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शाम को मिसेज मल्होत्रा ने ऑफिस बंद होने के बाद साहिल को एक रेस्टोरेंट में बुलाया ।
मिसेज मल्होत्रा - एक काम ठीक से नहीं कर पाए तुम ? तुम जानते हो ,आज तुम्हारी वजह से कितनी बेइज्जती हुई है मेरी सबके सामने ?
, साहिल - मैं मानता हूं कि गलती हुई है पर आप भी उसमें बराबर की हकदार है । अगर मैंने वह पेपर्स नहीं देखे थे तो आपने भी नहीं देखे थे इसलिए मुझ पर सब कुछ थोपने की जरूरत नहीं है ।
मिसेज मल्होत्रा - तमीज से बात करो । एक तो काम खराब कर दिया और ऊपर से मुझसे ही जुबान चला रहे हो । अगर इतनी मेहनत अपने काम में की होती तो यह दिन ना देखना पड़ता ।
साहिल - मैंने तो ढंग से ही किया था पता नहीं सही पेपर्स की जगह गलत पेपर्स कैसे निकाल लिए मैंने पर अब असली पेपर्स लाया हूं मैं । आप इन्हें रिया को दिखा सकती हैं - कहते हुए उसने पेपर्स मिसेज मल्होत्रा की ओर बढ़ा दिए ।
मिसेज मल्होत्रा ने वो पेपर्स फाड़ कर फेंक दिए - पागल दिखती हूं तुम्हें , अब इनका कोई फायदा नहीं ।अब अगर इन्हें लेकर गई तो राजेश , रिया को मुझ पर शक हो जाएगा।
साहिल - इतनी जल्दी हार नहीं मानूंगा मैं , फिर से कोशिश करेंगे ।
मिसेज मल्होत्रा - पर पूरी सावधानी बरतनी होगी ।
,
इधर शाम को सारा अपने घर पर उदास बैठी थी , लाइफ में पहली बार कुछ अच्छा होने वाला था कि सब कुछ गड़बड़ हो गया । आज मुझे राजेश सर कैफे ले जाने वाले थे पर उनकी सौतेली मा ने सब कुछ गड़बड़ कर दिया ।
सारा उदास हो गई - कितना गंदा लग रहा होगा सर को ? वह अभी यह सोच रही थी कि राजेश का फोन आया, यह देख सारा हैरान रह गई।
सारा - हेलो।
राजेश - सारा तुम तैयार हो ना? मैं बस कुछ ही देर में तुम्हारे यहां पहुंचने वाला हूं ।
सारा यह सुनकर हडबडाते हुए बोली- पर मुझे तो लगा कि आज की वजह से ....
राजेश - मैंने वादा किया था तुमसे , तो ऐसे कैसे छोड़ सकता हूं । अच्छा चलो , एक काम करते हैं । मुझे अभी थोड़ा काम है , मैं पहले वह काम खत्म कर लेता हूं । तुम तब तक तैयार हो जाओ । 1 घंटे में पहुंच जाऊंगा मैं ।
, सारा (मुस्कुराते हुए ) -थैंक्यू सर , मैं अभी तैयार होती हूं।
राजेश ने फोन काट कार में बगल में बैठे विशाल को देखा।
विशाल - आज का दिन काफी थका देने वाला रहा यार ।पहले मिसेज मल्होत्रा का ड्रामा झेलना पड़ा और अब यह सब ड्रामा करना पड़ रहा है ।
राजेश - वह तो है । अब नैना सारा के साथ उलझी रहेगी और हम अपना काम करके निकल जाएंगे ।
विशाल - हाँ, समझ गया ।
राजेश - वकील से बात की ? पेपर्स तैयार है ना ?
विशाल - हां ।
राजेश - तो चलो , वह पेपर्स वहां से कलेक्ट करते हैं ।
विशाल - राजेश एक बार और सोच लो। क्या तुम सच में यह सब करने वाले हो ?
,
राजेश अब कुछ देर तक खामोश रहा फिर मुस्कुरा कर बोला - थक गया हूं सब करते हुए । अब सोच लिया है कि यह तो करना ही पड़ेगा । मेरे पास और कोई चारा नहीं है पर हां, अगर तुम पीछे हटना चाहते हो तो हट सकते हो । मै कुछ और सोच लूँगा।
विशाल - मैं अपने दोस्त के लिए कुछ भी करूंगा। मुझे पूरा भरोसा है तुम पर लेकिन रिचा ? उसका क्या?
राजेश - क्या वह तुम्हारी बात नहीं मानेगी ?
विशाल - यह उसकी जिंदगी का सवाल है , उसकी जिंदगी का इतना बड़ा फैसला हम उसकी इजाजत के बिना नहीं कर सकते । सोचो क्या बीतेगी उस पर , जब उसे पता चलेगा कि हम उसके साथ इतना बड़ा धोखा करने वाले हैं ।
राजेश - नहीं , धोखा नहीं करूंगा । जो भी करूंगा , उसे बता कर करूंगा ।
विशाल - कहीं उसने घबराकर नैना को फोन कर सारी , सच्चाई बता दी तो ?
राजेश मुस्कुराते हुए विशाल की तरफ देखा - वो ऐसा कुछ भी नहीं कर सकती । इस बार परेशानी में उसी ने मुझे फंसाया है तो वही निकालेगी।
विशाल - जो भी है , थोड़ा संभाल कर ।
विशाल,राजेश दोनों सीधे वकील के पास गए और वहां से कुछ पेपर्स उठाए। राजेश ने वो पेपर्स विशाल को दे दिए - कल सुबह साथ लेकर आना। मैं अपने पास नहीं रख सकता इन्हें , तुम तो जानते ही हो मिसेज मल्होत्रा की हरकतें ।
विशाल - हां , आज तो बाल-बाल बचे तुम वरना बुरी तरह फँसाने की तैयारी थी उनकी लेकिन उनके पास वह पेपर्स आए कहां से ? अगर उन्होंने सबके सामने तमाशा किया तो उसका जाल बिछाकर रखा ही होगा ना तो उनका प्लान फेल कैसे हुआ ?
राजेश - कुछ नहीं, नैना ने जो आखिरी फाईल साइन कराई, उसमे थे वो पेपर्स। मैंने साइन तो किए पर उन्हें पीछे से निकाल बीच मे रख दिया साहिल से नजर चुरा कर। बाद मे , जब मिसेज मल्होत्रा ने नाटक शुरू किया तो मै समझ गया कि ये भी उससे मिली हुई हैं।
विशाल - अगर साहिल सही पेपर्स उठा लेता तो?
राजेश - कुछ नहीं होता तब भी। रिया और मेरा रिश्ता इतना कमजोर नहीं। वैसे यह सब बात की बात है पर याद रखो कि इस बार मिसेज मल्होत्रा अकेली नहीं है ,उनके साथ साहिल भी है । ये चुप नहीं बैठेंगे।
विशाल - तुम सब जानते हो तो रिया को उसकी मां के बारे में बताते क्यों नहीं ?
राजेश अब गंभीर होकर बोला - बता देता पर उससे रिया रिश्ता खत्म कर देती तो मिसेज मल्होत्रा वाली बात सच हो जाती कि मैं उनसे उनकी बेटी को छीनना चाहता हूं ।
आज इस एक बात पर ही रिया उनसे रिश्ता खत्म करने को तैयार हो गई तो सोचो जब उसे पता चलेगा कि उसकी मॉम साहिल के साथ मिलकर एक बार फिर मेरे पीछे है तो वह क्या करेगी।
विशाल - तो क्या खामोश रहोगे ?
,
राजेश - नहीं जवाब दूंगा पर अपने तरीके से लेकिन इस बात का ध्यान रखना है कि रिया को मिसेज मल्होत्रा की हरकतों के बारे में शक ना हो । मैं नहीं चाहता कि उसके रिश्ते खत्म करने की वजह मैं बनूं । मिसेज मल्होत्रा जितनी नफरत मुझसे करती है उतना ही प्यार रिया से भी करती हैं । अगर मैं भी उन्हीं की तरह बन गया तो क्या फर्क रह जाएगा उनमें और मुझमें ? मुझे मेरी फैमिली का ख्याल है फिर चाहे किसी और को हो ना हो ।
तभी विशाल ने पास रिचा का फोन आया।
विशाल - रिचा का फोन है।
राजेश- उठाओ, क्या बात है ?
विशाल (फोन उठाकर) - हां बोलो।
रिचा - कहां हो तुम? आज एक बार भी फोन नहीं किया।
विशाल - वह काम में बिजी था बहुत, तुम्हारी तबीयत ठीक है ?
, रिचा - अच्छी हूं मैं । अच्छा, राजेश तुम्हारे पास तो नहीं है?
विशाल (राजेश की ओर देखकर फोन स्पीकर पर डाल दिया) - नहीं , मैं अकेला हूं। राजेश यहां नहीं है । कहो क्या बात है ?
रिचा - ये राजेश का दिमाग कुछ ज्यादा ही चलता है। उसके दिमाग में कुछ चल रहा है क्या ?
यह सुन राजेश मुस्कुरा दिया ।
विशाल -नहीं तो। क्यों , क्या हुआ ? किसी ने कुछ कहा तुमसे?
रिचा - नहीं, मुझे बस ऐसा लगा और फिर कोई बात होगी तो तुम मुझसे छुपाओगे थोड़े ही ?
विशाल - बिल्कुल। मैं भला तुमसे क्या छुपा सकता हूं? चलो बाद में बात करते हैं । विशाल ने फोन रख राजेश को मुस्कुराते हुए देखा - तो आग यहां तक फैल गई ।
राजेश - जानता था कि नैना शांत नहीं बैठेगी और उसे पूरा शक है हम पर तभी तो सारा को बीच में लाना पड़ा। नैना , सोच रही है कि मै सारा को अपनी तरफ कर चाहता हूँ पर ऐसा कुछ नहीं है।
विशाल - क्या झमेला है यार, इससे अच्छा तो इंसान अकेला ही खुश है ।
राजेश नेें अब टाइम देखा - चलो, मैं तुम्हें घर छोड़ कर आता हूं और सारा का टाइम हो गया है ।
राजेश सारा को लेकर एक कैफे में पहुंचा। सारा बहुत खुश थी राजेश के साथ ऐसे अकेले समय बिताते हुए ।
राजेश - तुमने किसी को बताया तो नहीं कि हम यहां आए हैं?
सारा - नहीं सर।
राजेश - नैना को?
सारा - बिल्कुल नहीं । उसका फोन आया था, कह रही थी कि आप मुझे बस पागल बना रहे हो क्योंकि आप उसे तंग करना चाहते हो और मेरी दोस्ती उससे तुडवाना चाहते हो।
, राजेश यह सुनकर मुस्कुरा दिया - मुझे लगता है कि जैसे वह तुम्हे परेशान करती है तो तुम भी उसे परेशान करना चाहिए।
सारा - वह कैसे ?
राजेश - कल तुम ऑफिस में जाकर बताओ कि आज तुम मेरे साथ थी, उसे भी तो पता चलना चाहिए कि तुम किसी से कम नहीं हो ।
सारा ( सोचते हुए) - हां सही कह रहे हैं आप ,ऐसा ही करूंगी।
राजेश सोचने लगा -चलो इनका इंतजाम तो हो गया ,अब रिचा को देखता हूं ।
सारा - आप भी देखना सर कल , नैना को मैंने तंग ना किया तो ।
राजेश - नहीं , मैं कल नहीं आ रहा हूं । कुछ जरूरी काम है मुझे ।
सारा (उदास होकर ) - ठीक है ।
, राजेश - पर तुम तो उसे परेशान कर ही सकती हो थोड़ा सा। हक है तुम्हें , दोस्त हो उसकी ।
सारा - ठीक है ।
उसी रात विशाल ने रिचा को फोन किया - कल हम दोनों घूमने चल रहे हैं ।
रिचा (खुशी से उछलते हुए) - कहाँ?
विशाल - खुद ही देख लेना।
रिचा- ठीक है।
विशाल- बस तुम और मैं चलेंगे। इतना टाइम हो गया अकेले घूमे। कुछ मत कहना किसी से भी।
रिचा - ठीक है, नहीं कहूँगी किसी से । (कुछ सोचकर) राजेश को पता है ?
विशाल -नहीं , मैंने किसी को भी नहीं बताया । कल ऑफिस की छुट्टी ले ली है । अपनी भी तो पर्सनल लाइफ है। तो चलो , कल मिलते हैं ।
मिसेज मल्होत्रा - एक काम ठीक से नहीं कर पाए तुम ? तुम जानते हो ,आज तुम्हारी वजह से कितनी बेइज्जती हुई है मेरी सबके सामने ?
, साहिल - मैं मानता हूं कि गलती हुई है पर आप भी उसमें बराबर की हकदार है । अगर मैंने वह पेपर्स नहीं देखे थे तो आपने भी नहीं देखे थे इसलिए मुझ पर सब कुछ थोपने की जरूरत नहीं है ।
मिसेज मल्होत्रा - तमीज से बात करो । एक तो काम खराब कर दिया और ऊपर से मुझसे ही जुबान चला रहे हो । अगर इतनी मेहनत अपने काम में की होती तो यह दिन ना देखना पड़ता ।
साहिल - मैंने तो ढंग से ही किया था पता नहीं सही पेपर्स की जगह गलत पेपर्स कैसे निकाल लिए मैंने पर अब असली पेपर्स लाया हूं मैं । आप इन्हें रिया को दिखा सकती हैं - कहते हुए उसने पेपर्स मिसेज मल्होत्रा की ओर बढ़ा दिए ।
मिसेज मल्होत्रा ने वो पेपर्स फाड़ कर फेंक दिए - पागल दिखती हूं तुम्हें , अब इनका कोई फायदा नहीं ।अब अगर इन्हें लेकर गई तो राजेश , रिया को मुझ पर शक हो जाएगा।
साहिल - इतनी जल्दी हार नहीं मानूंगा मैं , फिर से कोशिश करेंगे ।
मिसेज मल्होत्रा - पर पूरी सावधानी बरतनी होगी ।
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इधर शाम को सारा अपने घर पर उदास बैठी थी , लाइफ में पहली बार कुछ अच्छा होने वाला था कि सब कुछ गड़बड़ हो गया । आज मुझे राजेश सर कैफे ले जाने वाले थे पर उनकी सौतेली मा ने सब कुछ गड़बड़ कर दिया ।
सारा उदास हो गई - कितना गंदा लग रहा होगा सर को ? वह अभी यह सोच रही थी कि राजेश का फोन आया, यह देख सारा हैरान रह गई।
सारा - हेलो।
राजेश - सारा तुम तैयार हो ना? मैं बस कुछ ही देर में तुम्हारे यहां पहुंचने वाला हूं ।
सारा यह सुनकर हडबडाते हुए बोली- पर मुझे तो लगा कि आज की वजह से ....
राजेश - मैंने वादा किया था तुमसे , तो ऐसे कैसे छोड़ सकता हूं । अच्छा चलो , एक काम करते हैं । मुझे अभी थोड़ा काम है , मैं पहले वह काम खत्म कर लेता हूं । तुम तब तक तैयार हो जाओ । 1 घंटे में पहुंच जाऊंगा मैं ।
, सारा (मुस्कुराते हुए ) -थैंक्यू सर , मैं अभी तैयार होती हूं।
राजेश ने फोन काट कार में बगल में बैठे विशाल को देखा।
विशाल - आज का दिन काफी थका देने वाला रहा यार ।पहले मिसेज मल्होत्रा का ड्रामा झेलना पड़ा और अब यह सब ड्रामा करना पड़ रहा है ।
राजेश - वह तो है । अब नैना सारा के साथ उलझी रहेगी और हम अपना काम करके निकल जाएंगे ।
विशाल - हाँ, समझ गया ।
राजेश - वकील से बात की ? पेपर्स तैयार है ना ?
विशाल - हां ।
राजेश - तो चलो , वह पेपर्स वहां से कलेक्ट करते हैं ।
विशाल - राजेश एक बार और सोच लो। क्या तुम सच में यह सब करने वाले हो ?
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राजेश अब कुछ देर तक खामोश रहा फिर मुस्कुरा कर बोला - थक गया हूं सब करते हुए । अब सोच लिया है कि यह तो करना ही पड़ेगा । मेरे पास और कोई चारा नहीं है पर हां, अगर तुम पीछे हटना चाहते हो तो हट सकते हो । मै कुछ और सोच लूँगा।
विशाल - मैं अपने दोस्त के लिए कुछ भी करूंगा। मुझे पूरा भरोसा है तुम पर लेकिन रिचा ? उसका क्या?
राजेश - क्या वह तुम्हारी बात नहीं मानेगी ?
विशाल - यह उसकी जिंदगी का सवाल है , उसकी जिंदगी का इतना बड़ा फैसला हम उसकी इजाजत के बिना नहीं कर सकते । सोचो क्या बीतेगी उस पर , जब उसे पता चलेगा कि हम उसके साथ इतना बड़ा धोखा करने वाले हैं ।
राजेश - नहीं , धोखा नहीं करूंगा । जो भी करूंगा , उसे बता कर करूंगा ।
विशाल - कहीं उसने घबराकर नैना को फोन कर सारी , सच्चाई बता दी तो ?
राजेश मुस्कुराते हुए विशाल की तरफ देखा - वो ऐसा कुछ भी नहीं कर सकती । इस बार परेशानी में उसी ने मुझे फंसाया है तो वही निकालेगी।
विशाल - जो भी है , थोड़ा संभाल कर ।
विशाल,राजेश दोनों सीधे वकील के पास गए और वहां से कुछ पेपर्स उठाए। राजेश ने वो पेपर्स विशाल को दे दिए - कल सुबह साथ लेकर आना। मैं अपने पास नहीं रख सकता इन्हें , तुम तो जानते ही हो मिसेज मल्होत्रा की हरकतें ।
विशाल - हां , आज तो बाल-बाल बचे तुम वरना बुरी तरह फँसाने की तैयारी थी उनकी लेकिन उनके पास वह पेपर्स आए कहां से ? अगर उन्होंने सबके सामने तमाशा किया तो उसका जाल बिछाकर रखा ही होगा ना तो उनका प्लान फेल कैसे हुआ ?
राजेश - कुछ नहीं, नैना ने जो आखिरी फाईल साइन कराई, उसमे थे वो पेपर्स। मैंने साइन तो किए पर उन्हें पीछे से निकाल बीच मे रख दिया साहिल से नजर चुरा कर। बाद मे , जब मिसेज मल्होत्रा ने नाटक शुरू किया तो मै समझ गया कि ये भी उससे मिली हुई हैं।
विशाल - अगर साहिल सही पेपर्स उठा लेता तो?
राजेश - कुछ नहीं होता तब भी। रिया और मेरा रिश्ता इतना कमजोर नहीं। वैसे यह सब बात की बात है पर याद रखो कि इस बार मिसेज मल्होत्रा अकेली नहीं है ,उनके साथ साहिल भी है । ये चुप नहीं बैठेंगे।
विशाल - तुम सब जानते हो तो रिया को उसकी मां के बारे में बताते क्यों नहीं ?
राजेश अब गंभीर होकर बोला - बता देता पर उससे रिया रिश्ता खत्म कर देती तो मिसेज मल्होत्रा वाली बात सच हो जाती कि मैं उनसे उनकी बेटी को छीनना चाहता हूं ।
आज इस एक बात पर ही रिया उनसे रिश्ता खत्म करने को तैयार हो गई तो सोचो जब उसे पता चलेगा कि उसकी मॉम साहिल के साथ मिलकर एक बार फिर मेरे पीछे है तो वह क्या करेगी।
विशाल - तो क्या खामोश रहोगे ?
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राजेश - नहीं जवाब दूंगा पर अपने तरीके से लेकिन इस बात का ध्यान रखना है कि रिया को मिसेज मल्होत्रा की हरकतों के बारे में शक ना हो । मैं नहीं चाहता कि उसके रिश्ते खत्म करने की वजह मैं बनूं । मिसेज मल्होत्रा जितनी नफरत मुझसे करती है उतना ही प्यार रिया से भी करती हैं । अगर मैं भी उन्हीं की तरह बन गया तो क्या फर्क रह जाएगा उनमें और मुझमें ? मुझे मेरी फैमिली का ख्याल है फिर चाहे किसी और को हो ना हो ।
तभी विशाल ने पास रिचा का फोन आया।
विशाल - रिचा का फोन है।
राजेश- उठाओ, क्या बात है ?
विशाल (फोन उठाकर) - हां बोलो।
रिचा - कहां हो तुम? आज एक बार भी फोन नहीं किया।
विशाल - वह काम में बिजी था बहुत, तुम्हारी तबीयत ठीक है ?
, रिचा - अच्छी हूं मैं । अच्छा, राजेश तुम्हारे पास तो नहीं है?
विशाल (राजेश की ओर देखकर फोन स्पीकर पर डाल दिया) - नहीं , मैं अकेला हूं। राजेश यहां नहीं है । कहो क्या बात है ?
रिचा - ये राजेश का दिमाग कुछ ज्यादा ही चलता है। उसके दिमाग में कुछ चल रहा है क्या ?
यह सुन राजेश मुस्कुरा दिया ।
विशाल -नहीं तो। क्यों , क्या हुआ ? किसी ने कुछ कहा तुमसे?
रिचा - नहीं, मुझे बस ऐसा लगा और फिर कोई बात होगी तो तुम मुझसे छुपाओगे थोड़े ही ?
विशाल - बिल्कुल। मैं भला तुमसे क्या छुपा सकता हूं? चलो बाद में बात करते हैं । विशाल ने फोन रख राजेश को मुस्कुराते हुए देखा - तो आग यहां तक फैल गई ।
राजेश - जानता था कि नैना शांत नहीं बैठेगी और उसे पूरा शक है हम पर तभी तो सारा को बीच में लाना पड़ा। नैना , सोच रही है कि मै सारा को अपनी तरफ कर चाहता हूँ पर ऐसा कुछ नहीं है।
विशाल - क्या झमेला है यार, इससे अच्छा तो इंसान अकेला ही खुश है ।
राजेश नेें अब टाइम देखा - चलो, मैं तुम्हें घर छोड़ कर आता हूं और सारा का टाइम हो गया है ।
राजेश सारा को लेकर एक कैफे में पहुंचा। सारा बहुत खुश थी राजेश के साथ ऐसे अकेले समय बिताते हुए ।
राजेश - तुमने किसी को बताया तो नहीं कि हम यहां आए हैं?
सारा - नहीं सर।
राजेश - नैना को?
सारा - बिल्कुल नहीं । उसका फोन आया था, कह रही थी कि आप मुझे बस पागल बना रहे हो क्योंकि आप उसे तंग करना चाहते हो और मेरी दोस्ती उससे तुडवाना चाहते हो।
, राजेश यह सुनकर मुस्कुरा दिया - मुझे लगता है कि जैसे वह तुम्हे परेशान करती है तो तुम भी उसे परेशान करना चाहिए।
सारा - वह कैसे ?
राजेश - कल तुम ऑफिस में जाकर बताओ कि आज तुम मेरे साथ थी, उसे भी तो पता चलना चाहिए कि तुम किसी से कम नहीं हो ।
सारा ( सोचते हुए) - हां सही कह रहे हैं आप ,ऐसा ही करूंगी।
राजेश सोचने लगा -चलो इनका इंतजाम तो हो गया ,अब रिचा को देखता हूं ।
सारा - आप भी देखना सर कल , नैना को मैंने तंग ना किया तो ।
राजेश - नहीं , मैं कल नहीं आ रहा हूं । कुछ जरूरी काम है मुझे ।
सारा (उदास होकर ) - ठीक है ।
, राजेश - पर तुम तो उसे परेशान कर ही सकती हो थोड़ा सा। हक है तुम्हें , दोस्त हो उसकी ।
सारा - ठीक है ।
उसी रात विशाल ने रिचा को फोन किया - कल हम दोनों घूमने चल रहे हैं ।
रिचा (खुशी से उछलते हुए) - कहाँ?
विशाल - खुद ही देख लेना।
रिचा- ठीक है।
विशाल- बस तुम और मैं चलेंगे। इतना टाइम हो गया अकेले घूमे। कुछ मत कहना किसी से भी।
रिचा - ठीक है, नहीं कहूँगी किसी से । (कुछ सोचकर) राजेश को पता है ?
विशाल -नहीं , मैंने किसी को भी नहीं बताया । कल ऑफिस की छुट्टी ले ली है । अपनी भी तो पर्सनल लाइफ है। तो चलो , कल मिलते हैं ।