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Guest
अपडेट-49
कुछ देर होंठ चूसने के बाद उसने मुझे अपने उपर से उठा दिया जिससे लंड बाहर निकल गया. मुझे समझ नही आया कि उसने लंड क्यो बाहर निकाल दिया इसलिए सवालिया नज़रों से उसकी तरफ देखने लगा. उसने एक नज़र मुझे मुस्कुरा कर देखा ऑर फिर वो भी बेड पर उठ कर बैठ गई ऑर मेरे देखते ही देखते अब वो किसी जानवर की तरह अपने दोनो हाथो ऑर दोनो घुटनो के बल बेड पर खड़ी हो गई. मैं उसको खड़ा देख रहा था कि अब वो क्या करती है. उसने अपनी गर्दन को पिछे घुमाया ऑर एक मुस्कान के साथ मुझे पिछे आने का इशारा किया. मैं मुस्कुरा कर उसके पिछे आ गया ऑर जल्दी से अपनी शर्ट-पेंट ऑर अंडरवेर को अपने जिस्म से आज़ाद किया. अब मैने अपना पूरा लंड पिछे से एक ही झटके मे उसकी चूत मे डाल दिया ऑर उसको कमर से पकड़ कर झटके मारने लगा अब वो बुलंद आवाज़ मे सस्सस्स ससस्स कर रही थी. कुछ देर ऐसे ही रहने के बाद उसने मेरा एक हाथ अपनी कमर से हटाया ऑर अपने सिर पर रख दिया साथ मे मेरे हाथ मे अपने बाल पकड़ा दिए अब मैं समझ चुका था कि वो क्या चाहती है इसलिए मैने उसको बालो से पकड़ लिया ऑर तेज़-तेज़ झटके मारने लगा... उसकी ससस्स... ससस्स... अब आआहह ऊऊओ आायईयीई मे बदल चुकी थी पूरे कमर मे उसकी आवाज़ ऑर झटको की थप्प्प.... थप्प्प... की आवाज़ ही गूँज रही थी. अचानक उसको चोदते हुए मुझे याद आया कि फ़िज़ा को चोदते हुए भी मैने यही तस्वीर देखी थी इसलिए मैने अपना दूसरा हाथ जो उसकी कमर पर था उसकी गान्ड पर रखा ऑर एक ज़ोर दार थप्पड़ उसकी गान्ड पर मारा. उसने हैरानी से मेरी तरफ पलटकर देखा ऑर एक क़ातिलाना मुस्कान के साथ मुझे सिर हिला कर दुबारा मारने को कहा.
अब मैने एक हाथ से उसके बाल पकड़े हुए थे ऑर दूसरी हाथ से उसकी गान्ड पर थप्पड़ की बरसात कर रहा था कुछ ही देर मे वो दूसरी बार भी फारिग हो चुकी थी इसलिए हाफ्ते हुए वो बेड पर गिर गई थी. मैं भी उसके उपर ही लेटा हुआ था हम दोनो का जिस्म पसीने से नहाया हुआ था. कुछ देर मे जब उसकी साँस दुरुस्त हो गई तो मैने उसके उपर लेटे लेटे ही झटके मारने शुरू कर दिए इसलिए उसने उसी पोज़ीशन मे अपनी दोनो टांगे फैला ली ताकि लंड जड़ तक पूरा अंदर जा सके. इस पोज़ीशन मे मुझे ऑर रूबी दोनो को बेहद मज़ा आ रहा था इसलिए मैने तेज़ रफ़्तार से झटके लगाने शुरू कर दिया कुछ ही देर मे मैं भी अपनी मंज़िल के करीब पहुँच गया ऑर मेरे साथ ही रूबी तीसरी बार फिर से फारिग हो गई. मेरे लंड पूरे प्रेशर से उसकी चूत मे मेरा माल छोड़ रहा था. हम दोनो अब बुरी तरह थक चुके थे ऑर एक दूसरे के उपर पड़े अपनी साँस को दुरुस्त कर रहे थे. हम दोनो ही इतनी जबरदस्त चुदाई से इतना ज़्यादा थक चुके थे कि दोनो मे से किसी की भी कपड़े पहन ने कि हिम्मत नही थी इसलिए हम दोनो ऐसे ही एक चद्दर अपने उपर लेकर लेट गये. रूबी बहुत खुश थी ऑर मुझे मुस्कुरा कर देख रही थी मैने उसको एक बार फिर से गले से लगा लिया. वो गले लगी हुई ही मेरे उपर आके लेट गई अब हम दोनो ही खामोश थे ऑर थके हुए थे इसलिए कुछ ही देर मे ही रूबी मेरे उपर ही सो गई मुझे गले लगाके ऑर मैं भी उसकी कमर पर हाथ फेरता हुआ जाने कब नींद की वादियो मे खो गया.
हम दोनो सुकून से सोए पड़े थे कि किसी ने आधा रात को हमारा दरवाज़ा खट-खाटाया जिससे रूबी की नींद खुल गई उसने फॉरन मुझे उठाया ऑर कपड़े पहनने का कहा मैने जल्दी मे सिर्फ़ पेंट पहनी ऑर दरवाज़ा खोलने चला गया. इतनी देर मे रूबी ने ज़मीन पर बिखरे अपने कपड़े उठाए ऑर बाथरूम मे भाग गई. मैं आँखें मलता हुआ दरवाज़ा खोला तो सामने रसूल ऑर मेरा ड्राइवर खड़े थे.
मैं : क्या है यार इतनी रात तुमको क्या काम पड़ गया, इतनी अच्छी नींद आ रही थी बेकार मे खराब कर दी.
रसूल : भाई बाबा की तबीयत बहुत खराब हो गई है वो आपको बुला रहे हैं.
ये बात सुन कर मेरी झटके से आँखें खुल गई ऑर मैं बिना कुछ बोले अंदर शर्ट पहन ने चला गया. तब तक रूबी भी कपड़े पहनकर बाहर आ चुकी थी.
रूबी : (दरवाज़े पर देखते हुए) कौन है बाहर शेरा....
मैं : रसूल है... बाबा की तबीयत खराब हो गई है इसलिए मुझे याद कर रहे हैं
रूबी : ओह्ह्ह.... मैं भी चलती हूँ आपके साथ.
मैं : नही तुम रहने दो मैं थोड़ी देर मे आ जाउन्गा तुम दरवाज़ा बंद करके आराम से सो जाओ
रूबी : कोई सीरीयस बात तो नही है ना
मैं : ये तो वहाँ जाके ही पता चलेगा.
रूबी : ठीक है... अगर मेरी ज़रूरत हो तो ड्राइवर को भेज देना.
मैं : (रूबी का सिर चूमते हुए) ठीक है अब तुम आराम करो ऑर सो जाना.
रूबी : (मुस्कुराते हुए) हमम्म ठीक है.
उसके बाद मैं तेज़ कदमो के साथ घर से बाहर निकल गया ऑर रसूल के साथ गाड़ी मे बैठ कर जल्दी से अपने ठिकाने पर पहुँच गया. वहाँ लाला, गानी ऑर सूमा पहले से मोजूद थे. मैं जल्दी से जाके बाबा के पास बैठ गया.
बाबा : आ गया तू शेरा...
मैं : जी बाबा... आप आराम कीजिए मैं डॉक्टर से बात करके आता हूँ (डॉक्टर को देखते हुए) क्या हुआ है बाबा को?
बाबा : (हाँ मे सिर हिलाते हुए) अच्छा...
डॉक्टर : इनको साँस लेने मे तक़लीफ़ हो रही है
मैं : ये ठीक तो हो जाएँगे ना.... अगर आप कहे तो मैं शहर से ऑर डॉक्टर बुलवा लेता हूँ.
डॉक्टर : उसकी कोई ज़रूरत नही है आप ज़रा मेरे साथ आइए आप से बात करनी थी.
मैं : (डॉक्टर को कमरे से बाहर लेके जाते हुए) चलिए....
उसके बाद मैं ऑर डॉक्टर बाहर हॉल मे आ गये मेरे पिछे-पिछे लाला, गानी ऑर सूमा भी आ गये जबकि रसूल बाबा के पास ही बैठ गया.
मैं : कहिए डॉक्टर क्या बात है.
डॉक्टर : देखिए मैं आपको कोई झूठा दिलासा नही देना चाहता इसलिए आपको सच बता रहा हूँ. इनके बॉडी मे काफ़ी गोलियाँ लगी थी कुछ वक़्त पहले आपको तो पता ही होगा.
मैं : ये तो हम जानते हैं इसमे नयी बता क्या है.
डॉक्टर : शायद आपको पता नही है लेकिन 6 गोलियो मे से 5 गोलियाँ तो ऑपरेशन से निकाल दी थी लेकिन 1 गोली इनके दिल के पिछे चली गई थी अगर वो गोली निकलते तो उनकी जान को ख़तरा हो सकता था इसलिए डॉक्टर्स ने वो गोली नही निकाली अब इतने दिन से वो गोली वहाँ रहने की वजह से पूरी बॉडी मे ज़हर फैल गया है इसलिए अब इनका बचना बहुत मुश्किल है. माफ़ कीजिए लेकिन अब इनके पास अब ज़्यादा वक़्त नही है.
मैं : देखिए डॉक्टर साहब आप पैसे की फिकर मत कीजिए पानी की तरह पैसा बहा दूँगा लेकिन वो जो अंदर लेता है वो मेरे लिए मेरा बाप है उनको कैसे भी करके बचा लीजिए मैने आज तक किसी के सामने हाथ नही जोड़े लेकिन आज जोड़ रहा हूँ प्लज़्ज़्ज़्ज़.
डॉक्टर : सॉरी मैं कुछ नही कर सकता अब काफ़ी देर हो गई है.
मैं : अगर बाबा को कुछ हुआ तो तू भी नही बचेगा ये बात समझ ले... लाला ले जा . साले को ऑर इसको डॉक्टरी सीखा.
उसके बाद हम वापिस मायूस दिल के साथ बाबा के पास आके बैठ गये.
बाबा : क्या कहा डॉक्टर ने.
मैं : बाबा आप ठीक हो जाएँगे कुछ नही होगा
बाबा : (मुस्कुराते हुए) तुझे झूठ बोलना भी नही आता. किसको झूठ बोला रहा है शेरा मुझे तेरी रग-रग पता है. मैं जानता हूँ कि अब मेरा आखरी वक़्त आ गया है इसलिए अब जो मैं कहूँगा वो बहुत ध्यान से सुनना तुम सब.
मैं : (रोते हुए) ऐसा मत बोलो बाबा आप बहुत जल्द अच्छे हो जाओगे... एह रसूल फॉरन दूसरे डॉक्टर का इंतज़ाम कर.
रसूल : हाँ अभी जाता हूँ.
बाबा : उसकी कोई ज़रूरत नही है मेरे पास बैठो तुम सारे.
मैं : (बाबा का हाथ पकड़ कर उनके पास बैठ ते हुए ) जी बाबा हुकुम कीजिए.
बाबा : बेटा शेरा अब ये सब कारोबार ये सारे लोग सब तेरी ज़िम्मेदारी है मैं तेरे कंधो पर ये सब कुछ छोड़ कर जा रहा हूँ.
मैं : जी बाबा...
बाबा : लाला, रसूल, सूमा ऑर गानी आज से तेरे दोस्त नही भाई हैं इनका ख़याल तुझे रखना है बस्ती मे जो लोग हैं वो भी तेरे अपने हैं उनको कभी किसी चीज़ की कमी ना होने पाए.
मैं : जी बाबा....
बाबा : तुम चारो भी इसकी हर बात मानना जो ये कहेगा वो मेरा हुकुम समझ कर हर बात की तामील करना हमेशा इसका साथ देना. हमेशा इसके साथ वफ़ादार रहना.
रसूल, लाला, गानी ओर सूमा : जी बाबा.... हम हमेशा हर कदम पर शेरा के साथ हैं.
इतनी बात करके बाबा की साँस उखड़ने लगी ऑर मेरी आँखो के सामने आखरी कलमा पढ़ते हुए मुस्कुरकर वो दुनिया से रुखसत हो गये. हम उनके पास बैठे रात भर रोते रहे लेकिन अब कुछ भी नही हो सकता था. जो चला गया वो अब वापिस नही आ सकता था आज हम सब एक बार फिर से यतीम हो गये थे क्योंकि जिसने सारी उम्र हम को पाला था इस क़ाबिल बनाया था वो इंसान हम को छोड़ कर जा चुका था ऑर उनके जाने की वजह उपर वाला नही था बल्कि उनका ही बेटा छोटा था ये बात याद आते ही मेरा खून खोलने लगा. बाबा के पास बैठे तमाम लोग रो रहे थे लेकिन वो वक़्त रोने का नही खुद को संभालने का था इसलिए मैने अपनी आँख से आँसू सॉफ किए ऑर सब को होसला देने लगा ऑर चुप करवाने लगा. सुबह हमने उनका कफ़न दफ़न का इंतज़ाम किया ऑर उनको आखरी कदम देके रोते हुए वापिस आ गये उनके जनाज़े मे सारी बस्ती के लोग मोजूद थे एक-एक बड़ा ऑर एक-एक बुजुर्ग रो रहा था क्योंकि आज वो इंसान उनको छोड़ कर चला गया था जो हमेशा उनका ख़याल रखता था अब हर इंसान मुझे एक उम्मीद की नज़र से देख रहा था ऑर ये बात अब सच भी थी क्योंकि बाबा की जगह अब मैं था उनके सारे काम अब मुझे ही पूरे करने थे हमारे तमाम दुश्मनो को अब मुझे ही ख़तम करना था. अपनी इन्ही सोचो के साथ मैं वापिस ठिकाने पर आ गया ऑर अकेला उनके बेड के पास आके बैठ गया ऑर बाबा की सिखाई हुई बातो को याद करने लगा.
कुछ देर बाबा के कमरे मे गुज़ारने के बाद मैं वापिस लाला, सूमा, गानी ऑर रसूल के पास आके बैठ गया वो लोग अब भी बुरी तरह रो रहे थे इसलिए सबको चुप करवाता रहा. हमारे कुछ दिन ऐसे ही मातम मे गुज़रे. इस वजह से हम सबका ध्यान अपने-अपने धंधो से हट गया था जिसका फायेदा छोटे ने उठाया. एक दिन मुझे फोन पर मेरे आदमी ने खबर दी कि हमारे विदेश के तमाम क्लाइंट्स ने हमारा माल खरीदने से मना कर दिया है क्योंकि अब वो तमाम गन्स ऑर ड्रग्स का बिज़्नेस हमारे साथ नही बल्कि छोटे के साथ करेंगे. बाबा के जाने की वजह से हम वैसे ही टूट चुके थे उपर से छोटे ने मोक़े पर ऐसी चाल चल कर हम सब का बिज़्नेस भी ख़तम कर दिया था. मुझे जिस दिन ये खबर मिली मेरे दिल मे दबी हुई नफ़रत ऑर गुस्सा उफान पर पा पहुँच गये लेकिन इस वक़्त मैं जोश मे आके कोई कदम नही उठाना चाहता था इसलिए अपने दिमाग़ से काम लिया. मैं चाहे कुछ भी था लेकिन बाबा जो ज़िम्मेदारी मुझे सौंप कर गये थे उसे अब मुझे ही पूरा करना था. मैने फॉरन सारे गॅंग को खंडहर पर बुलाया. कुछ ही देर मे गॅंग के तमाम लोग जो हमारे साथ थे वो वहाँ मोजूद हो गये. मैने सबको एक नज़र देखा ऑर फिर जाके अपनी कुर्सी पर बैठ गया मेरे बैठने के बाद सब लोग अपनी-अपनी कुर्सियो पर जाके बैठ गये. उसके बाद मैने बोला शुरू किया.
मैं : मैने ये मीटिंग इसलिए बुलाई है कि जितने दिन हम सब मातम मे थे छोटे ने हमारा सारा बिज़्नेस टेक-ओवर कर लिया है हमारे तमाम विदेशी क्लाइंट्स ने हम से माल खरीदने से मना कर दिया है क्योंकि छोटा उनको हम से कम कीमत मे माल सप्लाइ कर रहा है.
रसूल : साला कमीना अपने बाप की मौत का भी लिहाज नही रख सका. मैं सोच भी नही सकता था छोटा इतना गिर सकता है.
मैं : रसूल जो इंसान अपने ही बाप पर गोली चला सकता है उसके घटियापन की हद का अंदाज़ा तुम तो क्या कोई भी नही लगा सकता.
सूमा : भाई हमारे लिए बाबा की जगह अब तुम ही हो... तुम बस हुकुम करो कि क्या करना है... हम सब लोग तुम्हारे एक इशारे पर मौत बन कर छोटे ऑर उसके गॅंग पर टूट पड़ेंगे ऑर आज ही साले का किस्सा ख़तम कर देंगे.
मैं : नही सूमा... छोटा अभी तक चुप है क्योंकि वो जानता है कि बाबा के मरते ही हम लोग उस पर पूरी ताक़त के साथ अटॅक करेंगे इसलिए जब हम वहाँ जाएँगे तो वो भी हमारा ही इंतज़ार कर रहा होगा. अगर हम अभी गये तो हम मे से कोई भी वापिस नही आएगा. बाबा ने सिखाया था अगर दुश्मन को ख़तम करना है तो उसकी ताक़त ख़तम करदो फिर दुश्मन भी ख़तम हो जाएगा. हम को इंतज़ार करना होगा सही वक़्त का.
रसूल : तो तुम क्या चाहते हो वो साला वहाँ बाबा की मौत का जशन मनाए हमारा सारा बिज़्नेस ले जाए ऑर हम यहाँ मातम मनाते रहे हिजड़ो की तरह.
मैं : सबसे पहले ये पता करो कि उसके पास माल आया कहाँ से है जहाँ तक मुझे पता है अफ़ीम के सारे खेत तो हमारे क़ब्ज़े मे है ओर दूसरा कौन है जो उसको माल दे रहा है.
लाला : मैने सब पता करवा लिया है उसका एक खास आदमी है पोलीस मे जो उसको हमारा ही पकड़ा हुआ माल सप्लाइ करता है.
मैं : कौन है वो आदमी...
लाला : पता नही कोई इनस्पेक्टर ख़ान करके है नारकोटिक्स डिपार्टमेंट मे उसकी अच्छी चलती है. साला हमारा पकड़ा हुआ माल ही उसको बेच रहा है ऑर छोटा वही माल आगे विदेशो मे बेच रहा है.
रसूल : यार हम को क्या वो साला किसी से भी माल खरीदे हमारे धंधे की तो ऐसी-तैसी हो गई ना अब आगे क्या करना है ये सोचो.
मैं : अगर ख़ान ख़तम हो गया तो समझो छोटे को माल मिलना भी बंद हो जाएगा इसलिए हम को पहले ख़ान को ख़तम करना होगा.
सूमा : शेरा सही कह रहा है साले इस ख़ान का ही कुछ करना पड़ेगा.
रसूल : शेरा भाई हुकुम करो मैं जाता हूँ इस ख़ान को ठोकने के लिए.
मैं : (उंगली से ना का इशारा करते हुए) तुमको क्या लगता है ख़ान अकेला होगा ऑर तुम को बोलेगा आओ भाई मैं तुम्हारे बाप का माल हूँ मुझे ठोक दो.... तुम मे से कोई कही नही जाएगा तुम लोग सिर्फ़ बचा हुआ धंधा सम्भालो ओर उसको ठोकने मैं खुद जाउन्गा.
लाला : ठीक है लेकिन उसके साथ पोलीस वाले भी तो होंगे ना तू उसको मारेगा कैसे.
मैं : फिकर मत कर वो पोलीस वाला अभी तक पैदा नही हुआ जो शेरा को ठोक सके उस हरामखोर को तो मैं ही मारूँगा उसका भी तोड़ मैने सोच लिया है ऑर इस काम के लिए मैं आज ही निकालूँगा.
रसूल : ठीक है जैसा तुम ठीक समझो.
Update-49
Kuch der honth chusne ke baad usne mujhe apne upar se utha diya jisse lund bahar nikal gaya. Mujhe samajh nahi aaya ki usne lund kyo bahar nikal diya isliye sawaliyaa nazaro se uski taraf dekhne laga. usne ek nazar mujhe muskura kar dekha or fir wo bhi bed par uth kar baith gai or mere dekhte hi dekhte ab wo kisi janwar ki tarah apne dono hatho or dono ghutno ke bal bed par khadi ho gai. main usko khada dekh raha tha ki ab wo kya karti hai. usne apni garden ko pichhe ghumaya or ek muskaan ke sath mujhe pichhe aane ka ishara kiya. Main muskura kar uske pichhe aa gaya or jaldi se apni shirt-pent or underwear ko apne jism se azaad kiya. ab maine apna poora lund pichhe se ek hi jhatke me uski chut me daal diya or usko kamar se pakad kar jhatke maarne laga ab wo buland awaaz me sssss ssss kar rahi thi. kuch der aise hi rehne ke baad usne mera ek hath apni kamar se hataya or apne sir par rakh diya sath me mere hath me apne baal pakda diye ab main samajh chuka tha ki wo kya chahti hai isliye maine usko baalo se pakad liya or tez-tez jhatke maarne laga... Uski ssss... ssss... ab Aaaahhh ooooohhh aaaayyiiiii me badal chuki thi poore kamar me uski awaz or jhatko ki thappp.... thappp... ki awaaz hi gunj rahi thi. Achanak usko chodte hue mujhe yaad aaya ki fiza ko chodte hue bhi maine yhi tasveer dekhi thi isliye maine apna dusra hath jo uski kamar par tha uski gaanD par rakha or ek jor daar thappad uski gaanD par maara. Usne herani se meri taraf palatkar dekha or ek qatilana muskaan ke sath mujhe sir hila kar dubara marne ko kaha.
Ab maine ek hath se uske baal pakde hue the or dusri hath se uski gaanD par thappad ki barsaat kar raha tha kuch hi der me wo dusri baar bhi farig ho chuki thi isliye haafte hue wo bed par gir gai thi. main bhi uske upar hi leta hua tha hum dono ka jism paseene se nahaya hua tha. kuch der me jab uski saans durust ho gai to maine uske upar lete hi jhatke maarne shuru kar diye isliye usne usi possition me apni dono taangey faila lee taaki lund jad tak poora andar jaa sake. Iss posstion me mujhe or rubi dono ko behad maza aa raha tha isliye maine tez raftaar se jhatke lagane shuru kar diya kuch hi der me main bhi apni manzil ke kareeb pohonch gaya or mere sath hi rubi teesri baar fir se farig ho gai. Mere lund poore pressure se uski chut me mera maal chod raha tha. hum dono ab buri tarah thak chuke the or ek dusre ke upar pade apni saans ko durust kar rahe the. Hum dono hi itni jabardast chudayi se itna jyaadaa thak chuke the ki dono me se kisi ki bhi kapde pehan ne ki himmat nahi thi isliye hum dono aise hi ek chaddar apne upar lekar let gaye. Rubi bahut khush thi or mujhe muskurakar dekh rahi thi maine usko ek baar fir se gale se laga liya. wo gale lagi hui hi mere upar aake let gai ab hum dono hi khamosh the or thake hue the isliye kuch hi der me hi rubi mere upar hi so gai mujhe gale lagake or main bhi uski kamar par hath ferta hua jane kab neend ki wadiyo me kho gaya.
Hum dono sukoon se soye pade the ki kisi ne adha raat ko hmara darwaza khat-khataya jisse rubi ki jaag khul gai usne forun mujhe uthaya or kapde pehanne ka kaha maine jaldi me sirf pent pehni or darwaza kholne chala gaya. Itni der me Rubi ne zameen par bikhre apne kapde uthaye or bathroom me bhaag gai. Main aankhen malta hua darwaza khola to samne rasool or mera driver khade the.
Main : kya hai yaar itni raat tumko kya kaam pad gaya, itni achhi neend aa rahi thi bekaar me kharab kar di.
Rasool : bhai baba ki tabiyat bahut kharab ho gai hai wo aapko bula rahe hain.
Ye baat sun kar meri jhatke se aankhen khul gai or main bine kuch bole andar shirt pehan ne chala gaya. Tab tak rubi bhi kapde pehankar bahar aa chuki thi.
Rubi : (Darwaaze par dekhte hue) koun hai bahar shera....
Main : rasool hai... baba ki tabiyat kharab ho gai hai isliye mujhe yaad kar rahe hain
Rubi : Ohhh.... main bhi chalti hun aapke sath.
Main : nahi tum rehne do main thodi der me aa jaunga tum darwaza band karke araam se so jao
Rubi : koi serious baat to nahi hai naa
Main : ye to wahan jake hi pata chalega.
Rubi : thik hai... Agar meri jarurat ho to driver ko bhej dena.
Main : (rubi ka sir chumte hue) thik hai ab tum araam karo or so jana.
Rubi : (muskurate hue) Hhhmmm thik hai.
Uske baad main tez kadmo ke sath ghar se bahar nikal gaya or rasool ke sath gaadi me baith kar jaldi se apne thikane par pohonch gaya. Wahan lala, gaani or sooma pehle se mojud the. Main jaldi se jake baba ke pass baith gaya.
Baba : aa gaya tu shera...
Main : ji baba... aap araam kijiye main doctor se baat karke aata hun (Doctor ko dekhte hue) kya hua hai baba ko?
Baba : (haa me sir hilate hue) Achhaa...
Doctor : inko saans lene me taqleef ho rahi hai
Main : ye thik to ho jayenge naa.... Agar aap kahe to main shehar se or doctor bulwa leta hun.
Doctor : uski koi jarurat nahi hai ap zra mere sath aayiye aap se baat karni thi.
Main : (Doctor ko kamre se bahar leke jate hue) chaliye....
Uske baad main or doctor bahar hall me aa gaye mere pichhe-pichhe lala, Gaani or sooma bhi aa gaye jabki rasool baba ke pass hi baith gaya.
Main : kahiye doctor kya baat hai.
Doctor : dekhiye main aapko koi jhootha dilasa nahi dena chahta isliye apko sach bata raha hun. Inke body me kaafi goliyaan lagi thi kuch waqt pehle aapko to pata hi hoga.
Main : ye to hum jante hain isme nayi bata kya hai.
Doctor : shayad aapko pata nahi hai lekin 6 goliyo me se 5 goliyaan to operation se nikaal di thi lekin 1 goli inke dil ke pichhe chali gai thi agar wo goli nikalte to unki jaan ko khatra ho sakta tha isliye doctors ne wo goli nahi nikaali ab itne din se wo goli wahan rehne ki wajah se poori body me zehar fail gaya hai isliye ab inka bachna bahut mushkil hai. Maaf kijiye lekin ab inke pass ab jyaadaa waqt nahi hai.
Main : dekhiye doctor sahab aap paise ki fikar mat kijiye paani ki tarah paisa baha dunga lekin wo jo andar leta hai wo mere liye mera baap hai unko kaise bhi karke bacha lijiye maine aaj tak kisi ke samne hath nahi jode lekin aaj jod raha hun plzzzz.
Doctor : sorry main kuch nahi kar sakta ab kaafi der ho gai hai.
Main : agar baba ko kuch hua to tu bhi nahi bachega ye baat samajh le... Eh lala le jaa iss sale ko or isko doctori seekha.
Uske baad hum wapis mayus dil ke sath baba ke pass aake baith gaye.
Baba : kya kaha doctor ne.
Main : baba aap thik ho jayenge kuch nahi hoga
Baba : (muskurate hue) tujhe jhooth bolna bhi nahi aata. Kisko jhooth bola raha hai shera mujhe teri rag-rag pata hai. Main janta hun ki ab mera akhri waqt aa gaya hai isliye ab jo main kahunga wo bahut dhyaan se sunna tum sab.
Main : (rote hue) aisa mat bolo baba aap bahut jald achhe ho jaoge... Eh rasool foran dusre doctor ka intezaam kar.
Rasool : haa abhi jata hun.
Baba : uski koi jarurat nahi hai mere pass baitho tum sare.
Main : (baba ka hath pakad kar unke pass baith te hue ) ji baba hukum kijiye.
Baba : beta shera ab ye sab karobaar ye sare log sab teri jimmedaari hai main tere kandho par ye sab kuch chod kar jaa raha hun.
Main : ji baba...
Baba : lala, rasool, Sooma or gaani aaj se tere dost nahi bhai hain inka khayaal tujhe rakhna hai basti me jo log hain wo bhi tere apne hain unko kabhi kisi chij ki kami na hone paye.
Main : ji baba....
Baba : tum chaaro bhi iski har baat manna jo ye kahega wo mera hukum samajh kar har baat ki tameel karna hamesha iska sath dena. Hamesha iske sath waffadar rehna.
Rasool, lala, gaani or sooma : ji baba.... Hum hamesha har kadam par shera ke sath hain.
Itni baat karke baba ki saans ukhadne lagi or meri aankho ke samne aakhri kalma padhte hue muskurakar wo duniya se rukhsat ho gaye. Hum unke pass baithe raat bhar rote rahe lekin ab kuch bhi nahi ho sakta tha. Jo chala gaya wo ab wapis nahi aa sakta tha aaj hum sab ek baar fir se yateem ho gaye the kyonki jisne sari umer ham ko pala tha iss qabil banaya tha wo insaan ham ko chod kar jaa chuka tha or unke jana ki wajah upar wala nahi tha balki unka hi beta chhota tha ye baat yaad aate hi mera khun kholne laga. Baba ke pass baithe tamaam log rou rahe the lekin wo waqt rone ka nahi khud ko sambhalne ka tha isliye maine apni aankh se aansu saaf kiye or sab ko hosla dene laga or chup karwane laga. subah hamane unka kafan dafan ka intezaam kiya or unko aakhri kadam deke rote hue wapis aa gaye unke janaze me sari basti ke log mojud the ek-ek bada or ek-ek bujurg rou raha tha kyonki aaj wo insaan unko chod kar chala gaya tha jo hamesha unka khayaal rakhta tha ab har insaan mujhe ek ummeed ki nazar se dekh raha tha or ye baat ab sach bi thi kyonki baba ki jagah ab main tha unke sare kaam ab mujhe hi poore karne the hamaare tamaam dushmano ko ab mujhe hi khatam karna tha. Apni inhi socho ke sath main wapis thikane par aa gaye or akaila unke bed ke pass aake baith gaya or baba ki sikhayi hui baato ko yaad karne laga.
Kuch der baba ke kamre me guzarne ke baad main wapis lala, sooma, gaani or rasool ke pass aake baith gaya wo log ab bhi buri tarah rou rahe the isliye sabko chup karwata raha. Hamaare kuch din aise hi maatam me guzre. Iss wajah se hum sabka dhyaan apne-apne dhandho se hat gaya tha jiska phayeda chhote ne uthaya. ek din mujhe phone par mere aadmi ne khabar di ki hamaare videsh ke tamaam clients ne hmara maal khareedne se mana kar diya hai kyonki ab wo tamaam guns or druggs ka business hamaare sath nahi balki chhote ke sath karenge. Baba ke jane ki wajah se hum waise hi toot chuke the upar se chhote ne moqe par aisi chaal chal kar hum sab ka business bhi khatam kar diya tha. Mujhe jis din ye khabar mili mere dil me dabi hui nafrat or gussa ufaan par pohonch gaya lekin iss waqt main josh me aake koi kadam nahi uthana chahta tha isliye apne dimaag se kaam liya. Main chahe kuch bhi tha lekin baba jo jimmedari mujhe sompkar gaye the usse ab mujhe hi poora karna tha. Maine foran sab gang ko khandhar par bulaya. Kuch hi der me gang ke tamaam log jo hamaare sath the wo wahan mojud ho gaye. Maine sabko ek nazar dekha or phir jake apni kursi par baith gaya Mere baithne ke baad sab log apni-apni kursiyo par jake baith gaye. Uske baad maine bola shuru kiya.
Main : maine ye meeting isliye bulayi hai ki jitne din hum sab maatam me the chhote ne hmara sara business take-over kar liya hai hamaare tamam videshi clients ne humse maal khareedne se mana kar diya hai kyonki chhota unko humse kam keemat me maal supply kar raha hai.
Rasool : sala kameena apne baap ki maut ka bhi lehaaz nahi rakh saka. main soch bhi nahi sakta tha chhota itna gir sakta hai.
Main : rasool jo insaan apne hi baap par goli chala sakta hai uske ghatiyapan ki hadd ka andaza tum to kya koi bhi nahi laga sakta.
Sooma : Bhai hamaare liye baba ki jagah ab tum hi ho... Tum bas hukum karo ki kya karna hai... hum sab log tumhare ek ishare par maut ban kar chhote or uske gang par toot padenge or aaj hi sale ka kissa khatam kar denge.
Main : Nahi sooma... chhota abhi tak chup hai kyonki wo janta hai ki baba ke marte hi hum log uss par poori taqat ke sath attack karenge isliye jab hum wahan jayenge to wo bhi hmara hi intzaar kar raha hoga. Agar hum abhi gaye to hum me se koi bhi wapis nahi aayega. baba ne sikhaya tha agar dushman ko khatam karna hai to uski taqat khatam kardo phir dushman bhi khatam ho jayega. Ham ko intzaar karna hoga sahi waqt ka.
Rasool : To tum kya chahte ho wo sala wahan baba ki maut ka jashan manaye hmara sara business le jaye or hum yahan maatam manate rahe hijado ki tarah.
Main : sabse pehle ye pata karo ki uske paas maal aya kaha se hai jahan tak mujhe pata hai afeem ke sare khet to hamaare kabze me hai or dusra koun hai jo usko maal de raha hai.
Lala : Maine sab pata karwa liya hai uska ek khas aadmi hai police me jo usko hmara hi pakda hua maal supply karta hai.
Main : kaun hai wo aadmi...
Lala : pata nahi koi Inspector khan karke hai Narcotics department me uski achhi chalti hai. Sala hmara pakda hua maal hi usko bech raha hai or chhota wahi maal aagey videsho me bech raha hai.
Rasool : Yaar ham ko kya wo sala kisi se bhi maal khareede hamaare dhandhe ki to aisi-taisi ho gai na ab aagey kya karna hai ye socho.
Main : Agar khan khatam ho gaya to samjho chhote ko maal milna bhi band ho jayega isliye ham ko pehle khan ko khatam karna hoga.
Sooma : shera sahi keh raha hai sale iss khan ka hi kuch karna padega.
Rasool : shera bhai hukum karo main jata hun iss khan ko thokne ke liye.
Main : (ungali se naa ka ishara karte hue) Tumko kya lagta hai khan akela hoga or tum ko bolega aao bhai main tumhare baap ka maal hun mujhe thok do.... tum me se koi kahi nahi jayega tum log sirf bacha hua dhandha sambhalo or usko thokne main khud jaunga.
Lala : Thik hai lekin uske sath police wale bhi to honge naa tu usko maarega kaise.
Main : fikar mat kar wo policewala abhi tak paida nahi hua jo shera ko thok sake uss haramkhor ko to main hi marunga uska bhi tod maine soch liya hai or iss kaam ke liye main aaj hi nikalunga.
Rasool : thik hai jaisa tum thik samjho.
कुछ देर होंठ चूसने के बाद उसने मुझे अपने उपर से उठा दिया जिससे लंड बाहर निकल गया. मुझे समझ नही आया कि उसने लंड क्यो बाहर निकाल दिया इसलिए सवालिया नज़रों से उसकी तरफ देखने लगा. उसने एक नज़र मुझे मुस्कुरा कर देखा ऑर फिर वो भी बेड पर उठ कर बैठ गई ऑर मेरे देखते ही देखते अब वो किसी जानवर की तरह अपने दोनो हाथो ऑर दोनो घुटनो के बल बेड पर खड़ी हो गई. मैं उसको खड़ा देख रहा था कि अब वो क्या करती है. उसने अपनी गर्दन को पिछे घुमाया ऑर एक मुस्कान के साथ मुझे पिछे आने का इशारा किया. मैं मुस्कुरा कर उसके पिछे आ गया ऑर जल्दी से अपनी शर्ट-पेंट ऑर अंडरवेर को अपने जिस्म से आज़ाद किया. अब मैने अपना पूरा लंड पिछे से एक ही झटके मे उसकी चूत मे डाल दिया ऑर उसको कमर से पकड़ कर झटके मारने लगा अब वो बुलंद आवाज़ मे सस्सस्स ससस्स कर रही थी. कुछ देर ऐसे ही रहने के बाद उसने मेरा एक हाथ अपनी कमर से हटाया ऑर अपने सिर पर रख दिया साथ मे मेरे हाथ मे अपने बाल पकड़ा दिए अब मैं समझ चुका था कि वो क्या चाहती है इसलिए मैने उसको बालो से पकड़ लिया ऑर तेज़-तेज़ झटके मारने लगा... उसकी ससस्स... ससस्स... अब आआहह ऊऊओ आायईयीई मे बदल चुकी थी पूरे कमर मे उसकी आवाज़ ऑर झटको की थप्प्प.... थप्प्प... की आवाज़ ही गूँज रही थी. अचानक उसको चोदते हुए मुझे याद आया कि फ़िज़ा को चोदते हुए भी मैने यही तस्वीर देखी थी इसलिए मैने अपना दूसरा हाथ जो उसकी कमर पर था उसकी गान्ड पर रखा ऑर एक ज़ोर दार थप्पड़ उसकी गान्ड पर मारा. उसने हैरानी से मेरी तरफ पलटकर देखा ऑर एक क़ातिलाना मुस्कान के साथ मुझे सिर हिला कर दुबारा मारने को कहा.
अब मैने एक हाथ से उसके बाल पकड़े हुए थे ऑर दूसरी हाथ से उसकी गान्ड पर थप्पड़ की बरसात कर रहा था कुछ ही देर मे वो दूसरी बार भी फारिग हो चुकी थी इसलिए हाफ्ते हुए वो बेड पर गिर गई थी. मैं भी उसके उपर ही लेटा हुआ था हम दोनो का जिस्म पसीने से नहाया हुआ था. कुछ देर मे जब उसकी साँस दुरुस्त हो गई तो मैने उसके उपर लेटे लेटे ही झटके मारने शुरू कर दिए इसलिए उसने उसी पोज़ीशन मे अपनी दोनो टांगे फैला ली ताकि लंड जड़ तक पूरा अंदर जा सके. इस पोज़ीशन मे मुझे ऑर रूबी दोनो को बेहद मज़ा आ रहा था इसलिए मैने तेज़ रफ़्तार से झटके लगाने शुरू कर दिया कुछ ही देर मे मैं भी अपनी मंज़िल के करीब पहुँच गया ऑर मेरे साथ ही रूबी तीसरी बार फिर से फारिग हो गई. मेरे लंड पूरे प्रेशर से उसकी चूत मे मेरा माल छोड़ रहा था. हम दोनो अब बुरी तरह थक चुके थे ऑर एक दूसरे के उपर पड़े अपनी साँस को दुरुस्त कर रहे थे. हम दोनो ही इतनी जबरदस्त चुदाई से इतना ज़्यादा थक चुके थे कि दोनो मे से किसी की भी कपड़े पहन ने कि हिम्मत नही थी इसलिए हम दोनो ऐसे ही एक चद्दर अपने उपर लेकर लेट गये. रूबी बहुत खुश थी ऑर मुझे मुस्कुरा कर देख रही थी मैने उसको एक बार फिर से गले से लगा लिया. वो गले लगी हुई ही मेरे उपर आके लेट गई अब हम दोनो ही खामोश थे ऑर थके हुए थे इसलिए कुछ ही देर मे ही रूबी मेरे उपर ही सो गई मुझे गले लगाके ऑर मैं भी उसकी कमर पर हाथ फेरता हुआ जाने कब नींद की वादियो मे खो गया.
हम दोनो सुकून से सोए पड़े थे कि किसी ने आधा रात को हमारा दरवाज़ा खट-खाटाया जिससे रूबी की नींद खुल गई उसने फॉरन मुझे उठाया ऑर कपड़े पहनने का कहा मैने जल्दी मे सिर्फ़ पेंट पहनी ऑर दरवाज़ा खोलने चला गया. इतनी देर मे रूबी ने ज़मीन पर बिखरे अपने कपड़े उठाए ऑर बाथरूम मे भाग गई. मैं आँखें मलता हुआ दरवाज़ा खोला तो सामने रसूल ऑर मेरा ड्राइवर खड़े थे.
मैं : क्या है यार इतनी रात तुमको क्या काम पड़ गया, इतनी अच्छी नींद आ रही थी बेकार मे खराब कर दी.
रसूल : भाई बाबा की तबीयत बहुत खराब हो गई है वो आपको बुला रहे हैं.
ये बात सुन कर मेरी झटके से आँखें खुल गई ऑर मैं बिना कुछ बोले अंदर शर्ट पहन ने चला गया. तब तक रूबी भी कपड़े पहनकर बाहर आ चुकी थी.
रूबी : (दरवाज़े पर देखते हुए) कौन है बाहर शेरा....
मैं : रसूल है... बाबा की तबीयत खराब हो गई है इसलिए मुझे याद कर रहे हैं
रूबी : ओह्ह्ह.... मैं भी चलती हूँ आपके साथ.
मैं : नही तुम रहने दो मैं थोड़ी देर मे आ जाउन्गा तुम दरवाज़ा बंद करके आराम से सो जाओ
रूबी : कोई सीरीयस बात तो नही है ना
मैं : ये तो वहाँ जाके ही पता चलेगा.
रूबी : ठीक है... अगर मेरी ज़रूरत हो तो ड्राइवर को भेज देना.
मैं : (रूबी का सिर चूमते हुए) ठीक है अब तुम आराम करो ऑर सो जाना.
रूबी : (मुस्कुराते हुए) हमम्म ठीक है.
उसके बाद मैं तेज़ कदमो के साथ घर से बाहर निकल गया ऑर रसूल के साथ गाड़ी मे बैठ कर जल्दी से अपने ठिकाने पर पहुँच गया. वहाँ लाला, गानी ऑर सूमा पहले से मोजूद थे. मैं जल्दी से जाके बाबा के पास बैठ गया.
बाबा : आ गया तू शेरा...
मैं : जी बाबा... आप आराम कीजिए मैं डॉक्टर से बात करके आता हूँ (डॉक्टर को देखते हुए) क्या हुआ है बाबा को?
बाबा : (हाँ मे सिर हिलाते हुए) अच्छा...
डॉक्टर : इनको साँस लेने मे तक़लीफ़ हो रही है
मैं : ये ठीक तो हो जाएँगे ना.... अगर आप कहे तो मैं शहर से ऑर डॉक्टर बुलवा लेता हूँ.
डॉक्टर : उसकी कोई ज़रूरत नही है आप ज़रा मेरे साथ आइए आप से बात करनी थी.
मैं : (डॉक्टर को कमरे से बाहर लेके जाते हुए) चलिए....
उसके बाद मैं ऑर डॉक्टर बाहर हॉल मे आ गये मेरे पिछे-पिछे लाला, गानी ऑर सूमा भी आ गये जबकि रसूल बाबा के पास ही बैठ गया.
मैं : कहिए डॉक्टर क्या बात है.
डॉक्टर : देखिए मैं आपको कोई झूठा दिलासा नही देना चाहता इसलिए आपको सच बता रहा हूँ. इनके बॉडी मे काफ़ी गोलियाँ लगी थी कुछ वक़्त पहले आपको तो पता ही होगा.
मैं : ये तो हम जानते हैं इसमे नयी बता क्या है.
डॉक्टर : शायद आपको पता नही है लेकिन 6 गोलियो मे से 5 गोलियाँ तो ऑपरेशन से निकाल दी थी लेकिन 1 गोली इनके दिल के पिछे चली गई थी अगर वो गोली निकलते तो उनकी जान को ख़तरा हो सकता था इसलिए डॉक्टर्स ने वो गोली नही निकाली अब इतने दिन से वो गोली वहाँ रहने की वजह से पूरी बॉडी मे ज़हर फैल गया है इसलिए अब इनका बचना बहुत मुश्किल है. माफ़ कीजिए लेकिन अब इनके पास अब ज़्यादा वक़्त नही है.
मैं : देखिए डॉक्टर साहब आप पैसे की फिकर मत कीजिए पानी की तरह पैसा बहा दूँगा लेकिन वो जो अंदर लेता है वो मेरे लिए मेरा बाप है उनको कैसे भी करके बचा लीजिए मैने आज तक किसी के सामने हाथ नही जोड़े लेकिन आज जोड़ रहा हूँ प्लज़्ज़्ज़्ज़.
डॉक्टर : सॉरी मैं कुछ नही कर सकता अब काफ़ी देर हो गई है.
मैं : अगर बाबा को कुछ हुआ तो तू भी नही बचेगा ये बात समझ ले... लाला ले जा . साले को ऑर इसको डॉक्टरी सीखा.
उसके बाद हम वापिस मायूस दिल के साथ बाबा के पास आके बैठ गये.
बाबा : क्या कहा डॉक्टर ने.
मैं : बाबा आप ठीक हो जाएँगे कुछ नही होगा
बाबा : (मुस्कुराते हुए) तुझे झूठ बोलना भी नही आता. किसको झूठ बोला रहा है शेरा मुझे तेरी रग-रग पता है. मैं जानता हूँ कि अब मेरा आखरी वक़्त आ गया है इसलिए अब जो मैं कहूँगा वो बहुत ध्यान से सुनना तुम सब.
मैं : (रोते हुए) ऐसा मत बोलो बाबा आप बहुत जल्द अच्छे हो जाओगे... एह रसूल फॉरन दूसरे डॉक्टर का इंतज़ाम कर.
रसूल : हाँ अभी जाता हूँ.
बाबा : उसकी कोई ज़रूरत नही है मेरे पास बैठो तुम सारे.
मैं : (बाबा का हाथ पकड़ कर उनके पास बैठ ते हुए ) जी बाबा हुकुम कीजिए.
बाबा : बेटा शेरा अब ये सब कारोबार ये सारे लोग सब तेरी ज़िम्मेदारी है मैं तेरे कंधो पर ये सब कुछ छोड़ कर जा रहा हूँ.
मैं : जी बाबा...
बाबा : लाला, रसूल, सूमा ऑर गानी आज से तेरे दोस्त नही भाई हैं इनका ख़याल तुझे रखना है बस्ती मे जो लोग हैं वो भी तेरे अपने हैं उनको कभी किसी चीज़ की कमी ना होने पाए.
मैं : जी बाबा....
बाबा : तुम चारो भी इसकी हर बात मानना जो ये कहेगा वो मेरा हुकुम समझ कर हर बात की तामील करना हमेशा इसका साथ देना. हमेशा इसके साथ वफ़ादार रहना.
रसूल, लाला, गानी ओर सूमा : जी बाबा.... हम हमेशा हर कदम पर शेरा के साथ हैं.
इतनी बात करके बाबा की साँस उखड़ने लगी ऑर मेरी आँखो के सामने आखरी कलमा पढ़ते हुए मुस्कुरकर वो दुनिया से रुखसत हो गये. हम उनके पास बैठे रात भर रोते रहे लेकिन अब कुछ भी नही हो सकता था. जो चला गया वो अब वापिस नही आ सकता था आज हम सब एक बार फिर से यतीम हो गये थे क्योंकि जिसने सारी उम्र हम को पाला था इस क़ाबिल बनाया था वो इंसान हम को छोड़ कर जा चुका था ऑर उनके जाने की वजह उपर वाला नही था बल्कि उनका ही बेटा छोटा था ये बात याद आते ही मेरा खून खोलने लगा. बाबा के पास बैठे तमाम लोग रो रहे थे लेकिन वो वक़्त रोने का नही खुद को संभालने का था इसलिए मैने अपनी आँख से आँसू सॉफ किए ऑर सब को होसला देने लगा ऑर चुप करवाने लगा. सुबह हमने उनका कफ़न दफ़न का इंतज़ाम किया ऑर उनको आखरी कदम देके रोते हुए वापिस आ गये उनके जनाज़े मे सारी बस्ती के लोग मोजूद थे एक-एक बड़ा ऑर एक-एक बुजुर्ग रो रहा था क्योंकि आज वो इंसान उनको छोड़ कर चला गया था जो हमेशा उनका ख़याल रखता था अब हर इंसान मुझे एक उम्मीद की नज़र से देख रहा था ऑर ये बात अब सच भी थी क्योंकि बाबा की जगह अब मैं था उनके सारे काम अब मुझे ही पूरे करने थे हमारे तमाम दुश्मनो को अब मुझे ही ख़तम करना था. अपनी इन्ही सोचो के साथ मैं वापिस ठिकाने पर आ गया ऑर अकेला उनके बेड के पास आके बैठ गया ऑर बाबा की सिखाई हुई बातो को याद करने लगा.
कुछ देर बाबा के कमरे मे गुज़ारने के बाद मैं वापिस लाला, सूमा, गानी ऑर रसूल के पास आके बैठ गया वो लोग अब भी बुरी तरह रो रहे थे इसलिए सबको चुप करवाता रहा. हमारे कुछ दिन ऐसे ही मातम मे गुज़रे. इस वजह से हम सबका ध्यान अपने-अपने धंधो से हट गया था जिसका फायेदा छोटे ने उठाया. एक दिन मुझे फोन पर मेरे आदमी ने खबर दी कि हमारे विदेश के तमाम क्लाइंट्स ने हमारा माल खरीदने से मना कर दिया है क्योंकि अब वो तमाम गन्स ऑर ड्रग्स का बिज़्नेस हमारे साथ नही बल्कि छोटे के साथ करेंगे. बाबा के जाने की वजह से हम वैसे ही टूट चुके थे उपर से छोटे ने मोक़े पर ऐसी चाल चल कर हम सब का बिज़्नेस भी ख़तम कर दिया था. मुझे जिस दिन ये खबर मिली मेरे दिल मे दबी हुई नफ़रत ऑर गुस्सा उफान पर पा पहुँच गये लेकिन इस वक़्त मैं जोश मे आके कोई कदम नही उठाना चाहता था इसलिए अपने दिमाग़ से काम लिया. मैं चाहे कुछ भी था लेकिन बाबा जो ज़िम्मेदारी मुझे सौंप कर गये थे उसे अब मुझे ही पूरा करना था. मैने फॉरन सारे गॅंग को खंडहर पर बुलाया. कुछ ही देर मे गॅंग के तमाम लोग जो हमारे साथ थे वो वहाँ मोजूद हो गये. मैने सबको एक नज़र देखा ऑर फिर जाके अपनी कुर्सी पर बैठ गया मेरे बैठने के बाद सब लोग अपनी-अपनी कुर्सियो पर जाके बैठ गये. उसके बाद मैने बोला शुरू किया.
मैं : मैने ये मीटिंग इसलिए बुलाई है कि जितने दिन हम सब मातम मे थे छोटे ने हमारा सारा बिज़्नेस टेक-ओवर कर लिया है हमारे तमाम विदेशी क्लाइंट्स ने हम से माल खरीदने से मना कर दिया है क्योंकि छोटा उनको हम से कम कीमत मे माल सप्लाइ कर रहा है.
रसूल : साला कमीना अपने बाप की मौत का भी लिहाज नही रख सका. मैं सोच भी नही सकता था छोटा इतना गिर सकता है.
मैं : रसूल जो इंसान अपने ही बाप पर गोली चला सकता है उसके घटियापन की हद का अंदाज़ा तुम तो क्या कोई भी नही लगा सकता.
सूमा : भाई हमारे लिए बाबा की जगह अब तुम ही हो... तुम बस हुकुम करो कि क्या करना है... हम सब लोग तुम्हारे एक इशारे पर मौत बन कर छोटे ऑर उसके गॅंग पर टूट पड़ेंगे ऑर आज ही साले का किस्सा ख़तम कर देंगे.
मैं : नही सूमा... छोटा अभी तक चुप है क्योंकि वो जानता है कि बाबा के मरते ही हम लोग उस पर पूरी ताक़त के साथ अटॅक करेंगे इसलिए जब हम वहाँ जाएँगे तो वो भी हमारा ही इंतज़ार कर रहा होगा. अगर हम अभी गये तो हम मे से कोई भी वापिस नही आएगा. बाबा ने सिखाया था अगर दुश्मन को ख़तम करना है तो उसकी ताक़त ख़तम करदो फिर दुश्मन भी ख़तम हो जाएगा. हम को इंतज़ार करना होगा सही वक़्त का.
रसूल : तो तुम क्या चाहते हो वो साला वहाँ बाबा की मौत का जशन मनाए हमारा सारा बिज़्नेस ले जाए ऑर हम यहाँ मातम मनाते रहे हिजड़ो की तरह.
मैं : सबसे पहले ये पता करो कि उसके पास माल आया कहाँ से है जहाँ तक मुझे पता है अफ़ीम के सारे खेत तो हमारे क़ब्ज़े मे है ओर दूसरा कौन है जो उसको माल दे रहा है.
लाला : मैने सब पता करवा लिया है उसका एक खास आदमी है पोलीस मे जो उसको हमारा ही पकड़ा हुआ माल सप्लाइ करता है.
मैं : कौन है वो आदमी...
लाला : पता नही कोई इनस्पेक्टर ख़ान करके है नारकोटिक्स डिपार्टमेंट मे उसकी अच्छी चलती है. साला हमारा पकड़ा हुआ माल ही उसको बेच रहा है ऑर छोटा वही माल आगे विदेशो मे बेच रहा है.
रसूल : यार हम को क्या वो साला किसी से भी माल खरीदे हमारे धंधे की तो ऐसी-तैसी हो गई ना अब आगे क्या करना है ये सोचो.
मैं : अगर ख़ान ख़तम हो गया तो समझो छोटे को माल मिलना भी बंद हो जाएगा इसलिए हम को पहले ख़ान को ख़तम करना होगा.
सूमा : शेरा सही कह रहा है साले इस ख़ान का ही कुछ करना पड़ेगा.
रसूल : शेरा भाई हुकुम करो मैं जाता हूँ इस ख़ान को ठोकने के लिए.
मैं : (उंगली से ना का इशारा करते हुए) तुमको क्या लगता है ख़ान अकेला होगा ऑर तुम को बोलेगा आओ भाई मैं तुम्हारे बाप का माल हूँ मुझे ठोक दो.... तुम मे से कोई कही नही जाएगा तुम लोग सिर्फ़ बचा हुआ धंधा सम्भालो ओर उसको ठोकने मैं खुद जाउन्गा.
लाला : ठीक है लेकिन उसके साथ पोलीस वाले भी तो होंगे ना तू उसको मारेगा कैसे.
मैं : फिकर मत कर वो पोलीस वाला अभी तक पैदा नही हुआ जो शेरा को ठोक सके उस हरामखोर को तो मैं ही मारूँगा उसका भी तोड़ मैने सोच लिया है ऑर इस काम के लिए मैं आज ही निकालूँगा.
रसूल : ठीक है जैसा तुम ठीक समझो.
Update-49
Kuch der honth chusne ke baad usne mujhe apne upar se utha diya jisse lund bahar nikal gaya. Mujhe samajh nahi aaya ki usne lund kyo bahar nikal diya isliye sawaliyaa nazaro se uski taraf dekhne laga. usne ek nazar mujhe muskura kar dekha or fir wo bhi bed par uth kar baith gai or mere dekhte hi dekhte ab wo kisi janwar ki tarah apne dono hatho or dono ghutno ke bal bed par khadi ho gai. main usko khada dekh raha tha ki ab wo kya karti hai. usne apni garden ko pichhe ghumaya or ek muskaan ke sath mujhe pichhe aane ka ishara kiya. Main muskura kar uske pichhe aa gaya or jaldi se apni shirt-pent or underwear ko apne jism se azaad kiya. ab maine apna poora lund pichhe se ek hi jhatke me uski chut me daal diya or usko kamar se pakad kar jhatke maarne laga ab wo buland awaaz me sssss ssss kar rahi thi. kuch der aise hi rehne ke baad usne mera ek hath apni kamar se hataya or apne sir par rakh diya sath me mere hath me apne baal pakda diye ab main samajh chuka tha ki wo kya chahti hai isliye maine usko baalo se pakad liya or tez-tez jhatke maarne laga... Uski ssss... ssss... ab Aaaahhh ooooohhh aaaayyiiiii me badal chuki thi poore kamar me uski awaz or jhatko ki thappp.... thappp... ki awaaz hi gunj rahi thi. Achanak usko chodte hue mujhe yaad aaya ki fiza ko chodte hue bhi maine yhi tasveer dekhi thi isliye maine apna dusra hath jo uski kamar par tha uski gaanD par rakha or ek jor daar thappad uski gaanD par maara. Usne herani se meri taraf palatkar dekha or ek qatilana muskaan ke sath mujhe sir hila kar dubara marne ko kaha.
Ab maine ek hath se uske baal pakde hue the or dusri hath se uski gaanD par thappad ki barsaat kar raha tha kuch hi der me wo dusri baar bhi farig ho chuki thi isliye haafte hue wo bed par gir gai thi. main bhi uske upar hi leta hua tha hum dono ka jism paseene se nahaya hua tha. kuch der me jab uski saans durust ho gai to maine uske upar lete hi jhatke maarne shuru kar diye isliye usne usi possition me apni dono taangey faila lee taaki lund jad tak poora andar jaa sake. Iss posstion me mujhe or rubi dono ko behad maza aa raha tha isliye maine tez raftaar se jhatke lagane shuru kar diya kuch hi der me main bhi apni manzil ke kareeb pohonch gaya or mere sath hi rubi teesri baar fir se farig ho gai. Mere lund poore pressure se uski chut me mera maal chod raha tha. hum dono ab buri tarah thak chuke the or ek dusre ke upar pade apni saans ko durust kar rahe the. Hum dono hi itni jabardast chudayi se itna jyaadaa thak chuke the ki dono me se kisi ki bhi kapde pehan ne ki himmat nahi thi isliye hum dono aise hi ek chaddar apne upar lekar let gaye. Rubi bahut khush thi or mujhe muskurakar dekh rahi thi maine usko ek baar fir se gale se laga liya. wo gale lagi hui hi mere upar aake let gai ab hum dono hi khamosh the or thake hue the isliye kuch hi der me hi rubi mere upar hi so gai mujhe gale lagake or main bhi uski kamar par hath ferta hua jane kab neend ki wadiyo me kho gaya.
Hum dono sukoon se soye pade the ki kisi ne adha raat ko hmara darwaza khat-khataya jisse rubi ki jaag khul gai usne forun mujhe uthaya or kapde pehanne ka kaha maine jaldi me sirf pent pehni or darwaza kholne chala gaya. Itni der me Rubi ne zameen par bikhre apne kapde uthaye or bathroom me bhaag gai. Main aankhen malta hua darwaza khola to samne rasool or mera driver khade the.
Main : kya hai yaar itni raat tumko kya kaam pad gaya, itni achhi neend aa rahi thi bekaar me kharab kar di.
Rasool : bhai baba ki tabiyat bahut kharab ho gai hai wo aapko bula rahe hain.
Ye baat sun kar meri jhatke se aankhen khul gai or main bine kuch bole andar shirt pehan ne chala gaya. Tab tak rubi bhi kapde pehankar bahar aa chuki thi.
Rubi : (Darwaaze par dekhte hue) koun hai bahar shera....
Main : rasool hai... baba ki tabiyat kharab ho gai hai isliye mujhe yaad kar rahe hain
Rubi : Ohhh.... main bhi chalti hun aapke sath.
Main : nahi tum rehne do main thodi der me aa jaunga tum darwaza band karke araam se so jao
Rubi : koi serious baat to nahi hai naa
Main : ye to wahan jake hi pata chalega.
Rubi : thik hai... Agar meri jarurat ho to driver ko bhej dena.
Main : (rubi ka sir chumte hue) thik hai ab tum araam karo or so jana.
Rubi : (muskurate hue) Hhhmmm thik hai.
Uske baad main tez kadmo ke sath ghar se bahar nikal gaya or rasool ke sath gaadi me baith kar jaldi se apne thikane par pohonch gaya. Wahan lala, gaani or sooma pehle se mojud the. Main jaldi se jake baba ke pass baith gaya.
Baba : aa gaya tu shera...
Main : ji baba... aap araam kijiye main doctor se baat karke aata hun (Doctor ko dekhte hue) kya hua hai baba ko?
Baba : (haa me sir hilate hue) Achhaa...
Doctor : inko saans lene me taqleef ho rahi hai
Main : ye thik to ho jayenge naa.... Agar aap kahe to main shehar se or doctor bulwa leta hun.
Doctor : uski koi jarurat nahi hai ap zra mere sath aayiye aap se baat karni thi.
Main : (Doctor ko kamre se bahar leke jate hue) chaliye....
Uske baad main or doctor bahar hall me aa gaye mere pichhe-pichhe lala, Gaani or sooma bhi aa gaye jabki rasool baba ke pass hi baith gaya.
Main : kahiye doctor kya baat hai.
Doctor : dekhiye main aapko koi jhootha dilasa nahi dena chahta isliye apko sach bata raha hun. Inke body me kaafi goliyaan lagi thi kuch waqt pehle aapko to pata hi hoga.
Main : ye to hum jante hain isme nayi bata kya hai.
Doctor : shayad aapko pata nahi hai lekin 6 goliyo me se 5 goliyaan to operation se nikaal di thi lekin 1 goli inke dil ke pichhe chali gai thi agar wo goli nikalte to unki jaan ko khatra ho sakta tha isliye doctors ne wo goli nahi nikaali ab itne din se wo goli wahan rehne ki wajah se poori body me zehar fail gaya hai isliye ab inka bachna bahut mushkil hai. Maaf kijiye lekin ab inke pass ab jyaadaa waqt nahi hai.
Main : dekhiye doctor sahab aap paise ki fikar mat kijiye paani ki tarah paisa baha dunga lekin wo jo andar leta hai wo mere liye mera baap hai unko kaise bhi karke bacha lijiye maine aaj tak kisi ke samne hath nahi jode lekin aaj jod raha hun plzzzz.
Doctor : sorry main kuch nahi kar sakta ab kaafi der ho gai hai.
Main : agar baba ko kuch hua to tu bhi nahi bachega ye baat samajh le... Eh lala le jaa iss sale ko or isko doctori seekha.
Uske baad hum wapis mayus dil ke sath baba ke pass aake baith gaye.
Baba : kya kaha doctor ne.
Main : baba aap thik ho jayenge kuch nahi hoga
Baba : (muskurate hue) tujhe jhooth bolna bhi nahi aata. Kisko jhooth bola raha hai shera mujhe teri rag-rag pata hai. Main janta hun ki ab mera akhri waqt aa gaya hai isliye ab jo main kahunga wo bahut dhyaan se sunna tum sab.
Main : (rote hue) aisa mat bolo baba aap bahut jald achhe ho jaoge... Eh rasool foran dusre doctor ka intezaam kar.
Rasool : haa abhi jata hun.
Baba : uski koi jarurat nahi hai mere pass baitho tum sare.
Main : (baba ka hath pakad kar unke pass baith te hue ) ji baba hukum kijiye.
Baba : beta shera ab ye sab karobaar ye sare log sab teri jimmedaari hai main tere kandho par ye sab kuch chod kar jaa raha hun.
Main : ji baba...
Baba : lala, rasool, Sooma or gaani aaj se tere dost nahi bhai hain inka khayaal tujhe rakhna hai basti me jo log hain wo bhi tere apne hain unko kabhi kisi chij ki kami na hone paye.
Main : ji baba....
Baba : tum chaaro bhi iski har baat manna jo ye kahega wo mera hukum samajh kar har baat ki tameel karna hamesha iska sath dena. Hamesha iske sath waffadar rehna.
Rasool, lala, gaani or sooma : ji baba.... Hum hamesha har kadam par shera ke sath hain.
Itni baat karke baba ki saans ukhadne lagi or meri aankho ke samne aakhri kalma padhte hue muskurakar wo duniya se rukhsat ho gaye. Hum unke pass baithe raat bhar rote rahe lekin ab kuch bhi nahi ho sakta tha. Jo chala gaya wo ab wapis nahi aa sakta tha aaj hum sab ek baar fir se yateem ho gaye the kyonki jisne sari umer ham ko pala tha iss qabil banaya tha wo insaan ham ko chod kar jaa chuka tha or unke jana ki wajah upar wala nahi tha balki unka hi beta chhota tha ye baat yaad aate hi mera khun kholne laga. Baba ke pass baithe tamaam log rou rahe the lekin wo waqt rone ka nahi khud ko sambhalne ka tha isliye maine apni aankh se aansu saaf kiye or sab ko hosla dene laga or chup karwane laga. subah hamane unka kafan dafan ka intezaam kiya or unko aakhri kadam deke rote hue wapis aa gaye unke janaze me sari basti ke log mojud the ek-ek bada or ek-ek bujurg rou raha tha kyonki aaj wo insaan unko chod kar chala gaya tha jo hamesha unka khayaal rakhta tha ab har insaan mujhe ek ummeed ki nazar se dekh raha tha or ye baat ab sach bi thi kyonki baba ki jagah ab main tha unke sare kaam ab mujhe hi poore karne the hamaare tamaam dushmano ko ab mujhe hi khatam karna tha. Apni inhi socho ke sath main wapis thikane par aa gaye or akaila unke bed ke pass aake baith gaya or baba ki sikhayi hui baato ko yaad karne laga.
Kuch der baba ke kamre me guzarne ke baad main wapis lala, sooma, gaani or rasool ke pass aake baith gaya wo log ab bhi buri tarah rou rahe the isliye sabko chup karwata raha. Hamaare kuch din aise hi maatam me guzre. Iss wajah se hum sabka dhyaan apne-apne dhandho se hat gaya tha jiska phayeda chhote ne uthaya. ek din mujhe phone par mere aadmi ne khabar di ki hamaare videsh ke tamaam clients ne hmara maal khareedne se mana kar diya hai kyonki ab wo tamaam guns or druggs ka business hamaare sath nahi balki chhote ke sath karenge. Baba ke jane ki wajah se hum waise hi toot chuke the upar se chhote ne moqe par aisi chaal chal kar hum sab ka business bhi khatam kar diya tha. Mujhe jis din ye khabar mili mere dil me dabi hui nafrat or gussa ufaan par pohonch gaya lekin iss waqt main josh me aake koi kadam nahi uthana chahta tha isliye apne dimaag se kaam liya. Main chahe kuch bhi tha lekin baba jo jimmedari mujhe sompkar gaye the usse ab mujhe hi poora karna tha. Maine foran sab gang ko khandhar par bulaya. Kuch hi der me gang ke tamaam log jo hamaare sath the wo wahan mojud ho gaye. Maine sabko ek nazar dekha or phir jake apni kursi par baith gaya Mere baithne ke baad sab log apni-apni kursiyo par jake baith gaye. Uske baad maine bola shuru kiya.
Main : maine ye meeting isliye bulayi hai ki jitne din hum sab maatam me the chhote ne hmara sara business take-over kar liya hai hamaare tamam videshi clients ne humse maal khareedne se mana kar diya hai kyonki chhota unko humse kam keemat me maal supply kar raha hai.
Rasool : sala kameena apne baap ki maut ka bhi lehaaz nahi rakh saka. main soch bhi nahi sakta tha chhota itna gir sakta hai.
Main : rasool jo insaan apne hi baap par goli chala sakta hai uske ghatiyapan ki hadd ka andaza tum to kya koi bhi nahi laga sakta.
Sooma : Bhai hamaare liye baba ki jagah ab tum hi ho... Tum bas hukum karo ki kya karna hai... hum sab log tumhare ek ishare par maut ban kar chhote or uske gang par toot padenge or aaj hi sale ka kissa khatam kar denge.
Main : Nahi sooma... chhota abhi tak chup hai kyonki wo janta hai ki baba ke marte hi hum log uss par poori taqat ke sath attack karenge isliye jab hum wahan jayenge to wo bhi hmara hi intzaar kar raha hoga. Agar hum abhi gaye to hum me se koi bhi wapis nahi aayega. baba ne sikhaya tha agar dushman ko khatam karna hai to uski taqat khatam kardo phir dushman bhi khatam ho jayega. Ham ko intzaar karna hoga sahi waqt ka.
Rasool : To tum kya chahte ho wo sala wahan baba ki maut ka jashan manaye hmara sara business le jaye or hum yahan maatam manate rahe hijado ki tarah.
Main : sabse pehle ye pata karo ki uske paas maal aya kaha se hai jahan tak mujhe pata hai afeem ke sare khet to hamaare kabze me hai or dusra koun hai jo usko maal de raha hai.
Lala : Maine sab pata karwa liya hai uska ek khas aadmi hai police me jo usko hmara hi pakda hua maal supply karta hai.
Main : kaun hai wo aadmi...
Lala : pata nahi koi Inspector khan karke hai Narcotics department me uski achhi chalti hai. Sala hmara pakda hua maal hi usko bech raha hai or chhota wahi maal aagey videsho me bech raha hai.
Rasool : Yaar ham ko kya wo sala kisi se bhi maal khareede hamaare dhandhe ki to aisi-taisi ho gai na ab aagey kya karna hai ye socho.
Main : Agar khan khatam ho gaya to samjho chhote ko maal milna bhi band ho jayega isliye ham ko pehle khan ko khatam karna hoga.
Sooma : shera sahi keh raha hai sale iss khan ka hi kuch karna padega.
Rasool : shera bhai hukum karo main jata hun iss khan ko thokne ke liye.
Main : (ungali se naa ka ishara karte hue) Tumko kya lagta hai khan akela hoga or tum ko bolega aao bhai main tumhare baap ka maal hun mujhe thok do.... tum me se koi kahi nahi jayega tum log sirf bacha hua dhandha sambhalo or usko thokne main khud jaunga.
Lala : Thik hai lekin uske sath police wale bhi to honge naa tu usko maarega kaise.
Main : fikar mat kar wo policewala abhi tak paida nahi hua jo shera ko thok sake uss haramkhor ko to main hi marunga uska bhi tod maine soch liya hai or iss kaam ke liye main aaj hi nikalunga.
Rasool : thik hai jaisa tum thik samjho.