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इलाज

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Guest
Hii आप सभी को मेरा प्यार । ये कहानी आप राजशर्मास्टोरिएस.कॉम पर पढ़ रहे है। यह मेरी पहली कहानी है । मुझे आप सब के साथ की जरूरत है जिससे मुझे प्रेरणा मिले आगे कहानी लिखने की। तो अब मैं अपनी कहानी सुरु करता हूँ।

मैं राज जयपुर से हूं। ये कहानी मेरे जीवन की सच्चाई है। कैसे न चाहते हुए भी मुझे उस दलदल मैं कूदना पड़ा , दोस्तों ये बात सन 2007 की है जब मैं 22 साल का था और मेरा गाँव राजस्थान के जिला मैं है। मेरा एक दोस्त है रोहित जो मेरे साथ बचपन से है हम दोनों की दोस्ती की गाँव मैं मिशाल दी जाती है रोहित की शादी 21 साल की उम्र मैं ही हो गयी थी उसकी बीवी का नाम रश्मि था वो हुस्न की परी थी उसका रंग चाँद की चांदनी के सामान था जब रोहित की शादी हुई तो मैं बहुत खुश था । उस दिन की बात है जब रोहित की सुहाग रात थी तो मैं और रोहित उस शाम को उसके घर की छत पर बैठे थे और हम लोग ऐसे ही अपने बचपन को याद कर रहे थे । रोहित मेरे सामने था उसकी आँखों में आशु थे। मैंने उससे पूछा क्या हुआ इतना upset क्यों है तो बोला कुछ नहीं यार जब इस दुनिया मैं मेरा कोई नही था तो राज तूने यार मेरा साथ दिया ।

यहां में आप सभी को बता दू की में और रोहित बचपन से ही अनाथ थे हम दोनों ने अपना बचपन एक अनाथ आश्रम में गुजारा था। और देखते ही देखते रोहित रोने लगा मैंने उसे अपने गले से लगाया और चुप किया । मैंने उसे समझाया कि जो होता है अच्छे के लिए होता है। मैं और रोहित फिर से नार्मल हो गये। मैंने रोहित से बोला की ऐसे सड़ा सा मुह लेके जाएगा भाभी के पास , फिर हम दोनों को हँसी मजाक करते करते समय बीत गया । अब शाम के 7 बज चुके थे रोहित और मैं नीचे आ गये। मैंने रोहित को बोला की अब मैं चलता हूँ बात ये थी की मैं और रोहित पहले एक ही साथ रहते थे लकिन अब उसकी शादी हो गयी थी तो उसने एक घर ले लिया जिसमे बाद में हम साथ मैं रहेते थे ।

उसके बाद मैं घर आया और अपने बचपन के बारे में सोचता रहा । अचानक मुझे धयान आया मेरा पर्स तो रोहित के घर ही छूट गया है मैंने रोहित को कॉल किया उसने फोन उठाया तो मुझे उसके हांफने की आवाज आई में मन मन में मुस्कुराने लगा। मैंने रोहित से पूछा की यार मेरा पर्श तेरे घर रह गया है उसे धयान से रख लेना। इतना बोल कर रोहित ने फोन रख दिया लकिन कॉल कट करना भूल गया , उधर से कुछ अजीब आवाज आ रही थी। मेने न चाहते हुए भी फोन को कान से लगाया और उनकी बात सुनने लगा ।

रोहित- रश्मि तुम बहुत खूबसूरत हो ऐसा मन करता है कि मैं तुझे ऐसे ही प्यार करता रहू ।

रश्मि- रोहित तुम सच्च में बहुत अच्छे हो तुम मेरे सच्चे साथी हो i love you rohit ,

रोहित- आहाहहह.... आराम से यार मेरे होंठ को आराम से नही तो तुम्हारे दाँतो के निशान बन जाएंगे।

रश्मि - तुम राज को कब से जानते हो? और कोन है ये जब से शादी हुई है तुम उसी के साथ हो?

रोहित- यार राज ने मुझे बचपन से ही साथ दिया है हम दोनों भाई की तरह है में और राज एक दूसरे की जान हैं।

मुझे ये सुनके अपने आप पर गर्व हुआ । और मेरा रोहित के लिए प्यार और ज्यादा बढ़ गया।

रश्मि - आप सच्च में बहुत अच्छे हो आपको पाकर में बहुत खुश हूं।

उसके बाद मैंने फोन काट दिया और में सो गया । (आप सब को यह गुस्सा आ रहा होगा की मोके पर फ़ोन काट दिया दोस्तों कहते है न की सब्र का फल मीठा होता है)

अगले दिन मैं रोहित के घर आया । दरवाजा रश्मि भाभी ने खोला वो बहुत ही प्यारी लग रही थी मैंने उनसे नमस्ते की और उन्होंने भी मुझे प्रणाम किया। में आके रोहित से मिला और बात करने लगे ! सही बताऊ तो मुझे रोहित से उसकी रात की बात पूछने की पड़ी थी ।

इतने में भाभी चाय लेके आयी । वो एक नीली रंग की साडी पहने हुए थी और बहुत सुन्दर लग रही थी मैं तो एक बार उन्हें देखते ही रह गया । वो एक दम हुस्न की देवी लग रही थी। हम दोनों ने चाय पी उसके बाद मेने रोहित से बोला की चल रोहित मेरे घर चलते है मुझे कुछ काम है दो घंटे तक आ जाएंगे। रोहित ने रश्मि से बोला और फिर हम दोनों घर आ गए । घर आने के बाद मैंने रोहित से बोला की यार अब तो तेरी सुहागरात भी हो गयी चल पार्टी करते है फिर मैंने फ्रिज़ से दो बियर की बोत्तेल निकली और हम दोनों पिने लगे।

मैंने रोहित से पूछा की यार बता तेरी सुहागरात केसी रही? वह बोला यार क्या बताऊँ रश्मि बहुत हॉट है। अब धीरे धीरे नशा होने लगा था और मैं ऊपर से रोहित को उक्शा रहा थी बता यार कैसे किया तूने मुझे सब कुछ विस्तार से बता।

रोहित - यार जब हम दोनों ऊपर से नीचे आये थे और में रूम में गया तो रश्मि बिस्तर पर बैठे हुए थी। में उसके पास जाके बैठ गया और उससे मेने पूछा कैसे हो?

अब यहाँ से रोहित के शब्दों में-

में जैसे ही अंदर पंहुचा तो मैंने उसे एक गिफ्ट दिया । में उसके पास जेक बैठ गया और उससे प्यार से खाने के लिए पूछा ।

रश्मि ने उस समय दुल्हन के जोड़े में बैठी हुई थी में उसके पास बिस्तर पर बैठ गया । मेने रश्मि के चहरे को ऊपर उठाया और उसे देखा। में मंत्रमुग्ध हो गया में उसके रूप के रंग में खो गया। रश्मि एक परी लग रही थी उसका size 34-28-36 है ।

मानो कामदेव ने उसे बड़ी शिद्दत से बनाया हो। मैंने रश्मि को अपने पास बुलाया और उसके एक हाथ को अपने हाथ में लिया और बड़े प्यार से उसे किस किया ।

मेने रश्मि को एक हाथ से अपनी तरफ खींच लिया जिससे वो मेरी गोदी में आ गयी। मैंने उसके बाद उसके पल्लू को हटा दिया और मेरी आँख तो उसके उभरे हुए उभार को देखती ही रह गयी । मेने उसको अपनी गोदी में बैठे हुए ही बहुत जोर से एक हग किया ।

मेने रश्मि के गाल पर एक किस किया और उसकी आँखों पर भी अपने होंटो से हलके हलके चूमा। रश्मि की भी आँखे बंद होने लगी थी और हल्के हलके साँसे ले रही थी।

रश्मि ने एक साथ पीछे से मेरे सर को पकड़ा और मेरे दोनों लिप्स को अपने लिप्स के अंदर ले लिया । और मुझे बहुत जोरो से चूमने लगी ।हम दोनों एक दूसरे में इतने खो गए थे की मुझे पता ही नही लगा की तेरी कॉल आ रही है।

जब तेरी कॉल कट हुई उसके बाद रश्मि ने मेरी छाती से शर्ट को निकाल दिया और मेरी चेस्ट को अपने होठों से चूमने लगी ।

अब मेरा लंड मेरी पैंट में खड़ा होने लगा था जो रश्मि की नीचे से गांड पर चूब रहा था रश्मि हलके से ऊपर उठी और लंड को अपनी गांड के ऊपर से सही किया और फिर से मुझे चाटने लगी ।

मैंने रश्मि के चुचो को ऊपर से दबाया जिसे उसकी आवाज में एक हलकी सी सिरहन आने लगी अआआआठठहज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज़ाआआआ........ रोहित और तेज दबाओ और जोर से.. अहहहहहहहहहहहाहहहह....

फिर मेने अपना लोअर भी निकल दिया अब मैं सिर्फ निक्कर में था और मेरा 6 इंच का लंड खड़ा हो गया था रश्मि ने मेरे लण्ड को ऊपर से दबाया और उसने अपनी जीभ निकल कर उसे प्यार से गिला कर दिया ।

मैंने रश्मि का लहंगा और ब्लाउज़ भी निकल दिया अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी उसकी चूचिया बहार आने को बेताब थी। मेने उसके चूचियो को ऊपर से चाटना सुरु किया उसे जोश बढ़ता ही जा रहा था ।

मेने उसके चेहरे के हर हिस्से को बहुत अच्छे से चाटा। फिर मेने उसकी चूचियो को ऊपर से मसअलना सुरु किया और उसकी ब्रा को फाड़ कर अलग कर दिया उसकी चूचिया दूध के सामान सफ़ेद थी बहुत गोरी और एक दम परफेक्ट उभार था जिन्हें देख कर अच्छे अच्छे लण्ड पानी निकल देते।

मेने उसकी चूचियो को अच्छे से किस किया उसके बाद मैंने उसको नीचे से चाटना सुरु किया और उसके बदन के हर हिस्से को अपने थूक से गिला कर दिया । रश्मि की आवाज मदहोश होती जा रही थी आआआहठठठहाआआठठाआ....

रश्मि बड़बड़ा रही थी और अच्छे से करो । राज मैंने उसकी पैंटी को निकल दिया जैसे ही मेने पैंटी उतारी तो उसकी गुलाबी चूत देख कर मेरे लण्ड ने पानी छोड़ दिया । फिर मेने अपना निक्कर निकल दिया अब रश्मि के सामने मेरा छोटा सा सिकुड़ा हुआ लंड रह गया ।

मुझे यार बहुत शर्म महसूस हुई में रोने लगा तो रश्मि ने मुझे अपने पास बिठाया और मुझे शांत किया । उसने बोला की आप चिंता नहीं करे ऐसा हो जाता है पहली बार है तो आप घबराओ नही।

उसके बाद रश्मि ने मेरे लंड को अपने हाथ में ले लिया और उसे हिलाने लगी मेरे लंड में थोड़ा तनाव आने लगा । फिर मेने रश्मि की चूत को अच्छे से चाटने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था रश्मि की आवाज मुझे पागल कर रही थी।

आहआहआहआहआहआहआहआह........ इईईईईईईईई ऊऊऊऊऊऊऊऊ और जोर से .....

आहआहआहआहआहआहआहआह........... ऐईईईक्क्क्क्क्क्क्क्क्क्जककज्जज्जीज्ज्ज्सब्स्खक्कज्जिहिय्य्यत

और जोर से ऐसा बोल कर वो मेरे मुँह में ही झर गयी। उसका नमकीन स्वाद मुझे बहुत अच्छा लगा ।

अब उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपने मुँह में ले लिया उसने मुझे 5 मिनट तक मेरे लण्ड को चूसा । फिर मुझे लगा में आने वाला हु तो मैने लण्ड को निकल लिया इस बार मेने देरी न करते हुए उसकी चूत पर लण्ड लगाया और हलके से अंदर किया ।

बहुत टाइट चुत होने की वजह से मेरा लण्ड अंदर नही जा पा रहा था लकिन मैंने जल्दी जल्दी 4-5 धक्के मारे और में झड़ गया।

उसके बाद मुझे अपने आप पर बहुत गुस्सा आ रहा था मुझे लग रहा था कही में नपुंशक तो नही हो गया हूं।

रश्मि भी अपने आप से अपना पानी निकल कर सो गई ।

अब राज (में) ये सुना तो मुझे बहुत अजीब लगा की यार शादी की पहली रात को एक औरत के लिए इससे बुरी बात क्या होगी की उसका पति उसे खुश ही नही रख सकता ।

मैंने अब रोहित को समझया की तू चिंता मत कर हम किसी अच्छे से डॉक्टर को दिखाएंगे

रोहित बहुत अपसेट हो गया था । मैंने उससे बोला की तू फ़ोन करके रश्मि को बोल दे की हमें आने में देर हो जायेगी । उसने फ़ोन किया और मुझसे बोला बता अब क्या करना है।

मैंने अपना फोन निकाला और एक वैध जी थे जो एक बार मुझे मिले थे मैंने उनको फोन किया और उन्हें सारी बात बताई ।

उन्होंने मुझसे बोला की मेरे पास मेरे आश्रम में आओ फिर में तुम्हारे दोस्त का सारा दुःख दूर कर देंगे।

हम दोनों नहा धो कर तैयार हुए और रोहित के घर जाके खाना खाया और उसके बाद मे उसे लेकर वैध जी के पास चल दिया।

जब हम जा रहे थे तो रश्मि ने रोहित को बुलाया और पूछा की क्या बात है कहाँ जा रहे हो??

रोहित ने रश्मि को सब सच्च सच्च बता दिया।

जिससे रश्मि एक दम सहम गयी और मेरी तरफ देख कर नजर नीचे कर ली ।

रोहित ने उसे बताया कि राज मेरे भाई जैसा है में उससे कुछ नही छिपाता।

उसके बाद में उन दोनों के पास गया और रश्मि से बोला की भाभी आप घबराओ नही जब तक मैं हूँ आपको कोई प्रॉब्लम नही होने दूंगा।

रश्मि ने सिर्फ हां में सर हलया ।

उसके बाद हम वहां से निकल कर सीधे वेध जी के पास पहुच गये।

अंदर जाके मैंने उनको प्रणाम किया और हम एक बंद कमरे में बैठ गए।

फिर वेध जी ने मुझसे पूछा की बताओ क्या प्रॉब्लम है।

मैंने रोहित से कहा कि जो भी बात है निसंकोच इनको बता दो।

रोहित बात करने में हिचकिचा रहा था। मेने गुरूजी को सारी बात बताई।

उसके बात गुरूजी ने रोहित को एक मेज पे लेटने को कहा ।

उसके बाद गुरूजी ने अपने एक शिष्य से एक प्लास्टिक या अर्टफिशल चुत को मंगाया और रोहित को अपना पाजामा निचने करने को बोला और रोहित से बोले की तुम इसमें अपना वीर्य निकल दो फिर हम उसकी जांच करेंगे और तुम्हारा लण्ड का एक एक्स रे भी होगा।

और फिर गुरूजी उसे एक रूम में छोड़ कर bhar आ गए ।

30 मिनट बाद रोहित आया उसने वो गुरूजी को दिया जिसके बाद गुरूजी ने उसे एक कैमिकल के साथ मिक्स किया । और वो उसकी जांच करने लगे । इतने में एक शिष्य एक्स रे लेके आया । वेधजी ने वो भी चेक किया 1 घण्टे बाद उन्होंने हमें बुलाया ।

मैं और रोहित अंदर गये और वेधजी के सामने बैठ गए। उन्होंने जो बात बतायी उसे सुनके तो रोहित क्या में भी दंग रह गया।

उन्होंने बताया की रोहित को एक ऐसी बीमारी है जिससे इनकी सेक्स लाइफ भी खत्म हो सकती है।

मैंने पूछा शीघ्र पतन के साथ साथ दिन प्रतिदिन शुक्रण्डु deactive होने की बीमारी है। इसमें ये बाप नही बन सकते है और इनकी सेक्स करने की क्षमता ख़तम हो जायेगी।

जैसे ही रोहित ने ये सुना तो उसके पैरों से जमीं ही खिसक गई।

मैंने उनसे पूछा की ये ठीक नही हो सकती है क्या??

तो वेध जी बोले इसका कोई मेडिकल इलाज तो नही है ।

लकिन एक असाधारण सा उपाय है जिसे आप कर नहीं पाओगे। तो इसका कोई इलाज नही है।

मुझे गुस्सा आ गए और मेने गुस्से में कहा कि चाहे मुझे USA या LONDON इसका इलाज कराना पड़े मैं करूंगा। मैं अपने भाई को ऐसे नही देख सकता।

वेध जी ने मुझे समझाया कि आप कही भी जाओगे इसका इलाज पॉसिबल नही है।

लकिन एक प्राचीन विधि है वो काम कर सकती है तो ये हाफ ठीक हो सकते है।

मैंने कहा मतलब साफ साफ बताओ वेधजी ।

तो उन्होंने मुझे बताया कि ये बाप नही बन पाएंगे लकिन इनकी सेक्स करने की क्षमता जरूर बढ़ जायेगी। मैंने बोला की आप उपाय बताओ कोई बात नही है ।

बाप तो रोहित जरूर बनेगा चाहे कोई बच्चा गोद ही क्यों न लेना पड़े। लकिन इनकी सेक्स लाइफ अच्छी हो जायेगी तो इनकी शादी बच जायेगी।
 
मेने रोहित को देखा वो धयान से मेरी और वेधजी की बात सुन रहा था ।और शांत था। अब मैंने वेधजी से पूछा आप अपना इलाज बताये ।

वेधजी - देखो राज , जैसे में पहले भी कह चुका हूं कि ये इलाज बहुत ही कठिन है इसे कर पाना कोई मजाक नही है। और तुम इसे अकेले नही कर पाओगे ।

रोहित- वेधजी आप इलाज तो बताये हम बाद मैं सोचेंगे कि हमे क्या करना है।

मेने रोहित की बात का समार्थन करते हुए कहा कि वेद जी आप अपना इलाज बताये।

वेध जी - राज इस इलाज को तुम अकेले नहीं कर सकते हो इसके लिए तुम्हे किसी महिला की जरूरत पड़ेगी।

मैं- वेध जी आप हमें इतना चिंतित क्यों कर रहे हो । आप बताये और निसंकोच बताये की हमे क्या करना हैं?

वेध जी- उन्होंने बताना सुरु किया । देखो रोहित आपके लिए ये एक असाधारण सा इलाज होगा तो आप को सबसे पहले अपने आप को इस समाज के विचारों से हटना होगा । और इस इलाज के दौरान आप भरी दुनिया से किसी से कोई मतलब नही रखोगे।

में- वेध जी मुझे अब बहुत irritation हो रही है आप हमें बताओ की क्या इलाज है?

वेध जी- राज इसके इलाज के लिए हमे दो लोगो की जरूरत पड़ेगी। वो भी भिन्न भिन्न लिंग होने चाहिए।

रोहित- मतलब पुरुष और महिला दो लोग चाहिए।

मैं- हाँ तो इसमें कोनसी बड़ी बात है। आपके आश्रम में बहुत से लोग है आप उन्हें बुलाओ और इलाज सुरु करो।

वेधजी- राज जैसा तुम समझ रहे हो ऐसा इलाज नही है ये। रोहित के शुक्राणु धीरे धीरे कम हो रहे है जिससे इसके बाप बनने की शक्ति जा रही है।



रोहित- वेधजी आप जो भी इलाज हो मुझे बताओ में करूँगा चाहे जिस भी हो।

वेधजी- आपके सबसे पहले आपके शुक्राणु को स्थिर करना होगा जिससे आपको और ज्यादा हानि न हो। उसके लिए आपको एक antitode की जरूरत पड़ेगी । जिसे आश्रम की भाषा में जीवंबुटी कहा जाता है।

मैं- वेधजी ये जीवन बुटी क्या है?

वेधजी- मेने अभी आपको बताया था कि दो लोगो की जरूरत पड़ेगी ये जीवन बूटी उन्ही दोनों लोगो के काम रस से तैयार की जाती है। जब एक स्वस्थ पुरुष और स्वस्थ महिला के काम रस को मिलाया जाता है तब ये जीवन बूटी तैयार होती है । यही antitode रोहित को तबतक सेवेन करना है जब तक की उसके शुक्राणु deactive होने बंद न हो जाए।

मैं - ऐसा सुनने के बाद मैं एक दम स्तब्ध रह गया । मैंने गुरूजी से बोला की आपके आश्रम में अगर जीवन बूटी होतो आप हमें एक दो बोतल दे दीजिए ।

वेध जी- देखो राज ये दुनिया की 7 अरब जनसँख्या में एक या दो लोगो को ही ये रोग होता है इसकी हमने कोई दवाई तैयार नही की है।

रोहित- वेधजी ये तो बहुत मुश्किल है और ऐसे किसी पुरुष और महिला को तैयार भी नही कर सकते जो मेरे लिए ये काम कर सके । राज ऐसा करो अब जो होगा ऊपर वाले पर छोड़ दो ।

मेने ये उपाय तो बिलकुल नही सोचा था अब हमारे सामने बहुत बड़ी परेशानी खड़ी हो गयी थी! मैं और रोहित दोनों हो परेशानी में थे ।

हमने वेधजी को नमस्कार किया और वहां से निकल कर घर की तरफ चल दिए।

रस्ते में रोहित मुझसे बात करने लगा।

रोहित- राज मुझे लगता है में बचपन से ही अनाथ था और आगे भी जिंदगी ऐसे ही गुजारनी पड़ेगी।

में रश्मि की जिंदगी को ऐसे खराब नही होने दूंगा में उसे सब सच्च बता दूंगा और उसे तलाक देके उसकी कही और शादी करकर जिंदगी बच जायेगी।

मैं- यार तू पागल है ऐसे कुछ नही होगा तू बिलकुल ठीक हो जाएगा तू चिंता मत कर सब ठीक हो जाएगा।

रोहित - थोड़ा गुस्से में आते हुए...........

यार कुछ ठीक नही होगा कोन देगा मुझे अपना काम रस ? तू दे सकता है क्या?

जैसे ही रोहित ने ये बोला तो मुझे एक दम शॉक लगा मेरे हाथ एक दम ब्रेक पर चले गए और मैंने बाइक को रोका।

और उसकी तरफ देखा तो रोहित मेरी तरफ एक दम देख कर नजर नीचे कर ली और उसकी आँखों से हलके हलके आँशु आने लगे।

में- यार देख ये परिस्थितिया बहुत ही विपरीत है हमे ठन्डे दिमाग से काम लेना होगा।

रोहित - मुझे जबाब चाहिए , तू मुझे अपना वीर्य देगा ???

में- काफी देर सोचने के बाद, अच्छा अगर में दे दू तो महिला का कामरस कहाँ से लाएंगे?

उसके बाद हम सोच में पड़ गए ।

फिर मैं और रोहित घर पहुच गये । मेने रोहित के घर पहुच कर रश्मि को हाथ जोड़ कर नमस्ते किया और बिना किसी से बात किये अपने घर आ गया।

उसके बाद रोहित के घर क्या हुआ ? ये कहानी रश्मि की जुबानी -----

जब ये और राज घर आये तो राज ने नमस्ते किया और बिना बताए घर से निकल गए ।

और रोहित भी बहुत परेशान थे मैंने रोहित को पानी दिया और फैन ऑन कर दिया ।

जब रोहित शांत दिख रहे थे मै रोहित के पास गई और रोहित से बात करने लगी-

में (रश्मि) - क्या हुआ रोहित ? आप इतने उदास क्यों हो? अगर रात की बात है तो कोई बात नहीं है। शादी के बाद पहली रात को सेक्स अच्छे से हो नही पता है। तो उसमें घबराने वाली कोई बात नही है।

रोहित- उदास मन से...... नही ऐसे कोई बात नही है। में ठीक हु रश्मि आप अपना काम कर लो मुझे कुछ नही हुआ है।

रश्मि- जब हमने शादी की थी तो वचन भी लिए थे की साथ साथ हर दर्द को सहेंगे। जो भी बात है मुझे बताओ?

रोहित अब कुछ छिपाने की हालत में नही था उसे मुझे सारी बात बता दी जो भी प्रॉब्लम से वह गुजर रहा था।

में- इसका कोई इलाज नही है क्या?

रोहित - इलाज तो है लकिन ?

में - क्या लेकिन बताओ मुझे क्या उपाय है?

रोहित- वो वेधजी ने इसका एक इलाज बताया है कि अगर किसी पुरुष (स्वस्थ) और महिला का कामरस मिले तो इसी से इसका इलाज हो सकता है?

में - मतलब तुम अब किसी पर पुरुष का वीर्य और औरत का काम रस का सेवन करते हो तो तुम्हारे शुक्राणु deactive होने से बच सकते है.

रोहित - हम्म

में - यार ये तो बहुत ही गन्दा इलाज है कोई कैसे इसे पी सकता है??

रोहित - वो क्या है न की मेरे शुक्राणु को deactive होने से रोकने के लिएवो जीवन बूटी एक प्रतिरोधक का काम करेगी जिससे वे ठीक हो सकते है।

अब में भी सोच में पड़ गयी एक तो मेरी चुत की सील भी नही टूटी थी ऊपर से अब ये सेक्स करने से तो रहे । यही सोच सोच कर मेरा मन उदाश होता चला गया।

अब मेने रोहित से पूछा की क्या करना है कैसे इस इलाज को करोगे?

रोहित- रश्मि तुम मेरा साथ दोगी न?

में- हाँ जरूर

रोहित- अगर तुम मुझे डेली अपनी चुत का काम रस निकल कर उसकी जीवन बूटी बनोगे ??

मुझे ये सुनके ही मेरी चुत गीली हो गयी की अब मेरी चुत से निकला हुआ काम रस इनको अपने सामने पिलाऊंगी । लकिन अगले ही पल मुझे धयान आया की वेधजी ने किसी पुरुष का भी वीर्य बताया है।

में- मेरा तो आपके ही लिये है लकिन किसी पुरुष का कहाँ से लाओगे??

रोहित- यार बात ऐसी है कि मैने राज से ये बात की थी लकिन वो तैयार नही था लकिन बाद में मान गया।

में- हम्म

ये सुनके मेरे शारीर में एक बिजली सी दौर गयी ।

रोहित- राज के वीर्य में तुम्हारे काम रस को मिलाकर जीवन बूटी तैयार हो जायेगी ।

जैसे ही राज ने ये बोला मेरे पुरे शरीर में एक अजीब से लहर दौड़ गयी । और मेरी चुत एक दम टाइट हो गयी और मेरी चूचिया तन गयी।

में- रोहित क्या ये संभब है?

रोहित - रश्मि अगर तुम विरोध न करो तो सब कुछ संभब है ।

रोहित ने ये बात बोलकर मुझे एक आसमंझ में डाल दिया। की मेरे चुत से निकले रस को किसी पर पुरुष के वीर्य में मिला के उसे मेरा पति पियेगा।



Sexualy तो मुझे बहुत उत्तेजना हो रही थी लकिन दिमाग साथ नही दे रहा था । मैं एक दुविधा में फंस गई थी।
 
रोहित को परेशान देखकर मुझे भी कुछ अच्छा नही लग रहा था । मेने शाम का खाना बनाया और रोहित और मेने दोनों ने खाना खाया । उस शाम में कुछ नही हुआ ।

रात को रोहित मेरे पास आया और मेरे साथ लेट गया । मेने रोहित को अपने आलिंगन में लिया और उसके गालो पर आने प्यारे से होटों से किस कर दिया । मेने रोहित को समझाया कि सब ठीक हो जाएगा तुम चिंता मत करो । और फिर हम दोनों सो गए।

सुबह 7 बजे हमारे घर की डोर बेल बजी ।रोहित ने मुझे उठाया और बोला की कोन आया होगा इतनी सुबह?

रोहित- रश्मि जाओ और देखो कौन आया है?

में बेड से उठी और दरवाजा खोलने के लिए आगे बड़ी। लकिन मुझे धयान आया की मेने सिर्फ एक light blue कलर की nighty पहनी हुई है। जिसमे मेरी चूचियो का उभार कुछ ज्यादा ही दिख रहा हैं और जांग से नीचे मेरी पूरी टाँगे दिख रही थी। मेने कुछ देर तक सोचा ।

फिर में गेट खिलने आगे बढ़ गयी।

जैसे ही मेने गेट खोला तो सामने राज खड़ा हुआ था उसके हाथ में एक छोटी से डिब्बी थी जिसमे कुछ सफ़ेद सफ़ेद सा था।

में - राज तुम आज इतनी जल्दी कैसे?

राज - भाभी वो में .... में रोहित से मिलने आया था कैसा है अब वो?

में- ये तुम्हारे हाथ में क्या है?

राज - कुछ नही भाभी वो रोहित के लिए दवाई लाया हूँ।

में समझ गयी थी कि राज कुछ छिपा रहा है और मुझे nighty में देख कर राज के पेंट में कुछ उभार आने लगा था। राज बार बार चोरी चोरी नजरो से मेरी चूचियो की तरफ देख रहा था। और मुझे बाद में समझ आया की ये रोहित के लिए अपना वीर्य लाया है।

ये ख्याल आते ही मेरी नजर खुद ही उस डिब्बी की और चली गयी उसमे बहुत ही गाड़ा गाड़ा सफ़ेद वीर्य नजर आ रहा था। जिसे देख कर मैं पागल सी हो रही थी और मेरी चुत धीरे धीरे गीली हो रही थी ।

इतने में ही रोहित की आवाज ने मेरी मदहोशी तोड़ी।

रोहित- कोन आया है रश्मि?

में - राज ... राज जी आये है।

मेने राज की तरफ देखा वो मेरी तरफ लगातार देखे जा रहा था जिससे मुझे शर्म सी आने लगी और मैने अपनी नजरे नीचे कर ली।

राज- अंदर आ जाऊ भाभी जी?

में - हम्म आ जाओ ।

में सीधे दौड़ कर रूम में चली गयी फिर रोहित बहार आया और राज के साथ ड्रॉइंग रूम में चला गया।

पता नही कल से जब से रोहित ने मुझसे राज के वीर्य को मेरे चुत रस में मिलाने की बात की है मेरी चुत से पानी रुकने का ही नाम नही ले रहा था । और सुबह सुबह राज के सामने अधनंगी चले जाना। ऐसे सोचते सोचते न कब जाने मेरे हाथ मेरी nighty के अंदर चला गया और मेरी चुत और जैसे ही हाथ रखा तो वो एक गर्म भट्टी की तरह जल रही थी।।

मेरी चुत पर हाथ लगते ही में मदहोश हो गयी । मेरा ऐसा मन कर रहा था कि कोई आये और मेरी चुत में अपना लंड डाल कर इसे शांत कर दे।

( जितने भी मेरे दोस्त पढ़ रहे है कोई है जो मेरी चुत में अपना लण्ड डाल कर मुझे मेरी मंजिल दिला दे............. मुझे कमेंट करे)

मुझे रोहित और राज की आवाज सुनाई दी। में ड्रॉइंग रूम के पास जाके उनकी बात सुनने लगी.....

राज- रोहित यार मेने बहुत सोचा और मैने फैसला किया कि जब तक में हूँ तो में तुझे अपना वीर्य दूंगा। जिससे तेरी ये सारी बीमारी दूर हो जायेगी।

रोहित - राज यार तेरे मुझ पर बहुत अहसान है । अब तो में तेरा जिंदगी भर के लिए गुलाम बन गया हूं।

राज - रोहित चिंता मत कर । भरोसा रख सब ठीक हो जाएगा। ये बता महिला के चुत रस का क्या रहा?

रोहित- उसकी चिंता मत कर । वो रश्मि मान गयी है कि वो अपनी चुत का रस मुझे पिलाएगी।

राज - रोहित तू अपनी बीवी की चूत के पानी को अपने दोस्त के वीर्य में मिलकर पियेगा.........

जैसे ही राज ने ये बात बोली में तो एक दम पागल सी हो गयी और मेरी चुत से रस टपकने लगा जो मेरी जांग पर बह रहा था......... में मन ही मन सोच रही थी की राज के वीर्य में मेरा रस मिलेगा तो रोहित जल्दी ही ठीक हो जाएंगे.....

रोहित- यार में रश्मि का भी ये उपकार कभी नही भूलूंगा। अभी रश्मि को बुलाता हूँ।

रश्मि........ रश्मि......... रश्मि.....

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में- है जी क्या हुआ?

में दौड़ के ड्रॉइंग रूम में गयी। मेने अभी सही से अपनी जांग साफ भी नही की थी और मुझे धयान नही था कि मेरा रस हल्का हल्का बाहर आ रहा है। जब में अंदर पहुची तो राज मुझे फिर से घूर रहा था। अब मेने भी जानबूजकर उसका कोई विरोध नही किया।

रोहित- आओ रश्मि बैठो। मुझे तुमसे बहुत जरुरी बात करनी है। देखो हम तीनों बहुत समझदार है और तुम दोनों को मेरी बीमारी का पता है। क्यों न हम तीनों अब इस मुद्दे पर खुलकर बात करे।

में- हम्म सही है।

रोहित- रश्मि डॉक्टर ने बोला था कि जो दवाई मुझे खानी है वो सिर्फ एक पुरुष और औरत के स्पर्म से ही बनेगी..... और राज मुझे अपना वीर्य देने के लिए तैयार हो गया है।

जब रोहित ने मुझसे राज के सामने ही राज के वीर्य के बारे में बात की तो मेरे चूचियो के निप्पल और ज्यादा tight हो गए जो मेरी nighty में बहार से साफ़ दिख रहे थे। जिन्हें राज के आँखों के द्वारा तराशा जा रहा था।

या यूँ कहूँ की राज मेरे पति के सामने ही मेरे चूचियो को देखे जा रहा था।

रोहित- क्या हुआ रश्मि कहाँ खो गयी?

में - कुछ नही बस ऐसे ही!

राज- भाभी आप चिंता मत करो आप अपने हाथों से मेरे वीर्य को अपनी चुत के रस में मिलाओ और रोहित को पिलाओ फिर देखना ये ठीक हो जाएंगे।

में- राज तुम ये कैसे बात कर रहे हो?

रोहित- रश्मि अब हम तीनों को ये words बोलने में एक दूसरे से शर्माना नही चाहिए क्युकी अब तो तुम दोनों ही मुझे जीवन दे सकते हो।

मुझे उनकी बात सुन कर बहुत जोश आ रहा था लकिन में कुछ बोल नही पा रही थी।

राज- रश्मि (इस बार भाभी नही बोला) ये लो मेरा वीर्य और अभी जाके दवाई बना कर लेके आओ....

में- अभी ....... लकिन.....

इतना कहने के बाद में रुक गयी तभी राज समझ गयी की मेरा चुत रस तो अभी बहार आया नही है ।

राज - रश्मि तुम और रोहित यही ड्रॉइंग रूम में रुको में तुम्हारे लिए कॉफी बना के लाता हु 10 मिनट में। तुम चाहो तो तब तक अपना चुत रस निकाल सकती हो???

में राज के मुहँ से अपने लिए खुलेआम चुत की बात सुन कर शर्म से पागल हुई जा रही थी।

इतने में राज आगे बढ़ा और मेरे हाथ में अपने वीर्य की डिब्बी को पकड़ा दिया। ये पहली बार था जब किसी पराये मर्द का वीर्य में अपने हाथ में पकडे हुए थी।

जब राज रूम से बहार चला गया तो रोहित मेरे पास आये और मुझसे बोले की रश्मि अपने पति को अपनी चुत का रस नही पिलाओगी???

में- आप सिर्फ मेरा चुत रस थोड़े ही पिओगे उसमे अपने दोस्त का वीर्य भी तो मिक्स करोगे....??

रोहित ने मुझे अपनी गोदी में उठाया और वहां सोफे पर लिटा दिया । रोहित ने मेरी nighty निकल दी । अब में सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।

रोहित- रश्मि तुम्हारी चुत तो पहले ही बहुत पानी छोड़ रही है यहां तो नादिया बह रही है।

रोहित ने मेरी panty को उतार दिया और मेरी चुत पर अपना हाथ रखा ।

में- आहआहआहआहआहआहआहआहआहआह..............आहआहआहआहआह ..........ईईईइइईईईईईईईईIइईईईईईईईई................र्रर्रर्रर्रूऊऊऊऊऊठहहीईत्तत्तत्तटीटी.......

रोहित निकल दो मेरी चुत का पानी ........

रोहित- हाँ रश्मि जरूर तुम्हारी चुत के पानी से ही तो में ठीक होऊंगा......

में - रोहित इसमें अंदर तक जीभ डाल दो .....आहआहआहआहआह.........आहआहआहआहआह....

रोहित - रस्मी तुम्हारी चुत बहुत टाइट है और इसे चाटकर तो जन्नत नसीब हो जाती है।

जब रोहित मेरी चुत चाट रहा था और मेरे हाथ में राज का वीर्य था न चाहते हुए भी में उसे देखने लगी और गोर से उसे निहार रही थी।

रोहित- क्या देख रही हो रश्मि??

में- राज का वीर्य कितना गाड़ा है। देखो बहुत सफ़ेद और एक दम गाड़ा है।

रोहित ने और तेज से मेरी चुत में जीभ को चलाना सुरु कर दिया...

में- आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईईIइईईईईईईईई...............

.......आहआहआहआहआह..... रोहित ये वीर्य तुम्हे जरूर ठीक कर देगा।

मेरे मन में न जाने क्या आया की में इसे खोल के देखु की राज का वीर्य कितना गाड़ा है मेने अनजाने में राज के वीर्य से भरी डिब्बी को खोल दिया।

जिसमे से एक बहुत ही तेज सुगंध ने मुझे पागल कर दिया....

मेने अपने जीवन में कभी ऐसा वीर्य(स्पर्म) नही देखा था । में उस स्पर्म की खुश्बू में खो गयी और मेरी आवाजे और तेज हो गयी...

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी.......

तभी रोहित बोले रश्मि तुम आओगे तो में तुम्हारा चुत रस किस्मे लूंगा?

रोहित - में राज से एक कप मंगा लेता हूं?

जैसे ही रोहित ने राज का नाम लिया में और ज्यादा पागल हो गई एक तो उसका वीर्य मेरे मुहँ के बिलकुल पास था और ऊपर से राज का नाम लेके मुझे रोहित ने और पागल कर दिया..

मेने तभी रोहित के सर को पकड़ा और जोर से अपनी चुत में रगड़ दिया और आहआहआहआहआह..........

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...

रोहित - रश्मि मुझे एक कप मांगने दो ? और रोहित ने राज को आवाज दी की राज एक कप दे देना...

मेने रोहित को बोला की में एक दम नंगी हूँ तो रोहित को धयान आया और बहार कप लेने चला गया ..

अंदर में अभी भी राज के वीर्य को सूंघ रही थी जिसके सुगंध ने मुझे पगक कर दिया था

मुझे अचानक क्या हुआ की मेने राज के वीर्य में अपनी एक ऊँगली को डाला और उसमें थोड़ा सा निकल कर उसे अपने नाक के पास लाके सूंघने लगी। वो मुझे और ज्यादा दीवना कर रही थी

.. मेने वो ऊँगली अपने मुँह में डाल ली । उसके बाद उसके वीर्य के स्वाद ने तो मुझे और ज्यादा diwina बना दिया। तभी रोहित अंदर आये और उन्होंने कप मेरी चुत पर लगा दिया और चुत चाटने लगा....

अब मुझसे रुक नही जा रहा था मेरा ऐसा मन कर रहा था की में राज के वीर्य को अपने मुह में ले लूँ और उसकी एक एक बूंद पि जाऊ...

रोहित - रश्मि आ जाओ इसमें अपना चुत रस निकाल दो.... राज ने हमारे लिए कॉफी तैयार की है।

में-राज.........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज ........राज

में इतनी जोर से चिल्लाई राज राज की राज के कानों तक ये पहुच गया होगा । और उसके बाद वो हुआ जो नही होना चाहिए था..

रोहित जैसे ही मेरी चुत से हटा तो मेरे हाथ से राज के वीर्य की डिब्बी छूट गयी जो सीधे मेरे चेहरे पर गिरी । जिसमे से आधा वीर्य मेरे मुंह में अंदर आ गया और में उसे प्यार से चाटने लगी.....

पता नही मुझे क्या हो गया था में जोर से चिल्लाई की राज तुम्हारा वीर्य बहुत tasty है। और में राज राज कहते हुए उस कप में छूट गयी......

में- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी....... ओह्ह ओह्ह ओह्ह fuck fuck fuck.....

रोहित- रश्मि come ऑन कूल डाउन।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

जब मैने देखा तो वो कप पूरा भर चूका था। आज से पहले मैं कभी इतना नही release हुई थी...

मेने देखा की राज के वीर्य गिर के मेरे फेस और मेरी ब्रा के ऊपर भी गिर गया था। मेने वो डिब्बी उठायी और उसमें देखा तो अभी उसमे आधा था ।

तभी अचानक राज रूम में अंदर आ गया । में एक दम नंगी सोफे पर लेटी हुई थी। जैसे ही राज अंदर आया तो मैने जल्दी से उठ कर वहां एक चादर थी उसे अपने ऊपर लपेट लिया।

राज- भाभी आप मुझे क्यों बुला रही थी । राज राज पुकार रही थी ... बताओ क्या हुआ?

में एक दम ऐसी हालत में थी की में अपने पति के साथ नंगी बैठी हुई थी सिर्फ एक चादर में वो भी किसी और मर्द के सामने... जिसके नाम से अभी में झड़ गयी थी....

में - कुछ नही राज जी वो बस ऐसे ही....

राज - उस कप को देखते हुए- रश्मि तुम तो एक महीने का एक साथ झड़ गयी ...

रोहित- राज आज तेरी भाभी अपनी जिंदगी में बहुत झड़ी है।

में - आप अब अपनी दवाई बनाइये और जल्दी से ले लीजिए...

राज- चलो में बनाता हूँ... वो वीर्य वाली डिब्बी को आधी खाली देख के बोला की अभी तो दवाई बनी भी नही है किसने ख़तम किया?

रोहित- यार पीना मुझे था और रश्मि आधा पी गयी....

अब मुझे बहुत शर्म आ रही थी

राज ने वो कप उठाया और उसमें वीर्य को मिक्स करके पहली जीवन बुटी बनायीं ।

राज ने मेरी तरफ देखा और वो मेरी तरफ बढ़ा तो मुझे दर लगने लगा की कहि राज कुछ कर ने दे...

वो मेरे पास आया और मुझसे बोला - थैंक्स भाभी।

में- अरे इसमें थैंक्स की क्या बात है।

राज - आज आपकी वजह से रोहित ठीक हो जाएगा।

में- आपकी वजह से होगा में तो बीवी हूँ उनकी मेरा तो फ़र्ज़ है आपको थैंक यू..

राज में देखा की मेरे चहरे पर उसके वीर्य की कुछ बुँदे लगी हुई है। तो उसने उन्हें साफ़ करने को इशारे से बोला । मुझसे कुछ समझ नही आया।

तो राज ने रोहित से बोला की वो जो सोफे पर लाल कपडा पड़ा है उठा दे।

रोहित ने बिना धयान दिए वो कपडा राज को दे दिया। वो मेरी panty थी जब राज ने उसे देखा तो देखता ही रह गया । फिर राज मेरे पति के सामने ही मेरे और करीब आके मेरी लाल पैंटी से मेरे चेहरे से अपने वीर्य की बूंद हटाने लगा।

ऐसा मादक माहौल था रूम का की मैं अपने आप को एक रंडी फील कर रही थी।

उसके बाद रोहित ने वो जीवन बूटी को पिया । पहले तो रोहित को अच्छा नही लगा लकिन एक घूंट पिने के बाद उसे mja आने लगा।

राज - अब तो मुझे तुम दोनों मियां बीवी को अपना वीर्य पिलाना पड़ेगा... और कहने के बाद हसने लगा।.....
 
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और कहने के बाद हसने लगा।....

गतांक से आगे.........

अब सुबह के 11 बज चुके थे। और में ड्रॉइंग रूम से बहार निकल कर सीधे बाथरूम में चली गयी । अंदर जाकर मुझे याद आया की मेरी पैंटी तो वही सोफे पर छूट गयी है।

मेने शावर लिया और अपने शरीर को अच्छे से साफ़ किया। मेने अपनी चुत को अच्छे से साफ़ किया । जब मैने अपनी चुत पर हाथ लगाया तो मेरी चुत फिर से गर्म होने लगी।

मेने अपने ऊपर कंट्रोल किया और नहाने के बाद बहार आयी। मेने सिर्फ अपने शरीर पर तोलिया लिपटा हुआ था। और में सीधे बैडरूम में चली गयी।

मुझे बहार से हलकी हल्की आवाज आ रही थी जब रोहित और राज बात कर रहे थे।

रोहित- थैंक्स राज । मेरी हेल्प करने के लिए। तुम और रश्मि मुझे एक नया जीवन दे रहे हो।

राज- रोहित ये तो मेरा फर्ज है। में तेरे लिए कुछ भी करूँगा। ये बता ये जीवन बुटी कैसे लगी?? इसका टेस्ट कैसा था??? और हँसने लगा............

रोहित- राज , कुछ मीठा और कुछ खट्टा.... बहुत ही अच्छा टेस्ट था।

राज - (मुस्कुराते हुए.....) भाभी के रस के साथ मेरा वीर्य , टेस्ट तो अच्छा होना ही था।

राज - रोहित चल अभी हमे वैध जी के पास जाना है।

रोहित - हाँ यार चल तैयार हो ले.... में रश्मि को बोल कर आता हूं...

राज- ठीक है जल्दी आ में बाइक लेके आता हूं। और हां वो जो हमने जीवन बुटी बनायी है उसे भी साथ ले लेते है । वेधजी को दिखाना होगा.।

रोहित मेरे पास आया और मुझे पीछे से पकड़ लिया। में ऐसे ही सिर्फ टॉवेल में थी रोहित के तेज पकड़ने से मेरा टॉवल खुल गया जिसे मेने सिर्फ ऐसे ही पकड़ा हुआ था।

रोहित ने हलके से मेरे कान को अपने दांत से काटा और मुझे पीछे गर्दन पर किस करने लगा।

( किसी औरत को पीछे गर्दन पर किस किया जाए तो तो बहुत जल्दी exicted हो जाती है)

रोहित ने अपने दोनों हाथ आगे करके मेरी दोनों चूचे पकड़ लिए। और उन्हें दबाने लगा । में एक आगोश में जा रही थी। तभी मुझे धयान आया की घर पर हम दोनों अकेले नही है।

मेने रोहित से पूछा राज कहाँ है?

रोहित- वो बाथरूम में है नहा रहा है। फिर हम दोनों को वेधजी के पास जाना है।

में- रोहित मुझे तुमसे कुछ बात करनी है ।

रोहित - है बताओ क्या बात है? और रोहित ने मुझे और ज्यादा टाइट पकड़ लिया । मेरी चूचिया उसके हाथों में तन गयी थी।

में- आहआह...... रोहित पता नई मुझे कल से क्या हो रहा है मेरी चुत शांत होने का नाम ही नही ले रही है। रोहित प्ल्ज़ मेरी चुत में अपना लंड डाल के इसकी प्यास बुझा दो।

रोहित - चिंता मत करो मेरी रानी । में वेधजी के पास से होके आता हूं फिर में तुम्हारी चुत को शाम तक लगातार जन्नत की शेर करूँगा।

में - रोहित देखो मेरी चुत पर हाथ रख कर देखो। बहुत गर्म हो रही है।

रोहित ने मेरे शरीर से तोलिया को हटा दिया और अपना एक हाथ मेरी चुत पर रखा तो मेरी आँखे अपने आप बंद हो गयी और मैने रोहित को कस कर अपनी बाहों में भर लिया।



इतने में ही राज रूम में अंदर आ गया और मेरी आँख बंद होने से मुझे कुछ पता ही नही लगा। राज ने अंदर आकार जो नजारा देखा वो देखता ही रह गया। उसने मुझे पहली बार पूरा नंगा देखा था ।

राज की आँखे मेरी चुत पर थी जो एक दम टाइट मख्खन की तरह थी। मेरी चूचिया तन चुकी थी जो राज की आँखों के सामने एक दम नंगी थी।

राज- रोहित चले??

तभी मेरी आँख खुली तो में एक दम से भौचक्का रह गयी और जल्दी से तोलिया ढूंढने लगी। लकिन जब कुछ होना होता है वो होके रहता है। मेरा तोलिया मुझे मिला ही नही।

रोहित ने राज को देखा लकिन उसने कोई रियेक्ट किया ही नही और राज के सामने मेरी चुत में एक ऊँगली अंदर डाल दी। जिससे मेरी मादक आवाज राज के सामने ही निकल गयी।

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

में- रोहित आह आह आह सामने राज है।......

लकिन रोहित ने अनसुना कर दिया और राज से बोला..

रोहित- राज यार देख रश्मि की चुत शांत ही नही हो रही है , तू वहां सामने अलमारी से मेरे कपडे निकाल कर पहन ले । में इतने तेरी भाभी की चुत को शांत करने की कोशिस करता हूँ।

में ऐसा सुनके तो और ज्यादा पागल हो गयी थी। अब मेने भी सोच लिया था कि राज के सामने में नंगी तो हो ही चुकी हूं क्यों न अब अपनी चुत रोहित के हाथों शांत करा लूँ।

राज- रोहित भाभी की चुत गर्म तो होना लाजमी है जब तू उनकी चुत को ऐसे रागड़ेगा। तो अच्छी अच्छी चुत पानी छोड़ने लग जाएंगी।

में-

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... रोहित और अंदरदरर तक डालो न ...

ये आवाज मेने बहुत जोर से निकली थी। मुझे अब पता लग चुका था कि जब जब राज मेरे सामने होता है तो मेरी चुत और ज्यादा गर्म हो जाती है।

सच्च कहूँ तो में( रश्मि) अब ये कल्पना करने लग गयी थी की राज अपना लण्ड मेरी चुत में डाल कर मुझे शान्त कर दे इसीलिए में अब राज के सामने तेज तेज आवाज निकल रही थी।

रोहित ने मुझे वहां बेड पर लिटा दिया और अपनी जीभ को मेरी चुत के दाने पर रगड़ने लगा । मेने अपने दोनों हाथों से बेडशीट को पकड़ लिया और जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी।

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

राज मेरे सामने ही खड़ा हुआ था और मुझे देख रहा था। तभी रोहित ने राज से कहा - राज वहां टेबल पर एक तेल की बोटल है वो दे देना.....

राज ने वो तेल की सीसी उठायी और रोहित के पास लाया। रोहित को बहुत तेज जोश आ रहा था उसका लंड पेंट को फाड़ के बाहर आने को तैयार था ।

राज- रोहित लो ये सीसी।

रोहित- राज इसमें से थोड़ा सा तेल अपनी भाभी की चुत पर डालना ।

राज ने थोड़ा सा तेल मेरी चुत पर डाला । रोहित ने वो तेल मेरी चुत से रगड़ दिया और रोहित वहां से उठा और बेड पर ऊपर आकर मेरी चूचियो को मुँह में ले लिया।

में-

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

रोहित में मर गयी । मेरी चुत में लंड डालो । मेरी चुत को फाड़ दो ।

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

राज अभी भी मेरी चुत के पास ही था । रोहित ने राज से बोला की राज थोड़ा सा तेल और डाल दो इसकी चुत पर । राज तेल डाल के हट गया । में तड़प रही थी की कोई मेरी चुत को रगड़ दे।

तभी रोहित ने राज का हाथ पकड़ के मेरी चुत पर रख दिया और बोला राज रश्मि की चुत की अच्छे से मालिश कर दे।

रोहित ने जैसे ही ये बोला मेरी चुत तो और ज्यादा गीली हो गयी थी। मेने अपनी आँखे खोल के देखा तो राज अभी भी हिचकिचा रहा था मेरी चुत को हाथ लगाने में....

मेने जब ये देखा तो जान बूझ कर रोहित से बोला रोहित मेरी चुत को रगड़ो प्ल्ज़....

उसके बाद राज ने अपना हाथ जैसे ही मेरी चुत पर रखा तो सच्च कहूँ तो मुझे ऐसा लगा की जैसे में आज तृप्त होने वाली हूँ।

राज ने बहुत प्यार से मेरी चुत को सहलाया और उसे अपने हाथ से दबाने लगा । मेरी आँखे बंद होने लगी थी।।

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

एक मेरे पति जो मेरी चूचियो को चूस रहे थे और एक मेरा न्यू नवेला प्यार मेरा राज सिर्फ मेरा राज ( मेरे पति का दोस्त) अपने हाथ से मेरी चुत को सहला रहा था ,

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

ये ऐसा माहौल था कि कोई भी पागल हो जाए।

लकिन इतने में ही वही हुआ जिसका मुझे डर था । रोहित के लण्ड ने एक पानी की हलकी सी धार मार दी और वो झड़ कर बेड पर लेट गया । उसका वो पानी सा सिर्फ मेरे पेट पर ही था । वो भी बिलकुल पतला और बहुत ही पारदर्शी पानी जैसा......

राज ने वो देखा और बोला रोहित ये क्या है तेरा लण्ड तो बहुत पतला है और बहुत छोटा भी । चल ये तो फिर भी ठीक है लकिन ये जो निकला है इससे तो तू कभी बाप भी नही बन पाएगा।

इससे गाड़ा तो दूध होता है रोहित। रोहित शर्म से पानी पानी हो रहा था । मुझे लगा राज कहि मेरी चुत को न छोड़ दे।

मेने अपना एक हाथ नीचे ले जाके राज के हाथ के ऊपर रख दिया और उसे अपनी चुत में अंदर तक दबाने लगी । राज ने मेरी तरफ देखा और मैने मुस्कुरा दिया ।

रोहित- राज अब तू ही बता में रश्मि को कैसे सारे सुख दे सकता हूँ।

में राज के हाथ को अपनी चुत में और अंदर तक दबाते हुए- रोहित तुम चिंता मत करो में और राज है न तुम्हे ठीक कर देंगे।

रोहित अपने आप में इतना ज्यादा गिल्टी फील कर रहा था वो वहां से उठ कर रूम से बहार चला गया।

राज का हाथ अभी मेरे हाथों में दबा हुआ मेरी चुत में था। जब रोहित भर गया तो राज भी जाने लगा।

मेने राज का हाथ पकड़ कर जोर से अपनी तरफ खींच लिया। जिससे राज बेड पर गिर गया लेकिन उसका हाथ अभी भी मेरी चुत में ही था।

मेने राज की आँखों में देखा और बोला - राज जब जब तुम मेरे सामने आते हो ये चुत बहुत ज्यादा गीली हो जाती है मेरी चुत पर जबसे तुम्हारा हाथ लगा है ये उसे छोड़ने ही नही दे रही है।

राज - रश्मि देखो ये गलत है।

अब मुझे गुस्सा आने लगा मेने राज पर गुस्सा करते हुए बोला- राज तुमने ही मुझे पसंद किया था न रोहित के लिए । तुम ने मेरी शादी रोहित से कराई थी । तुमने मेरी ज़िंदगी खराब की है।

में ऐसा बोलने के बाद और ज्यादा गुस्से में आ गयी मेने अपनी एक ऊँगली में रोहित का पानी सा उठाया और राज के सामने बोली की इससे इससे में अपना प्यार पाऊं ।

राज चुप चाप मुझे सुन रहा था।

में - राज अब तक में चुप थी । तुम बताओ मेरी ज़िंदगी तो अब बर्बाद कर दी न तुमने। अगर में चाहती तो में रोहित को तलाक भी दे सकती थी। लकीन नही दिया। राज और तुम कहते हो ये गलत है।

राज - रश्मि अब मुझे और ज्यादा शर्मिंदा नही करो।

में - राज तुम अब मेरी सारी जरूरत पूरी करोगे। और ऐसा कहने के बाद मेने राज के हाथ को अपनी चुत से हटा दिया और थोड़ा गुस्सा दिखाने लगी।

राज - रश्मि अब तुम ही बताओ में क्या करूँ में भी इस दुविधा से बहार निकलना चाहता हूँ।

रश्मि(में)- राज तुम्हे में एक सच्चाई बताना चाहती हूँ। मेने शादी के लिए तुम्हे पसंद किया था न की रोहित को ।

मेरे घर वालो को रोहित पसंद आया और उन्होंने मेरी उससे शादी करवा दी।

इतना सुनने के बाद राज ने प्यार से मेरी तरफ देखा और जो हाथ मेने हटा दिया था उसने मेरी इजाजत लिए बिना वो हाथ मेरी चुत पर रख दिया.......

और मेरे होठो को अपने होठों में जकड लिया और मुझे किस करने लगा....

में- राज प्ल्ज़ बुरा मत मानना लकिन मुझे तुमसे प्यार हो गया है। I love you raj........

राज- रश्मि मेने तो तुम्हे देखते ही शादी करने का मन बना लिया था । लेकिन तुम रोहित को पसंद आ गयी थी और उनसे तुमसे शादी करने को बोल दिया तो में मना नही कर पाया।

राज- में तो तुम्हे पहले दिन से ही चाहता हूँ। कि लव यू रश्मि I love you....

मेंने राज के गले में दोनों हाथ डाले और उसके चेहरे को किस करने लगे।

राज ने फिर नीचे आके मेरी चुत को अपने मुहँ में भर लिया और उसे पागलो की तरह चूसने लगा। मेने अपने दोनों हाथ राज के सर पर रख दिए और उसे अपनी चुत को चूसाने लगी ।

में- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी................. राज राजरााााजजआजज........ रााा...जज.....

में- राज में आने वाली हूँ आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

जब में झड़ने वाली थी तभी रूम में रोहित आ गए। और जो नजारा रोहित ने देख देखते ही रह गया। राज तो मेरी चुत में अपनी जीभ डाले हुए था और मेरे हाथ राज के सर पर थे।

रोहित- रश्मि जल्दी से अपनी चुत का पानी निकल दो । मुझे और राज को वेधजी के पास जाना है।

(रोहित जब बहार गया था तो उसने बहुत सोच विचार करने के बाद ये निर्णय लिया था कि अब वो कुछ ऐसा करेगा जिससे सारी प्रॉब्लम दूर हो जायेगी) और अंदर आके राज को अपनी पत्नी की चुत चाट ते देख कर कुछ नही बोला..... जरूर रोहित के मन में कुछ चल रहा था...

रोहित इतना बोल कर बाहर चला गया। और में राज के मुहँ में झड़ गयी आज मेरा पानी सुबह से दो बार आ चुका था में अपने आप को थका फील करने की बजाय चुदासी फील कर रही थी।

राज जैसे ही चुत से हटा तो उसका मुंह चुत के पानी से सना हुआ था । मेने राज को अपने पास बेड पर लिटा लिया और उसी एक बाजू पर सर रख कर और अपनी एक टांग राज के ऊपर रख ली।

में- राज तुम अब समझ जाओ रोहित ने हम दोनों को एक साथ ऐसे देख लिया फिर भी कुछ नही बोला।

राज - बाबु तुम चिंता मत करो अब रोहित तो क्या भगवान भी राज और रश्मि को अलग नही कर सकते ।

में - राज में तुमसे बिलकुल भी दूर होना नही चाहती हु।

राज - रोहित को में संभाल लूंगा उसकी चिंता मत करो। ऐसे कहते हुए राज ने रश्मि की चूचियो को अपने हाथ में ले लिया ।

में इस टाइम बिलकुल नंगी राज की बाहों में पड़ी हुई थी जबकि मेरे पति बहार इन्तज़ार कर रहे थे।

मुझे दोबारा रोहित के आने की आहट हुई तो में राज से अलग होने लगी । लकिन राज ने मुझे पकड़ कर अपने सीने से लगा लिया और मेरे लिप्स में अपने लिप्स डाल दिए और मुझे अपने ऊपर लिटा लिया।

रोहित जब अंदर आये तो वो बेड के पास आया और मुझसे बोला रश्मि ये क्या है?

राज- रोहित क्या हुआ?? रश्मि के मुह के अंदर इसे गर्मी लग रही है तो मैने सोचा रश्मि के अंदर अपनी जीभ डाल कर शांत कर देता हूं..... क्यों रश्मि?

में- है रोहित ये सही कह रहे है।

इस बार राज ने एक बहुत गन्दी हरकत और कर दी। राज ने रोहित के सामने ही मेरी गांड को ऊपर करके मेरी चुत में अपनी एक ऊँगली भी डाल दी।

में- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी.............. राज आराम से....

रोहित - राज यार ये चल ठीक है । तुम दोनों जल्दी करो आज मुझे तुम दोनों से एक बहुत जरुरी बात करनी है। और हाँ मेने वेधजी को फ़ोन क्र दिया है वो घर ही आ रहे है।

इतना कह कर रोहित रूम से बहार निकल गया। अब मेरी चुत दोबारा से तड़पने लगी मेने राज को बोला की राज मेरी चुत में लण्ड डाल दो।

राज - रश्मि में तुम्हारी चुत में लण्ड तो जरूर डालूंगा लकिन रोहित की इजाजत लेके।

में- वो क्यों इजाजत देगा। कोई अपनी बीवी की चुत में दूसरा लंड कैसे डलवा सकता

राज- जब उसकी बीवी एक दम नंगी होक उसके सामने मुझसे चुत चटवा रही थी उसने कुछ नही बोला । अब तुम मेरे ऊपर लटके उसके सामने मैजे से मेरे होठ चूस रही थी उसने मन किया। नही न

तो अब तुम्हारी चुत में लण्ड तो डालूंगा लकिन जब तक रोहित नही कहेगा।



में- राज मेरी चुत को एक बार और चाट लो न....

राज - इस बार में कुछ अलग तरीके से तुम्हारी चुत चाटूँगा... ...

और ऐसा कहने के बाद राज ने मुझे बेड से गोदी में उठाया और मुझे बहार ले आया जहां रोहित बैठा हुआ था।

रोहित - राज ये क्या है?

राज - में यार क्या करूँ अब तेरा इलाज ही यही है। अब में रश्मि की चुत को चाटूँगा और जब ये झाड़ेगी तो तुझे वो पीना होगा।

रोहित- उसके साथ तेरा वीर्य भी चाहिए।

में- उसकी चिंता मत करो राज का वीर्य बहुत गाड़ा है तुम्हे वो भी पिला देंगे।

राज ने वही रोहित के पास मुझे लिटा दिया । और मेरी चुत को चाटने लगा। में पहले से ही बहुत गर्म थी जब राज की जीभ लगी तो में अपने ऑर्गनिस्म को रोक नही पायी।

में-

आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी.............. राज आराम से....

राज- रोहित जल्दी से आओ रश्मि का सारा पानी पी जाओ...

रोहित मेरे पास आया और मेरी चुत पर अपना मुँह लगा दिया और राज ने मेरी चूचियो को अपने हाथ में ले लिया और दबाने लगा।

में रोहित के मुँह में झड़ गयी और अपना सारा पानी रोहित को पिला दिया। उसके बाद राज ने अपना लन्ड बहार निकल लिया.......

राज का लण्ड 7" लंबा और बहुत मोटा था। मेरे मुह में लण्ड को देखते ही पानी आ गया।

राज ने लण्ड अपने हाथ में लिया और आगे पीछे करने लगा लकिन उसका वीर्य निकल नही पाया। रोहित बोला राज यार जल्दी कर।

राज ने मेरी तरफ देखा और मैने आगे बढ़ कर अपने हाथ में राज का लंड ले लिया। मेरा हाथ लंड पर लगते ही राज पुरे जोश में आ गया । और बोला रोहित में आने वाला हूँ।

रोहित राज के आगे मुहँ खोल कर बैठ गया राज ने अपना सारा वीर्य रोहित के मुहँ में डाल दिया।.....
 


गतांक से आगे.....

में वहां से उठी और अंदर रूम में चली गयी । अब में सुबह से दो बार पानी निकाल चुकी थी। तो में बहुत थक गयी । में सीधे बेड पर गयी और सो गई।

तब तक रोहित और राज दोनों ड्राइंग रूम में बैठे हुए बाते करते रहे। करीब दो घंटे बाद दरवाजे की घंटी बजी तो मेरी नींद खुल गयी । में अभी भी बेड पर बिलकुल नंगी सो रही थी। मेने बेड के पास अपनी ब्रा और पैंटी को उठाया और पहन लिया। उसके बाद मेने एक लाइट येलो साडी निकली और वो पहन ली। तभी रोहित अंदर आये..

रोहित- आये हाय क्या बात है मेरी जान , अब किसको मारने का इरादा है? बहुत खूबसूरत लग रही हो..

में- मुस्कुराते हुए- अच्छा , ऐसे कोई बात नही है । में तो सिर्फ आपको ही मार सकती हूँ।

रोहित- वो वेधजी आ गए है, तुम उनके लिए चाय बना दो।

इसके बाद रोहित और राज दोनों ड्रॉइंग रूम में वेधजी के साथ बैठ गए। और में किचिन में काम करने चली गयी।

अब कहानी राज की जुबानी सुनिये.....

राज (में) और रोहित ड्रॉइंग रूम में वेधजी के साथ बैठे हुए थे। वेधजी को हमने प्रणाम किया।

वेधजी- रोहित तुमने जीवन बुटी के बारे में क्या निर्णय लिया है?

में- वेधजी वो तो रोहित ने शुरू भी कर दी । और इन्फेक्ट आज सुबह से ही स्टार्ट की है।

वेधजी (चोंकते हुए)- अच्छा , तुमने सारा प्रबंध सही से तो कर लिया है ना? क्योंकि अगर एक बार ये इलाज शुरू कर दिया जाए तो इसे तब तक बंद नही किया जा सकता , तब तक तुम्हारे शुक्राणु deactive होने बंद न हो जाए।

में- गुरूजी हमने ये इलाज शुरू तो कर दिया है। लकिन अभी तक हम इसके सही नियम से अवगत नही है। कृपया हमे इस इलाज की सही विधिया बताइये।

वेधजी- एक दम अच्छा प्रश्न है। तुम्हे इस इलाज की सभी विधियों से ज्ञात होना बहुत जरुरी है। इसके बहुत से नियम है जिने में क्रमशः बताता हूँ...

1- जब ये इलाज शुरू किया जाए तो इसको तब तक नही रोकना चाहिए जब तक तुम्हारे शुक्राणु फिर से जीवित न होने लगे।

2- इस इलाज में सिर्फ एक ही व्यक्ति का वीर्य प्रयोग में लें। भिन्न भिन्न पुरुषो का उपयोग करने से और बीमारियां आ सकती हैं।

3- एक ही स्त्री के काम रस का उपयोग करे।

4- और जीवन बुटी बनाते समय धयन रखे की वो सही मात्रा में बन रही है या नही । एक दिन में कम से कम एक बार सेवेन जरूर करे।

5- अंतिम और सबसे जरुरी बात , रोहित जब तक तुम्हारा ये इलाज चलेगा तुम न ही सेक्स करोगे और न ही अपने हाथ से स्पर्म को निकालोगे।

वेधजी की ये सारी बाते सुनकर तो लगा की ये इलाज आसानी से किया जा सकता है लेकिन मुझे अंतिम बात और हैरानी हुई की रोहित इतने दिन बिना सेक्स किये कैसे रह सकता है।

मेरे मन में एक ख़ुशी हुई की अब में रश्मि को चोदने से ज्यादा दूर नही हूँ। अब तो रोहित ही मुझे खुद रश्मि की चुत में लंड डालने को बोलेगा।

रोहित- वेधजी में ये सभी उपाय करूँगा । बस में जल्दी से ठीक हो जाऊं।

वेधजी - रोहित तुम्हे ये सब धयान रहे की एक भी दिन जीवन बुटी न छूट पाये।

रोहित - जी वेधजी।

तभी रश्मि चाय लेकर अंदर रूम में दाखिल हुई । में तो रश्मि को देखते हुए ही रह गया । दोस्तों कसम से रश्मि भाभी अब मुझे पहले से भी बहुत ज्यादा प्यारी लगने लग गयी थी।

लगती भी क्यों नही ? जब से में रश्मि के करीब आया था मुझे उसमे कुछ अपनापन महसूस होता था। मेने वेधजी को चाय दी और रोहित को भी ऑफर किया।

रश्मि चाय देकर चली गयी। तभी रोहित ने वेधजी को वो जीवन बुटी दिखाई जो हमने सुबह त्यार की थी।

वेधजी ने उसमे से एक चम्मच भर कर बहार निकली और अपने बैग से एक लिक्विड बोटल निकली । फिर वेधजी ने उस जीवन बुटी की क्षमता को नापने के लिए एक बाउल मांगी।

में एक कटोरी लेके आया । जिसमे वेधजी ने थोड़ा सा वो लिक्विड डाल दिया और फिर जीवन बुटी को उसमे डाल दिया।

वेधजी- अगर ये जीवन बुटी 5 मिनट में गाढ़ी से पतली हो गयी तो ये जीवन बुटी से तुम्हे ठीक होने में बहुत टाइम लग जाएगा।

हम तीनों ही अब उस कटोरी की तरफ टकटकी लगाए देखे जा रहे थे।

अब 7 मिनट से भी ऊपर का समय हो चूका था लकिन जैसा गाढ़ा पन पहले था वो अभी भी ऐसा ही था।

वेधजी- रोहित तुम्हे इससे बढ़िया जीवन बुटी कहीँ भी नही मिल सकती है तुम इससे बहुत जल्दी ठीक हो जाओगे। इसमें जो वीर्य और स्त्री रस मिला हुआ है वो दोनों आपस में बहुत मजबूत है और जिससे तुम्हारी बीमारी को सही होने में बहुत कम समय लगेगा।

ऐसा सुनकर में और रोहित बहुत खुश हुए। अब वेधजी ने मुझसे बोला की राज तुम बहार जाओ मुझे रोहित से अकेले में कुछ बात करनी है।

मुझे शंका हुई की ऐसी क्या बात है जो वेधजी मेरे सामने नही करना चाहते है।

खैर में वहां से निकल कर सीधे किचिन की तरफ बढ़ गया। मेने अंदर देखा तो रश्मि कुछ काम कर रही थी। मेने पीछे से रश्मि को पकड़ लिया और उसकी गर्दन पर अपने होटों से एक हलकी सी किस कर दी।

में- क्या बात है मेरी जान , आज तो बहुत खूबसूरत लग रही हो। चेहरे पर बहुत ही रौनक दिखाई दे रही है।

रश्मि- वो तो होगी ही न , जिससे तुम्हे सुख शांति सब मिले और उसी का ही प्यार मिल जाए तो चेहरे पर रौनक खुद ब खुद आ जाती है जनाब।

में- क्या बात है मेरी जान, तुम्हे एक खुशखबरी सुनाता हूँ.।

रश्मि- क्या है खुशखबरी?

में- वेधजी ने रोहित को तुम्हे छूने से मना किया है। जब तक ये इलाज चलेगा।

रश्मि- मतलब?

में - अरे बाबा वो तुम्हारे साथ सेक्स नही कर सकता । जब तक उसका इलाज चलेगा।

रश्मि (उदास होते हुए)- इसमें खुशखबरी क्या हैं?

में - बाबा तुम बुधु हो । अब मुझे तो तुम्हारे और ज्यादा करीब आने का मौका मिलेगा।

मेने आगे से हाथ ले जाकर रश्मि की साड़ी के ऊपर से ही उसकी चुत को दबाने लगा।

रश्मि - अहहह...... राज जब जब तुम यह हाथ लगाते हो कुछ कुछ होने लगता है।

में- मेरी जान , मुझे तो तुम्हारे बदन के हर हिस्से में राज राज को फील करना है।

रश्मि ने मुझे मेरी तरफ मुड़ कर अपनी बाहों में कस के पकड़ लिया । जिससे उसकी चूचिया मेरी छाती पर गढ़ने लगी।

मेने रस्मी के होठों को अपनी जीभ से चाटना सुरू कर दिया। रश्मि तो ऐसे चाटने से पागल हो गयी थी। उसकी आँखे बंद हो गयी । और वो अपने आप को एक अलग दुनिया में फील करने लगी।

रश्मि- राज तुम मेरी हर एक कमजोरी जानते हो। पता है जब किसी औरत को किस करने की बजाय उसके होटों को चाटा जाए तो उसके लिए ये बहुत खूबसूरत पल होते है।

में- रश्मि तुम हो ही इतनी खूबसूरत की में तुम्हारे बदन के हर हिस्से को चाट चाट कर अपना बना लूँ।

रश्मि- राज मुझे किस करो न।

मेने रश्मि के होटों को अपने होटों में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगा। मेने रश्मि की कमर पर हाथ फिरने शुरू कर दिए। और पीछे से उसके ब्लाउज़ और ब्रा को खोल दिया। अब रश्मि का पल्लू गिर चूका था । जिसमे उसके चूचे बाहर आने को फड़क रहे थे।

रश्मि- अहहह राज आहाहहह........

मेने रश्मि को ऊपर उठा कर किचिन के प्लेटफार्म पर बैठा दिया.... और उसकी साड़ी को ऊपर से नीचे गिरा दिया। अब रश्मि की चूचिया तन कर मेरे सामने थी। मेने रश्मि के ब्लाउज़ और ब्रा को उतार कर नीचे गिरा दिया और उसके एक चूची को अपने मुहँ में लेके चूसने लगा।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज और जोर से चुसो....

मेने रश्मि के दोनों चुचो को अच्छी तरह चूसने लगा। में हलके हलके निप्पल को भी काटने लगा। मेरा लंड मेरी पैंट में खड़ा होकर तंबू बना रहा था।

रश्मि - अहह अहह अहहह.... राज...... राज.... चुसो और अच्छी तरह चूस डालो अपनी रानी को.... मुझे अपना बना लो।

मेंने रश्मि को प्लेटफार्म पर लिटा दिया और रश्मि की साड़ी को पूरा उतार दिया। अब रश्मि सिर्फ एक येलो पेटीकोट और पैंटी में थी। मेने रश्मि के पेटीकोट को भी निकल दिया । अब रश्मि सिर्फ और सिर्फ पैंटी में थी।

मेने रश्मि की पैंटी के आस पास अपनी जीभ को निकल कर चाटने लगा । जिससे रश्मि को और जोश आने लगा । इस बार रश्मि ने खुद मेरा सर पकड़ा और अपनी चुत के ऊपर रख दिया । जिससे मेरी जीभ से रश्मि की पैंटी गीली हो गयी।

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज राज मेंेेई रर

मेरी चुत में अपनी जीभ को और अंदर तक डाल दो। अहा अहा...

में- पैंटी निकाल दूँ क्या??

रश्मि - है निकाल दो..

मेने रश्मि की पैंटी को भी उतार कर फेंक दिया। अब रश्मि सिर्फ और सिर्फ नंगी थी मेने रश्मि की चुत पर अपना मुँह रखा और उसे चाटने लगा।

मेरा लंड मेरी पैंट में भिच रह था। जिसे रश्मि ने देख लिया। उसने मुझसे अपनी पैंट और अंडरवियर निकलने का बोला ,जैसे ही मेरा लंड बहार आया तो रश्मि उसे देखते ही रह गयी। उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया और अपने पास खींच लिया।



मेने रश्मि को प्लेटफार्म से नीचे उतार कर नीचे फर्स पर लिटा लिया और उसकी चुत को चाटने लगा। मेने जानबूझ कर अपना लंड रश्मि के मुहँ की तरफ कर दिया।

में- रश्मि तुम्हारा मन नही करता की तुम मेरे लंड को अपने मुहँ में लेके चुसो।

रश्मि- राज में इसकी दीवानी हूँ में इससे अब दुरी बर्दास्त नही कर सकती ।

राज- रश्मि इसे लो अपने मुहँ में..... अहह... अहह।।।।।

मेने रश्मि की चुत को अपने दाँतों से हलके हलके काटना शुरू कर दिया।

रश्मि ने तभी अपने मुह में मेरा लंड ले लिया।

दोस्तों आज पहली बार किसी के मुह में मेरा लंड अंदर तक गया था मुझे बहुत मजा आ रहा था।

हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए थे। 10 मिनट तक हम दोनों एक दूसरे की चुत और लंड को चाटते रहे।

अब में खड़ा हो गया , रश्मि मेरे सामने अब बैठ गयी। और मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया।

रश्मि- अठाठहठह ...... अहह... गपगपगप..... राज तुम्हारा मोटा लंड.... ई लव थिस कॉक.....

में- और चुसो अच्छे से चुसो..... अहहह....

मेने रश्मि के सर को पकड़ लिया और उसे मुँह को चोदने लगा.... रश्मि के मुहँ में मेरा 7" का लंड पूरा अंदर नही जा पा रहा था.....

अब मेरा निकलने वाला था तो मैने पहले ही रश्मि के मुहँ से लंड निकल दिया...

और उसे गोदी में उठा कर ऊपर प्लेटफार्म पर बैठा दिया... मेने रश्मि से बोला-- आज में तुम्हे एक नया मज़ा देने वाला हूँ..

वो बोली - क्या??

मेने रश्मि की चुत के दाने को अपने हाथ से रगड़ते हुए उसकी एक चूची को काट लिया....

रश्मि इस हमले से तैयार नही थी

रश्मि--आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

मेने रश्मि की चुत से हाथ हटाते हुए उसके दाने पर अपना लंड रख दिया और उसके चुत के दाने को रगड़ने लगा...

रश्मि तो और ज्यादा पागल हो गयी थी उसने मुझे जोर से पकड़ लिया और बोली

रश्मि--आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी........... राज मेंेेई रर

राज मेरी चुत में अपना लंड डाल दो और बना लो मुझे अपना....

में रश्मि की चुत पर अपना लंड और जोर से रगड़ने लगा... रश्मि बोली में आने वाली हूँ...

रश्मि-आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

में झड़ रही राज....

में- रश्मि में भी आने वाला हूँ...

इतने में ही रोहित रूम में आ गया । रोहित ने अंदर का नजारा देखा तो उसकी नजर देखती ही रह गयी । रश्मि ने मेरे गले में अपनी बाँहें डाल ली और अपनी चुत से पानी निकलने लगी...

रश्मि- आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........आहआहआहआहआह............आहआहआहआहआह.........ईईईईईईईईईई...........हहहहह.......ऊऊऊऊऊऊऊऊ.....सससीईईसीसीईसीसीसी...........

में भी ज्यादा देर नही रुक पाया मेरे लंड पर गर्म गर्म पानी लगने से में भी छूट गया । हम दोनों एक साथ झड़ रहे थे। हम दोनों की आँखे बंद हो गयी थी।।

कुछ देर बाद मेरी आँखे खुली और जो मेने देखा टी मेरी आँखे फटी रह गयी..

रोहित ने मेरे लंड और रश्मि की चुत के नीचे एक कटोरी लगा ली थी जिसमे हम दोनों झड़ रहे थे... उसके बाद मुझे धयान आया की ये रोहित ने सही किया नही तो बेकार जाता...

अभी भी मेरे लंड पर बहुत सारा वीर्य और चुत रस लगा हुआ था। मेने रश्मि की तरफ देखा और इशारा किया...

रश्मि अपने पति के सामने नीचे झुकी और मेरा लंड मुह में लेके साफ करने लगी.... और सारा साफ करकर रोहित की कटोरी में कर दिया।

तभी वेधजी की आवाज आई और वो बोले रोहित जल्दी आओ.......

मेने देखा रश्मि तो बिलकुल नंगी है... मेने रश्मि को अपनी टी शर्ट पहनाई और उसे नीचे सिर्फ एक लोअर पहन लिया। मेने रश्मि को रोहित के सामने एक किस किया और अपनी गोदी में उठा कर बैडरूम में ले गया ।

और रोहित बहार वेधजी के पास आ गया।
 
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