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अनौखा सफ़र

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Guest
अनौखा सफ़र

3300 ए.डी. पृथ्वी के लोग हमारी आज की सोच से कयि गुना ज़्यादा तरक्की कर चुके हैं. हमारे समय की हर ज़रूरत की वस्तु एक नयी वस्तु से रीप्लेस हो चुकी है.. साइन्स ने इतनी ज़्यादा तरक्की कर ली है कि सोचना भी मुश्किल है. घरों की जगह अब लोग एक अंडाकार गोले मे रहने लगे हैं जोकि आज के घरों से बहुत ही ज़्यादा सुरक्षित है. चाहे भूकंप आए या बाढ़.. तसूनामी आए या ज्वालामुखी..इन अंडाकार गोले को कुछ नही होता.. इसका कारण ये है कि मनुष्या ने बहुत सी धातुओं को मिलाकर एक ऐसा आलाय बना लिया है जिसपर किसी भी चीज़ का असर नही होता. मतलब कि सब सुरक्षित. ऑक्सिजन मास्क लगाना ज़रूरी हो गया है क्यूंकी पेड़ पौधों की संख्या गिनी चुनी रह गयी है. कुछ जगहों पर तो ऐसी स्तिथि हो गयी है कि पेड़ पौधे सिर्फ़ म्यूज़ीयम की ही सोभा बनकर रह गये हैं. आसिड रैन और सूर्या की अल्ट्रावायोलेट रेस तो आम बात हो गयी हैं. मगर मनुष्य ने इन सब से लड़ने की भी तरकीब निकाल ही ली. स्पेशल कॉस्ट्यूम्स बनाकर जिनका ये अल्ट्रावायोलेट रेज कुछ नही बिगाड़ सकते. हां यहाँ पर सर्वाइवल फॉर दा फिटेस्ट कि थियरी भी पूरी तरह कारगर साबित हुई है. क्यूंकी मनुष्य तो अपने दिमाग़ की शक्ति से जिंदा रहने मे सफल हो गया पर दूसरे जानवर मारे गये.. जो भी बचे खुचे हैं वो चिड़िया घर की सोभा बढ़ा रहे हैं. उनको मनुष्यों ने अपनी टेक्नालजी से बचाया हुआ है. ट्रेन्स और प्लेन्स का नामोनिशान नही बचा है क्यूंकी उनकी जगह पर फ्लाइयिंग डिस्क्स आ गये हैं. बस आप उनपर खड़े हो जाओ और आपको जहाँ भी जाना हो उसके बारे मे सोचो. ये आपके दिमाग़ को पढ़ सकता है. ये आपको वहाँ पहुँचा देगा. चूँकि अब पेड़ पौधे बचे नही तो मनुष्य को खाने के लिए भी कुछ नही बचा. तो उन्होने एक ऐसी गोली बनाई जिसको खाने से ही सारी भूक मिट जाती है. नौकरों की भी कोई ज़रूरत नही क्यूंकी सारा काम रोबॉट्स करने लगे हैं. कंप्यूटर और लॅपटॉप्स की जगह अब हॅंगिंग पॅड्स ने ले ली है जिसे आप हवा मे भी इश्तेमाल कर सकते हैं. मनुष्य के सारे हथियार अब लेज़र गन्स से रीप्लेस हो चुकी हैं. ये स्पेशल टाइप्स के लेज़र गन्स हैं जिससे वो स्पेशल सूट भी रक्षा करने मे नाकाम हैं. नदी नाले, समुंदर.. सारे बिल्कुल गंदे हो चुके हैं. कुल मिलाकर मनुष्यों ने पृथ्वी का हाल बदतर कर दिया है पर ये अब भी दूसरे ग्रहों से बेहतर हैं.

जी हां सही सुना आपने ... दूसरे ग्रह. बिल्कुल हमारी पृथ्वी की तरह वहाँ भी जीव रहते हैं. अब व्यापार इंटरनॅशनल ही नही यूनिवर्सल हो चुका है. रोशनी की गति से दस गुना तेज़ चलने वाले यान भी मनुष्यों ने इनवेंट कर लिए हैं. दुनिया पूरी तरह से बदल चुकी है. या यूँ कहें कि हमारी सोच जहाँ तक जाती है उससे भी ज़्यादा बदल चुकी है. चाँद पर लोगों ने कॉलोनीस बना ली हैं क्यूंकी पृथ्वी पर जगह कम हो गयी थी. यूनिवर्सल वॉर की नौबत भी कई बार आ चुकी है पर सब ने मिलकर उसे टाल दिया. इतनी सारी घटनाएँ होने के बाद भी मनुष्य शांत नही है और रोज़ नये नये अविष्कार कर रहा है. कुछ अविष्कार सफल होते हैं और कुछ नही.

नासा नाम की संस्था बंद हो चुकी है..उसकी जगह पर ईयसा नाम की नयी संस्था की स्थापना हुई है जो सारे देश मिलकर चलते हैं. ईयसा मतलब इंटरनॅशनल एरोनॉटिक्स स्पेस आड्मिनिस्ट्रेशन. इसी मे एक साइंटिस्ट काम करते हैं डॉक्टर. राज...
 
राज की गिनती दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिको मे होती थी. घंटो अपनी प्रयोगसाला मे नये नये प्रयोग करते हुए ही उनका दिन बीतता था. नयी नयी मशीन्स, हथियार, डेली यूज़ के सामान के लिए प्रयोग करने मे वो जुटे रहते.. उनका एक और शौक था "दोस्ती करना". पेन फ्रेंड्स यानी पर्मित्र बनाना. ये पेन फ्रेंडशिप वो दूसरे ग्रहों के जीवों से करते थे. पर जैसा कि अक्सर होता है.. कुछ ग्रहों के जीवों से दोस्ती करने पर रोक लगी हुई थी. डॉक्टर. राज की शादी हो चुकी थी. उनकी बीवी भी एक साइंटिस्ट थी जिसका नाम था स्वाती. वो लड़की जो उनकी ज़िंदगी मे अचानक आई और फिर उन्ही की होकर रह गयी. राज की दोस्ती स्वाती से कॉलेज के दिनो मे हुई थी जब राज ने उसकी जान बचाई थी. हुआ कुछ यूँ कि स्वाती का फ्लाइयिंग डिस्क अचानक खराब हो गया और वो नीचे गिरने लगी. तभी राज वहाँ से गुजर रहा था. उसने उड़ते हुए स्वाती को संभाल लिया. वहीं पर उन दोनो की पहली मुलाकात हुई. फिर जैसा की अक्सर होता है.. उनमें दोस्ती हुई.. फिर प्यार हुआ और फिर शादी. उनकी ज़िंदगी हसी ख़ुसी चल रही थी... और उनका एक बच्चा भी था.

"ओह राज... कितना काम करते रहते हो तुम..? हमेशा काम, काम काम...

कभी मेरे लिए भी टाइम निकल लिया करो.." स्वाती अक्सर उसे कहती..

"तुम भी तो काम करते रहती हो हमेशा" राज उसका मज़ाक उड़ाता.

"हां करती हूँ पर तुम्हारी तरह नही" गुस्से मे मुँह बनाकर वो बोलती.

इसपर राज हँस कर उसे एक किस करता और उसका गुस्सा गायब हो जाता.

इसी तरह उनकी ज़िंदगी बीत रही थी. बहुत ही खुस थे वो लोग...पर कौन जानता है..कब ख़ुसी आए और कब गम. अभी तो ज़िंदगी उनकी बहुत सी परिक्षाएँ लेने वाली थी.. उनकी किस्मत मे क्या लिखा था ये कोई नही जानता था. जो नसीब मे उपर वाले ने लिखा है..वो तो होकर ही रहना है.

तो जैसा कि पहले मैने लिखा है.. कि राज को दूसरे ग्रह के प्राणियों से पर्मित्रता करने मे काफ़ी दिलचस्पी थी और कुछ ग्रहों पर प्रतिबंध भी लगे हुए थे. और सभी पृथ्विवासियों को सख़्त हिदायत दी गयी थी कि वहाँ के प्राणियों से किसी भी प्रकार का संपर्क या पत्र व्यवहार ना करें. इसे रोकने के लिए ही सभी संपर्क के साधानो पर कड़ी निगरानी रखी जाती थी.

इन्ही प्रतिबंधित ग्रहों मे से एक ग्रह था "ओमेगा".

"ओमेगा" ग्रह इस ब्राम्‍हांड के सबसे ख़तरनाक ग्रहों मे से एक था. जहाँ के जीव भी उतने ही ख़तरनाक थे. उनका खाना था ईट(ब्रिक्स) और पत्थर. पर ये खाने की चीज़ें वहाँ बहुतायत मात्रा मे उपलब्ध थी. ना ही उस ग्रह के जीवों ने अन्य ग्रह पर हमला किया. तो आख़िर उसपर प्रतिबंध क्यूँ लगा था.

इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है. हुआ यूँ कि वहाँ एक राजा राज करता था. या यूँ कहें कि वहाँ राज तन्त्र था. राजा बहुत ही नेक और दयालु था. पूरे ओमेगा ग्रह का वो अकेला राजा था. पर अचानक वहाँ एक घटना घटी. वहाँ के सेनापति ने सत्ता हथियाने के लिए राजा की हत्या कर दी. पर सत्ता उसे नही मिल पाई क्यूंकी राजा के बेटे यानी राजकुमार ने सेनापति से जंग छेड़ दी.. वान्हा के अन्द्रुनि कलह को देखते हुए सभी ग्रह के काउन्सिल ने उनपर बॅन लगा दिया जिससे उनके ग्रह पर किसी भी प्रकार का ख़तरा ना हो. बाद मे वहाँ पर सेनापति की हार हुई और उसे जैल मे डाल दिया गया. पर सभी का मानना था कि राजा की हत्या सेनापति ने नही की है. सच्चाई क्या थी अभी तक किसी को पता नही चला था.
 
राज अपने किसी नये प्रॉजेक्ट पर काम कर रहा था. तभी उसके कंप्यूटर पर बीप की आवाज़ आई. उसने देखा तो उसे एक मेसेज आया था. मेसेज किसी नियो नाम के आदमी का था. उसने मेसेज खोल कर देखा तो मालूम हुआ कि वो किसी एलीयन ने उससे पर्मित्रता करने के लिए संदेश भेजा है. उसने मेसेज पढ़ना शुरू किया...

हेलो डॉक्टर. राज,

कैसे हैं आप...?? मुझे पता है कि आपका सबसे पहला क्वेस्चन होगा की मैं कौन हूँ...और मुझे आपका अड्रेस्स कैसे मिला...? तो मैं आपको बता दूं कि मैं ओमेगा ग्रह का एक निवासी हूँ और आपसे मित्रता करना चाहता हूँ. मुझे आपकी ई मैल आइडी आपकी वेबसाइट से प्राप्त हुई जब मैं इंटरनेट पर सर्च कर रहा था.. अब आपका दूसरा सवाल होगा कि मैं आपसे मित्रता कैसे कर सकता हूँ. वहाँ के निवासियों से मित्रता करना क़ानूनन जुर्म है और कर भी लूँ तो मैं पकड़ा जा सकता हूँ.. तो इनका जवाब भी है मेरे पास..

मैं ओमेगा ग्रह का सेनापति हूँ. जैल मे बंद हूँ मैं.अकेलेपन का शिकार हूँ इसलिए नये नये दोस्त बनाना मेरा टाइम पास का सबसे अच्छा ज़रिया है. मुझे यहाँ जैल मे हेंगिंग पॅड दिया है उन्होने पर उसपर पूरी निगरानी रखते हैं. मगर मैने कुछ ऐसे प्रॉक्सी अड्रेसस ढूँढ निकाले हैं जिनसे उन्हे मेरे सीक्रेट वर्क्स का पता नही चलता है. इसलिए आपके प्लॅनेट की अतॉरिटीस को भी हमारे मेल्स के बारे मे कुछ पता नही चलेगा.. मैं आशा करता हूँ कि आप मेरी दोस्ती कबूल करेंगे..

नियो.

राज ने अभी पूरा मेसेज पढ़ा ही था कि उसके बगल मे रखे नीले कलर के ग्लव्स चमकने लगे. ये देखकर उसके चेहरे पर शरारती मुस्कान फैल गयी. ये नये आधुनिक ग्लव्स थे जो दो पैर मे आते थे. इसकी ख़ासियत ये है कि आप इसे पहनकर कहीं भी अपने पार्ट्नर से सेक्स का आनंद ले सकते हैं. इस अड्वान्स्मेंट के कारण पॉप्युलेशन और एस्टीड्स को घटाने मे मनुष्यों को बहुत मदद मिली थी.. ग्लव्स को चमकता देखकर उसने जल्दी से उसे पहन लिया. और फिर वो और स्वाती जिसके पास दूसरे पेयर्स थे..सेक्स के मीठे आनंद मे खोते चले गये.

अचानक राज की नींद खुली तो उसने समय देखा तो रात के 8 बज चुके थे. उसने अपने कपड़े पहने और कंप्यूटर के पास जाकर बैठ गया...और टाइपिंग शुरू कर दी..

डियर नियो..

मैं आपका मित्र बनने के लिए तैय्यार हूँ. आप से मित्रता करके मुझे अच्छा लगेगा पर आपके ऊपर जो राजा की हत्या के आरोप लगे हैं उसका क्या..? क्या मेरा एक खूनी के साथ दोस्ती करना ठीक रहेगा...?? जल्दी से जल्दी रिप्लाइ करें...

राज..

इतना लिखकर वो अपने कंप्यूटर से उठा..और अपने फ्लाइयिंग डिस्क पर खड़ा होकर अपने घर की तरफ चल दिया...जहाँ उसके बीवी और बच्चे उसका इंतेज़ार कर रहे थे.. पर वो लोग नही जानते थे कि उनकी ज़िंदगी मे अभी बहुत कुछ घटित होने वाला है.

टू बी कंटिन्यूड....
 
डियर राज,

मैने तुम्हें अपने कुछ गुप्त सूत्रों द्वारा ये लेटर भेजा है. उस लिफाफे मे एक और चीज़ भेजी है मैने. एक फोटो प्लेट. ये दिखने मे तुम्हारी पृथ्वी पर पाई जाने वाली अल्यूमिनियम की धातु जैसा दिखता है. पर इसका काम अनोखा है. ये मैने खुद इनवेंट की है. ये हमारी दोस्ती को और आगे ले जाने मे और मदद करेगा. तुम इसे अपने चेहरे के सामने रखोगे जिससे इसमे तुम्हारी फोटो आ जाएगी. ठीक ऐसा ही एक फोटो प्लेट मैने अपनी फोटो के साथ भेजा है.ये तुम्हारे ग्रह के तापमान को ज़्यादा देर तक सहन नही कर पाएगा इसीलिए तुम जैसे ही मेरी फोटो देखोगे...ये प्लेट नष्ट हो जाएगा.

आशा करता हूँ की बाकी सब कुछ ठीक चल रहा होगा.

तुम्हारा दोस्त,

नियो.

राज और नियो के बीच दोस्ती हुए कोई एक महीना बीत चुका था..इस बीच उन दोनो ने एक दूसरे के ग्रह के बारे मे बहुत कुछ जाना था. राज को ये भी पता लगा था कि नियो एक योद्धा होने के साथ साथ एक साइंटिस्ट और एक विद्वान एलीयन था. साथ ही उसे ये भी पता चला था कि राजा की हत्या मे उसका कोई हाथ नही था. हत्या किसी और ने की थी पर सारा इल्ज़ाम सेनापति पर आ गया क्यूंकी वो राजा का सबसे नज़दीकी था. साथ ही नियो के ओमेगा की राजकुमारी के साथ प्रेम संबंध भी थे..पर सभी जानते थे कि राजा इसके लिए कभी राज़ी नही होगा...इसलिए सब ने सोचा कि राजा की हत्या मे उसके सेनापति का ही हाथ है. सच्चाई का पता किसी को नही चला.

राज ने लिफाफे मे हाथ डाल कर फोटो प्लेट निकाल ली...जैसा की नियो ने बताया था..प्लेट किसी अल्यूमिनियम की धातु की तरह ही दिखती थी. राज ने उसे चेहरे के सामने रखा...और देखा कि उसमे धीरे धीरे उसकी तस्वीर बनने लगी. आश्चर्य से उसकी आँखें फटी रह गयी. ये पृथ्वी के लिए वाकाई एक नयी टेक्नालजी थी जिससे अभी तक पृथ्वी वासी बिल्कुल अंजान थे.

राज ने वो प्लेट एक दूसरे लिफाफे मे डाल दिया. उसके बाद नियो द्वारा अपनी फोटो के साथ भेजी गयी प्लेट निकाली. नियो एक लंबा चौड़ा..अच्छे कद का एलीयन था..जिसका सर किसी छिपकली की तरह था..और शरीर आदमी की तरह..बिल्कुल अजीब दिखता था वो. उस फोटो को देखकर उसकी हँसी छूट गयी..पर उसे कहाँ पता था कि ये फोटो देखना ही उसे भारी पड़ने वाला है.... तभी फोटो प्लेट मे आग लग गयी और वो जल कर राख हो गया.

फिर उसने जिस लिफाफे मे अपनी फोटो वाली प्लेट रक्खी थी वो नियो के गुप्त सूत्रों का हवाले कर दी.

***********

"ए, तुमसे कोई मिलने आया है..." अचानक नियो का ध्यान उस तरफ गया.. उसे चौकीदार बुला रहा था.. जल्दी उठ..तेरे पास ज़्यादा समय नही है...

नियो दरवाज़े के पास गया.. तो देखा कि नकाब पहने कोई उससे मिलने आया हुआ था. जैसे ही उसने नकाब उतरा... नियो के आँसू निकल आए उसे देखकर.. "तुम...? तुम्हें यहाँ नही आना चाहिए था... तुम्हारे भाई को पता चल गया तो वो हम दोनो को मरवा डालेगा."

"कुछ नही पता चलेगा उसे...मैं छिप कर आई हूँ.." ये आवाज़ ओमेगा ग्रह की राजकुमारी सुज़न की थी... दोनो की आँखों से आँसू निकल आए.. क्या हालत बना दी है तुम्हारी मेरे भाई ने.. सुज़न ने रोते हुए कहा.

"तुम्हें तो पता है ना मैने कुछ नही किया.." हां मुझे पता है की तुमने कुछ नही किया..पर जिसने किया है उसका पता तो लगाना पड़ेगा अगर मुझे तुम्हें बचाना है..

नही अब उसकी ज़रूरत नही पड़ेगी...मैं ये ग्रह छोड़ड़कर जा रहा हूँ.

"ये क्या बोल रहे हो तुम,कहीं तुम पागल तो नही हो गये... मैं मर जाउन्गि तुम्हारे बिना..." सुज़न एक बार फिर रोने लगी.

नही जिया जाता अब मुझे इस कालकोठरी मे.. मैं जल्द ही पृथ्वी पर चला जाउन्गा पर याद रखना मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और करता रहूँगा.. मैं वापस ज़रूर आउन्गा.

"तुम्हारा टाइम ख़तम हो गया" पीछे से चौकीदार ने आवाज़ लगाई जिसे सुनकर सुज़न ने अपने आँसू पोन्छे और नियो के होंठों पर एक दीर्घ चुंबन लेकर नकाब पहन लिया. फिर वो चौकीदार के पीछे पीछे बाहर निकल गयी.

नियो उसे अपनी नम आँखों से जाता हुआ देखता रहा...ये उनकी बिछड़ने के पहले आख़िरी मुलाकात थी...

टू बी कंटिन्यूड......
 
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