसने दोनों ए.सी. ऑन किए और स्कूल मीटिंग में साईन किए कांट्रैक्ट्स संबंधी कागजी कार्यवाही पूरी करने में जुट गया।

तभी कॉरेन आ गई।

“हाय”—उसने दरवाजे से प्रवेश करते हुए मुस्कुराकर कहा—“कल कोई दिक्कत तो नहीं आई?”

“नहीं।”

केन ने गौर किया वो रोजाना की तरह आज भी टाईट फिटिंग के कपड़े पहने हुए थी....लेकिन उसे देखकर आज वो रोमांच नहीं हुआ।

“तुम्हारा चेहरा अभी भी पीला पड़ा हुआ है केन”—कॉरेन ने उसे घूरते हुए कहा—“क्या कल हमने वाकई मौज की थी....?”

केन ने उसे कोई जवाब देने के बजाए तेरह कांट्रेक्ट फार्म उसकी ओर बढ़ा दिए।

“तुम इन्हें रिकार्ड में चढ़ाओ....मैं बाकी कांट्रेक्ट्स की बची हुई कागजी कार्यवाही पूरी किए देता हूँ।”

“जरूर”—कॉरेन ने हँसते हुए कांट्रेक्ट फार्म पकड़ लिए और कहा—“आज सुबह हम सिर्फ ऑफिशियल काम की ही बातें करेंगे।”

कॉरेन ने उसकी ओर देखने के बजाए अपनी टेबल पर फैले कागजों पर ध्यान केन्द्रित कर लिया।

“ओह नो”—वह पुनः हँसी—“मिस्टर अपराधी भाव, तुम जल्द ही फिर से नार्मल हो जाओगे।”

कूल्हे मटकाती हुई वह अपने केबिन की ओर बढ़ गई।

पीछे केन को महसूस हुआ कि यूँ ऑफिस में इस किस्म का माहौल बने रहना उसके लिए फिर किसी मुसीबत का बायस बन सकता था। उसे लगा कि कॉरेन से पीछा छुड़ाना ही बेहतर था।

लेकिन कैसे?

शून्य में घूरता केन सामने कॉरेन के केबिन से आती टाईपराईटर की खट्-खट् को सुनता रहा।

ऐसा होना जरूरी था—कॉरेन से पीछा छुड़ाना बेहद जरूरी था।

लेकिन कैसे?

क्या कोई ऐसी तरकीब हो सकती थी कि स्टर्नवुड ही अपनी लड़की को अपने यहाँ हैड ऑफिस वापिस बुला ले?

अभी वो अपने इन ख्यालों में गुम था कि तभी स्कूल प्रिंसिपल हेनरी का अंदाजा असलियत के तौर पर सामने आने लगा। केन को अपने ऑफिस के बाहर कुछ लोगों का शोर सुनाई दिया तो वह उठकर बाहर पहुँचा, जहाँ उसने पाया कि काउन्टर पर कोई दर्जन भर नीग्रो मौजूद थे। वे सब वहाँ इसलिए आए थे कि उन्हें जानना था कि पैरेडाईज इंश्योरेंस कारर्पोरेशन उनके बच्चों की भलाई की खातिर क्या कुछ कर सकती थी?

ये एक बढ़िया दिन था।

ग्राहकों—संभावित ग्राहकों—की लिस्ट लंबी थी।

तत्पश्चात् केन और कॉरेन अपने काम में लग गए। दिन इतना व्यस्त था कि दोनों ने लंच ऑफिस में ही किया वर्ना आमतौर पर दोनों अलग-अलग जाकर बाहर खाकर आते थे।

आखिरकार उस अति व्यस्त दिन का अंत शाम चार बजे जाकर हुआ।

“आज तो वाकई बढ़िया दिन था—मेरा बाप यकीनन बहुत खुश होगा।”—कॉरेन ने हँसते हुए कहा।

“हाँ—और इसका यह भी मतलब है कि स्कूल में मीटिंग रखने की हमारी कोशिश कोई सिरे से ही नाकामयाब नहीं रही है।”

केन ने कहा और वापिस अपने केबिन में आकर इशु की गई पॉलिसियों को चैक करने लगा। तभी फोन की घण्टी बजी और जैसे ही वह फोन उठाने को हुआ—ऑफिस के मेन डोर के खुलने की आवाज ने उसका हाथ फ्रीज कर दिया।

बाहर कोई आया था।

कौन?

कोई संभावित ग्राहक!

केन अपने स्थान से उठकर केबिन से बाहर निकला तो उसने पाया कि काउण्टर के पास नीली आँखों, छरहरे बदन और खूब लम्बे कद का एक आदमी खड़ा था।

डिटेक्टिव टॉम लेपस्कि।

केन के छक्के छूट गए। वह लेपस्कि को पहले से जानता था। हालांकि उससे किसी किस्म की बातचीत करने का मौका उसे कभी नहीं मिला था। अपनी दोस्ती के दायरे में उसने अक्सर लोगों को लेपस्कि का नाम लेकर यह कहते सुना था कि वो एक बेहद घाघ लेकिन काबिल पुलिसिया था जो टेरेल के रिटायर होने पर अपनी कुवत के दम पर—अगला पुलिस चीफ बनने के काबिल था। केन का हाथ अपने आप ही उसकी पतलून की जेब में गया और वहाँ से रूमाल बरामद कर उसने अपने चेहरे पर उभर आई पसीने की बूँदों को पोंछा। उसके दिमाग में फौरन ही उस दढ़ियल हिप्पी की तस्वीर उभरी। शायद पुलिस ने किसी तरह उसे थाम लिया होगा। और आगे उसी ने पुलिस को कॉरेन और उसके हुलिए की खबर की होगी।

काउण्टर पर झुके खड़े लेपस्कि ने कॉरेन की ओर बड़ी तारीफी निगाहों से देखा। बढ़िया नजर आती हर लड़की से लेपस्कि ऐसे ही प्रभावित हो जाया करता था।

तभी कॉरेन ने टाईप करना छोड़ा और उठकर काउण्टर के पास पहुँची। इस प्रक्रिया में लेपस्कि ने उसकी चाल को बड़े गौर से देखा।

“बढ़िया बनी हुई थी”—उसने सोचा लेकिन प्रत्यक्षतः बोला—“मिस स्टर्नवुड?”

“वैल—अगर मैं वो नहीं हूँ तो यकीनन किसी और ने मेरा लिबास पहना हुआ है।”—उसने जवाब दिया।

लेपस्कि मुस्कुरा दिया।

“तुम एक पुलिस ऑफिसर हो”—कॉरेन ने उसे गौर से देखते हुए कहा—“क्या तुम बाल बच्चेदार भी हो मिस्टर लेपस्कि?”

“बच्चे!”—लेपस्कि बौखलाया—“क्यों....नहीं मैं....।”

“शादीशुदा तो यकीनन हो”—कॉरेन बोली—“अब तुम जैसा खूबसूरत जवाँ मर्द आखिरकार सिंगल तो हो ही नहीं सकता।”

“मिस स्टर्नवुड....”—लेपस्कि ने फंसे हुए स्वर में कहा।

“शायद तुम बच्चा पैदा करने के बारे में सोच रहे हो और इसीलिए यहाँ इंश्योरेन्स के सिलसिले में आए हो”—कॉरेन कहती रही—“अगर ऐसा है—और मुझे लगता है कि ऐसा ही है—तो यकीन जानिए मिस्टर लेपस्कि तुम एकदम सही जगह आए हो, जो बच्चे अभी पैदा भी न हुए हों उनका बीमा तो हमारे यहाँ बेहद मामूली प्रीमियम पर होता है।”

लेपस्कि ने स्वयं पर कंट्रोल किया।

उसे बखूबी पता था कि लड़की शहर के एक नामी गिरामी पैसे वाले की बेटी थी। उसे कत्ल की तफ्तीश के दौरान पता चला था कि जिस जगह पर लाश बरामद की गई थी, उससे महज सौ गज की दूरी पर ही कॉरेन का केबिन था। उस शहर के अमीरों का एक अलग ही मिजाज होता था और उनका यूँ किसी स्कैण्डल में फँसना उनकी इज्जत को मटियामेट कर सकता था। ऐसे में इन अमीरों से ऐसे किसी मामले में की जाने वाली पूछताछ में बेहद सावधानी बरतना जरूरी था। इस बाबत लेपस्कि को सीधे टेरेल से हुक्म मिला था कि वो यहाँ सीकाम्ब स्थित इंश्योरेंस कंपनी के नए खुले दफ्तर में जाकर कॉरेन से पूछताछ करे लेकिन साथ ही उसे बकायदा खबरदार भी कर दिया था कि लड़की की रेपुटेशन एक मर्दखोर के तौर पर स्थापित थी सो उसे तरीके से सलीके से हैण्डिल किया जाए। ऐसा न हो कि उससे किसी पूछताछ के बाद शहर में बैठे उसके रसूखदार बाप का नजला किसी पुलिस अधिकारी पर गिरे।

“मिस स्टर्नवुड”—लेपस्कि ने कहा—“मैरी यहाँ मौजूदगी के पीछे दरअसल वजह वो नहीं है जो आप समझ रही हैं। मैं एक कत्ल के सिलसिले में तफ्तीश कर रहा हूँ और यहाँ ड्यूटी भुगतने मौजूद हूँ।”

कॉरेन की आँखों में भोलेपन और हैरत के मिलेजुले भाव उभरे।

“ओह—अच्छा....”—उसने मुस्कुराकर कहा—“तो इसका मतलब कि फिलहाल तुम किसी बच्चे वगैरह की प्लानिंग नहीं कर रहे।”

“मिस स्टर्नवुड”—लेपस्कि ने काम की बात शुरू की—“पिछली रात आपके केबिन से कोई सौ गज की दूरी पर एक लड़की का बेहद वहशियाना ढंग से कत्ल कर दिया गया है। क्या आप पिछली रात वहाँ अपने केबिन में मौजूद थीं?”

“जी हाँ—मैं वहाँ मौजूद थी और अकेलेपन का लुत्फ ले रही थी।”

“अकेलेपन का लुत्फ....?”

“जी हाँ।”

“मैं समझा नहीं मिस स्टर्नवुड।”

“दरअसल पूरा हफ्ता इस बकवास और बेहूदा जगह पर काम करने के बाद मैं कभी-कभी एकान्त की जरूरत महसूस करती हूँ...तो उस वक्त मैं वहाँ उस केबिन में रहने पहुँच जाती हूँ।”—कॉरेन ने पलकें झपकाईं और लेपस्कि से पूछा—“क्या तुम्हें कभी-कभी अकेले रहने का मन नहीं होता मिस्टर लेपस्कि?”

लड़की हवा दे रही थी।

लेपस्कि को लगा कि वो उसे बातों में उलझाकर बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रही थी।

“क्या आपने वहाँ अपने प्रवास के दौरान कोई चीख या कोई और किसी किस्म की आवाज सुनी थी?”

“नहीं—मुझे याद नहीं। और वैसे भी मैं टी.वी. देख रही थी।”—कॉरेन ने मुस्कुराकर कहा—“क्या तुम टी.वी. देखते हो? लेकिन तुम्हें तो शायद इतनी फुर्सत ही कहाँ मिलती होगी कि टी.वी. देखने जैसा कोई आरामदायक काम कर सको। खैर—मुझे तो यूँ टी.वी. देखते हुए वक्त सर्फ करना बड़ा मजेदार लगता है।”

“कौन-सा प्रोग्राम देख रही थीं मिस स्टर्नवुड?”—लेपस्कि ने पूछा।

कॉरेन ने पलकें झपकाईं—और यही वो वक्त था कि जब लेपस्कि ताड़ गया कि उसने कॉरेन का झूठ पकड़ लिया है।

“ऐसा ही कुछ था—अब मुझे ठीक से तो याद नहीं लेकिन कोई बेवकूफ गाना गाने के नाम पर खामाखां की चिल्ल पौं मचा रहा था, खैर जाने दें—इससे क्या फर्क पड़ता है कि मैं कौन सा प्रोग्राम देख रही थी।”

“फिर से याद करें मिस स्टर्नवुड”—लेपस्कि ने अपना सवाल दुहराया—“क्या आपने उस दौरान किसी किस्म की कोई आवाज सुनी थी?”

“मैं कह चुकी हूँ मिस्टर लेपस्कि कि मैंने कोई आवाज नहीं सुनी थी। वैसे यह लड़की कौन थी?”

“हम उस बाबत जानने की कोशिश कर रहे हैं। वैसे उस लड़की के साथ बहुत बुरी बीती। उसे सिर्फ कत्ल नहीं किया गया है बल्कि वहशियाना तरीके से ऐसे मारा गया है कि देखने वाले की रूह कांप जाए। वैसे मुझे इस बात का इत्मीनान है कि आप उस वक्त अपने केबिन में सुरक्षित थीं और टी.वी. देखने में मग्न थीं। बढ़िया—क्योंकि मैं नहीं चाहता कि जो कुछ उस बद्किस्मत लड़की के साथ हुआ—उसके बाद कोई उसकी उस दुर्गत लाश को देखे।”

“बड़ी भयानक बातें कर रहे हो मिस्टर लेपस्कि।”—कॉरेन ने मुँह बनाकर कहा।

“जी हाँ मिस स्टर्नवुड”—लेपस्कि ने कहा—“वैसे बेहतर होता कि आप इस बाबत मेरी कोई मदद कर पातीं...लेकिन अब आपने तो अपने केबिन में कोई आवाज वगैरह सुनी नहीं। है न?”

“हाँ!”

दोनों ने परस्पर एक दूसरे को गौर से देखा।

कुछेक क्षणों तक दोनों की आँखें मिली रहीं।

“शुक्रिया मिस स्टर्नवुड!”—लेपस्कि ने बदस्तूर उसे घूरते हुए कहा—“वैसे मेरी राय में ऐसे एकान्त स्थान पर बने किसी केबिन में यूँ रातें गुजारना—अकेले गुजारना—कभी किसी दिन खतरनाक भी हो सकता है।”

“सलाह का शुक्रिया मिस्टर लेपस्कि।”

लेपस्कि मुड़ा और बिना कुछ कहे बाहर निकल गया। उसके जाते ही केन वहाँ अपने सफेद पड़ चुके चेहरे के साथ नमुदार हुआ।

“ओह—देखो क्या हाल बना रखा है अपना—जाओ खुद को संभालो।”

“कॉरेन”—केन ने उसकी बात को अनसुना करते हुए कहा—“वो दढ़ियल हिप्पी जो हमें वहाँ टकरा गया था—अगर पुलिस उस तक पहुँच गई और किसी पूछताछ में उसने हमारे बारे में कुछ बक दिया तो....”

“केन”—कॉरेन ने अपनी डेस्क पर पहुँचकर टाईप के अधूरे छोड़े काम को पूरा करना आरंभ किया—“मेरी और मेरे रसूखदार बाप की बात के सामने उसके किसी बयान की कोई औकात नहीं।”

शाम पाँच बजे।

पुलिस चीफ टेरेल के ऑफिस में उस वक्त एक प्रेस कांफ्रेंस हो रही थी जिसमें खुद टैरेल के अलावा सार्जेन्ट बेगलर, सार्जेन्ट हेस, फर्स्ट ग्रेड डिटेक्टिव लेपस्कि और डिटेक्टिव जैकोबी भी मौजूद थे।

“हमने मौजूदा कत्ल के केस की छानबीन शुरू कर दी है”—टेरेल कह रहा था—“यह हमारे शहर में हाल-फिलहाल में घटी सबसे जघन्य घटना है और पूरा पुलिस महकमा इस केस पर दिन-रात एक किए हुए है।”

“पुलिस ने इस केस में क्या तरक्की की है?”—रिपोर्टरों की भीड़ में से सवाल उछला।

“हमें पता चला है कि मृतका का नाम जैनी बैंडलर था और हमारी फिलहाल तक की तफ्तीश बताती है कि वह पिछले कुछ सालों से अलग-अलग शहरों में वेश्यावृत्ति करती रही थी। जैसा कि मैंने कहा—पुलिस महकमा इस केस पर काम कर रहा है लेकिन अभी फिलहाल मृतका के बारे में इससे ज्यादा जानकारी हमारे पास शेयर करने के लिए नहीं है।”

“कत्ल के बाद लाश की दुर्गति की गई थी। पुलिस का इस बाबत क्या कहना है?”—किसी ने खड़े होकर पूछा।

“वैल”—टेरेल ने कहा—“पुलिस डिपार्टमेन्ट में डॉक्टर लुईस ने लाश का मुआयना किया है। उनका कहना है कि पहले उसके सिर पर वार किया गया और फिर उसका गला घोंटकर उसकी लाश की वो दुर्गत बनाई गई थी। पहली नजर में यह बलात्कार का मामला भी लग रहा है लेकिन फिलहाल इस मुद्दे पर पक्के तौर पर कुछ कहना मुश्किल है। लाश जहाँ से बरामद की गई है, वहाँ से कुछ ही दूरी पर हिप्पियों की कॉलोनी है लेकिन उधर भी पूछताछ में कोई खास मतलब की बात पता नहीं चली है। हमारी मौजूदा जानकारी के हिसाब से वहाँ हिप्पी कॉलोनी में किसी ने भी कुछ अनोखी चीज या चीखने वगैरह की आवाज नहीं सुनी है।”

टेरेल ने अपनी बात पूरी की और अपने साथ बैठे सार्जेन्ट हेस को इशारा किया। हेस ने इशारा समझा और अपना गला खंखार कर कहना शुरू किया—

“मैं वहाँ उस हिप्पी कॉलोनी में हरेक संदिग्ध को चैक कर रहा हूँ। मुझे पता चला है कत्ल के वक्त वहीं पास में कोई पचास हिप्पियों का एक समूह मौजूद था। चूँकि ये इस शहर में घटे सबसे नृशंस अपराधों में से एक है सो हम इस मामले में कोई चांस नहीं लेना चाहते। चूँकि तफ्तीश का दायरा बहुत बड़ा, बहुत व्यापक है जिसमें बहुत से लोगों को चैक किया जा रहा है, सो इस सब में कुछ वक्त तो लगेगा ही।”

टेरेले ने सहमति में सिर हिलाया।

“क्या पुलिस के हाथ अभी तक कोई सबूत लगा है?”—एक अन्य रिपोर्टर ने पूछा।

“हालांकि इस बाबत फिलहाल कुछ कहना पूरी तफ्तीश को प्रभावित कर सकता है, लेकिन फिर भी मैं यहाँ बताना चाहूँगा कि पुलिस इस मामले में बेहद तेजी से कार्यवाही कर रही है। हमारे हाथ लू बून नाम का एक आदमी लगा है जो कत्ल के वक्त वहीं उस जगह के आस-पास ही मौजूद था। घटनास्थल के इतने नजदीक इतने क्लोज टाईम पर उसकी मौजूदगी से हमें कुछ मानीखेज हासिल होने की उम्मीद है—और हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।”—सार्जेन्ट हेस ने अपनी बात पूरी की और टेरेल की ओर देखा।

वह अपनी बात पूरी कर चुका था।

टेरेल ने लेपस्कि पर निगाह डाली।

“मिस्टर लेपस्कि ने उस आदमी से पूछताछ की है और इसी सिलसिले में उस आदमी के केबिन की तलाशी भी ली गई है। मिस्टर लेपस्कि इस पर कुछ और रोशनी डालेंगे।”—टेरेल ने अपना स्टेटमैन्ट पूरा किया और लेपस्कि को बोलने का इशारा किया।

“जी सर”—लेपस्कि ने बातों के सूत्र को थामते हुए कहा—“दरअसल मैं अपने एक सहयोगी के साथ उसके केबिन में जा पहुँचा था और हमें उम्मीद थी कि अगर वही कातिल हुआ तो उसके पास खून आलूदा कपड़े बरामद हो सकते हैं। जब हमने उसे थामा था उस वक्त वह गहरी नींद से जागा था, सो ऐसे में उसे—अगर वह वाकई कातिल है तो—अपने खून में लथपथ कपड़ों को छुपाने का मौका भी नहीं लगा होगा। हालांकि सरसरी तलाशी में हमें वहाँ उसके केबिन में कोई सूत्र, कोई खून में भीगे कपड़े वगैरह तो बरामद नहीं हुए लेकिन जिस तरह से वो हमारे वहाँ पहुँचने से हकबका गया था और गड़बड़ाने लगा था—हमें यकीन है कि वो इस कत्ल के मामले में जितना बता रहा है, उससे ज्यादा जानता है। हमें लगता है कि जिस तरह उसने तफ्तीश में हमारे सवालों के जवाब दिए थे, उससे वह झूठा ही साबित होता लगता है। हमारे एक सवाल के जवाब में उसने हमें बताया है कि उसके पास ऐशो-आराम की जिन्दगी बिताने लायक दौलत है लेकिन उसे इस तरह हिप्पियों के तरीके से जिन्दगी बिताना ज्यादा पसंद है। उसने पूछने पर यह भी बताया है कि वह कोई दो हफ्ते यहाँ हिप्पियों के पास ठहरने के इरादे से पहुँचा था लेकिन जैसा कि मेरे सीनियर ऑफिसर्स ने कहा—हम फिलहाल हासिल सभी सूत्रों को खंगाल रहे हैं और सामने आए किसी भी सबूत को केवल उसकी फेस वैल्यू के हिसाब से नहीं ले रहे हैं। पूरा महकमा इस वहशी कातिल की खोज में लगा हुआ है और हमें यकीन है कि जल्द ये शहर उसे उसके इस घिनौने अपराध की सजा भुगतते देखेगा।”

लेपस्कि ने अपना वक्तव्य पूरा किया और दुबारा पुलिस चीफ की ओर देखा।

“हम सभी पक्षों को चैक कर रहे हैं और चूँकि यह एक वृहद खूब व्यापक दायरे में की जा रही छानबीन है सो इसमें वक्त लगना लाजिमी है।”

“वहाँ घटना स्थल से कोई दो सौ गज दूर एक केबिन मौजूद है। क्या पुलिस के पास उससे संबंधित भी कोई जानकारी है?”—एक अन्य रिपोर्टर ने पूछा।

“हमने उस दिशा में काम किया है और हमारी तहकीकात बताती है कि वो केबिन दरअसल मिस स्टर्नवुड के नाम है”—लेपस्कि ने जवाब दिया—“मिस स्टर्नवुड से पूछताछ करने मैं खुद गया था जहाँ उन्होंने मेरे सामने इस बात पर हामी भरी थी कि वो उस रात घटनास्थल से कुछ दूर बने अपने केबिन में टी.वी. देखती मौजूद थीं। उनका यह भी कहना है कि टी.वी. पर उस वक्त वो कोई गाने का प्रोग्राम देख रही थीं लेकिन गहराई से जांच करने पर हमने पाया है कि संबंधित समय पर किसी भी चैनल पर इस किस्म का कोई गाने-बजाने का प्रोग्राम प्रसारित नहीं हुआ था। खैर—पहली निगाह में उनका बयान संदिग्ध लगता है लेकिन इस बाबत अभी कुछ कहना मुहाल है।”

“साहेबान”—टेरेल ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा—“मिस स्टर्नवुड इस शहर के एक खूब जाने पहचाने शख्स की बेटी हैं और पुलिस महकमा इस बात से प्रभावित हुए बिना अपनी छानबीन में जुटा है। लेकिन जब तक उनके खिलाफ कोई सबूत न हो—और अगर वो बेगुनाह हैं—तो हम खुद नहीं चाहेंगे कि उनका नाम इस तरह किसी स्कैण्डल से जुड़े। यह एक बेहद गंभीर, बेहद संवेदनशील मुद्दा है और महकमा इसे इसी तरह ट्रीट कर रहा है। यहाँ उपस्थित लोगों से गुजारिश है कि प्रेस इस मामले में अपनी महती जिम्मेदारी को समझे और खबर बनाते वक्त इसे सैंसेशनल बनाने से परहेज करे।”

सामने मौजूद रिपोर्टरों में खुसुर-पुसुर हुई, फिर एक रिपोर्टर उठा।

“बताया जाता है कि पुलिस को लाश की खबर किसी ने फोन करके दी थी। उस बारे में आपका क्या कहना है?”

“वैल—इस दिशा में भी काम किया गया है, लेकिन बेहद अफसेास के साथ कहना पड़ रहा है कि सिवाय इसके कि दूसरी ओर से खबर देने वाली फंसी सी आवाज में बोलती, किसी भी उम्र की कोई मर्दाना आवाज थी—हम और कुछ नहीं जान पाए, कॉल को ट्रेस करने की कोशिश की गई थी, लेकिन कॉल पीरियड का वक्त इतना छोटा है कि उसे दूसरे सिरे पर ट्रेस करना नामुमकिन है।”

“क्या खबर देने वाला खुद कातिल हो सकता है?”—किसी ने पूछा।

“जी हाँ—हम ऐसी किसी भी संभावना को नकार नहीं रहे हैं। ऐसा बिल्कुल मुमकिन है कि पुलिस को खबरदार करता वो शख्स आखिर में खुद ही कातिल निकल आए।”

प्रेस कांफ्रेंस में शान्ति छा गई।

“यहाँ मौजूद लोगों से, शहर के पुलिस महकमे के चीफ होने के नाते मैं गुजारिश करता हूँ कि, वो इस गंभीर घटनाक्रम पर अपनी जिम्मेदारी निभाएं, कत्ल की ऐसी घटना यहाँ हमारे शहर में कोई रोजमर्रा की आम बात नहीं है और ऊपर से ये तो किसी मैनियाक का काम लगता है।”—टेरेल ने कहा— “ऐसी वारदात को अंजाम देने वाला वो वहशी फिलहाल हमारी पकड़ से आजाद है सो वो दुबारा भी कोई वारदात कर सकता है। हम अपनी ओर से जितनी हो सके उतनी सावधानी बरत रहे हैं लेकिन शहर के हर बाशिन्दे को प्रोटेक्शन देने की न तो हमारी कूवत है और न सलाहियत। ऐसे में आजाद घूम रहा वो वहशी कातिल किसी और को भी अपना अगला शिकार बना सकता है। एक जिम्मेदार प्रेस से मेरा आवाहन है कि वो इस मामले की रिपोर्ट करते हुए इन सभी तथ्यों पर गौर करें और रिपोर्टिंग को सनसनीखेज बनाने की नीयत से बाज आएं। इस पूरे सिलसिले में हमारा पूरा महकमा दिन रात एक किए हुए है और हो सकता है कि प्रेस की किसी गैर-जिम्मेदाराना हरकत से हम, उस वहशी कातिल को पकड़ने के लक्ष्य से भटककर कुछ और ही कामों में मशगूल होने को मजबूर हो जाएं। जाहिर है आप ऐसा नहीं चाहेंगे। कोई ऐसा नहीं चाहेगा। इस पूरे केस को हमारा डिपार्टमेन्ट अपने लिए एक चैलेन्ज की तरह ले रहा है और हमें यकीन है कि हम उस वहशी कातिल को थामकर उसे उसके वाजिब अंजाम तक पहुँचाने से कोई बहुत दूर नहीं हैं। हमें उम्मीद है कि शहर के लोगों के प्रति आप लोग भी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझेंगे और इस सिलसिले में हमारी मदद कर हमारे हाथ मजबूत करेंगे।”

टेरेल के उस नोट के साथ ही वो प्रेस कांफ्रेंस समाप्त हो गई। तभी एक अर्दली ने आकर हेस के कानों में कुछ कहा तो हेस उठकर टेरेल के पास पहुँचा।

“सर”—उसने टेरेल से कहा—“अभी-अभी खबर आई है कि समन्दर किनारे छानबीन कर रहे हमारे आदमियों के हाथ एक अजीब-सा बटन मिला है जो किसी जैकेट से निकला लगता है, लाश वहाँ से कुछ ही दूर बरामद की गई थी और अब वहाँ नजदीक से मिले इस बटन, जो गोल्फ बॉल जैसा दिखता है, के तौर पर हमें हमारा पहला मजबूत सबूत मिला है।”

“बढ़िया”—टेरेल ने कहा—“काम जारी रखो। मुझे नतीजे चाहिए।”

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