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आंटी के साथ मस्तियाँ
मैं एक साधारण कद काठी वाला, 21 साल का लड़का हूँ.. दोस्तो मेरा नाम राज है मैं आपके लिए एक मस्त कहानी लेकर आया हूँ ये कहानी मेरी पड़ोसन आंटी की है जिनके पास मैं मैथ की ट्यूशन पढ़ता था अब मैं अपने बारे में बताता हूँ हाँ!! पर, मेरे लंड का साइज़ 7-7.5 इंच लंबा है.. मैं पिछले 5-6 साल से, नियम से नहाने से पहले अपने लंड की मसाज सरसों के तेल से करता हूँ.. जिससे, मेरा लंड काला तो ज़रूर हो गया है पर मोटा बहुत है.. जो किसी भी औरत को खुश ही नहीं, पागल कर सकता है..
ये घटना उस वक़्त की है, जब मैं फर्स्ट ईयर में था..
मुझे मेरी ज़िंदगी का, सबसे हसीन पल जीने को मिला..
मेरे घर के सामने, एक आंटी रहती हैं.. जिनका नाम, कामिनी था और उनकी एक 8 साल की लड़की थी..
उनका पति, सरकारी नौकरी में थे..
वो मुझे बहुत अच्छी लगती थीं, एक दम चोदने के लिए ही बनी औरत..
मैं उन्हें चोदना चाहता था और ये सच भी हुआ..
तो, ये बात तब की है, जब मैं उनसे मैथ्स का ट्यूशन पढ़ता था..
मैं उनको देख के, एकदम मस्त हो जाता था क्यूंकि उनका फिगर “36-30-38” था..
क्या मस्त बड़े बड़े मम्मे थे, उनके..
देख कर, ऐसा लगता था के ब्रा को फाड़ के अभी निकल आएँगे और गाण्ड तो बस, पूछो मत.. एक दम, चौड़ी..
जब भी देखो तो चोद चोद कर, फाड़ डालने का मन करता था..
मैं रोज़ दोफहर के 2 बजे, उनके यहाँ पढ़ने जाता था..
आप समझ ही गये होंगें की मेरा मन, बिल्कुल भी पढ़ाई में नहीं था..
मैं बस, उनहीं को घूरता रहता था..
वो जब भी कोई सवाल समझाने, सामने झुकती थीं तो मैं उनकी क्लीवेज देखता था..
मैं रोज़ घर जाकर, उनके नाम की मूठ मारा करता था.
फिर ऐसे ही करते करते, मेरी परीक्षा करीब आ गई और मेरे प्री बोर्ड में बहुत कम मार्क्स आए..
घर पे, मेरे पापा ने बहुत पिटाई लगाई और आंटी से भी शिकायत की..
उन्होंने बोला – क्या पढ़ाती हैं, आप… अगर, ऐसा ही चलता रहा तो इसका क्या होगा… ये फैल हो जाएगा…
फिर, मैं जब आंटी के यहाँ पढ़ने गया तो आंटी ने भी मुझे खूब डांटा और कहा – राजू, तुम कभी नहीं सुधरने वाले… तुम्हारी वजह से, मुझे दस बातें सुननी पड़ीं..
इधर, वो डाँट रहीं थीं.. उधर, मैं उनके मम्मे देख रहा था.. जो बार बार, हिल रहे थे..
तभी उन्होंने मुझे ज़ोर से थप्पड़ लगा दिया और मुझे गुस्सा आ गया और मैं वहाँ से चला आया..
साला, जिसे देखो मुझे पीटे जा रहा था..
खैर, 2-3 दिन मैं उनके यहाँ पढ़ने नहीं गया..
वो मुझे बार बार कॉल करती थीं पर मैंने कॉल नहीं उठाया..
फिर एक दिन दोपहर, उनका मैसेज आया – राजू, तुरंत मेरे घर आओ…
मैं उनके घर पर गया..
उन्होंने, मुझे सोफे पे बैठने को कहा और मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक ले कर आईं..
फिर, वो मुझे प्यार से समझाने लगीं – देखो राजू, अगर तुम पढ़ोगे नहीं तो तुम्हारा भविष्य क्या होगा…
मैं – आंटी, मैं पढ़ना चाहता हूँ पर पढ़ नहीं पता हूँ… मैं ध्यान नहीं लगा पता हूँ, आंटी…
आंटी – क्यूँ… कोई परेशानी है तो बताओ…
मैं – है… पर, आप नहीं समझोगे, आंटी…
आंटी – अरे, बताओ तो… मैं क्यूँ नहीं समझूंगी…
मैं – नहीं… मैं आपसे के कहूँगी तो आप मरोगी…
आंटी – अरे बाबा!! नहीं मारूँगी… अब बोलो भी…
मैं – मैं आपसे प प प्यार र र करता हूँ… आई लव यु, आंटी… आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो… आप बहुत स स स से से सेक्सी हो… मैं आप को देख कर, एक दम खो जाता हूँ और हर वक़्त, आपके बारे में सोचने लगता हूँ…
आंटी का चेहरा गुस्से से लाल था और वो मुझ पर बहुत ज़ोर से चिल्लाई और कहा – मैं तुमसे कितने बड़ी हूँ और तुम मेरे बारे में ऐसा सोचते हो…
मैं डर गया..
फिर भी हिम्मत करके, बोला – आंटी, इसमें मेरी क्या ग़लती है… प्यार तो उम्र देख के नहीं होता ना..
वो बोलीं – देखो राजू, ऐसा नहीं हो सकता और तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो…
फिर उन्होंने, मुझसे जाने को कहा..
लेकिन, मैं वहां खड़ा रहा..
फिर, मैं बोला – अगर, आप मुझे ना मिलीं तो मैं कभी भी परीक्षा में पास नहीं हो सकता… और, वहां से चला गया..
मैं एक साधारण कद काठी वाला, 21 साल का लड़का हूँ.. दोस्तो मेरा नाम राज है मैं आपके लिए एक मस्त कहानी लेकर आया हूँ ये कहानी मेरी पड़ोसन आंटी की है जिनके पास मैं मैथ की ट्यूशन पढ़ता था अब मैं अपने बारे में बताता हूँ हाँ!! पर, मेरे लंड का साइज़ 7-7.5 इंच लंबा है.. मैं पिछले 5-6 साल से, नियम से नहाने से पहले अपने लंड की मसाज सरसों के तेल से करता हूँ.. जिससे, मेरा लंड काला तो ज़रूर हो गया है पर मोटा बहुत है.. जो किसी भी औरत को खुश ही नहीं, पागल कर सकता है..
ये घटना उस वक़्त की है, जब मैं फर्स्ट ईयर में था..
मुझे मेरी ज़िंदगी का, सबसे हसीन पल जीने को मिला..
मेरे घर के सामने, एक आंटी रहती हैं.. जिनका नाम, कामिनी था और उनकी एक 8 साल की लड़की थी..
उनका पति, सरकारी नौकरी में थे..
वो मुझे बहुत अच्छी लगती थीं, एक दम चोदने के लिए ही बनी औरत..
मैं उन्हें चोदना चाहता था और ये सच भी हुआ..
तो, ये बात तब की है, जब मैं उनसे मैथ्स का ट्यूशन पढ़ता था..
मैं उनको देख के, एकदम मस्त हो जाता था क्यूंकि उनका फिगर “36-30-38” था..
क्या मस्त बड़े बड़े मम्मे थे, उनके..
देख कर, ऐसा लगता था के ब्रा को फाड़ के अभी निकल आएँगे और गाण्ड तो बस, पूछो मत.. एक दम, चौड़ी..
जब भी देखो तो चोद चोद कर, फाड़ डालने का मन करता था..
मैं रोज़ दोफहर के 2 बजे, उनके यहाँ पढ़ने जाता था..
आप समझ ही गये होंगें की मेरा मन, बिल्कुल भी पढ़ाई में नहीं था..
मैं बस, उनहीं को घूरता रहता था..
वो जब भी कोई सवाल समझाने, सामने झुकती थीं तो मैं उनकी क्लीवेज देखता था..
मैं रोज़ घर जाकर, उनके नाम की मूठ मारा करता था.
फिर ऐसे ही करते करते, मेरी परीक्षा करीब आ गई और मेरे प्री बोर्ड में बहुत कम मार्क्स आए..
घर पे, मेरे पापा ने बहुत पिटाई लगाई और आंटी से भी शिकायत की..
उन्होंने बोला – क्या पढ़ाती हैं, आप… अगर, ऐसा ही चलता रहा तो इसका क्या होगा… ये फैल हो जाएगा…
फिर, मैं जब आंटी के यहाँ पढ़ने गया तो आंटी ने भी मुझे खूब डांटा और कहा – राजू, तुम कभी नहीं सुधरने वाले… तुम्हारी वजह से, मुझे दस बातें सुननी पड़ीं..
इधर, वो डाँट रहीं थीं.. उधर, मैं उनके मम्मे देख रहा था.. जो बार बार, हिल रहे थे..
तभी उन्होंने मुझे ज़ोर से थप्पड़ लगा दिया और मुझे गुस्सा आ गया और मैं वहाँ से चला आया..
साला, जिसे देखो मुझे पीटे जा रहा था..
खैर, 2-3 दिन मैं उनके यहाँ पढ़ने नहीं गया..
वो मुझे बार बार कॉल करती थीं पर मैंने कॉल नहीं उठाया..
फिर एक दिन दोपहर, उनका मैसेज आया – राजू, तुरंत मेरे घर आओ…
मैं उनके घर पर गया..
उन्होंने, मुझे सोफे पे बैठने को कहा और मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक ले कर आईं..
फिर, वो मुझे प्यार से समझाने लगीं – देखो राजू, अगर तुम पढ़ोगे नहीं तो तुम्हारा भविष्य क्या होगा…
मैं – आंटी, मैं पढ़ना चाहता हूँ पर पढ़ नहीं पता हूँ… मैं ध्यान नहीं लगा पता हूँ, आंटी…
आंटी – क्यूँ… कोई परेशानी है तो बताओ…
मैं – है… पर, आप नहीं समझोगे, आंटी…
आंटी – अरे, बताओ तो… मैं क्यूँ नहीं समझूंगी…
मैं – नहीं… मैं आपसे के कहूँगी तो आप मरोगी…
आंटी – अरे बाबा!! नहीं मारूँगी… अब बोलो भी…
मैं – मैं आपसे प प प्यार र र करता हूँ… आई लव यु, आंटी… आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो… आप बहुत स स स से से सेक्सी हो… मैं आप को देख कर, एक दम खो जाता हूँ और हर वक़्त, आपके बारे में सोचने लगता हूँ…
आंटी का चेहरा गुस्से से लाल था और वो मुझ पर बहुत ज़ोर से चिल्लाई और कहा – मैं तुमसे कितने बड़ी हूँ और तुम मेरे बारे में ऐसा सोचते हो…
मैं डर गया..
फिर भी हिम्मत करके, बोला – आंटी, इसमें मेरी क्या ग़लती है… प्यार तो उम्र देख के नहीं होता ना..
वो बोलीं – देखो राजू, ऐसा नहीं हो सकता और तुम अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो…
फिर उन्होंने, मुझसे जाने को कहा..
लेकिन, मैं वहां खड़ा रहा..
फिर, मैं बोला – अगर, आप मुझे ना मिलीं तो मैं कभी भी परीक्षा में पास नहीं हो सकता… और, वहां से चला गया..