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अय्याशी का अंजाम complete

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रानी- जेम्स जाने से पहले तेरा लण्ड मेरे होंठों पर लगा के जा न..

रानी एकदम नंगी लेटी हुई थी और जेम्स कब से उसके निप्पल को सहलाए जा रहा था।

जेम्स- क्यों मेरी रानी.. इससे क्या होगा ये रंगीला है ना.. इसका हथियार होंठों पर लगा.. मुँह में ले.. जो तेरी मर्जी वो कर..

रंगीला- हाँ मेरी जान मेरे पास भी कोई मामूली लौड़ा नहीं है.. माना जेम्स जैसा नहीं है.. मगर इतना छोटा भी नहीं है.. तेरी प्यास तो मैं मिटा ही दूँगा।

रानी- अरे बाबूजी ऐसी बात नहीं है.. आज मेरी बहन जैसी आशा का बदला पूरा होने जा रहा है.. तो जेम्स के लण्ड को चूम कर अच्छा सगुन करना चाहती हूँ.. ताकि जैसे आशा तड़फी थी.. उससे कहीं ज़्यादा ये उन दोनों भाई और बहन को तड़पाए।

रानी की बात से जेम्स और रंगीला खुश हो गए और जेम्स ने लौड़ा रानी के सामने कर दिया.. जिसे उसने बड़े प्यार से चूमा.. थोड़ा सा मुँह में लेकर चूसा और अलग हो गई।

जेम्स- लो भाई सगुन तो हो गया है.. अब यार मेरी रानी को तेरे हवाले करके जा रहा हूँ.. जरा प्यार से करना..

रंगीला- अरे कैसी बात करता है यार.. इसको तो बड़े प्यार से चोदूँगा.. वैसे भी तेरी चुदाई के बाद उस रंडी को दोबारा चोदना है मुझे..

जेम्स मुस्कुराता हुआ वहाँ से निकल गया.. बाहर सभी खड़े थे।

साजन- ले भाई दूल्हा आ गया.. अब होगी असली सुहागरात तेरी बहन की.. हा हा हा हा.. भाई जेम्स ये टीवी पर हमें चुदाई देखनी है.. ज़रा स्टाइल से करना ताकि हमारा मज़ा दुगुना हो जाए और इस कुत्ते की अकड़ भी निकल जाए हा हा हा हा हा..

जेम्स ने सब को मुस्कुरा के देखा और वो उस सामने के कमरे में चला गया जहाँ रश्मि नहा कर बाहर आ गई थी और तौलिये से अपना जिस्म पोंछ रही थी.. जिसे देख कर जेम्स का लौड़ा ठुमके मारने लगा।

‘वाह रश्मि कुदरत ने बड़ी फ़ुर्सत से तुम्हें बनाया है.. क्या मस्त जिस्म की मालकिन हो तुम.. मगर इस गोरे जिस्म पर ये निशान कैसे?’

रश्मि- वो तीन कुत्ते एक साथ आए थे, उन जानवरों ने ये हाल किया है।

जेम्स- क्या उन सालों की तो ऐसी की तैसी.. ऐसा कैसे कर सकते है वो?

रश्मि- जेम्स, प्लीज़ मुझे इस गेम की सज़ा से बचाओ.. अब मैं उन सबसे तंग आ गई हूँ प्लीज़ प्लीज़..

जेम्स- अगर मैं जैसा कहूँ.. और तुम प्यार से वैसा करोगी तो कोई तुम्हें दोबारा परेशान नहीं करेगा ओके..

रश्मि- आप जो कहोगे.. मैं तो ऐसे ही करने को तैयार हूँ.. आप बस उनसे मेरी जान बचा लो।

जेम्स- वो बात नहीं है.. मैं जानता हूँ तुम सब करोगी.. मगर मैं कुछ और बात कर रहा हूँ.. जैसे मुझे कुछ खास तरीके से और खास बातों के साथ किसी लड़कों को चोदने का मन था.. आज वो तुम पूरा कर दो प्लीज़।

रश्मि- अरे आप बोलो तो सही?

जेम्स उसको कुछ कान में बताता है जिसे सुनकर रश्मि मुस्कुराने लगती है और ‘हाँ; कह देती है।

साजन- अरे भाई अब ये क्या नाटक है? ये जेम्स ने क्या कहा होगा जय.. तेरी बहन तो बड़ी मुस्कुरा रही है।

आनंद- लगता है आज तो कोई मजेदार सेक्स होने वाला है।

सभी ने देखा कि जेम्स बिस्तर पर जाकर लेट जाता है और आँखें बन्द कर लेता है।

रश्मि बड़ी अदा के साथ उसके पास जाती है और उसके होंठों को किस करती है.. उसके सीने पर हाथ घुमाती है।

जेम्स- ये क्या कर रही हो.. रश्मि सोने दो ना.. नींद आ रही है..

रश्मि- ऐसा हुस्न आपके सामने बिना कपड़ों के है.. और आप सोने की बात कर रहे हो?

जेम्स- मुझे तो नींद आ रही है.. तुम्हें जो करना है कर लो।

रश्मि मुस्कुराने लगी और जेम्स के कपड़े निकालने लगी।

जब पूरे कपड़े निकल गए.. तो जेम्स का डंडा देख कर रश्मि की आँखें बड़ी हो गईं।

रश्मि- ओ माय गॉड.. ये क्या.. इतना बड़ा लण्ड?

जेम्स- अब तूने इसको आज़ाद किया है तो साली शान्त भी तू ही करेगी।

रश्मि- अब मेरा काम यही है.. छोटा हो या बड़ा मुझे तो इसको लेना ही पड़ेगा.. आख़िर में एक टॉप क्लास रंडी जो हूँ ठीक कहा ना मैंने..

जेम्स- हाँ साली छिनाल तू बहुत बड़ी रंडी है.. चल अब इसको चूस के मज़ा दे.. उसके बाद सोचूँगा तेरी ठुकाई कैसे करनी है।

साजन- बाप रे बाप ये साला जेम्स का लौड़ा देख किसी गधे जैसा लंबा और मोटा है.. जय आज तो तेरी बहन गई काम से.. हा हा हा हा..

जय ने भी ना चाहते हुए एक बार देख ही लिया और उसको देख कर उसकी साँसें रुक गईं।

सुंदर- थोड़ी आवाज़ तेज़ करो.. देखो साली कैसे अपने आप को रंडी बोल रही है हा हा हा हा..

रश्मि बड़े प्यार से लौड़े को चाटने लगी.. सुपारे को धीरे-धीरे मुँह में लेने लगी।

बस 5 मिनट में ही रश्मि पूरा लौड़ा ‘गपागप’ मुँह में लेकर चूसने लगी। साथ ही साथ आंडों को भी हाथ से सहला रही थी।

जेम्स- चूस साली रंडी आह्ह.. तेरे इन होंठों का तो मैं दीवाना हूँ.. आह्ह.. जितना पावर है लगा दे.. उसके बाद मैं तुझे बताऊँगा कि असली मर्द की चुदाई कैसे होती है।

बहुत देर तक रश्मि लौड़े को चूसती रही.. उसका मुँह दुखने लग गया।

रश्मि- बस में थक गई.. इतनी देर में तो लौड़ा पानी फेंक देता है.. मगर तुम्हारा लौड़ा पता नहीं किस मिट्टी का बना है.. अब तो चूत में डाल दो बस तभी ये ठंडा होगा।

जेम्स- ऐसे नहीं साली रंडी.. मैंने क्या कहा था.. वैसे बोल..

रश्मि- मेरे राजा आपकी रंडी चुदने को तड़प रही है.. घुसा दो लौड़ा मेरी चूत में और फाड़ दो..

जेम्स- ये हुई ना बात.. चल अब लेट जा.. पहले तेरे रसीले होंठों से शुरू करूँगा उसके बाद इन चूचों को मसलूंगा फिर तेरी चूत चाटूँगा.. उसके बाद तुझे चोदना शुरू करूँगा।

‘इतना सब करोगे तो मेरी चूत का लावा फूट जाएगा..’

जेम्स- तू बस देखती जा.. आज तेरा क्या-क्या फटेगा..

इतना कहकर जेम्स उसके होंठों को चूसने लगा.. बड़ी बेदर्दी से उसको मम्मों को दबाने लगा।

रश्मि जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी और जेम्स उसको मसले जा रहा था।

साजन- उफ़ साला.. क्या पक्का खिलाड़ी है.. कब से लौड़ा चुसवा रहा था इतनी देर में तो मेरा 2 बार निकल जाए।

आनंद- भाई इसकी चुसाई देख कर तो लौड़ा खड़ा हो गया.. अब मैं इसको कैसे शान्त करूँ।

सुंदर- रश्मि के नाम की मुठ्ठ मार ले..

साजन- अबे नहीं सालों.. कोई मुठ नहीं मारेगा आज.. उसको पूरी रात चोदना है। ये देखो पावर की गोली.. पहली बार में रंगीला ने लेने से मना किया था.. अब लेंगे और सब साथ मिलकर साली रंडी को चोदेंगे।

सुंदर- भाई उसको देखो साला कैसे नजरें चुरा कर अपनी बहन की चुदाई देख रहा है।

सुंदर की बात सुनकर साजन खड़ा हुआ और जय के पास जाकर उसको लौड़े को छूकर देखा वो अकड़ा हुआ था।

साजन- अबे साला बहनचोद कुत्ता कहीं का.. देखो अपनी बहन को चुदता देख कर कैसे इसका मन मचल रहा है इसका लौड़ा खड़ा हुआ है।

आनंद- इसके जैसा हरामी भाई मैंने कहीं नहीं देखा.. साला उस रंडी की सील इसने ही तोड़ी थी.. अब दोबारा चोदने का मन कर रहा होगा।

साजन ने जय का मुँह खोल दिया और उसको बियर की दो घूँट पिला दीं।

साजन- बोल जय.. अगर तू कहे तो रंगीला से बात करूँ.. तू भी हमारे साथ उस रंडी को चोद लेना.. तेरे लौड़े की अकड़न दूर हो जाएगी।

जय- साजन प्लीज़.. रहम करो ऐसा मत करो.. मेरी बहन बहुत सीधी है उसको रंडी मत बनाओ.. बख्श दो प्लीज़..

साजन- क्या बात है तेरी अकड़ कहाँ गई.. तेरा तो सारा गुस्सा फुर्र हो गया?

जय- तुम मुझे जान से मार दो.. मगर रश्मि को जाने दो.. उसका ऐसा वीडियो मत बनाओ.. प्लीज़ प्लीज़ प्लीज़..

साजन- देख भाई अपुन को तेरे से कोई लेना-देना नहीं.. अपुन को तो रंगीला ने ढेर सारे पैसे दिए.. और रश्मि जैसी मस्त माल की चूत दी.. अब ये खेल वही रोक सकते हैं।

जय- तुम जितने बोलो.. मैं पैसे देने को तैयार हूँ.. बस मेरे हाथ खोल दो और मेरा साथ दो।

जय आगे कुछ बोलता उसके पहले उसके गाल पर एक जोरदार तमाचा लगता है.. जो रंगीला ने मारा था।

रंगीला- साला हरामी मैं जानता था तू ऐसी कोई हरकत जरूर करेगा.. तभी मैं तुझे देखने आ गया और सालों कुत्तों मेरे फेंके टुकड़ों से पेट नहीं भरा क्या.. जो तुम लोग इसकी हड्डी लेना चाहते हो?

साजन- अरे नहीं बॉस.. आप को गलतफहमी हो गई.. हम खाली सुन रहे हैं आप ना आते तो मैं भी इसको मारने ही वाला था।

पीछे-पीछे रानी भी बाहर आ गई और जय के चेहरे पर थूक दिया।

रानी- कुत्ते पैसे के बहाने तूने मेरी इज़्ज़त लूट ली.. अब तेरी बहन चुद रही है.. तो डर लग रहा है।

रंगीला- अरे डार्लिंग.. तुम क्यों बाहर आ गईं.. मैं आता हूँ ना.. बस बियर लेने आया था.. तो इस कुत्ते की बातें सुनकर रुक गया.. चल आता हूँ.. तेरी चूत का टेस्ट तो मस्त था.. अब मेरे लौड़े का मज़ा भी तो तुझे देना है।

साजन- बॉस ये जेम्स तो पक्का चोदू है तब तक हमारा क्या होगा?

रंगीला- सालों सबर कर लो… उसके बाद पूरी रात लगे रहना।

रंगीला वहाँ से रानी को वापस अन्दर ले गया और वो सब जेम्स का खेल देखने लग गए।

दोस्तो, अब कहानी का अंत आ गया है तो सबकी चुदाई एक साथ दिखानी पड़ेगी.. ऐसा समझो कैमरा घूमता रहेगा बस।

जेम्स अब रश्मि की चूत को चाट रहा था और वो सिसकारियाँ ले रही थी।

रश्मि- आह्ह.. ससस्स जेम्स आह्ह.. प्लीज़ अब नहीं आह्ह.. बस करो.. डाल दो लौड़ा आह.. अब बर्दाश्त नहीं होता आह..

जेम्स- ठीक है मेरी रंडी.. अब तुझे दिखता हूँ अपना पावर।

इतना कहकर जेम्स रश्मि के पैरों के पास बैठ गया और उसके पैर उठा कर अपने कंधे पर डाल लिए।

रश्मि- उफ़फ्फ़.. ये कैसी स्टाइल है आह्ह..

जेम्स कुछ नहीं बोला और सुपारे को चूत पर सैट करके एक जोरदार झटका मारा जिससे पूरा लौड़ा एक ही बार में चूत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया।

रश्मि- आआआआह्ह.. आआआ मर गग्गयई.. आह सस्सस्स आह..

रश्मि की दर्दनाक चीख सुनकर जय का कलेजा हिल गया और साजन ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगा।

इसाजन- अब आया मज़ा.. साली राण्ड की चूत फट गई.. हा हा हा हा..

उधर विजय बड़े प्यार से कोमल की गाण्ड मार रहा था।

कोमल- आह्ह.. आराम से मारो मेरे राजा.. उधर रश्मि की चूत फट गई शायद देखो कैसे तड़प रही है।

विजय- तड़पने दे कुतिया को.. वो इसी क़ाबिल है साली..

विजय अब स्पीड से कोमल की गाण्ड मारने लग गया।

उधर रानी बड़े प्यार से रंगीला का लौड़ा जड़ तक मुँह में लेकर चूस रही थी और रश्मि की आवाज़ सुनकर रंगीला को जोश आ गया। उसने रानी का सर पकड़ कर उसको स्पीड से चोदना शुरू कर दिया।

जेम्स तो जानवर बन गया था.. वो पूरा लौड़ा बाहर निकालता और एक बार में पूरा घुसा देता.. जिससे रश्मि की सांस अटक जाती.. उसका चीखना अभी भी जारी था।

दस मिनट बाद उसका दर्द मज़े में बदल गया, अब वो ‘आहों..’ के साथ बोलने लगी- आह ससस्स.. फाड़ दी आह्ह.. मेरी आज चूत तूने.. आह्ह.. फास्ट अब मज़ा आ रहा है.. आह चोदो आह्ह..

जेम्स- साली रंडी.. आह्ह.. ऐसे क्यों चीखी आह्ह.. ले चुद आज तू.. आह्ह.. तेरी चूत तो बड़ी मस्त है ले पूरा.. आह्ह..

जेम्स 25 मिनट तक ‘दे..दनादन..’ उसको चोदता रहा.. रश्मि की चूत झड़ गई.. मगर जेम्स वैसे ही लगा रहा।

 


उधर विजय का हो गया तो वो एक तरफ़ लेट कर हाँफने लगा और कोमल बाहर टीवी पर रश्मि की चुदाई देखने नंगी ही आ गई।

साजन- अरे वाह कोमल रानी.. बड़े मौके पर आई है.. देख साला जेम्स कैसे जंगली सांड की तरह रश्मि को चोद रहा है और हमारे लौड़े अकड़ कर दर्द कर रहे हैं.. ज़रा सहला दे ना मेरी जान..

कोमल- जरूर मगर पहले इस बेचारे को शान्त करूँगी.. कब से यहा बँधा हुआ है।

साजन- अरे इस बहनचोद का खड़ा हुआ था अपनी बहन की चुदाई देख कर और वैसे भी तेरे चक्कर में इसकी बहन चुद रही है.. इतना तो इसका हक़ बनता ही है.. कर दे इसको भी ठंडा हा हा हा हा हा..

कोमल मुस्कुराती हुई जय के पास गई और उसके लौड़े को सहलाने लगी। इस बार वो सोया हुआ था.. शायद रश्मि की चीखें उसको तकलीफ़ दे रही थीं।

कोमल ने उसका लण्ड बाहर निकाल दिया और बड़े प्यार से उसको चूसने लग गई.. वो तीनों भी पास आ गए और अपने लौड़े कोमल के आगे कर दिए.. वो बारी-बारी सबका लण्ड चूसने लगी।

रश्मि- आह्ह.. जेम्स मेरी चूत में जलन हो रही है.. आह्ह.. प्लीज़ स्टॉप.. अब थोड़ा रेस्ट दे दो.. आह्ह.. नहीं.. प्लीज़ अपनी रंडी को आराम दो.. तुम्हारा कब निकलेगा आह्ह..

जेम्स- मैंने कहा था ना साली.. आज तुझे असली मर्द का पावर दिखाता हूँ.. आ चल अब तेरी गाण्ड मारूँगा।

रश्मि- नो नो प्लीज़.. ऐसा मत करना तुम्हारा बहुत बड़ा है.. ये मेरी हालत बिगाड़ देगा।

जेम्स- देख साली नाटक मत कर उनसे बचना है या नहीं?

रश्मि बेचारी मरती क्या ना करती.. उसने गाण्ड मराने के लिए ‘हाँ कह दी।

जेम्स ने उसको घोड़ी बनाया और उसकी गाण्ड पर लौड़ा सैट करके उसकी जाँघों को मजबूती से पकड़ लिया और वैसे ही जोरदार शॉट मारा।

अबकी बार पहले से ज़्यादा उसको दर्द हुआ और वो बेतहाशा रोने लगी।

जय बाहर छटपटा रहा था.. मगर ये सब उसकी करनी का नतीजा था.. क्यों उसने ऐसे गेम के लिए ‘हाँ’ कही.. यह सोच कर उसकी आँखें भर आई थीं।

कोमल- अरे ये क्या.. मैं इसके लौड़े से पानी निकालने की कोशिश कर रही हूँ और ये साला आँख से पानी निकाल रहा है.. कुत्ता कहीं का..

साजन- अरे इसको जाने दे मेरी जान हमारा बस निकलने ही वाला है.. आ जल्दी कर.. आ मेरा चूस.. आह्ह.. चूस..

उधर रंगीला भी अब रानी की गाण्ड में अपना पानी भर चुका था और आराम से लेट कर रश्मि की चीखें सुन कर आशा को याद कर रहा था।

जेम्स 15 मिनट तक गाण्ड मारता रहा और आख़िर उसके लौड़े ने पानी का फुव्वारा छोड़ दिया।

रश्मि पूरी तरह टूट चुकी थी ऐसी चुदाई की उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी.. वो दर्द से कराह रही थीं।

जेम्स- क्या हुआ रंडी.. क्यों शोर मचा के सबको सुना रही थी? हम्म?

रश्मि- मेरी जान निकाल दी.. और पूछते हो शोर क्यों मचा रही हूँ।

जेम्स- अच्छा साली छिनाल.. जब भाई से सील तुड़वाई.. तब नहीं सोचा कि दर्द होगा तब तूने कितना शोर क्या था।

जेम्स की बात सुनकर रश्मि ठंडी पड़ गई कि इसे ये सब कैसे पता?

रश्मि- ओह्ह.. क्या बोल रहे हो तुम.. हाँ?

जेम्स- ऐसे तुझे समझ नहीं आएगा.. चल अभी बताता हूँ।

जेम्स ने उसका हाथ पकड़ा और उसे बाहर ले आया।

जब रश्मि ने बाहर देखा कि जय बँधा हुआ है… और सब उसको देख कर हँस रहे हैं।

रश्मि- ये क्या है भाई.. आपकी ये हालत किसने की?

साजन- वाह जेम्स.. मान गए क्या मस्त ठोका आपने.. साला यहाँ लाइव देख कर मज़ा आ गया।

रंगीला भी तब तक बाहर आ गया था.. उसने पता नहीं क्या किया कि टीवी पर रश्मि की चुदाई दिखना वापस शुरू हो गई।

आनंद- अरे देखो इस रंडी की फिल्म वापस से आ गई।

रश्मि की नज़र टीवी पर गई.. तो उसकी आँखें फट गईं।

रश्मि- ये सब क्या है रंगीला.. और भाई का मुँह क्यों बन्द किया.. इन्हें यहाँ बाँध कर क्यों रखा?

रंगीला- अरे अरे.. बेबी को गुस्सा आ गया.. खोल दो इसका मुँह और नई फिल्म देखो..

अब सब के सब रश्मि की सील टूटने का वीडियो देख रहे थे।

रंगीला ने रिमोट का बटन दबाया तो उस दिन का वीडियो चालू हो गया।

रश्मि- भाई अब क्या सोच रहे हो.. एक लड़की आपके इतने करीब है.. आपका मन नहीं करता उसको कुछ करने का.. चुम्बन करने का?

रश्मि अब पूरी तरह से जय के ऊपर चढ़ गई थी.. उसकी नंगी चूत बरमूडे में तने जय के लण्ड से टच हो रही थी.. जिसका अहसास जय को भी हो रहा था।

अब जय की बर्दाश्त दम तोड़ गई थी उसने रश्मि की पीठ पर हाथ रखे और सहलाने लगा.. उसके थिरकते होंठों पर धीरे से अपने होंठ लगा दिए।

रश्मि तो जैसे बरसों की प्यासी थी.. उसने फ़ौरन उसके होंठों को मुँह में लिया और चूसने लगी। अब जय भी कहाँ पीछे रहने वाला था.. वो भी शुरू हो गया अब दोनों की किसिंग शुरू हो गई।

यह वीडियो देख कर रश्मि की रही-सही ताक़त भी जबाव दे गई। उसने जल्दी से टीवी बन्द कर दिया और हक्की-बक्की सबको देखने लगी.. उसकी आँखों में आँसू आ गए, वो वहीं ज़मीन पर बैठ गई।

रंगीला- क्यों जय.. अपनी बहन को ऐसे हताश देख कर कुछ याद आया.. मेरी आशा भी ऐसे ही तड़फी थी।

आशा का नाम सुनकर रश्मि ने सवालिया नज़रों से जय की ओर देखा।

साजन- क्यों जय.. बता अपनी बहन को.. कि ये आशा कौन है और आज ये किस ग़लती की सज़ा भुगत रही है।

रश्मि- भाई आप बोलते क्यों नहीं.. हमारे साथ ये हो क्या रहा है?

जय ने उसको आशा के बारे में बताया और कैसे वो मरी.. जिसका बदला ये सब मिलकर ले रहे हैं।

रश्मि- क्या विजय भी इनके साथ मिला हुआ है.. मगर क्यों?

तभी विजय भी बाहर आ गया और उसने रश्मि को गुस्से से देखा।

रश्मि- विजय भाई आप भी इनका साथ दे रहे हो.. अगर भाई से ग़लती हुई तो इनको सज़ा देते.. मुझे इस गंदे खेल का हिस्सा क्यों बनाया आपने? मैं आपकी बहन हूँ।

विजय- चुप साली रंडी अपनी गंदी ज़ुबान से मुझे भाई मत बोल.. ये कुत्ता अपने किए की सज़ा भुगत रहा है और तू अपने किये की.. समझी..

रश्मि- अम्म.. मैंने क्या किया है जो तुमने मुझे रंडी बना दिया?

विजय- मेरी माँ ने क्या ग़लती की थी हाँ.. जो तू बार-बार उनको रंडी बोलती थी?

रश्मि- ओह्ह.. तो अपनी रंडी माँ का अपमान नहीं सह सका.. मगर वो असल में रंडी है.. मेरे पापा को अपने बस में कर लिया उसने.. और..

रश्मि आगे कुछ बोलती उसको विजय का जोरदार तमाचा लगा।

विजय- चुप साली.. मेरी माँ को ऐसा बनाया तेरे उस कुत्ते बाप ने.. और आज तेरी हालत का ज़िम्मेदार वो भी है।

विजय ने उस दिन से लेकर आज तक की सारी बातें रश्मि को बताईं और एक राज आपको भी बता दूँ कि रश्मि के पापा ने अपने फायदे के लिए कई बार विजय की माँ को दूसरों के हवाले किया था। यह बात भी विजय जानता था.. इसी लिए उसने ये गेम खेला और सब रेकॉर्ड कर लिया।

रश्मि और जय ज़ोर-ज़ोर से रोने लगे वो रहम की भीख माँगने लगे कि जो हुआ उसको भूल जाओ.. मगर विजय और रंगीला के सर पर जुनून था, उन्होंने उनकी एक ना सुनी।

विजय ने कहा- वो सोने जा रहा है आज रात रश्मि के साथ जो चाहे करो बस इसको मरने मत देना.. क्योंकि कल इसके सारे वीडियो पूरी दुनिया देखेगी.. तब ये खुद मर जाएगी।

जय- विजय प्लीज़ रुक जाओ.. रश्मि को इन जानवरों के हवाले मत करो.. ये इसको नोंच डालेंगे.. इससे अच्छा तो तुम हमें मार दो.. प्लीज़ प्लीज़..

विजय ने एक ना सुनी और वहाँ से चला गया।

कोमल और रानी को रंगीला ने कहा कि अब यहाँ जो होगा.. वो तुम देख नहीं पाओगी.. तो जाओ जाकर सो जाओ।

उनके जाने के बाद वहाँ जो नंगा तमाशा हुआ.. वो मैं लिख भी नहीं सकती.. इस चुदाई से वे सभी थक कर सो गए और जय वहीं बँधा हुआ रात से रो रहा था।

दोस्तो, माना कि जय और रश्मि ने ग़लत किया था.. मगर रंगीला और विजय ने जो किया.. वो तो और भी ग़लत था.. बदले की भावना इंसान को जानवर बना देती है.. और यहाँ भी यही हुआ!

आपस की दुश्मनी में बाहर के लोग मज़ा ले गए ना.. लो अभी कहानी ख़त्म नहीं हुई.. कि मैं ज्ञान देने आ गई हूँ.. ये तो मेरी आदत है..

खैर अभी तो इस कहानी का अंत होना बाकी है।

सुबह विजय उठा और सबको उठाया। विजय कुछ कहता तभी उसके फ़ोन की रिंग बजी। उसने बात की और सामने से उसने जो सुना वो हक्का-बक्का रह गया.. उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई.. वो वहीं कुर्सी पर बैठ गया।

रंगीला- क्या हुआ.. किसका फ़ोन था.. बोल न?

विजय- रात को एक्सीडेंट में इसके पापा और मेरी माँ चल बसे।

रंगीला- वॉट.. ये कैसे हो गया..!

जय- कुत्तों मेरे हाथ खोल दो.. मेरे पापा नहीं मर सकते.. मैं किसी को नहीं छोडूँगा.. सब को मार दूँगा..

रंगीला ने जय को खोल दिया.. वो गुस्से में था.. मगर रंगीला ने उसको समझाया कि ये वक़्त लड़ने का नहीं है।

साजन और उसके दोस्त भी हक्के-बक्के रह गए थे..

दोस्तो, राजशर्मास्टॉरीज के कुछ नियम हैं.. जिनके तहत मैं आगे की कहानी नहीं लिख सकती.. क्योंकि उसमें हिंसा है.. तो आपको ऐसे ही बता देती हूँ कि वहाँ के संग्राम में सब तहस-नहस हो गया.. जय ने गुस्से में वो कर दिया कि वहाँ उसके सिवा कोई ना रहा।

आगे की कहानी आप जानते ही हो इसका अंजाम क्या हुआ होगा।

जय जेल में पहुँच गया.. उसकी माँ भी ये सदमा बर्दाश्त ना कर सकी और दिल की धड़कन रुकने से उसकी मौत हो गई।खन्ना परिवार तिनके की तरह बह गया और साथ में कोमल.. रानी.. जेम्स.. साजन उसके दोस्त इस बदले की आग की भेंट चढ़ गए।

वहाँ से पुलिस को वो सारे वीडियो मिल गए.. जिससे केस को समझना आसान हो गया कि यहाँ क्या हुआ होगा।

आपको एक बात बता दूँ यहाँ कुछ कैमरे लगे हुए थे.. जिसमें सब कुछ रेकॉर्ड हो गया था। रंगीला और विजय ने जय को जो बताया कि वो ये क्यों कर रहे हैं.. वो सब भी पुलिस को मिल गया। वहाँ के सीनियर ने फार्म को सील कर दिया और सारे सबूत ले गए।

जय अपना दिमागी संतुलन खो चुका था.. अदालत ने उसको पागल करार दे दिया और पागलखाने भेज दिया।

दोस्तो, हर बार मेरी कहानी का खुशनुमा समापन होता है.. मगर यह कहानी थी ही ऐसी कि इसका मैं चाहकर भी हैप्पी एंड ना दे सका क्योंकि बदले की भावना इंसान को शैतान बना देती है और जहाँ शैतान होता है.. वहाँ ख़ुशियाँ नहीं.. बल्कि बर्बादी ही होती है।

आप सबने शुरू से अब तक कहानी को पढ़ा.. इसके लिए मैं आपकी अभारी हूँ.. और आपसे हाथ जोड़कर विनती करती हूँ.. ऊपर वाले ने हमें इंसान बनाया है.. तो प्लीज़ इंसान बनकर ही जियो.. शैतान मत बनो।

माफ़ करना सीखो.. ताकि और कोई परिवार ऐसे ख़त्म ना हो।

दोस्तो, इस कहानी में कोई भूल हुई हो या कोई बात बताना रह गई हो तो माफ़ करना.. मैं भी इंसान हूँ.. ग़लती हो जाती है..

 
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