S
StoryPublisher
Guest
फिर एक आवाज़ आई “साले जब तुझे उसे छोड़ना ही था तो हमें भी तो टेस्ट करा दिया होता. साली माल तो बहुत टंच है.” एक दुसरे लड़के की आवाज़ आई “तो ये क्या तेरा लंड पकड़ कर उसकी चूत में डाल देता क्या. अब ये छोड़ दिया, अब तू उसे पटा ले और तू भी उसकी गांड मार ले.” सारे लड़के फिर से हँसने लगे. अमित बोला “बेटा नम्बर तो मैं दे दूँगा, लेकिन वो अब गुड्डू विक्की की रखैल है, तो सोच ले.” वो लड़का बोला “रहने दे भाई, नहीं खाना ऐसा चूत। वैसे भी अब वो फटी हुई रण्डी है। ऐसी माल विक्की गुड्डू को ही खाने दो." सब हँस दिए और फिर सब एक दुसरे को बाय बोलकर जाने लगे.
पूनम के मोबाइल पे उसकी मम्मी का कॉल वेटिंग में आ रहा था तो पूनम अमित का कॉल कट कर दी. वैसे भी जितना वो सुन चुकी थी, इससे ज्यादा सुनने की उसमे हिम्मत भी नहीं थी. उसे खुद पे रोना आ रहा था. कितना घमंड था उसे अपने आप पर और अपने प्यार पर. लेकिन अमित उसकी इज्ज़त को सरे आम अपने दोस्तों बीच उछाल रहा था. और ये काम वो पहले से करता आ रहा था। उनदोनो के बीच के प्राइवेट क्षण भी वो दोस्तों को बढ़ा चढ़ाकर पहले भी बताता रहा था।
पूनम थोड़ी देर किसी तरह अपने मम्मी से बात की और फिर कॉल रखने के बाद जोर जोर से रोने लगी. जिसे वो सबसे ज्यादा प्यार की वो लड़का बोल रहा था की मैं रंडी हूँ, वो सबको बता रहा था की मैं कैसे कैसे उसके साथ चुदाई की. पूनम फिर खुद को ठीक की और खाना बनाने लगी. उसके पापा के आने का वक़्त हो चला था. कल उसकी मम्मी भी आ जाने वाली थी.
रात में पूनम अपने कमरे में सो रही थी. उसके कानो में अमित की आवाज़ बार बार गूंज रही थी. “जितना मज़ा लेना था ले लिया. अब क्या जिन्दगी भर सर पे बिठा कर रखूं. अब गुड्डू विक्की से चुदवा रही होगी रंडी.” पूनम का मन कर रहा था की अमित का खून कर दे. उसने उसके विश्वाश का, उसके प्यार का नाजायज फायदा उठाया था. आज वो अलमीरा से पिक्स और स्टोरी भी बाहर नहीं निकाली थी. पूनम अपनी सोंच में मगन थी जब उसके मोबाइल पे मैसेज आया.
वो उन लड़कों का ही मैसेज था. जितनी देर में पूनम उस मैसेज को पढ़ती उतनी ही देर में 3-4 और मैसेज आ गए. सब के सब नॉनवेज चुटकुले वाले. पूनम का दिमाग थोडा रिलैक्स हुआ. वो अमित को अब अपनी सोच से भी निकाल देना चाहती थी। वो सोचने लगी की वो लड़के सच कह रहे थे. इससे अच्छा तो इनसे चुदवाने वाली लड़कियां हैं जिन्हें पता है की बस मस्ती किया जा रहा है. सिर्फ जिस्म का मज़ा, दिल टूटने का, धोखा गम मिलने का कोई खतरा नहीं. बस मिलो, मज़े करो और फिर सब अपनी अपनी ज़िंदगी में मगन हो जाओ।
पूनम के मोबाइल पे फिर से मैसेज आया “कॉल करो.” पूनम सोची की कॉल नहीं करेगी वो। वो उन मैसेज को पढ़ रही थी। थोड़ी ही देर में 3-4 और मैसेज आ गए। पूनम को अच्छा लग रहा था। पूनम आलमीरा से एन्वेलोप निकाल कर देखने लगी, लेकिन इससे ज्यादा मज़ा तो वो सेक्सी मैसेज दे रहे थे।
फिर से मैसेज आया "प्लीज़ कॉल." पूनम अब सोच रही थी की कॉल करे की नहीं की उतनी देर में उधर से ही कॉल आ गया. पूनम कॉल रिसीव कर ली. वैसे भी उसे मन नहीं लग रहा था और नींद नहीं आ रही थी, तो इन लड़कों से थोडा लड़कर ही सुकून मिले.
“कैसे हो जानेमन?”
“तुमसे मतलब. तुम्हे बोली हूँ की मुझे परेशान मत करो.”
“आज तुम दिखी ही नहीं, तुम्हारे लिया नया एन्वेलोप पैक करके रखा हुआ था मैंने. वो वाला तो पुराना हो गया होगा.”
पूनम सोचने लगी की सच तो बोल रहा है, वो तो पुराना हो गया. उसमे अब कहाँ मज़ा आ रहा है. लेकिन वो अपने टोन को बिना चेंज किये बोली “बोली हूँ न की जाकर अपनी बहन को दो. उसे ज्यादा मज़ा आएगा.”
वो लड़का जिसका नाम गुड्डू था वो पूनम के बात पे बिना कोई रिएक्शन दिए बोल रहा था. उसे पता था की पूनम के अन्दर क्या चल रहा है. बोला “अमित का क्या हालचाल है? समझौता हो गया तुमलोगों में. मना लिया तुमने उसे?” पूनम के दिमाग में फिर से अमित के बात गूंजने लगी. वो चुप हो गयी.
पूनम के मोबाइल पे उसकी मम्मी का कॉल वेटिंग में आ रहा था तो पूनम अमित का कॉल कट कर दी. वैसे भी जितना वो सुन चुकी थी, इससे ज्यादा सुनने की उसमे हिम्मत भी नहीं थी. उसे खुद पे रोना आ रहा था. कितना घमंड था उसे अपने आप पर और अपने प्यार पर. लेकिन अमित उसकी इज्ज़त को सरे आम अपने दोस्तों बीच उछाल रहा था. और ये काम वो पहले से करता आ रहा था। उनदोनो के बीच के प्राइवेट क्षण भी वो दोस्तों को बढ़ा चढ़ाकर पहले भी बताता रहा था।
पूनम थोड़ी देर किसी तरह अपने मम्मी से बात की और फिर कॉल रखने के बाद जोर जोर से रोने लगी. जिसे वो सबसे ज्यादा प्यार की वो लड़का बोल रहा था की मैं रंडी हूँ, वो सबको बता रहा था की मैं कैसे कैसे उसके साथ चुदाई की. पूनम फिर खुद को ठीक की और खाना बनाने लगी. उसके पापा के आने का वक़्त हो चला था. कल उसकी मम्मी भी आ जाने वाली थी.
रात में पूनम अपने कमरे में सो रही थी. उसके कानो में अमित की आवाज़ बार बार गूंज रही थी. “जितना मज़ा लेना था ले लिया. अब क्या जिन्दगी भर सर पे बिठा कर रखूं. अब गुड्डू विक्की से चुदवा रही होगी रंडी.” पूनम का मन कर रहा था की अमित का खून कर दे. उसने उसके विश्वाश का, उसके प्यार का नाजायज फायदा उठाया था. आज वो अलमीरा से पिक्स और स्टोरी भी बाहर नहीं निकाली थी. पूनम अपनी सोंच में मगन थी जब उसके मोबाइल पे मैसेज आया.
वो उन लड़कों का ही मैसेज था. जितनी देर में पूनम उस मैसेज को पढ़ती उतनी ही देर में 3-4 और मैसेज आ गए. सब के सब नॉनवेज चुटकुले वाले. पूनम का दिमाग थोडा रिलैक्स हुआ. वो अमित को अब अपनी सोच से भी निकाल देना चाहती थी। वो सोचने लगी की वो लड़के सच कह रहे थे. इससे अच्छा तो इनसे चुदवाने वाली लड़कियां हैं जिन्हें पता है की बस मस्ती किया जा रहा है. सिर्फ जिस्म का मज़ा, दिल टूटने का, धोखा गम मिलने का कोई खतरा नहीं. बस मिलो, मज़े करो और फिर सब अपनी अपनी ज़िंदगी में मगन हो जाओ।
पूनम के मोबाइल पे फिर से मैसेज आया “कॉल करो.” पूनम सोची की कॉल नहीं करेगी वो। वो उन मैसेज को पढ़ रही थी। थोड़ी ही देर में 3-4 और मैसेज आ गए। पूनम को अच्छा लग रहा था। पूनम आलमीरा से एन्वेलोप निकाल कर देखने लगी, लेकिन इससे ज्यादा मज़ा तो वो सेक्सी मैसेज दे रहे थे।
फिर से मैसेज आया "प्लीज़ कॉल." पूनम अब सोच रही थी की कॉल करे की नहीं की उतनी देर में उधर से ही कॉल आ गया. पूनम कॉल रिसीव कर ली. वैसे भी उसे मन नहीं लग रहा था और नींद नहीं आ रही थी, तो इन लड़कों से थोडा लड़कर ही सुकून मिले.
“कैसे हो जानेमन?”
“तुमसे मतलब. तुम्हे बोली हूँ की मुझे परेशान मत करो.”
“आज तुम दिखी ही नहीं, तुम्हारे लिया नया एन्वेलोप पैक करके रखा हुआ था मैंने. वो वाला तो पुराना हो गया होगा.”
पूनम सोचने लगी की सच तो बोल रहा है, वो तो पुराना हो गया. उसमे अब कहाँ मज़ा आ रहा है. लेकिन वो अपने टोन को बिना चेंज किये बोली “बोली हूँ न की जाकर अपनी बहन को दो. उसे ज्यादा मज़ा आएगा.”
वो लड़का जिसका नाम गुड्डू था वो पूनम के बात पे बिना कोई रिएक्शन दिए बोल रहा था. उसे पता था की पूनम के अन्दर क्या चल रहा है. बोला “अमित का क्या हालचाल है? समझौता हो गया तुमलोगों में. मना लिया तुमने उसे?” पूनम के दिमाग में फिर से अमित के बात गूंजने लगी. वो चुप हो गयी.