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आंटी बेड पे लेट गई और मेरे लण्ड को देख के बोलीं – जवान लड़कों की यही बात मुझे पसंद है… तेरी तरह, उनके लण्ड को कभी चैन नहीं मिलता…
मैं उनके ऊपर आ गया और उनके बूब को चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा..
आंटी – आह उनमह इस्स स स स s s s s s s… आह इयाः या या या या या या आया… आराम से राजू… और मैंने आंटी की निप्पल काट ली..
अब आंटी चीखी – अहह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह ह आ न न न ह ह ह… राजू र र र र र र र र र र… तुम नहीं सुधरोगे…
मैंने आंटी की पैंटी उतार दी और उनकी चूत चाटने लगा..
आंटी मेरा सिर चूत मे दबाने लगीं और आवाज़े निकालने लगीं – ह ह ऊए ऊए ऊए ऊए आह आह आह राजू… खा लो पूरी चूत… खा लो…
अब हम 69 की पोज़िशन में आ गए और आंटी मेरा लण्ड चूसने लगीं..
फिर मैं उठा और आंटी की चूत पे अपना लण्ड रगड़ा और एक झटके मे आधा लण्ड अंदर डाल दिया..
आंटी चीख पड़ीं – राजू आराम से डालो… मार गयी… आ ई ई ई ह ह ह ह ह ह ह ह s s s s s s…
और फिर दूसरे झटके में पूरा लण्ड आंटी की चूत मे समा गया और आंटी बोलीं – आनह मार गयइ… आह आह आह अहह…
फिर मैं शॉट मारने लगा..
आंटी – और तेज़… और तेज़… आह आह आह आह आह आह अहह अहह…
फिर मैं थोड़ी देर बाद झड़ गया और आंटी के ऊपर लेट गया..
मैंने आंटी को लीप किस की और उनके मम्मे दबाने लगा और उनकी चूत मे लण्ड डाला दिया और फिर हम सो गये..
फिर 1 बजे, आंटी ने मुझे उठाया और हमने कपड़े पहने..
जब मैं अपने घर जाने लगा तो आंटी बोलीं – राजू, तुमने कल मेरी रियल सुहागरात मनवाई है… और मुझे लीप किस करने लगीं..
मैंने आंटी को “आई लव यू” बोला और मैं अपना घर चला गया..
उस दिन आंटी को रात भर और सुबह चोदने के बाद, मैं दोपहर में अपने घर आ कर नहाने चला गया, खाना खा कर सो गया..
फिर शाम को, जब 5 बजे उठा तो आंटी के बारे में सोच कर मुस्कुराने लगा और अपने आप से कहने लगा – यार, चलो एक और इनिंग हो जाए..
मैं फ्रेश हुआ और आंटी के घर गया तो वो अपनी बेटी को पढ़ा रही थीं..
मैं उनके पास गया तो आंटी मुझे देखकर मुस्कराने लगीं..
फिर, आंटी ने पढ़ाई ख़तम की तो मैं और उनकी बेटी टीवी देखने लगे तो आंटी बोलीं – राज चाय पीओगे… तो मैंने हाँ बोला और फिर, आंटी चाय बनाने चली गईं..
मैं थोड़ी देर बाद, किचन में गया तो आंटी फ्रिज से दूध निकाल रही थीं..
मैं उनके पास गया और उनकी गाण्ड पे हाथ फेरने लगा तो आंटी के मुंह से सिसकारी निकल गई..
उन्होंने तुरंत, मेरा हाथ हटाया और कहा – नहीं… मेरी बेटी आ जाएगी… अभी नहीं…
मैं बेशरम, कहाँ सुनने वाला था..
आंटी के पीछे गया और उनके सूट में हाथ डाला और उनकी ब्रा खोल दी तो आंटी चिल्लाई – राज… मना किया ना, गधे…
लेकिन, मैंने आंटी को अपनी तरफ किया और कहा – आंटी, प्लीज… बस, मम्मे दबा लेने दो…
आंटी बोलीं – अभी, मेरी बेटी है… उसने देख लिया तो अनर्थ हो जाएगा…
मैं बोला की नहीं देखेगी ना, आंटी…
मेरे बहुत फोर्स करने पे वो बोलीं – तुम पहले मेरी ब्रा का हुक लगाओ… तो मैंने लगा दिया..
वो बोलीं – तुम मेरी बेटी के पास बैठो… मैं आती हूँ… फिर, मौका देखकर उसे खेलने भेजती हूँ…
मैंने ऐसा ही किया और उनकी बेटी के साथ, टीवी देखने लगा..