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आंटी और माँ के साथ मस्ती complete

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जैसे ही फार्महाउस के अंदर घुसे,सलीम ने मम्मी को पीछे से उठा लिया ऑर कमरे मे जाने लगा,मम्मी मेरी तरफ देख रही थी लेकिन कोई कुछ नही कर सकता था ,सब फसे हुए थे

चाची:तेरी मम्मी और मेरा सलीम तो गये चुदाई करने हम भी चलते है

मेने चाची को किस करना शुरू किया,हम लोग कमरे के बाहर ही किस कर रहे थे,सलीम ने दरवाज़ा बंद नही किया था केवल जाते समय टाँग से भिड़ा दिया था

चाची:क्यो ना साथ मे चुदाई करे

मे :जैसा आप चाहे

चाची :चल आज़ा ऑर मे ऑर चाची उस रूम की चलने लगे जहाँ सलीम ऑर मम्मी थी

मे जैसे ही रूम के अंदर एंटर हुआ तो देखा ,मम्मी बेड पे लेटी हुई है ऑर सलीम मम्मी के होँठो पे किस कर रहा है ,ऑर एक हाथ साड़ी के उपर से चूत पे मसल रहा था

मे भी चाची को लेकर वहाँ लगे हुए सोफे पे बैठ कर किस करने लगा

मे अब चाची की कमीज़ उतारने लगा ,जैसे ही कमीज़ उतारी चाची की बड़ी बड़ी चुचिया सामने आ गयी

मे अपना मुँह चुचियो पे रखकर चूसने लगा,मेने पाया कि चाची की चुचिया मम्मी के मुकाबले ज़्यादा कठोर थी

एक नज़र मम्मी की तरफ की तो पता चल की सलीम भी मम्मी का ब्लाउस खोल चुका था ऑर मम्मी की काली कलर की ब्रा दिख रही थी

मे अब उठा ऑर चाची की सलवार उतारने लगा,सलवार उतरते ही चाची अब केवल पैंटी मे आ गयी थी जिसे मेने जल्दी ही उतार दिया

दूसरी तरफ सलीम मम्मी को खड़ा करके साड़ी उतार रहा था,साड़ी उतरते ही मम्मी ब्रा ऑर पेटीकोत मे आ गयी

सलीम ने बिना किसी देर के मम्मी का पेटिकोट ऑर ब्रा भी उतार दिया ऑर मम्मी को पूरी नंगी कर दिया

सलीम ने मम्मी को बेड पे लेटा कर चूत चूसने लगा,सलीम द्वारा मम्मी की चूत चूसे जाने के कारण मम्मी के मुँह सिसकारियाँ निकलने लग गयी,मतलब सॉफ था मम्मी भी गरम हो गयी

मेने भी चाची को सोफे पे बैठाया ऑर मे ज़मीन पे बैठ कर चाची की चूत चाटने लगा

,जल्द ही चाची की चूत ने पानी छोड़ना शुरू किया ,मुझसे रहा नही जा रहा था इसलिए मे खड़ा हुआ ऑर अपना पाजामा उतारा ,मेने अंडरवेर नही पहनी थी,इसलिए लंड सामने आ गया ,मेरा लंड बिल्कुल सख़्त ऑर पूरा खड़ा हुआ था

,उंधर सलीम कभी मम्मी के होंठो को चूस रहा था कभी चुचियो को तो कभी चूत को ,सलीम मे वाकई बहुत जोश था,जैसे सपनो की अप्सरा की मिल गयी हो

मेने चाची को सोफे पे ही लेटा दिया ऑर उपर चढ़ गया

मे:चाची तैयार हो क्या

चाची:मे तो हमेशा ही तयार रहती हूँ

ऑर मेने अपना लंड चाची के मुँह पे लगाया,चाची की चूत ढीली ऑर गीली होने की वजह से मेरा लंड पुख्ह्ह्ह्ह से अंदर घुस गया,जैसे ही मेरा लंड अंदर घुसा चाची की एक लंबी सास बाहर निकली ऑर मेरा सिर खीच कर अपने होठ मेरे होंठो पे रख दिए

कुछ देर किस करने के बाद चाची बोली घुसा अंदर

 
मेने ज़ोर ज़ोर से धक्के देना शुरू किया,मेरा लंड बड़ी आसानी से अंदर घुस गया ऑर बड़े आराम से अंदर बाहर होने लगा,मेने एक झलक सलीम की ओर पाना चाहा तो देखा कि सलीम ने पॅंट उतार कर अपने लंड को बाहर निकाल लिया था,सलीम का लंड बहुत बड़ा था ऑर पूरा काला,किसी साँप की तरफ,उसका आगे का टोपा यूँ लग रहा था जैसे वो फुफ्कार रहा हो

मेरा लंड सलीम के लंड की तुलना मे छोटा लग रहा था,वो वापस मम्मी के उपर लेटकर मम्मी के होंठो को चूसने लगा ऑर अपना लंड मम्मी की चूत पे लगा कर रगड़ने लगा

तभी एक दबी दबी चीख उठी ,देखा तो सलीम ने अपना लंड मम्मी की चूत के अंदर घुसा दिया था,ऑर उसने मम्मी के होठ अपने होंठो से दबाकर मम्मी के शरीर को ज़ोर से पकड़ रखा था,सलीम वैसे भी हट्टा कट्टा इंसान था ,इसलिए मम्मी कुछ नही कर पाई

उसका लंड मम्मी की चूत को फाड़ता हुआ अंदर घुस चुका था

सलीम ने जबरदस्त धक्के दे दे कर अपना लंड मम्मी की चूत मे घुसा दिया था,मम्मी की आँखो से आसू निकल रहे थे उधर सलीम को कोई परवाह नही थी,सलीम का पूरा लंड चूत मे घुस जाने पे उसने धक्के देना शुरू किया

मे होता था या फिर कोई भी होता एक बार लंड पूरा अंदर घुसाने के बाद रुकता ज़रूर है पर सलीम ने तो अंदर घुसाते ही धक्के देना शुरू कर दिया था

सलीम को किस करते हुए धक्के देने मे थोड़ी दिक्कत हो रही थी इसलिए उसने अपने होठ मम्मी के होंठो से हटा लिए

जैसे ही सलीम ने होठ हटाए मम्मी के मुँह से आअहह आआआहह आआआहह की अव्वाज़े निकलनी शुरू हो गयी

सलीम अब सतसट मम्मी की चूत मार रहा था,उसके धक्के देने की रफ़्तार बहुत तेज थी,सलीम इतनी तेज़ी से धक्के मार रहा था कि उसका लंड नही देख पा रहे थे ,उसका लंड कब बाहर निकलता ऑर कब अंदर घुस जाता पता ही नही चल रहा था,इतनी जबरदस्त चुदाई के कारण मम्मी के चेहरे पर दर्द का भाव उभर आया

सलीम मेरी मम्मी की जबरदस्त चुदाई कर रहा था मे चाची की ,सलीम मस्ती ऑर मज़े मे मम्मी की चुदाई कर रहा था मे अपनी मम्मी को चुदते हुए देखने पर

हम दोनो के बीच एक कॉंपिटिशन सा होगया था,पूरे कमरे मे थप थप की मधुर धुन सुनाई दे रही थी ,हम दोनो बस चुदाई मे लगे हुए थे,हमारे इस कंप्टिशन मे चाची ऑर मम्मी की चूत के हाल बुरे हो रहे थे,तभी सलीम ने मम्मी को चोदना बंद किया ऑर मम्मी को घोड़ी बनने को कहा,

मे तो अपनी धून मे चाची की चूत चोदे जा रहा था,सलीम ने अपना मुँह मम्मी की गान्ड पे लगाया ऑर चाटने लगा,मे समझ गया कि सलीम अब मम्मी की गान्ड मारने वाला है

,उसने अब अब अपनी उंगलिया पे थूक लगाया ऑर सबसे छोटी उंगली घुसा दी,धीरे धीरे कर कर के अपनी दो बड़ी उंगलिया घुसा कर अंदर बाहर करने लगा,जब उसे लगा कि गान्ड लंड घुसने जितनी चौड़ी हो गयी है तो उसने फिर से अपनी पोज़िशन ली,वो मम्मी के पीछे आ गया,

उसने ढेर सारा थूक अपने लंड पे लगाया ऑर मम्मी की गान्ड पे रख दिया,

मे मम्मी की चीख का इंतज़ार ही कर रहा था कि सलीम ने एक जोरदार झटका दिया ऑर पूरा कमरा आआआआआआआआआईयईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई की चीख से भर गया

मम्मी को ये दर्द बर्दास्त नही हुआ,मम्मी उठना चाह रही थी पर सलीम ने उठने नही दिया,उसका लंड गान्ड से बाहर नही निकल जाए इसलिए उसने मम्मी के कंधे पकड़ रखे थे

मम्मी:सलीम ,गान्ड रहने दो,मे मर जाउन्गी,चाहे तो चूत मार ले पर गान्ड मत मार तू जो कहेगा वो मे करूगी

सलीम:बस शुरुआत मे दर्द होता है ,ऑर ये कहकर उसने एक ऑर ज़ोर का धक्का लगाया,ऑर सलीम का लंड मम्मी की गान्ड फाड़ता हुआ आधा अंदर घुस गया

 
मे ये सोच रहा था कि अगर मेने मम्मी की गान्ड नही मारी होती तो ये सलीम तो मेरी मम्मी को अपने लंड से मार ही देता,मेने मम्मी की इतनी बार गान्ड मारी तब भी मम्मी की ये हालत,सोचकर ही आश्चर्य हुआ

मम्मी की गान्ड मराई देखकर मेने भी चाची को घोड़ी बनाया ऑर बिना किसी उंगली के ईस्तमाल से मेने केवल लंड पे थूक लगाकर ही गान्ड पे रख दिया ऑर एक करारा धक्का दिया ऑर चाची के मुँह से आआआआआआआआआईयईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई,साले थोड़ी चौड़ी तो करता

मे:चाची आप तो इतनी अनुभवी हो गान्ड मरवाने मे,आपकी गान्ड चौड़ी करने की क्या ज़रूरत

ऑर ये कहकर मेने एक ऑर धक्का दिया ऑर मेरा लंड चाची की गान्ड मे आधा घुसा आगे ऑर चाची के मुँह से एक बार फिर आआआआआआआआआआआआआआऐययईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई मार डाला रे,आज मारने का इरादा है क्या

तभी मम्मी की चीख निकली आआआआआआआआआऐययईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई,उसके बाद सलीम ने अपना आखरी धक्का दियाया,उसके शरीर की मूव्मेंट से पता लगता था कि ये धक्का बहुत दमदार था,इस धक्के ने सलीम का लंड पूरा मम्मी की गान्ड मे घुसा दिया ऑर मम्मी को आगे करके बेड पे गिरा दिया ऑर सलीम भी मम्मी के साथ साथ बेड पे गिर गया

सलीम का लंड का पहले ही पूरा घुस चुका था ,लेकिन बेड पे गिरने के कारण सलीम के वेट का धक्का ऑर लगा जिससे लंड मम्मी की गान्ड को दबाता हुआ ऑर गहराई तक घुस गया

मम्मी की तो बोलती ही बंद हो गयी ऑर बेहोश सी हो गयी

कुछ ही देर मे मम्मी को होश आया,सलीम मुझे जाने दे ,ऑर मम्मी हाथ पैर पटकने लगी ,ऑर कुछ देर बाद मम्मी रोने लगी

सलीम:अब आगे दर्द नही होगा

ऑर ये कह कर सलीम मम्मी की हल्की हल्की गान्ड दबाने लगा

मम्मी को दर्द सहन नही हो रहा था

सलीम:अम्मी कुछ करो ना

मे चाची की गान्ड मार रहा था

चाची:मोहित मे तेरी मम्मी की मदद करती हूँ

मे:मे चोद रहा हूँ उसका क्या

चाची:कैसे बेटे हो तेरी मम्मी को दर्द हो रहा है ऑर तुम चोदने मे लगे हुए हो

मेने मम्मी की हालत देखी मम्मी दर्द के कारण रो रही थी ऑर आँखो से आसुओ की धारा बह रही थी

मम्मी:सलीम भगवान के लिए निकाल लो ,बस एक बार लंड निकाल लो ,मुझसे सहा नही जा रहा,बहुत दर्द हो रहा है

मुझसे रहा नही गया ऑर मेने चाची की गान्ड से लंड निकाल लिया

लंड निकलते ही चाची सलीम की तरफ गयी

चाची मम्मी की अब गान्ड को फैला रही थी जिससे थोड़ा दर्द कम हो

मे भी मम्मी के पास गया वहाँ देखा तो सलीम का काला लंड मम्मी की गान्ड मे कसा हुआ पड़ा था,सलीम के लंड ने छेद को बुरी तरफ फैला रखा था,ये हालत थी कि लंड को अंदर बाहर करना भी मुस्किल हो रहा था

चाची :बेटा ज़रा अपनी मम्मी की चूत सहलाना,इससे थोड़ा दर्द कम हो जाएगा

मे एक हाथ नीचे ले जाकर मम्मी की चूत सहलाने लगा

सलीम ने थोड़ा सा लंड बाहर निकाला ऑर फिरसे से अंदर कर दिया,इससे मम्मी को फिर दर्द हुआ

मम्मी रोते हुए.......

मम्मी:आआआआआऐययईईईईईईई सलीम मे मर जाउन्गी

चाची:बस अभी दर्द ख़तम हो जाएगा

मे मम्मी की गान्ड सलीम के लंड से अपनी ही आँखो के सामे मारते हुए देख रहा था

मम्मी चद्दर को मुट्ठी मे भरकर दर्द सहने की कोशिस कर रही थी

धीरे धीरे गान्ड का छल्ला ढीला होने लगा ,अब मम्मी का रोना भी थोड़ा कम हुआ था

सलीम अब हर बार थोड़ा ज़्यादा लंड बाहर निकाल कर अंदर डालने लगा,

 
सलीम द्वारा गान्ड सहलाने ,चाची द्वारा गान्ड को फैलाना ऑर मेरे द्वारा चूत को सहलाने से मम्मी गरम होने लगी .जिससे दर्द कम ऑर मज़ा आना शुरू हुआ

धीरे धीरे सलीम का लंड मम्मी की गान्ड की गहराइयाँ नापने लगा

कुछ ही देर मे सलीम लगभग पूरा लंड बाहर निकाल कर अंदर घुसा रहा था,जैसे ही सलीम का लंड पूरा बाहर निकल कर अंदर घुसता मम्मी के मुँह से आआआआआआआआआहह निकल जाती

मम्मी की चूत भी पानी छोड़ रही थी

सलीम अब तुम दोनो हटो ,मुझे गान्ड मारने दो

चाची ऑर मे हम दोनो हट गये ऑर सलीम अब ज़ोर ज़ोर से लंड अंदर बाहर करने लगा,कुछ ही देर मे सलीम मम्मी की बुरी तरह गान्ड मारने लग गया,अब सलीम सतसट मम्मी की गान्ड मार रहा था,मम्मी भी अब अपनी गान्ड सलीम के लंड पे मारने लग गयी थी,अब मम्मी को भी गान्ड मरवाने मे मज़ा आने लगा था

सलीम मम्मी को अपनी गान्ड खुद के लंड पे मारते देख मम्मी की गान्ड पे कहर ढा दिया,ऐसी गान्ड की चुदाई की गान्ड लाल पड़ गयी

सलीम:अम्मी मज़ा आ गया गान्ड मारके,बहुत सालो बाद मिलो है टाइट गान्ड मारने को,

पूरे कमरे मे ठप ठप हो रही थी ,मेने ऐसी गान्ड चुदाई तो सपने मे भी नही सोची थी

सलीम ऐसी जबरदस्त ठुकाई कर रहा था कि पूरी गान्ड लाल पड़ गयी,मम्मी इतने तगड़े लंड से अपनी गान्ड की ठुकाई करवा के पस्त हो गयी थी ,अब धीरे धीरे मम्मी की हालत बिगड़ने लगी,ऑर मम्मी के मुँह से फिर हर धक्के के साथ आआअहह आआअहह आआअहह निकल ने लग गयी जो बढ़ती जा रही जैसे जैसे सलीम धक्के लगा रहा था

चाची:हँसते हुए,गान्ड मरवाना आसान बात नही है ऑर वो भी मेरे बेटे से,अच्छी अच्छी गांडे हार मान लेती है मेरे बेटे के लंड के सामने

सलीम अपनी तारीफ सुनकर ऑर ज़ोर से धक्के लगाने लगा,सलीम ने मम्मी की हालत खराब कर दी थी,सलीम गछगच मम्मी की गान्ड चोद रहा था

सलीम मम्मी की गान्ड मे बहुत गहराई तक धक्के मार रहा था,वो अपने शरीर के वजन का भी काम मे ले रहा था,सलीम मम्मी का सिर अपनी तरफ घूमाकर होंठो को चूस्ते हुए गान्ड चोदने लगा

मम्मी भी नीचे पड़े पड़ी अपनी गान्ड मरवा रही थी

सलीम घंटे भर से मम्मी की बुरी तरह गान्ड मार रहा था

हम दोनो मम्मी की गान्ड मराई देख रहे थे

सलीम का लंड टाइट गान्ड का कसाव झेल नही सका ऑर झड गया

सलीम ने जैसे ही लंड निकाला,मे हैरान रह गया ,मम्मी की गान्ड बुरी तरफ खुल गयी थी ऑर उसमे से सलीम का वीर्य ऑर खून बाहर आ रहा था

चाची:सलीम आख़िर तूने मार ही ली गान्ड ,बहुत दिनो से पीछे पड़ा था

सलीम:मज़ा आ गया अम्मी

...............

 
रात के 9 बज रहे थे

मेने सलीम से कहा कि मे खाना पॅक करा लाता हूँ ,

सलीम;हाँ सही कहा आज कॉन खाना बनाने वाला है ,आज तो चुदाई करेंगे

मे:मम्मी तुम भी आ जाओ मेरे साथ ,मे आपके साथ घूमना चाहता हूँ

मम्मी:बेटा गान्ड मे बहुत दर्द हो रहा है,ऐसा लग रहा है जैसे फट गयी हो गान्ड

मे:मम्मी सब सही हो जाएगा

फिर मेने मम्मी को खड़ा किया मम्मी की उठने की हालत नही थी ,मेने कैसे भी करके मम्मी को खड़ा किया साड़ी पहनाई ब्लाउस पहनाया ऑर सहारा देकर कार मे बैठाया,ऑर निकल पड़ा कार लेके

मेने मम्मी के साथ कार मे

मे:मुझे बिल्कुल अच्छा नही लगा सलीम ने आपकी इतनी बुरी तरह गान्ड मारी

मम्मी:मे भी क्या करती चाची ने फसा ही इतना रखा था कि मे मना नही कर सकी

मे रास्ते मे सिगरेट की दुकान पे सिगरेट ली ऑर पीने लगा,तभी मुझे वो लड़का दिखाई दिया जिसको मेने जंगल मे मारा था

मेने पूछा जानते हो क्या इन्हे

दुकानदार ने जवाब दिया

दुकानदार:ये तो बहुत हरम्खोर लड़के है,बहुत बार जैल जा चुके है ,इनका एक गॅंग भी है ,

तभी मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आया

मेने मम्मी को सब कुछ समझा दिया ,मेरा आइडिया सुनकर मम्मी थोड़ा घबरा गयी

लेकिन विस्वास दिलाया कुछ नही होगा

मे उन लड़को के पास गया

मे:क्या रे,मुझे पहचाना ,उस रात तेरी गान्ड मारी थी

लड़का:साले,तू रुक तुझे बताता हूँ अभी,ऑर वो फोन मिलाने लगा

अबे ओये ,लड़ना है तो वहीं आ जा जहाँ मेने तेरी गान्ड मारी थी,जहाँ तुझे पटक पटक के पीटा था

लड़का तू आ साले

मे:मे जानता हूँ तू गॅंग को बुला रहा है,मेरे पास भी एक आदमी है जो तुम्हारी सबकी छुट्टी कर देगा,अगर तू वहाँ से बच निकला तो मे तेरा यहीं इंतज़ार करूगा

ऑर ये कहकर मे चला गया

रास्ते मे मम्मी को एक दुकान पे उतारा ऑर कहा मे अभी आता हूँ

ऑर फार्महाउस पे गया ऑर सलीम को बोला अरे जंगल मे मेरी मम्मी को एक लड़के ने पकड़ लिया है

सलीम :तू वहाँ क्या करने गया था

मे:यार तुझे तो मम्मी का चस्का लगा हुआ है ,मम्मी की गान्ड मराई के बाद मेरी भी इच्छा हो गयी ,पर तू तो मुझे आज मम्मी को हाथ भी नही लगाने देता

सलीम :हाँ चल

मे सलीम के साथ गया,जैसे ही मुझे लड़के दिखे मे वहाँ से भाग गया ऑर पोलीस को बुलाने लगा,जब तक उन लड़को ने सलीम को पकड़ कर इतना बुरी तरफ मारा कि अधमरी हालत मे पहुच गया

पोलीस ने आते ही सबको गिरफ्तार कर लिया ऑर सलीम को हॉस्पिटल ले जाने लगे,लेकिन सलीम ने रास्ते मे ही दम तोड़ दिया

जब ये बात चाची को पता चली तो चाची बेहोश हो गयी

होश आने पे मेने ऑर मम्मी ने संभाला

पोलीस ने केस दादागिरी करने के नाम पे बंद कर दिया ऑर लड़को को 10 साल की जैल हो गयी

अब धीरे धीरे समय बीत ता गया ऑर चाची पूरी तरह मेरी हो गयी,अब मे चाची मम्मी को जब भी मन होता चूत गान्ड मार लेता

मनोहर बिना मेरी मदद के मम्मी के पास भी नही आ सकता था

आगे मेरे ऐसे ही अच्छे दिन कट ते रहे ऑर मे खूब मज़े से जिंदगी जीने लगा

दोस्तो अब आप कहोगे कितना मतलबी इंसान है पहले चाची को धोका देकर अपनी माँ की गान्ड मार ली फिर गाँव में चाचा को नामर्द बना दिया और जब सलीम ने मम्मी की गान्ड मार ली तो उसे भी रास्ते से हटा दिया . पर दोस्तो मैं सलीम को सिर्फ़ पिटवाना चाहता था जान से मरवाना नहीं . खैर अब क्या हो सकता है कहते हैं जो भी होता है अच्छे के लिए होता है क्योंकि सलीम के ना रहने से आंटी अब मेरी हो चुकी है

कहानी कैसी लगी अपने विचार ज़रूर दें और जो भाई कहानी लिखना जानते हैं या लिखना चाहते हैं अपनी कहानी आरएसएस पर ज़रूर लिखें ...... धन्यवाद

दा एंड

 
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