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Hii आप सभी को मेरा प्यार । ये कहानी आप राजशर्मास्टोरिएस.कॉम पर पढ़ रहे है। यह मेरी पहली कहानी है । मुझे आप सब के साथ की जरूरत है जिससे मुझे प्रेरणा मिले आगे कहानी लिखने की। तो अब मैं अपनी कहानी सुरु करता हूँ।
मैं राज जयपुर से हूं। ये कहानी मेरे जीवन की सच्चाई है। कैसे न चाहते हुए भी मुझे उस दलदल मैं कूदना पड़ा , दोस्तों ये बात सन 2007 की है जब मैं 22 साल का था और मेरा गाँव राजस्थान के जिला मैं है। मेरा एक दोस्त है रोहित जो मेरे साथ बचपन से है हम दोनों की दोस्ती की गाँव मैं मिशाल दी जाती है रोहित की शादी 21 साल की उम्र मैं ही हो गयी थी उसकी बीवी का नाम रश्मि था वो हुस्न की परी थी उसका रंग चाँद की चांदनी के सामान था जब रोहित की शादी हुई तो मैं बहुत खुश था । उस दिन की बात है जब रोहित की सुहाग रात थी तो मैं और रोहित उस शाम को उसके घर की छत पर बैठे थे और हम लोग ऐसे ही अपने बचपन को याद कर रहे थे । रोहित मेरे सामने था उसकी आँखों में आशु थे। मैंने उससे पूछा क्या हुआ इतना upset क्यों है तो बोला कुछ नहीं यार जब इस दुनिया मैं मेरा कोई नही था तो राज तूने यार मेरा साथ दिया ।
यहां में आप सभी को बता दू की में और रोहित बचपन से ही अनाथ थे हम दोनों ने अपना बचपन एक अनाथ आश्रम में गुजारा था। और देखते ही देखते रोहित रोने लगा मैंने उसे अपने गले से लगाया और चुप किया । मैंने उसे समझाया कि जो होता है अच्छे के लिए होता है। मैं और रोहित फिर से नार्मल हो गये। मैंने रोहित से बोला की ऐसे सड़ा सा मुह लेके जाएगा भाभी के पास , फिर हम दोनों को हँसी मजाक करते करते समय बीत गया । अब शाम के 7 बज चुके थे रोहित और मैं नीचे आ गये। मैंने रोहित को बोला की अब मैं चलता हूँ बात ये थी की मैं और रोहित पहले एक ही साथ रहते थे लकिन अब उसकी शादी हो गयी थी तो उसने एक घर ले लिया जिसमे बाद में हम साथ मैं रहेते थे ।
उसके बाद मैं घर आया और अपने बचपन के बारे में सोचता रहा । अचानक मुझे धयान आया मेरा पर्स तो रोहित के घर ही छूट गया है मैंने रोहित को कॉल किया उसने फोन उठाया तो मुझे उसके हांफने की आवाज आई में मन मन में मुस्कुराने लगा। मैंने रोहित से पूछा की यार मेरा पर्श तेरे घर रह गया है उसे धयान से रख लेना। इतना बोल कर रोहित ने फोन रख दिया लकिन कॉल कट करना भूल गया , उधर से कुछ अजीब आवाज आ रही थी। मेने न चाहते हुए भी फोन को कान से लगाया और उनकी बात सुनने लगा ।
रोहित- रश्मि तुम बहुत खूबसूरत हो ऐसा मन करता है कि मैं तुझे ऐसे ही प्यार करता रहू ।
रश्मि- रोहित तुम सच्च में बहुत अच्छे हो तुम मेरे सच्चे साथी हो i love you rohit ,
रोहित- आहाहहह.... आराम से यार मेरे होंठ को आराम से नही तो तुम्हारे दाँतो के निशान बन जाएंगे।
रश्मि - तुम राज को कब से जानते हो? और कोन है ये जब से शादी हुई है तुम उसी के साथ हो?
रोहित- यार राज ने मुझे बचपन से ही साथ दिया है हम दोनों भाई की तरह है में और राज एक दूसरे की जान हैं।
मुझे ये सुनके अपने आप पर गर्व हुआ । और मेरा रोहित के लिए प्यार और ज्यादा बढ़ गया।
रश्मि - आप सच्च में बहुत अच्छे हो आपको पाकर में बहुत खुश हूं।
उसके बाद मैंने फोन काट दिया और में सो गया । (आप सब को यह गुस्सा आ रहा होगा की मोके पर फ़ोन काट दिया दोस्तों कहते है न की सब्र का फल मीठा होता है)
अगले दिन मैं रोहित के घर आया । दरवाजा रश्मि भाभी ने खोला वो बहुत ही प्यारी लग रही थी मैंने उनसे नमस्ते की और उन्होंने भी मुझे प्रणाम किया। में आके रोहित से मिला और बात करने लगे ! सही बताऊ तो मुझे रोहित से उसकी रात की बात पूछने की पड़ी थी ।
इतने में भाभी चाय लेके आयी । वो एक नीली रंग की साडी पहने हुए थी और बहुत सुन्दर लग रही थी मैं तो एक बार उन्हें देखते ही रह गया । वो एक दम हुस्न की देवी लग रही थी। हम दोनों ने चाय पी उसके बाद मेने रोहित से बोला की चल रोहित मेरे घर चलते है मुझे कुछ काम है दो घंटे तक आ जाएंगे। रोहित ने रश्मि से बोला और फिर हम दोनों घर आ गए । घर आने के बाद मैंने रोहित से बोला की यार अब तो तेरी सुहागरात भी हो गयी चल पार्टी करते है फिर मैंने फ्रिज़ से दो बियर की बोत्तेल निकली और हम दोनों पिने लगे।
मैंने रोहित से पूछा की यार बता तेरी सुहागरात केसी रही? वह बोला यार क्या बताऊँ रश्मि बहुत हॉट है। अब धीरे धीरे नशा होने लगा था और मैं ऊपर से रोहित को उक्शा रहा थी बता यार कैसे किया तूने मुझे सब कुछ विस्तार से बता।
रोहित - यार जब हम दोनों ऊपर से नीचे आये थे और में रूम में गया तो रश्मि बिस्तर पर बैठे हुए थी। में उसके पास जाके बैठ गया और उससे मेने पूछा कैसे हो?
अब यहाँ से रोहित के शब्दों में-
में जैसे ही अंदर पंहुचा तो मैंने उसे एक गिफ्ट दिया । में उसके पास जेक बैठ गया और उससे प्यार से खाने के लिए पूछा ।
रश्मि ने उस समय दुल्हन के जोड़े में बैठी हुई थी में उसके पास बिस्तर पर बैठ गया । मेने रश्मि के चहरे को ऊपर उठाया और उसे देखा। में मंत्रमुग्ध हो गया में उसके रूप के रंग में खो गया। रश्मि एक परी लग रही थी उसका size 34-28-36 है ।
मानो कामदेव ने उसे बड़ी शिद्दत से बनाया हो। मैंने रश्मि को अपने पास बुलाया और उसके एक हाथ को अपने हाथ में लिया और बड़े प्यार से उसे किस किया ।
मेने रश्मि को एक हाथ से अपनी तरफ खींच लिया जिससे वो मेरी गोदी में आ गयी। मैंने उसके बाद उसके पल्लू को हटा दिया और मेरी आँख तो उसके उभरे हुए उभार को देखती ही रह गयी । मेने उसको अपनी गोदी में बैठे हुए ही बहुत जोर से एक हग किया ।
मेने रश्मि के गाल पर एक किस किया और उसकी आँखों पर भी अपने होंटो से हलके हलके चूमा। रश्मि की भी आँखे बंद होने लगी थी और हल्के हलके साँसे ले रही थी।
रश्मि ने एक साथ पीछे से मेरे सर को पकड़ा और मेरे दोनों लिप्स को अपने लिप्स के अंदर ले लिया । और मुझे बहुत जोरो से चूमने लगी ।हम दोनों एक दूसरे में इतने खो गए थे की मुझे पता ही नही लगा की तेरी कॉल आ रही है।
जब तेरी कॉल कट हुई उसके बाद रश्मि ने मेरी छाती से शर्ट को निकाल दिया और मेरी चेस्ट को अपने होठों से चूमने लगी ।
अब मेरा लंड मेरी पैंट में खड़ा होने लगा था जो रश्मि की नीचे से गांड पर चूब रहा था रश्मि हलके से ऊपर उठी और लंड को अपनी गांड के ऊपर से सही किया और फिर से मुझे चाटने लगी ।
मैंने रश्मि के चुचो को ऊपर से दबाया जिसे उसकी आवाज में एक हलकी सी सिरहन आने लगी अआआआठठहज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज़ाआआआ........ रोहित और तेज दबाओ और जोर से.. अहहहहहहहहहहहाहहहह....
फिर मेने अपना लोअर भी निकल दिया अब मैं सिर्फ निक्कर में था और मेरा 6 इंच का लंड खड़ा हो गया था रश्मि ने मेरे लण्ड को ऊपर से दबाया और उसने अपनी जीभ निकल कर उसे प्यार से गिला कर दिया ।
मैंने रश्मि का लहंगा और ब्लाउज़ भी निकल दिया अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी उसकी चूचिया बहार आने को बेताब थी। मेने उसके चूचियो को ऊपर से चाटना सुरु किया उसे जोश बढ़ता ही जा रहा था ।
मेने उसके चेहरे के हर हिस्से को बहुत अच्छे से चाटा। फिर मेने उसकी चूचियो को ऊपर से मसअलना सुरु किया और उसकी ब्रा को फाड़ कर अलग कर दिया उसकी चूचिया दूध के सामान सफ़ेद थी बहुत गोरी और एक दम परफेक्ट उभार था जिन्हें देख कर अच्छे अच्छे लण्ड पानी निकल देते।
मेने उसकी चूचियो को अच्छे से किस किया उसके बाद मैंने उसको नीचे से चाटना सुरु किया और उसके बदन के हर हिस्से को अपने थूक से गिला कर दिया । रश्मि की आवाज मदहोश होती जा रही थी आआआहठठठहाआआठठाआ....
रश्मि बड़बड़ा रही थी और अच्छे से करो । राज मैंने उसकी पैंटी को निकल दिया जैसे ही मेने पैंटी उतारी तो उसकी गुलाबी चूत देख कर मेरे लण्ड ने पानी छोड़ दिया । फिर मेने अपना निक्कर निकल दिया अब रश्मि के सामने मेरा छोटा सा सिकुड़ा हुआ लंड रह गया ।
मुझे यार बहुत शर्म महसूस हुई में रोने लगा तो रश्मि ने मुझे अपने पास बिठाया और मुझे शांत किया । उसने बोला की आप चिंता नहीं करे ऐसा हो जाता है पहली बार है तो आप घबराओ नही।
उसके बाद रश्मि ने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और उसे हिलाने लगी मेरे लंड में थोड़ा तनाव आने लगा । फिर मेने रश्मि की चूत को अच्छे से चाटने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था रश्मि की आवाज मुझे पागल कर रही थी।
आहआहआहआहआहआहआहआह........ इईईईईईईईई ऊऊऊऊऊऊऊऊ और जोर से .....
आहआहआहआहआहआहआहआह........... ऐईईईक्क्क्क्क्क्क्क्क्क्जककज्जज्जीज्ज्ज्सब्स्खक्कज्जिहिय्य्यत
और जोर से ऐसा बोल कर वो मेरे मुँह में ही झर गयी। उसका नमकीन स्वाद मुझे बहुत अच्छा लगा ।
अब उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपने मुँह में ले लिया उसने मुझे 5 मिनट तक मेरे लण्ड को चूसा । फिर मुझे लगा में आने वाला हु तो मैने लण्ड को निकल लिया इस बार मेने देरी न करते हुए उसकी चूत पर लण्ड लगाया और हलके से अंदर किया ।
बहुत टाइट चुत होने की वजह से मेरा लण्ड अंदर नही जा पा रहा था लकिन मैंने जल्दी जल्दी 4-5 धक्के मारे और में झड़ गया।
उसके बाद मुझे अपने आप पर बहुत गुस्सा आ रहा था मुझे लग रहा था कही में नपुंशक तो नही हो गया हूं।
रश्मि भी अपने आप से अपना पानी निकल कर सो गई ।
अब राज (में) ये सुना तो मुझे बहुत अजीब लगा की यार शादी की पहली रात को एक औरत के लिए इससे बुरी बात क्या होगी की उसका पति उसे खुश ही नही रख सकता ।
मैंने अब रोहित को समझया की तू चिंता मत कर हम किसी अच्छे से डॉक्टर को दिखाएंगे
रोहित बहुत अपसेट हो गया था । मैंने उससे बोला की तू फ़ोन करके रश्मि को बोल दे की हमें आने में देर हो जायेगी । उसने फ़ोन किया और मुझसे बोला बता अब क्या करना है।
मैंने अपना फोन निकाला और एक वैध जी थे जो एक बार मुझे मिले थे मैंने उनको फोन किया और उन्हें सारी बात बताई ।
उन्होंने मुझसे बोला की मेरे पास मेरे आश्रम में आओ फिर में तुम्हारे दोस्त का सारा दुःख दूर कर देंगे।
हम दोनों नहा धो कर तैयार हुए और रोहित के घर जाके खाना खाया और उसके बाद मे उसे लेकर वैध जी के पास चल दिया।
जब हम जा रहे थे तो रश्मि ने रोहित को बुलाया और पूछा की क्या बात है कहाँ जा रहे हो??
रोहित ने रश्मि को सब सच्च सच्च बता दिया।
जिससे रश्मि एक दम सहम गयी और मेरी तरफ देख कर नजर नीचे कर ली ।
रोहित ने उसे बताया कि राज मेरे भाई जैसा है में उससे कुछ नही छिपाता।
उसके बाद में उन दोनों के पास गया और रश्मि से बोला की भाभी आप घबराओ नही जब तक मैं हूँ आपको कोई प्रॉब्लम नही होने दूंगा।
रश्मि ने सिर्फ हां में सर हलया ।
उसके बाद हम वहां से निकल कर सीधे वेध जी के पास पहुच गये।
अंदर जाके मैंने उनको प्रणाम किया और हम एक बंद कमरे में बैठ गए।
फिर वेध जी ने मुझसे पूछा की बताओ क्या प्रॉब्लम है।
मैंने रोहित से कहा कि जो भी बात है निसंकोच इनको बता दो।
रोहित बात करने में हिचकिचा रहा था। मेने गुरूजी को सारी बात बताई।
उसके बात गुरूजी ने रोहित को एक मेज पे लेटने को कहा ।
उसके बाद गुरूजी ने अपने एक शिष्य से एक प्लास्टिक या अर्टफिशल चुत को मंगाया और रोहित को अपना पाजामा निचने करने को बोला और रोहित से बोले की तुम इसमें अपना वीर्य निकल दो फिर हम उसकी जांच करेंगे और तुम्हारा लण्ड का एक एक्स रे भी होगा।
और फिर गुरूजी उसे एक रूम में छोड़ कर bhar आ गए ।
30 मिनट बाद रोहित आया उसने वो गुरूजी को दिया जिसके बाद गुरूजी ने उसे एक कैमिकल के साथ मिक्स किया । और वो उसकी जांच करने लगे । इतने में एक शिष्य एक्स रे लेके आया । वेधजी ने वो भी चेक किया 1 घण्टे बाद उन्होंने हमें बुलाया ।
मैं और रोहित अंदर गये और वेधजी के सामने बैठ गए। उन्होंने जो बात बतायी उसे सुनके तो रोहित क्या में भी दंग रह गया।
उन्होंने बताया की रोहित को एक ऐसी बीमारी है जिससे इनकी सेक्स लाइफ भी खत्म हो सकती है।
मैंने पूछा शीघ्र पतन के साथ साथ दिन प्रतिदिन शुक्रण्डु deactive होने की बीमारी है। इसमें ये बाप नही बन सकते है और इनकी सेक्स करने की क्षमता ख़तम हो जायेगी।
जैसे ही रोहित ने ये सुना तो उसके पैरों से जमीं ही खिसक गई।
मैंने उनसे पूछा की ये ठीक नही हो सकती है क्या??
तो वेध जी बोले इसका कोई मेडिकल इलाज तो नही है ।
लकिन एक असाधारण सा उपाय है जिसे आप कर नहीं पाओगे। तो इसका कोई इलाज नही है।
मुझे गुस्सा आ गए और मेने गुस्से में कहा कि चाहे मुझे USA या LONDON इसका इलाज कराना पड़े मैं करूंगा। मैं अपने भाई को ऐसे नही देख सकता।
वेध जी ने मुझे समझाया कि आप कही भी जाओगे इसका इलाज पॉसिबल नही है।
लकिन एक प्राचीन विधि है वो काम कर सकती है तो ये हाफ ठीक हो सकते है।
मैंने कहा मतलब साफ साफ बताओ वेधजी ।
तो उन्होंने मुझे बताया कि ये बाप नही बन पाएंगे लकिन इनकी सेक्स करने की क्षमता जरूर बढ़ जायेगी। मैंने बोला की आप उपाय बताओ कोई बात नही है ।
बाप तो रोहित जरूर बनेगा चाहे कोई बच्चा गोद ही क्यों न लेना पड़े। लकिन इनकी सेक्स लाइफ अच्छी हो जायेगी तो इनकी शादी बच जायेगी।
मैं राज जयपुर से हूं। ये कहानी मेरे जीवन की सच्चाई है। कैसे न चाहते हुए भी मुझे उस दलदल मैं कूदना पड़ा , दोस्तों ये बात सन 2007 की है जब मैं 22 साल का था और मेरा गाँव राजस्थान के जिला मैं है। मेरा एक दोस्त है रोहित जो मेरे साथ बचपन से है हम दोनों की दोस्ती की गाँव मैं मिशाल दी जाती है रोहित की शादी 21 साल की उम्र मैं ही हो गयी थी उसकी बीवी का नाम रश्मि था वो हुस्न की परी थी उसका रंग चाँद की चांदनी के सामान था जब रोहित की शादी हुई तो मैं बहुत खुश था । उस दिन की बात है जब रोहित की सुहाग रात थी तो मैं और रोहित उस शाम को उसके घर की छत पर बैठे थे और हम लोग ऐसे ही अपने बचपन को याद कर रहे थे । रोहित मेरे सामने था उसकी आँखों में आशु थे। मैंने उससे पूछा क्या हुआ इतना upset क्यों है तो बोला कुछ नहीं यार जब इस दुनिया मैं मेरा कोई नही था तो राज तूने यार मेरा साथ दिया ।
यहां में आप सभी को बता दू की में और रोहित बचपन से ही अनाथ थे हम दोनों ने अपना बचपन एक अनाथ आश्रम में गुजारा था। और देखते ही देखते रोहित रोने लगा मैंने उसे अपने गले से लगाया और चुप किया । मैंने उसे समझाया कि जो होता है अच्छे के लिए होता है। मैं और रोहित फिर से नार्मल हो गये। मैंने रोहित से बोला की ऐसे सड़ा सा मुह लेके जाएगा भाभी के पास , फिर हम दोनों को हँसी मजाक करते करते समय बीत गया । अब शाम के 7 बज चुके थे रोहित और मैं नीचे आ गये। मैंने रोहित को बोला की अब मैं चलता हूँ बात ये थी की मैं और रोहित पहले एक ही साथ रहते थे लकिन अब उसकी शादी हो गयी थी तो उसने एक घर ले लिया जिसमे बाद में हम साथ मैं रहेते थे ।
उसके बाद मैं घर आया और अपने बचपन के बारे में सोचता रहा । अचानक मुझे धयान आया मेरा पर्स तो रोहित के घर ही छूट गया है मैंने रोहित को कॉल किया उसने फोन उठाया तो मुझे उसके हांफने की आवाज आई में मन मन में मुस्कुराने लगा। मैंने रोहित से पूछा की यार मेरा पर्श तेरे घर रह गया है उसे धयान से रख लेना। इतना बोल कर रोहित ने फोन रख दिया लकिन कॉल कट करना भूल गया , उधर से कुछ अजीब आवाज आ रही थी। मेने न चाहते हुए भी फोन को कान से लगाया और उनकी बात सुनने लगा ।
रोहित- रश्मि तुम बहुत खूबसूरत हो ऐसा मन करता है कि मैं तुझे ऐसे ही प्यार करता रहू ।
रश्मि- रोहित तुम सच्च में बहुत अच्छे हो तुम मेरे सच्चे साथी हो i love you rohit ,
रोहित- आहाहहह.... आराम से यार मेरे होंठ को आराम से नही तो तुम्हारे दाँतो के निशान बन जाएंगे।
रश्मि - तुम राज को कब से जानते हो? और कोन है ये जब से शादी हुई है तुम उसी के साथ हो?
रोहित- यार राज ने मुझे बचपन से ही साथ दिया है हम दोनों भाई की तरह है में और राज एक दूसरे की जान हैं।
मुझे ये सुनके अपने आप पर गर्व हुआ । और मेरा रोहित के लिए प्यार और ज्यादा बढ़ गया।
रश्मि - आप सच्च में बहुत अच्छे हो आपको पाकर में बहुत खुश हूं।
उसके बाद मैंने फोन काट दिया और में सो गया । (आप सब को यह गुस्सा आ रहा होगा की मोके पर फ़ोन काट दिया दोस्तों कहते है न की सब्र का फल मीठा होता है)
अगले दिन मैं रोहित के घर आया । दरवाजा रश्मि भाभी ने खोला वो बहुत ही प्यारी लग रही थी मैंने उनसे नमस्ते की और उन्होंने भी मुझे प्रणाम किया। में आके रोहित से मिला और बात करने लगे ! सही बताऊ तो मुझे रोहित से उसकी रात की बात पूछने की पड़ी थी ।
इतने में भाभी चाय लेके आयी । वो एक नीली रंग की साडी पहने हुए थी और बहुत सुन्दर लग रही थी मैं तो एक बार उन्हें देखते ही रह गया । वो एक दम हुस्न की देवी लग रही थी। हम दोनों ने चाय पी उसके बाद मेने रोहित से बोला की चल रोहित मेरे घर चलते है मुझे कुछ काम है दो घंटे तक आ जाएंगे। रोहित ने रश्मि से बोला और फिर हम दोनों घर आ गए । घर आने के बाद मैंने रोहित से बोला की यार अब तो तेरी सुहागरात भी हो गयी चल पार्टी करते है फिर मैंने फ्रिज़ से दो बियर की बोत्तेल निकली और हम दोनों पिने लगे।
मैंने रोहित से पूछा की यार बता तेरी सुहागरात केसी रही? वह बोला यार क्या बताऊँ रश्मि बहुत हॉट है। अब धीरे धीरे नशा होने लगा था और मैं ऊपर से रोहित को उक्शा रहा थी बता यार कैसे किया तूने मुझे सब कुछ विस्तार से बता।
रोहित - यार जब हम दोनों ऊपर से नीचे आये थे और में रूम में गया तो रश्मि बिस्तर पर बैठे हुए थी। में उसके पास जाके बैठ गया और उससे मेने पूछा कैसे हो?
अब यहाँ से रोहित के शब्दों में-
में जैसे ही अंदर पंहुचा तो मैंने उसे एक गिफ्ट दिया । में उसके पास जेक बैठ गया और उससे प्यार से खाने के लिए पूछा ।
रश्मि ने उस समय दुल्हन के जोड़े में बैठी हुई थी में उसके पास बिस्तर पर बैठ गया । मेने रश्मि के चहरे को ऊपर उठाया और उसे देखा। में मंत्रमुग्ध हो गया में उसके रूप के रंग में खो गया। रश्मि एक परी लग रही थी उसका size 34-28-36 है ।
मानो कामदेव ने उसे बड़ी शिद्दत से बनाया हो। मैंने रश्मि को अपने पास बुलाया और उसके एक हाथ को अपने हाथ में लिया और बड़े प्यार से उसे किस किया ।
मेने रश्मि को एक हाथ से अपनी तरफ खींच लिया जिससे वो मेरी गोदी में आ गयी। मैंने उसके बाद उसके पल्लू को हटा दिया और मेरी आँख तो उसके उभरे हुए उभार को देखती ही रह गयी । मेने उसको अपनी गोदी में बैठे हुए ही बहुत जोर से एक हग किया ।
मेने रश्मि के गाल पर एक किस किया और उसकी आँखों पर भी अपने होंटो से हलके हलके चूमा। रश्मि की भी आँखे बंद होने लगी थी और हल्के हलके साँसे ले रही थी।
रश्मि ने एक साथ पीछे से मेरे सर को पकड़ा और मेरे दोनों लिप्स को अपने लिप्स के अंदर ले लिया । और मुझे बहुत जोरो से चूमने लगी ।हम दोनों एक दूसरे में इतने खो गए थे की मुझे पता ही नही लगा की तेरी कॉल आ रही है।
जब तेरी कॉल कट हुई उसके बाद रश्मि ने मेरी छाती से शर्ट को निकाल दिया और मेरी चेस्ट को अपने होठों से चूमने लगी ।
अब मेरा लंड मेरी पैंट में खड़ा होने लगा था जो रश्मि की नीचे से गांड पर चूब रहा था रश्मि हलके से ऊपर उठी और लंड को अपनी गांड के ऊपर से सही किया और फिर से मुझे चाटने लगी ।
मैंने रश्मि के चुचो को ऊपर से दबाया जिसे उसकी आवाज में एक हलकी सी सिरहन आने लगी अआआआठठहज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज़ाआआआ........ रोहित और तेज दबाओ और जोर से.. अहहहहहहहहहहहाहहहह....
फिर मेने अपना लोअर भी निकल दिया अब मैं सिर्फ निक्कर में था और मेरा 6 इंच का लंड खड़ा हो गया था रश्मि ने मेरे लण्ड को ऊपर से दबाया और उसने अपनी जीभ निकल कर उसे प्यार से गिला कर दिया ।
मैंने रश्मि का लहंगा और ब्लाउज़ भी निकल दिया अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी उसकी चूचिया बहार आने को बेताब थी। मेने उसके चूचियो को ऊपर से चाटना सुरु किया उसे जोश बढ़ता ही जा रहा था ।
मेने उसके चेहरे के हर हिस्से को बहुत अच्छे से चाटा। फिर मेने उसकी चूचियो को ऊपर से मसअलना सुरु किया और उसकी ब्रा को फाड़ कर अलग कर दिया उसकी चूचिया दूध के सामान सफ़ेद थी बहुत गोरी और एक दम परफेक्ट उभार था जिन्हें देख कर अच्छे अच्छे लण्ड पानी निकल देते।
मेने उसकी चूचियो को अच्छे से किस किया उसके बाद मैंने उसको नीचे से चाटना सुरु किया और उसके बदन के हर हिस्से को अपने थूक से गिला कर दिया । रश्मि की आवाज मदहोश होती जा रही थी आआआहठठठहाआआठठाआ....
रश्मि बड़बड़ा रही थी और अच्छे से करो । राज मैंने उसकी पैंटी को निकल दिया जैसे ही मेने पैंटी उतारी तो उसकी गुलाबी चूत देख कर मेरे लण्ड ने पानी छोड़ दिया । फिर मेने अपना निक्कर निकल दिया अब रश्मि के सामने मेरा छोटा सा सिकुड़ा हुआ लंड रह गया ।
मुझे यार बहुत शर्म महसूस हुई में रोने लगा तो रश्मि ने मुझे अपने पास बिठाया और मुझे शांत किया । उसने बोला की आप चिंता नहीं करे ऐसा हो जाता है पहली बार है तो आप घबराओ नही।
उसके बाद रश्मि ने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और उसे हिलाने लगी मेरे लंड में थोड़ा तनाव आने लगा । फिर मेने रश्मि की चूत को अच्छे से चाटने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था रश्मि की आवाज मुझे पागल कर रही थी।
आहआहआहआहआहआहआहआह........ इईईईईईईईई ऊऊऊऊऊऊऊऊ और जोर से .....
आहआहआहआहआहआहआहआह........... ऐईईईक्क्क्क्क्क्क्क्क्क्जककज्जज्जीज्ज्ज्सब्स्खक्कज्जिहिय्य्यत
और जोर से ऐसा बोल कर वो मेरे मुँह में ही झर गयी। उसका नमकीन स्वाद मुझे बहुत अच्छा लगा ।
अब उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपने मुँह में ले लिया उसने मुझे 5 मिनट तक मेरे लण्ड को चूसा । फिर मुझे लगा में आने वाला हु तो मैने लण्ड को निकल लिया इस बार मेने देरी न करते हुए उसकी चूत पर लण्ड लगाया और हलके से अंदर किया ।
बहुत टाइट चुत होने की वजह से मेरा लण्ड अंदर नही जा पा रहा था लकिन मैंने जल्दी जल्दी 4-5 धक्के मारे और में झड़ गया।
उसके बाद मुझे अपने आप पर बहुत गुस्सा आ रहा था मुझे लग रहा था कही में नपुंशक तो नही हो गया हूं।
रश्मि भी अपने आप से अपना पानी निकल कर सो गई ।
अब राज (में) ये सुना तो मुझे बहुत अजीब लगा की यार शादी की पहली रात को एक औरत के लिए इससे बुरी बात क्या होगी की उसका पति उसे खुश ही नही रख सकता ।
मैंने अब रोहित को समझया की तू चिंता मत कर हम किसी अच्छे से डॉक्टर को दिखाएंगे
रोहित बहुत अपसेट हो गया था । मैंने उससे बोला की तू फ़ोन करके रश्मि को बोल दे की हमें आने में देर हो जायेगी । उसने फ़ोन किया और मुझसे बोला बता अब क्या करना है।
मैंने अपना फोन निकाला और एक वैध जी थे जो एक बार मुझे मिले थे मैंने उनको फोन किया और उन्हें सारी बात बताई ।
उन्होंने मुझसे बोला की मेरे पास मेरे आश्रम में आओ फिर में तुम्हारे दोस्त का सारा दुःख दूर कर देंगे।
हम दोनों नहा धो कर तैयार हुए और रोहित के घर जाके खाना खाया और उसके बाद मे उसे लेकर वैध जी के पास चल दिया।
जब हम जा रहे थे तो रश्मि ने रोहित को बुलाया और पूछा की क्या बात है कहाँ जा रहे हो??
रोहित ने रश्मि को सब सच्च सच्च बता दिया।
जिससे रश्मि एक दम सहम गयी और मेरी तरफ देख कर नजर नीचे कर ली ।
रोहित ने उसे बताया कि राज मेरे भाई जैसा है में उससे कुछ नही छिपाता।
उसके बाद में उन दोनों के पास गया और रश्मि से बोला की भाभी आप घबराओ नही जब तक मैं हूँ आपको कोई प्रॉब्लम नही होने दूंगा।
रश्मि ने सिर्फ हां में सर हलया ।
उसके बाद हम वहां से निकल कर सीधे वेध जी के पास पहुच गये।
अंदर जाके मैंने उनको प्रणाम किया और हम एक बंद कमरे में बैठ गए।
फिर वेध जी ने मुझसे पूछा की बताओ क्या प्रॉब्लम है।
मैंने रोहित से कहा कि जो भी बात है निसंकोच इनको बता दो।
रोहित बात करने में हिचकिचा रहा था। मेने गुरूजी को सारी बात बताई।
उसके बात गुरूजी ने रोहित को एक मेज पे लेटने को कहा ।
उसके बाद गुरूजी ने अपने एक शिष्य से एक प्लास्टिक या अर्टफिशल चुत को मंगाया और रोहित को अपना पाजामा निचने करने को बोला और रोहित से बोले की तुम इसमें अपना वीर्य निकल दो फिर हम उसकी जांच करेंगे और तुम्हारा लण्ड का एक एक्स रे भी होगा।
और फिर गुरूजी उसे एक रूम में छोड़ कर bhar आ गए ।
30 मिनट बाद रोहित आया उसने वो गुरूजी को दिया जिसके बाद गुरूजी ने उसे एक कैमिकल के साथ मिक्स किया । और वो उसकी जांच करने लगे । इतने में एक शिष्य एक्स रे लेके आया । वेधजी ने वो भी चेक किया 1 घण्टे बाद उन्होंने हमें बुलाया ।
मैं और रोहित अंदर गये और वेधजी के सामने बैठ गए। उन्होंने जो बात बतायी उसे सुनके तो रोहित क्या में भी दंग रह गया।
उन्होंने बताया की रोहित को एक ऐसी बीमारी है जिससे इनकी सेक्स लाइफ भी खत्म हो सकती है।
मैंने पूछा शीघ्र पतन के साथ साथ दिन प्रतिदिन शुक्रण्डु deactive होने की बीमारी है। इसमें ये बाप नही बन सकते है और इनकी सेक्स करने की क्षमता ख़तम हो जायेगी।
जैसे ही रोहित ने ये सुना तो उसके पैरों से जमीं ही खिसक गई।
मैंने उनसे पूछा की ये ठीक नही हो सकती है क्या??
तो वेध जी बोले इसका कोई मेडिकल इलाज तो नही है ।
लकिन एक असाधारण सा उपाय है जिसे आप कर नहीं पाओगे। तो इसका कोई इलाज नही है।
मुझे गुस्सा आ गए और मेने गुस्से में कहा कि चाहे मुझे USA या LONDON इसका इलाज कराना पड़े मैं करूंगा। मैं अपने भाई को ऐसे नही देख सकता।
वेध जी ने मुझे समझाया कि आप कही भी जाओगे इसका इलाज पॉसिबल नही है।
लकिन एक प्राचीन विधि है वो काम कर सकती है तो ये हाफ ठीक हो सकते है।
मैंने कहा मतलब साफ साफ बताओ वेधजी ।
तो उन्होंने मुझे बताया कि ये बाप नही बन पाएंगे लकिन इनकी सेक्स करने की क्षमता जरूर बढ़ जायेगी। मैंने बोला की आप उपाय बताओ कोई बात नही है ।
बाप तो रोहित जरूर बनेगा चाहे कोई बच्चा गोद ही क्यों न लेना पड़े। लकिन इनकी सेक्स लाइफ अच्छी हो जायेगी तो इनकी शादी बच जायेगी।